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- - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कॉफी टेबल बुक का किया अनावरण-महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 26 स्कूल बसों का किया गया निरीक्षण, 3 में खामी पाए जाने पर की गई चालानी कार्रवाईवाहन चालकों को यतायत नियमों का पालन करने दी गई सलाहगौरेला पेंड्रा मरवाही/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने की उपलक्ष्य में राज्य सरकर द्वारा रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इस दौरान सभी विभागों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा बीते दिनों किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान खरीदी केंद्रों और अन्य स्थानों पर शिविर आयोजित कर 107 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्र कोटमी में 12, मरवाही में 16 एवं पेंड्रा मे 19 लोगों के लर्निंग लाइसेंस बनाएं गए। इसके साथ ही जन समस्या निवारण शिविर मगुरदा में 11 एवं ग्राम पंचायत पंडरीपानी में 45 और पंडित माधव राव सप्रे कन्या महाविद्यालय गौरैला मे 4 लोगों के लर्निंग लाइसेंस बनाएं गए।इसी तारतम्य में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुरूप जिले में संचालित 27 स्कूल बसों में से 26 का निरीक्षण किया गया, जिसमे 3 बसों में खामी पाए जाने पर चालानी कार्यवाही किया गया तथा सरस्वती स्कूल की एक बस की सीटो के सुधार के लिए निर्देशित किया गया। निरिक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम चंदेल द्वारा बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। बस में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने पर या आशंका मात्र पर उसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को दें। वाहनों को ओवर स्पीड नहीं चलाये। सप्ताह में कम से कम एक बार वाहन का मैकेनिज़्म आवश्यक रूप से चेक कराये और पायी जाने वाली कमी को तत्काल सुधार कराये उसके बाद वाहन को चलाये क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।निरीक्षण के दौरान स्वाथ्य विभाग की टीम द्वारा सभी चालक परिचलको का स्वाथ्य परिक्षण किया गया व आवश्यक दवाई और सुझाव दिया गया। यातायात प्रभारी द्वारा सभी चालको को यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन संचालन करने सलाह दिया गया।
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रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग को 3 आक्रामक आवारा मवेशियों से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के निर्देशानुसार जोन 5 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा, स्वच्छता निरीक्षक श्री दिलीप साहू की उपस्थिति में जोन क्रमांक 5 की काऊकैचर टीम जोन क्षेत्र अंतर्गत पण्डित सुन्दर लाल शर्मा वार्ड क्रमांक 41 क्षेत्र अंतर्गत सम्बंधित मैत्री नगर सुन्दर नगर क्षेत्र में भेजकर दो दिन में 3 आक्रामक आवारा मवेशियों की धरपकड़ काऊकैचर वाहन की सहायता से करते हुए स्थानीय रहवासियों को त्वरित राहत दी जाकर प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया गया. इसमें 2 आक्रामक मवेशियों की विगत दिवस दिनांक 13 दिसम्बर को धरपकड़ की गयी और आज दिनांक 14 दिसम्बर को एक आक्रामक मवेशी को काऊकैचर टीम भेजकर मैत्री नगर सुन्दर नगर में जोन 5 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धरपकड़ कर प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान जोन के स्तर पर किया.
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रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के पूर्व महापौर स्वर्गीय बलवीर सिंह जुनेजा की जयन्ती पर रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 4 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम परिसर बूढ़ापार स्थित उनकी मूर्ति स्थल के समक्ष रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक श्री कुलदीप सिंह जुनेजा रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा सहित सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री संतोष सोनी, जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर सहित नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने उनका सादर नमन किया.
उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्री बलवीर सिंह जुनेजा वर्ष 1994 से वर्ष 1999 तक रायपुर नगर पालिक निगम में महापौर रहे. उनके कार्यकाल में रायपुर शहर में इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य का भूमिपूजन सम्पन्न हुआ था. उनके देवलोकगमन के बाद जब इंडोर स्टेडियम का लोकार्पण बूढ़ापारा में रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा किया गया, तो इंडोर स्टेडियम का नामकरण बलवीर सिँह जुनेजा इंडोर स्टेडियम किया गया और उनके इस योगदान की स्मृतियाँ चिरस्थायी बनाने नगर निगम रायपुर द्वारा स्टेडियम परिसर में उनकी मूर्ति स्थापित गयी , जहां हर वर्ष नियमित रूप से रायपुर नगर पालिक निगम के पूर्व महापौर स्वर्गीय बलवीर सिंह जुनेजा का जयन्ती दिनांक 14 दिसम्बर और पुण्यतिथि दिनांक 24 अगस्त के दिन उनका सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन रखा जाता है.
