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- आंखों के नीचे काले घेरे पड़ते हैं तो पूरे चेहरे की खूबसूरती कम हो जाती है। आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों यानी डार्क सर्कल को छिपाने के लिए लोग कंसीलर जैसे मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जो कि स्किन के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। मेकअप प्रोडक्ट्स को बनाने में कई तरह के केमिकल्स का उपयोग किया जाता है, ऐसे में इनके इस्तेमाल से स्किन को नुकसान पहुंच सकता है। आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को छिपाने के बजाय इन्हें कम करने के लिए घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं।1. दहीदही न सिर्फ पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है बल्कि इसके इस्तेमाल से स्किन भी बेहतर हो सकती है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड और प्रोबायोटिक्स आपकी त्वचा को रिपेयर करने में मदद करते हैं। डार्क सर्कलकम करने के लिए दही को एक मलमल के कपड़े में बांधकर 1 घंटे के लिए टांग कर रखें। समय पूरा होने पर आप देखेंगे कि दही से पानी निकल चुका है। इस दही को आंखों के नीचे काले घेरों पर लगाएं। 15-20 मिनट के बाद ताजे पानी से धो लें, बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में कम से कम तीन बार लगाएं।2. कॉफी और हल्दीआंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को कम करने के लिए कॉफी और हल्दी का प्रयोग भी कारगर साबित हो सकता है। कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और हल्दी के एंटीबैक्टीरियल गुण आपकी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं। एक छोटी कटोरी में एक चौथाई चम्मच कॉफी पाउडर में 2 चुटकी हल्दी डालें और फिर गुलाबजल की मदद से पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को आंखों के नीचे काले घेरों पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए रखें। समय पूरा होने पर ताजे पानी से साफ करें।3. शहद और नींबूशहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और नींबू का विटामिन C आपकी त्वचा को निखारते हैं और काले घेरों को कम करने में मदद करते हैं। एक छोटी कटोरी में एक चम्मच शहद के साथ आधा चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को आंखों के नीचे काले घेरों पर लगाएं और 15-20 मिनट के बाद धो लें। हफ्ते में दो-तीन बार इसका उपयोग करें, आपको फायदा दिखने लगेगा। ये सभी घरेलू उपाय आंखों के नीचे के काले घेरों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। ध्यान दें कि इनका प्रयोग करते समय त्वचा को किसी भी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो, तो तुरंत इसे साफ कर दें और डॉक्टर से परामर्श करें।
- विशेषज्ञों की मानें, तो अगर पेट की चर्बी को कम न किया जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। मोटापा कई अन्य बीमारियों को जन्म दे सकता है। मोटापा कम करने के लिए आप सुबह के समय कुछ ड्रिंक्स को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इससे मोटापा कम होगा और पेट चर्बी भी दूर हो जाएगी।पेट की चर्बी कम करने के लिए पिएं नींबू पानीदिन की शुरुआत आप गुनगुना पानी में नींबू का रस मिक्स करके पी सकते हैं। नींबू में विटामिन-सी होता है, जो मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है। इसके अलावा, यह बॉडी को हाइड्रेटेड रखता है और पाचन क्षमता में सुधार होता है। इसकी मदद से पेट की चर्बी भी तेजी से गलने लगती है।ग्रीन-टी पीने से कम होगी पेट की चर्बीग्रीन-टी एंटीऑक्सीडेंट और कैटेचिन का बेहतरी स्रोत है। जिन लोगों का मेटाबॉलिज्म सही तरह से काम नहीं करता है, उन्हें अपनी रोजाना सुबह उठकर ग्रीन-टी जरूर पीना चाहिए। इससे फैट लूज होता है। खासकर, बेली फैट कम करने में मदद मिलती है। आप चाहें, तो इसके स्वाद को एन्हैंस करने के लिए इसमें नींबू का रस डाल सकते हैं।पेट की चर्बी कम करने के लिए पिएं एप्पल साइडर विनेगरएक गिलास पानी में 1-2 बड़े चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिक्स करके पिएं। यह आपके ओवर ऑल हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह ब्लड शुगर के स्तर को बैलेंस्ड रखता है और बॉडी में जमा फैट को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। अगर आपको एप्पल साइडर विनेगर पसंद न हो, तो इसमें जरा-सा मधु या दालचीनी मिक्स करके पी सकते हैं।पेट की चर्बी दूर करने के लिए पिएं प्रोटीन शेकआपने अक्सर देखा होगा कि वेट लॉस जर्नी में प्रोटीन का बहुत अहम योगदान होता है। इसी तरह, अगर आप अपने पेट की चर्बी को दूर करना चाहते हैं, तो नियमित रूप से प्रोटीन शेक का सेवन जरूर करें। इसे आप घर में भी बना सकते हैं। जैसे प्रोटीन पाउडर को आप बादाम के दूध में मिक्स करके पी सकते हैं। इससे मांसेपशियों की रिकवरी में मदद मिलती है और बॉडी एनर्जेटिक रहती है। यह पेट की चर्बी कम करने में भी योगदान देते हैं।पेट की चर्बी कम करने के लिए पिएं हर्बल डिटॉक्स चाय पिएंहर्बल चाय, जैसे डंडेलियन या अदरक की चाय पीना भी बहुत पेट की चर्बी कम करने में फायेदमं साबित हो सकता है। अदरक की चाय पीने से पाचन संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं। इसे आप नाश्ते में अपने बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।याद रखें, पेट की चर्बी कम करने के उक्त ड्रिंक्स काफी फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन, इसके साथ-साथ आपको फिजिकल एक्टिविटी भी करनी चाहिए। सिर्फ डाइट में बदलाव करने पेट की चर्बी कम करना काफी नहीं होता है। इसके लिए, बेहतर होगा कि आप एक बार एक्सपर्ट से बात करें।
- स्वस्थ रहने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह देते हैं। किशमिश भी एक ड्राई फ्रूट है, जो विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होता है। आयुर्वेद में किशमिश को बल्य बताया गया है। यानी किशमिश खाने से शरीर को ताकत मिलती है। इसलिए बच्चों और महिलाओं के लिए किशमिश का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। किशमिश में फाइबर होता है, जो पाचन को मजबूत बनाता है। अगर नियमित रूप से किशमिश का सेवन किया जाए, तो वेट गेन में भी मदद मिलती है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए आपको भी अपनी डाइट में किशमिश जरूर शामिल करना चाहिए। किशमिश का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है, जिससे बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।1. किशमिश खाने का सही समय क्या है?“किशमिश खाने का सबसे सही समय सुबह का होता है। सुबह खाली पेट किशमिश का सेवन करना सबसे अधिक फायदेमंद होता है। खासकर, अगर आप सिर्फ किशमिश का सेवन कर रहे हैं, तो इसे सुबह खाली पेट खा सकते हैं।”2. किशमिश की तासीर क्या होती है?“किशमिश की तासीर गर्म होती है। लेकिन अगर इसे पानी में भिगोकर लिया जाए, तो किशमिश की तासीर सामान्य हो जाती है। इसलिए सभी लोगों को किशमिश का सेवन भिगोकर ही करना चाहिए। खासकर, पित्त वाले लोगों को भिगोए हुए किशमिश ही खाने चाहिए। हालांकि, वात और कफ प्रकृति के लोग किशमिश का सेवन सीधे तौर पर भी कर सकते हैं। लेकिन, भिगोए हुए किशमिश सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं।”3. किशमिश खाने का सही तरीका क्या होना चाहिए?किशमिश का सेवन भिगोकर करना चाहिए। आप रात को पानी में 4-5 किशमिश भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट भीगे हुए किशमिशका सेवन कर लें। आप चाहें तो किशमिश को हलवा, खीर, स्मूदी, शेक आदि में भी मिला सकते हैं। सर्दियों में आप किशमिश के लड्डू बनाकर भी खा सकते हैं। किशमिश का सेवन बादाम, काजू, अखरोट आदि के साथ भी किया जा सकता है।4. किशमिश में कौन-से पोषक तत्व पाए जाते हैं?सोडियमपोटैशियमडाइटरी फाइबरप्रोटीनविटामिन सीआयरनकैल्शियमविटामिन बी6मैग्नीशियम5. एक दिन में कितने किशमिश खाने चाहिए?“आप रोजाना 4-7 किशमिश का सेवन कर सकते हैं। आपको अधिक मात्रा में किशमिश का सेवन करने से बचना चाहिए। लेकिन यह बात पाचन शक्ति पर भी निर्भर करता है।” किशमिश सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसकी तासीर बेहद गर्म होती है। इसलिए किशमिश का सेवन भिगोकर ही करना चाहिए। स्वस्थ रहने के लिए आप रोजाना 6-7 किशमिश का सेवन कर सकते हैं। लेकिन, अगर आपकी पित्त प्रकृति है, तो किशमिश का सेवन सीधे तौर पर करने से बचें। पित्त वाले लोगों को किशमिश का सेवन सिर्फ भिगोकर ही करना चाहिए।
