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- 0 3 लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले श्रेष्ठ निकायों में बिलासपुर नगर निगम देश में अव्वल0 स्पार्क अवार्ड में की गई घोषणा,केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और तोखन साहू ने दिया पुरस्कार0 डे एनयूएलएम में बिलासपुर नगर निगम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन,निगम कमिश्नर अमित कुमार ने ग्रहण किया पुरस्कार0 पीएम स्वनिधि समेत एनएयूएलम के सभी घटकों भी उत्कृष्ट प्रदर्शन0 21 दिन में बिलासपुर को दूसरा राष्ट्रीय अवार्ड,27 जून को स्मार्ट सिटी को मिला था अवार्ड
बिलासपुर। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने पर बिलासपुर नगर निगम को पूरे देश में पहला स्थान मिला है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए नगर पालिक निगम बिलासपुर को राष्ट्रीय पुरस्कार स्पार्क अवार्ड से नवाजा गया है। आज नई दिल्ली में आयोजित स्पार्क अवार्ड 2023-24 कार्यक्रम में अवार्डों की घोषणा की गई,जिसमें बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख तक जनसंख्या के श्रेष्ठ निकायों में पूरे देश में प्रथम स्थान दिया गया हैं। देश की राजधानी में आज आयोजित स्पार्क अवार्ड 2023-24 में केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू के हाथों बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने स्पार्क अवार्ड ग्रहण किया। डे एनयूएलएम अंतर्गत पीएम स्वनिधि में भी बिलासपुर का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है ।बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश के लिए आज गर्व और हर्ष का दिन है,केंद्रीय योजना के क्रियान्वयन में नगर निगम बिलासपुर के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा और सम्मानित किया गया है। केंद्र सरकार की महती दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में बिलासपुर नगर निगम ने बढ़चढ़ कर काम किया है। आज 'सिस्टमेटिक प्रोग्रेसिव एनालिटकल रियल टाइम रैकिंग "स्पार्क 2023-24" अवार्ड में बिलासपुर सबसे टाप पर रहा तो वहीं दूसरे स्थान पर महराष्ट्र का मालेगांव नगर निगम और महराष्ट्र के ही चंद्रपुर नगर निगम को तीसरा स्थान मिला है।बिलासपुर का रहा असाधरण प्रदर्शन, इसलिए मिला अवार्डस्पार्क पुरस्कार आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है, जिन्होंने वार्षिक आधार पर डीएवाई-एनयूएलएम के तहत लक्षित योजनाओं को पूरा किया है। इस आधार पर दीनदयाल शहरी आजीविका मिशन के बेहतर क्रियान्वयन और असाधारण प्रदर्शन करने पर बिलासपुर नगर पालिक निगम को प्रथम स्थान मिला है और 'सिस्टमेटिक प्रोग्रेसिव एनालिटकल रियल टाइम रैकिंग "स्पार्क 2023-24" अवार्ड से सम्मानित किया गया है। बिलासपुर नगर निगम द्वारा डे एनयूएलएम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त लक्ष्य 100 से कहीं आगे निकलकर 120 महिला स्व सहायता समूहों का गठन किया,इसी तरह आवर्ती निधि के मिले 196 के लक्ष्य को पूरा करते हुए 198 समूहों को आवर्ती प्रदान करने में सफलता हासिल किया। क्षेत्र स्तरीय संगठन का लक्ष्य 4 के विरुद्ध 5 का गठन करते हुए पांचों को आवर्ती निधि प्रदान किया गया। इसी तरह स्वरोजगार कार्यालय अंतर्गत व्यक्तिगत ऋण के 175 व्यक्तियों को ऋण प्रदान किया गया। 148 के मिले बैंक लिंकेज के लक्ष्य को पूरा करते हुए 168 बैंक लिंकेज कराया गया,साथ ही 15 समूहों को ऋण उपलब्ध कराया गया, शहरी आवासहीन गरीबों के लिए पचास बिस्तरों के आश्रय स्थल का भी सफलता पूर्वक संचालन निगम के एनयूएलएम टीम द्वारा की जा रही है । इसी तरह डे एनयूएलएम के प्रमुख घटक पीएम स्वनिधि योजना के तहत प्राप्त लक्ष्य के तीनों श्रेणी के 12126 के आवेदनों में सराहनीय कार्य करते हुए लक्ष्य से कहीं अधिक 21542 आवेदन हासिल किया और 9652 स्वीकृत आवेदनों में से 9465 हितग्राहियों को ॠण का भी आबंटन नगर निगम ने किया।निम्न आय वर्ग के लोगों को केंद्र की योजनाओं का लाभ-केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहूइस उपलब्धि पर राज्य के नगरीय निकाय और बिलासपुर नगर निगम को बधाई देते हुए केंद्रीय शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा यह उपलब्धि हमारे छ.ग. और बिलासपुर के लिए गर्व की बात है। पीएम श्री नरेंद्र मोदी जी के शहरी निम्न आय वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को उपर उठाने के लिए चलाए जा रहे एनयूएलएम मिशन का लाभ नागरिकों को मिल रहा है,आगे भी इसमें मिशन का लाभ नागरिकों मिलेगाराज्य और शहर के लिए सम्मानः उप मुख्यमंत्रीउपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य को गौरवान्वित करने वाली इस उपलब्धि के लिए सूडा और नगर निगम की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ये पुरस्कार राज्य के लिए सम्मान का विषय है। मैं इसके लिए केन्द्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सामाजिक गतिशीलता, संस्थागत विकास, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण एवं शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता के साथ ही शहरी बेघरों के लिए आश्रय योजना से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।शहर के लिए गर्वः अमर अग्रवालबिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा की सामाजिक रुप से संस्था के तहत विकास,नागरिकों को स्वरोजगार और उनके कौशल को निखारने के लिए एनयूएलएम मिशन के तहत किए जा रहे कार्य सराहनीय है और इस कार्य में बिलासपुर देश में प्रथम स्थान पर हैं,यह हमारे लिए गर्व का विषय है।सामाजिक-आर्थिक विकास में एक अहम पड़ाव, शहरवासियों को बधाईः सुशांत शुक्लाबेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा की डे एनएयूएलएम में बिलासपुर को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हम सभी के लिए गौरव की बात है। शहरी नागरिकों के सामाजिक और आर्थिक जीवन को संवारने के लिए किए जा रहे हमारे प्रयासों को सराहा गया है,यह पुरस्कार इस दिशा में अहम पड़ाव साबित होगापूरी टीम को बधाईः कलेक्टरकलेक्टर श्री अवनीश शरण ने इस कार्य में लगे पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा की योजना के क्रियान्वयन और उसके लक्ष्यों की प्राप्ति में यह पुरस्कार सभी को प्रेरित करेगा। भविष्य में और भी अच्छा करें इसके लिए सभी को शुभकामनाएं है।हमारे लिए बड़ी उपलब्धिः कमिश्नरनिगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने डे एनयूएलएम के सफल और बेहतर क्रियान्वयन के लिए नगर निगम बिलासपुर को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की श्रेणी में शामिल किया गया है,यह हमारे लिए उपलब्धि है। इसके लिए मैं निगम की टीम,हितग्राहियों और शहयवासियों को बधाई देता हूं। आगे और बेहतर करें इसके लिए प्रयास जारी रखेंगे। - -महतारी वंदन योजना की मदद राशि से खरीदी सिलाई मशीनरायपुर । महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं की जिदंगी संवार रही है। महिलाएं शासन द्वारा हर महीने मिलने वाले एक हजार रूपए को अपने घर की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। कुछ महिलाएं इस राशि को बचाकर अपने जीवकोपार्जन की नई राह बनाने की ओर अग्रसर होने लगी है। