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निगम जोन 1 के वार्ड 16 में खमतराई शीतला तालाब के समीप होगा विकास कार्य
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 1 के अंतर्गत वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक 16 के खमतराई शीतला तालाब के समीप नवीन विकास कार्यों को शीघ्र कराये जाने रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने रायपुर नगर निगम सभापति सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम जोन 1 जोन अध्यक्ष और वीर शिवाजी वार्ड 16 के पार्षद श्री गज्जू साहू, पूर्व पार्षद श्री मोहन उपारकर, सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री सुन्दर लहरे, क्षेत्र के निवासी गणमान्यजनों, विशिष्टजनों आमजनों, महिलाओं, नवयुवकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के मध्य श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर किया.
रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर डॉक्टर दिव्या चंद्रवंशी और कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कँवर को स्वीकृति अनुसार वार्ड 16 के क्षेत्र में नए विकास कार्य शीघ्र प्रारम्भ करवाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से तय समयसीमा के भीतर जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से शीघ्र सतत मॉनिटरिंग करवाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैँ. वार्ड 16 के पार्षद और निगम जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू ने सभी वार्डवासियों ki ओर से निगम जोन 1 के वार्ड 16 में शीतला तालाब खमतराई के पास नए विकास कार्यों का प्रारम्भ करवाने रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ को हार्दिक धन्यवाद दिया है -
रायपुर / रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर पालिक निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में नगर निगम जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत संतोषी नगर लक्ष्मीनगर वीआईपी चौक के पास योगेश वर्मा द्वारा किये जा रहे 4 दुकानों के अवैध निर्माण को नोटिस देने के बाद भी सम्बंधित द्वारा निर्माण कार्य बंद नहीं किये जाने एवं निर्माण कार्य लगातार जारी रखे जाने पर अभियान चलाकर कार्यवाही करते हुए नगर निगम जोन क्रमांक 6 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा 4 दुकानों के अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्यवाही नगर निवेश सहायक अभियंता श्री आशीष श्रीवास्तव, उप अभियंता श्री सागर ठाकुर की उपस्थिति में स्थल पर की गयी.
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बालोद/ जिले के विकासखण्ड डौंडी मे मथाई चौक मे संचालित किसान संगवारी कृषि केन्द्र के संचालक श्री मनोज कुमार बुर्रा के खिलाफ उर्वरक वितरण में अनियमितता बरतने पर कार्रवाई की जा रही है। उप संचालक कृषि ने बताया कि कृषि केंद्र के संचालक द्वारा स्थानीय कृषकों को यूरिया होने के बावजूद भी वितरण नहीं किये जाने की शिकायत किसानों ने तहसीलदार डौंडी से किया । इस घटना की जानकारी होते ही उप संचालक कृषि ने मौके पर अनुविभागीय अधिकारी श्री महेश कुमार मारगिया, उर्वरक निरीक्षक श्री ऐमन्त कोठारी को भेजा। कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम किसान संगवारी कृषि केन्द्र पहुंचे तब कृषि केन्द्र का संचालक वहा उपस्थित नहीं था, एवं किसान काफी आक्रोशित थे। किसानो ने अवगत कराया कि कृषि केन्द्र के संचालक 24 किसानों को 35 बोरी यूरिया देने के एवज मे पैसा लिया है और यूरिया उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तहसीलदार एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी की उपस्थिति में 24 कृषकों को 35 बोरी यूरिया उपलब्ध कराया गया, जिससे कृषक संतुष्ट हुए। कृषि केन्द्र के संचालक द्वारा उर्वरक वितरण में बरती गई अनियमितता के कारण कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए कृषकों के समक्ष कृषको का हस्ताक्षरयुक्त पंचनामा तैयार किया गया एवं गोदाम का ताला तोड़कर नया ताला लगाकर गोदाम सील किया गया तथा कृषि केन्द्र को भी सील किया गया। उप संचालक कृषि जिला बालोद ने कृषि केन्द्र के संचालक श्री मनोज कुमार बुर्रा को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, के उल्लंघन किये जाने के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है तथा उप संचालक कृषि जिला बालोद ने अवगत कराया कि जवाब प्राप्त होने के पश्चात उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, के तहत अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। जिला बालोद में खरीफ वर्ष 2025 हेतु उर्वरकों का सहकारी क्षेत्र में 57821 मी. टन का लक्ष्य है, जिसके विरूद्ध 36031 मी. टन. का भण्डारण तथा 31377 मी. टन का उठाव किया जा चुका है। इसी तरह निजी क्षेत्र में 19486 मी. टन का लक्ष्य था. जिसके विरुद्ध 13473 मी. टन का भण्डारण किया जा चुका है एवं 11738 मी. टन का उठाव किया जा चुका है। वर्तमान स्थिति मे सहकारी क्षेत्र में 4654 मी. टन तथा निजी में 1734 मी. टन उर्वरक उपलब्ध है। जिले में लगातार उर्वरक भण्डारण एवं वितरण का कार्य जारी है।
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-राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर
-बाढ़ की स्थिति पर विशेष सतर्कता, राहत शिविरों की पूर्व तैयारी के निर्देश
-नजूल वसूली और भू-अर्जन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर
-कोर्ट प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं - कलेक्टर श्री सिंह
