- Home
- बिजनेस
-
नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के संकेतों के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 250 रुपये के नुकसान के साथ 59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 60,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।चांदी की कीमत भी 300 रुपये लुढ़ककर 73,300 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,919 डॉलर प्रति औंस तथा चांदी नुकसान के साथ 22.80 डॉलर प्रति औंस रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि सोने की कीमतें अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले 250 रुपये की गिरावट के साथ 59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थीं, जो 13 जुलाई के बाद का सबसे निचला बंद स्तर है। जुलाई महीने के अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े सोने के लिए महत्वपूर्ण होगा। मुद्रास्फीति में नरमी से सोने को समर्थन मिल सकता है।
-
नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर रुझानों के बीच हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत दरों की घोषणा और साप्ताहिक F&O समाप्ति के बीच घरेलू इक्विटी बाजार उतार-चढ़ाव के कारण अस्थिर रहे। आज के कारोबर में BSE का सेंसेक्स (Sensex) 300 से अधिक अंक टूटा। NSE के निफ्टी (Nifty) में भी लगभग 90 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट RBI द्वारा सिस्टम से तरलता कम करने के लिए बैंकों को 12 अगस्त से इंक्रीमेंटल CRR को 10 प्रतिशत पर बनाए रखने के निर्देश के बाद आई है।
BSE का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 307.63 अंक यानी 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ 65,688.18 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 65,956.25 की ऊंचाई तक गया और नीचे में 65,509.14 तक आया। वहीं, दूसरी तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी (Nifty) में भी 89.45 अंक यानी 0.46 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी दिन के अंत में 19,543.10 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 19,623.60 की ऊंचाई तक गया और नीचे में 19,495.40 तक आया।आज के कारोबार में सेंसेक्स के शेयरों में 11 शेयर हरे निशान पर बंद हुए। इंडसइंड बैंक, JSW स्टील, टाइटन, बजाज फाइनैंस और टेक महिंद्रा सेंसेक्स के टॉप 5 गेनर्स रहे। सबसे ज्यादा मुनाफा इंडसइंड बैंक के शेयरों को हुआ। इसके शेयर करीब 1.59 फीसदी तक चढ़े। इसके अलावा पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, रिलायंस और विप्रो लाभ में रहे। वहीं, दूसरी तरफ सेंसेक्स के शेयरों में 19 शेयर लाल निशान पर बंद हुए। एशियन पेंट्स, कोटक बैंक, ITC, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक सेंसेक्स के टॉप 5 लूजर्स रहे। सबसे ज्यादा नुकसान एशियन पेंट्स के शेयरों को हुआ। इसके शेयर करीब 2.89 फीसदी तक गिर गए। -
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने यूपीआई पर संवाद के माध्यम से भुगतान शुरू करने का प्रस्ताव किया है। यह प्रणाली उपभोक्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित बातचीत के जरिए लेन-देन की सुविधा देगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह चैनल स्मार्ट फोन और फिचर फोन आधारित यूपीआई चैनलों पर उपलब्ध होगा। शुरुआत में यह सुविधा अंग्रेजी और हिंदी माध्यम में उपलब्ध होगी। बाद में अन्य भारतीय भाषाओं में भी यह सुविधा दी जाएगी। केन्द्रीय बैंक ने यूपीआई लेन-देन में निकट क्षेत्र संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग का भी प्रस्ताव किया है। आरबीआई ने यूपीआई लाईट लेन-देन की सीमा को 200 रूपये से बढाकर 500 रूपये कर दी है, लेकिन छोटी डिजिटल लेन-देन की सम्रग सीमा को दो हजार रूपये पर अपरिवर्तित रखा गया है।
- नयी दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कई गुना होकर 9,544 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी ने बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 683 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। एलआईसी ने शेयर बाजार को बताया कि कंपनी की कुल आय जून तिमाही में बढ़कर 1,88,749 करोड़ रुपये हो गई, जो बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,68,881 करोड़ रुपये थी।कंपनी ने कहा कि हालांकि जून तिमाही में पहले साल का प्रीमियम घटकर 6,811 करोड़ रुपये रह गया, जो जून, 2022 तिमाही में 7,429 करोड़ रुपये था। बीमा कंपनी ने जून तिमाही में 53,638 करोड़ रुपये कमाए, जबकि बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 50,258 करोड़ रुपये कमाए थे। जून तिमाही में निवेश से शुद्ध आय बढ़कर 90,309 करोड़ रुपये हो गई, जबकि जून, 2022 तिमाही में यह 69,571 करोड़ रुपये थी।संपत्ति गुणवत्ता के मामले में एनपीए (सकल गैर निष्पादित परिसंपत्ति) सुधार के साथ जून तिमाही में 2.48 प्रतिशत हो गया, जो बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5.84 प्रतिशत था।