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 4 की निवासी सुमन ने महतारी वंदन योजना से मिली मासिक मदद से एक सेकेण्ड हैंड सिलाई मशीन खरीद ली। जिससे सिलाई कर वे अब अपना घर खर्च चला रही है। पहले वे पड़ोसी के घर जाकर सिलाई करती थी, जिससे उनका मुनाफा नही हो पाता था। स्वयं के सिलाई मशीन खरीदने से अब उन्हंे ज्यादा बचत होने लगी है।श्रीमती सुमन विश्वकर्मा कहती है कि महिला सशक्तिकरण को उत्प्रेरित करने वाली महतारी वंदन योजना के तहत हर माह एक हजार रुपए की राशि उनके खाते में पहुंच रही है। मोदी जी की गारंटी और विष्णु देव के सुशासन से ही आज मेरे बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपए आ रहे, मुझ जैसी महिलाओं के लिए वरदान है।प्रदेश में महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज मे महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत राज्य की विवाहित, विधवा परित्यक्ता और तलाकशुदा जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो ऐसी महिलाओ को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई थी।योजना के तहत पहले चरण में करीब 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभार्थी के तौर पर चुना गया है जिनके बैंक खाते में योजना की पांच किश्ते ट्रांसफर कर दी गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मार्च से जुलाई तक 05 माह की सहायता राशि 3266 करोड़ 03 लाख रूपए की राशि का भुगतान महिलाओं ने खाते में किया जा चुका है।
- कलेक्टर के प्रतिवेदन पर व्यापम ने परीक्षार्थियों के हित लिया निर्णयरायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने आगामी 20 जुलाई को धमतरी जिले के महर्षि वेदव्यास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भखारा में टीईटी की द्वितीय पाली की परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करेगा। व्यापम ने यह फैसला उक्त परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को ओएमआर सीट डेढ़ घंटा विलंब वितरित किए जाने की शिकायत सही पाए जाने के मद्देनजर लिया है। व्यापम ने इस परीक्षा सेंटर में ओएमआर सीट विलंब से दिए जाने की शिकायत की जांच धमतरी कलेक्टर से कराई गई थी।गौरतलब है कि व्यापम द्वारा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (उच्च प्राथमिक कक्षा 6 से 8 तक अध्यापन हेतु) (टीईटी-2024) का आयोजन 23 जून 2024 को अपरान्ह 2 से 4.45 बजे के मध्य किया गया था। परीक्षा केन्द्र 1520-महर्षि वेदव्यास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भखारा, जिला धमतरी में द्वितीय पाली में कुल 400 आबंटित परीक्षार्थियों में से 288 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे। इस परीक्षा केन्द्र में उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) विलंब से प्राप्त होने की लिखित शिकायत परीक्षार्थियों ने की थी। इस संबंध में कलेक्टर, धमतरी से तथ्यात्मक प्रतिवेदन मंगाया गया। कलेक्टर, धमतरी ने प्रतिवेदन में यह स्पष्ट रूप से लिखा है कि उक्त केन्द्र में परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) 1.30 घंटे विलंब से अपरान्ह 3.30 बजे वितरित की गई थी। इसको देखते हुए व्यापम ने परीक्षार्थियों के हित में पुनः परीक्षा का विकल्प देने का निर्णय लिया गया है।व्यापम से प्राप्त जानकारी के अनुसार भखारा परीक्षा केन्द्र में फिर से 288 परीक्षार्थियों के लिए 20 जुलाई 2024 को अपरान्ह 2 से 4.45 बजे तक टीईटी 2024 परीक्षा आयोजित होगी। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 288 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र लॉगिन उपलब्ध करा दिया गया है। व्यापम ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे परीक्षार्थी जोे 20 जुलाई को आयोजित परीक्षा में शामिल होंगे, उनकी पूर्व की उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) को निरस्त माना जायेगा व उनका परिणाम 20 जुलाई को आयोजित होने वाली परीक्षा के उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जावेगा, जो परीक्षार्थी पुनः परीक्षा में शामिल नहीं होंगे उनका परिणाम 23 जून 2024 की उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जावेगा।
- 0 हर हाल में इसे जल्द पूर्ण करने दिए निर्देश0 4.15 करोड़ से बने निरीक्षण गृह का किया लोकार्पण0 एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाए पौधेबिलासपुर। जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज अरपा भैंसाझार बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने 4 करोड़ 15 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का लोकार्पण भी किया। एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत परिसर में पीपल पौधा भी लगाया। अधिकारियों की बैठक लेकर अरपा भैंसाझार परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने परियोजना में आयी गतिरोध को दूर कर हर हाल में इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए इसे पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। इसलिए राजधानी से यहां आकर मौके पर इसकी समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने मुआवजा प्रकरण के समाधान में आ रही दिक्कतों के निदान के लिए विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं श्री धरमजीत सिंह को अधिकृत किया। वे संबंधित किसानों से प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात कर और इसकी महत्ता के संबंध में समझाइश देकर उन्हें मनाएंगे। नियमानुसार उन्हें मुआवजा तत्काल दिया जायेगा। बैठक में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री धरमजीत सिंह एवं स्थानीय विधायक श्री अटल श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।जल संसाधन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अरपा भैंसाझार परियोजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। राज्य सरकार इसे किसानों के हित में जल्द से जल्द पूर्ण करना चाहती है। इसमें आने वाली गतिरोध को दूर करना अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की संयुक्त जवाबदारी है। उन्होंने कलेक्टर बिलासपुर को इसका बेहतर समन्वय करने के निर्देश दिए। उपस्थित सभी विधायकों ने इस विषय में अपने विचार रखे और इसे पूर्ण करने पर जोर दिया। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश टोप्पो ने कहा कि शेष काम को पूर्ण करने की जिम्मेदारी भी वर्तमान ठेकेदार की है। उन्होंने ठेकेदार श्री सुनील अग्रवाल को समयसीमा बढ़ाने के लिए आवेदन करने के सख्त निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि परियोजना को शुरू हुए लगभग 12 साल हो गए। विभिन्न कारणों से यह परियोजना पूर्ण नहीं हो सकी है। मूल रूप से वर्ष 2012 में परियोजना 606.43 करोड़ रूपये की थी। वर्ष 2016 में पुनरीक्षिप प्रशासकीय स्वीकृति के बाद इसकी लागत 1141.90 करोड़ की हो चुकी है। इसके पूर्ण रूप से बन जाने पर कोटा, तखतपुर एवं बिल्हा ब्लॉक के 102 गांव के किसान लाभान्वित होंगे। खरीफ के मौसम में उनका 25 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। फिलहाल अधूरी परियोजना से लगभग 13 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो पा रही है। विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री धरमजीत सिंह एवं अटल श्रीवास्तव ने भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधे लगाए। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इन्द्रजीत सिंह उईके सहित बिल्हा, कोटा एवं तखतपुर के एसडीएम भी उपस्थित थे।
