- Home
- छत्तीसगढ़
- बजट... जानें क्या-क्या हुई घोषणाएं......रायपुर/ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए 'संकल्प' थीम के साथ विकास का रोडमैप रखा।जानें क्या-क्या हुई घोषणाएं......5 नए साइबर थानों का प्रदेश में होगा निर्माण15 नए पुलिस थाना बनेंगेमहिला थानों की संख्या बढ़ेगीतेलीबांधा रायपुर थाना का होगा नवीनीकरणसीन ऑफ क्राइम यूनिट की स्थापना के लिए 3 करोड़वनो के संरक्षण के लिए 930 करोड़ का प्रावधान, 1 हजार पदों की होगी भर्तीअभ्यारण्यों के विकास के लिए 11 हजार करोड़ का प्रावधानशक्तिपीठ भ्रमण योजना शुरु होगा 5 करोड़ का प्रावधानशक्तिपीठ सर्किट बनेगा प्रदेश मेंराजिम में कास्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए 5 करोड़सिरपुर के विकास के लिए प्रावधान 36 करोड़ रीवर फ्रंट, मेडिटेशन सेंटर बनेगाईको टूरिज्म के लिए फिक्की से एमओयू, 500 करोड़सरकारी स्कूली छात्रों को भ्रमण कराने युवा दर्शन योजना, 5 करोड़ का प्रावधानरायपुर देवभवन स्वामी विवेकानंद निवास को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने 5 करोड़पत्रकार को घुमाने के लिए बजट का प्रावधानसाहित्य महोत्सव हर साल होगाअप्रवासी छत्तीसगढ़ियों का एनआईआर सम्मेल हर साल होगा।जनसंपर्क विभाग का बजट 475 करोड़ होगाईवी वाहनों की सब्सिडी हेतु 100 करोड़ कानवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापनानवा रायपुर में स्पोर्टस कांप्लेक्स का निर्माणक्रीडा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना, 100 करोड़हर मिशन के लिए 100 करोड़ राशि का प्रावधान
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से यहां लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति श्री आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी एवं पंडित सुंदरलाल शर्मा (ओपन) विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वी.के सारस्वत ने सौजन्य भेंट की।
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्र भूषण वर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर सुश्री अंबिका चंद्रवंशी, श्री मुरली चंद्राकर, श्री जय प्रकाश वर्मा, श्री रवि वर्मा, श्री मिलींद चंद्राकर, श्री रामगोपाल वर्मा उपस्थित थे।
- प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कक्ष में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने से पूर्व मुलाकात की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त मंत्री को आगामी बजट के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं, सुशासन और समावेशी विकास के संकल्प को यह बजट और अधिक सशक्त आधार प्रदान करेगा।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिपरिषद के सभी मंत्रीगण तथा वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल उपस्थित थे।
- रायपुर/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन में निरामय आरोग्य संस्थान रायपुर को एम्बुलेंस प्रदान किया। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से एम्बुलेंस की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया। इस वाहन का उपयोग निरामय आरोग्य संस्थान में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर/ भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक जिला बिलासपुर को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 तक कर दिया गया है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में लक्ष्य जनसंख्या के कम से कम 90 प्रतिशत से अधिक लोगों को दवा सेवन कराना अनिवार्य है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए अभियान की अवधि में विस्तार किया गया है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर दवा खिलाई जा रही है। आमजन से अपील की गई है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन के इस महत्वपूर्ण अभियान में सहयोग करें और स्वास्थ्य कर्मियों के समक्ष दवा का सेवन अवश्य करें।
- बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रबंधन समिति की बैठक 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत शौचालय निर्माण कार्याें की समीक्षा, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्याें की समीक्षा, फिकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट निर्माण कार्याें की समीक्षा आदि अन्य बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
- गर्मी पूर्व पेयजल प्रबंधन, जनगणना की तैयारी और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोरबिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज आयोजित टीएल बैठक में जिले में आगामी गर्मी के मद्देनज़र पेयजल व्यवस्था, प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों, जल संरक्षण कार्यों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा शिकायत निवारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।पेयजल संकट वाले ग्रामों की अभी से करें पहचानकलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित पेयजल संकट वाले ग्रामों की अग्रिम पहचान की जाए। गत वर्ष जिन क्षेत्रों में जल समस्या उत्पन्न हुई थी, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, किन्तु टैंकर से सीधे वितरण न करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर सिम्प्लेक्स टैंक स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से भरा जाए, जिससे लोग सुव्यवस्थित रूप से पानी प्राप्त कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में 15वें वित्त आयोग की उपलब्ध राशि का उपयोग पेयजल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु करने के निर्देश भी दिए गए।