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- दुर्ग. जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम-आशा योजना) के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी शुरू कर दी गई है। योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये है। शासन ने पंजीयन की सीमा 20 अपै्रल 2026 तक बढ़ा दी गई है। खरीफ वर्ष 2025-26 की फसलों अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफल्ली एवं रबी वर्ष 2025-26 की फसलों चना, मसूर एवं सरसों के लिए किसान 20 अप्रैल 2026 तक समितियों के माध्यम से अपना पंजीयन करवा सकेंगे। इसके लिए इन फसलोें की बुवाई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ ़ऋण पुस्तिका, बी.-1, पी.-2, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा कर एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन करा सकते है।इसी प्रकार योजना अंतर्गत रबी फसल हेतु की गई गिरदावरी/डी.सी.एस. अपूर्ण होने के कारण उपार्जन हेतु फसल एवं रकबा के सत्यापन में कठिनाई को ध्यान में रखते हुए फसल एवं रकबा के सत्यापन हेतु राजस्व विभाग के पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र कृृषक द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर प्रमाण पत्र को मान्य करते हुए फसल एवं रकबा का सत्यापन कर उपार्जन की कार्यवाही अधिसूचित सेवा सहकारी समितियों द्वारा की जाएगी। कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाईयों से अपील की जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतिक्षा किये बिना जल्द से जल्द अपने सेवा सहकारी समिति केन्द्रों पर जाकर पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण करावें तथा योजना अंतर्गत सम्मिलित फसलों के विक्रय हेतु क्षेत्र के अधिसूचित उपार्जन केन्द्रों से संपर्क करें।--
- 0- पैरालीगल वालेंटियर्स की टीमों ने आमजन को दी स्वास्थ्य व अधिकारों की जानकारीदुर्ग. विश्व स्वास्थ्य दिवस के पावन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा एक व्यापक, प्रभावी स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दुर्ग, पाटन, भिलाई-3 एवं धमधा क्षेत्र के पैरालीगल वॉलंटियर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचकर स्वास्थ्य एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।शिविर के अंतर्गत पैरालीगल वॉलंटियर्स की टीमों ने स्वास्थ्य केन्द्रोें, गाँवों, शहरों, स्कूलों, कॉलेजों तथा मोहल्लों में घर-घर जाकर बच्चों, बुजुर्गों एवं युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। साथ ही, आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा तथा विभिन्न प्रकार की विधिक सलाह के बारे में भी जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि दुर्ग जिले के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग में निःशुल्क अधिवक्ता एवं विधिक परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य तथा नशामुक्त जीवन के लाभों के साथ-साथ एनडीपीएस एक्ट, छ.ग. आबकारी अधिनियम, घरेलू हिंसा, महिला अधिकार, बाल संरक्षण एवं अन्य महत्वपूर्ण विधिक विषयों पर भी जानकारी दी गई।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि आमजन ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य एवं विधिक विषयों पर खुलकर संवाद किया। शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि “स्वस्थ जीवन एवं न्यायपूर्ण समाज, दोनों ही एक सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं” तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य एवं अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग का यह प्रयास समाज में स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुआ है।
- रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले के सभी ग्राम पंचायतों में मंगलवार को रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्यरत श्रमिकों एवं ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम के दौरान “नवा तरिया आय के जरिया” पहल की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि नवा तरिया के निर्माण से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से विशेष रूप से महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने हेतु हितग्राहियों को प्रेरित किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी, किस्तों के प्रावधान एवं निर्माण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी भी साझा की गई।जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीणों को जनभागीदारी के तहत प्रत्येक घर में सोखता गड्ढा निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में “वीबी जीरामजी अभियान” का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए ग्रामीणों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।--
- 0- आचार्य मिश्र ने कलेक्टर को ऐतिहासिक महत्व के ताम्रपत्र एवं पांडुलिपियों की दी जानकारीरायपुर. सुप्रसिद्ध इतिहासकार आचार्य रमेंद्रनाथ मिश्र को “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत भारतीय सांस्कृतिक धरोहर एवं प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह अवसर जिले के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। इस अवसर पर जिला प्रशासन रायपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिस्वरंजन द्वारा आचार्य मिश्र के निवास पर पहुँचकर उन्हें सम्मानित किया गया। अधिकारियों के कर-कमलों से प्राप्त यह सम्मान आचार्य मिश्र के वर्षों के शोध, तप एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आचार्य मिश्र के दुर्लभ संग्रहालय एवं ग्रंथालय का अवलोकन भी किया। इस दौरान बाबू रेवाराम ‘पण्डित’ द्वारा रचित तवारीख हैहयवंशी राजाओं की (1858) की पांडुलिपि, पंडित सुंदरलाल शर्मा की देश की एकमात्र हस्तलिखित जेल पत्रिका “श्री कृष्ण जन्म स्थान”, रानी दुर्गावती कालीन दुर्लभ गीता की पांडुलिपि, वर्ष 1845 से 1905 तक की “कोलकाता रिव्यू” सहित ताड़पत्र एवं संस्कृत की विभिन्न पांडुलिपियाँ प्रदर्शित की गईं। इसके अतिरिक्त बस्तर भूषण पंडित केदारनाथ ठाकुर, बाबू प्यारेलाल गुप्त एवं यतियतन लाल की हस्तलिखित दैनिक डायरियाँ भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
