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- 40 साल पहले स्थापित हसदेव ताप विद्युत गृह के ईकाई दो को दिया गया सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह का पुरस्कार- पावर कंपनीज में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह- सर्वोत्तम राजस्व प्रबंधन के लिए कार्यपालन अभियंता कार्यालय बलौदाबाजार पुरस्कृतरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज ने 210 मेगावाॅट हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम की 210 मेगावाट ईकाई 02 को इस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ ताप विद्युत गृह का पुरस्कार प्रदान किया। चेयरमैन श्री पी.दयानंद (आई.ए.एस.) ने इस यूनिट को तीन लाख रूपए का पारितोषिक व प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने राज्य स्तर पर छह कर्मियों और केंद्रीय कार्यालय स्तर पर सात कर्मियों को उत्कृष्ट पदक देकर सम्मानित किया गया। स्पेशल एक्सीलेंस अचीवमेंट अवार्ड कार्यपालक निदेशक श्री ए.के.पाण्डेय को प्रदान किया गया तथा कैशलेस स्वास्थ्य योजना के प्रभावी क्रियान्यवन के लिए अतिरिक्त मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत श्री विनोद अग्रवाल सहित उनकी टीम के कोर 5 सदस्यों को सम्मानित किया गया।यह पुरस्कार डंगनिया स्थित मुख्यालय में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री मनोज खरे, श्री एस.के.कटियार तथा कार्यपालक निदेशक व मुख्य अभियंतागण विशेष रूप से उपस्थित थे। पुरस्कृतजनों की उपलब्धियों को मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री अशोक कुमार वर्मा ने प्रस्तुत किया। सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह का पुरस्कार 40 वर्ष पुराने 210 मेगावाॅट हसदेव ताप विद्युत गृह के यूनिट -02 को दिया गया जिसने विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित सभी नार्मेटिव पैरामीटर के लक्ष्य को प्राप्त किया है तथा साथ ही इस पावर प्लांट ने हीट रेट में कम विचलन एवं विशिष्ट तेल खपत में अपेक्षाकृत अधिक सुधार करने का उल्लेखनीय कार्य किया।इसके अलावा बेस्ट परफार्मेंस के लिए पांच संभागों को 50-50 हजार रूपए का पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें इस वर्ष न्यूनतम ट्रांसफार्मर फेलुअर का पुरस्कार डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालन अभियंता(संचारण एवं संधारण) संभाग बिलासपुर को दिया गया। सर्वोत्तम राजस्व प्रबंधन का पुरस्कार कार्यपालन अभियंता (संचारण एवं संधारण) संभाग बलौदाबाजार को प्रदान किया गया। इसी तरह सर्वोत्तम उपकेन्द्र संभाग का पुरस्कार कार्यपालन अभियंता उपकेन्द्र संभाग दो रावणभाटा रायपुर को दिया गया।ट्रांसमिशन कंपनी में सर्वोत्तम (लाईन संधारण) संभाग का पुरस्कार कार्यपालन अभियंता (कर्मशाला) संभाग भिलाई-3 को प्रदान किया गया। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ सिविल संभाग का पुरस्कार कार्यपालन अभियंता(सिविल) संभाग, भिलाई-3 को प्रदान किया गया।व्यक्तिगत पुरस्कारों में राज्य स्तर पर जनरेशन कंपनी के हसदेव ताप विद्युत गृह में पदस्थ एसई श्री वाय.के.दीक्षित बाॅयलर की मेन स्ट्रीम लाईन के मेन आइसोलेटिंग वाल्व की खराबी में सुधार व डीएम वाॅटर की अतिरिक्त खपत के बचत के उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रदान किया गया। साथ ही अटलबिहारी बाजपेयी ताप विद्युत गृह मड़वा में पदस्थ एसई श्री धर्मेन्द्र कुमार बंजारे को इकाई क्रमांक 1 के 178 दिन एवं इकाई क्रमंक 2 के 82 दिनों तक लगातार संचालन में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।इसी तरह ट्रांसमिशन कंपनी के मीटर रिले परीक्षण संभाग जगदलपुर में पदस्थ परिचारक श्रेणी 01 श्री केशबो लाल नेताम को 132 केव्ही उपकेंद्र सुकमा के 33 केव्ही छिंदगढ़ फीडर एवं 132 केव्ही उपकेंद्र बीजापुर के 33 केव्ही गंगलूर फीडर के पेनल वायरिंग को नियत समय में पूर्ण करने अवार्ड दिया गया। 220 केव्ही उपकेंद्र रायगढ़ की एई पुष्पा सिदार को सभी फीडरों में सही अनुपात में लोड का वितरण कर सुनियोजित कार्ययोजना के तहत ओवरलोड की समस्या के निराकरण के लिए प्रदान किया गया। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के धरमजयगढ़ में पदस्थ एई श्री राजेन्द्र कुजूर को सघन वन क्षेत्र में हाथियों को विद्युत लाईन से होने वाली दुर्घटना से बचाने के लिए वन विभाग के साथ अभियान चलाने के लिए पुरस्कृत किया गया। वितरण केन्द्र आमाबोड़ा(जगदलपुर) में कार्यरत श्री राजूराम शोरी को वनांचल ग्रामों में बाधित विद्युत अवरोध को तत्काल सुधार, ट्रांसफार्मर फेलुअर रेट को कम करने व बकाया वसूली हेतु उल्लेखनीय कार्य के लिए पुरस्कार दिया गया।मुख्यालय स्थित केन्द्रीय कार्यालय स्तर पर व्यक्तिगत उत्कृष्ट कार्यों के लिए सात कर्मियों को सम्मानित किया गया। इसमें ईडी (एस एंड पी-जनरेशन) कार्यालय में पदस्थ ईई श्री शशांक रैच को 250 एवं 500 मेगावाट के बिजली संयंत्रों के परिचालन में बियरिंग खरीद नीति 2023 में आवश्यक सुधार कर अंतिम रूप निष्पादन के विशेष योगदान के लिए दिया गया। ईडी(ओ एंड एम-जनरेशन) कार्यालय में पदस्थ ईई श्री हितेन्द्र कुमार मारकण्डेय को आनलाइन ट्रेडिंग व्दारा केटीपीएस कोरबा पूर्व प्लांट में 1.38 करोड़ के एलर्जी सेविंग सर्टिफिकेट प्राप्त करने के कार्य को संभव बनाने के लिये सम्मानित किया गया।कार्यालय ईडी(वित्त) में पदस्थ एसओ श्री फुल्लन चंद्राकर को देयकों के त्वरित भुगतान एवं आंतरिक अंकेक्षण कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। ट्रांसमिशन कंपनी के भिलाई भंडार संभाग में कार्यरत एसओ श्री पन्नालाल साहू को 34 संभागों को सामग्रियां वितरण एवं 1.38 करोड़ के स्क्रैप के नीलामी के लिए पुरस्कार दिया गया। ईडी(लोड डिस्पेच)रायपुर कार्यालय में पदस्थ एई श्री विंध्याचल गुप्ता को ट्रांसमिशन कंपनी की उपलब्ध पारेषण क्षमता की सीमा को 2540 मेगावाट से बढ़ाकर 3536 मेगावाट निर्धारित करवाने के उल्लेखनीय कार्य के लिए अवार्ड दिया गया। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के ईडी(आरए एंड पीएम) रायपुर कार्यालय में एसई स्वर्गीय श्री विजय प्रकाश कौशल के उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया गया, यह पुरस्कार उनके परिजनों ने ग्रहण किया। उन्होंने विद्युत की मांग एवं आपूर्ति का सही अनुमान लगाने का उल्लेखनीय कार्य किया, जिससे डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को अतिशेष विद्युत विक्रय करने से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।इसी तरह ईआईटीसी कार्यालय में पदस्थ प्रोग्रामर सुश्री आकांक्षा वर्मा को नये बिल प्रारूप की प्रोग्रामिंग एवं बिलिंग माड्यूल्स में विभिन्न प्रकार की त्रुटियों का त्वरित समाधान के लिए पुरस्कृत किया गया।इसके अतिरिक्त बहु प्रतीक्षित 9 वर्षो से लंबित, विद्युत कर्मियों और पेंशनर्स के लिए अंशदायी कैशलैस योजना लागू करने लिए स्पेशल टीम अचीवमेंट अवार्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत श्री विनोद अग्रवाल, कार्यपालन अभियंता श्रीमती स्नेहा सिंह, सहायक अभियंता श्री गीतेश देवांगन, सहायक प्रबंधक श्री कन्हैयालाल देवांगन, कनिष्ठ अभियंता श्री रजनीश चौबे को भी दिया गया। - -रास डांडिया की तर्ज पर कोलाटम नृत्य पेश-मशहूर अभिनेता मुरली मोहन करेंगे शिरकतटी सहदेवभिलाई नगर। सेक्टर 04 स्थित एसएनजी विद्या भवन के ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय अखिल भारतीय नाटक प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। भिलाई की सांस्कृतिक संस्था कलांजलि और आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक संस्था पीएमकेएम फाइन आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में रविवार से शुरू नाट्योत्सव तेलुगु रंगमंच प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसमें आंध्र प्रदेश के नामी गिरामी कलाकार अपने अभिनय का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान तीनों ही दिन सुंदरकांड का सस्वर पाठ भी किया जाएगा।मशहूर अभिनेता मुरली मोहन करेंगे शिरकतकलांजलि संस्था के अध्यक्ष कोविरि राजू ने जानकारी दी कि अंतिम दिन यानी मंगलवार को पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सर्वश्रेष्ठ नाट्य कलाकार पुरस्कृत होगे। इस समारोह में तेलुगु फिल्मों के मशहूर अभिनेता एवं निर्माता डॉ मुरली मोहन और संचालन समिति के चेयरमैन पी वेंकट रमना खास तौर पर मौजूद रहेंगे। इस दौरान केवल नाट्य प्रतियोगिता ही नहीं, बल्कि रास डांडिया की तर्ज पर कोलाटम नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, फिल्मी गीतों पर आधारित नृत्य तथा लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही कलांजलि ऑर्केस्ट्रा द्वारा तीनों दिन संगीतमय प्रस्तुति भी दी जाएगी।रास डांडिया की तर्ज पर कोलाटम नृत्य पेश
