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- -मुख्यमंत्री ‘छत्तीसगढ़ वॉच’ के 15वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर में आयोजित दैनिक छत्तीसगढ़ वॉच के 15वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने समाचार पत्र की 15 वर्षों की पत्रकारिता यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वॉच ने निरंतर स्थानीय मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता दी है, जो एक सशक्त लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होता है। छत्तीसगढ़ वॉच ने बीते 15 वर्षों में शोषितों की आवाज़ को मुखर रूप से सामने लाने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया है। मुझे विश्वास है कि आगे भी यह अखबार इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य खनिज संपदा से परिपूर्ण है—यहाँ आयरन ओर, कोयला, एल्युमिनियम, सोना, हीरा, टिन और लिथियम जैसे बहुमूल्य खनिज उपलब्ध हैं। प्रदेश का 44% भू-भाग वनों से आच्छादित है और मेहनतकश किसानों की उपस्थिति राज्य की शक्ति है। इन सबके साथ, छत्तीसगढ़ में बहुआयामी विकास की संभावनाएँ मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद रही है, जिस पर अब हमारे सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। जवानों ने माओवादी नेता बसवराजू जैसे शीर्ष नक्सली को निष्प्रभावी कर, नक्सलवाद की कमर तोड़ दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहाँ निरंतर सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 300 से अधिक गाँवों में शासन की योजनाएँ प्रभावी रूप से पहुँच रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ, जिसमें 1 लाख 65 हजार लोगों ने पंजीयन कराया। बस्तर पण्डुम का भी आयोजन किया गया, जिसमे लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील कर रही है, और इन प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने नई उद्योग नीति की चर्चा करते हुए कहा कि कुछ ही महीनों में सरकार को 6.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि उद्योग नीति में निवेश के साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर बल दिया गया है। महिलाओं, दिव्यांगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था है। एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ विषय पर विजन डॉक्युमेंट जारी किया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2035 तक छत्तीसगढ़ की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) को ₹10 लाख करोड़ और वर्ष 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुँचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्सटाइल क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएँ खुल रही हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु हम सभी को अपनी शक्ति और सामर्थ्य को संगठित कर एक दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सबसे अधिक रोजगार उद्योगों और उद्यमों के माध्यम से उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय निवेश लाने के लिए देशभर में भ्रमण कर रहे हैं, उद्योगपतियों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें आमंत्रित कर रहे हैं।सीएसआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति को देशभर के उद्योगपतियों ने सराहा है। देश के बड़े उद्योगपति और प्रतिष्ठित अस्पताल अब छत्तीसगढ़ में आ रहे हैं। तकनीकी कॉलेज, पर्यटन जैसे क्षेत्रों को उद्योग का दर्जा देने से राज्य में रोजगार, क्रय-शक्ति और राजस्व में वृद्धि होगी, जिससे छत्तीसगढ़ एक विकसित राज्य के रूप में उभरेगा।समारोह में छत्तीसगढ़ वॉच के प्रधान संपादक श्री रामावतार तिवारी ने अखबार की यात्रा और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अखबार के डिजिटल संस्करण 'खबर चालीसा' के योगदान और व्यापक सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि रायपुर के साथ-साथ अब बिलासपुर से भी अखबार का प्रकाशन हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर चालीसा अग्रणी भूमिका में है। श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक आम छत्तीसगढ़िया की छवि हमारे मुख्यमंत्री में दिखाई देती है।कार्यक्रम में प्रदेश में बढ़ते निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई और मंचस्थ अतिथियों ने अपने विचार साझा किए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। सम्मानितों में श्रीमती स्नेहा गिरपुंजे, श्री प्रमोद द्विवेदी, श्रीमती ममता प्रमोद शर्मा, श्री अनुज गोयल, श्रीमती बेल्लारी चंद्राकर, श्री प्रकाश शर्मा, श्रीमती अंजलि अग्रवाल, श्री ललित जयसिंह, श्रीमती दमयंती सोनी (जिनकी ओर से श्री कांति मौर्य ने सम्मान प्राप्त किया), श्री संतोष राय और श्री श्यामू शर्मा शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, पूर्व मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू, श्री सुंदरानी, श्री लाभचंद बाफना तथा छत्तीसगढ़ वॉच की टीम सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर, /उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में 18 जुलाई को विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज अपराधों पर मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक विधानसभा परिसर, रायपुर में सम्पन्न हुई। बैठक में मंत्रिपरिषद के उप समिति के सदस्य उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद उपसमिति की बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों में से 15 प्रकरणों की समीक्षा की गई। मंत्रिपरिषद उपसमिति द्वारा इन अनुशंसाओं को मंत्रिपरिषद के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि अब तक मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक में 139 विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों को प्रस्तुत किया जा चुका है जिसमे से 126 प्रकरणों को कैबिनेट की बैठक में अनुशंसा प्राप्त की जा चुकी है।
- -मुख्यमंत्री ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का किया भव्य शुभारंभ-फार्मास्यूटिकल इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण कदमरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और उत्पादन इकाई का भ्रमण कर दवा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोविड के संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर एक मिसाल कायम की। श्री साय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स की इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और पिछले सात-आठ महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इन 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने न केवल प्रदेश से भूखमरी को दूर किया, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी ठोस नींव रखी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में छह से अधिक विशेषज्ञ अस्पतालों के शुभारंभ का मैं साक्षी रहा हूं, जो दर्शाता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी का मानना है कि लोग बीमार न पड़ें, निरोगी रहें, और उनकी इसी संकल्पना के अनुरूप वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्राप्त हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) ₹5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और यह प्रदेशवासियों के सहयोग से ही संभव होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स का भ्रमण कर उन्नत तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इकाई पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहाँ टैबलेट, सिरप, ऑइंटमेंट और क्रीम जैसे विभिन्न प्रकार की दवाइयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इकाई के विस्तार से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और कोविड काल के दौरान पूरी दुनिया को यह एहसास हुआ कि दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों ने भी उस दौर में भारत की फार्मा क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में नवा रायपुर की केंद्रीय भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त है, बल्कि सभी प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। डॉ. सिंह ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की टीम को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह इकाई नवा रायपुर के विकास को नई गति देगी।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री पवन साय, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स से श्री कोमलचंद चोपड़ा, श्री अनिल देशलहरा और श्री उज्ज्वल दीपक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
- -पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर का संपूर्ण जीवन समाज कल्याण हेतु रहा समर्पित-पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की जीवनी पर आधारित नाट्य मंचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर/ पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर का संपूर्ण जीवन समाज कल्याण हेतु समर्पित रहा। वह इंदौर की न केवल महारानी थीं, बल्कि न्यायप्रिय, धार्मिक एवं निष्पक्ष प्रशासक भी थीं। उन्होंने देशभर में धार्मिक स्थलों एवं मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणादायक हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में विश्व मांगल्य सभा द्वारा आयोजित पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की जीवनी पर आधारित नाट्य मंचन समारोह में कही।श्री साय ने आगे कहा कि हम सभी लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मना रहे हैं। इस अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश एवं प्रदेश में उनकी स्मृति में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।सुशासन, सनातन और संस्कृति के लिए समर्पित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी के जीवन पर आधारित यह नाट्य प्रस्तुति लोगों तक उनके महान कृतित्व को पहुंचाने में सहायक होगी। राजमाता अहिल्याबाई होलकर हमारे गौरवशाली इतिहास की महान प्रेरणापुंज हैं। उनके जीवन चरित्र से वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार किया। तीन दशकों तक उन्होंने होलकर राजवंश का नेतृत्व किया। उन्होंने प्रशासन, न्याय और जनकल्याण की अनुकरणीय व्यवस्था प्रदान की। दक्षिण में कांची, उत्तर में बद्रीनाथ, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका तक, हर स्थान पर उनके पुण्य कार्यों की छाप मिलती है। वे इंदौर की महारानी थीं, परंतु उन्होंने अपने को किसी भौगोलिक सीमा में नहीं बाँधा। देश के विभिन्न हिस्सों में उन्होंने मंदिरों का निर्माण, धर्मशालाओं की स्थापना की और धर्म की पताका सदैव लहराई।वह सनातन की ध्वजवाहिका रहीं। जब महारानी अहिल्याबाई का नाम आता है तो हाथों में शिवलिंग लिए हुए उनकी तस्वीर सजीव हो उठती है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना के प्रतीक काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। जब औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर को नष्ट किया, तब यह घटना हिंदू समाज के लिए अत्यंत आघातकारी थी। उस समय माता जीजाबाई ने शिवाजी महाराज से कहा था कि काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हमारा सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए। पेशवा माधवराव ने भी अपनी वसीयत में लिखा था कि उनकी इच्छा है कि काशी विश्वनाथ मंदिर फिर से बने। यह यशस्वी कार्य राजमाता अहिल्याबाई होलकर के कर-कमलों से संपन्न हुआ।उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कर लाखों आस्थावान हिंदुओं के सपनों को साकार किया। वे हरिद्वार से गंगाजल मंगवाकर उसे कांचीपुरम के शिव मंदिर में अर्पित करवाती थीं। उन्होंने पुरी में धर्मशाला तथा द्वारका में भी धार्मिक निर्माण कार्य करवाए। जिस प्रकार आदि शंकराचार्य जी ने सनातन परंपरा को जोड़ते हुए चार धाम की स्थापना की, उसी परंपरा में राजमाता अहिल्याबाई होलकर जी ने भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव साय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रस्तावना विश्व मांगल्य सभा की श्रीमती निकिता ताई द्वारा प्रस्तुत की गई।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक श्री किरण देव साय, श्री अजय जामवाल, श्री पवन साय सहित बड़ी संख्या में विधायकगण, सांसदगण, निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण, जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने की मुलाकात-छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के लिए होगा कार्यरायपुर / छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।चर्चा के दौरान श्री बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की।श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय को श्री बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा।मुख्यमंत्री को श्री बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है।इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -महिलाओं को उनके कर्तव्यों व अधिकारों के बारे में दी गई जानकारी-खेतो-खलियानों में पहुंचकर किसानों एवं महिलाओं के बीच किया जा रहा है नालसा के योजनाओं का प्रचार-प्रसारमहासमुंद / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली नालसा के मंशानुरूप जागृति योजना 2025 के तहत जमीनी स्तर पर न्याय जागरूकता एक अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की सचिव श्रीमती आफरीन बानो ने बताया कि नालसा के जागृति योजना-2025 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद के अध्यक्ष व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन पर जिले में, जिला अथवा तालुका स्तर पर व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जा रहा है ताकि जागृति योजना 2025 के तहत जमीनी स्तर पर न्याय जागरूकता, सूचना और पारदर्शिता पहल कर समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सकें।उल्लेखनीय है कि नालसा की जागृति योजना, 2025, जागृति (जमीनी स्तर पर न्याय जागरूकता, सूचना और पारदर्शिता पहल) नामक एक योजना है, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सकें. यह योजना नालसा (राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण) द्वारा चलाई जा रही है और इसका लक्ष्य न्याय को सभी के लिए सुलभ बनाना है। जिसका लक्ष्य कानूनी जागरूकता फैलाना और समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाना है। यह योजना विशेष रूप से कमजोर समूहों जैसे महिलाओं, मजदूरों, वृद्धों और बच्चों पर केंद्रित है, और उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करती है। विशेष रूप से वे जो कानूनी प्रणाली से अपरिचित हैं या जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है। नालसा की जागृति योजना कानूनी जागरूकता और न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि हर किसी को न्याय मिल सके। इसी उद्देश्य से प्रबंध कार्यालय के अधिकार मित्र हरिचंद साहू तथा आरक्षी केन्द्रों में पदस्थ सभी अधिकार मित्रों द्वारा वृहद रूप से नालसा की जागृति योजना 2025 का गांव, ग्राम पंचाततो, हाट बाजारो एवं खेतो में काम कर रहे खेतीहर किसानों एवं महिलाओं को उनके कर्तव्यों एवं अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
