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- -ग्राम पंचायतों में QR कोड आधारित जागरूकता अभियान और समन्वित कार्यप्रणाली को बताया अनुकरणीयरायपुर / केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के प्रावधानों को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए सुविचारित, व्यापक एवं रणनीतिक पहल की जा रही है, जो ग्रामीण विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विशेष रूप से ग्राम चौपालों, ग्राम सभाओं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से चलाए जा रहे व्यापक जन-जागरूकता अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में QR कोड स्थापना की पहल को नवाचारपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक सरलता से पहुंचेगी तथा पारदर्शिता एवं मॉनिटरिंग को मजबूती मिलेगी।अपने पत्र में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने उल्लेख किया कि वन क्षेत्रों एवं विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PGVT) के समग्र विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जो राज्य के समावेशी एवं सतत विकास दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ के श्रम बजट को राज्य में मानव-दिवस सृजन रुझान को देखते हुए 850 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1250 लाख मानव-दिवस स्वीकृत किया गया है। उन्होंने इसे राज्य के सतत प्रयासों एवं बढ़ती कार्यगत आवश्यकता का सकारात्मक परिणाम बताया।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य प्रशासन इसी प्रतिबद्धता एवं ऊर्जा के साथ योजनाओं के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका सृजन को नई गति देगी, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -रिफॉर्म : अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर-प्रिंटिंग पॉलिसी पर किया जा रहा है अन्य राज्यों की पॉलिसी का अध्ययनरायपुर / सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और नई पहलों के प्रचार-प्रसार में आउटडोर मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित है। इसमें होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, ब्रांडिंग, डिजिटल वॉल पेंटिंग्स और एलईडी वैन अभियान शामिल हैं। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, बस स्टॉप्स तथा प्रमुख यातायात मार्गों जैसे उच्च आवागमन वाले स्थानों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से अधिक होता है।आउटडोर मीडिया के क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग एक बड़ी चुनौती रही है। कई मामलों में यह शिकायतें सामने आई हैं कि वेंडर्स द्वारा सरकारी विज्ञापनों की स्थापना में देरी की गई या निगरानी के अभाव में उन्हें समय से पहले हटाकर उनकी जगह व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए।इस समस्या के समाधान के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल करते हुए प्रौद्योगिकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम ”प्रचार ऐप” विकसित किया गया है। यह प्रणाली तीन चरणों में कार्य करती है। पहले चरण में विभाग प्रचार अभियान की योजना बनाती है, पैनल में शामिल एजेंसियों और उनके एसेट्स का चयन कर प्रचार अभियान कार्य आवंटित करती है। दूसरे चरण में वेंडर्स प्रचार अभियान की समीक्षा कर क्रियान्वयन की योजना बनाती है और एसेट्स को माउंटर्स को सौंपती है। तीसरे चरण में माउंटर्स मैदानी स्तर पर निर्धारित स्थानों पर क्रिएटिव सामग्री स्थापित करती है।रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए माउंटर्स हेतु एक एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से माउंटर्स को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो तीन चरणों में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है-स्थापना से पहले, स्थापना के तुरंत बाद, और अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक बार। इन तस्वीरों की पहले वेंडर एजेंसी द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें ऑनलाइन विभाग को भेजा जाता है।यह एंड-टू-एंड प्रणाली पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है और विभाग को सभी सक्रिय अभियानों की लगभग वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रत्येक आउटडोर एसेट की अलग-अलग ट्रैकिंग संभव हो पाती है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।इसी क्रम में जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को पैनल में शामिल सभी एजेंसियों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने आउटडोर मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया।यह नई प्रणाली 01 अप्रैल 2026 से होर्डिंग्स और यूनिपोल्स के लिए लागू की जा चुकी है और जल्द ही इसे एलईडी स्क्रीन, ब्रांडिंग तथा डिजिटल वॉल पेंटिंग्स जैसे अन्य प्रारूपों तक भी विस्तारित किया जाएगा।इसी तरह प्रिंटिंग पर काफी शिकायतें सामने आ रही थीं, इन शिकायतों के कारण टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। नई प्रिंटिंग पॉलिसी यथा-शीघ्र लागू की जावेगी। इस हेतु बेहतर एवं पारदर्शी पॉलिसी लागू करने के लिए विभिन्न राज्यों की मुद्रण नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है।
