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- -रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी-मायके में माताओं बहनों को मिलेंगे विशेष उपहार, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उठाएंगे लुत्फ-पारंपरिक खेल, साज-सज्जा समेत विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन-रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को आयोजित होगा तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलनरायपुर, / राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी।इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा।संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका सुश्री आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, श्री अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।
- रायपुर। विकास की मुख्यधारा से वर्षों तक वंचित रहा कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवाओं का आश्रित ग्राम लामपहाड़ अब शिक्षा की रोशनी से आलोकित हो रहा है। घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसा यह क्षेत्र कभी शिक्षकविहीन विद्यालय के कारण बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना रहा था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण की पहल से यहाँ नियमित शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुचारु रूप से प्रारंभ हो गई है।लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है, जहाँ विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा की आबादी अधिक है। पहले यहाँ शिक्षा की सुविधा सीमित होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका के पदोन्नति उपरांत अन्यत्र स्थानांतरण के कारण वर्षों तक नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। शासन द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण पहल ने इस समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत किया है। अब प्राथमिक शाला में दो और माध्यमिक शाला में एक शिक्षक की नियुक्ति से यहाँ के बच्चों का भविष्य संवरने लगा है।प्राथमिक शाला में कुल 33 और माध्यमिक शाला में 19 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश पहाड़ी कोरवा समुदाय से हैं। प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक श्री कलेश्वर राम कटेला तथा माध्यमिक शाला में शिक्षक श्री दीपक यादव सहित अन्य शिक्षक नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि अब समय पर पढ़ाई होती है, शिक्षक पूरे समय विद्यालय में उपस्थित रहते हैं और मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत नाश्ता व भोजन की भी सुविधा मिल रही है।विद्यार्थिनी सुखशिला, फूलमती, संगीता, देवशीला और फुलमनिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें निरंतर पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है। उनके अभिभावक भी विद्यालय की निकटता और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से खुश हैं। लामपहाड़ में शिक्षा की यह नई सुबह न केवल पहाड़ी कोरवा बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी मील का पत्थर सिद्ध हो रही है।
- -जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर संगोष्ठी आयोजितरायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जलवायु परिवर्तन 21 वीं सदीं की सबसे बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य है। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। श्री डेका शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि धरती का तापमान असमान्य रूप से बढ़ रहा है, जिससे मौसम चक्र असंतुलित हो गया है। ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघल रही हैं, समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है, अनियमित वर्षा, सूखा और विनाशकारी तूफानों की घटनाएं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण मानव जनित गतिविधियां, ग्रीन हॉउस गैसों का उत्सर्जन, वनों की अंधाधुंध कटाई और जीवाश्म ईधनों का अत्यधिक उपयोग है। वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड, मिथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी गैसों का स्तर तेजी से बढ़ रहा है जो धरती का तापमान बढ़ा रहा है।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, लू की तीव्रता और बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही है। कोयला आधारित उद्योग, वनों की कटाई और रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग, ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ा रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ कृषि, जल स्त्रोतों और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण की दिशा मे ठोस कदम उठाने होंगे। छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है। इस सुंदर प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम के तहत हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए, ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग हो, प्लास्टिक मुक्त अभियान को बढ़ावा दिया जाए और सौर व पवन ऊर्जा को अपनाया जाए।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों, युवाओं की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रीन क्लब बनाकर जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ जीवनशैली को अपनाना समय की मांग है। डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से पर्यावरण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना भी युवाओं का दायित्व है। जलवायु को बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास हम कर सकते है।कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने विश्वविद्यालय अंतर्गत पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम के समन्वयक श्री कल्लोल के. घोष ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। सलाहकार श्री सौम्य बंदोपाघ्याय ने भी अपने विचार रखें।इस अवसर पर विज्ञान एवं समाज के विकास में अमूल्य योगदान के लिए प्रोफेसर एम.एल. नायक को राज्यपाल ने सम्मानित किया साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओ को भी राज्यपाल के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।संगोष्ठी में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, फोरम के अध्यक्ष श्री आशीष गुप्ता, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, शिक्षकगण, महाविद्यालयों एवं स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास में आयोजित पोला पर्व के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शंकर का अभिषेक एवं पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ का यह पारंपरिक त्यौहार मनाया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण उपस्थित थे ।
- -असम के बांस शिल्प विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेकर बन रहे दक्षरायपुर। बांस शिल्प को आजीविका से जोड़कर कमार और बसोड परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने वन विभाग द्वारा पारंपरिक बांस आधारित शिल्पकला एवं बांस आभूषणों के निर्माण संबंधी कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन बारनवापारा में किया जा रहा है। वन मण्डलाधिकारी बलौदाबाजार गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में असम गुवाहाटी के बांस कला विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 36 हितग्राहियों को 02 चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें ग्राम बल्दाकछार से 06, ठाकुरदिया से 14 एवं बारनवापारा से 16 प्रशिक्षणर्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम मूल रूप से विशेष पिछड़ी जनजातियों के आजीविका के संसाधनों में पारंपरिक मूल्यों को संजोकर वृद्धि करना है। प्रशिक्षण के पश्चात हितग्राही परिवारों द्वारा निर्मित बांस के आभूषणों एवं शिल्पकला को प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न स्थानों पर भी इसे विक्रय करने की योजना बनाया जाना प्रस्तावित है। इस प्रशिक्षण का आयोजन हितग्राहियों को दक्ष करने के साथ- साथ विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- -राज्यपाल रमेन डेका पोरा तिहार में हुए शामिल-मंत्री रामविचार नेताम ने सपरिवार विधि-विधान से किया पूजा-आराधना-पोरा तिहार में जमकर थिरके उपमुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और आमजन-ईश्वर के स्वरूप में घर-घर पूजे जाते हैं नांदिया-बैलारायपुर । छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार ‘‘पोरा तिहार’’ आज कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के निवास में धूमधाम और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। पोरा तिहार के इस पावन पर्व पर राज्यपाल श्री रमेन डेका शामिल हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ वासियों को पोरा तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस मौके पर कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि जीवन की महत्वपूर्ण परंपरा है।कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि मंत्री श्री नेताम अपनी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा नेताम के साथ भगवान शिव-पार्वती और भगवान स्वरूप नांदिया-बैला का पूजा-आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को पोरा तिहार की शुभकामनाएं दी। कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा आज पोरा तिहार है, जो छत्तीसगढ़ की परम्परा में किसानों और पशु प्रेम को समर्पित है। इसके साथ ही तीन दिन बाद तीजा है, जो सुहागिनों के लिए सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शंकर के लिए तीजा का कठिन व्रत किया था। हमारी सरकार हर माह के पहले हफ्ते में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत एक-एक हजार रूपए उनके खातों में अंतरण कर महिलाओं का सम्मान बढ़ा रही है। कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के रास्ते पर चलते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार छत्तीसगढ़ के चंहुमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, तकनीकि शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री रोहित साहू, श्री मोतीलाल साहू, श्री इन्द्र कुमार साहू, सहित मंडल-निगम आयोग के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने में कहा कि आज हमारे साथी मंत्री श्री रामविचार भैया ने त्यौता देकर हमें पोरा मनाने अपने घर पर बुलाया है। पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की परंपरा और सामाजिक सद्भाव का पर्व हैं। हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार द्वारा पारंपरिक पर्वों को सम्मान एवं नए उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।कृषि मंत्री निवास को परंपरागत ग्रामीण परिवेश में विशेष रूप से सजाया गया था। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बैला और मिट्टी के खिलौने व बर्तन से सुसज्जित वातावरण ने ग्रामीण अंचल की झलक प्रस्तुत की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पोरा तिहार का उत्सव और अधिक जीवंत हो गया। वहीं इस मौके पर आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के ठेठरी, खुरमी, अइरसा, गुलगुला भजिया, चीला, फरा सहित विविध प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुप्त उठाया।
