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- -जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-श्रीकांत वर्मा मार्ग,तालापारा,मगरपारा और हंसा विहार में जल भराव से मिलेगी से मुक्ति-कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक 3×3 मीटर का बनेगा आधुनिक आरसीसी बॉक्स नालाबिलासपुर- प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव की पहल पर शहर के प्रमुख क्षेत्र में जल भराव की समस्या से निजात मिलने वाली है। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा बिलासपुर को एक बड़ी सौगात देते हुए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक 3×3 मीटर के आधुनिक आरसीसी बॉक्स नाले का निर्माण किया जाएगा। इस नाले की मांग बहुत पुरानी थी,जिसके बन जाने से शहर के एक प्रमुख क्षेत्र में बारिश के दिनों में होने वाली जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। नाला निर्माण के बाद शहर के श्रीकांत वर्मा मार्ग, तालापारा मगरपारा और हंसा विहार जहां हर साल जल भराव होता हैं,उससे राहत मिलेगी।छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के भारसाधक मंत्री श्री अरुण साव के सतत प्रयासों और प्रभावी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप बिलासपुर शहर को जल निकासी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। लंबे समय से लंबित जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में राज्य शासन द्वारा नगर पालिक निगम बिलासपुर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है।यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदान की गई है, जिनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। उनके निर्देशन में नगरीय निकायों की आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा रही है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परियोजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा छत्तीसगढ़ वर्क्स डिपार्टमेंट मैनुअल एवं विभागीय प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। परियोजना के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु जियोटैग्ड फोटोग्राफी को अनिवार्य किया गया है, जिससे कार्यों की वास्तविक प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कहा कि यह परियोजना बिलासपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में राज्य में शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस तरह की योजनाओं से न केवल शहरों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।वर्जन“शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। बिलासपुर में आरसीसी बॉक्स नाला निर्माण जैसी परियोजनाएं नागरिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हमने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्य गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।"
श्री अरुण सावउपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के भारसाधक मंत्री - रायपुर - रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार रायपुर जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को नगर निगम रायपुर के इंडोर स्टेडियम में प्रोजेक्ट छाँव अंतर्गत लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर में नगर पालिक निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री गुलाबचन्द्र कर्ष, श्री दीपक देवांगन,जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में स्वास्थ्य जाँच करवाने पहुँचे नगर निगम रायपुर सहित विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित आमजनों, राहगीरों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में दिनांक 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील चार डिब्बा सफाई प्रणाली को लेकर जागरूक बनाया गया और घर पर चार डस्टबिन रखकर हरे डस्टबिन में गीला कूड़ा , नीले डस्टबिन में सूखा कूड़ा , लाल डस्टबिन में सेनेटरी कूड़ा और काले रंग के डस्टबिन में विशेष देखभाल कूड़ा को पृथक - पृथक रखकर और सफाई मित्र को सफाई वाहन में देकर रायपुर शहर को स्वच्छ और सुन्दर राजधानी शहर बनाने सक्रिय सहभागिता दर्ज करने की विनम्र अपील नगर निगम जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर ने निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर में आये रायपुर नगर निगम सहित विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों और .कर्मचारियों सहित आमजनों और राहगीरों से की.
- संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वमहासमुंद / सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अटूट आस्था के 1000 वर्ष के विशेष आयोजन अंतर्गत आगामी 11 मई 2026 को प्रातः 09 बजे पुरातात्विक एवं धार्मिक नगरी सिरपुर स्थित गंधेश्वर महादेव मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के विशिष्ट आतिथ्य में मुख्य आयोजन का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सभाओं का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दायित्व सौंपे गए हैं। मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, स्टेज निर्माण, एलईडी स्क्रीन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। । वहीं कार्यक्रम के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जनरेटर, लाइट एवं माइक व्यवस्था साथ ही सिरपुर महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सभी जनपद पंचायतों, ग्राम सचिवों एवं कोटवारों के माध्यम से गांव-गांव में मुनादी एवं बैठकों के जरिए जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पेयजल एवं टॉयलेट व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।कलेक्टर श्री लंगेह ने राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। कार्यक्रम आयोजन के समय-सारणी के अनुसार 11 मई को सुबह 09 बजे अतिथियों का मंदिर परिसर में आगमन, 9.30 बजे शिव स्तुति, भजन,दीप प्रज्वलन एवं महारती, 10 बजे से से 10.20 बजे तक शिव भजन एवं नृत्य प्रस्तुति, 10.20 से 10.30 तक सोमनाथ संवाद, 10.30 से 11 बजे भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण एवं 11.15 बजे प्रसाद वितरण किया जाएगा।
