प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्रिम पंक्ति के कोविड कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार हर व्यक्ति को मुफ्त कोविड टीका उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 21 जून से टीकाकरण क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और 18 वर्ष अधिक आयु के लोगों को भी टीकाकरण की वही सुविधा मिलेगी जो 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मिली है।
कोराना वायरस के स्वरूप बदलने और इस संक्रामक रोग से निपटने में देश की सक्षमता का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि कोविड महामारी की वजह से देश में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ बनाने में मदद मिली है। महामारी ने सरकारों, विज्ञान, समाज, संस्थानों और व्यक्ति विशेष की क्षमताओं का विस्तार करने में मदद की है। प्रधानमंत्री ने देश में वायरस के बदलते स्वरूप के कारण बढती चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत चिकित्सा का बुनियादी ढांचा बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा सुविधाओं का विशाल नेटवर्क तैयार करने और दूर दराज के इलाकों में चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में नये अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मेडिकल कालेज और नर्सिंग कालेज स्थापित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि चिकत्सिा के बुनियादी ढांचे के लिए विस्तार के लिए लाखों युवाओं की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने आज कोविड-19 का मुकाबला करने में तैनात अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 राज्यों के 111 प्रशिक्षण केन्द्रों में शुरू किया जायेगा। इसका उद्देश्य देश भर में एक लाख से अधिक कोरोना योद्धाओं के कौशल और क्षमता को बढाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम से वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप गैर-चिकित्सा देखभाल कार्यकर्ताओं को कुशल बनाया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं का विशाल पूल बनाने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के साथ ही कोरोना वायरस के खिलाफ महत्वपूर्ण अभियान का अगला चरण शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता अपने बहुमूल्य योगदान से कोविड मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्सों का बोझ कम कर सकेंगे।
स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल, पुन: कौशल और अप-कौशल के महत्व के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल का विस्तार करना समय की आवश्यकता है और इसके लिए प्रौद्योगिकियों में तेजी से बदलाव की आवश्यकता है। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रो में कार्य कर रहे आशा कार्यकर्ताओं, ए एन एम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के काम की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्होंने संक्रमण से रोकथाम के लिए टीकाकरण के कार्य में अहम योगदान किया है।


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