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- -विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 26 सप्ताह के शिशु के आकार के ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड का सफल ऑपरेशन कर महिला को दिया नया जीवनरायपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने एक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक संपन्न कर जिले में उपलब्ध विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता का परिचय दिया है। विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक महिला के गर्भाशय के बाहर विकसित हुए विशाल ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड (ट्यूमर) का सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद दी।प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मीना आरमो ने बताया कि यह ट्यूमर ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड था, जो कैंसर नहीं होता है। यह सामान्य फाइब्रॉयड की तरह गर्भाशय के भीतर न होकर गर्भाशय के बाहर बांई ओर स्थित था। इसका आकार लगभग 26 सप्ताह के शिशु के समान था। ट्यूमर के आसपास मूत्रवाहिनी (यूरेटर) तथा प्रमुख रक्त वाहिकाएं होने के कारण इसकी सर्जरी अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।उन्होंने बताया कि महिला की यूएसजी एवं सीटी स्कैन रिपोर्ट में गर्भाशय कैंसर की संभावना व्यक्त की गई थी, जिसके आधार पर स्टेजिंग लैप्रोटॉमी की योजना बनाई गई थी। लेकिन ऑपरेशन के दौरान पेट में चीरा लगाने के बाद स्पष्ट हुआ यह कैंसर नहीं, बल्कि ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड है। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी एवं दक्षता के साथ ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के उपरांत गर्भाशय, ट्यूब, अंडाशय एवं ट्यूमर के नमूनों को आवश्यक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है तथा वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में नियमित रूप से जटिल स्त्री रोग संबंधी शल्य चिकित्साएं आधुनिक तकनीकों एवं मानक उपचार पद्धतियों के अनुरूप की जा रही हैं। इससे जिले एवं आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को उच्चस्तरीय विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो रहा है।
- 9 से 17 अगस्त तक जिलेभर में होंगे विविध आयोजननगरीय निकायों, जनपद एवं ग्राम पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रमकलेक्टर ने की तिरंगा अभियान में भागीदारी की अपीलबिलासपुर/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिले में ‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आयोजन की तैयारियों के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए सभी कार्यक्रमों का व्यवस्थित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।राज्य शासन के संस्कृति विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 7 से 15 अगस्त तक वंदे मातरम् तथा 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिले के सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।तिरंगा यात्रा, रैली और मैराथन से गूंजेगा देशभक्ति का संदेशहर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जिले में तिरंगा यात्राएं, तिरंगा रैलियां, साइकिल-बाइक-कार रैली, तिरंगा दौड़ एवं मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, पुलिस विभाग, खिलाड़ियों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली तिरंगा यात्राओं में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।तिरंगा कॉन्सर्ट से लेकर तिरंगा मेला तक होंगे आयोजनअभियान के तहत तिरंगा कॉन्सर्ट, तिरंगा कैनवास, तिरंगा प्रतिज्ञा, तिरंगा सेल्फी और तिरंगा सम्मान जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों, वीरों तथा उनके परिवारों को कार्यक्रमों में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा तिरंगा मेलों का आयोजन कर स्थानीय कारीगरों और स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थलों पर झंडे, वस्त्र एवं अन्य सामग्री के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।स्कूल-कॉलेजों में देशभक्ति गीत, भाषण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमजिले के स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में देशभक्ति गीत प्रतियोगिता, भाषण, विचार गोष्ठी, संगोष्ठी, छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों के बैंड द्वारा वंदे मातरम् से संबंधित संगीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। 14 अगस्त को ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित प्रदर्शनी तथा सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बैंड द्वारा वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी होगी।15 अगस्त को विशेष आयोजन, ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक होगा सामूहिक गायनस्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को जिला मुख्यालय से लेकर जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर तक ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगीत एवं वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। जिले के प्रमुख स्थलों, शासकीय कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर समयबद्ध ढंग से आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अभियान में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता हो और हर घर तिरंगा अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप दिया जाए। जिले के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे हर घर तिरंगा अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और देशभक्ति की भावना के साथ अभियान को सफल बनाएं।
- बिलासपुर/किसी भी बेटी के सपनों को नई उड़ान देने के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यालय तक सहज पहुंच भी उतनी ही आवश्यक होती है। छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना इसी सोच को साकार कर रही है। यह योजना बेटियों को केवल साइकिल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, समय की बचत और शिक्षा की नई दिशा भी दे रही है। जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, चकरभाठा की कक्षा 9वीं की छात्रा हंसिका नेताम इसकी जीवंत मिसाल हैं।हंसिका बताती हैं कि पहले विद्यालय आने-जाने में उन्हें काफी परेशानी होती थी। घर से स्कूल की दूरी तय करने में अधिक समय लग जाता था। कई बार समय पर विद्यालय पहुंचना भी चुनौती बन जाता था, जिससे पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ता था। प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने से थकान भी महसूस होती थी। सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद हंसिका की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई। अब वे कम समय में आसानी से विद्यालय पहुंच जाती हैं। पहले जहां स्कूल पहुंचने में काफी समय लगता था, वहीं अब घंटों की दूरी कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। समय की बचत होने से उन्हें पढ़ाई, गृहकार्य, खेलकूद तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और पढ़ाई के प्रति उनका उत्साह पहले से कहीं अधिक हो गया है।हंसिका कहती हैं कि साइकिल मिलने से उन्हें आत्मनिर्भर होने का एहसास हुआ है। अब वे बिना किसी पर निर्भर हुए स्वयं विद्यालय आती-जाती हैं। इससे उनके परिवार को भी राहत मिली है और वे शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ’’सरस्वती साइकिल योजना’’ के अंतर्गत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा बीपीएल परिवारों की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। यह योजना विद्यालय तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ बालिकाओं के आत्मविश्वास, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भी नई गति प्रदान कर रही है। हंसिका जैसी हजारों छात्राओं के लिए यह योजना उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित हो रही है।