- --प्रदेश में सैन्य शिक्षा को बढ़ावा: धमतरी में सबसे बड़े सैनिक स्कूल की तैयारीधमतरी ।धमतरी जिले के लिए गौरव का विषय है कि यहां 500 सीटों की क्षमता वाला सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य स्तर से अनुमोदित होकर मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को प्रेषित कर दिया गया है। यह प्रस्ताव स्वीकृति की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण पार कर चुका है और अब केंद्रीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया जारी है। प्रस्तावित सैनिक स्कूल के स्थापित होने पर धमतरी जिला न केवल रायपुर संभाग बल्कि पूरे प्रदेश में एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरेगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सैनिक स्कूल रायपुर संभाग का सबसे बड़ा सैनिक स्कूल होगा, जो आधुनिक सुविधाओं एवं उच्च स्तरीय अधोसंरचना से सुसज्जित रहेगा। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस द्वारा शीघ्र ही संभावित स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण उपरांत उपयुक्त स्थल का चयन कर आगे की औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है।सैनिक स्कूल की स्थापना से धमतरी जिले सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। यहां छात्रों को अनुशासित वातावरण में शैक्षणिक, शारीरिक एवं नेतृत्व क्षमता के समग्र विकास का अवसर मिलेगा। यह संस्थान विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा जो भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं। सैनिक स्कूलों के माध्यम से छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) एवं अन्य प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों में प्रवेश हेतु सुदृढ़ आधार मिलता है।इस पहल से क्षेत्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे जिले के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी। विद्यालय परिसर में अत्याधुनिक कक्षाएं, खेल सुविधाएं, छात्रावास, पुस्तकालय एवं प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जो विद्यार्थियों को उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेंगे।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी में 500 सीटर सैनिक स्कूल की स्थापना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से प्रस्ताव स्वीकृत होकर रक्षा मंत्रालय को प्रेषित किया जाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। जिला प्रशासन इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर रहा है, ताकि मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण एवं अनुशासित शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सैनिक स्कूल की स्थापना से धमतरी जिला शिक्षा के क्षेत्र में एक नए केंद्र के रूप में उभरेगा और यहां के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्राप्त होगा।उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। जिला प्रशासन सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।जिला प्रशासन द्वारा इस परियोजना को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। संबंधित विभागों के समन्वय से भूमि चयन, आवश्यक अधोसंरचना एवं अन्य व्यवस्थाओं पर कार्य किया जा रहा है, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।धमतरी में सैनिक स्कूल की स्थापना न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने वाला एक सशक्त मंच भी सिद्ध होगा। यह पहल आने वाले समय में जिले की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -'सेवा सेतु’ से सुशासन और पारदर्शिता को मिलेगी नई मजबूती - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-आधुनिक तकनीक और AI से सशक्त हुआ सुशासन: ‘सेवा सेतु’ से 441 सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर-अब सेवाएं नागरिकों के हाथ में: ‘सेवा सेतु’ से घर बैठे मिलेगी 441 सरकारी सुविधाएं-ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी नागरिक सेवाओं की डिजिटल सुविधारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे।वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है।‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा।इस अवसर पर मुख्यसचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका आज यहां लोकभवन में संत गोविंद राम शदाणी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर की छात्राओं से रूबरू हुए। उन्होंने शैक्षणिक विषयों पर चर्चा कर मार्गदर्शन दिया और उनके प्रश्नों का उचित समाधान किया।लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आयोजित कार्यक्रम में श्री डेका ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उसके बिना सफलता नहीं मिलती है। जीवन को पूर्ण करने के लिए योजना पूर्वक कार्य करना चाहिए। अच्छी योजना से जीवन भी अच्छा होगा। लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम भी करना होगा। मानवीय गुणों का होना भी आवश्यक है और शिक्षा से ही इन गुणों का विकास होता है। श्री डेका ने कहा कि अपनी खुशी अपने अंदर होती है। दूसरों से तुलना कर दुखी ना रहे बल्कि जो अपने पास उपलब्ध है उससे संतुष्ट रहिए।श्री डेका ने कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं का सर्वाेच्च स्थान है। उन्होंने नारी की तुलना पानी से करते हुए कहा कि पानी के बिना जीवन असंभव है, उसी तरह नारी के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती। चर्चा के दौरान छात्राओं ने राज्यपाल से तनाव को सकारात्मक ऊर्जा में कैसे बदलें, सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए क्या प्रयास करना चाहिए, कौशल एवं प्रशिक्षण का महत्व, देश व प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों ने नारी सशक्तिकरण, उनके स्कूल एवं कॉलेज के जीवन की कोई प्रेरक घटना और छत्तीसगढ़ में उनकों सर्वाधिक क्या पसंद आया जैसे रोचक प्रश्न पूछे गए।क्षेत्रीय विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी छात्राओं के प्रश्नों का समाधान कर मार्गदर्शन दिया। राज्यपाल श्री डेका ने छात्राओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा अग्रवाल, महाविद्यालय परिवार के सदस्य, शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल जी महराज, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी।