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य के रजत उत्सव के उपलक्ष्य में, नवा रायपुर में 23, 24, और 25 जनवरी 2026 को तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ एवं दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 14 दिसंबर 2025 को अपरान्ह 03:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक एक महत्त्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की जा रही है, जिसका विषय 'दुर्ग जिले की साहित्यिक यात्रा' है। यह परिचर्चा दुर्ग के पद्मनाभपुर स्थित जेष्ठ्य नागरिक संघ भवन, हनुमान मंदिर के पास होगी। इस आयोजन में साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष, श्री शशांक शर्मा, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। भिलाई के वरिष्ठ साहित्यकार श्री रवि श्रीवास्तव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा, भिलाई और जेष्ठ्य नागरिक संघ दुर्ग के अध्यक्ष डॉ. देव कुमार मंडरिक विशिष्ट अतिथि होंगे। 'दुर्ग जिले की साहित्यिक यात्रा' विषय पर श्री गुलबीर सिंह भाटिया, श्रीमती सरला शर्मा, श्री अरुण निगम (सभी वरिष्ठ साहित्यकार), और कला परंपरा के अध्यक्ष श्री डी. पी. देशमुख जैसे विद्वान वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष बलदाऊ राम साहू और सचिव राकेश गुप्ता 'रूसिया' ने सभी साहित्य प्रेमियों और नागरिकों से इस महत्त्वपूर्ण साहित्यिक गोष्ठी में उपस्थित होने की अपील की है।
- 0- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रायपुर जिले में 10929 नए कनेक्शन स्वीकृतरायपुर. कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में ऑयल इंडस्टरीज के प्रदेश स्तरीय समन्वयक श्री नितिन चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के अंतर्गत पूरे देश में 25 लाख अतिरिक्त निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत किए हैं। इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती रसोई ईंधन उपलब्ध कराने के प्रयासों को और गति मिलेगी।ऑयल इंडस्टरीज के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के अंतर्गत रायपुर जिले को 10929 नए हितग्राहियों को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत किए गए हैं इसके अतिरिक्त जो आवेदन आएंगे उसे भी स्वीकृत किया जाएगा। योजना का लाभ उन गरीब परिवारों की महिलाओं को मिलेगा, जिनके घर में पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं है। पात्रता का निर्धारण वंचना घोषणा पत्र के आधार पर किया जाएगा, जिसका सत्यापन जिला उज्ज्वला समिति द्वारा किया जाएगा।आवेदन के लिए केवाईसी फॉर्म (फोटो सहित), निवास प्रमाण, परिवार संरचना से संबंधित दस्तावेज़, आवेदक एवं परिवार के सभी वयस्क सदस्यों का आधार, बैंक खाते का विवरण तथा वंचना घोषणा पत्र अनिवार्य होंगे। प्रवासी परिवारों के लिए स्व-घोषणा पत्र को भी मान्य किया गया है। लाभार्थी नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अथवा ऑनलाइन वेबसाइट pmuy.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।योजना के तहत नए कनेक्शन के साथ लाभार्थियों को बिना डिपॉजिट का सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा होज, डोमेस्टिक गैस उपभोक्ता कार्ड तथा प्रशासनिक शुल्क से छूट दी जाएगी। इसके साथ ही तेल विपणन कंपनियों द्वारा निःशुल्क गैस चूल्हा और पहला रिफिल भी उपलब्ध कराया जाएगा।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। अब तक इसके अंतर्गत देशभर में 10.33 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। योजना से न केवल स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ी है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार, घरेलू धुएं से होने वाले प्रदूषण में कमी और रसोई कार्य को आसान बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।इस अवसर पर जिला खाद्य नियंत्रक श्री भूपेंद्र मिश्रा, बीपीसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री दिलीप मीना, एचपीसीएल मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक श्री मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।--
- बिलासपुर. मनरेगा के तहत वर्ष 2026-27 के लिए पंचायतों में होने वाले सभी कार्य अब युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित प्लानिंग के बाद ही स्वीकृत होंगे। शासन के निर्देशानुसार ग्राम सभाओं में पारित किए गए लेबर बजट के प्रस्तावों को क्रमवार प्राथमिकता में पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। इस योजना के तहत 65 प्रतिशत कार्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और कृषि संबंधित होंगे, साथ ही मजदूरी और सामग्री का अनुपात 60:40 निर्धारित किया गया है। विशेष बात यह है कि हर कार्य की लोकेशन अक्षांश और देशांतर भी पोर्टल में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में अभिसरण के माध्यम से अतिरिक्त विकास कार्य जोडना आसान होगा और पारदर्शिता बनी रहेगी। जिले के चारों जनपद पंचायतों में कार्यों की एंट्री प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगामी वर्षों में पंचायतों में कोई भी नया कार्य शुरू करने से पहले उसे ग्राम सभा से अनुमोदित कर युक्तधारा पोर्टल में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
- रायपुर. प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर, बड़ा अशोक नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध चौक के समीप सहित राजधानी शहर में लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. नगर निगम रायपुर द्वारा विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने की व्यवस्था देने से इससे शहर के निवासी प्रतिदिन सैकड़ों आमजनों को लगातार बढ़ती शीतलहर से सहज बचाव सहित त्वरित राहत मिल रही है.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा श्री हनुमान मन्दिर के समीप और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, भाठागांव चौक के समीप, कुकरीपारा, दूधाधारी मठ मार्ग, सरोना, चंदनीडीह, कबीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-2, हीरापुर चौक सुलभ शौचालय काम्प्लेक्स के समीप , कबीर चौक रामनगर, गीतांजलि नगर शंकर नगर, जगन्नाथ चौक रामनगर, प्रियदर्शिनी नगर, भाठागांव, नगर पालिक निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा, नगर निगम जोन 10 कार्यालय और अन्य लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.