- -किसानों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपीलमहासमुंद / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जिले में खरीफ वर्ष 2025 के लिए ग्राम स्तर पर धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन एवं राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। इन फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी फसलों का बीमा समय रहते करवा लें। किसान अपने नजदीकी बैंक, सहकारी समितियों अथवा लोक सेवा केन्द्र में संपर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं।बीमा से जुड़ी जानकारी एवं समस्याओं के समाधान के लिए कृषकगण विकासखंडवार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं बीमा कंपनी प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं।विकासखंड महासमुंद अंतर्गत श्री वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री मनीराम उइके (9406103649), बीमा कंपनी प्रतिनिधि श्री रंजीत कुमार साहू जिला समन्वयक (9039146418) एवं विकासखंड समन्वयक श्री राजू कुमार (9926070445) के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसी प्रकार बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जी.पी. शरणागत (8226000146), विकासखंड समन्वयक श्री रंजन कुमार नायक (9861153879), पिथौरा विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री ब्रजेश तूरकाने (6261364266), विकासखंड समन्वयक श्री जितेंद्र गिरी (9301292314), बसना विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती उषा कान्ति खेस्स (6260988073), विकासखंड समन्वयक श्री देवेन्द्र कुमार यादव (9926646871), सरायपाली विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री बुंदर लाल मिर्धा (6261818782), विकासखंड समन्वय श्री मनोज कुमार साहू (6267646990) के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- सभापति सूर्यकान्त राठौड़, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर ने दी जानकारीरायपुर /रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर शहर को मिलियन यानी 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया है। रायपुर को राज्य स्तर में छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ का मिनिस्टीरियल अवॉर्ड भी प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय स्तर में कुल 12 शहरों को 7-स्टार का पुरस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें से रायपुर नगर निगम ने भी अपना स्थान प्राप्त किया है। इसी के साथ राष्ट्रीय स्तर के 4589 नगरीय निकाय की इस प्रतियोगिता में रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला 7-स्टार जी.एफ.सी. यानी गार्बेज फ्री सिटी भी बन गया है।रायपुर ने दी कड़ी टक्कररायपुर ने कुल 12500 अंकों के इस सर्वेक्षण में 11996 अंक प्राप्त किए। अगर रायपुर मात्र 5 अंक और प्राप्त कर लेता तो वह तीसरा स्थान प्राप्त कर लेता। टॉप-3 शहरों में कड़ी प्रतियोगिता थी। टॉप शहर अहमदाबाद और रायपुर के अंकों में मात्र 83 अंकों का अंतर रहा। इस तरह रायपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर बाकी शहरों को कड़ी टक्कर दी।रायपुर की छलांगरायपुर बीते वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के ग्यारहवे स्थान से इस वर्ष चौथे स्थान पर पहुंचा है। यह दिखाता है कि हम स्वच्छता की दिशा में तेजी और सफलता से आगे बढ़ रहे हैं। यह बड़ी उपलब्धियां हैं जो हमारे लिए गर्व का विषय है। यह हम सभी के सामूहिक प्रयासों, प्रतिबद्धता, टीम भावना और जनसहभागिता का ही परिणाम है। हमारे जागरुक नागरिकों, सफाईमित्रों, स्वच्छता दीदियों, शासन, निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वास्थ्य अधिकारियों, एनजीओ, सहयोगी संस्थाओं, ब्रांड एंबेस्डर और वॉलेंटियर्स के सहयोग व प्रयास से ही यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में संभव हो पाया है। इसमें पूर्व एवं वर्तमान निगम आयुक्त द्वारा निर्धारित रणनीति एवं दिशा में किए कार्यों एवं प्रयासों की भी अहम भूमिका रही है। मैं इन सभी का आभार प्रकट करता हूं। इन्हें हृदय से बधाई और शुभकामनाएं भी देता हूं तथा भविष्य में भी नगर निगम रायपुर को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने में विशेष सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा करता हूं।रायपुर की उपलब्धि के मापदंडहमारी नगरीय निकाय को राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतियोगिता में चौथी रैंक प्राप्त होने में हमारे शहर में संकरी में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट, 90 प्रतिशत घरों से कचरा कलेक्शन, ट्रीटेड सीवेज जल का पुनःउपयोग और मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग जैसे पहलुओं की अहम भूमिका रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण सिर्फ शहर की साफ-सफाई ही नहीं बल्कि स्वच्छ पेयजल, कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटान, रीसाइकलिंग, अनुपयोगी वस्तुओं और कचरे का पुनःउपयोग, शौचालयों की उपलब्धता तथा पूर्ण सफाई व्यवस्था, चौराहों का सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ उद्यान, स्वच्छ फुटपाथ, धूल कम करने के प्रयास, सड़कों किनारे पेविंग ब्लॉक, प्लांटों का सुचारू संचालन, नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना, केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाना जैसे विभिन्न पहलुओं को भी जी.एफ.सी. और स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल किया जाता है।