हरी साड़ी में पहुंचीं महिलाओं में ‘सावन’ के त्योहारों की दिखी झलक

- मनोरंजक कुर्सी दौड़ के साथ मेहंदी लगाओ स्पर्धा का भी रोचक आयोजन
रायपुर। हरे रंग की साड़ी, माथे पर हरी बिंदिया और पैरों के सेंडल का रंग भी हरा। यानी सिर से लेकर पांव तक ‘सावन’ को परिभाषित करते रंग के ड्रेस कोड के साथ महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर केंद्र की महिलाएं शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय में सावन उत्सव मनाने पहुंचीं। "सावन का महीना, पवन करे शोर", "पड़ आया सावन बड़ा मनभावन", "सावन में भावन लागे भोले की नगरिया" और "अंखियां हैं प्यासी प्यासी" जैसे सावन के गीतों का गायन कर महिलाओं ने कार्यक्रम के उत्साह को दोगुना कर दिया।
शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय प्रभारी रेणुका पुराणिक ने बताया कि शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने आयोजित सावन उत्सव की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। इस अपर पर सावन के महीने में पड़ने वाले व्रत और त्योहारों के महत्व पर अलग- अलग महिलाओं ने अपने विचार रखें। कार्यक्रम में 37 सदस्यों की उपस्थिति रहीं। महिलाओं के लिए कई रोचक गेम्स भी खेले गए, जिसे सभी ने खूब एंजाय किया। केंद्र की सदस्या सुरेखा पाटिल, मधुरा भागवत और शुभदा गिजरे ने सुमधुर एकल गीत प्रस्तुत किए।
केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने कहा कि कार्यक्रम में वैशाली निमजे ने सावन और मराठी गीत, वृंदा वोडितेलवार ने जिवती, निर्मला पिंपले ने नाग पंचमी, नेहा फडणवीस ने रक्षाबंधन, अनुराधा शिवलकर ने जन्माष्टमी, पुष्पा जावलेकर ने पोला, हर्षदा टिचकुले ने शिव तत्व तथा श्री शक्ति विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस दौरान महिलाओं के लिए मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता भी रखी गई थी। उसमें तोशिका भुजबल प्रथम, वैशाली निमजे द्वितीय रहीं। कविता लांजेवार और मेधा कोतवालीवाले को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। मधुरा भागवत के अनुसार केंद्र की सदस्याओं ज्योति अंदनकर ने एक मनोरंजक कुर्सी दौड़ करवाई। जिसे सभी ने खूब एंजाय किया। इस स्पर्धा में जया कावड़कर विजयी रहीं। कार्यक्रम का संचालन आयुषी विठालकर ने किया।





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