- - टूटते परिवारों को जोड़ने की नई पहलरायपुर । तेजी से बदलते सामाजिक ढांचे में रिश्तों की जटिलताएं भी नई चुनौतियां लेकर सामने आ रही हैं। अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर पनपने वाली पीड़ा—चाहे वह किसी बुजुर्ग की उपेक्षा हो या किसी पुरुष का मानसिक तनाव—अनसुनी रह जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग ने इस खामोशी को आवाज़ देने का एक नया रास्ता दिखाया है।दुर्ग जिले में शुरू हुई जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग व्यवस्था आज पारिवारिक विवाद समाधान का एक ऐसा समावेशी मॉडल बनकर उभरी है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई दे रही है।सेक्टर-6 स्थित महिला थाना का परिवार परामर्श केंद्र, जो पहले मुख्यतः महिलाओं की शिकायतों तक सीमित था, अब एक व्यापक सामाजिक मंच बन चुका है। यहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी समान गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जा रहा है।उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शुरू हुआ यह केंद्र समय के साथ अपने दायरे का विस्तार करता गया। बदलते पारिवारिक समीकरणों और विवादों के नए स्वरूप को देखते हुए इसमें जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग को लागू किया गया, जिससे हर पक्ष को निष्पक्ष और संतुलित सुनवाई का अवसर मिल सके।इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है—पुरुष काउंसलर की नियुक्ति। पिछले कुछ वर्षों में यह स्पष्ट हुआ कि पुरुष भी मानसिक, आर्थिक और वैवाहिक तनाव से जूझते हुए परामर्श केंद्र तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी बात को समझने और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल को समय की मांग बताते हुए कहा है कि काउंसलिंग आधारित समाधान से विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है, जिससे परिवारों में सामंजस्य और सामाजिक स्थिरता मजबूत होती है।वहीं दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, संवाद और परामर्श की प्रक्रिया पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोकने में कारगर साबित हो रही है। यह मॉडल न केवल विवादों को कम कर रहा है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रहा है।इस व्यवस्था की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है—‘सीनियर सिटीज़न सपोर्ट बेंच’ का गठन। इस विशेष इकाई में रिटायर्ड अधिकारी, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शामिल हैं, जो बुजुर्गों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं।यहां आने वाली शिकायतें समाज की एक गंभीर तस्वीर सामने रखती हैं—बेटे-बहू द्वारा प्रताड़ना, संपत्ति के लिए दबाव, जबरन वृद्धाश्रम भेजना, शराब के लिए पैसे न देने पर मारपीट, भोजन से वंचित करना और घर से निकाल देना जैसी घटनाएं अब खुलकर सामने आ रही हैं।अब तक इस केंद्र में लगभग 200 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से करीब 130 मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। यह आंकड़े न केवल इस पहल की सफलता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सही समय पर संवाद और संवेदनशील हस्तक्षेप कितने प्रभावी हो सकते हैं।दुर्ग का ‘काउंसलिंग-फर्स्ट’ मॉडल छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिसने पारिवारिक विवाद समाधान को नई दिशा दी है। जहां कई राज्यों में अब भी पारंपरिक और एकतरफा दृष्टिकोण हावी है, वहीं दुर्ग ने महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों—सभी को एक मंच पर समान रूप से सुनने का संतुलित मॉडल विकसित किया है।संवाद आधारित यह व्यवस्था न केवल विवादों को समय रहते सुलझा रही है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रही है। इसी कारण यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में देख रहे हैं।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आज जारी कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में सफलता हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों के अंक अपेक्षा के अनुरूप नहीं आए हैं या जो इस बार सफल नहीं हो सके हैं, वे हताश न हों। यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प ही सफलता का मार्ग बनाते हैं। श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल एवं सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी।
- -दुर्ग संभाग के 850 श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना-अब तक 45 हजार से अधिक श्रद्धालु ले चुके हैं इस योजना का लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित ‘रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत राजनांदगांव और दुर्ग रेलवे स्टेशन पर आज भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। दोनों स्टेशनों से कुल 850 तीर्थयात्री भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या के लिए रवाना हुए। इस दौरान स्टेशन परिसर “जय श्री राम” के जयघोष से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, पर्यटन मंडल और आईआरसीटीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर यात्रियों का आत्मीय अभिनंदन किया। तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा कर और पारंपरिक लोकनृत्य की प्रस्तुति के साथ यात्रियों को विदाई दी गई, जिससे यह यात्रा उनके लिए एक यादगार अनुभव बन गई।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। दुर्ग स्टेशन पर महापौर अल्का बाघमारे और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। सभी अतिथियों ने इस योजना को साय सरकार की एक महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी पहल बताते हुए कहा कि यह योजना प्रदेशवासियों की आस्था को सम्मान देने के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत कर रही है।साय सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को निःशुल्क यात्रा, भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अब तक 45 हजार 900 श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं और इस यात्रा के साथ यह संख्या बढ़कर 46 हजार 750 हो जाएगी। खास बात यह है कि इस यात्रा में श्रद्धालुओं को अयोध्या के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के भी दर्शन कराए जा रहे हैं।