-
नयी दिल्ली. सरकारी ऑनलाइन खरीद पोर्टल गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद कर सरकार ने 2016 से अब तक लगभग 45,000 करोड़ रुपये बचाए हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह पोर्टल 2016 में पेश किया गया था। यह मंच सरकारी विभागों, संगठनों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) के लिए पारदर्शी खरीद की सुविधा देता है। बयान में कहा गया, जीईएम की सफलता यह तथ्य बताता है कि इसके माध्यम से खरीदारी कर सरकार ने 2016 से 45,000 करोड़ रुपये से अधिक बचाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि पोर्टल ने दक्षिण कोरिया के कोनेप्स और सिंगापुर के जीबिज जैसे जाने-माने सार्वजनिक खरीद मंचों की उपलब्धियों को भी पार कर लिया है। जुलाई 2023 तक लगभग 65 लाख विक्रेताओं और 70,000 सरकारी खरीदारों के मंच पर पंजीकृत होने के साथ, संचयी जीएमवी (सकल वस्तु मूल्य) 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो मंच के स्थायी प्रभाव को दर्शाता है।
-
नयी दिल्ली. संसद की एक समिति ने उर्वरक विभाग से नैनो तरल यूरिया के उपयोग के परिणामों का शीघ्रता से सही मूल्यांकन करने के लिए कहा है। साथ ही सुझाव दिया है कि इसके उत्पादन को बढ़ाने के लिए इफको की इस नैनोटेक्नोलॉजी को और अधिक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में स्थानांतरित करने की दिशा में कदम उठाये जाने चाहिए। रसायन और उर्वरक मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने बुधवार को संसद में पेश रिपोर्ट में कहा कि यूरिया की वार्षिक उत्पादन क्षमता 283.74 लाख टन है और ओड़िशा के तालचर में 12.7 लाख टन की स्थापित क्षमता वाली एक नई इकाई स्थापित की जा रही है, जो स्वदेशी क्षमता को 296.44 लाख टन तक बढ़ा देगी। रिपोर्ट के अनुसार, उर्वरक विभाग ने कहा है कि नैनो तरल यूरिया की उपलब्धता के साथ, नए संयंत्र स्थापित करने या पारंपरिक यूरिया संयंत्रों को बहाल करने की जरूरत नहीं होगी। इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि नैनो तरल यूरिया के परिणामों का आकलन अभी किया जाना बाकी है और वर्तमान में, यह देश में उर्वरकों की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता है। समिति की राय है कि इस क्षेत्र में विभाग को अत्यधिक ध्यान देने की जरूरत है और इसलिए, नैनो तरल यूरिया के प्रयोग के परिणामों का सही मूल्यांकन शीघ्रता से किया जाना चाहिए।
-
नयी दिल्ली. वीडियो साझा करने की सुविधा देने वाला मंच यूट्यूब ने बुधवार को कहा कि प्रौद्योगिकी विकसित होने और कृत्रिम मेधा (एआई) संचालित उपकरणों के आने के साथ मंचों और समाज के लिए गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाना महत्वपूर्ण है। उसने यह भी कहा कि उपयोगकर्ताओं को गुमराह करने और वास्तविक दुनिया को नुकसान पहुंचाने के इरादे से तकनीकी गड़बड़ी कर पेश सामग्री के खिलाफ वह त्वरित कार्रवाई करेगी। भारत में यूट्यूब के निदेशक इशान जॉन चटर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यूट्यूब के पास बेहतर सामुदायिक दिशानिर्देश है, जो यह निर्धारित करता है कि मंच पर किस प्रकार की सामग्री की अनुमति है। एआई आने के साथ यूट्यूब पर उपलब्ध सामाग्री से छेड़छाड़ के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, ‘‘तकनीक विकसित होने के साथ सामग्री में छेड़छाड़ न केवल यूट्यूब के लिये बल्कि पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।'' चटर्जी ने कहा, ‘‘हमारी जो नीति है, वह हिंसा और ग्राफिक सामग्री जैसी विभिन्न चीजों के अलावा गलत सूचना और सामग्री पर अंकुश लगाने के लिये भी है। हमारे मंच पर उपयोगकर्ताओं को गुमराह करने और वास्तविक दुनिया को नुकसान पहुंचाने के लिये तकनीकी रूप से हेरफेर कर लायी गयी सामाग्री की अनुमति नहीं है और अगर ऐसा होता है, हम कार्रवाई करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम इस प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिये प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकियों को लगातार विकसित कर रहे हैं...।'' चटर्जी ने कहा कि गलत सूचना पर कार्रवाई मंच के लिये महत्वपूर्ण है। ‘‘हमने इसके लिये महत्वपूर्ण निवेश और प्रगति की है। लेकिन हम जानते हैं कि इस मामले में हमारा काम कभी पूरा नहीं होता, इसलिए हम इस क्षेत्र में लगातार निवेश करते रहेंगे।'' यूट्यूब का भारत में स्थानीय संस्करण पेश किये जाने के 15 साल पूरे हो गये हैं। मंच ने कहा कि वह रचनात्मक उपाय, कमाई के तरीकों का विस्तार और रचनाकारों को सार्थक तरीकों से दर्शकों के साथ जुड़ने में मदद करना जारी रखेगा। चटर्जी ने कहा, ‘‘हम यूट्यूब को दीर्घकालिक सफलता के लिये बेहतर मंच बनाने पर ध्यान देते रहेंगे।
-
नयी दिल्ली। लक्जरी कार बनाने वाली कंपनी मर्सिडीज बेंज ने बुधवार को अपने प्रीमियम स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) जीएलसी का नया संस्करण पेश किया। इसकी शोरूम कीमत 73.5 लाख रुपये है। कंपनी ने बयान में कहा कि दूसरी पीढ़ी की जीएलसी के पेट्रोल संस्करण की कीमत 73.5 लाख रुपये, तो डीजल संस्करण की कीमत 74.5 लाख रुपये है। बयान के अनुसार, इस मॉडल के लिए अबतक 1,500 बुकिंग मिल चुकी हैं।
मर्सिडीज बेंज इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) लांस बेनेट ने कहा, “कंपनी चालू वर्ष में बिक्री वृद्धि को दहाई अंक में लाने का लक्ष्य रख रही है। इस साल कंपनी की कुल बिक्री में जीएलसी का हिस्सा 15 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।” उन्होंने कहा, “बुकिंग शुरू होने के पहले दो सप्ताह में इसकी बहुत अच्छी मांग रही। जीएलसी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण उत्पाद है।” बेनेट ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज ने भारत में जीएलसी की पिछली पीढ़ी की कम से कम 13,000 इकाइयां बेची थीं और नई जीएलसी को लेकर भी कंपनी को भारी मांग की उम्मीद है। पुणे के चाकण स्थित विनिर्माण संयंत्र में स्थानीय रूप से तैयार जीएलसी कंपनी की भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी है। यह मॉडल वैश्विक रूप से भी कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
-
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने लगातार तीसरी बार मुख्य दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर साढ़े छह प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। रेपो रेट वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक - सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और अन्य वाणिज्यिक बैंकों को धन उधार देता है। उन्होंने बताया कि समिति मुद्रास्फीति पर नजर रखेगी और महंगाई को लक्षित स्तर के अनुरूप बनाए जाने के प्रति वचनबद्ध है। ब्याज दर को अपरिवर्तित रखते हुए श्री दास ने कहा कि अर्थव्यवस्था में कुल मुद्रास्फीति अभी भी रिजर्व बैंक के चार प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर है। सरकार ने रिजर्व बैंक से कहा था कि वह मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत के आस-पास स्थिर रखें। बैंक ने मई 2022 से लगातार छह बार दरों में बढोतरी के बाद इस वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि के सिलसिले पर 250 आधार अंक पर विराम लगा दिया था। (FILE PIC)
-
मुंबई. महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (एमएंडएम लिमिटेड) ने बुधवार को घरेलू बाजार में स्वराज ब्रांड के तहत एक नया व्हील हार्वेस्टर पेश किया। स्वराज प्रभाग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरीश चव्हाण ने कहा कि इसके साथ ब्रांड का मकसद लंबी अवधि में व्हील हार्वेस्टर खंड में 15-20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है। उन्होंने कहा कि नई कृषि आधारित मशीन का निर्माण मध्य प्रदेश में इंदौर के पास पीथमपुर में किया गया है। नया ‘स्वराज 8200 व्हील हार्वेस्टर' पूरे भारत में डीलरशिप के माध्यम से ग्राहकों के लिए आगामी फसल कटाई के मौसम में उपलब्ध होगा। कंपनी के अनुसार, ‘स्वराज 8200 व्हील हार्वेस्टर' में टीआरईएम-चार इंजन लगा है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि वह बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाने के लिये केंद्रीय पूल से अतिरिक्त 50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन चावल खुले बाजार में बेचेगी। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने संवाददाताओं से कहा, हाल में गेहूं और चावल की कीमतों में तीव्र वृद्धि हुई है...सरकार ने 50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन गेहूं खुला बाजार बिक्री योजना के तहत बेचने का निर्णय किया है।'' उन्होंने कहा कि यह कुछ महीने पहले घोषित खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत 15 लाख टन गेहूं और पांच लाख टन चावल की बिक्री के अलावा है। चोपड़ा ने कहा कि अबतक सात लाख टन गेहूं ओएमएसएस के तहत ई-नीलामी के जरिये बेचा गया है। चावल की बिक्री बहुत कम रही है।
