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- -महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौड, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर ने सफाई मित्रों को पीपीई किट प्रदत्त किए, प्रत्येक जोन को 20 पीपीई किट प्रदाय-सफाई मित्रों की सुरक्षा एवं सम्मान हमारा दायित्व है- महापौर मीनल चौबेरायपुर शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ बनाने में सफाई मित्रों का महत्वपूर्ण योगदान है- सभापति सूर्यकांत राठौड़रायपुर - आज नमस्ते दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार एवं आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कोलकाता में रखे गये विशेष कार्यकम का रायपुर नगर निगम मुख्यालय में लाइव प्रसारण किया गया। मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सभी उपस्थितजनों ने देखा। कार्यक्रम की शुरूआत गणमान्य अतिथियों के अभिनंदन से हुई। इसमें केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री विरेन्द्र कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंद्रु अधिकारी ने कार्यकम में समाज के सभी वर्गो तक विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं पर लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होने सामाजिक समावेशन और मानवीय गरिमा को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे प्रयासो की सराहना की। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने समावेशी विकास एवं सामाजिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।इस संदर्भ में नमस्ते दिवस पर नगर निगम रायपुर के मुख्यालय भवन के सामान्य सभा सभागार में हुए आयोजन में रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि सफाई मित्रों की सुरक्षा एवं सम्मान हमारा दायित्व है। महापौर ने सफाई मित्रों से अपील की है कि जोखिम के कार्यों को सफाई मित्र ना करें एवं अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें एवं यह स्मरण रखें कि उनके पीछे उनके परिवारजन भी है और उनका दायित्व भी है। महापौर ने कहा कि सफाई मित्रों को फील्ड पर कार्य करने के पूर्व निर्धारित मानको के सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराये जाये। ताकि उनको कार्यों में कोई जोखिम ना रहे। सफाई मित्र भी अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने का निजी दायित्व पूर्ण करें एवं अधिकारीगण उन्हें सुरक्षात्मक वातावरण एवं उपकरण उपलब्ध करवायें एवं सुरक्षित वातावरण में सफाई मित्रगण कार्य करें।नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड ने कहा कि रायपुर शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ करने में सफाई मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सफाई मित्रों को पहले सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाये। इसके बाद ही वे सफाई के कार्य में फील्ड में भेजे जाये। सफाई कार्यों को मैनुअल पद्धति से ना करवाकर मैकेनिकल पद्धति से करवाया जाना प्राथमिकता से सफाई मित्रों की सुरक्षा की दृष्टि से सुनिश्चित किया जाये।नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में सफाई मित्रो का योगदान महत्वपूर्ण है। सफाई मित्रों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सफाई मित्र पूरे शहर के लोगो के स्वास्थ्य का ध्यान रखकर सफाई कार्य अच्छी तरह करते है। जिससे शहर में स्वास्थ्यवर्धक वातावरण बना रह सके। इसलिए सफाई मित्रों का योगदान शहर के लोगो को स्वास्थ्यवर्धक वातावरण देने महत्वपूर्ण है। उनकी सुरक्षा सबकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सफाई मित्र अपने अच्छे कार्यों के लिए वास्तव में हार्दिक धन्यवाद के पात्र है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने नगर निगम मुख्यालय के चतुर्थ तल सामान्य सभा सभागार में नमस्ते दिवस के आयोजन में भाग लिया एवं उपस्थित सभी सफाई मित्रों को नमस्ते मुद्रा में उनका हार्दिक अभिनन्दन किया।भारत सरकार द्वारा नमस्ते दिवस योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी। यह योजना आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है। जिसका उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करना है।नमस्ते योजना का मुख्य उद्देश्यमैनुअल स्कैवेंजिंग एवं जोखिमपूर्ण सीवर, सेप्टिक टैंक सफाई को समाप्त करना।स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित करना।सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कार्यों में पूर्ण मशीनीकरण को बढ़ावा देना।स्वच्छता कर्मियों को पीपीई किट, स्वास्थ्य सुरक्षा, बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना।पात्र कर्मियों को नमस्ते आईडी कार्ड प्रदान करना।स्वच्छतः कर्मियों के लिए कौशल विकास एवं वैकल्पिक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना।स्वच्छता कर्मियों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।स्वच्छता कार्यों को सुरक्षित, सम्मानजनक और तकनीक आधारित बनाना।नमस्ते दिवस कार्यक्रम में दी गयी जानकारी के अनुसार स्वच्छता कर्मचारी रायपुर शहर की स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वच्छता कर्मियों से विनम्र अपील की गयी कि सीवर, सेप्टिक टैंक एवं अन्य स्वच्छता कार्यों के दौरान हमेशा निर्धारित पीपीई किट जैसे हेलमेट, दस्ताने, मास्क, गमबूट और सुरक्षा चश्मे का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। किसी भी परिस्थिति में बिना सुरक्षा उपकरणों के जोखिमपूर्ण कार्य न करें तथा सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उपलब्ध मशीनीकृत उपकरणों और मशीनों का अधिकतम उपयोग करें। सुरक्षा मानकों का पालन न केवल दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचाता है, बल्कि स्वच्छता कर्मियों के परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। नमस्ते दिवस योजना की भावना के अनुरूप सभी मिलकर सुरक्षा पहले, कार्य बाद में का संकल्प लें और सुरक्षित, सम्मानजनक एवं मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था को सफल बनाएं। रायपुर नगर पालिक निगम के स्वच्छता कर्मी भानु साहू, ओम प्रकाश, सनी सेंद्र, गोपाल साहू, कपील बेहरा, सचिन सोनाली, लोकेश तिवारी, विक्रांत, राजकुमार को पीपीई किट प्रदत्त की गई। प्रत्येक जोन को 20 पीपीई किट प्रदाय की जा रही है।इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सभापति श्री सूर्यकांत राठौड एवं स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर का नमस्ते दिवस आयोजन में पहुंचने पर नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त स्वास्थ्य श्री जसदेव सिंह बाबरा, स्वच्छ भारत मिशन शाखा नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडु ने बुके प्रदत्त कर मंच पर आत्मीय स्वागत किया।
