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- 0- सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 17वां स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्नरायपुर। सैनिक स्कूल अम्बिकापुर का 17वां स्थापना दिवस समारोह सोमवार को गरिमामय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह अवसर न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गरिमा, सैन्य अनुशासन और शैक्षणिक उत्कृष्टता का जीवंत प्रतीक भी बना। समारोह के मुख्य अतिथि जनजातीय कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने विद्यालय से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल अनुशासन और शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की नींव भी है। उन्होंने कैडेट्स को देशभक्ति, समर्पण और नेतृत्व के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से सैनिक स्कूल के लिए तीन योजनाओं- विद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, आधुनिक इनडोर एरेना का निर्माण तथा हॉकी में कैडेट्स की प्रतिभा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निखारने हेतु एस्ट्रोटर्फ मैदान के निर्माण का आश्वासन दिया है।कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल तथा सासंद श्री चिंतामणि महाराज ने भी अपने संबोधन में विद्यालय की भूमिका को सराहा और इसके कैडेटों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री राम कुमार टोप्पो और अम्बिकापुर मेयर श्रीमती मंजूषा भगत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम कलेक्टर श्री विलास भोसकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। समारोह में प्राचार्या कर्नल रीमा सोबती ने स्कूल के उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ पी श्रीनिवास एवं प्रशासनिक अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर जेम्स नायर की उपस्थिति में अपने स्वागत भाषण में विद्यालय की वर्ष भर की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने शैक्षणिक, सहशैक्षणिक, खेलकूद और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कैडेट्स की भागीदारी और सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सैनिक स्कूल अम्बिकापुर के पूर्व कैडेट खिलानंद साहू और अनिमेष कुजूर, सैनिक स्कूल और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।इस ऐतिहासिक दिन पर, सैनिक स्कूल अंबिकापुर के 17वें स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती का संयुक्त उत्सव एक अद्वितीय सांस्कृतिक और भावनात्मक संगम बन गया। जहाँ राज्य की गौरवशाली यात्रा और सैनिक स्कूल की अनुशासित शैक्षणिक परंपरा एक साथ मंच पर आलोकित हुईं। यह अवसर न केवल अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने का था, बल्कि भावी पीढ़ियों को प्रेरणा देने वाला एक सशक्त संदेश भी था, कि शिक्षा, संस्कृति और सेवा भाव जब एकत्रित होते हैं, तो राष्ट्र निर्माण की नींव और भी मजबूत होती है।इस अवसर पर सैनिक स्कूल के कैडेटों ने एक शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने देशभक्ति गीत, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, मूक अभिनय और सबसे बढ़कर महाभारत की नाट्य गीत प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। किड्स अम्बिकन प्राइमरी स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत नृत्य इस कार्यक्रम का एक अन्य आकर्षण रहा। इस मौके पर विभिन्न सदनों को उनकी वार्षिक उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित किया गया।मानेकशा सदन को खेलों में सर्वश्रेष्ठ सदन का पुरस्कार प्राप्त हुआ, जबकि अरिहंत सदन को सर्वश्रेष्ठ कनिष्ठ सदन के रूप में सम्मानित किया गया। अर्जन सिंह सदन को शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ सदन घोषित किया गया। अर्जन सिंह सदन ने प्रतिष्ठित एनडीए ट्रॉफी भी अपने नाम की, जो राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में चयन हेतु सर्वाधिक कैडेट्स भेजने वाले सदन को प्रदान की जाती है। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्री नेताम के हाथों अर्जन सिंह सदन के हाउस मास्टर श्री शशिकांत ने सर्वश्रेष्ठ सदन की ट्रॉफी प्राप्त की।समारोह में विद्यालय के दो शिक्षकों सामाजिक विज्ञान के अध्यापक एवं एनसीसी ए. एन. ओ. श्री शिवेश राय एवं सैनिक स्कूल के संस्थापक सदस्यों में से एक हिंदी के अध्यापक श्री रवीन्द्र तिवारी को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही श्री महेश सिन्हा एवं श्री उदेश कुमार को भी उनके समर्पित कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
- 0- श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने विभागीय कामकाज की समीक्षा कीरायपुर। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के विभागीय कामकाज की समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने निजी उद्योगों द्वारा कराए जाने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच की गहन समीक्षा की। जोखिम वाले (खतरनाक) 913 कारखानों में मात्र 682 ने ही श्रमिकों की चिकित्सा रिपोर्ट अपलोड की गई, शेष की रिपोर्ट अपलोड नहीं करने और जिनके द्वारा किये गए है उनके द्वारा बरती जा रही खानापूर्ति को लेकर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए। उन्होने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ जांच में किसी तरह की मनमानी न हो इसके लिए फील्ड पर विभागीय अधिकारी स्वास्थ्य जांच पर नियमित निगरानी रखे। उन्होंने जोखिम कारखानों का विभागीय अधिकारियों द्वारा निरिक्षण के बाद पाई गई कमियों के निराकरण के सम्बन्ध में 929 कारखानो में 222 में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने को लेकर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बैठक में श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव फरिहा आलम, उप सचिव अंकिता गर्ग, श्रम विभाग अपर आयुक्त श्रीमती सविता मिश्रा, श्री एस.एल.जांगड़े, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।मंत्री श्री देवांगन ने बैठक में संगठित, असंगठित और श्रम कल्याण मण्डल की सभी श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग, ईएसआईसी विभाग की समीक्षा की। आवास योजना की राशि को एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख प्रति हितग्राही करने आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए । मंत्री श्री देवांगन ने श्रमिकों को मिलने वाली सभी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होने कई जिलों के कम परफॉरमेंस वाले श्रम अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही योजनाओं का अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि श्रम विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों को मिले इस दिशा में अधिकारी मुस्तैदी से कार्य करें। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों श्रमवीर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। प्रदेश में लगभग 30 लाख 69 हजार पंजीकृत श्रमिक है। इसमें से 11 लाख श्रमिकों द्वारा 5 साल बाद नवीनीकरण नहीं कराया गया है। केबिनेट मंत्री ने श्रमिकों का दोबारा पंजीयन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विभागीय अधिकारी श्रमिकों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने विभाग के अधीन संचालित मंडलों द्वारा किये जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।श्री देवांगन ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल - छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छ.ग. असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छ.ग. श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से अटल उत्कृष्ट योजना , मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है।
