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- रायपुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से लगे पड़ोसी राज्य तेलंगाना की सीमा पर नक्सली गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबल के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि दल जब दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित करेगुट्टा की पहाड़ी वाले इलाके में था तब सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से अभी तक तीन नक्सलियों के शव बरामद किये हैं। मुठभेड़ में अन्य नक्सलियों के भी मारे जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यह अभियान बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई में से एक है। इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 10 हजार जवान शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना पुलिस भी इस अभियान में सहायक भूमिका में है।उन्होंने बताया कि माओवादियों के सबसे मजबूत सैन्य संगठन बटालियन नंबर एक के वरिष्ठ कैडरों और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति की मौजूदगी के बारे में मिली सूचना के आधार पर सोमवार को अभियान शुरू किया गया था। यह अभियान लगातार कुछ दिनों तक चलेगा। अधिकारियों ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादियों की बटालियन नंबर एक का आधार क्षेत्र बताया जाता है।
- मुंगेली। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आज मुंगेली जिला कलेक्टोरेट परिसर से 183 श्रद्धालुओं का दल जगन्नाथपुरी, भुवनेश्वर और कोणार्क के लिए रवाना हुआ। इन श्रद्धालुओं में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं भी शामिल हैं। सभी श्रद्धालुओं को पुष्पमाला पहनाकर और बस को हरी झंडी दिखाकर नवपदस्थ कलेक्टर कुन्दन कुमार, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्टर कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप यह योजना श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी। इससे उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।” उन्होंने सभी यात्रियों को मंगलमय और सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।श्रद्धालुओं ने “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि सभी श्रद्धालु बिलासपुर से सर्व-सुविधा युक्त एसी कोच ट्रेन द्वारा जगन्नाथपुरी, भुवनेश्वर व कोणार्क में दर्शन-पूजन के उपरांत 27 अप्रैल को मुंगेली वापस लौटेंगे। यात्रा के दौरान उन्हें निःशुल्क भोजन व रहने की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता किट और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इच्छुक वरिष्ठ नागरिक योजना का लाभ लेने के लिए जिला कलेक्टोरेट स्थित समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
- -उद्योग एक ही भू-खंड पर कर सकेंगे दोगुना निर्माणरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में किए सुधार के चलते अब उद्योग एक ही भू-खंड पर दोगुना निर्माण कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर हुए इस संशोधन से राज्य में उद्योगों एवं व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम में संशोधन 24 दिसंबर 2024 को अधिसूचित किए गए हैं।फ्लैटेड इंडस्ट्रीज़ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को 1.5 से बढ़ाकर 3.0 किया गया है, जिससे उद्योग एक ही भूखंड पर अब दोगुना निर्माण कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को कम लागत में अधिक उपयोग योग्य स्थान उपलब्ध होगा। औद्योगिक प्लॉट्स के लिए ग्राउंड कवरेज को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही सेटबैक में कमी की गई है, जिससे ज़मीन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।नगर पालिका क्षेत्रों और विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में व्यावसायिक भवनों के लिए न्यूनतम 5.0 एफएआर निर्धारित किया गया है। जिन भूखंडों का क्षेत्रफल 5 एकड़ या उससे अधिक है और जिन तक 100 मीटर चौड़ी सड़क की पहुँच है, उन पर एफएआर 5.0 लागू होगा। यदि ये भूखंड सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक (सीबीडी) या ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवल्पमेंट (टीओडी) ज़ोन में आते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 2.0 एफएआर की अनुमति होगी, यानी कुल एफएआर 7.0 तक हो सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में आधुनिक औद्योगिक तथा व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेश में वृद्धि, रोजगार सृजन और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग ने इन संशोधनों को उद्योग हितैषी नीति के तहत तैयार किया है, ताकि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक एवं व्यावसायिक निवेश को बढ़ावा मिल सके।
- रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम के निर्देश पर राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा खरीफ वर्ष 2025 के लिए अनाज, दलहन एवं तिलहन, आधार-प्रमाणित बीजों के विक्रय दर का निर्धारण किया गया है। गौरतलब है कि राज्य स्तरीय बीज विक्रय दर निर्धारण समिति की बठैक 11 अप्रैल को आयोजित की गई थी।भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में प्रावधान अनुसार उत्पादन एवं वितरण अनुदान की राशि को घटाकर बीज विक्रय दर निर्धारित किया गया है। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि आधार बीजों की विक्रय दरें प्रमाणित बीजों की विक्रय दरों से प्रति क्विंटल 100 रूपए अधिक होगी। कृषि विभाग द्वारा उत्पादन एवं वितरण अनुदान की राशि प्रावधान अनुसार छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लि. को देय होगी।अधिकारियों ने बताया कि निगम द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार धान मोटा, कृषकों के लिए 3,550 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 3,408 रूपए प्रति क्विंटल है। इसी प्रकार धान पतला कृषकों के लिए 4,030 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकरी समितियों के लिए 3,869 रूपए प्रति क्विंटल है, धान सुगन्धित के लिए 4,650 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 4,464 रूपए प्रति क्विंटल है, कोदो के लिए 7,300 रूपए प्रति क्विंटलऔर सहकारी समितियों के लिए 7,008 रूपए प्रति क्विंटल है, रागी के लिए 4,500 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 4,320 रूपए प्रति क्विंटल, उड़द कृषकों लिए 11,300 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 10,848 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग के कृषकों लिए 11,400 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 10,944 रूपए प्रति क्विंटल, कुल्थी के कृषकों लिए 7,750 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 7,440 रूपए प्रति क्विंटल हैं।