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन क्षेत्र अंतर्गत भर्री खार भाठागांव में लगभग ढाई एकड निजी भूमि पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग पर वहां स्थल पर नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन एवं कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश सिन्हा, सहायक अभियंता श्री आशीष श्रीवास्तव, उपअभियंता श्री सागर ठाकुर की उपस्थिति में वहां निर्मित अवैध मुरम रोड को जेसीबी की सहायता से तत्काल काटकर एवं वहां का यातायात बाधित कर स्थल पर कारगर रोक लगायी गयी। जोन कमिश्नर ने नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग की ओर से रायपुर तहसीलदार को पत्र लिखकर शीघ्र संबधित भूमि के वास्तविक भूमि स्वामी की जानकारी नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग को देने अनुरोध किया है।तहसील कार्यालय से जानकारी मिलने पर शासन के अधिनियम अनुसार नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा प्रकरण में संबंधित अवैध प्लाटिंगकर्ता के विरूद्ध नियमानुसार कडी कानूनी कार्यवाही करने संबंधित पुलिस थाना में नामजद एफआईआर दर्ज करवायी जायेगी।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार ने अधोसंरचना विकास निगम (CIDC) के अंतर्गत आने वाले विघटित परिवहन निगम के दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर, इन दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए एक नई नीति बनाने का निर्णय लिया गया है। इस नीति के निर्धारण के लिए राज्य शासन द्वारा सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में 07 सदस्यीय अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है, जिसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, पूर्व में इन दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को शिक्षाकर्मी वर्ग-तीन के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाती थी। लेकिन शिक्षाकर्मी पद समाप्त होने के बाद जल संसाधन विभाग ने 13 दिसंबर 2022 को एक आदेश जारी कर सीआईडीसी ((CIDC) के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान किया था। सीआईडीसी में पद रिक्त न होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति के कई महत्वपूर्ण प्रकरण लंबे समय से लंबित हो गए थे। इसके चलते आश्रित परिवारों को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था।मामले की संवेदनशीलता, उच्च न्यायालय के निर्देशों और कर्मचारी हित को सर्वाेपरि रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। गठित की गई 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट एक माह के भीतर शासन को सौंपनी होगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट (मंत्रि-परिषद्) से अंतिम अनुमोदन लिया जाएगा, जिसके बाद नई नीति को विधिवत अधिसूचित कर दिया जाएगा। राज्य शासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को किसी भी प्रकार के आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। इस नई नीति के लागू होने से वर्षों से लंबित प्रकरणों का तेजी से निपटारा होगा और पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार व आर्थिक संबल मिल सकेगा।
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रायपुर। नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से भाजपा सोशल मीडिया छत्तीसगढ़ की टीम ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने छत्तीसगढ़ भाजपा सोशल मीडिया टीम के साथ प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर भाजपा सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक मितुल कोठारी सहित सोशल मीडिया टीम के पदाधिकारी मौजूद रहे।
- -कुछ ही दिनों में बना मृत्यु प्रमाण पत्र, समस्या हुई दूररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रियता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में पेंड्रा निवासी श्री अशोक सैनी की पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने संबंधी समस्या का समयबद्ध निराकरण किया गया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। श्री सैनी की पत्नी का रायपुर में उपचार के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण का त्वरित परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की गई तथा कुछ ही दिनों में उनकी समस्या का निराकरण करते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त होने से अब श्री सैनी को आवश्यक शासकीय एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूर्ण करने में सुविधा होगी।
- - कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय पर्यवेक्षक समिति की बैठक आयोजित- फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाईमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय पर्यवेक्षक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर द्वारा क्रियान्वयन बीमा कम्पनी को कृषि विभाग एवं संबंधित विभाग बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक प्रचार कर फसलों के बीमा कराने के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिये गए। उन्होंने जिले के सभी किसानों से फसलों का बीमा कराने के लिए अपील की है, ताकि आपदा की स्थिति में किसानों को क्षति पूर्ति हेतु दावा भुगतान मिल सके।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभविन्त करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर ने बताया की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों के लिये बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई नियत की गई है। बैठक में कलेक्टर ने ऋणी एवं अऋणी किसानों को अधिक से अधिक फसल बीमा आवरण में शामिल कराने के निर्देश दिए है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, उप संचालक कृषि श्री जे एल मंडावी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें।बैठक में उप संचालक कृषि जे.एल. मंडावी ने जिले के सभी किसानों से समय पर फसल बीमा कराने की अपील करते हुए कहा है कि किसान अपने नजदीकी सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र, संबंधित बैंक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने सभी सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र किसान बिना आवेदन किए वापस न लौटे।जिले में खरीफ सीजन के लिए धान (सिंचित एवं असिंचित), कोदो, कुटकी, रागी, अरहर तथा मक्का अधिसूचित फसलें हैं। इनमें धान (सिंचित) के लिए 66 हजार, धान (असिंचित) 49,500 रुपए कोदो 24,200 रुपए, कुटकी 24,200 रुपए, मक्का 52, 800 रुपए, अरहर 44,000 रुपए तथा रागी 27,500 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। योजना से संबंधित जानकारी एवं शिकायत के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं फसल नुकसान की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर बजाज जनरल इंश्योरेंस के व्हाट्सएप नंबर 70655-14447 पर सूचना देकर दावा प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
