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- -अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला जशपुर जिले के 1632 रामभक्तों कोरायपुर,। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ की गई श्री रामलला दर्शन योजना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में स्थित भगवान श्री रामलला के दर्शन का सुअवसर प्रदान करना है। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।जशपुर जिले में योजना प्रारंभ से अब तक 1632 रामभक्तों ने अयोध्या जाकर भगवान श्री राम का दर्शन लाभ ले चुके हैं। जिसमें जनपद पंचायत क्षेत्र जशपुर से 134 जनपद पंचायत क्षेत्र मनोरा से 95 रामभक्त शामिल हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत क्षेत्र बगीचा से 168, नगर पालिका क्षेत्र जशपुर से 83, नगर पंचायत क्षेत्र बगीचा से 58, जनपद पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 172, जनपद पंचायत क्षेत्र दुलदुला से 110, जनपद पंचायत क्षेत्र फरसाबहार से 179, नगर पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 109, जनपद पंचायत क्षेत्र पत्थलगांव से 220, जनपद पंचायत क्षेत्र कांसाबेल से 165 राम भक्त शामिल हैं स नगर पालिका क्षेत्र पत्थलगांव से 82 और नगर पंचायत क्षेत्र कोतबा से 57 रामभक्त अयोध्या में भगवान श्री राम का दर्शन कर चुके हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलता है, जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहती है।छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है, यहां के लोग उन्हें भांचा राम के नाम से भी जानते हैं। भगवान श्री राम के प्रति आस्था प्रदेश के कण-कण में व्याप्त है। अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन के बाद लोग अपने आप को धन्य महसूस करते हैं। दर्शन के बाद रामभक्तों के चेहरे पर झलकती संतुष्टि और आत्मिक खुशी शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार के प्रति कृतज्ञता का भाव उनमें साफ झलकता है। श्री रामलला दर्शन योजना प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और श्री राम के आदर्शों को सामाजिक चेतना में पुनः स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन रही है। ट्रेन रवाना करते समय बजते भजन, भगवान श्री राम की जयकारे की गूंज, यात्रियों के चेहरे से झलकती खुशी आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण रचते हैं।श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धा, आस्था और भक्ति का ऐसा आध्यात्मिक अभियान है, जो छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में नए उत्साह और विश्वास का संचार कर रहा है। यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई, जो उनकी दूरदर्शिता और लोककल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीरामलला के जन्मस्थान के दर्शन कर चुके हैं।श्री रामलला दर्शन योजना केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि भगवान श्री राम के प्रति आस्था और उनके आदर्शों को अपने जीवन मूल्य में अपनाने की एक पहल भी है।
- -कचरा संग्रहण से बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता बलरामपुररायपुर।स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के साथ ही बाजार परिसर, समुदायिक स्थलों, चौक-चौराहों की साफ-सफाई कार्य जारी है। इसी कड़ी में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के ताम्बेश्वरनगर के बाजार परिसर में सफाई करते हुए कचरा संग्रहण किया गया।ग्रामीण एवं नगरीय निकाय में डोर-टू-डोर सूखा एवं गीला कचरा घरों से एकत्रित किया जा रहा है, ताकि कचरे का निपटारा योजनाबद्ध तरीके से किया जा सके। समूहों की महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को क्रियान्वयन कर रही हैं। साथ ही दीदियों के द्वारा जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये आम नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन के महत्वों को बताते हुए गीले एवं सूखे कचरे को अलग करने के बारे में जानकारी देते हुए अपने आस-पास के क्षेत्र में सफाई रखने का आग्रह किया गया।स्वच्छाग्राही दीदियां बताती है कि पहले लोग कचरा लेने पर गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है। लोगों को समझ है कि गिला और सूखा कचरा अलग करने में सफाई में आसानी होती है। साथ ही बिमारियों से बचाव भी होता है। वे बताती हैं कि हम महिलाएं पहले सिर्फ अपने घरों का ही काम करती थी। लेकिन अब गांव, शहर का साफ-सफाई का जिम्मा भी हमें मिला है। इससे हमें आय भी मिलती है। शासन-प्रशासन का प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मंशानुरूप स्वच्छता के क्षेत्र में जिला, राज्य, देश मिसाल बने। इसके लिए हर नागरिक को स्वच्छता के क्षेत्र में सहयोग करते हुए सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी,सीधे खाते में राशि मिलने से बढ़ रहा आत्मविश्वासरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार की महतारी वंदन योजना से उन्हें हर महीने सीधे खाते में आर्थिक सहायता मिल रही है, जिसके कारण वे आज महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। कबीरधाम जिले के ग्राम चिमरा की महिला श्रीमती सरोज साहू के जीवन में इस बार तीज का त्यौहार खास बन गया है। कुछ समय पहले तक सरोज को घर के छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी अपने पति से पैसे मांगने पड़ते थे। गांव की यात्रा हो या बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी खर्च, हर बार उन्हें इंतजार करना पड़ता था। लेकिन जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने महतारी वंदन योजना शुरू की, उनकी जिंदगी बदल गई। अब राशि सीधे उनके खाते में आती है, जिससे वे बिना किसी झिझक के अपनी जरूरतें पूरी कर पा रही हैं।