यात्रा पर रवाना हो रहे श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर पाएंगे, लेकिन साय सरकार की इस योजना ने उनका यह सपना साकार कर दिया। यात्रियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए इसे आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।स्टेशन परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं और उनके परिजनों की भीड़ जुटने लगी थी। ढोल-नगाड़ों की थाप, लोकनृत्य की प्रस्तुतियां और “जय श्री राम” के गगनभेदी नारे पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहे थे। यात्रियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था, वहीं परिजन उन्हें भावभीनी विदाई दे रहे थे। राज्य सरकार द्वारा इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षित ट्रेन व्यवस्था, स्वच्छ भोजन, आरामदायक ठहराव, चिकित्सा सुविधा और गाइड की व्यवस्था की गई है। पर्यटन मंडल और आईआरसीटीसी के कर्मचारी पूरी यात्रा के दौरान साथ रहते हैं, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्टेशन पर भी इन कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत-सत्कार कर उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार धार्मिक आस्था के साथ जनकल्याण को जोड़ते हुए लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी इस योजना को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई है। ‘रामलला दर्शन योजना’ न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान दे रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक समरसता को भी नई दिशा प्रदान कर रही है।
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रायपुर । राज्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएँ जरूरतमंद वर्ग के लिए सशक्त सहारा बनकर उभर रही हैं। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं निराश्रित महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित ये योजनाएँ न केवल जीवन-यापन में सहूलियत दे रही हैं, बल्कि समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का आधार भी सुनिश्चित कर रही हैं।
प्रदेश में वर्तमान में कुल 6 पेंशन योजनाएँ प्रभावी रूप से संचालित हैं, जिनमें 3 राज्य योजनाएँ एवं 3 केंद्र प्रवर्तित योजनाएँ शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत मार्च 2026 तक सभी पात्र हितग्राहियों को भुगतान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इससे लाखों परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जो उनके दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत भी भुगतान की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से संचालित की गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन योजनाओं में दिसंबर 2025 तक तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में जनवरी 2026 तक भुगतान पूर्ण कर लिया गया है। यह दर्शाता है कि राज्य स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतरता और गंभीरता बनी हुई है।पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा नई तकनीकी प्रणाली एसएनए–स्पर्श (SNA-SPARSH) लागू की गई है। इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा हितग्राहियों को सीधे लाभ सुनिश्चित होगा। हालांकि, नई प्रणाली में संक्रमण के चलते केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के कुछ भुगतान वर्तमान में लंबित हैं।नई व्यवस्था के तहत अब भुगतान भारत सरकार से मदर सैंक्शन प्राप्त होने के बाद ही किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मदर सैंक्शन प्राप्त होगा, सभी लंबित भुगतान एरियर सहित प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जारी कर दिए जाएंगे। राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध भुगतान एवं तकनीकी नवाचार के माध्यम से प्रदेश में एक मजबूत, पारदर्शी और हितग्राही-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा तंत्र स्थापित किया जा रहा है। - रायपुर। जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि के दो मामलों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान की गई है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधान के तहत कुल 8 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है।पहला मामला दुलदुला तहसील के ग्राम बांसपतरा का है, जहां स्वर्गीय पायल सिंह की कुएं में डूबने से 19 सितम्बर को मृत्यु हो गई थी। इस घटना में उनके पिता गोवर्धन को निकटतम वारिस के रूप में 4 लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर की गई है। दूसरा मामला बगीचा तहसील के ग्राम सरबकोम्बो का है, जहां स्वर्गीय अपोलिना एक्का की 2 जुलाई 2024 को पेड़ की डाली गिरने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में उनके पति सिलास एक्का को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। प्रशासन द्वारा आर.बी.सी. 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
- 0- लड़कियों के लिए बनाया एआई बेस्ट मेन्स्ट्रुएशन बेल्टरायपुर। एआई स्टार्टअप कंपटीशन के डिस्ट्रिक्ट और स्टेट लेवल पर जीत का परचम लहराने के बाद महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्रा पूर्वी साहू ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बताते चलें कि पूर्वी वर्तमान में 11वीं कॉमर्स में अध्ययनरत हैं।हाल में घोषित किए गए स्कूल की वार्षिक परीक्षा परिणाम में पूर्वी ने 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त 11वीं कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया है। पूर्वी की इस उपलब्धि पर मंडल अध्यक्ष अजय काले, सचिव चेतन दंडवते और प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षिका अराधना लाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एआई स्टार्टअप कंपटीशन आयोजित किया गया था। जिसमें पूर्वी साहू शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे आगे रहीं।ऑनलाइन जूम मीटिंग में एआई स्टार्टअप के लिए जूनियर्स का एक कंपटीशन रखा गया था। इसमें पूर्वी साहू ने बताया कि जो मासिक धर्म की होने वाली परेशानियों को बड़े ही सौम्य तरीके से पहचान करके एक एप के माध्यम से इसे कंट्रोल करेगी। पूर्वी ने पूरा प्रस्तुतीकरण उत्कृष्ट इंग्लिश में दिया और बेहद प्रभावपूर्ण रहा। वहां उपस्थित सभी जनों ने पूर्वी की विशेष सराहना की व प्रतियोगिता में भी उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त किया।--