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से प्रमुख पड़ावों पर भोजन, विश्राम, स्वास्थ्य और पेयजल की व्यवस्था-अमरकंटक का मृत्युंजय आश्रम बना कांवड़ यात्रियों का प्रमुख सेवा केंद्र-बोल बम के जयघोष के बीच हजारों शिवभक्तों की यात्रा को सुगम बनाने में जुटे सेवा केंद्र और स्वयंसेवकरायपुर / सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पदयात्रा पर निकलने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक सेवा व्यवस्था की गई है। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की पहल से अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम सहित अमरकंटक से भोरमदेव तक के प्रमुख पड़ावों पर शिवभक्तों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मृत्युंजय आश्रम में अमरकंटक पहुंचने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के ठहरने तथा भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां भंडारा, प्रसादी और नाश्ते की सेवा निरंतर जारी है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सेवा केंद्रों पर स्वयंसेवक लगातार तैनात रहकर उनकी सहायता कर रहे हैं।अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर कबीरधाम की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के समूहों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आ रहा है। कंधों पर कांवड़ लिए शिवभक्तों के ‘बोल बम’ के जयघोष, भक्ति गीत और डमरू की थाप सावन की आस्था को और जीवंत बना रहे हैं। कठिन और लंबी पदयात्रा के बीच सेवा केंद्रों पर मिल रही सुविधाएं कांवड़ियों के लिए राहत का माध्यम बन रही हैं। शिवभक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अमरकंटक, खुड़िया, लमनी, डोंगरिया मेला परिसर, पुराना रेस्ट हाउस-छिरहा, राजानवागांव, धान खरीदी केंद्र, नया मंडी परिसर कवर्धा, अम्बेडकर भवन कवर्धा तथा भोरमदेव क्षेत्र सहित प्रमुख पड़ावों पर सेवा व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर कांवड़ियों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।सेवा केंद्रों में स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए लगातार सेवा में जुटे हुए हैं। कठिन यात्रा के दौरान विश्राम, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से कांवड़ियों को काफी राहत मिल रही है। श्रद्धालुओं ने सेवा व्यवस्था के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मार्ग में इस तरह की सुविधाएं मिलने से वे बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर पा रहे हैं। अमरकंटक से भोरमदेव तक की यह सेवा व्यवस्था सावन की आस्था के साथ सेवा, समर्पण और जनसहयोग की भावना को भी मजबूत कर रही है।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा- लक्ष्य बनाकर पूरी लगन से मेहनत करें, परिणाम की चिंता में प्रयासों में कमी न होने दें-छात्रावास में लगेगा स्मार्ट क्लास, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें और कंप्यूटर भी मिलेंगेरायपुर, / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज शाम कवर्धा के पोस्ट मैट्रिक अनु. जनजाति बालक छात्रावास पहुंचे। उन्होंने छात्रावासी बच्चों से मुलाकात की और साथ बैठकर उनके पढ़ाई लिखाई, आगे की करियर प्लानिंग पर विस्तार से बात की। उन्होंने यहां निवासरत प्रत्येक बच्चे से व्यक्तिगत रूप से बात करते हुए उनके बारे में जानकारी ली।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्रों से कहा कि पोस्ट मैट्रिक के छात्र स्कूली पढ़ाई पूर्ण कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए कैरियर निर्माण की ओर आगे बढ़ रहे होते हैं। छात्रों की सुविधा के लिए उन्होंने छात्रावास में स्मार्ट क्लासरूम लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस के अनुसार कंटेंट स्मार्ट क्लासरूम में फीड किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बच्चों की मांग पर छात्रावास की लाइब्रेरी में इंटरनेट युक्त कंप्यूटर भी प्रदान करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छात्रों से कहा कि जीवन में लक्ष्य बनाकर उसे पाने के लिए पूरी लगन से मेहनत करें। परिणाम क्या आएगा इसकी चिंता में समय व्यर्थ न गंवाएं और अपने प्रयासों में कमी न रखें। यदि पूरे समर्पण के साथ प्रयास किए जायें तो सफलता जरूरी मिलती है। यदि कभी असफलता मिले तो याद रखें कि किसी भी ध्येय को पाने के लिए किया गया प्रयास जीवन में कहीं न कहीं काम जरूर आता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आज का समय तकनीक का है। तकनीक आधारित तैयारी समय बचाने के साथ तैयारी को भी पुख्ता करती है। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने की शुभकामनाएं देते हुए उपहार में पेन दिए और बारिश के मौसम को देखते हुए छाता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस दौरान छात्रावास का निरीक्षण कर छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान पार्षद श्री बिहारी धुर्वे, श्री मनीराम साहू, श्री चंदन पटेल, श्री ईश्वरी धुर्वे, श्री मनीराम छेदावी, सहायक आयुक्त श्री लक्ष्मी पटेल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।इस दौरान एक बच्चे ने अपनी आँख में समस्या के बारे में बताया। तो उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने संवेदनशील पहल करते हुए कहा कि रायपुर में आँख के अच्छे अस्पताल में उपचार कराया जाएगा। इसमें आवश्यक समन्वय के लिए उन्होंने सहायक आयुक्त को निर्देशित किया। उप मुख्यमंत्री ने जब बच्चों से बात की और उनकी करियर प्लानिंग के बारे में जाना तो उन्होंने तैयारी को और बेहतर बनाने के लिए छात्रावास में विशेष स्मार्ट क्लास लगवाने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस स्मार्ट क्लास में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अनुसार कंटेंट फीड किया जाए। इसके साथ ही इसमें ऑनलाइन क्लासेज कनेक्ट करने की भी सुविधा हो।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्रों से परिचय के दौरान उनके करियर को लेकर भविष्य की तैयारी को लेकर जब चर्चा कर रहे थे तो छात्रों ने बताया कि यह 11-12 वीं के छात्रों के साथ स्नातक के छात्र भी रहते हैं, तथा वे अलग अलग परीक्षाओं जैसे नीट, जेईई, लॉ, एसएससी, व्यापम, पीएससी, जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी किताबें और मासिक पत्रिकाओं के नाम छात्रों से पूछे और अधिकारियों से कहा कि लाइब्रेरी में ये सारे स्टडी मटेरियल उपलब्ध करवाए जाएं।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के सहयोग से मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों के लिए उत्कृष्ट सेवा एवं विश्राम व्यवस्था-श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन, पेयजल, विश्राम और आवश्यक सुविधाएं उपलब्धरायपुर / श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से आने वाले कांवड़ियों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मृत्युंजय आश्रम में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के सहयोग से व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल, विश्राम, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे हजारों कांवड़ यात्रियों को यात्रा के दौरान राहत और सुविधा मिल रही है।मृत्युंजय आश्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया जा रहा है। इसी क्रम में कवर्धा के ग्राम मोतीयारी और चिमरा के ग्रामीण भक्तिभाव से अमरकंटक पहुंचे जहां उन्होंने उत्कृष्ट व्यवस्था का लाभ लिया। ग्राम मोतीयारी के ईश्वर जायसवाल ने कहा कि पहले जब कावड़ यात्रा होती थी, हर व्यवस्था के लिए तरस जाते थे बॉर्डर पर भी समस्या होती थी, अब उप मुख्यमंत्री की पहल से हर जगह पर उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो रहीं है। अमरकंटक में स्थित मृत्युंजय आश्रम में ठहरने, भोजन करने और विश्राम करने की समुचित व्यवस्था के साथ सेवा में जुटे स्वयंसेवक पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ यात्रियों की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के सहयोग से उन्हें यात्रा के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।श्रद्धालुओं ने इस सेवा भावना के लिए उप मुख्यमंत्री तथा मृत्युंजय आश्रम के सेवा कार्यों से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं कांवड़ यात्रा को और अधिक सुगम और सुविधाजनक बना रही हैं। अमरकंटक के साथ ही राजानवागांव धान खरीदी केंद्र, नया मंडी परिसर कवर्धा, पुराना रेस्ट हाऊस-छिरहा, अम्बेडकर भवन कवर्धा, डोंगरिया मेला परिसर, लमनी, भोरमदेव तालाब के उस पार धर्मशाला, खुड़िया में भी व्यवस्थाएं की गई हैं।l
