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कहा शहीद राजीव पाण्डेय सम्पूर्ण राष्ट्र के गौरव पुरुष0
रायपुर -विश्व की सबसे दुर्गम सैन्य चोटी सियाचिन ग्लेशियर पर राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराने वाले रायपुर निवासी शहीद राजीव पाण्डेय को आज उनकी जयन्ती पर राजधानी शहर के संजय नगर टिकरापारा में स्थित मूर्ति के समक्ष उनका सादर नमन करने नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 6 के सहयोग से रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में राजधानी शहर की प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने उन्हें मूर्ति स्थल पर सादर नमन करते हुए समस्त राजधानीवासियों की ओर से आदरांजलि दी. नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री रमेश जायसवाल सहित विशिष्टजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, गणमान्यजनों, आमजनों, महिलाओं, नवयुवकों, अधिकारियों, कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सियाचिन ग्लेशियर पर राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराने वाले शहीद राजीव पाण्डेय को आदरांजलि अर्पित की. महापौर श्रीमती मीनल चौबे, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता ने कहा कि रायपुर निवासी शहीद राजीव पाण्डेय ना केवल रायपुर शहर, छत्तीसगढ़ राज्य, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के गौरव पुरुष हैँ. विश्व की सबसे दुर्गम सैन्य चोटी सियाचिन ग्लेशियर पर राष्ट्रध्वज फहराने वाले शहीद राजीव पाण्डेय की शहादत युगों - युगों तक सदैव ससम्मान स्मरण की जाती रहेगी और सभी नागरिकों को जीवन में इससे सकारात्मक ऊर्जा शक्ति और राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी. -
-मुख्यमंत्री ने स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज को किया ऑफिस स्पेस आबंटित
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सीबीडी स्थित कमर्शियल टॉवर (ब्लॉक-सी) के सातवें तल पर स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज को 33,000 वर्गफुट का पूरी तरह सुसज्जित ऑफिस स्पेस आबंटित किया। यह आधुनिक ऑफिस स्पेस 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नवा रायपुर को भारत का अगला प्रमुख आईटी हब बनाना है।आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को मिलेगा सशक्त मंच: 87% कर्मचारी गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों सेसंस्था में वर्तमान में 303 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 279 छत्तीसगढ़ से ही हैं। नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को भी सीधे अवसर मिला है। इनमें 161 पुरुष और 142 महिलाएं शामिल हैं। खास बात ये है कि इनमें से 87% कर्मचारी बीपीएल परिवारों से हैं और 83% आरक्षित वर्गों से आते हैं। यह कंपनी अपनी सेवाएं न सिर्फ देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दे रही है।मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मियों को सौंपे ज्वाइनिंग लेटर:नवा रायपुर से शुरू हो रही नई कार्य संस्कृतिइस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 10 नव-नियुक्त कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से ज्वाइनिंग लेटर प्रदान किए और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक ऑफिस स्पेस का आबंटन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की मजबूत शुरुआत है।अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी मिला स्थान:75,000 वर्गफुट में होगी हाई-एंड आईटी गतिविधियों की स्थापनानवा रायपुर के सेक्टर-21 स्थित इसी कमर्शियल टॉवर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के साथ-साथ हैदराबाद की प्रतिष्ठित कंपनी, टेलीपरफॉर्मेंस (मुंबई) और सीएसएम (भुवनेश्वर) को भी ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराया गया है। इन तीनों कंपनियों को कुल मिलाकर 75,000 वर्गफुट का क्षेत्र आवंटित किया गया है, जिससे अनुमानित 1500 से 1800 रोजगार अवसर सृजित होंगे।नवा रायपुर: अब सिर्फ राजधानी नहीं, तकनीक का गढ़:रोजगार, समानता और प्रगति का नया त्रिकोणइस बहुआयामी पहल को नवा रायपुर को आधुनिक आईटी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह पहल राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने और तकनीकी उन्नति की दिशा में निर्णायक कदम है।इस कार्यक्रम में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद तथा एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि आईटी और सर्विस सेक्टर की कंपनियों के आने से छत्तीसगढ़ की पहचान बदल रही है। छत्तीसगढ़ अब टेक्नोलॉजी, नवाचार और सेवा क्षेत्र का भी एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। - -संकटमोचन से सबके जीवन में आए सुख, शांति और समृद्धि – मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समस्त प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संकटमोचन भगवान हनुमान सब पर अपनी कृपा बनाए रखें और प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पवनपुत्र हनुमान जी का जीवन हमें अटूट भक्ति, अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है। यह पर्व हमें बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने, धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि हनुमान जयंती का यह पर्व सभी के लिए मंगलकारी सिद्ध हो और समाज में सद्भाव, समर्पण और शक्ति का संचार करे।
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रायपुर/ छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज केंद्रीय समिति ने आज माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवम उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जी के नाम एक पत्र लिखकर *30 अप्रैल 2025 (भगवान श्री परशुराम जयंती)*को *सामान्य शासकीय अवकाश* घोषित करने की मांग की। साथ ही, नवा रायपुर के किसी प्रमुख चौक का नामकरण *श्री परशुराम चौक* के रूप में करने का अनुरोध किया गया।
ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष दिवाकर तिवारी एवम महासचिव अजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने शासन प्रमुख को लिखे गए पत्र में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न समुदायों के धार्मिक पर्वों (जैसे शाकंभरी जयंती, मां कर्मा जयंती, महावीर जयंती, कबीर जयंती, गुरु घासीदास जयंती, चेटीचंद व छठ पूजा) को सामान्य अवकाश सूची में शामिल किया गया है, जिसकी सराहना की ।उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि , राज्य के *कई लाख ब्राह्मण समुदाय* के आराध्य देव *भगवान परशुराम* जी की जयंती को केवल *ऐच्छिक अवकाश*की सूची में रखा गया है, जिसे समाज के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व मानते हुए सामान्य अवकाश घोषित करने की मांग की गई। इस दिन समाज द्वारा *भव्य रैलियाँ, धार्मिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम* आयोजित किए जाते हैं, जिनमें सभी नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु यह निर्णय आवश्यक है।दिवाकर तिवारी, ने कहा, भगवान परशुराम जी न केवल ब्राह्मण समुदाय बल्कि संपूर्ण भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। उनकी जयंती को सामान्य अवकाश घोषित करने से राज्य की सामाजिक समरसता को बल मिलेगा। हम मुख्यमंत्री जी से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की आशा करते हैं।