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- 0- अभियान के तहत विविध कार्यक्रमों का होगा आयोजन, जन-जन तक पहुँचेगा अभियान0- जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यों से कराया गया अवगतदुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन, जनसम्पर्क विभाग के दिशा-निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ’सेवा संकल्प अभियान’ का गरिमामय एवं व्यापक आयोजन किया जा रहा है। जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने, ’विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले के ग्राम, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर विविध आयोजन होंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने अभियान के सुचारू संचालन, अंतर्विभागीय समन्वय और व्यवस्थाओं की निगरानी हेतु जिला स्तर पर अपर कलेक्टर व सीईओ जिला पंचायत को जिला नोडल अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को विभागीय अधिकारी नियुक्त किया है। अभियान की सफल संचालन हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक में संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यों से अवगत कराया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को विभागीय कार्य योजना बना कर जिला नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे को प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में जिला नोडल अधिकारी श्री दुबे ने अभियान के सुचारू संचालन हेतु शासन द्वारा सौंपे गए विभागीय दायित्वों से अधिकारियों काे अवगत कराया।इस अभियान के सुचारू संचालन के लिए प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। इसके अंतर्गत पंचायत व नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा परिवार स्तर पर 'आशीर्वाद का दीया', स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय स्तर पर '25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत', संस्कृति विभाग द्वारा ग्राम व नगर स्तर पर 'नमो सेवा गाथा' (नुक्कड़ नाटक) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में 'आंगन का उत्सव' का आयोजन किया जाएगा। वहीं जनसंपर्क विभाग क्लस्टर व जिला स्तर पर 'कहानी बदलाव की', पर्यटन विभाग राज्य स्तर पर 'विकसित भारत संकल्प यात्रा', परिवहन विभाग जिला स्तर पर 'सेवा ज्योति यात्रा' तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग नागरिक स्तर पर 'सेवा मेरा योगदान' (जिसमें नदी घाट स्वच्छता शामिल है) पहल का संचालन करेंगे। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विकासखंड व विधानसभा स्तर पर 'सेवा सेतु शिविर', उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चयनित शहरों में 'रंगोली राष्ट्र', वाणिज्य व उद्योग विभाग द्वारा क्षेत्रीय केंद्रों में 'राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज' और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर 'जनसेवक महाकुंभ' का भव्य आयोजन किया जाएगा।अभियान के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर 2026 की संध्या को पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग के समन्वय से जिले के प्रत्येक जमीनी इकाई क्षेत्र में घर-घर संपर्क कर प्रत्येक परिवार द्वारा ’आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित किया जाएगा, जिसके लिए पूर्व-निर्धारित मैदानी टीमों द्वारा हितग्राहियों तक व्हाटअप वीडियो के माध्यम से आमंत्रण पत्र व संदेश पहुँचाया जाएगा। इसी कड़ी में स्कूल शिक्षा विभाग के नेतृत्व में 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के मध्य जिले के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में 7 से 10 दिवसीय आयोजन के तहत ’25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ विषय पर ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिसमें बिना किसी अतिरिक्त व्यय के उपलब्ध कक्षों में बच्चों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और जिला व राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्री साय के हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएँगे। आमजनों को जागरूक करने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा तैयार किए गए 25-30 मिनट के हिंदी मास्टर स्क्रिप्ट व ऑडियो का स्थानीय भाषा में रूपान्तरण कर जिले में 18-20 प्रतिभाशाली नाट्य टोलियों का गठन किया गया है, जो ’नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों व सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन करेंगी, जिसमें 2 अक्टूबर को 100 प्रमुख स्थलों पर विशेष मंचन शामिल है।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 के मध्य जिले के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय ’आंगन का उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसके दौरान पोषण, मातृ सहायता व स्वास्थ्य पर संवाद, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक अभिनंदन, 2-3 श्रेष्ठ लाभार्थी माताओं का सम्मान, कॉमिक बुक व प्रधानमंत्री जी के पत्र का वितरण, बच्चों की खेल-चित्रकला गतिविधियाँ और फल-मिठाई वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग एवं खेल व युवा कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में संपूर्ण अभियान अवधि के दौरान ’कहानी बदलाव की’ पहल संचालित होगी, जिसके तहत शासकीय योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों की वास्तविक कहानियों का डिजिटल संकलन कर प्रत्येक क्लस्टर से न्यूनतम 10 शॉर्ट रील्स (60 सेकंड) सोशल मीडिया पर साझा की जाएँगी। वहीं पर्यटन विभाग के नेतृत्व में जिले के परिवर्तनकारी विकास कार्यों, जैसे कि आधारभूत संरचना व जनजीवन में आए बदलावों को प्रदर्शित करने हेतु इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल क्रिएटर्स एवं युवाओं के लिए 3 से 4 दिवसीय ’विकसित भारत संकल्प यात्रा’ अध्ययन-भ्रमण आयोजित किया जाएगा।अभियान के अंतर्गत 7 अक्टूबर 2026 को परिवहन तथा नगरीय प्रशासन व पंचायत विभाग के समन्वय से ’सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसमें ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से पैदल समूह के आगे विशेष सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित वाहन (छोटा हाथी) में अखंड ’सेवा ज्योति’ लेकर यात्राएं जिला मुख्यालय पहुँचेंगी और वहाँ आयोजित विशाल जनसभा में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लाइव संबोधन सुनेंगे तथा सामूहिक ’विकसित भारत 2047’ का संकल्प लेंगे। आवास एवं पर्यावरण, वन तथा गृह विभाग के सहयोग से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ’सेवा मेरा योगदान’ अभियान चलाया जाएगा, जिसमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण, डिजिटल साक्षरता व साइबर सुरक्षा जैसे 25 निर्धारित सेवा कार्यों में से किसी एक कार्य में प्रत्येक नागरिक को कम से कम 25 मिनट का समय देने हेतु प्रेरित किया जाएगा और माय भारत पोर्टल पर फोटो-वीडियो अपलोड करने पर डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, जिसके साथ ही जिले के नदी घाटों व जलस्रोतों का विशेष स्वच्छता, सौंदर्यीकरण व आरती कार्यक्रम संपन्न होगा।