- -नीधि वर्मा के घर का बिजली बिल हुआ शून्य, 1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से मिली बड़ी राहत-अंबिकापुर में लक्ष्य से दोगुने से अधिक आवेदन, 1,136 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्ररायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही आम परिवारों को बिजली खर्च से राहत दिलाने और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना का लाभ लेकर अंबिकापुर के मायापुर निवासी श्रीमती नीधि वर्मा का परिवार अब बिजली खर्च के बोझ से मुक्त होकर सौर ऊर्जा के माध्यम से अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।श्रीमती नीधि वर्मा ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित करने से पहले उनके घर में प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। बढ़े हुए बिजली खर्च से परिवार के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित कराने के बाद अब घरेलू बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली बिल लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि योजना ने परिवार को आर्थिक राहत देने के साथ बिजली की जरूरतों को पूरा करने का स्थायी और स्वच्छ विकल्प उपलब्ध कराया है।श्रीमती वर्मा ने बताया कि योजना के तहत उन्हें लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी शामिल है। इस आर्थिक सहायता से सोलर संयंत्र स्थापित करने की लागत का बड़ा हिस्सा कम हुआ और उनके लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो गया।सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभ को साझा करते हुए श्रीमती नीधि वर्मा ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। घरेलू आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली विद्युत ग्रिड में वापस जाती है और नियमानुसार उसका लाभ भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा, “पहले हम बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन अब ऊर्जा दाता बन गए हैं।” उनका मानना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से परिवार को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ देश की ऊर्जा व्यवस्था में आम नागरिक की भागीदारी भी बढ़ रही है।विद्युत विभाग के अनुसार सरगुजा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। अंबिकापुर शहर में 1,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए जा चुके हैं तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में भी 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,282 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,200 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए हैं तथा 305 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सरगुजा में परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। रूफटॉप सोलर संयंत्रों की बढ़ती संख्या ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में जिले की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।श्रीमती नीधि वर्मा ने अधिक से अधिक परिवारों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ लेकर घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना परिवार और देश दोनों के हित में है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों को आर्थिक रूप से राहत देने के साथ स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- -पीएम आवास के हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी-आवास निर्माण,जल सुरक्षा एवं ग्रामीण अधोसंरचना गुणवत्ता पर विशेष जोररायपुर / आयुक्त वीबी - जीरामजी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा शुक्रवार को बलौदाबाजार पहुंचे। इस दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमेतरा तथा जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सितदेवरी में विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत निर्मित आवासों का अवलोकन किया तथा आवास पूर्ण कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी प्रदान की। हितग्राहियों से आवास निर्माण, प्राप्त सहायता, निर्माण की गुणवत्ता एवं योजना से उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।आयुक्त ने वीबी- जीरामजी अंतर्गत जल सुरक्षा श्रेणी में निर्मित एवं प्रगतिरत कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।इस दौरान नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना तथा चेक डैम निर्माण कार्यों की स्थल पर तकनीकी एवं उपयोगिता संबंधी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका चयन स्थानीय आवश्यकता, कैचमेंट, जलधारण क्षमता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए।उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाना है। अतः योजना अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।स्थल निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज एवं आत्मीय वातावरण में चर्चा की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार, आवास एवं विकास कार्यों के संबंध में उनके अनुभव और सुझाव सुने। उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप प्राथमिकता आधारित कार्य संपादित किए जाएं।इसके पश्चात जिला पंचायत सभाक़क्ष बलौदाबाजार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक मे वीबी- जी रामजी एवं पीएम आवास योजना ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त ने योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए तथा प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल एवं संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला, पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- -महतारी वंदन से नीलम के जीवन में आया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का उजालारायपुर । विष्णु के सुशासन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिन्हें प्रदेश की महिलाएं स्नेह से ‘विष्णु भैया’ कहती हैं, के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास और सम्मान का उजाला ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को परिवार की आवश्यकताओं में सहभागी बनने के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने का भरोसा भी दे रही है।ग्राम पंचायत लालपुर, विकासखंड गौरेला की श्रीमती नीलम राठौर के जीवन में भी महतारी वंदन योजना बदलाव की नई उम्मीद लेकर आई है। नीलम बताती हैं कि उन्हें योजना की 30वीं किस्त की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई है। नियमित रूप से मिलने वाली इस आर्थिक सहायता से वे अपनी और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दे पा रही हैं।नीलम के लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार बन गई है। उनका कहना है कि पहले परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ता था। अब महतारी वंदन योजना से नियमित सहायता मिलने के कारण वे अपनी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के अनुसार पूरा कर पा रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में पहले से अधिक मजबूती के साथ भागीदारी निभा रही हैं।नीलम बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनके भीतर आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ाया है। परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों में अपना योगदान देने से उन्हें यह महसूस होता है कि वे अपने परिवार की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उनका कहना है कि आर्थिक रूप से सक्षम होने से महिलाओं में अपने फैसले स्वयं लेने का भरोसा बढ़ता है। नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें भी अपने परिवार की जरूरतों को समझने, उन्हें प्राथमिकता देने और अपनी जिम्मेदारियों को अधिक आत्मविश्वास के साथ निभाने का अवसर दिया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आगे बढ़ा रही है। प्रदेश की महिलाओं के बीच लोकप्रिय ‘विष्णु भैया’ की सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रही है।