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- बिलासपुर. सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय ई. राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के लिए अपना योगदान दिया।शिविर में कुल 23 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदान को लेकर विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों में उत्साह नजर आया। उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए बढ़-चढ़कर सहभागिता की। शिविर का उद्देश्य युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक करने के साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना को बढ़ावा देना रहा। विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों की सहभागिता ने सेवा कार्यों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को प्रदर्शित किया। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से आयोजित इस शिविर में रक्तदान के महत्व का संदेश भी दिया गया।
- 0- निक्षय पोषण योजना से मिली ताकत, टीबी को हराकर काम पर लौटे सतीशबिलासपुर. स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मरीजों के उपचार के साथ-साथ उन्हें पोषण सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’’निक्षय पोषण योजना’’ और ’’टीबी मुक्त भारत अभियान’’ का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं से मरीजों को उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता मिल रही है, जिससे वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।सकरी वार्ड क्रमांक 12, अर्बन बिलासपुर निवासी श्री सतीश सूर्यवंशी भी योजना से लाभान्वित होकर अब सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। टीबी से पीड़ित होने के दौरान उनका वजन काफी कम हो गया था। भूख नहीं लगने के साथ उन्हें सांस लेने में परेशानी होती थी और सामान्य कार्य करने पर भी सांस फूलने लगती थी। बीमारी के कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा तथा उनका काम भी छूट गया था। टीबी का उपचार शुरू होने के साथ ही उन्हें ’’निक्षय पोषण योजना’’ के तहत पोषण सहायता मिलनी शुरू हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें 3 हजार रुपये की राशि, प्रोटीन पाउडर और फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया। नियमित उपचार और पोषण सहायता से उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार आया।अब सतीश पहले की तरह सामान्य रूप से अपना काम कर रहे हैं। शारीरिक एवं मानसिक परेशानी कम हुई है और सांस फूलने जैसी समस्या भी अब नहीं होती। बीमारी के कारण सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने में जो संकोच महसूस होता था, वह भी दूर हो गया है। अपने काम पर दोबारा लौटने से उनके जीवन में आत्मविश्वास और खुशी लौटी है। वर्तमान में वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन-यापन कर रहे हैं। हितग्राही सतीश सूर्यवंशी ने बताया कि टीबी होने की वजह से मेरा जॉब छूट गया था, लेकिन अब मुझे अपना काम फिर से मिल गया है। पहले की तुलना में अब मैं ज्यादा स्वस्थ और तंदुरुस्त महसूस करता हूं। वर्तमान में मुझे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है और मैं सामान्य जीवन जी रहा हूं।
- 0- उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप मिलेंगे 1 लाख नगदबिलासपुर. राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रदान किए जाने वाले महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान एवं गुण्डाधूर सम्मान के लिए खिलाड़ियों से अनुशंसाएं आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक पात्र खिलाड़ी निर्धारित प्रारूप में 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल खेल एवं युवा कल्याण विभाग की वेबसाइट http//sportsyw.cg.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किए गए आवेदन ही मान्य होंगे। निर्धारित प्रारूप एवं नियमों की जानकारी खेल विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों से भी प्राप्त की जा सकती है।महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान विशेष रूप से तीरंदाजी खेल के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिया जाएगा। यह सम्मान वर्ष 2025-26 में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चैंपियनशिप (सीनियर वर्ग) अथवा राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले अथवा अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए है। सम्मान के अंतर्गत 1 लाख रुपये नगद, अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर सम्मिलित रूप से विचार किया जाएगा।इसी प्रकार गुण्डाधूर सम्मान राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों अथवा एक दल को प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत ऐसे खिलाड़ी पात्र होंगे, जिन्होंने वर्ष 2025-26 में ऐसे खेलों में, जिन्हें भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर के खेल अलंकरण के लिए विचार क्षेत्र में लिया जाता है, सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चौंपियनशिप अथवा राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त किया हो अथवा अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। सम्मान के अंतर्गत 1 लाख रुपये नगद, अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
- 0- महाराष्ट्र गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र मंडल में विशेष सांस्कृतिक आयोजनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री गणेश के हाल में जोरदार प्रवेश के साथ हुई। भगवान गणेश के साथ उनकी दोनों पत्नियां रिद्धी और सिद्धि का भी सभागृह में प्रवेश किया। 'गजानना श्री गणराया…’ गीत के साथ आतिशबाजी और नृत्य प्रस्तुत कर भंडारा शहर से आए कलाकारों ने खूब तालियां बटोरीं। महाराष्ट्र की समृद्ध लोक श्रीगणेश कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राज्य की सीमाओं से बाहर पहुंचाने के उद्देश्य से ‘लोक कला के श्रीगणेश’ के बेहतरीन आयोजन किया गया।महाराष्ट्र मंडल में मेजर शहीद यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में कार्यक्रमों के अंतर्गत कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर भैरी भवानी परफॉर्मिंग आर्ट्स की ओर से बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में लोक कला के विभिन्न माध्यमों के जरिए महाराष्ट्र की भक्ति, श्रद्धा, लोक जीवन और सांस्कृतिक परंपराओं को लोगों को देखने- समझने का मौका मिला। महाराष्ट्र की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राज्य के बाहर व्यापक मंच मिले और कला- रसिकों को महाराष्ट्र की लोक कला का अनुभव प्राप्त हो, इसी उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।कोकण क्षेत्र में गणेशोत्सव के दौरान गांवों और वाडियों में बाल्या नृत्य बहुत प्रसिद्ध है। इसमें पारंपरिक ढोल की थाप पर नर्तक विशेष मुद्रा में नृत्य करते हैं। जाखड़ी नृत्य एक ऊर्जावान और लयबद्ध लोक नृत्य है, जिसे गणेश आगमन और विसर्जन के दौरान ताल और संगीत के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इसी तरह विदर्भ क्षेत्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव के दौरान स्थानीय लोक गीतों, ढोल- ताशा और पारंपरिक सामूहिक नृत्यों की धूम रहती है। यही सब कुछ रंगमंच पर सधे अंदाज में देखने को मिला।सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एड. आशीष शेलार की संकल्पना और सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के संचालक प्रशांत संगीता कैलास खेडेकर ने रायपुर समीपस्थ क्षेत्रों के कला- रसिकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर ‘लोक कला में श्रीगणेश’ इस विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेने का आह्वान किया है।