जनगणना कार्य की तैयारी : शुद्धता, गोपनीयता और गुणवत्ता पर बलबैठक में आगामी मई माह में प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना का कार्य पूर्णतः शुद्ध, त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, क्योंकि यह नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं का आधार है। उन्होंने नागरिकों से सही एवं सटीक जानकारी दर्ज कराने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के शिक्षकों को मुख्य रूप से प्रगणक एवं सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह कार्य निर्वाचन की भांति अनिवार्य है,जिसे न स्थगित किया जा सकता है और न ही टाला जा सकता है।जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता, 8 मार्च से पूर्व शौचालय पूर्ण करने के निर्देशकलेक्टर ने जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्ताव तत्काल तैयार कर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में कार्य प्रारंभ किए जा सकें। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में तालाबों की मिट्टी का उपयोग करने को कहा ताकि तालाब गहरा हो जाए और जल ग्रहण क्षमता बढ़े। उन्होंने साथ ही विद्यालयों में निर्माणाधीन शौचालयों को 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।भंडार क्रय नियमों का कड़ाई से हो पालनशासकीय सामग्री की खरीदी में भंडार क्रय नियमों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीदी न किए जाने पर विशेष बल दिया गया। विधानसभा सत्र प्रारंभ होने के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर ने कहा कि पूछे गए प्रश्नों के उत्तर तथ्यपरक, सटीक एवं समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। हाई कोर्ट में लंबित प्रकरणों एवं जनहित याचिकाओं का जवाब दावा समयसीमा में प्रस्तुत करने तथा माननीय न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आईगॉट प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। गोपनीय चरित्रावली लेखन के दौरान इसे भी ध्यान में रखा जाएगा। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएम पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- सार्वजनिक मार्ग पर गन्दगी फैलाने पर सम्बंधित नागरिक पर किया गया 1000 रू का ई जुर्मानारायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम जोन 9 क्षेत्र के सार्वजनिक सड़क मार्ग में गन्दगी फैलाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत विधानसभा मार्ग सड्डू में प्रिंस ढाबा की स्वच्छता व्यवस्था का वस्तुस्थिति की जानकारी लेने औचक निरीक्षण किया गया. औचक निरीक्षण के दौरान स्थल पर प्रिंस ढाबा के सामने सड़क मार्ग में गन्दगी फैलाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही मिली. इस पर जोन 9 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, श्री उमेश नामदेव, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी द्वारा तत्काल सम्बंधित प्रिंस ढाबा संचालक पर उन्हें भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए तत्काल 8000 रू ई जुर्माना किया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया. वहीं एक अन्य सार्वजनिक सड़क मार्ग पर गन्दगी किये जाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत औचक निरीक्षण के दौरान स्थल पर सही मिलने पर सम्बंधित नागरिक मुन्ना साहू पर तत्काल 1000 रू ई जुर्माना किया गया और प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया गया.
-
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 में जल विभाग से सम्बंधित कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर नगर निगम जल विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू ने जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर सहित पार्षद श्री संदीप साहू, श्री भगतराम हरबंश, डॉ मनमोहन मनहरे, श्री अमन सिंह ठाकुर, श्री अर्जुन यादव, महेन्द्र औसर, कार्यपालन अभियंता जल श्री नर सिँग फरेन्द्र, श्री अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता श्री अनुराग पाटकर सहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही.
नगर निगम जल विभाग अध्यक्ष ने बैठक में निर्देशित किया कि जोन अंतर्गत ग्रीष्मकाल में पेयजल परिवहन हेतु चलने वाले टैंकर परियोजना में पारदर्शिता लाने वार्ड अंतर्गत चलने वाले टैंकर की जानकारी सम्बंधित वार्ड पार्षद को भी प्रदान की जाये एवं सम्बंधित स्थानों को सम्बंधित वार्ड पार्षद से सत्यापित करवाया जाये. जोन अंतर्गत होने वाले नल कनेक्शन के स्थान भी सम्बंधित वार्ड पार्षद से सत्यापित करवाये जाने के निर्देश जल विभाग अध्यक्ष ने अधिकारियों को दिए हैँ. जोन अंतर्गत जलप्रदाय के टेल एन्ड क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति की प्व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए.
बैठक में जोन क्षेत्र अंतर्गत होने वाले नवीन बोर खनन के स्थान चयन में सम्बंधित वार्ड पार्षद से समन्वय कर सम्बंधित स्थानों का सत्यापन वार्ड पार्षद से करवाने एवं ऐसे स्थानों का चयन करने, जिससे क्षेत्र के अन्य पेयजल स्त्रोत पर विपरीत प्रभाव ना पड़े, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैँ.
बैठक में जोन अंतर्गत पेयजल व्यवस्था हेतु जोन के जल विभाग में पर्याप्त सामग्री जैसे पंप, पैनल बॉक्स, रोल पाइप, हैंडपंप के सामान,पानी की टंकी इत्यादि को पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए गए हैँ .