दुर्ग/कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर कृषक पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी पात्र कृषकों का पंजीयन प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री अभिजीत ने कहा कि कृषक पंजीयन, कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक सीधे पहुँच सकेगा। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि किसान स्वयं, मोबाइल ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर या पटवारी की मदद से शीघ्रता से पंजीयन कराएं। बैठक में यह जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष 1,14,000 किसानों ने पंजीयन कराया था, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 63,435 किसानों ने ही पंजीयन कराया है। कलेक्टर ने लक्ष्य पूर्ण करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। कृषक पंजीयन में सभी कृषि भूमि का विवरण भू-अभिलेख के अनुसार सुनिश्चित किया जा सकेगा। मृतक भूस्वामी के स्थान पर वारिसान भूस्वामी का नाम दर्ज करने की सुविधा होगी। प्रत्येक भूखण्ड एक या एक से अधिक भूधारक के नाम दर्ज होगा। प्रत्येक भूस्वामी का आधार नंबर प्रविष्टि होगा। भूमि के खरीदी ब्रिकी, उत्तराधिकारी या बंटवारा के माध्यम से भू-अभिलेख दुरूस्त किए जाने पर स्वतः अद्यतन होगा।
बैठक में राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा बटांकन, डायवर्सन, और राजस्व वसूली की स्थिति की जानकारी ली और इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तहसीलदार पाँच गाँवों का चयन कर वहाँ के भू-अभिलेखों की त्रुटियों की पहचान करें और उनका समयबद्ध सुधार करें। साथ ही डिजिटल हस्ताक्षर, आधार और मोबाइल नंबर की प्रविष्टि कार्यों को प्राथमिकता के साथ प्रतिदिन अपडेट करने के निर्देश दिए। धान खरीदी की तैयारी को लेकर भी कलेक्टर ने विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 87 धान खरीदी केंद्र संचालित हैं और नये केंद्रों के लिए गाँवों के समीप ही भूमि चिन्हित की जाए, जिससे खरीदी के समय किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही जलभराव की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी राहत शिविरों की पहचान करने तथा वहाँ रहने, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विवादित नामांतरण प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि एक पटवारी के पास दो से अधिक हल्के नहीं होने चाहिए। सीमांकन प्रतिवेदन की तिथि निर्धारित कर कार्य शीघ्र पूर्ण कराने और नक्शा बटांकन कार्यों के लिए टीम बनाकर तत्परता से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने गिरदावरी सर्वेयर और राजस्व निरीक्षकों का प्रशिक्षण इसी माह आयोजित कराने के निर्देश भी दिए। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की सूची अद्यतन करने, अपात्र लोगों को लाभ न मिले इस पर विशेष ध्यान देने, और भू-आबंटन प्रकरणों की जानकारी एकत्र कर चिन्हांकित स्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। नजूल पट्टा नवीनीकरण, नजूल राजस्व बकाया की वसूली और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया। भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों में फौती नामांतरण अनिवार्य रूप से करने, अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा किसी भी मामले में विलंब या पेंडेंसी न होने की सख्त हिदायत दी गई। कोर्ट केसों को गंभीरता से लेने और आदेश-पत्रों की समुचित समीक्षा कर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित नही होने चाहिए। उन्होंने राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों तथा तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों से उनके न्यायालयों में लंबित राजस्व प्रकरणों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों एवं मुआवजा भुगतान, भारतमाला परियोजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने निर्देश दिए, जिससे प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान करने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। बैठक में एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी व श्रीमती लता उर्वशा, एसडीएम श्री लवकेश धु्रव, श्री सोनल डेविड, श्री महेश राजपूत, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव एवं श्रीमती सिल्ली थॉमस सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, एएसएलआर उपस्थित थे। -
भिलाई नगर। महापौर परिषद के विशेष बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार टाउनशिप क्षेत्र में स्थित नालों की सफाई नहीं कराए जाने के संबंध में निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने मुख्य महाप्रबंधक नगर सेवाएं विभाग भिलाई इस्पात संयंत्र को चेतावनी नोटिस जारी किये हैं ।
जिला कलेक्टर दुर्ग द्वारा पूर्व में ही टाउनशिप क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वार्डों में बीएसपी प्रबंधन द्वारा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, डेंगू, मलेरिया एवं जल जनित बीमारियों के रोकथाम हेतु समुचित कार्रवाई करने और बेक लेन की सफाई तथा आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र की संपूर्ण मार्गों की साफ सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने संबंधित पत्र एवं निर्देश दिए हैं। टाउनशिप क्षेत्र अंतर्गत नालों में जलकुंभी की सफाई बरसात के पूर्व 15 जून 2025 तक करना था, जिससे पानी के बहाव में रुकावट न हो और आसपास बस्तियों में जल भराव न हो । किंतु भिलाई इस्पात संयंत्र नगर सेवाएं प्रबंधन द्वारा सभी कार्य नहीं कराए गए हैं । टाउनशिप क्षेत्र में स्थित नाला की जलकुंभी निगम क्षेत्र अंतर्गत बरसाती पानी में बह कर आने से जुनवानी, कोसानाला पुलिया में फंस जाने से सेक्टर 6 भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के पास बौद्ध भूमि, प्रियदर्शनी परिसर, कोसा नगर, कोसा नगर रेसने आवास, गांधीनगर एवं विनोबा नगर में नाला के आसपास की बस्ती एवं घरों में पानी भर गया। इस तरह की स्थिति निर्मित होने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है और प्रभावित लोगों का नुकसान भी हुआ है। जनहानि की आशंका बनी है जिससे प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।