- -डीएमएफ अन्तर्गत शासी परिषद की बैठक आयोजितरायपुर / जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत शासी परिषद की बैठक आज कोरबा स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई बैठक में सांसद कोरबा लोकसभा क्षेत्र श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, विधायक पाली-तानाखार क्षेत्र श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, विधायक रामपुर श्री फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर सहित अन्य सदस्यों एवं पदेन अध्यक्ष कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ श्री संबित मिश्रा की उपस्थिति में आयोजित की गई।बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा उपरांत मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना सहित जनहितैषी कार्यों को प्रस्ताव में प्राथमिकता दी गई है, जो कि कोरबा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास से जोड़ने डीएमएफ जैसी व्यवस्था बनाई। उनके इस पहल से पिछड़े एवं खनन प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय प्रदेश सहित कोरबा के विकास के लिए सजग हैं। उन्होंने अनेक विकास कार्यों के लिए बजट में भी प्रावधान किया है। हम सभी जनप्रतिनिधि जनता से जुड़े हुए हैं और जनता की सेवा हम सभी के लिए प्राथमिकता में हैं।शासी परिषद की बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने विभागों और जन प्रतिनिधियों से प्राप्त विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा की और कहा कि जिले के विकास से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ की राशि का विकास कार्यों में उपयोग होना चाहिए। जो भी कार्य कराए जाएंगे उसमें गुणवत्ता का ध्यान जरूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के कार्यों को प्राथमिकता से कराने की बात रखी। विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, श्री फूलसिंह राठिया, श्री तुलेश्वर मरकाम और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर ने अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्यों का प्रस्ताव देते हुए बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना सहित अन्य विकास कार्यों को गति मिलने और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का निराकरण की बात कही। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने शासी परिषद अन्तर्गत बैठक के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में रिक्त पदों पर शिक्षकों, चिकित्सकों एवं अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती, विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लोगों को रोजगार से जोड़ने डीएमएफ के माध्यम से किए गए पहल, जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने स्कूल, आंगनबाड़ी भवन के जीर्णाेद्धार, प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट-जेईई की कोचिंग व्यवस्था सहित महत्वपूर्ण आवश्यकताओं के आधार पर विभागों द्वारा मंगाये गये प्रस्तावों के संबंध में बताया। बैठक में लगभग 400 करोड़ की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बैठक में निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई, डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत सहित शासी परिषद के सभी सदस्य, अधिकारी उपस्थित थे।चिर्रा से श्यांग मार्ग, शहर में इंडोर स्टेडियम, लोगों को घर बैठे लैब टेस्ट की सुविधा सहित स्कूल भवनों की स्वीकृति-जिला खनिज न्यास संस्थान अंतर्गत कोरबा जिले से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। बैठक में विभिन्न कार्यों के लिए सदस्यों द्वारा सहमति दी गई है। डीएमएफ अंतर्गत पर्यटन स्थलों के विकास कार्य हेतु 20 करोड़ रूपए, विद्युत विहीन बसाहटों एवं गांव में विद्युतीकरण हेतु 20 करोड़, सभी पीवीटीजी परिवारों की आजीविका संवर्धन गतिविधि हेतु 05 करोड़, चिर्रा से श्यांग तक आवागमन हेतु सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़, पहुंच विहीन अमलडीहा-मालीकछार में सड़क निर्माण हेतु 10 करोड़, यातायात एवं सड़क सुरक्षा अंतर्गत विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 2.60 करोड़, नगरीय निकाय एवं अधोसंरचना अंतर्गत टी. पी. नगर में वर्ल्ड क्लास इंडोर स्टेडियम/मिनी स्टेडियम के निर्माण हेतु 25 करोड़, जल उपचार संयंत्र कोहड़िया के पास 02 मेगावाट का सोलर प्लांट प्रदाय एवं स्िापना कार्य हेतु 20 करोड़, इंदिरा स्टेडियम में मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य हेतु 1.76 करोड़, टी. पी. नगर स्थित नए बस स्टैण्ड के मरम्मत हेतु 98 लाख, इंदिरा स्टेडियम में स्वीमिंग पुल मरम्मत हेतु 66 लाख एवं बांकीमोंगरा नगर पालिका में विकास कार्य हेतु 05 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार किया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवासीय व्यवस्था हेतु 20 करोड़, अत्याधुनिक सिटी स्कैन मशीन 128 स्लाइस हेतु 10.44 करोड़ तथा लोगों को घर बैठे लैब टेस्ट की सुविधा प्रदान करने 40 लाख रूपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में जर्जर विद्यालयों के भवन निर्माण/जीर्णाेद्धार/अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु 20 करोड़, प्राथमिक विद्यालय तथा नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में ब्रेकफास्ट योजना हेतु 10 करोड़, शैक्षणिक गुणवत्ता हेतु विद्यालय स्तर पर रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि शिक्षकों का मानदेय हेतु 05 करोड़, आश्रम तथा छात्रावासों में शौचालय निर्माण हेतु 05 करोड़, सेजेस अंतर्गत विद्यालयों में अधोसंरचना हेतु 20 करोड़, कॉलेज छात्रावास के जीर्णाेद्धार हेतु 2.35 करोड़, मेरिट के आधार पर 50-50 विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई की कोचिंग हेतु 04 करोड़ तथा मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप योजना के लिए 50 लाख रूपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं।
- 0 लोगों को समझाने चौक में लगाई मलेरिया चौपाल0 मितानिनों के काम का परीक्षण करने कराई मलेरिया जांच0 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश0 स्कूलों में प्रार्थना के बाद बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया के बारे में जागरूक किया जायेगा