आम नागरिकों को सीधे लाभान्वित करने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन, राजस्व व सुशासन विभाग द्वारा संपूर्ण अभियान अवधि के दौरान प्रत्येक विकासखंड व विधानसभा क्षेत्र में ’सेवा सेतु अभियान - सरकार आपके द्वार’ शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहाँ नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर काटे बिना एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी और मौके पर ही आवेदन स्वीकार कर पात्रता अनुसार हितग्राही बनाया जाएगा। उच्च शिक्षा व स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से अभियान अवधि के दौरान एक निर्धारित तिथि पर जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ’रंगोली राष्ट’ का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों, विद्यार्थियों व महिला समूहों द्वारा बिना प्लास्टिक के केवल प्राकृतिक सामग्रियों (फूल, रेत, बीज, चावल, मिट्टी) का उपयोग करके 108 मीटर व्यास का विशाल ’भारत मंडल’ बनाया जाएगा और ड्रोन द्वारा इसका एरियल कवरेज किया जाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के माध्यम से ’राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ आयोजित कर स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स व जमीनी इनोवेटर्स को अपने नए विचारों को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया जाएगा, जहाँ से श्रेष्ठ विचारों को राष्ट्रीय स्तर हेतु चयनित किया जाएगा। अंत में अभियान के भव्य समापन अवसर पर 17 अक्टूबर 2026 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा परिवहन व नगरीय प्रशासन विभाग के तत्वावधान में ’जनसेवक महाकुंभ - पंचायत से पार्लियामेंट’ का आयोजन होगा, जिसमें जिले के त्रि-स्तरीय पंचायती राज एवं नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों (सरपंच से सांसद तक) की विशाल उपस्थिति में वंदे मातरम के सभी 6 छंदों का सामूहिक गायन, 25 वर्षों के सुशासन पर वीडियो प्रदर्शन, जनप्रतिनिधियों के अनुभव कथन तथा प्रधानमंत्री जी के संबोधन के साथ विकसित भारत का सामूहिक संकल्प लेकर इस एक माह के ऐतिहासिक अभियान का औपचारिक समापन किया जाएगा।
- रायपुर. नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गदर्शन और जोन 3 जोन स्वास्थ्य अधिकारी सहित स्वच्छता निरीक्षक और स्वच्छता दीदियों की उपस्थिति में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 3 क्षेत्र अंतर्गत तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव में वायु गुणवत्ता सुधार हेतु जनजागरूकता रैली निकाली गयी ।वायु गुणवत्ता सुधार हेतु जनजागरूकता अभियानरायपुर नगर निगम जोन 3 क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 33 क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला तेलीबांधा में छात्र - छात्राओं को स्वच्छता निरीक्षक एवं स्वच्छता दीदी द्वारा प्रधान पाठक एवं सभी शिक्षकों की उपस्थिति में वायु प्रदूषण, कारण, प्रभाव, व उपाय के सम्बंध में विस्तृत जानकारी देते हुए इस पर जागरूक बनाया गया।
- 0- देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रायपुर को 6वां स्थान, वार्ड स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शनरायपुर। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण -2026 में रायपुर नगर पालिक निगम ने देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 189 अंक प्राप्त कर 6वां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि रायपुर शहर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम है।वायु गुणवत्ता में सुधार की सकारात्मक तस्वीररायपुर में पीएम-10 का स्तर वर्ष 2022-23 में 78 µg/m³ से घटकर वर्ष 2025-26 में 64 µg/m³ हो गया है। अर्थात् 2022-23 की तुलना में लगभग 18% की कमी दर्ज की गई है। यह शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों की सकारात्मक दिशा को दर्शाता है।वर्ष पीएम-10 (µg/m³)2017-18 702018-19 682019-20 632020-21 552021-22 612022-23 782023-24 762024-25 752025-26 64वार्ड स्तर पर भी रायपुर नगर निगम का उत्कृष्ट प्रदर्शनस्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के लिए रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 को 30,000 से अधिक आबादी वाली श्रेणी तथा वार्ड क्रमांक 30 को 10,000 से 30,000 आबादी वाली श्रेणी में स्थान मिला है। यह उपलब्धि वार्ड स्तर पर स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित करती है।स्वच्छ वायु के लिए रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा किये गए प्रमुख प्रयासरायपुर नगर पालिक निगम द्वारा शहर में स्वच्छ वायु एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे है:-* पैच रिपेयर वर्क: लगभग 100 किमी सड़कों पर कार्य।* मैकेनिकल स्वीपिंग: 7 मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 150 किमी सड़कों की सफाई।* ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन: शहर में 30 स्टेशन।* ई-वाहनों की संख्या: लगभग 26,254।* कचरा ट्रांसफर स्टेशन: शहर में 10 स्टेशन।* वृक्षारोपण: वर्ष 2025-26 में लगभग 42,000 पौधों का रोपण, जिसमें 3 एकड़ क्षेत्र में 23,000 पौधों का मियावाकी प्लांटेशन भी शामिल है।मियावाकी पौधरोपण में 91.30% पौधों का जीवन्तता प्रतिशत3 एकड़ क्षेत्र में किए गए मियावाकी पौधरोपण अभियान में कुल 23,000 पौधे लगाए गए। इस प्रकार यह शहरी हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दिया जन -जन को सकारात्मक संदेश“स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रायपुर का 6वां स्थान प्राप्त करना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि रायपुर नगर पालिक निगम के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और रायपुर नगरवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। वार्ड स्तर पर भी रायपुर का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल रैंकिंग में सुधार करना नहीं, बल्कि रायपुर को एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ शहर बनाना है। इसके लिए सड़क सफाई, धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार, ई-मोबिलिटी तथा जनभागीदारी के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।”
- 0- नगर निगम जोन 7 ने जीईरोड में विवेकानंद आश्रम से अनुपम गार्डन तक सड़क के आसपास की मिली शिकायत पर कार्रवाई की0- निगम ने कब्जा करने, अवैध विज्ञापन बोर्ड लगाने, गन्दगी फैलाने वालों की शिकायतों को सही पाया0- लगभग 13 दुकान संचालकों पर चेतावनी देकर किया लगभग 73 हजार रुपये का ई जुर्मानारायपुर. नगर पालिक निगम जोन 7 में प्राप्त बाजार क्षेत्र जीईमार्ग में गन्दगी फैलाने, अवैध विज्ञापन बोर्ड लगाने, सड़कों पर कब्जा कर व्यवसाय करने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा दिए गए निर्देश पर जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में नगर निगम जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत जीई मार्ग में स्वामी विवेकानंद आश्रम चौक से अनुपम गार्डन तक जनशिकायतों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने नगर निगम जोन क्रमांक 7 की टीम ने जीईमार्ग क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया. औचक निरीक्षण के दौरान दुकानों में गन्दगी मिली, सड़क पर कब्जा जमाकर व्यवसाय करना और जगह - जगह विज्ञापन बोर्ड लगा दिया जाना पाया गया, जिस पर जोन 7 जोन कमिश्नर के निर्देश पर स्थल पर तत्काल सम्बंधित लगभग 13 दुकान संचालकों पर कुल लगभग 73 हजार रूपये का ई जुर्माना उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया और प्राप्त जनशिकायतों का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
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0- जोन कमिश्नर ने गणेशोत्सव के पूर्व गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों की बैठक ली
0- नगर निगम जोन 3 में माननीय एनजीटी, राज्य शासन के निर्देशो का पालन करने एवं सडक सीमा क्षेत्र में श्रीगणेश पंडाल ना लगाने की कडी हिदायत दी
