- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर ।शासन की योजनाओं ने बदली तकदीर : मछली पालन बना स्थायी आय का जरिया राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब कागजों से निकलकर जमीन पर असर दिखा रही हैं। खासतौर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं ने ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के नए रास्ते खोले हैं। इन योजनाओं से जुड़कर किसान न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। ऐसी ही एक मिसाल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम हरिगंवा के किसान मुन्नालाल गोलदार हैं ।वाड्रफनगर विकासखंड के हरिगंवा गांव निवासी मुन्नालाल गोलदार पहले पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, जिससे सीमित आमदनी हो पाती थी। लेकिन जब उन्होंने मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन में शासन की योजनाओं का लाभ लिया, तो उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल गई। उन्होंने हरिगंवा जलाशय को पट्टे पर लेकर मछली पालन की शुरुआत की और सघन मत्स्य पालन तकनीक को अपनाया।मुन्नालाल ने रोहू, कतला, मृगल और कॉमन कार्प जैसी उन्नत मछली प्रजातियों का पालन किया। बेहतर प्रबंधन, नियमित देखरेख और आधुनिक तकनीक के उपयोग का नतीजा यह हुआ कि आज उन्हें मछली पालन से हर साल करीब 2 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है। इस काम में उनके परिवार के सदस्य भी सहयोग कर रहे हैं, जिससे परिवार को रोजगार का स्थायी साधन मिला है।मुन्नालाल बताते हैं कि स्थानीय बाजार में मछलियों की मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए बिक्री में कोई दिक्कत नहीं आती। मछली पालन से मिलने वाली स्थायी आमदनी ने उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। अब वे भविष्य में आय के और साधन जोड़ने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि वे तालाब के पास कुक्कुट शेड लगाकर मछली पालन के साथ-साथ मुर्गी पालन भी शुरू करना चाहते हैं।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों और मछुआरों को तालाब निर्माण, मछली बीज, परिपूरक आहार और जरूरी उपकरणों पर अनुदान दे रही है। इन्हीं योजनाओं का लाभ लेकर मुन्नालाल जैसे किसान मछली पालन को एक लाभकारी और स्थायी व्यवसाय के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
- महासमुंद / जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर अवैध धान भंडारण एवं अंतर्राज्यीय परिवहन पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा बीती रात और मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 728 कट्टा अवैध व संदिग्ध धान जब्त किया गया।सरायपाली विकासखंड अंतर्गत एसडीएम अनुपमा आनंद के नेतृत्व में ग्राम खम्हारपाली में संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई के दौरान 118 कट्टा अवैध धान पाया गया। मौके पर ही धान को जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए थाना सिंघोड़ा को सुपुर्द किया गया। इसी तरह ग्राम जंगलबेड़ा में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा संग्रहित 450 कट्टा संदिग्ध धान पाया गया। राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा धान को जब्त कर जांच प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। संबंधित व्यक्ति की पहचान एवं धान के स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन पर कार्रवाई करते हुए सिरपुर चेकपोस्ट पर ओडिशा से धान लेकर आ रहे एक वाहन को रोका गया। जांच के दौरान वाहन में 160 कट्टा धान पाया गया, जिसे मंडी एवं राजस्व विभाग की टीम द्वारा जब्त किया गया। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन ने निर्देशित करते हुए कहा है कि धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए अवैध भंडारण, परिवहन एवं व्यापार पर सख्ती से निगरानी जारी रहेगी।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 31 दिसम्बर को सवेरे 11.30 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जाएगी।
- -महासमुंद जिले की चारों विधानसभा में 7 लाख 93 हजार 722 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में दर्ज-छूटे हुए मतदाता 22 जनवरी तक दावा-आपत्ति कर सकते हैं-मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी कोमहासमुंद / भारत निर्वाचन आयोग तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर के निर्देशानुसार 28 अक्टूबर 2025 से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य प्रारंभ किया गया। इसके तहत मतदाताओं के सत्यापन एवं एसआईआर के डिजिटाइजेशन हेतु 04 नवम्बर से 18 दिसम्बर (संशोधित तिथि) के बीच बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर पूर्ण किया गया। आयोग के निर्देशानुसार मंगलवार को एसआईआर के तहत निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजनीतिक दलों की बैठक एवं मीडिया प्रतिनिधियों की प्रेसवार्ता आहूत कर निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन के संबंध में विधानसभावार मतदाताओं की संख्या एवं इससे संबंधित जानकारी दी गई।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह ने बताया कि निर्वाचक नामावली के आज प्रारंभिक प्रकाशन के उपरांत प्रारंभिक सूची में सम्मिलित मतदाता दावा एवं आपत्ति 22 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत कर सकेंगे। दावा एवं आपत्ति में प्राप्त वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं का पंजीकरण कर पुनः मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाताओं के नाम केवल एक ही स्थान पर शामिल किए जाएंगे। दावा-आपत्ति की सूची सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट में भी अपलोड की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा ईआरओ द्वारा नोटिस जारी करने एवं सुनवाई की समय-सीमा आज से 14 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी मतदाताओं एवं सभी राजनीतिक दलों की सहभागिता से जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 39 सरायपाली, 40 बसना, 41 खल्लारी एवं 42 महासमुंद में कुल 7 लाख 93 हजार 722 मतदाताओं ने अपने गणना पत्र जमा करवाएं, जिनका नाम प्रारम्भिक प्रकाशन सूची में सम्मिलित हैं। इनमें 3 लाख 94 हजार 607 पुरूष मतदाता, 3 लाख 99 हजार 107 महिला मतदाता और 8 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं। महासमुंद विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 86 हजार 820 मतदाता, खल्लारी में 2 लाख 3 हजार 231, बसना में 2 लाख 10 हजार 657 मतदाता एवं सरायपाली विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 93 हजार 14 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक प्रकाशन के पूर्व जिले में कुल 8 लाख 86 हजार 422 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनमें 4 लाख 33 हजार 59 पुरूष मतदाता, 4 लाख 53 हजार 344 महिला मतदाता तथा 19 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल थे।