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नयी दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम को विश्व कप की प्रबल दावेदार बताते हुए पाकिस्तान के ओलंपिक और विश्व कप विजेता महान सेंटर फॉरवर्ड हसन सरदार ने कहा कि भारत को घरेलू मैदान पर खेलने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा । विश्व कप 13 से 29 जनवरी तक भुवनेश्वर और राउरकेला में खेला जायेगा जिसमें भारत को ग्रुप डी में इंग्लैंड, स्पेन और वेल्स के साथ रखा गया है । सरदार ने कहा ,‘‘ मैने तोक्यो ओलंपिक से पहले भी कहा था कि यह भारतीय टीम पदक जीत सकती है ।
उन्होंने कांस्य पदक जीता लेकिन शीर्ष चार टीमों में बहुत ज्यादा फर्क नहीं होता ।'' मुंबई विश्व कप 1982 में 11 गोल करके पाकिस्तान की खिताबी जीत के सूत्रधार और ‘प्लेयर आफ द टूर्नामेंट' रहे सरदार लॉस एंजिलिस ओलंपिक 1984 में भी पाकिस्तान को स्वर्ण पदक दिलाने वाले नायकों में से थे । दिल्ली में 1982 एशियाई खेलों के फाइनल में भारत को हराने में उनकी हैट्रिक की अहम भूमिका थी ।
उन्होंने कहा ,‘‘ भारतीय टीम के पास फोकस है और घरेलू मैदान पर खेलने का उसे फायदा भी मिलेगा । मैने ओडिशा में हॉकी देखी है और वहां खेलने का अलग ही माहौल होता है । मैं ओडिशा के मुख्यमंत्री (नवीन पटनायक) को खास तौर पर बधाई देना चाहता हूं ।' उन्होंने कहा कि भारत के पास हरमनप्रीत सिंह के रूप में शानदार ड्रैग फ्लिकर है और फॉरवर्ड लाइन भी मजबूत है । उन्होंने कहा ,‘‘ हॉकी में सबसे अहम है गोल स्कोर करना । भारत का मजबूत पक्ष है उसका पेनल्टी कॉर्नर और फॉरवर्ड लाइन । भारतीय टीम में गोल करने की क्षमता है ।''
विश्व कप की सबसे कामयाब टीमों में से एक चार बार की चैम्पियन पाकिस्तान टूर्नामेंट के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी और यह उन्हें खलता है । पाकिस्तान के कोच और मुख्य चयनकर्ता रहे सरदार ने कहा ,‘‘ निश्चित तौर पर विश्व कप और ओलंपिक जीत चुके खिलाड़ियों को दुख तो होगा ही । टीम भले ही जीतती नहीं लेकिन विश्व कप में भागीदारी तो होनी चाहिये थी ।' उन्होंने कहा ,‘‘ एक समय में भारतीय हॉकी काफी पीछे चली गई थी लेकिन भारत ने जिस तरीके से हॉकी को पुनर्जीवित किया , वह काबिले तारीफ है । पाकिस्तान को भी ऐसा ही कुछ करना होगा । ''
समीउल्लाह खान, कलीमुल्लाह, सोहेल अब्बास, शकील अब्बासी जैसे अजीमोशान खिलाड़ी देने वाले पाकिस्तान में हॉकी के पतन पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिभा की कमी नहीं है लेकिन उनके लिये प्लेटफॉर्म नहीं है । उन्होंने कहा ,‘‘ पाकिस्तान में स्कूल और कॉलेजों में अब हॉकी खेली नहीं जा रही । लोगों ने हॉकी देखना बंद कर दिया है क्योंकि वे टीम को हारते हुए नहीं देखना चाहते । उनके सामने हॉकी के नये हीरो भी नहीं है क्योंकि जीतने पर ही हीरो बनते हैं ।सुविधाओं का भी अभाव है और प्रतिभाओं के लिये प्लेटफॉर्म नहीं है ।'' -
राउरकेला। अपने चौथे और घरेलू सरजमीं पर तीसरे एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप में खेलने की तैयारी कर रहे भारत के अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश को लगता है कि उनकी टीम पिछले टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है और यहां तक कि इस बार पोडियम के शीर्ष पर जगह बना सकती है। प्रतिष्ठित हॉकी विश्व कप शुक्रवार से यहां शुरू होगा।
भारत 2018 के टूर्नामेंट में दो मैच जीतकर और एक ड्रॉ करने के बाद अपने पूल में शीर्ष पर था लेकिन क्वार्टर फाइनल में तब उप विजेता रहे नीदरलैंड से 2-1 से हार गया था। तब टूर्नामेंट भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में खेला गया था जो इस बार भी दो आयोजन स्थलों में से एक है। स्पेन के खिलाफ शुक्रवार को ग्रुप डी के भारत के पहले मैच से पूर्व श्रीजेश ने कहा, ‘‘अपने देश के लिए चौथा विश्व कप खेलना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है और खास बात यह है कि घरेलू सरजमीं पर यह मेरा तीसरा विश्व कप है।
मुझे नहीं लगता कि किसी खिलाड़ी को घरेलू मैदान पर तीन विश्व कप खेलने का सौभाग्य मिला है।'' उन्होंने कहा, ‘‘2018 में हम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सके थे। अब हमारे पास इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपनी किस्मत बदलने का एक और मौका है। उम्मीद है कि हम अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार कर पाएंगे और शीर्ष पर जगह बना पाएंगे।'' अजीत पाल सिंह की कप्तानी में कुआलालंपुर में 1975 के टूर्नामेंट में स्वर्ण जीतने के बाद से भारत 48 वर्षों में पोडियम पर जगह नहीं बना पाया है।
मनप्रीत सिंह के बाद टीम में शामिल सबसे अनुभवी खिलाड़ी 34 वर्षीय श्रीजेश ने कहा कि आप कितनी बार विश्व कप में खेले इससे अधिक नतीजा मायने रखता है। तोक्यो ओलंपिक में भारत के कांस्य पदक जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले श्रीजेश ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा महसूस किया है कि यह मायने नहीं रखता है कि आपने कितनी बार एक टूर्नामेंट खेला है बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आपने इसे जीता है या नहीं।
इस बार भी मेरे लिए महत्वूपर्ण है कि मैं अपना शत प्रतिशत दूं और टूर्नामेंट से वांछित परिणाम हासिल करूं।'' एफआईएच के साल के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुने गए श्रीजेश ने याद किया जब पहली बार विश्व कप में खेलते हुए उन्हें 2010 में नयी दिल्ली में मुख्य कोच ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ गोलकीपर की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप में मेरा पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ था।
मुझे अभी भी याद है। टीम मीटिंग के दौरान हमारे कोच ने कहा था कि पाकिस्तान गोलकीपर एड्रियन (डिसूजा) के लिए पूरी तरह से तैयार होकर आएगा, इसलिए उन्होंने मुझे उनके खिलाफ मैच में खिलाने का फैसला किया।'' श्रीजेश ने कहा, ‘‘जब उन्होंने मुझे खेलने के लिए कहा तो एक मौका मिलने की भावना अविश्वसनीय थी। पाकिस्तान के खिलाफ खचाखच भरे घरेलू मैदान में अपना पहला विश्व कप मैच खेलना एक सपने जैसा था। मैं अभी भी उस माहौल को महसूस कर सकता हूं, स्टेडियम कैसा था, लोगों ने कैसी प्रतिक्रिया दी और हमने उस मैच को कैसे जीता। यह मेरे लिए सबसे अच्छा पल था।'' -
नई दिल्ली। पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे के लिये अंतिम एकादश से ईशान किशन को बाहर रखने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि दोहरा शतक जड़ने वाले खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जाता । श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे से पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि वह शुभमन गिल के साथ पारी की शुरूआत करेंगे जबकि ईशान ने पिछली वनडे पारी में दोहरा शतक जड़ा था ।