बिलासपुर। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कोटा विकासखण्ड के मलेरिया प्रभावित कुरदर, छुईहा, टेंगनमाड़ा सहित अनेक ग्रामों का दौरा किया। बारिश के कारण भारी कीचड़ एवं दलदल से सने छुईहा एवं चिखलाडबरी सड़क मार्ग का बाईक में सवार होकर निरीक्षण किया। चार पहिया वाहन आ-जा नहीं पाने के कारण मरीजों सहित आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क को दो दिनों में सुधार कर आने-जाने योग्य बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कुरदर में मलेरिया चौपाल लगाकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने स्वयं मितानिन से मलेरिया जांच कराकर उनके द्वारा आम नागरिकों का किये जा रहे जांच का परीक्षण किया। एसडीएम श्री युगल किशोर उर्वशा सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद थी।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज लगभग तीन चार घण्टे तक कोटा ब्लॉक के दूरस्थ मलेरिया पीड़ित इलाके का सघन दौरा किया। ग्रामीणों और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों से हालात की जानकारी ली। कुरदर के सरपंच श्री राजकुमार पैंकरा से भी चर्चा की। उन्होंने रोज शाम को जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है। उन्होंने एक बाईक एम्बुलैंस को कुरदर मंे चौबीसों घण्टे रखने के निर्देश दिए। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने को कहा है। कैंदा अस्पताल को एक 108 वाहन उपलब्ध कराने को कहा है। कुरदर में पानी एवं बिजली की समस्या के निदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।उन्होंने टंेगनमाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। गत दिवस करवा ग्राम के एक ही परिवार के दो बच्चों की मलेरिया से मौत की पुष्टि हुई है। कलेक्टर ने कहा कि डायरिया और मलेरिया को हल्के में ना ले। प्रभावित ग्रामों का पूरा सर्वेक्षण करें। आरडी कीट से मलेरिया की जांच करें। यदि फेल्सिफेरम मलेरिया कन्फर्म होती है तो स्थानीय स्तर पर इलाज न करके सीधे जिला अस्पताल अथवा सिम्स में भर्ती के लिए रिफर किया जाये। उन्होंने कहा कि स्कूलों में प्रार्थना के उपरांत बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया से बचने के उपाय बताएं। रोज-रोज उन्हें बताए। दवा लेने के बाद इसका सेवन नहीं किये जाने की सूचना भी कई जगहों से मिली। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों के घर का फोन नम्बर लेकर लगातार इसकी मॉनीटरिंग किया जाये। इसके लिए एक अलग कर्मचारी की ड्यूटी लगाया जाये। - रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कोरबा दिव्यांग व्हील चेयर क्रिकेट फेडरेशन के दिव्यांग खिलाड़ियों को व्हील चेयर प्रदान करके प्रोत्साहित किया एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत उपस्थित थीं।जिले के 15 दिव्यांग खिलाड़ियों को उनके निरंतर खेल अभ्यास एवं खेल प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग को निर्देशित किया था कि खिलाड़ियों को आगामी विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उन्हें व्हील चेयर उपलब्ध कराई जाए। आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला खनिज न्यास मद से खिलाड़ियों को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर पाकर खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर की। उल्लेखनीय है कि इन दिव्यांग खिलाड़ियों में से 03 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट प्रतिस्पर्धा में भाग ले चुके हैं। लक्की सोनी दिव्यांग आईपीएल क्रिकेट प्रतिस्पर्धा में उनका प्रदर्शन कर चुके हैं। व्हील चेयर पाकर खिलाड़ियों ने जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया, कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, कलेक्टर श्री अजीत वसंत उपस्थित थे।
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0 आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे कदम
बिलासपुर। मनरेगा योजना के सफल क्रियान्वयन से जिले के कई गांवों में ग्रामीणों की जिंदगी बदल रही है। मनरेगा के अंतर्गत पंचायत स्तर पर मुर्गी पालन शेड निर्माण जैसे कई कार्य किये जा रहे हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ ही उनके जीवन स्तर में काफी सुधार आ रहा है और उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रहीं है।मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत जुनवानी निवासी श्री भरत लाल टंडन रोजगार के आभाव में पलायन करना पड़ता था। आजीविका चलाने के लिए अपने घर से दूर रहना उनकी मजबूरी बन चुकी थीं। उनके पास स्वयं का रोजगार या व्यवसाय नहीं था। गंाव में रोजगार सहायक द्वारा उन्हे मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्यो की जानकारी उन्हंे मिली। 81 हजार रूपए की लागत से मुर्गी पालन शेड निमार्ण कार्य स्वीकृत होने पर मनरेगा के जॉब कार्डधारी श्रमिकों से कार्य पूर्ण कराया गया। कार्य स्वीकृति से मनरेगा श्रमिकों को रोजगार भी मिला। मुर्गी पालन शेड निर्माण हितग्राही एवं मनरेगा श्रमिकों द्वारा पूरा किया गया। इस कार्य में 46 मानव दिवस सृजित किया गया। काम के पूरा होने से अब श्री भरत लाल मुर्गी पालन कर रहें है।श्री टंडन ने बताया की उन्हें मुर्गीपालन में एक वर्ष में 80 हजार रूपए का मुनाफा हुआ है। शेड बन जाने के बाद श्री टंडन को अपनी आजीविका चलाने में बड़ी राहत मिली हैै, जिससे उनकी आय में भी इजाफा हो रहा है। उन्हें अपने परिवार की अजीविका चलाने में अब कोई परेशानी नहीं हो रहीं है। श्री टंडन ने शासन को धन्यवाद देते हुए आभार जताया। इस योजना की जानकारी अपने आसपास के लोगों को भी दे कर उन्हें भी प्रेरित कर रहे हैं। - 0 जिले केे अन्य स्थानों पर भी मत्स्य बीज उत्पादन एवं अधिक से अधिक मछली पालन के कार्य कराने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम टेकापार में मत्स्य पालक कृषक श्री छबिश्वर निषाद के खेत में पहुँचकर मत्स्य बीज उत्पादन कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में उत्पादित किए जा रहे मत्स्य बीज का भी अवलोकन किया। उन्होंने मत्स्य पालक कृषक श्री छबिश्वर निषाद से बातचीत कर मत्स्य बीज उत्पादन के कार्य में लगने वाली कुल लागत एवं इसकी बिक्री से होने वाली आमदनी के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने मछली बीज के लिए चारे की व्यवस्था एवं उनकी देखरेख की व्यवस्था आदि के संबंध में भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने मछली विभाग के अधिकारियों को जिले के अन्य स्थानों में मछली बीज के उत्पादन कराने तथा अधिक से अधिक मछली पालन के कार्य कराने के लिए निर्देश दिए हैं। इस दौरान सहायक संचालक मत्स्य सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0 डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम चिहरो में पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई एवं ग्राम अवारी में जैविक खेती के कार्य किया अवलोकनबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिले के विभिन्न ग्रामों में पहुँचकर खेती-किसानी का हाल जाना। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे एवं अन्य अधिकारियों के साथ जिले के सुदूर ग्रामों में किसानों के खेतों में पैदल पहुँचकर मौजूदा खरीफ सीजन में जिले में खेती-किसानी के वास्तविक स्थिति की पड़ताल की। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर ग्राम चिहरो में मुख्य मार्ग से किसान श्री अजय कुमार टेकाम के खेत तक पग डंडियों से चलकर पैडी ट्रांसप्लांटर के माध्यम से धान के रोपाई कार्य का अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने किसान श्री अजय कुमार टेकाम से बातचीत कर खेती-किसानी का हालचाल पुछा। उन्होंने किसान श्री टेकाम से मशीन के माध्यम से धान की रोपाई करने की कुल लागत एवं समय आदि के संबंध में भी जानकारी ली। इसके पश्चात् कलेक्टर श्री चन्द्रवाल डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम लखमाटोला के किसान श्री रामाश्रय धनगुन के खेत में पहुँचकर जैविक खेती के कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने कृषि विभाग के अधिकारियों एवं किसान श्री रामाश्रय धनगुन से ग्राम लखमाटोला में जैविक खेती की कुल रकबा तथा जैविक खेती की कुल लागत एवं उत्पादन की बिक्री आदि के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम लखमाटोला में 150 किसानों के द्वारा कुल 150 एकड़ में जैविक खेती की जा रही हैै। इन सभी किसानों के द्वारा जैविक खेती के रूप में सुगंधित धान का उत्पादन किया जा रहा है। कलेक्टर ने इसकी सराहना करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को कृषि उत्पाद समूह के माध्यम से जैविक खेती के अंतर्गत उत्पादित सुगंधित धान की बिक्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिससे किसानों को उनके फसल का उचित दाम मिल सके। इसके पूर्व कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने आज कृषि उपज मण्डी बालोद स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के द्वारा अपने खेत की मिट्टी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला केन्द्र में लाए जाने पर अनिवार्य रूप से उसका परीक्षण करने निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए किसानों को अधिक से अधिक प्रेरित करने को कहा। इस दौरान कृषि विभाग के उपसंचालक श्री जीएस धुर्वे, सहायक संचालक कृषि श्री एसएन ताम्रकार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।
- 0 कोषालय में देयकों के ऑनलाईन प्रस्तुतिकरण एवं जीएसटी-टीडीएस के संबंध में कार्यशाला सम्पन्न
दुर्ग। राज्य शासन द्वारा माह जुलाई से राज्य के सभी कोषालय में ई-देयक तथा ई-लेखे की व्यवस्था लागू की गई है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग दुर्ग के सभागार में कार्यशाला प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यशाला दो पालियों में आयोजित की गई।केन्द्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 एवं छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 51 के प्रावधानों के अनुसार शासकीय विभागों द्वारा की जाने वाली सामग्री खरीदी एवं सेवा प्राप्ति पर प्रदायकर्ताओं को तथा ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान पर स्त्रोत पर कर की कटौती किया जाना है।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने वित्त विभाग के वित्त निर्देश के प्रावधानों के संबंध में सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं आहरण संवितरण अधिकारियों को दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए कोषालयों में एक जुलाई 2024 से देयकों एवं मासिक लेखे का अनिवार्य रूप से ऑनलाईन प्रस्तुतिकरण करने को कहा। इस प्रक्रिया के सुचारू रूप से संचालन हेतु यह आवश्यक है कि सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के पास नेटवर्क की सही स्पीड, देयकों के साथ अपलोड किए जाने वाले दस्तावेज की स्केनिंग करने हेतु समुचित क्षमता वाला स्केनर तथा अन्य आवश्यक इलेक्ट्रानिक सामग्री उपलब्ध हो। साथ ही साथ वैध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) भी आवश्यक होगा। उन्होंने ऑनलाईन प्रस्तुतिकरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कोषालय अधिकारी श्री राघवेन्द्र कुमार मोबाईल नंबर 9827952096, सहायक कमिश्नर जीएसटी अधिकारी श्री भूपेन्द्र कुमार मोबाईल नंबर 8800839338 एवं एनआईसी अधिकारी श्वेता चौबे से सम्पर्क करने को कहा।कोषालय अधिकारी ने कहा कि कोषालय एवं उप कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा ई-कोष साफ्टवेयर में ई-पेरोल तथा ई-बिल मॉड्यूल में ऑनलाईन माध्यम से देयक तैयार किये जायेंगे तथा डी.एस.सी. का उपयोग करने के बाद देयको को कोषालय को अग्रेषित किया जायेगा। ई-पेरोल में सिस्टम से जनरेटड होने वाले शेडयूल में प्रत्येक में डी.एस.सी. तथा ई-बिल में एक डी.एस.सी. आवश्यक होगा यदि पे-बिल के साथ कोई डाक्यूमेंट अपलोड किया जाना है तो साइन्ड डाक्यूमेंट (हस्ताक्षर किया हुआ दस्तावेज) पी. डी.एफ. फॉर्मेंट में अपलोड किया जावेगा, जिसमें डी.एस.सी. आवश्यक नहीं होगा।ई-पेरोल के अलावा अन्य सभी देयको में एक डी.एस.सी तथा सभी संलग्न उप प्रमाणक को स्केनिग कर अपलोड किया जाना होगा। इसमें डी.एस.सी. अनिवार्य नही होगा यदि एक फाईल का साइज 5 एमबी से अधिक है तो फाईल साईज को कम्प्रेस कर अपलोड किया जाना होगा। कम्प्रेस करने हेतु ऑनलाईन उपलब्ध इसी ईकोष साफटवेयर का उपयोग किया जा सकता है अथवा देयको की संख्या में वृद्धि की जा सकती है। सभी अटेचमेंट पी.डी.एफ. फार्मेट में ही अपलोड किया जाना अनिवार्य है। देयकों को तैयार करने हेतु मेकर (बिल कलर्क) स्तर तथा चेकर (डी.डी.ओ.) स्तर रखा गया है, जिसमे मेकर (बिल कलर्क) द्वारा बिल तैयार कर चेक लिस्ट का परीक्षण किया जायेगा तथा चेकर (डी.डी.ओ.) द्वारा बी.टी.आर नम्बर और बिल को परीक्षण तथा डी.एस सी. किया जायेगा। कोषालय अधिकारी द्वारा संबंधित डी डी.ओ. हेतु ऑनलाईन बी.टी.आर. नम्बर जारी किया जायेगा। इसी नंबर अनुसार देयक कोषालय में अग्रेषित किए जायेंगे तभी डीडीओ द्वारा देयक की एक हार्ड कॉपी निकालकर संधारित किया जाएगा।कार्यशाला/प्रशिक्षण में कोषालय अधिकारी श्री राघवेन्द्र कुमार, सहायक कमिश्नर दुर्ग सर्कल जीएसटी अधिकारी श्री भूपेन्द्र कुमार एवं एनआईसी अधिकारी श्रीमती श्वेता चौबे सहित समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारी, लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थिति थे। -
-फलदार और छायादार पेड़ लगाएं -विधायक ललित चंद्राकर- जल मड़ई से दिया पानी बचाने का संदेशटी सहदेवभिलाई नगर। दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर तथा रिसाली नगर निगम की महापौर शशि सिन्हा ने मंगलवार को तालपुरी बी ब्लॉक के मुख्य द्वार के निकट 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया। इससे पहले इसी ब्लॉक के क्लबहाउस के हॉल में जल संग्रहण को लेकर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई। इस मौके पर महिलाओं और स्कूली छात्राओं ने 'जल मड़ई' की प्रस्तुति दी, जिसमें हिस्सा लेने वालों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।फलदार और छायादार पेड़ लगाएंकार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सारे देशवासियों का आह्वान किया कि वे 'एक पेड़ मां के नाम' जरूर लगाएं और बड़े होते तक देखभाल भी करें। विधायक ने लोगों से इस बात का ख्याल रखने के लिए कहा कि पेड़ फलदार और छायादार हों, ताकि हमें शुद्ध हवा तथा बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी हालात ऐसे हैं कि हमें शुद्ध ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है और आने वाले दिन और भी भयावह हो सकते हैं। इसीलिए घर में जितने भी सदस्य हैं, वे अपने आसपास पौधे लगाएं और उनका संरक्षण ऐसे करें कि वे पेड़ बन जाएं। इससे प्राकृतिक संतुलन हमारे अनुकूल हो जाएगा और हमारा राष्ट्र प्रदूषण मुक्त होकर स्वच्छ हो जाएगा।