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बालों की समस्या आज के समय में एक बड़ी परेशानी बनती जा रही है। आप कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर भी बालों की ग्रोथ को बेहतर कर सकते हैं। दरअसल, सदियों से भारतीय मसालोंं में दालचीनी का उपयोग किया जा रहा है। यह खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। इसका उपयोग कई बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में प्रश्न उठता है कि क्या दालचीनी बालों की ग्रोथ के लिए फायदेमंद होती है।
एक्सपर्ट के अनुसार दालचीनी में कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो बालों के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और आवश्यक मिनरल्स पाए जाते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और बालों के झड़ने की समस्या को कम करते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प की समस्याओं जैसे डैंड्रफ और खुजली से राहत दिलाने में सहायक होते हैं। इन समस्याओं को दूर करने से आपके बालों की ग्रोथ में सुधार होता है।दालचीनी से बालों को होने वाले फायदेब्लड सर्कुलेशन में सुधार करें- दालचीनी आपके सिर की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ा सकती है। बढ़ा हुआ ब्लड सर्कुलेशन हेयर फॉलिक्स को आवश्यक पोषक तत्व और ऑक्सीजन प्रदान करता है, जिससे बालों की ग्रोथ होती है।एंटीऑक्सिडेंट गुण- दालचीनी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट हेयर फॉलिक्स को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं। यह समय से पहले बालों के झड़ने और पतले होने को रोकने में मदद कर सकता है।एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण- दालचीनी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, यह सिर की त्वचा में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। सूजन बालों के ग्रोथ को बाधित कर सकती है, इसलिए इसे कम करना आवश्यक होता है।बैक्टीरिया को दूर करे- दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो सिर की त्वचा में बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोकते हैं। बैक्टीरिया की अधिकता बालों के जड़ों को कमजोर करती है और बालों के झड़ने का कारण बन सकती है।बालों की ग्रोथ के लिए दालचीनी का उपयोग कैसे करें?एक चम्मच दालचीनी पाउडर को नारियल तेल या जैतून के तेल के साथ मिलाएं। इस मिश्रण को अपने सिर की त्वचा पर लगाएं और कुछ समय के लिए छोड़ दें, फिर बालों को शैम्पू से धो लें।आप अपने नियमित शैम्पू में एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिला सकते हैं और अपने बालों को धोने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।दालचीनी पाउडर को पानी में उबालें और ठंडा होने दें। इस टॉनिक को अपने बालों और सिर की त्वचा पर लगाएं और कुछ समय के लिए छोड़ दें, फिर धो लें।दालचीनी आपके बालों के स्वास्थ्य और ग्रोथ के लिए एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय हो सकती है। अपने बालों में दालचीनी का उपयोग करने से पहले आप डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। बालों की समस्या होने पर आप पहले उस समस्या का इलाज कराएं। - स्वस्थ रहने के लिए ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह देते हैं। अधिकतर लोग अपनी डाइट में बादाम, किशमिश, काजू, खजूर, अखरोट या अंजीर शामिल करते हैं। वैसे तो इनका सेवन अलग-अलग किया जा सकता है। आप चाहें तो काजू और अंजीर को एक साथ खा सकते हैं। काजू और अंजीर एक साथ खाने से, इनके सभी पोषक तत्व भी शरीर को एक साथ ही मिल जाएंगे। आप काजू और अंजीर को सीधे तौर पर खा सकते हैं। लेकिन, इनके पोषक तत्वों के सही अवशोषण के लिए, इन्हें सही तरीके से खाना भी बेहद जरूरी है।काजू और अंजीर को एक साथ कैसे खाएं?-1. भिगोकर करें काजू और अंजीर का सेवनकाजू और अंजीर खाने का सबसे आसान तरीका भिगोकर खाना है। इसके लिए आप 5-6 काजू और 1-2 अंजीर लें। अब काजू और अंजीर को रातभर के लिए एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह भिगोए हुए काजू और अंजीर का सेवन करें। आप सुबह खाली पेट काजू और अंजीर खा सकते हैं। रोज सुबह भिगोए हुए काजू और अंजीर खाने से, शरीर इनमें मौजूद पोषक तत्वों को आसानी से अवशोषित कर लेता है।2. काजू और अंजीर का शेक पिएंआप काजू और अंजीर का एक साथ सेवन, शेक या स्मूदी के रूप में कर सकते हैं। इसके लिए आप एक गिलास दूध लें। इसमें काजू और अंजीर डालें। अब इसे अच्छी तरह से ग्राइंड कर लें। आप इसमें बादाम, केला और शहद भी मिला सकते हैं। काजू और अंजीर का शेक पीने से वेट गेन में मदद मिल सकती है। अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो रोज सुबह वर्कआउट करने से पहले या बाद में काजू और अंजीर का शेक पी सकते हैं। काजू और अंजीर का शेक पीने से मसल्स गेन में भी मदद मिलती है।3. दूध में उबालकर खाएं काजू और अंजीरआप चाहें तो काजू और अंजीर का सेवन दूध में एक साथ उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए आप पैन में दूध गर्म करें। इसमें अंजीर और काजू डालें। फिर इसे अच्छी तरह से उबाल लें। इसके बाद आप छानकर इस दूध को पी सकते हैं। साथ ही, अंजीर और काजू को चबाकर खा सकते हैं। आप रोज रात को काजू और अंजीर वाला दूध पी सकते हैं। रात को अंजीर और काजू का दूध पीने से कब्ज और पाचन से संबंधित कई अन्य समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।4. काजू और अंजीर का हलवाआप काजू और अंजीर का हलवा बनाकर भी सकते हैं। इसके लिए आप काजू और अंजीर को ग्राइंड कर लें। इसके बाद, एक पैन में घी गर्म करें। इसमें काजू और अंजीर का पेस्ट डालें। इसे अच्छी तरह से भूनें। फिर इसमें दूध डालकर अच्छी तरह पकाएं। आप इसमें बादाम और किशमिश भी मिला सकते हैं। काजू और अंजीर का हलवा खाने से मांसपेशियों का विकास तेजी से होगा। साथ ही, शरीर की कमजोरी और थकान भी दूर होगी।आप भी काजू और अंजीर का सेवन इन 4 तरीकों से कर सकते हैं। आपको बता दें कि काजू और अंजीर की तासीर बेहद गर्म होती है। इसलिए अगर आपकी पित्त प्रकृति है, तो काजू और अंजीर का सेवन करने से बचें। आप चाहें तो अंजीर का सेवन भिगोकर कर सकते हैं।
- महुआ भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। महुआ का फल और छाल सेहत के लिए लाभदायक होते हैं। इसके अलावा, महुआ को सूखाकर भी खाया जाता है। सूखा महुआ पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शिम और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। आप भी स्वस्थ रहने के लिए सूखा महुआ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।सूखा महुआ खाने से क्या होता है?1. हड्डियों के लिए फायदेमंदअगर आपको हड्डियों या जोड़ों में दर्द रहता है, तो अपनी डाइट में सूखा महुआ जरूर शामिल करें। सूखे महुआ में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। कैल्शियम, हड्डियों को मजबूत बनाता है। सूखा महुआ खाने से हड्डियों और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। अक्सर बढ़ती उम्र में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में महुआ खाने से फायदा मिल सकता है। अगर आप रोज 1-2 महुआ का सेवन करेंगे, तो इससे हड्डियों की समस्याओं से भी बचाव होगा।2. खून की कमी दूर करेशरीर में खून की कमी होने पर भी महुआ का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। महुआ में आयरन होता है, जो खून की कमी को दूर करता है। अगर आपके शरीर में खून या हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, तो अपनी डाइट में सूखा महुआ जरूर शामिल करें। सूखा महुआ खाने से एनीमिया रोग से भी बचा जा सकता है। वहीं, जिन लोगों को एनीमिया रोग है, वे भी सूखा महुआ का सेवन कर सकते हैं। इससे खून की पूर्ति होगी और एनीमिया के लक्षणों से भी राहत मिलेगी।3. मांसपेशियों के लिए फायदेमंदमांसपेशियों के लिए भी सूखा महुआ लाभदायक होता है। अगर आप मसल्स गेन करना चाहते हैं, तो सूखे महुआ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सूखे महुआ में प्रोटीन अधिक पाया जाता है। प्रोटीन, मांसपेशियों के विकास में मदद करता है। अगर आप दुबले-पतले हैं और मसल्स गेन करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में महुआ जरूर शामिल करें। महुआ खाने से मांसपेशियों का तेजी से विकास होगा। साथ ही, आपको वेट गेन में भी मदद मिलेगी।4. बीमारियों से बचाएमहुआ खाने से बीमारियों से बचाव हो सकता है। दरअसल, महुआ विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होता है। ऐसे में अगर आप नियमित रूप से महुआ का सेवन करेंगे, तो इससे बीमारियों से बचाव होगा। महुआ, शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी मदद करता है। जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, तो बीमारियों से बचाव होता है। शरीर में बीमारियों से लड़ने की शक्ति आ जाती है।स्वस्थ रहने के लिए आप भी अपनी डाइट में सूखा महुआ शामिल कर सकते हैं। हालांकि, इसका सेवन आपको एक्सपर्ट की सलाह पर ही करना चाहिए। खासकर, अगर आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो सूखे महुआ को डॉक्टर की सलाह पर ही खाएं।
