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भिलाई। पूरे भिलाई नगर निगम क्षेत्र में सामाजिक, राजनीतिक, जनप्रतिनिधि स्थानीय नागरिकों नगर निगम का अधिकारी कर्मचारी के जन सहयोग से तालाब सफाई अभियान चल रहा है ।
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बिलासपुर। कलेक्टर महोदय के आदेश पर खनि अमला बिलासपुर द्वारा 31/05/2024 की रात्रि ग्राम लोधीपारा, कोनी, सेंदरी, कछार, लोफंदी, मंगला, धुरीपारा, लोखंडी, निरतू, घुटकू ,मोपका,गतौरा,जयराम नगर एवं मस्तूरी क्षेत्र मे रेत खदान एवं खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की सघन जांच किया गया।
रात्रि के समय लोधीपारा,कोनी,सेंदरी, कछार,लोफंदी,मंगला,धुरीपारा, लोखंडी, निरतू, घुटकू क्षेत्र में खनिज रेत का उत्खनन बंद होना पाया गया।
गतौरा-जयराम नगर-मस्तूरी क्षेत्र में 2 हाईवा को खनिज रेत एवं 1 हाईवा को खनिज निम्न श्रेणी चूना पत्थर/गिट्टी का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्तकर खनिज जांच चौकी लांवर (मस्तूरी) में अभिरक्षा में रखा गया है।
वाहन हाईवा के चालकों से पूछताछ करने में 2 वाहन चालकों ने खनिज रेत का लोडिंग शिवरीनारायण तथा 1 हाईवा वाहन चालक ने लो ग्रेड डोलोमाइट गिट्टी का लोडिंग अकलतरा दोनों जिला जांजगीर -चांपा से किया जाना बताया है।
वैध अभिवहन पास/रायल्टी पर्ची के बिना खनिजों का परिवहन किये जाने के कारण सभी वाहन चालकों/मालिकों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71/खान एवं खनिज(विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21 के तहत खनिज के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है।
ज्ञात हो कि एक दिन पूर्व 4 हाईवा व 1ट्रेक्टर को खनिज रेत एवं 1हाईवा को गिट्टी के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्तकर प्रकरण दर्ज किया गया है। इस प्रकार दो दिनों में 9 वाहनों को खनिजों के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर जप्त किया गया है। खनि अमला द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। -
आम की 150 से अधिक किस्मों एवं 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में ओयोजित होगा राष्ट्रीय आम महोत्सव
रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 12, 13 एवं 14 जून को कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 150 से अधिक किस्मों एवं आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित है। इसके अतिरिक्त आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है। इस प्रतियोगिता में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क रहेगा। राष्ट्रीय आम महोत्सव में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं।
आयोजन के प्रथम दिवस 12 जून को प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके पश्चात सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी अवलोकनार्थ सायः 9 बजे तक खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी सामान्यजनों हेतु विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। आयोजन के द्वितीय दिवस आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 13 जून को 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर बढ़ सके। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी।
राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल ‘‘आम’’ जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों, विशिष्ट उत्पादों एवं भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए रोजगार के साधनों की जानकारी सामान्य नागरिकों, महिलाआें, विद्यर्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। इस अवसर पर आयोजित आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता सामान्य जन न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद को पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन में पंजीयन एवं प्रवेश निशुल्क है अतः इस अवसर का लाभ प्राप्त करने हेतु सहभागी बने। - -आईआईएम रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर के पहले दिन विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना का खाका खींचने हुआ सार्थक संवाद-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने लिया हिस्सा-दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया मुख्यमंत्री नेरायपुर । अपनी तरह की अनूठी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत की संकल्पना के अपने विजन के क्रियान्वयन के लिए आईआईएम एवं देश भर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों के साथ मंथन किया। रायपुर आईआईएम में आयोजित इस दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। शिविर में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं विजय शर्मा तथा मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों ने भी हिस्सा लिया। इस तरह से देश में विषय विशेषज्ञों के साथ बौद्धिक विमर्श और चिंतन शिविर गुजरात में आयोजित किया गया था। इसके बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी राज्य का पूरा मंत्रिमंडल प्रदेश को संवारने एवं विकास को नया आयाम देने विद्यार्थी भाव से विचारविमर्श करने जुटा है और अपने क्षेत्र के माने हुए विषय विशेषज्ञों से संवाद कर रहा है। प्रदेश के नेतृत्व द्वारा इस तरह से अनूठी पहल करते हुए विशेषज्ञों से बौद्धिक विचार-विमर्श कर प्रदेश को संवारने के लिए आज सार्थक चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बनाये गये विजन के क्रियान्वयन के लिए आज दिन भर हुए सत्रों में गहन विचारविमर्श किया गया। जैसे कोई कृषक बड़ी मेहनत से खेती के लिए अपनी जमीन तैयार करता है वैसा ही विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को मूर्त रूप देने छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व जुटा, जो विजन तैयार किया गया है उसे प्रभावी बनाने विषय विशेषज्ञों से राय ली गई ताकि उनके सुझाव लेकर विजन के क्रियान्वयन को पैनापन दिया जा सके। चिंतन शिविर में तय किया गया कि विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को समाज के सभी वर्गों के बीच ले जाना है। सबको जागरूक कर और उनकी भागीदारी लेकर विकसित छत्तीसगढ़ के सपनों को पूरा किया जाना है। शिविर में विषय विशेषज्ञों के साथ देर तक चर्चा हुई और छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को लेकर बारीकियों पर बात हुईं।संबोधन के प्रथम सत्र को नीति आयोग के सीईओ श्री बीवीआर सुब्रमण्यम ने संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री सुब्रमण्यम ने विकसित भारत की संकल्पना और इसे प्राप्त करने की रणनीति के संबंध में विस्तार से अपनी बातें साझा की। उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत 2047 बनाने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने की रणनीति बनाई है। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्केल, स्पीड और इनोवेशन पर जोर देते हैं। बदलते अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य और समय को देखते हुए विकसित भारत का विजन तैयार किया गया है ताकि भारत अपनी विशिष्ट जगह बना सकें। उन्होंने कहा कि अब दुनिया की निगाहें ग्लोबल साउथ पर हैं। अब दुनिया का नजरिया पश्चिम से पूर्व की ओर देखने का है और भारत इन संभावनाओं को पूरा करने के लिए सक्षम है। भारत की जनांकिकी, भारत की रणनीतिक स्थिति और भारत में तेजी से हुए सुधारों से इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत तैयार है। उन्होंने कहा कि जब हम विजन लेकर चलते हैं तो स्वाभाविक रूप से हमें एक गाइड मैप मिल जाता है और इसके अनुरूप हम बढ़ते जाते हैं। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी होगी। छत्तीसगढ़ में विकसित राज्य बनने के लिए और तीव्र विकास के लिए असीम संभावनाएं हैं और इस दिशा में आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अपने विकास के साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।चिंतन शिविर में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, खनन, लोकवित्त जैसे बुनियादी विषयों पर चर्चा हुई जिनमें बारीकी से कामकर और सही रणनीति बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।स्वास्थ्य में अधोसंरचना पर जोर दिया गया। कोविड जैसी आपदाओं से भविष्य में निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से चाकचौबंद रखने पर जोर दिया गया। साथ ही इस क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देने और निरंतर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने चर्चा की गई।प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग विषय पर भी चर्चा हुई। खनन में अनेक राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने के संबंध में बात हुई। साथ ही खनन के पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया गया।आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किए जाने पर विशेष फोकस दिया गया। शहरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भीतरी सड़कों के विकास पर बल दिया गया ताकि विकसित अधोसंरचना के माध्यम से आर्थिक समृद्धि सभी क्षेत्रों तक बराबरी से पहुंच पाए। लोक वित्त पर भी गहनता से चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की ताकत सरप्लस रेवेन्यू, फिस्कल डिसिप्लिन, लो डेब्ट एंड जीडीपी रेश्यो, खनिज एवं वनसंपदा पर जोर देते हुए कृषि उत्पादकता को बढ़ाने, फसल वैविध्य, उद्योगों और टूरिज्म के अनुरूप मानव संसाधन को दक्ष बनाने की जरूरत पर बल दिया गया।टीम प्रबंधन के लिए अनुभवात्मक गतिविधि के संबंध में विशेष चर्चा की गई।सभी मंत्रिगणों ने संवाद में भागीदारी करते हुए छत्तीसगढ़ में इस संबंध में बनाई जा रही नीतियों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने श्री सुब्रमण्यम एवं अन्य विशेषज्ञों के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं जिस पर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए सार्थक परिचर्चा हुई।उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय इस चिंतन शिविर का आयोजन छत्तीसगढ़ के विजन हेतु सार्थक विमर्श हो रहा है। साथ ही संसाधनों के सतत उपयोग एवं योजनाओं के कन्वर्जेंस सहित विविध विषयों पर चर्चा भी हो रही है।चिंतन शिविर में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।
- -अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा दुपहिया वाहन चालकों को दी जा रही है हेलमेट पहनने की समझाईशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार बालोद जिले में सड़क दुर्घटना के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने हेतु निरंतर कार्य किए जा रहे हंै। इसके अंतर्गत डौण्डी विकासखण्ड में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.डी.मण्डले एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारियों के द्वारा पेट्रोल पंप में पहुंचकर दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट उपयोग नही करने से होने वाले हानि के संबंध में जानकारी दी और उन्हें अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने तथा निर्धारित गति पर वाहन चलाने को कहा।
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-बालाजी मंदिर की पचासवीं वर्षगांठ धार्मिक सद्भाव, उमंग और उत्साह से मनाई गईटी सहदेवभिलाई नगर। सेक्टर 05 स्थित दक्षिण भारतीयों के प्रमुख धार्मिक स्थल बालाजी मंदिर स्थापना की पचासवीं वर्षगांठ धार्मिक सद्भाव, उमंग और उत्साह के साथ मनाई गई। आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सुबह भगवान बालाजी संग माता श्रीदेवी-भूदेवी का वैदिक मंत्रों और सनातन रस्मों के बीच कल्याण महोत्सव (विवाह महोत्सव) हुआ और शाम को विशेष रूप से सजे वाहन में आसीन इष्टदेव की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। दो चरणों में हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में ट्विनसिटी के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में भक्त जुटे। इस दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई।सनातन रस्मों के साथ हुआ विवाहोत्सवअपने इष्टदेव के अभिषेक के लिए जल की व्यवस्था करने पंडित और समिति के पदाधिकारी ब्रह्ममुहूर्त में शिवनाथ नदी गए और वहां से कलशों में पानी भरकर लाए। उसके बाद पंडितों ने कलशों को शिरोधार्य करके पहले मंदिर की परिक्रमा की, फिर वर के रूप में बालाजी और वधुओं के रूप में माता श्रीदेवी-भूदेवी की उत्सव मूर्तियों को नूतन वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत कर प्रतिष्ठित किया। मूर्तियों की स्थापना के बाद पूजा-अर्चना की गई। पूजोपरांत पंडित ने भगवान बालाजी संग माता श्रीदेवी-भूदेवी का सभी सनातन रस्मों के बीच विवाह कराया। इस अनुष्ठान में के सुब्बाराव दंपती यजमान के रूप में बैठे। इस अवसर पर अग्निकुल श्रत्रिय समाज ने वर-वधुओं को धोती, साड़ियां, फल एवं फूल अर्पित किए।मूर्तियों का जल व पंचामृत से अभिषेकइससे पहले अनुष्ठारंभ सुप्रभातम श्लोकों से हुआ। सुप्रभातम के बाद बाद पंडित गोपालाचार्य ने शतकलशाभिषेक अनुष्ठान संपन्न कराया, जिसमें तीनों मूर्तियों की पूजा की गई। पूजा के उपरांत पहले प्रतिमाओं का जल से और उसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। अभिषेक करने के पश्चात पंडितों ने हल्दी की लेई के छोटे- छोटे गोले बनाकर, उन्हें मूर्तियों के हृदयस्थल, कंधों और सिर पर थापकर हल्दी मिश्रित जल से एक बार फिर अभिषेक कराया। तत्पश्चात पंडितों ने मुख्य कलश को शिरोधार्य करके मंदिर की परिक्रमा की। परिक्रमा के पश्चात पीतल की छिद्रयुक्त थाली से अभिमंत्रित जल प्रवाहित कर मूर्तियों को स्नान कराया गया। शतकलशाभिषेक के बाद सहस्त्रनामार्चना की गई। दोपहर को भक्तगणों के लिए महाभोग की व्यवस्था भी की गई।शोभायात्रा में भक्तों का उमड़ पड़ा हुजूमशाम को बालाजी मंदिर से जैसे ही भगवान की दोनों माताओं सहित सवारी निकली, भक्तगणों का उमंग और उत्साह अपने चरम पर था। विशेष रूप से सजे वाहन में आसीन अपने इष्ट देव के अलौकिक और मनोहारी रूप की एक झलक पाने के लिए भक्तगणों का हुजूम उमड़ पड़ा। शोभायात्रा जिन-जिन मार्गों से गुजरी, वहां लोगों ने फूलों की बारिश कर अपनी अगाध आस्था प्रकट की। खुर्सीपार में दीपोत्सव-सा दृश्य नजर आया। शोभायात्रा जोन-1 स्थित शिवालय, पोस्ट ऑफिस, गवर्नमेंट स्कूल, हनुमान मंदिर, श्रीराम चौक, बाल मंदिर, होम लॉज, सुभाष चौक, केनाल रोड से गुजरते हुए बोल बम चौक पर समाप्त हुई, जहां से यह यात्रा बालाजी मंदिर को लौटी। रास्ते भर पदयात्रियों का जगह-जगह फूलमालाओं से स्वागत कर उन्हें शरबत पिलाई गई, उनके लिए नाश्ते का इंतजाम भी किया गया। महिलाओं और युवतियों ने शोभायात्रा गुजरने वाले रास्तों की सजावट आकर्षक रंगोलियों से की। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी हुई, कहीं-कहीं आंगन दीयों से सजाए गए। पूरे अनुष्ठान में श्रीकाकुलम से पधारे वाई मोहन राव, के गणेश नादस्वरम, सांई कुमार ढोल और जी अप्पन्ना श्रुति बॉक्स पर संगति की।गरबा की तर्ज पर कोलाटम नृत्य पेशनगर भ्रमण के दौरान आंध्र महिला मंडली की सदस्यों ने पारंपरिक वेशभूषा में गरबा की तर्ज पर कोलाटम नृत्य पेश किया। अनुष्ठान को सफल बनाने में अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, संयुक्त सचिव एनएस राव, कार्यकारिणी सदस्य दुर्योधन रेड्डी, के लक्ष्मीनारायण का विशेष योगदान रहा। इस मौके पर अभा तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्नाकेशवलु एवं प्रवासांध्रा प्रजा नाट्यमंडली के महासचिव सीएच श्रीनिवास विशेष रूप से उपस्थित थे। - -पॉवर कंपनी में अधीक्षण अभियंता समेत नौ कर्मी सम्मानितरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में सेवानिवृत्ति के दिन कर्मियों को पेंशन आर्डर देने का कार्यक्रम पुनः प्रारंभ कर दिया है। प्रदेशभर में कार्यरत कर्मियों में से सेवानिवृत्त होने वालों को मुख्यालय में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाता है एवं उन्हें पेंशन, ग्रेच्यूटी, अर्जित अवकाश सहित सभी देयहितलाभ का प्रमाण पत्र समारोह में प्रदान किया जाता है। कोरोना काल के समय से इसमें विराम लग गया था। ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री आरके शुक्ला ने इस परंपरा को पुनः आरंभ करवाया है, इस महीने ट्रांसमिशन कंपनी से आठ अधिकारी-कर्मचारियों को एक समारोह में विदाई दी गई।इस मौके पर प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने कहा कि हमारे कर्मी हमारी अमूल्य संपत्ति है, उनके जीवनभर के योगदान से हम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रहे हैं। सेवानिवृत्ति के उपरांत उन्हें पेंशन इत्यादि के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए उन्हें सेवानिवृत्त के दिन ही इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। आने वाले समय में इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।ट्रांसमिशन कंपनी के राज्य भार प्रेषण केंद्र में आयोजित समारोह में अधीक्षण अभियंता श्री पीयूषराम साहू जगदलपुर, कार्यपालन अभियंता श्री अशोक कुमार अग्रवाल रायपुर, अनुभाग अधिकारी श्री किशोर कुमार यादव भिलाई, श्रीमती अनुराधा बक्षी रायपुर, लाइन सहायक श्रेणी 02 श्री सुशील कुमार बरवा कोरबा, लाइन अटेंडेंट श्रेणी-01 श्री प्रेमलाल व्दिवेदी खेदामारा, सिविल अटेंडेंट श्रेणी 01 श्री तुलांबर प्रसाद पटेल भिलाई एवं मुख्य सुरक्षा सैनिक श्री रामकुमार विश्वकर्मा को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह व पेंशन आर्डर भेंट किया गया।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक सर्वश्री केएस मनोठिया, एमएस चौहान, अशोक कुमार वर्मा, आरसी अग्रवाल एवं मुख्य अभियंता सर्वश्री अविनाश सोनेकर, जी. आनंद राव, डीके तुली सहित अन्य अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबंधक श्री गोविन्द पटेल एवं आभार प्रदर्शन प्रबंधक श्री राजेश सिंह ने किया। एक अन्य कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (राजस्व) श्रीमती सरोज तिवारी ने अतिरिक्त आपरेशन सुपरवाइजर श्री राजेश सेलट को सेवानिवृत्ति उपरांत समारोहपूर्वक में विदाई दी।
- - मतगणना स्थल पर प्रवेश हेतु पास अनिवार्य- कलेक्टर ने ली राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों एवं अभ्यर्थियों की बैठकदुर्ग / लोकसभा निर्वाचन 2024 अतंर्गत 04 जून को होने वाले मतगणना को लेकर कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजनीतिक दलांे की बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बजरंग दुबे एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में लोकसभा निर्वाचन के दौरान राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को मतगणना स्थल एवं मतगणना अभिकर्ता की नियुक्ति के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री चौधरी ने मतगणना स्थल पर किये गये व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुये बताया कि श्री शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज जुनवानी भिलाई में मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए अधिकृत प्रवेश पत्र की व्यवस्था की गई है। मतगणना परिसर पर बिना पास के प्रवेश नही दी जायेगी। मतगणना कक्ष पर मोबाइल सभी के लिए वर्जित है। मतगणना स्थल पर सम्पूर्ण गतिविधियों की वीडियो रिकार्डिंग की जायेगी। प्रत्याशी, मतगणना एजेंट, मतगणना कर्मी सहित किसी भी अधिकारी या कर्मचारी या मीडिया प्रतिनिधि मतगणना स्थल में मोबाइल फोन सहित कोई भी इलेक्ट्रानिक गेैजेट, स्मार्ट वॉच, पेन ड्राइव, पेन, तम्बाकू, पान, सिगरेट नहीं ले जा सकेंगे। आयोग द्वारा प्रदत्त प्राधिकारपत्रधारी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए मतगणना केन्द्र में एक मीडिया सेंटर भी होगा जबकि विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्ष में प्रवेश हेतु निर्वाचन अभिकर्ताओं को अलग-अलग रंगों के पास के आधार पर प्रवेश दी जाएगी।निर्वाचन के दौरान अभ्यर्थी का मतगणना अभिकर्ता नियुक्त नही किया जा सकताकेन्द्र या राज्य सरकार का वर्तमान मंत्री, संसद या विधानमण्डल का सदस्य, किसी निगम का मेयर या नगर पालिक, जिला परिषद, पंचायत संघ आदि के अध्यक्ष, केन्द्रीय पीएसयू, राज्य पीएसयू, सरकारी निकाय, निगम के अध्यक्ष तथा सदस्य, सरकार से मानदेय प्राप्त करने वाला व्यक्ति अथवा सरकारी, सरकार से सहायता प्राप्त संस्थाओं में आंशिक रूप से कार्यरत व्यक्ति, सरकारी/सरकार से सहायता प्राप्त संस्थाओं में कार्यरत पैरामेडिकल/हेल्थकेयर स्टाफ, उचित मूल्य की सरकारी दुकान के डीलर, आंगनबाड़ी कर्मचारी, सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति को मतगणना अभिकर्ता नियुक्त नही किया जा सकता।प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए मतगणना अभिकर्ताओं की संख्यामतगणना अभिकर्ताओं जो अभ्यर्थी द्वारा नियुक्त किए जा सकेंगे, की अधिकतम संख्या 15 से अधिक नही होनी, क्योकि मतगणना मेज की संख्या भी सामान्यतः रिटर्निंग आफिसर की मेज सहित 15 से अधिक नही होती है।मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्तिमतगणना अभिकर्ता की नियुक्ति स्वयं अभ्यर्थी द्वारा या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा की जाएगी, ऐसे मतगणना अभिकर्ता की नियुक्ति और घोषणा निर्वाचन संचालन नियम 1961 के प्रारूप 18 में की जाएगी। मतगणना अभिकर्ता का नाम एवं पता उस प्रारूप में भरा जाएगा तथा अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता व्यक्तिगत रूप से उस प्रारूप पर हस्ताक्षर करेगा। सभी मामलों में अभिकर्ताओं के फोटो के साथ ऐसे प्रारूप की दो प्रतियां तैयार की जाएगी एवं हस्ताक्षरित की जाएंगी, उस प्रारूप की एक प्रति अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रिटर्निंग ऑफिसर को अग्रेषित की जाएगी।मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्ति के लिए समय-सीमानिर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चाहे निर्वाचन लड़ रहे अभ्यर्थियों की संख्या कुछ भी हो, निर्वाचन लड़ रहे अभ्यर्थियों को मतगणना के लिए नियत तारीख के तीन दिवस पूर्व शाम 5 बजे तक रिटर्निंग ऑफिसर को ऐसे अभिकर्ताओं की फोटो सहित सूचियां प्रस्तुत करनी होगी। रिटर्निंग ऑफिसर बताए गए समय के बाद प्राप्त नियुक्ति पत्र को स्वीकार नही करेंगे।नियुक्ति का प्रतिसंहरणनियुक्ति का प्रतिसंहरण निर्वाचन संचालन नियम 1961 के प्रारूप 19 में किया जाएगा और यह उस समय से लागू होगा जिस समय यह रिटर्निंग ऑफिसर के पास दाखिल किया जाता है। अभ्यर्थी किसी ऐसे मतगणना अभिकर्ता जिसकी नियुक्ति का प्रतिसंहरण किया गया है, के स्थान पर दूसरे मतगणना अभिकर्ता को मतगणना प्रारंभ होने से पहले किसी भी समय नियुक्त करने के लिए प्राधिकृत है। मतगणना प्रारंभ हो जाने के बाद किसी नए मतगणना अभिकर्ता की नियुक्ति नही की जा सकती है।