-
नयी दिल्ली. मारुति सुजुकी इंडिया लि. (एमएसआईएल) का पुरानी या सेकंड हैंड कारों का कारोबार 50 लाख इकाइयों को पार कर गया है। कंपनी ने अपने पुरानी कारों के कारोबार ‘ट्रू वैल्यू' को 2001 में शुरू किया था। मारुति सुजुकी इंडिया लि. (एमएसआईएल) के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी-विपणन एवं बिक्री शशांक श्रीवास्तव ने बयान में कहा, ‘‘उद्योग में 22 साल पूरे करने के साथ ट्रू वैल्यू देश का सबसे भरोसेमंद पुरानी कारों का कारोबार बन गया है। अब ट्रू वैल्यू के ग्राहकों की संख्या 50 लाख इकाइयों को पार कर गई है।'' ट्रू वैल्यू फिलहाल देश के 281 शहरों में मौजूद हैं। देखभर में इसके आउटलेट या शोरूम की संख्या 560 है।
- औरंगाबाद (महाराष्ट्र)। टमाटर की भारी मांग और आसमान छूती कीमतों ने महाराष्ट्र के एक किसान को रसोई के इस मुख्य पौधे पर नजर रखने के लिए अपने खेत में एक सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए प्रेरित किया है। टमाटर देश भर में 100 रुपये से लेकर 200 रुपये के बीच बिक रहा है। किसान ने बताया कि उसने औरंगाबाद से लगभग 20 किमी दूर शाहपुर बंजार में टमाटर चोरों के धावा बोलने के बाद अपने खेत के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली अपनाने का फैसला लिया।किसान शरद रावटे ने बताया कि आज सबसे अधिक मांग वाली सब्जी टमाटर की चोरी वह और अधिक बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि 22-25 किलो टमाटर की एक क्रेट अब 3,000 रुपये में बिक रही है।रावटे ने बताया कि उनका खेत पांच एकड़ भूभाग में फैला हुआ है और उन्होंने डेढ़ एकड़ में टमाटर उगाए हैं, जिससे उन्हें आसानी से छह-सात लाख रुपये मिल सकते हैं।उन्होंने कहा ‘‘लगभग 10 दिन पहले, गंगापुर तालुका में मेरे खेत से 20-25 किलो टमाटर चोरी हो गए थे। बची हुई फसल जो अभी पकने वाली है, उसकी सुरक्षा के लिए मैंने 22,000 रुपये का एक सीसीटीवी कैमरा लगाया है।’’किसान ने बताया कि कैमरा सौर ऊर्जा से चलता है इसलिए उन्हें इसकी बिजली आपूर्ति के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है और वह अपने फ़ोन पर कहीं भी उसके दृश्य देख सकते हैं।
- नयी दिल्ली । होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने देश में अपनी नई बाइक एसपी160 उतारी है। इसकी दिल्ली शोरूम में कीमत 1.17 लाख रुपये से शुरू होती है। कंपनी ने 160 सीसी की यह बाइक दो संस्करण में उतारी हैं। इनकी कीमत क्रमश: 1.17 लाख रुपये और 1.21 लाख रुपये है।एचएमएसआई के प्रबंध निदेशक, अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) त्सुत्सुमु ओतानी ने कहा, ‘‘हम अपने एसपी ब्रांड के साथ पूरी तरह नई एसपी 160 बाइक पेश कर काफी खुश हैं। यह स्पोर्टी मोटरसाइकिल अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतिनिधित्व करती है, जो हमारे ग्राहकों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी।’’कंपनी ने कहा कि इस बाइक में इंजन स्टॉप स्विच जैसी सुविधा भी है।
-
मुंबई. अकासा एयर ने अपने परिचालन के पहले वर्ष में 20 विमानों के बेड़े के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भरने की पात्रता हासिल कर ली है। सोमवार को परिचालन का एक साल पूरा करने वाली एयरलाइंस ने बयान में कहा कि इस समय वह प्रति सप्ताह 900 से अधिक उड़ानों का संचालन कर रही है और कुल 43 लाख यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचा चुकी है। एसएनवी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाली एयरलाइंस की स्थापना जेट एयरवेज के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे और अन्य लोगों ने की। इसने सात अगस्त, 2022 को मुंबई से अहमदाबाद के लिए अपनी पहली उड़ान के साथ परिचालन शुरू किया। एयरलाइन ने बयान में कहा कि अपने वाणिज्यिक परिचालन के पहले साल में अकासा एयर ने 4.9 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ 43 लाख यात्रियों को सेवाएं दीं। एयरलाइन ने साथ ही कहा कि उसने इस दौरान अपने नेटवर्क पर 25,000 टन से अधिक माल की ढुलाई की है।