रायपुर. नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह ने जोन 3 कार्यालय में श्री गणेश उत्सव पर्व के पूर्व जोन 3 क्षेत्र के श्री गणेश उत्सव समिति पदाधिकारियों को जोन कार्यालय में बुलवाया एवं उनकी बैठक लेकर उन्हें श्रीगणेश पंडाल लगाने अनुमति के लिए आवश्यक निर्देशो का राज्य शासन के निर्देश अनुसार पालन करने एवं माननीय एनजीटी के निर्देशो का पालन करते हुए सार्वजनिक सडक सीमा क्षेत्र में श्री गणेश पंडाल ना लगाने की उन्हें कडी हिदायत दी। अन्यथा की स्थिति में नियमो का अपालन होने पर विधि अनुरूप कार्रवाई निर्देशानुसार सुनिश्चित करने की जानकारी श्री गणेश उत्सव समिति पदाधिकारियों को जोन 3 जोन कमिश्नर द्वारा दी गई। - 0- निगम जोन 1 राजस्व विभाग ने 6 बकायादारों पर कार्रवाई की0- निगम राजस्व विभाग की अपील- संपत्तिकरदाता 2026-27 के संपत्तिकर का पूर्ण भुगतान कर 30 सितम्बर तक संपत्तिकर में 5 प्रतिशत की छूट का अधिकाधिक लाभ उठाएरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम राजस्व विभाग द्वारा चलाये जा रहे बकाया राजस्व वसूली अभियान के अंतर्गत आज नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के आदेशानुसार एवं अपर आयुक्त राजस्व श्री लोकेश्वर साहू, उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गदर्शन एवं कार्यपालन अभियंता श्री द्रोणी कुमार पैकरा, जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री मनीष मरकाम, राजस्व निरीक्षक श्री आशीष शर्मा, श्री संतोष साहू, सहायक राजस्व निरीक्षक श्री अरविंद छेदईया, श्री राहुल यादव की उपस्थिति में नगर निगम जोन 1 राजस्व विभाग द्वारा बकाया राजस्व वसूली अभियान चलाकर जोन क्षेत्र अंतर्गत संत कबीरदास वार्ड क्रमांक 3 अंतर्गत बकायादार नईमुद्दीन द्वारा 132776 रू., शकीलुद्दीन द्वारा 123627 रू, वकीलुद्दीन द्वारा 123627 रू., बसंत कुमार अग्रवाल द्वारा 246909 रू., यतियतनलाल वार्ड कमांक 4 में बकायादार सुधा मेट्रोलुर्जिकल द्वारा बकाया राशि 61366 रू., नेताजी कन्हैया लाल बाजारी वार्ड क्रमांक 15 में बकायादार जानकी बाई द्वारा 83716 रू. की बकाया राशि नगर निगम जोन 1 राजस्व विभाग को डिमांड बिल, डिमांड नोटिस जारी करने के अनेक वर्ष बाद भी अदा नहीं किये जाने पर स्थल पर संबंधित बकायादारो की संबंधित संपत्तियों को नियमानुसार कडाई के साथ तत्काल ताला लगाकर सीलबंद कर दिया गया। 6 बकायादारो पर नगर निगम जोन 1 राजस्व विभाग का कुल 772021 रू. का बकाया है। इस बकाये की वसूली हेतु अभियान चलाया गया।रायपुर नगर पालिक निगम राजस्व विभाग ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के समस्त सम्पतिकरदाता नागरिकों से एक बार पुनः विनम्र अपील की है कि सभी सम्पतिकरदाता नागरिक वर्तमान वर्ष 2026-27 के सम्पतिकर की राशि का7 पूर्ण एकमुश्त भुगतान करके दिनांक 30 सितम्बर 2026 तक नियमानुसार 5 प्रतिशत की छूट का लाभ अधिकाधिक संख्या में उठायें.
- 0- भिलाई की एन.ए.बी.एल. टेस्टिंग लैब में 74 स्मार्ट मीटरों का उपभोक्ताओं के समक्ष परीक्षण, सभी में सही खपत दर्ज0- राष्ट्रीय मानकों (BIS) के अनुरूप स्थापित हो रहे स्मार्ट मीटर0- उपभोक्ता के परिसर में चेक मीटर लगाने पर नहीं लगता कोई शुल्करायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच में इनकी रीडिंग पूरी तरह सटीक पाई गई है। प्रदेशभर में लगभग 4,800 से अधिक परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ समानांतर ‘चेक मीटर’ लगाकर रीडिंग का मिलान किया गया, जिसमें सभी मामलों में दोनों मीटरों की रीडिंग एक समान रही। जांच में किसी भी स्मार्ट मीटर में तकनीकी त्रुटि अथवा बिना विद्युत का उपयोग किए रीडिंग बढ़ने का प्रमाण नहीं मिला है।भारत सरकार की ‘रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (RDSS) के तहत प्रदेश में स्थापित किए जा रहे स्मार्ट मीटर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के तकनीकी मापदंडों के अनुरूप प्रमाणित हैं। इनमें किसी भी प्रकार के सॉफ्टवेयर हेरफेर या मीटर तेज चलने की गुंजाइश तकनीकी रूप से असंभव है। स्मार्ट मीटर में दर्ज ऊर्जा खपत का निर्धारण तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाता है।उपभोक्ता को अपने बिल अथवा मीटर की रीडिंग में विसंगति से संबंधित शिकायत होने पर वितरण कंपनी की तकनीकी टीम द्वारा परिसर में जाकर स्मार्ट मीटर की जांच की जाती है। उपभोक्ता के अनुरोध पर स्मार्ट मीटर की सीरीज में पूर्व में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने के बाद दोनों मीटरों द्वारा दर्ज खपत की तुलना भी की जाती है जिसके लिये स्मार्ट मीटर की टेस्टिंग का उपभोक्ता से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है।उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर फरवरी 2024 से स्थापित किए जा रहे हैं और इन मीटरों द्वारा वर्ष 2024, 2025 की भांति वर्ष 2026 में भी विद्युत खपत के वास्तविक उपयोग के अनुसार दर्ज की जा रही है। इसके अलावा उपभोक्ता के अनुरोध पर स्मार्ट मीटर की भिलाई स्थित एन.ए.बी.एल. टेस्टिंग लैब में उसके समक्ष टेस्टिंग करने का भी प्रावधान है। अब तक लगभग 74 स्मार्ट मीटरों का उपभोक्ताओं के समक्ष टेस्टिंग लैब में परीक्षण किया गया है तथा सभी स्मार्ट मीटरों द्वारा सही खपत दर्ज की गई है।स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली खपत अथवा बिल बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि मीटर गलत बिल बना रहा है। बिजली खपत मौसम, घरेलू उपकरणों के उपयोग, उपभोक्ता की वास्तविक खपत तथा अन्य परिस्थितियों के कारण बदलती रहती है। बिजली बिल का मूल्यांकन केवल मीटर लगाने से पहले और बाद की रकम की तुलना से नहीं, बल्कि वास्तविक यूनिट खपत के आधार पर किया जाना चाहिए।रायपुर संभाग के 3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के डेटा विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि बिजली बिलों में वृद्धि का कारण मीटर नहीं, बल्कि ग्रीष्म ऋतु में एयर कंडीशनर व अन्य भारी उपकरणों का अधिक संचालन था। मौसम बदलने के साथ जुलाई माह तक फरवरी माह की तुलना में विद्युत खपत में गर्मी की तुलना में कम खपत दर्ज होती है। अगस्त 2026 में इन्हीं उपभोक्ताओं की बिजली खपत में मई 2026 की तुलना में 32 से 57 प्रतिशत तक की स्वाभाविक गिरावट दर्ज की गई, जो यह दर्शाती है कि बिलिंग वास्तविक विद्युत उपयोग पर आधारित है।स्मार्ट मीटर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीटर के आंकड़ों के अनुसार मार्च, अप्रैल, मई एवं जून 2026 में उपभोक्ताओं के परिसरों में विद्युत खपत अधिक दर्ज होने का मुख्य कारण एयर कंडीशनर, कूलर, व्हीकल चार्जिंग एवं वाटर पंप का उपयोग पाया गया है।स्मार्ट मीटर लगने से मानवीय भूल (Human Error) और मीटर रीडर की मनमानी समाप्त हो रही है। अब उपभोक्ता अपने दैनिक बिजली उपयोग को रियल-टाइम ट्रैक कर सकते हैं। ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप और स्मार्ट मीटर वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी प्रतिदिन और प्रत्येक 30 मिनट की बिजली खपत को स्वयं लाइव देखा जा सकता है। इससे अवांछित खपत की तुरंत पहचान संभव है।मीटर अथवा बिलिंग को लेकर किसी उपभोक्ता को संदेह होने पर टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 अथवा नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र में संपर्क किया जा सकता है। विभाग प्राथमिकता के आधार पर तकनीकी जांच और समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की जानकारी ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से स्वयं देख सकते हैं।
- बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 8 सितंबर को बिलासपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे रायपुर से रवाना होकर दोपहर 2 बजे बिलासा देवी केंवट विमानतल, बिलासपुर पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2.20 बजे कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम, सरकंडा पहुंचेंगे। श्री साव दोपहर 3 बजे से शाम 4 बजे तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।कार्यशाला में अभियान के उद्देश्यों, जनसेवा से जुड़े प्रयासों और प्रभावी क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यशाला के बाद उप मुख्यमंत्री शाम 4.30 बजे बिलासा देवी केंवट विमानतल से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
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तीज क्वीन बनी नेहा श्रीवास्तव
हरियाली क्वीन का ताज़ मधुमिता पाल और अंबिका मिश्रा को
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित तीज महोत्सव में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक भावना बोरा और राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा की मौजूदगी में तीजा महोत्सव के तहत रैंप वॉक, डांस, गायन एवं विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं सहित विविध आयोजन हुए। कार्यक्रम में महिला पत्रकारों एवं प्रेस क्लब की महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
