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- -बकरी पालन बना आजीविका का सशक्त माध्यम, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप ’महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की महिलाओं के लिए न केवल आर्थिक संबल, बल्कि स्वावलंबन का नया आधार बन रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की श्रीमती करियो के जीवन में आई खुशहाली लेकर आई है। अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम रामनगर की रहने वाली श्रीमती करियो ने योजना से प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग कर न केवल अपना भविष्य संवारा है, बल्कि अपने पूरे परिवार की स्थिति को बेहतर बनाया है।श्रीमती करियो बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। दैनिक खर्चों के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के लागू होने के बाद, जब उनके खाते में राशि आनी शुरू हुई, तो उन्होंने इसे घरेलू खर्चों में लगाने के बजाय निवेश का रास्ता चुना। उन्होंने इस राशि को सहेज कर बकरियां खरीदीं और पशुपालन शुरू किया।अपनी सफलता साझा करते हुए श्रीमती करियो ने बताया कि मैंने योजना के पैसों से बकरियां खरीदीं और साल भर उनकी देखभाल की। अब मेरे पास छह बकरियां हैं। बकरियां समय-समय पर बच्चे देती हैं, जिससे उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। अब मुझे इनसे निरंतर लाभ मिल रहा है और मैंने अपना गुजारा इन्हीं के माध्यम से सुरक्षित कर लिया है।आर्थिक स्थिति सुधरने से श्रीमती करियो अब अपने पति और नाती-पोतों की बेहतर देखभाल कर पा रही हैं। वे कहती हैं कि पहले और अब के जीवन में बड़ बड़ा बदलाव आ गया है। अब घर में अच्छा खान-पान है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, यह सब सरकार की मदद से संभव हो पाया है, वरना हमारे लिए यह सब सोच पाना भी कठिन था।अपनी और अपने परिवार की बदलती तस्वीर देख श्रीमती करियो ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें समाज में सम्मान से जीने का अवसर दिया है। उनके अनुसार, यह योजना ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
- 0- 200 वर्ष पुरानी पाण्डुलिपियों का हुआ संग्रहण0- नई पीढ़ी के लिए सुरक्षित हो रही प्राचीन धरोहर0- डाक्टर पंडा से ताड़ पत्र में लिखी पांडुलिपि प्राप्तरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। इसी क्रम में सेजेज निवेदिता, गुरु नानक चौक रायपुर की व्याख्याता श्रीमती नीतू शर्मा द्वारा लगभग 200 वर्ष पुरानी दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संग्रहण किया गया। यह पाण्डुलिपियाँ डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा के निवास, विकास विहार कॉलोनी रायपुर में प्राप्त हुईं। इनका मूल निवास ग्राम बिरकोल, तहसील सरायपाली, जिला महासमुंद है। ताड़पत्र पर लिखी इन पाण्डुलिपियों में ज्योतिष एवं कर्मकांड से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है।उड़िया भाषा में लिखी ये पाण्डुलिपियाँ पूर्वजों की ज्ञान परंपरा को दर्शाती हैं। ज्ञानभारतम् मिशन के माध्यम से इस प्रकार की धरोहरों का संरक्षण कर उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिल सके।--
- 0- पेंटर के बेटे राम ने प्रावीण्य सूची में स्थान पाकर रचा सफलता का नया अध्यायरायपुर. आर्थिक सीमाओं के बावजूद मेहनत और लगन से हासिल की गई सफलता तब और मायने रखती है, जब उसे आगे बढ़ने का सहारा भी मिल जाए। रायपुर के महंत लक्ष्मी नारायण वार्ड निवासी श्रमिक श्री कमल सोनी के पुत्र राम सोनी की कहानी इसी का उदाहरण है। पेशे से पेंटर कमल सीमित आय में अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। राम सोनी ने अपनी मेहनत के दम पर कक्षा 10वीं की छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।राम की इस उपलब्धि पर उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस आर्थिक सहायता ने उनके आगे की पढ़ाई के रास्ते को आसान बना दिया है।कमल बताते हैं कि उनकी आर्थिक स्थिति उच्च शिक्षा का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त नहीं थी, लेकिन इस योजना से मिली सहायता ने उनके बेटे के सपनों को नई दिशा दी है। अब राम बेहतर संसाधनों के साथ अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए भविष्य में कुछ बड़ा करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 से संचालित इस योजना का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। यह योजना आज भी निरंतर जारी है और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- 0- रायपुर के गुखेरा गाँव के छात्र टूकेश ने अपनी वाणी, संस्कार और आत्मविश्वास से समानता का संदेश पहुँचाया0- प्रोजेक्ट “पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर” बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में निभा रही महत्वपूर्ण भूमिकारायपुर. जिले के छोटे से गाँव गुखेरा जहाँ कक्षा तीसरी का एक छात्र अपनी प्रभावशाली वाणी और संस्कारों के जरिए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। शासकीय प्राथमिक शाला का छात्र टूकेश सोनवानी आज अपनी सहज अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास के कारण एक उभरते बाल वक्ता के रूप में पहचान बना रहा है। कम उम्र में ही टूकेश ने कहानियों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से अपनी झिझक को दूर किया और आत्मविश्वास विकसित किया। वह पूज्य गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरित होकर “मनखे-मनखे एक समान” जैसे संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है, जो सीधे लोगों के दिल तक पहुंचते हैं।विद्यालय की प्रार्थना सभा हो, ग्रामीण सामाजिक आयोजन हों या शासकीय मंच हर जगह टूकेश की वाणी श्रोताओं को प्रभावित करती है। यह सकारात्मक बदलाव प्रोजेक्ट “पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर” जैसी अभिनव पहल के माध्यम से संभव हुआ है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सोच के अनुरूप, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित की जा रहा है।