- 0- यातायात जाम से मिली राहत, यातायात हो गया सुगमरायपुर. टीम प्रहरी अभियान रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनहित में जनसुविधा हेतु मुख्य मार्गो और बाजारों का यातायात सुगम बनाने नियमित रूप से चलाया जा रहा है.इस क्रम में आज टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत नगर जोन क्रमांक 3 के क्षेत्र अंतर्गत तेलीबाँधा ब्रिज के नीचे अभियान चलाकर 3 ठेलों ko कड़ाई से व्यवस्था सुधारने नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग की टीम और नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता के संयुक्त अभियान अंतर्गत सड़क से तत्काल जप्त कर लिया गया और लगभग 9 ठेले तेलीबाँधा ब्रिज के नीचे से खदेड़े गए, इससे तत्काल नागरिकों को यातायात जाम की समस्या से त्वरित राहत मिली और यातायात सुगम और सुव्यवस्थित हो गया. टीम प्रहरी अभियान आगे भी जारी रहेगा.
- -कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं का जल्द निराकरण होगा-कुलपति डॉ. चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक से मुलाकात कीरायपुर।, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट से मुलाकात कर उन्हे विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रस्तार गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. जाट से विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों की अधिमान्यता के संबंध में चर्चा की और महाविद्यालयों को शीघ्र अधिमान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों से संबंधित विषयों एवं समस्याओं से डॉ. जाट को अवगत कराया तथा कृषि विज्ञान केंद्रों से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु अनुरोध किया। इस संबंध में डॉ. जाट ने कहा कि देश भर में संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं की निराकरण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गंभीर विचार मंथन किया जा रहा है, उन्होंने इनके जल्द ही सुलझने की उम्मीद जताई। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्याे की सराहना की और आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के किसानों की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।महानिदेशक डॉ. जाट ने आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में कृषि के विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने पर जोर दिया और कहा कि इस कार्य योजना के क्रियान्वयन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। डॉ. जाट ने कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन डाक्यूमेंट में कृषि फसलों को केवल पेट भरने का साधन ना मानते हुए इन्हें पोषण तथा स्वास्थ्य रक्षा का स्त्रोत माना गया है। डॉ. जाट ने कहा कि विभिन्न कृषि फसलों की मानव स्वास्थ्य एवं पोषण में उपादेयता जानने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं (आई.सी.ए.आर.) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर) मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने विभिन्न फसलों की पोषकता बढ़ाने हेतु इनके बायोफोर्टिफिकेशन पर जोर दिया। डॉ. चंदेल ने जानकारी दी कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विभन्न फसलों के बायोफोर्टिफिकेशन पर काफी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर कुलपति डॉ. चंदेल ने डॉ. जाट को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होनें सहर्ष स्वीकार किया।
- -नांदगांव संस्कृति एवं साहित्य परिषद एवं साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़़ संस्कृति परिषद द्वारा प्रेस क्लब में परिचर्चा का हुआ आयोजन-ऐसे कार्य करें कि देश के महान साहित्यकारों की श्रृंखला में राजनांदगांव से और भी नाम जुड़े : वरिष्ठ पत्रकार श्री सुशील कोठारी-रायपुर साहित्य उत्सव में होनी चाहिए सभी की सक्रिय सहभागिता : साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा-नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़े-देश के सौहाद्र्र को ध्यान में रखते हुए साहित्य का होना चाहिए सृजन : विभागाध्यक्ष हिन्दी डॉ. शंकर मुनि राय-साहित्य के माध्यम से सुख-दुख, राग द्वेष एवं देश काल की परिस्थितियां होती है रूपायित : पुरातत्वविद डॉ. आरएन विश्वकर्मा-राजनांदगांव साहित्यकारों का शहर : डॉ. चंद्रशेखर शर्मारायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव : आदि से अनादि तक का आयोजन 23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर में किया जा रहा है। इसी कड़ी में नांदगांव संस्कृति एवं साहित्य परिषद एवं साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़़ संस्कृति परिषद द्वारा आज राजनंदगांव प्रेस क्लब में परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री सुशील कोठारी उपस्थित थे। साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के तौर पर पुरातत्वविद डॉ. आरएन विश्वकर्मा, विभागाध्यक्ष हिन्दी डॉ. शंकर मुनि राय एवं अन्य साहित्यकार उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री सुशील कोठारी ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और हर स्थिति में समाज को साहित्य से मार्गदर्शन मिलता है। देश के तीन महान साहित्यकार श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र का नाम लेकर हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं। इन नामों के साथ और भी नाम जुड़े ऐसा कार्य करना है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पढऩे की आदत धीरे-धीरे छूट रही है। उन्होंने राजनांदगांव में साहित्य की परंपरा पर चर्चा करते हुए बताया कि दिग्विजय कॉलेज साहित्यकारों की कर्मभूमि रही है। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. मलय, डॉ. शरद गुप्ता, श्री नंदुलाल चोटिया एवं अन्य साहित्यकारों का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि उस दौर में राजनांदगांव में हरिशंकर परसाई एवं लतीफ घोंघी जैसे साहित्यकार भी विभिन्न अवसर पर कार्यक्रम शामिल होते थे।साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने कहा कि 23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से मन झंकृत होता है और नये विचार पल्लिवत होते है। कला और साहित्य की अनेक विधाएं है। जिनमें साहित्य एक भौतिक अवस्था है। जिसके माध्यम से दूसरी पीढ़ी तक ज्ञान को हस्तांतरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सृष्टि की उत्पत्ति ब्रम्हनाद अर्थात ध्वनि ऊर्जा से हुई है। मैक्सप्लैंक ने क्वांटम सिद्धांत में यह बाद में सिद्ध किया है। हमारे देश में श्रुति परंपरा के माध्यम से सदियों से संस्कारों का निर्माण करते आ रहे है। श्रेष्ठतम साहित्य सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रम्हचर्य में निहित है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की भूमि को ईश्वर का वरदान मिला है और यहां एक साथ अलग-अलग विधाओं के साहित्यकार हुए है। हमारा प्रदेश बैद्धिक संपदा में समृद्ध रहा है। छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान होनी चाहिए। इसके दृष्टिगत बौद्धिक विकास की गतिविधियों में तेजी लाने के लिए रजत जयंती उत्सव के अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी की सक्रिय सहभागिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव देश के तीन महान साहित्यकार श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की कर्म भूमि रही है। आज त्रिवेणी परिसर को देखने का अवसर मिला। ऐसा लगा मानों सब कुछ जीवंत है। उन्होंने सभी साहित्यकारों से कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ें।पुरातत्वविद डॉ. आरएन विश्वकर्मा ने कहा कि किसी भी देश के इतिहास को जानने के लिए साहित्य एवं संस्कृति को समझना पड़ता है। साहित्य से इतिहास बनते हैं और किसी भी देश का अपना इतिहास वहां की परंपराओं, कला की मूल प्रवृत्तियां है। छत्तीसगढ़ में समृद्ध साहित्य विधा रही है। प्रदेश में सातवाहन, पांडुवंश, कलचुरी, नागवंश के अभिलेख मिलते हंै। जिनमें उच्च कोटि की रचनाएं है। साहित्य के माध्यम से सुख-दुख, राग द्वेष एवं देश काल की परिस्थितियां रूपायित होती है। उन्होंने ग्राम ताला के रूद्र शिव की मूर्ति तथा उमा के चतुर्भुजी मूर्ति की चर्चा की।विभागाध्यक्ष हिन्दी डॉ. शंकर मुनि राय ने कहा कि साहित्य मनुष्यता पैदा करती है और समझाती है कि आदमी, आदमी के लिए बना है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में साहित्य की चौथी पीढ़ी से साक्षात्कार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन तरह के साहित्यकार होते है। जिनमें पहले साहित्यकार, दूसरे लेखक और कुछ ऐसे प्रेरक होते है, जो उन्हें संवारते है। उन्होंने श्री मुकुटधर पाण्डेय, श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र के कृतित्व और रचनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र ने भगवान श्रीराम पर तीन रचनाएं लिखी है। हम गर्व से कह सकते हंै कि उन्होंने धरती के क्षितिज पर नाम स्थापित किया है। उन्होंने महाकाव्यों की रचना की। उनके अवदानों के लिए नागपुर विश्वविद्यालय से उन्हें डी-लिट की उपाधि दी गई। डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी धरा के ऐसे व्यक्तित्व थे, जो प्रचार से दूर रहे। उन्होंने बताया कि छायावाद के प्रणेता सुमित्रानंदन पंत की कविता को बख्शी जी सुनने लगे और सरस्वती पत्रिका के मुख्य पृष्ठ पर प्रकाशित हुई। उन्होंने कहा कि साहित्य जोडऩे के लिए है और देश के सौहाद्र्र को ध्यान में रखते हुए साहित्य का सृजन होना चाहिए।चेयरमेन अध्ययन बोर्ड (मानविकी) सीएसवीटीयू डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने अपने आधार वक्तव्य में कहा कि राजनांदगांव साहित्यकारों का शहर है। उन्होंने जिले के साहित्यकारों की जानकारी दी तथा बताया कि राजनांदगांव में वाचिक परंपरा का प्रभाव रहा है। यह एक ऐसा शहर एवं जिला है, जो उर्वर है और यहां के कण-कण में सरस्वती का आर्शीवाद है। उन्होंने जिले के तीन महान साहित्यकार श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र के अवदान एवं योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सभी ने सरस्वती की साधना में आहुति देकर साहित्य को जीवंत रखने की कोशिश की है। इस अवसर पर साहित्यकार श्री अखिलेश चंद्र तिवारी, डॉ. विरेन्द्र बहादुर सिंह, अब्दुस्सा सलाम कौसर, डॉ. दादुलाल जोशी, श्री शत्रुहन सिंह राजपूत, श्री पद्मलोचन शर्मा, श्री मुन्ना बाबु एवं अन्य साहित्यकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने किया।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात 20.53 करोड़ की मिली स्वीकृतिरायपुर। अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगानई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं।वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग सेतीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्प्रोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय शनिवार को जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।