प्रसाद ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा ,‘‘ भारत के पिछले वनडे मैच में जिसने दोहरा शतक बनाया था , उसे मौका देना बनता था । गिल के लिये काफी समय है लेकिन दोहरा शतक जमाने वाले को कैसे बाहर कर सकते हैं ।' ईशान ने पिछले महीने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में दोहरा शतक बनाया था ।
भारत के लिये 33 टेस्ट और 161 वनडे खेल चुके प्रसाद ने कहा कि मौजूदा भारतीय ढांचे में एक्स फैक्टर पर औसत प्रदर्शन को तरजीह दी गई है । उन्होंने कहा ,‘‘ यही कारण है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे । बार बार बदलाव और शानदार प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी बाहर । एक्स फैक्टर पर औसत प्रदर्शन को तरजीह ।''
प्रसाद ने कहा ,‘‘ इंग्लैंड में ऋषभ पंत ने आखिरी वनडे में शतक लगाया और भारत श्रृंखला जीता । लेकिन टी20 फॉर्म के आधार पर वह वनडे टीम से बाहर हो गया । दूसरी ओर एक दो पारियों को छोड़कर केएल राहुल लगातार नाकाम रहे लेकिन टीम में जगह बरकरार रखी । प्रदर्शन की मानदंड नहीं रह गया है जो दुखद है ।'' भारत के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने कहा ,‘‘ आज भारतीय टीम को देखकर सहज नहीं हूं ।
पिछली वनडे पारी में दोहरा शतक लगाने वाला ईशान किशन और पिछली टी20 पारी में शतक जड़ने वाला सूर्यकुमार यादव बाहर है ।उम्मीद है कि उनका मनोबल बना रहेगा ।'' राहुल टीम के विकेटकीपर होंगे । पहले वनडे में दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज सूर्यकुमार पर श्रेयस अय्यर का तरजीह दी गई है । भारत ने आखिरी बार कोई बड़ा टूर्नामेंट 2013 में जीता था । -
दुबई। इंग्लैंड को पाकिस्तान में टेस्ट श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैरी ब्रुक मंगलवार को पहली बार आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) के महीने के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी चुने गये। महिलाओं में यह खिताब ऑस्ट्रेलिया की एशलेग गार्डनर ने जीता।
उन्होंने भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में गेंद और बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया था। वह इस दमदार प्रदर्शन के बूते हरफनमौला खिलाड़ियों की रैंकिंग में शीर्ष पर भी पहुंची। ऑस्ट्रेलिया ने इस श्रृंखला को 4-1 से जीता था। दोनों खिलाड़ियों को मीडिया प्रतिनिधियों, आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल खिलाड़ियों, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और आईसीसी की वेबसाइट पर पंजीकृत प्रशंसकों के द्वारा किये गये वैश्विक मतदान के आधार पर चुना गया।
पाकिस्तान में इंग्लैंड ने तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 3-0 की शानदार जीत दर्ज की और ब्रुक ने हर मैच में शतकीय पारी खेली। रावलपिंडी में उन्होंने 153 और 87 रन बनाने के बाद मुल्तान में 108 और कराची में 111 रन की यादगार पारी खेली। ब्रुक की तरह गार्डनर ने भी पहली बार इस खिताब को अपने नाम किया है। उन्होंने भारत के खिलाफ 166.66 की स्ट्राइक रेट से 115 रन बनाये और 18.28 की औसत से सात विकेट चटकाये। -
गुवाहाटी. जसप्रीत बुमराह की भारतीय टीम में वापसी फिर टल गई है क्योंकि यह तेज गेंदबाज कमर के ‘स्ट्रेस फ्रेक्चर' से पूरी तरह से उबरने में नाकाम रहा है और श्रीलंका के खिलाफ आगामी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से सोमवार को बाहर हो गया। बुमराह को मंगलवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैच की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सहयोगी स्टाफ और मेडिकल टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महत्वपूर्ण बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को देखते हुए सामूहिक रूप से फैसला किया कि इस तेज गेंदबाज की वापसी को टाला जाए। बीसीसीआई ने बयान में कहा, ‘‘टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ तीन मैच की आगामी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। एकदिवसीय श्रृंखला से पहले गुवाहाटी में टीम से जुड़ने की तैयारी कर रहे बुमराह को शीर्ष स्थिति में होने के लिए कुछ और समय चाहिए। यह फैसला एहतियाती कदम के तौर पर किया गया है।'' बोर्ड ने कहा, ‘‘अखिल भारतीय सीनियर चयन समिति ने जसप्रीत बुमराह के विकल्प के रूप में किसी खिलाड़ी के नाम की घोषणा नहीं की है।'' बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर एक न्यूज़ एजेंसी को बताया, ‘‘बुमराह टीम के साथ गुवाहाटी नहीं गए हैं। पूर्ण फिटनेस हासिल करने के लिए उसे अब भी कुछ समय चाहिए क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के दौरान उसकी जरूरत पड़ेगी।'' अब यह देखना होगा कि बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 जनवरी से शुरू हो रही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए उबर पाते हैं या नहीं और क्या उन्हें एक भी घरेलू मैच खेले बिना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। एक पूर्व पदाधिकारी ने कहा, ‘‘एमएसके प्रसाद की अगुआई वाली चयन समिति और पूर्व टीम प्रबंधन ने नियम बनाया था कि चोट के बाद वापसी करने के लिए खिलाड़ी को कम से कम एक या अगर संभव हो तो दो घरेलू मैच खेलने होंगे जिसके बाद ही उसे अंतरराष्ट्रीय वापसी के लिए तैयार माना जाएगा।'' बुमराह को इंग्लैंड दौरे के बाद कमर के ‘स्ट्रेस फ्रेक्चर' का सामना करना पड़ा था और वह पिछले साल एशिया कप में भी नहीं खेले थे। टी20 विश्व कप को देखते हुए भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने के लिए बुमराह को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी20 श्रृंखला के लिए टीम में वापसी कराई गई थी जहां एक बार फिर वह चोटिल हो गए और अनिश्चितकाल के लिए टीम से बाहर हो गए। बुमराह अगर नौ फरवरी से शुरू हो रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के सभी चार मैच खेलते हैं तो यह हैरानी भरा नहीं होगा। इस साल स्वदेश में होने वाले प्रतिष्ठित एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप को देखते हुए बुमराह को समय-समय पर ब्रेक दिए जाने की संभावना है।
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नयी दिल्ली। खाली पड़ी कुर्सियां, चारों तरफ पसरा सन्नाटा और बरसों से चला आ रहा इंतजार । दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमों के हुनर से जहां अगले कुछ दिन में ओडिशा गुलजार होगा, वहीं भारत ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर बना नेशनल स्टेडियम यूं ही बेनूर पड़ा अंतरराष्ट्रीय हॉकी के लिये इंतजार करता रहेगा। दिल्ली के दिल में बने इस ऐतिहासिक स्टेडियम को कभी ‘भारतीय हॉकी का मंदिर' कहा जाता था लेकिन पिछले करीब एक दशक से यहां अंतरराष्ट्रीय हॉकी नहीं हुई है।