निगम जल विभाग अध्यक्ष ने समीक्षा के दौरान जोन 8 जल विभाग के सम्बंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को वार्ड पार्षदों के साथ ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से ग्रसित क्षेत्रों का निरीक्षण कर शीघ्र पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने आवश्यक तैयारी और कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैँ. -
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 3 जोन अध्यक्ष श्रीमती साधना प्रमोद साहू, गुरू गोविन्द सिंह वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद श्री कैलाश बेहरा के नेतृत्व में जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गदर्शन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी की उपस्थिति में जोन क्षेत्र अंतर्गत गुरू गोविन्द सिंह वार्ड क्रमांक 29 अंतर्गत बेहरा कॉलोनी, प्रगति नगर, जगन्नाथ नगर क्षेत्र में सभी घरों में प्रतिदिन निकलने वाला सूखा और गीला कचरा पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में दिए जाने और शहर को स्वच्छ बनाये रखने हेतु अभियान चलाकर नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 3 स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में एक पहल स्वच्छता जनजागरूकता अभियान अंतर्गत
शक्तिनगर क्षेत्र में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा रामकी कंपनी के सुपरवाइजर, वार्ड की मितानिनों , आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ मिलकर गुरू गोविन्द सिंह वार्ड के रहवासियों के मध्य वार्ड 19 keh6 पार्षद के नेतृत्व में स्वच्छता के प्रति जन -जन को जागरूक बनाने हेतु अभियान चलाया गया। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज प्रियदर्शिनी परिसर (पश्चिम) का सघन दौरा कर वहाँ निर्माणाधीन वृहद खेल परिसर और नालंदा परिसर के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शहर के युवाओं के सर्वांगीण विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता देते हुए आयुक्त ने निर्माणाधीन स्विमिंग पूल, हार्स राइडिंग एरिया और सड़क निर्माण के प्रारंभिक कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित 'ले-आउट' के अनुसार किए जाएं ताकि समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित हो सके।
प्रियदर्शिनी परिसर में बन रहे इस खेल परिसर से शहर के खिलाड़ियों को अपनी रुचि के अनुसार अभ्यास करने और अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नालंदा परिसर में शांत वातावरण और पृथक कमरों की सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे छात्रों को अपने कौशल के अनुरूप पढ़ाई करने में मदद मिलेगी, जिससे वे राज्य और शहर का नाम रोशन कर सकें। परिसर के भीतर पहुँच मार्ग और सड़कों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
इस अवसर पर आयुक्त के साथ जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, उप अभियंता बसंत साहू, पुरूषोत्तम सिन्हा, सहायक राजस्व अधिकारी सुनील जोशी एवं स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। -
भिलाईनगर। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार जोन-4 शिवाजी नगर अंतर्गत अवैध कब्जा हटाने कार्यवाही की गई। शहर के विकास में आ रहे बाधा को ध्यान में रखते हुए अवैध कब्जा हटाने पांचो जोन क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। जिससे विकास कार्य में किसी प्रकार की समस्या न हो।
नगर पालिक निगम भिलाई जोन-4 शिवाजी नगर क्षेत्रांतर्गत जोन-2 वार्ड क्रं. 49 सुभाष मार्केट (के.एल.सी. लाईन, के-3 मार्केट का बैकलाईन) एवं वार्ड क्रं. 45 बालाजी नगर (सड़क 50 से सड़क 54 1/ए तक), वार्ड क्रं. 44 लक्ष्मीनारायण नगर (निगम स्वामित्व के मुख्य सीवर लाईन में) मुख्य सीवर लाईन तथा वार्ड क्रं. 49 के-3 मार्केट बैक लाईन के कुल 197, सीवर लाईन संधारण एवं चेम्बर निर्माण कार्य में बाधित अवैध कब्जाधारियों को अवैध कब्जा हटाये जाने प्रथम एवं अंतिम सूचना पत्र तामिल किया गया था।
भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा स्थापित मुख्य सीवर लाईन निर्माण कार्य में बाधित क्रमशः वार्ड 49 के 49, वार्ड 45 के 40 एवं वार्ड 44 के 5 तथा वार्ड 49 के-3 मार्केट बैक लाईन में स्थित 197, इस प्रकार कुल 291 मुख्य सीवर लाईन तथा बैक लाईन से अवैध कब्जेधारियों द्वारा आज दिनांक तक अवैध कब्जा नहीं हटाने के कारण सीवर लाईन संधारण एवं चेम्बर निर्माण कार्य बाधित है। जिसकी बेदखली कार्यवाही दिनांक 23.02.2026 को किया गया है एवं शेष की कार्रवाई की जायेगी । कार्यवाही के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता संजय वर्मा, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, बेदखली प्रभारी विनय शर्मा, राजस्थानी निरीक्षक विजेंद्र परिहार, हरिओम गुप्ता सहित बेदखली टीम उपस्थित रहे। -
भिलाई/ नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा आज निगम की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। इस बैठक में निगम की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने, राजस्व वसूली में तेजी लाने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
ई-ऑफिस एवं डिजिटल उपस्थिति के लिए आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निगम की सभी फाइलें ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही प्रस्तुत की जाएं। साथ ही, अधिकारी-कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु आधार आधारित अटेंडेंस सिस्टम को अनिवार्य रूप से पालन करने कहा गया है।
अब जेम पोर्टल का उपयोग केवल सामग्री क्रय तक सीमित नहीं रहेगा। शासन के दिशा निर्देशानुसार आयुक्त ने सर्विस, श्रमिक उपलब्धता और अन्य सुविधाओं के लिए भी इस पोर्टल के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की। गर्मी और सामान्य दिनों में जल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए टंकियों की मरम्मत, पाइपलाइन सुधार और नलों में टैब लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