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विभिन्न प्रतिभागियों ने गायन, वायलिन, बांसुरी वादन में दी अपनी बेहतरीन प्रस्तुति
बालोद/छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के उपलक्ष्य में जिला मुख्यालय बालोद स्थित कला केंद्र में एक शानदार संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिभागियों ने गायन, बांसुरी वादन और वायलिन जैसे क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में स्थानीय प्रतिभागियों ने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाया। गायन में मधुर स्वरों ने श्रोताओं का दिल जीता, तो बांसुरी और वायलिन की मधुर धुनों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रत्येक प्रस्तुति में प्रतिभागियों ने अपनी मेहनत और समर्पण को प्रदर्शित किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्रतियोगिता में तांजल नेताम द्वारा बांसुरी वादन, निखिल साहू द्वारा वायलिन वादन, अरूण कुमार साहू द्वारा गजल सहित शुभांगी शुक्ला, भूषण सिन्हा, रमा शुक्ला, लव कुमार सिंह, जितेन्द्र कुमार सोनी और कृष्णा सोनी द्वारा गायन प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखते हैं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को अपनी कला को निखारने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन देने की बात कही। डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर रूप से किया जाएगा। -
बालोद/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार हेतु तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी स्टेट प्लॉन आफ एक्शन के अनुसार 13 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के प्रचार-प्रसार हेतु को जिला न्यायालय परिसर बालोद में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री एस.एल. नवरत्न के द्वारा मोबाईल वेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मोबाईल वेन के माध्यम से बालोद जिले के विभिन्न गांवो में जाकर नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उक्त अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बालोद श्री योगेश पारीक, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद श्री किरण कुमार जांगडे़, जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) श्री ताजुद्दीन आसिफ, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश श्री सागर चंद्राकर, जिला अधिवक्ता बालोद के अध्यक्ष श्री अजय साहू एवं अधिवक्तागण, व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के पैरालीगल वालिटियर्स उपस्थित रहें।
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अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्थाओं का किया अवलोकन, बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन कर भोजन की गुणवत्ता को परखा
बालोद/ एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर ने आज पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय गुरूर का आकस्मिक निरीक्षण कर अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के साथ जमीन में बैठकर भोजन कर भोजन की गुणवत्ता को परखा। इस मौके पर एसडीएम श्री सोनकर ने क्लास रूम में पहुँचकर संबंधित कालखण्ड में अध्यापन कराए जा रहे विषय के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से उनके पाठ्यपुस्तक से संबंधित प्रश्न भी पूछे। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों को समय पर विद्यालय में उपस्थित होकर पूरी लगन एवं ईमानदारी के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। -
रोजगारोन्मुखी, अप्रेंटिसशिप एक्ट, ई रोजगार एवं स्टेट मेगा जाॅब फेयर 2025 के संबंध में दी गई जानकारी
बालोद/ जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुण्डरदेही में ’नव कौशल पथ-नई राह नया हुनर’ थीम पर 18 एवं 19 अगस्त को 02 दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुण्डरदेही के प्राचार्य ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिवस संस्था में सत्र 2025-26 में नव प्रवेशितों का तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा एवं मँुह मीठा कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात् दीप प्रज्ज्वलन कर राजकीय गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रशिक्षण अधीक्षक श्री व्ही. एल ठाकुर तथा अध्यक्षता शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुण्डरदेही के प्राचार्य श्री एस.डी. खिलारी ने की। कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार द्वारा राज्य में संचालित संस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही एपे्रटिंसशीप एक्ट एवं एनएपीएस की जानकारी प्रशिक्षण अधिकारी श्री शेखर साहू द्वारा प्रदान की गई। इसी तरह परीक्षा एवं कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट के संबंध में जानकारी प्रशि अधिकारी श्री सुशील कुमार दुबे एवं श्री पुरन लाल ठाकुर द्वारा गई। इसी तरह आई.टी.आई उत्तीर्ण होने के उपरांत डिप्लोमा पाठ्यक्रम में लेटरल एंट्री श्री आशीष कुमार साहू एवं राज्य की संस्थाओं में संचालित योजनाओं तथा ईरोजगार, सीजी करियर आदि के संबंध में प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहित कुमार साहू द्वारा प्रदान की गई। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस विशिष्ट अतिथि उद्यमी श्री नीलकमल साहू, श्री मनीष साहू एवं श्री गैंद लाल साहू द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम मे भूतपूर्व प्रशिणार्थियों के द्वारा भी नव प्रवेशित प्रशिणार्थियों को अपने अनुभव एवं मागदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहित कुमार साहू, श्री जितेन्द्र कुमार, श्री पुरन लाल ठाकुर, श्री आशीष कुमार साहू तथा श्री शेखर साहू श्री सुशील कुमार दुबे, श्री कौशल कुमार धनकर, श्री कुलदीप टंडन उपस्थित थे। -