इस पहल का उद्देश्य शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे संस्कार, अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने और बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- 0- नारायणपुर के युवाओं को मिला रोजगार का अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र रायपुर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण नारायणपुर जिले के श्री सौनारू राम साहू एवं श्री गोविंद कुमार नाग हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर नई राह बनाई है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार में बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले से आए इन दोनों दिव्यांगजनों को रायपुर स्थित संबल केन्द्र में 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें क्षतिग्रस्त सहायक उपकरणों की मरम्मत की तकनीकी जानकारी दी गई।इस प्रशिक्षण से न केवल दोनों हितग्राहियों के कौशल में वृद्धि हुई है, बल्कि वे अब अपने क्षेत्र में अन्य दिव्यांगजनों की सहायता करने के लिए भी सक्षम हो गए हैं। इससे नारायणपुर जिले में इस योजना के सुचारू संचालन में भी मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांगजनों को अपने दैनिक जीवन के कार्यों को सुगमता से करने में सहायता मिलेगी तथा वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में स्थापित संबल केन्द्र रायपुर में बैटरी चलित ट्रायसाइकिल, हस्तचलित ट्रायसाइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही यहां कृत्रिम हाथ एवं पैर भी बनाए जाते हैं। ‘दिव्यांग गैरेज’ परियोजना के तहत उपकरणों की मरम्मत कर दिव्यांगजनों को राहत प्रदान की जाती है।शासन के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को प्रत्येक 5 वर्ष में उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, किंतु उपयोग के दौरान उनमें आने वाली खराबियों के समाधान हेतु संबल केन्द्र एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है।यह पहल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हो रही है।
- 0- शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने मंत्री गजेन्द्र यादव ने ली बैठकदुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के सभी शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में शिक्षकीय व्यवस्था, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, संधारण एवं नवनिर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए प्राचार्यों से विस्तृत संवाद किये। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें नैतिक शिक्षा एवं संस्कारों से परिपूर्ण बनाने पर जोर दिया। साथ ही स्कूलों में दर्ज संख्या बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल परिसर में स्वच्छ, अनुशासित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की जिम्मेदारी सभी की सुनिश्चित करने की बात कही।मंत्रोच्चार से होगी पढ़ाई की शुरुआतबैठक में शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि बदलते सामाजिक परिवेश और आधुनिकता के इस दौर में आगामी शिक्षण सत्र से स्कूलों में मंत्रोच्चार के साथ पढ़ाई की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में एकाग्रता, सकारात्मकता और अनुशासन का विकास होगा।साथ ही उन्होंने आगामी सत्र के पूर्व सभी स्कूलों में साफ-सफाई, संधारण, रंग-रोगन एवं आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने हेतु पालकों से सतत संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।नवाचार गतिविधियों पर फोकसबैठक में मंत्री श्री यादव ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षण कार्य में नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने तथा इंस्पायर अवार्ड में विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET और JEE के लिए प्रारंभ से ही लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्कूलों का सतत मॉनिटरिंग कर शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।बैठक के दौरान मंत्री श्री यादव ने प्राचार्यों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं और उन्हें अनुशासन, समय प्रबंधन तथा लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व समझाएं। मंत्री श्री यादव ने कहा कि शासन की मंशा है कि शासकीय स्कूल भी गुणवत्ता, संसाधन और परिणाम के मामले में उत्कृष्ट बनें, इसके लिए सभी स्तर पर समन्वय और निरंतर प्रयास आवश्यक है।--
- -’भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा: कांग्रेस ने हमेशा मातृशक्ति का अपमान किया है’-सदन में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करके कांग्रेस व विपक्ष ने मातृशक्ति का घोर अपमान कियारायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा है कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस पार्टी ने देश की मातृशक्ति का अपमान किया है। इसके विरोध में देश की मातृशक्ति कांग्रेस सहित समचे विपक्षी दल के लोगों के खिलाफ एक उग्र जन आक्रोश यात्रा निकालेगी।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने कहा कि कांग्रेस के महिला विरोधी चेहरे को देश की जनता के सामने लाने के लिए प्रदेश, संभाग, जिलों में प्रेसवार्ता की जाएगी। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करने पर प्रदेश की महिलाएँ उग्र हो चुकी हैं। श्रीमती अवस्थी ने बताया कि 20 एवं 21 अप्रैल को प्रदेश में जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकालकर कांग्रेस की महिला विरोधी चेहरे को उजागर किया जाएगा। इसके साथ ही 23 एवं 24 अप्रैल को जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन रखकर महिला हितैषी बिल का विरोध करने पर कांग्रेस पार्टी एवं समूचे विपक्ष का चेहरा बेनकाब किया जाएगा।रायपुर में निकाला जाएगा नारी जन आक्रोश रैलीमहिला मोर्चा की जन आक्रोश पदयात्रा 20 अप्रैल को दोपहर 03 बजे इंडोर स्टेडियम से शुरू होगा। नारी जन आक्रोश पदयात्रा इंडोर स्टेडियम से लेकर सुभाष स्टेडियम तक होगी। पदयात्रा के बाद सुभाष स्टेडियम में एक बड़ी सभा होगी। सभा में प्रदेश की सभी महिला सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष - उपाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष विभिन्न समाजिक संगठन, सहित महिला मोर्चा की कार्यकर्ता शामिल होगी।
