तेलगा महिला समाज ने वरलक्ष्मी का व्रत रखकर घर में पदार्पण का किया आह्वान
भिलाई से टी सहदेव की रिपोर्ट
भिलाई नगर। सेक्टर 04 स्थित जगन्नाथ मंदिर भवन में भिलाई तेलगा महिला समाज ने शुक्रवार को धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी वरलक्ष्मी का व्रत रखकर घर में उनके पदार्पण के लिए पूरी श्रद्धा तथा आस्था के साथ आह्वान किया। बड़ी संख्या में विवाहित महिलाओं ने माता लक्ष्मी को समर्पित इस पर्व पर अपने परिवार के सुख, शांति, समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए देवी लक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप की पूजा-अर्चना की। साथ ही सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए कुमकुम पूजा तथा चेतना के शुद्धीकरण एवं मन को नकारात्मक विचारों से मुक्त रखने के लिए देवी ललिता की स्तुति में उनके हजार नामों का पाठ भी किया। सभी अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद शाम को उत्सव विग्रहों का विसर्जन किया गया।
*वरलक्ष्मी व्रत की महिमा बताई पंडित ने*
गहरे लाल रंग की पारंपरिक वेशभूषा में व्रती महिलाओं ने सभी अष्टलक्ष्मी के उत्सव विग्रहों को नूतन वस्त्र धारण कराया और उसके बाद उन्हें आभूषणों तथा फूलों से सजाकर भक्तिभाव से पूजा स्थल पर स्थापित किया। फिर पंडित साईं प्रसाद ने विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ अष्टलक्ष्मी की पूजा-अर्चना की। इस दौरान पंडित ने व्रती महिलाओं को माता वरलक्ष्मी की कथा सुनाकर माता की महिमा बताई, साथ ही व्रत की विधि भी बताई। वरलक्ष्मी व्रतोत्सव की कथा के अनुसार मगध के कुंडी नगर में एक धर्मपरायण स्त्री चारुमति रहती थी। जिसकी भक्ति से प्रसन्न होकर माता लक्ष्मी ने स्वप्न में आकर उससे कहा कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को देवी वरलक्ष्मी का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। चारुमति ने अन्य महिलाओं के साथ यह व्रत रखा जिससे सभी की मनोकामनाएं पूरी हो गईं।
*अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम नृत्य ने मोहा सबका मन*
व्रतोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें पी दीक्षा ने गणेश वंदना नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की, वहीं गीतिका ने भारतीय शास्त्रीय और समकालीन नृत्य शैलियों का मिश्रित नृत्य फ्यूजन डान्स पेश किया। पी श्रावणी ने भरतनाट्यम के माध्यम से अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम नृत्य का प्रदर्शन किया, जिसमें देवी लक्ष्मी के आठों स्वरूपों को दिखाया गया। इसके अलावा कृष्ण वेणी ने अर्द्धनारीश्वर तांडव तथा पी मोक्षा ने शिव की स्तुति में पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस अनुष्ठान में उद्योगपति इंद्रजीत सिंह, आंध्र एसोसिएशन के अध्यक्ष, जी स्वामी, आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, अभा तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्ना केशवुलु, जिलाध्यक्ष डी मोहन राव, पर्यावरण मित्र राजेश्वर राव, तेलगा समाज के अध्यक्ष पी चंद्रशेखर आदि उपस्थित थे।

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)






.jpg)


Leave A Comment