यह यकीन करना मुश्किल है कि कभी करीब 20000 दर्शकों के शोर से इसका जर्रा जर्रा गूंजता था । जब भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को विश्व कप 2010 और उसी साल राष्ट्रमंडल खेलों में हराया था तो खचाखच भरे स्टेडियम में जज्बात का सैलाब उमड़ पड़ा था। भावनगर के महाराजा की ओर से दिल्ली को तोहफे में मिले नेशनल स्टेडियम (पूर्व नाम इरविन एम्पीथिएटर) ने 1951 में पहले एशियाई खेल देखे और 1982 एशियाई खेलों के हॉकी फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार के बाद खिलाड़ियों के आंसू भी ।
इसी मैदान पर आस्ट्रेलिया ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में भारतीय हॉकी के सीने पर आठ गोल दागे थे । यहां आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2014 हीरो विश्व लीग फाइनल हुआ था। संस्थानों की अंतर विभागीय हॉकी यदा कदा यहां होती है । तत्कालीन भारतीय हॉकी प्रशासन के दिल्ली को लेकर उदासीन रवैये और उस समय भारतीय हॉकी की संकटमोचक बनकर उभरी ओडिशा सरकार के खेलप्रेम के चलते अंतरराष्ट्रीय हॉकी का केंद्र भुवनेश्वर बन गया ।
विश्व कप हो या प्रो लीग या चैम्पियंस ट्रॉफी सभी की मेजबानी ओडिशा ने की जिससे दिल्ली के दरवाजे बंद होते चले गए । भारतीय जूनियर और महिला हॉकी टीम के पूर्व कोच और नेशनल स्टेडियम के पूर्व प्रशासक रहे अजय कुमार बंसल का मानना है कि हॉकी के लिये ओडिशा का योगदान सराहनीय है लेकिन दूसरे केंद्रों पर भी अंतरराष्ट्रीय मैच होने चाहिये । उन्होंने ‘कहा ,‘‘ नेशनल स्टेडियम का आकर्षण अलग ही है ।
मुझे याद है कि 1982 एशियाड फाइनल देखने हम पटियाला से यहां आये थे जहां उस समय कोचिंग डिप्लोमा कोर्स कर रहे थे । वह माहौल आज भी याद है ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ उसके बाद 2010 विश्व कप के दौरान मैं यहां अधिकारी था और देश भर से लोग यहां मैच देखने आये थे । लेकिन पिछले दस साल में तो पूरी तरह से इसकी उपेक्षा हुई है जिसका खिलाड़ियों और कोचों को भी दुख होता है ।'' बंसल ने कहा ,‘‘ ओडिशा ने भारतीय हॉकी के लिये जो कुछ किया है, वह सराहनीय है और विश्व कप जैसे आयोजन वहां कराने में कोई हर्ज नहीं ।लेकिन इस स्टेडियम में हॉकी को जिंदा रखने के लिये यहां टेस्ट मैच, द्विपक्षीय श्रृंखलायें या एशिया स्तर के टूर्नामेंट कराये जा सकते हैं ।''
यहां भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की हॉकी अकादमी स्थित है जिसमें नियमित अभ्यास होता है । इसके अलावा साइ की ‘कम एंड प्ले' योजना के तहत कुछ बच्चे आकर हॉकी खेलते हैं हालांकि अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं देख पाने की कमी उन्हें खलती है । पिछले आठ साल से यहां अभ्यास कर रहे रितेश ने कहा ,‘ मैं आठ साल से यहां खेल रहा हूं और मैंने सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय मैच देखा है ।
अगर यहां मैच होते रहेंगे तो और भी बच्चे हॉकी खेलने के लिये प्रेरित होंगे ।'' तमाम सुविधायें, एक मुख्य पिच और दो अभ्यास पिच, नीली एस्ट्रो टर्फ , 16200 दर्शक क्षमता और लुटियंस दिल्ली इलाका । इसके बावजूद दिल्ली के हॉकीप्रेमियों के साथ स्टेडियम के मुख्य द्वार पर हाथ में स्टिक लेकर खड़े मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा को भी यहां अंतरराष्ट्रीय हॉकी होने का इंतजार है। -
कोलकाता. मां बनने के बीस दिन बाद ही भारत की मशहूर तीरंदाज दीपिका कुमारी अपनी नवजात बेटी को सास ससुर के पास छोड़कर 44 पाउंड का धनुष और तीर लेकर भारतीय खेल प्राधिकरण के अभ्यास केंद्र पर लौट आई है । दीपिका की नजरें यहां दस से 17 जनवरी तक होने वाले ओपन सीनियर राष्ट्रीय ट्रायल के जरिये भारतीय टीम में वापसी पर टिकी हैं । एक दशक से अधिक के कैरियर में दो बार दुनिया की नंबर एक तीरंदाज रह चुकी दीपिका ओलंपिक पदक को छोड़कर सब कुछ जीत चुकी हैं । अगले साल पेरिस में ओलंपिक होने हैं और दीपिका को पता है कि यह उसके लिये आखिरी मौका है । तीन बार की ओलंपियन ने कहा ,‘‘ क्या करें कोई और विकल्प भी नहीं है । अगर मैं ट्रायल में नहीं आई तो पूरे साल टीम से बाहर रहूंगी ।'' वह अपने पति और भारत के नंबर एक तीरंदाज अतनु दास के साथ अभ्यास के लिये आती हैं । अतनु को भी तोक्यो ओलंपिक 2021 के बाद भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था । दोनों विश्व कप और एशियाई खेलों के लिये हुए ट्रायल में भी कट में जगह नहीं बना सके थे । हांगझोउ एशियाई खेल 2023 तक स्थगित होने के बाद दीपिका ने पिछले साल जून में पेरिस में विश्व कप के तीसरे चरण में टीम वर्ग में रजत पदक जीतकर वापसी की । उसके बाद वह मातृत्व अवकाश पर चली गई । उसने कहा ,‘‘ गर्भावस्था के सातवें महीने तक मैने अभ्यास किया । उसके बाद कुछ समस्या आ गई तो मुझे अभ्यास बंद करना पड़ा । शुक्र है कि नॉर्मल डिलिवरी हुई जिससे मैं 20 दिन में वापसी कर सकी ।'' यह उतना आसान नहीं था और पहली बार बच्ची को छोड़कर आने पर वह घंटो रोती रही ।
उसने कहा , वह मेरा ही दूध पीती थी और नहीं मिलने पर रोने लगती । हम सुबह साढे सात बजे घर से निकलते और शाम को ही पहुंचते हैं । अब धीरे धीरे उसे आदत पड़ रही है । मुझे टूर्नामेंट खेलने के लिये उसे अकेले छोड़ना ही होगा ।'' उसने कहा , शुक्र है कि अतनु के घर के लोग काफी सहयोग करते हैं । -
राजकोट। युवा टीम की कप्तानी करना आसान नहीं होता लेकिन एशियाई चैम्पियन श्रीलंका पर टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में 2-1 की जीत के दौरान भारत की कप्तानी करने वाले हार्दिक पंड्या का मानना है कि यह इतना मुश्किल नहीं था क्योंकि उन्हें सिर्फ यह सुनिश्चित करना था कि वे इस स्तर पर खेलने के हकदार हैं। श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के साथ पंड्या के नेतृत्व में भारतीय टीम ने एक नए युग की शुरुआत की है।
पंड्या ने यहां श्रृंखला जीतने के बाद कहा, ‘‘यह वास्तव में उतना मुश्किल नहीं है। मेरे लिए चीजें काफी आसान हो जाती हैं जब अनुभवी खिलाड़ी होते हैं, मैं उनसे ज्यादा कुछ नहीं कहता। वे इस स्तर पर खेल रहे हैं क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में बहुत अच्छी चीजें की हैं।'' भारतीय टीम में रोहित शर्मा, लोकेश राहुल और विराट कोहली के रूप में तीन सीनियर बल्लेबाज शामिल नहीं थे जबकि श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी भी विभिन्न कारणों से श्रृंखला का हिस्सा नहीं थे।
भारत ने मुंबई में पहले मैच में दासुन शनाका की अगुआई वाली श्रीलंका की टीम को दो रन से हराकर शुरुआत की। पुणे में दूसरे मैच में भारत 207 रन के कड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए हार गया जबकि निर्णायक मैच में सूर्यकुमार यादव की 51 गेंद में नाबाद 112 रन की पारी से मेजबान ने पांच विकेट पर 228 रन बनाए। इसके जवाब में श्रीलंका की टीम 16.4 ओवर में 137 रन पर ढेर हो गई। युवा टीम का समर्थन करते हुए भारत के नए कप्तान ने कहा कि वे गलतियां करेंगे लेकिन यह उन्हें स्वीकार करने और सीखने के बारे में है।