- -दंतेवाड़ा के देवेंद्र झाड़ी बने दूसरों के लिए प्रेरणा, ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से बदली जिंदगीरायपुर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर भारी-भरकम बिजली बिल से हमेशा के लिए मुक्ति पाई जा सकती है। भारत सरकार 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी देती है। 1 किलोवाट के लिए 30 हजार रूपए, 2 किलोवाट के लिए 60 हजार रूपए और 3 किलोवाट या उससे अधिक के लिए 78 हजार रूपए तक की वित्तीय सहायता सीधे आपके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। दंतेवाड़ा जिले के रहने वाले देवेंद्र झाड़ी के लिए अब हर महीने आने वाला बिजली का बिल कोई चिंता का विषय नहीं रहा। कुछ समय पहले तक वे भी महंगे बिजली बिलों से परेशान रहते थे, लेकिन आज उनके घर की छत पर लगे सोलर पैनल उनके परिवार के लिए बचत और खुशहाली की नई किरण लेकर आए हैं। यह सब मुमकिन हुआ है प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए।देवेंद्र ने इस जन-कल्याणकारी योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित करवाया। इस प्लांट को लगाने के लिए उन्हें केंद्र और राज्य सरकार, दोनों की ओर से बेहतरीन सब्सिडी (वित्तीय सहायता) मिली। सब्सिडी मिलने के कारण सोलर प्लांट लगाने का शुरुआती खर्च बहुत कम हो गया, जिससे देवेंद्र के लिए इसे लगवाना बेहद आसान हो गया। अपने अनुभव को साझा करते हुए देवेंद्र झाड़ी बेहद खुश नजर आते हैं। वे बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली का बिल काफी अधिक आता था, जिससे घर का बजट प्रभावित होता था। लेकिन जब से सोलर पैनल लगा है, बिजली का खर्च न के बराबर हो गया है। अब हमारे घर के पंखे, लाइट और अन्य उपकरण सौर ऊर्जा से ही चलते हैं। इससे हमें बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिली है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर घर को आत्मनिर्भर बनाना और नागरिकों को महंगे बिजली बिलों से राहत दिलाना है। 3 किलोवाट तक के घरेलू सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जाती है। यह स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देता है, जिससे प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है।कोई भी इच्छुक नागरिक योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से सुरक्षित तरीके से प्लांट लगवा सकता है।देवेंद्र झाड़ी आज अपने पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। वे दूसरों को भी इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहते हैं कि अगर आपके घर की छत पर खाली जगह उपलब्ध है, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। इससे न सिर्फ आपके पैसों की बचत होगी, बल्कि आप देश को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में भी अपना योगदान देंगे। सरकार की इस योजना का फायदा उठाकर अपने घरों को सौर ऊर्जा से जरूर जोड़ें।
- -संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक के पश्चात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं जिला अधिकारी मौजूद थे।रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु कलेक्टर ने सीईओ, सीएमओ, एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाईश देने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) एवं नवीन ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया। साथ ही ओवरलोड संचालित हो रहे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देशित किया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। कलेक्टर ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि हेलमेट न पहनने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करें।जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला ने बताया कि जिले में 4 नवीन ब्लैक स्पॉट के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय किया जा रहा है। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
- -राष्ट्रीय राजमार्ग पर 41 से अधिक वाहनों पर 41 हजार रुपए का जुर्माना-राजमार्गों पर अवैध कब्जे और बेतरतीब पार्किंग के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति-सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का सघन अभियानरायपुर ।सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए रायगढ़ जिला प्रशासन ने आज राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग के खिलाफ व्यापक संयुक्त अभियान चलाया। सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गठित जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स ने शहर के प्रमुख यातायात क्षेत्रों में सघन प्रवर्तन अभियान चलाते हुए राजमार्गों से अतिक्रमण हटाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले 41 से अधिक वाहनों पर लगभग 41 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह के निर्देशन में यह अभियान कांशीराम चौक, छातामुड़ा चौक तथा अन्य व्यस्त मार्गों पर संचालित किया गया। अभियान के दौरान एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम श्री महेश शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राष्ट्रीय राजमार्ग) तथा जिला परिवहन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने मैदानी स्तर पर कार्रवाई की।संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किए गए अवैध अतिक्रमणों को तत्काल हटाया। दुकानों के सामने किए गए सड़क विस्तार, अस्थायी शेड, अवैध निर्माण तथा अन्य बाधाओं को हटाते हुए संबंधित लोगों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।अभियान के दौरान राजमार्गों और प्रमुख चौराहों के आसपास अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों एवं अन्य गाडि़यों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई। यातायात बाधित करने और दुर्घटना की आशंका बढ़ाने वाले 41 से अधिक वाहनों पर मौके पर ही चालानी कार्रवाई करते हुए लगभग 41 हजार रुपए का अर्थदंड वसूला गया। जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 15 मीटर की परिधि के भीतर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अथवा संबंधित मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, लाइसेंस अथवा अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी या नवीनीकृत नहीं किया जाएगा। सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप इस अभियान की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट निर्धारित अवधि में प्रस्तुत की जाएगी।जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने जिले के सभी दुकानदारों, ढाबा संचालकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पूर्णतः पालन करें। राजमार्गों पर अतिक्रमण न करें और न ही वाहनों को अव्यवस्थित ढंग से खड़ा करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी पूरे जिले में ऐसे औचक अभियान लगातार चलाए जाएंगे तथा दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक एवं वित्तीय कार्रवाई की जाएगी।