- -सुबह 07 से 09 बजे 2 घण्टे रहेगा समयदुर्ग / भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए आंगनबाड़ीे केन्द्रों के संचालन के समय में परिवर्तन किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन महिला बाल विकास विभाग द्वारा सभी आंगनबाड़ीे केन्द्रों के संचालन का समय प्रातः 07 बजे से 09 बजे तक किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। ज्ञात हो कि वर्तमान में आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन की अवधि 04 घण्टे प्रातः 07 से 11 बजे है। जिसे आदेशानुसार अब घटाकर 02 घण्टे प्रातः 07 से 09 बजे किया जाएगा। गर्मी कम होते ही पुनः 01 जुलाई तक आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन प्रातः 07 बजे से 11 बजे कर दिया जाएगा। 01 जुलाई के पश्चात् आंगनबाड़ी केन्द्र संचालन का समय यथावत् 09.30 बजे से 03.30 बजे तक कर दिया जायेगा।
- दुर्ग / भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास, मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार वर्ष 2025 के लिए ऑनलाईन आवेदन वेबसाईट https://awards.gov.in में 31 जुलाई 2024 तक लिये जाएंगे। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित कराने हेतु प्रतिवर्ष भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया जाता है। उक्त पुरस्कार हेतु जो बच्चें बहादुरी, खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण के क्षेत्र में असाधारण पहचान हासिल की है तथा कला एवं संस्कृति और नवाचार जो राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता के पात्र है। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष जनवरी में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में दिया जाता है। इस पुरुस्कार में एक, पदक, प्रमाण-पत्र और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। उक्त अवार्ड हेतु योग्यता रखने वाले बच्चें अपना ऑनलाईन आवेदन पंजीयन हेतु आवेदन पत्र 31 जुलाई 2024 तक वेबसाईट https://awards.gov.in में कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग फोन नंबर 0788-2213363, 2323704 में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग / दुर्ग संभाग अंतर्गत 7 जिलों के विभिन्न आहरण अधिकारियों से सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के 201 पेंशन प्रकरण प्राप्त हुए। जिसमें से 145 प्रकरण पर पेंशन ग्रेच्युटी भुगतान आदेश जारी किया गया। 45 प्रकरण इसी माह 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का है। छत्तीसगढ़ राज्य के सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों को शासन के सेवानिवृत्ति लाभ के अंतर्गत पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि के अधीन संचालित संभागीय कोष लेखा पेंशन कार्यालय द्वारा किया जाता है। विगत दो माह से संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि श्री महादेव कावरे (आई.ए.एस) द्वारा प्रति सप्ताह शुक्रवार को विडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के सभी संयुक्त संचालकों को पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण की समीक्षा की जाती है। समीक्षा के दौरान दिये गये निर्देश के तहत तकनीकी समस्याओं से संबंधित समाधान डॉ. ए. के. सिंह, अपर संचालक, संचालनालय के नेतृत्व में टीम द्वारा किया जा रहा है। उक्त जानकारी देते हुए संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा डॉ. दिवाकर सिंह राठौर ने बताया कि संचालक के निर्देशन व मार्गदर्शन में प्रदेश में पेंशन प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय गति आई है, जिसका परिणाम है कि आज 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले 45 शासकीय सेवकों को पेंशन एवं ग्रेच्युटी भुगतान आदेश जारी किया जाकर वित्त विभाग के निर्देशानुसार दुर्ग संभाग में आभार आपकी सेवाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।
- भिलाईनगर/नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा भिलाई क्षेत्र में हो रहे अवैध प्लाटिंग पर लगातार कार्यवाही जारी है। आज भिलाई नगर निगम को जानकारी मिली की ग्राम कोहका के खसरा क्रं. 2136, 2142, 2143, 2144, 2145 लगभग 2 एकड़ भूमि में अवैध प्लाटिंग किया जा रहा है जिस पर नगर निगम के बिल्डिंग परमिशन आफिसर हिमांशु देशमुख, जोन के राजस्व अधिकारी अपनी टिम के साथ मौके पर पहुंचकर अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही की तथा वहां पर जैसे ही नगर निगम का टीम पहुंचा बुकिंग करने वाले दलाल स्थल छोड़ के भाग गये। नया बुकिंग अपडेट अयप्पा नगर का मिला जिसमें जगह को चिन्हित करके प्लाट के रूप में बेचा जा रहा था। जिला कलेक्टर महोदया एवं आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव का स्पष्ट निर्देश है कि मकान या दुकान के लिए प्लाट खरीदने से पहले उसका राजस्व विभाग से सत्यता की जानकारी अवश्य कर लेवे।प्लाट खरीदने से पहले ध्यान देने योग्य बाते नगर पालिक निगम भिलाई के भवन अनुज्ञा शाखा, राजस्व विभाग के हल्का पटवारी के पास या टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिग विभाग जा करके सत्यापन करा लेवे की यह प्लाट मकान या दुकान बनाने लायक है या नहीं केवल रजिस्ट्री करा लेना ही नहीं सब कुछ नहीं है। मकान के लिए रोड नाली, पानी, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओ की आवश्यकता पड़ती है प्लाट खरीद लेने के बाद हितग्राही मकान, दुकान बनवाने के लिए नगर निगम भिलाई से भवन अनुज्ञा विभाग में आवेदन करने पर जब उन्हे ज्ञात होता है की उनका प्लाट अवैध है टाउन इन कन्ट्री प्लानिग से अप्रुवल नहीं है मकान या दुकान बनाने का परमिशन नहीं मिल सकता है तब उन्हे बहुत हताशा होती है।नगर निगम भिलाई बार बार अवैध प्लाट पर कार्यवाही करते हुए अपील कर रही है की प्लाट खरीदते समय सावधानी बरते। कार्यवाही के दौरान कोई भी प्लाट विक्रेता स्थल पर उपस्थित नहीं रहेता, जब कभी प्लाट क्रेता को पता चलता है कि हमारे प्लाट पे नगर निगम भिलाई द्वारा तोड़फोड़ किया जा रहा है। तब वह रजिस्ट्री लेके उपस्थित होता है और दिखाता है कि मैने इस प्लाट को खरीद लिया है। उसे जब यह ज्ञात होता है की जिस प्लाट को वह बहुत ही आशा के साथ मकान या दुकान बनाने के लिए खरीदा है जब वह अवैध है तो बहुत निराश हो जाता है। जबकि यह गलत है।