नाट्योत्सव की शुरुआत भगवान गणेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और विनायक वंदना से की गई। सबसे पहले गायक बी वेंकट रमन ने सुंदरकांड का भक्ति भाव से पाठ किया, जिसे लोगों ने भावविभोर होकर सुना। इस कांड में बताया गया कि रामभक्त हनुमान ने किस तरह लंका प्रस्थान, लंका दहन और लंका से वापसी की। सुंदरकांड का पाठ करने के बाद स्थानीय गायक बी रामू ने मधुर स्वर में गायन पेश किया, जो सराहनीय रहा। छत्तीसगढ़ अग्निकुल क्षत्रिय महिला सेवा समिति की नर्तिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कोलाटम नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आर कलावती, वी नीलवेणी, टी पद्मा, ओ उमावती, पी कुमारी, एस प्रभावती, जी पुष्पा तथा आर कविता ने अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया।केरटालु और कर्म का शानदार मंचन\
\नाटक प्रतियोगिता के अंतर्गत जी कृष्णमूर्ति के निर्देशन में राजम कला क्रिएशन्स ने दर्शकों की जोरदार तालियों के बीच नाटिका 'केरटालु' (लहरें) भावातिरेक से प्रस्तुत की। इसके अलावा एल रामलिंगा स्वामी के निर्देशन में श्रिकाकुलम की ललिता श्री कला समिति ने नाटिका 'कर्म' का उम्दा तरीके से मंचन किया, जिसने खूब वाहवाही बटोरी। दोनों ही नाटिकाएं आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने अभिनीत कीं। इस मौके पर नृत्यांगना के लिट्या ने शास्त्रीय नृत्य पेश कर समां बांध दिया। दर्शकों के लिए नाट्योत्सव का पहला दिन काफी आनंददायक रहा। वे कार्यक्रम के अंत तक जमे रहे। संचालन के मोहनराव ने किया। - -आयुर्वेद एलुमनी मीट ‘‘स्वर्ण कुंभ‘‘ का शुभारंभरायपुर, /प्रदेश का पहला आयुर्वेद विश्वविद्यालय राजधानी रायपुर में खुलेगा। राज्य के शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को श्री नारायण प्रसाद अवस्थी शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में 2 दिवसीय आयुर्वेद एलुमनी मीट ‘‘स्वर्ण कुंभ‘‘ का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कॉलेज से पढ़कर निकले और देश-विदेश में सेवाएं दे रहे, ऐसे पुराने डॉक्टर्स को सम्मानित भी किया।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेद हमारे जीवन पद्धति का एक अंग है। हमारे घरों का रसोईघर अपने आप में एक आयुर्वेदिक औषधि केंद्र है। एक जानकर व्यक्ति इनका सही प्रयोग करके निरोगी काया पा सकता है। उन्होंने कहा कि, आयुर्वेद आदिकाल से है। जब लंका में श्री लक्ष्मण जी मूर्छित हुए थे तब भी वैद्यराज सुषेण ने आयुर्वेद के जरिए उनकी जान बचाई थी उस वक्त एलोपैथ का नामोनिशान नहीं था। लेकिन अंग्रेजों के समय से भारतीय चिकित्सा प्रणाली को हाशिए पर ला दिया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर आयुर्वेद और आयुष को बढ़ावा दिया जिसके बाद आज पूरी दुनिया में आयुर्वेद को अलग पहचान मिली। कोरोना काल में आयुर्वेदिक काढ़े और दवाईयों ने लाखों लोगों की जान बचाई। लोगों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता लाने का भी सुझाव श्री अग्रवाल ने दिया।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम में पुराने दोस्तों से मिलकर सभी लोगों को अपने छात्र जीवन के दिन की यादें ताजा करने का अवसर मिला होगा। ऐसे लोगों से भी मुलाकात हुई होगी, जिन्होंने आयुर्वेद को एलोपैथी के बराबर का दर्जा दिलाने के लिए बहुत संघर्ष किया था। कार्यक्रम में पूर्व सांसद डॉ भूषणलाल जांगड़े, कवि डॉ सुरेंद्र दुबे, प्राचार्य डॉ जी. आर चतुर्वेदी, संयुक्त संचालक, आयुष डॉ सुनील कुमार दास, आयोजन समिति के अध्यक्ष, डॉ पतंजलि दीवान, डॉ शिव नारायण द्विवेदी, डॉ हरेंद्र शुक्ला समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
- -मैक कार्निवल वार्षिकोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में आयोजित मैक कार्निवल वार्षिकोत्सव 2023-24 थीम "संस्कार" में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की प्राचीनकाल से ही शिक्षा के क्षेत्र में विश्वगुरु के रूप में विशिष्ट पहचान रही है। यहां पर तक्षशिला, नालंदा जैसे विश्वविद्यालय मौजूद थे, जहां दुनिया भर से लोग ज्ञान प्राप्त करने आते थे।उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। किसी भी देश और व्यक्ति का विकास शिक्षा के बिना नहीं हो सकता है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज हम मोदी की गारंटी को तेजी से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश आज योग, आध्यात्म और आयुर्वेद के क्षेत्र में अग्रणी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के ट्रस्टियों से इस तरह के संस्थान बस्तर, जशपुर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में भी खोलने का आग्रह किया, ताकि इसका लाभ दूर-दराज अंचल के युवाओं को भी मिल सके।इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में बच्चे अपना भविष्य बनाने आते है। शिक्षा के साथ संस्कार भी हो तो वह देश का एक अच्छा नागरिक बन सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों का मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा का विकास होना चहिए । वह जिस भी क्षेत्र में जाना चाहता है अगर वहां पूरी तन्मयता के साथ लग जाय तो उसे उसकी मंजिल मिल ही जाती है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कॉलेज की तरफ से प्रतिभावान छात्र-छात्राओं सहित कर्मचारियों एवं शिक्षकों को भी सम्मानित किया । इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज के ट्रस्टी महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के चेयरमैन श्री राजेश अग्रवाल, श्री चत्रुभूज अग्रवाल, श्री जगदीश प्रसाद अग्रवाल, श्री सुरेश गोयल, श्री विरेंद्र अग्रवाल, श्री नवल किशोर अग्रवाल, श्री राजेंद्र अग्रवाल, , श्री रमेश अग्रवाल, श्री आत्मबोध अग्रवाल, श्री अनिल अग्रवाल सहित अन्य ट्रस्टी को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक, छात्र-छात्राओं सहित अन्य स्टाफ मौजूद थे।
- रायपु /शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से आज उनके निज निवास पर राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में मेडल जीतने वाले रायपुर शहर के खिलाड़ियों ने मुलाकात की। मेडल जीतने वाले कराटे खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे एवं अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी हर्षा साहू के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री से मुलाक़ात की। मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर सभी विजेता खिलाड़ियों को जीत की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में रायपुर शहर के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अनेक मेडल अपने नाम किए। इस अवसर पर खिलाड़ियो के साथ कोच सर्वश्री अनिस मनिहार, अब्दुल रहीम ख़ान, अशोक हियाल पप्पू साहू भी मौजूद थे।