- 0- 9वीं में खुशी सहारे और दीपिका यादव रहीं प्रथम0- 11वीं गणित में बर्षा परिदा, कामर्स में पूर्वी और डिंपल व बायो में खुशी सबसे आगे0- प्री-प्राइमरी के बच्चों ने मनाया ग्रेजुएशन डे, बच्चों के चेहरों पर नजर आई खुशीरायपुर। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर इंग्लिश मीडियम स्कूल में विद्यालय आधारित कक्षाओं के परीक्षा परिणाम मंगलवार को घोषित किए गए। इन कक्षाओं के परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहे। कक्षा नौवीं में खुशी सहारे और दीपिका यादव प्रथम रहीं। वहीं 11वीं में गणित में बर्षा परिदा, कामर्स में पूर्वी साहू और बायो में खुशी यादव प्रथम रहीं। विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बच्चों को उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।परीक्षा प्रभारी शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने बताया कि विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत- प्रतिशत रहा। इस वर्ष कक्षा 11वीं के तीनों संकाय के बच्चों ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया। बायो में खुशी यादव 97.20 प्रतिशत के साथ कक्षा में प्रथम रही। वहीं 91.20 प्रतिशत के साथ दीपिका अग्रवाल द्वितीय और 90 प्रतिशत के साथ शुभम् साहू तीसरे स्थान पर रहे। इसी तरह गणित में बर्षा परिदा 98.8 प्रतिशत के साथ प्रथम, रिद्धिका सिन्हा 96.20 प्रतिशत के साथ द्वितीय और डिंपल साहू 95 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।तृप्ति के अनुसार काॅमर्स के पहले सेक्शन में 98.4 प्रतिशत के साथ पूर्वी साहू प्रथम, 95.4 प्रतिशत के साथ नुपूर जैन द्वितीय और 94.6 प्रतिशत के साथ अंजलि यादव तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं दूसरे सेक्शन में 99.20 प्रतिशत के साथ डिंपल अवधिया प्रथम, 96.40 फीसद अंक के साथ योगेश यादव और 96.20 फीसद के साथ कोमल जनगिद तीसरे स्थान पर रहीं।परीक्षा प्रभारी ने आगे बताया कि इसी तरह नौवीं के सेक्शन ए में खुशी सहारे प्रथम, विनय यादव द्वितीय और तनिषा चतुर्वेदी तीसरे स्थान रहीं। सेक्शन बी में दीपिका यादव प्रथम, लाव्या चेलक द्वितीय और आयुषी सेन तृतीय रहीं। कक्षा सातवीं ए में प्रथम प्रतिमा दास, द्वितीय प्रगति यादव और तृतीय प्रियंका निषाद वहीं सातवीं बी में श्रेष्ठा मिश्रा प्रथम, मिष्ठी बर्मन द्वितीय और पूर्वी इस्सर तृतीय स्थान पर रहीं।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल का म्युजिकल ग्रुप संगीतमय कार्यक्रम के माध्यम से बॉलीवुड की वर्सिटाइल सिंगर आशा भोसले को 21 गायिकाओं की सुरीली आवाज में 21 गानों से श्रद्धांजलि दी जा रही है। यह कार्यक्रम 29 अप्रैल, बुधवार को शाम सात बजे मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की संयोजिका भारती पलोसकर ने बताया कि कार्यक्रम में उन्हीं गायिकाओें के गाने सुनने का अवसर मिलेगा, जो पहले से ही लाइव म्युजिक अथवा कोराओके माध्यम से अपनी आवाज का जादू बिखेरते रहे हैं और जिनकी अपनी लोकप्रियता भी है। कार्यक्रम में संगीतप्रेमियों को हर दशक और प्रत्येक एरा के चुने हुए बेहतरीन गानों को एंजॉय करने का मौका मिलेगा।इन गायिकाओं के गानों की होगी प्रस्तुति - भारती पलसोदकर, वैशाली जोशी, प्रीति केसकर, अंकिता किरवई, मंजरी बक्षी, साक्षी जोशी, अंजलि कान्हे, सुमिता रायजादा, रुक्मणी रामटेके, आशीष शुक्ला प्रगति ओगले, सुरेखा पाटिल, अस्मिता कुसरे, निशा देव, स्मिता राजे, अनुभा झा, आशीष शुक्ला, देविका देशपांडे, सुप्रिया शेष, स्वाति जोशी, आरती दीप।--
- 0- कलेक्टर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों सहित ग्रामीणों ने पौधों के समीप मटका लगाकर सहभागिता निभाई0- कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रेस क्लब के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय बतायाबालोद. बालोद जिला प्रशासन एवं जिला प्रेस क्लब के द्वारा आज राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 14वीं वाहिनी धनोरा कार्यालय के समीप पौधों को पानी की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु रोपे गए पौधों के निकट मटका लगाने हेतु श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गांनंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रिका गंजीर, जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री संतोष साहू एवं ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती सुमन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं उपस्थित ग्रामीणों ने भी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोपे गए पौधों के समीप मटका लगाकर एवं मटकों में पानी भरकर श्रमदान के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने जिला प्रेस क्लब के अभिनव प्रयासों से पौधों के समीप मटके लगाने के इस नेक कार्य की भूरी-भूरी सराहना की। उल्लेखनीय है कि जिला प्रेस क्लब के द्वारा छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 14वीं वाहिनी धनोरा कार्यालय के समीप रोपे गए पौधों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु कुल 150 मटकेे एवं 05 कोटना उलपब्ध कराया गया है। इसके अलावा गौ सेवक श्री नरेन्द्र जोशी द्वारा भी पौधों की सुरक्षा एवं पशु पक्षियों को पानी उपलब्ध कराने हेतु जिले में अब तक 700 से अधिक कोटना का वितरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गौ सेवक श्री नरेन्द्र जोशी के कार्यों को अत्यंत सराहनीय बताते हुए मुक्तकंठ से सराहना की।