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- -छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग की सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल है: सुश्री ह्यून ही बानरायपुर, / यूनिसेफ नई दिल्ली की सामाजिक नीति और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख सुश्री ह्यून ही बान के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आये दल ने छत्तीसगढ़ नीति आयोग के मार्गदर्शन में कमजोर वर्गो के समुदायों के बीच सामाजिक सुरक्षा की पहुंच बढ़ाने और बच्चों के अधिकार के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना की।राज्य नीति आयोग में आज शाम हुई बैठक में सुश्री बान ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई के काम की सराहना करते हुए कहा देश के अन्य राज्य भी नवीन नीतियों और कार्यक्रमों के लिए इस इकाई की गतिविधियों का अनुकरण कर सकते हैं। उन्होंने आयोग सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई के नवोन्वेषी मॉडल की तारीफ करते हुए आयोग की सदस्यों को नई दिल्ली स्थित नीति आयोग में प्रस्तुतीकरण के लिए आमंत्रित किया। छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में गठित सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई के माध्यम से राज्य और जिला स्तर पर साक्ष्य-आधारित नीतियों को विकसित करने और योजनाओं, कार्यक्रमों और सूचकांको में प्रगति की निगरानी में तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए यूनिसेफ के साथ एक संयुक्त उद्यम है।सुश्री बान के नेतृत्व में यूनिसेफ की दल गत दिनों कोंडागांव में युवोदय कार्यक्रम, दंतेवाड़ा मे छत्तीसगढ़ पंचायत नेटवर्क फॉर चिल्ड्रन (सीजी-पंच) का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और इन कार्यक्रमों को सराहा। यूनिसेफ के दल ने रायपुर में छत्तीसगढ़ एलायंस फॉर सोशल प्रोटेक्शन कार्यक्रम की प्रशंसा की। इस कार्यक्रम के जरिए कमजोर समुदायों के बीच सामाजिक सुरक्षा की पहुंच बढ़ाने में सहायता दी जा रही है।राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री अनुप कुमार श्रीवास्तव ने आकांक्षी ब्लॉकों और जिलों में यूनिसेफ के काम की सराहना की और छत्तीसगढ़ में बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए यूनिसेफ के साथ साझेदारी के लिए आयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस बैठक में आयोग के संयुक्त संचालक श्री नीतू गौरडिया, आपातकालीन विशेषज्ञ यूनिसेफ नई दिल्ली श्री सरबजीत सिंह सहोता, सामाजिक नीति विशेषज्ञ, यूनिसेफ डॉ. बाल परितोष दास, यूनिसेफ के आपातकालीन पदाधिकारी श्री विशाल वासवानी एवं एसपीटीएसयू के डॉ. संतु मैती एवं डॉ. हेमंत कुमार उपस्थित थे।
- -बीमारियों को देखते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश-स्कूलों में प्रार्थना के बाद बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया के बारे में जागरूक किया जायेगा-कलेक्टर ने बाईक से किया मलेरिया प्रभावित गांवों का दौरा-मलेरिया चौपाल लगाकर मितानिनों से खुद की कराई मलेरिया जांचरायपुर । बारिश की मौसम में बीमारियों का प्रकोप रहता है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्वास्थ्य के मामले में कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री साय ने सभी अधिकारियों को संवेदनशील गांवों का भ्रमण कर हालत पर नजर रखने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कोटा विकासखण्ड के मलेरिया प्रभावित कुरदर, छुईहा, टेंगनमाड़ा सहित अनेक ग्रामों का दौरा किया। कलेक्टर ने बारिश के कारण कीचड़ एवं दलदल से सने छुईहा एवं चिखलाडबरी सड़क मार्ग का बाईक में सवार होकर निरीक्षण किया और गांव के पहुंच मार्ग को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने कुरदर में मलेरिया चौपाल लगाकर वहां के हालात की समीक्षा की। उन्होंने गांव के चौक पर मलेरिया चौपाल लगाकर स्वयं मितानिन से मलेरिया जांच कराकर परीक्षण किया।इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों से हालात की जानकारी ली। कुरदर के सरपंच श्री राजकुमार पैकरा से भी चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को रोज शाम को जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है। उन्होंने एक बाईक एम्बुलैंस को कुरदर में चौबीसों घण्टे रखने के निर्देश दिए। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने को कहा है। कैंदा अस्पताल को एक 108 वाहन उपलब्ध कराने एवं कुरदर में पानी एवं बिजली की समस्या के निदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।उन्होंने टेंगनमाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया है कि यदि फेल्सिफेरम मलेरिया कन्फर्म होती है तो स्थानीय स्तर पर इलाज न करके सीधे जिला अस्पताल अथवा सिम्स में भर्ती के लिए रिफर किया जाये। उन्होंने कहा कि स्कूलों में प्रार्थना के उपरांत बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया से बचने के उपाय बताएं। कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि एक अलग कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर मरीजों के घर का फोन नम्बर लेकर लगातार बीमारी की मॉनीटरिंग की जाये।
- -छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के स्वप्नद्रष्टा थे डॉ. खूबचंद बघेल-डॉ. खूबचंद बघेल की 124वीं जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डॉ. खूबचंद बघेल व्यावसायिक परिसर, फूल चौक में आयोजित डॉ. खूबचंद बघेल की 124वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने डॉ. खूबचंद बघेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. खूबचंद बघेल का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ के स्वप्नदृष्टा थे। एक अच्छे डॉक्टर और साहित्यकार के रूप में उनकी अलग पहचान थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर हमारे पुरखों का सपना पूरा किया। हम सभी अटल जी के आभारी हैं। अब इस राज्य को संवारने की जिम्मेदारी हम सभी की है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आप सभी के आशीर्वाद से सरकार के मुखिया का दायित्व मुझे मिला है। हमारी सरकार ने प्रदेश में 7 माह पूरे किए हैं और सरकार बनने के दूसरे ही दिन हमने 18 लाख गरीब परिवारों को आवास देने का काम किया। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की। 13 लाख किसानों को दो साल के बकाया धान बोनस का अंतरण, महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने एक-एक हजार रुपए सालाना 12 हजार रूपए की सहायता राशि के साथ ही तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा करने जैसे कई अहम निर्णय लिए हैं।उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने जिस छत्तीसगढ़ का सपना देखा है, उसे आकार देने के लिए हम सभी कार्य कर रहे हैं। हमारे पास खनिज संपदा भरपूर मात्रा में है। हमारे पास कोयला, आयरन, बॉक्साइट, गोल्ड, डायमंड जैसे खनिज उपलब्ध हैं। मिनरल्स के क्षेत्र में भी हमारा छत्तीसगढ़ बहुत समृद्ध है। तरह-तरह के वनोपज हमारे छत्तीसगढ़ की शोभा बढ़ाते हैं, जिनके वैल्यू एडिशन से हम वनवासी भाइयों-बहनों के जीवन को आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध बना रहे हैं।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने उपस्थित लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि हम समाज और प्रदेश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएं । डॉ. खूबचंद बघेल ने समाज में भेदभाव को मिटाने के लिए और गरीब तबके को ऊपर उठाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का काम किया।छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के कार्यकारी अध्यक्ष श्री के के नायक ने डॉ. खूबचंद बघेल के प्रारंभिक जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका और सामाजिक उत्थान के लिए उनके योगदानों के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर श्री रघुनंदन वर्मा, श्री दशरथ वर्मा सहित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के पदाधिकारीगण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांग को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राई सायकिल उपलब्ध कराया गया है। बैटरी चलित ट्राई सायकिल पाकर दिव्यांग टिकेश्वर और गौरी ने मुख्यमंत्री श्री साय और जिला प्रशासन का आभार जताया है।महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम अठारहगुड़ी के रहने वाले 34 वर्षीय दिव्यांग श्री टिकेश्वर पटेल और ग्राम रेमडा निवासी 30 वर्षीय गौरी खंडेल कलेक्टर श्री प्रभात मिलक के हाथों ट्राई साइकिल पाकर वे दोनों बहुत खुश हैं। दोनों दिव्यांगों को पहले आने-जाने के लिए परिजन या किसी व्यक्ति का सहारा लेना पड़ता था। मोटराईज्ड ट्रायसायकल मिल जाने से अब उन्हें गांव या गांव से बाहर आने-जाने में आसानी होगी। दिव्यांग टिकेश्वर पटेल ने बताया कि अब उन्हें अपने व्यवसाय के द्वारा आर्थिक स्थिति में और सुधार करने का मौका मिलेगा। इसी तरह गौरी खंडेल ने कहा कि मोटराइज्ड ट्राई साइकिल मिलने से मुझे अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला है।समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि दोनों 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं, इसलिए ऑटोमेटिक ट्राई साइकिल समाज कल्याण विभाग द्वारा दी गई है। ताकि वे अपने रोजमर्रा के काम सरलता से कर सके तथा स्व रोजगार से अपना जीवन यापन कर सकें।
- -गुरूजनों एवं शिक्षकों का होगा सम्मान-गुरू पूर्णिमा के महत्व एवं पारंपरिक गुरू शिष्य संस्कृति पर व्याख्यानरायपुर / राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 22 जुलाई को गुरू पूर्णिमा के अवसर पर गुरू पूर्णिमा उत्सव का गरिमामय आयोजन होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक में गुरू पूर्णिमा उत्सव के आयोजन के संबंध में दिए गए निर्देश के परिपालन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया गया है।स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा सभी कलेक्टरों एवं शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को जारी निर्देश के अनुसार विद्यालयों में 22 जुलाई को गुरू पूर्णिमा उत्सव का गरिमामय आयोजन साधु-संतों, गुरूजनों, शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं पूर्व छात्राओं सहित गणमान्य लोगों की मौजूदगी में होगा। इस दौरान सरस्वती वंदना, गुरूवंदना, दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही गुरूजनों एवं शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। प्रार्थनासभा के बाद प्रार्थना स्थल पर गुरू पूर्णिमा के महत्व एवं पारंपरिक गुरू शिष्य संस्कृति पर शिक्षकों का व्याख्यान होगा। इस आयोजन के दौरान प्राचीन काल में प्रचलित गुरूकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति पर प्रभाव विषय पर निबंध लेखन तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा गुरू संस्मरण पर संभाषण भी होगा।
- -डीएमएफ से किया गया 12 करोड़ का प्रावधान-वनांचल क्षेत्रों के दर्जनों गांव के लोगों को मिलेगा बेहतर आवागमनरायपुर / खनिज बहुल छत्तीसगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने में डीएमएफ फंड का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। कोरबा जिले में, जहां दुनिया की दो बड़ी कोयला खदानें गेवरा और कुसमंडा स्थित हैं, वहां कोरबा विकासखण्ड के वनांचल क्षेत्र में चिर्रा से श्यांग तक कच्ची और जर्जर सड़क को डीएमएफ फंड की राशि से पक्की बनाया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा वर्षों से इस सड़क को बनाने की मांग की जा रही थी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डीएमएफ फंड की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए करने के निर्देश दिए हैैं। इस राशि का उपयोग इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और ग्रामीणों को आजीविका का साधन उपलब्ध कराने में किया जा रहा है। इसी क्रम में चिर्रा से श्यांग तक सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई है। कोरबा विकासखंड अंतर्गत वनांचल क्षेत्र चिर्रा से श्यांग तक की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। हाथी प्रभावित होने के साथ ही मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर इस सड़क की स्थिति विगत एक दशक से अधिक समय से जर्जर है। सड़क जर्जर होने की वजह से इस क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों को आवागमन में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बारिश के समय इस मार्ग में कीचड़ और गर्मी के समय में धूल का गुबार उठने से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। वर्षों से इस मार्ग को बनाने की मांग ग्रामीण करते आ रहे हैं। लेकिन चिर्रा से श्यांग मार्ग में पक्की सड़क नहीं बन पाई थी। शहर से दूर चिर्रा और श्यांग क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को जिला खनिज संस्थान न्यास से बनाने का निर्णय लिया गया है। इस मार्ग के लिए 12 करोड़ की राशि का प्रावधान रखा गया है।जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से कोरबा जिले के खनन प्रभावित क्षेत्र सहित दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास की नींव रखी जा रही है। वनांचल क्षेत्रों के लोगों को बेहतर आवागमन मुहैया कराने अति आवश्यक सड़कों का निर्माण करने की पहल की गई है। डीएमएफ की बैठक में अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा सदस्यों के बीच चिर्रा से श्यांग मार्ग हेतु डीएमएफ से 12 करोड़ की राशि का प्रावधान रखे जाने की जानकारी प्रस्तुत किये जाने पर सभी ने सहमति जताते हुए इस प्रस्ताव की सराहना की। चिर्रा से श्यांग की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। इस मार्ग से गुरमा एवं श्यांग होकर धरमजयगढ़ पहुंचा जा सकता है। मार्ग के बनने से इस क्षेत्र में मौजूद गांव सिमकेदा, विमलता, चिर्रा, गीतकंवारी, लबेद, तीतरडांड, गिरारी सहित इस क्षेत्र में आवागमन करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। मार्ग की स्थिति जर्जर होने की वजह से शाम होते ही यहां आवागमन बंद सा हो जाता था। बारिश होने के साथ ही मार्ग में कीचड़ और वाहन फसने से वाहन चालक परेशान होते थे।