श्रीमती सरोज साहू इस तीज पर खास खुशी से झूम रही हैं। कुछ समय पहले तक तीज का त्यौहार उनके लिए केवल घर-परिवार तक सीमित था, लेकिन महतारी वंदन की राशि से इस बार उन्होंने तीज के अवसर पर अपने लिए श्रृंगार का सामान, मायके वालों के लिए मिठाई और बच्चों के लिए खाने की वस्तुएं खरीदी है। सरोज बताती हैं कि अब मैं न केवल मायके जा रही हूँ, बल्कि अपने परिवार के लिए कुछ खास ले जाने की खुशी भी है। यह मेरे लिए तीजा का सबसे बड़ा तोहफा है। सरोज के चेहरे की चमक और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि आज वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं। तीज का त्यौहार अब उनके लिए केवल धार्मिक और पारंपरिक पर्व ही नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का उत्सव बन गया है।यह कहानी केवल सरोज तक सीमित नहीं है। महतारी वंदन योजना ने जिले और प्रदेश की हजारों ग्रामीण महिलाओं को तीज जैसे पारंपरिक त्यौहारों पर आत्मनिर्भरता का अहसास कराया है। महिलाएँ अब परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में साझेदारी निभा रही हैं और अपने पैसों से अपने प्रियजनों के लिए कुछ कर पाने की गर्व भरी खुशी उनके जीवन में नए रंग भर रही है। तीज का यह पर्व महतारी वंदन योजना के कारण महिलाओं के आत्मसम्मान और स्वावलंबन का पर्व बन चुका है।
- रायपुर। देश के सामाजिक सुरक्षा ढाँचे को और सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए SPREE 2025 योजना (Scheme for Promotion of Registration of Employers and Employees) की शुरुआत की है। यह विशेष पंजीकरण अभियान 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसके तहत नियोक्ताओं और श्रमिकों को ईएसआई (Employees' State Insurance) योजना से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताते हुए कहा, “हमारी सरकार सभी श्रमिकों के लिए उदार और व्यापक सामाजिक सुरक्षा जाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।”इस योजना का उद्देश्य लाखों असंगठित, अस्थायी और ठेका श्रमिकों को ईएसआई दायरे में लाना है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं, मातृत्व सहायता, आर्थिक सुरक्षा और अन्य सामाजिक लाभों का लाभ मिल सके। नियोक्ताओं के लिए भी कई राहतें दी गई हैंकृ पिछले बकाया अंशदान पर कोई पेनल्टी या मांग नहीं होगी, पुराने मामलों में निरीक्षण नहीं होगा और पंजीकरण उसी तारीख़ से मान्य होगा जो नियोक्ता घोषित करेगा।अभियान का विशेष जोर छत्तीसगढ़ पर है, जहाँ ईएसआईसी (ESIC) अपने क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग के माध्यम से जागरूकता अभियान, हेल्प डेस्क और संगोष्ठियों का आयोजन कर रहा है। 10 या अधिक कर्मचारियों वाले वे नियोक्ता, जो अब तक ईएसआई अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों को शामिल नहीं किया है, वे ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल या एमसीए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।रायपुर स्थित ईएसआईसी के उपनिदेशक श्री रत्नेश राजन्य ने कहा, SPREE 2025 नियोक्ताओं के लिए स्वैच्छिक रूप से अनुपालन करने और अपने श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा, मातृत्व सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ दिलाने का सुनहरा अवसर है। हमारा प्रयास इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सभी हितधारकों के लिए लाभकारी बनाना है।”इसके साथ ही, सरकार ने अमनेस्टी स्कीम 2025 को भी मंजूरी दी है, जो 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके तहत नियोक्ताओं को ईएसआई अधिनियम से संबंधित विवादों और लंबित मुकदमों का निपटारा करने का एकमुश्त अवसर मिलेगा। ईएसआईसी ने प्रदेश के उद्योगों, एमएसएमई, सेवा क्षेत्र की इकाइयों और व्यापारिक संगठनों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाएँ। पंजीकरण के लिए नियोक्ता वेबसाइटwww-esic-gov-inपर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-2526 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार माना स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवालरायपुर, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रयासों से स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) की 8वीं बैठक में चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र में सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए आधुनिक संयंत्र स्थापित करने तथा संयंत्रों के उन्नयन एवं विकास की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर कुल 6 करोड़ 26 लाख 27 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे।स्वीकृत परियोजना के तहत सूखे कचरे के लिए उन्नयन एवं विकास हेतु 12 एमआरएफ प्लांट तथा गीले कचरे हेतु 12 नवीन विंड्रो कंपोस्ट प्लांट की स्थापना की जाएगी। संयंत्र निर्माण, उपकरण लागत और अतिरिक्त कार्यों को मिलाकर परियोजना की कुल लागत 4 करोड़ 51 लाख रुपए होगी, जबकि पांच साल के संचालन व संधारण पर 1 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बड़ी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का क्षेत्र की जनता की तरफ से आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि इस परियोजना के जरिए चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में कचरा निस्तारण और रीसाइक्लिंग को नई दिशा मिलेगी। इससे शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