- ड्रैगन फ्रूट जो काफी महंगा आता है और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ड्रैगन फ्रूट के छिलकों का इस्तेमाल स्किन और बालों को हेल्दी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।चेहरा साफ करने के लिए ड्रैगन फ्रूट के छिलकों का इस्तेमाल कैसे करें? |1. एक्सफोलिएशन - Exfoliationड्रैगन फ्रूट के छिलकों का इस्तेमाल स्किन को एक्सफोलिएट करने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए आप ड्रैगन फल की छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें और फिर इन्हें दरदरा पीसें। इस दरदरे पेस्ट से चेहरे की अच्छे से मसाज करें और फिर सूखने पर चेहरा ताजे पानी से साफ करें। ड्रैगन फ्रूट के छिलकों का इस तरीके से इस्तेमाल करने से त्वचा की डेड स्किन हटेगी और आपकी त्वचा ग्लोइंग और हेल्दी होगी।2. टोनर - Tonerड्रैगन फ्रूट के छिलकों से टोनर तैयार किया जा सकता है। इसके लिए ड्रैगन फ्रूट के छिलकों को पानी में डालकर उबालें और फिर इस पानी को ठंडा करने के बाद स्प्रे बोतल में भरें। इसमें बराबर मात्रा में गुलाब जल भी मिला सकते हैं। इस टोनर के इस्तेमाल से स्किन हेल्दी होगी और स्किन से जुड़ी कई तरह की समस्याएं भी कम हो सकती हैं।3. फेस पैक - Face Packड्रैगन फ्रूट के छिलकों को पीसकर इसमें मुल्तानी मिट्टी और एलोवेरा जेल मिलाकर फेस पैक का पेस्ट तैयार करें। इस फेस पैक को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं और सूखने के बाद मसाज करते हुए साफ करें। इस फेस पैक के इस्तेमाल से चेहरे की झुर्रियां और दाग-धब्बे कम हो सकते हैं।ड्रैगन फ्रूट के छिलके चेहरे पर लगाने के फायदे -1. ड्रैगन फ्रूट के छिलकों में कई तरह के पोषक तत्वों के साथ विटामिन C भी होता है, जो त्वचा की झुर्रियों को कम करता है और आपकी त्वचा को जवां बनाए रखता है।2. अगर आपकी त्वचा ऑयली है, तो ड्रैगन फ्रूट के छिलके का उपयोग करके आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं।3. ड्रैगन फ्रूट के छिलकों के इस्तेमाल से स्किन हाइड्रेट और मुलायम हो सकती है।इस तरह, ड्रैगन फ्रूट के छिलकों का उपयोग करके आप अपनी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बना सकते हैं। यह एक नेचुरल उपाय है जो आपके स्किन केयर रुटीन को और भी बेहतर बना सकता है। ध्यान रखें कि अगर इन उपायों को आजमाने से आपको किसी तरह की स्किन से जुड़ी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
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भारतीय रसोई में कई तरह के मसालों का इस्तेमाल होता है। उन्हीं में से एक है, जायफल। भारत के साथ-साथ पश्चिमी खानपान में भी इसका इस्तेमाल खाने में खुशबू और एक अलग तरह के स्वाद को शामिल करने के लिए किया जाता है। अंग्रेजी भाषा में जायफल को नटमेग के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर हम इस मसाले का इस्तेमाल कम करते हैं, लेकिन इसके फायदे अनेक हैं।यह एक ऐसा मसाला है, जिसका स्वाद गर्म, मीठा और थोड़ा अखरोट जैसा होता है। यह एक प्रकार के वृक्ष से पाया जाता है। वृक्ष पर सफेद रंग के छोटे-छोटे घंटी जैसे आकार के फूल खिलते हैं, जिसके भीतर एक बीज पाया जाता है, जिसे जायफल कहा जाता है। इस बीज की गिरी पर मांसल त्वचा जैसा एक आवरण होता है, जिसे जावित्री के नाम से जाना जाता है। यानी एक ही पेड़ से जायफल और जावित्री दोनों मिलते हैं। यह आकार में एक साबुत सुपाड़ी की तरह दिखता है। दोनों के गुण करीब- करीब समान हैं, पर हम आज यहां जायफल की बात कर रहे हैं। खाना बनाने में जायफल का इस्तेमाल ही काफी नहीं है, बल्कि अच्छे जायफल की पहचान होना भी जरूरी है।बाजार में जायफल कई प्रकार के मिलते हैं। जायफल खरीदते वक्त उन्हें हाथ में लेकर देखें कि वे हल्के और खोखले न हों। वही जायफल खरीदना चाहिए जो बड़े, चिकने व भारी हों। जायफल का इस्तेमाल आमतौर पर मीठे और नमकीन दोनों तरह के व्यंजनों में किया जाता है। बाजार में जायफल का तेल भी मिलता है, जिसका इस्तेमाल जोड़ों के दर्द आदि में अच्छा रहता है। यह एक सुगंधित और स्वादिष्ट मसाला है, जिसका इस्तेमाल सिर्फ भोजन में ही नहीं बल्कि कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है।
यों करें इस्तेमाल1 जायफल का इस्तेमाल तीन तरीके से करती हूं, पहला इसको मिक्सी में पीसकर पाउडर बनाकर, दूसरा कद्दूकस करके तुरंत किसी डिश में डालने के लिए और तीसरा घिसकर।2 जब भी सूप बनाती हूं, विशेषकर कद्दू का सूप तो उसमें जायफल को कद्दूकस करके जरूर डालती हूं। यह सूप को हल्की मिठास देता है।3 चाय मसाला तैयार करते वक्त मैं लौंग, इलायची और काली मिर्च आदि के साथ जायफल को भी पीसती हूं। इसके अलावा गरम मसाले का पाउडर बनाते समय भी अन्य मसाले के साथ इसको भी पीस लेती हूं।4 जायफल का अतिरिक्त स्वाद पाने के लिए सेब आदि फलों पर, चाट मसाले के साथ चुटकीभर जायफल पाउडर भी बुरक देती हूं। स्वाद और सेहत दोनों ही बरकरार रहते हैं।5 सर्दियों में फूलगोभी और शकरकंदी की सब्जी बनाते समय जब सब्जी पक जाए, तब चुटकीभर जायफल का पाउडर बुरक कर एक मिनट बाद गैस बंद कर देती हूं ताकि जायफल की खुशबू सब्जी में समा जाए।6 खीर, र्पुंडग, स्मूदी आदि बनाते समय चुटकीभर जायफल पाउडर डालने से स्वाद बढ़ जाता है। पास्ता, नूडल्स आदि सभी को पसंद आते हैं, यदि उस पर जायफल बुरक दें तो स्वाद और निखर कर आता है।7 खिचड़ी के ऊपर, दलिया के ऊपर चुटकीभर जायफल डाल देती हूं। पौष्टिकता तो बढ़ती ही है, साथ ही स्वाद भी बढ़ जाता है।8 दालचीनी पाउडर को कॉफी, चाय, गरम दूध अथवा गरम चॉकलेट पर बुरक कर सर्व करती हूं।सेहत से संबंध1 यह दिमाग के लिए उद्दीपक के रूप में कार्य करता है और तनाव को कम करने में मदद करता है। यह दिमाग में खून के बहाव को बढ़ा देता है।2 जायफल में एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करते हैं। यह गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने में सहा3 यह नींद में भी सुधार लाता है। जायफल का तेल दर्द और सूजन को कम करने में प्रयोग किया जाता है। इसके तेल को लगाने से मांसपेशियों के दर्द में भी राहत मिलती है।4 जायफल को चावल के मांड में मिलाकर पीने से हिचकी और उल्टी मिटती है। बच्चों को जब जुकाम हो तो थोड़ा-सा जायफल घिसकर दूध के साथ चटाने से जुकाम में राहत मिलती है। दस्त आ रहे हों तो भी जायफल फायदेमंद रहता है। दूध में चुटकीभर जायफल डालकर पीने से थकावट ,नींद न आने की समस्या में भी आराम मिलता है। - बॉलीवुड की धक-धक गर्ल के रूप में मशहूर एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित 57 साल की उम्र में भी काफी खूबसूरत और यंग नजर आती हैं। एक्ट्रेस की न सिर्फ खूबसूरती बल्कि उनके बाल भी काफी सुंदर नजर आते हैं। हर कोई उनकी खूबसूरती के साथ घने और सुंदर बालों का राज जानना चाहता है। माधुरी दीक्षित के बाल काफी सुदंर, घने और चमकदार है। लेकिन उनके बालों का राज क्या हैं? अगर आप भी यहीं सोच रहे हैं तो परेशान न हो आज हम अपने इस आर्टिकल में आपको माधुरी दीक्षित के बताए एक हर्बल तेल की रेसिपी बताने जा रहे हैं,,,,,,माधुरी दीक्षित के हर्बल हेयर ऑयल की रेसिपीसामग्री-ऑर्गेनिक नारियल तेलकरी पत्ते- 15-20मेथी के बीज- 1 चम्मचछोटा प्याज- 1 कटा हुआविधि--सबसे पहले एक पैन में सभी सामग्रियां डालकर अच्छी तरह मिला लें।-इस मिश्रण को लगभग 10 मिनट तक अच्छी तरह उबालें।-अब इसे पूरी तरह से ठंडा होने के लिए रख दें।-मिश्रण के ठंडा होने के बाद तेल को एक अलग बाउल में छान लें।-उपयोग करने से पहले आप इस तेल को 2 दिनों के लिए स्टोर करके रख दें।माधुरी दीक्षित के हर्बल हेयर ऑयल के फायदेबालों का झड़ना कम करता हैकरी पत्ते और मेथी के बीज जरूरी पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो बालों के रोम को मजबूत करते हैं, जिससे बालों का झड़ना कम होता है।बालों की चमक बढ़ाएनारियल का तेल बालों को गहराई से पोषण देता है, नमी और चमक बनाए रखने में मदद करता है, जबकि मेथी के बीज बालों के घनापन और घनत्व को बढ़ाते हैं।रूसी कम करेंप्याज के एंटी-बैक्टीरियल गुण रूसी को खत्म करने में मदद करते हैं, जबकि नारियल का तेल सूखापन रोकने के लिए स्कैल्प को नमी देता है।स्कैल्प बैक्टीरिया को मारेप्याज और करी पत्ते के जीवाणुरोधी और एंटीफंगल गुण स्कैल्पको साफ करते हैं, जिससे बालों के विकास में मदद मिलता है।बालों का पतला होना कम करेंइस तेल के नियमित उपयोग से बालों की जड़ें और शाफ्ट मजबूत होते हैं, जिससे बालों का पतला होना कम होता है।माधुरी दीक्षित की तरह हेल्दी बाल पाने के लिए आप भी इस हर्बल तेल का नियमित उपयोग कर सकती हैं, लेकिन अगर पहली बार इस तेल का इस्तेमाल कर रही हैं तो पैच टेस्ट जरूर करें।