- 0- महाराष्ट्र मंडल में शिल्प कला समिति के पदाधिकारियों ने भी बनाई आकर्षक रंगोलीरायपुर। एक हाथ वाली गुणी दिव्यांग बालिका महालक्ष्मी साहू ने जमीन पर बैठकर पूरे धैर्य के साथ खूबसूरत रंगोली बनाई। दूसरी अन्य दिव्यांग बालिकाओं, खासकर मूक-बधिर बच्चियों ने एकग्रता से इंद्रधनुष, प्राकृतिक दृश्य, सुंदर- सुंदर फूल से लेकर चित्ताकर्षक मोर बनाकर सभी को चकित कर दिया।बात हो रही है महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मनमोहक रंगोली बनाने की। दिव्यांग बच्चियों को प्रोत्साहित करने और उनका साथ देने के लिए शेखर क्षीरसागर, अनिता लांगे और श्रेया टल्लू ने भी आकर्षक रंगोली तो बनाई ही, साथ ही उनका साथ ड्राइंग बनाने में भी सहयोग किया। दिव्यांग बच्चियों की ओर बनाई गई रंगोली हो या ड्राइंग, सभी में एक कॉमन बात, जो उभरकर सामने आ भी रही थी, वो थी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के भाव।दिव्यांग बालिका विकास गृह की प्रभारी मालती मिश्रा ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से संबंद्ध दिव्यांग बालिका विकास गृह में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मंडल की शिल्प कला समिति ने रंगोली और ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की। मंडल के मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के अंतर्गत इस स्पर्धा में 28 बालिकाओं ने भाग लिया। पढ़ाई के बीच अपनी इस विधा को निखारने के लिए दिव्यांग बच्यियों की ओर से समय निकालकर की गई मेहनत की मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते ने जमकर प्रशंसा की। साथ ही इस विधा को प्रोफेशनली आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं भी दीं।बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए मंडल मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, वार्डन रमा नहरगढ़कर, सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित थे। इधर मंडल परिसर में भी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आकर्षक रंगोली बनाई गई है, जो न केवल बड़े पैमाने पर देखी और सराही जा रही है, बल्कि कला प्रेमी कलाकारों को प्रेरित भी कर ही है।
- 0- कृषि महाविद्यालय, रायपुर एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षणरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि अर्थशास्त्र विभाग में पीएच.डी. की छात्रा एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) छात्रा इकाई की स्वयंसेविका कु. दीपिका उड्डे ने राज्य स्तरीय एनएसएस पुरस्कार प्राप्त कर कृषि महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।कु. दीपिका उड्डे को वर्ष 2025–26 के राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से आज माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह राष्ट्रीय सेवा योजना, छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित “राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह” के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार, रायपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि तथा उच्च शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।इस अवसर पर कु. दीपिका उड्डे को राज्य स्तरीय एनएसएस पुरस्कार के साथ ₹15,000 की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई। यह सम्मान उनके एनएसएस के माध्यम से सामाजिक एवं सामुदायिक सेवा गतिविधियों में सक्रिय योगदान और सहभागिता के लिए प्रदान किया गया।कु. दीपिका उड्डे कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि अर्थशास्त्र विभाग में पीएच.डी. की छात्रा हैं तथा एनएसएस छात्रा इकाई की सक्रिय स्वयंसेविका के रूप में विभिन्न सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में सहभागिता करती रही हैं। उनका यह सम्मान विभाग, महाविद्यालय एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है।इस उपलब्धि पर डॉ गिरीश चंदेल, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए एनएसएस इकाई ने आभार व्यक्त किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सेवा एवं सामुदायिक सहभागिता के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहा है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देशानुसार निगम क्षेत्र में प्रतिष्ठानों की जांच एवं नियमों के पालन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 23 सितंबर 2026 को जोन क्रमांक-01 अंतर्गत वार्ड क्रमांक-04, नेहरू नगर क्षेत्र में निगम की टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में अनुज्ञप्ति लाइसेंस उपलब्ध नहीं पाए जाने तथा गीले एवं सूखे कचरे को पृथक-पृथक नहीं रखने की स्थिति सामने आई। इस पर निगम द्वारा नियमानुसार चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹19,000 की राशि वसूल की गई। कार्रवाई के तहत हट्स कैफे एंड रेस्टोरेंट अनुज्ञप्ति लाइसेंस नहीं पाए जाने पर ₹8,000 का चालान। जूस फैक्ट्री गीला एवं सूखा कचरा पृथक नहीं पाए जाने पर ₹1,000 का चालान। मेघा शॉप अनुज्ञप्ति लाइसेंस नहीं पाए जाने पर ₹10,000 का चालान। इस प्रकार कुल ₹19,000 की चालानी कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई के दौरान स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी एवं जोन की टीम उपस्थित रही।नगर निगम द्वारा प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की गई है कि वे अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक अनुज्ञप्ति लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्राप्त करें तथा स्वच्छता व्यवस्था के तहत गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
