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- -यह रथ पत्थलगांव विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत शहरों और गांवों में भ्रमण कर लोगों को योजना की देगा जानकारीरायपुर। विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने अपने निज निवास स्थान ग्राम मुण्डाडीह में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ पत्थलगांव विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत शहरों और गांवों में भ्रमण कर लोगों को योजना की जानकारी देगा और इसके लाभों से अवगत कराएगा। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधी ग्रामीण जन एवं विद्युत विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक श्रीमती साय ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।इस योजना के अन्तर्गत 01 से 03 किलो वॉट तक रूपटॉप सोलर पैनल स्थापित कर हर महिने 100 से 360 यूनिट तक बिजली उत्पादन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत् 01 किलोवॉट सोलर प्लांट लगाने पर केन्द्र सरकार की ओर से 30 हजार तो राज्य सरकार की तरफ से 15 हजार की सब्सिडी मिलती है। इसी तरह 02 किलोवॉट सोलर प्लांट लगाने पर केन्द्र सरकार की तरफ से 60 हजार तो राज्य सरकार की तरफ से 30 हजार की सब्सिडी और 03 किलोवॉट सोलर प्लांट लगाने पर केन्द्र सरकार की तरफ से 78 हजार तो राज्य सरकार की तरफ से 30 हजार की सब्सिडी मिलती है। इस योजना अन्तर्गत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को बैंक के द्वारा 6 प्रतिशत दर पर आसान किस्तों में 10 वर्षों के लिए ऋण की सुविधा दी गई है।पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताhttps://pmsuryaghar.gov.inपीएम सूर्य घर मोबाईल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप अथवा टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, इच्छुक उपभोक्ता नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से भी सम्पर्क कर सकते हैं। सौर प्लांट स्थापना हेतु वेंडर का चयन उपभोक्ता स्वयं ऑनलाईन कर सकते हैं।
- -सांसद ने महासमुंद, धमतरी एवं गरियाबंद जिले की बैठक लेकर की तैयारियों की समीक्षा-प्रतिभागी 20 सितम्बर तक कर सकते हैं पंजीयनमहासमुंद / भारत सरकार के फिट इंडिया मूवमेंट तथा खेल एवं युवा विभाग के द्वारा सांसद खेल महोत्सव 2025 का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में आज महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने महासमुंद, धमतरी एवं गरियाबंद जिले की संयुक्त बैठक लेकर सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की तैयारियों के संबंध में बैठक ली एवं अधिक से अधिक पंजीयन पर जोर दिया। पंजीयन की प्रक्रिया 29 अगस्त से प्रारंभ हो चुकी है, जो आगामी 20 सितम्बर 2025 तक चलेगी। महोत्सव में सामूहिक एवं एकल दोनों प्रकार के खेलों का आयोजन किया जाएगा।आज कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त बैठक में महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, खेल अधिकारी श्री मनोज कुमार धृतलहरे, श्री रेखराज शर्मा, धमतरी एवं गरियाबंद जिले के शिक्षा एवं खेल अधिकारी शामिल हुए। वीसी के माध्यम से धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा एवं गरियाबंद कलेक्टर श्री बी.एस. उइके शामिल हुए। बैठक में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि पंजीयन के लिए अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। अतः शिक्षा विभाग, खेल एवं जनपद के सीईओ, अधिक से अधिक संख्या में खिलाड़ियों के पंजीयन को प्राथमिकता देवें। साथ ही उन्होंने संकुल स्तरीय एवं विधानसभा स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए तिथि एवं स्थान चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश देते हुए सफल खेल आयोजन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। श्रीमती चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए तैयारी करें। तैयारी के संबंध में तीनों जिलों द्वारा जानकारी दी गई।महोत्सव अंतर्गत सामूहिक खेल में आयु वर्ग 14 से 19 वर्ष एवं 19 से 24 वर्ष के बालक-बालिकाएँ शामिल होंगे। जिसमें कबड्डी, खो-खो एवं वॉलीबॉल खेल शामिल है। इसी प्रकार एकल खेल में आयु वर्ग 14 से 17, 18 से 20 एवं 21 से 24 वर्ष के बालक बालिकाएं भाग लेंगे। जिसमें 100 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, गोला फेंक, भाला फेंक, लंबी कूद, ऊँची कूद, बैडमिंटन, गेड़ी दौड़ खेल शामिल है। संकुल स्तरीय खेल महासमुंद के 30, धमतरी एवं गरियाबंद के 10-10 संकुलों में आयोजित किया जाएगा।पंजीयन हेतु इच्छुक प्रतिभागी www.sansadkhelmahotsav.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देशित किया गया है कि वे अधीनस्थ कर्मचारियों, संकुल, विद्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में पंजीयन की कार्यवाही सुनिश्चित कराएँ।उल्लेखनीय है कि सांसद खेल महोत्सव तीन स्तर पर आयोजित होगा, ग्रामीण स्तर, विधानसभा तथा लोकसभा स्तर। ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन 21 सितम्बर से 21 अक्टूबर तक, विधानसभा स्तर पर 22 अक्टूबर से 22 नवम्बर तक तथा लोकसभा स्तर पर 23 से 25 दिसम्बर के बीच किया जाएगा।
- -एनएमसी के मापदंड को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देशों का हो पालन: स्वास्थ्य मंत्रीरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के डीन एवं मेडिकल सुप्रीटेंडेंट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वशासी समिति एवं प्रबंधकारिणी की बैठकों में स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल के चिकित्सक सेवा भावना के साथ कार्य करें और जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें।बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डीन और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट को स्वशासी समिति के माध्यम से 10 लाख रुपए तक के अति आवश्यक उपकरणों और दवाइयों की खरीदी के अधिकार को बढ़ाते हुए 20 लाख रुपए तक किए जाने पर चर्चा हुई। बैठक में NMC मापदंडों का गैप एनालिसिस भी प्रस्तुत किया गया।इस दौरान मानव संसाधन के तहत नर्सिंग स्टाफ और पैरा मेडिकल पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। साथ ही राजनांदगांव में वायरोलॉजी लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी पारित हुआ।बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि उपकरणों एवं दवाओं के अत्यधिक लंबित क्रय को कॉलेज स्तर पर पूरा करने के लिए CGMSC द्वारा मेडिकल कॉलेजों को त्वरित रूप से एनओसी मिले। साथ ही अग्रिम राशि को शीघ्र प्रदाय किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत नवीन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें नए मेडिकल कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं।बैठक में अवसंरचना विकास के तहत छात्रावास भवन, कॉलेज भवन, आंतरिक सड़क, पेयजल व्यवस्था और विद्युतीकरण की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया गया। सुविधाओं के अंतर्गत उपकरण उपलब्धता, CGMSC को समय पर मांग पत्र प्रेषण, वित्तीय राशि के निर्गमन तथा खरीद प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। दवाइयों एवं उपभोग्य सामग्रियों की आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, डीकेएस एवं अन्य सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की सेवाओं और आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाताओं की मॉनिटरिंग पर भी चर्चा की गई।इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना अंतर्गत ज्ञानदीप एवं शिक्षा दूत हेतु 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को किया गया अलंकृतरायपुर। शिक्षकीय ज्ञान प्रदान करने से बड़ा पुण्य कार्य कोई दूसरा नहीं हो सकता। भारतीय परंपरा में गुरु को ईश्वर से पहले स्थान दिया गया है और शिक्षक का सम्मान ही जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी तथा ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं।शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उन्हें शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का कार्यभार ग्रहण करते ही 1122 शिक्षकों के पदोन्नति आदेश जारी किए गए। प्रदेश के सरकारी स्कूल अब शनिवार को प्रातः संचालित होंगे तथा उच्च न्यायालय के आदेश प्राप्त होते ही प्राचार्य एवं व्याख्याता पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।मंत्री श्री यादव ने कहा कि उनका जीवन ग्रामीण परिवेश में बीता है, इसलिए वे गांव और बच्चों की जरूरतों को भलीभांति और बेहतर रूप से समझते हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि सरकारी स्कूल के शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आदर्श प्रस्तुत करने की भी है। शिक्षण कार्यों में कोताही और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कई शीर्ष अधिकारी और नेता सरकारी स्कूलों में पढ़कर आगे बढ़े हैं। यदि वे आगे बढ़ सकते हैं तो आज के विद्यार्थी भी पीछे नहीं रह सकते। शिक्षकों को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर छत्तीसगढ़ के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाना होगा।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए गुरुजनों का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि मजबूत आधार ही उच्च स्तरीय शिक्षा को सशक्त बनाता है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना अंतर्गत ज्ञानदीप एवं शिक्षा दूत हेतु कुल 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिल्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें दुर्ग जिले के श्री पुष्पेन्द्र कुमार साहू, श्रीमती विजय लक्ष्मी राव, कु. वर्षा यादव, श्री दीपक कुमार साहू, श्रीमती भानेश्वरी साहू, श्री हिरेन्द्र कुमार मण्डावी, श्री राघवेन्द्र कुमार ध्रुव, श्री कामता प्रसाद धनकर, श्री सुनील कुमार स्वर्णकार, श्री दिलीप कुमार वर्मा, श्री मोहन लाल यादव एवं श्रीमती शुभ्रा वर्मा शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त कबीरधाम के व्याख्याता श्री चंद्रिका प्रसाद चंद्रवंशी और बालोद के व्याख्याता श्री तामसिंह पारकर को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विधायक श्री ललित चंद्राकर, नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।
- -आठ चयनित युवाओं को मौके पर ही सौंपे नियुक्ति पत्ररायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग में आज वृहद रोजगार मेला-2025 का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य तथा ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने इस वृहद रोजगार मेला-2025 का शुभारंभ किया।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने रोजगार मेले में उपस्थित छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी उत्सुकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय उनका पूर्व शिक्षा संस्थान रहा है और इस मंच पर आकर उनकी पुरानी स्मृतियां ताज़ा हो गईं। इस रोजगार मेले में 28 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर मंत्री श्री यादव ने आठ चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंप कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।अपने संबोधन में मंत्री श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज एक सक्षम और ऊर्जावान राज्य बन चुका है। राज्य गठन के समय प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे आज प्रत्येक गांव पक्की सड़कों से जुड़ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा विकसित पीडीएस प्रणाली को पूरे देश में सराहा गया और अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में राज्य के 702 स्कूल शिक्षक विहीन थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण नीति के तहत 10,446 शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो छात्र पारंपरिक पढ़ाई में रुचि नहीं रखते, उन्हें उनकी रुचि के अनुरूप इवेंट मैनेजमेंट, लोक-संस्कृति, गीत-संगीत, वादन आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह, शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- -शाला प्रवेश उत्सव के समय ही छात्र-छात्राओं को वितरण की जाने वाली सामग्रियों की अग्रिम कार्ययोजना बनाकर समय पर कार्यवाही सुनिश्चित करें: मंत्री गजेंद्र यादव’रायपुर। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) नवा रायपुर अटल नगर में शिक्षा विभाग की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में मंत्री श्री यादव ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तको की छपाई से लेकर परिवहन तक एक ही टेंडर के माध्यम से करने के निर्देश दिए ताकि समय कर राशि की बचत हो। बैठक में सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी, एमडी समग्र शिक्षा श्री संजीव कुमार झा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में सर्वप्रथम शिक्षकों की कमी को दूर करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति को ऑनलाइन एवं परिसर स्तर पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।बैठक में मंत्री ने कहा कि राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से की जाएगी। पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि अभी कितने स्थानों पर पुस्तक वितरण शेष है और कितनी अतिरिक्त मांग बची हुई है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में स्पष्टता होनी चाहिए और हर कार्य उसकी जिम्मेदार संस्था के माध्यम से ही किया जाए। समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम अब एससीईआरटी के माध्यम से अनिवार्य रूप से संचालित होंगे।