- -छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा बांग्लादेश के न्यायिक अधिकारियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण आयोजितरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के द्वारा बांग्लादेश के 50 न्यायिक अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के लिए यह ऐतिहासिक पल है क्योंकि न्यायिक अकादमी के बनने के बाद से अब तक यह प्रथम अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यकम है जो अकादमी के द्वारा आयोजित किया जा रहा है।मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा एवं माननीय न्यायाधिपति श्री संजय के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में यह अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा सका है तथा उनके मार्गदर्शन में आज 28 जनवरी 2024 को इस अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यकम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यकम राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल के प्रशिक्षण कार्यकम का हिस्सा है तथा न्यायपालिका की क्षमता एवं निपुणता को बढ़ाने राज्य न्यायिक अकादमी के उद्देश्य के एक मील का पत्थर है।मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के द्वारा इस कार्यक्रम का शुभारंभ नई दिल्ली से वर्चुअल मोड से किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में बांग्लादेश से आये न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में न्यायपालिका के लिए यह आज्ञापक है कि वे एक दूसरे के अनुभवों को आत्मसात करें एवं उससे ज्ञान प्राप्त करें। इस महत्वपूर्ण अवसर पर माननीय न्यायाधिपति श्री संजय के. अग्रवाल, श्री संजय अग्रवाल, श्री दीपक तिवारी, श्री सचिन सिंह राजपूत, श्री राकेश मोहन पाण्डेय एवं श्री रविन्द्र अग्रवाल उपस्थित थे। इस कार्यकम में बिलासपुर के निकटवर्ती जिलों से लगभग 300 न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री से अधिकारीगण शामिल हुए थे।शुभारंभ कार्यक्रम में न्यायाधिपति श्री संजय के. अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में बताया कि यह अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यकम राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल एवं बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय के मध्य हुए समझौता ज्ञापन के तहत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यकम के संबंध में विस्तार से बताते हुए उन्होंने व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण कार्यकम में विधि एवं न्यायशास्त्र के महत्वपूर्ण क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए सिविल एवं आपराधिक विधि के नवीन विकास, महिलाओं से संबंधित कानून बाल अधिकारों के संरक्षण से संबंधित कानूनों के संबंध में विस्तार से सत्र आयोजित किये जायेंगे। जिसमें विधि महाविद्यालयों के व्याख्याता, वरिष्ठ अधिवक्तागण तथा छत्तीसगढ़ के अनुभवी न्यायिक अधिकारीगण के द्वारा व्याख्यान दिये जायेंगे। इस शुभारंभ कार्यकम में बांग्लादेश से आये हुए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए अपने स्वागत उद्बोधन में न्यायाधिपति श्री राकेश मोहन पाण्डेय के द्वारा यह बताया गया कि भारत एवं बांग्लादेश को जोड़ने के लिए अनेक क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रगान को श्री रविन्द्रनाथ टैगोर के द्वारा ही लिखा गया है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशिका श्रीमति सुषमा सावंत के द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन अकादमी की अतिरिक्त निदेशिका श्रीमति गरिमा शर्मा द्वारा किया गया। जैसे-जैसे प्रशिक्षण कार्यकम आने वाले 5 दिनों में पूर्णता की ओर बढ़ेगा, राज्य न्यायिक अकादमी, न्यायिक समुदाय पर इसके परिवर्तनकारी प्रभाव एवं न्याय व्यवस्था की उन्नति में इसके योगदान को देखने के लिए उत्सुक हैं।
- -परीक्षा की बात, प्रधानमंत्री के साथ - मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों के साथ करेंगे परीक्षा पे चर्चा के सीधे प्रसारण का अनुश्रवणरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ परीक्षा को उत्सव की तरह मनाने एवं विद्यार्थियों में तत्संबधी तनाव दूर करने के लिए सीधा संवाद करेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा-2024‘ का कार्यक्रम 29 जनवरी को प्रातः 11 बजे भारत मण्डपम, प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा-2024’ कार्यक्रम के सीधे प्रसारण का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल स्कूली बच्चों के साथ पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में अनुश्रवण करेंगे। मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री इसके सीधे प्रसारण कार्यक्रम में सुबह 11 बजे से शामिल होंगे। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राएं और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि ‘परीक्षा पे चर्चा-2024’ कार्यक्रम के बाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे।‘परीक्षा पे चर्चा‘ कार्यक्रम का लाईव प्रसारण सभी न्यूज चैनलों के साथ डीडी न्यूज, डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, एफएम रेडियो, फेसबुक लाईव, यूट्यूब चैनल और MyGov.in पोर्टल की वेबवाईट के माध्यम से लाईव देखा जा सकता है। राज्य में परीक्षा पे चर्चा को लेकर व्यापक उत्साह है।छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता कर रहे हैं और लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य से गत वर्ष 2023 में 62 हजार 077 विद्यार्थियों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने आलेख भेजे और 12 हजार 355 शिक्षकों ने अपने आलेख भेजकर उपस्थिति दर्ज की एवं 2 हजार 876 पालक सहित 77 हजार 308 लोगों ने सहभागिता की थी। इस वर्ष कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों को भाग लेने का अवसर दिया गया है। भारत सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 जनवरी 2024 तक 1 लाख 56 हजार 459 विद्यार्थियों, 21 हजार 607 शिक्षकों और 5 हजार 963 अभिभावकों ने पंजीयन कराया है। राज्य से नियमानुसार प्रतिभागियों में से एक शिक्षक और 2 विद्यार्थियों का जीवंत कार्यक्रम, नई दिल्ली हेतु चयन किया गया है।परीक्षा पे चर्चा का प्रारंभ वर्ष 2018 में सिर्फ 22 हजार लोगों ने सहभागिता की थी, जो छह वर्षों में 102 गुनी बढ़कर इस वर्ष 2 करोड़ 26 लाख से ज्यादा हो गई है।
- -बस्तर की आदिम जनसंसद मुरिया दरबार पर आधारित थी छत्तीसगढ़ की झांकी-देशभर के झांकी और लोक-कलाकारों के प्रदर्शन की हुई सराहनारायपुर / राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से छत्तीसगढ़ की झांकी बस्तर के आदिम जनसंसद मुरिया दरबार में शामिल लोक कलाकारों ने मुलाकात की। राष्ट्रपति ने प्रदेश की झांकी और सभी कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की। राष्ट्रपति से मुलाकात करने राष्ट्रपति भवन पहुंचे कलाकारों ने भी इस खास मौके पर अपनी खुशी जाहिर की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी शुभकामनाओं के साथ झांकी में शामिल कलाकारों को छत्तीसगढ़ से नई दिल्ली रवाना किया था।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सभी राज्यों से आए कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस की परेड देश की नारी शक्ति को समर्पित है। देश के विभिन्न राज्यों की झांकियों में विकसित और सशक्त भारत की झलक दिखी। छत्तीसगढ़ की झांकी में लोकतंत्र की जननी विषय पर जनजातियों की आदिम संसद का प्रदर्शन किया गया था। इससे देश के अन्य राज्यों को भी जनजाति समाज की परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की जानकारी मिली होगी। लोकतंत्र की आदिम व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को भी इस झांकी में प्रमुखता से दिखाया गया था।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में भारत की अनेकता में एकता का दर्शन देश-दुनिया ने किया है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार एक-दूसरे राज्यों के रीति-रिवाज और वहां के सांस्कृतिक वैभव से परिचित हुए होंगे। छत्तीसगढ़ की अपनी अलग पहचान और विशिष्ट परंपराएं हैं जिसके बारे में देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों को भी जानकारियां मिली होंगी। आप सब कलाकारों ने अन्य राज्यों से आए सांस्कृतिक दलों से बहुत कुछ सीखा होगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कलाकारों से कहा कि भारत की संस्कृति दुनिया के लिए एक मिसाल बने इसके लिए हमें सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ी को सौंपना होगा, यह दायित्व आप सब पर है।