अकासा ने इस दौरान 84 प्रतिशत से अधिक का यात्री क्षमता उपयोग हासिल किया। इसके चालू वित्त वर्ष में बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत होने का अनुमान है। अकासा ने पहले ही कहा है कि वह इस साल दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ान भरने की योजना बना रही है।
-
मुंबई. टमाटर की बढ़ती कीमतों के कारण जून की तुलना में जुलाई में ‘शाकाहारी थाली' तैयार करना 28 प्रतिशत महंगा हो गया। एक रेटिंग (साख निर्धारक) एजेंसी की इकाई ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। अगस्त के लिए क्रिसिल की ‘रोटी चावल दर' रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारी थाली पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ा है और इसे तैयार करने की कीमत केवल 11 प्रतिशत बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि थालियों की महंगाई काफी हद तक टमाटर की कीमतों में 233 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण हुई है। टमाटर का दाम जुलाई में 110 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जबकि जून में यह 33 रुपये किलो था। क्रिसिल ने कहा कि घर पर थाली तैयार करने की औसत लागत की गणना उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित लागत वस्तुओं की कीमतों के आधार पर की जाती है। इसमें कहा गया है कि थाली की कीमत के महंगा होने का यह लगातार तीसरा महीना है। इसमें कहा गया कि वित्त वर्ष 2023-24 में यह पहली बार है जब कीमतें साल-दर-साल के नजरिये से भी महंगी हो गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि मासिक आधार पर प्याज और आलू की कीमतें क्रमशः 16 प्रतिशत और नौ प्रतिशत बढ़ीं, जिससे लागत में और वृद्धि हुई। क्रिसिल ने कहा कि जून की तुलना में जुलाई में मिर्च की कीमतें 69 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन चूंकि भोजन तैयार करने के लिए इसकी जरूरत थोड़ी कम रहती है, इसलिए थाली तैयार करने पर इसका प्रभाव सीमित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारियों के लिए थाली की कीमत में कम मात्रा में बढ़ोतरी का कारण ब्रॉयलर चिकन की कीमत में तीन से पांच प्रतिशत की गिरावट से आना है, जिसका थाली की लागत में लगभग आधा हिस्सा होता है। इसमें कहा गया है कि वनस्पति तेल की कीमत में मासिक आधार पर दो प्रतिशत की गिरावट आने से दोनों प्रकार की थालियों की लागत बढ़ने से कुछ राहत मिली है।
-
मुंबई. स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 232 अंक के लाभ में रहा। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बावजूद महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज में तेजी से बाजार बढ़त में रहा। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी जारी रहने से बाजार जोरदार बढ़त नहीं दर्ज कर सका। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 232.23 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 65,953.48 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 346.65 अंक तक चढ़ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 80.30 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,597.30 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा सर्वाधिक चार प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ। इसके अलावा सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, जेएसडब्ल्यू स्टील, विप्रो, मारुति, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में भी प्रमुख रूप से तेजी रही। दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में भारतीय स्टेट बैंक, टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, नेस्ले और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की लाभ में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को नुकसान में रहे थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 56.32 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। एफआईआई अगस्त के पहले सप्ताह में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 2,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे हैं। इससे पहले, वे लगातार पांच महीने लिवाल बने हुए थे। बीएसई सेंसेक्स बीते सप्ताह शुक्रवार को 480.57 अंक और एनएसई निफ्टी 135.35 अंक चढ़ा था।