आम नागरिकों को निगम के कार्यों से कोई असुविधा न हो, इसके लिए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए गए। निगम की आय बढ़ाने हेतु बकाया संपत्ति कर की वसूली को प्राथमिकता देने और इसमें तेजी लाने को कहा गया है। निगम की पुरानी और अनुपयोगी सामग्रियों को राइट ऑफ कर तत्काल नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि परिसर व्यवस्थित रहे। शहर के खेल परिसरों को व्यवस्थित रखने हेतु उन्हें 'रुचि की अभिव्यक्ति' के माध्यम से योग्य एजेंसियों या समितियों को संचालन एवं रखरखाव हेतु सौंपने की योजना बनाई गई है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सभी विभागों को अपना-अपना विभागवार बजट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
कल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों में प्रगति लाने और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
मुख्य उद्देश्य निगम की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाना और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर करना है। ई-ऑफिस और आधार अटेंडेंस से अनुशासन बढ़ेगा, वहीं पेयजल और आवास योजनाओं में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के देशव्यापी प्रशिक्षण महाभियान के निमित्त मुम्बई में आहूत पश्चिम-मध्य क्षेत्रीय कार्यशाला में भाग लेने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में पार्टी नेता सोमवार को मुम्बई रवाना हुए। इस 28 सदस्यीय दल में पार्टी पदाधिकारी, प्रवक्ता, जनप्रतिनिधि शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि कार्यशाला में प्रशिक्षण लेकर लौटने के बाद पार्टी नेता प्रदेशभर में होने वाली कार्यशालाओं में पार्टी की मण्डल व जिलास्तरीय कार्यशालाओं में मार्गदर्शन करेंगे। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। साथ ही, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय एवं सुश्री लता उसेंडी भी इस सत्र का हिस्सा बनेंगीं। कार्यशाला में विभिन्न 'प्रांतीय प्रशिक्षण टोली' और 'विषय प्रमुख' अलग-अलग सत्रों के माध्यम से संगठनात्मक मजबूती और विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे। प्रदेश प्रदेश महामंत्री द्वय यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मारकण्डेय ,छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धरमलाल कौशिक , नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, CGMSC अध्यक्ष दीपक मस्हके, हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन अनुराग सिंहदेव ,खनिज विकास निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही मुख्य प्रवक्ता व सांसद संतोष पांडेय,पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, सहित सोशल मीडिया संयोजक मितुल कोठारी, प्रशिक्षण अभियान संयोजक डॉ. अवधेश जैन,प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, शताब्दी पाण्डेय, टेकेश्वर जैन, शिवनारायण पाण्डेय, आई सेल संयोजक सुनील पिल्लई, सोमेश पाण्डेय शामिल हैं।
- रायपुर: । छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट को पटल पर रखा। वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्य पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 8.11 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है तथा प्रति व्यक्ति आय 1,79,244 रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।सकल राज्य घरेलू उत्पाद में वृद्धि की संभावनाआर्थिक समीक्षाके अनुसार, 2025-26 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य) वर्ष 2024-25 के 3,31,402 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,58,293 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जो 2024-25 की तुलना में 8.11 प्रतिशत की वृद्धि है। समीक्षा के अनुसार, कृषि और संबद्ध क्षेत्र के वर्ष 2024-25 के 53,928 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 57,969 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जो 7.49 प्रतिशत की वृद्धि है।उद्योग में 7 फीसदी तक वृद्धि का अनुमानइसी तरह उद्योग क्षेत्र के 1,49,678 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1,60,473 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जो 2024-25 की तुलना में 7.21 प्रतिशत की वृद्धि है। समीक्षा के अनुसार, सेवा क्षेत्र के वर्ष 2024-25 के 98,147 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1,07,088 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जो 9.11 प्रतिशत की वृद्धि है।समीक्षा के अनुसार स्थिर मूल्य पर 2025-26 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य) वर्ष 2024-25 के 5,65,845 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,31,291 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जो 11.57 प्रतिशत की वृद्धि है। समीक्षा कहती है कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2024-25 के 1,62,848 रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 1,79,244 रुपये रहने का अनुमान है। यह 10.07 प्रतिशत की वृद्धि है।पत्रकारों से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि विकासशील से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दृष्टि में उठाए गए कदम इस बजट में होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी विकसित भारत के लिए दीर्घकालिक योजना के साथ कार्य कर रहे हैं। उसी प्रकार, माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में हम ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @ 2047’ दस्तावेज के माध्यम से 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने हेतु प्रयासरत हैं।