महोत्सव में पारंपरिक तीजा उत्सव की संस्कृति और आधुनिक अंदाज का सुंदर समन्वय देखने को मिला। रैंप वॉक के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में अपनी प्रस्तुति दी, वहीं डांस और गायन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका
विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका पूर्व पत्रकार एवं भाजपा प्रवक्ता शताब्दी पांडे और समाजसेवी श्वेता पड्डा ने निभाई। प्रतिभागियों की प्रस्तुति, आत्मविश्वास, प्रतिभा, व्यक्तित्व और रचनात्मकता के विभिन्न पहलुओं का आकलन कर विजेताओं का चयन किया गया।
तीजा महोत्सव के इस आयोजन में
तीज क्वीन का खिताब नेहा श्रीवास्तव को
हरियाली क्वीन संयुक्त रूप से मधुमिता पाल एवं अंबिका मिश्रा को मिला
वही फोटोजेनिक क्वीन – तजीन नाज
कॉन्फिडेंस क्वीन – महिमा पांडे
चार्मिंग क्वीन – निक्की श्रीवास्तव
डांस क्वीन – अंकिता टाटिया
एलिगेंट क्वीन – रत्ना पांडे
फैशन क्वीन – श्वेता शर्मा
टैलेंट क्वीन – ज्योति सिंग
तीज पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर – शकुंतला तरार
बेस्ट हेयर स्टाइल – रुमा सेनगुप्ता
गेम्स स्पिरिट क्वीन – कमलेश्वरी साहू
बेस्ट ड्रेस्ड क्वीन – वर्षा यादव
बेस्ट स्माइल – तृषा अग्रवाल
बेस्ट मेकअप – डॉ. आकांक्षा दुबे
डांस में महिला प्रतिभाओं ने दी शानदार प्रस्तुति
डांस प्रतियोगिता में आकांक्षा दुबे, रिया साहू, अंकिता टाटिया, प्रज्ञा प्रसाद, रत्ना पांडे, किरण तिवारी, प्रगति अग्रवाल, नेहा श्रीवास्तव और वर्षा यादव ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। मधुमिता पाल ने पंडवानी प्रस्तुति के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की।
गायन में भी बिखरे सुर
गायन प्रतियोगिता में मंजूषा शर्मा, प्रीति निगम, श्वेता शर्मा, डॉ. आकांक्षा दुबे, अनुराधा गुप्ता और तजीन नाज ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजन में पदाधिकारियों और महिला सदस्यों की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार सदस्य उपस्थित रहीं।
तीजा महोत्सव के आयोजन और विभिन्न गतिविधियों के संचालन में अमृता शर्मा, प्रियंका कौशल, मीनल शर्मा, आकांक्षा दुबे, विनीता मंडल, सोनल भारद्वाज, सुजाता साहा और अंबिका मिश्रा ने सक्रिय भूमिका निभाई।
रायपुर प्रेस क्लब के इस आयोजन ने महिला पत्रकारों एवं महिला सदस्यों को अपनी प्रतिभा, कला और व्यक्तित्व को मंच देने के साथ ही तीज पर्व की परंपरा, संस्कृति और उत्सवधर्मिता को जीवंत करने का अवसर प्रदान किया। महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी और विविध प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। - -उजाला उत्पादक समूह की दीदियों ने सामूहिक खेती से हासिल की नई पहचान, सीधे थोक बिक्री से 6 लाख रूपए की आयरायपुर । पारंपरिक खेती से हटकर हरी सब्जियों की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने वाले कई किसानों ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से सफलता की नई कहानियां लिखी हैं, जिनमें ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती जैसी प्रेरणादायक मिसालें शामिल हैं, जो कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करती थी और आज लाखों की कमाई कर रही हैं।छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। छोटे से भूखंड पर भी टमाटर, बैंगन, लौकी या करेला, खीरा जैसी सब्जियां उगाकर किसान प्रति बीघा या एकड़ कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। उजाला उत्पादक समूह से जुड़ी 35 महिला किसानों ने एकजुट होकर न केवल लागत घटाई, बल्कि 600 क्विंटल सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन कर करीब 6 लाख रूपए की आय अर्जित की है।वर्ष 2025 में गठित इस समूह का उद्देश्य सामूहिक प्रयास के ज़रिए उत्पादन बढ़ाना और बेहतर बाज़ार तलाशना था। आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह को क्लस्टर से स्टार्टअप राशि 50 हजार रूपए, सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली से ऋण 1 लाख 50 हजार रूपए, कुल शुरुआती पूंजी 2 लाख रूपए। इस पूंजी की मदद से महिलाओं ने अपने खेतों में वैज्ञानिक तकनीक अपनाते हुए लौकी, करेला और खीरा की खेती शुरू की। महिलाओं की कड़ी मेहनत और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खेतों में शानदार उत्पादन हुआ। सब्जी की फसल से बचत बढने लगी तो महिलाओं का हौसला बढ़़ा। इसके साथ ही फसल का दायरा बढ़ाने लगी, जिससे पैदावार में बढ़ोत्तरी होने लगी। महिलाओं ने सामूहिक खेती कर लौकी 250 क्विंटल, करेला 250 क्विंटल, खीरा 100 क्विंटल का उत्पादन की। कुल सब्जी उत्पादन 600 क्विंटल होने लगा।सफलता की सबसे बड़ी कड़ी महिलाओं की विपणन (मार्केटिंग) रणनीति रही। बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय समूह की दीदियों ने अपनी उपज को सीधे थोक बाजार तक पहुंचाया। इससे फसल का उचित दाम मिला और कुल आय 6 लाख रूपए तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर निरंतर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर क्रियान्वयन, मैदानी मार्गदर्शन और सतत् मॉनिटरिंग से योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
- -379 गाँवों के 22,923 परिवारों तक पहुँचा नल कनेक्शन-119 गाँव में ‘हर घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, बढ़ रही खुशहालीरायपुर / छत्तीसगढ़ के सुदूर, वनांचल और दुर्गम इलाकों में बसे नारायणपुर जिले में जल जीवन मिशन ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य की नई भोर लेकर आया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के निरंतर प्रयासों से जिले के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल पहुँचाने का संकल्प अब धरातल पर रंग ला रहा है। हर घर जल की इस मुहिम ने न केवल पेयजल का संकट दूर किया है, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन को आसान बनाकर उनके जीवन स्तर को भी ऊँचा उठाया है। जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के 379 गाँवों में निर्धारित 33,009 घरेलू नल कनेक्शनों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 22,923 परिवारों को सफलतापूर्वक नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।भौगोलिक रूप से कठिन और दूरस्थ अंचलों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सोलर पंपों को मजबूत आधार बनाया गया है। स्वीकृत सोलर पंप 1,084, स्थापित सोलर पंप 852, वर्तमान में चालू सोलर पंप 750, सौर ऊर्जा से 20 हजार 138 लाभान्वित घरों को सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।इन प्रयासों का परिणाम है कि जिले के 119 गाँवों के 7,276 परिवारों को पूरी तरह शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। इन गाँवों को ‘हर घर जल’ गाँव के रूप में प्रमाणित कर इनका प्रबंधन सीधे संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 3,572 हैंडपंप भी ग्रामीणों की दैनिक जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।जल आपूर्ति के साथ-साथ जल स्रोतों की स्वच्छता, पाइपलाइन के रख-रखाव और जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शुद्ध पेयजल की सुलभ उपलब्धता से मौसमी बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं, पानी लाने में लगने वाले समय की बचत होने से विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिससे नारायणपुर के दुर्गम अंचलों में विकास और खुशहाली की नई राह खुल रही है।