- रायपुर।. पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित सिकल सेल डायग्नोस्टिक किट को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। इस नवाचार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “इनोवेटर्स टू इंडस्ट्री कनेक्ट” समिट में प्रदर्शित करने के लिए चयनित किया गया है। यह समिट 23 अप्रैल 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जहां देशभर के प्रमुख बायोमेडिकल इनोवेटर्स और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।इस सिकल सेल डायग्नोस्टिक किट की खोज एमआरयू के वैज्ञानिक डॉ. जगन्नाथ पाल, डॉ. योगिता राजपूत एवं उनकी टीम द्वारा किया गया है। इस किट के अनुसंधान में एमआरयू की नोडल ऑफिसर डॉ. मंजुला बेक का विशेष सहयोग रहा है। यह किट विशेष रूप से नवजात शिशुओं में सिकल सेल एनीमिया के शीघ्र निदान तथा एंटीनेटल (गर्भावस्था के दौरान) जांच को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।आईसीएमआर (ICMR) के “मेडिकल इनोवेशन पेटेंट मित्र” कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर से चयनित शीर्ष 10 तकनीकों में इस किट को स्थान मिला है। इस सूची में आईआईटी गुवाहाटी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली तथा टाटा मेमोरियल सेंटर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ऐसे में इस उपलब्धि को संस्थान और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि और सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।इस नवाचार के लिए 6 फरवरी 2026 को इंडियन पेटेंट के लिए आवेदन भी पहले ही किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को आईसीएमआर (ICMR) के एक्स्ट्राम्यूरल फंड द्वारा स्पॉन्सर किया गया था, जिससे शोध को आवश्यक सहयोग मिला। यह उपलब्धि क्षेत्र में सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के शीघ्र और सटीक निदान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।आईसीएमआर (ICMR) के तहत “मेडिकल इनोवेशन पेटेंट मित्र” पहल के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम टेक्नोलॉजी शोकेसिंग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य बायोमेडिकल इनोवेशन को उद्योग से जोड़ना, पेटेंट लाइसेंसिंग को प्रोत्साहित करना और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को मजबूत बनाना है।इस कॉन्क्लेव में चयनित तकनीकों को नवीनतम मेडिकल टेक्नोलॉजी प्रदर्शित करने, इंडस्ट्री लीडर्स के साथ सीधे संवाद स्थापित करने तथा कमर्शियलाइजेशन के अवसर तलाशने का मंच मिलेगा।एमआरयू, रायपुर की टीम को इस किट के प्रदर्शन के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। उन्हें इवेंट में भाग लेने हेतु पंजीयन, तकनीक का एक पेज का फ्लायर तथा “मेक इन इंडिया” से संबंधित अंडरटेकिंग निर्धारित समयसीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, प्रतिभागियों को अपनी विकसित किट के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।इस उपलब्धि पर डीन डॉ. विवेक चौधरी ने कहा कि संस्थान में शोध और नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।वहीं, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि यह नवाचार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला है और इससे सिकल सेल जैसी बीमारियों के समय पर निदान में बड़ी मदद मिलेगी।यह सफलता न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देश में बायोमेडिकल इनोवेशन को नई दिशा देने वाली पहल के रूप में भी देखी जा रही है।
- बालोद ।अगर इरादे मजबूत हों और अवसर मिल जाए, तो अभाव के बीच भी खुशियों के फूल खिल सकते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है ग्राम सिरपुर की रहने वाली नन्हीं भाविका राणा की, जिसका चयन 'शिक्षा का अधिकार' (RTE) के अंतर्गत हुआ है। यह महज एक स्कूल में दाखिला नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार के बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता कदम है।भाविका का परिवार एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आता है। परिवार में माता-पिता सहित कुल 6 सदस्य हैं। घर की आर्थिक स्थिति का आधार पिता नरेश कुमार की कड़ी मेहनत है, जो किसानी और मिस्त्री का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास मात्र 1.50 एकड़ कृषि भूमि है, जिससे गुजर-बसर करना चुनौतीपूर्ण होता है। माता भी अपने स्तर पर मेहनत-मजदूरी कर पिता का हाथ बंटाती हैं।भाविका के चयन की खबर जैसे ही घर पहुँची, पूरे परिवार में उत्सव जैसा माहौल हो गया। भाविका की खुशी का तो ठिकाना ही नहीं है। वह बड़े उत्साह से सबको बता रही है कि "अब मैं डौण्डीलोहारा पढ़ने जाऊंगी।" उसकी आँखों की चमक यह बताने के लिए काफी है कि वह नए माहौल में जाने और कुछ नया सीखने के लिए कितनी आतुर है।माता चित्रलेखा और पिता नरेश कुमार का हमेशा से यह सपना था कि उनकी बेटी भी शहर के अच्छे माहौल में शिक्षा प्राप्त करे। वे कहते हैं, हम चाहते थे कि हमारी बच्ची भी ग्रामीण परिवेश की सीमाओं से बाहर निकले और अन्य बच्चों की तरह शहर जाकर पढ़ाई करे। हमें खुशी है कि आरटीई के जरिए उसे वह माहौल मिलेगा जिससे वह पढ़ाई और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ सके।"यहाँ न केवल नन्हीं भाविका के सपनों को 'शिक्षा का अधिकार' (RTE) के तहत पंख मिले हैं, बल्कि परिवार को बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक संबल की सुरक्षा भी मिली है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना 'पक्का घर' मिला है। अब परिवार कच्चे मकान की चिंताओं से मुक्त होकर एक सुरक्षित छत के नीचे रहता है। इतना ही नहीं, महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का लाभ भी भाविका की माता को मिल रहा है। हर महीने सीधे बैंक खाते में आने वाली सहायता राशि ने परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों और बेटी की पढ़ाई के खर्चों में बड़ी राहत प्रदान की है।भाविका के पिता नरेश राणा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास से हमें सिर छिपाने को पक्की छत मिली, महतारी वंदन से आर्थिक मजबूती आई और अब आरटीई के माध्यम से हमारी बेटी का भविष्य सुरक्षित हो रहा है। हम मुख्यमंत्री जी के बहुत आभारी हैं कि उनकी योजनाओं से हम जैसे गरीब परिवारों का जीवन आसान हो रहा है।
