विधानसभा में राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक पारित
रायपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा में राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक पारित हो गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन विधेयक पेश किया गया। तीन में से एक विधेयक पारित हुआ। इसके बाद राजिम माघी पुन्नी मेला अब राजिम कुंभ के नाम से जाना जाएगा। विधानसभा बजट सत्र के 12वें दिन बुधवार को तीन संशोधन विधेयक पेश किये गए। इनमें छत्तीसगढ़ सिविल न्यायालय संशोधन, माल एवं सेवा कर संशोधन और राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक शामिल हैं।धर्मस्व और संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह से पुन्नी मेला विधेयक पर आज ही चर्चा कराने का आग्रह किया। जिसकी अनुमति अध्यक्ष ने दी। चर्चा के बाद यह विधेयक पारित कर दिया गया। अब माघी मेला नहीं राजिम कुंभ कहलाएगा।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि -छत्तीसगढ़ विधानसभा में राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक पारित हुआ है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष सहित सदन के सभी सम्मानित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। अब त्रिवेणी संगम में राजिम कुंभ पुराने वैभव और गरिमा के साथ प्रारंभ होगा।दुनियां भर में छत्तीसगढ़ की एक धार्मिक पहचान बनाने वाला यह भव्य आयोजन आगामी 24 फरवरी से आयोजित है जिसमे देश भर के साधु, संत, महात्मा पधार रहे है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्वाग्रह से कार्य करते हुए 13 वर्षों से निरंतर चले आ रहे राजिम कुंभ का नाम बदला था। आज छत्तीसगढ़ विधानसभा ने पुनः राजिम कुंभ कल्प नामकरण के साथ त्रिवेणी संगम में आयोजित होने वाले भव्य और दिव्य कुंभ पर अपनी आस्था प्रगट कर दी है। अपनी प्रतिशोध की आग में सनातन धर्म को झोंकने का कुत्सित प्रयास करने वाले कांग्रेस के लिए बस यही कहूंगा! जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही।












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