समाज के अध्यक्ष ने गृहमंत्री विजय शर्मा को लिखे पत्र में उनकी अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट कर विस्तृत ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन इस मांग पर संवेदनशीलता से विचार करेगा। - -’गंभीरता से करें विभागीय कार्यों का निरीक्षण, कार्यावधि बढ़ाने की स्थिति न बनें’-उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री साव ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा-निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा में काम पूरा करने और प्रभावी कार्य पद्धति पर जोर-अभियंताओं को कार्यों के बेहतर, शीघ्र एवं परिणाममूलक क्रियान्वयन के लिए इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल का दक्षता से उपयोग करने के दिए निर्देशरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में प्रदेशभर में चल रहे सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण एवं सड़क मरम्मत के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के कार्यों में कसावट लाने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा में काम पूरा करने और प्रभावी कार्य पद्धति अपनाने पर जोर दिया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए कार्यों के साथ ही सड़कों की मरम्मत की गुणवत्ता पर भी खास ध्यान देने को कहा, ताकि सड़के टिकाऊ हों और बार-बार मरम्मत की जरूरत न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता और सक्रियता से करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे किसी भी कार्य या कार्यालय के औचक निरीक्षण के लिए किसी भी दिन पहुंच सकते हैं। विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर कार्यों पर कड़ी नजर रखने तथा अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य की पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से निर्धारित समयावधि में सभी तरह के निर्माण कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने विभागीय अभियंताओं को कार्यों के बेहतर, शीघ्र एवं परिणाममूलक क्रियान्वयन के लिए अपनी इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल का दक्षता से उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी योग्यता और क्षमता का फील्ड में पूर्ण उपयोग करते हुए अपने कार्यों से प्रदेशवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अभी अनुकूल समय है। पिछले 14 महीने से विभाग में बहुत सकारात्मक माहौल में कार्य हो रहे हैं। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हुए सुव्यवस्थित और सुनियोजित ढंग से तेजी से निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग और मूल्यांकन के लिए ज्यादा से ज्यादा फील्ड विजिट पर जोर दिया। इससे कार्यों का निरीक्षण गंभीरता से होगा और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर कड़ी नजर रखने तथा किसी भी स्थिति में कार्यावधि बढ़ाने की स्थिति न बनें, इसका ध्यान रखने को कहा।श्री साव ने बैठक में बस्तर संभाग में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा बलों और निर्माण एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे सुदूर वनांचलों के लोगों को भी सुगम यातायात की सुविधा मिल सके। श्री साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नई नियुक्तियों तथा भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने को कहा। उन्होंने न्यायालयीन मामलों के निपटारे के लिए सभी कार्यालयों में अलग से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने अधिकारियों को भवन निर्माण के कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही भविष्य में उसके उपयोग के हिसाब से ड्राइंग-डिजाइन एवं कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए कार्यों की मंजूरी के लिए शासन को समय पर प्राक्ककलन भेजने को कहा। डॉ. सिंह ने दुर्घटनाओं को रोकने सड़कों से ब्लैक-स्पॉट हटाने और जंक्शन सुधारने के स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणाओं को पूर्ण करने संबंधित कार्यों का आंकलन (Estimate) प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्राथमिकता से भेजने को कहा, ताकि उन्हें बजट में शामिल किया जा सके।इन कार्यों की भी हुई समीक्षाउप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्राथमिकता के निर्धारण के साथ ही 2024-25 के विभागीय बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन की अद्यतन स्थिति तथा प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने खेल विभाग, नाबार्ड, ए.डी.बी. और सी.आर.आई.एफ. के कार्यों के साथ ही भूअर्जन, वन भूमि व्यपवर्तन, यूटिलिटी शिफ्टिंग एवं अन्य कारणों से बाधित कार्यों, पूर्व के वर्षों में सड़क, भवन एवं पुल के अपूर्ण कार्यों तथा पांच करोड़ रुपए से अधिक की लागत के सड़कों, भवनों एवं पुलों के महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
- -उप मुख्यमंत्री ने की नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा-नालंदा परिसरों और अटल परिसरों के निर्माण में तेजी लाने के दिए निर्देश-प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 2.07 लाख से अधिक आवास पूर्ण, शहरी घरों में कचरा बाल्टी उपलब्ध कराने 474.57 करोड़ रुपए मंजूर-दूषित पेयजल आपूर्ति पर सीएमओ और जल प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देशरायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित नीर भवन में आयोजित बैठक नगरीय निकायों में प्रगतिरत एवं अपूर्ण कार्यों को एक्शन-प्लान बनाकर समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों तथा अटल परिसरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक श्री आर. एक्का भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि हमें शहरों की सूरत एवं सीरत को बदलना है। नगरीय प्रशासन की व्यवस्था व्यवस्थित शहर के मापदंडों के अनुरूप हो, इसके लिए हमें आगे बढ़कर काम करने की आवश्यकता है। नगरीय प्रशासन की टीम अच्छा काम करेगी, तो कार्यों का क्रियान्वयन भी धरातल पर दिखेगा। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप शहरों के विकास में अपने अनुभव का पूरा उपयोग करें। आपके अनुभव का पूरा लाभ शहरवासियों को मिलना चाहिए। विभाग का काम एक मिसाल के तौर पर स्थापित हो, यह मेरी आप लोगों से अपेक्षा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा संचालित केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं के साथ ही नगरीय निकाय चुनाव में जारी घोषणा पत्र, निकायों के कामकाज तथा विधानसभा में दिए गए आश्वासनों पर विभागीय कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न नगरीय निकायों में अपूर्ण और लंबित कार्यों पर नाराजगी जाहिर करते हुए इन कार्यों की पूर्णता की समय-सीमा तयकर एक्शन प्लान बनाकर निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने अटल परिसरों के निर्माण की असंतोषजनक प्रगति पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसमें विलंब करने वाले निकायों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। श्री साव ने विधानसभा में प्रस्तुत सीएजी (CAG) रिपोर्ट एवं उनकी अनुशंसा के अनुसार यथोचित कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों के विद्युत देयकों का भुगतान 15वें वित्त आयोग के अनटाइड (Untide) फंड से करने तथा निकायों में एनर्जी ऑडिट करने के भी निर्देश दिए।