- -तीन गांवों के हजारों लोग हो रहे लाभान्वित, ग्रामीण विकास को मिली गतिरायपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में बहतराई से परसाही व्हाया बिजौर तक 6.400 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत से हुआ है। इस सड़क ने क्षेत्र के ग्रामीणों को जर्जर सड़क की समस्या से मुक्ति दिला दी है। सड़क निर्माण से रहवासियों को आवागमन में सुविधा हो रही है। सड़क निर्माण से तीन गांवों के हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह सड़क पूरी तरह गड्ढों से भरी और उखड़ी हुई थी। वर्ष 2023 में सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हुआ, अच्छी गुणवत्ता और लगातार मेंटेनेंस के कारण सड़क अच्छी स्थिति में है। पहले बारिश के दिनों में कीचड़ और पानी भरने से मार्ग और भी दुर्गम हो जाता था। स्कूल जाने वाले बच्चों, बीमार लोगों और शहर में कामकाज के लिए जाने वाले ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।स्थानीय किसान सहदेव कौशिक ने बताया सड़क बनने से हमें फसल शहर तक ले जाने में बहुत सुविधा होती है, पहले खराब रास्ते के कारण ट्रॉली और वाहन फँस जाते थे, जिससे समय और पैसा दोनों का नुकसान होता था। अब सीधा शहर से जुड़ाव हो गया है। वहीं छात्र युग भार्गव का कहना है कि अब उन्हें विद्यालय आने-जाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़या और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो गया है। गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए “जीवन रेखा”की तरह है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क बन जाने से बहतराई, परसाही और बिजौर क्षेत्र के ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी झलक रही है। आवागमन आसान हो गया है, समय की बचत हो रही है, और दुर्घटनाओं में कमी आ गई है साथ ही, किसानों को अपनी फसल बिना रुकावट के सीधे शहर तक ले जाने में अब सुविधा हो रही है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना रू ग्रामीण विकास की जीवनरेखाभारत सरकार ने 25 दिसंबर 2000 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्रामीण इलाकों को सड़कों से जोड़ने का सपना देखा था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 500 या उससे अधिक आबादी वाले गाँवों (पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 आबादी वाले गाँव) को हर मौसम में उपयोगी सड़कों से जोड़ना है। इसके तहत सड़कों का न सिर्फ निर्माण किया जाता है, बल्कि उनकी देखरेख और रख-रखाव की भी जिम्मेदारी तय की जाती है ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक सुविधा मिल सके।
- -लोगों की समस्या व शिकायत का निराकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजनरायपुर ।आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले के आदिवासी बाहुल्य 46 ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी -कर्मचारी द्वारा लोगों की समस्या एवं शिकायतों का निरकारण करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से अभियान के सम्बन्ध में जरूरी निर्देश दिये।कलेक्टर ने कहा कि सभी सम्बधित विभाग योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने मिशन मोड़ में काम करें। फिल्ड में कर्मचारियों की मौजूदगी हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करें। स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ें।बताया गया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 46 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी कराया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जाएंगे जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी एयर जनभागीदारी को बढ़ावा देने का केंद्र बनेंगे। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयं सेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत विकास कार्य तीन स्तर पर क किया जाएगा जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना है। इसमें प्रशासनिक अमले से जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी।आदि सहयोगी ग्राम स्तर पर कार्य करेंगे जिसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया जैसे व्यक्ति ग्राम के विकास की रूपरेखा व्यक्तिगतमूलक, पारिवारिकमूलक एवं समुदाय मूलक अनुसार तैयार करेंगे। तीसरे क्रम पर आदि साथी होंगे जिन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा पिछड़े और जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य को नई दिशा देने हेतु एक नई पहल की गई है जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान”नाम दिया गया है। कार्यशाला में डीएफओ धम्मशील गणवीर सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 862.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1256.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 428.8 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 732.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 612.0 मि.मी., गरियाबंद में 725.0 मि.मी., महासमुंद में 639.1 मि.मी. और धमतरी में 767.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 830.7 मि.मी., मुंगेली में 814.0 मि.मी., रायगढ़ में 1018.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1013.8 मि.मी., सक्ती में 893.3 मि.मी., कोरबा में 841.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 843.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 706.0 मि.मी., कबीरधाम में 596.2 मि.मी., राजनांदगांव में 770.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1076.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 646.2 मि.मी. और बालोद में 925.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 617.2 मि.मी., सूरजपुर में 953.3 मि.मी., जशपुर में 861.0 मि.मी., कोरिया में 981.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 875.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1247.0 मि.मी., कोंडागांव में 792.1 मि.मी., कांकेर में 1002.7 मि.मी., नारायणपुर में 1068.8 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1178.8 मि.मी., सुकमा में 924.9 मि.मी. और बीजापुर में 1137.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- -432 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा-दौड़, कूद और गोला फेंक स्पर्धाओं में दिखाएंगे दमखमरायपुर। सरगुजा संभाग स्तरीय दो दिवसीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता (एथलेटिक्स) का शुभारंभ आज पीजी कॉलेज खेल मैदान में कलेक्टर श्री विलास भोसकर द्वारा किया गया। कलेक्टर श्री भोसकर ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर की ये प्रतियोगिताएं प्रतिभाओं को निखारने और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, निष्ठा और निरंतर अभ्यास के साथ खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।