- -नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को जारी किए निर्देश-महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तीकरण हेतु गहन जन-जागरूकता अभियान के आयोजन और समन्वय के लिए दिए निर्देशबिलासपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने महिला सशक्तीकरण के लिए टाउन-हॉल बैठकों, नारी शक्ति वंदन सम्मेलनों और रोड-शोज के आयोजन एवं आवश्यक समन्वय के लिए राज्य के सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने मंत्रालय से सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तीकरण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन द्वारा एक विशेष अल्पकालिक एवं गहन जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में ये अभियान संचालित किए जाएंगे।नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र के माध्यम से इन जन-जागरूकता अभियानों के आयोजन एवं समन्वय के संबंध में सभी निकायों को जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार आवश्यक बुनियादी ढांचा (छाया, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था) और स्थल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। महिला सशक्तीकरण से संबंधित जन-जागरूकता अभियान के प्रथम चरण में संबंधित निकायों को विशेष सामान्य सभा आहूत कर कार्यक्रम की महत्ता पर विशेष चर्चा एवं संकल्प पारित करने को कहा गया है। राज्य शासन की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं को आमजनों तक पहुंचाने एवं इसके लिए जागरूक करने महिला हितग्राहियों, स्वसहायता समूहों (SHGs) और स्थानीय जमीनी नेटवर्क को सक्रिय कर हितग्राहियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।विभाग ने विभागीय अभिसरण के जरिए जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में विभिन्न योजनाओं के लाभ की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने सभी विभागों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर स्टॉल व अन्य उपाय करने के निर्देश निकायों को दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य शासन की इस सर्वोच्च प्राथमिकता के अंतर्गत संचालित कार्यो का संपादन कर किए गए कार्यों एवं कार्यवाहियों की जानकारी संचालनालय को भेजना सुनिश्चित करने को कहा है।
- बिलासपुर /भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, बिलासपुर के स्काउटर एवं गाइडर 15 अप्रैल 2026 को नेपाल में आयोजित प्राकृतिक अध्ययन (जिला हाइक) के लिए उत्साहपूर्वक रवाना हुए। यह दल बिलासपुर के नेहरू चौक से बस द्वारा प्रस्थान किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार टांडे एवं जिला मुख्य आयुक्त श्री चंद्रप्रकाश बाजपेयी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए इस यात्रा को ज्ञानवर्धक और अनुशासनपूर्ण बनाने की प्रेरणा दी। इस हाइक में कुल 40 दल भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतिभागियों को इस दौरान देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।यह यात्रा साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रकृति के निकट रहकर सीखने, आत्मनिर्भरता विकसित करने और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। स्काउट्स एवं गाइड्स का यह प्रयास युवाओं में अनुशासन, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना को प्रोत्साहित करेगा।
- बिलासपुर। राज्य शासन द्वारा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में 37 अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। इनमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राजस्व अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी से लेकर राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक, लेखापाल और सहायक ग्रेड-2 तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों-कर्मचारियों को सात दिनों के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समयवाधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान पदस्थापना स्थल से वेतन आहरण नहीं होगा। इसके उल्लंघन की स्थिति में नियंत्रण अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
- -प्रदेश कार्यालय में श्री सिंह एवं मुख्यमंत्री श्री साय करेंगे पत्रकार वार्ता को संबोधितरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री व राज्यसभा सांसद अरुण सिंह आज 19 अप्रैल को अपने एक दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुँचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह सुबह 08 बजे राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुँचेंगे। वहाँ से विमानतल से भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर जाएंगे एवं नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर प्रदेश भाजपा के द्वारा कार्यों की समीक्षा करेंगे एवं आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह कल 19 अप्रैल को भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ दोपहर 12 बजे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। प्रेस वार्ता के बाद श्री सिंह दोपहर 02ः35 बजे दिल्ली रवाना होंगे।