देश में टॉप आने का लक्ष्यइस रैंकिंग से आगामी वर्षों में हम पर अधिक जिम्मेदारी आ गई है। अब हमें देश में नंबर-वन आने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। अब हमसे उम्मीदें भी बढ़ गई हैं जिन्हें हमें निरंतर मेहनत और लगन से पूरा करना होगा। जैसे रायपुर के जागरुक नागरिकों ने अपनी जीवनशैली में स्वच्छता की आदत अपनाई है उसे बनाए रखना और उसमें निरंतर बेहतरी करते रहनी होगी। निगम भी स्वच्छता की दिशा में प्रयासों और नवाचारों की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। देश में नंबर-वन आने के लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी हम सभी रायपुरवासियों की है। आइए, हम सब मिलकर अपने घर, मोहल्ले, वार्ड और आसपास के सभी स्थलों की पूर्ण सफाई रखकर पूरे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। कचरा को इधर-उधर और नालियों में बिल्कुल ना फेंके। डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए आने वाली गाड़ियों में ही कचरा देवें। अपने साथ कपड़े या जूट का झोला अवश्य रखें। शासन द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और रायपुर को प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने में अपना अमूल्य सहयोग करें। इधर-उधर ना थूंके और खुले में पेशाब ना करें। सार्वजनिक स्थलों व शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने में हमें सहयोग दें। कचरा फैलाने पर फाइन और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाएगा. इस अवसर पर नगर निगम कार्यपालन अभियंता नोडल अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन श्री रघुमणि प्रधान, सहायक अभियंता सहायक नोडल अधिकारी श्री योगेश कडु की निगम सभापति कक्ष में उपस्थिति रही।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 422.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 719.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 229.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 411.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 426.2 मि.मी., गरियाबंद में 348.8 मि.मी., महासमुंद में 385.9 मि.मी. और धमतरी में 337.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 452.8 मि.मी., मुंगेली में 468.7 मि.मी., रायगढ़ मंे 556.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 542.3 मि.मी., कोरबा में 504.0 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 428.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 412.3 मि.मी., सक्ती में 479.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 343.3 मि.मी., कबीरधाम में 306.8 मि.मी., राजनांदगांव में 344.7 मि.मी., बालोद में 401.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 501.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 290.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 336.3 मि.मी., सूरजपुर में 559.3 मि.मी., जशपुर में 533.8 मि.मी., कोरिया में 521.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 483.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 459.2 मि.मी., कोंडागांव में 280.6 मि.मी., नारायणपुर में 320.8 मि.मी., बीजापुर में 475.5 मि.मी., सुकमा में 269.6 मि.मी., कांकेर में 378.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 416.1 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
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बिलासपुर/ जिला सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर में पूर्व सैनिकों के लिए निर्मित पाली क्लीनिक भवन का लोकार्पण किया गया। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत,पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मध्य भारत एरिया ने लोकार्पण किया। इस शुभ अवसर पर ब्रिगेडियर टी एस बावा, एसएम कमांडर कोसा,श्री संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर, सीएमडी एसईसीएल, कर्नल अशोक, कर्नल केसरवानी, कर्नल राजेंद्र सिंह, कर्नल(Veterans), ग्रुप कैप्टन संजय पाण्डेय,प्रभारी पूर्व सैनिक कल्याण कमांडर हरिश्चंद्र तिवारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, कमांडर संदीप मुरारका, कैंटीन अधिकारी, भारी संख्या में वेटरन ऑफिसर, १०० से अधिक भूतपूर्व सैनिक और सभी स्टाफ उपस्थित रहे। जनरल शेखावत ने बिल्डिंग के उद्घाटन के उपरांत सभी पूर्व सैनिकों को को सम्बोधित किया और एस ई सी एल और गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों को स्मृति चिह्न प्रदान किये। गौरतलब है कि इस बिल्डिंग की परिकल्पना और योजना राज्य सैनिक बोर्ड, जिला प्रशासन बिलासपुर और जिला सैनिक बोर्ड, बिलासपुर ने बनाई थी और इनके अथक प्रयासों से इस भवन के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। सबसे खास बात यह है कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, पूरे सैनिकों की पॉलिक्लिनिक, सीएसडी कैंटीन और सैनिक विश्राम गृह एक साथ मिलकर सैनिक कल्याण का कार्य करते हैँ। आने वाले समय में जिला सैनिक कल्याण परिसर एक आदर्श प्रस्तुत करेगा और नये आयाम स्थापित करेगा।
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लक्ष्मीपति राजू महापौर परिषद के सदस्य और आयुक्त का अभिनंदन
भिलाई नगर । नगर निगम भिलाई स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में पूरे देश में 7 वां रैंक हासिल करने पर निगम स्वच्छता से जुड़े सुपरवाइजर, जोनल, और अर्बन एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड नागपुर की टीम ने महापौर नीरज पाल का स्वागत करने के उपरांत निगम परिसर में लक्ष्मीपति राजू महापौर परिषद के सदस्य, (अध्यक्ष स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति) का पुष्प गुच्छ से अभिनंदन किया गया।
श्री राजू ने सभी के साथ आयुक्त का अभिनंदन और स्वागत करते कहा कि सबके सहयोग से नगर निगम भिलाई स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अच्छी रैंकिंग प्राप्त हुई है।आने वाले वर्षों में भी और अच्छी रैंकिंग प्राप्त हो सके और भी बेहतर कार्य करना होगा l लक्ष्मी पति राजू ने आयुक्त का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस कार्य में आयुक्त ,महापौर , महापौर परिषद के सभी सदस्यों और सभी पार्षद गण का विशेष भूमिका रही है। आयुक्त महोदय सुबह 7बजे से शहर का दौरा कर सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से संपादित करने के निर्देश देने और निरंतर समीक्षा करने के कारण स्वच्छता रैंकिंग बहुत ही अच्छी प्राप्त हुई है ।
नगर पालिक निगम भिलाई स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में पिछले वर्ष के सर्वेक्षण मुकाबले में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। महापौर नीरज पाल, आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, महापौर परिषद के सदस्य, सभी पार्षदगण एवं अधिकारी/कर्मचारियों के लगातार प्रयास और मेहनत से स्वच्छता के क्षेत्र में भिलाई शहर का नाम पुरे देश में चर्चित है। स्वच्छता की श्रेणी में भिलाई आगे और नाम रोशन करेगा ।
महापौर एवं आयुक्त के विशेष मार्गदर्शन में नगर पालिक निगम भिलाई स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में पिछले साल के स्वच्छता सर्वेक्षण के मुकाबले में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इस वर्ष सभी 4566 निकायों की संयुक्त रैकिंग में 22 वां रैंक हासिल की है। जबकि पिछले साल 267 रैंक हासिल किया गया था। 3 से 10 लाख जनसंख्या की कैटेगरी में पूरे देश में 7वां रैक एवं साथ ही पिछले वर्ष 1 स्टार रैकिंग से 3 स्टार रैंकिंग एवं ओ.डी.एफ. प्लस प्लस से वाटर प्लस हासिल किया गया है। भिलाई नगर का 12500 प्राप्तांक में से 11055 अंक 88.44 प्रतिशत प्राप्त हुआ हैं, जबकि पिछले वर्ष 9500 अंक में से 6311 अंक, 66.43 प्रतिशत प्राप्त हुआ था। 3 से 10 लाख जनसंख्या की कैटेगरी में पूरे देश में 7वां रैक है, जबकि पिछले वर्ष 78वां रैंक में था।