- -स्व-सहायता समूह के सहयोग से 1.5 लाख की पूंजी से शुरू किया काम, अब हर महीने कमा रही हैं 50 हजार रुपयेरायपुर / पारंपरिक कृषि पर निर्भरता से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ने वाली ग्रामीण महिलाओं की सूची में अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी का नाम भी जुड़ गया है। अपनी कड़ी मेहनत, सूझबूझ और शासकीय योजनाओं के सही क्रियान्वयन के बदौलत मिथिला दीदी ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।महिलाओं में आत्मनिर्भरता की जो लहर उठ रही हैए उसका एक प्रेरणादायक उदाहरण बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी हैए जिनके लिए मशरूम उत्पादन की खेती वरदान साबित हुई है। शुरुआत में परिवार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे घर का खर्च चलाना कठिन हो रहा था। इस चुनौती से निपटने के लिए मिथिला दीदी ने अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।मशरूम उत्पादन का व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्होंने सखी क्लस्टर संगठन से ऋण 1 लाख 20 हजार रूपए, अपनी व्यक्तिगत बचत से 30 हजार रूपए इस प्रकार कुल शुरुआती लागतरू 1 लाख 20 हजार रूपए से मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू की। शुरुआती दौर में यह कार्य नया था, लेकिन सीखने की ललक और निरंतर प्रयासों से जल्द ही मशरूम उत्पादन एक सफल आजीविका गतिविधि में बदल गया। शुरुआती दौर में तापमान नियंत्रण, मार्केटिंग और तकनीकी जानकारी की कमी जैसी कई समस्याएं सामने आईं। लेकिन मिथिला दीदी ने प्रशिक्षण लेकर और आपसी सहयोग से इन सभी चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन के चलते स्थानीय बाजारों में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी। वर्तमान में मिथिला दीदी अपने घर से ही मशरूम उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बेचती हैं और प्रतिमाह लगभग 50 हजार रूपए की आमदनी अर्जित कर रही हैं। उनकी यह सफलता आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की सतत् मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर मार्गदर्शन से सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के नए अवसर गढ़ रही हैं। आज आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीन पर उतारते हुए यह संदेश दे रही है कि छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
- -एफआईआर और चार्जशीट के ऑनलाइन प्रेषण, ई-साक्ष्य, नाफिस तथा ई-समन के त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष बलरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने नवीन आपराधिक कानूनों के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है तथा इसके लिए कानून में उल्लिखित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जानी चाहिए। नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की बेहतर स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए हर स्तर पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी मापदंडों में सुधार की गति बनाए रखने के निर्देश दिए।कार्यात्मक दक्षता के मापदंड पर सुधार के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआईआर और चार्जशीट सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि विवेचना से लेकर विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो। इसी मापदंड के अंतर्गत उन्होंने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नाफिस) तथा ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाने के लिए सभी थानों को तकनीकी एवं कार्यात्मक दृष्टि से शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने यह भी कहा कि ई-समन जारी होने के बाद उसकी तामील शीघ्र सुनिश्चित की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए। गृह मंत्री श्री शर्मा ने प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत आवश्यक अधिसूचनाएं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ-साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है, तभी नए कानूनों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंच सकेगा।बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर आ रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी), नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों के साथ इनके तकनीकी और प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर केंद्रीय स्तर से सहयोग अथवा तकनीकी समाधान अपेक्षित है, उन पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण कराया जाए, जिससे छत्तीसगढ़ नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में और बेहतर प्रदर्शन कर सके।बैठक में महानिदेशक एनसीआरबी श्री अमित गर्ग, महानिदेशक बीपीआरडी श्री आलोक मित्तल, गृह विभाग की प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत एवं श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, महानिदेशक जेल श्री हिमांशु गुप्ता, संचालक अभियोजन श्री प्रदीप गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, सीएपीटी भोपाल श्री अनिल किशोर यादव उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, जिले के पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी, तथा दिल्ली से एनसीआरबी एवं एनआईसी के अन्य अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए।नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से तीनों नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशव्यापी क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।
- -नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश,पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइनरायपुर / राज्य सरकार के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ज़मीन के सीमांकन (Demarcation) की प्रक्रिया को बेहद आसान, पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है। अब ज़मीन मालिकों को नाप-जोख या सीमांकन के लिए तहसील कार्यालयों और सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।नए डिजिटल सिस्टम में सीमांकन आवेदन के लिए तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि सिर्फ लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर) और राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटिज़न पोर्टल या सेवासेतु के माध्यम से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगेद्य जिससे सीमांकन के ऑफलाइन या मैन्युअल आवेदन को म-बवनतज अंतर्गत तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था खत्म की जा रही है। आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर हो जाएंगे। एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा भी अपने रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करने का प्रावधान भी इसमें शामिल किया जा रहा है, जिससे आवेदक को आवेदन के संबंध मे सभी स्तर के जानकारी उपलब्ध होती रहेगी। राजस्व विभाग के भू-अभिलेख शाखा से जारी पत्र अनुसार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट (E-Court) सॉफ्टवेयर में ज़रूरी तकनीकी सुधार कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गये हैं।नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग से पूरी होगी। आवेदक को तहसील कार्यालय केवल तभी जाना पड़ेगा, जब सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य पक्ष द्वारा कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई जाए। अगर मामला निर्विवाद है, तो आवेदक को एक बार भी दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।मैन्युअल व्यवस्था खत्म होने से दफ्तरों की अनचाही भाग-दौड़ और बिचौलियों का दखल पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। तय समय-सीमा के कारण मामलों के पेंडिंग रहने की समस्या दूर होगी और आवेदकों को निश्चित समय में सीमांकन रिपोर्ट मिल जाएगी। राजस्व विभाग नागरिकों की सुविधा के लिए पहले ही कई सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर चुका है। जिसमें डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II नागरिक घर बैठे खसरा और खतौनी की QR कोड वाली प्रमाणित कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं। ज़मीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (Diversion) और नजूल ज़मीन के टैक्स रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई का स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है।