- 0- लैंगिक शोषण की घटना को छुपाना अपराध हैरायपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव द्वारा राज्य में 19 अगस्त से 15 सितम्बर तक बालिका सुरक्षा माह मनाने के निर्देश सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को दिए हैं। सचिव महिला एवं बाल विकास के निर्देशों के परपिालन में सूरजपुर जिले के शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा बालिका सुरक्षा माह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।बालिका सुरक्षा माह के अन्तर्गत विकासखण्ड सूरजपुर के ग्राम पंचायतों में बाल अपराध बाल अधिकार, बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल श्रम, भ्रुण हत्या, लैंगिक अपराध एवं बालिकाओं के लिंगानुपात, गुड टच बैड टच. मानव तस्करी, सोशल मीडिया मोबाइल से दूरी के के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। बालिका सुरक्षा माह का प्रारंभ में विकासखण्ड सूरजपुर के शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय केतका से की गई, जिसमें जिला बाल संरक्षण अधिकारी के द्वारा बालिकाओं को लैंगिक अपराधों से बालिका का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट) के बारे में जानकारी प्रदान की गई।बालिका सुरक्षा माह का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और अश्लील सामग्री के दुरुपयोग से बचाना है। यह अधिनियम बच्चे के यौन अपराधों को परिभाषित करता है ऐसे अपराधी के लिए दण्ड का प्रावधान है और मामले की त्वरित निपटान के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना करता है। लडका एवं लडकी दोनों बच्चों की सुरक्षा करना है, बालिका को घुरना, पीछा करना, रास्ता रोकना, गलत इरादे से बात करना एवं गुड टच बैड टच भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा बालिका को बहला कर प्रेम जाल में फंसा कर या डरा धमका कर उसका लैंगिक शोषण किया जाता है या शोषण करने के लिए उकसाया जाता है और बार-बार लैंगिक शोषण करता है तो बालिका को उसके खिलाफ जाकर विश्वास पात्र व्यक्ति को बताना चाहिए। जैसे कि स्कूल में अपने शिक्षक को या फिर अपने परिवार में जो उनके सबसे करीब होते हैं उनको इस अपराध के बारे में जानकारी देनी चाहिए, जिससे कि उस अपराधी व्यक्ति पर तत्काल कार्यवाही की जा सके। लैंगिक शोषण की घटना को बालिका जिसको बताती है, चाहे वह कोई भी व्यक्ति हो वह बालिका का सहयोग नहीं करता है और उस अपराधी व्यक्ति के खिलाफ अपराध कायम नहीं कराता है तो उस व्यक्ति पर भी इस एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है।किसी बालिका के साथ लैंगिक शोषण की हो रही ऐसी घटना को छुपाना अपराध की श्रेणी में आता है। कुछ बालिकाएं तो समाज व परिवार के डर से अपने साथ हो रही लैंगिक शोषण की घटना का जिक्र नहीं करती चुपचाप इस अपराध को सहती रहती है और गर्भवती हो जाती है। कुछ बालिकाएं समाज एवं परिवार के डर से गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन कर लेती हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो जाता है और उनकी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ जाता है जो कि काफी घातक हो जाता है एवं कुछ बिना विवाह के भी कम उम्र में मां बन जाती है। इनमें से कुछ तो नवजात शिशु को मार देते है या फेंक देते हैं नवाजात शिशु को मारना या फेकना भी अपराध की श्रेणी में आता है ऐसे शिशु को वह अस्पतालों के पालना केन्द्र में डाल सकती है या बच्चे को बाल कल्याण समिति सूरजपुर के समक्ष अभ्यर्पित कर सकती हैं इनमे से जो नाबालिक बालिका होती हैं उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। किसी भी बालिका को ऐसी परिस्थति का सामना न करना पड़े उसके लिए खुद उनको अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक होना पड़ेगा एवं शुरूआत में भी अपने खिलाफ हो रहे हैं अपराध को आगे आकर बताना होगा तब कही यह अपराध रूकेगा। ऐसे अपराधो की जानकारी टॉल फ्री चाईल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098 महिला हेल्पलाइन नंबर 181, एमरजेन्सी नंबर 118 में सूचना कर सकती है। इस एक्ट में दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।बालिका सुरक्षा माह के कार्यक्रम में विकसखण्ड प्रतापपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंछीड़ाड में संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक भैयाथान, परशुरामपुर, बतरा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतरा सहित अन्य विद्यालय, सखी सेंटर से केन्द्र समन्वयक, मिशन सशक्तिकरण से जेंडर विशेषज्ञ, चाईल्ड लाईन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी शाखा द्वारा जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने इस शिविर में पहुंचकर रक्तदान किया। रक्तदान उपरांत इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। कलेक्टर श्री सोनी ने रक्तदान को महादान बातते हुए लोगों को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया। रक्तदान एक महान और जीवनदायी कार्य है, जो जरूरतमंदों की जान बचाता है और उन्हें नया जीवन देता है।यह एक पुनीत कार्य है जो समाज में करुणा और सेवा की भावना पैदा करता है। रक्तदान सुरक्षित और सरल होता है।आपका रक्त किसी को जीवन दे सकता है। रक्त अमूल्य है इसका दान अवश्य करें। रक्तदान तब होता है जब एक स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से अपना रक्त देता है और उस रक्त का उपयोग दूसरे व्यक्ति के लिए होता है। रक्त को किसी कंपनी में नहीं बनाया जा सकता। मानव शरीर ही रक्त बनाने की कंपनी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि रक्तदान शिविर में कुल 16 यूनिट रक्त दान से प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि 18 से 65 वर्ष का व्यक्ति जिसका वजन 45 किलोग्राम तथा हीमोग्लोबिन 12.5 है, वह रक्तदान कर सकता है। एक बार मे 350 मिली रक्त ही निकाला जाता है। एक व्यक्ति साल में 4 बार रक्तदान कर सकता है, इससे किसी प्रकार की कोई कमज़ोरी नहीं आती है। इस दौरान सीएमएचओ, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारी -कर्मचारी मौजूद थे।