महापौर नीरज पाल ने कहा नगर निगम भिलाई को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में 3 से 10 लाख जनसंख्या की कैटेगरी में पूरे देश में 7वां रैक एवं साथ ही पिछले वर्ष 1 स्टार रैकिंग से 3 स्टार रैंकिंग एवं ओ.डी.एफ. प्लस प्लस से वाटर प्लस हासिल किया गया है। भिलाई को स्वच्छता की पायदान में अग्रणी बनाये रखने वाले नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारी, समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वच्छता दूतों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
निगम आयुक्त ने बताया कि शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाये रखने में नागरिकों का अथक प्रयास रहा है साथ ही उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री, संभागायुक्त महोदय, कलेक्टर महोदय, विभागयी सचिव, संचालक, सांसद, विधायक, महापौर, सभापति, नेता प्रतिपक्ष, उप नेता प्रतिपक्ष, महापौर परिषद स्वास्थ्य प्रभारी एवं सदस्यगण, पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण, समाज सेवी, ब्रान्ड एम्बेसडर, डोर-टू-डोर सफाई कर्मी, स्वच्छता दीदी, एस.एल.आर.एम. की दीदीयों एवं सफाई मित्रों के द्वारा स्वच्छता की दिशा में निरंतर कार्य करके सहयोग प्रदान किया गया है। मैं सभी का अंतर्मन से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूॅ। आगे भी इसी प्रकार का सहयोग बना रहे, ताकि नगर पालिक निगम भिलाई और अच्छी रैंकिंग हासिल कर सके। नगर निगम के समस्त अधिकारी और कर्मचारी विशेष रुप से सफाई कामगार जो प्रातः 6ः00 बजे से निरंतर कर्तव्य अवधि में सफाई कार्य में लगे रहते हैं इन सभी कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूॅ। आने वाले समय में 3 से 10 लाख आबादी वाले हमारा शहर में टाप 3 में रहे इसके लिए कार्य करेगें।
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आंगनबाड़ियों में दिख रहा बदलाव
रायपुर/ छत्तीसगढ़ की आंगनबाड़ियाँ अब बच्चों के पोषण के साथ-साथ शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य के नए केंद्र बन रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि “राज्य सरकार का लक्ष्य आंगनबाड़ियों को नवाचारयुक्त बाल विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जहां बचपन संवरता है और भविष्य मजबूत होता है।”राज्य के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक स्वरूप से निकलकर प्री-स्कूल प्ले लर्निंग स्पेस के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। यहां बच्चों को कहानियों, चित्रों, लोकगीतों और गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता, भाषा विकास और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। बेमेतरा जिले का बोइरकछरा आंगनबाड़ी केंद्र राज्य में एक उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरा है। यहां बच्चों का शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक और रचनात्मक विकास सुनियोजित तरीके से हो रहा है। दीवारों पर शैक्षणिक चित्रों और बालगीतों की प्रस्तुति, “मोर जन्म दिन” कैलेंडर और बच्चों के लिए तैयार किए गए “कैरी बैग” जैसे नवाचार बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिकता का संचार कर रहे हैं।आंगनबाड़ी केंद्रों में किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता, आत्मरक्षा, पोषण और आत्मनिर्भरता के गुर सिखाए जा रहे हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं को स्तनपान, नवजात देखभाल और संतुलित आहार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी जा रही हैं। पूरक पोषण आहार योजना के तहत बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक भोजन जैसे हरे साग, मुनगा भाजी पाउडर, फल, रोटी-सब्जी और दाल-भात प्रदान किया जा रहा है। बेमेतरा की जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी दी कि बोइरकछरा केंद्र में महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और महिला सक्षम कोष सहित सभी प्रमुख योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस सफलता के पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती प्यारी धु्रव और सहायिका की अहम भूमिका रही है, जिनकी निष्ठा और रचनात्मक सोच इस केंद्र को प्रेरणास्रोत बनाती है।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि “राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को इसी तरह शिक्षा, पोषण और संस्कार के समेकित केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि हर बच्चा सशक्त, शिक्षित और स्वस्थ बन सके।” छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रहे हैं कृ जहां पोषण के साथ संस्कार और ज्ञान का भी समुचित समावेश हो रहा है। - बिलासपुर/ मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत कौशल तिहार 2025 का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आटोमोटिव टेक्नॉलाजी, ब्रिकलेयिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन, हेल्थ एवं सोशल केयर, प्लम्बिंग एवं हीटिंग, रिनेवेबल एनर्जी, ग्राफिक डिजाईन टेक्नॉलाजी, डेस्कटॉप पब्लिशिंग, फिल्ड टेक्निशियन इलेक्ट्रानिक्स, मोबाईल फोन टेक्नीशियन इलेक्ट्रानिक्स एवं रेफरिजरेशन एण्ड एयर कंडिशनिंग इत्यादि सेक्टर में जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता 21 जुलाई से 23 जुलाई 2025 तक किया जा रहा है। उक्त प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत सत्र 2023-24 से लेकर आज तक प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत हितग्राही https://cssda.cg.nic.in पर कौशल तिहार टैब को क्लिक कर इच्छुक हितग्राही 20 जुलाई तक पंजीयन कर सकते हैं। जिला स्तर के विजेता राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में सम्मिलित होंगे।
- 0- चित्ररेखा को मिली जीवन बीमा की राशिबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 8 अप्रैल से 31 मई तक चलाये गये प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहंुचाने का प्रभावी माध्यम बना। सुशासन तिहार में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हुआ। इन्हीं में कोटा ब्लॉक के ग्राम कुरदर निवासी श्रीमती चित्ररेखा भी शामिल है। अपनी समस्या के समाधान को लेकर उन्होंने पूरी उम्मीद छोड़ दी थी लेकिन सुशासन तिहार में दिए एक आवेदन से उनकी समस्या का निराकरण हो गया।सुशासन तिहार शिविर के दौरान श्रीमती चित्ररेखा ने कोटा सीईओ से शिकायत की कि उनके पति मानसिंह के मृत्यु के बाद उन्हें जीवन बीमा की राशि नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि उनके पति का खाता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक बेलगहना शाखा में था। पति के निधन के पश्चात जीवन बीमा की राशि नॉमिनी को प्राप्त नहीं हो रही है। शिकायत प्राप्त होने पर लीड बैंक अधिकारी द्वारा तुरंत मामले का संज्ञान लिया गया। शाखा प्रबंधक ने उसी दिन संबंधित त्रुटि को सुधार कर बीमा कंपनी को दोबारा मेल भेजा। इसके साथ ही छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक के नियंत्रक कार्यालय द्वारा भी बीमा कंपनी से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। तत्परता से की गई इस संयुक्त पहल के परिणामस्वरूप 08 जुलाई 2025 को नॉमिनी जान सिंह एवं श्रीमती चित्ररेखा को उनके खाते में 2 लाख रूपए की बीमा राशि प्राप्त हो गई। श्रीमती चित्ररेखा ने राशि मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार उन जैसे लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है।
