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- 0- नव भारत का निर्माण थीम पर बृजमोहन जी राज्य में करेंगे दौरा0- भारत स्काउट्स एंड गाइड्स एक गौरवशाली संस्था, जिससे जुड़ना गर्व का विषय बृजमोहन अग्रवाल0- बृजमोहन ने अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिएबिलासपुर. भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की बैठक रायपुर सांसद एवं संस्था के अध्यक्ष श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी कार्यक्रमों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जंबूरी की तैयारी, सदस्यता विस्तार तथा समाजोपयोगी अभियानों पर विस्तृत चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि युवाओं के मानसिक, शारीरिक विकास के साथ देश सेवा में कार्य कर रहे स्काउटिंग को लोग और अच्छे से जाने इस हेतु नव भारत निर्माण थीम पर मै 33 जिलों में दौरा करूंगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स एक गौरवशाली संस्था है, जिससे जुड़ना स्वयं में गर्व की अनुभूति है। यह संगठन केवल अनुशासन और सेवा भाव ही नहीं सिखाता, बल्कि समाज निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है।इस अवसर पर राज्य मुख्य आयुक्त डॉ सोमनाथ यादव ने बताया कि आगामी दिनों में राज्य पुरस्कार जांच शिविर संभाग स्तर पर आयोजित किया जाएगा,वही उन्होंने बताया कि नवंबर माह में लखनऊ में आयोजित जंबूरी मे राज्य से 3 सौ से अधिक स्काउट्स गाइड्स हिस्सा लेंगे, इसी तरह प्राकृतिक आपदा में स्काउट्स गाइड्स की भूमिका को लेकर प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। डॉ सोमनाथ यादव ने बताया कि बच्चों को साहसिक कार्यों में भी हिस्सेदारी हो इस हेतु लगातार एडवेंचर कैंप आयोजित किए जा रहे है।बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय में आगामी 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ में होने वाली राष्ट्रीय जंबूरी में राज्य के 313 रोवर्स-रेंजर्स भाग लेंगे। इस हेतु प्री-जंबूरी की तैयारी के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। दिसंबर में रायपुर में होने वाली अंतरराष्ट्रीय जंबूरी की रूपरेखा पर चर्चा हुई तथा विभिन्न समितियों का गठन कर स्थान चयन व ठहरने की व्यवस्था पर विचार किया गया।इस जंबूरी में विश्व भर से 10,000 से ज्यादा रोवर्स-रेंजर्स शामिल होंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ से 3,000 प्रतिभागी को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया। पिछली कार्यसमिति की पुष्टि करते हुए नवनिर्मित कार्यकारिणी का अनुमोदन किया गया।“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक जिले में 1000 पौधे स्काउट्स-गाइड्स के माध्यम से लगाने का संकल्प लिया गया। पौधारोपण स्कूल, कॉलेज, सड़क किनारे एवं सार्वजनिक स्थलों पर होगा। साथ ही आपदा सेवा में बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित राहत कार्यों में सक्रिय योगदान देने पर बल दिया गया।सदस्यता विस्तारछोटे जिलों से 10 एवं बड़े जिलों से 20 व्यापारी, उद्योगपति और प्रतिष्ठित नागरिकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही कॉलेजों, निजी विश्वविद्यालयों में रोवर्स-रेंजर्स की इकाइयां शुरू करने का निर्णय लिया गया। संस्था की गतिविधियों को समाज तक पहुंचने के लिए मीडिया सेल और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स की टीम तैयार करने का निर्णय लिया गया।सांसद खेल महोत्सव में योगदानरायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले सांसद खेल महोत्सव में वालंटियर्स की जिम्मेदारी स्काउट्स एंड गाइड्स को सौंपी गई। श्री अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में संस्था की गतिविधियों को समाज में व्यापक पहचान दिलाने के लिए सभी जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें बुद्धिजीवियों, व्यापारी वर्ग एवं समाजसेवियों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स का योगदान महत्वपूर्ण है और इसे और सशक्त बनाना हम सबका लक्ष्य है। इस अवसर पर स्काउट्स एंड गाइड्स के पूर्व पदाधिकारी एवं वर्तमान में छत्तीसगढ़ मत्स्य कल्याण बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष श्रीभरत लाल मटियारा, छ ग राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर को सम्मानित भी किया गया।बैठक में राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती सुनीता बोहरा, श्रीमती उर्वशी भीमा मंडावी, श्री राजेंद्र गोलछा, कोषाध्यक्ष श्री मुरली शर्मा सहित पदाधिकारी एवं राज्य परिषद सदस्य, जिला मुख्य आयुक्त गण, जिला सचिव शामिल हुए। बैठक का संचालन राज्य राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट श्री शैलेन्द्र मिश्रा ने तथा आभार व्यक्त प्रभारी राज्य सचिव श्रीमती सरिता पांडेय ने की। इस अवसर पर राज्य संगठन आयुक्त गाइड श्रीमती शिवानी गणवीर, राज्य संगठन आयुक्त स्काउट श्री विजय यादव सहित राज्य मुख्यालय के अधिकारी,कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारी की दी जानकारीबिलासपुर. भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 का कार्य किया जाना संभावित है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा उपस्थित प्रतिनिधियों को निर्वाचक नामावलियों के गहन पुनरीक्षण 2026 की तैयारी हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं बीएलओ के माध्यम से टेबल टॉप एक्सरसाइज किये जाने की सूचना तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बारे में आयोग द्वारा जारी निर्देश की विस्तृत जानकारी देते हुए बूथ लेबल एजेण्ट (BLA) की नियुक्ति निर्धारित प्रारूप में कराए जाने अवगत कराया गया । बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी एवम बहुजन समाज पार्टी, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी एवं छत्तीसढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- बिलासपुर. जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रबंधन समिति की बैठक 16 सितम्बर को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक के पश्चात जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025 का शुभारंभ 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छोत्सव की थीम पर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के संबंध में एवं अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- 0- गणेशोत्सव के दौरान भी रामरक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ का अभियान नहीं हुआ बाधितरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से 20 महीनों से प्रत्येक शनिवार को राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ का अभियान श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दौरान भी शनिवार, 13 सितंबर को भी जारी रहा। इधर बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने भी अपने केंद्र में सामूहिक पाठ किया।