- नयी दिल्ली,। वैश्विक स्तर के पर्सनल कम्प्यूटर (पीसी) विनिर्माताओं सहित लगभग 44 आईटी हार्डवेयर कंपनियों ने भारत में लैपटॉप, टैबलेट और पीसी बनाने के लिए पंजीकरण कराया है। एक आधिकारिक सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने किसी कंपनी का नाम लिए बिना कहा कि देश में आईटी हार्डवेयर विनिर्माण में उस सफलता को दोहराने की उम्मीद है, जो उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत मोबाइल फोन विनिर्माण में मिली। अधिकारी ने कहा, ''प्रमुख लैपटॉप कंपनियों ने पीएलआई के लिए पंजीकरण कराया है और उनमें से कुछ किसी भी समय भारत में विनिर्माण शुरू कर सकती हैं। वैश्विक सर्वर कंपनियों ने कहा है कि वे भारत को एक निर्यात केंद्र बनाना चाहती हैं।'' सरकार ने 17,000 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना के तहत आईटी हार्डवेयर विनिर्माण की आखिरी तारीख 30 अगस्त तय की है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुसार जून 2023 तिमाही में पीसी खंड में लेनोवो, एचपी, डेल, एप्पल और एसर शीर्ष पांच कंपनियां थीं। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के शोध निदेशक तरुण पाठक ने कहा कि भारत में कुल लैपटॉप और पीसी बाजार सालाना आठ अरब अमेरिकी डॉलर के करीब है। इसमें लगभग 65 प्रतिशत इकाइयां आयात की जाती हैं।
-
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट स्किम योजना ‘अमृत कलश’ (Amrit Kalash FD) की अवधि को रिटेल ग्राहकों के लिए बढ़ा दिया है। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, इस योजना के तहत 400 दिन एफडी पर नियमित ग्राहकों को 7.1 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है।
स्टेट बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, “400 दिन की यह विशेष योजना 12 अप्रैल 2023 को प्रभावी हुई थी। इसके तहत आम ग्राहकों के लिए ब्याज दर 7.10 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.60 प्रतिशत है। एसबीआई की इस विशेष एफडी योजना में मेच्योरिटी डेट से पहले पैसा निकाला जा सकता है और जमा विकल्प पर ऋण भी शामिल है।”स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हालांकि अब इस विशेष एफडी योजना की अवधि को बढ़ा दिया है। इस योजना को इस साल अप्रैल में पेश किया था और यह जून 2023 तक वैलिड थी। अब इस योजना की अवधि को बढ़ाकर 15 अगस्त कर दिया गया है।इस योजना में कैसे करें निवेश ?अगर आप एसबीआई बैंक की इस स्किम में निवेश करना चाहते है, तो आप सिर्फ एसबीआई की ब्रांच जाकर SBI Amrit Kalash FD शुरू कर सकते हैं।इसके अलावा कस्टमर इंटरनेट बैंकिंग और एसबीआई की YONO एप जरिये भी इस एफडी को खुलवा सकते हैं।वहीं, इस स्किम के तहत ग्राहक ब्याज को मासिक, तिमाही, छमाही व पूरे साले के आधार पर ले सकते हैं। टीडीएस से काटा गया ब्याज ग्राहक के खाते में जमा हो जाता है। आप आयकर (आईटी) नियमों के अनुसार टैक्स कटौती छूट का अनुरोध करने के लिए फॉर्म 15जी/15एच का उपयोग कर सकते हैं। - नई दिल्ली। . मारुति सुजुकी की पॉपुलर फैमिली हैचबैक स्विफ्ट पिछले महीने जुलाई 2023 में बड़ा उलटफेर करते हुए फिर से देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बन गई। मारुति स्विफ्ट बीते जुलाई में जून की टॉप सेलिंग मारुति सुजुकी बलेनो और हुंडई क्रेटा के साथ ही टाटा नेक्सॉन और मारुति अर्टिगा जैसी अपने-अपने सेगमेंट की टॉप सेलिंग गाड़ियों को पछाड़ने में कामयाब रही। बीते जुलाई में 17,896 लोगों ने मारुति स्विफ्ट हैचबैक खरीदी। भारतीय बाजार में बीते कुछ महीनों से बलेनो और स्विफ्ट जैसी गाड़ियों का दबदबा है। अब स्विफ्ट ने वैगनआर को पीछे छोड़ दिया है और देशवासियों की फेवरेट कार बन गई है।जुलाई 2023 में मारुति सुजुकी स्विफ्ट को 17,896 ग्राहकों ने खरीदा। पिछले साल जुलाई महीने में स्विफ्ट की 17,359 यूनिट बिकी थी, ऐसे में इस साल जुलाई में स्विफ्ट की बिक्री सालाना रूप से 3 फीसदी बढ़ी है।पिछले महीने मारुति सुजुकी की लंबे समय तक टॉप सेलिंग कार रही प्रीनियम हैचबैक Baleno दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही, जिसे 16,725 ग्राहकों ने खरीदा। पिछले साल जुलाई के मुकाबले इस साल जुलाई में बलेनो की बिक्री करीब 7 फीसदी घटी है। जुलाई 2022 में 17,960 लोगों ने बलेनो खरीदी थी। पिछले महीने तीसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी Maruti Suzuki Brezza एसयूवी रही, जिसे 16,543 ग्राहकों ने खरीदा।पिछले महीने सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की लिस्ट में मारुति सुजुकी की किफायती एमपीवी अर्टिगा चौथे नंबर पर रही। अर्टिगा को पिछले महीने 14,352 ग्राहकों ने खरीदा। वहीं, Hyundai Creta 5वें नंबर पर पहुंच गई और इसे जुलाई 2023 में 14,062 ग्राहकों ने खरीदा।