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- बालोद. राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजनांतर्गत 18 से 19 जून 2026 तक जिला पंचायत संसाधन केन्द्र बालोद मंे जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्यों का ’पंचायत विकास योजना सह पंचायत उन्नति सूचकांक’ विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण मंे जिला पंचायत के सभी नवनिर्वाचित सदस्य उपस्थित हुए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के निर्देशानुसार विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को 16वंे वित्त आयोग की नवीन गाइडलाइन के अनुसार पंचायत विकास योजना, पचंायत विकास सूचकांक सहित शासन की महत्वाकांक्षी योजना ठोस अपशिष्ट नियम 2026, वीबी जी राम जी के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उक्त प्रशिक्षण का संचालन उपसंचालक पंचायत श्रीमती काव्या जैन की उपस्थिति में किया गया।
- बालोद. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत ’आवास प्लस 2.0’ की स्थाई प्रतीक्षा सूची के संबंध में जिला पंचायत के सभाकक्ष में 23 जून को एक दिवसीय प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस कार्यशाला में जिले के समस्त 436 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को आमंत्रित किया गया था। कार्यशाला में प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण, आवास प्लस 2.0, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, 16वें वित्त आयोग, विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। यह कार्यशाला कुल 03 पालियों में आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पाली में जनपद पंचायतवार पृथक-पृथक ग्राम पंचायत सचिव सम्मिलित हुए। कार्यशाला में ग्राम पंचायत सरपंचों और सचिवों को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण योजना के तहत जिले के सभी गांवों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में ’आवास प्लस 2.0’ सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम-जनरेटेड प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन किया जाना है।साथ ही, शासन द्वारा निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर इसका अवलोकन व सत्यापन कार्य किया जाएगा और योजना की मार्गदर्शिका के निर्देशानुसार स्थाई प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए इन नियमों को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त दिशा-निर्देशों, कार्यप्रणाली तथा वित्तीय आवंटन के नए प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। साथ ही समर्थ पोर्टल की उपयोगिता एवं 16वें वित्त आयोग के कार्य निष्पादन अनुदान में इसके महत्व को विस्तार से समझाया गया। कार्यशाला में ’विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण’ योजनाओं के तहत निर्मित नए कानूनों के विषय में जानकारी प्रदान की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया कि योजना के नवीन प्रावधानों के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की गारंटी प्रदान की जाएगी। इस नए कानून में मुख्य रूप से 04 क्षेत्रों-जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका बुनियादी ढांचा और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब देकर योजनाओं के सुचारू एवं सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले में जनहित के 04 विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 33 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल द्वारा अनुशंसित उक्त कार्यों का संपादन संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसके तहत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दुर्ग द्वारा 28 लाख रूपए की लागत से 03 विकास कार्य कराए जाएंगे, जिसमें सिविल लाइन दक्षिण जलाराम सांस्कृतिक भवन के पास भवन निर्माण हेतु 10 लाख रूपए, वार्ड 52 गणपति विहार कॉलोनी माता कमला देवी उद्यान बोरसी (पश्चिम) में मंच निर्माण हेतु 10 लाख रूपए तथा पोटियाकला में शिवाजी मूर्ति के पास भवन निर्माण कार्य के लिए 08 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार, जनपद पंचायत पाटन के अंतर्गत ग्राम रूही में प्रतीक्षालय (शेड) निर्माण कार्य हेतु 05 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसका क्रियान्वयन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन द्वारा किया जाएगा।
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0- धमधा में 1525 वर्गफीट सरकारी आबादी भूमि से अवैध निर्माण हटाकर जमीन की गई सुरक्षितदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन में शासकीय संपत्तियों को सुरक्षित रखने और अवैध कब्जों को हटाने विधि सम्मत कार्रवाई जारी है। इसी तारतम्य में मुस्तैदी का परिचय देते हुए धमधा तहसील अंतर्गत एक महत्वपूर्ण शासकीय आबादी भूमि को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराया गया है।तहसीलदार धमधा श्रीमती मीना साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमधा स्थित शासकीय आबादी भूमि खसरा नंबर 1719/1 के आंशिक भाग (रकबा 1525 वर्गफीट) पर अनावेदक संतु यादव पिता कार्तिक यादव द्वारा अनाधिकृत रूप से टीन शेड लगाकर अतिक्रमण किया गया था। इस शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार जांच व सुनवाई की गई तथा अनावेदक के विरुद्ध बेदखली आदेश पारित किया गया। उक्त आदेश के परिपालन में विगत 23 जून 2026 को तहसीलदार धमधा की उपस्थिति में प्रशासनिक टीम द्वारा बेदखली की कार्रवाई निष्पादित की गई। मौके पर अवैध टीन शेड को हटवाकर उक्त मूल्यवान भूमि को शासन के नियंत्रण में सुरक्षित कर लिया गया है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान हल्का पटवारी, कोटवार, स्थानीय पार्षदगण एवं नगरवासी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन की इस निष्पक्ष और वैधानिक कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है। - दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 10 विकास कार्यों के लिए कुल 60 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अहिवारा विधानसभा के धमधा विकासखंड के