आध्यात्मिक समिति की आकांक्षा गद्रे ने बताया कि कथा पंडाल में पहुंचे सभी केंद्रों के महिला और पुरुष सदस्यों ने रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया। सामूहिक पाठ सुबह भागवत कथा के संहिता परायण के बाद हुआ। भागवत कथा वाचक आचार्य धनंजय वैद्य शास्त्री ने महाराष्ट्र मंडल के इस अभियान की जमकर प्रशंसा की।इधर बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने अपने केंद्र में उत्साह के साथ राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। इस दौरान अंजलि नलगुंडवार, दीपाली करकशे, माला करकशे, अपर्णा काले, संचाली पाध्ये, वीणा वरवंडकर, निशा भुसारी, संगीता नंदेकर, मंजू काले, प्रणिता नलगुंडवार सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।
- 0- जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, विकास कार्यों में पारदर्शिता और तत्परता के निर्देशबिलासपुर. केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्या ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने अनुसूचित जनजातियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, आयोग के वरिष्ठ अधिकारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।बैठक की शुरुआत में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में जनजातीय क्षेत्रों में संचालित योजनाओं, विकास कार्यों, और हितग्राहियों की स्थिति की जानकारी दी। बैठक में विशेष रूप से वनाधिकार पट्टे वितरण, पीएम जनमन योजना, जनजातीय छात्रावासों की स्थिति, पोषण आहार वितरण, स्वास्थ्य सुविधाएँ, रोजगार सृजन, और आदिवासी युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।श्री आर्या ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जनजातीय समुदाय तक योजनाओं की सीधी पहुँच सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत लंबित व्यक्तिगत और सामुदायिक पट्टों के आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाए। यह केंद्र और राज्य की प्राथमिकता में है। उन्होंने पीएम जनमन योजना में सैचुरेशन लेवल जल्द हासिल करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर माह तक पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत मकान पूर्ण कर लिए जाएंगे। इसी प्रकार मार्च 2026 तक सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कर लिया जाएगा।श्री आर्या ने छात्रावास, आश्रम की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए। जनजातीय क्षेत्रों का लगातार दौरा करने कहा ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता आए। उन्होंने वृहद पौधारोपण पर भी जोर दिया। मनरेगा के तहत करंज, नीम जैसे छायादार पौधे लगाने कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति में सुधार, विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी बच्चों के लिए छात्रावास, पाठ्यपुस्तक व छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराई जाएं। आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए, खासकर मातृ और शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में।इस दौरान एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने आदिवासी इलाकों में कानून व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा इंतज़ामों पर जानकारी दी, वहीं आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने योजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। श्री आर्या ने कहा कि आयोग स्वयं विभिन्न जिलों में जाकर जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रहा है। स्थानीय प्रशासन को पूर्ण पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एडीएम श्री शिव कुमार बनर्जी,सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- निजी कंपनियों में 151 पदों पर होगी भर्तीबिलासपुर. छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग रायपुर द्वारा दिए गए निर्देश के परिपालन में दिनांक 19 सितंबर 2025 को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोनी, बिलासपुर द्वारा प्रातः 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक प्लेसमेंट कैंप का आयोजन स्थल जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोनी, बिलासपुर में किया जा रहा है, जिसमें 04 निजी नियोजकों (कम्पनी) द्वारा जनरल मैनेजर, एच. आर. मैनेजर फील्ड ऑफिसर, एग्रीक्लचर एडवॉजर, मॉर्केटिंग मैनेजर एल.आई.सी बीमा सखी, एक आई सी बीमा अभिकर्ता, इत्यादी कुल 151 विभिन्न पदों के लिये भर्ती संबंधी कार्यवाही की जाएगी। ऐसे रोजगार के इच्छुक आवेदक जिन्होंने 12 वीं, स्नातक (कोई भी विषय में) आदि उत्तीर्ण है, इस कैंप में भाग ले सकते है। योग्य उम्मीदवार अपने दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधारकार्ड एवं समस्त शैक्षणिक योग्यता सम्बंधी अंकसूची ,प्रमाण-पत्र की मूलप्रति व छायाप्रति के साथ उपस्थित होवे। अधिक जानकारी के लिये छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोनी बिलासपुर से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- 0- केवल दो शिक्षकों के प्रकरण जिला-संभागीय स्तरीय समितियों की अनुशंसा पर हुए मान्य0- युक्तियुक्तकरण के बाद नई पदस्थापना में ज्वाइनिंग नही करने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई0- जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश- युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूल में जल्द उपस्थिति दें शिक्षकबिलासपुर. जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद केवल दो शिक्षकों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इन दोनों शिक्षकों की पदस्थापना में परिवर्तन जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों के अनुशंसा पर निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया गया है। जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद अतिशेष शिक्षकों की नई पदस्थापनाएं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही की गई है। डीईओ ने युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूलोें में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश सभी शिक्षकों को दिए है। डीईओ ने कहा कि नई पदस्थापना में बिना कारण ज्वाइनिंग नही करने वाले शिक्षकों पर नियम अनुसार वेतन रोकने से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी।डीईओ ने बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद जिले के दूरदराज के स्कूलों में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दे दी है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण में एक बार शाला आबंटन के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव जिला स्तर पर नहीं किया जा रहा है। जिन शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण से कोई परेशानी है या नई पदस्थापना में उपस्थित होने में समर्थ नहीं है, ऐसे सभी शिक्षकों के अभ्यावेदन जिला स्तरीय समिति में निराकृत किए गए है। जिला समिति का निर्णय मान्य नहीं होने पर शिक्षकों के प्रकरण संभागीय समिति में सुलझाएं गए है। जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों ने शिक्षकों के अभ्यावेदनों पर सूक्ष्म जांच कर अनुशंसा की है। अधिकांश आवेदनों को अमान्य किया गया है। और शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण के बाद की पदस्थापना को यथावत रखा गया है।जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया छतौना की पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक धीरेन्द्र कुमार पाण्डे का तबादला युक्तियुक्तकरण के बाद किया गया था। श्री पाण्डे द्वारा इसके विरूद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। उच्च न्यायालय ने प्रकरण को जिला स्तरीय समिति को अवलोकन कर नियमानुसार निराकृत करने को कहा था। जिला स्तरीय समिति ने इस प्रकरण पर परीक्षण कर उसे नियमानुसार पाया था और श्री पाण्डे के अभ्यावेदन को अमान्य कर दिया गया था। श्री पाण्डे ने इसके विरूद्ध फिर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और उच्च न्यायालय के निर्देश पर अभ्यावेदन का पुनः सूक्ष्म परीक्षण कर प्रकरण को मान्य किया गया।इसी तरह शासकीय प्राथमिक शाला, उरैहापारा नगौई में पदस्थ सहायक शिक्षक एलबी कुलदीप सिंह सलुजा का नाम अतिशेष में था। युक्तियुक्तकरण में उनका स्थानांतरण प्राथमिक शाला संजय नगर जोंधरा मस्तूरी में किया गया था, याचिकाकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय में जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। जिला स्तरीय समिति ने अभ्यावेदन अमान्य कर दिया था। शिक्षक द्वारा संभागीय स्तरीय समिति में पुनः अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। समिति ने सूक्ष्म जांच के बाद शिक्षक का नाम अतिशेष सूची में होना दोषपूर्ण पाया। इसके बाद प्रकरण को संभाग स्तरीय समिति द्वारा मान्य किया गया है।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल और रास डांस स्टूडियो की ओर से दो दिवसीय गरबा वर्कशाप का आयोजन 20 और 21 सितंबर को किया जा रहा है। दोनों दिन की वर्कशाप शाम 6 बजे से शुरू होगी। बताते चलें कि वर्कशाप मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह के सहायतार्थ आयोजित है। महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति की सहप्रमुख रीना बाबर ने बताया कि दो दिवसीय गरबा वर्कशाप में प्रतिभागियों को दो ताली, तीन ताली, चौकड़ी और छकड़ी, रास गरबा, डांडिया सिखाया जाएगा। चार के ग्रुप में आने वाले प्रतिभागियों के लिए प्रोफेशनल वीडियो शूट की व्यवस्था भी की गई है। रीना के अनुसार यह प्रशिक्षण सभी आयु वर्ग के लिए है। कोई भी इच्छुक प्रतिभागी इसमें भाग ले सकते हैं। अब तक हुए पंजीयन को देखकर कहा जा सकता है कि वर्कशॉप को लेकर युवाओं का जबरदस्त प्रतिसाद देखने को मिल रहा है।
- रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में हार्टफुलनेस संस्थान के डायरेक्टर श्री त्रिलोचन चावला ने सौजन्य भेंट की। श्री चावला ने मुख्यमंत्री श्री साय को संस्थान की ओर से हैदराबाद स्थित हार्टफुलनेस मुख्यालय आने का आमंत्रण दिया।इस अवसर पर श्री चावला ने मुख्यमंत्री को हार्टफुलनेस संस्थान के प्रमुख श्री कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ द्वारा जैन तीर्थंकरों पर लिखी पुस्तक भेंट की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा दुर्ग जिले के अमलेश्वर स्थित हार्टफुलनेस योग आश्रम सहित छत्तीसगढ़ में संचालित आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री चावला को हार्टफुलनेस मुख्यालय हैदराबाद आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और संस्थान के आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