डीएमएफ से सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़ की राशि का प्रावधान किये जाने पर क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी है। मार्ग से आवागमन कर रही महिला ललिता बाई, सुकदेव सिंह, रामेश्वर बाधे ने कहा कि वे इस मार्ग से कोरबा शहर की ओर जरूरी काम से जाते हैं। कई बार लौटने में विलंब हो जाता है। इस दौरान हाथी प्रभावित क्षे़त्र होने तथा बारिश में मार्ग कीचड़ से लथपथ होने की वजह से डर बना रहता है। अब सड़क बनने के लिए राशि स्वीकृत होने पर खुशी है कि जल्दी ही हम लोगों को पक्की सड़क नसीब हो पायेगी।पहुंचविहीन अमलडीहा से मालीकछार तक होगा सड़क का निर्माण-कोरबा जिले के अंतिम छोर के ग्राम अमलडीहा से माली कछार तक पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा इस क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। इस क्षेत्र में शासकीय योजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर श्री अजीत वसंत के समक्ष ग्रामीणों ने सड़क नहीं होने की बात रखी थी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अमलडीहा से मालीकछार तक सड़क निर्माण हेतु निरीक्षण करने और प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। डीएमएफ की बैठक में इस मार्ग के निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान रखते हुए समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु रखा गया था। समिति द्वारा इस मार्ग के निर्माण की सहमति प्रदान की गई।
- -मंगलूराम के परिवार ने खुशी-खुशी, पूजन कर किया गृह प्रवेशरायपुर, / छत्तीसगढ़ में पीएम जनमन योजना का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल गांवों में ऐसे परिवारों को आवास सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए संचालित पीएम जनमन योजना के तहत इन समुदायों से जुड़ी बसाहटों में सड़क, बिजली, आवास, पेयजल सहित सभी प्रमुख योजनाओं का लाभ इन परिवारों को दिए जाने के निर्देश दिए हैं।इसी कड़ी में कोरबा जिला प्रशासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 650 आवास स्वीकृत हुए हैं जिसमें से 518 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। 135 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त तथा 17 हितग्राहियों को तृतीय किश्त की राशि जारी की जा चुकी है। पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत भंडारखोल में विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर वर्ग के हितग्राही मंगलूराम के द्वारा जिले का प्रथम आवास पूर्ण कर लिया गया है। शुक्रवार को मंगलूराम ने अपने परिवार सहित विधिवत पूजन करके जनमन आवास में गृह प्रवेश किया। अपने स्वयं का पक्का आशियाना पा कर उसके परिजनों ने खुशी जाहिर की है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आवास के लिए पीवीटीजी हितग्राही को पक्के आवास बनाने के लिए 2 लाख रुपये की राशि शासन द्वारा 4 किश्तों में दी जा रही है। इसके साथ ही हितग्राहियों को महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत 90 मानव दिवस की मजदूरी का लाभ भी दिया जा रहा है। जिले में 20 जनमन आवास का निर्माण छत स्तर तक पहुँच गया है।
- -जल जीवन मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, अधिकारी गंभीरता से करें काम, समय पर पूर्ण हों निर्धारित लक्ष्य – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं - उप मुख्यमंत्री श्री अरुण सावरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश के बाद आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने छह कार्यपालन अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। साथ ही चार जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंत्रालय से आज छह कार्यपालन अभियंताओं के निलंबन के आदेश और चार कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।राज्य शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने और त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग किए जाने को गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता श्री जगदीश कुमार, बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता श्री यू.के. राठिया, बैकुंठपुर के कार्यपालन अभियंता श्री चंद्रबदन सिंह, बेमेतरा के कार्यपालन अभियंता श्री आर.के. धनंजय, अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता श्री एस.पी. मंडावी और सुकमा के कार्यपालन अभियंता श्री जे.एल. महला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं दुर्ग के कार्यपालन अभियंता श्री उत्कर्ष पाण्डेय, बालोद के कार्यपालन अभियंता श्री सुक्रांत साहू, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कार्यपालन अभियंता श्री एस.एस. पैकरा तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कार्यपालन अभियंता श्री कमल कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत दिनों जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान इसे राज्य और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए अधिकारियों को गंभीरतापूर्वक काम करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जल जीवन मिशन के प्रगतिरत कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने को कहा था। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी मिशन के कार्यों पर नाखुशी जाहिर करते हुए अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा गांवों में शत-प्रतिशत घरों में नल से पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह और त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।राज्य शासन द्वारा निलंबन के बाद कार्यपालन अभियंता श्री जगदीश कुमार का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय कोंडागांव, श्री यू.के. राठिया का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय रायपुर, श्री चंद्रबदन सिंह का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय सरगुजा, श्री आर.के. धनंजय का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय दुर्ग, श्री एस.पी. मंडावी का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय बिलासपुर और श्री जे.