- -67वीं राष्ट्रीय शालेय बेसबॉल प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ-वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री ने किया पांच दिवसीय राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता का किया उद्घाटनरायपुर / 67वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2023-24 का आज कोरबा स्थित सीएसईबी फुटबॉल खेल मैदान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और आकर्षक मार्चपास्ट के साथ शुभारंभ हो गया। मुख्य अतिथि वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने पाँच दिवसीय आयोजन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल जीवन का वह हिस्सा है जिससे शारीरिक और मानसिक विकास के साथ सफलता की राह में आगे बढ़ते हुए एक मुकाम हासिल की जा सकती है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि स्कूल में पढ़ाई के साथ खेलकूद में शामिल होकर और अच्छे खेल का प्रदर्शन कर अपना नाम रोशन किया जा सकता है। उन्होंने सभी को संकल्प दिलाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने और हारने पर निराश न होते हुए आगे बढ़ने और परिश्रम कर पुनः अच्छे प्रदर्शन से सफलता अर्जित करने की बात कही। प्रतियोगिता में 12 राज्यों और दो इकाईयों के बेसबॉल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।मंत्री श्री देवांगन ने राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरबा जिले में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होना बहुत ही गौरव की बात है। यह एक ऐसा माध्यम है जहाँ खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को दिखाने के साथ-साथ आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलता है। इस तरह के आयोजन से खिलाड़ियों को अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और भाषा-बोलियां सीखने समझने का भी मौका मिलता है।कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कहा कि छात्र जीवन में खेल और पढ़ाई का विशेष महत्व होता है। इस आयोजन में अन्य राज्यों के खिलाड़ी भी शामिल है, यहाँ खिलाड़ियों को अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और भाषा से परिचय होगा। स्वागत भाषण जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.पी. भारद्वाज ने दिया। कार्यक्रम में कोरबा जिले की अंतरराष्ट्रीय बेसबॉल खिलाड़ी नेहा जायसवाल को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु के खिलाड़ीप्रतियोगिता में बेसबॉल बालक-बालिका 14 एवं 19 वर्ष के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, चंडीगढ़, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, सहित विद्याभारती और सीबीएसई और मेजबान छत्तीसगढ़ की टीम शामिल हो रही हैं। आज उदघाटन अवसर पर सभी टीमों ने आकर्षक मार्चपास्ट निकाली। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी गई।
- -राजस्व मंत्री ने सुहेला में तहसील कार्यालय का भूमिपूजन एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण कियारायपुर / प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने आज रविवार को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में करीब 63 लाख की लागत से बनने वाले तहसील कार्यालय भवन का भूमिपूजन तथा विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही सुहेला के तिगड्डा चौक में भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी किया।मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि तहसील कार्यालय भवन का आज भूमिपूजन किया गया है, जिसका निर्माण तय समय मे पूरा होगा। हमारी सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम सब मिलकर क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे सुहेला विकास का केंद्र बनेगा। कई नए शासकीय कार्यालय खुलेंगे। इसके लिए शासकीय जमीनों को बचाकर रखना होगा। अतिक्रमण बिल्कुल भी नही होने देना है। अवैध शराब के बिक्री और परिवहन में सख्ती से कार्यवाही होगी।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राकेश वर्मा ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। क्षेत्र के विकास के लिए सबको आगे आना होगा। सुहेला का विकास होगा तो इसके आस-पास के गांवों का भी विकास होगा। इसलिए हम सबको इसके लिए मिलकर प्रयास करना है।इन कार्यों हुआ लोकर्पणराजस्व मंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें स्वास्थ्य केंद्र में 10 बिस्तरीय वार्ड का निर्माण, साहू सामुदायिक रंगमंच का निर्माण, तिगड्डा चौक में व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स, खल्लारी मंदिर परिसर में शेड निर्माण, शासकीय प्राथमिक शाला सुहेला का जीर्णाेद्धार कार्य, तिगड्डा चौक में सामुदायिक शौचालय निर्माण, डिजिटल एक्सरे कक्ष निर्माण, स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय में रंगमंच निर्माण, दुर्गाेत्सव मैदान में रंगमंच निर्माण, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सुहेला में खाद गोदाम एवं अहाता निर्माण शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती आदिति बघमार,जनपद सदस्य श्रीमती सरोजिनी बघमार, सरपंच श्रीमती सविता संतोष वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा बडी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- -मन की बात प्रेरणादायी कार्यक्रम, सामाजिक जीवन में विशेष महत्व: वनमंत्री श्री केदार कश्यप-वनमंत्री नारायणपुर के करन्दोला में आयोजित ‘मन की बात‘ कार्यक्रम में शामिल हुएरायपुर / वनमंत्री केदार कश्यप आज नारायणपुर जिले के करन्दोला ग्रामपंचायत में आयोजित ‘मन की बात‘ कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात‘ कार्यक्रम का 109वां एपिसोड प्रसारण किया गया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘मन की बात‘ पूरे देशवासियों के लिए एक प्रेरणादायी कार्यक्रम है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात‘ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के श्री हेमचंद मांझी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि श्री मांझी पिछले पांच दशक से आयुष चिकित्सा के माध्यम गरीब मरीजों की सेवा कर रहे हैं। हमारे देश में आयुर्वेद और हर्बल मेडिसीन का खजाना छुपा हुआ है। उसके संरक्षण में वैद्यराज श्री हेमचंद मांझी जी की बहुत बड़ी भूमिका है। वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम के संबंध में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले दस वर्षों में देश के कोने-कोने के महान विभूतियों को खोज कर राष्ट्रीय सम्मान देकर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के वैद्यराज श्री हेमचंद मांझी जी को पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में पद्मश्री प्रदान किया गया है। यह हमारे क्षेत्र और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।छत्तीसगढ़ की अनूठी पहल, हमर हाथी हमर गोठ का जिक्रवनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात‘ में श्रोताओं को बताया कि छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़ ‘हमर हाथी हमर गोठ‘ रेडियो कार्यक्रम के माध्यम से हाथियों के संबंध में जानकारी प्रसारित की जाती है। मोदी जी ने इसे अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि हाथियों का झुंड किस क्षेत्र में विचरण कर रहा है और हाथियों की कितनी संख्या है? इस बात की जानकारी लोगों को रेडियो के माध्यम से मिल जाती है, जिससे संबंधित क्षेत्र के लोग सर्तक और सावधान हो जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में ऐसा प्रयोग किया जा सकता है।मन की बात अधिक से अधिक लोग सुने और प्रेरक कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ेवन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘मन की बात‘ कार्यक्रम में देश के लोगों के प्रेरणादायी कार्य और उनके उपलब्धियों को पूरे देशवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। देश के लोगों को इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के लिए कुछ बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। हम सबका प्रयास होना चाहिए कि अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम से जुड़े और इन कार्यों से प्रेरणा लें।