टाउनशिप क्षेत्र के नालों एवं बेक लेन की सफाई व्यवस्था जल्द सुधारने हेतु चेतावनी दी गई है, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई होगी । - बलौदाबाजार / एकलव्य आवासीय विद्यालय सोनाखान में शनिवार क़ो एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण एवं सफाई अभियान चलाया गया। एसडीएम आर. आर. दुबे सहित अधिकारी- कर्मचारी, शिक्षकों एवं स्कूली बच्चों ने पौधरोपण किया। इसके साथ ही स्कूल परिसर क़ी साफ-सफाई के लिए श्रमदान किया गया।एसडीएम श्री दुबे ने स्कूल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओ का जायजा लिया। उन्होने बच्चों के कक्षा में उनसे संवाद किया और पढ़ाई क़ी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों क़ो कई महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा किये। इस दौरान उन्होने बच्चों क़ो अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाने तथा लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने क़ी समजाईश दिये।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा सोनाखान में एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित है । यहां अनुसूचित जनजाति के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12 वीं तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा दी जाती है।
- बलौदाबाजार, / जनपद पंचायत कार्यालय कसडोल में शनिवार क़ो वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत फौत एवं नामांतरण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डीएफओ गणवीर धम्मशील , एसडीएम, तहसीलदार एवं सभी एसडीओ (वन), परिक्षेत्र अधिकारीगण एवं प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल उपस्थित रहे। कार्यशाला में डीएफओ एवं एसडीएम के द्वारा नामांतरण क़ी प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया और फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु सुझाव दिए गए। इसके साथ ही वनाधिकाऱ पत्र के लिए प्राप्त आवेदनों का अनुभाग स्तरीय समिति में संविक्षा एवं आगे क़ी कार्यवाही के सम्बन्ध में भी दिशा निर्देश दिये गए। कार्यशाला में वनाधिकाऱ अधिनियम पर विस्तृत जानकारी प्रदान क़ी गई।
- -मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा – युवा खिलाड़ियों की उपलब्धि पूरे प्रदेश की प्रेरणारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स 2024 में स्वर्ण पदक विजेता पावरलिफ्टर श्री प्रेम राजन रौतिया ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।उल्लेखनीय है कि श्री प्रेम राजन रौतिया महासमुंद जिले के पिथौरा के निवासी हैं। उन्होंने 31 अगस्त से 4 सितंबर 2024 तक नेपाल के पोखरा में आयोजित एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स में अंडर-30 कैटेगरी में भाग लेते हुए 735 किलोग्राम भार उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दिलाई है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री खेमराज बाकरे सहित मेहर रविदास समाज के अनेक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे, जिन्होंने श्री रौतिया को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मिस यूनिवर्स छत्तीसगढ़ 2025 डॉ. अंजली पवार ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. अंजली पवार को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. अंजली पवार को छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में पर्यटन विकास की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद उपस्थित थे।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा डंगनिया स्थित आॅफिसर्स क्लब में निशुल्क कैंसर की प्राथमिक जाॅच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। जिसका लाभ 118 कर्मियों ने लिया। कर्मियों मे 91 महिलाए और 27 पुरूष की जांच की गई। परीक्षण में 27 मेमोग्राफी ,23 पैपस्मीयर टेस्ट और 5 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल मेें इलाज का परामर्श दिया गया।
इस अवसर पर मानव संसाधन ट्रांसमिशन के मुख्य अभियंता श्री ए ़एम ़परियल, अति मुख्य अभियंता श्री विनोद अग्रवाल और केशलेश की पूरी टीम ने शिविर का जायजा लिया। श्री अग्रवाल ने बताया कि मानव संसाधन विभाग ने द्वारा अभिनव पहल करते हुए विशेषकर महिलाओं संबंधी कैंसर के लिए बालको मेडिकल सेंटर से मोबाइल जांच वाहन की व्यवस्था की गई। शिविर का उद्देश्य विद्युत कर्मियों को कैंसर के प्रति जागरूक करने के साथ भ्रान्ति का निराकरण और समुचित इलाज की जानकारी देने है।शिविर में बालको से कैंसर विशेषज्ञ (ओंको सर्जन) डाॅ पलक अग्रवाल एवं ओंको टीम से डाॅ हेमलता, श्री सिद्धार्थ सक्सेना,एक तकनीशियन, दो नर्सिंग स्टाफ के साथ 10 लोगों की टीम ने परीक्षण एवं परामर्श की सेवाएं दी।डाॅ पलक ने बताया कि आज शिविर मे कर्मियों के सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, शुगर परीक्षण , गठान संबंधी जांच एवं कैंसर के लक्षण के बारे में जानकारी प्रदान की गई। महिलाओं के लिए विशेष स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और मुख कैंसर की शुरूआती अवस्था की जाॅच करने के लिए मेमोग्राफी मशीन, थर्मल स्कैनिंग,पेप स्मीयर एवं ब्रश साइटोलाॅजी की सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराया गया।मानव संसाध्न विभाग द्वारा कर्मियों के लिए आनलाइन एवं आन स्पाट रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराया गया।जिसका लाभ उठाते हुए विद्युत कर्मियों ने शिविर में हिस्सा लिए।