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बैठक में बताया कि राज्य के 15 शहरों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 107 करोड़ 53 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए नगरीय निकायों में 15वें वित्त आयोग के तहत हर घर में कचरा बाल्टी मुहैया कराए जाने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अब तक 30 नगरीय निकायों के लिए 474 करोड़ 57 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। शहरी आवागमन को बेहतर बनाने स्थानीय सड़कों और फुटपाथों के निर्माण एवं स्थायी शहरी परिवहन के लिए एआई (AI) और आईओटी (IOT) का उपयोग कर स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आईटीएम (ITM) जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी बैठक में चर्चा की गई।नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत दो लाख 49 हजार 166 आवासों में से अब तक दो लाख सात हजार 396 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। अपूर्ण 41 हजार 770 आवासों को योजना की अवधि दिसम्बर-2025 तक पूर्ण करने के निर्देश सभी नगरीय निकायों को दिए गए हैं। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के माध्यम से मोर संगवारी योजनांतर्गत 1 मई 2022 से अप्रैल-2025 तक चार लाख 80 हजार नागरिकों को उनके आवास पर शासकीय दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस योजना का विस्तार अन्य नगर पंचायतों में करने कार्ययोजना तैयार कर आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश के नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के 6535 कार्यों के लिए कुल 818 करोड़ 82 लाख रुपए और अटल परिसरों के निर्माण के लिए 46 करोड़ सात लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। दोनों को मिलाकर स्वीकृत कुल 864 करोड़ 89 लाख रुपए में से 783 करोड़ नौ लाख रुपए आबंटित भी कर दी गई है। राज्य के कुल 71 हजार 851 निजी तथा शासकीय भवनों में से 53 हजार 772 में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 18 हजार 347 भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए निकायों को पत्र प्रेषित किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और जल संरक्षण के लिए तत्काल प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और इसे मूर्त रूप देने आगामी मई माह से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।श्री साव ने आमदी नगर पंचायत में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं जल प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश बैठक में दिए। सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, नगरीय प्रशासन वभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, सुडा के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, श्री सचित साहू एवं उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिंह सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पांडेय के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिलरायपुर / शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है। स्कूली बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में पाठ्य पुस्तक निगम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह बातें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजा पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में कहीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने पर श्री राजा पांडेय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम का दायित्व है की किताबें समय पर छपें और बच्चों को स्कूल में पुस्तकें समय पर उपलब्ध हों। मुझे पूरी उम्मीद है कि श्री राजा पांडेय पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लिहाज से पाठ्यपुस्तक निगम के पास एक बड़ी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई है, जिसे हमने छत्तीसगढ़ में लागू किया है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार पर भी फोकस किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर हम बच्चों को 18 स्थानीय बोलियों में किताबें उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर पायेंगे। नई शिक्षा नीति का लाभ राज्य के बच्चों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ स्कूल और ट्रिपल आईटी छत्तीसगढ़ में स्थापित हुए हैं। आज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 14 मेडिकल कॉलेज हैं। एम्स जैसे राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान का लाभ लोगों को मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। आज नवा रायपुर में हमने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन किया है। ये सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश का दूसरा यूनिट है। 1143 करोड़ की लागत से इस संयंत्र की स्थापना हुई है। कम्पनी ने 10 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी दिया है। इससे सेमीकंडक्टर चिप्स निर्माण में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। इसी तरह नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में आज स्कवायर बिजनेस सर्विसेज को ऑफिस स्पेस आबंटित किया गया है। बिहान की बहनों को 40 बैटरी चालित ई-रिक्शा भी दिया गया है। साथ ही आज एल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का भी हमने शुभारंभ किया है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की निवेशकों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। एनर्जी और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में राज्य को निवेश प्राप्त हो रहा है। हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है।केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा समाजिक परिवर्तन की धुरी है। समाजिक परिवर्तन से आर्थिक परिवर्तन संभव है। आर्थिक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र की संकल्पनाओं को साकार किया जा सकता है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन को लेकर कार्य कर रही है। अभी गांवों से लेकर शहरों तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन के उद्देश्यों और आम जनमानस तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने में सभी निगम-मंडल का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने इस अवसर पर नवनियुक्त श्री राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर विधायक श्री अमर अग्रवाल,विधायक श्रीमती गोमती साय,विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री सुशांत शुक्ला,विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, पूर्व मंत्री श्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा,पूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल सहित निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण श्री भूपेंद्र सवन्नी,श्री रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री अनुराग सिंहदेव,श्री लोकेश कांवड़िया, श्री शशांक शर्मा, श्री श्रीनिवास मद्दी , श्री अमरजीत छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा छ. ग. पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारी-कर्मचारीगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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*-के.के. मोदी विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल*