- -संयुक्त टीम की ताबड़तोड़ छापेमारी-सुरंगों में घुसकर कार्रवाई, उपकरण भी बरामद, प्रशासन ने बढ़ाई सख्तीरायपुर । कोरिया जिला के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में कोयला जब्त किया है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को सुबह से सघन अभियान चलाकर अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया और मौके से करीब 150 बोरी यानी 6 टन 61 किलो अवैध कोयला बरामद किया।सुरंगों में घुसकर की गई कार्रवाई, उपकरण भी जब्तजिले में गठित टास्क फोर्स के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने सुरंगों के भीतर प्रवेश कर कार्रवाई की और कोयले के साथ-साथ फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप तथा बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए। इससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध उत्खनन संगठित रूप से संचालित किया जा रहा था।कानूनी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्जइस मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।पहले भी बंद की गईं खदानें, फिर दोहराई जा रही गतिविधियांवन विभाग के अनुसार देवखोल क्षेत्र में पूर्व में भी अवैध खदानों को ब्लास्ट कर बंद किया गया था। एसईसीएल के माध्यम से सुरंगों को सील करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है, लेकिन कुछ लोग इन्हें दोबारा खोलने का प्रयास करते हैं। हाल ही में पटना पुलिस द्वारा भी 3 टन 200 किलो अवैध कोयला जब्त कर बीएनएस की धारा 106 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।प्रशासन की सख्ती, लगातार निगरानीजिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।वनमंडलाधिकारी ने भी कहा कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा और आगे और सख्ती बरती जाएगी।ग्रामीणों के लिए रोजगार के विकल्प उपलब्धप्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में आजीविका के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि लोग अवैध गतिविधियों से दूर रहें। वी-बीजी रामजी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) के तहत स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुरमा एवं आसपास के क्षेत्रों में 20.07 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 54 लाख रुपये के 30 कार्य प्रस्तावित हैं, जिन्हें मांग के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा।कलेक्टर के निर्देश, वैकल्पिक आजीविका पर जोरजिला कलेक्टर ने इस जोखिमपूर्ण कार्य से ग्रामीणों को दूर रहने की अपील करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला पंचायत के सीईओ को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
- -आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान राज्य की पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेन्द्रित स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमाण: मुख्यमंत्री श्री साय-यह सम्मान निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवालरायपुर / आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों के मध्य छत्तीसगढ़ को "बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य" (Best Performing Large State) के रूप में दो प्रतिष्ठित श्रेणियों में सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ को ‘हाई ट्रिगर एफिकेसी’ श्रेणी में संदिग्ध क्लेम की सटीक पहचान और उनके प्रभावी विश्लेषण के लिए तथा ‘टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पिशियस क्लेम्स’ श्रेणी में संदिग्ध दावों के त्वरित और समयबद्ध निपटान के लिए यह सम्मान प्राप्त हुआ है।छत्तीसगढ़ में उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, सुदृढ़ क्लेम ऑडिट तंत्र तथा ट्रिगर-आधारित निगरानी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते संदिग्ध प्रकरणों की समय पर पहचान और उनके त्वरित निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध, सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता को दर्शाती है, बल्कि प्रदेश सरकार की जनकेन्द्रित सोच और सेवा-भावना को भी प्रतिबिंबित करती है।इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य की पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेन्द्रित स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, और इसी दिशा में तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, सुदृढ़ प्रबंधन और सतत सुधार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और सभी सहयोगी संस्थानों को देते हुए विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करता रहेगा।इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है और यह उपलब्धि स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम तथा सभी सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा।
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रूचि नही लेने पर आवास स्वीकृति की जाएगी निरस्त
दुर्ग/कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी नगर निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (नगर पालिका परिषद) एवं नगर पंचायत अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने हितग्राहियों को निर्माण कार्य में सक्रिय रूप से प्रेरित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में हितग्राहियों से सतत संपर्क बनाए रखते हुए निर्माण कार्यो की नियमित निगरानी करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाए। जिन हितग्राहियों की निर्माण कार्य में रुचि नहीं है, उनकी बैठक लेकर उन्हें समझाइश दी जाए, इसके बावजूद रूचि नही लेने पर उनकी आवास स्वीकृति निरस्त करने की कार्यवाही करने को कहा। इसके साथ ही जिन हितग्राहियों ने अपने अंशदान की पूरी राशि जमा कर दी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास का पजेशन दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और हितग्राहियों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदारों को कार्य में तेजी लाने के लिए कहा गया। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित कार्यों को मई माह तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा सहित सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे। -