इसी प्रकार सोयाबीन कृषकों लिए 7,400 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 7,104 रूपए प्रति क्विंटल, मूंगफली के कृषकों लिए 11,900 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 11424 रूपए प्रति क्विंटल, तिल कृषकों लिए 19,300 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 18,528 रूपए प्रति क्विंटल, रामतिल कृषकों लिए 13,000 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 12,480 रूपए प्रति क्विंटल, ढेंचा कृषकों लिए 9,900 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 9,504 रूपए प्रति क्विंटल, सनई कृषकों लिए 11,600 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 11,136 रूपए प्रति क्विंटल है। इसी तरह अरहर 10 वर्ष के अन्दर 11,800 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 12,500 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित हैं।
- -371 बच्चों ने दी परीक्षा, 122 बच्चें हुए क्वालीफाई-राज्य में 15 प्रयास आवासीय विद्यालय है संचालित-अब तक प्रयास विद्यालय के 122 विद्यार्थी आईआईटी, 356 विद्यार्थी एनआईटी, 960 समकक्ष परीक्षा में और 70 विद्यार्थी एमबीबीएस में हो चुके है चयनित-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री राम विचार नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर। जेईई मेंस-2025 के घोषित परिणामों में प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस वर्ष जेईई मेंस परीक्षा में बैठे प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 371 बच्चों में से 122 ने क्वालीफाई किया है। विद्यार्थियों की इस सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ उनके गांव एवं समाज में हर्ष का माहौल है। विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।वर्तमान में राज्य में कुल 15 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में राजनादंगावं एवं बलरामपुर में एक-एक नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके प्रारंभ होने से राज्य में प्रयास विद्यालयों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी। ज्ञात हो कि अब तक प्रयास आवासीय विद्यालय के 122 विद्यार्थी आईआईटी एवं समकक्ष में, 356 विद्यार्थी एनआईटी एवं समकक्ष में, 960 समकक्ष में एवं 70 एमबीबीएस हेतु चयनित हो चुके हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध उपलब्ध कराना, उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने हेतु सक्षम बनाकर व्यावसायिक उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश कराना तथा उन्हें जीवन में स्थिरता प्रदान करना है।आदिम जाति कल्याण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष जेईई मेंस के घोषित परिणामों में प्रयास, बालक आवासीय विद्यालय, रायपुर का परीक्षा परिणाम सबसे अच्छा रहा है, इसके जेईई एडवासं परीक्षा में बैठे कुल 153 बच्चों में से 69 ने मेंस क्वालीफाई किया है। इनकी सफलता का प्रतिशत लगभग 45 प्रतिशत रहा है, जो कि राष्ट्रीय स्तर की इतनी कठिन परीक्षा के हिसाब से उत्कृष्ट कहा जा सकता है। इसी प्रकार प्रयास आवासीय विद्यालय, अंबिकापुर के परीक्षा में बैठे 44 में से 16 बच्चों ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है। प्रयास, दुर्ग के परीक्षा में बैठे 46 में से 12 बच्चे, प्रयास, कांकेर के परीक्षा में बैठे 23 में से 08 बच्चे, जबकि प्रयास, जशपुर के परीक्षा में बैठे 38 में से 09 बच्चों ने तथा प्रयास, कोरबा के परीक्षा में बैठे 30 बच्चों में से 01 ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है।इसी प्रकार प्रयास, जगदलपुर के परीक्षा में बैठे 37 बच्चों में से 07 ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है। प्रदेश के सुदूर नक्सल प्रभावित अंचल के बच्चों का राष्ट्रीय स्तर की इस कठिन परीक्षा में सफल होना विभाग के साथ-साथ राज्य के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। इस प्रकार इस वर्ष कुल मिलाकर 122 विद्यार्थियों का आईआईटी एवं आईआईटी प्रिपरेटरी में चयन होने की संभावना है।
- - वन्यजीव संरक्षण की दिशा में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धिरायपुर। छत्तीसगढ़ के नंदनवन जंगल सफारी से नेपाल की कोसी टप्पू वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी तक की 1165 किलोमीटर लंबी उड़ान भरने वाले हिमालयन ग्रिफ़्फॉन गिद्ध ‘जटायु’ की यात्रा, केवल एक पक्षी की वापसी नहीं है, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण, वैज्ञानिक निगरानी और समर्पित प्रयासों की एक जीवंत मिसाल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैव विविधता से भरपूर राज्य है। छत्तीसगढ़ राज्य अब वन्यजीव संरक्षण की नई उड़ान का नेतृत्व करता हुआ राज्य भी बन चुका है। ‘जटायु’ की यह यात्रा केवल आकाश की नहीं, विश्वास की भी है।करीब दो महीने पहले बिलासपुर वनमंडल से एक हिमालयन ग्रिफ़्फॉन गिद्ध गंभीर रूप से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू और जंगल सफारी लाया गया, जहाँ विशेषज्ञों की देखरेख में उसका सफल इलाज किया गया। स्वास्थ्य लाभ के उपरांत 11 अप्रैल 2025 को इसे रेडियो टेलीमेट्री टैग के साथ दोबारा प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया।‘जटायु’ नामक इस गिद्ध की गतिविधियों पर वन विभाग छत्तीसगढ़ और भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की टीम द्वारा लगातार नजर रखी जा रही थी। इस पूरी अवधि में इस गिद्ध ने छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार होते हुए नेपाल की कोसी टप्पू वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी तक सफलतापूर्वक उड़ान भरी, जो इस बात का प्रमाण है कि वह पूर्णतः स्वस्थ है और अपने प्राकृतिक व्यवहार में लौट चुका है।