- दुर्ग. प्रदेश भर में संचालित ‘सेवा संकल्प’ अभियान जरूरतमंदों और असहाय परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। योजना के माध्यम से शासकीय सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुँचाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत मानिकचौरी की निवासी श्रीमती पूर्णिमा चंद्रवंशी, पति स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार, को उनके कठिन समय में शासन की ओर से त्वरित सहायता प्राप्त हुई है।श्रीमती पूर्णिमा चंद्रवंशी ने बताया कि पति के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था और आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गई थी। संकट की इस घड़ी में जब उन्होंने ग्राम पंचायत को पति के निधन की सूचना दी, तो ग्राम पंचायत सचिव ने सेवा संकल्प की भावना से त्वरित कार्रवाई की। सचिव ने 2002-03 की बीपीएल सर्वे सूची का तत्काल अवलोकन किया, जिसमें परिवार का नाम गरीबी रेखा की सूची में दर्ज पाया गया। इसके बाद तुरंत प्रक्रिया पूरी करते हुए श्रीमती पूर्णिमा से श्राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनाश् का आवेदन फॉर्म भरवाया गया। प्रशासनिक तत्परता के चलते उनके सीधे बैंक खाते में 20,000 रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर कर दी गई। इस त्वरित वित्तीय संबल से परिवार को बेहद राहत मिली है। संकट के समय में मिली इस मदद पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती पूर्णिमा चंद्रवंशी ने इस सेवा के लिए केन्द्र व राज्य सरकार का सहृदय आभार व्यक्त किया।
- 0- सफाई संबंधी शिकायतों का मौके पर हुआ त्वरित निराकरण, अधिकारियों ने लिया आवेदनों का संज्ञानदुर्ग. सेवा संकल्प अभियान के तहत नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा सेवा सेतु शिविर समस्या का समाधान आपके द्वार का आयोजन 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक नगर निगम क्षेत्र में किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को तिलक कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, शिक्षक नगर एवं तुलाराम कन्या विद्यालय, आर्य नगर में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए गए। दोनों शिविरों में संबंधित 10 वार्डों के नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं से संबंधित जानकारी, आवेदन एवं समस्याओं के निराकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई।शिविर के दूसरे दिन नागरिकों द्वारा विभिन्न सेवाओं एवं समस्याओं से संबंधित कुल 16 आवेदन प्रस्तुत किए गए। इनमें सफाई से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। अन्य आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा प्राप्त कर पात्र प्रकरणों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिविर के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर आवेदन एवं समाधान की सुविधा मिल रही है।महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने तुलाराम कन्या विद्यालय, आर्य नगर एवं तिलक कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, शिक्षक नगर में आयोजित सेवा सेतु शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर नागरिकों से प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को पात्र प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान एमआईसी सदस्य देव नारायण चन्द्राकर, एमआईसी सदस्य एवं पार्षद शेखर चन्द्राकर, पार्षद विद्यावती सिंह, रंजीता पाटिल, सवित्री दमाहे, लोकेश्वरी ठाकुर, मनीषा सोनी, एल्डरमेन अनूप सोनी, कार्यपालन अभियंता सलीम सिद्दीकी, सहायक अभियंता एवं नोडल अधिकारी गिरीश दीवान, सहायक अभियंता एवं नोडल अधिकारी राजेन्द्र ढबाले सहित निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।26 सितंबर को सिकोला भाठा एवं कुशाभाऊ ठाकरे विद्यालय में लगेगा सेवा सेतु शिविरसेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार, 26 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिकोला भाठा एवं कुशाभाऊ ठाकरे विद्यालय में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर में संबंधित वार्डों के नागरिकों की विभिन्न समस्याओं एवं आवेदनों को प्राप्त कर उनके निराकरण की कार्रवाई की जाएगी।शिविर में वार्ड क्रमांक 14 सिकोला भाठा, वार्ड क्रमांक 15 सिकोला बस्ती दक्षिण, वार्ड क्रमांक 16 सिकोला बस्ती उत्तर, वार्ड क्रमांक 17 औद्योगिक नगर उत्तर, वार्ड क्रमांक 18 औद्योगिक नगर दक्षिण, वार्ड क्रमांक 19 कैलाश नगर दक्षिण, वार्ड क्रमांक 20 शहीद भगत सिंह उत्तर, वार्ड क्रमांक 21 तितुरडीह, वार्ड क्रमांक 22 स्टेशन पारा, वार्ड क्रमांक 24 आमदी मंदिर, वार्ड क्रमांक 59 कातुलबोर्ड पूर्व, वार्ड क्रमांक 60 कातुलबोर्ड पश्चिम नागरिक शामिल होंगे। नगर निगम ने संबंधित वार्डों के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आवेदन एवं समस्याओं से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर सेवा सेतु अभियान का लाभ उठाएं।
- 0- बिहान योजना ने बदला कौशिया का जीवन, साधारण गृहणी से 'लखपति दीदी' बन पेश की मिसालदुर्ग. समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा संकल्प’ अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में नई क्रांति ला रहा है। इस विशेष अभियान के तहत प्रशासनिक तत्परता से शासकीय योजनाओं और स्व-सहायता समूहों का लाभ समयबद्ध तरीके से सीधे महिलाओं तक पहुँचाया जा रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत सिपकोहा की निवासी श्रीमती कौशिया निषाद ने अपने हुनर और कड़ी मेहनत से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।श्रीमती कौशिया निषाद ने बताया कि वे कभी एक साधारण गृहणी के रूप में केवल खेतिहर कार्यों में परिवार का हाथ बंटाती थीं। सेवा संकल्प की मंशा के अनुरूप जब वे श्बाला मां महिला स्व-सहायता समूहश् से जुड़ीं, तो उन्हें आजीविका विस्तार के लिए वित्तीय सहयोग और मार्गदर्शन मिला। समूह के माध्यम से ₹15,000 की आरएफ तथा ₹60,000 की सीआईएफ राशि एवं बैंक ऋण की सहायता से उन्होंने फैंसी स्टोर, कपड़ा व पार्लर का व्यवसाय शुरू किया। इसके साथ ही बाड़ी विकास योजना तथा मनरेगा के तहत स्वीकृत ₹1.20 लाख की सहायता से मुर्गी शेड का निर्माण कराकर पशुपालन व पोल्ट्री गतिविधियों को भी अपनाया। प्रशासनिक सहयोग, विभिन्न वित्तीय सुविधाओं और स्वयं की लगन के बल पर आज कौशिया निषाद विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से प्रतिवर्ष लगभग ₹2 लाख का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही हैं। एक साधारण गृहणी से सफल उद्यमी बनकर ’लखपति दीदी’ के रूप में उभरीं कौशिया निषाद ने अपने परिवार को समृद्ध बनाने के साथ-साथ समाज में एक नई पहचान बनाई है।--