राजस्व विभाग की यह नई पहल राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं को पारदर्शी तरीके से हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा तैयार किए गए नए वेब पोर्टलcgpurc.cgstate.gov.in का क्लिक कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री वी. के. गोयल सहित आयोग के अन्य सदस्य उपस्थित थे।नए पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित महत्वपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इसमें अध्यादेश के आधार पर संचालित पाठ्यक्रमों का विवरण, अकादमिक कैलेंडर, प्रवेशित विद्यार्थियों की जानकारी, विद्यार्थियों की अंकसूची ,डिग्री तथा गत वर्षों के परीक्षा परिणाम अपलोड किए जाएंगे। पोर्टल पर विश्वविद्यालयों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क, कार्यरत अधिकारियों, विभिन्न समितियों एवं उनके सदस्यों तथा पीएचडी शोध-निर्देशकों की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा एनईपी-2020, नैक प्रत्यायन, अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू, स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, स्टार्टअप, जॉब ओरिएंटेशन प्रोग्राम, कैंपस प्लेसमेंट और ई-लाइब्रेरी से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी।पोर्टल में शैक्षणिक स्वीकृतियों, भरे एवं रिक्त पदों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे निजी विश्वविद्यालयों की गतिविधियों में पारदर्शिता, सूचना की सुगमता और प्रभावी निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने न्यायाधिपति श्री कृष्न राम महापात्र (Krushna Ram Mohapatra) को आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इसके पूर्व श्री कृष्न राम महापात्र उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल श्री डेका ने मुख्य न्यायाधीश श्री कृष्न राम महापात्र को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति सौंपी। राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश श्री महापात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। समारोह में मुख्य न्यायाधीश श्री महापात्र की धर्मपत्नी श्रीमती अनिता महापात्र सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा किया गया तथा उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महाधिवक्ता श्री विवेक शर्मा, उच्च न्यायालय बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल श्री रजनीश श्रीवास्तव सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री महापात्र छत्तीसगढ़ के 16 वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।
- -राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन भी किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास में सहायक होगा।राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने तथा उनके जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्त्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने स्व. ठाकरे जी के सानिध्य में बिताए गए अवसरों और प्रेरणादायी उद्धरणों को साझा किया।श्री डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है।श्री डेका ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सूचनाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय माध्यम समाज में बना हुआ है। पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन वे व्यापक रूप से पहचाने नहीं जा सके। ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के कार्यों को समाचारों और लेखों के माध्यम से समाज के सामने लाने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने तथा कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी विभागाध्यक्ष प्रबंधन और आभार प्रदर्शन सुनील कुमार शर्मा कुलसचिव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर। बलरामपुर जिले के दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जरूरतमंद मरीजों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।राजपुर विकासखंड की अति-जोखिम वाली गर्भवती पहाड़ी कोरवा महिला श्रीमती बसंती किसी कारणवश जिला अस्पताल अंबिकापुर से बिना उपचार कराए अपने गांव वापस लौट आई थीं। इसकी जानकारी मिलते ही विभागीय अमला तत्काल सक्रिय हुआ और महिला को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई।स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम तथा अस्पताल के चिकित्सकों के समन्वित एवं त्वरित प्रयासों के फलस्वरूप श्रीमती बसंती ने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की निगरानी में हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अति-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के मामले में समय पर पहचान, नियमित निगरानी और तत्काल रेफरल अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ व आदिवासी अंचलों में प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व की सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सजग स्वास्थ्य अमले, त्वरित एंबुलेंस सेवा और मैदानी कार्यकर्ताओं के इस उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की।
- -सीमेंट से सजावटी सामान बनाकर बढ़ाई आमदनीरायगढ़ । देवगढ़ की रुकमणी ने हुनर को बनाया रोजगारकभी गृहिणी के रूप में परिवार संभालने वाली रुकमणी आज सीमेंट से मंदिर और सजावटी सामग्री तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने मेहनत और हुनर के दम पर अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने समूह के माध्यम से बचत की और ऋण लेकर अपने हुनर को रोजगार का रूप दिया। आज इस काम से उन्हें हर महीने करीब 45 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड के ग्राम देवगढ़ की रुकमणी कुंवर ने बिहान योजना के तहत गठित समूह से जुड़ीं। समूह में शामिल होने के बाद उन्होंने नियमित बचत शुरू की। इसके बाद आरएफ, सीआईएफ और बैंक लोन के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सीमेंट से मंदिर एवं विभिन्न सजावटी वस्तुएं बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ काम करने वाली रुक्मणी ने धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार किया। वर्तमान में उन्होंने बैंक से करीब 50 हजार रुपये का ऋण लिया है, वहीं समूह से भी 20 हजार रुपये का ऋण लेकर अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाया।रुकमणी सीमेंट से छोटे-बड़े मंदिर, घर की साज-सज्जा और पूजा-पाठ में उपयोग होने वाली विभिन्न वस्तुएं तैयार करती हैं। तैयार सामग्री को स्थानीय स्तर पर बेचकर उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। मेहनत, समूह का सहयोग और बिहान योजना से मिले आर्थिक संबल ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव किया है। अब रुकमणी न केवल अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक रूप से योगदान दे रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी बन रही हैं।छत्तीसगढ़ शासन की बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों का प्रशिक्षण देने के साथ ही रोटेशनल फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड और बैंक ऋण के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। महिलाएं पशुपालन, सिलाई, मसाला एवं अचार निर्माण सहित विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। स्थानीय हाट-बाजारों और सरस मेलों के माध्यम से महिला समूहों को अपने उत्पादों के विक्रय के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