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिनके गणना प्रपत्र विभिन्न कारणों से अप्राप्त रहे ऐसे कुल 92 हजार 700 मतदाता है, जो कुल मतदाता का 10.46 प्रतिशत है। जिसमें 24 हजार 497 मतदाता मृत, 37 हजार 66 मतदाता स्थानांतरित व 23 हजार 149 मतदाता अनुपस्थित रहे। इसी तरह 7 हजार 359 मतदाताओं का दोहरा पंजीकरण था तथा 629 अन्य कारणों से अप्राप्त रहे। ऐसे मतदाताओं की सूची मसमबजपवदण्बहण्हवअण्पदध्।ैक्स्पेज लिंक पर मतदान केन्द्रवार देख सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि युवा वोटर जो 01 जनवरी 2026 तक 18 साल हो गए हैं या हो जाएंगे, उन्हें फॉर्म 6 के साथ एनेक्सर 4 में दिए गए जरूरी घोषणा पत्र के साथ अप्लाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक 4000 फॉम 6 जमा किए गए है, जिसका जांच और घोषणा पत्र जमा करने के बाद नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाएंगे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस चरण में 4 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 7 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा 1083 बीएलओ ने जिम्मेदारी पूर्वक कार्य का निर्वहन किया है। इसके साथ ही 5 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों सहित उनके क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की तथा 2509 बूथ लेवल एजेंट भी राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए थे। बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन की सूची सीडी एवं हार्ड कॉपी में प्रदान की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम अक्षा गुप्ता सहित मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि जिसमें खल्लारी विधायक श्री द्वारिकाधीश यादव, भारतीय जनता पार्टी से श्री येतराम साहू, श्री राहुल चंद्राकर, श्री आनंद साहू, कांग्रेस से श्री दाऊलाल चंद्राकर, आम आदमी पार्टी से श्री राकेश झाबक, श्री भूपेन्द्र चंद्राकर, बहुजन समाज पार्टी से श्री हंसाराम सोनवानी एवं प्रेस कांफ्रेंस में इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- महासमुंद / भारतवर्ष के पांचवे प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष 23 दिसम्बर को किसान दिवस मनाया जाता है, इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर महासमुंद में किसान संगोष्ठी एवं कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। विदित हो कि 16 से 31 दिसम्बर 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन भी किया जा रहा है।इस कार्यक्रम में वर्चुअल मोड के माध्यम से केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी एवं कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी के द्वारा किसानों को संबोधित किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी का नया बिल पास हुआ है जिसमें हितग्राहियों को 125 दिवस का रोजगार मिलेगा अब भुगतान 7 दिवस के अंदर संभव हो सकेगा। इसके अलावा खेती करने वाले कृषकों को मजदूरों की समस्या रहती थी उसे देखते हुए फसल कटाई के समय विकसित भारत जी राम जी कार्य 2 माह स्थगित रहेगा जिससे कृषि कार्य में मजदूरों की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित किसान दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम भलेसर के सरपंच श्री सेवाराम कुर्रे जी उपस्थित थे। साथ ही ग्राम के वरिष्ठ कृषक एवं पंच प्रतिनिधि श्री मनोहर जी भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों के द्वारा अन्नदाता किसान भाइयों को रबी फसल की उन्नत खेती, उद्यानिकी फसलों की खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, रबी फसलों में उर्वरक एवं शस्य प्रबंधन, फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयोग होने वाले यंत्र एवं सूक्ष्मजीवों की उपयोगिता के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों को रबी के मौसम में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं कम जल मांग वाली फसलों को लगाने की सलाह दी गई। साथ ही साथ इन फसलों को लगाने से मृदा एवं पर्यावरण में होने वाले लाभ एवं जलवायु परिवर्तन एवं वैश्विक तापक्रम के प्रभाव को कम करके भूमिगत जल का किस प्रकार संरक्षण किया जा सकता है इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। उक्त कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ आर.एल. शर्मा, मृदा वैज्ञानिक, डॉ. कुणाल चन्द्राकर, प्रक्षेत्र प्रबंधक, श्री कमल कांत लोधी एवं वरिष्ठ अनुसंधान सहायक श्री तरूण प्रधान के द्वारा व्याख्या दिया गया एवं कृषकों से विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिले के कृषकों के साथ-साथ कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, महासमुंद एवं फिंगेश्वर के चतुर्थ वर्ष के रावे कार्यक्रम के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया गया।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। मंगलवार को जन चौपाल में 73 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया।जन चौपाल में ग्राम गिरना निवासी गायत्री निषाद ने वृद्धा पेंशन की जानकारी के लिए आवेदन किया। इसी तरह ग्राम लाफ़िनकला निवासी जेठूराम सतनाम ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन न्याय योजना की राशि के संबंध में, ग्राम लभराखुर्द निवासी ताराचंद धीवर ने मजदूर पंजीयन कार्ड हेतु, ग्राम बकमा निवासी टोमीन साहू ने श्रम पंजीयन कार्ड में संशोधन के लिए, ग्राम बनसिवनी निवासी टेकचंद बांधे ने सुपुत्र के इलाज हेतु आर्थिक सहायता के लिए, ग्राम बिराजपाली निवासी गोवर्धन बरिहा ने तीन पहिया बैटरी वाहन प्रदान करने हेतु, दिव्यांग तीरंदाज खिलाड़ी सविता निषाद ने खेल हेतु आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किए। इसके अलावा भौतिक सत्यापन, धान बेचने में समस्या संबंधी शिकायत, एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम आवास, लम्बित राशि भुगतान संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- - पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवार के सदस्यों को सहायक उपकरणों का भी मिलेगा लाभमोहला । श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना निर्माण श्रमिकों के लिए दुर्घटना एवं गंभीर बीमारियों की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को दुर्घटना, स्वास्थ्य उपचार एवं गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सा कराने पर वास्तविक व्यय अथवा अधिकतम 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी।इसके साथ ही पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए स्वास्थ्य सहायक उपकरणों हेतु भी सहायता का प्रावधान किया गया है। दृष्टिबाधित श्रमिकों को चश्मा हेतु 1 हजार रुपए, कृत्रिम दंत हेतु 5 हजार रुपये तथा श्रवण बाधित यंत्र हेतु 6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यदि कोई श्रमिक 15 दिवस से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहता है, तो उस अवधि में घोषित न्यूनतम वेतन के मान से 15 दिवस के बराबर वेतन की प्रतिपूर्ति मंडल द्वारा की जाएगी। योजना के अंतर्गत मंडल में निरंतर तीन वर्ष तक पंजीकृत श्रमिक यदि हृदय शल्य क्रिया, गुर्दा या लीवर प्रत्यारोपण, मस्तिष्क अथवा रीढ़ की हड्डी की शल्य क्रिया, घुटना प्रत्यारोपण, कैंसर उपचार या लकवा जैसी गंभीर बीमारियों से पीडि़त होते हैं, तो उनके बेहतर इलाज, दवा एवं चिकित्सा हेतु वास्तविक व्यय अथवा अधिकतम 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता राशि प्रदेश में संचालित आयुष्मान भारत योजना एवं खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अतिरिक्त होगी।- पात्रता एवं आवेदन प्रक्रियायोजना के लिए 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत निर्माण श्रमिक पात्र होंगे। श्रमिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से विभागीय वेब पोर्टल, श्रमेव जयते मोबाइल ऐप, किसी भी चॉइस सेंटर, संबंधित श्रम कार्यालय अथवा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ श्रमिक पंजीयन परिचय पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, अस्पताल द्वारा जारी उपचार संबंधी प्रमाण पत्र तथा दुर्घटना की स्थिति में एफआईआर रिपोर्ट की स्कैन प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन की जांच उपरांत पात्रता अनुसार सहायता राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हितग्राही के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
- - कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अधिकारियों को त्वरित निराकरण के दिए निर्देशमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों एवं नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।जनदर्शन में विकासखंड चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरसुर के समस्त ग्रामवासियों ने मुर्गी शेड निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्र के लोगों को रोजगार एवं सुविधा मिलेगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कार्य जल्द प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम हाड़ीटोला निवासी श्री रतनलाल ने अपने मकान के ऊपर से गुजर रहे बिजली पोल एवं तार हटाने के संबंध में आग्रह किया। उन्होंने बताया कि बिजली लाइन के कारण मकान निर्माण में परेशानी हो रही है। जिस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को आवश्यक जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।मोहला निवासी राजेश कुमार नेताम ने अपनी पुत्री के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं ग्राम पंचायत कुसुमकसा के ग्रामीणों ने बाजार शेड निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान करने हेतु आवेदन दिया। इसी प्रकार जिले के जनसामान्य ने अपनी समस्याओं एवं मांगों के संबंध में कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दिया। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- - गुणवत्तापूर्ण हो निर्माण एवं मरम्मत कार्य, छात्रावासों की साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान- कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने समय-सीमा बैठक में विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षामोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति एवं जिले में संचालित विकास कार्यों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।बैठक में कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए जिले के समस्त छात्रावासों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों की मरम्मत कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि मरम्मत कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। साथ ही एकलव्य आवासीय विद्यालय के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वर्तमान में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने दो टोकन के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए ऐसे किसानों की सूची तैयार कर सत्यापन कराने के निर्देश दिए, ताकि अवैध धान की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही रबी फसल अंतर्गत बीज भंडारण एवं वितरण, धान के बदले अन्य फसलों को बढ़ावा देने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले के श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने छूटे हुए श्रमिकों को जागरूक करने हेतु कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि सभी श्रमिक पंजीकृत होकर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि पंजीयन नहीं होने से श्रमिक शासन की योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
- -राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध-बिलासपुर में छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ-खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग और खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण-मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएंरायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का मंगलवार को बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का रिमोट बटन दबाकर अनावरण किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उद्घाटन समारोह में अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ी श्री अमित कुमार द्वारा खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह युवा महोत्सव न केवल युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी है।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर से 3,000 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओंकृ8 दलीय एवं 6 एकलकृमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएँ वर्ष 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता यह प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेलों की अपार संभावनाएँ हैं और सरकार इन क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ा रही है।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि युवाओं की सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतरप्रयासरत हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने घोषणा की कि आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक-स्तरीय खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और आज जनजातीय क्षेत्रों के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायकगण श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और युवा उपस्थित थे।