इस अवसर पर श्रीमती स्नेहा सिंह, श्री गीतेश देवांगन, श्री रजनीश चैबे, श्री कन्हैया देवांगन एवं स्वाति दुबे उपस्थित थे। - -नेत्र रोग विभाग ने रचा नया इतिहास, एक ही ऑपरेशन में पलक और तिरछेपन की समस्या का समाधानबिलासपुर, / सिम्स के नेत्र रोग विभाग में चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बेमेतरा निवासी 21 वर्षीय युवक जो जन्म से ही अपनी दायीं आंख की झुकी हुई पलक और तिरछेपन की जटिल समस्या से जूझ रहा था, उसका सफल ऑपरेशन कर सिम्स ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।मरीज लंबे समय से इस समस्या के इलाज की आशा खो चुका था, परंतु जब उसे जानकारी मिली कि अब सिम्स में इस प्रकार की जटिल नेत्र सर्जरी संभव है, तब उसने यहां पर संपर्क किया। नेत्र रोग विभाग की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभा सोनवानी एवं उनकी टीम द्वारा संपूर्ण जांच के उपरांत ऑपरेशन की प्रक्रिया आरंभ की गई।यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल माना जाता है, जिसमें एक ही आंख में दोनों—झुकी पलक (Ptosis) एवं आंख के तिरछेपन (Strabismus)—का एक साथ इलाज किया गया। सिम्स के इतिहास में यह पहली बार था जब इस तरह का संयुक्त नेत्र ऑपरेशन किया गया।ऑपरेशन डॉ. रमणेश मूर्ति (अधिष्ठाता), डॉ. लाखन सिंह (चिकित्सा अधीक्षक) एवं डॉ. सुचित सिंह (विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग) के मार्गदर्शन में डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. सुचित सिंह, डॉ. आरूषी शर्मा एवं डॉ. कुणाल सिंह की टीम ने किया। नर्सिंग स्टाफ और वार्ड ब्वॉय ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और अब मरीज की आंख की पलक सामान्य हो चुकी है। साथ ही तिरछेपन में भी पूर्ण सुधार हुआ है। इससे मरीज के आत्मविश्वास में नया संचार हुआ है। पूर्व में ऐसे ऑपरेशन केवल निजी अस्पतालों में महंगे शुल्क पर ही संभव थे। अब सिम्स में यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निशुल्क उपलब्ध है, जिससे प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
- रायपुर, । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज आरंग ब्लॉक का सघन निरीक्षण करते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय विद्यालयों और धान संग्रहण केंद्रों का दौरा किया।कलेक्टर डॉ सिंह ने सर्वप्रथम आरंग स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 और 2 पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, पोषण आहार और अन्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की और आवश्यक निर्देश दिए।इसके पश्चात डॉ. सिंह ग्राम बकतरा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला पहुंचे। वहां उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत किया तथा शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्कूल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर खाद्य संग्रहण केंद्र बकतरा भी पहुंचे। वहां संग्रहित धान को सुरक्षित ढंग से ढका हुआ पाया गया। कलेक्टर ने संग्रहण केंद्र तक पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) निर्माण के निर्देश दिए तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु सघन वृक्षारोपण के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री पुष्पेंद्र शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर / नेशनल गोट-डे के अवसर पर आज आरंग विकासखंड में ग्राम बकतरा में आयोजित कार्याशाला में क कलेक्टर डॉ गौरव सिंह शामिल हुए। यह कार्यशाला बकरी पालक किसानों पशु सखियों का तकनीकी सलाह प्रदान करने के लिए आयोजित की गई थी। इसका आयोजन दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविद्यालय और केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान द्वारा पशुधन विकास विभाग के सहयोग से आयोजन किया गया। कलेक्टर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम बकतरा को पशु पालन के क्षेत्र में हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। जिससे यहां गाय पालन, बकरी पालन तथा अन्य पशु-पशुओं के पालन में अच्छी संभावनाएं उभरें। यहीं नही ऐसा उत्पादन हो कि अन्य जगहों से व्यापारी यहां पर पशुओं की खरीदी करें और पशु उत्पादन से अच्छी आय है। उन्होंने पशु सखियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इनका योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका है। कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक से जन्मी गाय की बछियां और भैंस के बच्चे पडिंया का अवलोकन कर जानकारी ली। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, पशुधन विभाग के संयुक्त संचालक डॉ शंकर लाल उइके, कामधेनू विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक श्री केसी रामटेके सहित संबंधित उपस्थित थे।
- -सरकार हर भारतीय का सपना सच करने के लिए प्रतिबद्ध : केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइकेरायपुर। रायपुर में आयोजित रोज़गार मेला में युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने कहा कि युवाओं को रोजगार मेला में जो नौकरी मिल रही है, वह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। विकसित भारत की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है और सरकार हर भारतीय का सपना सच करने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है।देश के युवाओं को सरकारी नौकरियों के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से आज देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित रोजगार मेला में 51,000 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर रेल मंडल द्वारा आयोजित रोजगार मेला में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने 72 अभ्यर्थियों को विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सरकारी नौकरी हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किए।