राज्य में उद्योग क्षेत्र की विकास दर उत्साहजनक है। हमारे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास दर 10.26 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 6.6% से अधिक है।उद्योग के साथ-साथ सेवा क्षेत्र का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। किसी भी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए उद्योग क्षेत्र के साथ सेवा क्षेत्र का विस्तार आवश्यक है। जीडीपी में सेवा क्षेत्र का योगदान उद्योग क्षेत्र से भी अधिक होना राज्य के विकास के लिए एक आदर्श स्थिति होगी। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य की अनुमानित विकास दर 10.07% है, जो राष्ट्रीय औसत 6.9% से अधिक है। राज्य की यह प्रगति उत्साहजनक है।वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि’ राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में उल्लेखनीय वृद्धी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 5,65,845 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक 6,31,291 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 11.57 प्रतिशत (प्रचलित भाव पर) अधिक है। इसी प्रकार कृषि, उद्योग तथा सेवा क्षेत्रों में भी जीएसडीपी में डबल डिजिट की वृद्धि हुई है।
- -अंतरराष्ट्रीय मंच पर पारंपरिक कला की दमदार प्रस्तुति, विदेशी बायर्स ने दिए बड़े ऑर्डर; वैश्विक बाजार से जुड़ने की मजबूत हुई राहरायपुर ।नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित आईएचजीएफ फेयर 2026 में इस वर्ष छत्तीसगढ़ के पारंपरिक शिल्प की विशेष झलक देखने को मिली। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडिक्राफ्ट्स द्वारा इंडिया एक्सपो मार्ट नई दिल्ली में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मेले में देश-विदेश के हजारों होलसेल खरीदारों और लगभग 3000 से अधिक निर्यातकों की मौजूदगी वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेले में कोंडागांव जिले के शिल्पकारों ने अपनी उत्कृष्ट कला का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। अमेरिका, यूरोप, मध्य-पूर्व और एशियाई देशों से आए बायर्स ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और पसंद आए उत्पादों के लिए मौके पर ही मूल्य निर्धारित कर बड़े ऑर्डर दिए। इससे स्थानीय शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधे जुड़ने का सुनहरा अवसर मिला।झिटकू मटकी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, कोंडागांव के माध्यम से जिले के 12 चयनित शिल्पकारों ने अपने हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया। कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी और जिला प्रशासन की पहल से इन कलाकारों को यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। मेले में पद्मश्री से सम्मानित शिल्पी पंडी राम मंडावी, धमतरी के काष्ठ शिल्पी उमेश साहू, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त ढोकरा कलाकार पंचू राम सागर, रामलाल मंडावी, बांस शिल्पी मनमोहन नाग, रॉट आयरन शिल्पी नंदलाल मरकाम, भित्ति चित्रकार सरला यादव और संतोषी यादव सहित अन्य कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई। इनके उत्पादों ने विदेशी खरीदारों और आयातकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।धमतरी के काष्ठ शिल्पी उमेश साहू ने इसे अपने जीवन का प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर विभिन्न देशों के खरीदारों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इससे यह समझने में मदद मिली कि विदेशी बाजार में किस प्रकार के डिजाइन, फिनिशिंग और पैकेजिंग की मांग रहती है। उन्होंने कहा कि यदि पारंपरिक शिल्प को आधुनिक डिजाइन और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के साथ प्रस्तुत किया जाए तो छत्तीसगढ़ की कला विश्व बाजार में अलग पहचान बना सकती है। मेले के दौरान छत्तीसगढ़ शिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने भी शिल्पकारों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। केंद्रीय मंत्रियों और अन्य अधिकारियों ने भी प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। कलाकारों ने राज्य सरकार की पहल को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे न केवल उन्हें अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला, बल्कि निर्यात प्रक्रिया को समझने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ।इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। यह न केवल कला प्रदर्शन का मंच बना, बल्कि वैश्विक बाजार से जुड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ। कलाकारों ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य के और भी शिल्पकार अंतरराष्ट्रीय मंच से जुड़ेंगे और छत्तीसगढ़ की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को विश्व स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