एक नहीं, तीन सफल कहानियाँ‘जटायु’ अकेला नहीं है। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने हाल के वर्षों में तीन अलग-अलग प्रजातियों के गिद्धों को न सिर्फ बचाया, बल्कि सफलतापूर्वक प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित किया। भानुप्रतापपुर क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए व्हाइट रंप्ड वल्चर प्रजाति के एक दुर्लभ गिद्ध को बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी मुंबई द्वारा टैग कर निगरानी की जा रही है। आज यह मध्यप्रदेश के शहडोल ज़िले में सक्रिय है। इसी तरह इजिप्शियन वल्चर प्रजाति के गिद्ध को रायपुर-बिलासपुर मार्ग से रेस्क्यू करके इसे अभनपुर क्षेत्र में छोड़ा गया, जहाँ यह नियमित रूप से देखा जा रहा है और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका निभा रहा है।नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर बताते हैं कि गिद्धों की निगरानी के लिए उपयोग की गई रेडियो टेलीमेट्री तकनीक एक आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति है, जिससे इनके प्रवास मार्ग, व्यवहार और निवास स्थलों की सटीक जानकारी मिलती है। इससे न केवल गिद्धों के जीवनचक्र को समझने में मदद मिलती है, बल्कि उनके संरक्षण के लिए रणनीति बनाने में भी सहायता मिलती है।गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के सफाईकर्मी माने जाते हैं। मृत पशुओं को खाकर ये संक्रमण फैलने से रोकते हैं। लेकिन बीते दशकों में डाइक्लोफेनाक जैसे विषैले पशु-औषधियों के चलते इनकी संख्या में तेज गिरावट आई है। ऐसे में इनकी हर एक सफल रिहाई और निगरानी हमारे पर्यावरण के लिए एक बड़ी जीत है।वनमंत्री श्री केदार कश्यप का कहना है कि यह हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। ‘जटायु’ और अन्य गिद्धों की सफल निगरानी से हमें भविष्य में और भी पक्षियों और जीवों के संरक्षण का मार्ग प्रशस्त होगा। जटायु की यह ऐतिहासिक उड़ान न केवल पक्षियों के जीवन की रक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी वन्यजीव संरक्षण नीति, वैज्ञानिक सोच और टीम वर्क का शानदार उदाहरण भी है। यह दिखाता है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो घायल पंख भी दोबारा आकाश छू सकते हैं।
- -कृषि विश्वविद्यालय में ड्रोन प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना होगी-इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और कैटेलिस्ट फाउंडेशन के बीच हुआ समझौतारायपुर। कृषि के क्षेत्र में ड्रोन की बढ़ती उपयोगिता एवं अनुप्रयोग को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि अनुसंधान, नवाचार और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए आज यहां कैटेलिस्ट फाउंडेशन नामक संस्था के साथ समझौता किया गया। इस समझौते के तहत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों, युवाओं एवं किसानों को ड्रोन संचालन, रख-रखाव, मरम्मत और ओवर हॉलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण सात से दस दिवस का होगा जिससे विद्यार्थियों को कृषि में ड्रोन अनुप्रयोग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की उपस्थित में सम्पन्न समझौता ज्ञापन पर स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय कुमार पाण्डेय एवं कैटेलिस्ट फाऊंडेशन की ओर से पुष्पराज पाण्डेय ने हस्ताक्षर किये। समझौते के तहत छत्तीसगढ़ में छात्रों और युवाओं को ड्रोन संचालन और प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण और प्रमाणन की सुविधा के लिए भारत सरकार के महानिदेशक नागरकि उद्दयन के निर्देशों के अनुरूप कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय में एक दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण संगठन इकाई की स्थापना की जाएगी।अनुबंध समारोह को संबोधित करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपित डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है और आजकल खेतों में बीज बुआई से लेकर खाद एवं दवाओं के छिड़काव तथा फसलों की निगरानी आदि के लिए ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को रोजगारमूलक पाठ्यक्रमों से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा भी कृषि विश्वविद्यालयों में कृषि में ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। देश में अब तक तीन कृषि विश्वविद्यालयों में ड्रोन प्रौद्योगिकी पर सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किये गये हैं और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ड्रोन प्रौद्योगिकी पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने वाला चौथा कृषि विश्वविद्यालय बन गया है। कैटेलिस्ट फाऊंडेशन, रायपुर के अध्यक्ष श्री पुष्पराज पाण्डेय ने कहा कि बहुत से संस्थानों द्वारा कृषि के क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है और इस क्षेत्र में कुशल ड्रोन ऑपरेटरों की काफी कमी है। युवाओं को दस दिवसीय प्रशिक्षण मिलने से उनके लिए रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।आज हुए समझौते के तहत विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को लक्षित करते हुए कृषि ड्रोन संचालन, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, ड्रोन के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालिंग (एमआरओ) सहित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संयुक्त संचालन किया जाएगा। कृषि में ड्रोन के अनुप्रयोगों अनुसंधान, नवाचार और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए कृषि विश्वविद्यालय में बुनियादी ढांचे और संसाधन सुदृढ़ीकरण का विकास किया जाएगा। कृषि में ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए आईसीएआर के निर्देशों और राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप क्षमता निर्माण और कौशल वृद्धि किया जाएगा। कैटेलिस्ट फाउंडेशन के उद्योग और क्षेत्र के विशेषज्ञों के सहयोग से छात्रों के लिए प्लेसमेंट और व्यावहारिक प्रदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, निदेशक विस्तार डॉ. एस.एस. टुटेजा, निदेश प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. राजेन्द्र लाकपाले सहित प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक उपस्थित थे।