- - प्रशासन गांव की ओर जिला स्तरीय शिविर की श्री जीआर चुरेंद्र ने की समीक्षा, दिए महत्वपूर्ण सुझावमोहला । राज्य शासन द्वारा सुशासन को सुदृढ़ करने एवं जनसामान्य को शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से जिले में प्रशासन गांव की ओर अंतर्गत जिला स्तरीय शिविरों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में मंगलवार को जिला स्तरीय शिविर की समीक्षा बैठक सेवानिवृत्त आईएएस श्री जीआर चुरेंद्र द्वारा की गई। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार एवं जन सहभागिता पर जिला स्तरीय अधिकारियों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।सेवानिवृत्त आईएएस श्री जीआर चुरेंद्र ने कहा कि प्रशासन गांव की ओर अभियान के माध्यम से प्रशासन की पहुंच सीधे गांवों तक हो रही है, जिससे जनसामान्य में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और लोग विभिन्न योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में प्रशासनिक अमले के साथ-साथ जनसामान्य एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता आवश्यक है। जनसहभागिता से बेहतर सहयोग प्राप्त होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति आएगी। उन्होंने जिला पंचायत द्वारा मोर गांव-मोर पानी अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि जिला, विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर समन्वित कार्ययोजना बनाकर शासकीय भवनों, विद्यालयों एवं आवासों में जनजागरूकता एवं श्रमदान के माध्यम से सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया जाए। इससे भू-जल स्तर में निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।श्री चुरेंद्र ने कहा कि नया जिला होने के बावजूद विभिन्न योजनाओं में जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि शासन एक लोक-कल्याणकारी व्यवस्था के रूप में कार्य कर रहा है, जिसमें सभी को समर्पित भाव से कार्य करने की आवश्यकता है। पंचायतों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। नशामुक्त समाज के विषय में उन्होंने कहा कि नशामुक्ति से पूर्व नशा नियंत्रण पर प्रभावी कार्य करना आवश्यक है, जिससे अभियान को बेहतर परिणाम मिल सकें। उन्होंने कृषि विभाग को फसल परिवर्तन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही निजी बंजर भूमि के उपयोग हेतु उद्यानिकी, सिंचाई एवं मत्स्य विभाग के समन्वय से आयमूलक गतिविधियों के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने को कहा ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए श्री चुरेंद्र ने कहा कि समय पर उचित पोषण नहीं मिलने के कारण महिलाओं में कुपोषण की समस्या देखी जाती है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसके लिए महिलाओं को संतुलित एवं सही पोषण के प्रति जागरूक करना आवश्यक है, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। उन्होंने प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को मासिक दौरा कार्यक्रम तैयार करने, विभागीय समन्वय एवं आपसी सहयोग से कार्य करने के निर्देश दिए। इससे न केवल विभागीय योजनाओं में गति आएगी, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकेगा।
- -कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने दी श्रद्धांजलिरायपुर, / हिन्दी के प्रख्यात साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल का आज शाम लंबी बीमारी के बाद एम्स अस्पताल में निधन हो गया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिकों ने टैगोर नगर स्थित उनके निज निवास पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साहित्य सृजन को समर्पित उनका संपूर्ण जीवन सादगी एवं साहित्य सेवा का प्रेरक उदाहरण रहा। उन्हें वर्ष 1999 में साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा वर्ष 2025 में साहित्य के सर्वोच्च सम्मान “ज्ञानपीठ पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। दिवंगत श्री शुक्ल जी द्वारा दीवार में एक खिड़की रहती थी, नौकर की कमीज, झोपड़ी और बौना पहाड़, पेड़ पर कमरा, खिलेगा तो देखेंगे सहित अनेक रचनाएं, उपन्यास, कविता संग्रह एवं कहानियां लिखी गई। दिवंगत साहित्यकार श्री शुक्ल का अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे मारवाड़ी मुक्तिधाम में होगा।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 1,79,043 मतदाता एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकृत पाए गए हैं जो कुल मतदाताओं का लगभग एक प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एसआईआर के गणना चरण (जो चार नवंबर से 18 दिसंबर तक चला) के मुख्य नतीजे जारी किए। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस वर्ष 27 अक्टूबर तक राज्य में 2,12,30,737 मतदाताओं में से 1,84,95,920 (लगभग 87 प्रतिशत) ने 18 दिसंबर तक अपने गणना प्रपत्र जमा कराए हैं, जो एसआईआर के पहले चरण में व्यापक सहभागिता को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि घर-घर जाकर जांच करने पर पता चला कि 6,42,234 मतदाताओं (तीन प्रतिशत) की मौत हो गई थी, जबकि 19,13,540 अन्य मतदाता (नौ प्रतिशत) अपना घर बदल चुके थे या जांच के दौरान मौजूद नहीं थे। इसमें कहा गया है कि बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को ये (घर बदले हुए/गैर-मौजूद) मतदाता नहीं मिले या उन्होंने गणना फॉर्म वापस नहीं किया, क्योंकि वे पहले ही किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता बन चुके थे या वे मौजूद नहीं थे या प्रपत्र 18 दिसंबर तक जमा नहीं किया गया था अथवा किसी कारणवश मतदाता के रूप में पंजीकरण के इच्छुक नहीं थे। विज्ञप्ति में बताया गया है कि 1.79 लाख यानी एक प्रतिशत मतदाता, मतदाता सूची में कई बार पंजीकृत हैं।