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दुर्ग/ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे की सतत निगरानी और टीम भावना के चलते जिले ने आवास निर्माण में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक दुर्ग जिले को कुल 41,666 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें से 92.6 प्रतिशत आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। 95.9 प्रतिशत हितग्राहियों को द्वितीय किस्त जारी की जा चुकी है, वहीं 70.6 प्रतिशत आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों का रोजगार 86.2 प्रतिशत हितग्राहियों को प्रदान किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे की कार्ययोजना, फील्ड विजिट और तकनीकी निगरानी की अहम भूमिका रही। प्रशासन ने मिशन मोड में काम करते हुए सभी जनपद और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को प्रतिदिन निरीक्षण करने के निर्देश दिये गये। इन निरीक्षणों की रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले को 12,788 नए आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु ग्राम पंचायतों में सचिव, रोजगार सहायक एवं तकनीकी सहायकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। साथ ही ’आवास मित्रों’ की नियुक्ति कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे लाभार्थियों को आवास निर्माण के हर चरण में मदद मिल सके। राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया ताकि निर्माण कार्य में कोई विलंब न हो। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को समन्वयक बनाकर निर्माण कार्य में सहभागी बनाया गया। निर्माण सामग्री जैसे लेबर, सेंटरिंग प्लेट, जल आपूर्ति आदि की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया गया। बड़े निर्माण कार्य वाले गांवों में सामग्री का केंद्रीकृत भंडारण कर लाभार्थियों को आसानी से उपलब्ध कराया गया।
दुर्ग जिले की यह कार्यप्रणाली अब पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आ रही है। प्रशासन की तत्परता, फील्ड लेवल पर मजबूत निगरानी और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के चलते यह योजना जमीन पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही है। सीईओ श्री बजरंग दुबे ने कहा कि ’यह सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। प्रत्येक स्तर पर प्रगति के अनुसार किस्तों की राशि प्रतिदिन हस्तांतरित की गई। सभी जनपद पंचायतों में समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्य की निगरानी की गई, जिससे लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित हो सकी। - -दंतेवाड़ा सहित सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के उच्चाधिकारियों की बैठक:स्थिति सामान्य होने तक अधिकारियों को मुस्तैद रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में बाढ़, आपदा एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में दंतेवाड़ा के अलावा बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के कलेक्टर एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने विगत 26 एवं 27 अगस्त को हुई अतिवृष्टि से हुई हानि तथा प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत कार्यों की जानकारी बैठक के माध्यम से ली। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासनिक अमलों द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों से हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक तत्परता एवं त्वरित कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते माह आई इस प्राकृतिक आपदा और विभीषिका से जो जन-धन एवं अधोसंरचना की क्षति हुई है, वह अपूरणीय है। यह संतोष की बात है कि जिला प्रशासन द्वारा फौरी तौर पर बचाव एवं राहत कार्य के लिए कदम उठाए गए। साथ ही शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन दान स्वरूप दिया, जो अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ आपदा से चारों जिलों में 115 करोड़ रुपये की विभिन्न अधोसंरचनाओं को क्षति हुई है। इनकी मरम्मत के लिए राज्य शासन द्वारा हर संभव सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गैर-शासकीय एवं स्वैच्छिक संगठनों के कार्यों की भी सराहना की।मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारों जिलों में स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं स्वास्थ्य शिविर आवश्यकतानुसार जारी रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन निरंतर प्रभावितों के संपर्क में रहे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सतत जारी रखे। इसके लिए लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जाए तथा उन्हें समसामयिक सलाह देते हुए आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को राहत राशि अविलंब जारी करने के भी निर्देश दिए।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित न होने पाए। इसके लिए कार्यपालन अभियंता तत्काल प्रस्ताव केंद्रीय कार्यालय को प्रेषित करें। साथ ही केशकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधार कार्य हेतु तात्कालिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने पशु-हानि पर दी जाने वाली मुआवजे की राशि के लिए नए निर्देशों के अनुसार आवंटन देने हेतु कलेक्टरों को निर्देशित किया। स्वास्थ्य विभाग की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार डोर-टू-डोर सर्वे कराया जाए। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन क्षेत्रों में मलेरिया, टाइफाइड एवं जलजनित रोग पनपने न पाएं। उन्होंने पेयजल के सभी स्रोतों में क्लोरीनेशन कराने और उसका परीक्षण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।इससे पहले दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के कलेक्टरों ने निर्धारित एजेंडा अनुसार बाढ़ से हुई क्षति और जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत कार्यों की क्रमवार जानकारी दी। बैठक में अतिवृष्टि से प्रभावित ग्रामों, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों, बाधित विद्युत आपूर्ति एवं मोबाइल नेटवर्क की स्थिति प्रस्तुत की गई। साथ ही जन-धन हानि, बाढ़ में बह गए घरों एवं मवेशियों के बारे में संख्यात्मक एवं तथ्यात्मक आंकड़े पीपीटी के माध्यम से साझा किए गए।इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत एवं बचाव कार्य, प्रभावितों का रेस्क्यू कर उन्हें राहत कैंपों में ठहराना, तात्कालिक उपचार उपलब्ध कराना और खाद्य सामग्री वितरित करने की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि सर्वाधिक क्षति नदी-नालों के किनारे स्थित ग्रामों के निवासियों को हुई है, परंतु समय पर प्रशासनिक राहत उपलब्ध कराई गई।