- -चार दिन में जारी हुआ आय प्रमाण पत्र, समयबद्ध सेवाओं का मिला लाभ-पिता ने लोकसेवा केंद्र से कराया ऑनलाइन आवेदन, प्रक्रिया रही सरल और पारदर्शी-प्रमाण पत्र मिलने से शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक कार्य होंगे सुगमरायगढ़ ।शासन द्वारा नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु आमजन के लिए सुविधाजनक माध्यम बनता जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन एवं निर्धारित समय-सीमा में प्रमाण पत्र जारी होने से नागरिकों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं। इसी क्रम में रायगढ़ तहसील के ग्राम कोसमपाली निवासी पंकज कुमार विश्वाल का आय प्रमाण पत्र सेवा सेतु के माध्यम से निर्धारित समयावधि में जारी किया गया। पंकज कुमार विश्वाल के पिता नवीन कुमार विश्वाल ने 5 जुलाई 2026 को लोकसेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण एवं सत्यापन किया गया। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत 9 जुलाई 2026 को तहसीलदार, रायगढ़ द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।नवीन कुमार विश्वाल ने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान रही। आवेदन जमा करने के बाद तय समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और बार-बार कार्यालय के चक्कर भी नहीं लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि आय प्रमाण पत्र समय पर मिलने से बच्चे के शैक्षणिक कार्यों सहित अन्य आवश्यक शासकीय प्रक्रियाओं में सुविधा मिलेगी। शासन द्वारा नागरिकों को ऑनलाइन एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की यह पहल आमजन के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं अन्य नागरिक सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। डिजिटल प्रणाली से सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, प्रक्रियाएं सरल हुई हैं तथा नागरिकों को निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन पहल से त्वरित समाधान, नागरिकों में बढ़ा भरोसा-महिलाओं, बच्चों और राहगीरों को मिला सुरक्षित आवागमन का भरोसा-डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वासरायपुर। सीएम हेल्पलाइन 1076 से लौटी रोशनी, संतोषी नगर की बंद स्ट्रीट लाइटें हुईं चालूसीएम हेल्पलाइन 1076 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए शुरू किया गया एक एकीकृत मंच है। यह टोल-फ्री नंबर 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रहता है, जहाँ नागरिक बिना किसी सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाए अपनी शिकायतें सीधे शासन तक पहुँचा सकते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी पहल सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। यह व्यवस्था न केवल लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कर रही है, बल्कि सुशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास भी लगातार मजबूत कर रही है।इसका ताजा उदाहरण दुर्ग जिले के भिलाई नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 33 स्थित संतोषी नगर में देखने को मिला, जहां कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के कारण शाम ढलते ही पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा जाता था। इससे महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही अंधेरे के कारण असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ने से स्थानीय नागरिकों में असुरक्षा का वातावरण भी बन गया था। क्षेत्र के जागरूक नागरिक श्री बोल बम गुप्ता ने इस समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू कर दिया। कुछ ही दिनों में पूरे वार्ड में रोशनी लौट आई और नागरिकों को राहत मिली।स्ट्रीट लाइटों के पुनः चालू होने से अब क्षेत्र में रात्रिकालीन आवागमन सुरक्षित और सुगम हो गया है। महिलाओं, बच्चों एवं आम नागरिकों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षा का अनुभव हो रहा है तथा अंधेरे का लाभ उठाकर होने वाली असामाजिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ सरकार की शिकायत निवारण व्यवस्था अब केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। डिजिटल तकनीक आधारित सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। संतोषी नगर के नागरिकों ने समस्या के शीघ्र समाधान पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली से आम लोगों को वास्तविक राहत मिल रही है तथा सुशासन का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंच रहा है।
- -न्यायालय से प्रकरण वापस लेकर पात्र उपभोक्ता उठा सकेंगे योजना का लाभरायपुर । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत अब न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को न्यायालयों में लंबित प्रकरण वापस लेना होगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने बताया कि उपभोक्ताओं से मिल रहे उत्साहजनक प्रतिसाद को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही अब योजना का दायरा बढ़ाते हुए न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों को भी इसमें शामिल किया गया है।उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल संबंधी प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, वे न्यायालय से अपना प्रकरण वापस लेकर योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उन्हें उपलब्ध छूट एवं अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे। प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने निकटतम वितरण केंद्र अथवा संबंधित कार्यालय से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें तथा निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर योजना का लाभ उठाते हुए अपने बिजली बिल संबंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कराएं।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 के तहत निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि श्रेणी के अशासकीय उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल की मूल राशि एवं अधिभार में नियमानुसार छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। अब तक 8 लाख 61 हजार 38 सक्रिय उपभोक्ताओं का पंजीयन हुआ है, जिन पर 1,493 करोड़ रुपये की कुल बकाया राशि थी, उन्हें कुल 745.61 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई है तथा 85.22 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है। वहीं 1 लाख 42 हजार 799 उपभोक्ताओं ने अपने प्रकरणों का संपूर्ण समाधान प्राप्त किया, जिनके लिए मूल राशि में 28.28 करोड़ रुपये तथा अधिभार में 50.60 करोड़ रुपये की छूट दी गई और 58.96 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ।इसके अतिरिक्त 3.58 लाख निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल राशि में 124.31 करोड़ रुपये तथा अधिभार में 40.76 करोड़ रुपये, अर्थात कुल 165.07 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई तथा उनसे 2.52 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ। पूर्व में यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील थी। योजना की अवधि बढ़ने से ऐसे पात्र उपभोक्ताओं को तीन माह का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो अब तक किसी कारणवश इसका लाभ नहीं ले सके हैं।
- -अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।