इस प्रतियोगिता में संभाग के सभी जिलों से 14, 17 एवं 19 वर्षीय बालक-बालिकाओं सहित कुल 432 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय प्रतियोगिता के अंतर्गत एथलेटिक्स की विभिन्न विधाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दौड़ वर्ग में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3 हजार मीटर एवं 5 हजार मीटर दौड़ शामिल हैं। इसी प्रकार फेंक स्पर्धा में गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक एवं हमर फेंक का आयोजन होगा। वहीं कूद स्पर्धा में लंबी कूद, ऊंची कूद तथा ट्रिपल जंप (त्रिकूद) की प्रतियोगिताएं होंगी। प्रतियोगिता की शुरुआत 400 मीटर दौड़ से हुई, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव कविता पाठ समारोह में हुए शामिल, कहा कविता से देश और समाज के लिए काम करने की मिलती है प्रेरणा-'एक भारतीय आत्मा’ के नाम से मशहूर श्री माखनलाल चतुर्वेदी ने वर्ष 1922 में बिलासपुर जेल में लिखी थी 'पुष्प की अभिलाषा'रायपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध कवि स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित कालजयी कविता ’पुष्प की अभिलाषा’ का आज केन्द्रीय जेल बिलासपुर में सामूहिक पाठ किया गया। स्वर्गीय श्री चतुर्वेदी ने बिलासपुर केन्द्रीय जेल में निरूद्ध रहने के दौरान 18 फरवरी 1922 को इस देशभक्तिपूर्ण काव्य की रचना की थी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में कैदियों ने इसका सामूहिक पाठ किया। केन्द्रीय जेल प्रशासन द्वारा एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र समूह के सहयोग से इस प्रेरणादायी कविता पाठ समारोह का आयोजन किया गया था। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सतीश जायसवाल तथा संपादक एवं कवि श्री देवेन्द्र कुमार सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कैदी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समारोह में ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से मशहूर साहित्यकार स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के इस ऐतिहासिक जेल में देशभक्त साहित्यकार श्री माखनलाल चतुर्वेदी के प्रति श्रद्धा एवं आदरभाव व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। देश के लिए बलिदान का क्या महत्व है, इस कालजयी रचना के जरिए बताया गया है। उन्होंने कहा कि एक फूल की इच्छा है कि वह सम्राट अथवा देवता के सिर पर नहीं, बल्कि उस मार्ग में सेनानियों के पैरों तले कुचला जाना मंजूर करता है जिस पथ से होकर सेनानी देश को आजाद करने की लड़ाई में आगे बढ़ें। यह देश के लिए महती त्याग और बलिदान की भावना है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री चतुर्वेदी की आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका थी। देशभक्ति की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी थी। वे 5 जुलाई 1921 से 1 मार्च 1922 तक सात माह 27 दिन इस जेल में निरूद्ध रहे। इसी जेल में रहकर उन्होंने 18 फरवरी 2022 को यह कालजयी रचना सेनानियों को सौंपी थी। बिलासपुर के साथ ही संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए यह कविता बड़ी धरोहर है। इससे हम सबको अच्छा काम करने की प्रेरणा मिलेगी।श्री साव ने कहा कि श्री माखनलाल चतुर्वेदी प्रकाण्ड विद्वान और देशभक्त थे। ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से उन्हें जाना जाता है। देश की आजादी के बाद उन्हें प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। ‘पुष्प की अभिलाषा’ शीर्षक से रचित कविता का एक-एक शब्द देशभक्ति के भावों से भरा हुआ है। यह हम सबको देश और समाज के लिए समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रेरित करता है। श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल और जेल अधीक्षक श्री खोमेश मंडावी भी समारोह में मौजूद थे।
- -प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित जिलों का भ्रमण कर राहत कार्यों का करें निरीक्षण - मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा के दौरान दिए दिशानिर्देशरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा) निवासी श्रीमती संध्या वर्मा का 68 वर्ष$ की आयु में आज आकस्मिक निधन हो गया। वे गैदराम वर्मा की पत्नी , मनोज , निवेदिता व रेणुका की माता थीं। उनका अंतिम संस्कार टेकारी मुक्तिधाम में किया गया ।
- रायपुर । वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बलौदाबाजार वनमण्डल द्वारा अवैध शिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। सिमगा परिक्षेत्र अंतर्गत कचलोन बीट में प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्यवाही में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 12 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।वनमण्डलाधिकारी श्री गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में उपवनमण्डलाधिकारी श्री निश्चल शुक्ला एवं परिक्षेत्र अधिकारी श्री बसंत खांडेकर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में आरोपी से जंगली सुवर का मांस, कत्तल, हंसिया, जंगली सुवर की अंतड़ी, जी.आई. तार, विद्युत तार एवं खूंटियां बरामद की गईं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सभी आरोपी संगठित रूप से अवैध शिकार की गतिविधियों में संलिप्त थे।गिरफ्तार आरोपी परमानंद निषाद (आयु 40 वर्ष, निवासी कचलोन) के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 एवं संशोधन अधिनियम 2022 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अपराध क्रमांक 1966/13 दिनांक 25 अगस्त 2025 कायम किया गया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।वनमण्डलाधिकारी श्री गणवीर धम्मशील ने कहा है कि वन्यप्राणी हमारे पर्यावरण एवं पारिस्थितिकीय संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। अवैध शिकार जैसे वन्य अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल विभाग को दें एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्य में सहयोग प्रदान करें।