उद्यमिता तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में दी गई जानकारी
बालोद/ जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान डौण्डीलोहारा में ’नव कौशल पथ-नई राह नया हुनर’ थीम पर 18 एवं 19 अगस्त को 02 दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान डौण्डीलोहारा के प्राचार्य ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र बालोद के महाप्रबंधक श्री गोपाल राव के द्वारा दीप प्रज्जवल कर किया गया। इस दौरान उन्होंने नव प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों को उद्यमिता तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संस्था के भूतपूर्व प्रशिक्षणार्थी एल्यूमिनी श्री कामता प्रसाद भंडारी, दीपक कुमार, श्री हरीश कुमार, श्री सेवंत कुमार, श्री तुलेश्वर, श्री शिव चरण मरकाम, श्री चिदानंद नायक, श्री अजय कुमार, श्री भूपेंद्र कुंजाम, श्री ओमप्रकाश, जगदेव कौमार्य उपस्थित थे। -
*महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन- उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*
*166 महतारी सदन हेतु 49 करोड़ 80 लाख रुपये जारी, 25 सौ वर्गफुट में बनेगा महतारी सदन*
दुर्ग/ प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास से प्रदेश में कुल 166 महतारी सदनों की स्वीकृति आदेश जारी की गई है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। जिसमें दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम पंचायत सेलूद और जामगांव आर तथा विकासखंड दुर्ग के ग्राम पंचायत जेवरा, ननकट्ठी, मचांदुर और कातरो में कुल 6 महतारी सदन की स्वीकृति शामिल है, जिनके लिए 30-30 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी।
*5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना*
प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा। -
सिर्फ रेलवे संरेखण से 150 मीटर के भीतर आने वाले खसरों पर जारी रहेगा प्रतिबंध
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना के लिए दुर्ग जिले के प्रभावित 23 गांवों में भू-अर्जन संबंधी प्रतिबंध में आंशिक छूट देने के निर्देश दिए है। ज्ञात हो कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना नई रेलवे लाइन में पाटन अनुभाग के ग्राम ठकुराईनटोला, बठेना, देमार अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह, फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग के ग्राम घुघसीडीह, खोपली, बोरीगारका, पुरई, कोकड़ी, कोड़िया, भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, बिरेझर, थनौद इस प्रकार कुल 23 ग्राम सम्मिलित है। पूर्व आदेश के अनुसार इन गांवों की सभी भूमियों पर खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई थी। जिसे अब आंशिक छूट देने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर के उप मुख्य अभियंता/निर्माण द्वारा नई सूची उपलब्ध कराई गई है। जिसके अनुसार अब केवल उन खसरों पर प्रतिबंध जारी रहेगा जो रेलवे संरेखण से 150 मीटर की परिधि के अंतर्गत आते हैं। रेलवे द्वारा प्रस्तुत सूची में शामिल खसरों को छोड़कर, शेष सभी भूमियों पर लगा प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
*आंशिक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम करगाडीह और पाउवारा भी शामिल*
कलेक्टर श्री सिंह ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2024 के तहत उक्त 23 ग्रामों के अलावा ये दुर्ग अनुभाग के दो नए गांव करगाडीह और पाउवारा में भूमि अंतरण, खाता विभाजन एवं व्यपवर्तन को आंशिक रूप से प्रतिबंधित किया है। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा दी गई नई सूची के आधार पर उक्त गांवों को भी अब परियोजना में शामिल किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों को मुनाफा कमाने से रोकने के लिए दोनों गांवों में रेलवे ट्रैक के 150 मीटर के दायरे में आने वाली निजी जमीनों/खसरों पर तत्काल प्रभाव से खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई है। जिन व्यक्तियों की जमीन/खसरा इस प्रतिबंध से प्रभावित हुई है, वे अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इन आवेदनों पर रेलवे विभाग से राय लेने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। -
छत्तीसगढ़ रजत जयंती 2025 के अवसर पर