- -मुख्यमंत्री राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी ऐसे महान संत का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन और कर्मों से समाज को स्वच्छता, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा ने “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत गाडगे बाबा की स्वच्छता की प्रेरणा से उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान का स्मरण हो गया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और आज स्वच्छता जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह संत गाडगे बाबा के विचारों का ही प्रभाव है कि देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताओं-बहनों को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। देशभर में शौचालयों के निर्माण से उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी पहलें शामिल हैं। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश आर्थिक रूप से निरंतर मजबूत हो रहा है और हम सभी विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग का सम्मान बढ़े और सभी समुदाय विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और संस्कारित जीवन जीने की आधारशिला है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी आरती एवं स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों और समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम को विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू तथा पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संत गाडगे बाबा के वंशज भी मंच पर उपस्थित थे।कार्यक्रम में श्री तुलसी कौशिक, श्री घनश्याम चौधरी, श्रीमती रजनी रजक, श्री विनय निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ रजक समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) को भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य चुनाव आयुक्तों (SECs) की राष्ट्रीय गोलमेज संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह संगोष्ठी लगभग 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है। इससे पूर्व ऐसी संगोष्ठी वर्ष 1999 में आयोजित हुई थी।इस गोलमेज संगोष्ठी की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा की जाएगी। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे।सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य चुनाव आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ इसमें भाग लेंगे। सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEOs) भी इस सम्मेलन में शामिल हों।इस गोलमेज संगोष्ठी का प्राथमिक उद्देश्य अपने-अपने कानूनी ढांचे के भीतर चुनावी प्रक्रियाओं और रसद (logistics) के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयुक्तों के कामकाज में तालमेल को बढ़ावा देना है। इन चर्चाओं से विचारों के रचनात्मक आदान-प्रदान के लिए एक मंच मिलने और चुनावी प्रबंधन में सहकारी संघवाद की भावना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।दिन भर चलने वाले इस सम्मेलन के दौरान, चुनावी प्रक्रियाओं को मजबूत करने के अलावा तकनीक, ईवीएम और निर्वाचक नामावली को साझा करने पर चर्चा केंद्रित होगी।आयोग के वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलों पर प्रस्तुतियाँ देंगे, जिसमें हाल ही में लॉन्च किया गया ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म और चुनावी सेवाओं को सुव्यवस्थित करने में इसकी परिवर्तनकारी क्षमता शामिल है।प्रस्तुतियों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की मजबूती, पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।विभिन्न न्यायक्षेत्रों में निर्वाचक नामावली तैयार करने से संबंधित कानूनी ढांचे पर सूचित चर्चा की सुविधा के लिए, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के संदर्भ में निर्वाचकों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार पात्रता पर एक तुलनात्मक प्रस्तुति भी दी जाएगी।राज्य चुनाव आयोगों का गठन 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के सशक्त प्रावधानों के तहत संबंधित राज्यों के कानून द्वारा किया गया है। राज्य चुनाव आयुक्तों को अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत क्रमशः पंचायतों और नगर निकायों के सभी चुनावों के संचालन और निर्वाचक नामावली तैयार करने के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्तियाँ प्राप्त हैं।
- -समृद्ध किसान, मजबूत उद्योग और बढ़ता सेवा क्षेत्र: विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदमरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रदेश की मजबूत, संतुलित और विकासोन्मुख अर्थव्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, किसानों के हित में लिए गए निर्णयों, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार के कारण छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भावों पर बढ़कर लगभग 6 लाख 31 हजार 291 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसकी वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में विकास के सभी प्रमुख क्षेत्र समान रूप से प्रगति कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है, जो किसानों की मेहनत, तकनीकी नवाचार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और समृद्ध किसान ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश की औद्योगिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग का योगदान लगभग 49 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, अधोसंरचना विकास और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक संरचना और अधिक मजबूत हो रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आईटी एवं डिजिटल सेवाओं में विस्तार के कारण युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर लगभग 1.79 लाख रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेशवासियों की बढ़ती आय, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का सकारात्मक परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार की आय बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो और समृद्धि हर घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त एवं खुशहाल बने।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान और मजबूत करेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