विज्ञप्ति में कहा गया है,‘‘एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाताओं का नाम केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।'' इसमें कहा गया है कि वास्तविक पात्र मतदाताओं को दावा एवं आपत्ति चरण के दौरान फिर से मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है। यह चरण 23 दिसंबर, 2025 से 22 जनवरी, 2026 तक चलेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि मतदाता बीएलओ से संपर्क कर, ईसीआईएनईटी मोबाइल ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल करके, या चुनाव आयोग द्वारा जारी वेबसाइट पर जाकर अपने नाम की जांच कर सकते हैं। इसमें कहा गया है कि नोटिस चरण, जिसमें सुनवाई और सत्यापन शामिल है, 23 दिसंबर को शुरू होगा और 14 फरवरी, 2026 को खत्म होगा। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस चरण की सफलता 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, 90 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 377 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 734 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, तथा 24,371 मतदान केंद्रों पर तैनात बीएलओ के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस दौरान सात प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों सहित उनके क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की तथा 38,846 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए गए।
-
22 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति आमंत्रित
रायपुर/ भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशानुसार जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिले में ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी किए गए हैं। इस संबंध में उप निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन ठाकुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय के रेडक्रॉस सोसाइटी सभाकक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, SIR के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को कर दिया गया है। इसके पश्चात दावा एवं आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक आमंत्रित की गई है।
दावा-आपत्तियों के निराकरण हेतु नोटिस चरण (सुनवाई एवं सत्यापन) 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया है। समस्त प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की हार्ड एवं सॉफ्ट कॉफी प्रदान की गई ।
निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटाने अथवा संशोधन संबंधी दावा-आपत्ति अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। मतदाता सूची से संबंधित जानकारी हेतु नागरिक अपने संबंधित मतदान केंद्र, तहसील कार्यालय अथवा निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर ईआरओ श्री मनीष मिश्रा, ज्वाइंट कलेक्टर श्री के.एम अग्रवाल, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा, एसडीएम आशुतोष देवांगन सहित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे । - -केपीएल ने बदला कवर्धा विधानसभा में खेल का माहौल, युवा, बुजुर्ग एक साथ मैदान मेंकवर्धा । कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई दिशा देने और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कवर्धा प्रीमियर लीग (केपीएल) का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 07 मंडलों की टीमों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की है। प्रतियोगिता की संरचना इस प्रकार की गई है कि ग्रामीण मंडलों में ग्राम पंचायतवार तथा कवर्धा शहर में वार्डवार टीमों का गठन कर मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण एवं शहर प्रत्येक मंडल से चयनित टॉप चार टीमें कवर्धा स्थित स्वामी करपात्री जी स्टेडियम में आयोजित होने वाले सुपर-28 मुकाबलों में आपस में भिड़ेंगी।उल्लेखनीय है कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में यह पहली बार हो रहा है जब इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, जिसमें केवल युवा ही नहीं बल्कि बुजुर्ग खिलाड़ी भी अपने-अपने ग्राम एवं वार्ड का प्रतिनिधित्व करते हुए मैदान में उतर रहे हैं। इससे समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो रहा है और नई पीढ़ी को फिटनेस, अनुशासन एवं टीम भावना का प्रेरक संदेश मिल रहा है। प्रतियोगिता को और अधिक आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है। विजेता एवं उपविजेता टीमों के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 1 लाख 11 हजार, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार और तृतीय पुरस्कार 31 हजार निर्धारित किया गया है।कवर्धा प्रीमियर लीग को लेकर क्षेत्र के खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। खिलाड़ियों ने इस आयोजन के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का अवसर उन्हें पहली बार प्राप्त हुआ है, जिससे क्षेत्र की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को मंच मिला है और आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ है।रेंगाखार मंडल का रोमांचक मुकाबलाविजय शर्मा केपीएल क्रिकेट प्रतियोगिता के अंतर्गत रेंगाखार मंडल से कुल 28 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला खम्हरिया बनाम बरेंडा के बीच खेला गया। फाइनल मैच में खम्हरिया टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 109 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए बरेंडा टीम संघर्ष के बावजूद 97 रन पर सिमट गई और उपविजेता रही। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के लिए बरेंडा टीम के जीतेन्द्र धुर्वे को बेस्ट बॉलर तथा खम्हरिया टीम के धनसिंह को बेस्ट बैट्समैन के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के परिणामस्वरूप रेंगाखार मंडल से खम्हरिया, बरेंडा, चिल्फी एवं शीतलपानी की चारों टीमें सुपर-4 में पहुँच गई हैं। ये टीमें अब कवर्धा में आयोजित होने वाले अगले चरण में अन्य मंडलों की 28 चयनित टीमों के साथ मुकाबला करेंगी।
