एसएनजी विद्याभवन में अखिल भारतीय तेलुगु नाट्योत्सव शुरू
-रास डांडिया की तर्ज पर कोलाटम नृत्य पेश
-मशहूर अभिनेता मुरली मोहन करेंगे शिरकत
टी सहदेव
भिलाई नगर। सेक्टर 04 स्थित एसएनजी विद्या भवन के ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय अखिल भारतीय नाटक प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। भिलाई की सांस्कृतिक संस्था कलांजलि और आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक संस्था पीएमकेएम फाइन आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में रविवार से शुरू नाट्योत्सव तेलुगु रंगमंच प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसमें आंध्र प्रदेश के नामी गिरामी कलाकार अपने अभिनय का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान तीनों ही दिन सुंदरकांड का सस्वर पाठ भी किया जाएगा।
मशहूर अभिनेता मुरली मोहन करेंगे शिरकत
कलांजलि संस्था के अध्यक्ष कोविरि राजू ने जानकारी दी कि अंतिम दिन यानी मंगलवार को पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सर्वश्रेष्ठ नाट्य कलाकार पुरस्कृत होगे। इस समारोह में तेलुगु फिल्मों के मशहूर अभिनेता एवं निर्माता डॉ मुरली मोहन और संचालन समिति के चेयरमैन पी वेंकट रमना खास तौर पर मौजूद रहेंगे। इस दौरान केवल नाट्य प्रतियोगिता ही नहीं, बल्कि रास डांडिया की तर्ज पर कोलाटम नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, फिल्मी गीतों पर आधारित नृत्य तथा लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही कलांजलि ऑर्केस्ट्रा द्वारा तीनों दिन संगीतमय प्रस्तुति भी दी जाएगी।
रास डांडिया की तर्ज पर कोलाटम नृत्य पेश

नाट्योत्सव की शुरुआत भगवान गणेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और विनायक वंदना से की गई। सबसे पहले गायक बी वेंकट रमन ने सुंदरकांड का भक्ति भाव से पाठ किया, जिसे लोगों ने भावविभोर होकर सुना। इस कांड में बताया गया कि रामभक्त हनुमान ने किस तरह लंका प्रस्थान, लंका दहन और लंका से वापसी की। सुंदरकांड का पाठ करने के बाद स्थानीय गायक बी रामू ने मधुर स्वर में गायन पेश किया, जो सराहनीय रहा। छत्तीसगढ़ अग्निकुल क्षत्रिय महिला सेवा समिति की नर्तिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कोलाटम नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आर कलावती, वी नीलवेणी, टी पद्मा, ओ उमावती, पी कुमारी, एस प्रभावती, जी पुष्पा तथा आर कविता ने अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया।
केरटालु और कर्म का शानदार मंचन
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\नाटक प्रतियोगिता के अंतर्गत जी कृष्णमूर्ति के निर्देशन में राजम कला क्रिएशन्स ने दर्शकों की जोरदार तालियों के बीच नाटिका 'केरटालु' (लहरें) भावातिरेक से प्रस्तुत की। इसके अलावा एल रामलिंगा स्वामी के निर्देशन में श्रिकाकुलम की ललिता श्री कला समिति ने नाटिका 'कर्म' का उम्दा तरीके से मंचन किया, जिसने खूब वाहवाही बटोरी। दोनों ही नाटिकाएं आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने अभिनीत कीं। इस मौके पर नृत्यांगना के लिट्या ने शास्त्रीय नृत्य पेश कर समां बांध दिया। दर्शकों के लिए नाट्योत्सव का पहला दिन काफी आनंददायक रहा। वे कार्यक्रम के अंत तक जमे रहे। संचालन के मोहनराव ने किया।


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