भारत में बीते जुलाई 2023 की टॉप सेलिंग कारों की लिस्ट में छठे नंबर पर Maruti Suzuki Dzire रही, जिसे 13,395 ग्राहकों ने खरीदा। इसके बाद Maruti Suzuki Fronx रही, जिसे 13,220 ग्राहकों ने खरीदा। Maruti Suzuki WagnR 8वें नंबर पर रही और इसे 12,970 ग्राहकों ने खरीदा। लंबे समय तक टॉप 5 कारों में रही Tata Nexon एसयूवी बीते महीने खिसककर 9वीं पोजिशन पर आ गई और इसे 12349 लोगों ने खरीदा। बीते जुलाई में 10वीं बेस्ट सेलिंग कार Maruti Suzuki Eeco रही, जिसे 12,037 ग्राहकों ने खरीदा।मारुति सुजुकी स्विफ्ट की एक्स-शोरूम प्राइस 5.99 लाख रुपये से शुरू होती है और इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 9.03 लाख रुपये है। स्विफ्ट हैचबैक के पेट्रोल वेरिएंट्स की माइलेज 22.56 kmpl तक और स्विफ्ट सीएनजी की माइलेज 30.9 km/kg तक की है।
- नयी दिल्ली. अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एचपी ने बृहस्पतिवार को एचपी ड्रैगनफ्लाई जी4 लैपटॉप पेश किए। इसकी कीमत 2.20 लाख रुपये से शुरू है। कंपनी ने बयान में कहा कि इन लैपटॉप का वजन एक किलोग्राम से भी कम है और ये 13वीं पीढ़ी के इंटेल कोर प्रोसेसर द्वारा संचालित हैं। बयान के अनुसार, इसकी कीमत 2,20,000 रुपये से शुरू है और फिलहाल यह कंपनी की वेबसाइट और चुनिंदा एचपी स्टोर्स पर उपलब्ध है। एचपी इंडिया के वरिष्ठ निदेशक (पर्सनल सिस्टम्स) विक्रम बेदी ने कहा कि भारत में हाइब्रिड (घर और कार्यालय, दोनों स्थानों से काम) कार्यशैली वास्तविकता बन गई है। इस क्षेत्र में अंतर को भरने के अवसरों को पहचानते हुए यह उत्पाद लाया गया है।
- नयी दिल्ली. भारत अगर अगले सात साल तक औसतन 6.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि करता है तो उसकी अर्थव्यवस्था वर्ष 2031 तक 6,700 अरब डॉलर की हो जाएगी जो फिलहाल 3,400 अरब डॉलर की है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई है। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही थी।एसएंडपी ग्लोबल ने ‘लुक फॉरवर्ड: इंडियाज मनी' शीर्षक से जारी अपनी रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। हालांकि उसने कहा है कि वैश्विक सुस्ती और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दर में बढ़ोतरी के विलंबित प्रभाव से वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में धीमी पड़कर छह प्रतिशत रह सकती है। साख तय करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के वैश्विक मुख्य अर्थशास्त्री पॉल ग्रुएनवाल्ड, क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी और एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) राजीव बिस्वास ने मिलकर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि भारत वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2030-31 तक औसतन 6.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा। इससे देश की जीडीपी वित्त वर्ष 2022-23 के 3,400 अरब डॉलर से बढ़कर 6,700 अरब डॉलर हो जाएगी। इस दौरान प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद भी बढ़कर करीब 4,500 डॉलर हो जाएगी। '' रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले एक दशक में भारत के लिए बड़ी चुनौती पारंपरिक रूप से असंतुलित वृद्धि को उच्च तथा स्थिर प्रवृत्ति में बदलने की होगी। सरकार और निजी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे तथा विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से निवेश से भारत इस रास्ते पर बढ़ सकता है। क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 में वृद्धि चरम पर होगी।'' रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को माल एवं सेवा कर जैसे सुधारों से लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा, दिवाला व ऋणशोधन अक्षमता संहिता लागू होने से कर्ज को मामले में भी चीजें बेहतर होंगी।
-
नयी दिल्ली. सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर (यूएसएफएफ) कंप्यूटर और सर्वेर के आयात पर ‘अंकुश' लगा दिया है। आयात अंकुश तत्काल प्रभाव से लागू है। किसी उत्पाद के आयात को अंकुश की श्रेणी में डालने का मतलब है कि उनके आयात के लिए लाइसेंस या सरकार की अनुमति अनिवार्य होगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना में कहा कि शोध एवं विकास, परीक्षण, बेंचमार्किंग, मूल्यांकन, मरम्मत तथा उत्पाद विकास के उद्देश्य से प्रति खेप अब 20 वस्तुओं तक आयात लाइसेंस की छूट रहेगी। इस कदम का मकसद चीन जैसे देशों से आयात घटाना है।