- भिलाईनगर/नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र मे हो रहे नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रो के निर्माण को देखने पहुंचे निगम आयुक्त। जिससे आंगनबाड़ी के निर्माण की गुणवत्ता एवं आवश्यक सुविधा में किसी प्रकार की बाधा न हो।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव प्रातः भ्रमण के दौरान भिलाई निगम क्षेत्र के वार्ड 29 वृन्दा नगर में बन रहे नवीन निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रो का निरीक्षण किये तथा निगम के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिये की निर्धारित समय अवधि के अंदर गुणवत्तापूर्ण सभी आगनबाड़ी केन्द्रो का निर्माण हो जाना चाहिए। साथ ही आंगनबाड़ी के कमरो का निर्माण, दरवाजे, खिड़की, पानी, शौचालय एवं प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्य करे। आंगनबाड़ी का निर्माण इस प्रकार से किया जाये की बच्चो को बैठन खेलने में में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में शासकीय आंगनबाड़ी केंद्र का स्वयं का भवन नहीं होने के कारण किराए के भवनों में आंगनबाड़ी चलना पड़ता है इसलिए शासन द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद नगर निगम क्षेत्र में शासन के आदेश अनुसार नवीन आंगनबाड़ी का निर्माण किया जा रहा है जो निर्धारित समय में पूर्ण हो जाएगा जिससे आस-पास के बच्चो को आंगनबाड़ी आने जाने में सुविधा हो बच्चो के खेलने के लिए भी उपयुक्त स्थल मिल सके।
- सभी संस्थाओं में फायर सेफ्टी संबंधीसभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार जिले के संस्थानों में फायर सेफ्टी संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लेने अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने जिला मुख्यालय के विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। श्री कौशिक ने जिला मुख्यालय बालोद उम्मीद हॉस्पिटल, सुमित बाजार, सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट, फटाखा दुकान, राइस मिल आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने वहाॅ फायर सेफ्टी संबंधी व्यवस्थाओं अवलोकन कर विस्तृत जानकारी ली। अपर कलेक्टर ने जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी संबंधी व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर उन कमियों को जल्द ही पूरा करने के निर्देश संचालकों को दिए गए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार बालोद सुश्री दीपिका देहारी सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे ।
- भिलाईनगर/31 मई विश्व तम्बाकू निषेध दिवस नगर निगम भिलाई के जोन क्रं0 1 नेहरू नगर भेलवा तालाब में युवाओ के बीच तम्बाकू निशेष दिवस के अवसर पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता, योग करने वाले अध्यात्मिक जन शामिल हुए। सभी का एक ही मत था नशा स्वयं को परिवार एवं समाज को नष्ट कर देता है। इसलिए नशा नहीं करना चाहिए नशा नाश का जड़ है। बीएसपी कर्मचारी श्री जितेन्द्र सिंह ने बताया कि व्यशन मुक्त समाज से ही उन्नत राष्ट्र का निर्माण होता है, बड़े दुख की बात है कि आज कल के युवा व्यशन करके यह सोचते है की मै तनाव मुक्त हो रहा हूॅ बल्कि यह नहीं सोचते है की अपने जीवन को खोखला कर रहे है। अंत में सब लोगो ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया। की हम लोग आज से न तो नशा करगे न ही दुसरो को नशा करने देगे, जहाॅ पर नशा करते हुए लोग मिलेगे उन्हे नम्रमा पूर्वक समझायेगे की नशा नाश का जड़ है। इस अवसर पर जोन आयुक्त रवि सिन्हा, सामाजिक कार्यकर्ता रूद्र प्रताप सिंह, पलास दास, आनंद राय, कमराज सिद्वीकी, अभिषेक सिद्वार्थ, वंदना मण्डल, आकाश बद्येल, विनम्र सोनी, विवेक, नागेन्द्र कुंमार साहू आदि उपस्थित रहे।
- बिलासपुर/समाज कल्याण विभाग द्वारा 31 मई अन्तर्राष्ट्रीय धुम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर विभागीय कलाकारों द्वारा शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला के सभागृह में धुम्रपान से होने वाले दुष्प्रभाव से संबंधित नाटक, गीत-गायन एवं नृत्य प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर आश्रयदत्त कर्मशाला तिफरा के दिव्यांग प्रशिक्षार्थियों द्वारा चित्रकला के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया गया। उपस्थित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा धुम्रपान न करने हेतु संकल्प एवं शपथ-पत्र भरवाया गया। उपस्थित जनसमुदाय जन जागरूकता के तहत पॉम्पलेट, फोल्डर एवं तख्ती का वितरण किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य जन सामान्य में धुम्रपान के लिए सकारात्मक वातावरण बन सके। धुम्रपान से होने वाले अनेक बीमारियों से अवगत कराया जा रहा है, जिसके तहत तम्बाकू या तम्बाकू से बने पदार्थाें के सेवन से सभी वर्गाे के स्वस्थ शरीर में नशीले पदार्थाे के सेवन से गंभीर रोगो के लक्षण उत्पन्न हो रहे है। ऐसे पदार्थाे के सेवन से होने वाले रोग चिन्ता का विषय बनता जा रहा है।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समाज कल्याण विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा एस. मैथ्यू, उपनियंत्रक ब्रेल प्रेस श्री हरीश सक्सेना, जिला पुनर्वास अधिकारी श्री ए.पी. गौतम, सुश्री बीना दीक्षीत, श्री प्रशांत मोकासे, श्री जी.आर.चन्द्रा, श्री लीलाधर भांगे, श्री विजय केसकर, श्री दादूलाल बरेठ, श्री राधेश्याम यादव, श्री पूनाराम धु्रव, श्री कौशल कश्यप, श्री राजेश सिसोदिया के साथ-साथ विभाग और सभी संस्थाओं के प्राचार्य, अधीक्षक एवं कर्मचारीगण भारी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर.। सामुदायिक स्तर पर स्वच्छ जल की उपलब्धता एवं गुणवत्ता के संबंध में पं.ज.ने. स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर (छ.ग.) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग में संस्था एवं यूनिसेफ के सहयोग से गुरुवार को एक दिवसीय कार्यशाला "जल मंथन 2.0" का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभाग जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा, नगरी प्रशासन, पंचायत इत्यादि के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यशाला में स्वच्छ पेय जल की गुणवत्ता, जैविक एवं रसायनिक शुद्धता (Microbial and chemical standard), जल गुणवत्ता परीक्षण एवं दूषित पानी से होने वाले विभिन्न रोगों के संबंध में विस्तृत परिचर्चा की गई। इस परिचर्चा में विभिन्न विभागों के प्रतिभागियों ने इससे संबंधित उनके विभाग में संचालित गतिविधियों एवं अनुभवों को साझा किया तथा भविष्य की कार्ययोजना तैयार कर विभिन्न विभागों में सामंजस्य स्थापित करने हेतु सहमति बनी। इस कार्यशाला के शुभारंभ समारोह में पं.ज.ने. स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर (छ.ग.) के प्रभारी अधिष्ठाता, पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष, डॉ. अरविंद नेरल मुख्य अतिथि थे। मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में डॉ. नेरल ने कहा कि जनसमान्य लोगों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता मात्र से ही अनेक जल जनित रोगों में नियंत्रण किया जा सका है जो कि जल जीवन मिशन की बड़ी उपलब्धि है। फिर भी इस दिशा में और वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्य करने की आवश्यकता है जिससे जलजनित बीमारियों को पूर्णतः नियंत्रित किया जा सके।