पंड्या ने कहा, ‘‘प्रबंधन मुश्किल नहीं है लेकिन हां, यह एक युवा टीम है। वे गलतियां करेंगे, वे इससे सीखेंगे। हमने इस पर जोर दिया है कि एक बार जब आप गलती करते हैं तो आप सुनिश्चित करें कि आप इससे सीखें। इसमें चीजों को स्वीकार करना बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आप इसे स्वीकार नहीं करते तो फिर चीजें काफी मुश्किल हो जाती हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब एक युवा टीम होती है तो मैं सिर्फ उन्हें आत्मविश्वास देकर मदद कर सकता हूं। कैसे सुनिश्चित करें कि वे एक स्तर पर हैं, जब वे यहां खेल रहे हैं, तो उन्हें लगना चाहिए कि वे यहां खेलने के हकदार हैं।''
आतिशी शतक जड़ने वाले सूर्यकुमार की प्रशंसा करते हुए पंड्या ने कहा, ‘‘आज मैंने महसूस किया कि यह सूर्यकुमार बनाम श्रीलंका मुकाबला था। इससे मेरे लिए चीजें आसान हो जाती हैं। मैं हमेशा कहता हूं कि सफेद गेंद के क्रिकेट में सूर्यकुमार जैसा कोई खिलाड़ी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से वह कुछ शॉट खेलता है, जिस तरह से वह मैच को बदलता है, यह वास्तव में गेंदबाज का मनोबल तोड़ता है और इससे दूसरे बल्लेबाज को भी मदद मिलती है।''
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहले ही ओवर में इशान किशन का विकेट गंवा दिया लेकिन उसके बाद राहुल त्रिपाठी ने 16 गेंद में 35 रन बनाकर मेजबान टीम को लय दी और पंड्या ने महाराष्ट्र के बल्लेबाज सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल त्रिपाठी का भी विशेष उल्लेख, उन्होंने जिस तरह का इरादा दिखाया वह कुछ ऐसा है जो उनके लिए बहुत स्वाभाविक है। यह मैच की लय को बदल सकता है। अगर आप शुरुआती कुछ ओवरों में भांप लें कि गेंद मूव कर रही है और बाहर बैठे लोगों को भी लगे कि विकेट में कुछ मदद है। लेकिन इसके बावजूद उसके इरादे के कारण गेंद मूव होना बंद हो गई।
उन्होंने अपनी लेंथ बदल दी और फिर यह सब ऐसा था जैसे वे मैच में पीछा ही कर रहे हैं। कुल मिलाकर सूर्यकुमार और त्रिपाठी ने शानदार बल्लेबाजी की।'' टीम इंडिया के आक्रामक रुख के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि हम हिटिंग के मामले में हमेशा आक्रामक खेलते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि हम ऐसे ही खेलें लेकिन अंत में 150 रन ही बना पाएं।'' पंड्या ने कहा, ‘‘लेकिन जो महत्वपूर्ण है वह इरादा है, आप बाउंड्री की तलाश करते हैं लेकिन जब एक अच्छी गेंद होती है तो आप उस गेंद का सम्मान करते हैं। लेकिन अगर आपकी रक्षात्मक मानसिकता है तो भले ही एक खराब गेंद हो आप उस पर बाउंड्री नहीं लगा सकते।'' -
चेन्नई। भारत के विनोद कुमार श्रीनिवासन और कीनिया की ब्रिगिड जेरेंड किमितवाई ने रविवार को यहां 11वीं चेन्नई मैराथन 2023 में क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग में पूर्ण मैराथन खिताब जीते। श्रीनिवासन ने दो घंटे 37 मिनट और 28 सेकेंड के समय के साथ खिताब जीता।
ज्ञान बाबू दो घंटे 48 मिनट और 46 सेकेंड के साथ दूसरे जबकि जगदीशन मुनासामी दो घंटे 57 मिनट और 39 सेकेंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में किमितवाई तीन घंटे 31 मिनट और 36 सेकेंड के समय के साथ शीर्ष पर रहीं। भारत की संध्या शंकर (तीन घंटे 33 मिनट 57 सेकेंड) ने दूसरा जबकि ममता रावत (तीन घंटे 53 मिनट 41 सेकेंड) ने तीसरा स्थान हासिल किया।
इस मैराथन में विभिन्न वर्गों में 20 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। इसमें पहली बार 30 दृष्टिबाधित धावकों ने भी पदार्पण किया जबकि 50 ब्लेड रनर और 50 व्हीलचेयर रनर ने भी हिस्सा लिया। मैराथन के दौरान पुरुष और महिला वर्ग में पूर्ण मैराथन (42.195 किमी), परफेक्ट 20 माइलर (32.186 किमी), हाफ मैराथन (21.097 किमी) और 10 किमी दौड़ का आयोजन किया गया।फाइल फोटो
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भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रामाणिक ने 30 जनवरी से होने वाले खेलो इंडिया युवा खेल 2022 की मशाल, शुभंकर एवं थीम सॉग शनिवार को यहां लांच किया। खेलों के इस पांचवें संस्करण की मेजबानी मध्यप्रदेश कर रहा है। इन खेलों का थीम गीत है - ‘हिन्दुस्तान का दिल धड़का दो'। इस अवसर पर मुख्यमंत्री दोहराया कि ओलंपिक, राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को सीधे पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया युवा खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए पांच लाख रूपये सालाना भी दिया जाएगा। वहीं प्रामाणिक ने कहा कि मध्यप्रदेश में बहुत ही कम समय में खेल क्षेत्र का विकास हुआ है। दूसरे राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। आगामी 30 जनवरी से 11 फ़रवरी 2023 तक होने वाले खेलो इंडिया युवा खेलों का आयोजन मध्यप्रदेश के आठ शहरों भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मण्डला, बालाघाट और खरगोन (महेश्वर) में होगा। इसमें देश भर से आये 6,000 से भी ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और कुल 27 खेल के मुकाबले होंगे। खेलो इंडिया के इतिहास में पहली बार वॉटर स्पोर्ट्स को भी शामिल किया जा रहा है।
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नयी दिल्ली. पिछले सप्ताह एक भयावह कार दुर्घटना में बाल बाल बचे भारत के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत के घुटने का मुंबई के एक अस्पताल में सफल आपरेशन हो गया है । बीसीसीआई के सूत्र ने बताया ,‘‘ ऋषभ के घुटने के लिगामेंट का सफल आपरेशन शुक्रवार को हो गया । उन्हें निगरानी में रखा जायेगा । आगे के उपचार और रिहैबिलिटेशन के बारे में डॉक्टर दिनशॉ पर्डीवाला सलाह देंगे जिस पर बीसीसीआई खेल विज्ञान और मेडिसिन टीम अमल करेगी ।'' समझा जाता है कि पंत का ‘एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) रिकंस्ट्रक्शन' आपरेशन हुआ है और वह एक सप्ताह तक क्रिकेट से दूर रहेंगे । सर्जरी कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में डॉक्टर पर्डीवाला की निगरानी में हुई । पंत को देहरादून से एयर एंबुलैंस से मुंबई लाया गया था । वह 30 दिसंबर को दिल्ली से रूड़की जाते समय सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे । - नयी दिल्ली। अनुभवी भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने अगले महीने दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप में अपने शानदार करियर को अलविदा कहने का फैसला किया है। युगल रैंकिंग में शीर्ष पर रही सानिया ने डब्ल्यूटीए (महिला टेनिस संघ) से इसकी घोषणा की।सानिया ने पिछले सत्र के आखिर में अपने खेल को अलविदा कहने का मन बनाया था लेकिन कोहनी की चोट के कारण वह अगस्त 2022 में अमेरिकी ओपन से बाहर हो गयी और पूरे सत्र खेल से दूर रही। पाकिस्तान के क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी करने वाली 36 वर्षीय सानिया एक दशक से अधिक समय से दुबई में रह रही हैं और वह अपने ‘घरेलू मैदान' पर खेल को अलविदा कहना चाहेंगी। सानिया ने ‘डब्ल्यूटीएटेनिस डॉट कॉम' से कहा, ‘‘ मैं डब्ल्यूटीए फाइनल्स (बीते सत्र में) के बाद खेल को अलविदा कहने वाली थी, क्योंकि डब्ल्यूटीए फाइनल्स के युगल वर्ग में हमारी जगह पक्की थी। अमेरिकी ओपन से ठीक पहले मेरी कोहनी में चोट लग गई थी, इसलिए मुझे इसके बाद के हर टूर्नामेंट से हटना पड़ा।'' उन्होंने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मैं अपनी शर्तों पर जीना पसंद करती हूं। इसलिए मैं चोट के कारण बाहर नहीं होना चाहती थी। मैंने वापसी के लिए अभ्यास जारी रखा था।'' सानिया ने महिला युगल और मिश्रित युगल में तीन-तीन ग्रैंड स्लैम जीता है।