- - धमतरी और कांकेर में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को सख्त निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने गुरुवार को धमतरी और कांकेर जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर इस प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, विष्णु के सुशासन में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।धमतरी जिले के ग्राम तेलिनसत्ती में आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 का दौरा करते हुए श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के साथ फर्श पर बैठकर खेल-खेल में परिचय किया, उनके नाम पूछे और चॉकलेट बांटी। बच्चों से नाश्ता व भोजन के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्धारित समय पर भोजन और नाश्ता देने के निर्देश दिए। पोषक आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, गर्मी को देखते हुए पीने का पानी और ओआरएस की व्यवस्था करने, और केंद्रों को सुबह 7 से 11 बजे तक खोलने के निर्देश भी दिए।मंत्री ने बच्चों को खेल-खेल में व्यवहारिक ज्ञान देने, पढ़ाई पर ध्यान देने और साफ-सफाई का महत्व सिखाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए सुरक्षित, सुविधायुक्त और अनुकूल बनाया जाए।कांकेर जिले के ग्राम दरगाहन में आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां पाए जाने पर श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने दोहराया, बच्चों की देखरेख में कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में संचालक महिला एवं बाल विकास श्री पदुम सिंह एल्मा, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव, परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित कई लोग उपस्थित थे।मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा।
- - आरोपी तात्रिक सहित अन्य आरोपी गिरफ्तारकोरबा। तंत्र मंत्र के जरिये जमीन से सोने से भरा हंडा निकालकर करोड़पति बनाने का झांसा देकर नकटीखार के कथित तांत्रिक ने सूरजपुर में एक व्यक्ति से 14.9 लाख हड़प लिए। पीडि़त की शिकायत पर सूरजपुर पुलिस ने कोरबा में दबिश दी और आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया ।घटना पड़ोसी जिला सूरजपुर में वर्ष 2022 में हुई थी, जहां के ग्राम खोंड़, थाना रमकोला निवासी अभिषेक प्रताप सिंह ने जून 2022 में रिपोर्ट लिखाई। उसने बताया कि बैंक में काम के दौरान विमल सिंह ठाकुर से मुलाकात हुई थी। उसने कोरबा जिले के नकटीखार निवासी आरोपी कथित तांत्रिक नरेश पटेल के जरिए जमीन में गड़ा धन निकलवाने का दावा किया।सोना पाने के लालच में अभिषेक उसके झांसे में आकर तंत्र-मंत्र कराने को तैयार हो गया। विमल सिंह ने आरोपी तांत्रिक नरेश पटेल व एक अन्य साथी मनोज कुमार को लेकर सूरजपुर पहुंचा, जहां अभिषेक के घर में तंत्र-मंत्र कर जमीन से हंडा निकालकर कमरे में बंद कर दिया गया। विशेष पूजा के जरिए तंत्र-मंत्र से हंडा सोना में तब्दील होने की बात कही गई। पूजन सामग्री के लिए उन्होंने अभिषेक से 14.09 लाख रुपए ले लिए ।तांत्रिक साधना पूर्ण होने के बाद जब हंडा खोला तो उसमें सोने की जगह मिट्टी निकली, तब अभिषेक को ठगी का अहसास हुआ। उसने थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई। मामले में अन्य आरोपी को सूरजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी तांत्रिक नरेश पटेल फरार था। एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर थाना प्रभारी विमलेश दुबे की टीम ने नकटीखार पहुंचकर आरोपी नरेश को भी गिरफ्तार कर लिया।
- -आईटीबीपी के बढ़ते कदम-अबूझमाड़ में छत् तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक...- छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ को नक् सलियों का अभेद किला माना जाता रहा है।कोंडागांव। भारत सरकार के नक्सल उन्मूलन मिशन और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी 'माड़ बचाओ' अभियान के अंतर्गत विगत कुछ महीनों में आईटीबीपी की वाहिनियों ने जिला नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार अपनी ताकत बढ़ाई है और डी.आई.जी. राणा युद्धवीर सिंह के नेतृत् व में हिमवीरों ने इस दुर्गम व अबूझ इलाके में लगातार नए कैंप स् थापित किए हैं और अबूझमाड एक्सिस में अपनी तैनाती पूरी करते हुए इसको महाराष्ट्र बॉर्डर से जोड दिया है।अबूझमाड़ में आईटीबीपी की बढ़ती ताकत व नक् सलियों की कमजोरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में आईटीबीपी, डी. आर.जी. व छत् तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे संयुक् त अभियानों में भारी सफलता हाथ लगी है और बड़ी तादाद में नक् सली आत्मसमर्पण कर देश की मुख् य धारा में शामिल हो रहे हैं या इलाका छोड़कर भाग रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से अभी तक आईटीबीपी ने 5 नए कैंप अबूझमाड़ में राष् ट्रीय राजमार्ग 130 डी पर स् थापित किए गए हैं, जिनमें महाराष् ट्र सीमा से लगभग 1 किमी की दूरी पर नया व अंतिम कैंप 'नेलांगुर' भी शामिल है। नेलांगुर सी.ओ.बी. 45वीं वाहिनी, आईटीबीपी द्वारा स् थापित किया गया है। माड क्षेत्र में आईटीबीपी के कैंप खुलने से नक् सलियों के खिलाफ ऑपरेशनों में तेजी आई है और उन पर दबाव बना है। साथ ही यहां के निवासियों को सुरक्षा के साथ-साथ चिकित् सा, पानी, सड़क व दूरसंचार जैसे आम सुविधाएं भी मुहैया करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।श्री राणा युद्धवीर सिंह, डी. आई.जी. ने कहा कि ऐसे ऑपरेशनों में हमारे सेंट्रल फ्रंटियर मुख् यालय, आईटीबीपी के आई.जी. ओ.पी. यादव का मार्गदर्शन व सहयोग मिलता रहा है। श्री राजीव गुप् ता, सेनानी और उनकी 45वीं वाहिनी की टीम को नई सी. ओ.बी. नेलांगुर खोलने के लिए शाबाशी देते हुए श्री सिंह ने श्री सुन् दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस् तर रेंज, श्री अमित कामले, डी. आई.जी., कांकेर रेंज, श्री प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, डी. आर. जी. व छत् तीसगढ़ पुलिस की टीमों के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व् यक् त किया। श्री नरेन् द्र सिंह, सेनानी 41वीं वाहिनी व उनकी टीम और श्री संजय कुमार, सेनानी 53वीं वाहिनी व उनकी टीम भी इस मौके पर मौजूद रहे।
- - ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत, छोटे-छोटे कामों के लिए पैसा निकालने नहीं जाना पड़ेगा दूरबेमेतरा। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत टेमरी में अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस सुविधा केन्द्र के शुरू होने से ग्रामीणों को बैंकिंग और अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए अब दूर विकासखंड या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।*शुभारंभ अवसर पर दो महिला हितग्राहियों, श्रीमती शशि कुर्रे और श्रीमती कजला ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 1000-1000 रुपये की राशि इस केन्द्र से निकाली। मंत्री श्री बघेल ने दोनों को नगद राशि भी सौंपते हुए योजना की सफलता की सराहना की।*खाद्य मंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण अब अपने खातों से नकद राशि निकाल सकेंगे, जमा कर सकेंगे, बिजली-पानी के बिल भर सकेंगे और पेंशन व बीमा जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र ग्रामीणों की सुविधा और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। खाद्य मंत्री ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलायी ।बेमेतरा जिले में अब तक 48 अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र शुरू किए जा चुके हैं।
- मुंगेली। जिला मुंगेली के थाना पथरिया अन्तर्गत ग्राम कंचनपुर में 23 अप्रैल 2025 की रात हुई हत्याकांड में मृतक भोला श्रीवास के आरोपी पिता शिवचरण श्रीवास (55) व आरोपी चाचा राजेन्द्र श्रीवास (40) को 24 अप्रैल की रात गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।घटना का संक्षिप्त विवरण23 अप्रैल की रात करीब 11 बजे घर लौटे भोला श्रीवास को आंगन में खून से लथपथ पाया गया। सिर, पीठ, हाथ-भुजाओं पर गंभीर चोट के निशान थे। प्रारंभिक सूचना ग्राम कोटवार ने थाना पथरिया में दिनांक 24 अप्रैल . को रात 2:40 बजे दर्ज कराई। मुंगेली एसपी श्री भोजराम पटेल के निर्देश पर मामले की त्वरित गहनता से जांच ASP नवनीत छाबड़ा, उप-पुलिस अधीक्षक नवनीत पाटिल व अनुविभागीय अधिकारी मयंक तिवारी के मार्गदर्शन में आरंभ की गई।पूछताछ में आरोपी शिवचरण ने स्वीकार किया कि 23 अप्रैल की शाम करीब 9 बजे पुत्र भोला के शराब से उत्पन्न गाली‑गलौज के विवाद में उन्होंने 5–6 बार बांस की डण्डा से वार किया। इससे भोला गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी राजेन्द्र ने बताया कि घटना स्थल से डण्डा को उसने पुलिया के नीचे छिपा दिया था, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर साक्ष्य संलग्न किया।शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट व चिकित्सकीय बयानों के आधार पर धारा 238(ख), 3(5) BNS एवं 103(1) BNS के तहत केस दर्ज किया गया।दोनों आरोपियों को 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। कार्यवाही में थाना प्रभारी पथरिया निरीक्षक रघुवीर लाल चन्द्रा, सउनि नरेश साहू व प्र. आर. मुकेश कुर्रे सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- अंबिकापुर, /कलेक्टर श्री विलास भोसकर द्वारा गुरुवार को दृष्टिबाधित स्कूली बच्चों को एंड्रॉयड मोबाईल फोन, की-पेड, हेडफोन, एडाप्टर प्रदान किया गया । समग्र शिक्षा के नवाचारी योजना अंतर्गत बच्चों को यह उपकरण प्रदान किए गए। कलेक्टर श्री भोसकर ने बच्चों से उनके शैक्षिक गतिविधियों, स्वास्थ्य के संबंध में चर्चा की तथा संबंधित शिक्षकों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु डीएमसी समग्र शिक्षा को निर्देश दिए।छात्रों को इन उपकरणों के माध्यम से अध्ययन में सुविधा मिलेगी। मोबाईल के टॉक बैक के माध्यम से सुगमता से अध्ययन का कार्य कर सकेंगे। लाभान्वित दृष्टिबाधित बच्चों में विकासखण्ड अम्बिकापुर के महेन्द्र सिंह तथा विकासखण्ड उदयपुर के हायर सेकेण्डरी स्कूल सलका की पुनिता, हाई स्कूल सोनतराई की राधे ,माध्यमिक शाला घुंचापुर की देवमुनी शामिल है।इसी प्रकार विकासखण्ड लखनपुर से हाई स्कूल चॉंदो की दुलेश्वरी एवं हाई स्कूल अंधला की अंजली, विकासखण्ड बतौली से हाई स्कूल महेशपुर से प्रिन्सी , अभय, सुनिता, रोहित, शिवनाथ, भानु कुमार, दिनेश कुमार, आयुष को उपकरण प्रदान किया गया।इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री ए.एल.ध्रुव, जिला मिशन समन्वयक श्री रवि शंकर तिवारी, एपीसी श्री दिनेश शर्मा उपस्थित रहे। वहीं बच्चों के साथ बीआरपी, स्पेशल एजुकेटर उपस्थित थे।
- -टी.बी. मरीजों के सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को किया सम्मानितजशपुरनगर / राज्यपाल श्री रमेन डेका अपने एकदिवसीय प्रवास में जिला जशपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत में विभिन्न विभाग अंतर्गत् लगभग 35 हितग्राहियों को समाग्रियों का वितरण किया। राज्यपाल ने हितग्राहियों से चर्चा की और टी.बी. मरीजों की सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने जिन हितग्राहियों को सामग्रियों को वितरण किया उनमें मछली पालन विभाग से कोमड़ों के सुरंत राम, कमलेश राम, कस्तुरा से युवा समूह के अध्यक्ष इन्द्र कुमार सिंह को जाल, भुईया के युवा समूह के उपाध्यक्ष गजानंद राम को आईस बाक्स, जयमरगा के बेला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती कैलाशपति और डुमरटोली के मुस्कान स्व सहायता की अध्यक्ष श्रीमती पार्वती को जाल एवं आईस बॉक्स वितरण किया गया।इसी प्रकार राज्यपाल ने समाज कल्याण विभाग अंतर्गत् पोड़ी के कमला सिंह और सारूडीह के घुनेश्वर को मोटराईज्ड ट्रायसाईकिल, जुरगुम के परिबा राम और लुईकोना के शनि लोहार को हस्त चलित ट्रायसाईकिल, समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केन्द्र जशपुर के पुष्कर पैंकरा और सिमरन पन्ना को श्रवण यंत्र, बोकी के अंकिता विश्वकर्मा को ब्रेल किट एवं श्वेत छड़ी तथा पण्डरापाठ के देवव्यास यादव एवं उनकी पत्नी श्रीमती आशावती यादव को विवाह प्रोत्साहन राशि के तौर पर एक लाख रूपए का वितरण किया। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत् स्वच्छग्राहियों को स्वच्छता किट, स्वास्थ्य विभाग के तहत् जशपुर के श्री रमालाल सोनी को आयुष्मान कार्ड, श्रीमती सुबन्ती टोप्पो को वय वंदना कार्ड प्रदान किया गया। इसी तरह टी.