अधिसूचना में कहा गया, ‘‘लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर के आयात को तत्काल प्रभाव से ‘अंकुश' की श्रेणी में डाल दिया गया है।'' अधिसूचना में कहा गया है कि सूक्ष्म कंप्यूटर, बड़े कंप्यूटर और कुछ डाटा प्रोसेसिंग मशीनों को भी आयात अंकुश की श्रेणी में रखा गया है। इसमें कहा गया कि वैध लाइसेंस होने पर इन उत्पादों के आयात की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, ये अंकुश बैगेज नियम के तहत लागू नहीं होंगे। अधिसूचना में कहा गया, ‘‘एक लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिये खरीदे गए, डाक या कूरियर से मंगाए जाने वाले उत्पाद पर आयात लाइसेंस की अनिवार्यता की छूट रहेगी। ऐसे मामलों में लागू शुल्क का भुगतान कर आयात किया जा सकता है।' -
मुंबई. खाद्य श्रृंखला मैकडॉनल्ड्स ने शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बृहस्पतिवार को एक नया आउटलेट खोला। कंपनी का दावा है कि हवाई अड्ड पर यह देश का पहला ‘ड्राइव थ्रू रेस्तरां' हैं। ‘ड्राइव थ्रू रेस्तरां' में एक खिड़की के माध्यम से सेवाएं दी जाती हैं। लोगों को सामान लेने के लिए गाड़ी से उतरने की जरूरत नहीं होती। कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मैकडॉनल्ड्स इंडिया (पश्चिम व दक्षिण) द्वारा खोला गया आउटलेट शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। यह चौबीसों घंटे खुले रहने वाला मैकडॉनल्ड्स का शहर में पहला रेस्तरां होगा। हवाई अड्डे पर स्थित यह रेस्तरां 3,000 वर्गफुट में फैला है। इसमें एक मैककैफे, एक भोजनालय क्षेत्र और एक टेकअवे काउंटर है। बयान के अनुसार, लोगों के लिए आउटलेट के पास एक अलग मार्ग (ड्राइव-थ्रू लेन) बनाया गया है जहां से वे बिना वाहन से उतरे अपना आर्डर दे सकते हैं। इसके साथ ही अब यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर मैकडॉनल्ड्स की तीन दुकानें हो गई हैं।\
-
-छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को लाभ हुआ
- छत्तीसगढ़ को मिली 147 करोड़, 18 लाख, 30 हजार 625 रुपए की अग्रिम राशि-अगली तीन किस्तें बोलीदाताओं द्वारा सीधे राज्यों को दी जाएंगीनई दिल्ली। कोयला मंत्रालय ने कोयला खानों की नीलामी से प्राप्त 704 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि छह कोयला धारक राज्यों- छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को हस्तांतरित कर दी है। यह वित्तीय हस्तांतरण इन राज्यों की विकासात्मक वृद्धि को सशक्त बनाने और सहायता देने की एक ठोस पहल है।704 करोड़ रुपये की आवंटित राशि 18 कोयला खानों के लिए अग्रिम राशि की पहली किस्त का प्रतिनिधित्व करती है, जिनकी वाणिज्यिक कोयला खान नीलामी के छठे दौर और पांचवें दौर के दूसरे प्रयास के तहत सफलतापूर्वक नीलामी की गई थी।हस्तांतरित की गई राशि का राज्यवार विवरण इस प्रकार है:
कोयला खान विकास और उत्पादन समझौते (सीएमडीपीए) के सुधार ने इस महत्वपूर्ण विकास का मार्ग प्रशस्त किया। सीएमडीपीए के अनुसार, सफल बोलीदाताओं ने कोयला मंत्रालय को अग्रिम राशि की पहली किस्त जमा कर दी है। विशेष रूप से, शेष तीन किस्तें बोलीदाताओं द्वारा सीधे संबंधित राज्य सरकारों को जमा की जाएंगी, जिससे इन राज्यों के विकास में उनका योगदान और बढ़ जाएगा।इस पर्याप्त पूंजी निवेश का उपयोग राज्य सरकारें अपने क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए करेंगी। यह बुनियादी ढांचे के विकास, शैक्षिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न कल्याणकारी पहलों, समुदायों के उत्थान और समग्र विकास को बढ़ावा देने में रणनीतिक निवेश को सक्षम करेगा।वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत के बाद से, कोयला क्षेत्र राज्य सरकारों को राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसके अलावा, एक बार कोयला खदानें चालू हो जाने के बाद, वे रॉयल्टी और मासिक प्रीमियम के माध्यम से राज्यों की समृद्धि में भी योगदान देंगे। इन खदानों से उत्पन्न राजस्व को राज्यों द्वारा आवश्यक कल्याण कार्यक्रमों के लिए अपनी वित्तीय क्षमता को मजबूत करने, वंचित समुदायों के उत्थान और अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं की सहायता करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। file photo




.jpg)













.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpeg)
.jpeg)


.jpg)