बैठक में बस्तर संभाग के संभागायुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी, दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, सुकमा कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, बीजापुर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत बस्तर के सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित एसपी एवं जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बाढ़ से प्रभावित दंतेवाड़ा की पूनम पटेल की प्रशासनिक अधिकारी बनने की तैयारी आगे भी निर्बाध जारी रहेगी। पूनम पटेल, दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में रहकर पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में दंतेवाड़ा में आई बाढ़ से प्रभावित होने के कारण पूनम का पूरा परिवार राहत शिविर में है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूनम से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री की पहल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पूनम को आवश्यक पुस्तकें और एक नया टेबलेट उपलब्ध कराया गया है। अब पूनम की यूपीएससी तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरा पारा वार्ड की रहने वाली पूनम पटेल पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में आई बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और घर का सारा सामान बह गया। पूनम ने बताया कि बाढ़ के पानी में उनकी सभी पुस्तकें बह गईं और टेबलेट भी खराब हो गया। पूनम ने कहा कि उनके पिता श्री संतोष पटेल किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्हीं की आमदनी से बड़ी मुश्किल से एक-एक पैसा जोड़कर यूपीएससी की पढ़ाई के लिए टेबलेट खरीदा था। बाढ़ के पानी में पुस्तकें और टेबलेट खराब हो जाने से पूनम आगे की तैयारी को लेकर बेहद चिंतित थीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पूनम को नया टेबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस सहायता से पूनम को बड़ी राहत मिली है। अब पूनम के प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह में बाढ़ भी बाधा नहीं डाल पाएगी।
- -बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा भी उपलब्ध:मकान ढहने पर सहायता राशि भी प्रदान की गईरायपुर / दंतेवाड़ा में हाल ही में आई बाढ़ से निपटने और प्रभावितों को आवश्यक मदद पहुँचाने में प्रशासन तत्पर रहा। अपने विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।आज मुख्यमंत्री के दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा पहुँचने पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा समय पर बचाव एवं राहत पहुँचाने के लिए आभार व्यक्त किया। मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से सभी प्रभावित परिवार सुरक्षित और सकुशल हैं। राहत शिविर में रहने, भोजन और इलाज जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।बाढ़ पीड़ित गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे एवं लता सागर ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि राहत शिविर में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है और अब राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा भी दिया गया है। मकान ढहने पर सहायता राशि भी मिल चुकी है और अब घर बनने तक वे यहाँ राहत शिविर में रहेंगे। प्रभावितों ने बताया कि बाढ़ आने के साथ ही प्रशासन की अपील पर सभी लोग सुरक्षित ऊँचे स्थान पर चले गए थे। फिर बाढ़ का पानी उतरने के बाद उन्हें चूड़ी टिकरापारा के छात्रावास भवन में राहत शिविर में ठहराया गया।इसी तरह रीता कश्यप, द्रोपदी नाग, कुंदन गुप्ता, महेश नाग, बबीता नाग सहित अन्य प्रभावितों ने भी प्रशासन के राहत एवं पुनर्वास प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री के समक्ष भावुक हुईं सोमड़ी सोढ़ीमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बाढ़ प्रभावितों से मिलने के दौरान चूड़ी टिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी के घर पहुँचे तो श्रीमती सोमड़ी सोढ़ी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पूरा घर डूब गया था। बाढ़ आने के एक दिन पहले वह अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुई थीं और उनकी दोनों बेटियाँ भी साथ में थीं, इस कारण उनकी जान बच गई। अस्पताल से ठीक होकर शुक्रवार को वह घर लौटीं।सोमड़ी ने बताया कि बाढ़ के पानी में घर का पूरा सामान खराब हो गया है। इस बीच प्रशासन ने राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा उपलब्ध कराया है। साथ ही राहत शिविर में नाश्ता, भोजन और इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। इस आपदा की घड़ी में सरकार की सहायता के लिए श्रीमती सोमड़ी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।इसी तरह दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा के बाढ़ प्रभावित सुरेश बघेल ने बताया कि बाढ़ आने के दिन पूरा परिवार घर में ही था। प्रशासन की सूचना पर वे सभी सुरक्षित स्थान पर चले गए और एक दिन बाद राहत शिविर पहुँचे। पिछले शुक्रवार को वे शिविर से घर लौटे हैं।सुरेश ने बताया कि प्रशासन द्वारा राशन, बर्तन, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा, कंबल-चादर और कपड़े जैसे सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
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रायपुर। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत एमएमयू-2 दाई दीदी क्लिनिक द्वारा शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बधितार्थ विद्यालय, मठपुरेना में एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यालय के बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें कुल 73 बच्चों की जाँच की गई।
शिविर में मुख्य भूमिका निभाते हुए डॉ. तिलेश्वरी वर्मा ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। फार्मासिस्ट नंदिनी साहू, लैब टेक्निशियन प्रियंका यादव, नर्स नेहा निर्मलकर तथा ने सहयोग प्रदान किया। स्वास्थ्य शिविर का आयोजन एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर काजल शर्मा की निगरानी में किया गया। टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आवश्यक परामर्श और दवाइयाँ भी उपलब्ध कराईं।परीक्षण के दौरान प्रीतम नामक छात्र का रक्त परीक्षण किया गया। उसमें रक्त की कमी पाई गई, जिसके लिए उसे आवश्यक औषधि दी गई और संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य सुधार से संबंधित विशेष सलाह प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त हॉस्टल में रहने वाले अधिकांश बच्चों में खुजली की समस्या देखी गई। चिकित्सकों ने सभी बच्चों को उचित दवाइयाँ दीं और स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि बीमारी का प्रसार रोका जा सके।विद्यालय की विशेषता यह है कि यहाँ अध्ययनरत बच्चे दृष्टिहीन, मूक-बधिर अथवा श्रवण बाधित हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उनकी सीखने की लगन, अनुशासन और जीवन जीने की ऊर्जा अत्यंत प्रेरणादायी है। ऐसे बच्चों के बीच स्वास्थ्य शिविर का आयोजन न केवल चिकित्सा सुविधा पहुँचाने का प्रयास है, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण भी है।इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने एमएमयू-2 दाई दीदी क्लिनिक की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों से बच्चों को नियमित स्वास्थ्य सुविधा एवं आवश्यक सहयोग मिलता रहेगा। - -ओवर ऑल चैंपियनशिप पर बस्तर जोन का कब्जा-फुटबॉल एवं मल्लखब में बस्तर जोन रहा प्रथम, तीरंदाजी में बिलासपुर-तीरंदाजी तीनों आयु वर्ग में बिलासपुर जोन ने मारी बाजी,रायपुर जोन दूसरा स्थान पर*कोंडागांव। 