*-67 छात्रों को बी-टेक, बीबीए और बीसीए में प्रदान की गई डिग्री*दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि शिक्षा समाज को बदलने, व्यक्तियों को सशक्त बनाने और एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए सबसे शक्तिशाली माध्यम है। लेकिन आज की तेजी से विकसित हो रही दुनिया में, केवल डिग्री ही सफलता को परिभाषित नहीं करती है। राज्यपाल ने कहा कि स्नातक के रूप में, आप एक ऐसी दुनिया में कदम रख रहे हैं जो गतिशील और चुनौतियों से भरी है। इस नए युग को सफलतापूर्वक नेविगेट करने के लिए, आपको लगातार अपने आप को अपस्किल और रीस्किल करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत सरकार ने कौशल भारत, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) और राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) जैसी पहलों के माध्यम से कौशल विकास पर महत्वपूर्ण जोर दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे युवा उद्योग के लिए तैयार हों और आर्थिक विकास को गति देने में सक्षम हों। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज होटल रोमन पार्क में आयोजित के.के. मोदी विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समारोह में 67 छात्रों को बी-टेक, बीबीए और बीसीए में डिग्री प्रदान की गई। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह और डिग्री मिलने पर छात्रों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आपकी यात्रा में आज एक ऐसा दिन है जो आपकी वर्षों की कड़ी मेहनत, दृढ़ता और ज्ञान की अथक खोज को दर्शाता है।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत उद्यमशीलता क्रांति के मुहाने पर खड़ा है। हमारे देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम फल-फूल रहा है और छत्तीसगढ़ नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहा है। स्टार्ट-अप इंडिया पहल, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा योजना उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और वित्तीय सहायता और अनुकूल कारोबारी माहौल के साथ युवाओं का समर्थन करने में सहायक रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि हाल ही में राष्ट्र ने मुद्रा ऋण योजना के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। इसके माध्यम से छोटे पैमाने के उद्यमियों को 32 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है, जिसमें से 68 प्रतिशत महिला उद्यमी थीं। उन्होंने डिग्री प्राप्त युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी की तलाश न करे बल्कि नौकरी सृजक बने। साहसी बनें, जोखिम उठाएँ और वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए अभिनव समाधान लाएँ। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम विकसित भारत 2047 के विजन की ओर आगे बढ़ रहे हैं, आप में से प्रत्येक को भारत को वैश्विक नेता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। एक विकसित भारत की नींव उसके शिक्षित युवाओं के हाथों में है, जिन्हें नवाचार, प्रौद्योगिकी, सतत विकास और समावेशी विकास के माध्यम से योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ स्नातक होना महत्वपूर्ण है, लेकिन उद्योग में जो चीज आपको अलग बनाएगी, वह है प्रभावी ढंग से संवाद करने, आलोचनात्मक रूप से सोचने और विविध टीमों के साथ सहयोग करने की आपकी क्षमता। आधुनिक कॉर्पाेरेट दुनिया को ऐसे पेशेवरों की आवश्यकता है जो आत्मविश्वास और दृढ़ विश्वास के साथ विचारों को व्यक्त कर सकें। सॉफ्ट स्किल्स, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, समस्या-समाधान क्षमता और नेतृत्व गुण आपकी सफलता में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।राज्यपाल ने युवकों को अपने संचार कौशल को लगातार सुधारने, टीमवर्क को अपनाने और बदलती परिस्थितियों के अनुकूल एक अभिनव मानसिकता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जब आप इन विश्वविद्यालय के द्वार से बाहर निकलते हैं, तो याद रखें कि सीखना कभी बंद नहीं होता है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक निरंतर विकसित होने वाली कक्षा है, और आपकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास की यात्रा जारी रहनी चाहिए। राज्यपाल ने आह्वान किया कि आपकी शिक्षा ने आपको पंख दिए हैं; अब समय आ गया है कि आप ऊंची उड़ान भरें और अपनी बुद्धि और समर्पण के साथ देश के भविष्य को आकार दें। राज्यपाल श्री डेका ने डिग्री प्राप्त सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। विश्वविद्यालय की उपकुलपति डॉ. मोनिका सेठी शर्मा ने विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय की कुलपति सुश्री चारू मोदी और मोदी इंटरप्राइजेस की अध्यक्ष डॉ. बीना मोदी ने भी समारोह में अपने विचार व्यक्त किए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों में डिग्री प्राप्त छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक तथा प्रध्यापकगण उपस्थित थे। -
*सेक्टर कसारीडीह में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन, महिलाओं में पोषण जागरूकता को लेकर दिखा उत्साह*
*-गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को उचित पोषण, स्तनपान और नवजात शिशु की देखभाल के प्रति किया जागरूक*दुर्ग/ दुर्ग शहरी परियोजना अंतर्गत सेक्टर कसारीडीह के आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को उचित पोषण, स्तनपान, और नवजात शिशु की देखभाल के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को उचित खानपान व स्तनपान के विषय में जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने महिलाओं को तिरंगा भोजन थाली का महत्व, आयरन और कैल्शियम की दवा का नियमित सेवन, फल, सब्जियां, भाजियों का उपयोग के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने नवजात शिशु की देखभाल, जैसे स्वच्छता, नियमित टीकाकरण, और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने एवं स्तनपान से जुड़ी सामान्य समस्याओं, जैसे दूध की कमी, शिशु का दूध न पीना, एवं स्तन में दर्द जैसी परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा की और उनके समाधान के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा जागरूकता रैली निकालकर नारों के माध्यम से भी जागृति लाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से कार्यकर्ता, सहायिकाएं व अन्य महिलाएं भी शामिल हुईं। -
दुर्ग/ परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग शहरी के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन 25 अप्रैल तक बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग(शहरी) में कार्यालयीन समय में सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा जमा किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे।
आंगनबाड़ी केन्द्र नयापारा केन्द्र क्रमांक 03, वार्ड क्रमांक 02 राजीव नगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आयु की गणना आवेदन आमंत्रित करने की सूचना जारी होने की तिथि से की जाएगी। सेवा की अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष होगी। (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)। आवेदिका उसी वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। निवासी होने के प्रमाण में नगरीय क्षेत्र में संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाना होगा अथवा वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा।आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वीं अथवा 11वीं बोर्ड उत्तीर्ण, आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं बोर्ड उत्तीर्ण। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर निर्धारित अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। ऐसी कार्यकर्ता/सहायिका जिन्हें अनिमितता के कारण पूर्व में सेवा से बर्खास्त किया गया है। ऐसे आवेदक द्वारा प्राप्त आवेदन अमान्य किये जा सकेंगे। उपरोक्तानुसार अर्हता रखने वाले इच्छुक आवेदिका रिक्त पद हेतु आवेदन कर सकते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं का पद पूर्णतः मानसेवी तथा अशासकीय पद है। इन्हें केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। -