- प्रकृति से हमें फलों और सब्जियों के रूप में सेहत का खजाना मिलता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी पोषक तत्व सब्जियों और फलों में ही पाए जाते हैं। कई फल ऐसे भी हैं जिनके सेवन से स्वास्थ्य समस्याएं ठीक होती हैं। लेकिन हर जगह न मिल पाने के कारण इनके बारे में सभी को जानकारी नहीं होती है। इसी तरह के फायदेमंद फल हैं कच्चे खजूर। इनका रंग पीला होने के कारण इन्हें पीले खजूर भी कहा जाता है। कच्चे खजूर में कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, लाभदायक फैट्स, फाइबर, पोटैशियम, डायटरी फाइबर, प्रोटीन, फास्फोरस, जिंक, विटामिन-बी6, ए और के और आयरन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं। आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इससे कई बीमारियों को खत्म करने में मदद मिलती है।वात-पित्त बैलेंस होता हैअगर आपके शरीर में वात-पित्त संतुलित नहीं, तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा एक साथ हो सकता है। कच्चे खजूर का सेवन करने से शरीर में वात-पित्त का संतुलन बना रहता है। इसलिए इनका सेवन आपको जरूर करना चाहिए।शुगर कंट्रोल रहती हैकच्चे खजूर में पके खजूर के मुकाबले शुगर की मात्रा बहुत कम होती है। डायबिटीज के पेशेंट के लिए इसका सेवन करना फायदेमंद है। इसके सेवन से शरीर में ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज जैसे नेचुरल शुगर पाई जाती है। ये शरीर में ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद करते हैं।कच्चे खजूर में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनमें विटामिन ए, विटामिन बी6 और विटामिन के जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा, इनमें कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, लाभदायक फैट्स, फाइबर, पोटैशियम, डायटरी फाइबर, प्रोटीन, फास्फोरस, जिंक, विटामिन-बी6, ए और के और आयरन जैसे तत्व भी होते हैं, जो सेहत के लिए जरूरी हैं।पोटेशियम का बेहतरीन सोर्स-कच्चे खजूर में भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है। यह शरीर में गंभीर बीमारियों का खतरा कम करने में मदद करता है। पोटेशियम होने से हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करता है। इसके अलावा हड्डियों और नसों से जुड़ी समस्याओं में भी शरीर में पोटेशियम होना जरूरी है।शरीर में एनर्जी बनाए रखता है-जिन लोगों को थकावट और कमजोरी ज्यादा रहती है, उन्हें कच्चे खजूर का सेवन करना चाहिए। इनमें आयरन की मात्रा अधिक पाई जाती है, जिससे शरीर में एनर्जी लेवल बूस्ट होता है। इसके सेवन से शरीर में थकावट और कमजोरी दूर होती है। ध्यान रखें कि आप इसका सेवन करते दौरान मात्रा का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि अधिक मात्रा में सेवन करने से भी आपको परेशानी हो सकती है। अगर आप किसी स्वास्थ्य के लिए दवा लेते हैं, तो आपको डॉक्टर की सलाह पर ही इसे डाइट में शामिल करना चाहिए।
- भिंडी की सब्जी हम सभी के घर में बनती हैं। कई लोगों की भिंडी खाना पसंद होता है तो कुछ लोग इसे नापसंद करने के कारण खाने से परहेज करते हैं। लेकिन भिंडी अपने पोषक तत्वों के कारण जानी जाती है। भिंडी प्रोटीन, मिनरल्स, विटामिन्स, कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन और कॉपर से भरपूर होते हैं, जो आपके ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। भिंडी खाने के साथ कई लोग इसके पानी को पीना भी पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है आप अपनी डाइट में भिंडी की सब्जी और पानी के अलावा इसके पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जी हां, भिंडी के पाउडर का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।भिंडी के पाउडर के स्वास्थ्य फायदे-भिंडी का पाउडर महिलाओं में ल्यूकोरिया की समस्या को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, जो महिलाओं में योनि से सफेद या पीले रंग का स्राव निकलने की समस्या होती है। भिंडी में मौजूद म्यूसिलेज में सुखदायक और इस समस्या का इलाज करने वाले गुण होते हैं, जो महिलाओं में सूजन और स्राव को कम करने में मदद करते हैं।-भिंडी के पाउडर में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है और इसमें घुलनशील फाइबर होते हैं, जो ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। यह पाउडर डायबिटी वाले पुरुषों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि यह ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने में मदद कर सकता है।-भिंडी के पाउडर में एंटीऑक्सीडेंट और जिंक और फोलेट जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो पुरुष प्रजनन क्षमता के लिए जरूरी हैं। नियमित रूप से भिंडी के पाउडर का सेवन स्पर्म उत्पादन में मदद कर सकता है, जिससे शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।-डायबिटीज के कारण मरीजों में होने वाली थकान और कमजोरी को दूर करने भिंडी का पाउडर फायदेमंद है। इस पाउडर में विटामिन सी, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो इस कमजोरी से लड़ने और आपके शरीर को एनर्जी स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं।-भिंडी में नेचुरल मूत्रवर्धक गुण होते हैं, जो शरीर से डिटॉक्स पदार्थों को बाहर निकालने और यूरिन के रास्ते को शांत करने में मदद कर सकते हैं। भिंडी के पाउडर का नियमित सेवन पेशाब के दौरान होने वाली सूजन और जलन को कम कर सकता है।भिंडी के पाउडर का सेवन कैसे करें?भिंडी का पाउडर बनाने के लिए सबसे पहले आप भिंडी को लेकर उसे अच्छी तरह धो लें और पानी साफ हो जाने दें। इसके बाद भिंडी के ऊपरी हिस्से को काट कर फेंक दें और बचे हुए हिस्से को लंबाई में पतला-पतला काट लें। फिर धूप में कटी हुई भिंडी को सुखाएं और मिक्स जार में डालकर महीन पाउडर बना लें और किसी एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करके रख लें। अब रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच भिंडी के पाउडर का सेवन नियमित रूप से करें।भिंडी का पाउडर आपके ओलरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे खाने के बाद अगर किसी तरह की समस्या महसूस हो तो इसका सेवन करना बंद कर दें।
- टीवी की नागिन के नाम से घर-घर में मशहूर होने वाली एक्ट्रेस मौनी रॉय अपनी एक्टिंग, बॉडी फिटनेस और ग्लैमर्स अंदाज के लिए जानी जाती हैं। आज मौनी रॉय के करोड़ों चाहने वाले हैं, वो जहां भी जाती हैं, लोग उन्हें खूब प्यार और अपनापन देते हैं। मौनी रॉय आज सफलता की उस सीढ़ी पर खड़ी हैं, जहां पहुंचना कई लोगों का सपना होता है। टीवी नागिन से लेकर अक्षय कुमार की हीरोइन के लिए मौनी रॉय ने बहुत कुछ झेला है। हाल ही में एक एंटरटेनमेंट वेबसाइट को दिए गए इंटरव्यू में मौनी रॉय ने बताया कि एक वक्त ऐसा आया था, जब उन्हें 3 महीने बिस्तर पर लेटे हुए काटने पड़े थे।इंटरव्यू के दौरान मौनी रॉय ने कहा कि 3 महीने तक बिस्तर पर लेटे रहने के कारण उनका वजन 30 किलो तक बढ़ गया था। एक्ट्रेस ने कहा, 7 से 8 साल पहले की बात है उस वक्त में लाइमलाइट का हिस्सा ज्यादा नहीं थी। उस वक्त मुझको L4-L5 स्लिप डिस्क, और कैल्शियम स्टोन हो गया था। एक साथ कई बीमारियों की वजह से मैं लंबे समय तक बिस्तर पर ही लेटी रहती थी। इस दौरान मेरे शरीर के कई हिस्सों में भयंकर दर्द होता है, जिसको मैनेज करने के लिए मुझको बहुत सारी दवाइयां और पेन किलर्स खानी पड़ती थी। लगातार दवाएं खाने, बीमारी और बिस्तर पर लेटे रहने की वजह से 3 महीने में मेरा वजन लगभग 30 किलो तक बढ़ गया था। मैं समझ नहीं पा रही थी कि आखिरकार मुझको क्या करना चाहिए। मौनी रॉय ने बताया कि जब उनका वजन बढ़ गया था, तब उन्हें ऐसा लग रहा था कि सब कुछ खत्म हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद उन्होने हिम्मत नहीं हारी और फिर अपने वजन पर काम करना शुरू किया।सिर्फ जूस के सहारे काटे 2 से 4 दिनएक्ट्रेस ने कहा कि जब उनकी दवाईयां पूरी तरह से बंद हो गईं, तब उन्होंने वजन घटाने के बारे में सोचा। इसके लिए उन्होंने खाना बिल्कुल ही बंद कर दिया था। कई दिन तो ऐसे थे जब वह सिर्फ जूस पीकर ही गुजारा थीं। मौनी रॉय ने कहा, वजन घटाने के लिए मैंने खाना बिल्कुल ही बंद कर दिया था। मैंने दिन में कई बार सिर्फ पानी या जूस पीकर ही रह जाया थी। कई बार तो ऐसा भी हुआ है जब मैंने 2 से 4 दिन सिर्फ जूस ही पिया है। मुझको उस वक्त लगता था कि कम खाना खाकर वजन घटाया जा सकता है। लेकिन मैं बिल्कुल गलत थी। भूखे रहने के कारण मुझे बहुत ज्यादा गुस्सा आता था।एक्ट्रेस ने कहा, मैं खाना छोड़कर मन ही मन काफी दुखी। फिर एक दिन मुझको एहसास हुआ कि मुझे बस खाना तो चाहिए ही। इसके बाद मैं न्यूट्रिशनिस्ट के पास गई और फिर हेल्दी खाना खाते हुए कैसे वजन कम किया जा सकता है, इसको फॉलो किया। एक्ट्रेस मौनी रॉय ने कहा कि अब वह एक हेल्दी डाइट प्लान और एक्सरसाइज पैटर्न को फॉलो करती हैं। इसकी वजह से उन्हें बॉडी को टोन्ड रखने में मदद मिलती है।
