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नयी दिल्ली. उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि भारत की आर्थिक दास्तान एक ‘अधिक चमकदार तस्वीर' पेश करता है और ढांचागत क्षेत्र को सरकार के प्रोत्साहन और व्यावहारिक नीतियों से निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय बढ़ा है। आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन बिड़ला ने अल्ट्राटेक सीमेंट की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि के विशाल रंगमंच पर भारत सिर्फ एक दर्शक के रूप में खड़ा न होकर एक करिश्माई नेतृत्व प्रदान कर रहा है। बिड़ला ने कहा, ‘‘ढांचागत क्षेत्र में निवेश को सरकार के प्रोत्साहन और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) जैसी व्यावहारिक नीतियों से निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय बढ़ा है। इससे कई वर्षों तक चलने वाला तेजी का दौर शुरू होता है जो नरम पड़ती वैश्विक मांग में भी आर्थिक वृद्धि को मूल्यवान समर्थन देता है।'' उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर परिचालन करने वाली कंपनियां अब ‘चीन प्लस वन' रणनीति के तहत अन्य देशों पर नजरें टिकाए हुए हैं और भारत इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए बेहतर स्थिति में है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर और भारत में मुद्रास्फीति के अब चरम पर पहुंच जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुद्रास्फीति में कमी, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक संपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार वैश्विक बाजारों में संभावित अस्थिर घटनाओं के खिलाफ एक बड़ा सहारा प्रदान करता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का एक प्रमुख घटक आत्मविश्वास से भरपूर एवं कुशल कार्यबल की मौजूदगी है। भारत ने जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है और पहले से ही यहां विश्व स्तर पर सबसे बड़ी और सबसे युवा कामकाजी उम्र वाली आबादी है।' बिड़ला ने अल्ट्राटेक सीमेंट के प्रदर्शन पर कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 में 63,240 करोड़ रुपये (7.9 अरब डॉलर) का शुद्ध राजस्व अर्जित करने के साथ 10 करोड़ टन सीमेंट बिक्री का मुकाम भी हासिल किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने विस्तार के अगले चरण पर पहले ही काम शुरू कर दिया है और सभी मौजूदा परियोजनाएं पूरी होने के बाद इसकी उत्पादन क्षमता 16 करोड़ टन सालाना से अधिक हो जाएगी। -
नयी दिल्ली. मुंबई में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री चालू साल के पहले छह माह जनवरी-जून के दौरान 49 प्रतिशत बढ़ी है। यह आंकड़ा मूल्य के लिहाज से 11,400 करोड़ रुपये रहा। इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी और सीआरई मैट्रिक्स की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, एक साल पहले इसी अवधि में 10 करोड़ रुपये से महंगे मकानों की कुल बिक्री 7,660 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में लक्जरी अपार्टमेंट की मांग मुख्य रूप से उद्योगपतियों, बॉलीवुड हस्तियों और उच्च वेतनभोगी कर्मचारियों की तरफ से आई। इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी के प्रबंध निदेशक अमित गोयल ने कहा कि पहली छमाही में लक्जरी मकानों की बिक्री में आया उछाल उद्योग की दृष्टि से सकारात्मक है।
- नयी दिल्ली। सरकारी स्वामित्व वाले केनरा बैंक ने सोमवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 75 प्रतिशत बढ़कर 3,535 करोड़ रुपये हो गया। बैंक ने बताया कि फंसे हुए कर्ज में गिरावट और ब्याज आय में वृद्धि से उसे मदद मिली।बेंगलुरु स्थित ऋणदाता ने एक साल पहले की अवधि में 2,022 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।केनरा बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि 2023-24 की पहली तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 29,828 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 23,352 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन अवधि में बैंक की ब्याज आय सालाना आधार पर 18,177 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,004 करोड़ रुपये हो गई। जून तिमाही के अंत में सकल एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्ति) घटकर 5.15 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 6.98 प्रतिशत था। इसी तरह शुद्ध एनपीए 2.48 प्रतिशत से घटकर 1.57 प्रतिशत रह गया। इसके चलते फंसे हुए कर्ज के लिए प्रावधान घटकर 2,418 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,673 करोड़ रुपये था।
- नयी दिल्ली। सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत जमा पर 8.15 प्रतिशत ब्याज दर की पुष्टि की है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 मार्च 2023 को 2022-23 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का फैसला किया था। इस तरह ईपीएफओ ने अपने छह करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए ब्याज में मामूली बढ़ोतरी की, जो इससे पहले 8.10 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार ईपीएफओ ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को 2022-23 के लिए ईपीएफ पर 8.15 प्रतिशत की दर से ब्याज सदस्यों के खातों में जमा करने के लिए कहा है। यह आदेश ब्याज दर पर वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद आया। अब ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय ग्राहकों के खाते में ब्याज डालेंगे। ईपीएफओ ने मार्च 2022 में 2021-22 के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर को घटाकर 8.10 प्रतिशत कर दिया है। यह 1977-78 के बाद से सबसे कम ब्याज दर थी, जब ईपीएफ ब्याज दर आठ प्रतिशत थी।