कार्यशाला " में जल जीवन मिशन एवं यूनिसेफ द्वारा वाटर टेस्टिंग की तकनीकों पर प्रकाश डाला गया। जल जनित रोगों एवं उनके रोकथाम के संबंध में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष, डॉ. निर्मल वर्मा द्वारा विचार व्यक्त किये गये, जिसमें उन्होंने जल में पाए जाने वाले जीवाणुओं, उनके होने के संकेत पर प्रकाश डाला एवं रोकथाम के उपायों पर चर्चा की। श्रीमती आशा लता गुप्ता, राज्य नोडल अधिकारी जल गुणवत्ता ने जल जनित रोगों से होने वाले प्रभावों पर प्रकाश डाला। श्री परिमल दत्ता, मुख्य रसायनज्ञ ने वर्तमान में की जा रही जांच एवं जल के गुणवत्ता के बारे में बताया। श्री उमेश साहू एवं डॉ. चयनिका नाग ने भी अपने विचार कार्यशाला में रखे। पेयजल की जैविक गुणवत्ता के संबंध में चिकित्सा महाविद्यालय के माईक्रोबायोलॉजी विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नेहा सिंह द्वारा वैज्ञानिक तथ्यों को रखा गया। कार्यशाला के अंत में छत्तीसगढ़ राज्य हेतु पेयजल की गुणवत्ता के सुचारू रूप से संचालन हेतु रोडमैप तैयार कर शासन के समक्ष प्रेषित करने के लिए अनुशंसा की गई है। कार्यशाला में प्रमुख रूप से श्रीमती आशा लता गुप्ता, राज्य नोडल जल गुणवत्ता, जल जीवन मिशन, श्री परिमल दत्ता, मुख्य रसायनज्ञ, श्री उमेश साहू, यूनिसेफ, श्री देवी दास, समर्थन, श्रीमती बिरजा, यूनिसेफ, डॉ. चयनिका, आई.डी.एस.पी. से सम्मिलित हुए।डॉ. अरविंद नेरलप्रभारी अधिष्ठातापं.ज.ने. स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय मो० नं. 9893098540डॉ.निर्मल वर्माप्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष सामुदायिक चिकित्सा विभाग मो० न० 9425149979
- बिलासपुर/जिला शिक्षा अधिकारी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों की छानबीन के क्रम में सात दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। फिलहाल 2 आवेदकों ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किये हैं।डीईओ ने बताया कि बिल्हा विकासखण्ड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नगपुरा में उच्च वर्ग शिक्षक के पद पर कार्यरत स्व. श्री अमर सिंह यादव के परिवार से उनके पुत्र श्री राहुल यादव एवं मस्तुरी विकाखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोन में प्राचार्य पद पर कार्यरत स्व. श्री रघुनंदन सिंह जगत के परिवार से उनके पुत्र श्री सुरेन्द्र सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है।आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रित परिवारों में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने की सूचना है, तो वे सात दिवस के भीतर पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित कक्ष क्र. 25, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा डाक के जरिए जानकारी दे सकते हैं ताकि नियमानुसार पात्र व्यक्ति को ही अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिया जा सके।
- बिलासपुर/प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी एवं लू को मद्देनज़र रखते हुए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 5 जून से 8 जून 2024 तक स्व बीआर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में होने वाले चयन ट्रायल को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश पर्यन्त स्थगित कर दिया गया है। संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण के निर्देशानुसार खेलो इंडिया सेन्टर एवं राज्य खेल अकादमी में प्रवेश हेतु खिलाड़ियों को दिनांक 05 से 08 जून 2024 को होने वाले चयन ट्रायल में सम्मिलित होने निर्देशित किया गया था।
- बिलासपुर/प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी एवं लू को मद्देनज़र रखते हुए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किये जा रहे ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश पर्यन्त स्थगित कर दिया गया है। संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण के निर्देशानुसार खिलाड़ियों को खेल एवं स्वास्थ के प्रति प्रेरित करने तथा जिले में ओलम्पिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के 12 स्थानों पर 12 खेलों का ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा था।
- -आम नागरिकों से अपील जल बचाएं आने वाला कल बचाएंरायपुर /गर्मी के मौसम में देश के अधिकांश हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है और इस समस्या से धमतरी जिला भी अछूता नहीं है। राजधानी रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों को साल भर पानी उपलब्ध कराने वाला धमतरी जिले का गंगरेल डेम आज खुद सूखे की चपेट में आकर सूखने की कगार पर आ गया है। इस विकट समस्या को समझते हुए कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने जिले में नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत् जल जगार उत्सव मनाने की योजना बनाई, जिसका मुख्य उद्देश्य रैन वाटर हार्वेस्टिग, रूफटर्फ वाटर और वेस्ट वाटर मेनेजमेंट के माध्यम से शुद्ध पानी को भूमि के अंदर भेजना है। अभियान अंतर्गत जिले के 4 विकासखंडों के 5-5 ऐसे गांव जिनमें पानी की समस्या रहती है, उनका चयन किया।कार्यशाला एवं बैठक का आयोजनप्रथम चरण में जल की महत्ता को समझते हुए भारत सरकार की जल शक्ति मंत्रालय के विशेषज्ञों के सहयोग से जिला स्तरीय अधिकारियों हेतु 3 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। जल शक्ति मंत्रालय के विशेषज्ञों ने भू जल मुद्दों से निपटने की तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। द्वितीय चरण में जिले में संचालित सभी निजी स्कूलों, हास्पीटल, रेस्टोरेंट सहित ऐसे भवन जिनका आकार बड़ा है, उन्हें 15 जून तक अनिवार्य रूप से अपने भवन के समीप रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रूफटर्फ वाटर स्ट्रक्चर बनाने के निर्देश दिये गये।कुरूद विकाखंड के नवागावं (थुहा) से कार्यक्रम की हुई शुरूआतधमतरी जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत आने वाले नवागांव थुहा जल जगार कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। जहां ग्रामीणों ने एक स्वर में जल संरक्षण की शपथ ली। इस अवसर पर गांव में जल संरक्षण की दिशा में अच्छा काम करने वाले ग्रामीणों को सम्मानित भी किया गया। गांव में अन्य लोगों को भी जल सरंक्षण की दिशा में काम करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। पीकू - जिले में जल संरक्षण के संबंध में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री गांधी के मार्गदर्शन में लोगो तैयार किया गया है साथ ही छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स भी बनाए गए हैं, जिसके जरिए जिलेवासियों को घरों में पानी का सदुपयोग करने, पानी बचाने की विधि सहित खेतों में कम पानी वाले फसलों के संबंध में प्रेरित किया गया है।जागरूकता रैलियों का हो रहा आयोजनधमतरी जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में गांवों में जल जगार कार्यक्रम प्रति दिन आयोजित किये जा रहे है। इस दिशा में ग्रामीणों में जल संरक्षण संबंधी जागरूकता हेतु कार्यक्रम के दो-तीन दिवस पूर्व रैलियां, दीवार लेखन, तालाबों व जल स्त्रोतों की सफाई आदि कार्य कर माहौल तैयार किया जा रहा है।