- -गंगरेल डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ सहकारी समितियों को मिला मछली पालन का पुनः हक-मुख्यमंत्री साय ने डुबान क्षेत्र में एम्बुलेंस और राष्ट्रीय बैंक शाखा शीघ्र खोलने का दिया आश्वासन-स्वच्छ भारत मिशन, जनधन योजना और आवास योजना से लोगों के जीवन में आया बदलावरायपुर। गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का हक मिलने पर प्रभावित समितियों के सदस्यों ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर गंगरेल डुबान क्षेत्र के तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।वंचित वर्ग के उत्थान और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री विष्णु देव सायमुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोले जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देकर बेटियों और महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आज स्वच्छ भारत मिशन एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट कार्य का जिम्मा सौंपा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के उत्थान और सम्मान के लिए हमारी सरकार सतत कार्य कर रही है।इस अवसर पर धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडेय उपस्थित थीं। कार्यक्रम में गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ समितियों में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई एवं देवीनवागांव के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे विकास, पर्यटन स्थलों के विकास से पर्यटक होंगे आकर्षितरायपुर,। पर्यटन ऐतिहासिक स्मारकों और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण को भी प्रोत्साहित करता है। यह विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ को बढ़ावा देता है, जिससे लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं और मूल्यों को सीखने का अवसर मिलता है। सतत पर्यटन को बढ़ावा देने से यह सुनिश्चित होता है कि प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधन भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पर्यटकों को आकर्षित करके, पर्यटन आतिथ्य, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में राजस्व, रोजगार और स्वरोजगार के व्यावसायिक अवसर पैदा होते हैं। छत्तीसगढ अपनी समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध संस्कृति के कारण पर्यटन के क्षेत्र में अपना अलग स्थान रखता है।जशपुर जिले में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय पर्यटन समिति की बैठक आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे विकास, पर्यटन स्थलों का विकास, पर्यटन प्रचार-प्रसार और पर्यटन संबंधी अन्य विषय शामिल थे। जशपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले के पर्यटन समिति की बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे विकास की पहल हेतु प्रमुख पर्यटन स्थलों के समीप कलस्टर तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा जिले में पर्यटन विकास कार्यों हेतु विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया।पर्यटन स्थल कैलाशगुफा, दनगरी, राजपुर, खुड़िया रानी के विकास कार्य की हुई समीक्षाबैठक में मयाली सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के विकास हेतु डीपीआर तैयार करने और आवश्यक एनओसी एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा ग्राम बालाछापर, जशपुर में विकसित एथनिक टूरिस्ट विलेज में स्थानीय हस्तशिल्प के निर्माण, प्रदर्शन और विक्रय की प्रगति की समीक्षा की गई। बगीचा के पर्यटन स्थल दनगरी, राजपुर कैलाशगुफा, खुड़िया रानी के विकास कार्य की प्रगति की भी समीक्षा किया गया और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र, फाइनल व्यय राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र और फोटोग्राफ्स शासन को उपलब्ध कराने संबंधित कार्य एजेंसी को निर्देश दिया गया।पर्यटन प्रचार-प्रसार के लिए विशेष रूप से कुनकुरी-झारसुगड़ा मार्ग और जशपुर-गुमला मार्ग पर होर्डिंग स्थापित करने आम लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यटक ऑकड़ों के संकलन और गणना हेतु सर्वे कार्य 2025 की योजना बनाने के लिए कहा गया। इसके अलावा जशपुर चाय बगान से निर्मित ग्रीन टी, टी बैग और चाय पत्ती का पर्यटन विभाग के होटल, मोटल और रिसॉर्ट में उपयोग करने का निर्णय लिया गया।मयाली पर्यटन विकास की कार्ययोजना तैयार करने निर्देशकलेक्टर जशपुर ने मयाली से किनकेल पर्यटन समिति का प्रशिक्षण आयोजित करने, शारदा धाम का मास्टर प्लान तैयार करने सहित कोतेबीरा में कैंपिंग और क्लाइंबिंग वॉल, जशपुर जंबोरी 2025 की तैयारी की समीक्षा और आगे की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी पर्यटन कार्यक्रमों की योजना बनाने सहित नए पर्यटन स्थलों के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने संबंधित विभाग के अघिकारियों को समन्वित कार्य करने कहा, जिनमें स्टार गेज़िंग फेस्टिवल, बटरफ्लाई मीट, टी फेस्टिवल, मेटिअर शावर ऑब्ज़र्वेशन, बर्ड फेस्टिवल और विंटर बाइक ट्रेल शामिल हैं।
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रायपुर । आबकारी विभाग रायगढ़ द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध की गई कार्रवाई में कुल 32.6 लीटर महुआ शराब जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांटाहरदी निवासी श्याम बाई सिदार, उम्र 48 वर्ष, पति स्व. राधेश्याम सिदार के कब्जे से 10 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इसी प्रकार, ग्राम देलारी मुख्य मार्ग पर वाहनों की सघन जांच के दौरान एक लाल-काले रंग की एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में मोटरसाइकिल से 113 नग पॉलिथीन पाउच (प्रत्येक में 200 मि.ली.) में भरी कुल 22.600 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी नवीन यादव, निवासी ग्राम देलारी, थाना पूंजीपथरा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया। उक्त कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक अंकित अग्रवाल, मुख्य आरक्षक तुलेश्वर राठौर, आरक्षक कुलदीप ठाकुर, अनिशा तिर्की एवं शिव गोस्वामी की सक्रिय भूमिका रही।रायगढ़ जिले के प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी का कहना है कि जिले में शराब के अवैध कारोबार परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध जांच-पड़ताल का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। - -मुख्यमंत्री दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिलरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए।मुख्यमंत्री दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिलमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा।संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक श्री संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -दर्जनों गांव विकास की मुख्यधारा में होंगे शामिल-क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का माना आभाररायपुर ।