- -पुलिस कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की सुनी समस्याएं-मुझे यहां आकर हृदय से अपनेपन का एहसास हो रहा है: गृहमंत्रीरायपुर / उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज यहां आरक्षक श्री नरेश मरकाम एवं उनके परिजनों से मिलने उनके निवास पुलिस हाउसिंग कॉलोनी अमलीडीह रायपुर पहुंचे। वहां उन्होंने उनके परिवारजनों के साथ मुलाकात कर उनका हाल-चाल पूछा एवं उनके साथ चाय भी पी। आरक्षक परिवार अपने घर में गृहमंत्री को देखकर गदगद हो गये। आरक्षक श्री नरेश ने बताया कि आज वीआईपी सुरक्षा के लिए उनकी ड्यूटी लगायी गई थी। अचानक उन्हें कन्ट्रोल रूम से जानकारी मिली कि गृह मंत्री उनके निवास आने वाले है। पूरी कॉलोनी में खुशी का माहौल बन गया। गृह मंत्री शॉल, श्रीफल, मिठाई और फल लेकर पहुंचे और उनके परिजनों को भेंट की। आरक्षक नरेश मोहला-मानपुर जिले के ढुढिटोला गांव के निवासी है तथा वर्तमान में पुरानी बस्ती थाना में दो साल से पदस्थ है।उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मैं इस कॉलोनी में एक आरक्षक परिवार से मिलने आया था पर, यहां मेरी बहुत से पुलिस परिवारों से भेंट-मुलाकात हुई। मुझे यहां पुलिस परिवारों से मिलकर अपनेपन का एहसास हो रहा है। आज मैं यहां पुलिस कर्मचारियों एवं उनके परिजनों से मिलने आया हूं, उसकी समस्याओं को जानने आया हूं, जो हमें सुरक्षा प्रदान करते हैं, उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं है, ये जानने आया हूं। समाज में व्याप्त नशा एवं शराब जैसे बुराईयों को समाप्त करना है। पुलिस कर्मियोें एवं उनके परिजनों ने गृह मंत्री का स्वागत कर उन्हें समस्याएं भी बतायी। रहवासियों ने स्ट्रीट लाईट एवं खेलकूद के मैदान की उचित व्यवस्था कराने, कैन्टीन का नियमित संचालन एवं अन्य भत्ते की आवश्यकता के संबंध में विस्तार से चर्चा किया। पुलिस कर्मियों ने बताया कि अमलीडीह कॉलोनी से 100 से अधिक बच्चे केन्द्रीय विद्यालय में पढ़ने जाते है। बच्चों के लिए शासकीय बस की व्यवस्था की जाए। लगभग 1000 परिवार वहां निवासरत् है। सभी परिवार को मेंटेनेंस के नाम से एक हजार रूपए प्रतिमाह देना पड़ता है। इस संबंध में भी शासन की तरफ से समुचित व्यवस्था की मांग की गई।गृहमंत्री ने कहा कि आप सबके बीच मुझे यहां ऐसे लग रहा है कि जैसे कि मैं अपने घर आया हूं। मेरा एक ही बेटा है कभी मैं उसे लेकर आउंगा यहां इतने सारे बच्चें है सबके साथ वह भी खेलेगा।
- -समाज ने मुख्यमंत्री श्री साय को कंवर गौरव सम्मान से नवाजा-राजधानी के टाटीबंध में कंवर समाज के भवन विस्तार के लिए 50 लाख रूपए की घोषणारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदिवासी समाज के बेटे को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का दायित्व मिलना पूरे कंवर समाज का सम्मान है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कंवर समाज के एक छोटे से कार्यकर्ता को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा है। मैं कंवर समाज की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं। यह दायित्व मिलना कंवर समाज के साथ-साथ पूरे आदिवासी समाज का सम्मान है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर कंवर समाज द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को ‘‘कंवर गौरव’’ सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने टाटीबंध में कंवर समाज के भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरे लिए आज बड़ी खुशी का दिन है। कंवर समाज ने मुझे कंवर गौरव से सम्मानित किया है, इसके लिए मैं पूरे समाज का बहुत आभारी रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं यहां आप सभी से आशीर्वाद और सहयोग मांगने आया हूं क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री और प्रदेश की जनता ने मुझ पर जो विश्वास किया है इसे निभाने के लिए आप सभी का सहयोग और समर्थन चाहिए ताकि मैं इस पद की गरिमा, विश्वास और उम्मीद पर खरा उतर सकूं। उन्होंने कहा जिस तरह समाज ने मेरा सम्मान किया है उससे मुझे विश्वास हो गया है कि इस पद का दायित्व निभाने में मुझे आप सभी का पूरा सहयोग मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज में अनेक विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने पूरे समाज को एक नई दिशा दी। उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरू का स्मरण करते हुए कहा कि गहिरा गुरू ने रामायण की शिक्षा देकर समाज के लोगों को मांस और मदिरा से दूर किया। इसी का परिणाम है कि वनवासी समाज आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक रूप से आगे बढ़ा। उन्होंने काका लरंग साय को नमन करते हुए कहा कि उनकी वजह से हमारा समाज राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ा है। मध्य प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री प्यारेलाल कंवर जी को याद करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन और स्नेह उन्हें हमेशा मिला।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार को सिर्फ डेढ़ महीने हुए है लेकिन इस कम समय में ही मोदी की गारंटी को पूरा करने में हमारी सरकार ने अपना प्रयास शुरू कर दिया है। 13 दिसम्बर को हमारी सरकार ने शपथ ली और इसके दूसरे दिन ही 14 दिसम्बर को हमने कैबिनेट में निर्णय लिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित 18 लाख आवासहीन परिवारों का मकान बनाना है। 25 दिसम्बर सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश के 12 लाख से ज्यादा किसानों को 3716 करोड़ रूपए की बकाया बोनस राशि उनके खातों में अंतरित कर दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ पीएससी में जो घोटाला हुआ था, इसकी जांच का काम हमने सीबीआई को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी में हमारी सरकार ने जितने भी वादे किए हैं, इन सभी वादों को पूरा करने के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। हम इन पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ की जनता से किया गया हर वादा पूरा करेंगे। हाल ही में अयोध्या में हम सबके आराध्य श्री रामलला विराजे हैं। मोदी की गारंटी में हमारा एक वादा यह भी है कि छत्तीसगढ़ की जनता को सरकारी खर्च में रामलला के दर्शन कराएंगे। इसके लिए श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है।अखिल भारतीय कंवर समाज की अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सब एक आंगन, एक छत के नीचे खुशियां बांटने के लिए एकत्रित हुए हैं। आप सभी के स्नेह और प्यार की वजह से आज साय जी मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि हमें अच्छा कर्म करना है तो धर्म से जुड़े रहना होगा। प्रभु श्रीराम कल भी थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे। धर्म के पथ पर चलकर ही हम कंवर समाज का अस्तित्व बचाए रख सकते हैं। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि समाज के युवा न केवल अपनी परंपराओं से जुड़े हैं बल्कि उसका निर्वहन भी कर रहे हैं।राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री नंद कुमार साय ने कहा कि मैंने आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग की थी जो अब पूरी हो गयी है। मैं मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन करता हूं, इन्हें जो दायित्व मिला है उसमें मुख्यमंत्री जी सफल हो। पूर्व मंत्री श्री ननकीराम कंवर ने कहा कि समाज के लोगों में नशे के प्रति जागरूकता आए तो समाज और ज्यादा तरक्की करेगा। कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरवंश मिरी ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाले सरल, सहज व्यक्तित्व के धनी मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास करेगा। उन्होंने बताया कि इस समारोह में कंवर समाज के लोग स्व-स्फूर्त देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां पहुंचे हैं।समारोह में मुख्यमंत्री का हुआ भव्य स्वागतमुख्यमंत्री का समारोह स्थल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से आए नर्तक दलों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुति से समा बांध दिया। कंवर समाज के पदाधिकारियों ने सामाजिक परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री को मांदर भेंट किया और गजमाला से उनका स्वागत किया। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों से आए समाज प्रमुखों की ओर से उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और युवाओं ने उन्हें स्केच भी भेंट किया। इस मौके पर युवाओं द्वारा कंवर समाज के प्रसिद्ध बार नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के पुरोधाओं को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया।कंवर समाज के युवा हुए सम्मानितमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समारोह में कंवर समाज के उत्थान में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर कंवर वार्षिक कैलेण्डर 2024 और सामाजिक पत्रिका हरिहर मड़वा - भाग दो का विमोचन किया। समारोह में पूर्व मंत्री श्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद राठिया, पूर्व संसदीय सचिव श्री चिंतामणी महाराज, श्री रामलखन पैंकरा, श्रीमती सविता साय, श्रीमती कुलेश्वरी पैंकरा, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य श्री संदीप पैंकरा, श्री शिव कंवर सहित देशभर से आए कंवर समाज के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
