नौसेना ने चक्रवात के कारण लापता हुए लोगों की तलाश में गोताखोरों की टीमों को तैनात किया
मुंबई। 'ताउते' चक्रवात के कारण समुद्र में डूबे पी305 बजरे पर मौजूद नौ और वाराप्रदा नौका के 11 कर्मियों का कुछ पता नहीं चल पाने के बाद नौसेना ने दोनों वाहनों के मलबे की तलाश में शनिवार जल के अंदर खोज अभियान शुरू किया। नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि आज छह शव और मिलने के बाद पी305 दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 66 हो गई। इसके अलावा नौसेना ने मुंबई के तट के निकट बजरे और वाराप्रदा नौका के खोज एवं बचाव अभियानों (एसएआर) को गति देने के लिये विशेष गोताखोर टीमों को तैनात किया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ''अब तक 66 शव मिल चुके हैं। एसएआर अभियान पूरी रात जारी रहे। विशेष टीमों और उपकरणों के जरिये पी305 और नौका की तलाश जारी है। '' प्रवक्ता ने कहा, “पी305 बजे और वाराप्रदा नौका के लापता चालक दल को खोजने के लिये जारी अभियानों को गति देने के वास्ते आज सुबह विशेष गोताखोरों की टीमें आईएनएस मकर और आईएनएस तारासा में सवार होकर मुंबई से रवाना हुईं।'' एक अधिकारी ने कहा, ''नौसेना और तटरक्षक बल बजरे के नौ और वाराप्रदा के 11 कर्मियों की तलाश में जुटे हैं क्योंकि ताउते चक्रवात के बेहद कमजोर पड़ने के चलते और अधिक लोगों के जिंदा बचे होने की उम्मीद है। '' पी305 बजरे पर मौजूद 261 कर्मियों में से अब तक 186 को बचाया जा चुका है। 66 की मौत हो चुकी है जबकि नौ कर्मी लापता हैं। वाराप्रदा में सवार 13 लोगों में से दो को बचा लिया गया है। पी305 में दुर्घटना में मारे गए आधे से अधिक कर्मियों की पहचान करने के लिये संघर्ष कर रही पुलिस ने शवों का डीएनए कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। मुंबई पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि नौसेना अब तक बरामद किये जा चुके शव शहर की पुलिस को सौंप चुकी है। गौरतलब है कि पी305 बजरा चक्रवात के दौरान सोमवार शाम मुंबई के तट के निकट डूब गया था। डूबने से पहले बजरा चक्रवात में फंस गया था।


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