- जब कभी भी आप लंच या डिनर के लिए किसी रेस्ट्रान्ट या होटल में जाते होंगे तो आपने देखा होगा कि खाने के बाद वहां पर सौंफ और मिश्री ऑफर किया जाता है। इसके अलावा कई लोग घर पर भी खाने के बाद सौंफ और मिश्री खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कॉम्बिनेशन महज एक माउथफ्रेशनर की तरह ही काम नहीं करता बल्कि इसे खाने के ढेर सारे हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। रोजाना खाने के बाद एक चम्मच सौंफ और मिश्री का पाउडर खाना कई मायनों में आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है। आज हम आपको सौंफ और मिश्री खाने के पांच हेल्थ बेनिफिट्स बताने वाले हैं।खाना पचाने में होता है फायदेमंदसौंफ और मिश्री पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद है। यदि किसी व्यक्ति को खाना पचाने में दिक्कत होती है या उसे कब्ज अथवा एसिडिटी की समस्या है, तो सौंफ और मिश्री का सेवन करना उसके लिए लाभदायक हो सकता है। खाने के बाद एक चम्मच सौंफ और एक चम्मच मिश्री खाने से भोजन आसानी से पचता है और पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।दूर भगाता है मुंह की गंदी बदबूकई बार लोगों के मुंह से अजीब सी स्मेल आने लगती है। बहुत से लोग ऐसे है जो मुंह की बदबू की समस्या से काफी परेशान रहते हैं, लाख उपाय के बाद भी उनकी मुंह से स्मेल आती ही है। इस समस्या को खत्म करने के लिए सौंफ और मिश्री का कॉम्बिनेशन ट्राई कर सकते हैं। खाने के बाद सौंफ और मिश्री खाने से मुंह की गंदी स्मेल को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है।हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायकसौंफ और मिश्री का सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन की भी कमी नहीं होती है। यह शरीर में आयरन के लेवल को बढ़ाता है। इससे शरीर में ब्लड सरकुलेशन ठीक रहता है। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर, नियमित रूप से मिश्री और सौंफ का सेवन करने से काफी हद तक आराम मिलता है। खासतौर से महिलाओं में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी बहुत ज्यादा मात्रा में पाई जाती है। ऐसे में ये कॉम्बिनेशन महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकता है।कमजोरी को रखता है दूरजिन लोगों के शरीर में कमजोरी है, जिसकी वजह से उन्हें हर समय थकान सी रहती है। उनके लिए भी सौंफ और मिश्री काफी लाभदायक है। सौंफ और मिश्री में पाया जाने वाला आयरन और प्रोटीन शरीर की कमजोरी को दूर करता है और थकान की समस्या को खत्म करता है। अगर आपको बार-बार चक्कर आता है और शरीर में लगातार थकान बनी रहती है, तो सौंफ और मिश्री का सेवन करने से काफी फायदा मिलेगा।आंखों के लिए है वरदानसौंफ और मिश्री का सेवन आंखों के लिए भी काफी लाभदायक है। सौंफ और मिश्री के मिश्रण को दूध में मिलाकर रोजाना पीने से आंख से जुड़ी समस्याएं खत्म होती है, और आंखों की रोशनी तेज होती है। आजकल छोटी-छोटी उम्र में ही बच्चों को चश्मा लग रहा है। ऐसे में अगर आप बच्चों की डेली डाइट में सौंफ और मिश्री के पावरफुल कॉम्बिनेशन को एड करते हैं तो उनकी आंखे हेल्दी रहेंगी।
- गणपति बप्पा को घर में लाएंगे तो हर दिन भोग में मोदक भी चढ़ाएंगे। और फिर, ये मोदक पूरे घर में बटेंगे। लेकिन अगर आप पूजा-पाठ के साथ सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं तो घर में सेहतमंद मोदक बनाकर तैयार करें और बप्पा को भोग लगाएं। जैसे ड्राई फ्रूट्स के मोदक, खजूर और नारियल की स्टफिंग वाले मोदक। इस तरह के मोदक आपके ब्लड शुगर और वेट को बढ़ने से रोकेंगे। साथ ही न्यूट्रिशन भी देंगे। बस इन मोदक को खाने से पहले सही समय भी जान लें।कौन से वक्त मोदक खाना है हेल्दीभगवान की पूजा सुबह होती है और आप मोदक को भोग में लगाने के बाद सुबह ही खाएं। ऐसा करने से ना केवल एनर्जी बूस्ट होगी बल्कि मीठे की क्रेविंग भी खत्म होगी।मोदक को वर्कआउट के बाद खाएंहेल्दी ड्राई फ्रूट्स से बने मोदक को वर्कआउट के बाद खाएं। इससे ना केवल एनर्जी मिलेगी बल्कि वर्कआउट के बाद तेजी से बॉडी में अब्जॉर्ब भी होगी।स्नैक्स में खा सकते हैं मोदकमोदक को अगर आप शाम को खाना चाहते हैं तो भी ये अच्छा ऑप्शन है। इससे शाम वाली क्रेविंग खत्म होगी और साथ ही न्यूट्रिशन भी मिलेगा। भूख नहीं लगेगी और पेट भरा महसूस होगा।मीठे की क्रेविंग का ऑप्शनजब भी मीठा खाने का मन हो तो किसी भी डेजर्ट से अच्छा और हेल्दी मोदक है। हालांकि पोर्शन साइज का ध्यान रखना भी जरूरी है। एक मोदक से ज्यादा खाने की गलती ना करें।हेल्दी ऑप्शन रखेंसाथ ही इस बात का ध्यान रखें कि मोदक ड्राई फ्रूट्स, खजूर, नारियल, सीड्स जैसी चीजों से बने हों। साथ ही इसमे नेचुरल स्वीटनर का इस्तेमाल किया गया हो।इन चीजों के साथ मिलाकर खाएंसुबह अगर मोदक खा रहे हैं तो साथ में दही या फिर मुट्ठीभर ड्राई फ्रूट्स के साथ मिलाकर खाएं। जिससे इसके न्यूट्रिशन बैलेंस हो जाएं--
- ड्राई फ्रूट्स को अकसर भिगोकर खाने की सलाह आपने कई बार घर के बड़े-बुजुर्गों से सुनी होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ ऐसे मेवे भी होते हैं, जिन्हें भिगोकर खाने से उनके पोषक तत्व पानी में घुलकर खत्म हो जाते हैं। ऐसे में ड्राई फ्रूट्स से जुड़े फायदे सेहत तक पहुंचाने के लिए इस बात का पता होना बेहद जरूरी है कि कौन सा ड्राई फ्रूट्स भिगोकर खाना चाहिए और कौन सा नहीं। आइए लेते हैं इसकी जानकारी।ड्राई फ्रूट्स में मौजूद पोषक तत्वड्राई फ्रूट्स को एनर्जी का खजाना माना जाता है। इनमें कई तरह माइक्रोन्यूट्रेंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ मिनिरल्स, विटामिंस, आयरन, फॉलेट, विटामिन बी 12, विटामिन डी, विटामिन ई जैसे कई माइक्रोन्यूट्रेंट होते हैं, जो शरीर में एनर्जी और फ्रेशनेस बनाए रखते हैं। हालांकि सेहत से जुड़े इनके फायदे लेने के लिए इन्हें खाने का सही तरीका मालूम होना चाहिए।ड्राई फ्रूट्स जिन्हें भिगोकर खाना चाहिएबादाम- बादाम विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट्स और एसेंशियल ऑयल का रिच सोर्स होता है। बावजूद इसके बादाम के छिलकों में मौजूद टैनिन का सीधे तौर पर सेवन करने पर यह पाचन से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। बता दें, टैनिन शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकता है। लेकिन जब बादाम को भिगोकर रखा जाता है तो उसके छिलके आसानी से उतर जाते हैं।अखरोटबादाम की ही तरह अखरोट को भी भिगोकर खाना चाहिए। इसमें मौजूद कई तरह के फैटी एसिड, प्रोटीन और मिनिरल्स वेट लॉस में फायदा पहुंचाते हैं। सेहत से जुड़े अखरोट के फायदे लेने के लिए आप इसे दूध या पानी में भिगोकर खा सकते हैं।अंजीरअंजीर की तासीर गर्म होती है। इसका सेवन भिगोकर करने से सेहत को फायदा मिलता है। अंजीर का सेवन महिलाओं से संबंधित बीमारियों और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में फायदा पहुंचाता है।ड्राई फ्रूट्स जिन्हें भिगोकर नहीं खाना चाहिएकिशमिश- किशमिश और मुनक्का जैसे ड्राई फ्रूट को भिगोकर नहीं खाना चाहिए। इनमें विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो पानी में भिगोकर रखने से पानी में ही घुल जाते हैं। जिसके बाद इन्हें खाने से सेहत को कोई फायदा नहीं मिलता है।अलसी के बीजअलसी के बीज ओमेग-3 फैट्स और फाइबर से भरपूर होते हैं। जो ब्रेन और गट हेल्थ का खास ख्याल रखते हैं। अलसी के बीज को भिगोकर खाने की जगह ड्राई रोस्ट करके खाना चाहिए।खजूरखजूर कैल्शियम, आयरन, मैग्निशियम, विटामिन और फाइबर से भरपूर होते हैं। इन्हें पानी में भिगोकर नहीं खाना चाहिए। खजूर को भिगोने से इनमें पाए जाने वाले गुण पानी में घुल जाते हैं।