जनदर्शन में पहुंचे ग्राम पंचायत सेंवार के सरपंच दिलहरनलाल रजक ने गांव के विकास और जनसुविधाओं से जुड़े तीन अलग-अलग महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे हैं। उन्होंने गांव में पर्यावरण संरक्षण और तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए 200 फलदार पौधों की मांग की है, ताकि उन्हें उपयुक्त स्थानों पर लगाया जा सके। इसके साथ ही, सरपंच ने सेंवार के पूर्व माध्यमिक शाला भवन में पढ़ने वाले 228 छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए नए शौचालय और प्रार्थना शेड निर्माण की भी स्वीकृति मांगी है, क्योंकि वर्तमान में वहां बना शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सरपंच द्वारा एक अन्य ज्ञापन में मुक्तिधाम, छोटकी छुइहा तालाब और साप्ताहिक बाजार स्थल पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने तथा वहां का सीमांकन जल्द से जल्द कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत नवागांव सोनसाय के ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर बातया कि गांव के राशन दुकान संचालक द्वारा हितग्राहियों को कम राशन दिया जा रहा है। जांच के दौरान ई-पॉस मशीन से जुड़े कांटे में 20 किलो पर आधा किलो और 35 किलो के वजन पर 800 ग्राम तक की बड़ी गड़बड़ी (कम तौल) पाई गई, साथ ही हितग्राहियों को चने का वितरण भी नहीं किया गया। इसी तरह, ईंट भट्ठे में काम करने वाले तखतपुर तहसील के नवापारा निवासी भोजराम डहरिया ने अपने परिवार के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित मजदूर का कहना है कि उन्होंने कुल 57,158 ईंटें बनाई थीं, जिसके हिसाब से उनकी कुल मजदूरी 59,850 रुपये बनती है, लेकिन भट्ठा मालिक रमेश बंजारे ने उन्हें केवल 36,000 रुपये थमाए और बाकी के 23,850 रुपये देने से साफ मना कर दिया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर के रानी दुर्गावती खमतराई वार्ड क्रमांक 58 की निवासी श्रीमती वृंदा पटेल ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए बताया कि उनका राशन कार्ड बिलासपुर में पंजीकृत है, लेकिन वर्तमान में वह रायगढ़ जिले के डभरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत ओडेकेरा सराईपाली में रहने लगी हैं। बिलासपुर से रायगढ़ की दूरी अधिक होने के कारण उन्हें राशन लेने और राशन कार्ड संबंधी अन्य कार्यों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कलेक्टर से अपने राशन कार्ड को रायगढ़ जिले की संबंधित उचित मूल्य दुकान में ट्रांसफर करने का विनम्र आग्रह किया है। मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम वृंदावन निवासी दुकेश कुमार पाटले ने बताया कि ग्राम पंचायत डंगनिया के सरपंच हरप्रसाद भारते द्वारा गांव से तीन किलोमीटर दूर आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जा रहा है। गांव से तीन किलोमीटर दूर होने के कारण छोटे बच्चे या गर्भवती महिलाएं वहां तक पैदल नहीं जा पाएंगी। सरपंच की इस मनमानी पर तुरंत रोक लगाने और आंगनबाड़ी केंद्र को गांव के भीतर ही किसी उपयुक्त स्थान पर बनवाने की मांग की है ताकि बच्चों और महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चपोरा की महिला सरपंच श्रीमती दीपमाला ने भी कलेक्टर से मुलाकात कर क्षेत्र की दो बड़ी समस्याओं से अवगत कराया। सरपंच और पंचों ने बताया कि चपोरा विद्युत सब-स्टेशन के अंतर्गत आने वाले चारों फीडर मोहतरा, चपोरा, बांसाझाल और पुडू़ फीडर में पिछले कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। जनदर्शन में आज शाला प्रवेशोत्सव, अवैध कब्जा, भूमि और राजस्व संबंधी शिकायतें मिली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने एवं समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। - -टीएल बैठक में विकास कार्यों, सीएम हेल्पलाइन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षाबिलासपुर / कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित के मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग समयसीमा का कड़ाई से पालन करें। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल,वनमंडलाधिकारी श्री नीरज तथा सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले की एकल शिक्षकीय शालाओं में शीघ्र अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी अतिथि शिक्षक के रूप में ली जा सकती हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।कलेक्टर ने जर्जर स्कूल भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे विद्यालयों के लिए तत्काल वैकल्पिक भवनों की व्यवस्था की जाए तथा नए भवन अथवा अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उपलब्ध प्रावधानों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि डीएमएफ के माध्यम से विभिन्न पदों पर संविदा नियुक्तियों के लिए सहमति प्रदान की जा चुकी है।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शेष किसानों का सत्यापन 15 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यालयों में इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि जल्द ही बायोमेट्रिक उपस्थिति को वेतन भुगतान से जोड़ा जाएगा।बैठक में 18 जुलाई को प्रस्तावित जिलेव्यापी वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को स्थानीय स्तर पर बैठक आयोजित कर सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि अभियान जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संचालित हो सके।इसके अलावा बैठक में अग्रिस्टेक पंजीयन, सुशासन तिहार, पीएमओ पोर्टल, समय-सीमा प्रकरण, जनदर्शन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सीएम हेल्पलाइन सहित शासन की विभिन्न प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता तथा खरीफ सीजन में खेती-किसानी की प्रगति की भी जानकारी लेते हुए किसानों को आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- -खरीफ सीजन में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने किसानों को वितरित किए गए उड़द बीजमहासमुंद / राज्य शासन की मंशानुरूप जिले में खरीफ सीजन के दौरान फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आत्मनिर्भर दलहन योजना अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में किसानों को उन्नत किस्म के उड़द बीज का वितरण किया गया।ग्राम पाइकपारा में आयोजित बीज वितरण कार्यक्रम में जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-16 श्रीमती पद्मनी प्रदीप भोई की उपस्थिति में किसानों को उड़द बीज का वितरण किया गया। जनपद सदस्य श्रीमती भोई ने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने का आग्रह किया। इसी प्रकार सरायपाली विकासखंड के ग्राम बोंदानवापली में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी पटेल ने किसानों को आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत उड़द बीज वितरित किया। उन्होंने किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले ने किसानों को उड़द की उन्नत खेती, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर बुवाई तथा फसल संरक्षण संबंधी तकनीकी जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि धान के एकमात्र विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण अपनाने से उत्पादन जोखिम कम होता है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेकर दलहन एवं तिलहन फसलों का अधिक से अधिक उत्पादन करें, जिससे जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