दुर्ग/ भारतीय वायुसेना में अग्निवीर भर्ती 2026 के लिये ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2025 निर्धारित थी, जिसे संशोधित कर 25 अप्रैल 2025 किया गया है। इच्छुक आवेदक भारतीय सेना की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक आवेदक जनरल, तकनीकी, क्लर्क, ट्रेडमैन (8वीं और 10वीं) महिला सैन्य पुलिस नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए अपनी योग्यतानुसार ऑनलाईन आवदेन कर सकते हैं। इस बार के अभ्यर्थी अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यतानुसार आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) के समय टाइपिंग टेस्ट देना होगा। ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) जून 2025 के बाद होने की संभावना है। किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के लिये सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212/0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है अथवा विस्तृत जानकारी के लिये जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के सूचना पटल का अवलोकन कर सकते हैं।
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*’गंभीरता से करें विभागीय कार्यों का निरीक्षण, कार्यावधि बढ़ाने की स्थिति न बनें’*
*उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री साव ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा**निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा में काम पूरा करने और प्रभावी कार्य पद्धति पर जोर**अभियंताओं को कार्यों के बेहतर, शीघ्र एवं परिणाममूलक क्रियान्वयन के लिए इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल का दक्षता से उपयोग करने के दिए निर्देश*बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में प्रदेशभर में चल रहे सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण एवं सड़क मरम्मत के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के कार्यों में कसावट लाने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा में काम पूरा करने और प्रभावी कार्य पद्धति अपनाने पर जोर दिया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए कार्यों के साथ ही सड़कों की मरम्मत की गुणवत्ता पर भी खास ध्यान देने को कहा, ताकि सड़के टिकाऊ हों और बार-बार मरम्मत की जरूरत न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता और सक्रियता से करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे किसी भी कार्य या कार्यालय के औचक निरीक्षण के लिए किसी भी दिन पहुंच सकते हैं। विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर कार्यों पर कड़ी नजर रखने तथा अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य की पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से निर्धारित समयावधि में सभी तरह के निर्माण कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने विभागीय अभियंताओं को कार्यों के बेहतर, शीघ्र एवं परिणाममूलक क्रियान्वयन के लिए अपनी इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल का दक्षता से उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी योग्यता और क्षमता का फील्ड में पूर्ण उपयोग करते हुए अपने कार्यों से प्रदेशवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अभी अनुकूल समय है। पिछले 14 महीने से विभाग में बहुत सकारात्मक माहौल में कार्य हो रहे हैं। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हुए सुव्यवस्थित और सुनियोजित ढंग से तेजी से निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग और मूल्यांकन के लिए ज्यादा से ज्यादा फील्ड विजिट पर जोर दिया। इससे कार्यों का निरीक्षण गंभीरता से होगा और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर कड़ी नजर रखने तथा किसी भी स्थिति में कार्यावधि बढ़ाने की स्थिति न बनें, इसका ध्यान रखने को कहा।श्री साव ने बैठक में बस्तर संभाग में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा बलों और निर्माण एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे सुदूर वनांचलों के लोगों को भी सुगम यातायात की सुविधा मिल सके। श्री साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नई नियुक्तियों तथा भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने को कहा। उन्होंने न्यायालयीन मामलों के निपटारे के लिए सभी कार्यालयों में अलग से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने अधिकारियों को भवन निर्माण के कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही भविष्य में उसके उपयोग के हिसाब से ड्राइंग-डिजाइन एवं कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए कार्यों की मंजूरी के लिए शासन को समय पर प्राक्ककलन भेजने को कहा। डॉ. सिंह ने दुर्घटनाओं को रोकने सड़कों से ब्लैक-स्पॉट हटाने और जंक्शन सुधारने के स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणाओं को पूर्ण करने संबंधित कार्यों का आंकलन (Estimate) प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्राथमिकता से भेजने को कहा, ताकि उन्हें बजट में शामिल किया जा सके।*इन कार्यों की भी हुई समीक्षा*उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्राथमिकता के निर्धारण के साथ ही 2024-25 के विभागीय बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन की अद्यतन स्थिति तथा प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने खेल विभाग, नाबार्ड, ए.डी.बी. और सी.आर.आई.एफ. के कार्यों के साथ ही भूअर्जन, वन भूमि व्यपवर्तन, यूटिलिटी शिफ्टिंग एवं अन्य कारणों से बाधित कार्यों, पूर्व के वर्षों में सड़क, भवन एवं पुल के अपूर्ण कार्यों तथा पांच करोड़ रुपए से अधिक की लागत के सड़कों, भवनों एवं पुलों के महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। - रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने पदभार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण पर श्री सौरभ सिंह को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक श्री संपत अग्रवाल,पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल,क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री सुनील जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -हिंसा छोड़ने वालों को मिलेगा सम्मानजनक जीवन-120 दिन के भीतर पुर्नवास की गारंटीरायपुर, /अब वक्त है हथियार छोड़कर कलम, खेती और अपने रुचि के रोजगार व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने का। छत्तीसगढ़ सरकार हर कदम पर साथ देने को तैयार है। आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति 2025 में की है। यह नई नीति राज्य से नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म करने और भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए की गई है,ताकि वह समाज मे सम्मान पूर्वक जीवन व्यतीत कर सके।वास्तव में नक्सलियों के पुनर्वास के लिए बनाई गई नई नीति में आत्मसमर्पण करने वालों के लिए अच्छे प्रावधान किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव की सरकार द्वारा लागू की गयी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 न सिर्फ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा देती है, बल्कि उन्हें पुनर्वास, रोजगार, और सम्मानजनक जीवन की गारंटी भी देती है।