बी. मरीजों के सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए जशपुर के निरंजन प्रसाद गुप्ता और श्री भरत रत्नम खुंटे को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने 6 टीबी मरीजों को फूड बास्केट का वितरण कियाइसके साथ ही राज्यपाल ने उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत् जबला के अशोक राम और रैनू राम, बरगांव के दिनेश्वर, कुंजराम सिंह तथा जुरतेला के रामधानी सिंह और जयवीर सिंह को भिण्डी, लौकी, करेला सब्जी मिनिकिट वितरण किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधिक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, वनमंडलाधिकारी श्री जितेन्द्र उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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कोरबा। जिले के दर्री थाना अंतर्गत एनटीपीसी प्लांट के पास एक नहर के साइफन में एक मजदूर की लाश मिली है। मृतक युवक की पहचान एनटीपीसी प्लांट में मजदूर के रूप में कार्यरत शिवकुमार भार्या केंदाईखार गांव निवासी के रूप में की गयी हैं। बताया जा रहा हैं की शव एनटीपीसी कैनाल की जाली में फंस गया था, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया है। घटना की सूचना पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंच आगे की जांच कार्यवाही कर रही है।
जानकारी के अनुसार वह रोज की तरह बुधवार की सुबह भी घर से काम पर जाने के लिए निकला था। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं पहुंचा तब उसकी पता तलाश की गई। लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। देर शाम उसकी लाश को एनटीपीसी नहर से निकली हुई साइफन पर देखा गया, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना दर्री थाना पुलिस और प्रबंधन को दी गई। साइफन में पानी का बहाव बहुत तेज था। प्रबंधन द्वारा काफी मशक्कत कर उसे रस्सी से बंद कर क्रेन की सहायता से बाहर निकाला गया। परिजनों के अनुसार मृतक पिछले कुछ दिनों से परेशान था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। दर्री थाना पुलिस ने मामले की जांच कर रही है। -
-आतंकवाद का पुतला दहन कर हमले के विरुद्ध जताया आक्रोश, दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग
मोहला । मोहला- मानपुर जिले अंतर्गत जिला मुख्यालय में बीती रात्रि जिले भाजपा संगठन द्वारा पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वालों के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। जहां आतंकवाद के प्रतीकात्मक पुतले का दहन भी किया गया। मोहला- मानपुर भाजपा जिला अध्यक्ष व जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने जुट कर जिला मुख्यालय में कैंडल मार्च निकाला तथा स्थानीय बस स्टैंड में सभा का आयोजन कर हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। देर रात तक इस आयोजन में भाजपाइयों के साथ_साथ आमजन भी स्वस्फूर्द जुटे रहे। सभा के दौरान जहां हमले में जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की गई वहीं आतंकवाद के खिलाफ जमकर आक्रोश भी भाजपाइयों व आमजनों ने उगला। श्रद्धांजलि सभा के दौरान आतंकवाद का पुतला फूंक कर आतंकवाद व पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष नम्रता सिंह ने मृतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश की आत्मा पर हमला है। मै प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करती हूं कि इस हमले के दोषियों पर शीघ्र कठोरतम कार्यवाही की जाए।
- - शासन की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति पर जताया विश्वासकवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नक्सलवाद की समाप्ति हेतु घोषित नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर 7 लाख रुपये के इनामी नक्सली दंपत्ति — रमेश उर्फ आटम गुड्डू एवं सविता उर्फ लच्छी पोयम — ने 24 अप्रैल को कबीरधाम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। यह सफलता पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य (IPS) के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के नेतृत्व में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत मिली है।आत्मसमर्पित नक्सली रमेश उर्फ आटम गुड्डू (29 वर्ष), प्लाटून नंबर 01, एमएमसी जोन, जीआरबी डिवीजन कमेटी का सक्रिय सदस्य था, वहीं उसकी पत्नी सविता उर्फ लच्छी पोयम (21 वर्ष) टांडा एरिया कमेटी की सदस्य के रूप में कार्यरत थी। दोनों बीते 8 वर्षों से एमएमसी क्षेत्र में सक्रिय रहकर नक्सली गतिविधियों में संलग्न थे। वर्ष 2019 में थाना भोरमदेव क्षेत्रांतर्गत बकोदा जंगल में हुई मुठभेड़ में रमेश घायल भी हुआ था।संगठन में रहते हुए रमेश के पास 12 बोर बंदूक तथा सविता के पास 8 एमएम रायफल रही है। आत्मसमर्पण का निर्णय उन्होंने संगठन में व्याप्त आंतरिक संघर्ष, अमानवीय व्यवहार, स्थानीय आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार, तथा जंगल में कठिन जीवन से त्रस्त होकर लिया।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री (गृह) विजय शर्मा द्वारा प्रस्तुत आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत नक्सली दंपत्ति को तत्काल प्रत्येक को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि (कुल ₹50,000) नगद प्रदान की गई है। अन्य सुविधाएं शासन की पुनर्वास नीति के अनुसार शीघ्र प्रदान की जाएंगी।पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि अब तक जिला कबीरधाम में कुल 11 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, जिनमें 10 इनामी नक्सली शामिल हैं।
- - छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री ने मुंबई में आयोजित 'इंडिया स्टील 2025' सम्मेलन में भाग लियामुंबई, । छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने मुंबई में आयोजित 'इंडिया स्टील 2025' सम्मेलन में भाग लिया। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2030 तक 300 मिलियन टन इस्पात उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा देश को इस्पात उत्पादन का वैश्विक केन्द्र बनाने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस दौरान उन्होंने राज्य के इस्पात उद्योग के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और उद्योगपतियों को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।यह सम्मेलन 24 से 26 अप्रैल 2025 तक बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर (NESCO), मुंबई में आयोजित किया गया है। यह आयोजन भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा भी उपस्थित रहे।उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ स्टील कैपिटल ऑफ इंडिया है। हमारे पास देश के लौह भंडार का 18 प्रतिशत है। हमारे यहां की बैलाडीला खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क को गुणवत्ता के मामले में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने कहा ग्रीन स्टील से जुड़ी तकनीक को अपनाने में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।उन्होंने बताया स्टील सेक्टर की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए ही हमने प्रदेश में नई औद्योगिक नीति बनाई है। इस नीति में स्टील जैसे कोर सेक्टर पर सबसे ज्यादा फोकस है। हम स्पंज आयरन और स्टील यूनिट्स पर 150 प्रतिशत तक इंसेटिव और छूट दे रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम, इज आफ डूइंग बिजनेस और स्पीड आफ बिजनेस का सबसे अधिक लाभ स्टील सेक्टर को मिल रहा है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए हम 118 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर रहे हैं।श्री देवांगन ने कहा कि हमने दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू और रायपुर में इंवेस्टमेंट समिट किये हैं जिसमें साढ़े चार लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन त्वरित गति से किया जा रहा है। हाल ही में सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन इसका बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने बताया नई औद्योगिक नीति के तहत सर्वाधिक निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ शीर्ष दस राज्यों में शामिल हो चुका है। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री अभिषेक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।उद्योगपतियों से निवेश की संभावनाओं पर चर्चाइंडिया स्टील सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री ने निवेशकों एवं उद्योगपतियों से राउंड टेबल मीटिंग में सीधी बातचीत की। इस बैठक में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को देखते हुए औद्योगिक क्लस्टर्स, लॉजिस्टिक सपोर्ट, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, और अनुकूल श्रमिक नीति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज मुंबई में आयोजित 'इंडिया स्टील 2025' सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ को इस्पात उत्पादन और औद्योगिक निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ गंतव्य बताया। मंत्री श्री देवांगन ने इस्पात क्षेत्र में राज्य सरकार की नीति, पारदर्शिता और प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी और देश-विदेश के निवेशकों से राज्य के औद्योगिक विकास में साझेदार बनने का आह्वान किया।
- रायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले रायपुर निवासी श्री दिनेश मिरानिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल श्री डेका आज सुबह श्री मिरानिया के घर पहंचें और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया तथा उनकी सद्गति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर उन्हें ढ़ाढ़स बंधाया।
- गुढ़ियारी भारत माता चौक के समीप खुले चेम्बर की तत्काल बैरिकेटिंग करवाईरायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर में खुले हुए चेम्बर से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव और कार्यपालन अभियंता अमृत मिशन श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने जोन की टीम जोन 6 क्षेत्र के अंतर्गत भाठागांव में रिंग रोड के किनारे सर्विस लेन के किनारे मार्ग में खुले हुए चेम्बर के स्थल पर पहुंची और तत्काल अभियानपूर्वक मार्ग के खुले हुए चेम्बर में ढक्कन लगाकर उसे जनहित में जनजीवन सुरक्षा को दृष्टि से सुरक्षित किया. वहीं गुढ़ियारी भारत माता चौक के समीप खुले चेम्बर को तत्काल चारों ओर बैरिकेटिंग करते हुए और लाल झंडी सूचना संकेतक लगाकर जनहित में जन जीवन सुरक्षा की दृष्टि से त्वरित कार्यवाही स्थल पर करते हुए प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
- रायपुर/पहलगाम में आतंकी हमले में दिवंगत रायपुर के समता कॉलोनी क्षेत्र के निवासी दिनेश मिरानिया की पार्थिव देह पर राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनका समस्त राजधानीवासियों की ओर से सादर नमन किया है.
- रायपुर। जिला शतरंज संघ और चेस शाला के संयुक्त तत्वाधान में आयु वर्ग 9 और 13 वर्ष तक के बालक बालिकाओ की शतरंज चयन स्पर्धा का आयोजन 26 और 27 अप्रैल को रायपुर स्थित रिवर डेल वर्ल्ड स्कूल में किया जा रहा , उक्त स्पर्धा में केवल रायपुर जिला के खिलाड़ी ही भाग ले सकते हैं, उक्त स्पर्धा में प्रत्येक आयु वर्ग के चयनित 2- 2 खिलाड़ी (2 बालक व 2 बालिका ) का चयन आगामी राज्य स्तरीय चयन स्पर्धा जो कि बेमेतरा में आयोजित है ,के लिए किया जाएगा प्रतियोगिता के संयोजक फीडे इंस्ट्रक्टर रोहित यादव है,तथा मुख्य निर्णायक सीनियर नेशनल ऑर्बिटर अनूप झा रहेंगे,साथ में सहयोगी के रूप में हेमा नागेश्वर , व प्राची यादव रहेंगी,उक्त स्पर्धा के लिए आयु वर्ग 9 में 1 जनवरी 2016 या उसके बाद जन्म लेने वाले खिलाड़ी भाग ले सकते हैवहीं आयु वर्ग 13 में 1 जनवरी 2012 या उसके बाद जन्म लेने वाले खिलाड़ी भाग ले सकते हैं,प्रतियोगिता की जानकारी हेतु अनूप झा व रोहित यादव से संपर्क किया जा सकता है ,स्पर्धा में भाग लेने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल शाम 5 बजे तक है।