- -बल्ब की रोशनी से जगमगाया गॉव-78 साल बाद पहाड़ियों पर पहुंची बिजली; सन्नाटे की जगह अब गूंज रही बच्चों की पढ़ाईरायपुर । सुकमा की दुर्गम वादियों में करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा गोगुंडा गांव सोमवार को विकास के नए अध्याय का साक्षी बना। आजादी के 78 वर्षों बाद इस पहाड़ी गांव में पहली बार बिजली का बल्ब जला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संभव हुई यह पहल केवल विद्युतीकरण नहीं, बल्कि चार दशकों से पसरे लाल आतंक के अंधेरे पर निर्णायक प्रहार के रूप में देखी जा रही है।कल तक सूरज ढलते ही यह गांव घने जंगलों और नक्सली खौफ के सन्नाटे में डूब जाता था। ढिबरी और टॉर्च की टिमटिमाती रोशनी में जीवन गुजारने वाले ग्रामीण अब अपने घरों में जगमगाते बल्ब देख भावुक हैं। बच्चों की पढ़ाई अब अंधेरे की मोहताज नहीं, और महिलाओं के चेहरे पर सुरक्षा व आत्मविश्वास की नई चमक साफ दिखाई दे रही है।गांव के बुजुर्ग माड़वी सुक्का ने नम आंखों से कहा, “कभी सोचा नहीं था कि अपने जीते जी गांव में बिजली देख पाएंगे। अब लगता है कि हमारा गांव भी देश के नक्शे पर है।” यह एक वाक्य गोगुंडा की दशकों की प्रतीक्षा और पीड़ा का सार बयान करता है।यह परिवर्तन अचानक नहीं आया। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यहां हालात बदले। 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के अनुसार, नक्सली प्रभाव के कारण यह गांव वर्षों तक विकास से वंचित रहा। संयुक्त अभियान के बाद स्थापित कैंप ने नक्सलियों के ‘सुरक्षित ठिकाने’ को ध्वस्त किया और विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त किया।जहां पहले पांच घंटे पैदल पहाड़ चढ़कर पहुंचना पड़ता था, वहां अब विकास की गाड़ियां पहुंच रही हैं। कैंप स्थापित होते ही कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर शुरू की गईं।कलेक्टर ने कहा कि गोगुंडा में बिजली पहुंचना सामाजिक और आर्थिक बदलाव की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। गोगुंडा अब सुरक्षित है और यहां जल्द ही पुल-पुलियों का जाल बिछेगा। गोगुंडा की यह रोशनी बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक बन गई है। यह उस जज्बे की कहानी है, जिसने पहाड़ों का सीना चीरकर बिजली के खंभे गाड़े और उस भरोसे की, जो दशकों बाद लोकतंत्र के प्रति फिर मजबूत हुआ।अब गोगुंडा में अंधेरा अतीत बन चुका है। पहाड़ियों पर जला यह बल्ब केवल रोशनी नहीं, बल्कि उम्मीद, विश्वास और नए भविष्य की चमक का प्रतीक है।
- -522 घरों में नल कनेक्शन से पानी के लिए हैंडपंपों और कुओं पर निर्भरता खत्म-महिलाओं को अब रोज-रोज नहीं ढोना पड़ता पानीरायपुर। भारत जैसे भौगोलिक विविधताओं से भरे देश में विषमताएं विकास की राह में अक्सर चुनौती बनती रही हैं। पठारी और पाट क्षेत्रों से घिरे दूरस्थ गांव पेयजल की समस्या से जूझते रहे हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन से दूरस्थ व दुर्गम अंचलों में भी सभी घरों में नल से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है।कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 53 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मांगामार की तस्वीर अब बदल चुकी है। ढाई हजार से अधिक की आबादी वाले इस गांव में जल जीवन मिशन के तहत एक करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपए की लागत से रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है। योजना के तहत 40 किलोमीटर क्षमता की एक उच्च स्तरीय पानी टंकी स्थापित की गई है। गांव के हर एक घर में पेयजल पहुंचाने के लिए 3700 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 522 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।मांगामार की श्रीमती समारिन बाई खाण्डेल बताती है कि पहले पेयजल के लिए हैंडपंप, कुओं और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर नीचे चला जाता था, जिससे पानी की किल्लत और भी बढ़ जाती थी। कई बार सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं। महिलाओं को घर के कामकाज के साथ पानी लाने घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी।जल जीवन मिशन के तहत “हर घर जल” की सुविधा मिलने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है और नियमित रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इससे न केवल जल संकट समाप्त हुआ है, बल्कि महिलाओं की दिनचर्या में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है।अब महिलाओं को दूर-दूर तक पानी ढोने की मजबूरी नहीं रही। बचा हुआ समय वे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आयवर्धक गतिविधियों में लगा रही हैं। स्वास्थ्य के स्तर पर भी सुधार देखने को मिल रहा है, क्योंकि स्वच्छ पेयजल से जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो गया है।जल जीवन मिशन ने मांगामार जैसे सुदूर गांवों में जीवन की बुनियादी आवश्यकता पेयजल को घर-घर तक पहुंचाकर विकास की नई इबारत लिखी है। अब बारहों महीने ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है। हैंडपंपों पर निर्भरता समाप्त हो चुकी है और मांगामार जल संकट से मुक्त हो गया है। जल जीवन मिशन दूरस्थ क्षेत्रों में न केवल लोगों, खासकर महिलाओं का जीवन आसान बना रही है, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार भी ला रही है।
