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- -पहाड़ी कोरवा लाभार्थियों को चाबी सौंप साझा की खुशियां-जनपद पंचायत बगीचा के बैशाखू राम, आलू राम और सोंगलत राम को मिला पक्का आवास-तीनों लाभार्थियों ने बांस से बने टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार-जशपुर जिले में पीएम जनमन योजना के तहत 1 हजार से अधिक आवास निर्माण की स्वीकृतिरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को बगिया प्रवास के दौरान अपने निवास में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पीएम जनमन योजना के तीन लाभार्थियों को नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी। इस दौरान तीनों लाभार्थियों ने बांस से बनी टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना के तहत जिले के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोगों को लाभ मिल रहा है।जशपुर जिले के जनपद बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत 2016-23 तक कुल 90 आवास स्वीकृत किये गये थे। जिसमें 82 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण हो गए हैं। शेष 08 आवास का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में पी.एम. जनमन आवास योजना के तहत कुल 07 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत किया गया, जिसमें 03 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण कर दिया गया है। शेष 04 आवास की ढलाई का कार्य पूर्ण हो गया है। प्लास्टर कार्य प्रगति पर है। आगामी वर्ष में पीडब्ल्यूएल सूची के बचे सभी शेष हितग्राहियों को आवास प्रदान कर पक्का मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।लाभार्थी आलू राम पहाड़ी पिता कोटेंग ने आवास बनने पर कहा कि हर एक नागरिक का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो, जिसमें वह अपने परिवारजनों के साथ सुकून से जीवन यापन कर सके। लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण हर किसी का यह सपना साकार नही हो पाता। गरीब असहाय के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना वरदान साबित हो रही है। जिसके लिये हम परिवार सहित माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।इसी तरह बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सुलेसा (महुआपानी) निवासी लाभार्थी श्री बैशाखू राम पिता झिंगो राम जिसकी उम्र 50 वर्ष हो चुकी है, उसके पास अपना पुश्तैनी कच्चा आवास था। जिसमें वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुश्किल से जीवन यापन कर रहा था और बरसात के मौसम में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि से अपना पक्का मकान बना कर अब वह अपने परिवार के साथ पक्के मकान में रहते हैं।श्री बैसाखू राम ने बताया कि मेरा कच्ची दीवार वाला पुराना घर था, जिसके ऊपर पन्नी तान कर गुजर-बसर चल रहा था बरसात के दिनों में जब मूसलाधार बारिश होती थी तो मेरे घर के चारों तरफ पानी ही पानी भर जाता था। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण घर बनवाने की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। एक दिन ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक मेरे घर आये और उन्होंने मेरा आधार कार्ड और बैंक पास बुक मांगा और मेरा मोबाईल पर पंजीयन कराया। कुछ दिनों बाद मुझे मेरा आवास स्वीकृत होने की सूचना मिली।पहली बार में मुझे यकीन नहीं हुआ लेकिन मैंने बैंक जाकर पता किया तो मेरे खाते में पैसे आ गये थे। मैने अपना घर बनवाना शुरू कर दिया। आवास की धन राशि तथा मनरेगा की मजदूरी मिलाकर मिले पैसों से अपना आवास बनवाया। मैं सरकार का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने घर बनवाने के लिये धनराशि उपलब्ध कराकर मेरी अंधेरी जिन्दगी में रोशनी लाने का काम किया।इसी तरह पीएम जनमन योजना के तहत योजना सुलेसा निवासी श्री सोंगलत राम पिता लब्जी राम को भी पक्का आवास मिला है। श्री सोंगलत बताते हैं कि गरीबी के कारण कच्चे मकान में रहना एक मजबूरी बन गयी थी। जब बरसात होती थी तो पानी टपकने से रात भर बच्चों सहित जागकर रात बितानी होती थी। परन्तु अब प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अन्तर्गत वर्ष 2023-24 में मेरा आवास स्वीकृत हुआ और आज हमारा पक्का मकान बन कर तैयार है। हम आभारी है माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के जिन्होंने गरीबों को उनके सपने पूरे करने का अवसर दिया।
- अध्ययन-अध्यापन सहित विद्यालय के संपूर्ण व्यवस्थाओं का लिया जायजाबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जवाहर नवोदय विद्यालय में पहुँचने पर विद्यार्थियों के द्वारा कलेक्टर श्री चन्द्रवाल का आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान कलेक्टर ने अध्ययन-अध्यापन, विद्यार्थियों के आवासीय एवं भोजन व्यवस्था, ईलाज एवं विद्यार्थियों के लिए खेल इत्यादि संपूर्ण व्यवस्थाओं का बारिकी से मुआयना किया। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य एवं शिक्षकों से जवाहर नवोदय विद्यालय में स्वीकृत कुल सीट एवं विद्यार्थियों के कुल दर्ज संख्या आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली।इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने जवाहर नवोदय विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं में पहुँचकर अध्ययन-अध्यापन के कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से अंग्रेजी, गणित, जीव विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान आदि उनके पसंदीदा विषय के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों से उनके द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्य के संबंध में भी जानकारी ली। नवोदय विद्यालय के अधिकांश विद्यार्थियों ने आईएएस एवं डाॅक्टर बनने की बात कही। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को समझाईश देते हुए कहा कि दुनिया मंे कोई भी काम असंभव नही है। उन्होंने कहा कि बस आवश्यकता है दृ़ढ़ ईच्छा शक्ति एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण की। श्री चन्द्रवाल ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य निर्धारण करने तथा उसे पूरा करने के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाने को कहा। इस दौरान कलेक्टर ने जवाहर नवोदय विद्यालय भौतिक एवं रसायन प्रयोगशाला, स्टोर रूम, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की देखभाल हेतु विद्यालय में स्थापित चिकित्सा कक्ष आदि का बारी-बारी से अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने विद्यालय परिसर में स्थित भोजनालय कक्ष का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों के भोजन एवं आवासीय व्यवस्था के संबंध मंे जानकारी ली।इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने विद्यालय परिसर मंे 05 से 09 जुलाई तक आयोजित राज्य स्तरीय स्काउट-गाइड के तृतीय प्रशिक्षण शिविर में भी शामिल होकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन भी किया। इस अवसर पर श्री चन्द्रवाल ने विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड के कार्य, उद्देश्य एवं महत्व के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड के उद्देश्यों के आधार पर 05 दिनों के इस शिविर में नेक चीज हासिल करने की सीख भी दी। इस मौके पर एसडीएम श्री शिवनाथ बघेल, तहसीलदार श्री गोविंद सिन्हा एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0 विद्यार्थी माता-पिता के भावनाओं के अनुरूप काम करें और गुरूजनों के प्रति सम्मान की भाव रखेंः सांसद बघेल0 कलेक्टर ने मुख्यमंत्री के संदेश का किया वाचन0 नव प्रवेशी विद्यार्थियों को तिलक लगाकर और मुंह मीठा कर किया गया स्वागत0 पाठ्य-पुस्तक एवं सायकल किया गया वितरित0 अतिथियों ने स्कूल परिसर में किए पौधरोपण0 मेघावी विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया सांसद श्री बघेल ने उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान की दिलाई शपथ0 अक्षय पात्र द्वारा किया गया नेवता भोज का आयोजनदुर्ग। सांसद विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में तथा विधायक अहिवारा डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, विधायक वैशालीनगर रिकेश सेन और विधायक दुर्ग ग्रामीण ललित चंद्राकर की गरिमामयी उपस्थिति में आज जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन शासकीय कन्या उ.मा. शाला वैशालीनगर में सम्पन्न हुआ। जिला प्रसाशन एवं शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी भी सम्मिलित हुई। अतिथियों द्वारा विद्या की देवी सरस्वती की तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि सांसद श्री बघेल एवं अन्य अतिथियों ने आंगनबाड़ी केंद्र खुर्सीपार के बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई। इसी कड़ी में विद्यालय के पहली, छठवी, नवमीं और ग्यारहवीं कक्षा के नवप्रवेशी विद्यार्थियों को भी तिलक लगाकर गणवेश और पाठ्यपुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विद्यालय की 10 छात्राओं को सायकल भी वितरित की गई। इसके अलावा कक्षा दसवीं की परीक्षा उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण करने वाले 14 मेधावी छात्राएं तथा कक्षा बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 9 मेधावी छात्राओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उल्लास और उमंग के साथ आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित करते हुए सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मंशानुरूप विकसित भारत बनाने की पहल में देश के हर नागरिक को शिक्षित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति निरक्षर ना रहे, इसके लिए सरकार की पहल जारी है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से कहा वे निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए सद्भावना पूर्वक सेवाभाव से सहयोग करेंगे।मुख्य अतिथि सांसद श्री बघेल ने कहा कि सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की यह देन है कि आज बेटियां शिक्षा के साथ-साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता की भावनाओं के अनुरूप काम करें। साथ ही गुरूजनों के प्रति हमेशा सम्मान का भाव रखे। शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद श्री बघेल ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अपनी शुभकामनाएं दी। मुख्य अतिथि सांसद श्री बघेल ने उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान की शपथ दिलाई। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में नवप्रवेशी बच्चों को शुभकामनाएं दी। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के भारत को विश्व गुरू बनाने के सपने को साकार करने का आह्वान किया। विधायक श्री रिकेश सेन ने विद्यालय की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा मिलने पर शासकीय स्कूल के विद्यार्थी भी हर क्षेत्र में सफल हुए है। इस दिशा में वैशालीनगर के इस विद्याालय ने भी बेहतर शिक्षा की दिशा में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने इसके लिए विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने शाला प्रवेश के संबंध में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को दिए गए प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन किया। कलेक्टर ने विद्यालय की उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई दी साथ ही शाला नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा ने स्वागत प्रतिवेदन में शाला प्रवेशोत्सव के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डीएमसी श्री सुरेन्द्र पाण्डे ने किया। समारोह समाप्ति पश्चात मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने स्कूल परिसर में पौधरोपण किए।इस अवसर पर संस्था की प्राचार्य श्रीमती संगीता सिंह बघेल एवं अन्य शिक्षकगण, बीईओ धमधा कैलाश साहू, बीआरसी धमधा महावीर वर्मा, बीआरसी दुर्ग श्रवण सिन्हा सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित थे। जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर अक्षय पात्र संस्थान द्वारा विद्यालय में नेवता भोज का भी आयोजन किया गया। जिसका 500 विद्यार्थियों ने लुफ्त उठाया।