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नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित रुझानों और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने के चलते सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को घरेलू बाजारों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। शुरुआती कारोबार में फ्रंटलाइन सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। गिरावट का यह सिलसिला कारोबार के अंतिम घंटो तक जारी रहा और शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुए। आज के कारोबार में सेंसेक्स लगभग 300 अंक कमजोर हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 73 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी कोषों की निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भी बाजार की धारणा प्रभावित हुई।
BSE का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 299.48 अंक यानी 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 66,384.78 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 66,808.56 की ऊंचाई तक गया और नीचे में 66,326.25 तक आया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 72.65 अंक यानी 0.37 फीसदी गिरा। निफ्टी दिन के अंत में 19,672.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 19,782.75 की उंचाई तक गया और नीचे में 19,658.30 तक आया।आज के कारोबार में सेंसेक्स के शेयरों में 18 शेयर हरे निशान पर बंद हुए। इंडसइंड बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व और अल्ट्राटेक सीमेंट सेंसेक्स के टॉप 5 गेनर्स रहे। सबसे ज्यादा मुनाफा इंडसइंड बैंक के शेयरों को हुआ। इसके शेयर 2.01 फीसदी तक चढ़े।वहीं, दूसरी तरफ सेंसेक्स के शेयरों में 12 शेयर लाल निशान पर बंद हुए। ITC, कोटक बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस और JSW स्टील सेंसेक्स के टॉप लूजर्स रहे। सबसे ज्यादा नुकसान ITC के शेयरों को हुआ। इसके शेयर करीब 3.87 फीसदी तक गिर गए।शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 1,998.77 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। कारोबार के शुरुआती घंटों में वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.14 फीसदी गिरकर 80.96 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स ( 887.64 अंक यानी 1.31 फीसदी की गिरावट के साथ 66,684.26 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 234.15 अंक यानी 1.17 फीसदी तक लुढ़ककर 19,745.00 अंक पर बंद हुआ। - नयी दिल्ली. देश के पांच प्रमुख शहरों में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पट्टे पर औद्योगिक और भंडारगृह स्थलों की मांग सालाना आधार पर 12 प्रतिशत घटकर 40 लाख वर्ग फुट रह गई है। रियल एस्टेट परामर्श फर्म कोलियर्स इंडिया ने यह जानकारी दी है। मुख्य रूप दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई में मांग घटने से कुल मांग में गिरावट आई है। कोलियर्स इंडिया ने अप्रैल-जून, 2023 के लिए भारतीय औद्योगिक एवं भंडारगृह बाजार पर रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार, प्रमुख पांच शहरों में अप्रैल-जून में पट्टे पर इन स्थलों की मांग इससे पिछली तिमाही की तुलना में 44 प्रतिशत घटी है। आंकड़ों के अनुसार, पुणे में औद्योगिक और भंडारगृह स्थलों की मांग 15 प्रतिशत बढ़कर 10 वर्गफुट हो गई।मुंबई में भी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मांग 12 प्रतिशत बढ़कर नौ लाख वर्ग फुट रही।बेंगलुरु में समीक्षाधीन अवधि में मांग 17 प्रतिशत वृद्धि के साथ सात लाख वर्ग फुट पर पहुंच गई।हालांकि चेन्नई और दिल्ली-एनसीआर में मांग में गिरावट रही।जहां दिल्ली में मांग 49 प्रतिशत गिरकर सात लाख वर्ग फुट रह गई, वहीं चेन्नई में यह 28 प्रतिशत घटकर सात लाख वर्ग फुट पर आ गई।
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नयी दिल्ली. जापान की लक्जरी कार बनाने वाली कंपनी लेक्सस की अगले साल भारत में पुरानी कारों (सेकंड हैंड) के कारोबार में उतरने की योजना है। कंपनी ने भारतीय बाजार में परिचालन के छह साल पूरे कर लिए हैं। जापानी की यह कंपनी अभी 23 बिक्री केंद्रों के माध्यम से अपने उत्पाद बेचती है। कंपनी का इरादा अपने कुछ आउटलेट में बदलाव का है जिससे यह पुरानी कारों के बाजार में उतर सके।
अपनी सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड कारों के लिए जानी जाने वाली लेक्सस का इरादा 2025 तक देश में अपना पहला इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने का है। लेक्सस इंडिया के अध्यक्ष नवीन सोनी ने कहा कि लेक्सस गंभीरता से एक संरचित पूर्व-स्वामित्व वाले पुरानी कारों के कार्यक्रम पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी डीलर भागीदारों की कारोबारी व्यवहार्यता के आधार पर कुछ चुनिंदा आउटलेट पर अपना यह कारोबार शुरू करेगी। सोनी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बहुत जल्दी संभवत: चालू साल की तीसरी तिमाही या अगले साल की शुरुआत में हम यह शुरू कर देंगे।'' उन्होंने कहा कि कंपनी ने छह साल पहले देश में वाहन बेचना शुरू किया था और अब ऐसे ग्राहक हो सकते हैं जो अपनी पुरानी कार को बेचकर नई कार खरीदना चाहेंगे। ‘‘ऐसे में कुछ केंद्रों को हम एकल आधार पर पुरानी कारों के आउटलेट में बदल सकते हैं।'' कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति के बारे में पूछे जाने पर सोनी ने कहा कि लेक्सस पिछले साल कुछ वाहन लेकर आई थी जिनका हमने विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में परीक्षण किया। इनपर हमने ग्राहकों की राय जानने का भी प्रयास किया। ऐसे में हमें इस बारे में अच्छी जानकारी मिली है। ‘‘हमें उम्मीद है कि 2025 तक हम भारत में अपना पहला इलेक्ट्रिक उत्पाद पेश कर सकेंगे।'' लेक्सस जापान की टोयोटा की लक्जरी कार बनाने वाली इकाई है। लेक्सस का इरादा 2035 तक पूर्ण इलेक्ट्रिक कार कंपनी बनने है। -
नयी दिल्ली. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को कहा कि सरकार रेडियो संचार की पहुंच को और बढ़ाने के मकसद से 284 शहरों में 808 एफएम रेडियो स्टेशन के लिए जल्द ही ई-नीलामी करेगी। ठाकुर ने यहां क्षेत्रीय सामुदायिक रेडियो सम्मेलन (उत्तर) को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने रेडियो स्टेशन, विशेष रूप से सामुदायिक रेडियो के संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रियाओं को भी आसान बना दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में इस समय 26 राज्यों और पांच केंद्रशासित प्रदेशों के 113 शहरों में 388 एफएम रेडियो स्टेशन हैं। ठाकुर ने बतया कि सरकार अब रेडियो सेवाओं का और विस्तार करने के लिए जल्द ही 284 शहरों में 808 चैनल की ई-नीलामी करने की योजना बना रही है।