इस मौके पर केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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सूरजपुर. जिले में स्थित एक चावल मिल में दीवार गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना आज सुबह सूरजपुर जिले के नयनपुर इलाके में एक निजी चावल मिल में हुई। सूरजपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, जब मजदूर मिल के अंदर चावल के बोरे हटा रहे थे, तभी अचानक दीवार गिर गई। इस घटना में दो मजदूर मलबे में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। ठाकुर ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां एक मजदूर की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान वेद सिंह, भोला सिंह और विफल के रूप में हुई है जबकि घायल सुरेंद्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। इस बीच, मौत की खबर मिलने के बाद ग्रामीण मिल के बाहर जमा हो गए और मृतक मजदूरों के परिजनों के लिए मुआवजे तथा मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- -सरकार किसानों के साथ: टोकन सिस्टम में समय की बंदिश खत्म-किसानों के लिए बड़ी सहूलियत: तूहर टोकन ऐप अब 24 घंटे उपलब्ध-किसानों की सुविधा सर्वोपरि, टोकन व्यवस्था को बनाया गया सहजरायपुर / प्रदेश के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तूहर टोकन ऐप को अब 24×7 खोल दिया गया है। अब मोबाइल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे।अब किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकते हैं।इससे किसानों को धान विक्रय की योजना बनाने और टोकन प्राप्त करने में पर्याप्त समय मिलेगा तथा भीड़ और तकनीकी दबाव की समस्या से राहत मिलेगी।इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसान अब 31 जनवरी तक तूहर टोकन ऐप से टोकन ले सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लघु किसनों के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई है lउल्लेखनीय है कि टोकन प्रत्येक सहकारी समिति को आबंटित सीमा के भीतर ही जारी किए जाएंगे। किसानों से आग्रह है कि वे समय रहते तूहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करें और किसी भी असुविधा से बचें।"किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तूहर टोकन ऐप को 24×7 खोलने और समय की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। अब किसान बिना किसी दबाव के, अपनी सुविधा अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिये टोकन की अतिरिक्त समय सीमा और अवधि का विस्तार किसानों को वास्तविक राहत देगा। राज्य सरकार किसान हित में हर संभव कदम उठाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
- -एसआईआर प्रक्रिया में कहीं कोई दिक्कत या परेशानी होने पर तत्काल अवगत कराने की अपील-राजनीतिक दलों को दी गई एसआईआर की संशोधित कार्यक्रम की जानकारी-रोल आर्ब्जवर एवं भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री बृजमोहन मिश्रा भी उपस्थितरायपुर /कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह ने आज राजनीतिक दलों की बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संशोधित कार्यक्रम की जानकारी ली और इसकी प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बैठक में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से कहा कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में कहीं कोई दिक्कत या परेशानी होने पर तत्काल जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराएं। इस अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के रोल आर्ब्जवर एवं भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री बृजमोहन मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित थे।कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह ने कहा कि एसआईआर के संबंध में राजनीतिक दलों को सभी प्रकार की जानकारी एवं सूचनाएं दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह दायित्व है कि जिसका नाम मतदाता सूची में होना चाहिए वो जरूर हो और जिनका नही होना चाहिये वो न हो। उन्होंने कहा कि एसआईआर में वास्तविक मतदाता को चिन्हित किया जा रहा है, तथा शिप्टिंग संबंधी आवश्यक कार्य गणना अवधि के बाद प्रारंभ हो जायेगा। जिन मतदाताओं के नाम दो मतदान केन्द्र में हैं, उनका एक स्थान से नाम हटा दिया जाएगा। जिन मतदान केन्द्रों में अतिरिक्त बीएलओ की आवश्यकता होगी वहां अतिरिक्त कर्मचारी भेजे जाएंगे।विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पश्चिम विधानसभा मे 9977222564, उत्तर विधानसभा 9977222584, दक्षिण विधानसभा 9977222574 तथा ग्रामीण विधानसभा 9977222594 मोबाइल नंबर पर जानकारी दी जा सकती है। बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और एसआईआर से जुड़े वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिला न्यायालय रायपुर सहित छत्तीसगढ़ राज्य के तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक किया गया। इस दौरान कुल 10,09,418 प्रकरणों का आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।यह आयोजन माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन तथा माननीय न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। लोक अदालत का आयोजन भौतिक एवं वर्चुअल (हाइब्रिड) दोनों माध्यमों से किया गया, जिसमें पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री सुधीर कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण तथा स्थायी लोक अदालत के सभापति श्री ऋषि कुमार बर्मन द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, पक्षकार, बैंक अधिकारी, राजस्व एवं नगर निगम अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वालंटियर तथा विधि एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा ने कहा कि नालसा एवं सालसा के तत्वावधान में आयोजित नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आम जनता को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है। लोक अदालत में पारिवारिक, दांडिक, सिविल, राजस्व, पेंशन, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।