इस अवसर पर रायपुर के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी और श्री मोतीलाल साहू भी विशेष रूप से उपस्थित थे।श्री उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण का स्पष्ट दृष्टिकोण है। विकसित भारत 2047 युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और प्रतिबद्धता पर आधारित है, और रोजगार मेला उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।उन्होंने कहा कि रोजगार मेला केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि युवाओं और उनके परिवारों के सपनों को साकार करने की कहानी है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी लाभान्वित हो रही हैं, जो नारी शक्ति को सशक्त बना रही हैं। देशभर में 13 भाषाओं में परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं ताकि भाषा किसी के लिए भी बाधा न बने।श्री उइके ने बताया कि नए नियुक्त कर्मचारियों को कर्मयोगी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें 1400 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार न केवल नौकरियां दे रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से नए अवसर भी उत्पन्न कर रही है।उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। 2014 में जहां केवल 100 स्टार्टअप थे, अब यह संख्या 1 लाख के पार पहुंच चुकी है, जिससे 10 लाख से अधिक नौकरियां उत्पन्न हुई हैं। मुद्रा योजना के तहत 23 लाख करोड़ रुपये से अधिक ऋण वितरित किए गए हैं और लखपति दीदी योजना के तहत 1.25 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। पीएम कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के जरिए लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है।रोजगार मेला में भाग लेने वाले नवनियुक्त कर्मचारियों में उत्साह और आत्मविश्वास साफ़ झलक रहा था। कार्यक्रम में युवाओं और उनके परिवारों ने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार के इस प्रयास की सराहना की। रायपुर में चयनित अभ्यर्थियों को गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, रेल मंत्रालय और डाक विभाग सहित विभिन्न मंत्रालयों में टेक्नीशियन, प्वाइंट्समैन, हेल्पर, गार्ड, डॉक्टर, डाक सेवक, सब-इंस्पेक्टर, कांस्टेबल आदि पदों पर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम के आरंभ में उपस्थितों का स्वागत अपर रेल मंडल प्रबंधक श्री बजरंग अग्रवाल द्वारा किया गया।
- -‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री श्री साय ने रखा दूरदर्शी विकास का रोडमैपरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में न्यूज़18 मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भव्य ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता ने हमें ऐतिहासिक समर्थन दिया और हमने सरकार बनते ही काम की शुरुआत कर दी। पहले ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे आज हज़ारों परिवारों को गृहप्रवेश का अवसर मिल रहा है। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए हमारी सरकार ने किसानों को दो वर्षों की बकाया राशि सहित ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी शुरू की है। महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की सहायता दी जा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण के तहत चरण पादुका वितरण से लेकर तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस तथा तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से गरीबों को धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पंचायतों में बैंकिंग सुविधा पहुंचाने का वादा किया था, जिसके तहत 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्रों की स्थापना हो चुकी है, और इसका जल्द ही विस्तार प्रदेश की सभी पंचायतों तक किया जाएगा। रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार नक्सल मुक्त भारत अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने की समयसीमा तय की गई है, और हम नियद नेल्लार योजना के अंतर्गत गांवों में तेज़ी से विकास कार्य कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से यह परिवर्तन संभव हो पा रहा है।‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, उपलब्धियों और आगे की दिशा पर केंद्रित अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए। कॉन्क्लेव ने शासन, सशक्तिकरण और नवाचार पर संवाद का एक प्रभावशाली मंच प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ के विजन को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम भी उपस्थित थे।
- -लेजर इन बिनाइन प्रोक्टोलॉजी (गुदा संबंधी सौम्य रोगों में लेजर तकनीक) विषय पर आयोजित हुई कार्यशालारायपुर।, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के जनरल सर्जरी विभाग में लेजर इन बिनाइन प्रोक्टोलॉजी (गुदा संबंधी सौम्य रोगों में लेजर तकनीक) विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक लाइव वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में आधुनिक चिकित्सा तकनीक को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत कर रोगियों को राहत दिलाने का उद्देश्य सफलतापूर्वक साकार किया गया।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मंजू सिंह, विभागाध्यक्ष, जनरल सर्जरी विभाग ने की। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर ने इस आयोजन को संस्थान के लिए एक मील का पत्थर बताया।कार्यशाला में सर्जन डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि यह तकनीक पारंपरिक पद्धति की तुलना में कम पीड़ादायक है, रक्तस्राव न्यूनतम होता है और रोगी जल्द स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन में लौट सकते हैं। इस दौरान बिनाइन प्रोक्टोलॉजिकल बीमारियों जैसे — बवासीर (Piles), भगंदर (Fistula), गुदा विदर (Fissure) आदि का लेजर तकनीक से ऑपरेशन किया गया तथा लेजर की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यशाला ने यह सिद्ध कर दिया कि जनरल सर्जरी विभाग केवल शल्य चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सहज, संवेदनशील और समर्पित चिकित्सा सेवा का एक जीवंत उदाहरण बन चुका है।