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- स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव का आकस्मिक निरीक्षण कर विभिन्न विभागों एवं वार्डों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने रेडियोलॉजी विभाग का निरीक्षण कर प्रतिदिन होने वाले सीटी स्कैन एवं सोनोग्राफी की संख्या तथा विभाग में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से दो सीटी स्कैन टेक्नीशियन की भर्ती हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कैजुअल्टी वार्ड का निरीक्षण किया तथा वहां भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर मेडिकल कालेज में मिल रही चिकित्सा एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैजुअल्टी वार्ड में दो मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नियोनेटल वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिलर प्लांट में आवश्यक सुधार करने तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर एवं इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एम. लूका, अधीक्षक डॉ. अतुल देशकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवतरन तथा डॉ. पवन जेठानी सहित अन्य चिकित्सा, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। - - राजनांदगांव जिले में 5176 किशोरी बालिकाओं को लगाया गया एचपीवी टीकाराजनांदगांव । स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बेटियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिले में 13 से 18 जुलाई तक एचपीवी (हाूमन पैंपिलोमा वायरस) विशेष टीकाकरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले की 14 वर्ष आयु की सभी पात्र बालिकाओं को नि:शुल्क एचपीव्ही टीका लगाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रों सहित चिन्हित विद्यालयों एवं निर्धारित टीकाकरण सत्र स्थलों पर एचपीवी टीकाकरण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिले में अब तक तक 5176 किशोरी बालिकाओं को चिकित्सकों की निगरानी में एचपीपी टीका लगाया गया है, जिसका अभी तक कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं हुआ है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया है कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर बीमारी से बचाव का सुरक्षित, प्रभावी एवं वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। टीकाकरण से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। एचपीवी विशेष टीकाकरण अभियान को सफल बनाने तथा पात्र बालिकाओं के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए अभिभावकों से अपनी 14 वर्ष की प्रत्येक पात्र बेटी को एचपीवी विशेष टीकाकरण अभियान के तहत नि:शुल्क एचपीवी टीका लगवाने की अपील की है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन, स्वंयसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से अधिक से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिए सहयोग का आग्रह किया गया है।
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- जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं मांगे सुनी। जनदर्शन में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों का अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। जनसामान्य अपनी अपेक्षाओं और विश्वास के साथ प्रशासन के पास पहुंचते हैं, इसलिए प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाए तथा आवेदनों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जनदर्शन में नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, भू-अर्जन से संबंधित प्रकरण, अवैध अतिक्रमण हटाने, नजूल भूमि संबंधी मामलों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राजस्व अभिलेखों में सुधार संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा नागरिकों ने विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं के समाधान के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें तथा आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। -
- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के दिए निर्देश
- किसानों को धान की जगह कम पानी उपयोग वाली फसलों की बोआई के लिए प्रोत्साहित करने कहा
- एचपीवी वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य गंभीरतापूर्वक करने के निर्देश देते हुए कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए विभागीय स्तर पर समुचित कार्ययोजना तैयार की जाए। कलेक्टर ने जिले में पौधरोपण अभियान की तैयारियों एवं प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पौधों की उपलब्धता, रोपण स्थलों के चयन तथा विभागवार लक्ष्य की जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076, जन शिकायतों, सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों तथा अन्य लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि सभी आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का परीक्षण शीघ्र पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापना का कार्य तेजी से कराया जाए। उन्होंने वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से सूर्यघर सभाएं आयोजित कर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 3 हजार 959 हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे वे ऊर्जा उत्पादक बनने के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। नगरीय निकायों में वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से बचाव के लिए नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कुपोषण मुक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा कुपोषित बच्चों को हर हाल में सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने शत-प्रतिशत कुपोषण मुक्त होने वाले ग्राम पंचायतों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य स्क्रीनिंग, समय पर सोनोग्राफी, उपचार एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उनके स्वास्थ्य की प्रतिदिन मोबाइल के माध्यम से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले में अब तक 4 हजार 777 किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने स्कूलवार रोस्टर बनाकर टीकाकरण अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने किसानों को धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 61 प्रतिशत बोआई हो चुकी है। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने अग्निवीर भर्ती में जिले के पंजीयन एवं चयन की जानकारी ली। पिछले वर्ष चयनित अग्निवीरों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी आश्रम एवं छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया, नीट, जेईई एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग व्यवस्था की जानकारी ली। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत वर्ष 2026 में खरीफ फसलों के फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव के कारण जिले में कम बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसी स्थिति में फसलों को प्रतिकूल मौसम एवं स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से राहत दिलाने के लिए ऋणी एवं अऋणी कृषकों का भू-धारक अथवा बटाईदार के रूप में पंजीयन किया जाना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के किसान मुख्य फसल धान सिंचित, धान असिंचित एवं अन्य फसल मक्का, सोयाबीन, मूंगफल्ली, अरहर, उड़द, मूंग, कोदो, कुटकी, रागी का बीमा करा सकते है।