- 0- दिव्यांग तोपसिंग को मिली बैटरी चालित ट्रायसायकल, अब बिना किसी सहारे के खुद चला रहे अपनी दुकानदुर्ग. समाज के प्रत्येक वर्ग विशेषकर दिव्यांगजनों को सुलभ और पारदर्शी तरीके से शासकीय योजनाओं से जोड़कर सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा संकल्प’ अभियान दुर्ग जिले में अत्यंत प्रभावकारी सिद्ध हो रहा है। प्रशासनिक तत्परता और त्वरित सेवा वितरण व्यवस्था के माध्यम से जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड व जिला दुर्ग के ग्राम पंचायत करंजा-भिलाई (वार्ड क्रं. 16) निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांग श्री तोपसिंग साहू के जीवन में शासन की योजना ने आत्मनिर्भरता की नई किरण जगाई है।श्री तोपसिंग साहू ने बताया कि वे अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए एक छोटा सा पान ठेला संचालित करते हैं। दिव्यांगता के कारण उन्हें अपनी दुकान तक आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता था और प्रतिदिन दूसरों की सहायता पर निर्भर रहना पड़ता था। सेवा संकल्प की मंशा के अनुरूप जब उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सहायक उपकरण प्रदाय योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने विभाग से संपर्क किया। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें बैटरी चालित ट्रायसायकल प्रदान की गई। बैटरी चालित ट्रायसायकल मिलने के बाद तोपसिंग साहू की आवागमन संबंधी बड़ी समस्या दूर हो गई है। अब वे बिना किसी की सहायता के स्वयं ही अपनी दुकान तक आसानी से आ-जा रहे हैं, जिससे उनके समय की बचत हो रही है और व्यापार संचालन में भी सहूलियत आई है। पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनकर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री तोपसिंग साहू ने इस सुगम व्यवस्था और त्वरित सहायता के लिए सरकार की संकल्प सेवा अभियान आधारित इस पहल की सरहना की और सहृदय आभार व्यक्त किया।
- 0- कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर किसानों को हो सकती है धान बेचने में परेशानी0- धान खरीदी को सुगम बनाने 18 नई उपार्जन केंद्र समितियों का गठन, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देशबालोद. धान खरीदी की तैयारियों और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा के लिए आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित सभाकक्ष में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बैठक में डीसीएस, एग्रीस्टैक और बकेटिंग सहित धान खरीदी से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एग्रीस्टैक एवं बकेटिंग के लंबित कार्यों में तेजी लाने और किसानों को समय पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हहें लाभान्वित कराने के निर्देश दिए।एग्रीस्टैक और बकेटिंग कराना जरूरीकलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार धान बेचने के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन और आवश्यक बकेटिंग प्रक्रिया पूर्ण होना जरूरी है। जिन किसानों की यह प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उन्हें धान बेचने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को इसकी जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करा सकें।गांव-गांव मुनादी कर किसानों को दी जाएगी जानकारीकलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिन गांवों में एग्रीस्टैक और बकेटिंग का कार्य अभी अधूरा है, वहां कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर किसानों को इसकी जानकारी दी जाए। सूचना चस्पा करने सहित अन्य माध्यमों से भी किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों का एग्रीस्टैक और बकेटिंग पूरा हो चुका है, उनके परिवार के सह-खातेदारों की बकेटिंग भी समय पर कराई जाए, ताकि धान खरीदी के समय किसी प्रकार की समस्या न हो।किसानों की सुविधा के लिए 18 नई उपार्जन केंद्र समितियां गठितबैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों को धान बेचने में सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस वर्ष 18 नई उपार्जन केंद्र समितियों का गठन किया गया है। इससे किसानों को धान बेचने के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होंगे और उपार्जन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देशधान खरीदी के दौरान बारदाने की कमी न हो, इसके लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सहकारिता विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।सारथी पोर्टल सहित अन्य विषयों की भी समीक्षाबैठक में सारथी पोर्टल, समितियों में चावल की उपलब्ध मात्रा, राशन चावल वितरण की स्थिति, डूबान क्षेत्र की स्थिति सहित अन्य प्रशासनिक एवं विभागीय विषयों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- जिला अस्पताल में पहली बार हुआ घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशनबालोद. स्वास्थ्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुँचाने और शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जिला चिकित्सालय बालोद ने एक नया इतिहास रचा है। जिले के इतिहास में पहली बार एक ही दिन में ’घुटना प्रत्यारोपण’ (नी- रिसप्लेसमेंट) और ’कूल्हा प्रत्यारोपण’ (हिप-रिसप्लेसमेंट) का अत्यंत जटिल एवं सफल ऑपरेशन किया गया।जमुनाबाई को वर्षों पुराने दर्द से मिली मुक्तिग्राम परसतराई निवासी 54 वर्षीया श्रीमती जमुनाबाई बीते कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द से जूझ रही थीं। चलना-फिरना तो दूर, दैनिक कार्यों के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। जब उन्होंने जिला अस्पताल बालोद में अस्थि रोग विशेषज्ञ को दिखाया, तब एक्स-रे जांच में पता चला कि उनके दोनों घुटनों की हड्डियाँ पूरी तरह घिस चुकी हैं। चिकित्सकों की आत्मीयता और देखरेख ने उनमें ऑपरेशन कराने का हौसला जगाया।जड़ी-बूटी से नहीं मिला आराम, तो अस्पताल बनी रामप्रसाद की अंतिम उम्मीदवहीं ग्राम जुंगेरा निवासी 43 वर्षीय श्री रामप्रसाद एक महीने पहले छत से गिर गए थे, जिससे उनके कूल्हे की हड्डी बुरी तरह टूट गई थी। शुरुआत में उन्होंने पारंपरिक जड़ी-बूटियों और देशी इलाज का सहारा लिया, लेकिन स्थिति बिगड़ने और असहनीय दर्द होने पर उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित जांच की और कूल्हे के जोड़ के प्रत्यारोपण की सलाह दी।चिकित्सकों का सेवा भाव और समर्पणकलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके तथा सिविल सर्जन डॉ. आर. के. श्रीमाली के कुशल मार्गदर्शन में कल 23 सितंबर को दोनों मरीजों के सभी आवश्यक परीक्षण पूर्ण किए गए।अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार सोरी के नेतृत्व में पूरी चिकित्सकीय टीम ने पूरी लगन, संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ श्रीमती जमुनाबाई के दोनों घुटनों का तथा श्री रामप्रसाद के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण किया।इस समर्पित टीम में डॉ. पंकज कुमार सोरी के साथ डॉ. अविनाश मण्डावी, डॉ. एन.के. साहू, डॉ. कल्याण, श्रीमती एस. देवदास, श्रीमती पिंकी साहू, श्रीमती एस. नेताम, श्रीमती संगीता सोनी, श्री चैतराम, श्रीमती भगवती अमरिया एवं समस्त नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मरीजों के चेहरे पर लौटी मुस्कानमहंगे निजी अस्पतालों की तुलना में शासकीय योजनाओं के माध्यम से जिला अस्पताल में ही यह जटिल और खर्चीला इलाज निःशुल्क व सुलभ रूप से उपलब्ध होने पर दोनों मरीजों एवं उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सेवा भाव और दृढ संकल्प हो, तो जिला स्तर पर भी बड़े-बड़े निजी अस्पतालों जैसी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं। ऐसे समर्पित सेवा भाव के लिए मरीजों और उनके परिजनों ने मुक्तकंठ से शासन-प्रशासन सहित जिला अस्पताल प्रबंधन को धन्यवाद दिया।