अंतर्गत कुल 10 ग्राम पंचायतों में ओपन जीम निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत ग्राम पंचायत मलपुरीखुर्द, ग्राम हिंगनाडीह (ग्राम पंचायत ढौर), ग्राम पंचायत खपरी (गि), ग्राम करहीडीह (ग्राम पंचायत डूमर), ग्राम पंचायत लहंगा (ढौर), ग्राम पंचायत ढौर (खेरधी), ग्राम पंचायत सहगांव (पथरिया), ग्राम पंचायत नंदौरी, ग्राम पंचायत चेटुवा तथा ग्राम पंचायत ढाबा में प्रत्येक ओपन जिम निर्माण कार्य हेतु 06-06 लाख रूपए (कुल 60 लाख रूपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग में निपुण बनाने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही है। श्री साव बुधवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान के तहत डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म की बैठक के दौरान पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि भाजपा एक कार्यकर्ता-आधारित पार्टी है। कार्यकर्ताओं की योग्यता और क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ही लगातार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में प्रदेश की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों से चिन्हित किए गए तीन-तीन प्रमुख कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से आमंत्रित कर प्रशिक्षित किया जा रहा है। यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर तक जाकर अन्य साथियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही और प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण देंगे। श्री साव ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हमारे कार्यकर्ता हर क्षेत्र में सक्षम और योग्य बनें। उनका संगठनात्मक और वैचारिक विकास हो, ताकि एक योग्य सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में समाज में उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हो सके। कार्यकर्ताओं के प्रबोधन और प्रशिक्षण की यह प्रक्रिया भाजपा की एक निरंतर चलने वाली व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कौशल सिखाए जा रहे हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय 'कुशाभाऊ ठाकरे परिसर' स्थित 'सहयोग केन्द्र' में पहुँचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ता अपनी बात लेकर पहुंचे थे। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बेहद संवेदनशीलता के साथ एक-एक कर सभी कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान सहयोग केन्द्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने उपस्थित रहे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म की कार्यशाला बुधवार को संपन्न हुई। प्रशिक्षण के माध्यम से संगठन के कार्यों को बूथ से लेकर प्रदेश स्तर पर संचालन कराने के लिए कार्यकताओं को मार्गदर्शन दिया गया।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा चुनावी मोड में रहने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि इसके रचनात्मक और संगठनात्मक कार्यक्रम पूरे वर्षभर चलते रहते है। भाजपा के कार्यक्रम वर्ष भर 24×7 चलते हैं। हमारे प्रशिक्षण के काम प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि चुनावों में अभी करीब ढाई साल का समय शेष है, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता हर परिस्थिति के लिए सदैव तैयार रहता है। हम लोग चुनाव के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के कार्यक्रमों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर लगातार जनता के बीच जाता है। श्री देव ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस उन हितग्राहियो तक पहुँचना है, जिनके लिए योजनाएँ बनाई गई हैं और उन्हें धरातल पर वास्तविक लाभार्थी के रूप में परिवर्तित करना है। भाजपा के ये अभियान किसी चुनाव को देखकर नहीं तय होते, बल्कि पार्टी चुनाव हो या न हो, भाजपा हमेशा जनता की सेवा के लिए तत्पर रहती है।भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संगठन के कार्यों के प्रति सजग रहते हैं कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के माध्यम से प्रखर एवं प्रवीण बनाने का कार्य संगठन के द्वारा किया जाता है। जो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जाकर सरकार एवं संगठन के कार्यों के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं। प्रशिक्षित कार्यकर्ता संगठन की मजबूती के लिए कार्य करते हैं। श्री साय ने कहा कि हमें संगठन द्वारा दिए गए कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करना है। कार्यकर्ता अपने कार्यों के माध्यम से संगठन के विस्तार करने एवं सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि आपातकाल की उस पीड़ा को हम नहीं भूल सकते जब कांग्रेस पार्टी की नेता ने अपनी प्रधानमंत्री पद की गरिमा को तार-तार करते हुए देश में आपातकाल लगाया और पूरे देश में ऐसी परिस्थितियाँ बनी थीं जिसे हम राजनीतिक संकट के रूप में जानते हैं। भावी पीढ़ी को आपातकाल के बारे में बताना हम सबका कर्तव्य है। इस दिशा में पार्टी का हर कार्यकर्ता जुटा हुआ है।भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म कार्यशाला के प्रदेश संयोजक जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि भाजपा हमेशा नवाचार की कार्ययोजना पर चलती है। डिजिटलाइजेशन भी इसी दिशा में एक नवीन कदम है जिससे जुड़कर भाजपा के कार्यकर्ता अपनी विचारधारा व कार्य पध्दति से जुड़कर प्रामाणिक कार्यकर्ता बनेंगे। भाजपा पूरे प्रदेश में इस अभियान को चलाएगी, इसलिए यह बैठक आयोजित की गई।भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पक्ष कार्यक्रम प्रभारी नंदन जैन ने कहा कि 23 जून को पूरे देश में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही 23 जून से लेकर 06 जुलाई तक डॉ. मुखर्जी के कार्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना है, साथ ही उनके योगदान के बारे में लोगों को बताना है। उन्होंने नारा दिया था एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के उस अधूरे सपने और संकल्प को पूरा किया गया है। यही डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी को हमारी सच्ची श्रध्दांजलि है।इस दौरान कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी सहित पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जिलाध्यक्ष एवं सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आईटी सेल प्रदेश संयोजक सुनील पिल्लई ने इस अभियान के बारे में डिजिटल जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रशिक्षण महाभियान टोली की सदस्य शताब्दी पांडेय ने किया एवं आभार प्रदेश मंत्री ऋतु चौरसिया ने माना।