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नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 350 रुपये की गिरावट के साथ 60,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 60,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 750 रुपये की गिरावट के साथ 77,200 रुपये प्रति किलोग्राम रही। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना गिरावट के साथ 1,966 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी गिरावट के साथ 24.80 डॉलर पर रही।
अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने तथा अमेरिकी सरकारी बांड के प्रतिफल में सुधार के कारण सोना अपने हाल के उच्च स्तर से नीचे आ गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा कि उम्मीद से अधिक मजबूत अमेरिकी बेरोजगारी दावों के आंकड़ों के बाद बृहस्पतिवार को डॉलर सूचकांक 100 अंक पर पहुंच गया और अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले लगभग 0.60 प्रतिशत बढ़ गया।गांधी ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि साप्ताहिक दावे दो महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं, जो श्रम बाजार में मजबूती का संकेत है। इससे इस विचार को मजबूती मिलेगी कि इस साल ब्याज दर में एक और वृद्धि हो सकती है। -
नयी दिल्ली. भारतीय अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से ‘तेजी से एक बड़ी ताकत' बनने की ओर अग्रसर है और 2050 तक इसका आकार अमेरिका के बराबर होगा। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और टिप्पणीकार मार्टिन वुल्फ ने यह बात कही है। वुल्फ ने इसके साथ ही कहा कि पश्चिमी देशों के नेता सोच-विचारकर भारत पर दांव लगा रहे हैं।
वुल्क ने ‘द फाइनेंशियल टाइम्स' में लिखे लेख में कहा, ‘‘मैं मानता हूं कि भारत 2050 तक प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि को पांच प्रतिशत या इसके आसपास बनाए रख सकता है। बेहतर नीतियों से वृद्धि इससे ऊंची भी रह सकती है। हालांकि, यह कुछ कम भी रह सकती है।'' उन्होंने कहा कि भारत ‘चीन प्लस वन' रणनीति को अपनाने वाली कंपनियों के लिए एक प्रमुख गंतव्य है। बड़े घरेलू बाजार की वजह से इस मामले में अन्य प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में भारत लाभ की स्थिति में है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। क्रय शक्ति के मामले में यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 2050 तक देश की जनसंख्या 1.67 अरब पर पहुंच जाएगी। अभी भारत की आबादी 1.43 अरब है। वुल्फ ने कहा कि देश के बैंकों का बही-खाता बेहतर हो गया है। ऋण वृद्धि भी अब बेहतर आकार ले रही है। उन्होंने लिखा कि आगामी दशकों में देश की अर्थव्यवस्था और आबादी दोनों तेजी से बढ़ेंगी। इससे भारत, चीन को टक्कर देगा। भारत के पश्चिमी देशों के साथ भी अच्छे संबंध हैं, जो अच्छी चीज है। वुल्फ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कभी प्रतिबंधित रहे नरेन्द्र मोदी का वॉशिंगटन में गर्मजोशी से स्वागत किया। पेरिस में इमैनुएल मैक्रों ने भी भारतीय नेता को उतनी ही गर्मजोशी से गले लगाया। यह एक ऐसे देश के साथ नजदीकी संबंधों को दर्शाता है जो चीन के लिए शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह पश्चिमी ताकतों का अच्छा दांव है? हां, निश्चित रूप से भारत तेजी से बढ़ती ताकत है। उनके हितों में भी सामंजस्य है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2023 से 2028 तक वार्षिक आर्थिक वृद्धि छह प्रतिशत से कुछ अधिक रहने का अनुमान लगाया है, जिसमें प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद इससे लगभग एक प्रतिशत अंक कम की रफ्तार से बढ़ेगा। वुल्फ ने कहा कि यदि वैश्विक या घरेलू स्तर पर कोई बड़े झटके नहीं लगते हैं, तो यह वृद्धि पिछले तीन दशक के औसत के बराबर होगी। भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह एक युवा देश है, जिसके श्रमबल की गुणवत्ता में सुधार की संभावना है, बचत की दर काफी ऊंची है और अधिक समृद्धि की व्यापक उम्मीदें हैं। वुल्फ ने कहा कि 2050 तक भारत का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (क्रय शक्ति के आधार पर) उसी स्तर पर होगा, जहां आज चीन है। वुल्फ ने यह अनुमान भारत की वार्षिक वृद्धि पांच प्रतिशत तथा अमेरिका की 1.4 प्रतिशत रहने के आधार पर लगाया है। उन्होंने कहा कि भारत की आबादी भी अमेरिकी की तुलना में 4.4 गुना होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह कल्पना करना मुश्किल नहीं है कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2050 तक अमेरिका के समान होगा। ऐसे में पश्चिमी नेता समझदारी से भारत पर दांव लगा रहे हैं।
- मुंबई । विदेशी कोषों के प्रवाह तथा बैंकिंग एवं एफएमसीजी शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला गुरुवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा और दोनों प्रमुख सूचकांकों ने नया रिकॉर्ड बना दिया। बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स 474.46 अंक यानी 0.71 प्रतिशत चढ़कर 67,571.90 अंक के नए सर्वकालिक उच्चस्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 67,619.17 अंक के अपने अबतक के उच्चतम स्तर पर भी पहुंच गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 146 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,979.15 अंक के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 19,991.85 अंक का अबतक का उच्चतम स्तर भी छुआ। दोनों शेयर सूचकांकों में तेजी का यह लगातार छठा कारोबारी सत्र रहा। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अपने सर्वोच्च स्तर के कई नए शिखर छुए हैं। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में आईटीसी ने सर्वाधिक तीन प्रतिशत की बढ़त हासिल की। कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, सन फार्मास्युटिकल, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर और जेएसडब्ल्यू स्टील के भी शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। दूसरी तरफ इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो, टाइटन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और विप्रो के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने अपनी खरीदारी गतिविधियां जारी रखी हैं। उन्होंने बुधवार को 1,165.47 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की खरीदारी की। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजारों में भी तेजी रही थी। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.13 प्रतिशत चढ़कर 79.56 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- नयी दिल्ली. सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी एलआईसी के एक प्रबंध निदेशक (एमडी) के तौर पर सत पाल भानू को नियुक्त किया है। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने शेयर बाजारों को दी सूचना में कहा कि भानू को सिद्धार्थ मोहंती की जगह एमडी बनाया गया है। मोहंती को अप्रैल में एलआईसी का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। एलआईसी ने कहा कि भानू की एमडी के तौर पर नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने से प्रभावी होगी और 31 दिसंबर, 2025 को उनके सेवानिवृत्ति या अगले आदेश तक लागू रहेगी।
- मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक ने उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंक यूनाइटेड इंडिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया है। बैंक के पास पर्याप्त पूंजी न होने और कमाई की संभावना कम होने के आधार पर यह कदम उठाया है। आरबीआई ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि लाइसेंस रद्द होने से बैंक बुधवार की शाम से कारोबार नहीं कर पाएगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से बीमा दावे के तहत पांच लाख रुपये की सीमा तक अपनी जमा राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे।
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नई दिल्ली। देश भर में महिंद्रा प्रेमियों के लिए डिस्काउंट की बारिश हो रही है। थार (Mahindra Thar) और एक्सयूवी300 जैसी कारें बनाने वाली महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra Car Discounts) भारत में अपने चुनिंदा शोरूमों में लोकप्रिय मॉडलों पर तगड़ा डिस्काउंट और अन्य लाभ दे रही है। बता दें कि महिंद्रा थार 4×4, बोलेरो, (Mahindra Bolero) बोलेरो नियो, मराज़ो और XUV300 पर डिस्काउंट दे रही हैं। यह छूट 5,000 रुपये से 73,000 रुपये तक की है और इसमें नकद छूट और मुफ्त एक्सेसरीज़ भी शामिल हैं।
ये डिस्काउंट उन ग्राहकों के लिए उपलब्ध है जो महिंद्रा एंड महिंद्रा से एक्सयूवी300, मराज़ो, बोलेरो और थार खरीदते हैं। आइए कुछ डिस्काउंट ऑफर पर एक नजर डालते हैं।रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपनी MPV Mahindra Marazzo पर 73,000 रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। इस गाड़ी के M2 वेरियंट पर 58,000 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है। वहीं M4+ मॉडल पर भी आप 36,000 रुपये तक की बचत कर सकते हैं।महिंद्रा बोलेरो पर 60,000 रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। B4 ट्रिम पर आपको 37,000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है। Mahindra XUV300 पर 55,000 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है। वहीं XUV300 के T-GDi वेरिएंट पर आप 20,000 रुपये की बचत कर सकते हैं।महिंद्रा की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी XUV300 भी 55,000 रुपये तक की छूट के साथ आ रही है। XUV300 के सभी T-GDi वेरिएंट पर 20,000 रुपये की छूट मिल रही है।महिंद्रा थार (discount on mahindra thar) 4×4- पेट्रोलियम और डीजल थार के 4×4 वेरिएंट पर 30,000 रुपये का कैश डिस्काउंट मिल रहा है। बता दें कि थार 4×4 दो ट्रिम्स, AX(O) और LX में उपलब्ध है। इसमें 6-स्पीड एमटी या एएमटी गियरबॉक्स और 2.0-लीटर पेट्रोल इंजन या 2.2-लीटर डीजल इंजन है।इस छूट में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस छूट और कॉर्पोरेट छूट सभी शामिल हैं। Mahindra Thar RWD की शोरूम कीमत 10 लाख रुपये है। इसके पेट्रोल इंजन में 150 BHP और 320 Nm का टॉर्क है। - नयी दिल्ली । भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक आगामी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दर के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रखेगा। खारा ने बुधवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ बैंक के रूप में हम नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। केंद्रीय बैंक यथास्थिति को कायम रखेगा।'' रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अगली बैठक आठ से 10 अगस्त 2023 को होनी है। गत आठ जून की मौद्रिक समीक्षा बैठक में रिजर्व बैंक ने रेपो में लगातार दूसरी बार कोई बदलाव नहीं किया था। हालांकि, इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने कहा था कि वह चाहता है कि मुद्रास्फीति और नीचे आए।
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पुणे. टमाटर की बढ़ती कीमतों ने जहां आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डाला है, वहीं महाराष्ट्र के पुणे के एक किसान के लिए यह बड़े लाभ का सौदा साबित हुआ है। पुणे के इस किसान ने तमाम चुनौतियों से पार पाते हुए पिछले एक माह में टमाटर की फसल बेचकर तीन करोड़ रुपये की कमाई की है। पुणे जिले की जुन्नार तहसील के पचघर गांव के किसान ईश्वर गायकर (36) को इस साल मई में कम दाम की वजह से बड़ी मात्रा में टमाटर की फसल को फेंकना पड़ा था। इस झटके के बावजूद इस किसान ने अटूट दृढ़ संकल्प दिखाते हुए अपने 12 एकड़ के खेत पर टमाटर की खेती की। अब टमाटर की आसमान छूती कीमतों के बीच गायकर की कड़ी मेहनत ने शानदार नतीजे दिए हैं और वह करोड़पति बन गया है। गायकर का दावा है कि उन्होंने 11 जून से 18 जुलाई के बीच अपनी टमाटर की उपज बेचकर तीन करोड़ रुपये की कमाई की है। गायकर ने एक न्यूज़ एजेंसी से कहा, ‘‘इस अवधि के दौरान उन्होंने जुन्नार तहसील के नारायणगांव में कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) में तीन करोड़ रुपये में टमाटर के 18,000 क्रेट (प्रत्येक क्रेट में 20 किलोग्राम टमाटर) बेचे हैं। उनका इरादा टमाटर के 4,000 शेष क्रेट बेचकर करीब 50 लाख रुपये की कमाई करने का है।