एल. महला का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय जगदलपुर नियत किया गया है। नियमानुसार निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई वाले चारों कार्यपालन अभियंताओं को सूचना पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में प्रतिवाद प्राप्त नहीं होने पर यह समझा जाएगा कि संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। तदुपरांत शासन द्वारा एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मशहूर रंग निर्देशक और आकाशवाणी के वरिष्ठ उदघोषक मिर्ज़ा मसूद जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मिर्ज़ा मसूद जी ने अपना पूरा जीवन रंगमंच को समर्पित कर दिया। उनका निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने शोक संदेश में कहा, "मिर्ज़ा मसूद जी की करिश्माई आवाज़ और अंदाज उन्हें अद्वितीय बनाते थे। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में हिंदी ब्रॉडकास्ट कमेंटेटर के रूप में भी अपनी विशेष पहचान बनाई। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2019 में उन्हें चक्रधर सम्मान से नवाज़ा गया था।" मिर्ज़ा मसूद जी के कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा ।
- -मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने नक्सल हमले में शहीद जवान श्री भरत लाल साहू को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि-माओवादियों के खिलाफ हम निर्णायक लड़ाई लड़ रहे-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज चौथी बटालियन माना पहुंचकर गत दिवस बीजापुर जिले के तर्रेम में माओवादियों द्वारा किये आईईडी ब्लास्ट में शहीद हुए जवान श्री भरत लाल साहू के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर को कंधा देकर ससम्मान निवास रायपुर के सड्डू के लिए रवाना किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर कहा कि बीजापुर जिले के तर्रेम में हुए आइईडी ब्लास्ट में हमारे वीर जवानो ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमारी सरकार बनते ही हमने माओवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी है और हम निर्णायक लड़ाई लड़ रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान शहीद जवान श्री भरत लाल साहू के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।गौरतलब है कि एसटीएफ के शहीद आरक्षक श्री भरत लाल साहू रायपुर जिले के रहने वाले थे। पिछले 17 जुलाई को बीजापुर जिले के तर्रेम में एसटीएफ का बल नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुआ था। अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गये आईईडी ब्लास्ट में सुरक्षाबल के दो जवान शहीद और 4 जवान घायल हुए।इस मौके पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, डीजीपी श्री अशोक जुनेजा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शहीद जवान के परिजन मौजूद थे।
- -सीएम कैंप कार्यालय बगिया की पहल पर ग्रामीणों को मिली अंधेरे से मुक्तिरायपुर, / जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बारो के उरांव पारा के ग्रामीणों को अब अंधेरे से मुक्ति मिल गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय को निर्देशित किया था कि नया ट्रांसफार्मर लगाना सुनिश्चित करें। सीएम कैंप कार्यालय बगिया के निर्देश पर वहां के खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है।उरांव पारा का ट्रांसफार्मर बीते 9 जुलाई को खराब हो गया था, जिससे ग्रामीणों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। चूंकि फरसाबहार क्षेत्र नागलोक के नाम से विख्यात है, ऐसे में रात को घर में अंधेरा होने से हमेशा जहरीले सांपों व अन्य जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस परेशानी को लेकर गांव के लोग सीएम कैंप कार्यालय बगिया में जाकर आवेदन दिए थे। सीएम कैंप कार्यालय से विद्युत विभाग के अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने बारो पंचायत के उरांव पारा में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया है। ट्रांसफार्मर के लगने और विद्युत की समस्या का समाधान हो जाने से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में सुबह 10 बजे से 3 बजे तक जनदर्शन लगाकर ग्रामीणों की समस्या सुनी जा रही है और उसका त्वरित समाधान भी किया जा रहा है। जिससे सीएम कैंप कार्यालय लोगों की आस का केंद्र बन चुका है और लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचकर अपनी समस्याएं रख रहे हैं।
- -डायरिया से बचाव के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली कलेक्टर नेरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि वर्षाकाल में होने वाली जनजनित बीमारी डायरिया, मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य केंद्र में सभी जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भण्डारण और आवश्यकतानुसार मरीजों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में जांजगीर-चांपा कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में डायरिया से बचाव के लिए सभी जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने डायरिया रोकने के लिए अधिकारियों को जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव-गांव में कोटवारों के माध्यम से मुनागी कराने, मितानिनों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सभी संबंधित अधिकारी मैदानी स्तर पर कार्य करें।उन्होंने कहा कि सभी ग्रामवासियों को ओआरएस, जिंक टेबलेट का वितरण एवं उबाल कर पानी पीने के लिए प्रेरित करें। डायरिया के मरीज़ों को नियमित अंतराल पर जाँच किया जाए एवं गंभीर स्थिति होने पर हायर सेंटर में रेफ़र किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में डायरिया के प्रकरण निकल रहे हैं वहां अगले 15 दिवस तक प्रतिदिन मितानिनों के द्वारा प्रत्येक घर में जाकर डायरिया पीड़ित मरीज़ का सर्वे कर जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य अमलों से कहा कि यदि आपके किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में किसी गाँव से कोई डायरिया का मरीज़ आता है, तो तुरंत उस गाँव के सेक्टर सुपरवाइज़र, आरएचओ एवं मितानीन को डोर टू डोर जाकर सभी घरों की जानकारी संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ावा देने के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करना हम सबकी जिम्मेदारी – कलेक्टर श्री लंगेहरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मौसमी बीमारियो को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के परिपालन में कोरिया जिला पंचायत के मंथन कक्ष में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की है। श्री लंगेह ने स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ावा देने के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य के विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप कार्य किया जाना हम सबकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।