02 हाइवा व 03 ट्रैक्टर ट्राली जप्त
बिलासपुर/कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार एंव उप संचालक के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमला बिलासपुर द्वारा सकरी, गनियारी, तुरकाडीह, कोनी, मस्तूरी, पचपेड़ी, जोंधरा, गोपालपुर, कुकुरदिकला, भिलोनी, मानिकचौरी क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान सकरी क्षेत्र में खनिज गिट्टी का परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। पचपेड़ी क्षेत्र में खनिज ईट मिट्टी का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया। गोपालपुर क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। जोंधरा क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया।मानिकचौरी क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 05 वाहनों को पुलिस थाना सकरी व पचपेड़ी कि अभिरक्षा में रखा गया है। खनिजों के अवैध उत्खनन,परिवहन, और भण्डारण पर खनिज विभाग,राजस्व विभाग व पुलिस विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। -
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि
बिलासपुर/ भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।
संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।
श्री साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।
जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत
दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।
संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।
संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।
लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह
संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।
वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं। -
- सुशील अग्रवाल व टीकम वर्मा अपने ग्रुप में टॉप पर रहे
- रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2ः स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन एकल प्रतियोगिता के अंतिम राउंड के मुकाबले हुए
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 (इंडोर गेम) के तहत आयोजित स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन एकल प्रतियोगिता के तीसरे दिन शनिवार को नॉकआउट दौर के अंतिम राउंड के मुकाबले पूरे जोश और उत्साह के साथ खेले गए। यूनियन क्लब में आयोजित इस प्रतियोगिता के अंतिम राउंड के मैच में रामेश्वर मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई। साथ ही सुशील अग्रवाल और टीकम वर्मा अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रहे।
अंतिम राउंड के मुकाबले में रामेश्वर मिश्रा ने चंदन साहू के खिलाफ आक्रामक शुरुआत की और लगातार बढ़त बनाए रखते हुए 30-9 के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उनके सटीक स्मैश, तेज रिटर्न और कोर्ट पर शानदार नियंत्रण ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।
फाइनल में पहुंचने से पहले भी रामेश्वर मिश्रा ने दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले मैच में सत्येंद्र कर को 30-17 से पराजित किया। इस मुकाबले में सत्येंद्र ने शुरुआती दौर में चुनौती पेश की, लेकिन रामेश्वर ने अनुभव और संयम का परिचय देते हुए जीत अपने नाम की। इसके बाद खेले गए मैच में रामेश्वर ने सत्यप्रकाश दुबे को 30-5 से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस मैच में उनका खेल पूरी तरह हावी रहा और विपक्षी खिलाड़ी को संभलने का अवसर ही नहीं मिला।
ग्रुप बी के मुकाबलों में सुशील अग्रवाल का दबदबा देखने को मिला। उन्होंने संतोष साहू (सीनियर) को 30-17 से हराकर ग्रुप विजेता बनने का गौरव हासिल किया। मैच के दौरान सुशील ने शानदार नेट प्ले और सटीक ड्रॉप शॉट्स का प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने अमित मिश्रा को 30-11 से और पंकज सिंह को 30-7 से हराया था। तीनों मुकाबलों में सुशील ने एकतरफा जीत दर्ज कर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।
ग्रुप सी में भी रोमांच अपने चरम पर रहा। टीकम वर्मा और टिकेश्वर पटेल के बीच खेला गया मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा। दोनों खिलाड़ियों ने अंत तक शानदार खेल दिखाया और अंक दर अंक मुकाबला बराबरी पर चलता रहा। अंततः टीकम वर्मा ने 30-28 से जीत दर्ज कर ग्रुप में टॉप पर रहे। यह मैच प्रतियोगिता के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक रहा। मैच के निर्णायक विजय मिश्रा, सत्येंद्र कर, टीकम वर्मा, कमलेश गोगिया, चंदन साहू, लविंदर सिंघोत्रा व टिकेश्वर पटेल रहे।
आज सभी मैचों में खिलाड़ियों का उत्साह और खेल भावना देखने लायक रही। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि सभी खिलाड़ी शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं।
आज के मैच-
19 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से एकल व युगल के सभी शेष मैच के साथ ही फाइनल मैच खेले जाएंगे। सभी खिलाड़ियों को निर्धारित समय पर यूनियन क्लब में उपस्थित होना अनिवार्य है।
एकल के मैच-
1. टीकम वर्मा/सुशील अग्रवाल के बीच।
2. पहले मैच के विजेता/चंदन साहू के बीच।
3. फाइनलः रामेश्वर मिश्रा/दूसरे मैच के विजेता के बीच। -
-रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2: स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन युगल प्रतियोगिता