- -सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए एसडीएम को दिए कार्रवाई के निर्देशदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम को पटवारी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भिलाई-03 श्री महेश सिंह राजपूत ने तहसील कार्यालय अहिवारा में संलग्न पटवारी श्री लेकेश्वर सिंह ठाकुर को भूमि के बंटवारे के एवज में पक्षकार से राशि लेने और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही के आरोप में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में पटवारी श्री ठाकुर का मुख्यालय तहसील कार्यालय अहिवारा निर्धारित किया गया है। श्री लेकेश्वर सिंह ठाकुर को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।ज्ञात हो कि सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी सत्यता की जांच तहसीलदार अहिवारा द्वारा की गई। जांच के दौरान वायरल वीडियो के परिप्रेक्ष्य में श्री अमन कुमार टंडन, भूमिस्वामी श्री उत्तम टंडन एवं हल्का पटवारी श्री लेकेश्वर सिंह ठाकुर का कथन दर्ज किया गया। जिसमें पक्षकारों द्वारा भूमि बंटवारा के नाम पर पटवारी को 45,000 रुपये दिया जाना बताया गया। पटवारी श्री लेकेश्वर सिंह ठाकुर ने अपने कथन में स्वीकार किया कि उन्होंने पक्षकार की माता से राशि ली थी और वायरल वीडियो में उक्त राशि को वेतन मिलने के बाद वापस करने की बात कही थी। एसडीएम ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 एवं नियम-14 के विपरीत और कदाचरण की श्रेणी में पाते हुए उक्त कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
- दुर्ग / आगामी एक माह के भीतर खरीफ फसल की बुवाई का समय शुरू होने जा रहा है, जिसे देखते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में विद्युत विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण तैयारियां कर दी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री संजय खंडेलवाल एवं अधीक्षण अभियंता, वृत्त दुर्ग श्री आर. के. मिश्रा के निर्देशन में अहिवारा संभाग के 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कन्हारपुरी में 3.15 एमवीए का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक चार्ज किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की कोई कमी न हो और वे अपनी फसलों को सुरक्षित रख सकें।किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने कृषि पंपों के लिए अलग ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की है। इससे उपकेंद्र पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार का प्रबंधन बेहतर तरीके से होगा और कृषि उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग एवं लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं से स्थाई मुक्ति मिलेगी। इस सुदृढ़ीकरण से धमधा वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कन्हारपुरी, जातघर्रा, परसबोड़, खपरी, धरमपुरा, बिरझापुर और बसनी के लगभग 876 कृषि उपभोक्ता अब उचित वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली प्राप्त कर सकेंगे। पूर्व में यहाँ 3.15 एमवीए और 05 एमवीए के ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनमें अब इस नई इकाई के जुड़ने से कुल क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। विगत दिवस आयोजित पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण कार्यक्रम के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एच. के. मेश्राम, कार्यपालन अभियंता श्री एस. के. राय, श्री डी. के. भारती एवं श्री टी. एल. सहारे सहित सहायक अभियंता श्री ए. के. धनकर एवं श्री डी. के. साहू, कनिश्ठ अभियंता श्री राहुल गोपलानी एवं तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े, यह विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
- - प्राप्त 436 आवेदनों में 157 का मौके पर ही हुआ निराकरण- कलेक्टर अभिजीत सिंह ने नवोदय विद्यालय में चयनित हुए ढौर के 5 होनहार बच्चों को किया सम्मानित- पीएम आवास के हितग्राहियों को दी गई चाबियां और स्वामित्व प्रमाण पत्रदुर्ग/राज्य शासन द्वारा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत शनिवार को जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम ढौर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त शिविर में सिरसाखुर्द, जेवरा, समोदा, भटगांव, कुटेलाभांठा, खपरी कु., करंजाभिलाई, झेंझरी, कचांदुर, ढौर, खेदामारा, बासीन, बोड़ेगांव, रवेलीडीह, अरसनारा, ननकठ्ठी के ग्रामीण ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों में आवेदन जमा किए। शिविर में कुल 436 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 157 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। इसके साथ ही 279 आवेदन लंबित है।जनसमस्या निवारण शिविर में अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का उद्देश्य गांव-गांव तक पहुंच कर छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में शिविर लगाकर आमजन को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है तथा उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। विधायक ने क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने और इस पर रोक लगाने आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।सुशासन तिहार में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बच्चों को दी बधाईजनसमस्या निवारण शिविर में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, आमजन की समस्याओं का समाधान और नए आवेदन प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों द्वारा एक ही स्थान पर स्टॉल लगाए गए हैं, जहां ग्रामीणजन सीधे आवेदन देकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत ढौर के पांच बच्चों के जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने बच्चों को आगे भी मेहनत जारी रखने और गांव के अन्य बच्चों को प्रेरित करने की बात कही, ताकि गांव का नाम रोशन हो सके। शिविर में विधायक श्री कोर्सेवाड़ा ने मनरेगा अंतर्गत 08 हितग्राहियों को 100 दिवस कार्य पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र, 05 हितग्राहियों को पीएम आवास चॉबी, 06 हितग्राहियों को जॉब कार्ड एवं 17 हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के तहत अधिकार पत्र और 2 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ शासकीय प्राथमिक शाला ढौर के पांच बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय में होने पर बच्चों को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, सहायक नोडल अधिकारी जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रूपेश कुमार पाण्डेय, पद्मश्री से सम्मानित श्रीमती ऊषा बारले, जिला पंचायत सदस्य श्री जितेन्द्र यादव, जनपद सदस्य श्री गोकुल वर्मा एवं प्रतिभा देवांगन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- - महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथेरेपी सेंटर के डाक्टर डीके नेताम ने मौसम के हिसाब से दिए महत्वपूर्ण टिप्सरायपुर। गर्मी के दिनों में फिजियोथेरेपी कराते समय हाइड्रेशन, हल्की कसरत और समय का सही चयन बेहद महत्वपूर्ण है।महाराष्ट्र मंडल चौबे काॅलोनी में संचालित फिजियोथेरेपी सेंटर में अपनी सेवाएं दे रहे डाक्टर डीके नेताम ने इस आशय का सुझाव दिया।