गायकर ने बताया कि उन्होंने टमाटर की खेती और परिवहन पर कुल 40 लाख रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास 18 एकड़ के खेत हैं। इनमें से 12 एकड़ में मैंने टमाटर की खेती की। 11 जून से टमाटर के 18,000 क्रेट बेचकर मैं तीन करोड़ रुपये कमा चुका हूं।'' गायकर ने 11 जून को 770 रुपये प्रति क्रेट (37 से 38 रुपये प्रति किलोग्राम) के भाव पर टमाटर बेचा। 18 जुलाई को उन्हें प्रति क्रेट 2,200 रुपये (110 रुपये प्रति किलोग्राम) का भाव मिला। गायकर ने याद करते हुए कहा कि कैसे दो माह पहले कम भाव की वजह से उन्हें अपनी टमाटर की कटी फसल को फेंकना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘‘"यह टमाटर उत्पादकों के लिए सबसे अच्छा समय है, लेकिन हमने सबसे खराब समय भी देखा है। मई के महीने में मैंने एक एकड़ जमीन पर टमाटर उगाए, लेकिन कीमतें बहुत कम होने के कारण बड़ी मात्रा में उपज को फेंकना पड़ा। मैंने उपज फेंक दी थी क्योंकि प्रति क्रेट दर सिर्फ 50 रुपये थी, यानी 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम।'' गायकर ने बताया कि 2021 में उन्हें 15 लाख से 16 लाख रुपये का घाटा हुआ था और पिछले साल भी उन्होंने मामूली लाभ ही कमाया था। एक अन्य किसान राजू महाले ने भी चालू सीजन में टमाटर के ढाई हजार क्रेट बेचकर 20 लाख रुपये कमाये हैं। नारायणगांव कृषि उपज मंडी समिति के व्यापारी अक्षय सोलात ने गायकर की उपज खरीदी है। सोलात ने कहा कि इस समय टमाटर बाजार उछाल पर है। उन्होंने टमाटर 2,400 रुपये प्रति क्रेट के भाव पर खरीदा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले 15 साल से इस कारोबार में हूं। लेकिन टमाटर में इस तरह की तेजी पहले कभी देखने को नहीं मिली है। -
नयी दिल्ली । मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को कहा कि उसने अपनी एसयूवी ग्रैंड विटारा के ‘इलेक्ट्रिक हाइब्रिड' संस्करण में पैदल चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक अलार्म लगाया है। इससे इस वाहन की कीमतों में चार हजार रुपये तक का इजाफा होगा। मारुति सुजुकी इंडिया ने शेयर बाजार को दी जानकारी में ग्रैंड विटारा के इंटेलिजेंट इलेक्ट्रिक हाइब्रिड संस्करण में ध्वनि वाहन चेतावनी प्रणाली (एवीएएस) जोड़ने की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, यह तकनीक चालकों और पैदल चलने वालों को वाहन की उपस्थिति के बारे में सचेत करके सुरक्षित रखने में मदद करने के लिए बनाई गई है। इसमें धीमी आवाज में एक अलार्म बजेगा जिसे पांच फुट की दूरी तक सुना जा सकता है, जिससे पैदल चलने वालों और आस-पास के अन्य चलाकों को पता चल जाता है कि कोई वाहन पास में है। एवीएएस के साथ ग्रैंड विटारा आने वाले नियमों के अनुरूप बन जाएगी। कंपनी ने बताया कि ग्रैंड विटारा के इस संस्करण की कीमत में बदलाव 17 जुलाई 2023 से लागू होगा। इसमें चार हजार रुपये तक का इजाफा होगा। ग्रैंड विटारा के ‘इलेक्ट्रिक हाइब्रिड' संस्करण की कीमत 18.29 लाख रुपये और 19.79 लाख रुपये (दिल्ली में एक्स-शोरूम कीमत) के बीच है।
- नयी दिल्ली । मीडिया कंपनी जी एंटरटेनमेंट के प्रतिबंधित प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका ने कहा है कि सोनी के साथ विलय की योजना पर काम काफी आगे बढ़ चुका है और इस संबंध में प्रवर्तकों पर लगी सेबी की बंदिशें कोई समस्या नहीं बननी चाहिए। सूत्रों ने कहा कि गोयनका ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) के कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में यह संभावना जताई है। उन्होंने अपने और पिता एवं कंपनी के चेयरमैन सुभाष चंद्रा को किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अहम प्रबंधकीय पद संभालने पर लगाई बाजार नियामक सेबी की रोक के संदर्भ में यह टिप्पणी की है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने गोयनका और चंद्रा दोनों को ही कंपनी का पैसा दूसरी जगह भेजने के मामले में यह प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही गोयनका ने कर्मचारियों से कहा कि जी एंटरटेनमेंट के निदेशक मंडल ने रोजमर्रा की गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए एक अंतरिम समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि यह समिति कंपनी से संबंधित सभी मामलों में निदेशक मंडल की निगरानी में काम करेगी। इस पत्र में गोयनका ने कल्वर मैक्स (पूर्व में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया) के साथ कंपनी के विलय की योजना पर काम काफी आगे बढ़ जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इस विलय को भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग और शेयर बाजारों के अलावा शेयरधारकों से भी पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा है कि प्रवर्तक परिवार को ही हालात का सामना करना है और यह कभी भी कंपनी के लिए समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह कानून के मुताबिक जरूरी कदम उठा रहे हैं।