श्री लंगेह ने जिले के सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चल रहे निर्माण कार्यो के प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग करने तथा गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। उन्होनें जिला चिकित्सालय में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए की जा रही प्रक्रिया शीध्र पूर्ण कर विज्ञापन प्रकाशित कराने के निर्देश दिये।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में गर्भवती माताओं की जांच पंजीयन, संस्थागत प्रसव, बच्चों एवं गर्भवती माताओं को टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केन्द्र, एनीमिया, जन्म दर, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, कुपोषण, सिकल सेल स्क्रीनिंग आदि के बारे में विस्तृत समीक्षा की। उन्होनें लैब तकनीशियन व अन्य कर्मचारी जो कार्य के प्रति लापरवाही करने वाले को नोटिस जारी करते हुए उनके विरूद्व कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। बैठक में उन्होनें मौसमी बीमारी डायरिया, मलेरिया व डेंगू के प्रकोप पर सतत् निगरानी रखने तथा आपातकालीन परिस्थिति से निपटने हेतु सभी तैयारी पूर्ण रखने को कहा। उन्होनें विभागीय अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार शिविर का आयोजन कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करें और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएं।
- पेयजल की समस्या से मिली निजात, ग्रामीणों की आजीविका में हुआ सुधाररायपुर/ ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र शासन द्वारा शुरू की गई योजना जल जीवन मिशन से कई गांवों में पेयजल की समस्या दूर हो रही है। इससे न केवल शुद्ध पेयजल मिल रहा है बल्कि ग्रामीण जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार पूरे छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड के ग्राम भुइगांव जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित एक ऐसा गांव है, जहां वर्षों से पीने के साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के तहत् पेयजल की समस्या से निजात मिली है। पहले गांव के लोग, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, हर दिन लंबी दूरी तय कर पानी लाते थे, जिससे उन्हें शारीरिक श्रम के साथ-साथ समय भी अधिक लगता था। ग्रामीणजन और सरपंच इस समस्या से निजात पाने का प्रयास कर रहे थे। कई ग्रामीण पानी की कमी के कारण बोर खुदवाने को भी मजबूर थे। ऐसे में गांव का भूजल स्तर भी कम होने लगा था।ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्रदाय कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संभाग कांकेर द्वारा जलजीवन मिशन के तहत ग्राम भुइगांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए योजना बनाई गई और सबसे पहले, गांव में पानी की कमी की सही स्थिति का आंकलन किया गया। इसके बाद नल से जल आपूर्ति के लिए कार्य शुरू किया गया और गांव के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन प्रदाय करने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई। पानी टंकी का निर्माण कर गांव के पास स्थित एक जलस्रोत से पाईपलाइन के माध्यम से पानी गांव तक पहुंचाया गया और जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की व्यवस्था की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांचने का प्रशिक्षण देकर जल परीक्षण किट्स वितरित की गई है, जिससे ग्रामीण स्वयं पानी को परख कर सकें।ग्रामवासियों को जलजीवन मिशन के महत्व और लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया। गांव में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और जागरुकता रथ से ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया, साथ ही जल प्रबंधन, जल संरक्षण और स्वच्छता पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांच करने और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी इस टंकी ने गांव में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद भी लाई। गांव के लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ और वे आत्मनिर्भर बनने लगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एक गैर शासकीय संगठन के सहयोग और प्रयासों से ग्रामीणों को जागरूक करने में काफी हद तक सफलता मिली। ग्राम भुइगांव के सभी ग्रामीण अब गर्व से कहते हैं कि गांव में जलजीवन मिशन ने उनकी जिंदगी बदल दी।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता स्वीकृत की जा रही है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. द्वारा प्राकृतिक आपदा पीड़ित 11 परिवारों को 44 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत इन परिवारों को आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। जिनमें तहसील बस्तर अन्तर्गत दुबे उमरगांव निवासी गुली उर्फ इच्छा कश्यप की सांप काटने से मृत्यु होने के कारण उनके पिता श्री मिठूराम को, ग्राम भोण्ड के निवासी फुलबती की मृत्यु पानी में डूबने से उसकी नानी श्रीमती रूकमनी को, बस्तर निवासी देवेन्द्र की नहर नाली में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री कमलू को, ग्राम घाटकवाली निवासी अन्तुराम की मृत्यु नदी के पानी में डूबने से होने पर उसकी पुत्री सुश्री लच्छमनी को, तहसील तोकापाल के कुरेंगा निवासी सदा की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उसकी पत्नी श्रीमती रयमती को 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। इसी प्रकार तहसील लोहण्डीगुड़ा के कोड़ेनार निवासी दयाराम की नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी माता श्रीमती दशसाय को, तहसील भानपुरी अन्तर्गत ग्राम सिवनी निवासी गुड्डूराम की नारंगी नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उसकी पत्नी श्रीमती सुकरी को, ग्राम कावंड़गांव निवासी लखन की मृत्यु नदी में डूबने से होने के कारण उसकी पत्नी श्रीमती उर्मिला को, ग्राम केशरपाल निवासी गौतम की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री सुकनाथ को, तहसील बकावण्ड के बेलपुटी निवासी धनसिंग की नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती सुहागी को और ग्राम कोसमी निवासी परमेश्वर की मृत्यु पानी में डूबने से होने के कारण उनके पिता श्री दयनु को आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। प्रत्येक पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