डा. नेताम ने जोर देकर कहा कि फिजियो कराने वाले मरीजों को गर्मी के दिनों में तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्हें ढीले सूती कपड़े पहनने चाहिए और कसरत से पहले वार्मअप जरूर करना चाहिए। शरीर के तापमान को संतुलित रखने के लिए ठंडा पानी पीना भी आवश्यक है। एक्सरसाइज के लिए सुबह 10 बजे से पहले और शाम को चार बजे के बाद का समय बेहतर है। कुछ मरीजों को गर्मी में एक्सरसाइज में दिक्कत होती है, ऐसे में उन्हें सुबह जल्दी और कम व्यायाम करना चाहिए।डा. नेताम के अनुसार मांसपेशियों की जकड़न से बचने के लिए कसरत से पहले 5-10 मिनट हल्का स्ट्रेचिंग करना चाहिए। व्यायाम के बाद शरीर को धीरे-धीरे ठंडा करने के लिए स्ट्रेचिंग भी करें। गर्मी के दिनों में कसरत करने के लिए इंडोर विकल्प भी बेहतर होता है। तैराकी बेहतर आप्शन है। व्यायाम से पहले, साथ में और बाद में नारियल पानी, नींबू पानी पीना चाहिए, ताकि लो ब्लड प्रेशर की परेशानी न हो।डा. नेताम ने समझाया कि फिजियो कराते समय या व्यायाम करते समय चक्कर आए, सिरदर्द हो या बहुत ज्यादा थकान महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं और आराम करें। पीठ या गर्दन में दर्द ज्यादा हो, तो उसे नजरअंदाज न करें, तुरंत फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
- - महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के बाल संस्कार शिविर की ऑफलाइन क्लास में दूसरे दिन भी दिखा जोशरायपुर। ‘घोड़ा बदाम छाई पीछे देखे मार खाई' और 'पोशांपा भाई पोशांपा’ जैसे खेल बड़ों को भी बचपन की याद दिला देते हैं। महाराष्ट्र मंडल में चल रहे बाल संस्कार शिविर में ऑफलाइन क्लास के दूसरे सप्ताह के दूसरे दिन शनिवार को सुबह बच्चों ने इन्हीं खेलों के साथ खूब एंजॉय किया। वहीं नंबर गेम का भी सभी ने आनंद उठाया। सुडोकू में बच्चों ने गणपति के 11 नामों को ढूंढने में भी उत्सुकता दिखाई और अपना ज्ञानवर्धन भी किया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि बाल संस्कार शिविर के बच्चे खेलों में इतने रम गए कि उन्हें घर जाने का मन ही नहीं कर रहा था। शिविर का समय खत्म होने के बाद घर लौट रहे बच्चों ने रविवार को भी शिविर जारी रखने की मांग कर डाली, क्योंकि सभी बच्चे रविवार को भी चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल पहुंच कर ऑफलाइन शिविर को सेलिब्रेट करना चाहते थे। बच्चों को समझाकर सोमवार को ऑनलाइन शिविर ज्वाॅइन करने कहा गया।शिविर शुरू होते ही बच्चों का स्वागत विधिवत टीका लगाकर मंजूषा वैशंपायन और संध्या खंगन ने किया। शनिवार होने के कारण सभी ने मंजूषा वैशंपायन और संध्या खंगन की अगुवाई में एक स्वर में हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया। आस्था ने बच्चों से वार्मअप और योग कराया। इसमें ताड़ासन, द्विकोण आसान, सेतुबंध आसान, चक्रासन, पवन मुक्तासन, झूलना, लुढ़कना, शशांकसन, वज्रासन, शांति मंत्र करवाया गया। तीसरे चरण में बच्चों ने रचना ठेंगड़ी के साथ माइंड गेम खेला। इसमें क्रासवर्ड में भगवान श्रीगणेश के 11 नाम लिखे गए थे। जिन्हें पढ़कर बच्चों को उसे मार्क करना था। इसमें बच्चों ने जोश के साथ श्रीगणेश के नाम गणपति, विघ्नहर्ता, विनायक, गणेश, एकदंत, लंबोदर, मंगलमूर्ति जैसे नामों को खोजा।तत्पश्चात बच्चों के लिए युवा समिति की प्रमुख डा. शुचिता देशमुख और सृष्टि दंडवते द्वारा ‘घोड़ा बदाम छाई और पोशांपा भाई पोशांपा’ का गेम कराया। अपने पसंदीदा खेलों को देखकर ही बच्चे एनर्जेटिक हो गए। बच्चे बार- बार वंस मोर- वंस मोर करते रहे। अंत में आर्टिसन अजय पोतदार ने बच्चों को नंबर्स गेम खेलाया, जिसमें एक से लेकर 100 तक गिनती करनी थी। लेकिन नंबर में पांच और सात का अंक आने पर उसके स्थान पर क्लैप करना था। फायरलेस कुकिंग के अंतर्गत अक्षता पंडित ने बच्चों को भेल और गोपाल काला बनाना सिखाया। गोपाल काला भगवान श्रीकृष्ण को चढ़ने वाला विशेष प्रसाद है, जो जन्माष्टी के अवसर पर विशेष रुप से बनाया जाता है।
- - ऑफलाइन मोड पर महाराष्ट्र मंडल के बाल संस्कार शिविर में बच्चों ने सैंडविच बनाकर लिए मजेरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के बाल संस्कार शिविर के दूसरे सप्ताह शुक्रवार को मंडल भवन पहुंचे बच्चों ने माइंड एक्टिविटी में जमकर उत्साह दिखाया। कागज की पर्ची में लिखे क्लू के आधार पर चीजों को खोजने में बच्चों को खूब मजा आया। वहीं मिट्टी से बच्चों ने गणेश की प्रतिमा बनाना भी सीखा। शिविर के अंतिम चरण में बच्चों ने स्वादिष्ट खस्ता भेल और सैंडविच बनाना सीखा और खूब एंजॉय किया।दूसरे सप्ताह में महाराष्ट्र मंडल में शिविर की ऑफलाइन क्लास में वर्षा चोपकर ने तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया। संध्या खंगन ने बच्चों को हनुमान चालीसा, कराग्रे वस्ते, समुद्र वसने देवी और वक्रतुंड महाकाय का अभ्यास करवाया। शिविर के दूसरे चरण में आस्था काले ने योग के साथ कुछ आसन बच्चों को कराए। युवा समिति की रीना बाबर ने बच्चों को नृत्य के माध्यम से गुरुर ब्रम्हा, गुरुर विष्णु का पाठ करवाया। बच्चों ने डांसिंग मूड में पूरे एक्सप्रेशन के साथ इसका अभ्यास किया।तीसरे चरण में रचना ठेंगड़ी और सुमिता रायजादा ने बच्चों को माइंड एक्टिविटी कराई। उन्होंने बच्चों को दो भागों में विभक्त किया और उन्हें अलग-अलग टास्क दिए। कागज की पर्ची में कुछ मुहावरे की तर्ज पर अगले टास्क का क्लू लिखा था, जैसे ‘आने जाने का मैं हूं एक रास्ता, मुझसे ही है सबका वास्ता’ अगली चिठ्ठी मेरे पास ही मिलेगी। इस पर्ची को पढ़कर बच्चों न मंडल भवन के मुख्य द्वार के पास दौड़ लगाई और अगली पर्ची खोजी। जिसमें पहले समान का क्लू और अगली पर्ची का लोकेशन लिखा था। इस तरह बच्चों ने पांच अलग-अलग लोकेशन से पानी की बोतल, गमला, किताब, बाल, मटका को ढूंढ निकाला। टीम ए सभी क्लू को साल्व करते हुए विजयी हुई। इस खेल को बच्चों को काफी मजा आया।अंत में फायरलेस कुकिंग के अंतर्गत अक्षता पंडित, आराधना शेष और स्वाती डबली ने बच्चों को खस्ता भेल और सैंडविच बनाना सिखाया। बच्चों ने अपने हाथों से बनी भेल और सैंडविच सभी प्रशिक्षिकाओं और उपस्थित जनों को बांटा और स्वयं भी आनंद लिया। इस मौके पर मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की।बच्चों ने बनाई श्रीगणेश प्रतिमाचौथे चरण में बच्चों ने मिट्टी कीगणेश प्रतिमा बनाना सीखा। आर्टिसन अजय पोतदार ने चिकनी मुलायम मिट्टी (क्ले) से बच्चों को गणपति प्रतिमा बनाना सिखाया। उन्होंने बच्चों को बताया कि क्ले को पांच हिस्सों में बराबर-बराबर बांटे। फिर चार अलग-अलग गोला बनाकर रखे। पहले गोले को रोटी की तरह थोड़ा चपटा करे और उसे प्रतिमा के लिए बेस बनाए। फिर दूसरे गोले को थोड़ा अंडाकार का शेप देकर पेट और सीना का आकार देकर उस बेस के ऊपर रखें। फिर तीसरे गोले को दो भागों में बांटकर उसका उसके दो पैर बनाएं। फिर चौथे गोले से हाथ और पांचवें गोले से सिर, कान और सूंड बनाना सिखाया।