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ रजत जयंती 2025 के उपलक्ष्य में साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिला दुर्ग में आयोजित की गई। साइबर सेल के नोडल अधिकारी श्री संकल्प राय सर एवं साइबर एक्सपर्ट श्री आरिफ खान द्वारा साइबर अपराध क्या है उससे बचने के उपाय साइबर टोल फ्री नंबर 1930 मजबूत पासवर्ड की आवश्यकताए ओटीपी एवं क्यूआरकोड की सावधानियां, अनजान लिंक मेट्रोमोनियल साइट एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे कई महत्वपूर्ण तथा समसामयिक घटनाओं के विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। महिला संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रीतिबला शर्मा मैम द्वारा घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम एवं कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम की जानकारी देते हुए छात्राओं को महिला सशक्तिकरण की जानकारी दी गई। जिला मिशन समन्वयक श्रीमती विनिता गुप्ता द्वारा महिला हेल्प लाइन 181 पोषण आहार की आवश्यकता, एनीमिया से बचाव माहवारी स्वछता सखी वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी गई। श्रीमती सीता कन्नौजे द्वारा चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पॉक्सो एक्ट बाल विवाह रोकथाम से अवगत कराया गया। प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव, शिक्षकगण, नवाबिहान से महिला संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रीतिवला शर्मा मैम, हव से श्रीमती विनिता गुप्ता जिला मिशन समन्वयक, श्री लक्ष्मीकांत यादव जेंडर विशेषज्ञ, श्रीमती शिल्पी उपाध्याय वित्तीय साक्षरता एवं समन्वय विशेषज्ञ, सखी से श्रीमती कविता डोरले परामर्शदाता एएनएम एवं आईसीपीएस से श्रीमती सीता कन्नौजे ओआरडब्ल्यू तथा प्रतिभागी उपस्थित थे। - -श्री डेका ने जीवन में सफलता के लिए दिया मार्गदर्शनरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।श्री डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया।श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।
- -देश के पहले राज्यपाल जिन्हें मिली यह अनूठी उपलब्धिरायपुर ।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने एक मिसाल कायम करते हुए राज्य के सभी 33 जिलों में उपचाररत कुल 330 टीबी मरीजों, प्रत्येक जिले से 10 मरीजों को ‘निक्षय मित्र’ बनकर गोद लिया है। राज्यपाल द्वारा मरीजों को उपचार अवधि में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह 500 रुपये की अनुदान राशि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रदान की जा रही है। श्री डेका ने 31 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ के 10वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। पदभार ग्रहण करने के पश्चात जिलों के प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को गति प्रदान करने की पहल की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा मरीजों से सीधा संवाद कर उन्हें नियमित दवा और पोषण आहार के महत्व से अवगत कराया। इस क्रम में उन्होंने सर्वप्रथम राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी और गरियाबंद जिलों के टीबी मरीजों को गोद लिया था। तत्पश्चात अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने से पूर्व ही उन्होंने शेष सभी जिलों में भी मरीजों को गोद लेकर अंतिम 33वें जिले कोंडागांव तक यह प्रक्रिया पूरी की और ऐसा करने वाले वह देश के प्रथम राज्यपाल बन गए।राज्यपाल श्री डेका ने उद्योगपतियों, समाजसेवी संगठनों राइस मिल एसोसिएशन एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आकर ‘निक्षय मित्र’ बनें और टीबी मरीजों को गोद लेकर इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प साकार किया जा सकता है।
- रायपुर / कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के नवा रायपुर अटल नगर स्थित एम-5 सेक्टर-24, शासकीय निवास परिसर में 23 अगस्त को पोरा का भव्य आयोजन प्रातः बजे होगा। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ सरकार के सभी मंत्री, विधायक तथा आमजन शामिल होंगे।
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दुर्ग. भारत सरकार की रैम्प योजना (रेजिंग एण्ड एक्सलेरेटिंग एमएसएमई परफामेंस) के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग के द्वारा होटल अमित पार्क इंटरनेशनल, सुपेला भिलाई दुर्ग में “उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम” का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के 15 प्रतिनिधियों एवं 140 प्रतिभागियों/उद्योगपतियों/चार्टेड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया। उक्त कार्यक्रम श्री अनंत माधव, (क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ोदा), उद्योग संचालनलय के उपसंचालक श्री जागेश्वर साहू, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजय गर्ग, चौम्बर ऑफ़ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री श्री अजय भसीन, आईसीएआई भिलाई के सीए श्री प्रतिक अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), महिला उद्यमी, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के हितग्राहियों तथा स्टार्टअप्स से संबंधित प्रतिभागियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन एवं परिचय मुख्य महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, दुर्ग द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए श्री जागेश्वर साहू, उप संचालक, उद्योग द्वारा बैंक व उद्यमी की आपसी परिचर्चा के बारे में तथा ई एण्ड वाय के श्री प्रवीण द्वारा रैम्प योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रबंधक तुषार त्रिपाठी द्वारा औद्योगिक नीति के सम्बन्ध में, सीए श्री प्रदीप पाल द्वारा परियोजना प्रतिवेदन व एमएसएमई वित्त पोषण के सम्बन्ध में, श्री अजय भसीन चौम्बर ऑफ़ कॉमर्स द्वारा उद्योगों को शासन की योजनाओं का अधिकाधिक सरल तरीके से लाभ प्राप्ति के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। जिले के प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों, जैसे भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं, मुद्रा योजना अंतर्गत उपलब्ध लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। -