खरीफ 2026 के लिए जिले में फसलवार बीमांकित व ऋणमान राशि एवं किसान की देय प्रीमियम राशि जारी की गई है। कृषक द्वारा देय प्रीमियम दर 2 प्रतिशत है। धान सिंचित के लिए बीमांकित राशि 66000 रूपए प्रतिहेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 1320 रूपए प्रति हेक्टेयर, धान असिंचित के लिए बीमांकित राशि 49500 रूपए प्रतिहेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 990 रूपए प्रति हेक्टेयर, मक्का के लिए बीमांकित राशि 52800 रूपए प्रतिहेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 1956 रूपए प्रति हेक्टेयर, सोयाबीन के लिए बीमांकित राशि 55000 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 1100 रूपए प्रति हेक्टेयर, मूंगफल्ली के लिए बीमांकित राशि 46200 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 924 रूपए प्रति हेक्टेयर, अरहर के लिए बीमांकित राशि 44000 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 880 रूपए प्रति हेक्टेयर, उड़द के लिए बीमांकित राशि 33000 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 660 रूपए प्रति हेक्टेयर, मूंग के लिए बीमांकित राशि 31900 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 638 रूपए प्रति हेक्टेयर, कोदो के लिए बीमांकित राशि 24200 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 484 रूपए प्रति हेक्टेयर, कुटकी के लिए बीमांकित राशि 24200 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 484 रूपए प्रति हेक्टेयर, रागी के लिए बीमांकित राशि 27500 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं किसान की देय प्रीमियम राशि 550 रूपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित है।अधिसूचित ग्राम व राजस्व निरीक्षक मंडल में अधिसूचित फसल के लिए ऋणी कृषक स्वीकृत व नवीनीकृत मौसमी कृषि ऋण के आधार पर वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से एवं अऋणी कृषक बोवाई प्रमाण पत्र, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर लोक सेवा केन्द्रों व बैंक के माध्यम से अथवा स्वयं फार्मर एप से पंजीयन कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते है। आवेदन के साथ नवीनतम आधार कार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र (बी-1, पी-2 की कॉपी), बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर खाता नबंर, आईएफसी कोड, बैंक का पता साफ दिख रहा हो, फसल बोवाई प्रमाण-पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र, किसान का वैध मोबाईल नंबर, बटाईदार, कास्तकार का घोषणा पत्र दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने विभागीय मैदानी अमलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में किसानों को जानकारी देने के निर्देश दिए है। उन्होंने किसानों से फसलों को मौसम की प्रतिकूलता से सुरक्षित रखने के लिए निर्धारित तिथि के पूर्व फसलों का बीमा कराने की अपील की है। किसान समिति, भारतीय कृषि बीमा कंपनी, लोक सेवा केन्द्र, फार्मर एप से भी फसलों का बीमा करा सकते है। - जगदलपुर ।जीवन में कभी-कभी ऐसी विपत्ति आ जाती है, जो एक पल में पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। बस्तर जिले के बास्तानार विकासखंड के ग्राम सागवेल की निवासी चैती के साथ भी ऐसा ही हुआ। मकान गिरने की दुर्घटना में उनके पति महरू की मृत्यु हो गई। इस हादसे ने चैती को गहरे सदमे में डाल दिया और परिवार के सामने आजीविका का भी संकट खड़ा हो गया।दुख की इस घड़ी में जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए चैती को तत्काल राहत उपलब्ध कराई। तत्कालीन कलेक्टर के मार्गदर्शन में एसडीएम तोकापाल श्री शंकर लाल सिन्हा स्वयं गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल 25 हजार रुपये की नकद सहायता प्रदान की, जिससे परिवार को तत्काल आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में राहत मिली।इसके बाद तहसीलदार एवं पटवारी ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक राजस्व कार्रवाई पूरी की। प्रशासन की कार्यवाही के परिणाम स्वरूप आपदा राहत प्रकरण शीघ्र स्वीकृत हुआ और चैती को 4 लाख रुपये की आपदा राहत राशि प्रदान की गई। इस आर्थिक सहायता ने विपरीत परिस्थितियों में उनके परिवार को नया संबल दिया।चैती भावुक होकर कहती हैं मकान गिरने से मेरे पति महरू की मृत्यु हो गई थी। उस समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आगे कैसे जीवन चलेगा। लेकिन प्रशासन ने मेरी पीड़ा को समझा। एसडीएम साहब स्वयं घर आए और तत्काल सहायता दी। मकान क्षति का एक लाख बीस हजार अलग से आरबीसी 6-4 के तहत राजस्व विभाग से एवं 50 बास 30 बल्ली वन विभाग के तरफ से तुरंत दिया गया । इसके बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी कर मुझे चार लाख रुपये की राहत राशि मिली। संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन ने जिस संवेदनशीलता से मेरी मदद की, उसके लिए मैं कलेक्टर साहब और पूरी प्रशासनिक टीम की हृदय से आभारी हूं।
- सक्ती । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। सक्ती जिले के विकासखण्ड जैजैपुर अंतर्गत ग्राम ठूठी निवासी श्रीमती महेश्वरी साहू इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उनके परिवार में पति एवं दो बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सामग्री जैसे कॉपी, किताब, पेन आदि की व्यवस्था करना कठिन हो रहा था। सीमित आय के कारण घर के दैनिक खर्चों का प्रबंधन भी चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान उन्होंने राज्य शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्होंने आवेदन किया। योजना से उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। प्राप्त राशि का उन्होंने सोच-समझकर संकलन किया और प्राप्त राशि को एकत्रित कर तथा अपने भी कुछ पैसे लगाकर घर पर एक फैंसी स्टोर की शुरुआत की। फैंसी स्टोर से होने वाली अतिरिक्त आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान की। अब वे अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों के साथ-साथ घर की अन्य आवश्यकताओं को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। नियमित आय का स्रोत बनने से उनके परिवार के जीवन स्तर में भी सुधार आया है और परिवार खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है। श्रीमती महेश्वरी साहू बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया है। आज वे न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।