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 (इंडोर गेम) के तहत आयोजित स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन युगल प्रतियोगिता के दूसरे दिन शनिवार को सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल मैच खेले गए। यूनियन क्लब में खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में सत्येंद्र कर व टीकम वर्मा की जोड़ी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अमित मिश्रा व शुभम वर्मा को 30-15 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
मुकाबले की शुरुआत से ही सत्येंद्र और टीकम ने आक्रामक खेल दिखाया। दोनों खिलाड़ियों के बीच तालमेल शानदार रहा और उन्होंने स्मैश व नेट प्ले के जरिए लगातार अंक बटोरे। अमित और शुभम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन विपक्षी जोड़ी ने उन्हें ज्यादा अवसर नहीं दिए।
इससे पहले क्वार्टर फाइनल में अमित मिश्रा व शुभम वर्मा की जोड़ी ने सत्यप्रकाश दुबे व इम्तियाज अंसारी की जोड़ी को 30-22 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। यह मुकाबला अपेक्षाकृत संघर्षपूर्ण रहा, जिसमें दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंततः अमित और शुभम ने संयमित खेल दिखाते हुए जीत अपने नाम की।
ग्रुप ए के नॉकआउट दौर में भी रोचक मुकाबले हुए। टिकेश्वर पटेल व अभिषेक की जोड़ी ने राजेंद्र निगम व शंकर चंद्राकर की जोड़ी को 30-13 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इस मैच में टिकेश्वर और अभिषेक ने शुरुआत से बढ़त बनाए रखी और एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की। इसी क्रम में चंदन साहू व सुशील अग्रवाल की जोड़ी ने हिमांशु शर्मा व सुखनंदन बंजारे को 30-8 से हराकर अपनी ताकत का परिचय दिया। यह मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा, जिसमें विजेता जोड़ी ने आक्रामक खेल से विपक्षी टीम को दबाव में रखा।
वहीं संतोष साहू (सीनियर) व शुभोदय सिकदार की जोड़ी ने लविंदर सिंघौत्रा व रोहित बर्मन को 30-17 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस मैच में अनुभव और सामंजस्य का बेहतर तालमेल देखने को मिला, जिसने जीत की राह आसान की। मैच के निर्णायक विजय मिश्रा, कमलेश गोगिया, सत्येंद्र कर, टीकम वर्मा, चंदन साहू व लविंदर सिंघोत्रा रहे।
आज के मैच--
19 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से युगल के क्वार्टर फाइनल, दूसरा सेमीफाइनल व फाइनल मैच खेले जाएंगे। सभी खिलाड़ियों को निर्धारित समय पर यूनियन क्लब में उपस्थित होना अनिवार्य है।
1. चंदन साहू-सुशील अग्रवाल/संतोष साहू-शुभोदय सिकदार के बीच (क्वार्टर फाइनल)
2. रामेश्वर मिश्रा-विजय गुर्जर/टिकेश्वर पटेल-अभिषेक सिंह के बीच (क्वार्टर फाइनल)
3. दूसरा सेमीफाइनल : दोनों क्वार्टर फाइनल की विजेता टीम के बीच
3. फाइनलः सत्येंद्र कर-टीकम वर्मा/दूसरा सेमीफाइनल विजेता के बीच - -वालंटियर्स की सहभागिता से जागरूकता अभियान को मिलेगा बलरायपुर । विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आगामी 8 मई को राज्य स्तर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रेडक्रॉस राज्य शाखा, रायपुर के चेयरमैन श्री तोमन साहू की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में बैठक आयोजित की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि इस विशेष अवसर पर समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के रेडक्रॉस वालंटियर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।इस दौरान रेडक्रॉस की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार कर जारी की गई। योजना में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, विशेष अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। साथ ही, रक्तदान शिविरों का व्यापक आयोजन कर रक्त की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित करने और “रक्तदान महादान” के संदेश को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक और सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है, जिससे उनमें मानवीय मूल्यों और सेवा भाव का विकास हो सके। जिला शिक्षा अधिकारियों को माहवार गतिविधियों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए हैं।कार्ययोजना में शैक्षणिक भ्रमण, प्राकृतिक अध्ययन, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, काउंसलर प्रशिक्षण, ट्रैकिंग कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, रक्तदाता दिवस, विश्व योग दिवस, जनसंख्या दिवस, साक्षरता दिवस, अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस, दिव्यांग दिवस, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सहित विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। साथ ही, विद्यार्थियों को नई दिल्ली में लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी प्रस्तावित है। बैठक में चेयरमैन श्री तोमन साहू, कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- -27 एकड़ में विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र: कोरबा के विकास को मिलेगा नया आयाम-गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे: मंत्री श्री लखन लाल-नई औद्योगिक नीति से उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया हुई सरल, पारदर्शी और समयबद्धरायपुर । वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन समारोह का आयोजन हुआ। मंत्री श्री देवांगन द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। यह औद्योगिक क्षेत्र लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद्र पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, प्रबंध निदेशक सीएसआईडीसी रायपुर श्री विश्वेश कुमार, निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में उद्योगों के विस्तार और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति निवेशकों और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई हैं, जिससे निवेशकों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। भूमि आबंटन की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इसी संकल्प के साथ “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” और “विकसित कोरबा 2047” का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति युवाओं और नवोदित उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे नए उद्योग स्थापित हों और व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हों। गोपालपुर के इस नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 44 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, पात्र इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से कुल निवेश का लगभग 65 प्रतिशत तक सहायता/अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा अब केवल कोयला और विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे विविध उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अंत में उन्होंने सभी उद्यमियों को शुभकामनाएँ दीं।