विष्णु के सुशासन में महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहभागी बनने और अपने जीवन से जुड़े निर्णयों में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। योजना से मिलने वाली सहायता महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा के साथ भविष्य के प्रति भरोसे का आधार भी बन रही है।महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में अपना योगदान दे रही हैं और स्वयं को परिवार की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कर रही हैं।विष्णु के सुशासन में राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें परिवार और समाज के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है। महतारी वंदन योजना इसी सोच को धरातल पर साकार कर रही है।श्रीमती नीलम राठौर ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिन्हें वे स्नेहपूर्वक ‘विष्णु भैया’ कहती हैं, के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।नीलम की कहानी यह दर्शाती है कि महिलाओं को समय पर मिलने वाला आर्थिक संबल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकता है। परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे स्वयं को परिवार की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कर रही हैं।नीलम के जीवन का अनुभव इस बात का उदाहरण है कि महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकती है। परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे अधिक मजबूती के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। विष्णु के सुशासन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए संचालित महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की अनेक महिलाओं के लिए आर्थिक संबल, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार बन रही है। ‘विष्णु भैया’ की सरकार की यह पहल महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा के साथ नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का उजाला लेकर आ रही है।
- -नीम की डालियाँ न तोड़ें, आवश्यकता हो तो कुछ पत्तियाँ ही लें- डॉ. दिनेश मिश्ररायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने हरेली पर्व के अवसर पर नागरिकों से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की प्रकृति, कृषि और हरियाली से जुड़ा प्रिय लोकपर्व है। यह पर्व प्रकृति तथा पेड़-पौधों के प्रति हमारे सम्मान और कृतज्ञता की भावना को व्यक्त करता है।बदलते समय में परंपराओं को प्रकृति के अनुकूल बनाना जरूरीडॉ. मिश्र ने कहा कि हरेली के अवसर पर बुरी नजर से बचाने के लिए नीम की पत्तियों अथवा छोटी टहनियों को घर के द्वार पर लगाने की परंपरा अनेक स्थानों पर प्रचलित है। कई लोग इन्हें अपने वाहनों पर भी लगाते हैं। लेकिन समय के साथ हमारी परिस्थितियाँ काफी बदल गई हैं। आज आबादी बढ़ने के साथ शहरों और गांवों में पेड़ों तथा हरित क्षेत्र पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में आज पेड़ों की संख्या और प्राकृतिक वनस्पतियों पर अधिक दबाव है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में लोग एक ही दिन नीम की बड़ी-बड़ी डालियाँ तोड़ेंगे, तो इसका पेड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।पेड़ भी जीवित प्राणी हैंडॉ. मिश्र ने कहा कि पेड़ भी जीवित प्राणी हैं। हरी पत्तियों में सूर्य के प्रकाश की सहायता से वे अपना भोजन बनाते हैं। इसलिए अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में पत्तियाँ तोड़ना अथवा शाखाओं को काटना उचित नहीं है। इससे पेड़ की भोजन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है तथा शाखाओं को नुकसान पहुँचने से पेड़ पर अनावश्यक तनाव और घाव उत्पन्न हो सकते हैं।उन्होंने कहा, “जिस प्रकार हम किसी जीवित प्राणी को अनावश्यक चोट पहुँचाना उचित नहीं मानते, उसी प्रकार प्रकृति और पेड़-पौधों के प्रति संवेदनशीलता और करुणा रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।”हरेली पर लें पर्यावरण संरक्षण का संकल्पडॉ. मिश्र ने नागरिकों से अपील की कि हरेली की परंपरा को पूरी श्रद्धा और उत्साह से निभाएँ, लेकिन उसे प्रकृति के अनुकूल तरीके से मनाएँ। उन्होंने सुझाव दिया कि—- नीम की बड़ी-बड़ी डालियाँ न तोड़ी जाएँ।- आवश्यकता के अनुसार केवल कुछ पत्तियाँ ही ली जाएँ।- पेड़ों की शाखाओं को न काटा जाए।- हरेली के अवसर पर नीम एवं अन्य उपयोगी पौधे लगाए जाएँ।- परंपराओं का पालन अंधविश्वास के बजाय प्रकृति के प्रति सम्मान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ किया जाए।उन्होंने कहा कि हरेली का भाव ही हरियाली और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। जिस पर्व पर हम प्रकृति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, उस दिन प्रकृति को अनावश्यक नुकसान पहुँचाना इस पर्व की मूल भावना के अनुरूप नहीं होगा।डॉ. मिश्र ने कहा कि हमारी परंपराएँ हमारी पहचान हैं और उन्हें सम्मान के साथ आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है। साथ ही, बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए परंपराओं को प्रकृति के हित में अपनाना भी हमारी जिम्मेदारी है।उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया—**“परंपरा भी निभाएँगे, पेड़ भी बचाएँगे।हरेली मनाएँगे, हरियाली बचाएँगे।”**डॉ. दिनेश मिश्रअध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति
- -कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारीबालोद। भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को 14 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले ""भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस"" पर आयोजन के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देश में बताया गया है कि भारत सरकार द्वारा 14 अगस्त, 2026 को "भारत विभाजन की विभिषिका स्मरण दिवस" पर देशभर में विभिन्न स्मृति एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को भारत विभाजन की दुखद वास्तविकताओं से अवगत कराना तथा उससे प्रभावित लाखों लोगों के साहस, संघर्ष एवं बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। "भारत विभाजन की विभिषिका स्मरण दिवस" के अवसर पर विशिष्ट अतिथियों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया जाएगा। भारत विभाजन से प्रभावित सभी दिवंगत जनों की स्मृति में दो मिनट का मौन एवं मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं योगदान पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन , विमोचन किया जाएगा। विशिष्ट अतिथियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के संबोधन, विभाजन के पीड़ितों की स्मृति में कैंडल मार्च (मोमबत्ती यात्रा) का आयोजन एवं विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में व्याख्यान, परिचर्चा तथा अन्य जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 01 अगस्त से 15 सितंबर, 2026 तक MyGov पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज़ विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस में भाग लेने हेतु नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय द्वारा विभाजन से प्रभावित लोगों की पीड़ा एवं संघर्ष को प्रदर्शित करने हेतु एक विशेष प्रदर्शनी वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री फिल्में) तैयार की गई है। डिजिटल स्वरूप में संबंधित पोर्टल से डाउनलोड कर राज्य के उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जा सकती है। इसके साथ ही 14 अगस्त, 2026 को राज्यपाल अथवा मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य स्तरीय स्मृति समारोह का विशेष आयोजन भी किया जाएगा।