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला प्रेस क्लब के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों के द्वारा यहाँ पर रोपे गए पौधों को समुचित मात्रा में पानी उपलब्ध कराने हेतु मटका एवं कोटना वितरण कर अत्यंत पुण्य का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रेस क्लब का कार्य पेड़, पौधों के साथ-साथ पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं काबिले-तारीफ है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि इस स्थान पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कुल 250 पौधे रोपे गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि पौधों को समुचित मात्रा में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु पेड़, पौधों के समीप मटके लगाने की अभियान की शुरूआत संयुक्त जिला कार्यालय परिसर से की गई है। उन्होंने कहा कि वहाँ पर भी इसका बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रेस क्लब के द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किया गया सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि मीडिया जनहित के प्रत्येक कार्यों को जन-जन तक व्यापक रूप से पहुँचाने का कार्य करता है। अपने इस नेक कार्य के अंतर्गत मीडिया के साथियों के द्वारा हमारे जीवनदायिनी पेड़, पौधों एवं पशु-पक्षियों की रक्षा की दिशा में भी आज अत्यंत पुनीत कार्य किया गया है। जो हम सभी के लिए प्रेरणादायी साबित होगा। श्रीमती मिश्रा ने ग्राम धनोरा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की भी सराहना की। श्रीमती मिश्रा ने जिला प्रशासन द्वारा नीर चेतना अभियान के अंतर्गत किए जा रहे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने जिला प्रेस क्लब के सहयोग से आयोजित इस श्रमदान कार्यक्रम की सराहना करते हुए उनके इस कार्य को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर बताया। जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीत संजय साहू ने जिला प्रशासन एवं जिला प्रेस क्लब के सहयोग से आयोजित इस श्रमदान कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी के लिए प्रेरणादायी बताया। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रिका गंजीर ने कहा कि जिला प्रेस क्लब के सहयोग से रोपे गए पौधों के समीप जो मटका लगाने का कार्य किया गया है उससे पौधों के अलावा पशु, पक्षी भी लाभान्वित होंगे।जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री संतोष साहू ने कहा कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के पर्यावरण के प्रति असीमित अनुराग एवं इसके संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति उनके सजगता और सक्रियता से प्रेरित होकर जिला प्रेस क्लब के द्वारा इस स्थान में पौधों को पानी उपलब्ध कराने हेतु मटका एवं कोटना उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने जिले में पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रत्येक कार्यों के अलावा जनहित के सभी कार्यों में जिला प्रेस क्लब के द्वारा सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की भी बात कही गई। इस मौके पर आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती सुमन साहू ने जिला प्रशासन एवं जिला प्रेस क्लब के इस जनहित के कार्य को सभी के लिए अनुकरणीय बताया। इस मौके पर एसडीएम श्री आरके सोनकर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे सहित वरिष्ठ पत्रकार श्री रवि भूतड़ा, श्री लक्की अरोरा, श्री संजय दुबे, श्री अरुण उपाध्यक्ष, श्री नरेश श्रीवास्तव, श्री सुप्रीत शर्मा, श्री देवेंद्र साहू, श्री जागेश्वर सिन्हा, श्री प्रवीण सारडा, श्री जगन्नाथ साहू, श्री घनाराम साहू के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पौधों के समीप मटके लगाकर श्रमदान के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
- 0- रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन एवं हाउसिंग सोसायटी करें प्रगणकों की सहायता: जिला जनगणना अधिकारी श्री मिश्रा0- जनगणना चार्ज अधिकारी बैठक लेकर निर्देश जारी करेंरायपुर. 1 मई से शुरू होने वाले जनगणना के प्रथम चरण में निजी कालोनियां, हाउसिंग सोसाइटी द्वारा प्रगाणकों और पर्यवेक्षकों का कार्य सुगमता से हो इसके लिए जिला जनगणना अधिकारी ने सभी जनगणना चार्ज अधिकारियों को बैठक में आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिला जनगणना अधिकारी श्री मिश्रा ने कहा कि सभी चार्ज अधिकारी अपने क्षेत्र में आने वाले आरडब्ल्यूएएस और हाउसिंग सोसायटियों की बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी करप्रशासन और आमजन के मध्य जरूरी समन्वय बनाएं ताकि प्रगाणकों को जानकारी एकत्र करने में कठिनाइयों को सामना न करना पड़े।जिला जनगणना अधिकारी श्री मनीश मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्षों में यह अनुभव रहा है कि कम्युनिटी क्षेत्रों, हाई-राइज अपार्टमेंट्स और निजी कॉलोनियों में जनगणना कार्य के दौरान कई समस्याएँ सामने आई थीं। विशेष रूप से सुरक्षा प्रोटोकॉल और रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAS) के साथ समन्वय की कमी के कारण प्रगणकों को परिसर में प्रवेश और जानकारी एकत्र करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।इस हेतु श्री मिश्रा ने कहा कि सभी चार्ज अधिकारी बैठक लेकर उन्हें निर्देश दिया कि आरडब्ल्यूएएस और हाउसिंग सोसायटियों को संबंधित चार्ज अधिकारी निर्देश दें अपने नोटिस बोर्ड एवं व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निवासियों को मकान सूचीकरण कार्य की सूचना देंगे, जिससे लोग सहयोग करें और सही जानकारी प्रदान करें।इसके साथ ही, बंद मकानों या असहयोग करने वाले निवासियों के मामलों में सोसायटी प्रमुखों या प्रतिनिधियों को प्रगणकों की सहायता करने का आग्रह करें। साथ ही सुरक्षा गार्डों को भी जनगणना कर्मियों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने का अनुरोध करें।श्री मिश्रा ने बताया कि निर्देशों का पालन जनगणना कार्य को सुगम बनाने में सहायक होगा। यदि किसी आरडब्ल्यूएएस या हाउसिंग सोसायटी द्वारा सहयोग नहीं किया जाता है, तो संबंधितों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।--