- 0- 70 प्रतिशत धान का किया गया उठाव, शेष धान का समयावधि में किया जाएगा उठावराजनांदगांव । जिले के धान उपार्जन केन्द्र ग्राम कलकसा, बीजाभाठा, सेवताटोला, सिंघोला एवं पटेवा में 1745072 क्विंटल धान भंडारित था। जिसमें से समस्त धान का निराकरण कस्टम मिलर एवं नीलामी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 70 प्रतिशत धान का उठाव हो चुका है। शेष धान का उठाव समयावधि में कर लिया जाएगा। जिले में समस्त मिलर्स के भौतिक स्कन्द का सत्यापन अधिकारियों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। चावल जमा की अंतिम तिथि शासन द्वारा नवंबर माह तक तय की गई है। समयावधि में चावल जमा का कार्य कर लिया जाएगा। लगातार बारिश के कारण धान के उठाव की गति थोड़ी धीमी थी, लेकिन बारिश नहीं होने की स्थिति में धान का तेजी से उठाव किया जाता है। धान संग्रहण केन्द्रों में धान सुरक्षित कैप कवर से ढक कर रखा गया है।
- राजनांदगांव । क्या आप चाहते हैं कि जिला राजनांदगांव स्वच्छता में पूरे देश में चमक उठे, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है, स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के तहत, जिला प्रशासन ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 मोबाइल ऐप के माध्यम से अधिक से अधिक फीडबैक देने की अपील की है। आपकी भागीदारी ही हमारे जिले को राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा सकती है।क्यों महत्वपूर्ण है आपका फीडबैक -नागरिकों द्वारा दिया गया हर फीडबैक ग्राम स्तर पर स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय के उपयोग और स्वच्छता जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर आधारित होता है। यही फीडबैक राष्ट्रीय स्तर पर हमारे जिले की स्वच्छता रैंकिंग तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। यह सिर्फ एक सरकारी सर्वे नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है जिसमें आपकी सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।कैसे दें अपना फीडबैक, यह है बेहद आसान -अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप खोलें और अपने मोबाइल नंबर से आसानी से लॉगिन करें। अपने ग्राम का चयन करें और दिए गए सरल प्रश्नों के उत्तर देना होगा।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने की अपील -जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, यह जनभागीदारी से ही एक सच्चा जन-आंदोलन बन सकती है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 ऐप के जरिए अपने अमूल्य सुझाव और फीडबैक जरूर दें, ताकि जिला स्वच्छता की दौड़ में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके। फीडबैक देने की अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए इंतजार न करें, आज ही अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। आपका एक फीडबैक हमारे जिले का उज्ज्वल भविष्य। स्वच्छ राजनांदगांव - सशक्त छत्तीसगढ़।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा दिनांक 21 जुलाई 2025 से 23 जुलाई 2025 तक "कौशल तिहार 2025" का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कौशल प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत युवाओं को प्रोत्साहित करना तथा प्रतियोगिताओं के माध्यम से उनके कौशल का प्रदर्शन करना है।विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्य एवं जिला स्तर पर दो आयु वर्गों में किया जाएगा :- 22 वर्ष से कम आयु वर्ग एवं 22 से 45 वर्ष के मध्य आयु वर्ग में आयोजित किया जाएगा | जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित किया जाएगा। राज्य स्तर पर प्रतियोगिता में विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं मेडल प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, उन्हें विश्व कौशल प्रतियोगिता, शंघाई 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिल सकता है।जिले स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन निम्नानुसार किया जाएगा :- ग्रीन एनर्जी सेक्टर – दिनांक 21 जुलाई 2025 को लाइवलीहुड कॉलेज, जोरा में होगा। प्लंबिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन सेक्टर – दिनांक 22 जुलाई 2025 को माडल आई.टी.आई., सड्डू में होगा । हेल्थ एवं सोशल केयर सेक्टर – दिनांक 23 जुलाई 2025 को निजी प्रशिक्षण संस्थान मेनचेस्टर टेक्नोलॉजी, सेजबहार, रायपुर में होगा । डीटीपी सेक्टर – दिनांक 23 जुलाई 2025 को निजी प्रशिक्षण संस्थान वीनस कंप्यूटर, न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर में होगा। सभी प्रतियोगिताएं प्रातः 10:00 बजे से प्रारंभ होंगी।
- 0- 21, 22 एवं 23 जुलाई को होगा कौशल तिहार-2025दंतेवाड़ा । कार्यालय जिला कौषल विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 21, 22 एवं 23 जुलाई 2025 को जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज दन्तेवाड़ा में जिला स्तरीय ’’कौशल तिहार-2025’’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 में प्रशिक्षण प्राप्त एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रशिक्षणरत युवाओं के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जावेगा। कौशल तिहार-2025 के अंतर्गत ऑटोमोटिव, ब्रिक लेयिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, प्लम्बिंग, फील्ड तकनीशियन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे 10 ट्रेड्स में प्रतियोगिता आयोजित कर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जावेगा। जिला स्तर पर विजेता प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय कौशल तिहार-2025 में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त होगा। प्रतियोगिता के लिए युवा 2 श्रेणी वर्ग 1 के अन्तर्गत 22 वर्ष से कम आयु वर्ग एवं वर्ग 2 के तहत 22 वर्ष से 25 वर्ष आयु वर्ग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- महासमुंद / जनपद पंचायत महासमुंद के अधीनस्थ शासकीय जलाशय एवं तालाब नक्टा तालाब, पंडरीपानी जलाशय, कोडार डायवर्सन एवं सोरमसिंघी जलाशय को मछली पालन कार्य के लिए 10 वर्षीय पट्टे पर दिए जाने आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद ने बताया कि पट्टा आंबटन प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी, जिसमें पंजीकृत मत्स्य सहकारी समिति एवं मछुआ समूहों, अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग की पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियों एवं मछुआ समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी।इसी तरह सामान्य क्षेत्र में धीवर, ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह आदि के स्व सहायता समूहों को, अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्व सहायता समूहों एवं छत्तीसगढ़ राज्य सहायता समूहों को तथा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्व सहायता समूहों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसी प्रकार ऐसे मछुआ व्यक्ति जिन्हें डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर मछली पालन का प्रशिक्षण प्राप्त हो। बेरोजगार युवा जो मछली पालन में रुचि रखते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे क्षेत्र जहां वर्ष 1965 या उसके पश्चात् मकान, भूमि आदि डूब में आने के कारण कोई परिवार विस्थापित हो गए हों, उन व्यक्तियों, परिवारों या उनके समूह, समिति को संबंधित जलक्षेत्र में पट्टे पर प्राथमिकता दी जाएगी।आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, मत्स्य पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। आवेदक द्वारा आवेदन सहित आवश्यक दस्तावेज विज्ञापन प्रकाशन तिथि के 15 दिन के भीतर जनपद पंचायत महासमुंद के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य मछली पालन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। आवेदन करने के लिए विस्तृत जानकारी जनपद पंचायत महासमुंद के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है।
- 0- न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया ने फीता काटकर किया उद्घाटन, उपभोक्ताओं को होगा लाभ0- ई-हियरिंग’’ से सुनवाई हेतु तीन दिवस पूर्व निर्धारित फार्म में आवेदन करना होगा0- छत्तीसगढ़ पहला राज्य जो ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई करेगामहासमुंद/ महासमुंद जिला शुक्रवार को ई-हियरिंग के माध्यम से पूरे भारतवर्ष से जुड़ गया। न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया, अध्यक्ष छ0ग0 राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा राज्य आयोग रायपुर से ई-हियरिंग का उद्घाटन वर्चुअल फीता काटकर किया। इस सुविधा के प्रारंभ होने से उपभोक्ताओं को तकनीकी न्याय का लाभ मिलेगा जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी, इस सुविधा के प्रारम्भ होने से उपभोक्ता एवं अधिवक्तागण देश के किसी भी हिस्से से जिला उपभोक्ता आयोग महासमुन्द से जुड़कर अपने प्रकरण की सुनवाई में भाग ले सकते हैं।इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग, महासमुन्द में ई-हियरिंग के शुभारम्भ पर शुभकामनाएॅं प्रदान की व देश में छत्तीसगढ़ पहला राज्य होगा जो ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई करेगा। इस तरह न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय और जुड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्राही द्वारा उपस्थित अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं कर्मचारीगणों को ई-हियरिंग के माध्यम से सुनवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पक्षकारों को अपने प्रकरण की ’’ई-हियरिंग’’ के माध्यम से सुनवाई हेतु तीन दिवस पूर्व निर्धारित फार्म में आवेदन करना होगा, उसके पश्चात् जिला उपभोक्ता आयोग से उनके मोबाईल पर एक लिंक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से पक्षकार अथवा अधिवक्तागण अपने मोबाईल के द्वारा सीधे प्रकरणों की ऑनलाईन सुनवाई में भाग ले सकते हैं।इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया की उपस्थिति में प्रकरण क्रमांक- 79/2024 पक्षकार भोजनाथ देवांगन विरूद्ध महिन्द्रा एण्ड महिन्दा फायनेंशियल सर्विस में उभयपक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्राही एवं सदस्य श्रीमती टी.दुर्गा ज्योति राव व सदस्य श्री गिरीश श्रीवास्तव की उपस्थिति में ई-हियरिंग के माध्यम से अंतिम तर्क किया गया। ई-हियरिंग की सुविधा को ऐतिहासिक पहल बताते हुए उपस्थित सभी अतिथियों पक्षकारों एवं तकनीकी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर जिला उपभोक्ता आयोग महासमुंद के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्रही, राज्य उपभोक्ता आयोग के रजिस्ट्रार श्री श्रीनिवास तिवारी, डिप्टी रजिस्ट्रार श्रीमती मोना चौहान, सदस्य श्री प्रमोद वर्मा, एकाउन्ट अधिकारी श्रीमती मधुलिका यादव, जिला उपभोक्ता आयोग, रायपुर के अध्यक्ष श्री डाकेश्वर शर्मा, सदस्य सुश्री नीलिमा प्रधान एवं महासमुंद आयोग के सदस्यद्वय श्रीमती टी0दुर्गा ज्योति राव व श्री गिरीश श्रीवास्तव एवं अधिवक्ता संघ महासमुंद के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा व सचित श्री नूतन साहू सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि व कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- 0- दारापाल की कच्चा घाटी में कंटूर ट्रेंच निर्माण से किसानों को मिल रहा लाभरायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में न केवल रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड भैरमगढ़ से लगभग 15 किलोमीटर दूर, जिला दंतेवाड़ा की सीमा से लगे ग्राम पंचायत दारापाल के कच्चा घाटी में 300 नग कंटूर ट्रेंच का निर्माण कर एक अनुकरणीय कार्य किया गया है।तीव्र ढलान वाली इस घाटी में वर्षों से वर्षा जल का तेज बहाव खेती योग्य भूमि को क्षति पहुँचा रहा था। इस समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य को प्राथमिकता से क्रियान्वित किया गया। इससे घाटी के आसपास की भूमि में नमी की मात्रा में वृद्धि हुई है, जिससे प्राकृतिक रूप से उगने वाले पेड़-पौधों को जीवित रहने में मदद मिल रही है।घाटी के ठीक नीचे 25 कृषकों की लगभग 150 एकड़ कृषि भूमि स्थित है, जिन्हें इस कार्य से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। कंटूर ट्रेंच के अतिरिक्त घाटी के निचले हिस्से में एक तालाब का निर्माण भी किया गया है, जिससे बहते हुए पानी को रोका जा सके और इसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सके।ग्राम पंचायत दारापाल की तकनीकी सहायक ने जानकारी दी कि कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के मार्गदर्शन में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। कन्टूर ट्रेंच निर्माण से जहां भूमि कटाव की समस्या पर नियंत्रण पाया गया है, वहीं इससे मृदा संरक्षण और जल संचयन को भी बढ़ावा मिला है। इस कार्य पर ₹4 लाख 68 हजार की लागत आई है तथा कुल 1929 मानव दिवस का सृजन किया गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी प्राप्त हुआ।ग्राम दारापाल निवासी कृषक श्री राजकुमार कश्यप, जिनकी 7 एकड़ भूमि घाटी के निचले हिस्से में स्थित है, ने बताया कि पूर्व में बारिश के दौरान घाटी से तेज बहाव के साथ झाड़ियाँ और कचरा खेतों में आकर फसल को नष्ट कर देते थे और मेड़ों का कटाव भी होता था। अब कंटूर ट्रेंच बनने से यह समस्या समाप्त हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य में श्रमिक के रूप में भाग लेने से उन्हें मजदूरी का लाभ भी मिला है।महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से ग्राम दारापाल में किया गया यह प्रयास पर्यावरणीय संरक्षण, कृषि भूमि की सुरक्षा, जल-संसाधन विकास एवं ग्रामीण रोजगार सृजन का उत्तम उदाहरण है। यह पहल ग्रामीण अंचलों में स्थायी विकास की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हो रही है।