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गांधीनगर. रविवार को शुरू हुई भारत-इंडोनेशिया आर्थिक और वित्तीय वार्ता में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने, वित्तीय सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास आदि पर जोर रहेगा। वार्ता की शुरुआत की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह वार्ता उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के परिप्रेक्ष्य से मुद्दों पर आम समझ तक पहुंचने और वैश्विक एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यहां आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की तीसरी बैठक के मौके पर कहा कि यह वार्ता वैश्विक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता में योगदान करते हुए भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच बेहतर सहयोग प्रदान करेगी। सोमवार से यहां शुरू हो रही दो दिवसीय वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक की सह-अध्यक्षता सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश साझा हित के मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जो रिश्तों को बढ़ाने में पारस्परिक रूप से लाभकारी हैं। वित्त मंत्री ने कहा, “सहयोग के क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश, वित्तीय सेवाएं और बुनियादी ढांचे का विकास और अन्य रहेंगे। उदाहरण के लिए, भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में विशेषज्ञता विकसित की है तो यह सुविधाजनक और किफायती डिजिटल भुगतान के लिए समाधान प्रदान कर सकता है। यह इंडोनेशिया को अपने वित्तीय समावेशन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता कर सकता है।” भारत और इंडोनेशिया दोनों तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं और कई मायनों में समान हैं। उन्होंने कहा कि दोनों जी20, डब्ल्यूटीओ और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन जैसे बहुपक्षीय संगठनों के सक्रिय सदस्य हैं। भारत ने इंडोनेशिया से जी20 की अध्यक्षता ली है और कई पिछले मुद्दे हैं जिन्हें हम अपनी अध्यक्षता के दौरान आगे बढ़ाना जारी रख रहे हैं।
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नयी दिल्ली. राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा कि वित्त मंत्रालय आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की 31 जुलाई की समयसीमा को बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहा है। उन्होंने साथ ही आयकरदाताओं से जल्द से जल्द अपना रिटर्न दाखिल करने को कहा। मल्होत्रा ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इस साल पिछले वर्ष से ज्यादा रिटर्न दाखिल होंगे... हमें उम्मीद है कि यह पिछले साल से ज्यादा होना चाहिए।'' पिछले साल 31 जुलाई तक लगभग 5.83 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे, जो आकलन वर्ष 2022-23 के लिए रिटर्न दाखिल करने का आखिरी दिन था। उन्होंने कहा, ‘‘हम आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों को धन्यवाद देना चाहते हैं, क्योंकि आईटीआर दाखिल करने की गति पिछले साल की तुलना में बहुत तेज है और हम उन्हें सलाह देंगे कि वे आखिरी क्षण तक इंतजार न करें और समयसीमा में किसी भी विस्तार की उम्मीद न करें।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं उन्हें जल्द से जल्द अपना कर रिटर्न दाखिल करने की सलाह दूंगा, क्योंकि 31 जुलाई की समयसीमा तेजी से नजदीक आ रही है।'' कर संग्रहण लक्ष्य के संबंध में मल्होत्रा ने कहा यह कमोबेश 10.5 प्रतिशत वृद्धि के लक्ष्य के अनुरूप है। मल्होत्रा ने कहा कि जहां तक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की वृद्धि का सवाल है, यह अबतक 12 प्रतिशत है। हालांकि, दर में कटौती के कारण उत्पाद शुल्क के मोर्चे पर वृद्धि दर 12 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह अभी नकारात्मक है और एक बार कर दरों में कटौती का प्रभाव खत्म हो जाएगा, तो लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद है। आम बजट 2023-24 के अनुसार, सरकार को चालू वित्त वर्ष में 33.61 लाख करोड़ रुपये की सकल कर प्राप्ति की उम्मीद है।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सेंट्रल बैंक के बीच शनिवार को स्थानीय मुद्राओं में सीमापार लेनदेन शुरू करने के लिए एक व्यवस्था बनाने और भुगतान एवं संदेश प्रणालियों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए समझौते किए गए। इस आशय के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यूएई यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास और यूएई सेंट्रल बैंक के गवर्नर खालेद मोहम्मद बलामा ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान भी मौजूद थे।आरबीआई ने एक बयान में कहा कि ये एमओयू दोनों देशों के केंद्रीय बैंक रुपये और दिरहम का सीमापार लेनदेन में इस्तेमाल बढ़ाने के लिए एक ढांचा खड़ा करने और दोनों देशों की भुगतान प्रणालियों यूपीआई एवं आईपीपी को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए सहयोग करने से संबंधित हैं। भारत अमेरिकी डॉलर में होने वाले कारोबार पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन को बढ़ावा देने की कोशिश में लगा हुआ है। इसी क्रम में कई देशों के साथ रुपये में कारोबार शुरू किया गया है। आरबीआई ने कहा, "दोनों एमओयू का उद्देश्य निर्बाध सीमापार लेनदेन एवं भुगतान की सुविधा प्रदान करना और दोनों देशों के बीच अधिक आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।" भारत और यूएई के बीच स्थानीय मुद्राओं में कारोबार करने से संबंधित समझौता ज्ञापन में एक स्थानीय मुद्रा निपटान प्रणाली (एलसीएसएस) भी स्थापित करने का इरादा जताया गया है। इससे भारतीय रुपये और यूएई दिरहम दोनों का द्विपक्षीय इस्तेमाल बढ़ेगा। आरबीआई ने कहा, "एलसीएसएस के गठन से निर्यातक और आयातक अपनी संबंधित स्थानीय मुद्राओं में बिल बनाने और भुगतान करने में सक्षम बनेंगे। इससे भारतीय रुपये और यूएई दिरहम विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार का विकास होगा। इस व्यवस्था से दोनों देशों के बीच निवेश और प्रेषण को भी बढ़ावा मिलेगा।" आरबीआई ने कहा कि समझौता ज्ञापन में चालू खातों के सारे लेनदेन और स्वीकृत पूंजी खाता लेनदेन भी शामिल हैं। स्थानीय मुद्राओं में कारोबार शुरू होने से लेन-देन की लागत और निपटान समय में कमी आने के साथ यूएई में रहने वाले भारतीय नागरिकों के स्वदेश पैसा भेजने में भी फायदा होगा। दोनों देशों के केंद्रीय बैंक अपनी त्वरित भुगतान प्रणालियों- यूपीआई और आईपीपी को जोड़ने की दिशा में काम करने के लिए भी सहमत हुए हैं। इसके साथ दोनों देशों के कार्ड स्विच रुपे और यूएईस्विच को भी जोड़ने पर सहमति जताई गई है। इसके अलावा दोनों देशों के केंद्रीय बैंक अपनी-अपनी भुगतान संदेश प्रणालियों को संबद्ध करने की भी संभावनाएं तलाशेंगे। इसके तहत भारत की संरचित वित्तीय संदेश प्रणाली (एसएफएमएस) को यूएई की समान प्रणाली से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। आरबीआई ने कहा, "यूपीआई और आईपीपी को जोड़ने से दोनों देशों के उपयोगकर्ता तेज, सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती ढंग से सीमापार राशि अंतरण कर पाएंगे।" वहीं कार्ड स्विचेज को जोड़ने से घरेलू कार्डों की आपसी स्वीकृति और कार्ड से लेनदेन के प्रसंस्करण में मदद मिलेगी। इसके साथ ही आरबीआई ने कहा कि दोनों देशों की भुगतान संदेश प्रणालियों को जोड़ने से द्विपक्षीय वित्तीय संदेश गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