- दुर्ग। जिले में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता की समझ विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार के मुख्य वक्ता प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक और परामर्शदाता श्री नितिन श्रीवास्तव रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन भाषण डीडीएसयू के यामिनी जी और आयाज जी ने दिया।सेमिनार में जिले के 179 शिक्षकों (स्वास्थ्य नोडल अधिकारी) और जिले के अधिकारी कर्मचारी गण मौजूद रहे। डॉक्टर नितिन श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन भाषण में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता का महत्व बताया। उन्होंने भावनाओं और गतिविधियों के बीच के संबंध पर प्रकाश डालते हुए डिप्रेशन और उदासी के बीच के अंतर को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भय पर विजय प्राप्त करने, अवसाद को परिभाषित करने और उदासी के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के बारे में समझ को बढ़ाना और जागरूक करना था जिससे बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और बेहतर समझ विकसित हो सके जानकारी मिल सके। इस अवसर पर शिक्षा विभाग दुर्ग की तरफ से गौरा शुक्ला और विवेक शर्मा और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिव्या श्रीवास्तव, अर्चना चौहान, सीबीएस बंजारे, तुषार और संजय जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में विवेक शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन दुर्ग, डीडीएसयू और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से किया गया था।
- 0 वन विभाग का आयोजन
दुर्ग। देश सहित प्रदेश में भी आम लोगांे से ’एक पेड़ मां के नाम’ लगाने के आह्वान पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला वन मंडल दुर्ग द्वारा एक पेड़ मां के नाम से शुरुआत की गयी। दुर्ग जिला वन मंडल दुर्ग के इस आयोजन में जिले के प्रशासनिक, राजनैतिक के आलावा शिक्षण संस्थाआंे के द्वारा इस मुहिम शामिल हो रहे है।एक पेड़ मां के नाम इस मुहिम में शामिल हुए दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला, वन मण्डलाधिकारी श्री चंद्रशेखर परदेशी, एस.डी.ओ. श्री डी.के. सिंह, कमिश्नर रिसाली निगम श्रीमती मोनिका वर्मा, रेंजर हफ़िज़ खान कालेज के प्राचार्य, प्रोफेसर, विद्यार्थियों सहित अन्य प्रकृति प्रेमी संस्थान एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में दुर्ग जिले के धनोरा स्थित आत्मानंद कालेज परिसर में एक पेड़ मां के नाम लगाकर जिले में अभियान की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन वनमंडल दुर्ग ने किया। इस दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कालेज विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाने की अपील भी की है। इसके साथ ही जिले सभी स्कूलों, हॉस्पिटल और आंगनबाड़ियों में अभियान चलाकर वृहद वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिये। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा है कि एक पेड़ मां के नाम के आह्वान से बच्चों का पर्यावरण से जुड़ाव बढ़ेगा। इसमें पालकों और शिक्षकों को शामिल करने से निश्चित ही बड़े पैमाने पर पौधारोपण हो सकेगा। एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत सभी लोग मां के नाम पर पेड़ लगाएंगे इसलिए इसकी देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी। ऐसे कॉलेज परिसर जहां अहाता है, उनके किनारे-किनारे छायादार पेड़ जैसे नीम, गुलमोहर, करंज, अशोक, अर्जुन लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि इस अभियान से विद्यार्थी, शिक्षक और पालक अपने लगाए गए पौधे को वृक्ष बनते तक पालन पोषण एवं सुरक्षा करेंगे। पौधारोपण के लिए उचित ऊंचाई के पौधे वन विभाग से प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। पौधारोपण करने के लिए उचित मापदण्ड के गड्ढे और खाद की भी व्यवस्था करने के निर्देश वन विभाग को दिए गए हैं। विद्यालयों में पौधारोपण के दौरान जन प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। पौधारोपण के समय शिक्षक और छात्र- छात्राओं से पौधों को सुरक्षित रखने बाबत् शपथ ग्रहण भी कराएं जाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अधिकारी कर्मचारी भी परिसर में एक पेड़ अपनी मां के नाम पर रोपण किया।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात के 111वें एपिसोड में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान शुरू किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपील की सभी लोग एक पेड़ अपनी मां के नाम पर जरुर लगाएं। क्योंकि दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता मां का होता है। हम सबके जीवन में मां का दर्जा सबसे ऊंचा होता है। मां हर दुख सहकर अपने बच्चे का पालन पोषण करती है। हर मां अपने बच्चे पर हर स्नेह लुटाती है। जन्मदात्री मां का ये प्यार हम सब पर एक कर्ज की तरह होता है जिसे कोई चुका नहीं सकता। मां के सम्मान में लगाएं एक पेड़ रूपीएम मोदी इसके लिए विश्व पर्यावरण दिवस पर एक खास अभियान शुरू किया। इस अभियान का नाम-एक पेड़ मां के नाम है। इस अभियान के तहत पीएम मोदी ने भी एक पेड़ मां के नाम पर लगाया है। साथ ही देशवासियों से दुनिया के सभी देशों के लोगों से ये अपील की है कि अपनी मां के साथ मिलकर या उनके नाम पर एक पेड़ जरूर लगाएं। इस अभियान के बाद मां की स्मृति और उनके सम्मान में पेड़ लगाने का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। - बालोद। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आज जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, आदिवासी विकास विभाग, खनिज विभाग, वाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधान विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी, क्रेडा विभाग, समाज कल्याण विभाग, उद्यानिक विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारी संस्था, श्रम विभाग, जिला अत्यांव्यवसायी विभाग, जिला सहकारी विभाग, मुख्यमंत्री कौशल विभाग, खादी ग्रामोद्योग विभाग, आयुर्वेद विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, डीएमओ मार्कफेड, आबकारी विभाग एवं राष्ट्रीय राज मार्ग (एडीबी प्रोजेक्ट) विभागों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, उपाध्यक्ष श्री मिथलेश निरोटी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा जनहित के मांगों एवं समस्याओं के शीघ्र निराकरण के संबंध में प्रस्ताव भी दिए गए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के समस्याओं को समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।