यह आयोजन न केवल चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन का माध्यम बना, बल्कि छात्रों एवं प्रशिक्षुओं के लिए भी एक प्रेरणादायक अनुभव रहा। युवा डॉक्टरों के चेहरों पर आधुनिक तकनीक सीखने की जिज्ञासा और सेवा भावना की चमक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। जनरल सर्जरी विभाग के इस आयोजन को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है। विभाग ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों की श्रृंखला जारी रखने का संकल्प लिया, जिससे चिकित्सा सेवा को और अधिक सुलभ और उन्नत बनाया जा सके।
- -खरीफ मौसम में धान की बुआई व रोपा में तेजीरायपुर। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही राज्य में पर्याप्त बारिश के बाद किसानों ने धान की बुआई-रोपाई का काम तेजी कर दिया है। इस वर्ष किसानों को समय पर खाद और बीज की उपलब्धता ने न केवल बुवाई-रोपाई को सुगम बनाया है, बल्कि किसानों को खेती की लागत में कमी से भी फायदा पहुंचाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर इस वर्ष चालू खरीफ मौसम में किसानों को प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों के माध्यम से खाद-बीज की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे किसानों को न तो लाइन में लगना पड़ रहा है और न ही खाद-बीज की कालाबाज़ारी या कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डीएपी की कमी को नैनो डीएपी और दूसरी खादों के उपयोग से पूरा करने की सरकार की रणनीति ने भी इस बार खेती-किसानी के काम को समय पर पूरा करने में खासी भूमिका निभाई है।कोरबा जिले के ग्राम जामबहार के प्रगतिशील किसान श्री जगत पाल सिंह ने इस साल ठोस डीएपी की कमी के बावजूद शासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इस वर्ष खाद-बीज लेने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है। 22 एकड़ भूमि में खेती करने वाले श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने प्राथमिक सहकारी कृषि साख समिति सोनपुरी से यूरिया, डीएपी और नैनो डीएपी लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की किसानों को समय पर खाद-बीज भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने खूब फायदा पहुंचाया है। खाद-बीज समय पर उपलब्ध हो गए हैं, जिससे खेतों में धान की बुवाई समय पर हो गई और लागत भी घटी है।श्री सिंह ने नैनो डीएपी को भविष्य की खेती का स्मार्ट समाधान बताया। उन्होंने कहा कि कम मात्रा में अधिक प्रभाव वाला यह उर्वरक उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। श्री सिंह ने कहा कि ठोस डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने तरल नैनो डीएपी की भरपूर व्यवस्था कर दी है। तरल नैनो डीएपी से किसानों को धान की एक एकड़ फसल में लागत पर 75 रूपए का फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जहां एक एकड़ धान में डालने के लिए ठोस डीएपी की एक बोरी पर एक हजार 350 रूपए खर्च आता है, वहीं तरल नैनो डीएपी को आधी बोरी ठोस डीएपी के साथ एक एकड़ धान में उपयोग करने पर केवल एक हजार 275 रूपए ही लगते है। इस तरह किसानों को एक एकड़ में 75 रूपए की लागत कम लग रही है। श्री जगत पाल सिंह ने शासन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि विष्णुदेव सरकार की योजनाओं ने किसानों में एक नया भरोसा जगाया है। अब हम बिना तनाव के पूरी निष्ठा से खेती कर पा रहे हैं। यह आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है। राज्य सरकार की ये योजनाएं न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी ताकत दे रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों की पारदर्शी वितरण व्यवस्थाएं, समयबद्ध आपूर्ति चेन और तकनीकी नवाचारों को प्राथमिकता देते हुए सरकार किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है।
- -सुकमा में 1.18 करोड़ रुपये के 23 इनामी नक्सली मुख्यधारा में लौटे, बीते 15 महीनों में 1521 ने छोड़ी हिंसा-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा - ‘बंदूक की गोली नहीं, अब विकास की बोली गूंज रही है’रायपुर /छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में बदलाव की बयार बह रही है। बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं और लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है। इसी परिवर्तनशील वातावरण में आज सुकमा जिले में ₹1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन्हें मिलाकर पिछले 24 घंटों में कुल 45 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास जताया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अभूतपूर्व घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि विश्वास की उस जीत का प्रतीक है, जो हमारी सरकार ने 'नियद नेल्ला नार' जैसी जनउन्मुख योजनाओं के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया है। अब यहां बंदूक की गोली नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की पहुंच और विश्वास निरंतर बढ़ा है। यह सफलता राज्य सरकार की ‘नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ की सकारात्मकता को भी दर्शाती है, जिसके तहत हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों को न केवल सामाजिक सम्मान, बल्कि पुनर्वास और आजीविका का अवसर भी दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में चल रहे सुशासन के विजन का सजीव उदाहरण है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा प्रदेश तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।