25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ स्टेडियम ग्राउंड कोंडागांव में समापन हुआ। समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनीता कोर्राम अध्यक्ष जनपद पंचायत कोंडागांव, यशोदा कश्यप सदस्य जिला पंचायत, जसकेतु उसेंडी उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद कोंडागांव, टोमेंद्र सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष जनपद पंचायत, कुंती कोर्राम सदस्य जनपद पंचायत एवं अन्य जन प्रतिनिधियों, डीआईजी आइटीबीपी सहित विभागीय अधिकारी तथा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में सरस्वती माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात मंचासिन अतिथियों का स्वागत बैच एवं पुष्पुच्छ भेंट कर एवं स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत पश्चात सेजेस जामकोट पारा एवं शासकीय हाई स्कूल पिपरा के छात्र छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत मांदरी नृत्य प्रस्तुत किया गया, जो काफी आकर्षक एवं रोचक रहा। तत्पश्चात चार दिवसीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता का प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के उद्बोधन पश्चात विभिन्न शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान आने वाले प्रतिभागी सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंचासिन अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए। उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाकर कोंडागांव छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन करें। तथा डीआईजी आइटीबीपी श्री सुरेश ने प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए सभी छात्र-छात्राओं को राष्ट्रहित के लिए समर्पित होकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में के फुटबॉल बालक वर्ग में बस्तर जोन प्रथम, सरगुजा जोन द्वितीय एवं रायपुर जोन तृतीय स्थान पर रहा।वहीं तीरंदाजी तीनों आयु वर्ग में बिलासपुर जोन प्रथम , रायपुर जोन द्वितीय और बस्तर जोन तृतीय स्थान पर रहा। जबकि मलखब में बस्तर जोन प्रथम ,बिलासपुर जोन द्वितीय एवं रायपुर जोन तृतीय स्थान पर रहा। इस प्रकार ओवरऑल चैंपियनशिप में बस्तर जोन ने जनरल चैम्पियनशीप पर कब्जा किया। 25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में में विशेष सहयोग प्रदान करने हेतु पुलिस विभाग के घोष दल श्याम लाल कोर्राम एवं साथी तथा एनसीसी पायलेट ,स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका सफाई कर्मचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बालक कोंडागांव विकास एवं साथी , सेजेस जामकोट पारा, केंद्रीय विद्यालय कोंडागांव, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कोपरा एवं समस्त विभागीय कार्य में विशेष सहयोग देने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में खेल ध्वज को मुख्य अतिथि द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान को सौंप कर कार्यक्रम समापन की घोषणा किया गया ।इस अवसर पर डीआईजी आइटीबीपी श्री संजीव, एसडीएम अजय उराव एवं तहसीलदार मनोज रावते, जिला खेल अधिकारी सुध राम मरकाम ,जिला सहायक खेल अधिकारी कृष्ण कुमार यदु, नरेंद्र नायक प्राचार्य, निर्मल शार्दुल उपस्थित थे।
- बलरामपुर। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देश पर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर देवेंद्र प्रधान के नेतृत्व में तहसीलदार सालिक राम गुप्ता और पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर जब्त किया।तहसीलदार सालिक राम गुप्ता ने बताया कि सोमवार की सुबह राजस्व एवं पुलिस की टीम ने सिंगचौरा महानदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर चंद्रगढ़ की ओर ले जाया जा रहा ट्रैक्टर-ट्रॉली (वाहन क्रमांक CG 14 MD 7521) को नवकी मोड़ के पास पकड़ा। वाहन को जब्त कर राजपुर थाना को सुपुर्द किया।
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-महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं- टी सहदेवभिलाई नगर। भूमिहार समाज की महिलाओं ने रविवार को सेक्टर 02 स्थित परशुराम भवन में तीज महोत्सव का भव्य आयोजन किया। धूमधाम से मनाए गए तीजोत्सव में समाज की महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर इंद्रधनुषी छटा के बीच फैशन शो भी आयोजित किया गया, जिसमें डॉ ममता राय को तीज क्वीन का ताज पहनाया गया, जबकि आरती शर्मा ने फर्स्ट रनरअप तथा अमृता सिंह ने सेकंड रनरअप का खिताब जीता। वहीं पूजा शर्मा ने वेल ड्रेस एवं मिक्की सिन्हा ने बेस्ट स्माइल का टाइटल अपने नाम किया। सांस्कृतिक प्रस्तुति में समाज की महिलाओं ने अस्त्र शस्त्रों से लैस मां दुर्गा के आठ स्वरूपों को नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसमें माता के सौम्य और रौद्र रूप के दर्शन हुए।फिल्मी गानों पर हुआ जमकर नृत्यपांच जजों के पैनल में डॉ सोनाली चक्रवर्ती, दीप्ति कौर खुराना, अश्वनी नागले, सीमा अग्रवाल तथा सरोज साहू शामिल थीं। इस मौके पर महिला विंग की प्रमुख अनीता सिंह, समाजसेविका सीमा सिंह तथा अधिवक्ता रेखा सिंह खास तौर पर मौजूद थीं। फैशन शो में विजेताओं के अलावा नीतू शुक्ला, कोमल सिंह, श्वेता राय और आशा राय ने भी कैटवॉक कर जलवा दिखाया था। दूसरी ओर महोत्सव में महिलाओं ने भोजपुरी, छत्तीसगढ़ी, तेलुगु तथा नए और पुराने दौर के फिल्मी गानों पर पेशेवर नर्तकियों की भांति जमकर नृत्य किया। अतिथियों का स्वागत पूजा और कोमल के नृत्य से हुआ। गीत-संगीत की प्रस्तुति वीना सिंह, रानी राय, आशा तिवारी, आरती राय, आनंदी राय और प्रेमा सिंह ने दी। तीजोत्सव का संचालन मोनालिका शुक्ला ने किया।विभिन्न प्रतियोगिताओं के नतीजेअन्य प्रतियोगिताओं के नतीजों के मुताबिक सारी ड्रैपिंग में पूजा शर्मा प्रथम, ममता राय द्वितीय, आशा राय तृतीय, मेहंदी में सिम्मी प्रथम, अमृता सिंह द्वितीय, ज्योति सिंह तृतीय, मैकअप में साक्षी सिंह प्रथम, पूजा शर्मा द्वितीय, नीतू शुक्ला तृतीय, हेयरस्टाइल में सुषमा सिंह प्रथम, रुचि राय द्वितीय, आरती शर्मा तृतीय, रंगोली में रुचि राय प्रथम, ममता राय द्वितीय, फूड स्टाॅल में मंजू सिंह प्रथम, आशा तिवारी द्वितीय, अमलेश राय तृतीय रहीं, जबकि रीता सिन्हा को सांत्वना पुरस्कार से ही संतोष करना पड़ा। जहां नृत्य कला का प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में इंदू राय, कुंदन शर्मा, अनीता शर्मा, शिल्पी शर्मा, रेणू पांडेय, सुमन राय, मीनाक्षी शर्मा, साधना और परिधि शामिल थीं, तो वहीं नीतू और सुमन ने भगवान की स्तुति भजन गाकर की। -
-निगम सभापति सूर्यकान्त राठौड़, छग राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव हुए सम्मिलित, गौमाता की सेवा कर शुभाशीष प्राप्त किया
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 9 क्षेत्र के फुण्डहर गौठान में टाटीबंध आलोपी नगर के इस्कान मन्दिर रामराज्य फाउंडेशन के प्रतिनिधि, पदाधिकारियों ने राधा अष्टमी पर गौ सेवा महोत्सव का आयोजन रखा गया. आयोजन में रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, छग राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव सम्मिलित हुए और गौ सेवा करके गौमाता से शुभाशीष प्राप्त किया. जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, श्री अंशुल शर्मा सीनियर सहित जोन 9 के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने राधा अष्टमी पर गौ सेवा महोत्सव में गौमाता की सेवा करके उनसे शुभाशीष प्राप्त किया.गौ सेवा महोत्सव में फुण्डहर गौठान में निवासरत लगभग 250 गौवंश की पूजा की गयी. उन्हें वस्त्र धारण करवाकर भोजन करवाया गया और गौसेवा कर जगत जननी कामधेनु माता से सभी नागरिकों को सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, शान्ति प्रदान करने हेतु उनके दिव्य श्रीचरणों में विनम्र सामूहिक प्रार्थना की गयी. -