- -वीबी - जीरामजी योजना के क्यूआर कोड को मिले 7 लाख से अधिक स्कैन, औसत प्रतिदिन 2 हजार से अधिक लोगों ने ली जानकारी-प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सूचना की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने की अभिनव पहल ने पूरा किया एक वर्षरायपुर / सुशासन, पारदर्शिता एवं स्वप्रगतिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई अभिनव पहल ‘क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली ने एक वर्ष पूर्ण कर लिया है। वर्तमान में वीबी जी राम जी, पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में पिछले वर्ष क्यूआर कोड प्रदर्शित किए गए थे। इस नवाचार के माध्यम से ग्रामीणों एवं आमजन को संबंधित ग्राम पंचायत में योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों, भुगतान तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही स्थान पर सहज, सरल एवं सुलभ रूप से उपलब्ध कराई गईं।इस पहल को प्रदेशवासियों का उल्लेखनीय प्रतिसाद मिला है। पिछले एक वर्ष में इन क्यूआर कोड को 7 लाख से अधिक बार स्कैन किया गया, यानी औसतन प्रतिदिन 2 हजार से अधिक बार ग्रामीणों एवं आमजन ने योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि तकनीक आधारित सूचना व्यवस्था को आमजन ने व्यापक रूप से अपनाया है।क्यूआर कोड के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों एवं उनसे संबंधित जानकारी आमजन की पहुंच में आने से पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिली है। ग्रामीण अब अपने क्षेत्र में योजना के तहत हुए कार्यों, उनके भुगतान एवं अन्य संबंधित विवरणों की जानकारी स्वयं प्राप्त कर सकते हैं। इससे सूचना के लिए किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और आमजन को ‘सूचना मांगने’ के बजाय ‘सूचना देखने’ की सुविधा मिली है। इस नवाचार ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ संभावित अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। योजना संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने से सामाजिक निगरानी और जनभागीदारी को बढ़ावा मिला है।क्यूआर कोड के माध्यम से योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध होने का सकारात्मक प्रभाव सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों तथा योजना संबंधी शिकायतों पर भी देखने को मिला है। जानकारी की सहज उपलब्धता से ऐसे आवेदनों एवं शिकायतों में कमी आई है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनी है।क्यूआर कोड आधारित इस स्वप्रगतिकरण नवाचार की प्रभावशीलता और उपयोगिता को देखते हुए इसे मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सुशासन को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने की यह पहल उल्लेखनीय और अनुकरणीय है।बीबी- जीरामजी योजना के क्यूआर कोड ने ग्राम पंचायतों में सूचना को सीमित दायरे से निकालकर सीधे आमजन तक पहुंचाया है। पिछले एक वर्ष में 7 लाख से अधिक स्कैन इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। यह पहल न केवल पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत कर रही है, बल्कि स्वप्रगतिकरण एवं सुशासन की अवधारणा को भी धरातल पर साकार कर रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध जानकारी के माध्यम से आमजन स्वयं अपने क्षेत्र में योजना के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और विकास कार्यों की निगरानी में सहभागी बन रहे हैं। एक वर्ष की अवधि में क्यूआर कोड आधारित इस नवाचार ने यह सिद्ध किया है कि तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी का समन्वय सुशासन को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बना सकता है। प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में लागू यह पहल आने वाले समय में डिजिटल पारदर्शिता एवं जनसशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
- किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधाबलौदाबाजार-भाटापारा और रायपुर जिले के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदारायपुर/छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सात प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग नहरों के जीर्णाेद्धार, रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा।जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेवार स्वीकृत कार्यों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के बलौदा शाखा नहर (वितरक 11 एवं 12)में रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग एवं पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, इससे 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इसी प्रकार सोंढूर परियोजना (बेन्द्री वितरक नहर) के भाटापारा शाखा नहर के बेन्द्री वितरक नहर की रिमॉडलिंग व सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ मंजूर। इससे 355 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा।रायपुर जिला (धरसींवा विकासखंड) के भाटापारा शाखा नहर कार्य में महानदी परियोजना अंतर्गत विभिन्न सुधार कार्यों हेतु 4.20 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 14) के आर.डी. 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के माध्यम से भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोड- आर.डी. 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामर रोड निर्माण के लिए 1.90 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 8 व माइनर 1) में भूमिगत पाइपलाइन तथा कंक्रीट व मुरमीकरण रोड निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 11।, 13, 14 व माइनर्स) महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत जीर्णाेद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जल प्रबंधन बेहतर होगा और अंतिम छोर (टेल एरिया) तक किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
- रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की उपलब्धिआंतों से चिपका होने के कारण था हाई-रिस्क; तीन विभागों की संयुक्त टीम ने बचाई जानरायपुर/लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय, रायगढ़ के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक 46 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी है।झलमला निवासी चंपा यादव के पेट से एक विशालकाय ट्यूमर (फाइब्रॉएड) निकाला गया है, जिसका आकार लगभग 24.2 x 23.1 x17 सेंटीमीटर और वज़न 8 किलोग्राम था, जो आकार में एक बड़े फुटबॉल के बराबर है।चंपा यादव पिछले एक महीने से पेट में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन और उल्टी की समस्या से बुरी तरह जूझ रही थीं। 22 अगस्त 2026 को जब उन्हें आपातकालीन स्थिति में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में लाया गया, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी और शरीर में खून की भारी कमी (हीमोग्लोबिन मात्र 7.5 g/dL) पाई गई थी। इसके अलावा, रेडियोलॉजिकल जांच (सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड) में स्पष्ट हुआ कि इस विशाल गांठ के भारी दबाव के कारण गर्भाशय विस्थापित हो गया था और बायीं मूत्रवाहिनी (ureter) दब गई थी, जिससे किडनी पर भी विपरीत असर पड़ रहा था और लिवर के पैरामीटर्स बिगड़ चुके थे।स्थिति की गंभीरता और मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए, मेडिकल टीम ने पहले मरीज को स्थिर करने का निर्णय लिया। रक्त की भारी कमी को पूरा करने के लिए उन्हें कई यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) चढ़ाए गए और एंटीबायोटिक्स के माध्यम से उनके ऑर्गन फंक्शन को सर्जरी के अनुकूल बनाया गया।मरीज के पूरी तरह स्थिर होने के बाद, 1 सितंबर 2026 को जनरल एनेस्थीसिया के तहत एक हाई रिस्क सर्जरी (एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी) को अंजाम दिया गया। यह ऑपरेशन किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि यह भारी भरकम ट्यूमर मरीज की आंतों से बेहद गहराई से चिपका हुआ था। इस नाजुक स्थिति को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए ऑपरेशन थियेटर में जनरल सर्जरी यूनिट को विशेष रूप से सहायता के लिए बुलाया गया।स्त्री रोग और जनरल सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने अद्भुत सर्जिकल कौशल का परिचय देते हुए, आंतों के जटिल जुड़ाव को सावधानी से काटा और दोनों मूत्रवाहिनियों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित अलग कर लिया। इसके पश्चात, गर्भाशय सहित उस विशाल ट्यूमर को शरीर से बाहर निकाल लिया गया।यह जटिल ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। ऑपरेशन के बाद चंपा यादव को रिकवरी रूम में शिफ्ट कर दिया गया, जहां उन्हें आईवी फ्लूइड्स और दर्द निवारक दवाएं दी जा रही हैं। उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।