- रायपुर. संभागायुक्त श्री महादेव कावरे द्वारा पिट एनडीपीएस के विभिन्न प्रकरणों में आरोपियों के विरुद्ध आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश के तहत आरोपियों को अधिकतम 6 माह के लिए जेल भेजा गया है।इस कार्यवाही में रायपुर जिले के 33 आरोपी, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 15 आरोपी, धमतरी जिले के 3 आरोपी, गरियाबंद जिले के 2 आरोपी तथा महासमुंद जिले के 1 आरोपी को निरुद्ध किया गया है। पिट एनडीपीएस एक्ट 1988 की धारा 11 के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस कमिश्नर द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर संभागायुक्त द्वारा यह कार्यवाही की गई है।--
- 0- शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा विभाग के 24 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार संचालित प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत 16 जुलाई 2025 से अब तक 19,000 लोगों को 220 बैच के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है ।--
- 0- अब तक 4500 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 265 बैचों में 4500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 29 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- रायपुर। प्रदेश में सुरक्षित एव गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। “सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम जिलेभर में निरीक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों को जागरूक भी कर रही है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक श्री दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दूसरे दिन टीम ने गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक, आइसक्रीम और जूस सेंटरों पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल 17 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें एक दुकान को सुधार सूचना पत्र जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान 6 किलो खराब नींबू, 5 किलो मैंगो पल्प तथा रंगयुक्त सोडा वॉटर की 7 बोतलें नष्ट कराई गईं। दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुरूप दुकान संचालन के निर्देश दिए गये।
- 0- इतिहास के पन्नों से: अंतिम अंग्रेज प्राचार्य स्मिथ का लेख सहित 25 पांडुलिपियां प्राप्तरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना के अनुरूप एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण एवं संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में आज सर्वे दल द्वारा राजकुमार कॉलेज, रायपुर के ऐतिहासिक अभिलेखागार का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान वर्ष 1931 से 1947 तक के कालखंड से संबंधित लगभग 25 दुर्लभ हस्तलिखित एवं चित्रकला युक्त पांडुलिपियां प्राप्त करने में सफलता मिली है।प्राप्त पांडुलिपियों में राजकुमार कॉलेज के अंतिम अंग्रेज प्राचार्य स्मिथ जी का लेख भी शामिल है। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’, पं. जवाहरलाल नेहरू, बाबू जगजीवन राम, तत्कालीन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री प्रकाशचंद सेठी, श्री कैलाशनाथ काटजू तथा ओडिशा की पूर्व महिला मुख्यमंत्री सुश्री नंदिनी सतपथी के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी मिले हैं।सर्वे के दौरान 75 वर्ष से अधिक पुरानी अन्य महत्वपूर्ण पांडुलिपियां भी प्राप्त हुई हैं, जो ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन सभी दस्तावेजों का शीघ्र डिजिटलीकरण कर संरक्षण किया जाएगा। सर्वेयर दल में श्रीमती अनुरिमा शर्मा एवं श्रीमती प्रेरणा मिश्रा शामिल थे।--
- 0- सुशासन शिविर बना सहारा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत धनश्याम को मिला पक्का मकानरायपुर। ग्राम पंचायत नगरगांव के श्री घनश्याम प्रसाद वर्मा के लिए सुशासन शिविर एक नई शुरुआत साबित हुआ है। कच्चे घर में रहने की परेशानी अब खत्म हो चुकी है और प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है। गत वर्ष आयोजित सुशासन शिविर में श्री घनश्याम प्रसाद वर्मा ने आवेदन किया था। श्री वर्मा अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में निवासरत थे। बरसात के दिनों में उनके घर की छत से पानी टपकता था। वे खेती एवं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में पक्का मकान बनवाना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था।इसी दौरान पड़ोसी ग्राम में आयोजित सुशासन शिविर उनके जीवन में बदलाव का माध्यम बना। उन्होंने अपनी समस्या को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया, जिसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनका नाम प्रतीक्षा सूची में शामिल है। आवास की स्वीकृति के बाद आवास निर्माण के लिए प्रथम एवं द्वितीय किश्त की राशि प्राप्त हुई। साथ ही मनरेगा से मजदूरी के रूप में 23,490 रुपये प्राप्त हुए। उन्हें इस योजना के तहत कुल 1,20,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। योजना से मिली सहायता राशि एवं स्वयं के योगदान से उनके सपनों का घर बन गया।अब वे अपने परिवार के साथ खुशहाली से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना हम सभी आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है, उन्हें मकान मिल रहा है। इस योजना के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त करता हूं। इस बार भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 मई 2026 से सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा हैं।