बैठक में भवनविहीन स्कूलों की स्थिति की जानकारी, उन्हें फुल फर्निश्ड स्कूलों के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक व्यय तथा तदर्थ स्कूलों की राशि पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री श्री यादव ने कहा कि बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए और राशि लैप्स न हो, इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए।बड़े शहरों में जहां शासकीय भवन उपलब्ध हैं, वहाँ नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के सहयोग से कक्षाएं शुरू करने पर भी विचार किया गया। शाला त्यागी बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।मंत्री श्री यादव ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव के समय ही छात्र-छात्राओं को वितरण की जाने वाली सामग्रियों की अग्रिम कार्ययोजना बनाकर समय पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। स्कूलों की परीक्षा समाप्त होने के पश्चात शिक्षकों का जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण प्रारंभ कराया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत परीक्षा लेकर शिक्षकों की दक्षता का मूल्यांकन होगा। इसके लिए एक स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा और डीआईईटी/बीआईईटी को सशक्त बनाया जाएगा। मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बैठक के अंत में कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाएँ और कार्यक्रम समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लागू किए जाएं। मंत्री श्री यादव ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य करें।
- -नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस करने तथा प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल अपडेट करने का दिया सुझावरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में खेल एवं युवा विकास से संबंधित चुनौतियों व अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री साव अपने प्रवास के दौरान मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए 'खेलो इंडिया' योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही हर राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या में वृद्धि, खेल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए विशेष बजट प्रावधान, एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के स्कूलों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे विकसित करने तथा आवश्यक स्टॉफ की भर्ती करने का सुझाव दिया। उन्होंने नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में भी खेलों पर विशेष फोकस करते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे ले जाने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने विशेष कार्ययोजना तैयार करने की भी बात कही।श्री साव ने बैठक में ‘‘साइ’’ (SAI) के रीजनल सेंटर्स में खेल प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल तथा उनके ज्ञान एवं कौशल के उन्नयन का भी सुझाव दिया। उन्होंने खेल कोटे से शासकीय सेवाओं में नियुक्त खिलाड़ियों को अन्य कार्यों में संलग्न न कर केवल खेल से जुड़ी जिम्मेदारियां देने पर जोर दिया ताकि उभरते खिलाड़ियों को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके। श्री साव ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने व्यवस्थित खेल नीति बनाने व खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनिटरिंग के लिए कार्ययोजना बनाने का भी सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ मुंगेली की अतिरक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम श्री अजय शतरंज भी वर्चुअल बैठक में मौजूद थे।
- - सांसद संतोष पाण्डेय ने किया प्रतिभागियों को पुरस्कृतराजनांदगांव 1 । स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 के समापन समारोह का आयोजन आज अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम राजनांदगांव में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री संतोष पाण्डेय उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने की। सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने हॉकी के जादूगर स्वर्गीय श्री ध्यान चंद को याद करते हुए बताया कि उन्होंने राजनांदगांव में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री ध्यान चंद खेल का इतना ज्यादा अभ्यास करते थे कि वे हॉकी के जादूगर हो गए। वे हॉकी खेल के प्रति समर्पित हो गए। उन्होंने कहा कि जब किसी खेल में समर्पित होते है तो वह प्रतिभा निखरकर प्रदेश के मंच, मैदान, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी खेल व खिलाडिय़ों के प्रति हमेशा सजग रहते है। खिलाडिय़ों से चर्चा करते है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक खेल की मेजबानी भारत करने वाला है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय खिलाडिय़ों का है। यहां के अनेक खिलाड़ी बड़े-बड़े पदों पर है। उन्होंने खिलाडिय़ों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अच्छे खिलाड़ी बनने तथा देश के लिए खेलने के लिए शुभकामनाएं दी।अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि खिलाडिय़ों ने 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में सभी खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा का बेहतर तरीके से प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन एवं नियम के साथ खेला जाए तो खेल रूचिकर हो जाता है। सभी खिलाडिय़ों ने नियम और अनुशासन से खेल में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि खेल में एक लक्ष्य बनाकर खेलना आवश्यक होता है। खिलाड़ी पूर्ण निष्ठा, अनुशासन, नियम और संघर्ष करने से सफलता जरूर हासिल होती है। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों ने अपनी खेल प्रतिभा को दिखाते हुए जीत हासिल किया है। उन्होंने खिलाडिय़ों को हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए शुभकानाएं दी। इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, पूर्व विधायक श्री विनोद खाण्डेकर, पूर्व अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्री रमेश पटेल, श्री सुमित सिंह भाटिया, श्री आलोक, श्रीमती अमृता सिन्हा, श्री फिरोज अंसारी, श्री रघुवीर सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, प्रतिभागी एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे।
