एम्स में शोधकार्यों के लिए आरपीएमएस सॉफ्टवेयर
-एक क्लिक पर उपलब्ध होगी शोध संबंधी जानकारी
रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने शोधकार्यों के प्रबंधन के लिए एनआईसी का रिसर्च प्रपोजल मैनेजमेंट सिस्टम (आरपीएमएस) सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया है। इसकी मदद से शोध प्रबंधन संबंधी सभी कार्य एक ही सॉफ्टवेयर में किए जा सकेंगे।
नए सॉफ्टवेयर का शुभारंभ कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (रिटा.) और एनआईसी के टी.एन. सिंह, स्टेट इंफोर्मेटिक्स ऑफिसर, सोमशेखर, निदेशक (तकनीकी) और ललिता वर्मा, उप-निदेशक ने किया। लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (रिटा.) ने कहा कि शोध कार्य सभी शैक्षणिक संस्थानों का अभिन्न अंग है। इसका एनआईआरएफ की रैंकिंग में भी काफी महत्व है। नए सॉफ्टवेयर की मदद से मैनुअल कार्य में लगने वाला समय कम होगा और इंट्राम्यूरल और एक्स्ट्राम्यूरल प्रोजेक्ट्स के डेटा एक्स्ट्रेशन में मदद मिलेगी।
एनआईसी द्वारा विकसित इस सॉफ्टवेयर में शोधकर्ता स्वयं का प्रोफाइल बनाकर शोधकार्य संबंधी प्रस्तावना, विषयसूची, विस्तृत रिपोर्ट, थीसिस और एब्सट्रेक्ट अपलोड कर सकते हैं। शोध की स्वीकृति, प्रोटोकाल और प्रगति का आंकलन इस सॉफ्टवेयर की मदद से आसानी से किया जा सकेगा। नए सॉफ्टवेयर की मदद से पीआई और को-पीआई अपने सभी शोधकार्य और प्रकाशित शोधपत्रों को स्वयं के प्रोफाइल में जोड़ सकेंगे जिससे एक क्लिक पर पूरे संस्थान का ब्यौरा उपलब्ध हो सकेगा। एम्स में वर्तमान में 350 शोधकार्य और 72 क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं। कार्यक्रम में उप-निदेशक (प्रशासन) कुनाल शर्मा, अधिष्ठाता (अनुसंधान) प्रो. सरिता अग्रवाल, सह-अधिष्ठाता डॉ. सुब्रत सिंघा और डॉ. संतोष राव ने भाग लिया।




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