- - भव्य समारोह में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 95 लाख रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी, पीएमएवाय व उज्जवला के हितग्राहियों को भी सौगात- महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारिणी ने विधायक राजेश मूणत को सौंपा अभिनंदन पत्ररायपुर। हम आज यहां अच्छी सोच को धरातल पर लाने के लिए एकत्रित हुए हैं। अगर अपने नेक इरादों से विकास कार्यों को करें, तो निश्चित ही वे पूरे होते हैं और काम ही नहीं करना है, तो भी हजार बहाने तैयार हैं। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में अतिरिक्त कमरों के शिलान्यास समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर चिरहुलडीह वार्ड क्रमांक- 37 में 95 लाख रुपये की लागत से होने वाले अन्य विकास कार्यों का भी मूणत ने विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे के साथ लोकार्पण व भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में मंच पर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, पीडब्ल्यूडी प्रभारी दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य भोलाराम साहू, पार्षद आनंद अग्रवाल और महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र और उज्जवला योजना के आवेदनकर्ताओं को गैस कनेक्शन दिया।मूणत ने कहा कि हर कोई चाहता है कि उसके घर का आंगन साफ- सुथरा हो, लेकिन वहीं अपने आंगन का कचरा सामने नाली में डाल देता है। ऐसे में हमारा रायपुर स्वच्छ शहर कैसे बनेगा। अपने शहर के लिए हमें भी जागरूक रहना होगा, बाकी अफसरों से काम करवाना हमें आता है। 15 अगस्त से शासकीय भूमि पर बने आपके झोपड़ों के नियमितीकरण में भी कहीं कोई परेशानी आएगी तो हम पटवारियों से भी काम निकलवाना जानते हैं। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि जनता की सेवा ही जन प्रतिनिधियों का काम है। हम शासन से पैसा लाने का काम करते हैं, इसे किस कार्य में लगाना है कि यह जनता के माध्यम से ही तय होता है। आज 95 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है। इसके लिए मैं वार्ड पार्षदों के साथ जनता को बधाई देती हूं।मंडल के अध्यक्ष काले ने कहा कि सात माह पूर्व 31 दिसंबर 2025 को मूणत ने सियान गुड़ी का शुभारंभ करते हुए कहा था कि आज तक यहां दिव्यांग बच्चियों की सेवा हो रही थी, अब बुजुर्गों की भी सेवा होगी। इस मौके पर मूणत ने दिव्यांग बालिका विकास गृह के विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से 20 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। आज सात माह बाद यहां अतिरिक्त कक्ष के निर्माण कार्य का उन्होंने ही भूमिपूजन किया। इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल ने विधायक राजेश मूणत को अभिनंदन पत्र भी सौंपा। कार्यक्रम को नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, एमआईसी सदस्य दीपक जायसवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने किया।
- -खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने की कार्रवाई, औषधियों के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगेबिलासपुर । नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार जिले में अवैध औषधि कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तखतपुर विकासखंड के ग्राम खमरिया में बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के औषधियों के भंडारण के मामले में कार्रवाई की गई।औषधि प्रशासन विभाग को प्राप्त सूचना के आधार पर सोमू मेडिकल स्टोर्स, खमरिया के पीछे स्थित क्लीनिक की जांच की गई। जांच के दौरान बीरेन्द्र मलिक द्वारा बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के 36 प्रकार की औषधियों का भंडारण किया जाना पाया गया। यह औषधि अधिनियम, 1940 के प्रावधानों का उल्लंघन है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर औषधियों की जांच की और बिना अनुज्ञप्ति के रखी गई औषधियों को विधिवत जब्त किया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत औषधियों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। प्रकरण में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।यह कार्रवाई सीएमएचओ डॉक्टर शुभा गरेवाल के मार्गदर्शन एवं सहायक औषधि नियंत्रक श्री भीष्म देव सिंह के नेतृत्व में औषधि निरीक्षक श्री सुनील पंडा द्वारा की गई।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के औषधियों का क्रय-विक्रय अथवा भंडारण नियमों का उल्लंघन है। ऐसी गतिविधियों पर विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिले के औषधि व्यवसायियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल वैध अनुज्ञप्तिधारी औषधि विक्रेताओं से ही दवाइयां खरीदें। बिना अनुज्ञप्ति औषधियों के भंडारण अथवा विक्रय से संबंधित जानकारी मिलने पर इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में अमरूद का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वृक्ष हमारे पर्यावरण की अनमोल धरोहर हैं। पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और उनका संरक्षण भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर पर्यावरण तैयार कर सकते हैं। हरियाली बढ़ेगी, तो हमारा पर्यावरण भी स्वस्थ और सुंदर बनेगा।उन्होंने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों और युवाओं की पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में भागीदारी से इस अभियान को और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है।कार्यक्रम में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री ललित प्रकाश पटैरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल सहित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1400 से अधिक महिला कर्मचारियों का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य एवं कैंसर जांच-जिला प्रशासन के नवाचारों से आमजनों को मिल रहा लाभ - श्री राजेंद्र कटारा-शासकीय कार्य के साथ स्वास्थ्य भी ज़रूरी, समय पर जांच से संभव है कैंसर का ईलाज - कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत ‘प्रोजेक्ट अभया’ का शुभारंभ किया गया। इसके तहत आज सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विभिन्न विभागों की महिला कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों का स्वास्थ्य एवं कैंसर जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 1400 से अधिक महिलाओं ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुष संचालनालय के डायरेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार कटारा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न वर्गों तक लाभ पहुंचाने के लिए नवाचार किए जा रहे हैं। ‘प्रोजेक्ट अभया’ उसी का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें घर एवं कार्यालय के काम में व्यस्त रहने के कारण अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं। इसी को ध्यान में रखकर 40 वर्ष से अधिक की शासकीय महिला कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए ब्रेस्ट कैंसर, ओरल और सर्वाइकल कैंसर की निःशुल्क जांच की व्यवस्था की गई है।उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी का समय पर पता चलना बहुत जरूरी है। कैंसर जैसी बीमारी का जितना जल्दी पता चलेगा, उतना ही इलाज आसान होगा। महिलाओं से अपील की कि वे बढ़-चढ़कर जांच कराएं और स्वस्थ रहें।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट अभया’ के माध्यम से 40 वर्ष से अधिक की महिलाओं का ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर की निःशुल्क स्क्रीनिंग की जा रही है। यह शिविर आगामी दिनों में जिले के सभी ब्लॉकों में भी लगाया जाएगा, ताकि सभी शासकीय महिला कर्मचारियों की जांच हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाएं अन्य कार्यों में व्यस्त रहने के कारण अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। समय से पहले बीमारी का पता चलने पर उसका इलाज कराना आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘प्रोजेक्ट सहारा’ कार्यक्रम में जिला प्रशासन के नवाचारों की सराहना की थी।कलेक्टर ने सभी को स्वस्थ रहने और शासकीय कार्यों में बेहतर योगदान देने की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई भी दी।नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की निःशुल्क जांच एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सराहनीय पहल है।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि शासकीय कर्मचारी हमेशा कार्य को प्राथमिकता देते हैं। इसी को देखते हुए ‘प्रोजेक्ट छांव’ के बाद अब "प्रोजेक्ट अभया" शुरू किया गया है। आने वाले समय में इसका विस्तार ब्लॉक स्तर तक किया जाएगा। शिविर में मैमोग्राफी, पैप स्मीयर, सोनोग्राफी, टीबी जांच, बोन डेंसिटी, ईसीजी, इको, ब्लड टेस्ट, RFT, LFT, Vitamin D3, B12, HbA1c, शुगर सहित अन्य जांचें की गईं।