- -पंजीकृत किसानों से होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी-मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आयोजितरायपुर ।खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति निर्धारण से संबंधित निर्णय लेने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी तथा राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा उपस्थित थे।बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के लिए समुचित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ वर्ष 2025-26 में किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में किया जाएगा। किसान पंजीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में संपन्न करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि किसानों को उनके द्वारा समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान का भुगतान समय पर प्राप्त हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएँ। धान उपार्जन के लिए आवश्यक नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था समयानुसार सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। धान की रिसाइक्लिंग रोकने हेतु प्रभावी प्रबंध करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जाँच दल गठित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, उपार्जित धान की मिलिंग हेतु आवश्यक तैयारियाँ करने पर भी बल दिया गया।इस अवसर पर बैठक में सचिव खाद्य विभाग श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव वित्त विभाग श्री मुकेश बंसल, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग श्री रजत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव कृषि विभाग श्री राहुल देव तथा प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री के. एन. कांडे उपस्थित थे।
- -समर्थ दिव्यांग केंद्र और नशामुक्ति केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा-दिव्यांग बच्चों को चॉकलेट देकर उनका हौसला बढ़ाया-शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा और स्वच्छता पर ध्यान देने के दिए निर्देशरायपुर,। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने सरगुजा संभाग के दौरे के दौरान जशपुर पहुंचकर कई शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने समर्थ दिव्यांग आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र में दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया और वहां उनके शिक्षण-प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का मुआयना किया।श्रीमती राजवाड़े ने समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र में बच्चों से उनकी दिनचर्या की जानकारी ली। बच्चों से आत्मीय संवाद के दौरान उन्होंने सभी को टॉफियां बांटी और मन लागकर पढ़ाई करने की सीख दी। निरीक्षण के दौरान एक नन्हे दिव्यांग बालक की ड्रेस को उन्होंने स्वयं ठीक किया और उसे स्वच्छता और नियमित पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने बच्चों की नोटबुक भी देखी और शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।इसके बाद उन्होंने नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। यहां नशा छोड़ने के लिए उपचार ले रहे लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने परिवार के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें नशा त्याग कर जिन्दगी की फिर से एक नई शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्र में योग, खेल और काउंसिलिंग जैसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की और संचालकों को नियमित काउंसिलिंग तथा अनुशासित दिनचर्या बनाए रखने के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दृष्टिबाधित बच्चों के विशेष विद्यालय का भी निरीक्षण किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े के विद्यालय आगमन पर दृष्टिबाधित बच्चों ने स्वागत गीत की शानदार प्रस्तुति दी। मंत्री ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी रुचियों और सपनों को जाना। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों को उनकी रुचि अनुसार विषय और कला प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने बच्चों के लिए नए ड्रेस एवं वस्त्र का वितरण सुनिश्चित करने के साथ ही स्वच्छता और भोजन व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती अर्चना राणा सेठ, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -प्रार्थना व किचन शेड का भूमिपूजन, 57 छात्राओं को साइकिल वितरितरायपुर,। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने शुक्रवार को बलौदाबाजार विकासखंड के शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय चांपा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर छात्र-छात्राओं के बीच नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में प्रार्थना शेड एवं किचन शेड निर्माण के लिए भूमिपूजन किया तथा सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत 57 छात्राओं को साइकिल वितरित की। इसके साथ ही कक्षा 10वीं एवं 12वीं की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के चेक भी प्रदान किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि दृढ़ निश्चय और ईमानदार मेहनत से कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं रहता। विद्यार्थियों को अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए सतत कार्य कर रही है। युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शिक्षकविहीन व एकल शिक्षक संचालित शालाओं में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थापित हुए हैं। इंजीनियरिंग व मेडिकल शिक्षा में भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए संसाधन और सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित महिला न केवल घर-परिवार को संवारती है बल्कि समाज और भविष्य को भी नई दिशा देती है।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, ग्रामीण व बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