- -आगामी कार्यक्रमों की डिजिटल रणनीति पर मंथनरायपुर। भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुधवार को प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में संपन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा बूथ स्तर तक संगठन को डिजिटल रूप से और अधिक सशक्त बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती, सरल एप में आवश्यक जानकारी अद्यतन करने, सोशल मीडिया समूहों के गठन, बूथ समितियों के सत्यापन, जिला एवं मंडल स्तर पर आईटी टीमों के गठन सहित विभिन्न कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने संबंधी आवश्यक जानकारी पदाधिकारियों को दी गई।भाजपा आईटी सेल प्रदेश संयोजक सुनील पिल्लई ने भाजपा संगठन में आईटी सेल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए आगामी कार्यक्रमों में आईटी सेल की जिम्मेदारियों एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से संगठन की गतिविधियों और जनहितकारी योजनाओं को अधिक व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है।बैठक में भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही ने आईटी सेल के सशक्त उपयोग, मीडिया समन्वय तथा संगठन की सकारात्मक गतिविधियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सह संयोजक संजय सोनी और आभार प्रदेश सह संयोजक प्रमोद सिंह ने व्यक्त किया। बैठक में प्रदेश सह संयोजक संदीप उपारकर, सौरभ कौतुक, विक्की रमानी, कार्यालय प्रभारी लोकेश पवार, सह प्रभारी शैलेंद्र दीक्षित, संभाग प्रभारी सागर मयाणी, भरत ठक्कर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मिनी पांडेय, सौरभ मिश्रा, करण कश्यप, हर्षित चोकसे, सूर्य प्रताप सिंह, हेमा दीवान, गौरव सिन्हा, राहुल डूंगरे सहित बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के संयोजक, सह संयोजक एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।।
- नई दिल्ली / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सेवा केंद्रों एवं जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से लोगों को शासकीय सेवाएं उनके घर के निकट उपलब्ध कराई जा रही हैं।श्री साय ने कहा कि बस्तर आज विकास और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़ और कांगेर घाटी जैसे पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विकास एवं जनकल्याण के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है तथा शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। file photo
- रायपुर, /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग को संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति बाहुल्य ईलाकों में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वहां के रहवासियों को सशक्त बनाने एवं उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्याे का प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैरलाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समूदायों के गरीब युवाओं एवं महिलाओं तथा तृतीय लिंग के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता माध्यम से उन्हें सशक्त बनायेगा एवं उनके सर्वांगिण विकास के लिए काम करेगा। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास के लिए कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे। युवाओं का उनकी रूचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।बैठक में बताया गया कि संस्था द्वारा केवल कौशल विकास ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम का विशेष जोर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।बैठक में बताया गया कि पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन झारखण्ड राज्य में शासन के साथ मिलकर कार्य किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के शक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। कल्याण गुरूकुल, कौशल कॉलेज, छत्तीसगढ़ के दूरदराज वनांचल क्षेत्रों मे स्थापित किए जाएंगे। युवाओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियुक्ताओं से करार किया जाएगा। जिससे युवाओं को टेªनिंग पूरी होते ही पक्की नौकरी मिल सकें। संस्था द्वारा बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रमुख रूप से कार्य कर रहा है। स्थानीय भवनों जैसे-आईटीआई एवं छात्रावास को आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों गुरूकुल में बदला जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और अंदरूनी गांव से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लाया जा रहा है। इन क्षेत्रों की युवाओं की शैक्षणिक योग्याता के अनुरूप कन्ट्रक्शन, मैनुफेक्चरिंग जैसे सेक्टर में शॉट में आवासीय टेªनिंग दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेजों को खोलने का भी कार्य किया जा रहा है।बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के संचालक श्री राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- रायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा “सोसायटी फॉर एम्पावरमेंट” द्वारा प्रकाशित पत्रिका “प्रारंभ” का आज विमोचन किया गया। इस विशेषांक का संपादन डॉ. रूपेन्द्र कवी, उपसचिव (संवैधानिक प्रकोष्ठ), लोकभवन, रायपुर द्वारा किया गया है। यह विशेषांक “प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की प्रासंगिकता” विषय पर आधारित है, जिसमें जनजातीय ज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण के परंपरागत दृष्टिकोणों को समाहित किया गया है।इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह अंक वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने संपादकीय टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की।