जशपुर जिले के भालूमुंडा से खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर लगभग 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। बारिश के दिनों में आवागमन सुगम होना, शिक्षा, कृषि, व्यापार और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलनाऔर यात्रा की दूरी व समय में कमी आएगी, इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। इसकी निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पूर्ण होने के पश्चात शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू जायेगा। क्षेत्र वासियों ने इस कार्य की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है।फरसाबहार क्षेत्र के दर्जनों गांव विकास की मुख्यधारा में होंगे शामिलकोकिया नदी पर लगभग 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण स्वीकृत होने से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। इस पुल के बनने से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पुल के बनने से फरसाबहार ब्लॉक के कोरंगामाल, भालूमुंडा, पेटामेरा, अंकिरा, खरीबहार, जुड़वाइन, सागजोर, परेवाआरा समेत दर्जनों गांव सीधे ओडिशा राज्य से जुड़ जाएंगे। वहीं रेडेघाट, सोनाजोरी, बनखेता, माटीहेजा जैसे दर्जनों गांव भी विकासखंड मुख्यालय से जुड़ जाएंगें और तेज़ी से विकास की मुख्यधारा में शामिल होंगे।बरसात में ग्रामीणों को सुरक्षित व सुगम आवागमन का मिलेगा लाभकोकिया नदी पर पुल के निर्माण की स्वीकृति मिली है, जो ना सिर्फ आवागमन को सुगम बनाएगा बल्कि गांवों को विकास की मुख्यधारा से भी जोड़ेंगा। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में कोकिया नदी पार करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्सर पानी बढ़ जाने से आवाजाही रुक जाती थी, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। अब पुल बनने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और ग्रामीणों को सुरक्षित व सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। साथ ही विकासखंड मुख्यालय एवं ओडिशा राज्य की ओर आवागमन के लिए दूरी कम हो जाएगी।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रमांक-1 अंतर्गत पाइप लाईन, पार्किंग स्थल, निर्माणाधीन नाला सहित गौठान का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।
निगम आयुक्त ने फरीद नगर निजामी चौंक का निरीक्षण कर विभाजित डिस्ट्रीब्यूशन पाईप लाईन को सही कराने निर्देशित किए हैं, जिसका कार्य प्रगति पर है। समीपस्थ कबाड़ का सामान सड़क पर रखने वालो पर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। उक्त कृत्य से मार्ग बाधित होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। फरीद नगर एवं लक्ष्मी नगर में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था हेतु नया पाइप लाईन बिछाया गया है, जिसका निरीक्षण आयुक्त द्वारा किया गया।
जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों एवं प्राइवेट एजेंसियों द्वारा सुपेला घड़ी चौंक से गदा चौंक तक डिवाइडरो में लगे पोल में राजनितिक, सामाजिक, धार्मिक बैनर/पोस्टर लगाया गया है, जिसके कारण सड़क दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। इस हेतु आयुक्त ने सभी बैनर/पोस्टर को हटाने निर्देशित किए हैं। नगर पालिक निगम भिलाई की ओर से सभी जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों एवं प्राइवेट एजेंसियों से अपील है कि शहर के स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण हेतु इस तरह के होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर का उपयोग बिलकुल न करें। इस तरह के प्रचार-प्रसार हेतु उपयोग किए जाने वाले सामग्रीयों से शहर की खुबसुरती में कमी आती है। महापौर परिषद के बैठक में निर्णय लिया गया है, कि जन्मदिन या कोई भी विशेष समारोह में होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर का उपयोग नहीं करेगें। निगम आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान इस कार्यवाही को अभियान के रूप में चलाने निर्देशित किया गया है। इस तरह के कार्यों में संलग्न एजेंसियों के खिलाफ नगर निगम की ओर से कारवाई की जाएगी ।
लक्ष्मी नगर में रोड किनारे पार्किंग स्थल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन पार्किग स्थल का निगम आयुक्त द्वारा निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने निर्देशित किया गया है। नेशनल हाईवे से लगा हुआ चंद्रा मोर्या टाकिज चौंक से संजय नगर तालाब तक निर्माणाधीन नाला का निरीक्षण किया गया है। कार्य की समयावधि एवं गुणवत्ता में विशेष ध्यान देने हेतु उप अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा को निर्देशित किए हैं। आयुक्त ने कोसा नगर स्थित गौठान में पशुओ के खाने-पीने एवं चिकित्सा व्यवस्था का अवलोकन किए। गौठान के समतलीकरण करने हेतु जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत को निर्देशित किए है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, उप अभियंता बसंत देवांगन, चंदन निर्मल, सहायक राजस्व अधिकारी अजय शुक्ला, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी उपस्थित रहे।
- -निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, छ.ग. विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष हेमंत वर्मा सहित वरिष्ठ, कनिष्ठ अभियंताओ ने दी जयंती पर भारत रत्न महान अभियंता को श्रद्धांजलि-रायपुर शहर के विकास में सभी विभागो के अभियंताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका है- महापौररायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन कमांक 4 के सहयोग से संयुक्त अभियंता आयोजन समिति के तत्वावधान में राजधानी शहर रायपुर के सिविल लाईन्स पीडब्ल्यूडी चौक में स्थित भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या की 165वीं जयंती पर रखे गये संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी राजधानीवासियो की ओर से भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या को जयंती पर सादर नमन कर आदरांजलि अर्पित की।