- -सर्व आदिवासी हित में काम करने की जरूरत : मंत्री श्री केदार कश्यप-कृषि मंत्री और वन मंत्री छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोड़ महासभा में हुए शामिलरायपुर / आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि वर्तमान परिवेश में सबकी सहभागिता से ही समाज का विकास होगा। आदिवासी समाज की समृद्ध इतिहास और परंपरा है, उनके रीति-रिवाज और दैनिक-दिनचर्या व रहन-सहन है। इस समृद्ध, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही नई पीढ़ियों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराना होगा। उन्होंने कहा कि इन्हीं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण आदिवासी समाज की एक अलग पहचान है। इस परम्परा को बनाएं रखना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि समाज का विकास अच्छे कार्यों का अनुकरण और अपने सांस्कृतिक विरासतों को अन्य समाजों तक पहुंचाकर किया जा सकता है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि समाज को रचनात्मक कार्याें की दिशा में आगे आना चाहिए। दिग्भ्रमित करने वाले लोगों से बचते हुए समाज को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, राज मोहिनी देवी, शहीद वीर नारायण सिंह, बिरसा मुण्डा, वीर गुण्डाधूर सहित अन्य महापुरूषों के बताए हुए मार्गों पर चल हमें समाज के उत्थान के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा काम करें जिससे समाज का गौरव हो, नई पीढ़ी उसके कार्यों का अनुकरण करें। मंत्री श्री नेताम ने साहित्यिक और सामाजिक तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के लोगों को प्रोत्साहन देने उनका सम्मान करने की बात कही। उन्होंने शासन की योजनाओं का शत्-प्रतिशत लाभ लेने के लिए समाज को आगे आने की अपील की।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने गोंडवाना गोड़ महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज के सभी तबको के विकास के लिए हमें सर्व आदिवासी हित में काम करने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति जो कई वर्षों से समाज के उत्थान में अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति परंपरा, रीति-रिवाज सहन-सहन को संरक्षित करने, समाज के महापुरूषों के बारे में आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने की दिशा में भी कारगर कदम उठाने की जरूरत है। मंत्री श्री कश्यप ने मेले-मड़ई सहित आदिवासियों की जीवन शैली को संरक्षित करने पर बल दिया।कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के पदाधिकारियों ने आदिवासी समाज के विकास के लिए अपने-अपने सुझाव भी दिए। मंत्री द्वय श्री नेताम और श्री कश्यप ने इस मौके पर धमतरी के लेखक श्री डुमन लाल धु्रव द्वारा छत्तीसगढ़ के परंपरिक आभूषणों पर आधारित किताब ”छत्तीसगढ़ का लोक आभूषण” का विमोचन किया। कार्यक्रम में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोड़ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सर्वश्री पवन साय, एम.डी.ठाकुर, बी.पी.एस. नेताम, विकास मरकाम सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के गोंडवाना राज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने शहीद भरत लाल साहू की स्मृति को अक्षुण्ण रखते हुए मोवा बाजार चौक रायपुर का नामकरण उनके नाम से शहीद भरत लाल साहू चौक करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि एसटीएफ के आरक्षक भरत लाल साहू 17 जुलाई को बीजापुर जिले के मंडीमरका के जंगल में सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने की वजह से शहीद हो गए थे। शहीद श्री भरत लाल साहू रायपुर के मोवा बाजार के रहने वाले थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिपरिषद के सहयोगियों ने शहीद भरत लाल साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनकी स्मृति में मोवा बाजार चौक रायपुर का नामकरण शहीद भरत लाल साहू चौक किए जाने का निर्णय लिया है। -
बीजापुर. जिले में नक्सलियों ने एक बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया, जिससे एसटीएफ के दो जवान शहीद हो गए और चार घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। घटना में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के दो आरक्षक-भरत साहू और सत्येर सिंह कांगे शहीद हो गए, जबकि चार अन्य जवानों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों के दरभा डिवीजन, पश्चिम बस्तर डिवीजन और मिलिट्री कंपनी नंबर दो के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद 16 जुलाई को इन जिलों से एसटीएफ, डीआरजी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कोबरा बटालियन के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, संयुक्त दल जब अभियान पूरा कर लौट रहा था, तभी बुधवार देर रात बीजापुर जिले के तर्रेम क्षेत्र में नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया, जिसकी चपेट में आकर एसटीएफ के दो जवान शहीद हो गए और चार अन्य जवान घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया और शहीद जवानों के शवों व घायल जवानों को घटनास्थल से बाहर निकाला गया। घायल जवानों के उपचार के इंतजाम भी किए गए। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा ) निवासी 99 वर्षीया श्रीमती भोजाबाई वर्मा का आज शुक्रवार की सुबह निधन हो गया । वह स्वर्गीय माधोप्रसाद वर्मा की पत्नी , आरंग विकासखण्ड स्त्रोत शिक्षा समन्वयक ( बी आर सी ) मातलीनंदन वर्मा , नरदहा के पटवारी दुष्यंत वर्मा , श्रीमती विशाखा , श्रीमती विमला व श्रीमती कमला की माता तथा जिला पंचायत रायपुर के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा की सास थी ।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा ) निवासी 99 वर्षीया श्रीमती भोजाबाई वर्मा का आज शुक्रवार की सुबह निधन हो गया । वह स्वर्गीय माधोप्रसाद वर्मा की पत्नी , आरंग विकासखण्ड स्त्रोत शिक्षा समन्वयक ( बी आर सी ) मातलीनंदन वर्मा , नरदहा के पटवारी दुष्यंत वर्मा , श्रीमती विशाखा , श्रीमती विमला व श्रीमती कमला की माता तथा जिला पंचायत रायपुर के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा की सास थी ।
- 0 विद्यार्थियों से बातचीत कर अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्थाओं का लिया जायजा, शाला परिसर में किया पौधारोपणबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरडोंगर का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्लास रूम में विद्यार्थियों से बातचीत कर अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर श्री चन्द्रवाल स्टाॅफ रूम में पहुँचकर कर्मचारियों के उपस्थिति पंजी का भी अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित प्रभारी प्राचार्य एवं स्टाॅफ से विद्यालय में कार्यरत कुल शिक्षकों एवं कर्मचारियों के संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आज अवकाश पर रहने वाले संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों के आवेदन पत्र का भी अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने कक्षा 12वीं विज्ञान एवं कक्षा 11वीं कला एवं विज्ञान संकाय के क्लास रूम में पहुँचकर विद्यार्थियों से उनके पढ़ाई-लिखाई के व्यवस्था के संबंध में बातचीत की। श्री चन्द्रवाल ने शाला परिसर में स्थित प्रयोगशाला