उन्होंने कजाकिस्तान की अन्ना डेनिलिना के साथ इस महीने के ऑस्ट्रेलियन ओपन में प्रतिस्पर्धा करने के लिए हामी भरी है। वह पिंडली में चोट की समस्या से जूझ रही है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि चोट उसकी विदाई की योजनाओं में बाधा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ उनकी कोशिश दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप के दौरान दुबई में खेल को अलविदा कहने की है।'' दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप, एक डब्ल्यूटीए 1000 स्तर का टूर्नामेंट है। यह 19 फरवरी से शुरू होगा।
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नयी दिल्ली. टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के सेमीफाइनल से बाहर होने के कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पूरी चयन समिति को भंग करने के दो महीने बाद चेतन शर्मा को शनिवार को वरिष्ठ चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में फिर से नियुक्त किया गया। चेतन की नयी टीम में हालांकि पूरी तरह से नये चेहरे होंगे। दक्षिण क्षेत्र के चयनकर्ताओं के जूनियर अध्यक्ष एस शरत को पदोन्नत किया जाएगा। समिति में शामिल अन्य लोगों में पूर्वी क्षेत्र के पूर्व तेज गेंदबाज सुब्रतो बनर्जी, पश्चिम क्षेत्र के सलिल अंकोला और मध्य क्षेत्र के टेस्ट सलामी बल्लेबाज शिव सुंदर दास शामिल हैं। दास ने ओडिशा के लिए खेलने के बाद विदर्भ का प्रतिनिधित्व किया था इसलिए वह पूर्व खिलाड़ी होने के बाद भी मध्य क्षेत्र के प्रतिनिधित्व के लिए योग्य थे। बीसीसीआई के एक सूत्र ने दास के मध्य क्षेत्र से चुने जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा, ‘‘ मध्य और पूर्व दो ऐसे क्षेत्र हैं जहां से ज्यादा योग्य नाम नहीं आये। इसलिए बीसीसीआई को सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध विकल्प का उपयोग करना पड़ा। दास के विदर्भ प्रतिनिधित्व ने उन्हें मध्य क्षेत्र से पात्र बना दिया।'' इसके अलावा बंगाल के राणादेव बोस जूनियर समिति में है। उन्होंने कहा, ‘‘ सुब्रतो बंगाल के लिए खेले थे, लेकिन उन्होंने बंगाल से ज्यादा क्रिकेट तत्कालीन बिहार के लिए खेला था।'' चेतन के सहयोगी हरविंदर सिंह ने भी फिर से आवेदन किया, लेकिन साक्षात्कार के बाद उन पर विचार नहीं किया गया बीसीसीआई सचिव जय शाह ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ बोर्ड ने चयनसमिति के पांच पदों के लिए 18 नवंबर 2022 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विज्ञापन जारी किया था जिसके जवाब में लगभग 600 आवेदन प्राप्त हुए थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘ उचित विचार-विमर्श और आवेदनों को सावधानीपूर्वक परखने के बाद क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए 11 व्यक्तियों को शॉर्टलिस्ट किया। साक्षात्कार के आधार पर सीएससी ने पुरुषों की राष्ट्रीय चयन समिति के लिए निम्नलिखित उम्मीदवारों की सिफारिश की है।'' यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि दास और चेतन दोनों ने समान संख्या में 23-23 टेस्ट खेले है लेकिन चेतन के 65 एकदिवसीय मैच के मुकाबले दास ने सिर्फ चार एकदिवसीय मैच खेले है। चेतन का टेस्ट करियर 1984 में शुरू हुआ था जबकि दास ने 2000 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। तमिलनाडु के पूर्व कप्तान शरत की बात करें उन्हें जूनियर क्रिकेट के खिलाड़ियों को परखने का अच्छा अनुभव है। वह इस पैनल में में इकलौते ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने भारत के लिए नहीं खेला है। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, ‘‘ शरत प्रतिभा परखने के मामले में शानदार है। उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट को करीब से देखा है। जूनियर खिलाड़ियों के कौशल के बारे में उनकी समझ अच्छी है। बनर्जी ने पिछली बार भी आवेदन किया था लेकिन देबाशीष मोहंती से हार गए थे। बनर्जी एक प्रतिष्ठित गेंदबाजी कोच रह चुके हैं और वर्तमान भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव के निजी कोच भी हैं। वह विदर्भ की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के गेंदबाजी कोच थे।
जहां तक अंकोला का सवाल है तो मुंबई जैसी प्रथम श्रेणी कर बड़ी टीम के चयनकर्ताओं के अध्यक्ष होने के उनके अनुभव ने उनके पक्ष में काम किया। -
भुनेश्वर। तीन बार के चैंपियन और विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज ऑस्ट्रेलिया को भरोसा है कि टीम 13 से 29 जनवरी तक भुवनेश्वर और राउरकेला में खेले जाने वाले एफआईएच (अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ) पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब फिर से जीतने में सफल होगी। ऑस्ट्रेलिया ने पिछली बार 2014 में नीदरलैंड के हेग में खिताब जीता था। टीम ने यहां अपने खिताब का बचाव करने में सफल रही थी। उसने अपना पहला खिताब 1986 में मेजबान इंग्लैंड को हराकर जीता था। पिछले विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एडी ओकेनडेन ने यहां पहुंचने के बाद कहा, ‘‘हमारे खिलाड़ी यहां आकर वास्तव में उत्साहित हैं और टूर्नामेंट में से हमें बड़ी उम्मीद है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हम अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और विश्वास है कि हम खिताब जीतने में सक्षम होंगे। हमारी टीम के पास बहुत अनुभव है और यह वास्तव में हमारे लिए महत्वपूर्ण होगा।'' ऑस्ट्रेलिया की टीम यहां 13 जनवरी को फ्रांस के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
ऑस्ट्रेलिया के कोच कॉलिन बैच ने भी उम्मीद जताई कि इस बार खिताब जीतने के लिए उनके पास अच्छी टीम है और उनके इरादे मजबूत है। बैच ने कहा, ‘‘हमारे पास में एक अच्छी टीम है और हमारे खिलाड़ी शानदार गोल स्कोरर हैं जो वास्तव में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपको मैच जीतने में मदद करता है।'' कोच ने कहा, ‘‘ इसके साथ ही टीम की रक्षापंक्ति भी काफी मजबूत है।
हम अक्सर विपक्षी टीम को गोल करने से रोकते हैं। ऐसे में हमारी टीम काफी मजबूत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे खिलाड़ी भी भारत का सामना करने के लिए उत्साहित हैं क्योंकि वे घरेलू मैदान पर पूरी तरह से अलग टीम हैं। वे अपने घर में शानदार हॉकी खेलते हैं और दर्शकों से अतिरिक्त प्रेरणा प्राप्त करते हैं। अगर हम भारत के खिलाफ खेलते हैं तो उन्हें हराना मुश्किल होगा।'' इंग्लैंड की टीम भी शुक्रवार को यहां पहुंच गयी। विश्व कप में इंग्लैंड पूल डी में भारत, स्पेन और वेल्स के साथ है।