नेशनल लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए ट्रैफिक लाउडस्पीकर, रेलवे स्टेशन के अनाउंसमेंट सिस्टम, पैरालीगल वालंटियरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों के माध्यम से व्यापक प्रचार किया गया। साथ ही पक्षकारों को तालुका विधिक सेवा समितियों से संपर्क कर अपने प्रकरणों की जानकारी लेने हेतु प्रेरित किया गया।इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सहयोग से 4 श्रवण यंत्रों का वितरण किया गया तथा श्रम विभाग के सहयोग से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को नालसा की योजना के अंतर्गत श्रमिक कार्ड वितरित किए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा विभिन्न बैंकों एवं विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए गए।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं गुरुद्वारा धन-धन बाबा साहिब जी, तेलीबांधा के संयुक्त तत्वावधान में दूर-दराज से आए पक्षकारों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिससे पक्षकारों में संतोष देखने को मिला।मोहल्ला लोक अदालत के अंतर्गत स्थायी लोक अदालत के सभापति एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ऋषि कुमार बर्मन द्वारा मौके पर पहुंचकर जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित 11,839 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया, जिसका मोहल्लेवासियों ने स्वागत किया।प्रकरणों का विवरण इस प्रकार रहा :- राजस्व न्यायालय: 8,12,991 प्रकरण, कुटुंब न्यायालय: 99 प्रकरण, न्यायालय में लंबित प्रकरण: 32,944 प्रकरण, प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम प्रकरण: 90,413 प्रकरण,जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण: 589 प्रकरण, मोहल्ला लोक अदालत: 11,839 प्रकरण, कॉमर्शियल कोर्ट: 04 प्रकरण ।नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को कुल 63 करोड़ 47 लाख 46 हजार 991 रुपये की राशि प्राप्त हुई। यह आयोजन “न्याय तुहर द्वार” योजना के अंतर्गत किया गया, जिसे जनता से व्यापक सराहना मिली।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश के परिपालन में कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के अंतर्गत, दुर्ग जिले के समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और बी.एस.पी. के प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रमुखों तथा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों (दुर्ग/धमधा/पाटन) को शीतलहर से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त आदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी आवश्यक निर्देशों को ध्यान में रखते हुए दिए गए हैं। संस्था प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने कहा गया है कि शीतलहर से प्रभावित होने पर प्राथमिक उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में प्राथमिक उपचार बॉक्स उपलब्ध हों, अस्पतालों और आपातकालीन सेवा प्रदाताओं के संपर्क नंबर विद्यालय में रखे जाएं, तथा गंभीर रूप से प्रभावित विद्यार्थियों को अस्पताल पहुंचाने हेतु वाहन और जिम्मेदार शिक्षक का नाम चिन्हांकित किया जाए। इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक संस्थाओं को ’’शीत लहर से बचाव’’ संबंधी आवश्यक निर्देश/सुझाव के बैनर लगाने और शिक्षकगणों को कक्षाओं में विद्यार्थियों को शीतलहर (शीतघात) से बचने हेतु नियमित एवं आवश्यक जानकारी प्रदान करने कहा गया है।
- दुर्ग/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में वर्ष 2025 का अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जा रहा है। लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां न्यायालयों में सौहार्दपूर्ण तरीके से समझौता किया जाता है। वर्षों का विवाद मिनटों में सुलझ जाता है। लोक अदालत में पक्षकारों का स्वागत है। इसी संदेश के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा इस वर्ष के अंतिम लोक अदालत का आयोजन आज किया जा रहा है।लोक अदालत में ना कोई जीतता है, ना कोई पक्ष हारता है, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है। राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा व्यापक रूप से प्रचार प्रसार शिविर एवं डोर टू डोर कैपेनिंग की गयी है, जिसमें लोक अदालत से संबंधित पाम्पलेट्स वितरित किया गया है, साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के यू-ट्यूब चैनल, फेसबुक पेज तथा इंस्टाग्राम पेज के माध्यम से भी जनसामान्य को जागरूक किया गया है। निःशुल्क विधिक जानकारी के लिये आप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के यू-ट्यूब चौनल, फेसबुक पेज तथा इंस्टाग्राम पेज को फॉलो कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों के लिये न्यायालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था जिला अस्पताल के समन्वय से किया गया है। इसके अतिरिक्त जरूरतमंदों की निःशुल्क सेवा हेतु रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक हिस्सा ले सकता है तथा