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। महापौर ने कहा कि रायपुर शहर के विकास में सभी विभागो के अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होने सभी अभियंताओं से रायपुर शहर को राजधानी के अनुरूप सुन्दर स्वच्छ, हरित, स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की अपील की।संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, छ.ग. विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री हेमंत वर्मा, वरिष्ठ अभियंता श्री चंद्रकांत पिल्लीवार, पीएचई के मुख्य प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अभियंता श्री पी.एन. सिंह, नगर निगम के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सूडा के संविदा मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, राविप्रा के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता श्री डी.एस. परोहा, वास्तुविद श्री मनीष पिल्लीवार, रायपुर नगर निगम अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, वरिष्ठ अभियंता सर्वश्री सी.पी शर्मा, श्री मनोज वर्मा, श्री योगेश शर्मा सहित वरिष्ठ अभियंताओ एवं कनिष्ठ अभियंताओं ने मूर्ति स्थल पर पहुंचकर भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या को उनकी 165 वीं जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किये।इस अवसर पर संयुक्त अभियंता आयोजन समिति के तत्वावधान में महान अभियंता के मूर्ति स्थल के समीप रक्त दान शिविर का आयोजन रखा गया। जिसमे वरिष्ठ व कनिष्ठ अभियंताओं ने स्वेच्छिक रक्तदान किया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ फीता काटकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने किया। उन्होने संयुक्त अभियंता आयोजन समिति के अभियंता दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजन को सराहा।
- रायपुर / सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. संगीता, कलेक्टर रायपुर डॉ गौरव सिंह के निर्देश एवं प्रभारी उपायुक्त आबकारी श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में जिला आबकारी विभाग द्वारा 13 सितम्बर 2025 की रात्रि को विशेष कार्रवाई की गई।कार्यवाही के तहत अभिराज रेस्टोरेंट संचालक शक्ति पांडे से 10.5 बल्क लीटर विदेशी मदिरा तथा हुंडई वरना वाहन (सीजी 04 पीएम 7111) जब्त कर, आबकारी अधिनियम की गैरजमानतीय धारा 34(2) के अंतर्गत विवेचक प्रकाश देशमुख द्वारा आरोपी को जेल दाखिल किया गया। इसी दौरान VIP रेस्ट्रो, पीटीएस चौक माना में मदिरापान कराते पाए जाने पर संचालक के विरुद्ध धारा 36(ए) के तहत विवेचक एडीईओ डी.डी. पटेल द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।इसके अतिरिक्त, ग्राम पचेड़ा थाना अभनपुर में आरोपी गणेश राम भारती से 2.16 बल्क लीटर मसाला मदिरा तथा ग्राम घोट थाना गोबरा नवापारा में आरोपी राहुल सोनवानी से 2.88 बल्क लीटर मसाला मदिरा जब्त की गई। दोनों मामलों में विवेचक नीलम स्वर्णकार द्वारा आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन प्रेरणा हॉल, कलेक्टरेट भवन, जगदलपुर में किया गया। इस सेमिनार में बस्तर संभाग के चार जिलों जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव के 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी ने वर्चुअल माध्यम से सत्र का उद्घाटन किया। सेमिनार में श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला कांकेर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।मुख्य न्यायाधीश ने बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में न्यायपालिका से अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं। लोग हमसे अत्यधिक आशा रखते हैं। यह सेमिनार केवल सीखने का मंच ही नहीं, बल्कि न्याय, निष्पक्षता और विधि के शासन के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि भी है।मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक शिक्षा एक बार की प्रक्रिया नहीं है; बल्कि यह सतत प्रक्रिया है। आज के दौर में जहाँ कानून तेजी से विकसित हो रहे हैं और समाज नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहाँ न्याय के संरक्षक होने के नाते हमें निरंतर अपने ज्ञान को समृद्ध करना और अपनी न्यायिक क्षमता को धार देना अनिवार्य है। सतत प्रशिक्षण सुनिश्चित करता है कि हम अपने संवैधानिक दायित्वों को दक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभा सकें।मुख्य न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र अपने विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ न्यायपालिका के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों प्रस्तुत करता है। हमारा दायित्व है कि न्याय समाज के हर कोने तक पहुँचे, विशेष रूप से वंचित और कमजोर वर्गों तक। यहाँ के न्यायिक अधिकारियों की भूमिका जनता के विश्वास को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है कि न्याय न केवल किया जाए, बल्कि होता हुआ भी दिखाई दे।मुख्य न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सहानुभूति, धैर्य और निष्पक्षता के साथ न्यायिक कार्य करें। याद रखें, प्रत्येक मामले के पीछे एक मानवीय कहानी होती है संघर्ष, आशा और न्यायपालिका में विश्वास की। हमें सदैव यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि न्याय समय पर, पारदर्शी और तर्कपूर्ण तरीके से दिया जाए।अंत में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार समकालीन विधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श, अनुभवों के आदान-प्रदान और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने का मूल्यवान अवसर प्रदान करते हैं। इस सेमिनार में हुई चर्चाएँ न्यायिक अधिकारियों की दक्षता को बढ़ाएँगी और उन्हें न्यायिक कार्य की जटिलताओं को और अधिक कुशलता से संभालने योग्य बनाएँगी।इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर एवं दंतेवाड़ा के जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा दिया गया, परिचयात्मक उद्बोधन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा किया गया।सेमिनार में बस्तर संभाग के कुल 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामलों की कार्यवाही का अवलोकन तथा इनके निपटारे हेतु नवीन उपकरण और तकनीकें, मध्यस्थता में रेफरल जज की भूमिका, डिक्री का क्रियान्वयन गिरफ्तारी एवं सिविल कारागृह में निरुद्धि तथा संपत्ति की कुर्की द्वारा समयबद्ध और प्रभावी प्रवर्तन हेतु रणनीतियाँ, सलाखों के पीछे या स्वतंत्र रिमांड और जमानत के प्रावधानों का गहन विश्लेषण, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों के विशेष संदर्भ के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिए गए।