- रायपुर। सुकमा जिले में आज कुल 1.18 करोड़ रुपये के इनामी तेईस माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें तीन दंपत्ति भी शामिल हैं। इन सभी माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत पचास-पचास हजार रूपए की प्रोत्साहन दी जाएगी। इन माओवादियों पर मुठभेड़, आईईडी विस्फोट, फायरिंग सहित अन्य माओवादी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है।सीआरपीएफ के डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 23 नक्सलियों में नौ महिला नक्सली शामिल थीं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में डिवीजनल कमेटी सदस्य लोकेश उर्फ पोडिय़ाम भीमा (35), पीएलजीए बटालियन नंबर के सदस्य रमेश उर्फ कलमू (23), कवासी मासा (35), प्रवीण उर्फ संजीव (23), नुप्पो गंगी (28), पुनेम देवे (30), पार्टी सदस्या परस्की पांडे (22), पार्टी सदस्य माड़वी जोगा (20), स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य सन्नु दादा का गार्ड नुप्पो लच्छु (25), पार्टी सदस्य पोडिय़ाम सुखराम (24) और प्लाटून नंबर चार का डिप्टी कमांडर दूधी भीमा (37) पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था।उन्होंने बताया कि इनके अलावा नक्सली एरिया कमेटी सदस्य मुचाकी रनौती (32), कलमू दूला (50), दूधी मंगला (30) और सिध्दार्थ उर्फ माड़वी (27) पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था।अधिकारियों ने बताया कि नक्सली पार्टी सदस्य हेमला रामा पर तीन लाख रुपये और सात नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था।उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर क्षेत्र में बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है।अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति, ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से प्रभावित होकर और अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।राज्य के बस्तर क्षेत्र में पिछले दो दिनों में 45 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और इनपर कुल 1.55 करोड़ रुपये का इनाम था। इससे पहले शुक्रवार को नारायणपुर जिले में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था और उनपर कुल 37.50 लाख रुपये का इनाम था।
- -17 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु करेंगी पुरस्कृत-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पुरस्कार के लिए चयनित नगरीय निकायों को दी बधाईरायपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगी। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी उपस्थित रहेंगे।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसिडेंट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख आबादी वाले (Big Cities) शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले (Small Cities) शहरों की श्रेणी में तथा बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले (Very Small Cities) शहरों की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा।स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है। इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं तथा वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं। इस नवीन श्रेणी में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत तथा बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा सतत किए जा रहे प्रयासों का यह उत्कृष्ट परिणाम है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में राज्य के और भी अधिक नगरीय निकाय स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक, सभी मिलकर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने हेतु अनेक नवाचारों के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।"छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। मैं सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देता हूँ और विश्वास जताता हूं कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य बना रहेगा।"
- -40 हजार से अधिक व्यापारियों को मिलेगा लाभ, 62 हजार से अधिक मामलों में मुकदमेबाजी कम होगी-मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर संशोधन विधेयक का प्रारूप हुआ अनुमोदित-छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदनरायपुर, / छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा।जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी।विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।
- -मंत्री श्रीमती राजवाड़े के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, राज्य स्तरीय जांच समिति ने सौंपी जांच रिपोर्ट, गुणवत्ताहीन सामान बदलवाए गएरायपुर, । आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों और महिलाओं के लिए भेजी गई सामग्रियों की गुणवत्ता पर उठे सवालों पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने त्वरित और सख्त रुख अपनाया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े के निर्देश पर राज्य स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया। जिसमें संयुक्त संचालक (वित्त), सीएसआईडीसी और जीईसी रायपुर के तकनीकी प्रतिनिधि, संबंधित जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संचालक (आईसीडीएस) और दो तकनीकी निरीक्षण एजेंसियों SGS इंडिया और IRCLASS सिस्टम्स के विशेषज्ञ शामिल थे। समिति ने सभी जिलों में सामग्री की गुणवत्ता का भौतिक परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट संचालनालय को सौंप दिया।