- -आर्थिक तंगी झेल रही महिला को मिला नया जीवनरायपुर। कोण्डागांव के बाजारपारा की 35 वर्षीय सावित्री कोर्राम घर चलाने के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू–पोछा और बर्तन धोने का काम करके अपने दो बेटे और दो बेटियों का पालन–पोषण कर रही थी। लेकिन तकदीर ने फिर करवट बदली। दो वर्ष पहले उन्हें गंभीर किडनी रोग की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन निजी अस्पताल का खर्च सुनते ही सावित्री की दुनिया जैसे थम गई। आर्थिक स्थिति ने उन्हें मजबूर किया कि वह अधूरे इलाज के साथ घर लौट आएँ। चार बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के बीच सावित्री को लगा कि उनकी जिंदगी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।कोण्डागांव जिला अस्पताल बना सहाराहताशा और निराशा के बीच उन्होंने जिला अस्पताल कोण्डागांव का दरवाजा खटखटाया। अस्पताल के सर्जन डॉ. एस. नगुलन व उनकी टीम ने जांच की और स्पष्ट किया कि उनकी एक किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी है, जिसे निकालना ही एकमात्र विकल्प है।सामान्य ऑपरेशन में बड़े चीरे और संक्रमण का खतरा अधिक था। यह जोखिम उठाना सावित्री के लिए कठिन था। तब डॉक्टर नगुलन ने साहसिक निर्णय लिया ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तकनीक से किया जाएगा।जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी अनुसार 4 सितंबर को जिला अस्पताल कोण्डागांव में सावित्री का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन थिएटर में डॉ. एस. नगुलन के साथ डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. अनिल देवांगन, डॉ. कृष्णा मरकाम मौजूद थे। ओटी हेड नर्स स्वप्नप्रिया, स्टाफ नर्स पुष्पलता कुंवर, हेमंत मंडावी, संजना जैन, रामेश्वरी, अर्चना, साधना और रीना ने भी अहम भूमिका निभाई। करीब तीन घंटे चले इस ऑपरेशन में सावित्री की खराब किडनी को सफलतापूर्वक निकाला गया। यह ऑपरेशन पूर्णत: सफल रहा और अब सावित्री तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। किडनी के सफलतापूर्वक इलाज के बाद सावित्री ने कहा"पहले लगा कि गरीबी और बीमारी ने मेरी जिंदगी खत्म कर दी है। लेकिन जिला अस्पताल और आयुष्मान कार्ड ने मुझे नया जीवन दिया है।"प्रशासन की दूरदर्शिता और टीमवर्कइस सफलता के पीछे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की योजनाबद्ध मेहनत भी है। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दे रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी और सिविल सर्जन डॉ. प्रेम मंडावी के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक ऑपरेशन संभव हुआ।यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं। राज्य सरकार का विजन है कि अब इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।पहले बस्तर अंचल के लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशाखापत्तनम, रायपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करते थे, लेकिन अब जिला स्तर पर ही आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोण्डागांव जिला अस्पताल में हुआ यह लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन इसी दिशा में मील का पत्थर है।
- रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज जगदलपुर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ पावर हाउस चौक स्थित सब स्टेशन से अपनी यात्रा पर निकला है। इस रथ का उद्देश्य शहर और आस-पास के गांवों में घूमकर लोगों को जागरूक कर इस योजना के लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना है।इस अवसर पर वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि यह योजना लोगों को बिजली के बिल से राहत दिलाने में सहायक होगी। यह केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा भी 30 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। इससे लोगों को अपने घरों में सोलर पैनल लगाना आसान हो गया है। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव और महापौर श्री संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
- -महिलाओं और बच्चों के पोषण पर ध्यान देने के निर्देश-विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंरायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जशपुर स्थित जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बठैक लेकर दोनों विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता के हित में योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर मुख्यमंत्री जी का गृह जिला है। इसे आदर्श जिले के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्भवती एवं शिशुवती माताओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराया जाए तथा रेडी-टू-ईट और टीएचआर वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए कहा कि बरसात के दिनों में विषैले जीव-जंतु का खतरा अधिक रहता है, इसलिए प्रत्येक केंद्र की नियमित सफाई की जानी चाहिए। उन्हांेने बच्चों और अभिभावकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की भी बात कही। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जागरूकता के लिए बेहतर नीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में महिला और बच्चों को सुपोषित बनाना तथा कुपोषण को जड़ से समाप्त करना ही सरकार का लक्ष्य है।बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर बच्चों को पोषण के साथ-साथ औपचारिक शिक्षा का भी ज्ञान दें। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने बुजुर्गों और दिव्यांगों तक सभी शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने और नशा मुक्ति अभियान को व्यापक रूप से चलाने पर बल दिया। बैठक में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ,समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती अर्चना राणा सेठ, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
- -स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर दें विशेष जोर: वन मंत्री श्री केदार कश्यप-वन आधारित रोजगार सृजन एवं वनों के संरक्षण हेतु कार्ययोजना के अनुरूप करें पहलरायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज जगदलपुर स्थित वन विद्यालय के सभाकक्ष में वन विभाग के विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वृक्षारोपण, कूप कटाई, निर्माण कार्य, राजस्व संग्रहण, वनों के संरक्षण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, ग्रामीणों की आय में वृद्धि के लिए विभाग द्वारा संचालित प्रयासों की गहन समीक्षा की गई। वन मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में कहा कि वनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों विशेषकर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाए। इस दिशा में कार्ययोजना के अनुरूप वृक्षारोपण, सयुंक्त वन प्रबंधन और समुदाय की सहभागिता से वनों की देखभाल और प्रबंधन के लिए व्यापक प्रयास किया जाए। साथ ही लाख पालन, वनोत्पाद पर आधारित प्रसंस्करण एवं ईको टूरिज्म के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाए।बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण अभियान के तहत लाखों पौधे रोपे जा चुके हैं, जबकि कूप कटाई और निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है। राजस्व संग्रहण में वृद्धि दर्ज की गई है और मालिक मकबूजा योजना के माध्यम से वनवासियों को उनके अधिकार सुनिश्चित किए जा रहे हैं। जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लघु वनोपज संग्रहण और वैकल्पिक आजीविका स्रोतों पर फोकस किया गया, ताकि ग्रामीणों की आय दोगुनी हो सके।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि वनोपज वनवासियों की आजीविका का आधार है। इको टूरिज्म और वनोपज प्रसंस्करण के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दें। बस्तर कई दशकों से माओवाद से पीड़ित रहा है, किंतु अब माओवाद के साए से बाहर आ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विभिन्न पर्यटन स्थानों पर सुविधाएं प्रदान करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। पर्यटन स्थानों के विकास में स्थानीय परंपराओं का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज के प्रसंस्करण का लाभ स्थानीय युवाओं को मिले। नीलगिरी और अकेशिया के विदोहन के लिए आवश्यक नीति निर्माण हेतु तत्परता से कार्य करें। वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के पश्चात तत्काल वृक्षारोपण करें। वनमंत्री श्री कश्यप ने बैठक में वृक्षों की कटाई और अवैध परिवहन पर नजर रखने और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वन भूमि पर अतिक्रमण पर त्वरित कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वनौषधि के संरक्षण के साथ ही वैद्यों के परंपरागत ज्ञान का उपयोग कर उनकी भूमि में वनौषधियों का रोपण करें तथा वन भूमि के तालाबों का उपयोग मछली पालन हेतु करें और स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ ही पौधों की देखभाल और वृक्षों का संरक्षण हमारा दायित्व है। इस दायित्व का निर्वहन भली भांति करें। योजना बनाकर कार्य को पूर्ण करें।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में माओवाद के खात्मे के बाद विकास की नई लहर चल रही है और वन विभाग को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। वन मंत्री श्री कश्यप ने बस्तर के नियद नेल्लानार योजना क्षेत्रों में वन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने सहित नियमित रूप से मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही।बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री अरुण पाण्डे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ओपी यादव, मुख्य वन संरक्षक श्री आरसी दुग्गा, मुख्य वन संरक्षक कांकेर श्री दिलराज प्रभाकर, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी जगदलपुर सुश्री स्टाइलो मंडावी, तीनों वन वृत्त के सभी वन मंडलाधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी उपस्थित रहे।
- -छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गौरव गाथा पर आधारित है संग्रहालय- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव पर करेंगे संग्रहालय का शुभारंभ-संग्रहालय निर्माण का कार्य 30 सितम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य-प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने की निर्माण कार्यो की समीक्षारायपुर । नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय लगभग बनकर तैयार हो गया है। देश का पहला डिजिटली संग्रहालय होगा, जहां छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव गाथा एवं योगदान की जीवंत झांकी देखने को मिलेगी। यह संग्रहालय आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, परिसर में तैयार हो रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान इस संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय की निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और 30 सितम्बर तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा एवं रानी गाइडल्यू की मूर्ति लगाने और संग्रहालय के फर्श पर ट्राईबल कलाकारों की आर्ट्स को अंकित करने के साथ ही संग्रहालय की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी निगम के संचालक डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हीना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी और निविदाकार उपस्थित थे।डिजिटल स्क्रीन पर मिलेगी जनजातीय विद्रोहों की झलकशहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन होगा।शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित यह संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली रूप से तैयार किया जा रहा है। आगंतुक डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से आदिवासी विद्रोहों की जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल फोन के जरिए भी क्यू आर कोड स्कैन के जरिए देखी जा सकेगी। स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध रहेगी।सेल्फी प्वाइंट और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष इंतजामसंग्रहालय में पर्यटकों एवं आगंतुको के लिए आदिवासी विद्रोहों से संबंधित कॉफी टेबल बुक भी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा संग्रहालय में आगंतुकों के लिए भी सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। यहां आने वाले सीनियर सिटीजन और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष सुविधाओं का भी इंतजाम किया जा रहा है।
- -40 हजार से अधिक खिलाड़ी लेंगे भाग, 11 खेलों में दिखाएंगे कौशलरायपुर । उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आज आयोजित बैठक में पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बस्तर ओलंपिक का वृहद आयोजन करने इसकी रुपरेखा और व्यवस्थागत तैयारियों पर गहन चर्चा की गई। आगामी अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले बस्तर ओलंपिक में तीन स्तरों विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें बस्तर संभाग के सातों जिलों और 32 विकासखंडों के 40 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव श्री सुखनाथ अहिरवार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा कीउप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह संगठित रूप से बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार इन रचनात्मक पहलों से बस्तर में भयमुक्त वातावरण बनाकर युवाओं को खेल और उत्सव से जोड़ना चाहती है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पुख्ता कार्ययोजना तैयार करते हुए आयोजन के ध्येय वाक्य ‘करसाय ता बस्तर बरसाय ता बस्तर’ (खेलेगा बस्तर जीतेगा बस्तर) को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। श्री साव ने यूथ आइकॉन घोषित किए गए पिछले वर्ष के विजेता खिलाड़िय़ों, बस्तर संभाग के सभी खेल अधिकारियों, पी.टी.आई., पंचायत सचिवों, ‘बिहान’ की महिलाओं और खेल संघों को सक्रियता से जोड़कर बस्तर ओलंपिक को जन-जन तक पहुंचाने को कहा।उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा कीउप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक को यादगार बनाने सभी विभाग अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप जिम्मेदारियों का वहन करें। बस्तर के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी और सकारात्मक वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसमें बस्तर के सभी गांवों के सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चत करने को कहा। श्री शर्मा ने आयोजन की तैयारियों को मूर्त रूप देने जल्दी ही इससे जुड़े विभागों, अधिकारियों और संस्थाओं की बस्तर में भी बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए जिससे की तैयारियों को और गति दी जा सके।11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी, नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे अपना दमखमविकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों को शामिल किया गया है। जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं तथा सीनियर वर्ग में महिला और पुरूषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे।
- -उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की-कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अगली बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध व कार्यादेश संबंधी सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने कहा-सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश, बरसात के तुरंत बाद युद्धस्तर पर करें सड़कों की मरम्मतरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में शासन द्वारा स्वीकृति प्राप्त सड़क निर्माण के कार्यों के लिए जरूरी भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर के साथ मिलकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही उन्हें निर्धारित समय पर पूरा करने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क, सेतु और भवन निर्माण की सभी परियोजनाओं के कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता व गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त सभी कार्यों में तेजी से भू-अर्जन कर निविदा की कार्यवाही पूर्ण करने और यथाशीघ्र कार्यारंभ करने को कहा।भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – श्री अरुण सावउप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में मौजूद सेतु बंध तथा सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी मंजूरी तत्परता से प्रदान करें। उन्होंने डीपीआर बनाते समय ही परियोजना का अच्छे से मूल्यांकन करने को कहा ताकि बजट और कार्य पूर्णता के लिए निर्धारित समय के पुनरीक्षण की जरूरत न पड़े। उन्होंने बरसात के तुरंत बाद प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिसम्बर तक सभी जिलों में मरम्मत का काम पूर्ण करने को कहा।श्री साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को अगली समीक्षा बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध और कार्यादेश से संबंधित सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सड़कों पर पेच रिपेयर के लिए कार्ययोजना के अनुसार अनुबंध एवं कार्यादेश की स्थिति, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा ए.डी.बी. के अपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
- -विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर:गांव-गांव तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों में हितग्राही मूलक कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की गई।प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने नक्सल प्रभावित जिलों में मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, जनधन खाता, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आधार कार्ड सहित अन्य हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की।बैठक में बताया गया कि एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में लगभग 99 प्रतिशत से अधिक लोगों का आधार पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार लगभग 28 लाख 18 हजार 616 किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पंजीकरण कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 26 लाख 21 हजार 491 हितग्राहियों के बैंक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 35 लाख 66 हजार 409 हितग्राहियों को गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं। क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न बैंकों और डाकघरों की शाखाएं खोली जा रही हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राशन कार्ड बनाए गए हैं।बैठक में प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी पात्र मनरेगा हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु उनका जॉब कार्ड अवश्य प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए जाएं।उन्होंने निर्देश दिया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत शेष हितग्राहियों का शीघ्र सर्वे कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास योजना के तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाए। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की भवन-विहीन शालाओं के भवन शीघ्र निर्मित किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में हों।वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आयुक्त बस्तर संभाग तथा पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सहित बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल थे।
- बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में मारे गए दो नक्सलियों के शव बरामद हो चुके हैं। जबकि, एक राइफल सहित अन्य हथियार और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। सुरक्षाबलों का ऑपरेशन अभी भी जारी है।गुरुवार रात से हुआ था सर्च ऑपरेशन शुरूपुलिस के अनुसार, नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने गुरुवार की रात से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। वहीं, आज शुक्रवार की सुबह करीब 6 बजे दक्षिण-पश्चिमी बीजापुर के घने जंगलों में संयुक्त टीम ने माओवादियों को घेर लिया। जवाबी कार्रवाई में माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। लगभग दो घंटे चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया।मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने सर्च के दौरान दो माओवादियों के शव बरामद किए। इनके पास से एक 303 राइफल, एक एसएलआर, कुछ देसी हथियार और भारी मात्रा में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) मिले।इसके अलावा, दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे चावल, दवाइयां और प्रचार सामग्री भी बरामद हुई। पुलिस को शक है कि मारे गए माओवादी स्थानीय दस्ते के सदस्य हो सकते हैं। लेकिन, उनकी पहचान अभी जारी है।ऑपरेशन सफल रहायह घटना बीजापुर के उन इलाकों में हुई, जहां माओवादी लंबे समय से सक्रिय हैं। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया, “ऑपरेशन सफल रहा है। लेकिन, अभी खतरा बरकरार है, इसी कारण सर्च जारी रखी गई है।”उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन में शामिल बलों की संख्या, सटीक स्थान जैसी संवेदनशील जानकारियां अभी साझा नहीं की जा सकतीं, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे। किसी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की खबर नहीं है।बता दें कि बीजापुर छत्तीसगढ़ का वह जिला है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रमुख है। यहां के जंगल माओवादियों के लिए छिपने का सुरक्षित ठिकाना बने हुए हैं। इस साल अब तक राज्य में कई ऐसी मुठभेड़ें हो चुकी हैं, जिनमें कई नक्सली मारे गए हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी के डंगनिया औषधालय द्वारा विद्युत कर्मियों के लिए निःशुल्क न्यूरो एवं ऑर्थो शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर मे तीनों कंपनियों जनरेशन , ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन के कर्मियों ने न्यूरो एवं ऑर्थो के विशेषज्ञों से परामर्श एवं चिकित्सा के संबंध मे जानकारी प्राप्त की। लगभग 100 कर्मियों ने इस शिविर का लाभ उठाया। डगनिया औषधालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ एच एल पंचारी ने बताया कि शिविर में बीपी,शुगर,हार्टरेट,एसपीओटू एवं बीएमडी टेस्ट किये गए। विद्युत कंपनी के अधिकारी,कर्मचारी,पेंशनर्स एवं आश्रित परिवरजनों को निःशुल्क परीक्षण की सुविधा प्राप्त हुई। परीक्षण एवं जाॅच में आस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त पीड़ितों की संख्य अधिकतम थी। यह शिविर ग्लोबल स्टार हाॅस्पिटल रायपुर से आए डाॅ प्रकाश अग्रवाल एमएस (ऑर्थो) एवं डाॅ संजीव गुप्ता एमसीएच (न्यूरो सर्जन) के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ इंदू साहू एवं चिकित्सा अधिकारी डाॅ श्वेता जैन उपस्थित थी।
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बिलासपुर/प्रति वर्ष की भांति इस साल भी जिले में 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाएगा। जिला स्तरीय आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए 15 सितम्बर को अपरान्ह 3 बजे ओल्ड कम्पोजिट बिल्डिंग कक्ष क्रमांक 4 स्थित संयुक्त संचालक समाज कल्याण कार्यालय में बैठक आयोजित की गई है। वरिष्ठ नागरिकों हेतु संचालित समाज सेवी संस्थाएं, पेंशनर संगठन एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं को बैठक में आमंत्रित किया गया है। समारोह में 1 अक्टूबर को वृद्धजनों का सम्मान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण, वित्तीय संरक्षण कार्यशाला, माता पिता भरण अधिनियम 2007 तथा खेलकूद प्रतियोगिता आयोजन के संबंध में विचार विमर्श किया जाएगा। संयुक्त संचालक टीपी भावे ने बैठक में शामिल होने अधिकाधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियांे को अनुरोध किया है।
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0संस्कृति विभाग अध्यक्ष व वार्ड 57 पार्षद अमर गिदवानी ने वार्ड क्षेत्र में आवश्यक कार्यों के सम्बन्ध में किया निरीक्षण,दिए निर्देश
रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष और पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के पार्षद श्री अमर गिदवानी ने नगर निगम जोन क्रमांक 4 अंतर्गत पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के अंतर्गत प्रगतिरत विकास और निर्माण कार्यों की प्रगति का कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह और उपअभियंता श्री रंजीत बारवा की उपस्थिति में प्रत्यक्ष निरीक्षण कर निर्माण कार्य को शीघ्र जनहित में पूर्ण करवाने के निर्देश सम्बंधित अनुबंधित ठेकेदार श्री शिवेंद्र गुप्ता को दिए.निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष और वार्ड 57 पार्षद श्री अमर गिदवानी ने पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्षेत्र के अंतर्गत आवश्यक कार्यों के सम्बन्ध में कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह और उपअभियंता श्री रंजीत बारवा की उपस्थिति में विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए. -
रायपुर- नगर पालिक निगम रायपुर के जल कार्य विभाग के कार्यपालन अभियंता ( फिल्टरप्लांट ) श्री नर सिंह फरेन्द्र ने जानकारी दी है कि 150 एमएलडी फिल्टरप्लांट के रॉ वाटर 1400 एमएम व्यास की एच.एस. राईजिंग पाईप लाईन में भाठागांव चौक के पास लीकेज की मरम्मत हेतु 10 घंटे का शटडाउन दिनांक 12 सितम्बर 2025 शुक्रवार को रात्रि में लिया जाना है। उक्त मरम्मत कार्य करने के कारण 150 एम.एल.डी. फिल्टरप्लांट से भरने वाली टंकियों भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डी.डी. नगर, ईदगाहभाठा, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मण्डी, मोवा, सडडू, दलदल सिवनी, रामनगर, कचना, आमासिवनी, देवपुरी, बोरियाखुर्द, जोरा, भनपुरी नया, रायपुरा, कुकुरबेड़ा एवं नया 80 एम.एल.डी. प्लांट से भरने वाली टंकियों बैरन बाजार नया, देवेन्द्र नगर नया, संजय नगर एवं मोतीबाग टंकी से दिनांक 12 सितम्बर 2025 को शाम जलप्रदाय होने के पश्चात् दिनांक 13 सितम्बर 2025 को सुबह जलप्रदाय नही होगा। दिनांक 13 सितम्बर 2025 को शाम से जलप्रदाय नियमित रूप से होगा।
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रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरेया के जन्मदिवस दिनांक 15 सितम्बर 2025 को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी सिविल लाईन में स्थित उनके मूर्ति स्थल पर उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।
पुष्पांजलि आयोजन हेतु नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग की ओर से रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 जोन कमिश्नर को पीडब्ल्यूडी कॉलोनी सिविल लाईन में स्थित भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरेया के जन्मदिवस दिनांक 15 सितम्बर 2025 को उनके मूर्ति स्थल और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलों की पंखुडियां आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्था करवाने निर्देशित किया गया है।






















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