- -कहा- छत्तीसगढ़ की इस अनूठी पहल और इसके अनुभवों का लाभ देश के दूसरे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी उठा सकते हैं-विगत 7 वर्षों से आकाशवाणी के ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ कार्यक्रम में दी जा रही हाथियों के विचरण की सूचनाएंरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य में हाथियों के विचरण की सूचनाओं पर आधारित आकाशवाणी कार्यक्रम 'हमर हाथी-हमर गोठ' की सराहना की। मन की बात कार्यक्रम में श्रोताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रेडियो की ताकत कितना बदलाव ला सकती है, इसकी एक अनूठी मिसाल छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है। बीते करीब 7 वर्षों से यहाँ रेडियो पर एक लोकप्रिय कार्यक्रम का प्रसारण हो रहा है, जिसका नाम है ‘हमर हाथी-हमर गोठ’। नाम सुनकर आपको लग सकता है कि रेडियो और हाथी का भला क्या कनेक्शन हो सकता है। लेकिन यही तो रेडियो की खूबी है। छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के चार केन्द्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ से हर शाम इस कार्यक्रम का प्रसारण होता है और आपको जानकर हैरानी होगी कि छत्तीसगढ़ के जंगल और उसके आसपास के इलाके में रहने वाले बड़े ध्यान से इस कार्यक्रम को सुनते हैं।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ‘हमर हाथी - हमर गोठ’ कार्यक्रम में बताया जाता है कि हाथियों का झुण्ड जंगल के किस इलाके से गुजर रहा है। ये जानकारी यहाँ के लोगों के बहुत काम आती है। लोगों को जैसे ही रेडियो से हाथियों के झुण्ड के आने की जानकारी मिलती है, वो सावधान हो जाते हैं। जिन रास्तों से हाथी गुजरते हैं, उधर जाने का ख़तरा टल जाता है। इससे जहाँ एक ओर हाथियों के झुण्ड से नुकसान की संभावना कम हो रही है, वहीँ हाथियों के बारे में डेटा जुटाने में मदद मिलती है। इस डेटा के उपयोग से भविष्य में हाथियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। यहाँ हाथियों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इससे जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को हाथियों के साथ तालमेल बिठाना आसान हो गया है। छत्तीसगढ़ की इस अनूठी पहल और इसके अनुभवों का लाभ देश के दूसरे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी उठा सकते हैं।'हमर हाथी-हमर गोठ' कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता श्री अमलेन्दु मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य के चार आकाशवाणी केंद्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ केंद्रो से शाम 5:00 बजे प्रसारित किया जाता है। यह कार्यक्रम एंड्राइड मोबाइल के न्यूज on AIR और एफएम चैनल में भी उपलब्ध है जिसे गाड़ियों में भी आसानी से सुना जा सकता है।
- -08 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके खुशहाल दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी-समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने का दिलाया भरोसारायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज झेरिया यादव समाज द्वारा राजधानी रायपुर के महादेवघाट में आयोजित सामाजिक और युवक-युवती परिचय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य स्तर के विभिन्न जिलों से आए हुए यादव समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने परिचय सम्मेलन में शामिल होने आये युवक-युवतियों एवं उनके परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह समाज की अच्छी पहल है, जिससे एक ही मंच पर विवाह योग्य युवक-युवतियां आपस में मिल जाते है, इससे वर-वधु ढूढंने में समय और धन की बचत होती है। उन्होंने आठ नवविवाहित जोड़ों को बधाई देकर उनके खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यादव समाज भारत के विकास में अपनी बराबर की भागीदारी दे रहा है व भारत के स्वाभिमान, मान-सम्मान के लिए हमेशा खड़ा रहता है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याणकारी कार्याे को पूरा करने तथा मोदी की गारंटी एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज द्वारा निर्मित सामाजिक भवन का अवलोकन भी किया, जिसमें 14 कक्ष बनाया गया है। समाज के अध्यक्ष श्री जगनिक यादव ने बताया कि सामाजिक भवन में रायपुर के अलावा अन्य जगह से आने वाले बच्चों के रहने की उचित व्यवस्था की गई है। श्री यादव ने समाज के रीति-रिवाजों एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला। समाज के अध्यक्ष ने नवनिर्मित भवन के लिए फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए राशि की मांग की। जिस पर उप मुख्यमंत्री ने समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर श्री भगत सिंह यादव, श्री सुन्दरलाल, श्री जी.आर. यादव एवं सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष तथा समाज के अन्य पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
- -नाड़ी वैद्य हैं और जड़ी बूटियों से पांच दशकों से कर रहे हजारों लोगों का इलाज-मुख्यमंत्री ने किया प्रोत्साहित, कहा कि आने वाली पीढ़ी को भी अपनी विद्या का लाभ दें ताकि यह अमूल्य विद्या अगली पीढ़ी को भी ठीक कर सकेरायपुर, 28 जनवरी, 2024/आयुर्वेद में एक कहानी बताई जाती है। तक्षशिला विश्वविद्यालय में जब चरक और साथियों की गुरुकुल में शिक्षा पूरी हुई तो उनके गुरु ने अंतिम परीक्षा के लिए उन सभी को बुलाया। उनसे कहा कि ऐसे पौधे लाकर दें जिसमें औषधीय गुण हों और जिसके बारे में अब तक बताया न गया हो। सभी विद्यार्थी कुछ पौधे लेकर आये, केवल चरक कुछ नहीं लाये। जब चरक से गुरू ने पूछा कि पौधे क्यों नहीं लाए। चरक ने कहा कि मुझे सभी पौधों में कुछ न कुछ औषधीय गुण मिले, चूंकि सभी को लाना संभव नहीं था, इसलिए मैं खाली हाथ आया। गुरु जी ने कहा कि परीक्षा में केवल चरक उत्तीर्ण हुए। संसार में हर पौधे में कुछ न कुछ औषधीय गुण मौजूद हैं। यह कहानी बताती है कि जड़ी-बूटी के क्षेत्र में अनुसंधान की बड़ी गुंजाइश होती है।छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में रहने वाले वैद्य श्री हेमचंद मांझी ने अपना पूरा जीवन इन्हीं जड़ी-बूटियों की खोज की और लगभग पांच दशकों से हजारों लोगों को ठीक किया है। आम जनता की इस अहर्निश सेवा के चलते केंद्र सरकार ने इन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में श्री मांझी का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। आपने परंपरागत जड़ी-बूटियों के माध्यम से अनेक बीमारियों में लोगों का उपचार किया है। अमेरिका जैसे देशों से भी पेशेंट आपके पास आये हैं। यह ऐसी विद्या है जिसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है।उल्लेखनीय है कि श्री मांझी ने छोटे डोंगर में ऐसे समय में लोगों का जड़ी बूटियों से इलाज करने का निर्णय लिया जब यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल नहीं थी। परिवार में किसी के वैद्य के पेशे में नहीं होने के बावजूद उन्होंने सेवाभाव के चलते यह निर्णय लिया। उनके अनुभव के चलते उनका ज्ञान बढ़ता गया और नारायणपुर के अलावा दूसरे जिलों के मरीज भी उनके पास आने लगे।वैद्य श्री मांझी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम तो सेवा का कार्य कर रहे थे। लोगों का उपचार कर रहे थे और खुश थे। जब पता चला कि मोदी जी ने पद्मश्री के लिए चुनने का निर्णय लिया है तो पहले तो आश्चर्य हुआ। हमें लगा कि दिल्ली में भी बैठकर मोदी जी की सरकार पूरे देश में हो रहे अच्छे कामों पर नजर बनाये हुए हैं और सेवा का काम करने वालों को सम्मानित करते जा रही है।