- -महारानी अस्पताल के कायाकल्प के लिए 7 करोड़ रूपए से अधिक का प्रस्ताव तैयाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के तहत जगदलपुर के ऐतिहासिक महारानी अस्पताल को संभाग का सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक चिकित्सा केंद्र बनाने के लिए 7 करोड़ से अधिक की लागत का प्रस्ताव और कायाकल्प का काम समय-समय पर विभिन्न चरणों में किया जाएगा, जिसके माध्यम से बस्तरवासियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। महारानी अस्पताल के कायाकल्प को दो से अधिक चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें ओपीडी, आपातकालीन इकाई, ओटी कॉम्प्लेक्स, और आईसीयू शामिल हैं।बस्तर संभाग के लाखों लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। जल्द ही स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को सुपर-स्पेशलिटी स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल, जगदलपुर के व्यापक उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए 7 करोड़ 1 लाख रुपये से अधिक का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जगदलपुर के कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की अध्यक्षता में आयोजित जीवन दीप समिति की बैठक में अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मुहैया कराने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।प्रस्ताव के अनुसार, अस्पताल की चिकित्सा प्रणाली को पूरी तरह अपग्रेड किया जा रहा है। मॉड्यूलर ओटी का नवीनीकरण के तहत प्रसूति, स्त्री रोग और सामान्य सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थिएटरों (OT) को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। अस्पताल में सीटी स्कैन जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए विद्युत व्यवस्था सुधारी जाएगी। साथ ही कलर डॉपलर, मोबाइल डीआर सिस्टम, एंडोस्कोपी और लेप्रोस्कोपी जैसी नई मशीनें खरीदी जाएंगी। नेत्र एवं ईएनटी (नाक, कान, गला) के उपचार के लिए आधुनिक उपकरण मंगाए जा रहे हैं।संभाग में नवजात और बच्चों के बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत 12 बिस्तरीय पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU) और 30 बिस्तरीय शिशु रोग वार्ड के शीघ्र संचालन के लिए मरम्मत व सुरक्षा कार्यों को मंजूरी दी गई है। गंभीर बीमार बच्चों के इलाज के लिए SNCU और MNCU वार्डों के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी की जाएगी।महारानी अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए बड़ा निवेश किया जा रहा है। 78 लाख रुपये की लागत से अस्पताल में ऑन-ग्रिड सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। आपातकालीन बिजली बैकअप के लिए 65 लाख रुपये की लागत से एक नया भारी क्षमता वाला डीजी (जनरेटर) सेट भी लगाया जाएगा। इसके अलावा मरीजों के परिजनों के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग सुविधा और होम शेल्टर का निर्माण किया जाएगा।स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दवाइयों की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से समिति ने धन्वंतरी दवा केंद्र के वर्तमान अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, अटल आरोग्य लैब के अंतर्गत माइक्रोबायोलॉजी विभाग को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और एयर हैंडलिंग यूनिटों की मरम्मत को भी हरी झंडी मिल गई है।कलेटर श्री आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि स्वीकृत किए गए सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बस्तर संभाग के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब मरीजों को जगदलपुर में ही उच्च स्तरीय और सुलभ चिकित्सा सुविधाओं का लाभ देना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े। यह कदम बस्तर के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सख्ती का असर-मंत्रिपरिषद् की मंजूरी के बाद किया गया है नियमों में संशोधनरायपुर / छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उनके सख्त प्रशासनिक रुख के तहत राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन किया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना और खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है।सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगने वाले जुर्माने में किया गया है। अब किसी भी मामले में समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन के मामलों में प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा। इसके अलावा अवैध रूप से ले जाए जा रहे खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 35 टन खनिज का अवैध परिवहन करता है, तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70 हजार रुपये और खनिज का मूल्य अलग से देना होगा। वहीं ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा।छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दोबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सकें। अब जब्त वाहन, मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन के प्रकार के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए हैं। शासकीय निर्माण कार्यों के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है। इससे निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त खनिज उपलब्ध होगा और व्यवस्थित खनन को बढ़ावा मिलेगा।खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना भी की गई है। अब गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2 प्रतिशत इस न्यास में जमा होगा, जिससे हर वर्ष लगभग 5.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होने का अनुमान है।सरकार ने खनन पट्टों के समामेलन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। इससे अलग-अलग प्रकार से स्वीकृत पट्टों के एकीकरण में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और शासन को प्रीमियम राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी।निर्माण विभागों में खनिज रॉयल्टी कटौती की व्यवस्था को भी एक समान बनाया गया है। अब सभी विभाग खनिज की कीमत के साथ रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना उपकर और सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त राशि निर्धारित नियमों के अनुसार काटेंगे। खनिज विभाग से रॉयल्टी क्लीयरेंस मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी, अन्यथा विभाग इसे खनिज मद में जमा करेगा। इससे अवैध स्रोतों से खनिज के उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगेगी।एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गौण खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ अब केवल नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला पंचायतों को भी इसका हिस्सा मिलेगा।करीब 30 वर्षों बाद खदानों के डेड रेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य में 1900 से अधिक गौण खनिज खदानें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए डेड रेंट से केवल गंभीर पट्टाधारी ही खदानों का संचालन करेंगे। जो खदानें संचालित नहीं होंगी, वे समर्पित होकर दोबारा नीलामी के लिए उपलब्ध हो सकेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस और सख्त प्रशासनिक रुख का बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है। नए नियमों से एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य के राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
- रायपुर / राज्य सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चत करने मॉनिटरिंग कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। कांकेर जिले में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है तथा जिले के सभी क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिले में कुल 51 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल के 14, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 21 तथा भारत पेट्रोलियम के 16 पेट्रोल पंप शामिल हैं।प्री-मानसून वर्षा के बाद खरीफ फसल की तैयारियों के चलते कृषि कार्यों हेतु डीजल की मांग में वृद्धि दर्ज की गई है। इसी क्रम में 23 जून 2026 को कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप में डीजल का स्टॉक समाप्त होने के कारण अस्थायी स्थिति निर्मित हुई थी। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकटवर्ती पेट्रोल पंपों से डीजल उपलब्ध कराने की वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल की गई।वर्तमान में कोयलीबेड़ा क्षेत्र के दोनों पेट्रोल पंपों में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा ईंधन वितरण सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है।जिला एवं राज्य स्तर पर तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर मांग के अनुरूप पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कृषि कार्यों के कारण बढ़ी मांग को देखते हुए स्टॉक समाप्त होने की संभावना वाले पेट्रोल पंपों को प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा बताया गया है कि जिले में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा आम नागरिकों और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकतानुसार निकटतम पेट्रोल पंपों से ईंधन प्राप्त करें।
- रायपुर / राज्य सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चत करने मॉनिटरिंग कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जशपुर जिले में भी पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सामान्य एवं सुचारु रूप से जारी है। जिले में कुल 61 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल के 28, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 24 तथा भारत पेट्रोलियम के 9 पेट्रोल पंप शामिल हैं। प्री-मानसून वर्षा के उपरांत खरीफ फसल की तैयारियों के कारण कृषि कार्यों में डीजल की मांग बढ़ी है। इसी क्रम में 23 जून 2026 को जशपुर जिले के कोतबा क्षेत्र स्थित दो पेट्रोल पंपों में डीजल स्टॉक समाप्त होने से अस्थायी स्थिति उत्पन्न हुई थी। किसानों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकटवर्ती पेट्रोल पंपों से वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की गई।वर्तमान में कोतबा क्षेत्र के सभी चार पेट्रोल पंपों में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा ईंधन वितरण नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। जिला एवं राज्य स्तर पर तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर मांग के अनुरूप पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कृषि कार्यों के कारण बढ़ी मांग को देखते हुए जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक समाप्त होने की संभावना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश-राज्यभर में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की होगी व्यापक जांच-जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और विशेष ऑडिट के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करना आवश्यक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव श्री विकास शील ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान के अंतर्गत बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों एवं फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधा, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही भवनों की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में निकासी एवं राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए जाएं तथा गंभीर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। file photo