दुर्ग. कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग के वैज्ञानिकों ने धान के खेतों का भ्रमण किया तो यह पाया कि धान में काई की समस्या बहुतायत में बढ़ रही है। काई धान की खेती में आने वाली एक प्रमुख समस्या है, जिसके निदान हेतु प्रायः किसान भाई कोई उपाय नहीं करतें फलस्वरूप उपज में कमी आ जाती है। पानी भरे खेत में कंसे निकलने से पहले ही काई का जाल फैल जाता है, जिससे धान के पौधे तिरछे हो जाते है। पौधे में कंसे नही निकल पाते है एक से दो ही कंसे रह जाते है जिससे बालियों की संख्या कम बनती है और अंत में उत्पादन में कमी आ जाती है। सतह पर काई फैल जाने से धान में डाले जाने वाली उर्वरक की मात्रा जमीन तक नहीं पहुंच पाती, जिससे पौधे में पोषक तत्व की कमी के साथ-साथ डाले गए उर्वरक की भी हानि होती है।
काई का समाधान
नीला थोथा (कॉपर सल्फेट) की 500-600 ग्राम मात्रा को अच्छे से पीस कर सूती कपड़े की पोटली बनाकर 5-6 स्थानों पर सामान दूरी में खेत में भरे पानी में रख दें जिससे काई की पर्त फट जाती है। इस प्रकार काई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। -
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले में पदस्थ अपर कलेक्टरों श्री अभिषेक अग्रवाल, श्रीमती योगिता देवांगन एवं श्री वीरेन्द्र सिंग के मध्य कार्य विभाजन किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री अभिषेक अग्रवाल को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जिला दुर्ग के न्यायालयीन कार्य, तहसील दुर्ग/भिलाई-3/धमधा/पाटन के अवैध उत्खनन के प्रकरणों का प्रावधान अनुसार निराकरण, रोस्टर के अनुसार तहसील/अनुविभाग कार्यालय/उप पंजीयक कार्यालय/जनपद कार्यालय का निरीक्षण, समयावधि में पेश शस्त्र लाईसेंसो का नवीनीकरण, शस्त्र अनुज्ञप्ति स्वीकृति एवं नवीनीकरण ओदश के पश्चात लाइसेंस बुक तथा लायसेंस पंजी के प्रविष्टियों पर हस्ताक्षर एवं सत्यापन, अस्थायी पटाखा लाईसेंसों का नवीनीकरण, नोडल अधिकारी चिटफंड शाखा जिला कार्यालय दुर्ग, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, नोडल अधिकारी धान उपार्जन धान संग्रहण, नोडल अधिकारी कस्टम मिलिंग, नोडल अधिकारी एग्रीस्ट्रेक परियोजना, नोडल अधिकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे, नोडल अधिकारी वेटलैंड सर्वे, नोडल अधिकारी वन भूमि सत्यापन, नोडल अधिकारी जनगणना, नोडल अधिकारी पी.डी.एस, नोडल अधिकारी ई-ऑफिस एवं कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य कार्य शामिल है।
अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिनमें सामान्य/स्थानीय निर्वाचन, सहायक अधीक्षक, सामान्य शाखा, सांख्यिकी लिपिक/सिविल सूट व्यवहारवाद शाखा, सहायक अधीक्षक राजस्व, राजस्व मोहर्रिर शाखा, प्रोटोकॉल शाखा, भू-अभिलेख शाखा, डायवर्सन शाखा, भू-अर्जन, भू-बंटन शाखा, लाइसेंस शाखा, जनगणना शाखा, पासपोर्ट शाखा, काउंटर शाखा, नोडल अधिकारी, मानव अधिकार आयोग के प्रकरण, नागरिकता प्रमाण पत्र शाखा, नोडल अधिकारी व्यापक एवं परीक्षा प्रभारी, परीक्षा शाखा, चिटफंड कंपनी के प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण शामिल है। इसी प्रकार विभिन्न विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें खाद्य शाखा, खनिज शाखा, जेल, होमगार्ड, सैनिक कल्याण बोर्ड, सहकारिता विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाएंगे।
अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को न्यायालय अपर कलेक्टर दुर्ग (अनुभाग धमधा व पाटन हेतु), शासकीय कर्मचारियों के लिए शासन से प्राप्त होने वाले स्वत्वों के संबंध में वैध वारिसान प्रमाण पत्र जारी करना, शासकीय कार्यालयों के उपयोग हेतु भवन के किराया निर्धारण, प्रमाण पत्र जारी करना (2500/रूपए तक के किराया) इसके उपर के प्रकरणों की नस्तियों को कलेक्टर को प्रस्तुत करना। अनुपयोगी डेड स्टॉक जो 5000 रू. तक की कीमत का हो, को अपलेखन करने का अधिकार, चोरी हुए 2000 रू. तक की सामग्री को अपलेखन करने का अधिकार, 20,000 रू. तक आवर्ती व्यय स्वीकृति का अधिकार (उप जिलाध्यक्ष एवं तहसीलदारों के यात्रा भत्ता एवं औषधि देयकों की स्वीकृति), सेवानिवृत्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवार कल्याण निधि, समूह बीमा योजना की राशि, ग्रेच्युटी एवं जी.पी.एफ./डी.पी.एफ. जमा राशि का भुगतान, शासकीय वाहन के टायर, ट्यूब एवं बैटरी नियमानुसार क्रय करने की स्वीकृति, शासन के नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप टेलीफोन, विद्युत, पीओएल, शासकीय वाहनों के मरम्मत के व्यय की स्वीकृति, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की यात्रा देयकों एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों की स्वीकृति, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के अधिकतम 60 दिन के अवकाश की स्वीकृति, सक्षम प्राधिकारी नगर भूमि सीमा दुर्ग (अधिनियम समाप्ति उपरांत शेष अनुसांगिक कार्यवाही हेतु), सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रथम अपील प्रकरणों के निराकरण, एवं नजूल जांच से संबंधित समस्त नस्तियों एवं प्रकरणों का अंतिम निराकरण (भूमि आबंटन के प्रकरणों को छोड़कर), नजूल नजूल शाखा के केवल हुडको भिलाई से संबंधित समस्त नस्तियों का जिसमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य ना हो अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण करेंगे। हुडको से संबंधित समस्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करना, नजूल शाखा के प्रकरणों एवं नस्तियों का जिनमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य न हो अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण, 4000 वर्गफुट तक नजूल पट्टे का नवीनीकरण, नोडल अधिकारी चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति शासकीय महाविद्यालय कचान्दूर, नोडल अधिकारी कौशल विकास, नोडल अधिकारी नशा मुक्ति अभियान दुर्ग का प्रभार सौंपा गया है।