श्री मांझी ने बताया कि बस्तर की वनौषधियों में जादू है। हम जंगल से अलग-अलग तरह की जड़ी-बूटी इकट्ठी करते हैं। इन्हें उचित अनुपात में मिलाते हैं और अलग-अलग तरह की बीमारियों का इस तरह से उपचार करते हैं। नाड़ी देखकर मर्ज का पता लगाते हैं और इसके मुताबिक इलाज करते हैं। कई बार जब एलोपैथी से लोग कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के संबंध में हतोत्साहित हो जाते हैं तब वे यहां आते हैं और ईश्वर की अनुकंपा से हमारी औषधियों के कमाल से वो ठीक हो जाते हैं।श्री मांझी के पास हर दिन अमूमन सौ से अधिक मरीज पहुँचते हैं। कल भी असम और आंध्रप्रदेश से कुछ मरीज पहुंचे थे। श्री मांझी यह सब मामूली शुल्क में करते हैं। जो खर्च वे लेते हैं वो दवाइयों के बनाने में लगता है। उन्होंने बताया कि वनौषधियों में उपयुक्त मात्रा में शहद, लौंग एवं अन्य मसाले डालने होते हैं। उनका खर्च हम मरीजों से लेते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक साँसों में साँस हैं तब तक यह सेवा का काम करता रहूँगा।मुख्यमंत्री ने श्री मांझी से कहा कि आप सेवा का काम कर रहे हैं। ये बहुत पुण्य का काम है। आपकी विद्या से बहुत सारे लोग ठीक हो रहे हैं। आपको पद्मश्री मिलने से आपकी ख्याति और भी फैलेगी। आप आने वाली पीढ़ी को इसकी शिक्षा दें। यह बहुत मूल्यवान विद्या है इसे आपकी पीढ़ी में ही समाप्त नहीं होना चाहिए। श्री मांझी ने कहा कि आपसे मिले सम्मान से मेरा उत्साह और बढ़ गया है। अभी नई पीढ़ी को नाड़ी से मर्ज जानना सिखा रहा हूँ अब जड़ी-बूटी के गुणों के बारे में भी बताऊंगा।
- -88 साल की आयु में भी कत्थक का अभ्यास करते हैं, रायगढ़ घराने को देश भर में दी पहचान-पूर्व राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा और राष्ट्रपति एपीजे कलाम भी कर चुके हैं सम्मानित-स्वर्गीय बिरजू महाराज के रहे हैं गहरे स्नेह पात्र, रायगढ़ घराने से जुड़े सभी कत्थक नर्तकों से स्नेहिल संबंध-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बरेठ जी का सम्मान रायगढ़ घराने का सम्मान, स्वर्गीय महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को भी याद कियारायपुर, 28 जनवरी, 2024/ प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चयनित रायगढ़ घराने के कत्थक नर्तक श्री रामलाल बरेठ जब केवल 4 साल के थे तभी महाराजा चक्रधर सिंह ने उनमें छिपी नृत्य की प्रतिभा पहचान ली थी। उन्होंने उनके पिता और इतने ही प्रतिभाशाली कत्थक कलाकार श्री कीर्तनराम से कहा कि इसके कत्थक की प्रशिक्षण की व्यवस्था मैं अपनी देखरेख में करूंगा। उन्होंने देश भर के जाने-माने कलाकारों से श्री बरेठ का प्रशिक्षण कराया।महाराजा चक्रधर सिंह ने उन पर जो भरोसा दिखाया, उसे श्री बरेठ ने पूरा किया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक का सफर तय कर उन्होंने रायगढ़ घराने को नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें आज राज्य अतिथि गृह पहुना में आमंत्रित किया। श्री साय ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। मेरा सौभाग्य रहा है कि मैंने रायगढ़ की कला परंपराओं के बारे में काफी कहानियां सुनी हैं और महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में भी काफी कुछ सुना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में यह कहा जाता है कि जब वो तबला बजाते थे तो इसमें लीन हो जाते थे और बारिश होने लगती थी। ऐसे महान कलाकार के संरक्षण में आपने कत्थक सीखा है इस पर हम सब गौरव करते हैं।श्री बरेठ अभी 88 साल के हो चुके हैं। उनका आरंभिक जीवन आर्थिक कठिनाइयों से घिरा रहा। रायगढ़ रियासत में महाराजा चक्रधर सिंह के जाने के बाद उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। श्री बरेठ बताते हैं कि कत्थक नृत्य अकेले का कर्म नहीं है। आपको इसके लिए कुशल संगतकार चाहिए। इसकी व्यवस्था करने और रायगढ़ घराने की प्रतिष्ठा को बनाये रखने मैंने कठिन परिश्रम किया।श्री बरेठ के देश के महान कत्थक कलाकारों के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंडित बिरजु महाराज के साथ उनके बहुत स्नेहिल संबंध रहे हैं। पंडित बिरजु महाराज उन्हें बहुत स्नेह पात्र मानते थे। बिरजु महाराज का जन्म भी रायगढ़ में हुआ। अच्छन महाराज जैसे प्रतिभाशाली लोगों से सीखने का अवसर मिला और कत्थक की शानदार यात्रा रायगढ़ घराने के प्रोत्साहन से शुरू हुई।श्री बरेठ बताते हैं कि पहले फिल्मों में शास्त्रीय संगीत और नृत्य का बड़ा मान होता था। फिल्मों के लिए भी काम करने वाले अमीर खां साहब का बहुत निकट संबंध रायगढ़ घराने से रहा। अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित के पिता भी रायगढ़ घराने से संबद्ध रहे।अच्छी बात यह है कि श्री बरेठ अगली पीढ़ी को भी कत्थक के लिए दीक्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा जी, पिता जी कत्थक से जुड़े रहे और अब बेटे भी कत्थक से जुड़े हैं।श्री बरेठ ने कहा कि मोदी जी ने पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना है। इसकी मुझे बहुत गहरी खुशी है। आज मुख्यमंत्री ने मुझे पहुना में आमंत्रित कर सम्मान किया। रायगढ़ घराने के माध्यम से कत्थक पूरे देश में मजबूत हो। यही हम चाहते हैं।
- -बिरहोर इनको अपना मसीहा मानते हैं, कोरोना की वैक्सीन लगवाने जब प्रशासन थकहार गया तब श्री यादव की ली मदद, उनके कहने पर टीके के लिए तैयार हुए बिरहोर, राष्ट्रपति के हाथों करेंगे पद्मश्री सम्मान ग्रहण-राज्य अतिथि गृह पहुना में मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जागेश्वर यादव को छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने के लिए किया सम्मानित-अपने कार्यों में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भी जोड़ा, बिरहोरों के साथ बैठकर पतरी में खाना खाते थे श्री सायरायपुर / राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर कुछ सालों पहले तक इतने संकोची थे कि जूते-चप्पल पहने हुए किसी को आता देखकर भाग जाते थे। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने श्री जागेश्वर यादव ने जीवन भर जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प किया ताकि वे मिलने से सकुचाये नहीं। धीरे-धीरे वे बड़ा बदलाव लाने में कामयाब हुए और अभी बिरहोरों की पहली पीढ़ी शिक्षित हो गई है। वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेने आगे बढ़ रहे हैं। जब जागेश्वर यादव 21 वर्ष के थे तब उन्होंने बिरहोर जनजाति के लोगों की दुर्दशा देखी और उनकी सेवा का संकल्प लिया। आज चार दशक हो गये हैं और उनका सेवा कार्य अनवरत जारी है।संकल्पित भाव से बिरहोर जनजाति की सेवा करने वाले और पिछड़े वर्ग से आने वाले इस जननायक और सेवाभावी कार्यकर्ता का सम्मान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किये जाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। श्री यादव ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे रास्ते में आपका भरपूर सहयोग मिला जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगा। आपने बिरहोर भाइयों के साथ बैठकर पतरी में चावल खाया। उनकी शिक्षा के लिए जो भी योजनाएं हम आपके पास लेकर गये। आपने कहा कि ये अच्छा काम है इसे आगे बढ़ाइये, मैं इसमें आपकी मदद करूंगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहली ही कैबिनेट में आवासीहीनों को आवास उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है। उससे सभी बिरहोरों को पक्का मकान मिल पाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जागेश्वर यादव को पद्मश्री के लिए सम्मानित किये जाने का केंद्र सरकार का निर्णय सेवा भाव से संकल्पित एक कार्यकर्ता का सम्मान है। जब प्रदेश में कोरोना फैला और मोदी जी ने वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई तब बिरहोर लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर आशंकाएं थीं और प्रशासन के अनेक बार आग्रह करने पर भी उन्होंने इसके लिए मना कर दिया। फिर श्री जागेश्वर यादव को इसके लिए बिरहोरों को तैयार करने भेजा गया। बिरहोर इनको अपना मसीहा मानते हैं। जब श्री जागेश्वर यादव ने आग्रह किया तो सब तैयार हो गये, ये उनकी बिरहोरों की बीच गहरी पैठ का प्रमाण है। पाली विकासखंड में उन्होंने 3 कार्यक्रम बिरहोरों के लिए कराए और हर बार मैं इन कार्यक्रमों में शामिल हुआ। इनके सम्मान की जब जानकारी मुझे मिली तो मुझे बहुत खुशी हुई।उल्लेखनीय है कि श्री जागेश्वर यादव के प्रयासों से न केवल बिरहोर लोग शिक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने खेती भी करना आरंभ कर दिया है। जो बिरहोर भिक्षावृत्ति से जुड़े थे वे आज धान बेच रहे हैं। धरमजयगढ़ के ग्राम खलबोरा के केंदा राम अब धान बेच रहे हैं। बिरहोरों के लिए श्री जागेश्वर यादव ने धरमजयगढ़ में आश्रम भी आरंभ किया है। उनको पद्मश्री मिलने पर बिरहोरों में भी काफी खुशी का माहौल है।