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में प्रयोगशाला तकनीशियन सुश्री गायत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्र चंदखुरी एवं ड्रेसर श्री सुरेन्द्र कुमार साहू ने आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 2 आंरग में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- औषधि एवं खाद्य प्रशासन द्वारा संचालित सघन जांच अभियान के दूसरे दिनदुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है जिसमें औषधि शाखा द्वारा जिले में कॉस्मेटिक एजेंसीयां, थोक एवं खुदरा औषधि विक्रय फर्म, अस्पताल एवं अस्पतालों से जुड़े फार्मेसी में कोल्ड चैन का निरीक्षण निजी एवं शासकीय परिसरों में वैक्सीन संधारण एवं कोल्ड चैन की जांच, स्वापक औषधियों के थोक एवं खुदरा फर्मों में क्रय-विक्रय संबंधित दस्तावेजों की जांच, सार्वजनिक स्थलों पर कोटपा अधिनियम के तहत् कार्यवाही एवं जागरूकता अभियान एवं निजी एवं शासकीय अस्पतालों की फार्मेसीयों की जांच / निरीक्षण एवं एडवर्स ड्रग ईवेंट की रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं की जांच औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत की जाएगी। खाद्य शाखा द्वारा चाट, गुपचुप सेंटर्स, गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक्स, आईसक्रीम, जूस सेंटर, डेयरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिठाई दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, केक एवं ब्रेकरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिड-डे- मिल सेंटर्स, हास्पिटल कैंटीन, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर्स, आईस्क्रीम विक्रेता, कन्फेक्शनरी प्रतिष्ठान, ढ़ाबा, फल एवं सब्जी विक्रेता प्रतिष्ठान, पेप्सी, आईसगोला, आईस कैण्डी विक्रेता प्रतिष्ठानों की सघन जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् की जाएगी।औषधि शाखा द्वारा जांच - अभियान के दूसरे दिवस 28 अप्रैल 2026 को जिले में संचालित मेसर्स श्रद्धा मेडिकल एजेंसी, शनिचरी बाजार, दुर्ग, मेसर्स वर्धमान एजेंसी, गंजपारा, मेसर्स रिषभ डिस्ट्रीब्यूटर्स, गंजपारा, मेसर्स टी. सी. मेडिकोज, गंजपारा, स्टेशन रोड, दुर्ग रोड, दुर्ग में स्थित मेसर्स जायडस हेल्थ केयर, मेसर्स जायडस लाईफ साइंसेस, मेसर्स मेकमनी प्रा.लि. मेसर्स जिन्दत्त डिस्ट्रीब्यूटर्स, रामनगर, भिलाई में स्थित मेसर्स भारत एजेंसी एवं अशोक एजेंसी ऐसे 10 कॉस्मेटिक विक्रय करने वाली थोक औषधि विक्रेता फर्मों का निरीक्षण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत् किया गया जिसमें 02 प्रसाधन सामग्री का नमूना जांच हेतु संकलित किया गया एवं सभी फर्मों के क्रय-विक्रय रिकार्ड की जांच की गई एवं सख्त निर्देश दिये गए कि उनके द्वारा कास्मेटिक सामान का क्रय-विक्रय अधिकृत विक्रेताओं/एजेंसी से/ को बिल के माध्यम से किया जाए। भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।खाद्य शाखा द्वारा जांच - अभियान के दूसरे दिवस 28 अप्रैल 2026 को जिले में विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गन्ना रस एवं जूस सेंटर आदि स्ट्रीट वेंडर्स की जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया जा रहा है, जिसमें संचालकों को साफ स्वच्छ पीने योग्य पानी से बने बर्फ का उपयोग करने, रंगो का उपयोग नहीं करने, परिसर के आस-पास स्वच्छता रखने, ताजा फलों का प्रयोग करने एवं डस्टबीन रखने हेतु निर्देशित किया गया एवं पाण्डे जूस कार्नर, इंदिरा मार्केट, देवांगन जूस कार्नर, अग्रसेन चौक में मैन्गो जूस में रंग मिलाया जा रहा था, रंग को मौके पर नष्ट कराया गया एवं भविष्य में रंग का प्रयोग करने, खराब एवं सड़े फलों का प्रयोग करने एवं नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- 0- 58.55 करोड़ के निवेश से 18 नए उद्योग स्थापितबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आज कलेक्टर परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने तथा निवेश संबंधी प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नवीन उद्योग स्थापना, शासकीय एवं निजी भूमि के संयुक्त स्थल निरीक्षण, भूमि हस्तांतरण एवं अधिग्रहण, उद्योग स्थापना में आने वाली समस्याओं के निराकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा निजी सीबीएसई विद्यालय एवं मिनी मॉल की स्थापना हेतु संभावित नगरीय निकायों/विकासखंडों के संबंध में चर्चा की गई।जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बिलासपुर के प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक श्री सी.डी. प्रसाद द्वारा अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 18 उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें 58.55 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। इन उद्योगों के माध्यम से 278 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि अनुभाग एवं तहसील स्तर पर लंबित शासकीय भूमि हस्तांतरण एवं निजी भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए। साथ ही उद्योग स्थापना से संबंधित विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमति, अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं भूमि डायवर्सन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में हितग्राहीमूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) अंतर्गत 17 के लक्ष्य के विरुद्ध 61 प्रकरण स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 23 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) अंतर्गत 110 के लक्ष्य के विरुद्ध 111 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 89 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है।पूर्व बैठक के निर्देशों के पालन में औद्योगिक क्षेत्र सिरगिट्टी ओव्हरब्रिज में प्रकाश व्यवस्था सुधार के संबंध में जानकारी दी गई कि 120 वाट हाईमास्ट लाइट स्थापना हेतु 10 अप्रैल 2026 को निविदा प्रकाशित की गई है, जिसकी अंतिम तिथि 5 मई 2026 निर्धारित है। कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित होगी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








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