- 0- सियादेवी मंदिर परिसर में स्वच्छता, बैम्बू राफ्टिंग स्थल एवं व्यू पॉइंट परिसर पर किया गया पौधरोपणबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के प्रभावी नेतृत्व एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत आज जनपद पंचायत गुरूर के ग्राम पंचायत नारागांव में ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत वन विभाग द्वारा सियादेवी मंदिर परिसर एवं पार्किंग स्थल में स्वच्छता अभियान चलाया गया। साथ ही बैम्बू राफ्टिंग स्थल एवं व्यू पॉइंट परिसर में वृक्षारोपण किया गया।स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेशस्वच्छता अभियान के दौरान सियादेवी मंदिर परिसर एवं पार्किंग स्थल की साफ-सफाई की गई। वहीं बैम्बू राफ्टिंग स्थल एवं व्यू पॉइंट परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली संवर्धन का संदेश दिया गया। इस दौरान सभी ने सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने निभाई सक्रिय सहभागिताकार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्यगण, सरपंच ग्राम पंचायत नारागांव श्रीमती मंजुला बाई सिंग्रामे, उप सरपंच श्री जगन्नाथ साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्रीमती प्राची ठाकुर, वन विभाग के एसडीओ श्री डिकेन्द्र नेताम, जनपद पंचातय सीईओ श्री पन्नालाल धु्रव, जनपद पंचायत गुरूर के पदाधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बिहान टीम के सदस्यों और अध्यक्ष सियादेवी मंदिर ट्रस्ट श्री भरतलाल साहू एवं अन्य सदस्यों ने सहभागिता की। सभी ने श्रमदान एवं पौधरोपण के माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना को साकार किया।सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों को सेवा कार्यों से जोड़ते हुए स्वच्छ, सुंदर और हरित वातावरण के निर्माण में सामूहिक योगदान सुनिश्चित करना है।--
- -श्रम मंत्री, बीओसी अध्यक्ष की उपस्थिति में हुआ अनुबंध-200 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों अथवा उनके बच्चों को मिलेगा 480 घंटे का आवासीय प्रशिक्षण, प्लास्टिक प्रोसेसिंग, इंजेक्शन मोल्डिंग एवं एक्सट्रूज़न में होंगे दक्षरायपुर । प्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में श्रम विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। गुरुवार को नवा रायपुर, अटल नगर में श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के शासकीय निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (बीओसी) एवं सिपेट रायपुर के बीच पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह उपस्थित रहे।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 200 निर्माण श्रमिकों अथवा उनके बच्चों को 480 घंटे का आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्लास्टिक प्रोसेसिंग, इंजेक्शन मोल्डिंग एवं एक्सट्रूज़न जैसे तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ना है, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से श्रमिक परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।इस अवसर पर सिपेट रायपुर के प्रधान निदेशक डॉ. आलोक साहू, प्रशासनिक अधिकारी श्री नितेश कुमार जैन, प्रबंधन तकनीकी श्री रविंद्र रेड्डी तथा बीओसी के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -कृष्ण कुंज में वृक्षारोपण कर दिया हरियाली बढ़ाने का संदेश, पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प-महाविद्यालयीन छात्राओं को मिला कैरियर मार्गदर्शन, साइबर अपराध और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूकरायपुर ‘। सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत दुर्ग जिले में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता, युवा मार्गदर्शन और साइबर सुरक्षा को लेकर विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, पुलिस विभाग, वन विभाग तथा नगर पालिक निगम दुर्ग एवं रिसाली के समन्वय से आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। अभियान के तहत रिसाली सेक्टर के वार्ड क्रमांक-09 स्थित कृष्ण कुंज में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, दुर्ग महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वन विभाग, नगर पालिक निगम रिसाली एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के अधिकारियों के साथ नागरिकों ने पौधरोपण किया।इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार का संदेश देते हुए लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। नागरिकों को पौधों की नियमित देखभाल करने और अधिक से अधिक पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।इसी क्रम में डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में कैरियर काउंसलिंग एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विधायक श्री ललित चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस विभाग एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के अधिकारी सहित महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हुईं।कार्यक्रम में अविश एडुकॉम के डायरेक्टर श्री नीलेश पारख ने छात्राओं को कैरियर से संबंधित मार्गदर्शन देते हुए भविष्य की संभावनाओं और बेहतर कैरियर विकल्पों के संबंध में जानकारी दी।उप पुलिस अधीक्षक सुश्री भारती मरकाम और उप निरीक्षक श्री संकल्प राय ने छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक उपयोग के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय व्यक्तिगत एवं संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने पर जोर दिया।‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों और युवाओं में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से एक ओर पौधरोपण और हरित क्षेत्र के विस्तार के लिए नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया, वहीं दूसरी ओर युवाओं को कैरियर निर्माण और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
- -बिजली से बदली जिंदगी, सुशासन और जनकल्याण की संकल्पना हुई साकाररायपुर । सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा, सुशासन और जनकल्याण के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करते हुए मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम सम्बलपुर के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई रोशनी जगाई है।मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड के ग्राम सम्बलपुर निवासी अनिल हिंडामी के परिवार के लिए बिजली का पहुंचना वर्षों से देखे जा रहे एक सपने के साकार होने जैसा है। आजादी के बाद लगभग 75 वर्षों तक गांव में विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सूर्य ढलते ही गांव अंधेरे में डूब जाता था। बच्चों को पढ़ाई करने में कठिनाई होती थी, मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था तथा खेती सिंचाई के लिए डीजल पंप पर निर्भर थी।मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत गांव में ट्रांसफार्मर एवं विद्युत पोल स्थापित कर घरों तक बिजली पहुंचाई गई। अनिल हिंडामी के घर में पहली बार विद्युत मीटर, बोर्ड और बल्ब लगा, जिससे उनके परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। अब घर में पंखा और कूलर चल रहे हैं, रात में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध है और बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा घर पर ही उपलब्ध होने के साथ ही मोटर पंप से सिंचाई शुरू होने से कृषि कार्य भी सुगम हुआ है।अनिल हिंडामी के लिए बिजली महज उजाले का साधन नहीं, बल्कि बेहतर जीवन और नई संभावनाओं की रोशनी है। बिजली की सुविधा मिलने से शिक्षा, कृषि और दैनिक जीवन से जुड़ी जरूरतें आसान हुई हैं तथा विकास के नए अवसरों का रास्ता खुला है। ग्राम सम्बलपुर में बिजली की पहुंच ने वर्षों के अंधकार को दूर कर ग्रामीणों के जीवन में सुविधा, आत्मविश्वास और उम्मीद का नया उजाला भर दिया है।
- - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ, कहा : कार्यकर्ताओं में नए उत्साह और ऊर्जा का होगा संचाररायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर को उनकी नियुक्ति पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल हेतु शुभकामनाएँ दी हैं। श्री देव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मवीर को छत्तीसगढ़ प्रदेश संगठन महामंत्री का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाने से राज्य में पार्टी संगठन को और अधिक मजबूती तथा गतिशीलता मिलेगी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कर्मवीर संगठन के एक समर्पित, कर्मठ एवं कुशल रणनीतिकार हैं। उनके पास संगठनात्मक कार्यों का लम्बा और गहरा अनुभव है। उनके इस समृद्ध अनुभव, वैचारिक निष्ठा और कुशल मार्गदर्शन का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ में बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं और संगठन की विभिन्न इकाइयों को प्राप्त होगा। श्री देव ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त संगठन महामंत्री के कुशल नेतृत्व व समन्वय में छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन सेवा, सुशासन और जनहित के संकल्पों को और अधिक मजबूती के साथ धरातल पर उतारेगा। उनकी नियुक्ति से पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा, उत्साह और सक्रियता का संचार होगा तथा संगठन का विस्तार नए आयामों को स्पर्श करेगा।
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-बिहान योजना से बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर
रायपुर। बस्तर जिले के ग्राम कालीपुर की रहने वाली उच्च शिक्षित पुष्पलता नागे ने आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल पेश की है। स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उन्हें नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने खुद का व्यवसाय स्थापित करने का संकल्प लिया।शुरुआती दौर में जब वे पूंजी के लिए बैंकों के चक्कर लगा रही थीं, तो गारंटर न होने के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी। ऐसे मुश्किल वक्त में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'लखपति दीदी' अभियान के दूरदर्शी विजन और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन ने पुष्पलता को नई दिशा दी।शासन के सहयोग से संचालित स्व-सहायता समूह से जुड़कर पुष्पलता को महज 60 हजार रुपए का सुलभ और रियायती ऋण प्राप्त हुआ, जिसने उनकी किस्मत बदल दी। इस छोटी सी पूंजी का सदुपयोग करते हुए उन्होंने आधुनिक तरीके से उन्नत खेती की शुरुआत की। खेती से हुए मुनाफे को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कुक्कुट पालन का काम शुरू किया और फिर अपने कारोबार का विस्तार बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन तक कर दिया।कड़ी मेहनत और सरकार की जनहितैषी नीतियों के बल पर आज पुष्पलता सालाना पांच से सात लाख रुपये की आमदनी अर्जित कर रही हैं। वे न केवल अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन दे रही हैं, बल्कि बस्तर के सुदूर अंचल में आत्मनिर्भर भारत की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। पुष्पलता अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को देते हुए अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि वे शासन की 'लखपति दीदी' जैसी योजनाओं से जुड़ें और छोटे स्तर से शुरुआत कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनें। - -सेवा संकल्प अभियान में उप मुख्यमंत्री ने दिलाई स्वच्छता की शपथ, सफाई मित्रों का किया सम्मान-महाराजबंध तालाब में उतरे जनप्रतिनिधि और नागरिक, श्रमदान कर दिया शहर को हमेशा साफ रखने का संदेशरायपुर. ।शहर को हमेशा साफ-सुथरा रखने और सुंदर बनाने का संदेश देने स्वच्छता ही सेवा और सेवा संकल्प अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी, नगर निगम की टीम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी व सामाजिक संगठन और नागरिक एक साथ श्रमदान के लिए उतरे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने खुद अभियान में सहभागिता करते हुए लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे दैनिक जीवन की आदत बनाना होगा, तभी हमारे शहर स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनेंगे।रायपुर के मठपारा स्थित महाराजबंध तालाब में आयोजित अभियान में उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महंत रामसुंदर दास, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन और सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।श्रमदान के दौरान सभी ने मिलकर महाराजबंध तालाब परिसर से कचरा और गंदगी साफ की। लोगों को तालाबों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करते हुए तालाब में कचरा नहीं डालने और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश दिया गया। अभियान ने शहर की स्वच्छता को केवल नगर निगम या सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी मानने के बजाय जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का संदेश दिया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जनसमुदाय को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए इसे जीवन-शैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की कोशिश तभी स्थायी और प्रभावी होगी, जब हर नागरिक अपने आसपास सफाई रखने को अपनी आदत और जिम्मेदारी बनाए। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए सरकार की लगातार कोशिशों के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।कार्यक्रम में पांच सफाई मित्रों श्री रमेश सोना, श्री अवधेश सोनी, श्री घना कुर्रे, श्री अमित धीवर और श्री राहुल राजपूत को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सफाई मित्रों के कार्यों की सराहना करते हुए शहर को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।विधायक श्री सुनील सोनी ने सेवा, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ स्वच्छता अभियानों में अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आह्वान किया। अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए लोगों ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने का संकल्प लिया। “सेवा मेरा योगदान” की भावना के साथ महाराजबंध तालाब में हुए श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, नगर निगम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनसहभागिता का संदेश दिया।