- -ग्रामीण भारत को रोजगार व आजीविका की नई गारंटीरायपुर / ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने और 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय विजन को साकार करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा एक ऐतिहासिक पहल के तहत 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (व्हीबी जी राम जी) अधिनियम 2025' लागू किया गया है। इस नए अधिनियम के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिनियम के लिए जिला एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं एवं ग्राम सभा में चर्चा के बिंदु हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जाएंगे।विशेष ग्राम सभा के आयोजन के दौरान ग्राम पंचायतों में गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा तथा ग्राम सभा की तिथि व समय का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति - जनजाति परिवारों एवं अन्य कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में व्हीबी जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों, बढ़ी हुई रोजगार गारंटी तथा विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा और मार्गदर्शन दिया जाएगा। अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं की मुद्रित प्रतियां भी वितरित की जाएंगी एवं विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी।24 और 26 दिसंबर को विशेष ग्राम पंचायतों का होगा आयोजननिर्देशों के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में राष्ट्रीय पेसा दिवस के अवसर पर 24 दिसंबर 2025 को विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें व्हीबी जी राम जी योजना को एजेंडा में शामिल किया जाएगा। अनूसूचित क्षेत्रों को छोड़कर शेष ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर 2025 को 'विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के प्रति जनजागरूकता हेतु विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा।संपूर्ण कार्यवाही पंचायत निर्णय एप पर होगी अपलोडविशेष ग्राम सभा की संपूर्ण कार्यवाही, फोटो एवं वीडियो को वास्तविक समय में 'पंचायत निर्णय' मोबाइल ऐप में अपलोड किया जाएगा। साथ ही वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की मिलेगी वैधानिक गारंटीयह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अधिकार को और मजबूत करता है। इसके अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यदि मांग के बावजूद समय पर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना राज्य सरकार की बाध्यता होगी। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी दिया जाएगा। कार्य योजनाएं ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होंगी, जिससे ग्राम स्तर पर निर्णय और पारदर्शिता बढ़ेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।प्रशासनिक मद की सीमा बढ़ाकर की गई 9 प्रतिशतप्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत की गई है, जिससे फील्ड स्तर के कर्मचारियों की सेवाएं सुदृढ़ होंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और नए अधिनियम के लागू होने से रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। राज्य शासन इस अधिनियम के द्वारा ग्रामीण रोजगार, आजीविका, पारदर्शिता और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है जिससे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेंगे।
- - किसान अजय करेंगे भतीजे की शादी, समर्थन मूल्य से बढ़ा भरोसारायपुर, / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी का कार्य तेज़ी से जारी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और वे अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों को सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम गोपनीलचुवा निवासी किसान श्री अजय कुमार जुरेशिया ने बताया कि वे धान उपार्जन केन्द्र आड़ेझार में इस वर्ष 250 कट्टा धान की बिक्री के लिए पहुंचे। उनके पास 8 एकड़ कृषि भूमि है, जहाँ वे परंपरागत पद्धति से धान की खेती करते हैं। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी किए जाने से उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, वहीं बिक्री की राशि 24 घंटे के भीतर सीधे ऑनलाइन खाते में जमा हो रही है।किसान अजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने भतीजे की शादी में करेंगे। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से शासन के प्रति किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। प्राप्त राशि से वे न केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं, बल्कि खेती-किसानी के कार्यों में भी निवेश कर पा रहे हैं।उन्होंने उपार्जन केन्द्र पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बताया कि पर्याप्त बारदाने की उपलब्धता, पारदर्शी इलेक्ट्रॉनिक तौल तथा डिजिटलीकृत भुगतान प्रणाली से धान बिक्री की प्रक्रिया सरल, तेज़ और सुविधाजनक हो गई है। अंत में उन्होंने किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -24 घंटे ऑनलाइन ‘तुंहर टोकन’ व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहतरायपुर / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप आधारित 24 घंटे ऑनलाइन टोकन व्यवस्था जिले में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत किसान अब घर बैठे, किसी भी समय धान बिक्री के लिए टोकन प्राप्त कर पा रहे हैं। इससे धान खरीदी प्रक्रिया न केवल पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम हुई है, बल्कि किसानों को लंबी कतारों और अनावश्यक इंतज़ार से भी राहत मिली है। मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन मिलने से किसानों का समय और संसाधन दोनों की बचत हो रही है।इस नवाचारी व्यवस्था का लाभ खुड़मुड़ा निवासी किसान श्री कामता प्रसाद सोनकर को मिला। उन्होंने घुघवा उपार्जन केंद्र में ‘तुंहर टोकन ऐप’ के माध्यम से धान बिक्री हेतु टोकन प्राप्त किया, जिसमें 63.20 क्विंटल धान की मात्रा दर्ज थी। केंद्र पर उनकी उपज की इलेक्ट्रॉनिक तौल सुचारू रूप से, बिना किसी परेशानी के संपन्न हुई।जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में मोटा, पतला एवं सरना किस्म के धान की खरीदी नियमित रूप से जारी है। किसानों को पूरी पारदर्शिता के साथ उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए समर्थन मूल्य की दर सूची भी केंद्रों पर स्पष्ट रूप से चस्पा की गई है।किसान श्री कामता प्रसाद सोनकर ने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि से वे अपने कृषि संबंधी ऋण का भुगतान कर पाएंगे। उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया अत्यंत सरल और सुविधाजनक बना दी गई है। 24 घंटे ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के चलते अब टोकन को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती और समय पर पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। सुव्यवस्थित और पारदर्शी धान खरीदी प्रणाली से किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।