- 0 विद्यार्थियों को वनों के महत्व के संबंध में जानकारी दी तथा वन्य संपदा का संरक्षण एवं संवर्धन करने को कहाबालोद। जिले में चलाए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत आज कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, वनमण्डलाधिकारी श्री बलभद्र सरोटे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम दुधली में स्थित शासकीय पाॅलिटेक्निक परिसर में पौध रोपण किया। इस दौरान कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों को मनुष्य सहित संपूर्ण जीव, जगत के लिए वनों के महत्व के संबंध मंे जानकारी दी। उन्होंने वनों की सुरक्षा को मनुष्य सहित समस्त जीवधारियों के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए विद्यार्थियों सहित उपस्थित लोगों को वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के उपाय सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान उन्होंने पाॅलिटेक्निक परिसर का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर एसडीएम श्री शिवनाथ बघेल, तहसीलदार श्री गोविंद सिन्हा एवं ग्राम पंचायत दुधली के सरपंच, शासकीय पाॅलिटेक्निक के प्राचार्य सहित उपस्थित लोगों ने भी पौधरोपण किया।
- रायपुर। नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी श्री सुधीर अग्रवाल ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत पौधा रोपण किया l प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी थी l जंगल सफारी नया रायपुर में आज से पौधारोपण कार्यक्रम की सुरुवातकी गई है जिसमें कुल ६००० पौधे लगाये जा रहे है । कार्यक्रम में एपीसीसीएफ श्री प्रेमकुमार, सीसीएफ वन्यप्राणी एवं क्षेत्र संचालक उदंती सीतानदी श्री विश्वेश झा , संचालक जंगल सफारी श्री गणवीर धम्मशील ने भी पौधरोपण किया। जंगल सफारी के संचालक धम्मशील ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जंगल सफारी में पर्यटक और नागरिक २० जुलाई तक पौधा रोपण कर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकते है । इस अवसर पर जंगल सफारी के सहायक संचालक और अन्य स्टॉफ भी उपस्थित थे l
- 0 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का किया गया सम्मान0 वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रायपुर। जिले के धरसींवा विकासखंड के ग्राम छपोरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आज शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया साथ ही बच्चों के माथे पर टीका लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर न्योता-भोज के तहत बच्चों को खीर-पुडी खिलाए गए। साथ ही “एक पेड मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में सरपंच सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे। - 0 पहले जहाँ प्रांगण में जलभराव और किचड़, वहाँ अब पेवर ब्लॉक लगने से विद्यार्थयों को आवाजाही में होती है आसानी*
रायपुर। कक्षा दसवीं की छात्रा वंदना पटेल और कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा हिना बघेल, लिसा यादव बताती है कि पहले हमारे स्कूल का प्रांगण किचड़ से भरा होता था लेकिन अब यहाँ पेवर ब्लॉक बिछ जाने से व्यवस्थित हो गया है। यहाँ हम कक्षा के बाद खेल कूद कर लेते हैं और पूरे प्रांगण में बिना किसी अवरोध के घूम सकते हैं। ये बच्चे हैं संत कंवर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कटोरा तालाब के जहाँ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर शाला जीर्णोंधार का कार्य पूर्ण हुआ हैं। गौरतलब है जिले में शाला भवनों का जीर्णोंधार का कार्य तेजी से हुआ है। जो शाला भवन जर्जर थे। उनमें सुधार कार्य किया गया है। साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्ष भी बनाए गए है। इन कक्षों में बच्चों की कक्षाएं लग रही है और पहले से अधिक सुविधाजनक है। कहीं पर लाईब्रेरी बनी है तो कहीं पर लैब तो कहीं पर शिक्षकों के बैठने के लिए कमरे।गौरतलब है जिले में 298 स्कूलों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके है और 76 में कार्य प्रगति पर हैं। कटोरा तालाब स्थित संत कंवर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जहाँ वर्षो पहले से प्रांगण से बारिश के मौसम जल निकासी की समस्या थी। जिससे किचड़ निर्मित हो जाते थे आज यहाँ पेवर ब्लॉक बिछ गया है वही प्रांगण में मंच और शेड का भी निर्माण किया गया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा आवश्यकता बताए जाने पर एक हॉल बनाया गया है जिसमें समय-समय पर सेमिनार आयोजित किया जाता है, वही एक हाल में लाइब्रेरी का बनाया गया है। जहाँ बच्चे अपने निर्धारित समय में पुस्तक प्राप्त कर अध्ययन करते हैं।प्राचार्य श्रीमती एन. पी. ख़ान बताती है कि पहले स्कूल में सेमिनार हॉल नहीं होने से हम सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर अतिरिक्त गतिविधि कराने में असुविधा होती थी अब जीर्णोधार के बाद नए कक्ष मिल गए हैं। साथ ही नए हाल में लाईब्रेरी भी प्रारंभ हो चुकी है। - रायपुर। शुक्रवार को ग्राम पंचायत टेकारी के हाई स्कूल में प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम रखा गया इस कार्यक्रम में विधायक श्री अनुज शर्मा, ग्राम सरपंच व शाला समिति के अध्यक्ष के उपस्थिति में शाला प्रवेशोत्सव का अयोजन किया गया। बच्चों का तिलत लगा कर स्वागत किया गया। साथ ही वृक्षारोपण भी किया गया।
- 0 स्वरोजगार स्थापित करने में योजना के तहत मिल रही मददबिलासपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन के तहत स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने की योजना है ‘लखपति दीदी योजना‘। इस योजना के तहत समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद की जाती है और पात्र महिलाओं को स्व रोजगार शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है। योजना से लाभान्वित बिल्हा ब्लॉक के ग्राम मुढ़ीपार की ‘‘समृद्धि स्व सहायता समूह‘‘ की महिलाओं ने लखपति दीदी योजना से आर्थिक आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल किया है। इस योजना के तहत महिलाओं को 1 से 3 लाख रूपए तक का ऋण दिया जाता है।केन्द्र सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की पहल है लखपति दीदी योजना। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलता है। जिले के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम मुढ़ीपार की लखपति दीदी अंजली बंजारे ने बताया कि लखपति दीदी योजना से अब वह न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है बल्कि योजना से मिली राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने पति के लिए इलेक्ट्रिक ई-रिक्शा खरीदकर उनका भी व्यवसाय स्थापित किया है। अंजली बताती है कि लखपति दीदी योजना से प्राप्त ऋण से उन्होंने अपने घर पर किराना दुकान खोला है जो अब अच्छी तरह स्थापित हो चुका है, इसी दुकान में वह सिलाई का भी काम करती है जिससे अतिरिक्त आमदनी भी हो जाती है।