विश्व कप में इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1986 के सत्र में रजत पदक जीतना रहा है। टीम राउरकेला में 13 जनवरी को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद 15 जनवरी को उसे भारत के खिलाफ खेलना है। इंग्लैंड के कप्तान डेविस अमेस ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम खिताब के दावेदार हैं। हमारे खेमे में बहुत विश्वास है क्योंकि सभी को अपनी क्षमता पर भरोसा है और हमने पिछले कुछ महीनों में अच्छी ट्रेनिंग भी की है।'' -
नयी दिल्ली। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने शनिवार को कजाकिस्तान के अस्ताना में 10 से 12 फरवरी तक होने वाली 10वीं एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए 26 सदस्यीय भारतीय दल की घोषणा की। टीम में 13 पुरुष और इतनी ही महिला एथलीट शामिल होंगी, जिनमें तोक्यो 2020 ओलंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर और 100 मीटर बाधा दौड़ में महिला राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक ज्योति याराजी शामिल हैं।
एएफआई के अध्यक्ष आदिले सुमरिवाला ने कहा, ‘‘इन एथलीटों का चयन 36वें राष्ट्रीय खेलों और राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2022 में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया गया था और हमें इस आयोजन में उनकी सफलता की बहुत उम्मीद है।'' आयोजन के पिछले सत्र में भारत ने छह पदक जीते, जिसमें चार रजत और दो कांस्य शामिल थे।
भारतीय टीम:
पुरुष: एलाकिया दासन (60 मीटर), अमलान बोरगोहेन (60 मीटर), तेजस शिरसे (60 मीटर बाधा दौड़), सर्वेश अनिल कुशारे (ऊंची कूद), अरोमल टी (हाई जंप), शिव सुब्रमण्यम (पोल वॉल्ट), प्रशांत सिंह कनहिया (पोल वॉल्ट), जेसविन एल्ड्रिन (लंबी कूद), मोहम्मद अनीस याहिया (लंबू कूद), प्रवीण चित्रवेल (त्रिकूद), अरुण एबी (त्रिकूद), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), करणवीर सिंह (गोला फेंक)महिला: ज्योति याराजी (60 मीटर और 60 मीटर बाधा दौड़), अर्चना सुसेंद्रन (60 मीटर), सपना कुमारी (60 मीटर बाधा दौड़), अभिनय शेट्टी (ऊंची कूद), रोजी मीना पॉलराज (पोल वॉल्ट), पवित्रा वेंकटेश (पोल वॉल्ट), शैली सिंह (लंबी कूद) , नयना जेम्स (लंबी कूद), शीना एनवी (त्रिकूद), पूर्वा हितेश सावंत (त्रिकूद), आभा खटुआ (गोलाफेंक), स्वप्ना बर्मन (पेंटाथलॉन), सौम्या मुरुगन (पेंटाथलॉन)।
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हिसार। छह बार के एशियाई पदक विजेता शिव थापा (63.5 किग्रा) ने गुरुवार को यहां 2019 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता मनीष कौशिक को 5-0 से हराकर राष्ट्रीय पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। थापा का फाइनल में उनका सामना 2019 विश्व युवा चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अंकित नरवाल से होगा।
एसएससीबी का प्रतिनिधित्व कर रहे 2021 एशियाई चैंपियन संजीत (92 किग्रा) ने हिमाचल प्रदेश के आशीष भांडोर के खिलाफ आसान जीत दर्ज की जब दूसरे दौर में रेफरी के मुकाबला रोकने पर उन्होंने फाइनल में अपनी जगह पक्की की। संजीत के एसएससीबी टीम के साथी एशियाई चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता सुमित (75 किग्रा) और नरेंद्र (+92 किग्रा) ने अपने सेमीफाइनल मुकाबलों में 5-0 से जीत दर्ज की।
सुमित ने पंजाब के टिंडरपाल सिंह को जबकि नरेंद्र ने पंजाब के जयपाल सिंह को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। माचल प्रदेश के अभिनाश जामवाल ने 67 किग्रा के सेमीफाइनल में राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता आरएसपीबी के रोहित टोकस को हराया। फाइनल में उनका सामना एसएससीबी के आकाश से होगा। दो बार के राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता एसएससीबी के मोहम्मद हुसामुद्दीन ने हिमाचल प्रदेश के आशीष कुमार के खिलाफ सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की।
वह 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में आरएसपीबी के सचिन से भिड़ेंगे। गोविंद साहनी (48 किग्रा) और वरिंदर सिंह (60 किग्रा) की आरएसपीबी की जोड़ी ने क्रमश: दिल्ली के नीरज स्वामी और उत्तर प्रदेश के सुनी चौहान को 5-0 के समान अंतर से हराकर फाइनल में जगह बनाई। -
भुवनेश्वर। हॉकी विश्व कप में पहली बार चुनौती पेश करने को तैयार चिली की टीम अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर 13 जनवरी से भुवनेश्वर और राउरकेला में शुरू हो रहे टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में नीदरलैंड, मलेशिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमों को टक्कर देने के लिए तैयार है। कप्तान फर्नांडो रेन्च की अगुवाई में टीम गुरुवार को यहां पहुंची।
विश्व कप में टीम ग्रुप सी में 14 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी। टीम के मुख्य कोच जॉर्ज डबंच टूर्नामेंट में मिलने वाली चुनौतियों से वाकिफ है। उन्हें हालांकि विश्वास है कि उनके खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ विश्व कप में कई शीर्ष टीमें हैं और निश्चित रूप से, मेजबान भारत भी उनमें से एक है।
ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और नीदरलैंड को मात देना आसान नहीं होगा लेकिन हम टूर्नामेंट में इन शीर्ष टीमों के खिलाफ जीत दर्ज करना चाहेंगे।'' डबंच ने कहा, ‘‘हम दिलेर है और हर मैच में पूरा जो लगायेंगे । मेरा मानना है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के मामले में हमारी टीम वास्तव में अच्छी है । हम टूर्नामेंट की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।'' टीम के कप्तान रेन्ज ने कहा कि खिलाड़ी पिछले चार साल से साथ हैं जिससे उन्हें मजबूत इकाई बनने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। हमारी टीम वास्तव में बेहतर है और हम चार साल से एक साथ खेल रहे हैं। हम एक ऐसी टीम है जिसे हराना वास्तव में कठिन होगा। हम यहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।'' अपने शुरुआती मुकाबले के बाद टीम 16 जनवरी को राउरकेला में मलेशिया से भिड़ेगी और 19 जनवरी को भुवनेश्वर में तीन बार के विश्व चैंपियन नीदरलैंड के खिलाफ मैच के साथ ग्रुप चरण का समापन करेगी। -
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा ट्वेन्टी-ट्वेन्टी क्रिकेट मैच आज शाम 7 बजे से पुणे में खेला जाएगा। संजू सैमसन पहले मैच में चोट के कारण श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह जितेश शर्मा को टीम में शामिल किया गया है। पहला मैच दो रन से जीतने के बाद टीम इंडिया उत्साह से भरी हुई है। तीसरा और अंतिम मैच शनिवार को राजकोट में खेला जाएगा।