- महासमुन्द / स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन/रोजगार कार्यालय महासमुंद द्वारा 24 दिसंबर 2025 को एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प मचेवा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित रोजगार कार्यालय परिसर, महासमुन्द में प्रातः 11.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक आयोजित होगा।जिला रोजगार अधिकरी ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र के नियोजक NIIT लिमिटेड द्वारा बैंकिंग सेक्टर में भर्ती की जाएगी। इसमें रिलेशनशिप मैनेजर एक्सिस बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के 08- 08 पद के लिए स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 22,000 रुपये से 36,000 रुपये प्रतिमाह वेतनमान दिया जाएगा। एक्सिस बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के लिए निर्धारित 08 पदों पर केवल महिला अभ्यर्थी ही आवेदन के पात्र होंगे। दोनों ही पदों के लिए आवेदकों की आयु सीमा 18 से 28 वर्ष निर्धारित की गई है।प्लेसमेंट कैम्प में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों का रोजगार विभाग के पोर्टलhttps://erojgar.cg.gov.in/MainSite/JobSeeker/RegistrationWithAdhar.aspx या रोजगार विभाग के मोबाइल एप https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cgemployment.cge_rozgarappपर ऑनलाइन रोजगार पंजीयन के साथ-साथ प्लेसमेंट कैम्प हेतु पंजीयन करना अनिवार्य है। ऑनलाइन पंजीयन के बिना अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि एवं स्थान पर शैक्षणिक योग्यता की छायाप्रति सहित उपस्थित होकर इस रोजगार अवसर का लाभ उठाएं।
- - शासन की सोच के अनुरूप आम जनता की बेहतरी के लिए लगातार होना चाहिए कार्य- जनमानस की बेहतरी के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्धतापूर्वक, पारदर्शिता, जवाबदेही के साथ कर रही कार्य- राजनांदगांव जिले में टीम वर्क एवं जनसहभागिता से कार्य करने की रही परिपाटी- पोट्ठ लईका पहल एवं मिशन जल रक्षा के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा कीराजनांदगांव । सुशासन सप्ताह अंतर्गत प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में तत्कालीन कलेक्टर श्री अशोक अग्रवाल ने सभी अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। श्री अशोक अग्रवाल ने कहा कि राजनांदगांव जिले में टीम वर्क में उम्दा कार्य हो रहे हंै। उन्होंने कहा कि सुशासन सप्ताह में शासन की योजनाओं का लाभ जनसामान्य को अधिक से अधिक मिले। उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत जल संचय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिलने पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले में टीम वर्क एवं जनसहभागिता से कार्य करने की परिपाटी रही है। उन्होंने राजनांदगांव जिले में कलेक्टर रहते हुए अपने समय के अनुभव साझा किए। उन्होंने जिले में चलाई जा रही त्रिनेत्र योजना की प्रशंसा की और कहा कि अपराध पर शिकंजा कसने के लिए एक अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी के तहत जिले में अच्छा कार्य हो रहा है। जनमानस की बेहतरी के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्धतापूर्वक, पारदर्शिता, जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के अंतर्गत पोर्टल में योजनाओं से संबंधित जानकारी अपडेट करते रहे। जिससे सूचना के अधिकार के तहत आवेदन कम होंगे तथा समय की बचत होगी। सभी को समय पर जानकारी प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिला महत्वपूर्ण जिला है। शासन की सोच के अनुरूप आम जनता की बेहतरी के लिए लगातार कार्य होना चाहिए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों के माध्यम से समस्याओं का निराकरण होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीम वर्क में जब कोई कार्य होता है, तो कोई कार्य असंभव नहीं है। आम जनता के हित में इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होते है। उन्होंने जिले में चलाए जा रहे पो_ लईका पहल अभियान की प्रशंसा की। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि निवर्तमान कलेक्टर श्री अशोक अग्रवाल ने राजनांदगांव जिले में समन्वय के साथ बहुत अच्छा कार्य किया। महिला स्वसहायता समूह को उन्होंने नई दिशा प्रदान की। उनके मार्गदर्शन में जिले में बेहतरीन कार्य करने के लिए सभी को प्रेरणा मिली है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिविरों में जनसामान्य की समस्याओं का संवेदनशीलतापूर्वक निराकरण करें। जनमानस बहुत उम्मीद लेकर अपनी शिकायतें एवं आवेदन देते हंै, उसका निराकरण यथाशीघ्र करें। हमारी यह कोशिश होना चाहिए कि समय पर न्योचित कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि हमारी यह कोशिश रहेगी की ज्यादा से ज्यादा ग्रामों तक पहुंचकर शिविरों में समस्याओं का समाधान हो सके। कलेक्टर ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत श्रमिकों को राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है और आधार से ई-केवायसी किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे ग्राम पंचायतों में अनिवार्य टैक्स जमा करना सरल हो गया है। उन्होंने बताया कि जिले में आयुष्मान कार्ड में राजनांदगांव जिला प्रथम स्थान पर है। कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए पो_ लईका अभियान चलाया गया है। पोषण पुर्नवास केन्द्र के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पौष्टिक आहार की मानिटरिंग कर रहे है। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव एवं परिणाम आने वाले वर्षों में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में व्यापक तौर पर कार्य किए गए हैं तथा सर्वे का कार्य पूर्ण हुआ है। तकनीक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रही है और विगत वर्षों की अपेक्षाकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण में गति आयी है। उन्होंने बताया कि मिशन जल रक्षा के तहत लगभग 1 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। सामूहिक प्रयासों से सेमी क्रिटिकल जोन से डोंगरगढ़ में कमी आई है तथा अपेक्षित परिणाम प्राप्त हुए है और इसके लिए जिले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जो उनके स्वीकार्य भाव को दर्शाती है। रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसलों को लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि हाईरिस्क वाली गर्भवती महिलाओं को डोर-टू-डोर जाकर मानिटरिंग की जा रही है तथा उनके उपचार एवं दवाई की मानिटरिंग की जा रही है। उन्होंने फूड सेफ्टी, उद्यानों के रखरखाव, नालंदा परिसर में लाइब्रेरी सहित जिले के अन्य कार्यों के संबंध में जानकारी दी।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि सुशासन सप्ताह अंतर्गत प्रशासन गांव अभियान के तहत शिविर में जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिला एवं विकासखंड स्तर पर अब तक 18 शिविर लगाए गए हैं। निराकरण में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। विभिन्न प्रकार के आवेदन जिनमें आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन, राशन कार्ड सहित विभिन्न प्रकार की समस्याओं का निराकरण तत्परता के साथ किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