रक्तदान कर निःशुल्क रक्तदान सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित कर सकता है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग का जनसामान्य से यह अपील है कि नेशनल लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता लेकर उसका लाभ प्राप्त करें, जिससे नेशनल लोक अदालत के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके तथा नेशनल लोक अदालत को अधिक से अधिक सफल बनाया जा सके। लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, दीवानी मामले, चेक बाउंस के मामले, धन वसूली के मामले, मोटर दुर्घटना दावा तथा ट्रैफिक चालान का निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे मामले जो न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हुए हैं, प्री-लिटिगेशन के माध्यम से निराकरण किए जायेंगे- जैसे बैंक वसूली, विद्युत बकाया, जल एवं संपत्ति कर बकाया, टेलीफोन बिल इत्यादि। नेशनल लोक अदालत हेतु जिला न्यायालय के साथ ही व्यवहार न्यायालय पाटन, भिलाई-3 तथा धमधा में भी खण्डपीठ का गठन किया गया है।
- दुर्ग/जेवरा सिरसा उपार्जन केन्द्र में किसानों के धान की निरंतर खरीदी और उठाव किया जा रहा है। 2 दिसम्बर से अब तक 10 हजार क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। सभी प्रकार के धान का उठाव हो रहा है, जिससे किसान संतुष्ट हैं। किसानों से 21 किं्वटल प्रति एकड़ धान की खरीद की जा रही है।इसी कड़ी में सिरसा खुर्द गांव के बिहारी राम साहू, उम्र 53 वर्ष, अपनी 125 कट्टा मोटा धान लेकर पहुंचे। जहां बारदाने भरने, तौलने, सिलाई करने और धान को उसकी क्वालिटी के अनुसार स्टैक में व्यवस्थित रखने के लिए समिति के कर्मचारी लगातार सक्रिय थे। किसान श्री साहू के धान की तौलाई का कार्य जारी था। किसान के चेहरे पर चमक थी, क्योंकि आज सिर्फ धान बेचने का ही दिन नहीं था, बल्कि उनके सपनों के करीब पहुंचने का भी दिन था। इस साल उन्होंने सवा दो एकड़ जमीन में धान लगाया था। इस बार सबसे खास बात थी ऑनलाइन टोकन। उनकी पढ़ी-लिखी बेटियों ने मोबाइल ऐप से पहला टोकन प्राप्त हुआ। बिहारी राम ने बताया कि वह तो मोबाइल ठीक से चला नहीं पाते, पर बेटियों ने कहा अब सब ऑनलाइन होता है और देखो आज मैं टोकन लेकर यहां खड़ा हूँ। श्री साहू ने कहा कि खेती ही सहारा है हमारा। पूरे परिवार की उम्मीद इन्हीं बोरी में भरी पड़ी होती है। सालभर इंतजार करते हैं कि धान बिके और घर की जरूरतें पूरी हों। धान बिक्री से मिलने वाले पैसों से वे अपनी बेटियों की शादी करेंगे। उनके लिए यह पैसा उनकी जिम्मेदारियों और खुशियों का रास्ता है।
- दुर्ग/छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योग स्थापित करने हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाता है। शासन द्वारा 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता है। इस पहल के अंतर्गत राज्य के सभी 28 जिलों के इच्छुक लाभार्थी आवेदन जमा कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड द्वारा दो प्रमुख योजनाओं- मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।सहायक संचालक ग्रामोद्योग से प्राप्त जानकारी अनुसार मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम राज्य शासन की योजना है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को लाभ दिया जाएगा। सेवा क्षेत्र के लिए एक लाख रुपये तक तथा विनिर्माण क्षेत्र के लिए तीन लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना में 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है तथा लाभार्थी को परियोजना लागत का पाँच प्रतिशत स्वयं निवेश करना आवश्यक होगा। इस योजना के अंतर्गत साइकिल, मोबाइल, इलेक्ट्रानिक-इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, फोटोकॉपी, टेंट हाउस, होटल, च्वाइस सेंटर जैसे सेवा कार्यों के साथ-साथ दोना-पत्तल निर्माण, फेब्रिकेशन, डेयरी उत्पाद, साबुन-मसाला निर्माण, दलिया, पशुचारा, फ्लाई ऐश ब्रिक्स तथा नूडल्स निर्माण जैसे विनिर्माण कार्य शामिल हैं।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम केंद्र सरकार की योजना है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी वर्गों अजा, अजजा, ओबीसी एवं सामान्य को सेवा क्षेत्र में बीस लाख रुपये तक और विनिर्माण क्षेत्र में पचास लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसूचित जाति, जनजाति एवं ओबीसी को 35 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अनुदान क्रमशः 25 प्रतिशत और 15 प्रतिशत निर्धारित है। इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन पीएमईजीपी पोर्टल WWW.KVICONLINE.GOV.IN/PMEGP PORTAL के माध्यम से किया जा सकते हैं।आवेदन के लिए आवेदक को पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, स्थायी निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक दस्तावेज, ग्राम पंचायत अनापत्ति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, पैन कार्ड तथा आवश्यकतानुसार अन्य दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। इच्छुक आवेदक अधिक जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया हेतु खादी ग्रामोद्योग शाखा, जिला पंचायत कार्यालय दुर्ग के सहायक संचालक या प्रभारी प्रबंधक से प्रत्यक्ष अथवा दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