रायपुर। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए इंजीनियर ऑफ द ईयर अवार्ड समारोह अभियंता दिवस पर 15 सितंबर को आयोजित किया गया है। समारोह के लिए अवार्ड देने की चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
एसोसिएशन के सचिव इंजी. विपिन शर्मा और इंजी. योगेश शर्मा ने बताया कि प्रैक्टिसिंग इंजीनियर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से छत्तीसगढ़ में दिया जाने वाला यह सबसे बड़ा सम्मान है। अवार्ड के लिए आठ सितंबर तक प्रविष्टियां भेजी जा सकती हैं। इसके लिए नामांकित व्यक्ति की सहमति आवश्यक होगी। प्रविष्टियां छत्तीसगढ़ में किसी भी संस्था, कंपनी, शासकीय या अर्ध शासकीय निकाय के माध्यम से या व्यक्तिगत भी भेजी जा सकती है। इंजी. शर्मा के मुताबिक अवार्ड के लिए तकनीकी उपलब्धियों के विवरण और संबंधित दस्तावेजों सहित प्रविष्टियां डाक, कोरियर या ई-मेल के माध्यम से एसोसिएशन के सचिव इंजी. विपिन शर्मा को [email protected] अथवा योगेश शर्मा को B/47-48, लवकुश विहार, चौबे कालोनी, रायपुर अथवा E-mail:[email protected] के पते पर भेज सकते हैं। -
रायपुर। इन दिनों घर-घर में और गली- मोहल्लों में ही गणपति बप्पा विराजे हैं। ऐसे में बच्चों के मन में ढेर सारे सवाल उठते हैं। गणेश जी की सूंड क्यों है? उनका एक दांत टूटा क्यों हैं? गणेश की पूजा हम क्यों करते हैं? ... और न जाने ऐसे कितने सवाल बच्चों के मन में उठते हैं। इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में श्रीगणेश उत्सव मनाया गया।
शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि शुक्रवार सुबह मार्निंग असेंबली में कक्षा चौथी के भोज कृष्ण साहू ने गणपति की वेशभूषा में सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद भगवान श्रीगणेश की आरती की गई। फिर शिक्षिका विनिता सुंदरानी ने बच्चों के भगवान श्रीगणेश से जुड़ी रोचक बातें बताई और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। साथ ही गणेश जी के सूंड, एक टूटा हुआ दांत और प्रथम पूज्य होने की कथा सुनाई।शिक्षिका अंजलि गुप्ता ने बच्चों को नुआखाई की बधाई देते हुए उन्हें नुवाखाई का महत्व बताया। उन्होंने बच्चों को बताया कि नुआखाई का पर्व नई फसल के आगमन के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर पहली से पांचवी तक के बच्चे मौजूद थे। - रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशंवत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में कमल ताई शेष स्मृति सुगम संगीत स्पर्धा बुधवार, तीन सितंबर को शाम चार बजे संत ज्ञानेश्वर सभागृह में किया जाएगा। आयोजन में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी मंडल की कला एवं संस्कृति समिति या महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।मंडल की कला एवं संस्कृति समिति की समन्वयक भारती पलसोदकर ने बताया कि अब तक अनेक प्रतिभागियों ने स्पर्धा में शामिल होने के लिए सहमति जताई है। प्रतियोगिता में 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग ले सकते हैं। प्रतिभागियों को नियमानुसार आयु प्रमाण पत्र के लिए 10वीं-12वीं की अंकसूची या आधार कार्ड देना होगा। प्रतिभागी गीत, गजल या भजन किसी एक विधा में भाग ले सकता हैं। रचना की भाषा गरिमामय, स्तरीय और फिल्मीकरण से मुक्त होनी चाहिए। प्रतिभागियों को संगतकारों की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। प्रतिभागियों को अंतरे के साथ एक मुखड़ा प्रस्तुत करना होगा। स्पर्धा में भाग लेने के लिए प्रतिस्पर्धी कला संस्कृति समिति के आचार्य रंजन मोडक, भारती पलसोदकर या महाराष्ट्र मंडल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
- 0- छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की नई पहलरायपुर । छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एक नई और अभिनव पहल की है। ‘दीदी के गोठ‘ नामक विशेष रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित राज्य के सभी आकाशवाणी केन्द्रों से एक साथ किया गया। इस कार्यक्रम को प्रदेशभर में उत्साहपूर्वक सुना गया। इस कार्यक्रम के माध्यम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा की प्रेरणादायी शुभकामनाएँ और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कवर्धा जिले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह की दीदियों और पदाधिकारियों के साथ ‘दीदी के गोठ‘ का श्रवण किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस मंच पर साझा की जा रही सफलता की कहानियाँ अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।विभागीय अधिकारियों ने भी विभिन्न जिलों में पहुँचकर सामूहिक श्रवण में भाग लिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने गरियाबंद, विशेष सचिव श्री धर्मेश साहू ने जांजगीर, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त मनरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी और पंचायत विभाग की संचालक श्रीमती प्रियंका महोबिया ने दुर्ग जिले में समूह सदस्यों के बीच बैठकर कार्यक्रम का श्रवण किया तथा महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित समुदाय प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान में भी संकुल स्तरीय प्रसारण हुआ, जहाँ बिहान मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन, संयुक्त मिशन संचालक श्री आर.के. झा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।‘दीदी के गोठ‘ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियाँ साझा की जा रही हैं, ताकि अन्य महिलाएँ भी स्वरोजगार और आत्मविश्वास की राह पर आगे बढ़ें। इस विशेष प्रसारण को प्रदेश के 33 जिलों, 146 विकासखंडों और 580 संकुल संगठनों में सामूहिक श्रवण के रूप में आयोजित किया गया। लाखों महिलाएँ इस कार्यक्रम से जुड़ीं और पूरे प्रदेश में ‘दीदी के गोठ‘ को लेकर उत्साह देखने को मिला। ‘दीदी के गोठ‘ न केवल एक रेडियो कार्यक्रम है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मबल और सफलता की कहानियों को सामने लाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त मंच भी है।