-
- अधिकारियों को जांच के दौरान संवेदनशीलता बरतने के दिए निर्देश
- साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि किसानों को जिले के भीतर धान के परिवहन में कोई परेशानी नहीं होना चाहिए। एक से अधिक गांवों में खेती किसानी करने वाले किसानों को अपनी उपज एक गांव से दूसरे गांव तक परिवहन करते समय वैध दस्तावेज, पट्टा, पर्ची, धान पंजीयन कागजात होना चाहिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को जांच के दौरान संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धान का उठाव प्रारंभ हो गया है। इसके लिए मिलर्स हेतु डीओ कटना प्रारंभ हो गया है। धान के उठाव की मानिटरिंग एवं भौतिक सत्यापन के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगायी जा रही है। उन्होंने सभी को धान खरीदी कार्य एवं उठाव की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अवैध धान के परिवहन करने वाले कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई जारी रखने के लिए कहा। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, पीजीएम के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर द्वय श्री सीएल मारण्कडेय और श्री प्रेमप्रकाश शर्मा ने सुशासन सप्ताह के तहत कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को तत्परतापूर्वक सुना। अपर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए। जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, आधार कार्ड अपडेशन, त्रुटिसुधार, सीमांकन, ऑनलाईन रिकार्ड दुरूस्त करने, नवीन राशन कार्ड बनवाने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-
-देश और प्रदेश में खेलों को लेकर बहुत ही उत्साहजनक वातावरण
-मुख्यमंत्री ने जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का किया शुभारंभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद एथेलेटिक स्टेडियम में आयोजित 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के शुभारंभ किया। उन्होंने 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और खिलाड़ियों को उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि प्रदेश को राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स के आयोजन का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया के माध्यम से देश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बहुत अच्छे अवसर मिल रहे हैं। साथ ही आज पूरे देश और प्रदेश में खेल को लेकर बेहतर वातारण तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास हमारी प्राथमिकता मे शामिल है। सरकार द्वारा सभी खेलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने सभी सुविधाएं और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी खेलो इंडिया के नये परिसरों की शुरुआत की गई है, इससे खेल प्रतिभाओं को सभी जरुरी सुविधाएं मिल रही हैं। राज्य में खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाता है जिससे खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। हमारी सरकार ओलंपिक में शामिल होने वाले एथलीट को 21 लाख रुपये देगी। यदि हमारे प्रदेश का कोई युवा खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है तो उसे 3 करोड़, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने वालों को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आरचरी एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 22 से 30 दिसंबर तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कैलाश मोरारका, महासचिव श्री आयुष मोरारका, श्री ईश्वर प्रसाद अग्रवाल सहित विभिन्न प्रदेशों से आए खिलाड़ी, कोच,मैनेजर तथा गणमान्यजन व खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। - रायपुर । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें तथा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
- रायपुर। हिंदी के एक प्रसिद्ध और सम्मानित साहित्यकार और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल का रायपुर में निधन हो गया। वे बीते कुछ दिनों से एम्स में एडमिट थे। 89 वर्षीय विनोद कुमार शुक्ल की तबीयत काफी नाजुक बनी हुई थी और मंगलवार को उन्होंने एम्स में ही आखिरी सांस ली। एम्स प्रबंधन के अनुसार शुक्ल दो दिसंबर से भर्ती थे। वह गंभीर श्वसन रोग से ग्रसित थे। वह इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आईएडी) से भी पीड़ित थे और गंभीर निमोनिया भी हो गया था। शुक्ल को टाइप-2 मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी थीं।उन्हें हाल ही में 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और वे छत्तीसगढ़ के पहले लेखक हैं जिन्हें यह सम्मान मिला। विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे, जिन्होंने अपनी अनूठी शैली और सामाजिक यथार्थ को छूने वाली रचनाओं से पाठकों और आलोचकों पर गहरी छाप छोड़ी। उनके उपन्यास 'नौकर की कमीज', 'दीवार में एक खिडक़ी रहती थी' और 'खिलेगा तो देखेंगे' तथा सरल भाषा और गहरी संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं.प्रमुख बातें:जन्म: 1 जनवरी, 1937, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़.निधन: 23 दिसंबर, 2025, रायपुर, छत्तीसगढ़.सम्मान: 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार (2024), साहित्य अकादमी पुरस्कार, पेन अमेरिका व्लादिमीर नाबाकोव अवॉर्ड (2023).पहचान: सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता, यथार्थवादी लेखन और प्रयोगधर्मी शैली के लिए प्रसिद्ध.प्रमुख रचनाएँ:उपन्यास: 'नौकर की कमीज', 'दीवार में एक खिडक़ी रहती थी', 'खिलेगा तो देखेंगे'.कविता संग्रह: 'लगभग जयहिंद' (पहला), 'हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था'.योगदान: हिंदी साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं, विशेषकर 'नौकर की कमीज' ने कहानी और उपन्यास की धारा को नया मोड़ दिया और इस पर फिल्म भी बनी।


























.jpg)