का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक से शिक्षा सत्र 2022-23 में विद्यालय के कक्षा 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या तथा इन विद्यार्थियों के कक्षा 9वीं के प्रवेश के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत शाला परिसर में नीलगिरी के पौधा का भी रोपण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्पार्क’ पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ का दबदबा-दस लाख तक जनसंख्या श्रेणी में बिलासपुर, तीन लाख जनसंख्या श्रेणी में रायगढ़ और एक लाख जनसंख्या श्रेणी में भाटापारा को प्रथम पुरस्कार-50 हजार जनसंख्या श्रेणी में चांपा को द्वितीय पुरस्कार, राज्य स्तर पर छत्तीसगढ़ को तृतीय पुरस्कार--केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सूडा और चार नगरीय निकायों को किया पुरस्कृत-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पुरस्कृत नगरीय निकायों को दी बधाईरायपुर ।. भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में उत्कृष्ट कार्यों के लिए गुरुवार को नई दिल्ली में प्रदान किए गए ‘स्पार्क’ पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ का दबदबा रहा। राज्य को इसमें विभिन्न श्रेणियों में पांच पुरस्कार मिले। प्रदेश के तीन शहरों को अपनी-अपनी श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार, एक नगरीय निकाय को द्वितीय पुरस्कार और राज्य स्तरीय पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने नई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित समारोह में ये पुरस्कार वितरित किए। छत्तीसगढ़ से गए 20 अधिकारियों और लाभार्थियों की टीम ने अपने-अपने निकायों की ओर से ये पुरस्कार ग्रहण किए।दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) में उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘स्पार्क 2023-24’ पुरस्कारों के अंतर्गत दस लाख तक जनसंख्या श्रेणी में बिलासपुर नगर निगम को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं तीन लाख तक जनसंख्या श्रेणी में रायगढ़ नगर निगम को और एक लाख तक जनसंख्या श्रेणी में भाटापारा नगर पालिका को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। चांपा नगर पालिका को 50 हजार तक जनसंख्या श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में श्रेष्ठ कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य को गौरवान्वित करने वाली इस उपलब्धि के लिए सूडा और चारों नगरीय निकायों की टीम के साथ ही प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ये पुरस्कार राज्य के लिए सम्मान का विषय है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वरोजगार और कौशल विकास के साथ ही शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने भी सूडा और पुरस्कार के लिए चयनित नगरीय निकायों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन महिलाओं एवं युवाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध मिशन है। छत्तीसगढ़ इस मिशन में लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है।शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में अच्छे कार्यों को रेखांकित करने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के नामांकित लाभार्थी जशपुर नगर पालिका के श्री सुमित किस्कु और लोरमी नगर पंचायत के श्री कुशाल राम साहू भी शामिल हुए। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लाभार्थी के रूप में नामांकित जगदलपुर नगर निगम की हैप्पी महिला स्वसहायता समूह की श्रीमती मृदुला जैन, भिलाई नगर निगम की राधा रानी स्वसहायता समूह की श्रीमती चित्ररेखा साहू, सिटी मिशन प्रबंधक सुश्री एकता शर्मा और श्री संत कुमार महतो ने भी छत्तीसगढ़ की ओर से समारोह में सहभागिता दी।राज्य की ओर से इन्होंने ग्रहण किए पुरस्कारनई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ को मिला तृतीय पुरस्कार सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, राज्य मिशन प्रबंधक श्री विवेक शुक्ला और श्री प्रशांत अमोली ने ग्रहण किया। बिलासपुर नगम निगम के आयुक्त श्री अमित कुमार, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री सुनील चंद्रवशी, सिटी मिशन प्रबंधक श्री केदार पटेल और श्री शुभम शर्मा, भाटापारा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री लाल अजय बहादुर सिंह और सिटी मिशन प्रबंधक श्री नीरज साहू तथा चांपा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं सहायक कलेक्टर श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी और श्री भोला सिंह ठाकुर ने अपने-अपने निकायों की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री अनुराग जैन, संयुक्त सचिव तथा एनयूएलएम एवं पीएम स्वनिधि के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कपूर, पीएम स्वनिधि की संचालक श्रीमती शालिनी पाण्डेय और एनयूएलएम के संचालक श्री सुनील कुमार यादव भी पुरस्कार समारोह में मौजूद थे।
- -आदिवासी महिलाओं के परिश्रम की मिठास अब पूरे भारत में-कोदो, कुटकी, रागी, टाऊ एवं महुआ से बने उत्पादों की देश भर में मांगरायपुर, / छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी हरी-भरी वादियों के और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह जिला लोगों को प्रकृति से जोड़ता है और ताजगी का अनुभव करता है। जैसे-जैसे मानसून आता है इसकी खूबसूरती और निखरकर सामने आती है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता का मेल अद्वितीय है। इसी क्षेत्र से उत्पन्न हुआ है ‘जशपुर ब्रांड’ जो आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाए गए उच्च गुणवत्ता वाले और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों को बाजार में प्रस्तुत करता है। अब यह ब्रांड केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में अपनी जगह बना चुका है, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन।महिला समूह की मेहनत का प्रतिफल है जशप्योरजशपुर जिला हर क्षेत्र में बेहतर कर रहा है। यहां की महिलाएं भी कामयाबी की नई इबारत लिख रही हैं। “जशपुर ब्रांड” इसी का एक बेहतर उदाहरण और उत्कृष्टता का प्रतीक है। “जशपुर ब्रांड” के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनमें सबसे अधिक मांग वाले उत्पाद ढेकी कुटा जवा फूल चावल, जो कि अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। पारंपरिक विधियों से तैयार किए गए इस चावल की सुगंध और स्वाद अनूठा है। वही महुआ और मिलेट लड्डू जो महुआ और मिलेट से बने यह लड्डू पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं। यह लड्डू विशेष रूप से बच्चों और स्वास्थ्य प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।