ओपीडी में शिशु रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, कैंसर रोग, मेडिसिन, किडनी, न्यूरोलॉजी, मेंटल हेल्थ, गैस्ट्रो, स्त्री रोग, कान, नाक, गला, कार्डियोलॉजी, जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, BMD टेस्ट, अस्थि रोग, प्रधानमंत्री डायलिसिस योजना आदि के विशेषज्ञों ने परामर्श दिया। निजी अस्पतालों एवं जिला अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्टाफ ने सेवाएं दीं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा उपस्थितजनों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -1190 से अधिक लोगों ने लिया निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभरायपुर । आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की योजनानुसार जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन सांस्कृतिक भवन, डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड, रायपुर में किया गया। शिविर का आयोजन कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी एवं विशिष्ट अतिथि पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।शिविर प्रभारी डॉ. भूपेन्द्र जांगड़े ने बताया कि शिविर में कुल 1190 मरीजों को निःशुल्क जांच एवं दवाइयों का वितरण किया गया। जिनमें आयुर्वेद से 752, होमियोपैथी से 63 एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से 52 मरीजों की जाँच एवं उपचार किया गया। शिविर में 207 लोगों के बीपी की जाँच, 105 लोगों का शुगर जाँच, सीताराम दंत चिकित्सालय टीम द्वारा 65 लोगो का दंत रोग जांच, सहित एमजीएम नेत्र संस्थान टीम द्वारा 184 लोगों का नेत्र जाँच किया गया जिसमें 156 को निःशुल्क चश्मा वितरण एवं 8 लोगो का मोतियाबंद के लिए पंजीकृत किया गया। बालकों संस्थान टीम द्वारा 74 का कैंसर हेतु परीक्षण किया गया। साथ ही 450 लोगों को आयुष काढ़ा का वितरण किया गया। शिविर में बालकों कैंसर हॉस्पिटल, एमजीएम नेत्र संस्थान एवं सीता मेमोरियल दंत चिकित्सालय की टीमों ने अपनी सेवाएं दीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विभिन्न रक्त जांच एवं चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की गईं।शिविर में औषधीय पौधों की पहचान एवं घरेलू उपचार विषय पर प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी ब्रोशर एवं पाम्पलेट भी वितरित किए गए।शिविर को सफल बनाने में जिला आयुष अधिकारी डॉ. स्वाती रावत, शिविर सह प्रभारी डॉ. शगुफ्ता कुरैशी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रशांत रावत सहित जिले के आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं योग चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, औषधालय सेवकों एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- -वल्लभ नगर केंद्र की पहल पर संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शुरू हुए संस्कार केंद्र का प्राचार्य गोवर्धन ने किया शुभारंभरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के वल्लभ नगर केंद्र की ओर से शनिवार को बाल संस्कार केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शुरू हुए केंद्र का शुभारंभ प्राचार्य मनीष गोवर्धन व उप प्राचार्य राहुल वोड़ितलवार ने मां सरस्वती की फोटो पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्कार केंद्र के पहले दिन ही बच्चों ने अपना परिचय देते हुए अपने भविष्य की योजना के बारे में भी बताया।महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि रोचक सवाल- जवाब के दौरान किसी बच्चे ने कहा कि वो डॉक्टर बनाना चाहता हैं, तो कोई पुलिस अफसर, वकील और इंजीनियर। छोटे- छोटे बच्चों की सोच और उनका लक्ष्य बहुत बड़ा था, जो सुनने में भी सभी को अच्छा लगा। हमारे साथ शोभा मोहता भी बाल संस्कार केंद्र की विशेषता की तरह साथ रहीं, जिन्होंने बस्तर में उन बच्चों को पढ़ाया, जिन्हें नक्सलियों के दहशतभरे वातावरण में बिल्कुल भी लिखना- पढ़ना नहीं आता था।वल्लभ नगर केंद्र की कांचन पुसदकर, प्रीति केसकर, अपर्णा देशमुख, प्राजक्ता पुसदकर सहित कई महिला सभासद भी इस अवसर पर मौजूद रहीं। सभी ने नौनिहालों को बेहतर संस्कार देने का संकल्प एक बार फिर दोहराया। बच्चों की रुचि केंद्र में बनी रहे, इसके लिए उन्हें खेल खिलाकर पुरस्कृत किया गया। उन्हें टॉफी देकर लगातार संस्कार केंद्र में आने के लिए लुभाया भी गया।
- -प्रदेश के 1.10 करोड़ बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर कृमि संक्रमण से बचाने का अभियान-राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राज्यभर में चलेगा विशेष अभियान, अभिभावकों से बच्चों को दवा अवश्य खिलाने की अपीलरायपुर। बच्चों की सेहत, पढ़ाई और बेहतर भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी लेकिन अक्सर अनदेखी समस्या है पेट में होने वाला कृमि संक्रमण। यही संक्रमण कई बार बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, भूख न लगना, बार-बार बीमार पड़ना तथा पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। इन चुनौतियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्यभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाएगी।स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य केवल कृमि संक्रमण का उपचार करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी है। अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों एवं किशोर किशोरियों तक पहुंच उन्हें कृमि मुक्ति हेतु एल्बेंडाजोल खिलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर दवा सेवन करवाने की व्यवस्था की गई है।कृमि संक्रमण मुख्य रूप से अस्वच्छ वातावरण के कारण फैलता है। ये संक्रमण आमतौर पर खुले में शौच और खराब स्वच्छता के कारण मिट्टी के संक्रमित होने, संक्रमित मिट्टी के संपर्क के बाद बिना हाथ धोए भोजन करने, दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने, मानव मल से दूषित मिट्टी पर नंगे पैर चलने तथा शौच के बाद हाथ नहीं धोने जैसी परिस्थितियों में फैलते हैं। संक्रमण होने पर बच्चों के शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं नियमित दवा सेवन को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी उपाय मानती हैं।अभियान के अंतर्गत 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाई जाएगी। दवा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगरानी में खिलाई जाएगी, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम न मानें, बल्कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखें। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं खा पाता है, तो उसे मॉप-अप दिवस 17 अगस्त को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इस दवा सेवन से बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उनकी शैक्षणिक क्षमता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसलिए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा अवश्य खिलाने का आग्रह किया गया है।
- -अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथनरायपुर । प्रदेश के शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। स्थानांतरण के लिए तैयार की गई सूची में व्यापक स्तर पर छंटनी और परीक्षण के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।विभागीय स्तर पर तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1,600 शिक्षकों के नाम शामिल थे। इसके बाद सूची की समीक्षा करते हुए समन्वय से संख्या कम करने के निर्देश दिए गए और करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई। अंतिम परीक्षण में भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 400 नामों को सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद शेष शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।इन मामलों में नहीं हुआ स्थानांतरण-शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता दी गई। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक जिनके स्थानांतरण से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण तथा अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों का परीक्षण करते हुए उन्हें अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया।विभाग का स्पष्ट मानना रहा कि किसी शिक्षक के स्थानांतरण के कारण विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।