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रायपुर। संत ज्ञानेश्वर इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्र युवा फेंसर नचिकेत टांडी ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। नचिकेत फेंसिंग खेल में एक उभरती हुई प्रतिभा हैं। सेबर श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्ष 2025 के स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आयोजन में उन्होंने राज्य स्तर पर टीम को स्वर्ण दिलवाया और व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता। प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि वर्ष 2018 और 2019 में नचिकेत का चयन छत्तीसगढ़ राज्य ट्रायल्स के माध्यम से हुआ। इसके बाद उन्होंने नासिक में फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप में भाग लिया। साल 2021 से 2025 तक, नचिकेत ने स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अंतर्गत शानदार प्रदर्शन बनाए रखा है। उन्होंने हर वर्ष टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने का क्रम बरकरार रखा और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी लगातार शीर्ष स्थान बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने नचिकेत को फेंसिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। काले ने कहा कि नचिकेत का खेल के प्रति समर्पण, अनुशासन और जुनून उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है। साथ ही भविष्य में वे देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वर्ण पदक जितवाने का सामर्थ्य रखते हैं। - -‘प्रोजेक्ट छाँव’ : अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए व्यापक स्वास्थ्य एवं सेवा शिविर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन की पहल – एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच, परामर्श और शासकीय सेवाओं की सुविधारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन का नवाचार ‘प्रोजेक्ट छाँव’ के पहल के तहत शनिवार को सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, रायपुर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें नगर निगम रायपुर के 1000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिवारजनों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श का लाभ लिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर मुख्य सचिव एवं जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा शामिल हुई। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र से जुड़कर जिला प्रशासन नवाचार कर रहा है। शासकीय सेवा के अतिरिक्त समाज के लिए कार्य करना प्रेरणादाई है। यह पहल सभी शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के लिए सराहनीय है। जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में जिले में इस प्रकार नवाचार किए जा रहे हैं उसे आगे बढ़ाएं। मैं इस अभिनव पहल के लिए जिला प्रशासन को बधाई देती हूँ।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि जब हमारा परिवार स्वस्थ रहेगा, तभी हम अच्छे से कार्य कर पाएंगे। इसी कड़ी में सभी शासकीय कर्मचारी-अधिकारियों के परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण हो सके, इसके लिए इस पहल की शुरुआत की गई थी। सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी निस्वार्थ भाव से शासन के लिए कार्य करते हैं। सभी कर्मचारी अपने परिवार के साथ आते हैं और उनका निःशुल्क उच्च स्तरीय जांच एवं उपचार किया जाता है।उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए 'प्रोजेक्ट उत्कर्ष' की शुरुआत की गई है, जिसके तहत हर महीने बच्चों का प्रैक्टिस टेस्ट लिया जाता है। साथ ही, जिन बच्चों के होंठ कटे-फटे रहते हैं, उनके लिए 'प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराई' चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बच्चों की निःशुल्क प्लास्टिक सर्जरी की जाती है।जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश भर के गरीब बच्चों के लिए पीएससी परीक्षा की तैयारी हेतु 'प्रोजेक्ट अनुभव' चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी उच्च स्तरीय अधिकारी मॉक इंटरव्यू लेते हैं। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत योग साधना केंद्र के 120 बच्चों ने परीक्षा दी और तैयारी की, जिनमें से चार बच्चे डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए हैं। वहीं, 'प्रोजेक्ट अनुभव' के तहत यूपीएससी के इंटरव्यू में शामिल 4 में से 2 बच्चे यूपीएससी में चयनित हुए हैं, जो हम सभी जिलेवासियों के लिए गर्व की बात है।कलेक्टर डॉ. सिंह ने बताया कि लोगों को अंगदान एवं देहदान के लिए प्रेरित करने हेतु 'प्रोजेक्ट दधीचि' चलाया जा रहा है, जिसके तहत लोग स्वेच्छा से डोनेशन कर रहे हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित 'प्रोजेक्ट अजा' के बारे में जानकारी दी तथा गांव को हाईटेक और स्मार्ट बनाने की दिशा में संचालित 'प्रोजेक्ट ग्लोबल गांव' के बारे में बताया, जिसके तहत नवा रायपुर स्थित ग्राम तूता में लगातार विकास कार्य किया जा रहा है। इन सभी प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रशासन जिले के आम लोगों तक पहुंच रहा है और आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।मुख्य अतिथि श्रीमती शर्मा ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट वंदन, प्रोजेक्ट दस्तावेज, प्रोजेक्ट पाई-पाई, प्रोजेक्ट गुटर गू, प्रोजेक्ट दधीचि, प्रोजेक्ट रक्षा, प्रोजेक्ट आरोग्यं, प्रोजेक्ट मेडीगुरु, प्रोजेक्ट लाइफ-स्टाइल क्लिनिक सहित अन्य प्रोजेक्ट का अवलोकन किया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी प्रोजेक्ट के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विभिन्न प्रोजेक्ट के अंतर्गत कार्यरत लोगों को सम्मानित भी किया गया।शिविर में मैमोग्राफी, सोनोग्राफी, टीबी जांच, बोन डेंसिटी टेस्ट, ईसीजी, इको, ब्लड टेस्ट, RFT, LFT, विटामिन D3, B12, HbA1C, शुगर रैंडम जैसी कई जांचें की गईं। इसके अलावा शिशु रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, कैंसर, किडनी रोग, न्यूरोलॉजी, मानसिक स्वास्थ्य, स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, अस्थि रोग, जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सहित विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श दिया गया।साथ ही, शिविर में आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का पंजीयन एवं आवेदन की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई। जरूरतमंदों को आवश्यक दवाइयां निःशुल्क वितरित की गई।