सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत राष्ट्रीय अभिलेखागार को नहीं तोड़ा जाएगा, राष्ट्रीय संग्रहालय होगा स्थानांतरित : सरकार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत राष्ट्रीय अभिलेखागार भवन को नहीं गिराया जाएगा क्योंकि यह एक धरोहर इमारत है। इसके साथ ही सरकार ने पुष्टि की कि राष्ट्रीय संग्रहालय को नार्थ और साउथ ब्लॉक में स्थानांतरित किया जाएगा।
आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को जोर दिया कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत किसी भी धरोहर इमारत को नहीं गिराया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय अभिलेखागार का मुख्य भवन बना रहेगा और इसके एनेक्सी (विस्तार भवन) को तोड़कर नया भवन बनाया जाएगा। राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखे गए दस्तावेजों में 45 लाख फाइलें, 25 हजार दुर्लभ पांडुलिपियां, एक लाख से अधिक मानचित्र और 1.3 लाख मुगल दस्तावेज शामिल हैं।
पुरी ने संवाददाताओं से कहा कि हालांकि राष्ट्रीय संग्रहालय को स्थानांतरित करने की योजना चल रही है लेकिन वास्तविक कदम में अभी देर है। अधिकारियों ने कहा कि 35 हजार वर्ग मीटर में फैले संग्रहालय को नार्थ और साउथ ब्लॉक में 1.67 लाख वर्ग मीटर में स्थानांतरित किया जाएगा। साउथ ब्लॉक में अभी प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के कार्यालय हैं, जबकि नॉर्थ ब्लॉक में गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के कार्यालय हैं। दोनों ब्लॉक धरोहर इमारतें हैं और सेंट्रल विस्टा परियोजना में इन्हें संग्रहालय बनाने की योजना है।
श्री पुरी ने कहा, "सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत किसी भी धरोहर इमारत को नहीं गिराया जाएगा। राष्ट्रीय अभिलेखागार एक धरोहर इमारत है और वह उसी तरह रहेगी। '' उन्होंने कहा, ''इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) को स्थानांतरित किया जाएगा क्योंकि हम एक विश्व स्तरीय केंद्र चाहते हैं और इसके लिए वर्तमान भवन में जगह नहीं है। एक नया स्थान तय किया गया है। हम एक विश्वस्तरीय केंद्र चाहते हैं, न्यूयॉर्क और सिडनी की तरह। अभी, कलाकृतियों को अस्थायी रूप से जनपथ होटल में स्थानांतरित किया जाएगा।



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