- -50 सीटों के साथ शासकीय मेडिकल कॉलेज के संचालन को मिली स्वीकृति-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा का जताया आभाररायपुर । राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से जांजगीर-चांपा सहित गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़ एवं कबीरधाम में 50-50 एमबीबीएस सीटों वाले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में एक साथ कुल 250 नई एमबीबीएस सीटों का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे बड़ी पूंजी हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा सुदृढ़, समावेशी और आधुनिक स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जहाँ प्रदेश का कोई भी युवा डॉक्टर बनने के अपने सपने से वंचित न रहे और किसी भी नागरिक को बेहतर उपचार के लिए दूर-दराज़ के शहरों का रुख न करना पड़े।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन ला रही है। प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी और आकांक्षी क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के प्रति समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी, प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई दिशा देगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगी।कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए मेडिकल कॉलेज का संचालन सुचारू रूप से प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
- बिलासपुर ।तखतपुर विकासखंड के ग्राम सैदा निवासी किसान श्री रामकुमार श्रीवास ने यह साबित कर दिया है कि खेती में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी है नई तकनीक पर भरोसा। 10 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले रामकुमार बढ़ती लागत और उत्पादन की चिंता से परेशान थे। ऐसे समय में कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग शुरू किया। आज यही निर्णय उनकी खेती की सफलता की नई पहचान बन गया है।शुरुआत में उन्हें नई तकनीक को अपनाने में संकोच था। मन में कई सवाल थे कि क्या छोटे पैक में मिलने वाले ये नैनो उर्वरक वास्तव में प्रभावी होंगे। लेकिन कृषि विभाग के विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने के बाद उनकी सभी शंकाएं दूर हो गईं। फसल की बढ़वार पहले से बेहतर हुई, पौधे अधिक हरे-भरे और स्वस्थ नजर आए तथा पोषक तत्वों का प्रभावी उपयोग होने से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हो गई। इसका सीधा लाभ खेती की लागत में कमी के रूप में मिला। रामकुमार श्रीवास बताते हैं कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ और उत्पादन भी बेहतर मिला। उनका अनुभव है कि यदि किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार इन उर्वरकों का उपयोग करें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इससे खेती न केवल लाभकारी बनती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है।आज रामकुमार अपने गांव ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। वे अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि जब किसान नई तकनीक को खुले मन से अपनाता है, तो खेतों में केवल फसल ही नहीं, समृद्धि भी लहलहाने लगती है।
- रायपुर। ई-गवर्नेंस (e-Governance) का वास्तविक उद्देश्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करके सुशासन, पारदर्शिता और दक्षता स्थापित करना है। इसका असली मकसद तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल बनाना है, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को सुगम, सशक्त और सुरक्षित बनाया जा सके। सरकारी योजनाएँ जब फाइलों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुँचती हैं, तो वह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना की एक खूबसूरत मिसाल बन जाती है। सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने हाल ही में कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता दिखाई है, जहाँ तमाम बंदिशों और कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे एक मासूम के घर पहुँचकर उसका आधार कार्ड बनाया गया।शासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक ऐसे बच्चे की पहचान की गई थी, जिसकी उम्र 5 वर्ष से अधिक होने के बाद भी उसका आधार नामांकन नहीं हो पाया था। इस मासूम का परिवार अत्यंत कठिन दौर से गुजर रहा था।बच्चे की माता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, और पिता काफी समय पहले परिवार को छोड़कर अलग हो चुके हैं। देखभाल कर रहे परिजनों ने बिलाईगढ़, भटगांव, सरसीवा और सारंगढ़ के कई आधार केंद्रों के चक्कर लगाए, लेकिन विशेष पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बच्चे को केंद्र तक ले जाकर प्रक्रिया पूरी कराना मुमकिन नहीं हो पा रहा था।जब यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया, तो कलेक्टर ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद ई-जिला प्रबंधक (EDM) की टीम तुरंत सक्रिय हुई। निर्देशों का पालन करते हुए आधार ऑपरेटर आवश्यक बायोमेट्रिक उपकरणों के साथ सीधे बच्चे के घर पहुँचे। बिना किसी देरी के बच्चे के घर पर ही संवेदनशीलता के साथ आधार नामांकन की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क संपन्न की गई। ई-गवर्नेंस (इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस) का अर्थ नागरिकों और व्यवसायों को सरकारी सेवाएं, जानकारी और संचार सुविधाएं प्रदान करने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग करना है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन को "SMART" (सरल, नैतिक, जवाबदेह, उत्तरदायी और पारदर्शी) बनाना और भ्रष्टाचार को कम करना है।इस एक दस्तावेज के बन जाने से अब इस मासूम के लिए भविष्य में मिलने वाली सभी सरकारी, सामाजिक और शैक्षणिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का रास्ता साफ हो गया है। इस संवेनदशील पहल से गद्गद होकर आवेदनकर्ता सुमत राम बंजारे और सुमित्रा कुमारी घृतलहरे ने प्रशासन का सहृदय धन्यवाद किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब हम थक-हार कर बैठ गए थे, तब प्रशासन ने खुद आगे बढ़कर हमारे बच्चे की सुध ली। कलेक्टर साहब, ईडीएम और ऑपरेटर की इस मानवीय पहल को हम कभी नहीं भूलेंगे। यह केवल एक कार्ड नहीं, हमारे बच्चे के सुरक्षित भविष्य की पहचान है। जिला प्रशासन की यह त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली यह साबित करती है कि ई-गवर्नेंस का असली मकसद तकनीक के जरिए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाना है।



























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