वाटर हीरो जल प्रहरी श्री नीरज वानखेडे़ द्वारा दी जा रही जानकारीजल संरक्षण की दिशा में बीते कई वर्षाे से कार्य करने वाले श्री नीरज वानखेडे को भारत सरकार ने वाटर हीरो जल प्रहरी की पदवी से सम्मानित किया है। वे जिले के इन पानी की कमी से जुझने वाले गांवों में जाकर जल जगार कार्यक्रम अंतर्गत ग्रामीणों को पानी की महत्ता को समझा रहे है। साथ ही श्री नीरज वानखेडे़ रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रूफटर्फ वाटर स्ट्रक्चर और वेस्ट वाटर मेनेजमेंट की तकनीक भी समझा रहे है, जिसे लेकर ग्रामीणों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता निर्मित हो रही है।शहरों में वाटर स्ट्रक्चर का निर्माणतालाबों में जल संरक्षण हेतु गाद निकालने, समुचित सफाई करने टीम द्वारा किया गया सर्वे जिले के पांच नगर पंचायत क्षेत्र आमदी, भखारा, नगरी,मगरलोड एवं कुरूद नगर पंचायत क्षेत्र में विभिन्न तालाबों में गाद जमा है जिसके कारण तालाबों के पानी की गुणवत्ता एवं भंडारण क्षमता क्षमता प्रभावित हो रही है। इन्हें साफ करने हेतु रायपुर की एन.आई.टी टीम द्वारा सर्वे किया जायेगा।शहर के जल भराव की समस्या की निवारण हेतु टीम ने किया सर्वेएन आई टी द्वारा धमतरी शहर के संपूर्ण 40 वार्ड क्षेत्र से निस्तारी गंदे पानी एवं वर्षा जल की समुचित निकासी हेतु ड्रेनेज सिस्टम का संपूर्ण मूल्यांकन और मानचित्रण के माध्यम से धमतरी शहर में जल भराव वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने, जल निकासी की बुनियादी ढांचे और स्टॉर्म वॉटर में सुधार के लिए एवं बाढ़ की स्थिति को कम करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने हेतु टीम द्वारा सर्वे किया किया गया है। यह टीम आगामी कुछ दिनों में अपनी रिर्पाेट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद निगम द्वारा कार्यवाही की जायेगी।सामाजिक संगठनों का मिल रहा सहयोगकलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी की इस पहल को जिले के सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनांे का पूरा सहयोग मिल रहा है। भारतीय जैन संघटना द्वारा कुरूद ब्लॉक के ग्राम मड़ेली तथा जी जामगांव में तालाबों को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। तालाबों से निकली मिट्टी को खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए खेतों में डाला जा रहा है। भारतीय जैन संघटना शाखा धमतरी द्वारा जल निकायों का पुनरूद्धार के तहत ग्राम पंचायत जी जामगांव के उल्लाही खार तालाब में 14 मई से 28 मई तक कार्य किया गया। इसमें 2 जेसीबी लगाया गया, जिसमें 1948 ट्रेक्टर मिट्टी निकाला गया।जल जगार उत्सव से प्रेरित होकर औद्योगिकी इकाईयों में किया जा रहा सघन जल संरक्षण कार्यजिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाईयां जैसे-अरवा, उसना, राईस मिल, कोल्ड स्टोरेज, फ्लाई एश ब्रिक्स सहितं अन्य औद्योगिक संस्थाओं में केन्द्रीय भूजल बोर्ड के मानकों के अनुपालन हेतु आयोजित कार्याशाला में दिये गये निर्देश के परिपालन में जिले में अब तक कुल 225 इकाईयों का पंजीयन पूरा हो गया है। इनमें 79 राईस मिल, 7 फ्लाई एश ब्रिक्स एवं 2 उद्योगों द्वारा पंजीयन पूरा किया गया और उद्योगों द्वारा स्वयं पंजीयन भी किया गया।36 कमार परिवार जल संरक्षण हेतु बना रहे तालाब, डबरीपानी का संरक्षण करने और उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल जगार उत्सव मनाया जा रहा है। पानी के गिरते हुए स्तर से चिंतित होकर कमार आदिवासी भी स्वयं की जमीन में वर्षा जल को संचित करने के लिए वचनबद्ध हैं। जिले के वनांचल आदिवासी बाहुल्य नगरी विकासखण्ड के ग्राम पीपरहीभर्री के 36 कमार परिवारों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें मिले जमीन पर जल संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में तीन कमार आदिवासी परिवार जहां मछली पालन के लिए तालाब बनाए हैं, वहीं बारिश के पानी को रोकने के लिए 10 डबरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के समीप से गुजरने वाले नाला में डाईक संरचना बनाई जा रही है, जिससे पानी का स्तर ऊंचा उठे और जमीन पर नमी बनी रहे। कमार आदिवासी परिवार वनों को हरा-भरा बनाए रखने और वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने तथा आने वाले समय में पानी की कमी से निजात पाने के लिए मुस्तैदी से जल संरक्षण की दिशा में कार्य को कर रहे हैं।आने वाले बारिश के दौरान किया जाएगा वृक्षारोपण, तैयारियां जोरों परजल संरक्षण की दिशा में वृक्षारोपण का भी महत्वपूर्ण योगदान है। इसके लिए जिले में आयोजित जल जगार उत्सव में ग्रामीणों द्वारा वृक्षारोपण के लिए की जा रही तैयारी की जानकारी दी जा रही है। साथ ही सभी एक स्वर में वृक्षारोपण करने की बात भी कह रहे हैं।
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हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स जैसे विभिन्न विधाओं का मिलेगा प्रशिक्षण*
बिलासपुर/जिले में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अंतर्गत तीरंदाजी, हॉकी एवं एथलेटिक्स की अकादमी संचालित है तथा राज्य शासन द्वारा बालिका आवासीय कबड्डी अकादमी संचालित है। आवासीय अकादमियों में प्रवेश हेतु तीरंदाजी, हॉकी, एथलेटिक्स एवं बालिका कबड्डी खेलों में चयन ट्रायल का आयोजन 05 से 08 जून 2024 तक स्व. बी. आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में प्रवेश हेतु चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है।
चयन ट्रायल में 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं भाग ले सकेंगे। हॉकी एवं तीरंदाजी हेतु चयन ट्रायल 05 से 06 जून को तथा एथलेटिक व कबड्डी का चयन ट्रायल 07 से 08 जून को सवेरे 8 बजे से प्रारंभ होगी। चयन ट्रायल में उपरोक्त खेलों के समस्त खेलो इंडिया लघु केन्द्रों से 10-10 बालक-बालिकाओं, आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित समस्त क्रीड़ा परिसरों से 5-5 बालक-बालिकाओं तथा जिले के प्रत्येक खेल के 4-4 उत्कृष्ट बालक-बालिका खिलाड़ियों को सम्मिलित कराने हेतु जिला खेल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, तथापि ऐसे जिले जहाँ नैसर्गिक खेल प्रतिभाएं विद्यमान हैं, तथा भविष्य में ये अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, उन जिलों से खिलाड़ियों की संख्या में वृद्धि किया जा सकता है।
चयन ट्रायल में खिलाड़ियों का मोटर एबिलिटी टेस्ट, स्किल टेस्ट, गेम अवेयरनेस टेस्ट (मेंटल एबिलिटी टेस्ट) लिया जाएगा, तदोपरांत अकादमी में प्रवेश हेतु रिक्त सीटों के दोगुनी संख्या में खिलाड़ियों को चिन्हित कर उनका 06 दिवसीय असेसमेंट कैम्प लिया जाएगा, जिस दौरान उनका एमएसके टेस्ट फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा लिया जाएगा। असेसमेंट कैम्प के पश्चात योग्य खिलाड़ियों को रिक्त सीटों की संख्या अनुसार अकादमी में प्रवेश हेतु अंतिम रूप से चयनित किया जा सकेगा ।
चयनित खिलाड़ियों को देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा एसएनसी के माध्यम से स्ट्रेन्थ एंड कंडीशनिंग 6000 किलो कैलोरी का स्वच्छ पोषणयुक्त आहार, फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा इंजुरी का ईलाज व पुनर्वास, आईस बाथ, स्वीमिंग की सुविधा उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त चयनित खिलाड़ियों को अकादमी संचालन नियमानुसार निःशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा, आने-जाने का साधन, चिकित्सा, दुर्घटना बीमा, आवश्यक एवं सहायक खेल उपकरण, खेल परिधान, एकरूप परिधान, प्रतियोगिताओं के दौरान यात्रा व्यय की भी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध करायी जाएगी। - आरंग । झेरिया साहू समाज कोरासी परिक्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष , वृहताकार कृषि सहकारी साख समिति भानसोज के 3 बार अध्यक्ष व ग्रामीण सभा भानसोज के अध्यक्ष रह चुके ग्राम भानसोज निवासी श्री भूखन लाल साहू का गुरुवार रात आकस्मिक निधन हो गया । वे 72 वर्ष के थे। वे श्रीमती सुमन साहू के पति , भानसोज के पूर्व सरपंच व साहू समाज कोरासी परिक्षेत्र के अध्यक्ष रह चुके मोहन साहू , गोविंद साहू व महेन्द्र साहू के पिता थे। उनका अंतिम संस्कार आज शुक्रवार को भानसोज में किया गया।