क्या है प्रोजेक्ट छाँवशासकीय अधिकारी-कर्मचारी अपने व्यस्त कार्यालयीन जीवन के कारण वे और उनके परिवार स्वास्थ्य जांच और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते है। ’प्रोजेक्ट छाँव’ का उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर एक ही छत के नीचे विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और शासकीय योजनाओं की सुलभ और समेकित सुविधा प्रदान की जा रही है। ’प्रोजेक्ट छाँव’ के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए विशेष दिवस निर्धारित किया जाता है। इन शिविरों में बीपी, शुगर, वजन, ऊँचाई जैसी प्रारंभिक स्वास्थ्य जाँच, सोनोग्राफी, मैमोग्राफी, टीबी जांच, ईसीजी, इको, बोन डेनसिटी की भी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही जनरल फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य जागरूकता के अंतर्गत पोषण, जीवनशैली और रोग-निरोधक उपायों से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं का पंजीयन और आवेदन की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है। शिविर में जरूरतमंदों को आवश्यक सामान्य दवाएँ भी निःशुल्क वितरित की जाती हैं, जिससे यह पहल एक समग्र, सुलभ और उपयोगी सेवा मंच के रूप में कार्य करती है।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- *महिलाओं को मिलेगी निःशुल्क जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श सुविधा*बिलासपुर /अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कोनी बिलासपुर द्वारा 12 मई , मंगलवार को निःशुल्क गर्भाशय कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर अस्पताल परिसर में प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में विशेष रूप से 35 से 55 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की जांच की जाएगी। ऐसी महिलाएं जिन्हें असामान्य रक्तस्राव, सफेद पानी की समस्या, पेट दर्द अथवा मासिक धर्म संबंधी अनियमितताओं की शिकायत है, उन्हें जांच कराने की सलाह दी गई है। आवश्यकता अनुसार पैप स्मीयर जांच भी की जाएगी।अस्पताल प्रशासन ने बताया कि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है, लेकिन समय पर पहचान और उपचार से इसे रोका जा सकता है। शिविर का उद्देश्य महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने के साथ प्रारंभिक अवस्था में बीमारी की पहचान सुनिश्चित करना है। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा महिलाओं को कैंसर के कारण, लक्षण, बचाव एवं नियमित जांच के महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) मेडिकल कॉलेज के सहयोग से किया जा रहा है। शिविर हेतु पंजीयन के लिए क्यूआर कोड जारी किया गया है। इच्छुक महिलाएं 11 मई की शाम 5 बजे तक अपना पंजीयन करा सकती हैं। सीमित पंजीयन होने के कारण समय रहते पंजीयन कराने की अपील की गई है। संयुक्त संचालक सह चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने अधिक से अधिक महिलाओं से शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।
- -राहगीरों को छाछ पीकर मिली गर्मी से राहत, सभी ने आभार जताकर कहा- एक अच्छी पहलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने शनिवार, नौ मई को शंकर नगर एक्सप्रेस वे के पास राहगीरों को मठा वितरित किया। सुबह हजारों राहगीरों को मठा वितरित करने की व्यवस्था में लोगों ने भी भरपूर सहयोग प्रदान किया, और यातायात भी बाधित नहीं होने दिया। इस दौरान छाछ बांट रहीं महिलाओं के उत्साहवर्धन के लिए महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले विशेष रूप से उपस्थित रहीं।शंकर नगर केंद्र की संयोजिका आयुषी विट्ठालकर ने बताया कि सफेद ड्रेस कोड के साथ पहुंचीं महिलाओं ने हजारों राहगीरों को मठा पिलाया। केंद्र की ओर से बड़े पैमाने पर मठा की व्यवस्था की गई थी। मठा पीने के बाद राहगीरों ने शंकर नगर केंद्र की महिलाओं की काफी सराहना की। इस दौरान सुचारू यातायात के साथ- साथ सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। मठा के वेस्ट डिस्पोजल को बोरे में भरकर एकत्रित किया गया, ताकि सड़क पर गंदगी हो।आयुषी के अनुसार शंकर नगर केंद्र की यह पहल प्रति वर्षानुसार मई महीने में भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच राहगीरों को दो पल सुकून के देने के लिए की जाती है। केंद्र कीपूर्व संयोजिका मधुरा भागवत, संध्या खंगन, रचना ठेंगड़ी, सुरेखा पाटिल, पुष्पा जावलेकर, श्रद्धा विठालकर, मेधा कोतवालीवाले गोदावरी सहित अनेक महिलाएं इस मौके पर मठा वितरण में शामिल थीं।
- -वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद-समाधान शिविर में हितग्राही का बनवाया गया राशन कार्ड और जॉब कार्डरायपुर । राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है। FILE PHOPTO
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 12 मई मंगलवार को शाम 06 बजे भाजपा कोर कमेटी की बैठक आहूत की गई है एवं शाम 07:30 बजे भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी, वहीं 13 मई बुधवार को सुबह 10 बजे प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी।भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय का मार्गदर्शन होगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने बताया कि बैठक में आगामी कार्य योजना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन होगा साथ ही भाजपा संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। आगामी कार्य योजना को लेकर कार्यक्रम भी तय किए जाएंगे।
- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर सुभेंदु अधिकारी को दी बधाईरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। श्री देव ने कहा कि सुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना पश्चिम बंगाल में 'सोनार बांग्ला' के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने अपने संदेश में विश्वास व्यक्त किया कि श्री अधिकारी के कुशल नेतृत्व में बंगाल विकास, सुशासन और शांति के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। श्री अधिकारी जमीन से जुड़े नेता हैं, जिन्होंने बंगाल की जनता के अधिकारों के लिए सतत संघर्ष किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को आत्मसात करते हुए, उनके नेतृत्व में बंगाल का गौरव पुनः स्थापित होगा। श्री देव ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक और प्रशासनिक संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