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मुंबई। भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या ने कहा है कि अगर उनकी टीम कुछ मैच हार जाती है तो वह अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होंगे और सबसे महत्वपूर्ण चीज ‘कठिन परिस्थितियों' का सामना करना है जिससे टीम को बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। पंड्या ने अपनी फिटनेस को लेकर भी आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 में जकड़न के कारण उन्हें थोड़ी देर के लिए मैदान छोड़ना पड़ा क्योंकि पिछली रात उन्हें अच्छी तरह नींद नहीं आई और उन्होंने पर्याप्त पानी भी नहीं पिया।
दीपक हुड्डा (नाबाद 41) और अक्षर पटेल (नाबाद 31) ने छठे विकेट के लिए 68 रन की अटूट साझेदारी करके भारत को चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तक पहुंचाया। ये दोनों उस समय क्रीज पर उतरे जब भारत 94 रन पर पांच विकेट गंवाकर संकट में था। भारत ने श्रीलंका को दो रन से हराया। पंड्या ने मैच के बाद कहा, ‘‘हम कुछ मैच हार जाते हैं तो इसमें कोई समस्या नहीं है। मैं इस टीम को कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना चाहता हूं क्योंकि इससे हमें बड़े मुकाबलों में मदद मिलेगी।
द्विपक्षीय मुकाबलों में हम बहुत अच्छे हैं और इस तरह हम खुद को चुनौती देने जा रहे हैं। ईमानदारी से कहूं तो आज सभी युवा खिलाड़ियों ने हमें मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।'' कैच लेने के बाद पंड्या को थोड़ी देर के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा और कप्तान ने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें लोगों को डराना अच्छा लगता है। पंड्या ने कहा, ‘‘यह सिर्फ ऐंठन है। अब मुझमें लोगों को डराने की प्रवृत्ति है। मैंने अच्छी नींद नहीं ली और पर्याप्त पानी भी नहीं पिया इसलिए ऐंठन हो गई। मैं अस्वस्थ था और शरीर में तरल पदार्थ कम थे।'' शिवम मावी ने पदार्पण करते हुए प्रभावित किया।
कप्तान ने इस तेज गेंदबाज की जमकर तारीफ की जिसने अपने पहले टी20 मैच में 22 रन देकर चार विकेट चटकाए। पंड्या ने कहा, ‘‘बातचीत बहुत सरल थी, मैंने उसे (मावी) आईपीएल में अच्छी गेंदबाजी करते देखा है और मुझे पता है कि उसकी ताकत क्या है, बस अपना समर्थन करो और अपने खिलाफ शॉट लगने की चिंता मत करो।''
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे बस गेंदबाजी करने के लिए कहा। मैंने उससे कहा, ‘मैं तुम्हारा समर्थन कर रहा हूं। यहां तक कि अगर तुम्हारे खिलाफ बड़े शॉट भी लगते हैं तो भी कोई दिक्कत नहीं।' अगर यही स्थिति रही तो मैं नई गेंद से गेंदबाजी करूंगा'' पंड्या ने कहा, ‘‘जब से मैं आईपीएल में लौटा हूं तब से नेट में नई गेंद से गेंदबाजी कर रहा हूं। मैंने गेंद को स्विंग कराना सीखा है।'' श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने कहा कि मेहमान टीम को मैच जीतना चाहिए था।
शनाका ने कहा, ‘‘यह हमारा मैच था। हमने जिस तरह मुकाबला समाप्त किया उससे बेहद निराश हैं। वानखेड़े में आपको जीत दर्ज करने के लिए बल्लेबाजों की आवश्यकता होती है।'' श्रीलंका के कप्तान ने कहा, ‘‘मैंने मैचअप (निश्चित गेंदबाज बनाम बल्लेबाज का मुकाबला) का अच्छी तरह से उपयोग किया और यही कारण है कि हमने भारत को 162 रन पर रोक दिया। यह अभी भी पहला मैच है और वे (बल्लेबाज) वास्तव में युवाओं का अच्छा समूह हैं, वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'' मावी ने कहा कि वह सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए पिछले छह साल से इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अंडर-19 वर्ग में खेलने के बाद छह साल से इंतजार कर रहा था। उन छह वर्षों में कड़ी मेहनत की- चोटिल भी हुआ। कुछ समय के लिए ऐसा लग रहा था कि मेरा सपना, सपना ही रहेगा। लेकिन मैं उस पर कायम रहा।'' मावी ने कहा, ‘‘आईपीएल खेलने के बाद उतना नर्वस नहीं हूं। पावरप्ले में मेरा विचार आक्रमण करना और बल्लेबाजों को आउट करना था। पहला विकेट पसंदीदा था, बल्लेबाज को बोल्ड करना।'' - मुंबई । क्रिकेटर ऋषभ पंत को देहरादून से मुंबई शिफ्ट किया गया है। वह बुधवार को कोकिलाबेन अस्पताल पहुंच गए। 30 दिसंबर को उत्तराखंड के रुड़की में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उसके बाद पहले उन्हें स्थानीय सक्षम अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसके बाद पंत को देहरादून के मैक्स अस्पताल में रखा गया। अब वह मुंबई एयरलिफ्ट किए गए हैं।बीसीसीआई ने पंत को लेकर मेडिकल रिलीज जारी किया है। उसने बताया कि पंत का इलाज अब मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में होगा। वह उनके घुटने के लिगामेंट की सर्जरी होगी। पंत के शरीर के कुछ हिस्सों में अभी भी दर्द और सूजन है। इसका इलाज भी वहीं किया जाएगा।बीसीसीआई ने अपने बयान में लिखा, ''भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भारत के विकेटकीपर ऋषभ पंत को मुंबई स्थानांतरित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। ऋषभ 30 दिसंबर को एक कार दुर्घटना के बाद देहरादून के मैक्स अस्पताल में अपनी चोटों का इलाज करवा रहे हैं। उन्हें एक एयर एंबुलेंस में मुंबई लाया जाएगा।''बोर्ड ने आगे लिखा, ''उन्हें कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में भर्ती कराया जाएगा। वह अस्पताल में सेंटर फॉर स्पोर्ट्स मेडिसिन के प्रमुख डॉ दिनशॉ पारदीवाला की निगरानी में रहेंगे। ऋषभ की लिगामेंट टियर की सर्जरी और बाद की प्रक्रियाएं होंगी। उनके ठीक होने और रिहैबिलिटेशन के दौरान बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी करती रहेगी।''बीसीसीआई ने लिखा, ''बोर्ड ऋषभ की रिकवरी प्रक्रिया में सहायता और तेजी लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा और इस अवधि के दौरान उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगा।''
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नई दिल्ली। भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़़ी मनिका बत्रा ने अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस संघ-आईटीटीएफ की नई विश्व रैंकिंग में तीन स्थान की छलांग लगाई है। अब वह महिला सिंग्लस रैंकिंग में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 35वें स्थान पर पहुंच गई हैं। उनकी रैंकिंग में यह सुधार नवंबर में एशिया कप में शानदार प्रदर्शन की वजह से आया है, जहां उन्होंने भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था।