- -हितग्राहियों को राशन वितरण में न हो किसी प्रकार की परेशानी :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपु । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज शासकीय उचित मूल्य दुकान रायपुर प्रगति महिला स्व. सहायता समूह ठाकुर प्यारेलाल वार्ड डंगनिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकान में हितग्राहियों से बातचीत की एवं राशनकार्ड, तौल मशीन व राशन की जांच की।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि आप सभी को तीन महीने का राशन एक मुश्त दिया जाएगा।साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत हितग्राहियों को समय पर एवं निर्धारित मापदंडों के अनुसार राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए एवं हितग्राहियों को राशन वितरण में न हो किसी प्रकार की परेशानी । राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -प्रेस क्लब के आयोजन हेतु नया साउंड सिस्टमरायपुर। प्रेस क्लब में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वरिष्ठ पत्रकार श्री संदीप तिवारी के सौजन्य से प्रेस क्लब को एक आधुनिक साउंड सिस्टम प्रदान किया गया।इस अत्याधुनिक साउंड सिस्टम के माध्यम से अब प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रमों की गुणवत्ता और बेहतर होगी, जिससे पत्रकार साथियों एवं आमंत्रित अतिथियों को उत्कृष्ट ध्वनि व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े एवं निवेदिता साहू सहित वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट दीपक पांडे, सत्येंद्र कर, मुकेश वर्मा, अख्तर हुसैन तथा बड़ी संख्या में प्रेस क्लब के सदस्य उपस्थित रहे।प्रेस क्लब परिवार ने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए वरिष्ठ पत्रकार श्री संदीप तिवारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह योगदान क्लब की गतिविधियों को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
- रायपुर। कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में उज़्बेकिस्तान यात्रा के प्रमुख निष्कर्षों को साझा करने एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के सतत प्रयासों का हिस्सा है।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। तत्पश्चात अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रोफेसर हुलास पाठक ने 28 फरवरी से 10 मार्च तक माननीय कुलपति के नेतृत्व में किए गए उज़्बेकिस्तान भ्रमण के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस यात्रा के दौरान कृषि, एग्रीबिजनेस, ग्रामीण विकास, उद्यमिता एवं नवाचार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं तथा भविष्य में सहयोग की व्यापक संभावनाएँ सामने आई हैं।इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य उज़्बेकिस्तान यात्रा से प्राप्त अनुभवों को, विभागाध्यक्षों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचाना तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय अवसरों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही, छात्रों को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के अवसरों में भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं अनुसंधान तंत्र से संबंधित संभावित सहयोग क्षेत्रों पर भी चर्चा की गई। इसमें छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ तथा विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहे।संगोष्ठी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही वित्तीय सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों को उड़ान योजना के तहत विदेशों में शोध एवं प्रशिक्षण के अवसरों तथा प्राध्यापकों को उत्कर्ष योजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग हेतु वित्तीय सहायता के बारे में अवगत कराया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को कम करते हुए अधिक से अधिक शिक्षकों एवं छात्रों को वैश्विक मंच पर अवसर प्रदान करना है।कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने तथा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया।अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुभव विद्यार्थियों के करियर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जी. के. दास ने छात्रों को अपनी क्षमता पहचानने एवं वैश्विक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों एवं अधिकारियों ने भी छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय अवसरों का लाभ उठाकर अपने कौशल का विकास करें और विश्वविद्यालय तथा राज्य का गौरव बढ़ाएँ।इस संगोष्ठी में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संजय द्विवेदी द्वारा किया गया तथा अंत में डॉ. सुनील नायर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की वैश्विक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
- -निरंतर साफ-सफाई कराने के दिए निर्देशरायुपर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह आज शहर के दौरे के दौरान रोहणीपुरम, डीडी नगर सहित अन्य क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया। रोहणीपुरम में नालियों की सफाई नहीं होने और सड़कों के किनारे कचरा पाए जाने पर नाराजगी जताई। कलेक्टर ने सभी नालियों की नियमित सफाई और कचरे के उठाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के वार्डों में नालियों की साफ-सफाई अच्छे से की जाए। कहीं पर भी जाम की स्थिति न रहे। कचरे के जमाव से नालियां जाम होंगी और संक्रामक बीमारी फैलने की संभावना बनी रहेगी। नगरीय निकाय के जोन स्तर के अधिकारी दौरे पर निकलेंगे और साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखेंगे। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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- राजस्व पखवाड़ा 1 से 15 अप्रैल तक
-लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण पर जोर, राजस्व अभिलेखों को अपडेट रखने के निर्देश-दुरुस्ती के बाद हितग्राही को कलेक्टर ने प्रदान किया बी-1 दस्तावेजरायपुर / रायपुर शहर में आज अपने धुंआधार निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह चंगोराभाठा स्थित पटवारी कार्यालय (हल्का नंबर 59) पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में लंबित एवं निराकृत आवेदनों की विस्तृत जानकारी ली और नक्शा, खसरा, बी-1 सहित अन्य राजस्व अभिलेखों का अवलोकन किया।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अभिलेख अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखे जाएं, ताकि आमजनों को आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित एवं समयसीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने श्री रामनारायण सिन्हा को दुरुस्ती के पश्चात बी-1 की प्रति भी प्रदान की। श्री सिन्हा ने बताया कि उन्होंने पूर्व में अपनी जमीन गिरवी रखकर बैंक से ऋण लिया था, जो अब पूर्ण रूप से चुकता हो चुका है तथा एनओसी भी प्राप्त हो गई थी, लेकिन बी-1 में आवश्यक सुधार नहीं हुआ था।उन्होंने बताया कि राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत पटवारी कार्यालय में आवेदन करने पर उनका कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया गया और बिना किसी परेशानी के उन्हें संशोधित बी-1 प्राप्त हो गया। उन्होंने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन तथा एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। - बिलासपुर /जिला स्तरीय गौधाम समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में गौसंरक्षण और गौधाम संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत गौधामों के संचालन, नए प्रस्तावों की स्थिति और अपूर्ण आवेदनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिए गए।जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक जिला अध्यक्ष श्री धीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, सदस्य श्री रमाकांत पांडे, श्री इतवारी धीवर, श्री रामकृष्ण साहू, डॉ. जी.एस. तंवर सचिव एवं संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं तथा डॉ. बी.