- -नारायणपुर में पीएम-जनमन से कच्चे मकानों से पक्के आशियाने तक का सफररायपुर । सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विशेष रूप से कमजोर एवं पात्र जनजातीय परिवारों के जीवन में एक नया सबेरा देखने को मिल रहा है। नारायणपुर जिले की ग्राम पंचायत कोहकामेटा के दूरस्थ क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जनमन (पीएम-जनमन) आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार कर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन दे रही है।वर्षों से मिट्टी के कच्चे घरों में रह रहे परिवारों के लिए मौसम की हर मार—चाहे वह मूसलाधार बारिश हो या तेज हवाएं—एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी। आर्थिक तंगी के कारण पक्का मकान बनाना इन ग्रामीण परिवारों के लिए एक दूर की कौड़ी जैसा था।वर्षाकाल में टपकती छतों और ढहती दीवारों की चिंता से मुक्त होकर अब ग्राम कोहकामेटा की श्रीमती मोडडे बाई पति श्री मसीया राम और ग्राम किहकाड़ की श्रीमती गंगाबती पति श्री सुकालू का परिवार अपने मजबूत, ढलाई वाले पक्के मकानों में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहा है।मोडडे बाई बताती हैं कि मिट्टी के कच्चे घर में बारिश के दिनों में हर समय डर बना रहता था, लेकिन योजना के तहत आवास स्वीकृति मिलने के बाद अब मजबूत छत वाला घर बनकर तैयार है। यह नया घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन का आधार बन गया है। ठीक इसी तरह ग्राम किहकाड़ की गंगाबती के लिए भी यह पक्का आशियाना एक बड़े बदलाव की शुरुआत लेकर आया है। कच्चे घर की जगह अब मजबूत ढलाई वाली पक्की छत तैयार हो चुकी है, जिससे उनका परिवार हर मौसम में पूरी तरह सुरक्षित है।प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को मूलभूत सुविधाओं से जोड़कर उनके जीवनस्तर में सुधार लाना है। नारायणपुर जिले में यह योजना केवल पक्के मकान ही नहीं दे रही, बल्कि इन परिवारों के मन में सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद को भी मजबूत कर रही है। पक्का आवास मिलने पर दोनों परिवारों ने शासन-प्रशासन के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि विकास की मुख्यधारा से दूर रह रहे परिवारों तक जब योजनाएं पहुँचती हैं, तो उनके जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव आता है।
- -महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क 4 से घटकर 2 प्रतिशत, स्टाम्प शुल्क में पहले से मिल रही 1 प्रतिशत छूट का भी मिला लाभ-कम हुआ रजिस्ट्री का खर्च, ‘सेवा संकल्प अभियान’ में कांकेर की महिला किसान ने साझा किया अनुभवरायपुर / अपने नाम जमीन होना किसी भी महिला के लिए आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांकेर जिले के सरोना निवासी महिला किसान श्रीमती चंद्रकांता नेताम के लिए जमीन की रजिस्ट्री अब पहले की तुलना में कम खर्चीली हुई है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किए जाने और स्टाम्प शुल्क में पहले से लागू 1 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलने से उन्हें रजिस्ट्री में कुल 9,510 रुपये की आर्थिक राहत मिली। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने इस बदलाव से मिला अपना अनुभव साझा किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन व्यवस्था को नागरिकों के लिए सरल और सुविधाजनक बनाने के साथ महिलाओं को आर्थिक राहत देने की दिशा में पहल की गई है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में दी जा रही रियायत का लाभ श्रीमती चंद्रकांता नेताम जैसी महिला किसानों तक सीधे पहुंच रहा है।श्रीमती नेताम ने बताया कि अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने के दौरान उन्हें महिलाओं के लिए लागू शुल्क रियायत का लाभ मिला। पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत के स्थान पर 2 प्रतिशत लगने से रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ। इसके साथ ही महिला क्रेता को स्टाम्प शुल्क में पहले से मिल रही 1 प्रतिशत की छूट का लाभ भी मिला। दोनों रियायतों के कारण उन्हें कुल 9,510 रुपये की बचत हुई।एक किसान परिवार के लिए रजिस्ट्री में बची यह राशि मायने रखती है। श्रीमती नेताम ने इस आर्थिक राहत को महिलाओं के हित में उपयोगी पहल बताते हुए छत्तीसगढ़ शासन और पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।महिलाओं के नाम संपत्ति के पंजीयन पर शुल्क में रियायत केवल रजिस्ट्री का खर्च कम करने तक सीमित नहीं है। इससे परिवारों को महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने और पंजीयन कराने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी मिल रहा है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनकी आर्थिक सुरक्षा और परिवार में वित्तीय भागीदारी को भी मजबूती मिलती है।आर्थिक राहत के साथ पंजीयन विभाग द्वारा तकनीक आधारित सुविधाओं के माध्यम से रजिस्ट्री की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है। ऑनलाइन शुल्क भुगतान, आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाओं से पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हुई है। संपत्ति की लोकेशन आधारित फोटो जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक हैं।ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के माध्यम से पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः आगे बढ़ती है। इससे नागरिकों को रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करने और अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिलती है।श्रीमती चंद्रकांता नेताम को मिली 9,510 रुपये की बचत बताती है कि शुल्क में किया गया बदलाव किस तरह सीधे हितग्राही को आर्थिक राहत पहुंचा सकता है। जमीन अपने नाम होने से संपत्ति में महिला की भागीदारी मजबूत होती है और शुल्क में रियायत इस प्रक्रिया को कम खर्चीला बनाती है। सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर सेवाओं में आए बदलाव, उनके अनुभव और सुझावों को सामने ला रहा है। चंद्रकांता की कहानी इसी बदलाव की एक तस्वीर है—जहां तकनीक से प्रक्रिया आसान हो रही है और शुल्क में राहत से महिलाओं के लिए अपने नाम संपत्ति का पंजीयन अधिक किफायती बन रहा है।
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-स्व-सहायता समूह से 50 हजार रुपये का ऋण लेकर बढ़ाए आजीविका के साधन