- बानाबेल समाधान शिविर में 169 आवेदन प्राप्त, 877 हितग्राहियों को मिला त्वरित लाभबिलासपुर, / सुशासन तिहार के अंतर्गत कोटा विकासखंड के ग्राम बानाबेल में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में जनसमस्याओं के निराकरण, योजनाओं के लाभ वितरण एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद का प्रभावी आयोजन किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद श्री तोखन साहू ने शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ गांव-गांव में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण और योजनाओं के लाभ के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।शिविर में कुल 169 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 152 मांग संबंधी और 17 शिकायत संबंधी प्रकरण शामिल रहे। इनमें मांग संबंधी 17 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा अन्य प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई।श्री तोखन साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनकल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हर पात्र हितग्राही तक इनका लाभ पहुंचे, सुशासन तिहार के तहत 40 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के पंच से लेकर मुख्यमंत्री तक और भृत्य से लेकर सचिव स्तर तक अधिकारी इस अभियान से जुड़े हैं, जो शासन की गंभीरता को दर्शाता है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीणों के छोटे-छोटे कार्यों का भी समयबद्ध निराकरण होना चाहिए। विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों जैसे सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता ही सुशासन की पहचान है। श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनता की आवश्यकताओं और कठिनाइयों को समझते हैं, इसलिए गरीबों के लिए खाद्यान्न सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। आगामी बरसात के मद्देनजर तीन माह का राशन अग्रिम रूप से उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शासन गरीब, किसान, महिला, युवा और बुजुर्ग सभी वर्गों की चिंता कर रहा है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आधी आबादी को सुविधाएं और सम्मान देना शासन का संकल्प है। इसी सोच के तहत घर-घर शौचालय, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और अन्य योजनाओं का लाभ दिया गया है।शिक्षा की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री श्री साहू ने कहा कि जिले के परीक्षा परिणामों में इस वर्ष गिरावट आई है, जिसे अगले वर्ष बेहतर बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान प्राप्त करे, इसके लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनभागीदारी आवश्यक है। स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड होना चाहिए। गांव-गांव में कैंप लगाकर कार्ड बनाए जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को 5 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी ऐसे कैंपों में शामिल होना चाहेंगे।प्रभारी सचिव एवं अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि सुशासन केवल शिविरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे 365 दिन शासकीय कार्यप्रणाली में परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि कहीं कोई अंतराल है, तो उसे दूर करते हुए सभी पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पानी प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।बानाबेल सुशासन शिविर के दौरान 877 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ दिया गया। इनमें महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, बीपी एवं शुगर जांच, सिकल सेल जांच, स्वास्थ्य परीक्षण, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य सेवाएं शामिल रहीं। श्रम विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को 1.40 लाख रुपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए तथा एक दर्जन श्रमिकों का पंजीयन कर कार्ड वितरित किए गए। जिला सहकारी बैंक द्वारा 120 किसानों को 58 लाख रुपए की केसीसी ऋण सीमा स्वीकृत की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के 3 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत महिला समूहों को लगभग 1 करोड़ रुपए के ऋण एवं अनुदान स्वीकृति आदेश वितरित किए गए। 5 आदिवासी किसानों को अनुदान पर सिंचाई हेतु लपेटा पाइप प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4 बच्चों का अन्नप्राशन एवं 8 बच्चों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया।शिविर में सबसे अधिक 40 आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनीश सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सूरज भारद्वाज, जिला पंचायत सदस्य निरंजन पैकरा, सरपंच लखन पैकरा, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर समस्या समाधान, योजनाओं की जानकारी और त्वरित लाभ वितरण की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए सुशासन तिहार को जनहितकारी पहल बताया।
- -नेत्र रोग विभाग की टीम ने किया जटिल पलक सर्जरी, समय पर इलाज से बची आंखों की रोशनीबिलासपुर। जिले के बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत बटोरी गांव में एक दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। इस हमले में दो वर्षीय बालक एवं दो वर्षीय बालिका के चेहरे और आंखों की पलकों पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन तत्काल बच्चों को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर लेकर पहुंचे, जहां नेत्र रोग विभाग की टीम ने तुरंत आपातकालीन उपचार प्रारंभ कर दोनों बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों के चेहरे, आंखों एवं पलकों के आसपास गहरे घाव होने के कारण यह मामला “कैटेगरी-3 डॉग बाइट” की श्रेणी में आया, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा अत्यधिक रहता है। अस्पताल पहुंचते ही घावों की गहन सफाई की गई तथा तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) शुरू की गई। साथ ही संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) भी लगाया गया।आंखों की पलकों के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण उसी दिन सिम्स के नेत्र रोग ऑपरेशन थिएटर में बच्चों की “अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी” की गई। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त ऊतकों की सूक्ष्मता से मरम्मत कर आंखों की संरचना और दृष्टि को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। वर्तमान में दोनों बच्चे चिकित्सकों की निगरानी में हैं तथा उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।इस जटिल उपचार एवं सर्जरी में नेत्र रोग विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. संजय चौधरी,डॉ आरती, डॉ. अनिकेत निश्चेतना विभाग से डॉ यशा तिवारी और डॉ द्रोपती सहित अन्य चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स अस्पताल गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि डॉग बाइट जैसे मामलों में समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंच लगने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें।सिम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह ने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन पूर्णतः रोके जाने योग्य बीमारी है। यदि समय रहते एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यक उपचार दिया जाए तो मरीज को सुरक्षित बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से घरेलू उपचार, झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक उपचार अपनाने की अपील की।नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने बताया कि बच्चों की आंखों एवं पलकों पर गंभीर चोट थी, जिसके कारण तत्काल सर्जरी करना जरूरी था। विशेषज्ञ टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्जरी कर आंखों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया, जिससे बच्चों की दृष्टि बचाने में सफलता मिली।चिकित्सकों ने बताया कि रेबीज संक्रमित कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने, खरोंच अथवा लार के संपर्क से फैलने वाली अत्यंत खतरनाक वायरल बीमारी है। बीमारी बढ़ने पर मरीज में पानी से डर लगना, सांस लेने में कठिनाई, मानसिक भ्रम, आक्रामक व्यवहार और लकवा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि किसी भी डॉग बाइट की घटना को हल्के में न लें तथा तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निगम एवं प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने, नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रम को तेज करने तथा गांव एवं शहरी क्षेत्रों में रेबीज जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई।
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- पक्के घर का सपना हुआ साकार, हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है।इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई।लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे।सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। - -आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन करना हुआ आसानरायपुर,। दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं।विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही श्री हिड़मा मण्डावी एवं श्री महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य कर रहा हैं। इनके द्वारा उसे प्रतिवर्ष 30 से 40 हजार रूपये मछली विक्रय कर आमदनी होती हैं। जैसा कि हिड़मा ने बताया कि पूर्व में इनके पास जाल उपलब्ध नहीं थे। जिसके फलस्वरूप किराये से जाल लाकर मत्स्याखेट करना पड़ता था। परन्तु राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से सुशासन तिहार 2026 में इन्हें मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे मत्स्याखेट करने में कोई परेशानी नहीं होगी एवं किराये से जाल होने की स्थिति से बचकर वह बेहतर आय अर्जित करेगा।इसी प्रकार एक और अन्य हितग्राही श्री महादेव मरकाम पिता श्री हड़मा ग्राम भूसारास वि.ख. कटेकल्याण के मत्स्य कृषक को सुशासन तिहार 2026 में विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत मछली विक्रय हेतु आइस बॉक्स प्रदाय किया गया है। चूंकि इसके पहले कृषक महादेव को अपने तालाब से निकाली गई मछली को तुंरत आस-पास के स्थानीय बाजारों में ले जाना पड़ता था। और मछली स्टोरेज करने हेतु आईस बाक्स न होने से मछलियों के खराब होने की स्थिति आ जाती थी। लेकिन अब महादेव खुश है क्योंकि सुशासन शिविर में आईस बाक्स प्रदान किया गया। वह अपने तालाब की मछली को निकालकर विक्रय हेतु बाजार ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और मछली खराब होने की स्थिति से राहत मिलेगा।इसके अलावा ग्राम पंचायत हल्बारास वि.ख. कुआकोंडा में भी मत्स्य कृषक श्री परमेश्वर राना पिता श्री नवल राना एवं श्री सुनील कुमार भोयर पिता श्री सामनाथ भी मत्स्य सामग्रियों से लाभान्वित हुए। कृषक परमेश्वर राना द्वारा विगत 08 वर्षों से अपने स्वयं के भूमि में 0.50 हे. का तालाब निर्माण कर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार की आमदनी प्राप्त हो रही है। पूर्व में कृषक के पास मत्स्याखेट हेतु जाल उपलब्ध नही होने के कारण मछली पकड़ने में परेशानी हो रही थी। वर्तमान में कृषक को सरकार की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 में विभाग द्वारा मत्स्यासेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे कृषक को अब मछली पकड़ने में कोई परेशानी नही होगी। वही सुनिल कुमार के पास भी पूर्व में मछली विक्रय हेतु बाजार तक ले जाने का कोई साधन नहीं था जिससे मछली खराब होने की संभावना बनी रहती थी। परन्तु आईस बाक्स मिलने से जिससे कृषक को बाजार तक मछली ले जाने में दिक्कत नहीं होगा। इस प्रकार राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन शिविर ने श्री हिड़मा मण्डावी, श्री महादेव मरकाम, श्री परमेश्वर राना, श्री सुनील कुमार भोयर जैसे सैकड़ों हितग्राहियों की व्यवहारिक एवं आर्थिक दिक्कतों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूर दराज के ग्रामीणों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने समझने और इसके समाधान करने का यह अभिनव प्रयास सुशासन को सार्थक कर रहा हैं
- -एक मूकबधिर जोड़े सहित हिंदू एवं ईसाई समुदाय के नवदंपत्तियों ने साथ निभाने की ली जीवनभर की शपथ-प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिया आशीर्वादरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में शुक्रवार को सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन किया गया। जशपुर जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें हिंदू एवं ईसाई दोनों समुदायों के जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि बगीचा परियोजना क्षेत्र में एक दिव्यांग (मूकबधिर) जोड़े ने भी विवाह बंधन में बंधकर सभी के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की। समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।परियोजना बगीचा में 13 हिंदू एवं 7 ईसाई समुदाय के कुल 20 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। परियोजना कांसाबेल में 9 हिंदू एवं 3 ईसाई समुदाय के कुल 12 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसी प्रकार परियोजना बागबहार में 6 हिंदू एवं 26 ईसाई समुदाय के कुल 32 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।कार्यक्रमों में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें 8 हजार रुपये विवाह आयोजन व्यय, 7 हजार रुपये की उपयोगी उपहार सामग्री तथा 35 हजार रुपये की राशि वधु के नाम चेक के रूप में प्रदान की जाती है। साथ ही नवदंपत्तियों को वैवाहिक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना से न केवल परिवारों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि समाज में सामूहिक विवाह की सकारात्मक परंपरा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