- महासमुंद/ देव संस्कृति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विगत दिनों किशोरी बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे संभावित खतरों से खुद को बचा सकें और अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. एकता लगेह, समाजसेविका और देव संस्कृति शिक्षण समिति अध्यक्ष शशि प्रभा थीटे जी उपस्थित थीं। इस अवसर पर डॉक्टर एकता जी ने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण का प्रथम उद्देश्य बच्चियों को शारीरिक हमले से खुद को बचाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देती है।शशि प्रभा जी ने बताया कि यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है और हम सबको एकजुट होकर बच्चियों की आत्मरक्षा और अन्य कौशल पर कार्य करने के लिए जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से हम बच्चियों को सशक्त बना सकते हैं और उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।आत्मरक्षा प्रशिक्षक नीलकंठ साहू ने बताया कि मार्शल आर्ट अनुशासन और एकाग्रता की ओर ले जाता है और यह गुण बच्चों में व्यवस्थित अभ्यास और दोहराव के माध्यम से विकसित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देती है।तारिणी चंद्राकर ने बताया कि कराटे अकादमी और समाजिक संस्था के सहयोग से सभी बड़े स्कूलों में आत्मरक्षा हेतु निशुल्क मार्शल आर्ट, योग और मेडिटेशन की क्लास दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से हम बच्चियों को सशक्त बना सकते हैं और उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या रंगारी को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मार्शल आर्ट प्रशिक्षक नीलकंठ साहू द्वारा और आभार प्राचार्य कुबेर गिरी गोस्वामी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से नरेंद्र नायक, रामकुमार साहू, तुषार चंद्राकर, जय तंबोली, दूषण साहू, पत्रकार उत्तरा विदानी और देव संस्कृति विद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा।
- 0- 31 जुलाई तक किये जा सकते है आवेदनदंतेवाड़ा । कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार दंतेवाड़ा जिला दंतेवाड़ा छ०ग० के अंतर्गत संचालित लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम दंतेवाडा के स्थापना हेतु नालसा लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम, संशोधित स्कीम 2022 में जारी दिशा निर्देश एवं छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के पत्र क्रमांक 7490/एल.ए.डी.सी.एस. -23/2024 दिनांक 11 नवम्बर 2024 में दिये निर्देशानुसार 01 पद डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल (अनारक्षित मुक्त वर्ग) के पद हेतु निर्धारित मानदेय पर संविदा नियुक्ति किये जाने हेतु भारतीय नागरिकों (अधिवक्ताओ) से आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते हैं। आवेदन कार्यालय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर दंतेवाडा जिला-दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा छ.ग. के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 सध्या 05 बजे तक (केवल स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से) निर्धारित किया गया है। विज्ञापन के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी, शर्ते वेब साईट https://dantewada.dcourts.gov.in category/recruitments/ एवं https://dantewada.dcourts.gov.in/notice& पर उपलब्ध है।
- 0- गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को मिल रहा नया जीवनरायपुर,। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु जरूरतमंद और कमजोर आय वर्ग के बच्चों के लिए वरदान बनकर सामने आया है। इस योजना के तहत जन्मजात और गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिससे न केवल बच्चों को नया जीवन मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों में भी खुशियों की वापसी हुई है।स्वास्थ्य विभाग कोण्डागांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिरायु योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले के कुम्हारपारा निवासी पांच माह के रोनित कोर्राम और तहसीलपारा की चार माह की बच्ची का 15 जुलाई को रायपुर के निजी अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। दोनों बच्चे कटे-फटे होंठ की समस्या से पीड़ित थे। सर्जरी के बाद अब दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। बच्चों के परिजनों ने शासन को इस निःशुल्क इलाज सुविधा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।जिले में चिरायु योजना के तहत अब तक कोंडागांव विकासखंड के 51 बच्चों की हृदय संबंधी सर्जरी की जा चुकी है। इसके अलावा टेढ़े-मेढ़े पैरों वाले 23 बच्चों, कटे-फटे होंठ से पीड़ित 22 बच्चों और जलने के कारण त्वचा चिपकने की समस्या से जूझ रहे 19 बच्चों का सफल इलाज किया गया है। केन्द्र एवं राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। चिरायु योजना के माध्यम से जहां एक ओर बच्चों को बेहतर इलाज मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत भी मिल रही है।
- -छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हुए शामिल-नेशनल एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड के 4 सदस्य राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़रायपुर।, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा जी की अध्यक्षता में नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी एक्ट 2021 के तहत छठवें नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी बोर्ड की बैठक हाइब्रिड मोड में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बोर्ड के सदस्य के रूप में छत्तीसगढ़ , चंडीगढ़, तमिलनाडु एवं तेलगांना राज्य शामिल हैं। छत्तीसगढ़ राज्य की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया तथा आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ प्रियंका शुक्ला बैठक में उपस्थित रहे।बोर्ड की बैठक में तीन अहम मुद्दों को सर्व सहमति से पारित किया गया। इसके तहत देश के अंदर या बाहर भ्रूण/युग्मक के अंतरण के अनुमति हेतु 884 मामलों के प्रकरणों को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही भारतीय मूल के दंपत्ति (ओसीआई) के 14 मामलों में अधिनियम के तहत सरोगसी हेतु स्वीकृति दी गई। एक अन्य मामले में एक केंद्र से दूसरे केंद्र में क्रायोप्रिजर्व के सामूहिक हस्तांतरण (केंद्र के बंद होने के कारण) के तीन प्रकरणों में स्वीकृति दी गई।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में एक अहम सुझाव देते सरोगेसी के लिए अधिनियम में निर्धारित उम्र सीमा पर पुर्नविचार कर एक्ट में संशोधन किये जाने की बात कही, इसके लिये केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की सराहना की गई।बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने एआरटी एवं सेरोगेसी एक्ट को मानवता के विकास के कदम में एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने बैठक में कहा कि आज जो एजेंडा पारित हुए हैं उससे समाज को लाभ मिलेगा।



























