तिलक ने की गणेशोत्सव से समाज को जोड़ने की पहल: अजय
- महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि
रायपुर। आपका लक्ष्य किसी जादू से पूरा नहीं होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना पड़ेगा। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का यह वाक्य आज हम सभी के लिए प्रासंगिक है। जीवन में कुछ पाने के लिए आपको अपना लक्ष्य समय के साथ निर्धारित करना होगा और उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी होगी। तभी आप सफल होंगे। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने शुक्रवार की शाम को मंडल में आयोजित तिलक पुण्यतिथि के अवसर पर कही।
पुण्यतिथि के मौके पर वरिष्ठ सभासद सुनील गनोदवाले, अनिल श्रीराम कालेले, अध्यक्ष काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित अनेक सभासदों ने लोकामान्य बाल गंगाधर तिलक की तस्वीर पर गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया। पुण्यतिथि के सादगी भरे आयोजन में काले ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में बाल गंगाधर तिलक का नाम बड़े ही सम्मान से लिया जाता है। लोकमान्य लोगों के बीच सच्चे जननायक के रुप में उभरे थे, जिसके चलते उन्हें ‘लोक मान्य’ की उपाधि दी गई थी। उन्होंने कानून की पढ़ाई के बाद अपनी सेवाएं एक शिक्षण संस्था के निर्माण में दी।
सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि यह वही व्यक्ति थे, जिन्होंने ब्रिटिश राज में पहली बार पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। उनका एक वाक्य ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूंगा’ आज भी देश में ख्यात है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जनजागृति के लिए उन्होंने ही महाराष्ट्र से गणेश उत्सव और शिवाजी उत्सव की परंपरा शुरू की। इसके माध्यम से लोगों में देशप्रेम और अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष करने का साहस भरा। इसके चलते उन्हें बर्मा की जेल में निरूद्ध भी रहना पड़ा। इस दौरान उन्हों गीता का अध्ययन कर गीता रहस्य नामक पुस्तक लिखी। उनके संपादन में मराठा दर्पण और केसरी नामक समाचार पत्र काफी लोकप्रिय हुए।
मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने 1884 में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी सहित कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था। काफी हद तक वे अपने उद्देश्य में सफल भी हुए थे। इस अवसर पर सह सचिव सुकृत गनोदवाले, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, अतुल गद्रे, सुरेखा गद्रे, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।





.jpg)




Leave A Comment