जल मड़ई से दिया पानी बचाने का संदेशइस अवसर पर जलप्रहरी नीरज वानखड़े ने पानी के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए 'जल मड़ई' का आयोजन भी किया, जिसमें महिलाओं और स्कूली छात्राओं ने तीन पीढ़ियों के किरदारों को बखूबी निभाया। इन किरदारों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पानी का दुरुपयोग नहीं रोका गया, तो आने वाली पीढ़ी को बोतल में भी पानी नसीब नहीं होगा। पौधरोपण में पार्षद सविता ढवस, टीकम साहू, सारिका साहू, नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र साहू, सांसद प्रतिनिधि दीपक चंद्राकर तथा मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र शेंडे सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। - बिलासपुर। कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए स्थापित ओवरहेड टंकियों की साफ-सफाई और क्लोरीनेशन का काम पीएचई विभाग द्वारा किया जा रहा है।इस संबंध में जानकारी देते हुए कार्यपालन अभियंता श्री यू.के.राठिया ने बताया कि विगत दिनों बैठक में कलेक्टर ने पेयजल आपूर्ति के लिए निर्मित टंकियों के साफ-सफाई के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में जिले के सभी विकासखण्ड में बनी टंकियों की सफाई का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। सफाई पूर्व वाल्व से टंकी का पानी खाली किया जाता है। जिसके बाद श्रमिकों द्वारा टंकी की सफाई की जाती है। सफाई के बाद अंत में ब्लीचिंग पाउडर और हाईपोक्लोराईड (लिक्विड क्लोरिन) डालकर टंकियों में क्लोरीनेशन का काम भी किया जा रहा है। तथा ग्रामों के सभी पेयजल स्त्रोतों का भी प्रथम चरण में जून माह तक क्लोरीनेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ग्राम पंचायतों को सूचना देकर उनसे टंकी की साफ-सफाई एवं पेयजल स्त्रोतों में किए गए क्लारीनेशन का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जा रहा है। इस दौरान टंकीयों में कोई भी समस्या आ रही है उसका समाधान तत्काल किया जा रहा है। टंकियों और पेयजल स्त्रोतों के साफ-सफाई का काम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों के साथ समन्वय कर किया जा रहा है। बारिश के बाद जिन ग्रामों में जल जनित बीमारियां फैलने की संभावनाएं है वहां पर पेयजल स्त्रोतों का अतिरिक्त क्लोरीनेशन का कार्य किया जा रहा है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के वैशाली नगर क्षेत्रांतर्गत सड़क पर आवारा घुम रहे मवेशियों को पकड़ने का अभियान जारी है। सड़को एवं गली मोहल्लो में मवेशियो के बैठे रहने से होने वाले वाहन दुर्घटना को देखते हुए निगम द्वारा घड़पकड़ की जा रही है। मवेशियो के मालिको द्वारा अपने मवेशियो को खुला छोड़ देते है। जिससे मवेशी गली, मोहल्लो, सड़को पर कहीं भी जाकर बैठ जाते है या खड़े रहते है। आम नागरिक वाहन से सफर करते है, जिससे मवेशी उनके सामने आ जाते है और टकराकर दुर्घटना का शिकार हो जाते है।आम नागरिक वाहन चलाते समय हार्न बजाने के बाद भी मवेशी उनके सामने से हटते नहीं है। आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार रोका छेका अभियान लगातार निगम भिलाई के सभी जोनों में जारी है। गुरूवार को टीम द्वारा मवेशियो को पकड़ने की कार्यवाही करते हुए 14 गाय एवं 8 सांड को पकड़ा गया। पकड़े गये गाय को कोसानाला शहरी गौठान एवं सांड को डी मार्ट के पास बने गौठान में ले जाकर छोड़ा गया। अकसर देखने में आता है बारिश के मौसम में जानवरो को मक्खी काटती है। इससे बचने के लिए जानवर रोड़ में आकर बैठ जाते है।मवेशिको के मालिको को पहले भी निगम द्वारा कई बार समझाईस दी गई है साथ ही उनके उपर अर्थदण्ड भी लगाया गया है। फिर भी मवेशियो को खुला छोड़ देते है। निगम आयुक्त ने मवेशियो के मालिको से अपील की है कि अपने मवेशियो को खुला न छोड़े घर पर बांध कर रखें। जिससे सड़को पर मवेशियो से होने वाले वाहन दुर्घटना को रोका जा सके।कार्यवाही के दौरान जाने के राजस्व अधिकारी जे.पी.तिवारी, सुपरवाईजर अंजनी सिंह, मदन तिवारी, अरूण सिंह, कन्हैया यादव, आदि उपस्थित रहे।
- -कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा द्वारा किसानों को हल्दी के एक लाख उन्नत पौधे वितरित किये जाएंगेरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने गुरुवार को यहां कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (दुर्ग) द्वारा तैयार हल्दी की उन्नत किस्मों के पौधे प्रगतिशील किसानों को प्रदान किये। ये पौधे सुपारी एवं मसाला निदेशालय कालीकट, केरल द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में संचालित अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत विकसित किये गये हैं। इस परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा द्वारा हल्दी की उन्नत किस्मों के एक लाख पौधे तैयार कर किसानों को वितरित किये जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सुपारी एवं मसाला निदेशालय कालीकट, केरल द्वारा विभिन्न मसाला फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकी तथा नवीन प्रजातियों के प्रचार-प्रसार हेतु किसानों के खेतों में फसल प्रदर्शन हेतु तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसी कड़ी में आज यहां हल्दी की उन्नत किस्मों के पौधों के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. एस.एस. टुटेजा, सगंध, मसाला एवं औषधीय फसलों के टीम लीडर डॉ. पी.के. जोशी, कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजय जैन, सगंध, मसाला एवं औषधीय फसल अनुसंधान परियोजना के प्रभारी डॉ. येमन कुमार देवांगन एवं कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. कमल नारायण वर्मा सहित अनेक प्रगतिशील कृषक उपस्थित थे।
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-बीजापुर जिले के तर्रेम क्षेत्र में हिंसा की घटना की निंदा की
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माओवादी हिंसा की घटना में जवानों की शहादत को नमन किया है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि बीजापुर जिले के तर्रेम क्षेत्र में माओवादियों द्वारा किए गए IED ब्लास्ट में एसटीएफ के 2 जवानों के शहीद होने और 4 जवानों के घायल होने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। ईश्वर से शहीद जवानों की आत्मा की शांति और घायल जवानों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि माओवाद के खात्मे के लिए हमारी सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान से नक्सली विचलित हैं और कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। माओवाद के खात्मे तक हमारी ये लड़ाई जारी रहेगी। -
बीजापुर। बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए एक आईईडी विस्फोट में दो जवान शहीद हो गए और चार जवान घायल हो गए। बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि '16 जुलाई को, दारभा डिवीजन, पश्चिम बस्तर डिवीजन और मिलिट्री कंपनी नंबर 2 की उपस्थिति के बारे में जानकारी मिलने पर, उक्त जिलों से एसटीएफ, डीआरजी, कोबरा और सीआरपीएफ की टीमों ने एक संयुक्त अभियान चलाया।' इसी दौरान बुधवार को जब वे तलाशी अभियान से लौट रहे थे, तभी यह घटना हुई। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया। .