-गन्ना, मक्का और सब्जी उत्पादन से सालाना करीब 2 लाख रुपये की आय, सिलाई और मुर्गी पालन से 50 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आमदनीरायपुर / ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर गांव की महिलाएं अब आजीविका के एक नहीं, बल्कि अनेक साधन अपनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत सिलमा निवासी प्रमिला सिंह ने भी स्व-सहायता समूह से मिले ऋण, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का लाभ उठाकर खेती के साथ सिलाई और मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का आधार बनाया है। अलग-अलग गतिविधियों से हो रही आमदनी ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।प्रमिला सिंह वर्ष 2012 में फूल स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अन्य सदस्यों के माध्यम से शासकीय योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। आजीविका बढ़ाने के लिए उन्होंने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का ऋण लिया और खेती के काम को आगे बढ़ाया।प्रमिला ने एक एकड़ भूमि में गन्ने की खेती तथा एक एकड़ में सब्जी, मक्का और सूरजमुखी की खेती शुरू की। मेहनत और बेहतर कृषि प्रबंधन का परिणाम उन्हें अच्छी आमदनी के रूप में मिला। प्रमिला के अनुसार गन्ने के उत्पादन से उन्हें लगभग एक लाख रुपये तथा मक्का एवं सब्जी उत्पादन से करीब एक लाख रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है।प्रमिला ने अपनी आजीविका को केवल खेती तक सीमित नहीं रखा। स्व-सहायता समूह के माध्यम से सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने सिलाई कार्य भी शुरू किया। इसके साथ ही मुर्गी पालन को भी अतिरिक्त आय के साधन के रूप में अपनाया। सिलाई और मुर्गी पालन से उन्हें प्रतिवर्ष 50 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आमदनी हो रही है।खेती, सिलाई और मुर्गी पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय ने प्रमिला के परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है। प्रमिला बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, ऋण और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। इससे वे अपनी आजीविका के साधनों को बढ़ा सकीं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने में सफल हुईं।सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रमिला सिंह की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि स्व-सहायता समूह से मिलने वाला आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन महिलाओं के जीवन में किस तरह बदलाव ला सकता है। बिहान से जुड़कर खेती के साथ आय के दूसरे साधन विकसित करने वाली प्रमिला आज अपने परिवार को आर्थिक संबल देने के साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं। - -एक साल में 901 किसानों के खातों में डीबीटी से पहुंचे 30.34 करोड़ रुपये-चेक और बैंक के चक्कर से मिली राहत, मुआवजा, पुनर्वास और बोनस की राशि सीधे खाते मेंरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए शासकीय सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लगातार सरल बनाया जा रहा है। इसी दिशा में रायगढ़ जिले में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित करने की व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी सहूलियत साबित हो रही है। बीते एक वर्ष में रायगढ़ अनुविभाग के 901 किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये अंतरित किए जा चुके हैं।रायगढ़ अनुविभाग में 26 सितम्बर 2025 से भू-अर्जन से संबंधित भुगतान ऑनलाइन करने की व्यवस्था लागू की गई। इसके बाद किसानों को चेक जारी करने के स्थान पर स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। 21 सितम्बर 2026 तक इस व्यवस्था के माध्यम से 901 किसानों को 30 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भू-अर्जन मुआवजे के रूप में 391 किसानों के खातों में 20 करोड़ 67 लाख 53 हजार 163 रुपये अंतरित किए गए हैं। इसी तरह पुनर्वास एवं बोनस के तहत 510 किसानों को 9 करोड़ 67 लाख 24 हजार 739 रुपये का भुगतान किया गया है। इस प्रकार दोनों मदों में कुल 901 किसानों को 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुए हैं।पूर्व में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था। चेक प्राप्त करने के बाद किसानों को उसे बैंक में जमा कराने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ता था। कई बार इसके लिए कार्यालय और बैंक के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को इस प्रक्रिया से राहत मिली है।अब स्वीकृत मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंच रही है। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हुई है।ग्राम कोतासुरा के किसान श्री टंकधर मालाकार ने बताया कि भू-अर्जन मुआवजा वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था किसानों के लिए काफी सुविधाजनक है। पहले की तुलना में अब मुआवजा राशि आसानी से प्राप्त हो रही है।ग्राम दनौट की श्रीमती चम्पाबाई अगरिया ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से किसानों को काफी लाभ मिला है। अब बिना किसी परेशानी के मुआवजे की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो रही है।ग्राम मुरालीपाली के श्री हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि पहले भू-अर्जन की राशि प्राप्त करने के लिए चेक मिलने के बाद बैंक जाना पड़ता था। अब मुआवजा एवं पुनर्वास की राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो रही है, जिससे किसानों को काफी सुविधा मिली है। भू-अर्जन मुआवजे की ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था ने किसानों के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया है। डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से एक ओर किसानों को कार्यालय और बैंक के अनावश्यक चक्कर से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और सुविधा भी बढ़ी है।
- -24 सितंबर तक लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों ने लगभग 19.58 लाख क्विंटल चावल का किया उठावरायपुर / सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य में सितंबर एवं अक्टूबर 2026 माह के लिए खाद्यान्न का आबंटन 14,186 उचित मूल्य दुकानों को जारी किया गया है। सितंबर माह के लिए आबंटित खाद्यान्न का सभी उचित मूल्य दुकानों में भंडारण पूर्ण हो चुका है तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण की कार्यवाही निरंतर जारी है।24 सितंबर 2026 तक राज्य में लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों द्वारा सितंबर माह के खाद्यान्न का उठाव किया जा चुका है। इस दौरान कुल 19 लाख 57 हजार 880 क्विंटल चावल का उठाव हुआ है। शेष राशनकार्डधारियों को भी निर्धारित पात्रता के अनुसार खाद्यान्न का वितरण उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है।राज्य के सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण का कार्य प्रचलित है। राज्य शासन द्वारा खाद्यान्न के भंडारण एवं वितरण की नियमित निगरानी और मानिटरिंग की जा रही है, ताकि पात्र राशनकार्डधारियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जा सके। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुचारू संचालन तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

























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