- नारियल पानी का स्वाद भले ही किसी को पसंद हो या न हो, लेकिन हर व्यक्ति इससे मिलने वाले फायदों को पाना चाहता है। एक नारियल का पानी पीकर आपको गर्मी से राहत मिलती है। वहीं इससे कई सारी बीमारियों को दूर रखा जा सकता है। ये एक ऐसा फल है जिसके कई बेनेफिट्स है यह आपको कैंसर की बीमारी के रिस्क तक से बचा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नारियल पानी में प्रोटीन, गुड फैट, कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी और फैटी एसिड की मात्रा पाई जाती है। जो पोषक तत्व हमे खाने से नहीं मिलते हैं वह नारियल पानी पीने पर मिल जाते हैं। नारियल के इतने सारे फायदे हैं कि इसके महत्व को पहचानने और बढ़ावा देने के लिए हर साल 2 सितंबर के दिन वर्ल्ड कोकोनट डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस खास मौके पर जानते हैं कि क्या दिल के मरीजों के लिए नारियल पानी फायदेमंद है और साथ ही जानेंगे कि पुरुषों को इसे ज्यादा पीने से क्यों बचना चाहिए।नारियल पानी को हार्ट पेशेंट के लिए सेफ माना जाता है। क्योंकि इसमें फैट, कैलोरी और बैड कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है। जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। वहीं इसके पानी में पोटेशियम होता है जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकता है। ये ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल कर सकता है। डॉक्टर भी हार्ट के मरीजों को नारियल पानी पीने की सलाह देते हैं। हालांकि, जिन लोगों को हार्ट के साथ किडनी में भी समस्या है उन्हें नारियल पानी पीने से बचना चाहिए। आप अपने डॉक्टर की सलाह लेने के बाद इसे पी सकते हैं।पुरुषों को ज्यादा नारियल पानी पीने से क्यों बचना चाहिए?पुरुषों को ज्यादा नारियल पानी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इसके निगेटिव इफेक्ट्स हो सकते हैं। दरअसल, बहुत ज्यादा नारियल पानी पीने से हाइपरकेलेमिया हो सकता है, जो ब्लड में पोटेशियम का खतरनाक स्तर है। इससे अनियमित दिल की धड़कन या किडनी की समस्या हो सकती है। वहीं जिन पुरुषों की ब्लडप्रेशर की दवा चल रही है या जिनका ब्लडप्रेशर कम है, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। अगर कोई पुरुष बहुत ज्यागा नारियल पानी पी रहा है तो इससे पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। अब सवाल ये है कि कितना पीएं कि नुकसान न हो? तो रिपोर्ट्स कहती हैं कि पुरुष के लिए 1 या 2 कप नारियल पानी पीना सामान्य माना जाता है।
- मखाना बीते कई सालों में काफी चर्चा में आ गया है। लोग नमकीन-बिस्कुट को मखाने के साथ रिप्लेस कर चुके हैं। अब पेरेंट्स भी अपने नन्हें बच्चों को मखाना खिलाते हैं। ये पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें कई ऐसे गुण होते हैं जो पुरुषों को काफी फायदा पहुंचा सकते हैं। मखाना न सिर्फ पुरुषों के यौन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है बल्कि यह कई कमाल के फायदों से भी भरा हुआ है। इन्हें आप कहीं भी कभी भी स्नैक्स के रूप में खा सकते हैं। जानिए पुरुषों के लिए मखाने के फायदे-1) स्पर्म की क्वालिटी और मात्रा में सुधार- मखाने पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। कहा जाता है कि मखाने में कामोत्तेजक गुण होते हैं जो शुक्राणु की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार कर सकते हैं।2) मांसपेशियों का विकास- मखाने में प्रोटीन की हाई मात्रा होती है, जो मांसपेशियों के विकास में मदद कर सकती हैं।3) हड्डियों के लिए बेस्ट- मखाने में फास्फोरस और मैग्नीशियम होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद कर सकता है। आप रोजाना स्नैक के तौर पर इसे खा सकते हैं।4) कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स- मखाने में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे में यह धीरे-धीरे ब्लड फ्लो में ग्लूकोज छोड़ता है। इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।दूध में मखाने मिलाकर खाने से मिलेगा फायदे?आप मखाने को किसी भी तरह से खा सकते हैं। मखाने में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो एनर्जी का स्रोत माना जाता है। वहीं दूध में भी एनर्जी देने में मदद करने वाले न्यूट्रिएंट्स होते हैं। इन दोनों को मिलाकर खाने से आपको ज्यादा एनर्जी मिलती है।क्या रोजाना मखाना खा सकते हैं?हां, मखाने रोजाना खाए जा सकते हैं। ये पाचन में सुधार और कब्ज को रोकने में मदद करते हैं। अपनी उच्च एंटीऑक्सीडेंट सामग्री के कारण ये बेहतरीन एंटी-एजिंग चीज है। इसके ढेरों फायदों के बावजूद, मखाने के शरीर पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसे बहुत ज्यादा खाया जाए तो एलर्जी, पेट की समस्याएं और इंसुलिन का लेवल बढ़ सकता है।
- उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिसका असर सीधा उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। 35 की उम्र के बाद कई महिलाओं के शरीर में कमजोरी, हड्डियों में दर्द, मांसपेशियां कमजोर होना और थकान रहने लगती है। इतना ही नहीं महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, प्रजनन क्षमता में कमी, चयापचय धीमा होना और स्किन पर उम्र बढ़ने के लक्षण नजर आने लगते हैं। दरअसल, 35 की उम्र पार करने के बाद, हमारा शरीर तेजी से बूढ़ा होने लगता है, जिसके कारण प्रजनन क्षमता में कमी से लेकर धीमी चयापचय और बालों के झड़ने की समस्या आम हो जाती है। इन उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने के लिए आप आपके शरीर को पोषण की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद में उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने के लिए इन महत्वपूर्ण पोषण को 'ओजस' कहा जाता है। ओजस 35 की उम्र के बाद हमारे स्वास्थ्य, जीवन शक्ति और प्रजनन क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में आइए जानते हैं महिलाएं अपने शरीर में ओजस बढ़ाने के लिए किन फूड्स का सेवन करें?ओजस बढ़ाने के लिए क्या खाएं?1. बादामबादाम आपके शरीर को पोषण देने में मदद करता है। इसके अलावा, शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ाने का भी काम करता है। बादाम एंटीऑक्सीडेंट गुण अंडे की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करते हैं, जो प्रजनन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।2. घी35 की उम्र के बाद घी का सेवन महिलाओं के ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद होते है। घी का सेवन पाचन को बढ़ाता है, हार्मोन के उत्पादन के लिए जरूरी है और आपके पेट को ठीक रखता है।3. खजूरमहिलाएं अपने शरीर में ओजस बढ़ाने के लिए खजूर का सेवन कर सकती हैं। खजूर में कैल्शियम और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मज़बूत रखने में मदद करता हैं। इसके अलावा, खजूर में आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में खून की कमी होने से रोकता है।4. केलेकेले का सेवन महिलाओं के सेहत के लिए फायदेमंद होता है, जो खाने में मीठा, पौष्टिक और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। केले आपके मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और शरीर का लचीलापन बढ़ाता है। साथ ही बाल झड़ने की समस्या को रोकता है।5. अनारअनार खाने में रसीले और स्वादिष्ट होते हैं। इसके अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है, जो महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी पूरी करने और प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।35 की उम्र के बाद महिलाएं अपने शरीर में ओजस बढ़ाने के लिए इन फूड्स का सेवन कर सकती है, इसके अलावा संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना भी जरूरी है।
- हरतालिका तीज का त्योहार हर सुहागिन महिला के लिए बहुत खास होता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती से अखंड सौभाग्य का वरदान मांगती हैं। हरतालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार भी करती हैं। इस खास मौके पर हर महिला की ख्वाहिश होती है कि उनकी त्वचा दमकती हुई नजर आए। इसके लिए महिलाएं पार्लर में जाकर फेशियल और कई तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट भी लेने के बारे में सोचती हैं। पर इस बार आप घर में ही फेशियल कर सकती हैं,। इससे आपके चेहरे पर काफी निखार आएगा।घर पर फेशियल कैसे करें?-स्टेप 1 : फेशियल का पहला स्टेप है चेहरे की क्लींजिंग करना। इसके लिए एक छोटे बालउ में 1 चम्मच दही और 1/2 चम्मच बेसन डालकर अच्छे से मिला लें। दही और बेसन के मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और सर्कुलर मोशन में मसाज करें। आपको इस मिश्रण से त्वचा पर 15 से 20 मिनट तक मसाज करनी है। इसके बाद चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धोकर सुखा लें।