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लंदन. यूरोपीय पुनर्गठन एवं विकास बैंक (ईबीआरडी) की अध्यक्ष ओडिले रेनॉ-बासो की रविवार से शुरू हो रही भारत यात्रा के दौरान जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक के अलावा बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार का एजेंडा भी चर्चा में रहने की संभावना है। रेनॉ-बासो अपनी भारत यात्रा की शुरुआत रविवार को गांधीनगर में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक से करेंगी। उसके बाद वह राजधानी दिल्ली में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ के एक गोलमेज सम्मेलन में शिरकत करेंगी। यह सम्मेलन पश्चिम एवं मध्य एशिया और उत्तर अफ्रीकी देशों में ईबीआरडी के सदस्य देशों की गतिविधियों में भारत के निजी क्षेत्र के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करेगा। ईबीआरडी की पहली महिला प्रमुख रेनॉ-बासो ने भारत दौरे की शुरुआत के पहले दिए एक साक्षात्कार में कहा, "जी20 विमर्श के केंद्र में शामिल बहुपक्षीय विकास बैंक में सुधार से संबंधित हरेक मुद्दा हमारी चर्चा के लिए अहम है। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को जी20 अध्यक्ष के तौर पर बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।" लंदन स्थित मुख्यालय वाले ईबीआरडी की एक बहुपक्षीय विकास बैंक के रूप में स्थापना 1991 में हुई थी। शीत युद्ध की समाप्ति के बाद उभरते यूरोप में निजी एवं उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए इसकी स्थापना की गई थी। भारत भी इसके 71 शेयरधारक देशों में से एक है। ईबीआरडी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में कुछ मानकों के आधार पर निवेश करता है ताकि ये देश अधिक प्रतिस्पर्द्धी, अधिक समावेशी, अधिक जुझारू और अधिक एकीकृत बन सकें और उनका शासन भी बेहतर हो। रेनॉ-बासो ने कहा, "हम भारत की निजी कंपनियों के साथ काम करते रहे हैं और हम सह-निवेश या सह-वित्तपोषण वाली परियोजनाओं की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसमें हरित क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन के अलावा दवा, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि-व्यवसाय और सेवा क्षेत्र में सहयोग अहम होगा।" आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जून में भारत और ईबीआरडी का साझा निवेश 1.1 अरब डॉलर था जिसमें ईबीआरडी ने 88.1 करोड़ डॉलर का वित्तपोषण किया था।
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नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजारों (Stock Market) में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में भारी लिवाली तथा विदेशी पूंजी प्रवाह जारी रहने से बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) पहली बार 66,000 अंक के ऊपर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी अब तक के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी से भी स्थानीय बाजार को समर्थन मिला।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 502.01 अंक यानी 0.77 प्रतिशत उछलकर अबतक के उच्चतम स्तर 66,060.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 600.9 अंक चढ़कर 66,159.79 अंक के रिकॉर्ड स्तर तक भी चला गया था।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 150.75 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की तेजी के साथ रिकॉर्ड 19,564.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 181.6 अंक उछलकर 19,595.35 अंक के उच्चतम स्तर तक भी चला गया था।सेंसेक्स के समूह में शामिल शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पांच प्रतिशत से अधिक और टेक महिंद्रा 4.51 प्रतिशत मजबूत हुए। इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो, टाटा स्टील, नेस्ले, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर भी प्रमुख रूप से लाभ में रहे।दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, टाइटन, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक शामिल हैं।एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में जबकि जापान का निक्की नुकसान में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में ज्यादातर में तेजी का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को बढ़त में रहे थे।इस बीच, खाद्य, ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं के दाम में नरमी से थोक मुद्रास्फीति में जून में बड़ी गिरावट आई और यह शून्य से 4.12 प्रतिशत नीचे रही।जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका में महंगाई दर में नरमी से निवेशकों में यह भरोसा जगा है कि नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिये पर्याप्त होगी। संभावना बेहतर होने से पहली तिमाही के हल्के वित्तीय परिणामों के बावजूद आईटी कंपनियों के शेयरों में लिवाली देखने को मिली।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, लगातार तीसरे महीने थोक मुद्रास्फीति में गिरावट से भी चौतरफा तेजी को समर्थन मिला।’’ शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक बृहस्पतिवार को लिवाल रहे और उन्होंने 2,237.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.29 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। -