- -केंद्रीय रेलवे मंत्रालय के फैसले का मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया स्वागत, कहा- यात्रियों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरीरायपुर । सरगुजा संभाग एवं उत्तर छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय रेलवे मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 22407/22408 अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के संचालन को साप्ताहिक से बढ़ाकर द्विसाप्ताहिक (सप्ताह में दो दिन) करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय का पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए जनहितैषी कदम बताया है।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस उत्तर छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा के रूप में कार्य करती है। दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रेन की आवृत्ति बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय ने गंभीरता से लेते हुए पूरा किया है।उन्होंने कहा कि ट्रेन के सप्ताह में दो दिन संचालन से यात्रियों को अधिक सुविधा और विकल्प उपलब्ध होंगे। विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों तथा गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की यात्रा करने वाले मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे यात्रा की प्रतीक्षा अवधि कम होगी और क्षेत्र की राजधानी दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रेलवे के आधुनिकीकरण, नई रेल सेवाओं के विस्तार और यात्री सुविधाओं में लगातार वृद्धि का लाभ अब सरगुजा जैसे अंचलों तक भी पहुंच रहा है। यह निर्णय क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय ने क्षेत्र की जनभावनाओं का सम्मान किया है। श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर छत्तीसगढ़ को रेलवे क्षेत्र में और अधिक सुविधाएं, नई रेल सेवाएं तथा आधारभूत संरचना से जुड़ी नई सौगातें प्राप्त होंगी।श्री अग्रवाल ने कहा, “अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस को द्विसाप्ताहिक किए जाने का निर्णय सरगुजा संभाग के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी पहले से अधिक मजबूत होगी। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह निर्णय न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सरगुजा क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। क्षेत्रवासियों ने भी इस घोषणा का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय के प्रति खुशी व्यक्त की है।
- -पीडब्लूडी सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की बैठक लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा की-निर्माणाधीन सड़कों पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर काम करने के दिए निर्देश ताकि बरसात में लोगों को न हो परेशानी-केशकाल घाटी बायपास में सड़क के साथ ही दो बड़े पुलों के काम भी शुरू करने कहारायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में ठेकेदारों को निर्माणाधीन सड़कों पर वैकल्पिक या डायवर्टेड मार्ग बनाकर काम करने के दिए निर्देश दिए, ताकि बरसात में लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के काम में तेजी लाते हुए सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले दो बड़े पुलों के काम भी जल्दी शुरू करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री अभिजीत कुमार तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए ।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार ने बैठक में बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापटनम एक्सप्रेस-वे और दुर्ग-आरंग बायपास मार्ग के काम अगले वर्ष मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। भारतमाला परियोजना के तहत ही निर्माणाधीन रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरीडोर का काम भी तेज गति से चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले भारतमाला परियोजना की सड़कों का पूरा लाभ उठाने राज्य की सड़कों को इनसे जोड़ने टू-लेन और फोर-लेन सड़कों के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए, जिससे इन इकोनॉमिक कॉरीडोर्स का पूरा लाभ राज्य को मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के इन सड़क खंडों के चालू हो जाने से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। माल और यात्री परिवहन की दृष्टि से ये सड़कें बहुत महत्वपूर्ण हैं।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में एनएचएआई द्वारा रायपुर के तेलीबांधा चौक, उद्योग भवन चौक और सरोना चौक में प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की स्वीकृति की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित भूमि अधिग्रहण और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी यथासमय उच्च कार्यालयों को देने के निर्देश दिए, जिससे कि इनके जल्द निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर की जा सके। उन्होंने विभिन्न जिलों में सड़कों और पुलों के अपने निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन तथा कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के दौरान ब्लैक-स्पॉट्स को खत्म करने के साथ ही सड़क सुरक्षा के मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानकों के अनुरूप ही सड़कों पर गति अवरोधकों का निर्माण करने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को लगातार फील्ड में जाकर कार्यों के बारिकी से निरीक्षण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समयावधि में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और अधीक्षण अभियंता श्री एस.एस. माझी सहित पांचों राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के कार्यपालन अभिंयता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।ठेकेदारों की बैठक लेकर समस्याओं की ली जानकारी, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देशलोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्य एवं कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्णता में कोई समझौता नही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से राज्य की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित समायवधि में अच्छा काम होना चाहिए।