पी. सोनी जिला नोडल अधिकारी, गौधाम योजना सहित विकासखंड स्तरीय समिति के पदाधिकारी और स्वीकृत गौधामों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 39 गौधामों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 गौधाम राज्य शासन द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 4 गौधाम वर्तमान में संचालित हैं, जबकि कनई खोंधरा का गौधाम शुरू होना शेष है। इसके अलावा 12 नए गौधामों के प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनमें रहंगी, पराघाट, निरतू, नेवरा, छतौना, मौपका, लावर, किरारी भरनी, घुटकू, खजुरी नवागांव एवं काठाकोनी शामिल हैं।बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। केवल विकासखंड कोटा के 3 प्रस्ताव पूर्ण होने पर उन्हें स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया गया। इनमें लालपुर गौधाम (गिरजा बंद गौ सेवा समिति), कुरुवार गौधाम (ग्राम पंचायत कुरुवार) एवं खैरा गौधाम (ग्राम पंचायत खैरा) शामिल हैं। वहीं, ग्राम जाली की गोरी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालन में असहमति जताने तथा खैरा के भवानी महिला स्व सहायता समूह एवं श्री कृष्णा गौधाम सेवा समिति के प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण संबंधित प्रस्ताव निरस्त किए गए। लालपुर कोटा में भी दो आवेदनों में से गिरजा बंद गौ सेवा समिति के प्रस्ताव को पूर्ण पाए जाने पर अनुशंसित किया गया, जबकि बैगा बाबा आश्रम का आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया।बैठक में सुरभि गौधाम कनई खोंधरा एवं हरदी कला टोना में पशु शेड पूर्ण होने और संचालकों द्वारा संचालन की सहमति देने पर उनके संचालन को अनुमोदित किया गया।इसके अतिरिक्त लाखासर गौधाम में 201, ओकर में 86 तथा जैतपुर में 54 गायों के संरक्षण की जानकारी देते हुए इन स्थानों पर सेक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गौधामों के सुव्यवस्थित संचालन और गौवंश संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
- -समय और श्रम की बचत, एक साथ मिल रहा तीन माह का राशनबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिले के सभी पीडीएस दुकानों में 7 अप्रैल से चावल उत्सव की शुरूआत हुई है। चावल उत्सव के दौरान जिले के लगभग 6 लाख राशन कार्डधारियों को तीन माह का चावल एक साथ वितरण किए जाने की शुरुआत हुई। जिले में बीपीएल और एपीएल कार्डधारियों को निर्धारित तीन माह का चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत सभी 697 उचित मूल्य दुकानों में एक साथ वितरण प्रक्रिया संचालित की गई है। तीन माह का चावल एकमुश्त मिलने से हितग्राहियों में उत्साह है उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।शहर के कुदुदण्ड स्थित पीडीएस दुकान में अपना राशन लेने पहुंचे हितग्राही गणेश यादव ने बताया कि आज उन्हें तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था काफी सुविधाजनक है इससे उन्हें अब तीन माह तक राशन दुकान नहीं आना पड़ेगा इससे उनके समय की बचत होगी। शासकीय उचित मूल्य दुकान पहंुची श्रीमती लक्ष्मी मानिकपुरी ने बताया कि वह तीन माह का चावल लेने केंद्र पहंुची है जहां निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें 105 किलो चावल मिल गया है। उन्होंने इस व्यवस्था पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे अब उन्हें इस भीषण गर्मी में तीन माह तक राशन दुकान आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वृद्धा फोनी बाई ने कहा कि राशन दुकानों में चावल लेने के लिए कई बार उन्हें काफी समय देना पड़ता है। भीषण गर्मी में सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय से सभी को राहत मिलेगी। युवा महिला सुनीता पात्रे ने बताया कि 6 माह के छोटे बच्चे को लेकर वह राशन लेने आई है। तीन माह का राशन एकमुश्त मिलने से अब उन्हें इस भीषण गर्मी में बच्चे के साथ चावल लेने नहीं आना पड़ेगा यह मेरे लिए एक बड़ी राहत है उन्होंने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से आमलोगों को काफी सुविधा होगी।उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देश पर आयोजित चावल उत्सव कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारी की गई थी। इस पहल के तहत जिले के लगभग 6 लाख राशन कार्डधारियों को एकमुश्त तीन माह का चावल उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें एपीएल कार्डधारियों को भी नियमित आवंटन के अनुसार वितरण सुनिश्चित किया गया। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में प्रति माह 17 हजारों मीट्रिक टन चावल आवंटित होता है, जिसे इस बार तीन माह का एक साथ वितरण करने की व्यवस्था की गई है। यह पहल हितग्राहियों के लिए काफी सुविधाजनक है। जिससे उन्हें आगामी तीन माह तक राशन दुकान आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
- - 7वीं वेस्टर्न रीजन साइबर सिक्योरिटी को-ऑर्डिनेशन फोरम की बैठक आयोजित- प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने की अध्यक्षतारायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज मुख्यालय, डंगनिया स्थित राज्य भार प्रेषण केंद्र में राष्ट्रीय स्तर की 7वीं वेस्टर्न रीजन साइबर सिक्योरिटी को-ऑर्डिनेशन फोरम (WR-CSCF) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला द्वारा किया गया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मानव जीवन में पहले पंचतत्व—भूमि, गगन, वायु, अग्नि और नीर—को महत्वपूर्ण माना जाता था, किंतु वर्तमान समय में बिजली को छठवां तत्व माना जा सकता है, क्योंकि इसके बिना विकास और सुख-सुविधाओं की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली के उत्पादन से लेकर पारेषण एवं वितरण तक पूरा तंत्र कंप्यूटरीकृत प्रणाली पर ऑपरेट होता है, ऐसे में साइबर हमलों के प्रति सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र में मुख्य अभियंता (लोड डिस्पैच) श्रीमती शारदा सोनवानी ने स्वागत भाषण दिया। प्रथम दिवस में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए साइबर सुरक्षा से बचाव के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुपालन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।बैठक में ग्रिड इंडिया के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) श्री टी. श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली पर संचालित हो रही है, ऐसे में पूरे तंत्र की साइबर सुरक्षा, उसकी मॉनिटरिंग एवं फॉलो-अप अत्यंत आवश्यक है। वहीं, डब्ल्यूआरएलडीसी के सिसो श्री सत्येंद्र रघुवंशी ने कहा कि साइबर स्वच्छता हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। इसके लिए सभी राज्यों को अपने डेटा को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित मानकों एवं गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।बैठक में छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, गोवा, दमन एवं दीव के राज्य भार प्रेषण केंद्रों के वरिष्ठ अधिकारी भी आनलाइन व प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए। दूसरे सत्र में छत्तीसगढ़ की जनरेशन, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के अधिकारी साइबर सुरक्षा सत्रों में अपनी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा किया। साथ ही ग्रिड इंडिया एवं एनटीपीसी के विशेषज्ञ साइबर सुरक्षा की चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विस्तृत जानकारी दी।एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर डॉ. सुभोजीत घोष द्वारा पावर सेक्टर में साइबर सुरक्षा सुदृढ़ीकरण पर विशेष व्याख्यान दिया। इस अवसर पर श्री शेखर गुप्ता, श्री संजय चौधरी, कार्यपालन अभियंता श्री मनोज आटवे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर ।कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार एंव उप संचालक महोदय के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 04/04/2026, 05/04/2026 व 07/04/2026 को खनिज अमला बिलासपुर द्वारा रतखंडी व धुमा, मानिकपुर लावर व राजपुर केकती क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान रतखंडी क्षेत्र अंतर्गत अरपा नदी क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध उतखनन व परिवहन करते 10 ट्रैक्टर ट्राली वाहनों को जप्त किया गया। धुमा मानिकपुर क्षेत्र से खनिज मिट्टी का अवैध उतखनन व परिवहन करते 01 पोकलेन मशीन व 04 हाइवा वाहनों को जप्त किया गया है। लावर क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 01 हाइवा जप्त किया गया है। राजपुर केकती क्षेत्र से खनिज मिट्टी का अवैध उतखनन करते 01 जे सी बी व 04 ट्रैक्टर को जप्त किया गया है। बुतेना क्षेत्र से मुरुम का अवैध उतखनन करते 01 जे सी बी वाहन को जप्त किया गया है।इस प्रकार जप्त कुल 22 वाहनों को पुलिस चौकी बेलगहना तथा खनिज जाँच चौकी लावर की अभिरक्षा मे रखा गया है।खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- -शासन से स्वीकृत कार्य को समयसीमा में पूर्ण करने दिए निर्देशदुर्ग। राज्य शासन लोक निमार्ण विभाग द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को लेकर केबिनेट गजेन्द्र यादव ने समीक्षा बैठक ली। लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों व अभियंताओ को भूमिपूजन पश्चात निर्माण कार्य का फीडबैक लेकर समयसीमा में पूर्ण करने निर्देश दिए। अब तक शासन से स्वीकृत हुए कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने निर्देश दिए ताकी जनता को उनके सौगात समर्पित किया जा सके।राज्य शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जनता के मांग के अनुरूप दुर्ग शहर विधायक एवं केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने शासन से स्वीकृत कराये गए सभी कार्य प्रगतिरत अपूर्ण कार्य को पूर्ण करना है। विकास कार्यों के निर्माण संबंधी आने वाले विभिन्न प्रकार के बाधाओं एवं समस्याओं का निराकरण करने अभियंताओं से बिंदुवार हेतु चर्चा किये। बैठक में विकास कार्यों को यथाशीघ्र समय सीमा में पूर्ण करने तथा सड़क के नवनिर्माण तथा चौड़ीकरन में सर्वे में प्रभावित और मुआवजा राशि संबंधी जानकारी लिए।शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने बैठक में दुर्ग शहर के सर्वांगीण विकास के लिए 2 वर्ष में लगभग ₹500करोड़ की राशि राज्य शासन ने स्वीकृत किये है।विभागीय अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग शहर के विभिन्न सड़कों के चौड़ीकरण, नवनिर्माण के लिए राशि जारी की है, ताकि शहर की जनता की सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही शहर में बढ़ते हैवी ट्रैफिक की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा सड़क निर्माण दौरान आने वाले कठिनाईयों को चिन्हित कर सड़क चौड़ीकरन के दौरान प्रभावित होने वाले मकान के मुआवजा राशि का शीघ्र निराकरण करने कहा बैठक में पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को वर्ष 2025- 26 के बजट में शामिल विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने कहा। सभी विभाग के साथ सामंजस्य बनाकर कार्य को जल्द ही पूरा करने कहा। जनता की सहूलियत के लिए बनने वाले सड़क, भवन व अन्य निर्माण शीघ्र पूर्ण हो जिससे जनता को सरकार की ओर से मिलने वाले सौगात को समय पर समर्पित किया जा सके।मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया की दुर्ग के पीडब्ल्यूडी सभागार में आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी लेकर कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया और आगामी समय के लिए विकास कार्य के प्रस्ताव तैयार करने निर्देश दिए।बैठक में निर्माण से संबंधित विभाग के अधिकारी और इंजिनियर से जेल तिराहा से मिनीमाता चौक तक सड़क चौड़ीकरण एवं फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण, स्कूल भवन संधारण, सड़कों के संधारण, चौड़ीकरण एवं ट्रैफिक नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही शासन द्वारा स्वीकृत सभी विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में भू अर्जन आपत्ति, नगर निगम की जिम्मेदारी, अतिक्रमण हटाना, राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य, निविदा प्रक्रिया को निर्धारित समय में करना, बिजली पोल हटाना, पाइपलाइन शिफ्टिंग सहित सभी कार्यों में तेजी लाने निर्देश दिए।बैठक में महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, संभाग मुख्यलायल में ऑडिटोरियम निर्माण, पीडब्ल्यूडी का कार्यालय भवन, स्कूल भवन निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, चंडी मंदिर से नयापारा मार्ग का चौड़ीकरन एवं पुनर्निर्माण कार्य, मिनीमाता चौक से जेल तिराहा तक फोरलेन और दो स्थान पर फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण, जेल तिराहा से मिनीमाता चैक तक यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य, महाराजा चौक से बोरसी तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य, दुर्ग धमधा बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक दुर्ग तक फोरलेन मार्ग, बघेरा से आनंद सरोवर होते बायपास पहुंच मार्ग, केनाल रोड, धमधा बेमेतरा मार्ग के दोनों ओर नाली निर्माण, साइंस कॉलेज में अधूरा ऑडिटोरियम को पूर्ण करना, कृषि विभाग का भवन, न्यायालयीन कर्मचारियों के लिए आवास, आबकारी नियंत्रण कक्ष, जिला सहकारी बैंक का नया भवन, जिला अस्पताल में सर्जिकल विंग, वेटनरी कॉलेज में हॉस्टल, नगर सेना कार्यालय में बैरक निर्माण सहित अन्य कार्यों पर चर्चा की गई।बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पीडब्लूडी अधीक्षण अभियंता श्री बीके पटोरिया, दुर्ग निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, एसडीएम श्री हरिवंश मिरी सहित निर्माण संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।