इस नीति के जरिए राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवाओं के लिए अब समाज की मुख्य धारा में लौटने का दरवाज़ा पूरी तरह खुला है और वह भी सम्मान और भरोसे के साथ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खुद आह्वान किया है कि जो भी युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति की राह पर लौटना चाहते हैं, राज्य सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी।नई नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को ट्रांजिट कैंप या पुनर्वास केंद्र में रखा जाएगा, जहां उन्हें उनकी रुचि के अनुसार किसी न किसी हुनर में प्रशिक्षित किया जाएगा। इतना ही नहीं, तीन साल तक हर महीने 10,000 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा। आवास के लिए शहरी इलाके में प्लाट, ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि, स्वरोजगार और व्यवसाय से जुड़ने की योजनाएं भी उनके लिए उपलब्ध रहेंगी। सबसे खास बात यह है कि आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया 120 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी, ताकि वे जल्द से जल्द समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।यह नीति न केवल छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सलियों पर लागू होगी, बल्कि अन्य राज्यों में सक्रिय नक्सलियों के लिए भी एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी, बशर्ते वे तय प्रक्रिया के तहत प्रमाणन और अनापत्ति प्राप्त करें।सरकार की यह पहल एक तरफ जहां राज्य में स्थायी शांति बहाल करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी देती है कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं होता — भविष्य निर्माण का रास्ता अब विकास, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से होकर गुजरता है।राज्य और जिला स्तर पर गठित समितियों द्वारा आत्मसमर्पण के प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थी वास्तव में समाज में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है।
- -नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन-1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर-पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्तावरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे।मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी।उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए।भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी श्री ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री श्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ श्री सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।
- -यह केवल परिवहन सेवा का शुभारंभ नहीं, महिलाओं में स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने का है सशक्त प्रयास – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-लखपति दीदी योजना के तहत 40 महिलाओं को मिला रोजगाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा—ई-ऑटो सेवा—का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन "बिहान" के सहयोग से शुरू की गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है।ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी।‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ श्री सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- - धमधा में साहू समाज भवन के लिए 25 लाख रूपए की घोषणादुर्ग / जिले के धमधा तहसील के अंतर्गत ग्राम धौराभाठा में गुरुवार को 1009वीं कर्मा जयंती महोत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। तहसील साहू संघ धमधा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी को भक्त माता कर्मा जयंती की शुभकामनाएं दी। उन्हांेने कहा कि साहू समाज की विशेषता मेहनत की कमाई और ईमानदारी है। इसी के बल पर आज समाज आगे बढ़ रहा है। आज साहू समाज अपने मेहनत ईमानदारी से समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि साहू कुल के बेटा देश का नेतृत्व कर रहा है। जिसके नेतृत्व में देश मे गांव, गरीब और किसान के विकास के साथ हर क्षेत्र गौरान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि साहू समाज सभी समाज को साथ लेकर चलने वाला समाज है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर तहसील मुख्यालय धमधा मंे साहू समाज भवन के लिए 25 लाख रूपए की घोषणा की। समारोह को पूर्व गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, विधायक बेमेतरा श्री दीपेश साहू, प्रदेश तेल घानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, हस्त शिल्प कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री दीपक साहू और साहू समाज दुर्ग के जिला अध्यक्ष श्री नंदलाल साहू ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर ग्राम के पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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-सफाई, पेयजल सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों का तत्काल समाधान करने के दिए निर्देश
-दक्षिण विधायक ने 4 नागरिकों को 3-3 लाख रूपये का धनादेश बतौर आर्थिक सहायता प्रदत्त किया
रायपुर-प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के निर्देश पर सुशासन तिहार 2025 के तहत आज तीसरे दिन रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जोन क्रमांक 5 के तहत डॉक्टर खूब चंद बघेल वार्ड और भक्त माता कर्मा वार्ड में लगाए जा रहे शिविर का अवलोकन किया. रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने विधायक निधि मद से 4 नागरिकों दाऊलाल साहू,गोपीचंद हेमने, विनोद कुमार देवांगन,गणेश राम साहू को 3- 3 लाख रूपये का धनादेश आर्थिक सहायता के रूप में प्रदत्त किया. नगर निगम वार्ड पार्षद श्रीमती सोनू ममता तिवारी और श्रीमती दुर्गा यादराम साहू, जोन 5 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल एवं जोन के अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सुशासन तिहार के शिविर में मांगें और जन समस्यायें लेकर पहुंच रहे आमजनों से चर्चा कर समस्याओं की जानकारी ली और दिनांक 8 से 11 अप्रैल तक प्रथम चरण में आमजनों से प्राप्त सभी मांगों और जन शिकायतों पर त्वरित समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के अधिकारियों को निर्देश दिए. निर्देशित किया गया कि सुशासन तिहार शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों में सफाई और पेयजल से सम्बंधित समस्याओं पर प्राप्त आमजनों की शिकायतों का प्राथमिकता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाये. दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने नगर निगम जोन 5 के तहत रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आने वाले 5 वार्डों महंत लक्ष्मी नारायण दास वार्ड, पण्डित सुन्दर लाल शर्मा वार्ड, पण्डित वामन राव लाखे वार्ड, डॉक्टर खूबचंद बघेल वार्ड, भक्त माता कर्मा वार्ड में लगाए गए सुशासन तिहार शिविर का अवलोकन किया. इस दौरान महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित नगर निगम एमआई सी सदस्य श्रीमती सरिता आकाश दुबे, जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अंबर अग्रवाल, पार्षद श्री कृष्णा सोनकर ( बब्बी), श्रीमती ममता सोनू तिवारी, श्रीमती दुर्गा यादराम साहू की उपस्थिति रही. प्रथम चरण में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत नगर निगम रायपुर के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों में आमजनों से जन शिकायतें, मांगें और जन समस्याएं आवेदन लेकर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक दर्ज की जा रही हैँ.