- उजाला उत्पादक समूह की दीदियों ने सामूहिक खेती से हासिल की नई पहचान, सीधे थोक बिक्री से 6 लाख रूपए की आयरायपुर/पारंपरिक खेती से हटकर हरी सब्जियों की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने वाले कई किसानों ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से सफलता की नई कहानियां लिखी हैं, जिनमें ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती जैसी प्रेरणादायक मिसालें शामिल हैं, जो कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करती थी और आज लाखों की कमाई कर रही हैं।छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। छोटे से भूखंड पर भी टमाटर, बैंगन, लौकी या करेला, खीरा जैसी सब्जियां उगाकर किसान प्रति बीघा या एकड़ कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। उजाला उत्पादक समूह से जुड़ी 35 महिला किसानों ने एकजुट होकर न केवल लागत घटाई, बल्कि 600 क्विंटल सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन कर करीब 6 लाख रूपए की आय अर्जित की है।2 लाख रूपए की शुरुआती पूंजी से मिली नई उड़ानवर्ष 2025 में गठित इस समूह का उद्देश्य सामूहिक प्रयास के ज़रिए उत्पादन बढ़ाना और बेहतर बाज़ार तलाशना था। आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह को क्लस्टर से स्टार्टअप राशि 50 हजार रूपए, सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली से ऋण 1 लाख 50 हजार रूपए, कुल शुरुआती पूंजी 2 लाख रूपए। इस पूंजी की मदद से महिलाओं ने अपने खेतों में वैज्ञानिक तकनीक अपनाते हुए लौकी, करेला और खीरा की खेती शुरू की।600 क्विंटल सब्जियों की बंपर पैदावारमहिलाओं की कड़ी मेहनत और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खेतों में शानदार उत्पादन हुआ। सब्जी की फसल से बचत बढने लगी तो महिलाओं का हौसला बढ़़ा। इसके साथ ही फसल का दायरा बढ़ाने लगी, जिससे पैदावार में बढ़ोत्तरी होने लगी। महिलाओं ने सामूहिक खेती कर लौकी 250 क्विंटल, करेला 250 क्विंटल, खीरा 100 क्विंटल का उत्पादन की। कुल सब्जी उत्पादन 600 क्विंटल होने लगा।बिचौलियों से मुक्ति, सीधे थोक बाजार से जुड़ावसफलता की सबसे बड़ी कड़ी महिलाओं की विपणन (मार्केटिंग) रणनीति रही। बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय समूह की दीदियों ने अपनी उपज को सीधे थोक बाजार तक पहुंचाया। इससे फसल का उचित दाम मिला और कुल आय 6 लाख रूपए तक पहुंच गई।सुशासन और जमीनी मॉनिटरिंग का असरमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर निरंतर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर क्रियान्वयन, मैदानी मार्गदर्शन और सतत् मॉनिटरिंग से योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
- रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 09 सितम्बर 2026 को पूर्वान्ह 11: 30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।
- -महिला पत्रकारों के साथ अतिथियों ने भी बिखेरा जलवा-महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रैम्प पर उतरी-भावना वोरा महिला पत्रकारों के साथ किया रैंप वॉक-रैंप वॉक में दिखी सादगी और आत्मविश्वास, खेल-प्रतियोगिताओं और तीज की मस्ती के बीच सम्पन्न हुआ महिला पत्रकारों का तीज महोत्सवरायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में रविवार को महिला पत्रकारों के लिए आयोजित तीज महोत्सव उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। तीज के पारंपरिक रंग में रंगे इस आयोजन में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा और विधायक भावना वोरा विशेष रूप से शामिल हुईं। अतिथियों ने न सिर्फ महिला पत्रकारों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।तीज महोत्सव का सबसे खास आकर्षण रैंप वॉक रहा। महिला पत्रकारों ने पारंपरिक परिधानों में सादगी, सौंदर्य और आत्मविश्वास के साथ रैंप पर अपनी प्रस्तुति दी। इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं सिर पर पल्लू लेकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में नजर आईं, जिसने कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों का दिल जीत लिया।विधायक भावना वोरा ने भी रैंप पर अपनी शानदार प्रस्तुति दी। उनका सहज और आत्मीय अंदाज महिला पत्रकारों को खूब पसंद आया। वहीं राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने भी रैंप पर अपनी प्रस्तुति देकर महिला पत्रकारों के साथ तीज की खुशियां साझा कीं। जनप्रतिनिधियों की इस आत्मीय सहभागिता ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।खेल और मनोरंजन ने जमाया रंगतीज महोत्सव के दौरान महिला पत्रकारों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिला पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और हंसी-मजाक व मस्ती के बीच आयोजन का आनंद लिया।विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में भाजपा प्रवक्ता शताब्दी पांडे और श्वेता पड्डा भी शामिल रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन किया तथा महिला पत्रकारों का उत्साह बढ़ाया।कार्यक्रम के अंत में सभी महिला पत्रकारों को रिटर्न गिफ्ट प्रदान किया गया। उपहार पाकर महिला पत्रकारों में खासा उत्साह देखने को मिला।अतिथियों ने कहा—महिलाओं के उत्सव को मंच देना सराहनीयमहिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीज छत्तीसगढ़ की संस्कृति और महिलाओं के उल्लास से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा महिला पत्रकारों के लिए तीज महोत्सव आयोजित करना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाएं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं और ऐसे आयोजन उन्हें कार्य के साथ उत्सव और आपसी संवाद का अवसर देते हैं।राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि तीज महिलाओं की खुशियों, आत्मीयता और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। प्रेस क्लब में महिला पत्रकारों के साथ तीज मनाकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने महिला पत्रकारों की सक्रियता और उनके योगदान की सराहना करते हुए सभी को तीज की शुभकामनाएं दीं।विधायक भावना वोरा ने कहा कि महिला पत्रकार समाज की आवाज को मजबूती से सामने रखने का काम कर रही हैं। तीज महोत्सव जैसे आयोजन महिलाओं को अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर साथ मिलकर खुशियां मनाने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब की यह पहल महिला पत्रकारों के बीच आत्मीयता और सहभागिता को और मजबूत करेगी।प्रेस क्लब पदाधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिताकार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित आयोजन के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली अमृता शर्मा, प्रियंका कौशल, मीनल शर्मा, आकांक्षा दुबे, विनीता मंडल, सोनल, भारद्वाज ,सुजाता साहा अंबिका मिश्रा , और बड़ी संख्या में महिला पत्रकार सदस्य उपस्थित रहीं।प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि महिला पत्रकार प्रेस क्लब की महत्वपूर्ण और सक्रिय शक्ति हैं। तीज महोत्सव का उद्देश्य महिला पत्रकारों को काम की व्यस्तता के बीच एक ऐसा मंच देना है, जहां वे साथ मिलकर अपनी संस्कृति और परंपरा का उत्सव मना सकें। उन्होंने कहा कि महिला सदस्यों की सहभागिता से भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे।तीज के पारंपरिक रंग, रैंप वॉक की खूबसूरत प्रस्तुतियों, खेल प्रतियोगिताओं, हंसी-मजाक और आत्मीय मेलजोल ने पूरे प्रेस क्लब परिसर को उत्सव में बदल दिया। मौज-मस्ती और उमंग के बीच सम्पन्न हुआ तीज महोत्सव महिला पत्रकारों के लिए यादगार बन गया।




