जशप्योर के उत्पादों की देश भर में मांगइसी तरह मिलेट आधारित पास्ता, यह पास्ता पारंपरिक गेहूं के पास्ता का एक स्वस्थ विकल्प है, जो स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों के लिए एक उत्तम विकल्प है। इनके अलावा कोदो, कुटकी, रागी, टाऊ एवं महुआ से बने विभिन्न उत्पाद संपूर्ण भारत में अपनी पहचान बना चुके हैं। जशपुर ब्रांड के उत्पादों की मांग अब केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। जम्मू-कश्मीर से लेकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक, “जशपुर ब्रांड” के उत्पादों को अच्छा खासा प्रतिसाद मिल रहा है। इसका मुख्य कारण है उत्पादों की गुणवत्ता और स्वास्थ्यवर्धक गुण।जशप्योर से जुड़ी महिलाएं बनी आत्मनिर्भरजशप्योर के तहत बने जशपुर ब्रांड का उद्देश्य केवल व्यापार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं का सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का सफल प्रयास है। इस ब्रांड के माध्यम से इन महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। जशप्योर द्वारा निर्मित ‘जशपुर ब्रांड’ का हर उत्पाद इन महिलाओं की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। जशपुर ब्रांड के उत्पाद अब jashpure.com पर उपलब्ध हैं, जहां से इन्हें आसानी से खरीदा जा सकता है। इसके साथ ही, देशभर में विभिन्न ऑफलाइन स्टोर्स पर भी ये उत्पाद उपलब्ध हैं, जो इस ब्रांड की व्यापक पहुंच का प्रमाण हैं।जशप्योर को लोकप्रिय बनाने प्रशासन प्रयासरतजशप्योर का यह जशपुर ब्रांड केवल एक व्यापारिक नाम नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के परिश्रम, समर्पण और गुणवत्ता की एक कहानी है। जशपुर ब्रांड के माध्यम से अब पूरे भारत में लोग इस स्वाद और गुणवत्ता का आनंद उठा रहे हैं। आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण की यह कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। यह ब्रांड भविष्य में और अधिक लोकप्रिय हो, इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिसका अब सुखद और सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
- -नई दिल्ली में आयोजित सुशासन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुये छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री-मुख्यमंत्री ने सुशासन संवाद कार्यक्रम में गिनाई सरकार की उपलब्धियां-कहा, प्रदेश में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए उठाए कई महत्वपूर्ण कदमनई दिल्ली, ।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार के छह माह पूरे होने पर गुरुवार को नई दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित सुशासन संवाद कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की उपलब्धियां व राज्य में सुशासन की दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा की। इस मौके पर उन्होने जनता के सवालों का भी बेबाकी के साथ जवाब दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने संबोधित करते हुये कहा शपथ ग्रहण के पश्चात हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता के भरोसे पर खरा उतरना था। मोदी जी ने जो प्रदेश की आम जनता को गारंटी दी थी, उन्हें पूरा करना था। लेकिन हमने 7 महीने के भीतर ही अधिकांश गारंटियों को पूरा कर जनता का भरोसा पुनः अर्जित कर लिया है। उन्होने कहा छत्तीसगढ़ में जनता का काम साएँ-साएँ हो रहा है, जिससे कमीशनखोरी करने वालों के मंसूबों पर पानी फिर गया है।मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार की नियत और नीति दोनों सही हैं। उन्होने नक्सलवाद के विरुद्ध किए गए कार्यों पर विशेष जोर देते हुये कहा "हमारी सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। हमने सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं और इन इलाकों में विकास कार्यों को तेज किया है। इससे न केवल सुरक्षा बल्कि विकास की दिशा में भी हमें बड़ी सफलता मिली है।"कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया है ताकि जनता को उनकी समस्याओं का समाधान जल्दी और प्रभावी तरीके से मिल सके।"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुये कहा कि हमने सरकार बनते ही मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराया। किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस दिया। वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी शुरू की। राज्य की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि उनकी सरकार ने राज्य में विकास और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "हम वैल्यू एडिशन कर रहे हैं और आने वाले समय में हमारा सपनों का छत्तीसगढ़ तैयार हो रहा है। राज्य के विकास के लिए हमने कई नई परियोजनाएँ शुरू की हैं और जनता को उनकी आवश्यकता की सभी सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं।"सुशासन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने दृष्टिकोण और योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि उनकी सरकार राज्य के विकास और जनहित के कार्यों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम छत्तीसगढ़ को एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में कामकाजी महिलाओं को संरक्षण प्रदान करने तथा उत्पीड़न की शिकायतों की रोकथाम और निवारण तथा उससे संबंधित या उनके अनुशांगिक विषयों अंतर्गत कार्यवाही किये जाने आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया है। उक्त समिति का प्रथम निगम में संपन्न हुई। जिसमें समिति अध्यक्ष सुश्री दिप्ती साहू, सचिव रीता चतुर्वेदी, उत्कृष्ठा एनजीओ संस्था से चयनित सदस्य शानू मोहनन व समिति के सभी सदस्य सम्मिलित हुए।बैठक में अध्यक्ष द्वारा अधिनियम के संबंध में जानकारी दी गई व सदस्यों से बेहतर सुझाव मांगा गया। विदित हो कि 2012 में यौन उत्पीड़न और महिलाओं पर हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलते भारत में इसके खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की गयी। महिलाओ के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा दिलाने तथा और यौन उत्पीड़न के शिकायतों के निदान की दिशा में 2013 में यह कानून बनाया गया था।इस अधिनियम के अनुसार यौन उत्पीड़न महिलाओं के समानता के मूल अधिकार, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14,15,21 में दिये गये है, का उल्लंघन है। यह अनुच्छेद कानून के समक्ष समानता प्रदान करता है। धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थल के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है और जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। निगम भिलाई में आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया हे। एनजीओ के सदस्य समय समय पर वर्कशाप के माध्यम से आकर सुझाव देंगी। साथ में महिलाओं के प्रति नई-नई जानकारियों को साझा करेगी। किस प्रकार से और प्रगति की जावे।





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