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-सभी जनशिकायतों और मांगों का समाधान करने दिए निर्देश
रायपुर-प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के निर्देश पर सुशासन तिहार 2025 के तहत आज तीसरे दिन रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जोन क्रमांक 5 के तहत डॉक्टर खूब चंद बघेल वार्ड और भक्त माता कर्मा वार्ड में लगाए जा रहे शिविर की प्रशासनिक व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप, जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, वार्ड पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू, श्रीमती ममता सोनू तिवारी, जोन 5 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, मण्डल अध्यक्ष श्री महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में वार्ड निवासी गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, आमजनों की उपस्थिति में किया. रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सुशासन तिहार के शिविरों में मांगें और जन समस्यायें लेकर पहुंच रहे आमजनों से चर्चा कर समस्याओं की जानकारी ली और दिनांक 8 से 11 अप्रैल तक प्रथम चरण में आमजनों से प्राप्त सभी मांगों और जन शिकायतों पर शत- प्रतिशत संख्या में त्वरित समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. निर्देशित किया गया कि सुशासन तिहार शिविर में आमजनों से प्राप्त सभी आवेदनों में सफाई, पेयजल और सड़क बत्ती से सम्बंधित मूलभूत समस्याओं पर प्राप्त आमजनों की शिकायतों का प्राथमिकता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाये. प्रथम चरण में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत नगर निगम रायपुर के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों में आमजनों से जन शिकायतें, मांगें और जनसमस्याएं आवेदन लेकर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक दर्ज की जा रही हैँ.
- - मांग 39829 एवं शिकायत 1094 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग, /सुशासन तिहार का जिले में शुभारंभ मंगलवार 08 अप्रैल से किया गया। सुशासन तिहार समस्याओं का समाधान है। प्रथम चरण 08 से 11 अप्रैल तक आम जनता से समस्या संबंधी आवेदन लिए जाएंगे। द्वितीय चरण में आवेदनों का निराकरण एवं तृतीय चरण 05 से 31 मई 2025 समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सुशासन तिहार को लेकर ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के लोगों में काफी उत्साह देखा गया। सुशासन तिहार के प्रथम चरण के 08 अप्रैल से 10 अप्रैल 2025 तक कुल 40923 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 39829 मांगे व 1094 आवेदन शिकायत से संबंधित है। सबसे अधिक जनपद पंचायत पाटन में 20178 आवेदन, जनपद पंचायत दुर्ग में 10208 आवेदन एवं जनपद पंचायत धमधा में 4937 आवेदन प्राप्त हुए है।सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत जिला कार्यालय में 74 जिसमें 39 मांग एवं 35 शिकायत, जिला पंचायत दुर्ग में 08 जिसमें 08 मांग, नगर पालिक निगम दुर्ग में 1040 जिसमें 912 मांग एवं 128 शिकायत, नगर पालिक निगम भिलाई में 740 जिसमें 543 मांग एवं 197 शिकायत, नगर पालिक निगम रिसाली में 381 जिसमें 320 मांग एवं 61 शिकायत, नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा में 295 जिसमें 227 मांग एवं शिकायत 68, नगर पालिक परिषद अहिवारा में 89 जिसमें 69 मांग एवं 20 शिकायत, नगर पालिक परिषद कुम्हारी में 362 जिसमें 322 मांग एवं 40 शिकायत, नगर पालिक परिषद जामुल में 98 जिसमें 85 मांग एवं 13 शिकायत, नगर पंचायत धमधा में 314 जिसमें 304 मांग एवं 10 शिकायत, नगर पंचायत पाटन में 162 जिसमें 146 मांग एवं 16 शिकायत, नगर पंचायत उतई में 1737 जिसमें 1712 मांग एवं 25 शिकायत, नगर पंचायत अमलेश्वर में 190 जिसमें 154 मांग एवं 36 शिकायत के आवेदन प्राप्त हुए। इसी प्रकार अनुविभागीय कार्यालय दुर्ग में 11 आवेदन प्राप्त हुए जो मांग 01 एवं 11 शिकायत हैं। धमधा में 06 जिसमंे मांग 05 एवं 01 शिकायत, पाटन में 03 जिसमें मांग 01 एवं 02 शिकायत हैं। भिलाई 3 में 09 आवेदन प्राप्त हुए जो मांग 08 एवं 01 शिकायत हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 10208 आवेदन जिसमें 10145 मांग एवं 63 शिकायत, धमधा में 4937 जिसमें मांग 4758 एवं 179 शिकायत, पाटन में 20178 आवेदन जिसमें 20008 मांग एवं 170 शिकायत आवेदन प्राप्त हुए है। तहसील कार्यालय दुर्ग में 33 आवेदन जिसमें 25 मांग एवं 08 शिकायत प्राप्त हुए हैं, तहसील कार्यालय धमधा में 07 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 07 आवेदन मांग प्राप्त हुए है। तहसील कार्यालय पाटन में 08 आवेदन प्राप्त हुए जो 06 मांग एवं 02 शिकायत हैं। तहसील कार्यालय भिलाई 03 मंे 32 आवेदन जिसमें 23 मांग और 09 शिकायत एवं तहसील कार्यालय अहिवारा में 01 आवेदन प्राप्त हुए है जो 01 मांग आवेदन प्राप्त हुए।
- -गांव-गांव, शहर-शहर में लगी समाधान पेटियां-11 अप्रैल तक आमजन से लिए जाएंगे आवेदनरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार के तहत गांव-गांव, शहर-शहर आवेदन लिए जाने का सिलसिला जारी है। आम जनता से 11 अप्रैल तक लिए जाएंगे। आवेदन प्राप्त करने के प्रथम चरण में तीन दिनों में तीन लाख 18 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें 2 लाख 89 हजार 648 आवेदन विभिन्न मांगों से संबंधित है जबकि शिकायतों से संबंधित आवेदनों की संख्या मात्र 19 हजार 375 है।यहां यह उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार तीन चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। लोग अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन अपने-अपने जिलों में ऑनलाईन, शिविर एवं समाधान पेटी में डाल रहे हैं।जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी।समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
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-प्रधानमंत्री जनमन योजना से बदली जनजातीय गांव की तस्वीर
