उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने कृषि विभाग द्वारा की जा रही है सख्त निगरानी
-54 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस
-15 विक्रेताओं के विक्रय पर प्रतिबंध एवं 01 विक्रेता का किया गया लायसेंस निलंबित
बालोद। उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा सख्त निगरानी की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि निर्धारित दर पर उर्वरक का वितरण कराने के उद्देश्य से जिले के समस्त निजी उर्वकर वितरण केन्द्रों में मैदानी अमलों (उर्वरक निरीक्षक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) की ड्यूटी सुनिश्चित की गयी है। उन्होंने बताया कि मेसर्स ईफको ई-बाजार झलमला में उर्वरक निरीक्षक श्री ऐमन्त कोठारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सुनील ठाकुर की उपस्थिति में 500 कृषकों को 600 बैग, देवांगन कृषि केन्द्र, अलमला में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुनील ठाकुर की उपस्थिति में 126 कृषकों को 223 बैग यूरिया का वितरण कराया गया। इसी तरह जिले के अन्य निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों से 428 कृषकों को 815 बैग यूरिया तथा 92 कृषकों को 120 बैग डी.ए.पी का निर्धारित दर पर वितरण कराया गया है। जिले में कार्यरत उर्वरक निरीक्षकों द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में अबतक 183 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है। जहाँ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का उल्लघन पाये जाने पर 54 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, 15 को विक्रय प्रतिबंध, 01 लायसेंस निलंबन किया गया है तथा मेसर्स कोठारी कृषि केन्द्र, मलकुंवर एवं विनायक कृषि केन्द्र, देवरी के उर्वरक लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की गयी है। उन्होंने बताया कि जिले को प्राप्त 77307 मी.टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य के विरूद्ध 61028 मी.टन उर्वरक का भण्डारण किया गया है, जिसमें से 57653 मी.टन उर्वरकों का कृषकों द्वारा उठाव किया जा चुका है। कृषकों को आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक निर्धारित दर पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सहकारी समितियों में लगातार उर्वरकों का भण्डारण एवं वितरण कार्य किया जा रहा है।




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