शहीद जवानों की पहचान रायपुर के रहने वाले कॉन्स्टेबल भरत साहू और नारायणपुर के रहने वाले कॉन्स्टेबल सत्येंद्र सिंह कंगे के रूप में हुई है। जिला पुलिस के अनुसार, सुरक्षाकर्मी जिले में नक्सल विरोधी अभियान का हिस्सा थे। घायल जवानों का इलाज रायपुर में किया जा रहा है। उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। .घायल जवानों का विवरण-1. प्रधान आरक्षक पुरषोत्तम नाग2. आरक्षक संजय मंडावी3. आरक्षक कोमल यादव4. आरक्षक सियाराम शोरीशहीद जवानों को गुरुवार को जगदलपुर के पुलिस लाइन में पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की मौजूदगी में गॉड ऑफ ऑनर दिया गया। .बाद में शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया। - रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 287.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 18 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 535.9 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 136.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 197.6 मिमी, बलरामपुर में 339.1 मिमी, जशपुर में 240.8 मिमी, कोरिया में 247.8 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 205.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 265.5 मिमी, बलौदाबाजार में 300.2 मिमी, गरियाबंद में 348.9 मिमी, महासमुंद में 226.6 मिमी, धमतरी में 288.6 मिमी, बिलासपुर में 339.9 मिमी, मुंगेली में 515.9 मिमी, रायगढ़ में 229.0 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 190.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 313.7 मिमी, सक्ती में 275.0 कोरबा में 394.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 342.1 मिमी, दुर्ग में 184.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 259.0 मिमी, राजनांदगांव में 256.0 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 272.2 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 190.9 मिमी, बालोद में 276.7 मिमी, बेमेतरा में 172.6 मिमी, बस्तर में 383.0 मिमी, कोण्डागांव में 286.4 मिमी, कांकेर में 289.0 मिमी, नारायणपुर में 317.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 318.3 मिमी और सुकमा जिले में 448.2 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- रायपुर / बलौदाबाजार में विगत 10 जून को संयुक्त जिला कार्यालय में हुई आगजनी घटना के अभियुक्त शिक्षक मोहन बंजारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मोहन बंजारे व्याख्याता (एल.बी.) के रूप में शा.उ.मा.वि गोड़ा विकासखण्ड पलारी में पदस्थ थे। उनके विरूद्ध थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में अपराध कमांक 381/2024 धारा 147, 148, 149, 294, 506, 186, 353, 332, 307, 435, 120बी, 427 भादवि सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3,4 के अन्तर्गत दिनांक 15 जुलाई 2024 को गिरफ्तार कर विधिवत न्यायिक रिमाण्ड पर लिया गया है। उक्त कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (2) (क) के तहत किया गया है। निलंबन अवधि में सम्बंधित को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
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रायपुर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली में लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला से मुलाक़ात की। संसद भवन में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य और केंद्र के बीच समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देना था। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें विशेष रूप से राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं और आगामी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने लोक सभा अध्यक्ष को राज्य में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और केंद्र सरकार से निरंतर समर्थन की अपेक्षा व्यक्त की।
- रायपुर / राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निवास कार्यालय में आज भारत स्कॉउट एवं गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव ने सौजन्य भेंट की। डॉ. यादव ने भारत सरकार स्काउट एवं गाइड्स के छत्तीसगढ़ में आयोजित गतिविधियों से अवगत कराते हुए स्काउट गाइड्स झीपन में आबंटित भू-खण्ड के विकास के लिए मंत्री श्री वर्मा को ज्ञापन सौंपा।डॉ. यादव ने मंत्री श्री वर्मा को अवगत कराया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के निर्माणाधीन राज्य प्रशिक्षण केन्द्र ग्राम झीपन, तहसील सिमगा जिला बलौदाबाजार-भाटापारा स्थित भूमि खसरा नं. 11, रकबा 13.40 हेक्टयर में से 5 हेक्टयर भूमि को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य प्रशिक्षण केन्द्र हेतु ग्राम पंचायत के सहयोग से शासन द्वारा हस्तांतरित किया गया है। इस राज्य प्रशिक्षण केन्द्र में बाऊन्ड्रीवाल निर्माण करने का ज्ञापन सौंपते हुए डॉ. यादव ने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा विविध प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों का संचालन जैसे आपदा प्रबंधन शिविर, एडवेंचर कैंप इत्यादि का आयोजन किया जाता है जिसके लिए मैदान में समतलीकरण किया जाना अतिआवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने आवश्यक एडवेंचर बेस का निर्माण और राज्य प्रशिक्षण केन्द्र झीपन का सौंदर्यीकरण करने का ज्ञापन सौंपा।
- -स्वास्थ्य विभाग के जांच प्रतिवेतन के अनुसार क्षेत्र में हालात सामान्य-शिविर लगाकर की जा रही है ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांचरायपुर।, कोरबा जिले में ग्राम गुरमा की कुमारी विमला और डूमरडीह बलीपुर कोरवा बसाहट निवासी कुमारी मंगला की हुई मृत्यु के संबंध में बुधवार को खण्ड चिकित्सा अधिकारी कोरबा एवं पीएचसी श्यांग की टीम ने अपना जांच प्रतिवेदन सीएमएचओ को प्रस्तुत किया है। जांच प्रतिवेदन के बाद सीएमएचओ कोरबा डॉ. एस एन केसरी के अनुसार प्रभावित मरीज एवं आसपास के ग्रामों का भ्रमण व निरीक्षण तथा स्वास्थ्यकर्मी एवं परिजनों से पूछताछ एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दोनों लड़कियों की मौत बुखार और पीलिया की वजह से हुई है।उन्होंने बताया कि 15 वर्ष की मृतिका विमला मंझवार बुखार होने के कारण आई। इनके द्वारा मितानिन या स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नहीं बताया गया तथा शाम को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, जीएमसी कोरबा लेकर जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। जीएमसी कोरबा से प्राप्त शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण एक्यूट लीवर फेल्योर विद सीवीयर जान्डिस होने की संभावना व्यक्त की गई है।इसी तरह डूमरडीह बलीपुर कोरवा बसाहट, पंचायत लबेद की रहने वाली 12 वर्षीय मृतिका मंगला राम कोरबा 13 जुलाई को शाम लगभग 06 बजे पूर्व निवास पहाड़ के उपर से बुखार होने के कारण कोरबा पहुंची। इनके द्वारा निजी माध्यम से ईलाज करवाते हुये मितानिन कौशिल्या को सूचना दी गई। मितानिन के द्वारा अगले दिन आरडी किट से मलेरिया जांच किया गया। बीमारी के तीसरे दिन सूचना दी गयी कि मरीज बेहोश है। उसे देखने गीतकुंवारी से ममता कंवर सीएचओ, एमटी और सेक्टर से आरएमए ओ. पी. धृतलहरे पहुंचे। स्थिति गंभीर होने के कारण 108 से संपर्क किया गया और शाम लगभग 06 बजे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, जीएमसी कोरबा उपचार हेतु भेजा गया। जीएमसी कोरबा से प्राप्त शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण एक्यूट लीवर फेल्योर विद सीवीयर जान्डिस बताया गया है।सीएमएचओ से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में उक्त क्षेत्रों में सतत् निगरानी रखी जा रही है एवं स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे हैं। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने जिले के समस्त मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में सतत् दौरा करते रहें व बुखार, दस्त, पीलिया के मरीज मिलने पर प्राथमिक उपचार पश्चात सेक्टर चिकित्सक, बीएमओ एवं जिला कार्यालय को सूचित करें। जिले में मलेरिया जांच तथा ईलाज एवं दस्त के लिये ओआरएस एवं जिंक की दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