रायपुर / कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायत कांदावानी के आश्रित गांव पटपरी में निवासरत 25 बैगा परिवारों के जीवन में अब अंधेरा नहीं रहा। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां के सभी बैगा परिवारों के घरों में क्रेडा की ओर से निःशुल्क सोलर सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनके आशियाने अब रोशनी से जगमगा उठे हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ अब दूरस्थ आदिवासी अंचलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पटपरी गांवों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य और पहचान जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर शासन-प्रशासन ने जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नींव रखी है।पटपरी गांव, जो जिला मुख्यालय कबीरधाम से लगभग 80 किलोमीटर तथा ब्लॉक मुख्यालय पंडरिया से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है, अब एक नई ऊर्जा की मिसाल बन गया है। हर घर में 300 वाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया गया है। प्रत्येक सोलर सिस्टम की लागत 65 हजार रूपए है, जो कि पीएम जनमन और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पूर्णतः निःशुल्क बैगा परिवारों को प्रदाय किया गया है। इस पहल से ग्रामीणों को न सिर्फ अंधेरे से छुटकारा मिला है, बल्कि उनके जीवन में एक नई उम्मीद भी जगी है। बैगा समुदाय के फूल सिंह का कहना है, अब हमारे घरों में अंधेरा नहीं रहता, रात में भी बच्चे पढ़ाई कर पाते हैं। जगातीन बाई बैगा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि जनमन योजना के तहत उनके घर में बिजली पहुंची है, जिससे वे अत्यंत उत्साहित हैं। जनमन योजना की लाभार्थी होने के नाते वे राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के विशेष आमंत्रण पर दिल्ली भी गई थीं और उनसे भेंट की थी। पटपरी गांव में निवासरत बैगा परिवारों के पेयजल की व्यवस्था के लिए दो हैंड पंप भी स्थापित किए गए हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है। इस गांव के सभी बैगा परिवारों के आधार कार्ड व राशन कार्ड प्रदाय किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता समय-समय पर पटपरी गांव पहुंचते हैं और ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करते हैं। खेती-बाड़ी पर आश्रित बैगा परिवारों का जीवन यापन मुख्यतः पट्टे पर मिली वनभूमि पर खेती से होता है। इसके अलावा गन्ना सीजन में मजदूरी कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लघु वनोपज का संग्रहण बैगा परिवारों के आय का अतिरिक्त जरिया है।
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झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ
सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की होगी शुरूआत
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 11 अप्रैल को नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमी कंडक्टर निर्माता कंपनी पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री नवा रायपुर में निर्मित कॉमर्शियल टावर में आईटी कंपनियों को फर्निश्ड स्पेस का आबंटन करने के साथ ही नवा रायपुर में सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की भी शुरूआत करेंगे।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेेंगे। यह कार्यक्रम वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।
गौरतलब है कि पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली कंपनी है, जो छत्तीसगढ़ में 1143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगी, जो टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होंगे। इस प्लांट में 130 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय नवा रायपुर के कमर्शियल टावर में पूरी तरह तैयार ऑफिस स्पेस आईटी कंपनियों को आबंटित करेंगे। यह कदम नवा रायपुर को भारत का आईटी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। आईटी कंपनी के माध्यम से 750 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री इस मौके पर युवाओं को जॉइनिंग लेटर भी सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों नवा रायपुर में ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा की शुरुआत भी होगी। यह ई-ऑटो सर्विस महिलाओं के स्व-सहायता समूह के जरिए संचालित होगी। लगभग 130 किलोमीटर के दायरे में यह ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा रिहायशी इलाकों, ऑफिस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी को जोड़ेगी। इससे 40 महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय झरिया अल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन भी होगा। इससे सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति होगी। - रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 अप्रैल को हाटकेश्वर जयंती की बधाई और शुभकामनाएं प्रदेशवासियों को दी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आम जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाज सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक महात्मा ज्योतिबा फुले की 11 अप्रैल को जयंती पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है की ज्योतिबा फुले जी ने महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिए कई कार्य किए। दलितों के प्रति भेद-भाव समाप्त कर उन्हें समाज में स्थान दिलाने के लिए महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की। उन्होंने न सिर्फ महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया, बल्कि अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को भी शिक्षा दिलाई जिससे वे भारत की पहली अध्यापिका बनीं। श्री साय ने कहा कि महात्मा फुले समाज को अंधविश्वास और कुप्रथाओं से मुक्त करना चाहते थे। वे भारतीय समाज में प्रचलित जाति व्यवस्था और उस पर आधारित भेदभाव के प्रबल विरोधी थे। उन्होंने समाज को कुरीतियों से मुक्ति दिलाने के लिए सभी वर्गों की शिक्षा पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन और विचार मूल्य हमें मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।














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