स्टेप 2: टोनिंग फेशियल का दूसरा स्टेप माना जाता है। इसे करने के लिए एक बाउल में 1 चम्मच बेसन, गुलाब जल और 1 केसर का धागा डालकर मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे व गर्दन पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। जब पेस्ट सूख जाए तो इसे नॉर्मल पानी से धो लें। त्वचा की 5 समस्याओं को दूर करता है मेथी दाना और हल्दी का फेस पैक, जानें इस्तेमाल का तरीका | tस्टेप 3: नाक और नाक के आसपास के होने वाले ब्लैक और व्हाइट हेड्स को हटाने के लिए त्वचा को स्क्रब करना जरूरी होता है। त्वचा को स्क्रब करने के लिए 2 चम्मच बेसन और 1 चम्मच ओट्स और 2 चम्मच कॉर्न फ्लोर को मिलाएं। इस मिश्रण में सबसे अंत में कच्चा दूध और 1 चम्मच शहद मिलाएं। इससे चेहरे और गर्दन पर स्क्रब करें। स्क्रब करने से त्वचा एक्सफोलिएट होती है और डेड स्किन सेल्स निकलते हैं। स्क्रब से पूरे चेहरे को अच्छे से मसाज करते हुए साफ करें। 5 से 7 मिनट तक चेहरे पर स्क्रब करने के बाद इसे नॉर्मल पानी से साफ करें।स्टेप 4: फेशियल का सबसे आखिरी स्टेप फेस पैक होता है। यह स्क्रब के कारण त्वचा के ओपन पोर्स को बंद करने में मदद करता है। इसके लिए एक बड़े बाउल में 1 चम्मच बेसन और नींबू का रस मिलाएं। इसे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट के लिए छोड़े दें। बाद में चेहरे को धोकर मॉइस्चराइजर लगाएं।आपका 4 स्टेप फेशियल हो चुका है। इस होम फेशियल को करने के बाद आपको त्वचा की रंगत पहले से ज्यादा साफ नजर आएगी।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब त्वचा को अंदर से पोषण मिलेगा, तभी स्किन बाहर से ग्लोइंग और खूबसूरत नजर आएगी। इन दिनों अगर आप भी किसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या से परेशान हैं, तो कोई नया ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं बल्कि अदरक और चुकंदर से बना एक हर्बल ड्रिंक ट्राई करें।अदरक और चुकंदर का हर्बल ड्रिंक बनाने के लिए सामग्रीअदरक- 1 बड़ा टुकड़ाचुकंदर- 1 पीससौंफ- 1 बड़ा चम्मचकिशमिश- 10 से 12 पीसपानी - 1 गिलास1 लीटर की कांच की बोतलअदरक और चुकंदर का हर्बल ड्रिंक बनाने का तरीका- एक कांच की बोतल लें। कांच की बोतल में 5 से 7 पीस किशमिश के डालें। इसी में सौंफ डालकर मिलाएं।- अब बोतल में कटे हुए चुकंदर और अदरक के टुकड़े डालकर मिलाकर पानी डालें।- इस मिश्रण को अच्छे से घोलने के बाद इस पानी को स्टोर कर लें और दिन में आप जितनी बार पानी पीते हैं, इस ड्रिंक का सेवन करें।अदरक और चुकंदर का हर्बल ड्रिंक पीने के फायदेएक्सपर्ट के अनुसार, रोजाना अदरक और चुकंदर का जूस पीने से शरीर और स्किन दोनों ही डिटॉक्स हो जाती है। जिसकी मदद से त्वचा पर पैदा होने वाले बैक्टीरिया और वायरस नष्ट हो जाते हैं और त्वचा ग्लोइंग बनती है।-अदरक और चुकंदर के ड्रिंक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ब्लड को प्यूरीफाई करते हैं, जिससे त्वचा ग्लोइंग और खूबसूरत बनती है।-इस हर्बल ड्रिंक में विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी त्वचा की सूजन, लालिमा और दाग-धब्बों को हटाता है। यह स्किन पर नैचुरल मॉइश्चराइजर का काम करता है, जिससे स्किन को ग्लोइंग बनाने में मदद मिलती है।-अदरक और चुकंदर का हर्बल ड्रिंक में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं। यह त्वचा के कील-मुंहासों का खात्मा करने त्वचा को सुंदर बनाती है। इतना ही नहीं यह हर्बल ड्रिंक डेड स्किन का भी सफाया करता है, जिससे स्किन ग्लोइंग और खूबसूरत बनती है।नोट : अदरक और चुकंदर का हर्बल ड्रिंक त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन इसमें इस्तेमाल की गई किसी चीज से आपको एलर्जी है, तो ड्रिंक में उसे शामिल न करें। जिन लोगों की स्किन सेंसेटिव है, वह इस हर्बल ड्रिंक को डाइट का हिस्सा बनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।l
- वैसे तो जापान एक छोटा सा देश है, लेकिन इसकी गिनती विकसित देशों में की जाती है, क्योंकि यह नई तकनीकों को बहुत महत्व देता है और यह के लिए अपने स्वास्थ्य का बहुत ध्यान देते हैं। जापान के लोग न सिर्फ अपनी शारीरिक गतिविधियों के कारण बल्कि अपनी स्किन केयर रूटीन के लिए भी काफी मशहूर रहती है। जापान की महिलाओं की स्किन नेचुरल ग्लोइंग और हेल्दी रहती है, जिस कारण अन्य कई देशों की महिलाएं उनके स्किन केयर रूटीन को जानने की कोशिश करती हैं और जापानी स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती है। ऐसे में जानते हैं जापान की महिलाओं का स्किन केयर रूटीन क्या है?लेयरिंग तकनीकलेयरिंग तकनीक की मदद से एसेंस, सीरम और लोशन जैसे हल्के उत्पादों के साथ कई स्टेप्स में त्वचा को नमी दें, वेस्टर्न स्किनकेयर रूटीन के विपरीत, जिसमें अधिक उत्पादों का उपयोग किया जाता है।डबल क्लींजिंगचेहरे से मेकअप, सनस्क्रीन और अतिरिक्त तेल को हटाने के लिए तेल आधारित क्लींजर से क्लीजिंग की शुरुआत करें, उसके बाद चेहरे की गंदगी को साफ करने के लिए पानी आधारित क्लींजर का उपयोग करें। डबल क्लींजिग इस बात को सुनिश्चित करती है कि आपकी त्वचा अपने प्राकृतिक तेलों को हटाए बिना पूरी तरह से साफ हो जाए।यूवी किरणों से बचावजापान में सूरज से स्किन की सुरक्षा डेली रिचुअल में शामिल होता है, जिससे स्किन हानिकारक यूवी किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन और सुरक्षात्मक कपड़ों का उपयोग किया जाता है। सूरज की हानिकारक किरणों के कारण स्किन को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कम उम्र में ही इसकी शुरुआत कर दी जाती है, जिससे यह समस्या होती ही नहीं है।कम से कम सामग्रियों का इस्तेमालजापानी स्किनकेयर उत्पादों में कम से कम और नेचुरल सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए जापान के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स अपने सिंपल और हाई क्वालिटी वाले फॉर्मूलेशन के लिए मशहूर है, जिससे आपकी स्किन केमिकल और सिंथेटिक इंग्रीडियंट्स से सुरक्षित रहती है।स्किनकेयर को महत्व देनाजापान में, स्किनकेयर सेल्फ केयर और माइंडफुलनेसका एक रूप है, जिसे खुद से जुड़ने और आराम करने के रूप में देखा जाता है। अन्य देशों के तुलना में, जापानी स्किनकेयर एक हेल्दी डेली रूटीन है।
- वेट लॉस के लिए अनाज फायदेमंद होते हैं क्योंकि वे पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत होते हैं और उनमें कुछ ऐसे गुण होते हैं जो वजन घटाने में मदद करते हैं। अनाज में उच्च मात्रा में फाइबर मौजूद होता है, जो पेट को भरा हुआ महसूस कराता है और भूख को कंट्रोल करता है। इससे आप कम कैलोरी का सेवन करते हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। कुछ अनाजों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसका मतलब है कि वे धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर रखते हैं। इससे भूख कम होती है और बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती। अनाज में विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं, जिससे वजन कम करने की प्रक्रिया में मदद मिलती है। कुछ अनाज जैसे क्विनोआ, जौ, और बाजरा में कम कैलोरी होती है, जो वजन घटाने के लिए बेस्ट माने जाते हैं। अनाज में प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने और वजन घटाने के दौरान मांसपेशियों के नुकसान को रोकने में मदद करता है। वजन कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे 5 ऐसे लो कार्ब अनाज, जिसका सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है।1. वेट लॉस के लिए जौ के फायदे100 ग्राम जौ में केवल 28 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। जौ में घुलनशील फाइबर होता है जो पाचन को धीमा करता है और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। यह वजन घटाने के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह भूख को कंंट्रोल करता है। जौ में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं, जिससे कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया तेज होती है। वेट लॉस के लिए लोग जौ की रोटी या जौ की खिचड़ी का सेवन करते हैं।2. वेट लॉस के लिए बाजरा के फायदे-100 ग्राम बाजरे में केवल 23 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। बाजरा एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है जो लो-कार्ब और उच्च फाइबर वाला होता है। यह पाचन को सुधारता है और पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। बाजरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसका मतलब है कि यह धीरे-धीरे पचता है और रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखता है। इससे अचानक भूख की क्रेविंग्स होने की समस्या कम होती है और वेट लॉस में मदद मिलती है।3. वेट लॉस के लिए क्विनोआ के फायदे100 ग्राम क्विनोआ में करीब 21 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। क्विनोआ में फाइबर की भी प्रचुर मात्रा होती है। क्विनोआ में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। यह एक पूर्ण प्रोटीन स्रोत है। प्रोटीन भूख को कंट्रोल करता है और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है। यह वेट लॉस के लिए जरूरी है। क्विनोआ में कैलोरीज कम होती है, जिससे वजन कम होता है।