इस कार्रवाई में प्रशिक्षु वनपरिक्षेत्र अधिकारी श्री अनिरुद्ध कश्यप, उपवनक्षेत्रपाल श्रीमती सरिता एक्का, वनरक्षक रजनीश वर्मा, मनबोधन टंडन, वनपाल संतराम कुंद्रे, वनरक्षक राकेश ध्रुव, गोविंद सिंह पटले, वन चौकीदार इमेश्वर शर्मा सहित विभागीय अमले एवं सुरक्षा कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- रायपुर ।प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाकर हितग्राही अपने पक्के घर का सपना साकार कर रहे हैं। ऐसी ही एक हितग्राही नारायणपुर जिले की निवासी श्रीमती पार्वती पटेल अपने परिवार के साथ वर्षों से एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बरसात के मौसम में टपकती छत और मिट्टी की दीवारें उनके जीवन की रोजमर्रा की कठिनाइयों को और बढ़ा देती थीं। पार्वती की आय का एकमात्र स्रोत सब्जी बेचने का छोटा व्यवसाय था, जिससे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से हो पाता था।आर्थिक तंगी के चलते वे कभी भी पक्का घर बनवाने की सोच नहीं सकीं। लेकिन 2023 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हुई पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख मकानों को स्वीकृति दी गई। इसी के तहत् मोर जमीन मोर मकान अभियान शुरू किया गया, जो पार्वती के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया।सपनों का घर बना हकीकतनगरपालिका परिषद कार्यालय की सक्रिय भूमिका से उन्हें योजना में पंजीकृत किया गया। योजना के तहत केंद्रांश, राज्यांश और हितग्राही अंशदान के माध्यम से मकान निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही। कुछ ही महीनों में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। आज पार्वती पटेल अपने परिवार के साथ अपने नए पक्के घर में सुरक्षित, ससम्मान और खुशी-खुशी जीवन व्यतीत कर रही हैं। अब उन्हें बरसात का डर नहीं है, वे आत्मविश्वास से पक्के मकान में खुशी-खुशी परिवार के साथ निवास कर रही हैं।पार्वती बताती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना हमारे जैसे गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना हमें सिर्फ छत ही नहीं देती, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा की भावना भी देती है। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आभारी हूँ, जिन्होंने हमारे सपनों को साकार किया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत निजी अस्पतालों के लंबित क्लेम दावों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु प्रावधानित राशि में से 375 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है।वित्त विभाग द्वारा विमुक्ति आदेश जारी होने के साथ ही निजी अस्पतालों को उनके बकाया दावों का भुगतान होना शुरू हो गया है। इससे अस्पताल संचालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है तथा आम नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के सुचारू संचालन में लाभ मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि शासन नागरिकों के हितों के प्रति सजग हैं और निजी अस्पतालों को राशि को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं राज्य के प्राथमिक कार्यों में से है और लोकहित में मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए , शासन स्तर से अस्पतालों को भुगतान शुरू कर दिया गया है और शीघ्र ही समस्त बकाया राशि का भुगतान भी कर दिया जाएगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के एकात्म परिसर स्थित जिला कार्यलय में बुधवीर को विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करके प्रतिमा स्थापित की गई। पं. सतीश पाण्डेय के सान्निध्य में पूजन कार्यक्रम रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने सम्पन्न कराया।श्री गणेश पूजन कार्यक्रम में प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, रायपुर शहर जिला भाजपा उपाध्यक्ष अकबर अली, जिला मंत्री सोनू सलूजा, जयराम दुबे, रोहित भारद्वाज, विशाल शुक्ला, अश्विनी विश्वकर्मा, अनिल पुरोहित, युवराज धनगर, रोशन षड़ंगी, कुबेर साहू, ऋषि भास्कर, जितेन्द्र यादव सहित काफी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव , क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल , प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय , सांसद संतोष पांडेय सहित पदाधिकारियों ने शोक व्यक्त कियारायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने रायपुर की पूर्व प्रथम महिला विधायक के रूप में ख्यातिलब्ध रजनीताई उपासने के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। विदित रहे, बुधवार देर शाम अस्वस्थता के चलते अस्पताल में उपचार के दौरान रजनीताई का निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही भाजपा-परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने शोक संदेश में रजनीताई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका निधन हम सबके लिए उनके आत्मीय व ममत्वपूर्ण स्नेह की शीतल छाँह की अपूरणीय क्षति है। आपातकाल के दौरान अपने तीन बेटों की मीसा में हुई गिरफ्तारी के बावजूद उन्होंने जिस धैर्य, साहस और मुखरता के साथ उन प्रतिकूल परिस्थितियों का मुकाबला किया, वह एक प्रेरणास्पद अध्याय है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव ने कहा कि रजनीताई के देहावसान का दु:खद समाचार हृदय को विदीर्ण करने वाला है। उन्होंने जिस मुखर व्यक्तित्व के साथ आपातकाल के दिनों और उसके बाद भी संगठन कौशल की मिसाल पेश की, वह भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं को सदैव प्रेरित करेगी। परमपिता परमेश्वर उनकी पावन आत्मा को चिरशांति व परिजनों को यह गहन दु:ख सहने का धैर्य व सम्बल प्रदान करें।भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने रजनीताई के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में रजनीताई को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। अपने विधायक कार्यकाल में उन्होंने जिस विनम्रता और दृढ़ता के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन कर जनता के दिलों में अमिट छाप छोड़ी, वह जनप्रतिनिधियों के लिए सीख है।भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने रजनीताई के निधन को पार्टी की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि रजनीताई ने संगठन को खड़ा करने के लिए जो संघर्ष किया और आपातकाल के दिनों में जो कष्ट उठाए, उनसे उनके व्यक्तित्व की दृढ़ता और संगठन के प्रति उनके समर्पण की झलक हम सबने अनुभव की है।भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रय यशवंत जैन, अखिलेश सोनी व डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित भाजपा व मोर्चा-प्रकोष्ठों के सभी पदाधिकारियों व कार्यकताओं ने उन्हें अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।सांसद और मुख्य प्रवक्ता छत्तीसगढ़ भाजपा संतोष पाण्डेय ने अफने शोक संदेश में कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री सच्चिदानंद उपासने जी तथा वरिष्ठ पत्रकार श्री जगदीश उपासने जी की पूज्य माताजी श्रीमती रजनी ताई उपासने जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। जनसेवा एवं समाजहित में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ उपासने परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।
- रायपुर। रायपुर शहर की पूर्व विधायक श्रीमती रजनी ताई उपासने का 94 वर्ष की आयु में बुधवार को वी वाय अस्पताल में निधन हो गया।उनका जन्म 28 अप्रैल 1933 को महाराष्ट्र के परतवाड़ा में हुआ। उनका विवाह आकोट के श्री दत्तात्रेय प्रह्लाद उपासने के साथ हुआ। उनके चार पुत्र हैं जगदीश उपासने, सच्चिदानंद उपासने, गिरीश उपासने और हेमंत उपासने। वे प्रारंभ से ही भारतीय जन संघ की कार्यकर्ता रहीं। उनका पूरा परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों के लिए समर्पित रहा। रजनी ताई ने अन्याय और भ्रष्टाचार के विरुद्ध अनेक आंदोलन किए और जेल गर्इं । आपातकाल के दौरान रजनी ताई ने भूमिगत आंदोलन का सफल संचालन किया । उनके तीन पुत्र मीसा में जेल में बंद रहे । रजनी ताई ने अपने जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव देखे ।वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार में वे रायपुर शहर से विधायक चुनी गईं । इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शारदा चरण तिवारी को हराकर इतिहास रचा था। इसी के साथ वे रायपुर शहर से चुनकर आने वाली पहली महिला विधायक बनीं। वे समाज कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष रहीं। विभिन्न संगठन के पदों पर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने काम किया । महिला मोर्चे को खड़े करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कांग्रेस सहित भारतीय जनता पार्टी और अन्य दलों और राजकीय नेताओं के उनके घनिष्ठ संबंध रहे। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, विद्या चरण शुक्ल, अर्जुन सिंह , सुंदरलाल पटवा , वीरेंद्र कुमार सकलेचा, कैलाश जोशी सहित उस दौर के अनेक वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध रहे। यही कारण है कि कोरोना काल में देश केो प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने उन्हें फोन पर सीधे बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। रजनी ताई का राजनीतिक जीवन हमेशा सादगी और सेवा की भावना से जुड़ा रहा। जनता के बीच वे एक सहज और मिलनसार नेता के रूप में जानी जाती थीं। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने एक सादगीपूर्ण और समर्पित नेता को खो दिया है।
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0 कार्यकारिणी सदस्यों, समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं- सह संयोजिकाओं सहित सभासद भी परिचर्चा में आमंत्रित
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में गुरुवार, 28 अगस्त को सुबह 10:30 बजे खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया है। परिचर्चा का विषय ‘अगले 10 वर्षों में महाराष्ट्र मंडल’ रखा गया है। परिचर्चा में कार्यकारिणी सदस्यों, विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं व सह संयोजिकाओं के साथ- साथ आजीवन सभासद भी शामिल होकर महाराष्ट्र मंडल को लेकर अपनी परिकल्पनाओं को साझा कर सकते हैं।मंडल के मुख्य समन्वयक व परिचर्चा के संयोजक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि इससे पहले भी करीब 10 साल पहले महाराष्ट्र मंडल में ‘विजन 2020’ परिचर्चा आयोजित की गई थी। उसमें तमाम पदाधिकारियों, सभासदों के साथ कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से मिले सुझावों में अधिकांश पर अमल किया भी जा चुका है। महाराष्ट्र मंडल के लिए अगले 10 साल बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि एक दशक के बाद साल 2035 में महाराष्ट्र मंडल अपना शताब्दी वर्ष मनाएगा।खंगन ने कहा कि पिछली परिचर्चा के अनुरूप इस बार भी सभी वक्ताओं की ओर मिलने वाले विचारों को संकलित और सहेजा जाएगा। उन सुझावों पर कब और कैसे अमल किया जाएगा, इस पर कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक में चर्चा भी की जाएगी। मुख्य समन्वयक के अनुसार करीब नौ करोड़ की लागत से महाराष्ट्र मंडल का नवनिर्मित सर्वसुविधायुक्त भवन लोकार्पित किया जा चुका है। इसके साथ ही पिछले तीन वर्षों में मंडल ने अपना फिजियोथैरेपी सेंटर और दिव्य महाराष्ट्र मंडल न्यूज पोर्टल शुरू किया है।श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि इस समय सखी निवास को आधुनिक बनाने की दिशा में सतत कार्य जारी है। जहां अतिशीघ्र 'पालना घर' भी शुरू किया जाएगा। इसी तरह समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह के भी नवीनीकरण व आधुनिकीकरण का कार्य जारी है। यहां पर काम खत्म होते ही न केवल दिव्यांग बच्चियों को आज की जरूरत के अनुरूप सभी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बुजुर्गों के लिए ‘आपुलकी योजना’ के अंतर्गत डे केयर सेंटर भी अस्तित्व में आ जाएगा। इसके बाद भी परिचर्चा में महाराष्ट्र मंडल के विकास कार्यों को लेकर सभासदों से मिलने वाले सुझावों का स्वागत किया जाएगा और उन्हें यथासंभव धरातल पर लाने का प्रयास किया जाएगा। -