अनुशंसा और प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार हुई थी सूची। सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों एवं विभिन्न स्तरों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तक कई स्तरों पर जांच के बाद करीब 400 नामों को हटाया गया।अब अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर चल रहा इंतजार समाप्त हो गया है।अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथनशिक्षक स्थानांतरण की वर्तमान प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग अब भविष्य की स्थानांतरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं तकनीक आधारित बनाने पर भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था लागू करने को लेकर मंथन जारी है।यदि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होती है तो शिक्षक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, आवेदन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में अन्य राज्यों में लागू ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणालियों का भी अध्ययन किया जा रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के परीक्षण के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अंतिम सूची में शामिल शिक्षकों के आदेश जारी हो चुके हैं, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों की नजरें अब नए पदस्थापना स्थल पर टिक गई हैं।
- -3.91 करोड़ रुपए का स्टॉपडेम बना नारायणपुर में किसानों की समृद्धि का आधाररायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में गढ़बेंगाल में स्टॉपडेम का निर्माण जल संरक्षण और कृषि विकास के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे भूजल स्तर में सुधार होता है और किसानों को सालभर सिंचाई के लिए पानी मिलता है। नारायणपुर जिले के गढ़बेंगाल और कुम्हली गांव के खेतों में अब हर मौसम में हरियाली लहलहाएगी। जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में लगभग 3.91 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किए गए गढ़बेंगाल स्टॉपडेम ने क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास की एक नई इबारत लिख दी है। वर्षा जल के संचयन और बेहतर प्रबंधन का यह प्रयास अब नारायणपुर के वनांचल में टिकाऊ खेती और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन चुका है।जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित बारिश के कारण उपजे जल संकट से निपटने के लिए निर्मित यह स्टॉपडेम अब क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इसके बनने से गढ़बेंगाल और कुम्हली गांव की लगभग 105 हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधी सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। सिंचाई की सुनिश्चित व्यवस्था होने से किसान अब केवल खरीफ फसल के भरोसे रहने के बजाय रबी सीजन में भी गेहूं, तिलहन और सब्जियों का बेहतर उत्पादन लेने के लिए उत्साहित हैं। पानी की निरंतर उपलब्धता से प्रति एकड़ फसल उत्पादकता बढ़ने के साथ ही किसानों की आय और खेती के प्रति उनका विश्वास दोनों मजबूत हो रहे हैं।यह स्टॉपडेम न केवल खेतों को सींच रहा है, बल्कि क्षेत्र के पारिस्थितिकी संतुलन और दैनिक जीवन को भी संबल दे रहा है। बहते हुए वर्षा जल के रुकने से आसपास के क्षेत्र में रीचार्जिंग तेजी से बढ़ी है, जिससे भू-जल स्तर में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, तेज बारिश के दौरान पानी के अनियंत्रित बहाव को नियंत्रित कर मिट्टी के कटाव को रोका जा सका है, जिससे भूमि की उपजाऊ क्षमता बनी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों और मवेशियों के लिए वर्षभर निस्तारी जल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होने से दैनिक जीवन की पानी संबंधी जरूरतें भी आसानी से पूरी हो रही हैं।गढ़बेंगाल स्टॉपडेम की सफलता के पीछे स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी और सजगता भी एक महत्वपूर्ण कड़ी रही। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों के सतत सहयोग से ही यह परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो सकी। जल संरक्षण के इस सामूहिक प्रयास ने स्थानीय लोगों में जल संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का नया संचार किया है।गढ़बेंगाल स्टॉपडेम ने यह साबित कर दिया है कि यदि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर सही संचयन किया जाए, तो वह न केवल भू-जल स्तर और कृषि उत्पादकता को बढ़ा सकता है, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। जल संसाधन विभाग का यह प्रयास नारायणपुर जिले के सतत एवं समग्र विकास का एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
- -ऑयल पाम से लेकर आम-लीची, स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी की खेती से बढ़ी आय-राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिला 14.20 लाख रुपए का अनुदान, एकीकृत कृषि प्रणाली बनी समृद्धि का आधाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ उद्यानिकी, संरक्षित खेती और फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर रहे हैं। जशपुर जिले के ग्राम पतराटोली के किसान श्री अनारथ साय ऐसे ही प्रगतिशील कृषक हैं, जिन्होंने उद्यानिकी आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाकर खेती को आर्थिक मजबूती का आधार बनाया है।किसान श्री अनारथ साय ने उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ लेते हुए राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत एक एकड़ क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित कर संरक्षित खेती की शुरुआत की है। इसमें वे ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक तकनीक से खेती कर रहे हैं। संरक्षित वातावरण में फसल उत्पादन से बेहतर गुणवत्ता, मौसम के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षा और उत्पादन प्रबंधन में सुविधा मिल रही है।शेडनेट हाउस की स्थापना में कुल 28 लाख 40 हजार रुपए की लागत आई, जिसमें उद्यानिकी विभाग की ओर से 14 लाख 20 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया। विभागीय सहयोग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसान ने खेती को नई दिशा दी है।श्री अनारथ साय उद्यानिकी विभाग से लाभ लेकर ऑयल पाम की खेती भी कर रहे हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन सहित विभिन्न उद्यानिकी योजनाओं से मिले प्रोत्साहन ने उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर लाभकारी एवं दीर्घकालिक फसलों को अपनाने का अवसर दिया है। ऑयल पाम जैसी फसल को अपनाकर किसान अपनी कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर रहे हैं और भविष्य के लिए स्थायी आय का आधार तैयार कर रहे हैं। किसान श्री अनारथ साय ने समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत 2 हेक्टेयर क्षेत्र में आम एवं लीची का बगीचा भी विकसित किया है। फलदार पौधों की यह बागवानी उन्हें आने वाले वर्षों में निरंतर उत्पादन और आय का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने मुख्य उद्यानिकी फसलों के बीच उपलब्ध खाली भूमि का भी बेहतर उपयोग किया है। यही सोच उनकी खेती को एकीकृत एवं बहुआयामी बनाती है।श्री अनारथ साय ने बागवानी फसलों के बीच खाली स्थान का सदुपयोग करते हुए अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) को अपनाया है। वे स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी जैसी फसलों का उत्पादन भी कर रहे हैं।इससे एक ओर भूमि का अधिकतम उपयोग हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग फसलों से अलग-अलग समय पर आय प्राप्त हो रही है। किसान का यह प्रयोग जशपुर के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है। किसान श्री अनारथ साय का मानना है कि एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न फसलों को एकीकृत रूप से अपनाने से खेती में जोखिम कम किया जा सकता है और आय के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उनके अनुसार कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए वर्षभर आय प्राप्त करने की दिशा में एकीकृत कृषि प्रणाली बेहद उपयोगी है।श्री अनारथ साय की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान आधुनिक तकनीक, संरक्षित खेती, उद्यानिकी और फसल विविधीकरण को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। जशपुर जैसे कृषि प्रधान जिले में ऐसे प्रगतिशील किसान न केवल स्वयं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि आसपास के किसानों को भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई तकनीकों और लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जशपुर में उद्यानिकी और संरक्षित खेती का बढ़ता दायरा किसानों की आय में वृद्धि के साथ जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई पहचान दे रहा है।