4. वेट लॉस के लिए अमरनाथ के फायदे100 ग्राम अमरनाथ में 19 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इसमें प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर मात्रा होती है, जो वजन घटाने के साथ-साथ शरीर को पोषण भी देता है। अमरनाथ स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-फ्री है। अमरनाथ में विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं और वजन घटाने की प्रक्रिया को तेज करते हैं।5. वेट लॉस के लिए ओट्स के फायदे100 ग्राम ओट्स में करीब 66 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। वेट लॉस के लिए लो कार्ब ओट्स एक बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि इसमें घुलनशील फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। ओट्स में बीटा-ग्लूकन नाम का फाइबर होता है। यह फाइबर, पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। ओट्स में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल है क्योंकि ओट्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और यह ऊर्जा के स्तर को बनाए रखता है।
- दर्द से राहत पाने के लिए लोग तरह के पेन किलर्स और थेरेपी का सहारा लेते हैं। लेकिन दर्द के लिए बार-बार दवाओं का सहारा लेना भी गलत है। अगर आप घुटने, कमर और शरीर के कई अंगों में दर्द से जूझ रहे हैं, तो इससे राहत पाने के लिए खास आयुर्वेदिक तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। चलिए जानते हैं इसे कैसे बनाएं और कैसे इस्तेमाल करें।आयुर्वेदिक तेल बनाने के लिए सामग्री-सर्वाइकल, साइटिका, जोड़ों में दर्द, कमर में दर्द, घुटनों में दर्द या फिर उठते-बैठते समय जोड़ों से कट-कट की आवाज आना और मोच का दर्द से राहत दिलाने में यह तेल इस्तेमाल किया जा सकता है।"जावित्री- 50 ग्रामसोंठ पाउडर- 50 ग्रामअरंडी का तेल-100 ग्रामतिल का तेल-100 ग्रामआयुर्वेदिक तेल बनाने का तरीका-सबसे पहले एक बड़ी कहाड़ी को अच्छे से गर्म होने के लिए छोड़ दें।-इसके बाद कहाड़ी में 100 ग्राम आरंडी का तेल और 100 ग्राम तिल का तेल डालकर अच्छे से गर्म करें।-तेल के गर्म होने के बाद जावित्री और सोंठ को कढ़ाई में डालकर पका लें।-जावित्री और सोंठ जब तेल में पकाकर काले हो जाएं, तो इसे छानकर निकाल लें।-आपका आयुर्वेदिक तेल तैयार हो चुका है। इसे ठंडा होने के बाद एक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करके रखें।आयुर्वेदिक तेल इस्तेमाल करने का तरीकाइस तेल का इस्तेमाल कभी भी और किसी भी प्रकार के दर्द में किया जा सकता है। अगर आपको घुटनों में दर्द महसूस हो रहा है, तो तेल का एक हिस्सा लेकर अच्छे से मालिश करें। मालिश करने के बाद तेल को ऐसे ही छोड़ दें। इससे आपको दर्द से जल्द ही आराम मिलेगा। जावित्री में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में होने वाले दर्द और सूजन से राहत दिलाते हैं। इतना ही नहीं गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए भी जावित्री का इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल को बनाने के लिए सोंठ का इस्तेमाल होता है। सोंठ में विटामिन सी, फाइबर, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो शरीर के दर्द से राहत दिलाते हैं।
- दांतों से जुड़ी कोई भी समस्या दिनभर परेशान रख सकती है। इसके कारण मुंह में सूजन आ जाती है। दांतों से जुड़ी समस्या इसलिए भी बड़ी है क्योंकि इस कारण कुछ भी खाना मुश्किल हो जाता है। इसी तरह दांतों में झनझनाहट होने पर भी काफी मुश्किल होती है। ऐसे में कुछ भी गर्म या ठंडा खाने पर दांतों में झनझनाहट होती है। इसके कारण खाना चबाने में भी मुश्किल होती है। कई बार यह समस्या दिनभर परेशान कर सकती है। लेकिन अगर आप कुछ टिप्स को फॉलो करते हैं, तो आपको इससे काफी हद तक आराम मिल सकता है। आइये इस लेख में जानें दांतों की झनझनाहट को कैसे कम करें।दांतों की झनझनाहट कम करने के लिए अपनाएं ये टिप्सधीरे ब्रश करें-दांतों की झनझनाहट कम करने के लिए ब्रश करने का तरीका बदलें। ज्यादा तेज ब्रश करने से आपके मसूड़े और भी कमजोर हो सकते हैं। इसलिए दोनों समय धीरे-धीरे ब्रश करें। इसके साथ ही, ध्यान रखें कि आप सॉफ्ट ब्रश ही इस्तेमाल करें। क्योंकि हार्ड ब्रश इस्तेमाल करने से भी आपको परेशानी हो सकती है।हाइजीन का पूरा ध्यान रखेंझनझनाहट कम करने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। दिन में 2 से 3 बार साफ पानी से गरारे जरूर करें। खाना खाने के बाद मुंह को साफ करें। इससे बैक्टीरिया नहीं पनपेंगे। साथ ही झनझनाहट भी कम होने लगेगी।लौंग का तेल लगाएंलौंग का तेल लगाने से आपको बहुत जल्दी आराम मिलेगा। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। इसे दांतों पर लगाने से आपको झनझनाहट से राहत मिलेगी। अगर आपके मसूड़े में सूजन या दांतों में दर्द है, तो इससे भी आपको काफी राहत मिलेगी। इसे दिन में दो बार दांतों पर मसाज करें। इसके अलावा, कॉटन में तेल लगाकर कुछ देर के लिए दांतों पर लगा रहने दें। इससे भी आपको जल्द आराम मिलेगा।नमक के पानी के गरारे करेंनमक के पानी के गरारे करने से आपको जल्दी राहत मिलेगी। नमक का पानी बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है। अगर आपको सूजन या दर्द भी है, तो इससे भी आपको काफी राहत मिलेगी। इसलिए दिन में दो बार गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे जरूर करें।डॉक्टर से संपर्क करेंअगर आपको यह समस्या एक सप्ताह से ज्यादा समय से है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि यह किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है।(इस लेख में आपको सामान्य जानकारी दी गई है। इस बारे में ज्यादा जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। )
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स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पादर्थों का सेवन करना जरूरी है। किसी भी चीज को खाने का फायदा तभी होता है, जब आप उसे सही तरह से खाते हैं। कई ऐसे खाद्य पदार्थ है, जिसे खाली पेट न खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वो आपके सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। जबकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिन्हें खाली पेट खाने से आपके शरीर को कई स्वास्थ्य फायदे मिल सकते हैं। आयुर्वेद में गुलकंद एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो आपके सेहत के लिए लाभकारी होता है।
क्या आप खाली पेट गुलकंद खा सकते हैं?गुलकंद, गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी से बना एक आयुर्वेदिक व्यंजन है, जो न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। गुलकंद का सेवन आप दिन के किसी भी समय कर सकते हैं, खाना खाने से पहले या खाना खाने के साथ अक्सर लोग गुलकंद खाते हैं। गुलकंद पाचन के लिए भी बेहतर होता है, ऐसे में सुबह खाली पेट गुलकंद का सेवन आपके लिए फायदेमंद और सुरक्षित होता है। सुबह खाली पेट गुलकंद खाने से आपके शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।गुलकंद का सेवन कैसे करें?आप रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच गुलकंद खा सकते हैं। आप गुलकंद को बिना पानी या फिर पानी के साथ भी खा सकते हैं। सुबह खाली पेट गुलकंद खाने से पाचन को बढ़ावा मिलता है, और पूरे दिन आपके शरीर को ठंडक मिलती है। गर्मी के दिनों में खासकर सुबह खाली पेट गुलकंद खाना फायदेमंद होता है। एक चम्मच गुलकंद को आप एक गिलास दूध में भी मिलाकर पी सकते हैं। गर्मियों के दिनों में लू लगने के कारण सेहत पर होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में भी गुलकंद फायदेमंद है।गुलकंद के फायदेे क्या है?गुलकंद में कैलोरी की मात्रा कम होती है और विटामिन ए, सी, ई और बी6 जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें डाइटरी फाइबर भी होता है, जो स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देता है, जिससे अपच और एसिडिटी की समस्या से भी राहत मिल सकती है। गुलकंद के ठंडक देने वाले गुण गर्मी से होने वाली बीमारियों या मुंह के छालों से पीड़ित लोगों के लिए एक बेहतरीन रेमेडी के रूप में काम करता है।आप अपनी डाइट में गुलकंद खाली पेट शामिल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों को अपनी डाइट में गुलकंद शामिल करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करना चाहिए।






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