एमडी श्री कुमार ने लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया नवीन औद्योगिक एरिया विकास की प्रस्तावना से लेकर टेंडर कार्य प्रक्रिया में है। कार्यों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत एमएसएमई, नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्योगों को स्थापित करने में सहायता मिलेगी और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही, “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल, तेज और सुगम बनाया गया है, ताकि निवेशकों और उद्यमियों को एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
- रायपुर। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन 19 अप्रैल दिन रविवार को कोरबा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे एवं नगर निगम कोरबा के विभिन्न वार्डों में 102 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इस मौके महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत भी उपस्थित रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंत्री श्री देवांगन चारपारा कोहड़िया कोरबा से दोपहर 12.45 बजे रवाना होकर 01 बजे परशुराम भवन बुधवारी कोरबा आगमन एवं सामुदायिक भवन के प्रथम तल के शेष कार्य, द्वितीय तल के निर्माण व अन्य विस्तार कार्य, लागत 25 लाख रूपए के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे।अपरान्ह 3.10 बजे ब्रम्हवाटिका मेला ग्राउंड के पीछे बुधवारी कोरबा एवं पंडित रविशंकर शुक्ल नगर जोन अंतर्गत ब्रम्हवाटिका के समीप सामुदायिक भवन निर्माण, प्रसाधन एवं अन्य कार्य लागत राशि 20 लाख रूपए का लोकार्पण। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन शाम 4.30 बजे सीएसईबी चौक कोरबा आगमन एवं टीपी नगर जोन अंतर्गत सीएसईबी चौक में प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य लागत 32.30 लाख रूपए के भूमिपूजन कायक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात वे शाम 5.15 बजे एमडी कॉलोनी सुभाष ब्लॉक एसईसीएल कोरबा आगमन एवं जैतखाम के पास सामुदायिक भवन एवं मंच निर्माण लागत राशि 15 लाख, हेलीपेड के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत राशि 10 लाख रूपए शामिल है।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि-कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई थी संजू, पूरे टूर्नामेंट में दिखाया था शानदार खेल-कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे-बहतराई अकादमी में अपने खेल को तराशा है कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की संजू ने-छत्तीसगढ़ की बेटी का शानदार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ का मान-सम्मान व गौरव बढ़ाने वाला, उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों को भी करेगी प्रेरित – अरुण सावरायपुर। भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप मंर मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।श्री साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं।
- - बाघ के बाद अब तेंदुए की आमद से औंधी इलाके में खौफ का आलममोहला। मानपुर विकासखंड अंतर्गत औंधी-नवागांव उप वन परिक्षेत्र में बीते दो दिनों से आतंक मचा रहा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के ट्रैप कैमरे में कैद हो गया है। दरअसल औंधी तहसील क्षेत्र अंतर्गत बारकुंजी व साल्हेभट्टी गांव से लगे जंगल में दो दिन पूर्व पालतू मवेशियों का शिकार हुआ था। घटना के बाद वन महकमे द्वारा किए गए मौका मुआयना में शिकारी वन्य जीव के फुटमार्क भी मिले थे। ये फुटमार्क चूंकि बाघ के फुटमार्क की तुलना में छोटे थे इस लिहाज से वन विभाग बाघ के अलावा किसी अन्य जानवर द्वारा मवेशियों का शिकार किए जाने की आशंका जता रहा था। लेकिन दूसरी ओर ग्रामीणों के बीच बाघ द्वारा शिकार किए जाने की चर्चा भी रही। क्योंकि बीते कुछ महीने से इसी औंधी इलाके में मवेशियों का जंगली जानवर द्वारा शिलशिलेवार शिकार की घटनाएं सामने आते रही है। इन पूर्ववर्ती घटनाओं के दरमियान नवागढ़ गांव से लगे जंगल में लगाए गए वन महकमे के ट्रैप कैमरे में एक वयस्क बाघ की तस्वीर भी कैद हो चुकी है। हालांकि इस बार हाल ही में दो दिन पहले किया गया शिकार एक तेंदुए की करतूत निकली क्योंकि इस बार घटनाक्षेत्र में तेंदुए की तस्वीर कैमरे में कैद हुई है।क्षेत्रीय वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय राजपूत ने घटनाक्रम के संबंध में बताया कि तेंदुआ साल्हेभट्टी-बारकुंजी इलाके में मवेशियों का शिकार किया गया था। यहां मिले फुटमार्क के आकार छोटे थे इस लिहाज से तेंदुए का फुटमार्क होने की आशंका थी। घटना के बाद घटनाक्षेत्र में अलग_अलग स्थानों में ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। बीती रात ट्रैप कैमरे में तेंदुए की तस्वीर कैद हो गई। श्री राजपूत के मुताबिक तस्वीर को देखने से लगता है कि ये एक तंदुरुस्त तेंदुआ है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील भी की है ताकि किसी जन हानि से बचा जा सके।










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