- -छत्तीगसढ़ में 25 लाख 47 हजार किसान परिवार हो रहे हैं लाभान्वितरायपुर / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि एक ही भूमि खाता (सिंगल लैण्डहोल्डिंग) में कई किसान परिवारों के नाम दर्ज हैं, तब भी प्रत्येक पात्र परिवार को अलग-अलग प्रतिवर्ष 6000 रूपए तक का लाभ प्राप्त करने का अधिकार होगा। बशर्तें वे योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र हो। प्रत्येक परिवार को न्यूनतम 6,000 रूपए वार्षिक की वित्तीय सहायता सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराई जाएगी।योजना की पात्रता शर्तों के तहत ‘किसान परिवार’ का अर्थ पति-पत्नी और अवयस्क बच्चों से है। यदि एक ही भूमि खाते से कई परिवार जुड़े हुए हैं, तो योजना का लाभ खाता संख्या से नहीं बल्कि परिवार की इकाई के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रकार एक भूमि खाता साझा करने वाले अलग-अलग परिवारों को भी स्वतंत्र रूप से यह सहायता राशि प्राप्त होगी।भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, प्रत्येक किस्त 2,000 रूपए की होती है। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत फरवरी 2025 में 20वीं किश्त के रूप में राज्य के 25.47 लाख किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रूपए की सम्मान निधि प्रदान की गई थी। इस योजना से देश के करोड़ों किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। सम्मान निधि पात्र किसानों को ही प्राप्त हो इसके लिए पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही किसान सम्मान निधि की राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र किसान परिवार इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए राज्यों और जिलों को नियमित रूप से पात्रता की जाँच कर लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा है। इनमें सभी संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों के पूर्व और वर्तमान धारक, सांसद, विधायक, मंत्री, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों व विभागों के अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) तथा 10,000 रुपये या उससे अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। इसके अलावा आयकरदाता परिवार भी इस योजना के दायरे से बाहर है। योजना का उद्देश्य है कि केवल वास्तविक छोटे और मध्यम किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सके।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा का आज कांकेर जिले के नरहरपुर पहुंचने पर हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों, आदिवासी समाज के पदाधिकारियो और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग, विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अमित तुकाराम कांबले, कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
- -क्षेत्रवासियों को मिली विभिन्न विकास कार्यों की सौगातरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड मुख्यालय में आयोजित गोंडवाना समाज के “ठाकुर जोहारनी“ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र में 75 करोड़ 31 लाख 72 हजार रुपए की लागत वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन निर्माण कार्यों में अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग ( लंबाई 16 कि.मी.) के चौड़ीकरण कार्य पर 40 करोड़ 22 लाख 71 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी भैंसमुण्डी से झलियामारी मार्ग (लंबाई 4.67 कि.मी.) पर 4 करोड़ 90 लाख 16 हजार रुपये का कार्य शामिल है। साथ ही नरहरपुर हाई स्कूल बिरनपुर, नावडबरी और रावस में तीनों स्कूल भवन निर्माण कार्यों पर 75.23-75.23 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कार्य शामिल है।इसी तरह नरहरपुर टूरी व्यपवर्तन योजना के तहत नहर का जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य हेतु (8 करोड़ 94 लाख 51 हजार रू.), पैरी नदी पर धनेसरा एनीकट निर्माण (4 करोड़ 82 लाख 54 हजार रू.), सिहारी नाला तालाब एवं नहर कार्य का जीर्णाेद्धार व शूटफॉल निर्माण (3 करोड़ 84 लाख 12 हजार रू.), बागोड़ एनीकट दायीं तट पर बाढ़ नियंत्रण कार्य (4 करोड़ 31 लाख 90 हजार रू.) तथा कोचवाही नाला एनीकट निर्माण (4 करोड़ 37 लाख 33 हजार) के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री साय ने 1 करोड़ 62 लाख 76 हजार रुपये के लागत वाले आदिवासी बालक आश्रम चरभट्टी भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
- -बाल गृह में बच्चों संग किया संवाद, वृद्धाश्रम में बांटा अपनापन-सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणरायपुर ।महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने बाल गृह, वृद्धाश्रम, सखी सेंटर और नशामुक्ति केंद्र का दौरा कर बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की तथा अधिकारियों को संस्थानों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणमंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बालगृह में बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। बच्चों ने पढ़ाई और खेलों से जुड़े सवालों के उत्साहपूर्वक जवाब दिए तथा सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन भी किया। मंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों के कक्ष, रसोई और स्वास्थ्य-देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सुधारात्मक सुझाव दिए।सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणवृद्धाश्रम पहुंचकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने वहां आश्रित बुजुर्गों से आत्मीयता से भेंट की और उनके खानपान व स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की देखभाल परिवारिक वातावरण में हो, इसके लिए संस्थान को हरसंभव प्रयास करने चाहिए। सखी सेंटर में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिलाओं को आपातकालीन सहायता, हिंसा से सुरक्षा और त्वरित मदद की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद कर सेंटर की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणनशामुक्ति केंद्र में नशा पीडि़तों से मिलकर मंत्री ने उनके स्वास्थ्य और पुनर्वास की स्थिति जानी। पीडि़तों ने बताया कि केंद्र में आकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती राजवाड़े ने उन्हें योग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि नशा छोड़कर स्वरोजगार की दिशा में बढ़ें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें। निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर रमनलाल, अपर कलेक्टर श्री अभिषेक गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -वर्चुअल माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालयों में खण्डपीठों का किया निरीक्षण-नेशनल लोक अदालत में छत्तीसगढ राज्य को मिली ऐतिहासिक सफलता-रिकार्ड 47.02 लाख से अधिक प्रकरणों का हुआ निराकरण-739 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का अवार्ड पारितरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2025 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में गठित नेशनल लोक अदालत की दोनों खण्डपीठों के पीठासीन न्यायमूर्तिगण माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दूबे एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी से चर्चा करते हुए नेशनल लोक अदालतों की कार्यवाहियों का जायजा लिया गया एवं जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में भौतिक निरीक्षण किया गया। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा शेष समस्त जिला एवं सत्र न्यायालयों में आयोजित नेशनल लोक अदालत की कार्यवाहियों का वर्चुअल माध्यम से भी निरीक्षण किया गया। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय समस्त जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीशों के साथ संवाद व चर्चा की गई तथा नेषनल लोक अदालत की प्रगति का जायजा लेकर उन्हें अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु मार्गदर्शन करते हुए प्रोत्साहित किया गया।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा की गई यह पहल लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पक्षकारों में विष्वास सृजित करेगा और लोक अदालत को और विष्वसनीयता और प्रमाणिकता प्रदान करेगा। यह उल्लेखनीय है कि “जनसामान्य को शीघ्र, सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से लोक अदालत का आयोजन तहसील, जिला एवं उच्च न्यायालय स्तर पर किया जाता है। इसमें विवादों का निपटारा आपसी समझौते व सौहार्दपूर्ण वार्ता के माध्यम से किया जाता है। लोक अदालत में आपसी सहमति से निराकृत मामलों में अपील का प्रावधान नहीं होता तथा वादियों को पूर्व में जमा किया गया संपूर्ण न्याय शुल्क वापस कर दिया जाता है।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में दो खण्डपीठ का गठन किया गया था जिसमें क्रिमिनल 07, सिविल 64 व रिट 62 व अन्य सिविल मामले के कुल 01 प्रकृति के कुल 134 प्रकरण का निकराकरण किया गया और दो करोड़ सत्तर हजार का अवार्ड पारित किया गया है।इसी प्रकार सम्पूर्ण राज्य में उच्च न्यायालय से लेकर तालुका स्तर न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में 13 सितम्बर 2025 को आयोजित नेषनल लोक अदालत में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 47 लाख 02 हजार 692 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 7 अरब 39 करोड़ 48 लाख 78 हजार 898 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में तकनीकी का उपयोग करते हुए जहां पक्षकार नहीं आ सके उन्हें वर्चुअल माध्यम से भी जोड़कर तथा मोबाईल वेन के माध्यम से लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण किया गया।माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीषों, लोक अदालत की खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं उन सभी हितधारकों को जिन्होंने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस नेशनल लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -जशपुर के पाँच ग्रामों में होम-स्टे की शुरुआत, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंचरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में सामुदायिक पर्यटन की एक नई पहल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय से जशपुर के पाँच ग्रामों-देओबोरा, केरे, दनगरी, छिछली और घोघरा में होम-स्टे योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्पित है। होम-स्टे नीति न केवल पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि आदिवासी संस्कृति, परंपराएँ, खान-पान और जीवन शैली को लेकर अन्य प्रदेशों और देशों के लोगों में गहरी जिज्ञासा रहती है। होम-स्टे के माध्यम से पर्यटकों को सीधे गाँवों में रहकर स्थानीय संस्कृति, पूजन पद्धति और सादगी का अनुभव करने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए अविस्मरणीय साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह पहल जशपुर को न केवल पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त पर्यटन मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए। यह प्रशिक्षण सामुदायिक पर्यटन और होम-स्टे विकास पर आधारित था, जिससे संबंधित ग्रामों को इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर का मकरभंजा जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचें जलप्रपात में से एक है, और इसके साथ जिले के अनेक झरने व दर्शनीय स्थल जशपुर को पर्यटन की दृष्टि से अनोखा बनाते हैं। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और यहाँ आने वाले पर्यटक जीवनभर इस जगह की यादों को संजोए रखते हैं।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।



























