मुख्यमंत्री साय के सुशासन के अंतर्गत जिला रायपुर में स्वास्थ्य नवाचार- मेडी गुरू
रायपुर l जिलाधीश डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश चौधरी के मार्गदर्शन में प्रत्येक गुरुवार ज़िले में शासकीय अस्पतालों में कार्यरत मेडिकल ऑफिसर का देश के अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न चिकित्सा विषयों पर ऑनलाइन उन्मुखीकरण किया जा रहा है। इस शृंखला में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के उन्नयन को ध्यान में रखकर आज सर्पदंश जैसी गंभीर स्तिथि में उचित चिकित्सकीय प्रबंधन evam जटिलताओं के नवीनतम निदान पर फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम के अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टर कपिल चहल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। सर्पदंश से उत्पन्न लक्षण जैसे छिद्रीत घाव, दर्द, सूजन, लालिमा, उल्टी, साँस लेने में तकलीफ आम होती हैं। ऐसी स्तिथि में पीड़ित व्यक्ति के प्रभावी अंग को स्थिर कर, सूजन बढ़ने के पहले ही तंग कपड़े एवं आभूषण उतार दे तथा तुरंत ही निकटतम अस्पताल जाकर चिकित्सकीय उपचार करवाएं। अस्पताल में उचित विरोधी इलाज- एंटी वीनम प्रबंधन एवं अन्य चिकित्सकीय इलाज ही इसका एकमात्र प्रबंधन है। किसी भी तरह का घरेलु उपाय या झाड़ फूक में समय व्यर्थ करने के दुष्परिणाम जैसे गंभीर जटिलताएं, पक्षाघात एवं मृत्यु तक की सम्भावना होती है। सर्प दंश की घटनाओं को न्यूनतम करने में सामुदायिक भागीदारी, जागरूकता के साथ उचित चिकित्सकीय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।लक्षणों के उपरांत त्वरित उपचार के दिशा में यह साप्ताहिक उन्मुखीकरण निश्चित ही मूल्यवान संसाधन है जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी होगी l





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