रिपोर्ट के आधार पर दोषी प्रदायकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए छह सप्लायरों मेसर्स नमो इंटरप्राईजेस, मेसर्स आयुष मेटल, मेसर्स अर्बन सप्लायर्स, मेसर्स मनीधारी सेल्स, मेसर्स ओरिएंटल सेल्स, मेसर्स और सोनचिरिया कॉर्पाेरेशन एजेंसियों को जेम पोर्टल से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, भविष्य में ये एजेंसिया किसी भी प्रकार की सामग्रियों की शासकीय सप्लाई भी नही कर पाएगी। विभाग द्वारा इन सभी से घटिया सामग्रियों को वापस मंगाकर मानकों के अनुरूप सामग्री की आपूर्ति कराई गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई राज्य सरकार की दृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति और पारदर्शिता का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वयं बार-बार यह दोहरा चुके हैं कि बच्चों, महिलाओं और गरीबों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2024-25 में कुल 23.44 करोड़ रुपये की सामग्री जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे 40 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसे विभाग ने एक सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग ने बताया कि पूरी क्रय प्रक्रिया पारदर्शी रही और सभी सामग्रियों की सप्लाई से पहले और सप्लाई के बाद गुणवत्ता जांच कराई गई।राज्य स्तरीय जांच समिति द्वारा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जशपुर, सरगुजा और जांजगीर-चांपा जिलों में जाकर प्रदाय की गई सामग्रियों का गहन निरीक्षण किया गया। समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ टेबल स्थानों पर असेंबल नहीं हुए थे, जिन्हें बाद में सही कराया गया। अनाज कोठी भारतीय मानक (ठप्ै) के अनुरूप नहीं मिलने पर मेसर्स नमो इंटरप्राइजेस और आयुष मेटल से सामग्री बदली गई और दोनों को जेम से प्रतिबंधित किया गया। स्टील ट्रे की साइज और वजन में भिन्नता पर मेसर्स अर्बन सप्लायर्स, मनीधारी सेल्स व ओरिएंटल सेल्स से रिप्लेसमेंट कराया गया। तवा की गुणवत्ता कम मिलने पर मेसर्स सोनचिरैया कॉर्पाेरेशन को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। कढ़ाई हल्की वजन भिन्नता को छोड़कर अधिकांश मापदंडों पर ठीक पाई गई। अन्य सामग्रियां जैसे अलमारी, कुकर, चम्मच व गिलास अधिकतर स्थानों पर मानकों के अनुरूप पाई गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खराब सामग्री के लिए ऐजेंसियों को कोई भुगतान नहीं किया गया है। विभाग की नीति के तहत भुगतान केवल गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही होता है, जिससे प्रदायकर्ताओं की मनमानी की कोई गुंजाइश नहीं रहती। सभी दोषपूर्ण सामग्रियों को वापस लेकर मानक सामग्री दी जा चुकी है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पूरे मामले पर कहा, “बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हमने तत्परता और पारदर्शिता के साथ जांच पूरी कर दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की है। हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों तक केवल सुरक्षित, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सामग्री ही पहुंचे।”
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान जिला पंचायत परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत बादाम के पौधे रोपित किए। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी नागरिकों से अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की अपील की। साथ ही लगाए गए पौधे को सजीव बनाए रखने की जिम्मेदारी स्वयं उठाने की बात कही।उन्होंने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है। पेड़ पौधे न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक अनमोल उपहार है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 364.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 540.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 176.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 275.9 मि.मी., सूरजपुर में 451.7 मि.मी., जशपुर में 474.8 मि.मी., कोरिया में 398.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 354.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 343.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 348.3 मि.मी., गरियाबंद में 318.1 मि.मी., महासमुंद में 333.7 मि.मी. और धमतरी में 322.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 387.1 मि.मी., मुंगेली में 254.7 मि.मी., रायगढ़ में 519.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 363.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 491.4 मि.मी., सक्ती में 422.6 मि.मी., कोरबा में 464.8 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 368.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 303.7 मि.मी., कबीरधाम में 258.0 मि.मी., राजनांदगांव में 298.1 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 484.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 245.9 मि.मी., बालोद में 380.4 मि.मी. और बस्तर जिले में 436.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 263.1 मि.मी., कांकेर में 366.8 मि.मी., नारायणपुर में 315.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 397.2 मि.मी., सुकमा में 209.3 मि.मी. और बीजापुर में 444.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के निर्देशन और सहायक अभियंता श्री आशीष श्रीवास्तव, उप अभियंता श्री सागर ठाकुर की उपस्थिति में जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत कटोरा तालाब रोड से न्यू राजेन्द्र नगर जाने वाले सर्विस रोड पर नाले के ऊपर से अतिक्रमण हटाए जाने और अवैध गुमटी को जप्त करने की कार्यवाही नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता और जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर की गयी.
















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