नई दिल्ली। टेस्ला के सीईओ ईलॉन मस्क ने भारत में अपनी फेमस कार कंपनी टेस्ला का प्लांट लगाने को लेकर निवेश के लिए केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला भारत में सालाना 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की क्षमता वाला कार प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। सबसे बड़ी बात यह है कि टेस्ला की कार कीमत भारत में 20 लाख रुपये से शुरू हो जायेगी।
टेस्ला का पहले से ही चीन में प्लांट है और कंपनी अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के अन्य बाजारों में अपनी गाड़ियों को सप्लाई करने के लिए भारत को एक्सपोर्ट बेस के रूप में देख रही है। रिपोर्ट में कहा गया, “टेस्ला (Tesla) एक महत्वाकांक्षी योजना के साथ हमारे पास आया है और हमें विश्वास है कि इस बार कदम पॉजिटिव होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें लोकल लेवल पर मैन्युफेक्चरिंग और एक्सपोर्ट दोनों शामिल हैं।”रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रतिनिधि चर्चा कर रहे हैं और सरकार को पॉजिटिव निष्कर्ष की उम्मीद है।इससे पहले टेस्ला के सीईओ ने कहा था कि भारत में सौर ऊर्जा, स्थिर बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक वाहनों समेत सस्टेनेबल एनर्जी फ्यूचर की मजबूत संभावनाएं हैं।बता दें कि पीएम मोदी ने हाल ही में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान मस्क के साथ मुलकाता की थी। मुलाकात के बाद मस्क ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा था कि वह उनके बहुत बड़े ‘फैन’ है।मस्क ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा था कि मोदी अपने देश की बहुत परवाह करते है और उन्होंने भारत में निवेश करने के लिए कहा है।टेस्ला के अलावा मस्क की सेटलाइट आधारित इंटरनेट प्रोवाइडर कंपनी स्टारलिंक भी भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति स्थापित करने के लिए कदम उठा रही है। कंपनी ने आवश्यक मंजूरी हासिल करने के लिए पहले ही संबंधित सरकारी नियामकों के पास आवेदन कर दिया है। - गुरुग्राम । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘‘डायनामाइट से मेटावर्स'' तथा ‘‘हवाला से लेकर क्रिप्टोकरेंसी'' तक सुरक्षा चुनौतियां बढ़ने के प्रति वैश्विक समुदाय को आगाह किया और जी-20 देशों से पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर इन साइबर अपराधों को नियंत्रित के लिए वास्तविक समय पर जानकारी साझा करने को कहा। शाह ने ‘‘कृत्रिम मेधा, मेटावर्स और एनएफटी के युग में अपराध तथा साइबर सुरक्षा'' पर जी-20 सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवादियों द्वारा वित्तीय लेनदेन के लिए नये तरीके तथा नयी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा तंत्र तथा डिजिटल ढांचे के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने ‘‘डार्कनेट, मेटावर्स, डीपफेक, रैंसमवेयर'' और टूलकिट-आधारित गलत सूचना अभियानों एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं तथा वित्तीय प्रणालियों का गलत इस्तेमाल करके साइबर अपराधियों से उत्पन्न खतरों को भी रेखांकित किया।केंद्रीय गृह मंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और वैश्विक ताकतें नागरिकों तथा सरकारों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जी-20 ने अब तक आर्थिक दृष्टिकोण के लिए डिजिटल बदलाव, डेटा प्रवाह पर ध्यान केंद्रित किया लेकिन अब अपराध तथा सुरक्षा पहलुओं को समझना तथा समाधान तलाशना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।'' शाह ने कहा कि ऐसी गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण हैं क्योंकि ये राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था तथा अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह के अपराधों और अपराधियों को रोकना है तो हमें पारंपरिक भौगोलिक सीमाओं से ऊपर उठकर सोचना और कार्य करना होगा। शाह ने कहा, ‘‘मनुष्यों, समुदायों और देशों को करीब लाने में प्रौद्योगिकी का अहम योगदान है, लेकिन कुछ वैश्विक ताकतें और असामाजिक तत्व भी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल नागरिकों और सरकारों को आर्थिक तथा सामाजिक नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहे हैं।'' केंद्रीय गृह मंत्री ने सीमा पार से सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई सुझाव दिए जिनमें सभी देशों के कानूनों में एकरूपता लाना, देशों के विभिन्न कानूनों के तहत एक प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना, सभी देशों की साइबर एजेंसियों के बीच अधिक समन्वय स्थापित करना आदि शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘साइबर सुरक्षा नीतियों के प्रति एकीकृत तथा स्थिर रुख से सूचना साझा करने में भरोसा बढ़ेगा, एजेंसी के नियम आड़े नहीं आएंगे तथा संसाधनों की कमी दूर होगी। सदस्य देशों के बीच ‘वास्तविक समय में साइबर खतरे से जुड़ी खुफिया जानकारी' साझा करना समय की जरूरत है।'' शाह ने कहा, ‘‘इंटरनेट के बारे में हमारा दृष्टिकोण इतना भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए कि हमारे देशों के अस्तित्व को खतरे में डालते हों।'' उन्होंने कहा, ‘‘कई देशों में साइबर हमले हो चुके हैं और ये खतरे दुनिया के सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों पर मंडरा रहे हैं। विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार साइबर हमलों से दुनियाभर को 2019-2023 के बीच 5200 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा होगा। क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल-इसे रोकने और पहचान करने की प्रक्रिया को और जटिल बनाती है।'' गृह मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के आपराधिक इस्तेमाल पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अनुरूप, साक्ष्यों का शीघ्र संरक्षण, जांच और समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आने वाली प्रौद्योगिकियों से निपटने के लिए ‘कम्प्यूटर इंमजेंसी रिस्पॉन्स टीम्स' (सीईआरटीएस) को मजबूत बनाने की आवश्यकता है।



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