- रायपुर ।जशपुर जिले से एक विशेष पर्वतारोही दल हिमालय अभियान के लिए रवाना हुआ है। इस दल में जिले के युवा पर्वतारोही श्री रवि सिंह, सुश्री तेजल भगत, श्री रूसनाथ भगत, श्री सचिन कुजुर एवं श्री प्रतीक नायक शामिल हैं। यह अभियान केवल एक खेल गतिविधि नहीं, बल्कि जशपुर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति-आधारित जीवनशैली और सामूहिकता की भावना को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का एक अवसर भी है।यह अभियान प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। पर्वतारोही दल जशपुर से रांची रवाना हुआ, जहाँ से वे ट्रेन द्वारा दिल्ली पहुँचेंगे। दिल्ली से टीम हिमाचल प्रदेश के जगतसुख के लिए प्रस्थान करेगी। दल 4 सितंबर तक आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी करेगा तथा 5 सितंबर को बेस कैम्प जाएगा। दल को रवाना करने के अवसर पर जशपुर के कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री विश्वास मस्के उपस्थित थे। अधिकारियों ने दल को शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए उनके सुरक्षित एवं सफल अभियान की कामना की।कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जशपुर की युवा प्रतिभाएँ इस अभियान के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। वहीं वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार ने इसे जिले में खेल और साहसिक गतिविधियों की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जो स्वयं एक अनुभवी पर्वतारोही हैं, ने दल के सदस्यों को पर्वतारोहण से संबंधित आवश्यक जानकारियाँ दीं। उन्होंने सुरक्षा उपायों, ऊँचाई पर स्वास्थ्य प्रबंधन तथा टीम भावना के महत्व पर बल दिया और युवाओं को प्रेरित किया।जिले के नागरिक इस अभियान को लेकर गर्व और उत्साह का अनुभव कर रहे हैं। स्थानीय संस्था जय जंगल कंपनी इस अभियान के प्रायोजकों में से एक है। संस्था के संस्थापक श्री समर्थ जैन ने कहा कि यह दल पूरे जिले के लिए प्रेरणा है और आने वाली पीढ़ियों को पर्वतारोहण तथा साहसिक खेलों की दिशा में आगे बढ़ाएगा।इस अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही श्री स्वप्निल राचेलवार एवं श्री राहुल ओगरा कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य न केवल हिमालय की ऊँचाइयों को फतह करना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्ति के संदेश को भी जन-जन तक पहुँचाना है। यह पहल युवाओं को प्रकृति से जोड़ते हुए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित करेगी।
- -कई उर्वरक केन्द्र सील व अनुज्ञप्ति निलंबितरायपुर ।कृषि विभाग द्वारा जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं के परिसरों में किए गए आकस्मिक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। बिना अनुज्ञप्ति के व्यवसाय करने वाले दादाजी एग्री क्लिनिक, राजनांदगांव का परिसर सील कर दिया गया। डोंगरगांव में सिन्हा कृषि केन्द्र की अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई तथा शीतल कृषि केन्द्र को नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार आर्शीवाद एग्रो, कबीर कृषि केन्द्र (सहसपुर दल्ली) एवं सिद्धकी कुरैशी कृषि केन्द्र (छुरिया) में पंजी संधारण और मूल्य सूची प्रदर्शित न करने पर 21 दिवस के लिए अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं स्टॉक सत्यापन किया जा रहा है। उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने सभी अनुज्ञप्तिधारी विक्रेताओं से शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही उर्वरक विक्रय करने एवं पीओएस मशीन के माध्यम से अनिवार्य परिचालन व रिकार्ड संधारण करने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों एवं निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
- -कलेक्टर सहित अधिकारी एवं स्कूली बच्चों ने की सायकिलिंग-बलौदाबाजार, / रहष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रविवार को मोर खेल मोर गौरव संडेज ऑन सायकल का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया। कलेक्टर दीपक सोनी, डीएफओ गणवीर धम्मशील सहित अधिकारी -कर्मचारी एवं स्कूली बच्चों ने सायकिलिंग से फिटनेस का सन्देश दिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सोनी ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने फिटनेस शपथ दिलाई।सायकिलिंग स्थानीय पण्डित चक्रपाणी शुक्ल हाइस्कूल मैदान से प्रातः 7 बजे प्रारम्भ होकर चक्रपाणी हाई स्कूल मैदान से प्रारम्भ होकर तहसील कार्यालय, गार्डन चौक ,बस स्टैंड, यातायात कार्यालय गौरवपथ होते हुए वापस पण्डित चक्रपाणी शुक्ल हाइस्कूल मैदान में सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा आहार के साथ व्यायाम और खेलकूद भी जरूरी है। शारीरिक स्वास्थ्य से मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक रहता है और सकारात्मक रूप से आगे बढ़ने की ऊर्जा मिलती है।उन्होंने बच्चों से कहा कि आहार के रूप में घर का ताजा भोजन का आदत डालें, स्ट्रीट फ़ूड, बाहर का खाना को परहेज करें।डीएफओ गणवीर धम्मशील ने कहा कि फिट रहना है तो खानपान के साथ खेलकूद भी जरूरी है।शरीर हमारी संपत्ति है और जिस प्रकार सम्पति को सहेजने सुरक्षित रखने में ध्यान देते है उसीतरह शरीर पर भी ध्यान देना है। दिनचर्या में समय का ध्यान देना जरूरी है ,खेल गतिविधि में भाग लें। इस अवसर पर स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, एसडीएम प्रकाश चंद्र कोरी, स्काउट गाइड के जिला अध्यक्ष रामाधार पटेल, वरिष्ठ खेल अधिकारी प्रीति बंछोर सहित गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
- -6.33 लाख रुपये मूल्य के अवैध सिलेण्डर जब्तरायपुर। खाद्य विभाग की टीम ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में छापेमारी कर अवैध रूप से घरेलू गैस सिलेण्डर का भण्डारण एवं अधिक दाम पर विक्रय करने की शिकायतों पर बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान मेसर्स माँ महामाया एचपी गैस एजेंसी, करमदा में 6,33,536 रुपए मूल्य के विभिन्न प्रकार के 233 सिलेण्डर अनियमित रूप से संग्रहित पाए गए। इस पर एजेंसी संचालक सुनीता अग्रवाल और प्रबंधक तामेश वर्मा के विरुद्ध द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की गई तथा संबंधित को नोटिस जारी किया जाएगा।जिले में घरेलू गैस सिलेण्डर की कालाबाजारी और एजेंसियों द्वारा वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देश पर एवं जिला खाद्य अधिकारी श्री पुनीत वर्मा के मार्गदर्शन में सहायक खाद्य अधिकारी विजय कुमार किरण, लक्ष्मण कश्यप, खाद्य निरीक्षक कमलनारायण साहू और शीतलेश यादव की टीम ने यह कार्रवाई की। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेण्डर का अवैध भण्डारण कर विक्रय करने वालों तथा गैस एजेंसियों द्वारा वितरण में अनियमितता बरतने वालों पर आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
- -दो दिन में व्यवस्था में सुधार के कड़े निर्देशबीजापुर। जिले में उर्वरक वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग बीजापुर की निरीक्षण टीम ने विभिन्न आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित (लैम्प्स) एवं निजी कृषि सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान भौतिक स्टॉक और पीओएस मशीन में दर्ज आंकड़ों के बीच असंगतियाँ पाई गईं। विभाग ने सभी लैम्प्स प्रबंधकों और निजी विक्रेताओं को दो दिनों के भीतर स्टॉक विवरण को पीओएस मशीन में सही ढंग से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में अनुपालन न करने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।निरीक्षण के दौरान जिले के गंगालूर लैम्प्स में 10.740 टन, आवापल्ली में 33.20 टन, इलमिडी में 195.79 टन, चिलकापल्ली में 66.30 टन, बासागुड़ा में 107.735 टन, बीजापुर स्थित धुरवा कृषि केंद्र में 13.900 टन तथा आवापल्ली स्थित बालाजी कृषि केंद्र में 1.05 टन उर्वरक का स्टॉक दर्ज किया गया। कुल मिलाकर 428.715 टन उर्वरक वितरण की जांच की गई, जिसमें स्टॉक और पीओएस मशीन प्रविष्टियों में अंतर सामने आया।जिले में की गई इस कार्रवाई के तहत लैम्प्स प्रबंधकों और विक्रेताओं को वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाने और अनुशासनात्मक ढंग से कार्य करने पर जोर दिया गया। निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि श्री कृष्ण कुमार सिन्हा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री सी.पी. देवांगन तथा कृषि विकास अधिकारी श्री वी.एस. कुमार शामिल थे। यह कार्रवाई उप संचालक कृषि बीजापुर के निर्देश पर की गई।
- रायपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) रायपुर ने शुक्रवार को राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस का आयोजन किया। यह दिवस भारतीय फार्माकोलॉजी के जनक माने जाने वाले कर्नल सर रमनाथ चोपड़ा की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने किया। उन्होंने कहा कि कर्नल चोपड़ा ने भारत में फार्माकोलॉजी को एक वैज्ञानिक विधा के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डीन (एकेडमिक्स) प्रो. (डॉ.) एली मोहापात्रा भी मौजूद रहे।इस आयोजन में पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज, अभिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसबीआईएमएस) और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के फार्माकोलॉजिस्ट्स भी शामिल हुए। इससे विभिन्न संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा मिली।फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नितिन गायकवाड़ ने स्वागत भाषण में दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद अतिथियों ने कर्नल चोपड़ा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर औपचारिक उद्घाटन किया।वैज्ञानिक व्याख्यान श्रृंखला में डॉ. योगेंद्र केचे ने कर्नल चोपड़ा के जीवन और योगदान पर विचार रखे। डॉ. सूर्यप्रकाश धनैरिया ने आवश्यक औषधियाँ और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग विषय पर व्याख्यान देते हुए इनके सार्वजनिक स्वास्थ्य में महत्व को रेखांकित किया। वहीं, डॉ. उषा जोशी ने स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान में फार्माकोलॉजिस्ट्स की भूमिका विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आलोक सिंह के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, छात्रों और सहयोगी संस्थानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की सफलता में डॉ. पुगझेंथन टी., डॉ. प्रफुल्ल थावरे, डॉ. समीर उत्तमराव खसबगे, विभाग के रेज़िडेंट्स (एसआर व जेआर) और कार्यालयीन स्टाफ की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।यह आयोजन न केवल कर्नल सर रमनाथ चोपड़ा के योगदान को नमन था, बल्कि फार्माकोलॉजी के क्षेत्र में तर्कसंगत दवा उपयोग, रोगी सुरक्षा और अनुसंधान की आवश्यकता पर भी बल देता है। एआईआईएमएस रायपुर ने इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
- रायपुर,। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित सुरोखी गांव के बाढ़ प्रभावित 18 परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी बीजापुर द्वारा किचन सेट एवं हाईजीन किट का वितरण किया गया। यह वितरण कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश में स्थानीय जनप्रतिनिधियों सरपंच एवं उप सरपंच के माध्यम से कराया गया। बाढ़ प्रभावित ग्राम सुरोखी के कुंजाम पारा के 18 परिवारों के कुल 86 सदस्य वर्तमान में सुरोखी राहत शिविर में रह रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविर में भोजन, स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सामग्री वितरण कार्यक्रम में रेडक्रॉस के जिला संगठक श्री नरवेद सिंह, विद्यालय के प्राचार्य एवं रेडक्रॉस के विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
- -अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरारायपुर,। एक विशेष पर्वतारोहण दल हिमालयी अभियान के लिए रवाना हुआ है। दल में शामिल जशपुर के युवा पर्वतारोही हैं रवि सिंह, तेजल भगत, रूसनाथ भगत, सचिन कुजुर और प्रतीक नायक शामिल हैं। इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू है कि आदिवासी संस्कृति और उसकी जड़ों से जुड़ाव है। जशपुर की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, प्रकृति-आधारित जीवनशैली और सामुहिकता की भावना से है। हिमालय की ऊँचाइयों पर इन युवाओं का पहुँचना केवल एक खेल उपलब्धि नहीं बल्कि इस बात का प्रतीक है कि कैसे आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक ताकत और प्रकृति से गहरे रिश्ते को लेकर दुनिया के सामने खड़ा हो रहा है। दल के सदस्य अपनी संस्कृति और साहस अपने साथ लिए हिमालय की ओर बढ़ रहे हैं। इस अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा कर रहे हैं।यह अभियान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन ओर आशीर्वाद से संचालित हो रहा है। दल जशपुर से रांची के लिए रवाना हुआ, जहां से वे ट्रेन द्वारा दिल्ली पहुँचेंगे। दिल्ली से आगे टीम जगतसुख पहुँचेगी, जहाँ वे पर्वतारोहण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद 5 सितम्बर को टीम आधार शिविर ( Base Camp ) की ओर प्रस्थान करेगी।दल को विदा करने के लिए जशपुर जिला प्रशासन एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जशपुर कलेक्टर, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ ने टीम को शुभकामनाएँ दीं और उनके सुरक्षित एवं सफल अभियान की कामना की। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि जशपुर की युवा प्रतिभाएँ इस अभियान के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने में योगदान प्रदान करेंगे। वहीं इसे जिले की उभरती खेल एवं साहसिक गतिविधियों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। जिला पंचायत सीईओ जो स्वयं एक अनुभवी पर्वतारोही हैं, ने दल के युवाओं को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा उपायों, ऊँचाई पर स्वास्थ्य प्रबंधन और टीम भावना की अहमियत पर बल देते हुए युवाओं को प्रेरित और प्रोत्साहित किया।इस अभियान को लेकर प्रदेश के लोग उत्साहित और गर्वित हैं। साथ ही स्थानीय जय जंगल कंपनी जो इस एक्सपीडिशन के स्पान्सर में से एक है, के संस्थापक समर्थ जैन का कहना है कि यह दल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है और आने वाली पीढ़ियों को पर्वतारोहण तथा साहसिक खेलों की ओर अग्रसर करेगा। जगह-जगह लोग बच्चों के हौसले और साहस की चर्चा कर रहे हैं और सभी को उम्मीद है कि वे हिमालय से सफलता और गौरव की नई कहानियाँ लेकर लौटेंगे।इस अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा कर रहे हैंइस पर्वतारोही दल का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा कर रहे हैं साथ ही इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण संदेश है- पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति की दिशा में जागरूकता। यह पहल न केवल युवाओं को प्रकृति से जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। हिमालय अभियान से यह संदेश भी जाएगा कि साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी जा सकती है। इससे न केवल जशपुर बल्कि पूरे राज्य में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।



