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-महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के अभियान में शामिल हो रहे गैर मराठी भाषी श्रद्धालुजनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार को होने वाला हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र पाठ इस हफ्ते भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। रोहिणीपुरम, चौबे कालोनी, देवेंद्र नगर सहित अनेक केंद्रों में श्रीराम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।आध्यात्मिक समिति की प्रमुख सृष्टि चेतन दंडवते ने बताया कि रोहिणीपुरम केंद्र की महिला सदस्यों ने अपनी मासिक बैठक में केंद्र की आगामी योजनाओं पर चर्चा और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान अचला मोहरीकर, संध्या खंगन, शीतल कंबलकर, अपर्णा जोशी, अलका कुलकर्णी, साधना बहिरट, मीना विभूते, मंगला कुलकर्णी, रीना बाबर, राजश्री वैद्य, अपर्णा वराडपांडे, सुनिता रामटेके, सोनाली कुलकर्णी, चित्रा बल्की, विशाखा पोगडे़, जयश्री गायकवाड़, अनिता लांगे, ऋतु बहिरट, स्मिता बल्की, रश्मि तनखीवाले, नीता तनखीवाले, छाया अंजनकर, सीमा बक्षी और श्रेया टल्लू उपस्थित थीं।इसी तरह देवेंद्र नगर केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की साक्षी टोले के निवास पर चैत्र गौरी हल्दी-कुंकू और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस अवसर पर सविता भागड़ीकर, दिपाली अमीन, साक्षी टोले, मीना लोणकर, जयश्री वझे, अर्चना गुप्ता, हर्षाला भारंभे और भारती देवरणकर उपस्थित थीं।चौबे कालोनी केंद्र की सदस्यों ने संयोजिका अक्षता पंडित ने निवास पर चैत्र गौरी हल्दी कुंकू और हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। इस दौरान सभी ने एक- दूसरे को हल्दी कुंकू लगाकर उत्तम सौभाग्य का कामना की। तत्पश्चात सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान अपर्णा कालेले, सुषमा आप्टे, प्रमोदिनी देशमुख, रंजना कठोटे, माधुरी डबली, अलका मराठे, अंजलि वैद्य, अनुपमा बोधनकर, गौरी क्षीरसागर, प्राची डोनगांवकर, स्वाति डबली, अंजलि काले, सृष्टि दंडवते, आस्था काले, निकिता भागवत, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, हेमा पराड़कर और धनश्री पेंडसे उपस्थित थीं।आध्यात्मिक समिति के इस अभियान में पिछले कुछ सप्ताहों से जुड़े योग साधकों ने शंकर नगर स्थित शिव साईं हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस अवसर पर जीवन धम्मनजी, विनोद अग्रवाल, सपना सादीजा, दैसी अग्रवाल, सुधा कलवानी, प्रताप पापतानी, प्रकाश पापतानी, नवीन नशीने, रामा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे। - -सभी विभागों को 31 मई तक अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण कर जेएसजेबी पोर्टल में उसका शत प्रतिशत एंट्री करने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में मंगलवार 07 अप्रैल को विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में जल संचय, जन भागीदारी अभियान 2.0 के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को बालोद जिले में 31 मई तक अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण कर जेएसजेबी पोर्टल में उसका शत प्रतिशत एंट्री करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने बारी-बारी से विभागवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगतिरत एवं पूर्ण जल संरचनाओं के निर्माण के संबंध में जानकारी ली। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य, सहकारिता आदि विभागों के अधिकारियों के अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से अपने-अपने विभागों के अंतर्गत जल संरचनाओं के निर्माण के संबंध में जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने सभी अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन अभियंताओं के अलावा विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने दी हार्दिक बधाई एवं शुभकानमाएंबालोद । उत्तरप्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में बालोद जिले के भाई-बहन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। उल्लेखीनय है कि भूमि नेभवानी ने 63 किलोग्राम सब-जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीतते हुए पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं उनके भाई यश सिंह नेभवानी ने 59 किलोग्राम जूनियर वर्ग में रजत पदक हासिल किया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है। ज्ञातव्य हो कि 02 से 04 अप्रैल तक उत्तरप्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भूमि ने कुल 152.5 किलोग्राम वजन उठाकर प्रथम स्थान जबकि यश ने 227.5 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया। दोनों इससे पहले राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी पदक जीत चुके हैं। अब उनका लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
- - स्व. योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबला जारीरायपुर। प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित स्व. योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता के नॉकआउट दौर में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है। बुधवार को खेले गए मैच में प्रत्युष शर्मा और सुखनंदन बंजारे ने अपने-अपने मैच जीतकर अगले दौर में प्रवेश किया।पहले मैच में प्रत्युष शर्मा और पंकज सिंह आमने-सामने थे। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में संतुलित खेल दिखाया और कई बेहतरीन चालें चलकर एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन मिडिलगेम में प्रत्युष शर्मा ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए बढ़त बना ली। सटीक चालों और संयमित एंडगेम के दम पर प्रत्युष ने पंकज को पराजित कर अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली।वहीं दूसरे मुकाबले में सुखनंदन बंजारे और पराग मिश्रा के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। यह मैच लंबे समय तक बराबरी पर रहा। दोनों खिलाड़ियों ने धैर्य और रणनीतिक समझ का परिचय दिया, लेकिन निर्णायक क्षण में सुखनंदन बंजारे ने अवसर का लाभ उठाते हुए बढ़त हासिल कर ली। अंततः सुखनंदन ने पराग मिश्रा को मात देकर जीत दर्ज की और टूर्नामेंट के अगले दौर में प्रवेश किया। अन्य मैच में सत्येंद्र सिंह, कुलदीप शुक्ला, दीपक पांडेय व हेमंत डोंगरे को वॉकओवर मिला।नॉकआउट दौर के अगले मुकाबलों को लेकर प्रतिभागियों और प्रेस क्लब सदस्यों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मैच के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु व संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े विशेष रूप से मौजूद रहे। मैच के निर्णायक विजय मिश्रा, शंकर चंद्राकर, अख्तर हुसैन व विनय घाटगे रहे।9 अप्रैल के मैच9 अप्रैल को दूसरे दौर के सभी मैच दोपहर 1 बजे से खेले जाएंगे।1. संदीप तिवारी/टीकम वर्मा के बीच।2. राजेंद्र निगम/मनोज नायक के बीच।3. अमृतेश्वर सिंह/स्टार जैन के बीच।4. विकास शर्मा/संजय बनवासी के बीच।5. महादेव तिवारी/हितेश मेहता के बीच6. लक्ष्मण लेखवानी/भीमराव चंद्रिकापुरे के बीच।
- -यह हमारी अमूल्य धरोहर है, आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा ज्ञान - डॉ. गौरव सिंहरायपुर / भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज शासकीय संस्कृत कॉलेज, रायपुर पहुंचकर वहां संरक्षित ऐतिहासिक महत्व की पाण्डुलिपियों एवं ताम्रपत्रों का अवलोकन किया।इस अवसर पर कॉलेज के लाईब्रेरियन डॉ. सुनील कुमार सोनी ने कलेक्टर को विभिन्न पाण्डुलिपियों के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि “संहिता वेद” वेदों में सबसे प्राचीन तथा मूल भाग है जिसमें देवताओं की स्तुति, छन्दोबद्ध मंत्र, श्लोकों का संग्रह है।डॉ. सोनी ने “पुन्याह वाचन मातृका” की जनकारी देते हुए बताया कि यह हिन्दु धर्म के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करने के लिए देवी पूजन का प्रावधान है, इसी के माध्यम से लोगों द्वारा अपने पूर्वजों का ध्यान कर उनकी पूजा कर आशीर्वाद लिया जाता है तत्पश्चात् कार्य आरंभ किया जाता है इस पाण्डुलिपि में उन्हीं पूजा, विधि, मंत्रों एवं अनुष्ठान के बारे में बताया गया है। यह पाण्डुलिपियाँ कागज पर लिखी गई हैं। उन्होेंने ने बताया कि ये सभी पाण्डुलिपियां लगभग 200 वर्ष पुरानी हैं, जिन्हें दूधाधारी मठ से एकत्रित कर संरक्षित किया गया है।उन्होंने ताड़पत्र पर लिखी गई पाण्डुलिपि “इति तर्क संग्रह दीपिका” के बारे में बताया कि इस पाण्डुलिपि में न्याय और वैशेषिक दर्शन के सिद्धांतों का संक्ष्प्ति परिचय प्राप्त होता है। तर्क संग्रह के मूल ग्रंथ में जिन सिद्धांतों को लिखा गया था, उसकी विस्तृत आलोचना होने के कारण उन सिद्धांतों का संशोधन रूप तर्क संग्रह दीपिका लिखा गया, इन्हीं सिद्धान्तों को ताड़पत्र पर लिखा गया है। उन्होेंने बारह राशियों के प्रतीक चिन्ह, उनकी विशेषताएं इत्यादि का वर्णन संक्षेप में बताया जिसे ताड़पत्र पर उकेरकर लिखा गया है।