- निवर्तमान कमिश्नर महादेव कावरे की बिदाईबिलासपुर/ संभाग के नये कमिश्नर श्री सुनील जैन ने काम-काज संभाल लिया। उन्होंने निवर्तमान कमिश्नर श्री महादेव कावरे से पूर्वान्ह में कार्यभार ग्रहण किया। श्री कावरे लगभग 8 महीने तक रायपुर के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार के रूप में बिलासपुर के संभागायुक्त का काम संभाल रहे थे। नये कमिश्नर श्री जैन वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इसके पहले वे भौमिकी एवं खनिकर्म विभाग के संचालक थे। संभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में निवर्तमान कमिश्नर श्री महादेव कावरे को बिदाई एवं नये कमिश्नर श्री सुनील जैन का स्वागत किया गया।श्री जैन ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में शासन की योजनाओं को पात्र व्यक्ति तक पारदर्शिता पूर्ण तरीके से पहुंचाने में टीम भावना के साथ काम करने की सभी अधिकारियों से अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सकारात्मक मानसिकता और ईमानदारी के साथ जरूरतमंद लोगों के हित में काम करें। अपने मातहत कर्मचारियों के काम-काज पर नियंत्रण रखकर नियमित समीक्षा करते रहें। श्री जैन ने कहा कि विभागों और कर्मचारियों की वाजिब समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। निवर्तमान संभागायुक्त श्री कावरे ने विगत 8 माह में यहां की उपलब्धियों एवं कार्यानुभव को साझा किया। अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से श्री श्री महादेव कावरे को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई। पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव शुक्ला, सीसीफ प्रभात मिश्रा सहित सभाग स्तरीय अधिकारियों ने भी संभागायुक्त श्री महादेव कावरे के साथ गुजारे गये क्षणों को याद कर इसे अविस्मरीणय बताया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन डिप्टी कमिश्नर श्रीमती स्मृति तिवारी ने किया। इस अवसर पर कमिश्नर कार्यालय के साथ ही संभाग स्तरीय कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर,। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर ने अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, नई एम्स संस्थाओं में पहली बार और छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी संस्थान में पहली बार सफलतापूर्वक स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Paired Donation - KPD) किया है। यह उपलब्धि अंतिम चरण के गुर्दा रोग (ESRD) से जूझ रहे रोगियों के लिए अभिनव समाधान प्रदान करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।स्वैप ट्रांसप्लांट में, वह रोगी जिसे जीवित किडनी दाता तो उपलब्ध होता है लेकिन ब्लड ग्रुप या HLA एंटीबॉडी असंगतता के कारण प्रत्यारोपण संभव नहीं होता, वह दूसरी असंगत जोड़ी के साथ अंगों का आदान-प्रदान कर ट्रांसप्लांट करा सकता है। इस प्रक्रिया में दोनों असंगत जोड़े सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट प्राप्त कर पाते हैं।इस प्रक्रिया के तहत बिलासपुर के दो ESRD रोगी (उम्र 39 और 41 वर्ष) जिनका तीन वर्षों से डायलिसिस चल रहा था, उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई। उनकी पत्नियां किडनी दान के लिए आगे आईं, लेकिन उनके रक्त समूह उनके पति से मेल नहीं खाते थे। पहली जोड़ी का ब्लड ग्रुप B+ और O+ था, जबकि दूसरी का O+ और B+। दोनों पत्नियाँ अपने पति को किडनी देना चाहती थीं, लेकिन ब्लड ग्रुप असंगति के कारण यह संभव नहीं था। इस चुनौती को दूर करने के लिए एम्स रायपुर की टीम ने स्वैप ट्रांसप्लांट की योजना बनाई जिसमें प्रत्येक महिला ने दूसरी जोड़ी के पति को किडनी दान दी, जिससे रक्त समूह की संगति सुनिश्चित हो सकी और प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया।यह स्वैप ट्रांसप्लांट 15 मार्च 2025 को किया गया और दोनों दाता एवं प्राप्तकर्ता स्वस्थ रूप से ट्रांसप्लांट आईसीयू में चिकित्सकीय निगरानी में हैं।डॉ. विनय राठौर ने बताया कि लगभग 40 से 50 प्रतिशत जीवित किडनी दानदाता रक्त समूह या HLA एंटीबॉडी असंगति के कारण अस्वीकार कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, "स्वैप ट्रांसप्लांट उन रोगियों के लिए जीवन रक्षक विकल्प है जिनके पास इच्छुक लेकिन असंगत दाता होते हैं। समय पर ट्रांसप्लांट, डायलिसिस की तुलना में बेहतर जीवन गुणवत्ता और दीर्घायु प्रदान करता है।" यह प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और विशेष योजना की मांग करती है, जिसमें SOTTO छत्तीसगढ़ से विशेष स्वीकृति आवश्यक होती है और यह केवल निकट संबंधियों के बीच ही अनुमत होता है। हाल ही में 16 अप्रैल 2025 को NOTTO ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर स्वैप ट्रांसप्लांट की योजना को क्रियान्वित करने की सिफारिश की है ताकि जैविक असंगति वाले रोगियों को भी प्रत्यारोपण का लाभ मिल सके।डॉ. अमित शर्मा, विभागाध्यक्ष यूरोलॉजी ने बताया कि स्वैप ट्रांसप्लांट एक जटिल प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि जहाँ एकल ट्रांसप्लांट करना अपेक्षाकृत सरल होता है, वहीं स्वैप ट्रांसप्लांट के लिए महीनों की योजना, चार ऑपरेशन थिएटर, चार एनेस्थेटिस्ट और चार ट्रांसप्लांट सर्जनों की एक साथ व्यवस्था करनी होती है। साथ ही यह सुनिश्चित करना होता है कि किडनी निकालने और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया एक साथ हो ताकि कोई दाता अपना निर्णय न बदले।स्वैप ट्रांसप्लांट टीम:ट्रांसप्लांट फिजिशियन: डॉ. विनय राठौरट्रांसप्लांट सर्जन: डॉ. अमित आर. शर्मा, डॉ. दीपक बिस्वाल, डॉ. सत्यदेव शर्माएनेस्थेटिस्ट: डॉ. सुब्रत सिंहा, डॉ. मयंक, डॉ. जितेंद्र, डॉ. सरिता रामचंदानीट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर: श्री विशाल, सुश्री अम्बे पटेल, सुश्री विनिता पटेल, सुश्री रीनाOT व ट्रांसप्लांट नर्सिंग स्टाफ: श्री दिनेश खंडेलवाल, श्री कासैया, श्री रामनिवास, श्री बी. किरणलेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (से.नि.), कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ एम्स रायपुर ने इस उपलब्धि के लिए पूरी ट्रांसप्लांट टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नेफ्रोलॉजिस्ट और यूरोलॉजिस्ट की भारी कमी के बावजूद यह उपलब्धि अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 20 बिस्तरों वाला रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट निर्माणाधीन है और शीघ्र ही प्रारंभ होगा, जिससे छत्तीसगढ़ में रीनल ट्रांसप्लांट सेवाएं और सशक्त होंगी।कार्यकारी निदेशक ने यह भी अपील की कि केवल वही मरीज एम्स रायपुर आएं जिन्हें उन्नत उपचार की आवश्यकता है जो छोटे स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध नहीं है। इससे अनावश्यक भीड़ कम होगी और संस्थान की विशेषज्ञ टीम गंभीर रोगियों को सर्वोत्तम सेवा दे पाएगी।

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