- -ट्राइसाइकिल से मिली जीवन लाल के सपनों को नई रफ़्तार-धमतरी के दिव्यांग जीवन लाल के लिए 'उम्मीद की किरण' बना जनसमस्या निवारण शिविर; अब आत्मनिर्भरता के साथ तय करेंगे अपनी राहरायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की 'सुशासन' की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित 'सुशासन तिहार' एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी। जब जीवन लाल को ग्रामीणों से 'सुशासन तिहार' के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे।ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है।धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है।
- रायपुर / जैविक खेती मिट्टी के स्वास्थ्य को पुनर्जीवित कर, कम लागत में विषमुक्त (रसायन-मुक्त) और पौष्टिक फसल उत्पादन की शक्ति प्रदान करती है। यह टिकाऊ कृषि पद्धति केंचुआ खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण अपनाकर न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है, बल्कि कृषि लागत में कमी और बेहतर बाज़ार मूल्य के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि भी सुनिश्चित करती है। जैविक खेती के माध्यम से डोलनारायण जैसे किसान अपनी मेहनत, नवीन तकनीकों और प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करके न केवल अच्छी आय कमा रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए एक उदाहरण भी बन रहे हैं।खेती में अगर नवाचार और मेहनत का मेल हो, तो मिट्टी सोना उगलने लगती है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के एक प्रगतिशील किसान डोलनारायण पटेल ने इसे सच कर दिखाया है। उन्होंने पारंपरिक खेती के ढर्रे को छोड़कर जैविक पद्धति को अपनाया और आज वे पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन गए हैं।मिर्च ने बदली किस्मत डोलनारायण ने मात्र 75 डिसमिल जमीन पर जैविक मिर्च की खेती की। परिणाम चौंकाने वाले रहे। महज 15 दिनों की तुड़ाई में उन्होंने 75,000 रुपये की मिर्च बेची। एक ही पौधे से करीब 1.25 किलो तक मिर्च प्राप्त हुई। जैविक होने के कारण मिर्च की चमक और तीखापन जबरदस्त था, जिससे बाजार में उन्हें 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल का शानदार दाम मिला।डोलनारायण की सफलता का सबसे बड़ा रहस्य रासायनिक खादों का त्याग है। उन्होंने यूरिया-डीएपी की जगह गोबर खाद (करीब 3 ट्रॉली) का उपयोग किया। वैज्ञानिक तकनीक कृषि विभाग के मार्गदर्शन में स्प्रिंकलर और आधुनिक सिंचाई उपकरणों का प्रयोग कर लागत को न्यूनतम किया।आधुनिक संसाधनों से सशक्त खेती के माध्यम से डोलनारायण केवल खेती ही नहीं कर रहे, बल्कि उसे एक व्यवसाय की तरह देख रहे हैं। उनके पास कुल 17 एकड़ (6 एकड़ स्वयं की $ 11 एकड़ लीज पर) कृषि भूमि है। ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसे संसाधनों ने उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि आय के अतिरिक्त स्रोत भी प्रदान किए हैं।डोलनारायण पटेल, प्रगतिशील किसान ने कहा कि मिर्च की सफलता से उत्साहित होकर अब वे खरीफ सीजन में 4 एकड़ में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और खुशबूदार जवाफूल धान की जैविक खेती करने की तैयारी कर रहे हैं। मेहनत, नई सोच और आधुनिक तकनीक का संगम हो, तो कम जमीन पर भी खेती लाभ का सौदा बन सकती है। डोलनारायण की यह पहल क्षेत्र के युवाओं को संदेश दे रही है कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी सबसे मजबूत रास्ता है।
- रायपुर / प्रदेश में सिंचाई संरचनाओं की सुरक्षा और जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले में स्थित रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) के गेटों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 65 करोड़ 50 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।जारी स्वीकृति के अनुसार जलाशय में एपॉक्सी ग्राउटिंग, फ्लेक्सिबल शाफ्ट हाई प्रेशर वाटर जेट से चोक व्हीपीडी की सफाई सहित अन्य आवश्यक मरम्मत एवं संरक्षण कार्य कराए जाएंगे। यह कार्य जलाशय की संरचनात्मक मजबूती, संचालन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।राज्य शासन द्वारा महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यों में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी मापदंडों तथा पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कार्य की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके।उल्लेखनीय है कि रविशंकर सागर जलाशय प्रदेश की बहुत पुरानी और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जिससे कृषि, जलापूर्ति और क्षेत्रीय विकास को व्यापक लाभ मिलता है। स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने से जलाशय की कार्यक्षमता और सुरक्षा में और अधिक मजबूती आएगी, जिससे किसानों एवं आमजन को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। जल संसाधन विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यों के क्रियान्वयन में सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रावधानों पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
- -रायपुर-बिलासपुर समेत कई शहरों के अधिकारी बदलेरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ इंजीनियरों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत राज्य के विभिन्न निकायों में पदस्थ कार्यपालन और सहायक अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार लाल महेंद्र प्रताप सिंह कार्यपालन अभियंता को नगर निगम रायपुर से नगर निगम बिलासपुर भेजा गया है। इसी प्रकार दिनेश नेताम कार्यपालन अभियंता को कवर्धा से स्थानांतरित कर संयुक्त संचालक कार्यालय दुर्ग में पदस्थ किया गया है।अभियंताओं की नई पदस्थापना में बृजेश श्रीवास्तव सहायक अभियंता को कोण्डागांव से बिलासपुर और ललित कुमार त्रिवेदी सहायक अभियंता को भी बिलासपुर में प्रभारी कार्यपालन अभियंता की कमान सौंपी गई है। दुर्ग क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत सी.बी. परगनिहा सहायक अभियंता को दुर्ग से धमतरी, हेमन्त कुमार साहू सहायक अभियंता को भिलाई-चरौदा से नगर निगम दुर्ग और चन्द्रशेखर सारथी सहायक अभियंता को रायगढ़ से नगर पालिका चांपा भेजा गया है। वहीं नवा रायपुर में पदस्थ गगन वासन अब नगर निगम जगदलपुर में सहायक अभियंता के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए नगर पालिक निगम रिसाली के कार्यपालन अभियंता सुनील दुबे को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास (क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग) के अधीक्षण अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।














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