- रायपुर, / आधुनिक युग में महिलाएं आत्मनिर्भर होकर परिवार को आर्थिक मदद भी कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार से निरंतर जोड़ा जा रहा है। दन्तेवाड़ा जिले की ग्रामीण महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) प्रयास अब सार्थक हो रहा है। कमला बैंक से ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की और आत्मविश्वास के चलते आगे बढ़ते जा रही है।संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं, जिनका लाभ महिलाएं उठाकर अपने घरेलू काम-काज के अलावा स्वरोजगार से जुड़ रहीं हैं।खेती किसानी और घर गृहस्थी के काम के अलावा भी उनकी एक अलग पहचान बन गई है। यह सब महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण से ही संभव है। और इसी के बदौलत ही वे बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के खर्च और परिवार की अन्य जरूरतें पूरा करने में हाथ बंटा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। इस क्रम में दन्तेवाड़ा जिला मुख्यालय से 3 किमी दूरी में बसा ग्राम पंचायत बालूद में निवासरत श्रीमती कमला ठाकुर एवं उनका परिवार अपने जीवन-यापन के लिए परंपरागत खेती से ही जुड़ा हुआ था। फिर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के जरिये उन्होंने दिव्या स्व सहायता का गठन किया। इस समूह में अधिकतम सभी 10 महिलाएं निर्धन परिवार से संबंधित थी और सभी महिलाएं गृहिणी ही थी। इन महिलाओं को सी.आर.पी. दीदीयों के द्वारा बिहान योजना के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई।समूह से जुड़ने के पश्चात श्रीमती कमला ठाकुर ने घर के काम एवं खेती के साथ-साथ लघु व्यवसाय करने का विचार किया। इस प्रकार कुछ नया करने की सोच के साथ उन्होंने बिहान के माध्यम से ही ग्राम संगठन के द्वारा 1 लाख 20 हजार ऋण प्राप्त कर किराना दुकान शुरू किया, जिसमें उनके परिवार ने भी उनका साथ दिया और उनके द्वारा समय से ग्राम संगठन से लिये गये ऋण को ब्याज सहित चुकता भी कर दिया गया। इसी आत्मविश्वास के बलबूते उन्होंने अपने दुकान को विस्तार करने के उद्देश्य से पुनः बैंक से ऋण के रूप में 50 हजार रूपए की राशि लेकर अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही है। अपनी आत्मनिर्भरता की वजह से आज वे अपने परिवार की जिम्मेदारी को सुगमता से निभा रही है। श्रीमती कमला ठाकुर ने कहा कि बिहान से जुड़ने के बाद ही उनके पूरी जिंदगी में बदलाव आया है।
- -रायगढ़ जिले में 90 हजार खसरों का नक्शा बटांकन पूरा-लोगों को बैंक लोन, रजिस्ट्री आदि कार्य के लिए आसानी से उपलब्ध हो रहे भूमि संबंधी अभिलेखरायपुर / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गठित नई सरकार में राजस्व संबंधी मामलों का तेजी से निराकरण हो रहा है। रायगढ़ जिले में खसरों का नक्शा बटांकन के अभियान से कई परिवारों की समस्याएं सुलझ रही हैं, वहीं राजस्व अभिलेखों में भी शुद्धता आ रही है। नक्शा बटांकन होने के कारण दो युवाओं को एसईसीएल में नौकरी भी मिली है। बैंक लोन, रजिस्ट्री आदि कार्य हेतु आवश्यक दस्तावेज आसानी से प्राप्त होने के साथ ही भूमि संबंधी विवाद भी सुलझ रहा है।जिला प्रशासन द्वारा जनसामान्य की सुविधा के लिए रायगढ़ के सभी तहसीलों में नक्शा बटांकन कार्य को अभियान चलाकर पूरा किया जा रहा है। विगत माह दिसम्बर 2023 से अब तक नक्शा बटांकन कार्य में लगभग 18 प्रतिशत की प्रगति आयी है। इस अवधि में लगभग 90 हजार खसरों का नक्शा बटांकन किया गया है। जनसामान्य को खसरा एवं नक्शा के आसानी से उपलब्ध होने पर अब कार्यालय में आना नहीं पड़ रहा है।अधिकारियों ने बताया कि खसरा दुरूस्ती के पश्चात नक्शा अपडेशन नहीं होने से ऐसे खसरे काफी संख्या में लंबित रहे हैं, इनका अभियान चलाकर निराकरण किया जा रहा है। कई गांवों में नक्शा बटांकन के काम जो लम्बे समय से लंबित थे, उन्हें शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। तहसील लैलूंगा के रामपुर, कोड़ासिया, ईश्वरपुर, सोहनपुर एवं चिटकीबहार इसी तरह घरघोड़ा अंतर्गत ग्राम छिरभौना, पोरडी, राई, घोघरा में नक्शा अद्यतनीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है।घरघोड़ा तहसील के घोघरा के श्री बुधेश्वर पिता संतोष ने बताया कि उनकी भूमिस्वामी मद की भूमि का हल्का पटवारी द्वारा मौका स्थल देखकर तुरंत नक्शा बटांकन कर दिया गया। जिसके कारण उसके पुत्र चंद्रकांत साहू एवं पुत्री मेघा साहू को एसईसीएल में नौकरी का लाभ मिल सका। श्री रामकुमार चौहान ने बताया कि उनका ग्राम-तुरेकेला में भूमि कब्जा संबंधी विवाद चल रहा था, जिसका नक्शा बटांकन होने से विवाद का निराकरण हो गया है। इसी जैमुड़ा के श्री गंगाधर पटेल ने बताया कि नक्शा बटांकन होने के बाद उन्हें उनकी भूमि का सीमाचिन्ह ज्ञात हो गया।
- -राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और राजस्व सचिव श्री चंपावत तथा राजस्व पटवारी संघ के बीच हुई बैठक-राजस्व संबंधित मामलों पर अब नहीं होगी कोई समस्यारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत के साथ राजस्व पटवारी संघ के अध्यक्ष और पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक मेें संघ के सभी मुद्दों पर सौहाद्रपूर्ण चर्चा हुई। राजस्व मंत्री और राजस्व सचिव ने समस्त मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद पटवारी संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को आज से समाप्त करने का निर्णय लिया। पटवारियों के हड़ताल समाप्त होने से अब फिर से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न राजस्व संबंधी काम-काज होना शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर अपनी 32 सूत्रीय मांग को लेकर विगत 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।राजस्व पटवारी संघ सरकारी ऑफिस में ऑनलाइन कामों के लिए कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रिंटर इसके अलावा, आवश्यक संसाधन, नेट भत्ता, ऑनलाइन नक्शा, बटांकन में संशोधन सीधे पटवारी की आईडी से करने, जिला स्तर पर सहायक प्रोग्रामरों की पदस्थापना, साथ ही भूमि खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री के साथ ही भुईयां पोर्टल पर भी इसे अपडेट करने और किसान के बैंक कर्ज चुकाने के बाद भुईयां पोर्टल से बंधक स्वतः हटाने के प्रावधान की मांग कर रहे थे।

















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