- - द्रोणाचार्य विद्यालय परिसर में अवैध कब्जे को लेकर शिकायत- धमधा नाका अंडरब्रिज और सिंधिया नगर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व सड़क सीमेंटीकरण की मांग- जनदर्शन में आज 140 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 140 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में जुनवानी-खम्हरिया मार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित वार्ड क्रमांक 1 के निवासियों ने पुनर्व्यवस्थापन की मांग की। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा जुनवानी खम्हरिया नगर होते हुए आईआईटी भिलाई पहुंच मार्ग के दोनों तरफ प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण से करीब 50 वर्षों से रह रहे कई मकान और दुकान प्रभावित होंगे। रहवासियों ने वैकल्पिक व्यवस्था कराकर कब्जा खाली कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने ईई लोक निर्माण विभाग को कार्यवाही करने को कहा।कोलिहापुरी के किसानों ने खेतों से पानी निकासी की समस्या के समाधान कराने आवेदन दिया। किसानों ने बताया कि कोलिहापुरी गांव में वालफोर्ट मंगलम सिटी का निर्माण होने के कारण बॉड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा है, जिसके कारण किसानों के खेतों में बारिश का पानी निकासी नही हो पा रहा है। लगभग 100 किसानों की खेती प्रभावित हो रही है। किसानों ने पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की, ताकि उनकी कृषि प्रभावित न हो। इस पर कलेक्टर ने निरीक्षण कर तहसीलदार दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने कहा।वृंदा नगर बोरसी में वार्डवासियों ने नाले के गंदे पानी के तालाब में सीधे जाने की समस्या को लेकर कार्यवाही करने की मांग की। बस्ती का गंदा पानी नाली के माध्यम से सीधे तालाब में प्रवाहित हो रहा है, जिससे तालाब का पानी अत्यधिक दुषित एव अनुपयोगी हो चुका है। तालाब क्षेत्रवासियों के दैनिक उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में गंदगी और मच्छरों के बढ़ने से जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। निवासियों ने नाली डायवर्जन या अन्य स्थायी समाधान कराने आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।धमधा नाका अंडरब्रिज और सिंधिया नगर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व सड़क सीमेंटिकरण की मांग की। क्षेत्र के रहवासियों ने बताया कि अंडरब्रिज में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं सड़क की खराब स्थिति से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इस पर कलेक्टर ने एनएचएआई को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।उतई क्षेत्र के द्रोणाचार्य विद्यालय परिसर में अवैध कब्जे को लेकर शिकायत की गई। स्कूल के पंद्रह-बीस पान ठेले, मटेरियल सप्लायर ऑफिस और मुर्गी दुकानें परिसर में संचालित हैं, जिससे छात्र और महिला शिक्षकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पान ठेलों में नशीले गुटखे तम्बाखू खुले आम बिक रहा है इससे हमारी भावी पीढ़ी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने भूमि कब्जामुक्त करने और सुरक्षा बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने सीएमओ उतई को निरीक्षण कर तत्काल कार्यवाही करने को कहा।
- रायपुर / प्रदेश में चल रहे जनगणना कार्य की शुरूआत हो चुकी है। मकानों में नंबरिंग की जा चुकी है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह आज इसका जायज़ा लेने राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में गए। उनके साथ निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे भी मौजूद थे। कलेक्टर डॉ. सिंह ने मकानों में किए गए नंबरिंग का अवलोकन किया और नागरिकों से जनगणना कार्य में सहयोग करने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि जनगणना कार्य शुरू हो चुकी है जिसमें 17 अप्रैल से 01 मई तक स्व-गणना की जाएगी एवं 02 मई से 31 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जिसमें आमजनों से कुल 33 प्रश्नों का जवाब मांगा जाएगा।
- -सीईओ जिला पंचायत ने जिला स्तरीय पुरातत्व समिति के सदस्यों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश-अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में दिया गया प्रशिक्षणबालोद। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार बालोद जिले में ज्ञान भातरम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्यवन का कार्य प्रारंभ हो गया है। बालोद जिले में इसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुरातत्व समिति का भी गठन किया गया। इसके साथ ही पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के कार्यों का सफल क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी, सहायक अधीक्षक श्री भूपेन्द्र तांडेकर एवं शासकीय नवीन काॅलेज घोटिया के सहायक प्राध्यापक श्री दीपक मेश्राम को समिति का सदस्य बनाया गया है। कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के माध्यम से जिले में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ पाण्डुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजी गतिविधियां संचालित की जाएगी। कलेक्टर एवं समिति के अध्यक्ष श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार सीईओ जिला पंचायत एवं समिति के नोडल अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने आज अपने कक्ष में जिला स्तरीय समिति के सदस्यों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण अभियान का सफल क्रियान्वयन तथा पाण्डुलिपियों की पहचान एवं दस्तोवजीकरण गतिविधियों को संपादित करने हेतु तैयार की गई रणनीति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर, जनसंपर्क अधिकारी एवं जिला स्तरीय समिति के सदस्य श्री चंद्रेश ठाकुर, सहायक प्राध्यापक श्री दीपक मेश्राम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर प्रारंभ ज्ञान भारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान भारत के अमूल्य पाण्डुलिपि विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए प्रारंभ की गई एक राष्ट्रीय पहल है। उन्होंने कहा कि इन पाण्डुलिपियों में हमारी सभ्यता का ज्ञान, परंपरा, विज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक स्मृतियां सुरक्षित है। जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। इस अभियान के अंतर्गत ताड़ पत्र, दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंभ, पाण्डुलिपियों तथा अन्य प्राचीन दस्तावेजों का चिन्हांकन एवं सूचीकरण किया जा रहा है। श्री चंद्रवंशी ने बताया कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पाडुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजीकरण के लिए सर्वेयर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ग्राम पंचायत सचिवों एवं शहरी क्षेत्रों के लिए वार्ड मुहर्रिरों को सर्वेयर नियुक्त किया गया है। सर्वे का संपूर्ण कार्य ज्ञान भारतम् मोबाईल एप्प के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही इस अभियान से आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आज ज्ञान भारतम् मोबाईल एप्प के माध्यम से पाण्डुलिपियों सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस दौरान पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ज्ञान भारतम् मोबाईल एप्प के माध्यम से सर्वेक्षण कार्य के विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, शासकीय पुस्तकालयों, संग्रहालयों, शिक्षण एवं शोध संस्थानों, संस्कृत पाठ शालाएं, मठ, मंदिर, आश्रम, गुरूकुल एवं जिले में स्थित ट्रस्टों के अलावा संग्रह कर्ताओं, पुरोहितों, धर्माचार्यों, ज्योतिषाचार्यों, आयुर्वेदाचार्यों के साथ-साथ संस्कृत विद्वानों के पास भी पाण्डुलिपि की संग्रह होने की संभावना है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक संपन्न करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण का कार्य संग्रहकर्ता एवं जिम्मेदार प्रभारी अधिकारी के सहमति से किया जाएगा।
- रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान’’ अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उनके परिवार की वार्षिक आय 01 लाख रूपये या उससे अधिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिसके तहत् बालोद जिले में 20 हजार 982 लखपति दीदी बनायी गई है। इसके विस्तृत स्वरूप में लखपति ग्राम की अवधारणा भी विकसित की गई है जो कि ग्रामीण विकास की एक ऐसी दूरदर्शी सोच है, जिसके केंद्र में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक उन्नति है। बालोद जिले में इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गाँव का प्रत्येक परिवार सालाना कम से कम 01 लाख रुपये या उससे अधिक की शुद्ध आय अर्जित कर सके। यहाँ इस अवधारणा के निम्न मुख्य पहलुओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं विभागीय उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में बालोद जिले में कार्य कराया जा रहा है। लखपति ग्राम का लक्ष्य केवल गरीबी रेखा से बाहर निकलना नहीं है बल्कि ग्रामीण परिवारों को ’लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करके उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह स्थायी आजीविका और बेहतर जीवन स्तर पर केंद्रित है जिसके तहत् बहुआयामी आजीविका स्त्रोत को प्राथमिकता दी गई जिसमें एक परिवार केवल एक स्त्रोत जैसे सिर्फ खेती पर निर्भर रहकर लखपति नहीं बन सकता। इसके लिए 03-04 विभिन्न आय के स्रोतों को अपनाया गया है। उन्नत कृषि अंतर्गत जैसे बेमौसमी सब्जियाँ, नकदी फसलें और जैविक खेत, पशुपालन अंतर्गत डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन या मत्स्य पालन, गैर कृषि उद्यम अंतर्गत मशरूम उत्पादन, सिलाई या छोटे ग्रामीण उद्योग, कौशल विकास अंतर्गत प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत तकनीकी प्रशिक्षण शामिल है।जिले में लखपति ग्राम की सफलता हेतु निम्न बिन्दुओं को आधार बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रत्येक परिवार की उनकी वर्तमान आय और भविष्य के लक्ष्यों के आधार पर एक ’आजीविका योजना’ तैयार कराया गया है। तत्पश्चात् वित्तीय समावेशन के माध्यम से कम ब्याज पर बैंक ऋण 4054 एसएचजी को 114 करोड़ ऋण प्रदाय किया गया है एवं वूमेन लेड इंटरप्राईज फायनेंस के तहत् 801 एसएचजी को 10 करोड़ का ऋण दिया किया गया है। इसी क्रम में स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित वस्तुओं को क्षेत्रीय सरस मेला, स्थानीय बाजार एवं शासकीय कार्यालय मंे स्टाॅल लगाकर विक्रय किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के माध्यम से सामूहिक शक्ति का उपयोग कर एक तंत्र का निर्माण किया गया है।इस अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए ’आजीविका सखियों’ और ’पशु सखियों’ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो घर-घर जाकर महिलाओं को तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करती हैं। बालोद जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि डौंडी विकासखंड का औराटोला गाँव जिले का प्रथम ’लखपति ग्राम’ बनकर उभरा है। इस गाँव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो सामूहिक प्रयास से गरीबी को मात दी जा सकती है। औराटोला की सफलता के पीछे बिहान योजना और महिलाओं की अटूट मेहनत है। यहाँ की महिलाओं ने पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर बहुआयामी आजीविका को अपनाया। गाँव में अब दर्जनों ऐसी महिलाएं हैं जिनकी वार्षिक आय 01 लाख रुपये से अधिक है। इसके अंतर्गत महिलाओं ने खाली पड़ी जमीनों पर उन्नत किस्म की सब्जियाँ उगाना शुरू किया, उन्नत नस्ल के पशु और वैज्ञानिक तरीके से देखरेख करना, गाँव में उन महिलाओं का समूह बनाया गया जो अन्य महिलाओं को भी आर्थिक नियोजन सिखाती हैं। बालोद जिले के औराटोला जैसे गाँवों की प्रेरणा लेकर यहाँ तीन महिलाओं की काल्पनिक लेकिन यथार्थवादी सफलता की कहानियाँ दर्शाती हैं कि कैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करके महिलाएँ ’लखपति दीदी’ बन रही हैं।कुमेश्वरी मसिया ने बताया कि उसने प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मत्स्य विभाग से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने समूह के माध्यम से 50 हजार रूपये का ऋण लिया और तालाब की सफाई करवाकर उसमें रोहू और कतला मछलियों के बीज डाले। मछली पालन के साथ-साथ कुमेश्वरी नें पैतृक भूमि 20 डिसमिल में सब्जी बाड़ी का कार्य प्रारंभ किया। मछलीपालन हेतु वर्तमान में मत्स्य विभाग द्वारा उन्हें मछली जाल एवं आईस बाॅक्स प्रदाय किया गया है। परिणाम स्वरूप आज कुमेश्वरी साल में दो बार मछली की खेप बेचती हैं और सब्जी बेचकर एवं खर्च काटकर उनकी वार्षिक शुद्ध आय 01 लाख 17 हजार रूपये तक पहुँच गई है।बिहान योजना के तहत अटल महिला स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष लाकेश्वरी दीदी बताती है कि समूह के 10 सदस्यों ने फाईल पैड बनाने का प्रशिक्षण लिया और सभी सदस्य सहमत होकर बिहान के माध्यम से 01 लाख रूपये बैंक से ऋण लेकर फाईल पैड की एक छोटी यूनिट स्थापित किया और फाईल पैड विक्रय हेतु उन्होंने केवल शहर पर निर्भर रहने के बजाय आसपास के लोकल बुक डिपो, एवं शासकीय कार्यालय में कम कीमत पर फाईल पैड उपलब्ध कराया जा रहा हैं। फाईल पैड अच्छी गुणवत्ता और कम दाम के कारण उनके मांग बढ़ गई इस प्रकार सभी खर्च निकालने पर प्रत्येक माह सभी सदस्य 07 से 08 हजार रूपये आय अर्जित कर रही है।