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श्रवण संबंधी विकारों को दूर करने में महत्वपूर्ण है टेंपोरल बोन सर्जरी

-  एम्स में दो दिवसीय कार्यशाला में देशभर के प्रमुख ईएनटी विशेषज्ञों ने लिया भाग
- एम्स में प्रतिमाह 150 टेंपोरल बोन सर्जरी, रोज पहुंच रहे 50 रोगी
 रायपुर। ईएनटी विशेषज्ञों द्वारा की जाने वाली टेंपोरल बोन सर्जरी के बारे में अद्यतन जानकारी देने और नई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें श्रवण संबंधी विकारों से बचने के लिए समय पर विशेषज्ञों से टेंपोरल बोन की सर्जरी करवाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। एम्स के चिकित्सकों ने इसमें विशेषज्ञता प्राप्त कर ली है यहां प्रतिमाह औसतन 150 टेंपोरल सर्जरी की जा रही हैं।
 कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (रिटा.) ने कहा कि ईएनटी संबंधी सर्जरी दिन-प्रतिदिन जटिल हो रही हैं। ऐसे में नई तकनीक के प्रयोग से इसकी जटिलताओं को दूर कर रोगियों को त्वरित राहत दी जा सकती है। प्रदेश स्तर पर आयोजित इस प्रकार की कार्यशालाएं नए ईएनटी विशेषज्ञों को इसकी चुनौतियों को समझने में मदद करेगी। उन्होंने एम्स के ईएनटी विशेषज्ञों से अपनी विशेषज्ञता को प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेज के ईएनटी विशेषज्ञों तक पहुंचाने को कहा।
 चिकित्सा अधीक्षक और ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू राजगुरु ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ ऑटोराइनोलैरिंजोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में टेंपोरल बोन और वेसटीबुलर संबंधी चुनौतियों के बारे में नए चिकित्सकों को हैंड्स ऑन ट्रेनिंग प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि एम्स के ईएनटी विभाग में इस संबंध में सभी सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतिमाह लगभग 150 टेंपोरल बोन सर्जरी की जा रही हैं।
 कार्यशाला संयोजक डॉ. रिपुदमन अरोड़ा ने बताया कि कार्यशाला में देश के प्रमुख ईएनटी विशेषज्ञों ने टेंपोरल बोन डाइसेक्शन, इसकी सर्जरी से जुड़ी चुनौतियों और नई तकनीक के बारे में विशेषज्ञों ने जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि कान संबंधी छोटी और बड़ी सभी सर्जरी में टेंपोरल बोन सर्जरी की आवश्यकता होती है। इसमें कान की हड्डी बढ़ जाना, मवाद आना, कैंसर, मेस्टॉयड, इंप्लांट आदि में इसकी नियमित आवश्यकता होती है। एम्स की प्रतिदिन औसतन 250 रोगियों की ओपीडी में 50 रोगी टेंपोरल बोन संबंधी विकारों के होते हैं। इन्हें एम्स में त्वरित चिकित्सा प्रदान की जाती है।
 कार्यशाला में देश के प्रमुख ईएनटी चिकित्सक डॉ. जीवीएस राव, हैदराबाद, डॉ. मंजूनाथ, हुबली और डॉ. अनीता भंडारी, राजस्थान ने नए चिकित्सकों को टेंपोरल बोन सर्जरी की बारिकियों के बारे में बताया। कार्यशाला आयोजन में विभाग की डॉ. रूपा मेहता, डॉ. शर्मिष्ठा चटर्जी और डॉ. सतीश सातपुते ने भी भाग लिया। इसमें प्रदेश सरकार के मेडिकल कालेज और अन्य प्रदेशों के 127 ईएनटी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

 

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