- -मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन, ‘परमवीर गैलरी’ का भी हुआ अनावरण-आधुनिक खेल सुविधाओं से कैडेट्स के सर्वांगीण विकास को मिलेगी नई गतिरायपुर ।सैनिक स्कूल अंबिकापुर में नव-निर्मित अत्याधुनिक पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट का भव्य एवं गरिमामय वातावरण में उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सरगुजा श्री अजीत वसंत विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने उद्घाटन पट्टिका का अनावरण कर नव-निर्मित पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट विद्यालय एवं कैडेट्स को समर्पित किया। समारोह का शुभारंभ परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने देश के वीर सैनिकों के सम्मान में स्थापित ‘परमवीर गैलरी’ का भी लोकार्पण किया। इस गैलरी में परमवीर चक्र विजेताओं के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रसेवा की प्रेरक गाथाओं को प्रदर्शित किया गया है, जो विद्यार्थियों और कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करेगी।अपने संबोधन में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अधोसंरचना विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भविष्य के खिलाड़ियों और नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे।उद्घाटन समारोह के दौरान नव-निर्मित बैडमिंटन कोर्ट पर प्रदर्शनी मैचों का आयोजन भी किया गया, जिसमें कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों को प्रभावित किया।विद्यालय की प्राचार्या कर्नल रीमा सोबती ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, खेल गतिविधियों तथा विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण से कैडेट्स को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। कार्यक्रम में विद्यालय के अधिकारी, शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में कैडेट्स उपस्थित रहे। समारोह का समापन अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। नव-निर्मित खेल सुविधा और परमवीर गैलरी का लोकार्पण सैनिक स्कूल अंबिकापुर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को और अधिक सशक्त करेगा।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वाेच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने इतिहास और विरासत को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है।मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी तथा वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के अप्रतिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास भी, विरासत भी के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को भी समान रूप से संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, स्वाभिमान और संघर्ष की भावना का संचार किया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही है।उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मंडावी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- 0- समय-सीमा की बैठक में जिले में वृहत् वृक्षारोपण के लिए कार्ययोजना बनाने अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की तथा विभिन्न विषयों पर चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सुशासन तिहार-2026 के तहत प्राप्त आवेदनों का निराकरण पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा एक माह के भीतर करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन के पोर्टल का नियमित रूप से अवलोकन करते हुए उसमें प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।आज सुबह संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ शासन का महत्वपूर्ण अभियान है, जिसके तहत आवेदनों का निराकरण पूर्ण संतृप्तिकरण के साथ किया जाना है। अतः इसके अंतर्गत लगाए गए शिविरों में प्राप्त आवेदनों का पूर्ण गुणवत्ता के साथ निराकरण करने सभी अधिकारी प्राथमिकता व गंभीरता के साथ करें। उन्होंने वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही जिले में वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने इस कार्य में व्यक्तिगत रूचि लेते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ी के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण बेहद जरूरी है। इसके लिए रिक्त शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर अभियानपूर्वक वृक्षारोपण करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए तांदुला नदी के दोनों किनारों में, गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खुरसुनी तथा जिले के सभी स्कूल परिसरों में पौधारोपण के लिए चिन्हांकन किया गया है। कलेक्टर ने वृक्षारोपण करने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और संवर्धन के लिए भी यथा संभव प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि वृक्षारोपण के लिए 03 लाख 50 हजार सीड बाॅल तथा 02 लाख ट्रंचेस तैयार किए गए हैं। बैठक में उन्होंने चालू खरीफ सीजन में जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता तथा वितरण के संबंध में जानकारी लेते हुए समय पर किसानों को खाद-बीज मुहैया कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने खेत बचाओ अभियान के तहत रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद जैसे हरी खाद, ढेंचा, नैनो खाद आदि अपनाने हेतु जिले के किसानों को प्रोत्साहित करने का निर्देश उप संचालक कृषि को दिए तथा धान के बजाय अन्य फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर अतिरिक्त प्रयास करने की बात कही।बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सीएम हेल्पलाइन समय-सीमा पर आधारित है, जिसके निराकरण की गुणवत्ता की निगरानी शासन स्तर पर हो रही है इसलिए अधिकारीगण इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का प्रतिदिन नियमित रूप से अवलोकन करने हेतु निर्देशित किया। इसी तरह सुग्घर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं का शत प्रतिशत पात्र लोगों को 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जिला पंचायत के सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी को निर्देशित किया। इसके अलावा शाला प्रवेश के दौरान न्यौता भोज आयोजित करने तथा स्कूलों का सतत निरीक्षण करने पर भी कलेक्टर ने जोर दिया। साथ ही गत वर्ष की भांति इस साल भी कुपोषित बच्चों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए विभागीय सहयोग से विशेष प्रयास करने के निर्देश जिला एवं ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों को दिए।