प्रेरणा स्व-सहायता समूह की लोकेश्वरी साहू ने लखपति दीदी पहल के तहत पशु पालन हेतु ’पशु सखी’ से प्रशिक्षण लिया और बिहान के माध्यम से 01 लाख का ऋण लेकर दो उन्नत नस्ल की जर्सी गायें खरीदीं। उन्होंने पारंपरिक चारे के बजाय ’अजोला’ और संतुलित पशु आहार का उपयोग शुरू किया। पशु पालन के साथ-साथ लोकेश्वरी ने आरसेटी के माध्यम से सिलाई मशीन का प्रशिक्षण लेकर सिलाई कार्य प्रारंभ की एवं मशरूम उत्पादन हेतु लोकेश्वरी दीदी ने कृषि विज्ञान केन्द्र अरौद से मशरूम का प्रशिक्षण प्राप्त कर मशरूम उत्पादन प्रारंभ किया प्रति दिन 10-15 कि.ग्रा. मशरूम उत्पादन कर 200 रू. प्रति कि.ग्रा. की दर से लोकल बाजार, सी.एल.एफ. मीटिंग एवं स्कूल, जनपद एवं जिला कार्यालय एवं अन्य विभागों में जाकर विक्रय कर रही है। लोकेश्वरी साहू बताती है कि वह केवल दूध बेचना ही नहीं बल्कि बचे हुए दूध से खोवा और पनीर बनाना भी सीखा, जिससे मुनाफा दोगुना हो गया। परिणाम स्वरूप दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री, सिलाई कार्य एवं मशरूम से उनकी मासिक आय 11 हजार रूपये से ऊपर हो गई। जिससे वे साल भर में एवं अन्य कृषि कार्यो से 02 लाख 60 हजार रूपये से अधिक कमा रही हैं।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में बिहान टीम के साथ इस लखपति पहल की मुहिम को जिले में पूरी सक्रियता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे मुख्यतः संभावित लखपति दीदी के वर्तमान आय, आंकलन एवं अभिसरण के माध्यम से आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी हस्तक्षेप पर फोकस किया गया है। प्रत्येक परिवार हेतु कार्य योजना तैयार कर माइक्रो लेवल पर इसके क्रियान्वयन एवं मैन्युुअल तथा डिजिटल माॅनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित् की गई है। अभी तक जिले में 26 हजार लक्ष्य के विरूद्ध 20 हजार 982 दीदीयों को लखपति श्रेणी में लाया जा चुका है। शेष को जनवरी से मार्च तक के चैथे क्वार्टर की डिजिटल आजीविका रजिस्टर की एंट्री अप्रैल में होनी है लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाएगा। लखपति दीदी पहल के क्रियान्वयन में इस विषय पर विशेष ध्यान दिया गया है कि उनके वर्तमान आय स्त्रोत को ही विकसित कर दो से तीन गतिविधियों से जोड़कर आय में बढ़ोतरी किया जाना है। इसी क्रम में बालोद जिले में विकासखंड डौंडी के ग्राम औराटोला के कुल 65 परिवार 06 स्व-सहायता समूह के 65 सदस्य लखपति दीदी बनी है। उक्तानुसार प्राप्त ग्राम सभा के प्रस्ताव अनुसार ग्राम औराटोला को लखपति ग्राम बनाई गई है। इसी प्रकार जिले के अन्य विकासखंड में लखपति ग्राम बनाने की कार्यवाही की जा रही है। राज्य कार्यालय से तकनीकी सलाहकार एजेंसी ट्रीप टीम द्वारा भौतिक सत्यापन कर लिया गया है यथाशीघ्र राज्य स्तर से भी ग्राम औराटोला को लखपति ग्राम घोषित करने कार्यवाही की जाएगी।लखपति ग्राम केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है बल्कि यह ग्रामीण भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है। औराटोला की सफलता यह सिखाती है कि कौशल विकास ही असली ताकत है। सरकारी योजनाओं जैसे लखपति दीदी और बिहान का सही समय पर लाभ उठाना विकास की कुंजी है। परिवार के सदस्यों का सहयोग और महिलाओं का नेतृत्व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल सकता है। यह गाँव अब केवल बालोद जिले के लिए ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। अन्य ग्राम पंचायतों की महिलाएं और ग्रामीण अब औराटोला का भ्रमण कर यहाँ के मॉडल्स को समझने आ रहे है
- -किसानों को 314 करोड़ रुपये से अधिक की सहायतारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में राज्य के 25.28 लाख किसानों को 12 हजार करोड़ रूपए की आदान सहायता के रूप में प्रदाय किए गए।राज्य सरकार ने धान पर निर्भरता कम करते हुए किसानों को दलहनी, तिलहनी एवं मोटे अनाज सहित अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत उन किसानों को प्रोत्साहन दिया गया है, जिन्होंने धान के अतिरिक्त दलहनी-तिलहनी फसलें, कोदो-कुटकी, रागी, मक्का एवं कपास जैसी फसलों का उत्पादन किया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत राज्य के 3 लाख 6 हजार 685 किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से कुल 311 करोड़ 87 लाख 79 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की गई है। यह सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की गई है, जिससे उन्हें खेती की लागत में राहत मिली है। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने पारंपरिक धान की खेती को छोड़कर पूर्ण रूप से वैकल्पिक फसलों को अपनाया है, उन्हें विशेष प्रोत्साहन के तहत 11 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता दी गई है। इस श्रेणी में 2 हजार 235 किसानों को कुल 2 करोड़ 72 लाख 97 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।इस प्रकार, कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 314 करोड़ 60 लाख 76 हजार रुपये की राशि किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। राज्य सरकार की यह पहल न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र में संतुलन, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा दे रही है। फसल विविधीकरण से जहां एक ओर किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर भूमि की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह दूरदर्शी नीति किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है।
- -पक्का घर बना सम्मानजनक जीवन का आधाररायपुर / बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत धर्मावरम ग्राम से एक सकारात्मक बदलाव की कहानी सामने आई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की नई तस्वीर बयान करती है। कभी नक्सल प्रभावित यह इलाका अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकास की मुख्यधारा से जुड़ता दिखाई दे रहा है।इसी परिवर्तन की मिसाल हैं 60 वर्षीय श्रीमती गुण्डी बुचम्मा, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे एवं खपरैल वाले मकान में कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन व्यतीत किया। बारिश के मौसम में घर की छत से पानी टपकना, असुरक्षा और असुविधा उनके जीवन का हिस्सा था। किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान प्राप्त हुआ है, जिसने उनके जीवन में एक नया आत्मविश्वास और सुरक्षा प्रदान की है।यह पक्का मकान उनके लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। उनके पुत्र जगत बुचम्मा के अनुसार, अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और दैनिक जीवन में काफी सुविधा महसूस कर रहा है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित होते थे, लेकिन वर्तमान में प्रशासन की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने से योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है। शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं, जिससे आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है। धर्मावरम की यह कहानी केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते बीजापुर की तस्वीर है, जहां अब भय और असुरक्षा की जगह विकास, विश्वास और उम्मीद ने ले ली है। शासन की सतत पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की यह प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है।



