- रायपुर,।राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित छिंदनार ग्राम पंचायत में रविवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1242 हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में 31 से अधिक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक श्रमिक तक पहुँचना आवश्यक है, तभी वे इसका समुचित लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का उद्देश्य भी यही है कि अधिक से अधिक श्रमिक भाई-बहन योजनाओं से जुड़ें और लाभान्वित हों।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के हित में चार नई श्रम संहिताएँ लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो श्रमिकों और उनके परिवारों के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 45 प्रतिशत आबादी असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है, जिनके विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।उन्होंने चारों नई श्रम संहिताओं— मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता (ओएसएच), 2020 तथा औद्योगिक संबंध संहिता, 2020— के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा, जिससे कोई भी राज्य निर्धारित वेतन से कम भुगतान नहीं कर सकेगा। साथ ही मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा, उपचार, भविष्य निधि तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएँ और सुदृढ़ की जाएंगी।उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं श्रमिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें लाभ लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सके।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुनीता भास्कर, जनपद अध्यक्ष शकुंतला भास्कर, जिला पंचायत सदस्य ममता मंडावी, जिला पंचायत सदस्य तुलेश्वरी नागेश, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर महासमुंद जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभ्यारण्य साल और सागौन के घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण, हरियाली और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराती है।बारनवापारा में चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, चौसिंगा, भालू तथा कभी-कभी तेंदुए की झलक भी देखने को मिल जाती है। इसके अलावा विभिन्न प्रजातियों के पक्षी यहां के वातावरण को और जीवंत बनाते हैं। वन विभाग द्वारा संचालित जीप सफारी पर्यटकों को जंगल के भीतर सुरक्षित भ्रमण का अवसर देती है। सुबह और शाम का समय वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह अभयारण्य सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है। रेल यात्रियों के लिए रायपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक स्टेशन है। रायपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार से नियमित बस एवं टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। निजी वाहन से पहुंचना अधिक सुविधाजनक रहता है।अभयारण्य में प्रवेश शुल्क और सफारी शुल्क निर्धारित हैं। यहां पार्किंग, गाइड, वॉच टॉवर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग कराएं और प्लास्टिक का उपयोग न करें। बारनवापारा की यात्रा को और अधिक सुखद बनाने के लिए पर्यटन मंडल द्वारा संचालित मोहदा रिसोर्ट विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह रिसोर्ट प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है और यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमरे, रेस्टोरेंट, बच्चों के खेलने की जगह तथा हरियाली से घिरा शांत परिसर उपलब्ध है। परिवार और समूह में आने वाले पर्यटकों के लिए यह ठहरने का एक उत्कृष्ट विकल्प है। यहां स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया जा सकता है। जंगल सफारी और मोहदा रिसोर्ट की बुकिंग वनविभाग और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की साइट से की जा सकती है।बारनवापारा के समीप स्थित तुरतुरिया भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां प्राचीन अवशेष, शांत वन क्षेत्र और जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। तुरतुरिया को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम से जुड़ी मान्यता के कारण धार्मिक और पौराणिक महत्व भी प्राप्त है। यहां पिकनिक और प्रकृति अवलोकन के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है। लोक मान्यता है कि माता सीता ने वनवास के दौरान यहीं आश्रय लिया था और लव-कुश का जन्म भी इसी क्षेत्र में हुआ। इस कारण यह स्थल धार्मिक आस्था का केंद्र है। यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है। यहां बहने वाली छोटी जलधाराएं और प्राकृतिक झरने इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। प्रकृति प्रेमियों और पिकनिक मनाने वालों के लिए यह आकर्षक स्थान है। तुरतुरिया में प्राचीन मंदिरों और संरचनाओं के अवशेष मिले हैं, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं। पुरातात्विक दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्राकृतिक गरम जल कुंड भी पाए जाते हैं, जिनके बारे में स्थानीय मान्यता है कि इनका जल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यही “तुर-तुर” ध्वनि से निकले नाम की एक मान्यता भी बताई जाती है।अभयारण्य से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सिरपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। प्राचीन मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक अवशेष यहां के प्रमुख आकर्षण हैं, जो इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। बारनवापारा घूमने का सर्वाेत्तम समय अक्टूबर से जून तक माना जाता है। वर्षा ऋतु में हरियाली अपने चरम पर होती है, हालांकि कभी-कभी सफारी सेवाएं सीमित हो सकती हैं। यात्रा के दौरान हल्के रंग के वस्त्र पहनना, दूरबीन और कैमरा साथ रखना तथा वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है। बारनवापारा अभयारण्य, सिरपुर और तुरतुरिया मिलकर एक ऐसा पर्यटन परिपथ तैयार करते हैं, जहां प्रकृति, रोमांच, इतिहास और आरामदायक आवास की सुविधाएं एक साथ मिलती हैं। यदि आप सप्ताहांत में सुकून भरी और यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए एक आदर्श गंतव्य सिद्ध हो सकता है।




.jpg)






