अंजली का कहना है कि स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और इस माध्यम से वे बहुत कुछ सीख रहीं है। लखपति दीदी योजना के विषय मंे जानकारी मिलने के बाद स्व रोजगार स्थापित करने के संबंध में भी मार्गदर्शन मिला। योजना के तहत ऋण राशि स्वीकृत की गई, जिससे उसे अपना व्यवसाय स्थापित करने में मदद मिली। अब उसका परिवार आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहा है। इसी तरह लखपति दीदी योजना से लाभान्वित महिला है श्रीमती सत्या सोनी जिन्होंने योजना से प्राप्त राशि से फैंसी स्टोर की दुकान खोली है और इसके साथ सिलाई भी करती है। सत्या ने बताया कि पहले वह केवल घर पर रहती थी, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्हे बहुत कुछ सीखने को मिला और शासन की योजनाओं की जानकारी मिली जिसका लाभ लेकर अब वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है।उल्लेखनीय है कि लखपति दीदी योजना के तहत स्व सहायता समूह में जुड़ी महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ते हुए उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर कम से कम 1 लाख रूपए वार्षिक तक परिवार की आय सुनिश्चित करना है। जिले में योजना के तहत अब तक 12 हजार 206 दीदियां लखपति बन चुकी हैं।
- बिलासपुर। शासन के विभिन्न विभागों में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति पर आज जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सामूहिक रूप से भावभीनी बिदाई दी गई। कार्यक्रम में अधिकारियों के परिवारजन भी शामिल हुए। इन अधिकारियों में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री सतीश सराफ, पीडब्ल्यूडी ई.एन.एम के कार्यपालन अभियंता श्री एच.एल.शर्मा, पीडब्ल्यूडी संभाग क्रमांक 02 के कार्यपालन अभियंता श्री अरविंद चौरसिया, आरईएस के कार्यपालन अभियंता श्री समय लाल कैवर्त, जिला टीकाकरण अधिकारी श्री मनोज सैमुअल, सहायक खाद्य अधिकारी श्री अशोक सवन्नी एवं श्रेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र की प्राचार्य डॉ. ईला चंदेल शामिल है। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने सभी अधिकारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कलेक्टर ने सभी के सेवाकाल का स्मरण करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। सभी अधिकारियों ने अपने लंबी सेवाकाल के रोचक अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री आरपी चौहान एवं सहायक कलेक्टर श्री तन्मय खन्ना ने भी सभी के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत बुधवार को जोन क्रमांक 04 अंतर्गत वार्ड 41 औद्योगिक क्षेत्र छावनी में तिरंगा चैंक स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम हायर सेकण्ड्री स्कूल में जागरूकता चलाया गया। प्रथम एवं द्वितीय पाली में अध्ययनरत विधार्थियों 350 एवं शिक्षकों को जिला स्वास्थ्य विभाग एवं निगम की संयुक्त टीम द्वारा जल जनित मौसमी बीमारियों के बारे में बताया गया। किस प्रकार छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने से डायरिया, उल्टी-दस्त, टाईफाइड, पीलिया आज से बच सकते हैं। हमें ध्यान देना होगा पानी उबालकर/ठंडा कर सेव करें, बाहर से जब भी आएं धर में साबुन से हाथ धोवे' एवं बासी खादय पदार्थ के सेवन से बचने की सलाह दी गई है।फाइट द बाइट मच्छर उन्मूलन कार्यक्रम के तहत घर के आस-पास समुचित साफ-सफाई, बरसाती पानी का जमाव न होने दे साथ ही घर के कुलर, पानी की टंकी, पुराने टायर इत्यादि को समय समय पर साफ करते रहे की जानकारी दी गई। नालियों में मोबिल आईल का छिड़काव करने की सलाह दी गई। इस जन जागरूकता अभियान में विद्यालय की प्राचार्य मैडम शीला फ्रांसीस द्वारा सभी विधार्थीयों से अपने घर परिवार के साथ ही आस-पास के पाॅच घरो में इन उपायो को बताने कहा। मौसमी जल जनित बीमारियों से बचाव कर अपने शहर को स्वच्छ शहर व स्वस्थ शहर बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। महापौर नीरज पाल ने सभी नागरिकों से आवाहन किया है कि चलो मिलकर के रविवार को ड्राई डे मनाएं, सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक हम सब लोग अपने घरों में अपने अड़ोस पड़ोस साफ सफाई करें। एक दूसरे को करें।इस अभियान में शहरी परिवार कल्याण विभाग सुपेला से सेक्टर सुपरवाइजर एस.के.दिल्लीवार, मनोज साहू, एएनएम कविता कौशिक एवं जिला मलेरिया विभाग से सर्वेलेंस निरीक्षक मोहन राव, आरएचओ राजकुमार मर्सकोले, उमेश कपूर सहित निगम के वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के.सिंह एवं उनकी दल के स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश डहारे उपस्थित रहे। - जगदलपुर । 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज अपने 617 वर्षों से चली आ रही रियासतकालीन परम्परा का निर्वहन करते हुए प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विगत 22 जून से आगामी 17 जुलाई तक बस्तर गोंचा महापर्व का आयोजन कर रही है।360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ईश्वर नाथ खम्बारी, गोंचा अध्यक्ष विवेक पांडे, सुदर्शन पाणिग्राही ने आज जगदलपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत 22 जून को देवस्नान पूर्णिमा (चंदन जात्रा) पूजा विधान के साथ बस्तर गोंचा महापर्व 2024 का आगाज हो चुका है, भगवान श्री श्री जगन्नाथ जी अनसर काल की समाप्ति के साथ कल 6 जुलाई को नेत्रोत्सव पूजा विधान उपरांत दिनांक 7 जुलाई को पारम्परिक बस्तर के तुपकी (तोप) के गर्जना के साथ श्रीगोंचा रथयात्रा पूजा विधान के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा व बलभद्र स्वामी के 22 विग्रहों को तीन रथों पर रथारूढ़ कर परिकमा उपरांत जनकपुरी सिरहासार भवन (गोंचा मण्डप) में विराजित किये जायेंगे, जहाँ अनवरत 9 दिनों तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। इस दौरान निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार दिनांक 08 से 15 जुलाई तक प्रत्येक दिवस समाज के द्वारा विविध धार्मिक/सांस्कृतिक अनुष्ठान की परम्परा के निर्वहन की व्यवस्था भी की गई है।इस वर्ष श्री गोंचा रथयात्रा, हेरा पंचमी, छप्पन भोग एवं बाहुड़ा गोंचा रथयात्रा का शहर में लगे बड़े एल ई डी स्क्रीन के माध्यम से लाइव प्रसारण किया जावेगा। गोंचा महापर्व के दौरान प्रत्येक दिवस संध्या 7:30 बजे भगवान की महाआरती उपरांत भजन-कीर्तन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन होंगे, जिसमें स्थानीय एवं सांस्कृतिक मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति होगी।