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रायपुर। 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बाल एवं वृद्ध कल्याण परिषद द्वारा संचालित प्रदेश के प्रथम कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प में अध्यक्ष राजेन्द्र निगम के साथ विधुत मंडल के सेवानिवृत्त S E और बंगाली कालीबाड़ी समिति के उपाध्यक्ष श्री एस. के. घर जी ने ध्वजारोहण किया । इस अवसर पर वृद्धाश्रम के संस्थापक स्व. कुलदीप निगम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम में सचिव बिमल घोषाल , अजय राठौड़ , दुष्यंत साहू , सनित कुमार , पारुल चक्रवर्ती , लीला यादव , काजल दास अन्य सदस्य के साथ वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों की उपस्थिति रही इस अवसर पर सभी को मिस्ठान वितरण किया गया ।
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रायपुर । 26 जनवरी को 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के मुख्य कार्यालय के साथ ही सभी संचालित संस्थाओं में भी ध्वजारोहण किया गया । सप्रे शाला परिसर में स्थित परिषद कार्यालय एवं वाणी वाचन ,श्रवण एवं बहुप्रशिक्षण पुनर्वास केंद्र , रायपुर में परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री चंद्रेश शाह जी , महासचिव डॉ अशोक त्रिपाठी जी , मानसिक दिव्यांग बाल गृह (बालिका) पुरानी बस्ती रायपुर में उपाध्यक्ष डॉ कमल वर्मा जी , मानसिक दिव्यांग बाल गृह (बालक) माना कैम्प एवं खुला आश्रय गृह माना कैम्प रायपुर में संयुक्त सचिव श्रीमती इंदिरा जैन जी , संयुक्त सचिव राजेन्द्र निगम , बाल गृह (बालिका) कोंडागांव में संयुक्त सचिव श्री प्रकाश अग्रवाल जी ने ध्वजारोहण किया । सभी संस्थाओं में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत , कविता , नृत्य प्रस्तुत किया किंतु खुला आश्रय गृह के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण बच्चों में होने वाले दुष्प्रभाव और परिवार में बढ़ती आपसी दूरी को प्रहसन के माध्यम से प्रस्तुत किया और सोशल मीडिया पर कटाक्ष किया गया बच्चों की इस प्रस्तुति कि बहुत सराहना हो रही है । ध्वजारोहण कार्यक्रम में सभी संस्थाओं के कर्मचारियों की उपस्थिति रही इस अवसर पर मिस्ठान का वितरण किया गया ।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने आज उड़ीसा के बरगढ़ जिले में अपने प्रवास के दौरान ग्राम घेस में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद माधो सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। घेस गांव के शहीद माधो सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्हें उनके तीन बेटों के साथ ब्रिटिश सरकार ने फांसी दे दी थी।
- स्वास्थ्य और शोध की चुनौतियों का सामना करने को तैयार रहे चिकित्सकरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में देशभक्तिपूर्ण वातावरण में गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एम्स को स्वास्थ्य और शोध की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया।वरिष्ठतम चिकित्सा शिक्षक प्रो. रामांजन सिन्हा ने ध्वजारोहण के पश्चात आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एम्स की स्थापना से अब तक प्राप्त उपलब्धियों का जिक्र करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए पूर्णतः तैयार रहने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने टीबी के रोगियों को एनटीईपी के अंतर्गत पौष्टिक आहार किट भी वितरित की।कार्यक्रम में उप-निदेशक (प्रशासन) कुणाल शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे। इस अवसर पर सुरक्षा अधिकारी उपासना सिंह के निर्देशन में सुरक्षाकर्मियों ने मार्चपास्ट भी किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनिता सिंह और सुश्री सुगन्या पी. ने किया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 28 जनवरी को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 28 जनवरी को सुबह 9.30 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर से प्रस्थान कर सुबह 9.40 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के पीछे ग्राम सेड़ीखेड़ी पहुंचेंगे और वहां सुबह 9.45 बजे से आयोजित राधास्वामी सत्संग ब्यास के वार्षिक सत्संग कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम पश्चात सुबह 10.40 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना लौट आएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर से दोपहर 1.50 बजे प्रस्थान कर दोपहर 2 बजे सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम पहुंचेंगे और वहां आयोजित कंवर महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय कार्यक्रम पश्चात अपरान्ह 4 बजे कचहरी चौक के निकट राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाएंगे और वहां शासकीय अनुदाप प्राप्त शिक्षक एवं कर्मचारी संगठन के सम्मान सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात मुख्यमंत्री शाम 5.05 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर लौट आएंगे और शाम 6 बजे वहां से प्रस्थान कर शाम 6.10 बजे समता कालोनी स्थित महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज पहुंच कर वहां मैक कार्निवाल संस्कार 2023-24 के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय कार्यक्रम पश्चात शाम 7.25 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर लौट आएंगे।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया-उसलापुर-बिलासपुर के बीच रेल फ्लाईओवर का काम पूरारायपुर। बिलासपुर रेलवे फ्लाईओवर के प्रारम्भ होने से कटनी की दिशा में चलने वाली गाड़ियां मुंबई-हावड़ा मार्ग पर निर्बाध दौड़ सकेंगी। इस फ्लाईओवर के पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।उसलापुर-बिलासपुर के बीच रेल फ्लाईओवर का काम पूरा हो गया है और इसे शुरू कर दिया गया है। इस ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इसे लेकर रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर किया है। इसके जरिए उन्होंने लिखा है कि छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क में यह महत्वपूर्ण क्षमता जोड़ेगा। वहीं इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रेलमंत्री का आभार जताया है।इस फ्लाईओवर के शुरू होने से बिलासपुर यार्ड में ट्रेनों के क्रॉस होने की बड़ी परेशानी भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। सबसे बड़ी उपलब्धि ट्रेनों के परिचालन की स्थिति रहेगी, जिसमें सुधार होगा। वर्तमान में ट्रेनों को कटनी दिशा की ओर जाने में बिलासपुर यार्ड को क्रॉस करना पड़ता है। इसमें काफी समय लगता है। इसके साथ ही इस समय तक रायपुर से बिलासपुर और बिलासपुर से रायपुर दिशा की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों को नियंत्रित भी करना पड़ता है। इसके चलते ट्रेनें लेट होती रही हैं।इस फ्लाईओवर से ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने के बाद बिलासपुर से कटनी की दिशा की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें इस मार्ग से अविलंब उसलापुर होते हुए कटनी दिशा की ओर जाने लगेंगी। साथ ही बिलासपुर-रायपुर दिशा की ट्रेनों को नियंत्रित नहीं करना पड़ेगा, साथ ही उसलापुर स्टेशन पर यात्री सुविधा विकास के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों का बेहतर संचालन करने में मदद मिलेगी।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में केन्द्रीय ग्रामीण विकास और इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने केन्द्रीय मंत्री श्री कुलस्ते को उपहार स्वरुप शाल भेंट कर सम्मानित किया।



