0- 90 वर्ष पुरानी परंपरा के अनुसार ही शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में पूरे 10 दिन विविध कार्यक्रम
0 पहली बार मंडल में मुंबई के ‘लालबाग चा राजा गणपति’ प्रतिमा प्रतिष्ठित की गई, इसे मनोकामना पूरी करने वाला श्रीगणेश भी कहा जाता हैरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आचार्य चेतन गोविंद दंडवते ने यजमान विकास तामस्कर और विनोद शेष के साथ मिलकर प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की प्रतिमा प्रतिष्ठित कराई। इस तरह 90 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप 10 दिवसीय विविध कार्यक्रमों वाले शहीद मेजर यशंवत गोरे स्मृति महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर शालेय शिक्षा सचिव कोमल सिंह परदेशी सपरिवार विशेष रूप से उपस्थित रहे।मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि लालबाग के राजा की विशेष मनोकामना गणपति प्रतिमा की स्थापना के बाद आस्था काले के नेतृत्व में आध्यात्मिक समिति के सदस्यों व उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक अथर्वशीर्ष पाठ किया। महाआरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।इस मौके पर सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि मनोकामना पूरी करने वाले 'लाल बाग का राजा' अगले 10 दिनों में आपकी भी मनोकामना पूरी करेंगे, यह विश्वास आप सभी रखिए। गणेशोत्सव के तुरंत बाद यहीं महाराष्ट्र मंडल में छह सितंबर से ही श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। मुंबई के प्रसिद्ध कथावाचक गुरुवर आचार्य धनंजय शास्त्री वैद्य के सानिध्य में होने वाली कथा में भी आपकी सपरिवार उपस्थिति अपेक्षित है।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान अगले 10 दिनों में ऐसे बहुत से कार्यक्रम होंगे जो शायद आपकी पसंद के न हों, फिर भी आपको सपरिवार कार्यक्रम देखने आना चाहिए क्योंकि सभी कार्यक्रम सभी के पसंद के नहीं हो सकते। कल यदि आपके कार्यक्रम मंच पर प्रस्तुत किए जाएंगे तो आपकी भी सभी दर्शकों से यहीं अपेक्षा होगी।महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव में गुरुवार को सुबह 10:30 बजे ‘अगले 10 वर्षों में महाराष्ट्र मंडल’ विषय पर परिचर्चा का आयोजित की गई है। परिचर्चा के संयोजक श्याम सुंदर खंगन के अनुसार इसमें कार्यकारिणी सदस्यों, तमाम समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं व सह संयोजिकाओं के साथ आजीवन सभासद भी इसमें अपनी परिकल्पनाओं का महाराष्ट्र मंडल बताने के लिए आमंत्रित हैं। -
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग को निदान 1100 से प्राप्त जनशिकायतों का डॉगकैचर टीम को भेजकर राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के मोवा, अवन्ति विहार कॉलोनी, कोटा, शंकर नगर, चंगोराभाठा सहित अन्य स्थानों में मोहल्लों, कॉलोनियों के विभिन्न सड़क मार्गो में अभियान चलाकर 15 आवारा श्वानों की धरपकड़ कर डॉग कैचर वाहन की सहायता से शासकीय पशु चिकित्सालय बैरन बाजार ले जाया गया. जहां आवारा श्वानों की धरपकड़ पश्चात नसबंदी कर निदान 1100 में प्राप्त जनशिकायतों का त्वरित निदान नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की डॉग कैचर टीम द्वारा नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय और स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह के निर्देशानुसार किया गया.
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रायपुर- खारून नदी में जल का स्तर तेज गति से बढ़ रहा है और नदी में जल में टरबिडीटी की मात्रा 1000 पीपीएम से अधिक हो गयी है.
रायपुर नगर पालिक निगम जल कार्य विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री नर सिंह फरेन्द्र ने बताया कि नदी में जल का लेवल निरन्तर बढ़ने और जल के तेज बहाव के कारण इंटेकवेल की इनलेट जाली में कचरा फंसने की सम्भावना हो सकती है और रा वाटर में कमी आ सकती है. -
*0रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, निगम पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग अध्यक्ष भोलाराम साहू, पार्षद राजेश गुप्ता, कैलाश बेहरा ने नागरिकों सहित किया शंकर नगर दुर्गा मैदान में मौलश्री पौधोँ का रोपण,वृक्ष बनने तक एक वर्ष तक स्वच्छता दीदियाँ करेंगी रोपित प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और देखभाल0*
रायपुर - आज केन्द्र सरकार की नारी सशक्तिकरण योजना अमृत मित्र अंतर्गत वीमेन फॉर ट्रीज योजना अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के पर्यावरण और उद्यानिकी विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 3 के सहयोग से शंकर नगर वार्ड क्रमांक 30 के अंतर्गत शंकर नगर दुर्गा मैदान में रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, नगर निगम पर्यावरण और उद्यानिकी विभाग के अध्यक्ष श्री भोलाराम साहू,शंकर नगर वार्ड क्रमांक 30 के पार्षद श्री राजेश गुप्ता,, गुरू गोविन्द सिंह वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद श्री कैलाश बेहरा ने स्वच्छता दीदियों सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, आमजनों, जोन 3 अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में वीमेन फॉर ट्रीज योजना अंतर्गत छायादार प्रजाति मौलश्री के पौधे रोपित किये. योजना अंतर्गत महिला स्वसहायता समूह की स्वच्छता दीदियाँ रोपित किये गए प्रत्येक पौधे के वृक्ष बनते तक अगले एक वर्ष तक समाजहित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पौधोँ की सुरक्षा और देखभाल करेंगी.रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने सभी नगर वासियों से भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के नगरॉय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा-निर्देश अनुरूप समाज हित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से नारी सशक्तिकरण की अभिनव योजना वीमेन फार ट्रीज के अंतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र में निर्धारित सुरक्षित चिन्हित स्थानों पर अधिकाधिक पौधे रोपित कर राजधानी रायपुर शहर को स्वच्छ हरित स्मार्ट सिटी बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील रायपुर नगर पालिक निगम के पर्यावरण और उद्यानिकी विभाग की ओर से की है. -