कलेक्टर ने बैठक में शासन की मंशानुसार जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए अधिक संख्या में निक्षय मित्र नियुक्त करने, कृषि उन्नति योजना के तहत किसानों को दलहनी, तिलहनी तथा उतेरा फसलों के लिए प्रोत्साहित करने, ई-आॅफिस में नियमित रूप से शासकीय पत्राचार करने के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके अलावा विभिन्न विषयों पर कलेक्टर ने समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को बेहतर ढंग से विभागीय दायित्वों का निर्वहन करने हेतु निर्देशित किया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी तथा जिला एवं ब्लाॅक स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- आवेदन की अंतिम तिथि 03 जुलाईबालोद. छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ’अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 03 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित की गई है। जिला श्रम अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 सत्र में कक्षा 6वीं में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियो को प्रदेश के निजी स्कूलों में कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि बालोद जिले को इस वित्तीय वर्ष मे 07 सीटों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।इच्छुक निर्माणी श्रमिक अपने बच्चों के प्रवेश के लिए 03 जुलाई 2026 तक ऑनलाईन आवेदन श्रमेव जयते मोबाइल एप्प के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अलावा वे श्रम संसाधन केन्द्र गुण्डरदेही, गुरूर, बालोद, डौण्डी एवं डौण्डीलोहारा या जिला श्रम कार्यालय के कक्ष क्रमांक 73 एवं 74 में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर भी आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ निर्माण श्रमिक की प्रथम दो संतानो मिलेगा जिनका पंजीयन एक वर्ष पूर्व का हो तथा जो वर्तमान में शैक्षणिक सत्र कक्षा 6वीं में प्रवेश ले रहे हांे। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में श्रम पंजीयन कार्ड, बच्चे का आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, पूर्व वर्ष की अंक सूची, अध्ययनरत प्रमाण पत्र, स्व-घोषणा प्रमाण पत्र आवश्यक है। विद्यार्थियों का चयन मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक आवासीय विद्यालयों में पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। जिला श्रम अधिकारी ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का लाभ उठाने के लिए अधिक से अधिक पात्र निर्माण श्रमिकों से आवेदन करने की अपील की है।
- 0- श्रीमती चमेली बाई के सुगम हुआ आवागमन, केन्द्र में हुई ट्रायसिकल की निःशुल्क मरम्मतरायपुर. दिव्यांगजनों के लिए आवागमन एक बड़ी चुनौती होती है, जिसमें ट्रायसिकल से उन्हें काफी मदद मिलती है, लेकिन ट्रायसिकल के बिगड़ने पर उसके रिपेयर के लिए उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जिससे उनके दैनिक कार्यों पर प्रभाव पड़ता है। ऐसी ही समस्या श्रीमती चमेली बाई के सामने आई, जिसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केन्द्र द्वारा उनकी बैटरी चालित ट्राइसाइकिल की निःशुल्क मरम्मत की गई।श्रीमती चमेली बाई मठपुरैना की रहने वाली हैं | वे अपने दैनिक आवागमन और जरूरी कार्यों के लिए बैटरी चालित ट्राइसाइकिल का उपयोग करती हैं। लेकिन कुछ समय पहले ट्राइसाइकिल खराब हो जाने से उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई, जिससे रोजमर्रा के कार्य प्रभावित होने लगे।इसी दौरान उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र के बारे में जानकारी मिली, जहां दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों की निःशुल्क मरम्मत की सुविधा उपलब्ध है।केंद्र में ट्राइसाइकिल का परीक्षण किया, जिसमें मोटर और गियर में खराबी पाई गई। तकनीकी कर्मचारियों द्वारा आवश्यक मरम्मत कार्य किया गया और ट्राइसाइकिल को फिर से सुचारु रूप से संचालित करने योग्य बना दिया गया। निःशुल्क मरम्मत की इस सुविधा से चमेली बाई को बड़ी राहत मिली। ट्राइसाइकिल ठीक होने के बाद चमेली बाई फिर से अपने दैनिक कार्य आसानी से करने लगीं। अब उन्हें आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।उल्लेखनीय है कि 1 अक्टूबर 2025 को वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने घोषणा की थी कि रायपुर जिले में प्रदेश के दिव्यांगजनों को सुविधाएं प्रदान करने हेतु संबल केन्द्र की स्थापना की जाएगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में कार्य प्रारंभ हुआ एवं 3 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी द्वारा संबल केन्द्र का शुभारंभ किया गया। संबल केन्द्र में बैटरी एवं हस्तचालित ट्रायसिकल की निःशुल्क मरम्मत हेतु दिव्यांग गैरेज संचालित है।
- 0- जिले में 65 नए भवनों से निखर रहा बच्चों का भविष्यरायपुर. जिले में बच्चों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और सीखने के उपयुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से नवीन आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जा रहा हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में नवीन आंगनबाड़ी भवनों की आवश्यकता वाले 71 केन्द्रों की सूची प्राप्त होने पर इन भवनों के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत 71 आंगनबाड़ी भवनों में से वर्तमान तक 65 भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष भवनों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है।बच्चों की सीखने की क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से भवनों की दीवारों पर शैक्षणिक एवं ज्ञानवर्धक सामग्री अंकित की गई है। इनमें अंग्रेजी वर्णमाला, अंक, फलों के नाम, महीनों के नाम, प्रमुख त्यौहार, मौसम संबंधी कविताएं तथा अन्य उपयोगी जानकारी शामिल हैं। इन प्रयासों से बच्चों को प्रभावी शिक्षा का वातावरण मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण से माताओं और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।










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