- - एचपीवी टीकाकरण अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन-कोरिया और बलरामपुर ने किया लक्ष्य के विरुद्ध किया 100 प्रतिशत टीकाकरण-सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ छत्तीसगढ़ की मजबूत ढाल, अब तक 1.66 लाख से अधिक को लगे टीकेरायपुर । प्रदेश में 14 वर्षीय बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 1.66लाख से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के साथ किए जा रहे सतत संवाद तथा व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगे हैं।अभियान के दौरान प्रदेश के कोरिया और बलरामपुर जिले लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण उपलब्धि हासिल कर राज्य के लिए मिसाल बनकर उभरे हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से सभी पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण का लाभ पहुंचाया गया है। इन उपलब्धियों ने अन्य जिलों के लिए भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हालांकि किसी भी नए टीकाकरण अभियान की तरह प्रारंभिक चरण में यहां भी कई अभिभावकों ने टीके की सुरक्षा, आवश्यकता और प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद अपनी सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किए गए संवाद और जागरूकता प्रयासों के बाद अब टीकाकरण की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष संपर्क अभियान, अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद कार्यक्रम तथा घर-घर पहुंचकर परामर्श गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार नए लाभार्थी अभियान से जुड़ रहे हैं और टीकाकरण का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है।एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान की गई है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देशों में यह टीकाकरण नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में टीकाकरण और जनजागरूकता गतिविधियों को समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं तक भी टीकाकरण का लाभ पहुंचाते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।कोरिया और बलरामपुर जैसे जिलों की शत-प्रतिशत उपलब्धि तथा अन्य जिलों में लगातार बढ़ती प्रगति इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ की जनता अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही है।
- - रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का शुभारंभ-राशन की कतार से मिलेगी मुक्ति, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए 24×7 घंटे खाद्यान्न- मंत्री दयालदास बघेलरायपुर / छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज प्रदेश के पहले तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पीडएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल है। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर राशनकार्डधारी को अपना आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में राशन लेने के लिए लगने वाली कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलेगी।अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ.साथ अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड‘ योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए भी राशन प्राप्त करना आसान होगा।अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश में तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग पूर्णतः स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब हितग्राही अपने अन्य कार्यों के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के उपयोग से समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह पहल हितग्राहियों को समय की बचत के साथ सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देगी और पीडीएस में पारदर्शिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजी़नो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शी एवं प्रभावी पीडीएस प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक श्री मोती लाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा, अपर संचालक श्री नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।
- रायपुर/ ग्लोबल ट्रैवल एसोसिएशन (जीटीए) के अध्यक्ष श्री मनीष जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने, राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने तथा पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए राज्य की एयर कनेक्टिविटी, सड़क संपर्क, पर्यटन अवसंरचना के विकास, प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। जीटीए प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न सुझाव मंत्री श्री अग्रवाल के समक्ष रखे।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर संपर्क व्यवस्था तथा पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यटन के समग्र विकास के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।मुलाकात के दौरान जीटीए के महासचिव श्री शुभम अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष श्री राहुल वासवानी ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को 22 अगस्त को आयोजित होने वाले जीटीए कान्क्लेव में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति के लिए सहर्ष सहमति प्रदान की। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य शासन के सहयोग एवं पर्यटन विभाग के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की दिशा में निजी क्षेत्र और पर्यटन उद्योग के बीच समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी। बैठक में जीटीए के सदस्य श्री आकाश दुधानी, श्री आकाश अग्रवाल, श्री अंशुल खरे, श्री सनी बंसल, श्री प्रणय एवं श्री आयुष बजाज उपस्थित रहे।
- -एस. सत्यम ने घर पर लगवाया 3 किलोवाट का सोलर पैनल-सौर ऊर्जा से घरेलू बिजली जरूरतें पूरी होने के साथ स्वच्छ और हरित ऊर्जा को मिल रहा बढ़ावारायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम नागरिकों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के साथ-साथ बिजली खर्च में राहत देने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना का लाभ उठाकर दुर्ग जिले के प्रगति नगर, रिसाली निवासी श्री एस. सत्यम ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके घर की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा हो रहा है, जिससे बिजली खर्च में कमी आई है और हर महीने आने वाले बिजली बिल की चिंता भी काफी हद तक दूर हुई है।श्री एस. सत्यम बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल को लेकर चिंता बनी रहती थी। घर की बिजली जरूरतों के अनुसार बिल में होने वाले उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाना मुश्किल होता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब बिजली की जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा हो रहा है। इससे उन्हें बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। श्री सत्यम का कहना है कि सोलर पैनल लगवाना उनके लिए आर्थिक रूप से लाभकारी निर्णय साबित हुआ है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि घर की छत पर उपलब्ध स्थान का उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकता है, जिससे परिवार के बिजली खर्च को कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है। श्री एस. सत्यम ने अन्य नागरिकों से भी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाना केवल बिजली खर्च में बचत का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।










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