- देहरादून । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत 48 घंटे बाद मैक्स अस्पताल के आईसीयू से बाहर आ गए हैं। उन्हें अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया है। पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पंत की हालत में तेजी से सुधार आ रहा है। बता दें कि शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर नारसन के पास ऋषभ पंत की कार डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में ऋषभ पंत बुरी तरह से घायल हो गए थे, जबकि उनकी कार आग लगने से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। हादसे के बाद पंत को नारसन स्थित सक्षम अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल में रेफर किया गया। शुक्रवार से अस्पताल के विशेषज्ञों की टीम पंत का इलाज कर रही है।डॉक्टरों का कहना है कि पंत को कई जगह गंभीर चोट लगने व लिगामेंट फटने की वजह से अब भी काफी दर्द महसूस हो रहा है। उन्हें इस दर्द से पूरी तरह निजात मिलने में थोड़ा समय लगेगा। उधर, रविवार को यह अफवाह भी चर्चाओं में रही कि पंत को लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइज के तहत छुट्टी दिए जाने की गुजारिश की गई है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इसे बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेटर पंत को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। वहीं, केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने रविवार को फोन पर ऋषभ पंत की माता सरोज पंत से बात की और हालचाल जाना।इसके बाद उन्होंने मैक्स अस्पताल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट व यूनिट हेड डॉ. संदीप तनवर से बात कर पंत के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऋषभ पंत अब आईसीयू से शिफ्ट होकर प्राइवेट वार्ड में आ गए हैं। उनके स्वास्थ्य में बेहतर सुधार है और जल्द ही वह बल्ले से अपना जलवा दिखाएंगे। file photo
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हिसार । गौरव सोलंकी, मोहम्मद हुसामुद्दीन और बिस्वामित्र चोंगथाम ने रविवार को यहां छठी एलीट पुरूष राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के दूसरे दिन शानदार जीत दर्ज की। राष्ट्रमंडल खेल 2018 के चैम्पियन हरियाणा के सोलंकी (60 किग्रा) हिमाचल प्रदेश के नवराज चौहान के खिलाफ रिंग में उतरे और उन्होंने मुकाबले की समीक्षा के बाद अपने प्रतिद्वंद्वी को 5-2 से शिकस्त दी। अब वह राउंड 16 में मंगलवार को मध्य प्रदेश के हरेंद्र सिंह के सामने होंगे। सेना खेल नियंत्रण बोर्ड (एसएसपीबी) का प्रतिनिधित्व कर रहे हुसामुद्दीन (57 किग्रा) ने असम के बुलेन बुरागोहेन को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से शिकस्त दी। राष्ट्रमंडल खेलों के दो बार के कांस्य पदक विजेता और 2022 एशियाई कांस्य पदक विजेता हुसामुद्दीन का सामना मंगलवार को राउंड 16 में मिजोरम के लालावमावमा से होगा। उनके ही टीम के साथी बिस्वामित्र (51 किग्रा) ने भी ओडिशा के एन मधाबा के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन किया जिससे पहले ही दौर में रैफरी को मुकाबला रोककर (आरएससी) उन्हें विजेता घोषित करना पड़ा। अब वह मंगलवार को प्री क्वार्टर मुकाबले में आंध्र प्रदेश के प्रभुदास यादला के सामने होंगे। रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (आएससीबी) की ओर से खेल रहे 2021 एशियाई चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरिंदर सिंह (60 किग्रा) ने चंडीगढ़ के राहुल को 5-0 से शिकस्त दी और अब वह इब्राहिम मोहम्मद के सामने होंगे। अंकित नरवाल (63.5 किग्रा) ने पुडुचेरी के अरूण कुमार को पहले दौर में आरएससी से पराजित किया और अब उनकी भिड़ंत करण बीके और रतनदीप शर्मा के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी। रिकॉर्ड छह बार के एशियाई पदक विजेता शिवा थापा राउंड 16 से अपने अभियान की शुरूआत करेंगे। असम का प्रतिनिधित्व कर रहे थापा को पहले दौर में बाय मिली और अब वह सोमवार को दिल्ली के जसविंदर सिंह के सामने होंगे। राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में कुल 386 मुक्केबाज 13 विभिन्न वर्गों में चुनौती पेश कर रहे हैं।
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नयी दिल्ली. कार दुर्घटना के बाद ऋषभ पंत के ‘लिगामेंट टीयर' के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है लेकिन अगर बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) के सूत्रों की मानें तो वह आस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की आगामी श्रृंखला में नहीं खेल पायेंगे। पंत प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से लंबे समय तक बाहर हो सकते हैं और इस समय कोई भी तारीख बताना जल्दबाजी होगी। नयी चयन समिति के लिये बॉर्डर गावस्कर ट्राफी के लिये दो विकेटकीपर बल्लेबाजों का चयन सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा। भारतीय टेस्ट विकेटकीपर के स्थान के लिये अचानक दौड़ शुरू हो जायेगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि नौ फरवरी से नागपुर में शुरू होने वाली टेस्ट श्रृंखला में खेलने के लिये तीन खिलाड़ियों कोना भरत, भारत के दूसरे विकेटकीपर उपेंद्र यादव और सफेद गेंद के विशेषज्ञ ईशान किशन में से किसे चुना जाता है। पंत शुक्रवार की सुबह दिल्ली से रूड़की जाते हुए अपनी मर्सीडिज कार पर नियंत्रण खो बैठे थे जिससे यह डिवाइडर से टकरा गयी। उनका मैक्स देहरादून में इलाज चल रहा है। हालांकि ‘एक्स-रे' और ‘सीटी स्कैन' की रिपोर्ट में कोई फ्रेक्चर, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में कोई चोट नहीं आयी है। लेकिन उनके घुटने और टखने में कई ‘लिगामेंट टीयर' (लिगामेंट फटना) के कारण वह निश्चित रूप से काफी समय तक बाहर रहेंगे ओर यह समय दो से छह महीने के बीच हो सकता है जो ‘लिगामेंट टीयर' के ग्रेड पर निर्भर करता है। बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर एक न्यूज़ एजेंसी से कहा, ‘‘अभी काफी सूजन है जिससे टखने और घुटने का एमआरआई अभी किया जाना है। एक बार वह यात्रा के लिये फिट हो जायेगा तो वह मुंबई आयेगा जहां वह बोर्ड के पैनल में शामिल डॉक्टर दिनशॉ पारदीवाला की निगरानी में होगा। '' नयी चयन समिति के पास तीन विकल्प होंगे। या तो भारत ए के दो विकेटकीपर भरत और उपेंद्र मुख्य टीम में शामिल होंगे या फिर बायें हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज किशन टीम में जगह बनायेंगे। -
कराची. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शनिवार को घोषणा की कि सोमवार से यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट में दर्शक फ्री (निशुल्क) में मैच देख सकेंगे। निशुल्क प्रवेश देने का फैसला श्रृंखला के पहले टेस्ट में दर्शकों की निराशाजनक संख्या को देखते हुए किया गया जो शुक्रवार को खराब रोशनी के कारण रोक दिया गया था। पीसीबी ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश के लिये केवल अपनी मूल ‘सीएनआईसी' (पहचान पत्र) लानी होगी और वे किसी भी स्टैंड प्रीमियम और प्रथम श्रेणी से मैच देख सकेंगे। '' बोर्ड ने साथ भी यह भी कहा कि स्टेडियम और पार्किंग क्षेत्र के बीच ‘शटल' भी मुहैया करायी जायेंगी। दो मैचों की श्रृंखला का पहला मैच शुक्रवार को ड्रा रहा था।
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