तालपुरी में सरस्वती पूजा व सुभाष जयंती श्रद्धा और देशभक्ति के भाव से मनी
-टी सहदेव
भिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के नाॅर्थ जोन गार्डन में माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विद्या, ज्ञान, कला और संगीत की देवी माता सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इसके साथ ही महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती भी पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई। इन दोनों ही पर्वों पर श्रद्धा भाव और देश भक्ति का मिलाजुला जज्बा देखने को मिला। सबसे पहले पंडित प्रबीर भादुड़ी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा स्थल पर माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की। उसके बाद उन्होंने विधिविधान से पूजा संपन्न कराने के पश्चात हवन एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। विसर्जन शनिवार सुबह किया गया।
छोटे-छोटे बच्चों ने किया अक्षराभ्यास
इस अवसर पर अपने माता-पिता के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित छोटे-छोटे बच्चों से पंडित द्वारा अक्षराभ्यास करवाकर विद्यारंभ संस्कार कराया गया, जिसे बांग्ला परंपरा में “हाथे खोड़ी” कहा जाता है। पूजा के उपरांत भिलाई की प्रतिष्ठित ‘राग मंजरी’ ग्रुप द्वारा भक्ति गीतों एवं देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया गया। इस सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी भक्ति गीतों की प्रस्तुति भी विशेष आकर्षण रही।
रागमंजरी ने दी संगीतमय प्रस्तुति
‘राग मंजरी’ ग्रुप की ओर से जगदीश बामनिया, प्रमोद ताम्रकार, रौशनी निर्वाण, जीवनंदन वर्मा, किशोर जाटव, महेश विश्वकर्मा, तपन कुमार नाथ तथा मनीषा भट्ट ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात भोग-प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से ग्रहण किया। इसके बाद कॉलोनी की महिला भजन मंडली द्वारा भजन गायन प्रस्तुत किया गया, जिसमें मुख्य रूप से सरिता खरे, निशा चौधरी, सुशीला, सरोज तिवारी, तरुणा देशमुख, रानी, बसवम्मा एवं निर्मला ने सहभागिता निभाई। भजन कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा।
निःशुल्क शास्त्रीय गायन का प्रशिक्षण
कार्यक्रम का समापन संध्या आरती के साथ माता सरस्वती की पुनः पूजा-अर्चना कर किया गया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में तपन कुमार नाथ, बी. सनमुख राव, कुलदीप कौर, स्वप्ना नाथ, बी. तुलसी राव, तिलोत्तमा गजभिये, राधे लाल, आर. एस. अग्रवाल, राजऋषि गुप्ता, के. टी. अनिल, सुभाष नायर, जीतेन्द्र नायर, विनोद मरार सहित अनेक कॉलोनीवासियों का सक्रिय योगदान रहा। इस अवसर पर ‘राग मंजरी’ ग्रुप द्वारा यह घोषणा भी की गई कि कॉलोनी के बच्चों को उनके द्वारा निःशुल्क शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम एवं कथक का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।





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