रायपुर/ रायपुर शहर के भाटागांव स्थित शासकीय बिन्नीबाई सोनकर उच्चतर माध्यमिक शाला में पर्यावरण संरक्षण और हरित अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट हरियर पाठशाला के तहत विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में विविध प्रजातियों के 700 पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं गांव के गणमान्य नागरिक सक्रिय रूप से शामिल हुए और पौधों की सुरक्षा तथा देखभाल का संकल्प लिया। इसका उद्देश्य विद्यालय परिसर को हरित, स्वच्छ और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित हो सके।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिला प्रशासन की इस पहल से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से हरियाली को बढ़ावा मिलेगा।‘प्रोजेक्ट हरियर पाठशाला’ के तहत किया गया यह पौधरोपण अभियान न केवल विद्यालय को हरा-भरा बनाएगा बल्कि पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा प्रदान करेगा। -
*सूरत नगर निगम की सफाई व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन और नवाचारों का करेंगे अध्ययन*
*जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व नागरिकों से संवाद कर सीखेंगे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के गुर*रायपुर/ राज्य के सभी 55 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल सूरत के अध्ययन भ्रमण पर जाएंगे। अपने तीन दिवसीय अध्ययन प्रवास के दौरान वे सूरत नगर निगम की सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन के साथ ही शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अपनाए गए नवाचारों का अध्ययन करेंगे। वे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा नागरिकों से संवाद कर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के गुर भी सीखेंगे।अध्ययन यात्रा के पहले बैच में 28 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी 28 अगस्त से 30 अगस्त तक सूरत में साफ-सफाई की व्यवस्था का अध्ययन करेंगे। वहीं दूसरे बैच में 27 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी 1 सितम्बर से 3 सितम्बर तक सूरत में अपने-अपने शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के तरीके सीखेंगे। इस भ्रमण से राज्य के नगरीय निकायों को स्वच्छता के प्रति दृष्टिकोण बदलने में मदद मिलेगी। अध्ययन भ्रमण से प्राप्त अनुभव नगर पालिकाओं को स्थायी, सहभागी एवं नवाचारयुक्त अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में सक्षम बनाएंगे।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पहल पर विगत जून माह में राज्य के सभी 14 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त और वरिष्ठ अभियंता इंदौर के अध्ययन भ्रमण पर गए थे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने अध्ययन प्रवास से लौटे सभी महापौरों और आयुक्तों के साथ मैराथन कार्यशाला आयोजित कर उनके अनुभवों को सुना था। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के नगर निगमों में स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार इंदौर की बेस्ट प्रेक्टिसेस और नवाचारों को लागू करने मंथन किया गया था। कई नगर निगमों ने इन पर अमल भी शुरू कर दिया है।जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के इंदौर के सार्थक अध्ययन भ्रमण को देखते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग ने अन्य नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को भी देश के स्वच्छतम शहरों के भ्रमण पर भेजने का निर्णय लिया है। इसी के तहत सभी नगर पालिकाओं के अध्यक्षों और सीएमओ को अध्ययन प्रवास पर सूरत भेजा जा रहा है। सूरत नगर निगम स्वच्छता, तकनीकी दक्षता एवं शहरी नवाचारों में देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में से एक है। वहां की श्रेष्ठ प्रथाओं और नवाचारों को देख-समझकर लौटने के बाद उन्हें राज्य की नगर पालिकाओं में स्थानीय परिप्रेक्ष्य में लागू करने की रणनीति तैयार की जाएगी।*तीन दिनों के अध्ययन प्रवास में इनका करेंगे अवलोकन*दो बैचों में अध्ययन भ्रमण पर जा रहे नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और सीएमओ सूरत नगर निगम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के एकीकृत मॉडल का अवलोकन करेंगे, जिसमें शत-प्रतिशत घर-घर अपशिष्ट संग्रहण, स्रोत-स्तरीय पृथक्करण प्रणाली, स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन, अपशिष्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स, जीपीएसयुक्त अपशिष्ट वाहन प्रणाली, रियल-टाइम ट्रैकिंग एवं आईसीसीसी के माध्यम से निगरानी शामिल हैं। इनके साथ ही वे प्रतिभागी सर्कुलर इकोनॉमी एवं नवाचार से जुड़ी पहलों जैसे बायोमाइनिंग, वेस्ट-टू-वेल्थ, लैंडफिल प्रबंधन, आरआरआर (Reduce-Reuse-Recycle) केंद्रों तथा सामुदायिक सहभागिता आधारित शून्य अपशिष्ट पहल का भी अध्ययन करेंगे।अध्ययन भ्रमण के दौरान सूरत नगर निगम के अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद, केस स्टडी आधारित प्रस्तुतियाँ तथा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों द्वारा स्थानीय समाधान की पहचान एवं रूपरेखा पर मंथन जैसे ज्ञानवर्धन सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इससे नगर पालिकाओं के अध्यक्षों एवं सीएमओ को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और वे अपने निकायों में नवाचारयुक्त समाधान लागू करने के लिए प्रेरित होंगे।








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