इसी प्रकार विभिन्न शाखाओं की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें अधीक्षक/वित्त स्थापना शाखा/नोडल अधिकारी पेंशन, नजूल, नजूल जांच, जिला नाजिर शाखा, वरिष्ठ लिपिक-1,2,3 शाखा, प्रपत्र एवं लेखन सामग्री/लाइब्रेरी शाखा, चिप्स परियोजना, च्वाईस सेंटर शाखा, स्वान परियोजना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली का संचालन, नोडल अधिकारी सेवोत्तम अभियान, नोडल अधिकारी कौशल विकास, वेब इनफार्मेशन मैनेजर जिला वेबसाईट, चिप्स परियोजना/च्वाईस सेंटर शाखा/स्वान परियोजना/वीडियो कॉफ्रंेसिंग प्रणाली का संचालन शामिल है। इसी प्रकार विभिन्न विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें जिला कोषालय/अल्प बचत शाखा, जिला योजना मंडल, जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई/केन्द्रीय विद्यालय दुर्ग/शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत/नेहरू युवा केन्द्र/खेल विभाग दुर्ग, आदिम जाति कल्याण विभाग के नस्तियों का निराकरण(स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाएंगे), अन्त्यावसायी वित विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित विकास निगम के नस्तियों का अंतिम निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाएंगे), महिला एवं बाल विकास विभाग के नस्तियों का निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएंगी), स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के नस्तियों का निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएंगी) की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगी एवं समय-समय पर कलेक्टर द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य शामिल है।
अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग को न्यायालय अपर कलेक्टर दुर्ग(अनुभाग दुर्ग व भिलाई-3 हेतु), राजस्व विभाग से संबंधित विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय पर भेजने हेतु नस्ती कलेक्टर महोदय के समक्ष पेश करना, जिले में प्राकृतिक आपदा के प्रकरणों का निराकरण (आरबीसी 6-4), माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का कार्य, शिकायत शाखा के समस्त नस्तियों (आवश्यकता अनुसार नस्ती महत्वपूर्ण होने से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी), पी.जी.एन. के आवेदन पत्रों का निराकरण, अन्य मदोे से प्राप्त होने वाली शिकायतों की समय-समय पर समीक्षा करना तथा व्यक्तिगत रूचि लेकर निराकरण करवाना, विभागीय जांच अधिकारी जिला कार्यालय दुर्ग, जिला विवाह अधिकारी, नोडल अधिकारी जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नोडल अधिकारी बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापना जिला कार्यालय दुर्ग, नोडल अधिकारी कॉल सेंटर शाखा जिला कार्यालय दुर्ग, नोडल अधिकारी जिला दुर्ग के अंतर्गत सड़क मरम्मत निर्माण एवं मरम्मत कार्याे के पर्यवेक्षण, नोडल अधिकारी उद्यानिकी विभाग दुर्ग, नोडल अधिकारी छ.ग.रजत महोत्सव एवं कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गए कार्य शामिल है।
इसी प्रकार विभिन्न शाखाओं की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिनमें सीएसआर मद, छ.ग. आवास साफ्टवेयर/भवन निर्माण नियमितीकरण, राजस्व अभिलेखागार/आंग्ल अभिलेखागार, राजस्व लेखा शाखा/बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन/सूखा राहत शाखा, जिला कार्यालय परिसर के कार्यालयों/विभिन्न शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण, स्वेच्छानुदान/जनसम्पर्क शाखा, मुख्यमंत्री सहायता , संजीवनी कोष शाखा, सी एम घोषणा, प्रेषक व मुद्रलेखन शाखा, मुख्य प्रतिलिपि शाखा, पर्यावरण अधोसंरना मद, 20 सूत्रीय, 15 सूत्रीय एवं अल्पसंख्यक आयोग, सचिव रविशंकर स्टेडियम/मानस भवन, नगरीय निकाय/शहरी विकास अभिकरण (डूडा), लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जानकारी प्रस्तुत करना, आवास आबंटन शाखा, शिकायत एवं सर्तकता अधिकारी/जिला जनदर्शन शाखा, पी.जी. पोर्टल शाखा/लोक सुराज अभियान/पी.जी.एन. एवं शासन से प्राप्त शिकायत आवेदन पत्रों का निराकरण, शासन/आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं जिला कार्यालय में आयोजित विभिन्न बैठकों की आवश्यक व्यवस्था, फाईल फोल्डर कार्यवाही विवरण तैयार करना आदि संबंधी कार्य। शपथ पत्र एवं प्रमाण पत्र सत्यापन, नोडल अधिकारी राजीव गांधी आश्रय योजना 2019 एवं पट्टाधृति अधिनियम 1984/1998 के अंतर्गत प्रकरणों का निराकरण, ऋण मुक्ति अधिनियम 1976, नोडल अधिकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल, नोडल अधिकारी दिव्यांग जन शिकायत निवारण, नोडल अधिकारी भिलाई स्टील प्लांट से संबंधित मुद्दों के निराकरण हेतु शामिल है। इसी प्रकार विभिन्न विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिनमें श्रम विभाग, बाल श्रमिक परियोजना एवं आबकारी विभाग शामिल है।
अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल तथा अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन होंगे। -
कलेक्टर ने भेजी जन्मदिन बधाई संदेश, प्रोत्साहित किया बच्चों संग जश्न मनाने को
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना तथा न्योता भोज के तहत जिला प्रशासन की अभिनव पहल "प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां" के तहत जिला रायपुर में विभिन विभाग में कार्यरत शासकीय अधिकरियों एवं कर्मचारियों को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही है एवं जन्मदिन आंगनबाड़ी या स्कूल में मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में स्थल सहायक श्री अश्वनी कुमार साहू, लेक्चरर श्री प्रमोद कुमार साहू ने बच्चों के साथ केक काटकर और पौष्टिक आहार के साथ अपना जन्मदिन मनाया।
प्रोजेक्ट के तहत कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने 53 कर्मचारियों को एसएमएस द्वारा ई-कार्ड के माध्यम से जन्मदिन की पूर्व संध्या बधाई संदेश भेजा एवं नजदीकी आंगनबाड़ी अथवा स्कूल की जानकारी दी गई। -
बिलासपुर/जिले में गणेश चतुर्थी एवं ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) पर्वाें के अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने तथा अन्य प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में विचार-विमर्श हेतु शांति समिति की बैठक 25 अगस्त को शाम 5 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई है।
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बिलासपुर/अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार दीपावली पर्व वर्ष 2025 के लिए अस्थाई पटाखा लायसेंस नवीन एवं नवीकरण आवेदन पत्र के लिए 25 अगस्त से 19 सितम्बर 2025 तक अवधि निर्धारित की गयी है। इच्छुक आवेदक अस्थाई पटाखा लायसेंस के नवीन एवं पूर्व से जारी लायसेंस के नवीकरण के आवेदन पत्र संबंधित कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक दस्तावेजों के साथ नियत तिथि तक जमा कर सकते है। अंतिम तिथि के पश्चात आवेदन पत्र नहीं लिया जाएगा।
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भिलाई से टी सहदेव की रिपोर्ट
भिलाई नगर। सेक्टर 04 स्थित जगन्नाथ मंदिर भवन में भिलाई तेलगा महिला समाज ने शुक्रवार को धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी वरलक्ष्मी का व्रत रखकर घर में उनके पदार्पण के लिए पूरी श्रद्धा तथा आस्था के साथ आह्वान किया। बड़ी संख्या में विवाहित महिलाओं ने माता लक्ष्मी को समर्पित इस पर्व पर अपने परिवार के सुख, शांति, समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए देवी लक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप की पूजा-अर्चना की। साथ ही सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए कुमकुम पूजा तथा चेतना के शुद्धीकरण एवं मन को नकारात्मक विचारों से मुक्त रखने के लिए देवी ललिता की स्तुति में उनके हजार नामों का पाठ भी किया। सभी अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद शाम को उत्सव विग्रहों का विसर्जन किया गया।*वरलक्ष्मी व्रत की महिमा बताई पंडित ने*गहरे लाल रंग की पारंपरिक वेशभूषा में व्रती महिलाओं ने सभी अष्टलक्ष्मी के उत्सव विग्रहों को नूतन वस्त्र धारण कराया और उसके बाद उन्हें आभूषणों तथा फूलों से सजाकर भक्तिभाव से पूजा स्थल पर स्थापित किया। फिर पंडित साईं प्रसाद ने विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ अष्टलक्ष्मी की पूजा-अर्चना की। इस दौरान पंडित ने व्रती महिलाओं को माता वरलक्ष्मी की कथा सुनाकर माता की महिमा बताई, साथ ही व्रत की विधि भी बताई। वरलक्ष्मी व्रतोत्सव की कथा के अनुसार मगध के कुंडी नगर में एक धर्मपरायण स्त्री चारुमति रहती थी। जिसकी भक्ति से प्रसन्न होकर माता लक्ष्मी ने स्वप्न में आकर उससे कहा कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को देवी वरलक्ष्मी का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। चारुमति ने अन्य महिलाओं के साथ यह व्रत रखा जिससे सभी की मनोकामनाएं पूरी हो गईं।*अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम नृत्य ने मोहा सबका मन*व्रतोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें पी दीक्षा ने गणेश वंदना नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की, वहीं गीतिका ने भारतीय शास्त्रीय और समकालीन नृत्य शैलियों का मिश्रित नृत्य फ्यूजन डान्स पेश किया। पी श्रावणी ने भरतनाट्यम के माध्यम से अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम नृत्य का प्रदर्शन किया, जिसमें देवी लक्ष्मी के आठों स्वरूपों को दिखाया गया। इसके अलावा कृष्ण वेणी ने अर्द्धनारीश्वर तांडव तथा पी मोक्षा ने शिव की स्तुति में पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस अनुष्ठान में उद्योगपति इंद्रजीत सिंह, आंध्र एसोसिएशन के अध्यक्ष, जी स्वामी, आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, अभा तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्ना केशवुलु, जिलाध्यक्ष डी मोहन राव, पर्यावरण मित्र राजेश्वर राव, तेलगा समाज के अध्यक्ष पी चंद्रशेखर आदि उपस्थित थे। - रायपुर ।स्वच्छ भारत अभियान के तहत शुक्रवार की सुबह राजभवन परिसर में साफ-सफाई की गई। राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुबह 7 से 8 बजे तक राजभवन परिसर के अलग-अलग स्थानों पर झाडू लगाकर कचडे़ को एकत्र कर उसका निपटान किया।


















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