- -समारोह में 86 को पीएचडी की उपाधि, 9 स्वर्ण पदक और 146 डिग्रीयां की गई प्रदान-ज्ञान का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में हो- उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मादुर्ग/ भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन आज विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा बतौर मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत समारोह में शिरकत किए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों पर 86 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि, विभिन्न विषयों में सर्वोच्चअंक प्राप्त करने वाले 9 को स्वर्ण पदक और 146 को डिग्री प्रदान की गई। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने विश्वविद्यालय से उपाधि प्राप्त सभी शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों के शोधार्थियों को उपाधि के माध्यम से ज्ञान, संस्कार और नए जिम्मेदारी प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपाधि जीवन की नयी जिम्मेदारी की शुरूआत है। अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि 21वीं सदी नवाचार का समय है। शिक्षा को जीवन निर्माण का माध्यम बनाना है। यह विश्वविद्यालय अपने माध्यम से जो ज्ञान प्रसारित कर रही है वह प्रदेश व देश के लिए गौरव की बात है। यहां के प्रध्यापकगण विद्यार्थियों में नैतिकता और नवाचार के भाव के साथ राष्ट्र निर्माण का विचार पैदा करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की विजन 2047 में हम अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए देश के साथ प्रदेश को भी विकसित बनाने में अपना योगदान दे सकेे। इससे पूर्व मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया। साथ ही अपने कर कमलों से विभिन्न विषयों के शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि, स्वर्ण पदक एवं डिग्री प्रदान की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। समारोह को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री डीके गोयल ने भी संबोधित किया। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन डायरेक्टर श्रीमती शालिनी चंद्राकर ने किया। समारोह में कुलपति प्रो. बीएल तिवारी, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री जय चंद्राकर, कुल सचिव श्री बीके सक्सेना सहित प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक, शोधकर्ता व विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
- धान विक्रय प्रक्रिया हुई सरल, अब दिन-रात कभी भी मिलेगा तूहर टोकनसरकार किसानों के साथ: टोकन सिस्टम में समय की बंदिश खत्मकिसानों के लिए बड़ी सहूलियत: तूहर टोकन ऐप अब 24 घंटे उपलब्धकिसानों की सुविधा सर्वोपरि, टोकन व्यवस्था को बनाया गया सहजदुर्ग/ प्रदेश के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तूहर टोकन ऐप को अब 24×7 खोल दिया गया है। अब मोबाइल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। अब किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकते हैं।इससे किसानों को धान विक्रय की योजना बनाने और टोकन प्राप्त करने में पर्याप्त समय मिलेगा तथा भीड़ और तकनीकी दबाव की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसान अब 31 जनवरी तक तूहर टोकन ऐप से टोकन ले सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लघु किसनों के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई है lउल्लेखनीय है कि टोकन प्रत्येक सहकारी समिति को आबंटित सीमा के भीतर ही जारी किए जाएंगे। किसानों से आग्रह है कि वे समय रहते तूहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करें और किसी भी असुविधा से बचें।"किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तूहर टोकन ऐप को 24×7 खोलने और समय की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। अब किसान बिना किसी दबाव के, अपनी सुविधा अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिये टोकन की अतिरिक्त समय सीमा और अवधि का विस्तार किसानों को वास्तविक राहत देगा। राज्य सरकार किसान हित में हर संभव कदम उठाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
- रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के पूर्व महापौर स्वर्गीय बलवीर सिंह जुनेजा की पुण्यतिथि दिनांक 14 दिसम्बर 2025 को प्रातः 10 बजे राजधानी शहर में रायपुर नगर पालिक निगम के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम परिसर बूढ़ापारा स्थित मूर्ति स्थल के समक्ष उनका सादर नमन करने नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 4 के सहयोग से पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा गया है।
- रायपुर/ प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर, बड़ा अशोक नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध चौक के समीप सहित राजधानी शहर में लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. नगर निगम रायपुर द्वारा विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने की व्यवस्था देने से इससे शहर के निवासी प्रतिदिन सैकड़ों आमजनों को लगातार बढ़ती शीतलहर से सहज बचाव सहित त्वरित राहत मिल रही है.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा श्री हनुमान मन्दिर के समीप और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, भाठागांव चौक के समीप, कुकरीपारा, दूधाधारी मठ मार्ग, सरोना, चंदनीडीह, कबीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-2, हीरापुर चौक सुलभ शौचालय काम्प्लेक्स के समीप , नगर पालिक निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा, नगर निगम जोन 10 कार्यालय और अन्य लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.



