- -योजना के क्रियान्वयन में गांव की महिलाएं निभा रहीं महत्वपूर्ण भूमिकारायपुर / जलजीवन मिशन योजना अंतर्गत दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में हर घर जल का सपना साकार हो रहा है। इस योजना से जिले के दूरस्थ अंचलों में भी घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों का पेयजल संकट भी दूर हो रहा है। महिलाओं को इस योजना से काफी राहत मिल रही है। पहले कई ग्रामीण महिलाओं को शुद्ध पेयजल के लिए कई किलोमीटर की दूरी भी तय करनी पड़ती थी, जिससे आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था और शारीरिक परिश्रम भी अधिक लगता था। जल जीवन मिशन में ग्रामवासियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिसमें महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।जिला मुख्यालय कांकेर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नरहरपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरनपुर के आश्रित ग्राम करियापहर भी ऐसा गांव है, जहां जलजीवन मिशन के तहत हर घर शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम करियापहर गांव में 149 परिवारों की कुल जनसंख्या 767 है, जिसमें महिलाओं की संख्या 369 एवं पुरूषों की संख्या 398 है। यह गांव के कुल भू-भाग का 3 प्रतिशत हिस्सा उबड़-खाबड़ तथा पथरीला होने के कारण यहां पानी सामान्य से कम मात्रा में पाया जाता है। साथ ही सभी मौसमों में पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं रहता है। यहां निस्तारी के लिए अन्य स्त्रोतों का उपयोग किया जाता है, जिनमें तालाब तथा कुएं शामिल हैं। यहां के पानी में उपलब्ध खनिजों में लोहे की अधिकता पाई गई। अलग-अलग मौसमों में यहां के लोगों को पानी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई मोहल्लों में गर्मी के दिनों में हैण्डपम्प सूख जाने से पीने तथा निस्तारी के लिए अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई लोगों के घरों में शासन द्वारा शौचालय का निर्माण किया गया है, परन्तु पानी की कमी के कारण गांव वालों द्वारा शौचालयों का उपयोग नही किया जाता था। स्कूल तथा आंगनबाड़ी में भी पीने के पानी की समस्या हमेशा बनी रहती थी, लेकिन अब जलजीवन मिशन के तहत योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन से करियापहर के ग्रामवासियों को पानी की समस्याओं से छुटकारा मिला है।ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा जल संरक्षण का दिया जा रहा संदेशजलजीवन मिशन के सदस्य सचिव और कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री बी.एन. भोयर ने बताया कि इसके तहत सबसे पहले गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया एवं उन्हें नियमानुसार प्रशिक्षण प्रदान किया गया। गांव के लोगों को साफ एवं शुद्ध पेयजल से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई। गांव की पांच महिलाओं का चयन कर उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण सिखाया गया है। स्कूलों में बच्चों को सफाई की आदतों को अपनाने एवं साफ-सफाई के बारे में जानकारी प्रदान की गई। ग्रामवासियों को जल स्रोतों के स्थायित्व के लिए भूमिगत जल के संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही गांव में जलजीवन मिशन द्वारा लगाए गए जल स्रोतों की सुरक्षा तथा रख-रखाव हेतु गांव के लोगों को प्रेरित किया गया।जलजीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन में गांव की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिकालोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से जलजीवन मिशन के तहत ग्राम करियापहर में ग्रामसभा का आयोजन कर समिति के सदस्यों द्वारा जलजीवन मिशन और इसके क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई। इस अवसर पर गांव में जल प्रबंधन समिति का गठन किया गया, जिसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की गई। इस समिति में गांव के सरपंच को अध्यक्ष तथा पंचायत सचिव को सचिव बनाया गया। इसके अलावा गुणवत्ता समिति व पानी जांच समिति का गठन कर समिति के सदस्यों को जल परीक्षण की दोनों विधियों (एफ.टी.के. एवं एच.2एस.) की जानकारी के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इस गुणवत्ता समिति में गांव की मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी शामिल किया गया है। समिति की सदस्यगण जल की गुणवत्ता की जांच के बाद परिणामों को पोर्टल पर अपलोड करते हैं।
- -कमलपुर में रेल्वे का स्टॉपेज पुनः शुरू करने का किया अनुरोधरायपुर /महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अम्बिकापुर दुर्ग एक्सप्रेस का स्टॉपेज कमलपुर में पुनः शुरू करने का अनुरोध किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े केन्द्रीय रेल मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि अम्बिकापुर दुर्ग एक्सप्रेस की अप और डाउन गाड़िया नियमित रूप से कमलपुर रेल्वे स्टेशन में रूका करती थीं। कोविड के दौरान रेल्वे द्वारा कमलपुर स्टेशन में इस ट्रेन का स्टॉपेज अस्थाई रूप से बंद किया गया था।श्रीमती राजवाड़े ने कहा है कि उनके क्षेत्र में भ्रमण के दौरान लोगों ने कमलपुर में पुनः स्टॉपेज शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि कमलपुर के आस-पास लगभग 3500 लोगों की आबादी है, जो इस स्टॉपेज के माध्यम से रेल सुविधाओं का उपयोग करती हैं। इसके अलावा इस स्टेशन के पास ग्राम सिलफिली में बड़ी सब्जी मंडी भी है। कमलपुर स्टेशन से अम्बिकापुर की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है।श्रीमती राजवाड़े ने यह भी अवगत कराया कि रोजाना बड़ी संख्या में अम्बिकापुर से विश्रामपुर के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अतः कमलपुर में स्टॉपेज पुनः शुरू करने से कमलपुर और आस-पास के गांव सहित अम्बिकापुर और विश्रामपुर से आने वाले लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