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-5 वर्षों में परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
-विद्युत कंपनियों की बैठक में अध्यक्ष श्री पी.दयानंद के तीखे तेवररायपुर, । छत्तीसगढ स्टेट पॉवर कंपनीज मुख्यालय में गुरुवार को कंपनी अध्यक्ष तथा प्रदेश के ऊर्जा सचिव श्री पी.दयानंद की बैठक की धमक रही। बिजली आपूर्ति में बाधा की शिकायतों को देखते हुए श्री दयानंद ने ट्रांसमिशन कंपनी तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अधिकारियों को तलब किया और जिन स्थानों पर आपूर्ति बहाली में निर्धारित से अधिक या गैरवाजिब समय लग रहा हैं, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।विभिन्न समाचार पत्रों तथा न्यूज वेब पोर्टल में बिजली की आपूर्ति में बाधा आने के बाद इसकी बहाली में लगने वाले अधिक समय को लेकर प्रकाशित समाचारों को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष श्री पी.दयानंद ने यह बैठक बुलाई थी। उन्होंने जब विस्तार से इन समस्याओं का कारण पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि विगत पांच वर्षों में विद्युत उपकेन्द्र तथा लाईनों की स्थापना जैसे अधोसंरचना के विकास के कार्यों में बहुत रूकावट आई थी। अनेक कारणों से विद्युत विकास कार्यों में प्रगति नहीं हो पाई जिसका विपरीत असर वर्तमान समय में दिखाई पड़ रहा है। गर्मी के कारण जहां सर्वाधिक मांग दर्ज की जा रही हैे, उसके अनुरूप आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है लेकिन जिन स्थानों पर कार्य स्वीकृत है, टेंडर हो चुके है, बजट की समस्या नहीं है वहां भी उचित मानीटरिंग नहीं होने के कारण वांछित प्रगति नहीं हो पाई है । श्री दयानंद ने इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही ऐसे कार्यो की सूची तलब की है। जशपुर जिले में 15 विद्युत उपकेन्द्र स्वीकृत होने के बावजूद वहां कार्य पूर्ण नहीं होने पर उन्होंने आश्चर्य एवं क्षोभ व्यक्त किया। बैठक में बताया गया कि यदि ये कार्य समय पर हो गये होते तो मौसम के कारण वर्तमान समय में जो दिक्कतें आ रही हैं उनका समाधान हो गया होता। उन्होंने विद्युत आपूर्ति में बाधा और लंबे समय तक आपूर्ति बहाल नहीं होने वाले प्रकरणों की सूची भी तलब की है ताकि जिम्मेदारी का निर्धारण किया जा सके। आज की बैठक में उन्होंने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये है आगे भी बड़े पैमाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये है। मांढर जिला रायपुर, मनेन्द्रगढ़, भाटापारा, कोपरा, भानुप्रतापपुर, रायगढ़, जगदलपुर, बिलासपुर आदि स्थानों से आये समाचारों के आधार पर उन्होंने कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। श्री दयानंद ने कहा है कि दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। श्री दयानंद ने कहा कि पूर्व की अनेक विफलताओं के बावजूद भीषण गर्मी के समय में प्रदेश में विद्युत आपूर्ति को काफी हद तक बेहतर बनाये रखने के लिए अधिकारी-कर्मचारी भरसक प्रयास कर रहे है।बैठक में प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने अनेक स्थानों पर पारेषण तथा वितरण तंत्र की मजबूती के लिए हुई अच्छी प्रगति की जानकारी भी दी तथा बताया कि आचार संहिता के कारण भी बहुत से कार्य प्रभावित हुए है जिन्हें आचार संहिता समाप्त होते ही तेजी से पूर्ण किया जायेगा। वर्ष 2024 के अंत तक अनेक कार्य पूर्ण करने की जानकारी उन्होंने दी।बैठक में श्री भीम सिंह कंवर, कार्यपालक निदेशक (वितरण), श्री राजेन्द्र प्रसाद, कार्यपालक निदेशक(वितरण-परियोजना), श्री संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक(पारेषण-परियोजना) आदि वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। - बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा ऑक्सीजन प्लांट को शीघ्र प्रारंभ कराने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने गुरुवार को जिला चिकित्सालय बालोद एवं अस्पताल परिसर में स्थित सखी वन स्टाॅप सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष, पोषण पूनर्वास केन्द्र सहित विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने ओपीडी कक्ष में पहुॅचकर मौके पर उपस्थित अधिकारी, कर्मचारियों से अस्पताल में ईलाज हेतु प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने डाॅक्टरों एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के उपस्थिति पंजी का भी अवलोकन किया। उन्होंने डाॅक्टरों एवं कर्मचारियों को समय पर अपने कार्य में उपस्थित होने तथा निर्धारित समयावधि तक अपने कार्य का सम्पादन करने के निर्देश दिए। जिससे कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सिविल सर्जन डाॅ. आर.के.श्रीमाली को अस्पताल के सभी अधिकारी, कर्मचारियों का बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने डाॅक्टरों के ड्यूटी चार्ट को ओपीडी कक्ष में चस्पा भी करने के निर्देश दिए। जिससे कि मरीजों को संबंधित डाॅक्टरों की उपस्थिति के संबंध मंे पता चल सके।इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित तीनों आॅक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बंद पड़े तीनों आॅक्सीजन प्लांट को शीघ्र शुरू करने के निर्देश भी दिए, जिससे मरीजों को इसका लाभ मिल सके। कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में स्थित सखी वन स्टॅाप सेंटर के बगल में कोरोना काल के दौरान स्थापित किए गए, आइसोलेशन सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इस आइसोलेशन सेंटर को कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पूनर्वास केन्द्र बनाने के निर्देश भी दिए। जिसमें गंभीर कुपोषित बच्चों का समुचित उपचार किया जा सके। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके लिए जरूरी सुविधा मुहैया कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने अस्पताल परिसर में स्थित सखी वन स्टाॅप सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित सखी वन स्टाॅप सेंटर के प्रशासक एवं कर्मचारियों से सखी वन स्टाॅप सेंटर में संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल सखी वन स्टाॅप सेंटर के कर्मचारियों को महिलाओं से संबंधित मामलों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने तथा उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने सखी वन स्टाॅप सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बाउण्ड्रीवाॅल के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारियों को दिए। इस दौरान एस.डी.एम. श्रीमती शीतल बंसल, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपीन जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।









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