- -बीमारियों को बढ़ने से रोकना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती: स्वास्थ्य मंत्री-शादी के पहले जन्मकुंडली की तरह ही जेनेटिक कुंडली भी मिलाएं: श्री जायसवाल-आईआईटी भिलाई में आयोजित "हेल्थ इनोवेशन केयर इन छत्तीसगढ़" के दूसरे राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्रीरायपुर। छत्तीसगढ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल आज IIT भिलाई में आयोजित "हेल्थ इनोवेशन केयर इन छत्तीसगढ़" के दूसरे राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इस कॉन्फ्रेंस में IIT, IIM, AIIMS, NIT और मल्टी नेशनल कंपनी के पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल तक बेहतर मेडिकल सुविधा कैसे पहुंचे इस पर सकारात्मक चर्चा हुई। कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए सुझाव और तकनीक को लेकर चर्चा हुई जो आने वाले दिनों में राज्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है जो इंसान के साथ ताउम्र जुड़ा रहता है , लिहाजा एक बीमारी को ठीक करना हे स्वास्थ्य नहीं है बल्कि व्यक्ति बीमार ही न हो यह ज्यादा आवश्यक है। ऐसी स्थिति लाने की लिए युवा पीढ़ी को शादी से पहले जन्म कुंडली ही नहीं बल्कि जेनेटिक कुंडली भी मिला लेनी चाहिए ताकि सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारी पूरी तरह से खत्म हो जाए।श्री जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और इसका लाभ भी दूरस्थ अंचल के लोगों को मिल रहा है। अंबिकापुर से उदयपुर तक ड्रोन चिकित्सा सेवा और रायपुर के मेकाहारा में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत नई तकनीक का ही उदाहरण है। श्री जायसवाल ने भारत की अग्रणी संस्थाओं से कहा कि वो स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए तकनीक की खोज करें जिसके लिए राज्य सरकार का हर संभव सहयोग रहेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है जिसमें रायपुर और बिलासपुर में 700 बेड के अस्पताल तथा बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण की घोषणा शामिल हैं।कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ धीरेंद्र तिवारी, IIT भिलाई के निदेशक प्रो.डॉ. राजीव प्रकाश , AIIMS रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल , NIT रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमन्ना राव सहित IIM रायपुर और स्टैनफोर्ड बायर्स सेंटर फॉर बायोडिजाइन के पदाधिकारी और IIT भिलाई के रिसर्च स्कॉलर्स उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री श्री सदगुरू प्राकट्य महोत्सव और श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिलरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर के धनेली स्थित श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में श्री सदगुरू प्राकट्य महोत्सव और स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और इंडो-नेपाल यूथ गेम्स में पदक जीतने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ और भारत में पिछले सात वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह विश्वविद्यालय शिक्षा और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के साथ ही संस्कार और आध्यात्म से भी जुड़ा है। यहां विदेशों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय से ही भारत पूरी दुनिया को देते आया है। चिकित्सा, विज्ञान, वेद, आध्यात्म जैसी चीजें भारत ने दुनिया को दी हैं। हमारी संस्कृति और कल्पना इतनी व्यापक है कि 'वसुधैव कुटुंबकम' को अपनाते हुए हम पूरी दुनिया को अपना परिवार मानते हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बीते दस वर्षों में विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ा है। मजबूत भारत के निर्माण की नींव इन दस वर्षों में रखी गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित कर अपने लिए सीमा मत बांधिए। आप अपने विषय और अपने क्षेत्र में समर्पण और निष्ठा से काम करें। एक दिन आप शिखर पर होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि अपने क्षेत्र में कड़ी मेहनत और लगन से आप भी शीर्ष पर पहुंच सकते हैं।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.के. सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया। प्रति-कुलाधिपति श्री हर्ष वर्धन ने समारोह में स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कुल सचिव डॉ. सौरभ कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन पढ़ा। विश्वविद्यालय के डीन (एकेडमिक्स) सहित सभी प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
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रायपुर । कोरबा जिले के कटघोरा थाना अंतर्गत ग्राम जुराली के डिपरा पारा में कुएं में गिरे ग्रामीण को बचाने की जद्दोजहद में एक ही परिवार के 4 लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदना व्यक्त की है। श्री साय ने कोरबा कलेक्टर को मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए देने के निर्देश दिए हैं।
सीएम साय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा है कि - कटघोरा के ग्राम जुराली में कुएं में गिरे ग्रामीण को बचाने की जद्दोजहद में एक ही परिवार के 4 लोगों की मृत्यु की खबर अत्यंत दुःखद है।मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश कोरबा कलेक्टर को दिए हैं।ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।गौरतलब है कि कटघोरा थानांतर्गत ग्राम जुराली के डिपरा पारा में चार लोगों की कुएं में डूबने से मृत्यु हो गयी। बताया जा रहा है कि कुएं में जहरू नामक ग्रामीण के गिरने के बाद उसे बचाने के लिए उसकी बेटी भी कुएं में कूद गयी। इसके बाद परिवार के ही दो अन्य लोग कुएं में नीचे उतरे। लेकिन एक के बाद एक सभी की कुएं में उतरने के बाद मृत्यु हो गयी। जिस पर मुख्यमंत्री ने दुःख व्यक्त किया है। - रायपुर /प्रदेश की शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) में छात्रावास अधीक्षक एवं छात्रावास अधीक्षिका के पदों पर सातवें चरण के दस्तावेज सत्यापन हेतु अभ्यर्थियों को सोमवार 08 जुलाई 2024 को समय प्रातः 09.30 बजे शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, विधान सभा रोड, सड्डू, रायपुर में बुलाया गया है। इस हेतु संबंधित अभ्यर्थियों को एसएमएस, व्हाट्सएप्प पर भी सूचना भेजी जा रही है। कट ऑफ मार्क्स संचालनालय की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। उक्त चरण में रिक्त पदों के विरूद्ध 03 गुना या सामान प्राप्तांक होने पर उक्त प्राप्तांक धारक सभी अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन हेतु बुलाया गया है। सभी अभ्यर्थी अद्यतन जानकारी हेतु निरंतर संचालनालय की वेबसाइट https://cgiti.cgstate.gov.in तथा अपने लॉगिन आईडी का नियमित अवलोकन करते रहें। दस्तावेज सत्यापन उपरांत संबंधित अभ्यर्थी आगामी दिवस को दोपहर 01.00 बजे तक उसी स्थल पर पंजीयन प्रभारी के पास अपना दावा-आपत्ति भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
- रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले में शुक्रवार को कुएं में कथित तौर पर जहरीली गैस के रिसाव के कारण पिता और दो पुत्रों समेत पांच लोगों की मौत हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि घटना जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत किकिरदा गांव की है।आस-पास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो पूरे इलाके में हडकंप मच गया। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गर्ई। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार और बिर्रा पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों के मुताबिक रामचंद्र जायसवाल (60) के कुएं में लकड़ी का टुकड़ा गिर गया था, जिसे निकालने के लिए वह कुएं में उतरे लेकिन बाहर नहीं निकल सके।शुक्ला ने बताया कि परिजनों ने पड़ोस के पटेल और चंद्रा परिवार से मदद मांगी, जिसके बाद रमेश पटेल (50), उनके बेटे जितेंद्र पटेल (25), एक अन्य बेटे राजेंद्र पटेल (20) और पड़ोसी टिकेश्वर चंद्रा (25) भी कुएं में उतर गये लेकिन वे भी बाहर नहीं निकल पाये।अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों और अन्य ग्रामीणों से सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया।उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी घटनास्थल पर भेजा गया है और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि आशंका है कि कुएं में जहरीली गैस के रिसाव के कारण उन सभी की मौत हुई। जांच के बाद ही इस संबंध में अधिक जानकारी मिल सकेगी।
- रायपुर / महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ रही है। और कामयाबी का परचम लहरा रही है। मेहनत करने वालों की राह स्वयं ही खुल जाती है। इस बात को दूरस्थ अंचल जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड अंतर्गत 30 से 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित हिड़पाल ग्राम पंचायत में माँ गौरी स्व-सहायता समूह की महिलाएं चरितार्थ कर रहीं हैं। सुदूर वनक्षेत्र में निवासरत ये ग्रामीण महिलाएं आज सीमेंट ईट बनाने जैसा श्रम साध्य कार्य को अंजाम देने में जुटी हैं। ईंट बनाने के काम में 5 पुरूष मिस्त्रियों ने महिलाओं को इस काम में सहयोग करते हुए तैयारी के संबंध में समझाया फिर उन्हें ईट बनाने की मशीन संचालन करना, रेत, डस्ट में सीमेंट की मात्रा की मिलावट के बारे में जानकारी दी। इस तरह 10 महिलाओं ने शुरूआती दौर में 500 ईंट निर्माण की तैयारी की।ईंट निर्माण की प्राथमिक जानकारी मिलने से महिलाओं को सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि आने वाले समय पर वे स्वयं मशीन ऑपरेट कर रही हैं। इस संबंध में मॉ गौरी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने इसे अब अपनी आजीविका का साधन बनाने का मन बना लिया हैं। ज्ञात है कि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास निर्माण को प्राथमिकता दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट की मांग बढ़ गई है। ईंट निर्माण से जुड़ी मॉ गौरी स्व-सहायता समूह की श्रीमती कमला कोर्राम का इस संबंध मे कहना है कि ईंट निर्माण कार्य से जुड़ कर उन्हें बहुत अच्छी लग रही है और काफी खुशी भी हो रही है क्योंकि हमें कुछ नया सीखने को मिल रहा है।अन्य सदस्य श्रीमती तुलसी कश्यप ने बताया कि शुरूआत में निःशुल्क डस्ट एवं सीमेंट जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया। ईंट बनाने के सांचे भी उन्हे राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत प्राप्त हुए हैं। साथ ही ईंट बनाने के लिए प्रशासन की ओर से उन्हें निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति अभार व्यक्त किया।आने वाले समय पर रेती, डस्ट एवं सीमेंट की खरीदी का पूरा दारोमदार समूह पर रहेगा। समूह की अन्य महिला श्रीमती मंगलदई ने आगे और जानकारी देते हुए कहा कि मॉ गौरी स्व सहायता समूह के द्वारा बैंक से 3 लाख रूपये का ऋण भी लिया गया है। पहले हम सभी महिलाएं लाल ईंट निर्माण कार्य से जुड़ी हुई थी जिसमें मिट्टी को अच्छे से मिलाकर ईंट बनाया जाता था। अभी इसमें फर्क इतना ही है कि मशीन के रेती, डस्ट, सीमेंट तीनों पदार्थों को एक साथ मिक्सर मशीन में डाल कर घुमाया जाता है और जिससे मिक्स होने के बाद उसे ईंट बनाने वाले मशीन में डाला जाता है। जिससे एक बार में 10 ईंट बन कर निकलती है। ईंट निर्माण के माध्यम से महिलाओं के लिए स्वरोजगार की एक और राह खुल गई है। इस प्रकार अब जिले की हर एक ग्रामीण महिला शासन की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना के तहत लखपति दीदी बनने का सपना साकार कर सकती है।
- जशपुर। बच्चों की मोहक मुस्कान से प्रसन्नचित्त मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बच्चों को दुलार करते हुए, बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता से और अपने हुनर से सुंदर चीजें बनाई थीं। मुख्यमंत्री ने इन्हें अपने हाथों में लिया और बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप लोगों ने इतना सुंदर कैसे बनाया। जशपुर के बच्चे डिजिटल इंडिया से भी जुड़े हैं उनके हाथ कंप्यूटर और लैपटाप के माउस पर हैं। इन पर अपने हुनर का उन्होंने कमाल भी मुख्यमंत्री को दिखाया। मुख्यमंत्री ने इन्हें प्रोत्साहित किया। साथ ही इस मौके पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय भी मौजूद रहीं।
- -सीएम साय ने कहा - हमारी सरकार हर संभव मदद के लिए तत्पर*रायपुर / जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक के परिजनों को पांच - पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुंए की जहरीली गैस की चपेट में आने से 5 लोगों की दु:खद मौत की सूचना मिली थी। इस घटना में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा है कि हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।गौरतलब है कि जांजगीर जिला स्थित बिर्रा क्षेत्र के किकिरदा गांव में एक पुराना कुआं है। जिसे काफी समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। गांव के ही लोगों ने पुरानी लकड़ियों का छप्पर बनाकर कुएं को ढंक दिया था। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश और तेज हवा चलने के कारण कुएं के ऊपर बना लकड़ी का छप्पर कुएं के अंदर गिर गया था। जिसे निकालने गांव का एक आदमी कुएं के अंदर गया, जो काफी देर तक वापस नहीं आया। इसके बाद एक-एक कर 4 लोग और कुएं में उतरे और वापस बाहर नहीं आ सके। आशंका जताई जा रही है कि काफी दिनों से बंद रहने के कारण कुएं में जहरीली गैस निकलने लगी है, जिसकी चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई।

















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