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- -सब्जी उत्पादन से किसान दादू राम मनहर बने आत्मनिर्भररायपुर ।राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का मुख्य उददेश्य मृदा एवं जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को एक ही इकाई से अत्यधिक लाभ दिलवाना है। जल सम्भरण टैंकों का उपयोग सिंचाई के साथ.साथ मत्स्य पालन तथा मुर्गीपालन इकाईयों को बढ़ावा देने में होता है, जिससे किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्त्रोत सृजित होता है। उद्यानिकी विभाग एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के सहयोग से जांजगीर जिला के विकासखण्ड जैजैपुर अंतर्गत ग्राम करौवाडीह निवासी किसान श्री दादू राम मनहर ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए सब्जी उत्पादन को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।वर्षों से धान की पारंपरिक खेती पर निर्भर श्री मनहर को बढ़ती लागत और अपेक्षाकृत कम लाभ के कारण आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें उन्नत सब्जी उत्पादन तकनीकों एवं शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई।उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर श्री मनहर ने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में मल्चिंग तकनीक के माध्यम से उन्नत बैंगन की खेती प्रारंभ की। इस हेतु उन्हें विभाग द्वारा 10 हजार की अनुदान सहायता भी प्रदान की गई। वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से मात्र दो माह में फसल की पैदावार प्रारंभ हो गई।श्री मनहर को बैंगन की खेती से कुल 90 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें 2 लाख 85 हजार की कुल आय हुई। इस खेती में 1 लाख 25 हजार की लागत आई, लागत घटाने के बाद उन्हें 1 लाख 60 हजार का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। फसल की गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट रही कि स्थानीय बाजार के साथ-साथ ओडिशा के व्यापारी भी उपज खरीदने पहुँचे।अप्रैल से सितंबर तक बैंगन की निरंतर पैदावार के बाद अक्टूबर माह में श्री मनहर ने लौकी की खेती की, जिससे उनकी आय और सुदृढ़ हुई। इसके पश्चात खीरा की फसल लगाकर उन्होंने फसल विविधीकरण करते हुए आय के नए स्रोत भी विकसित किए। आज श्री दादू राम मनहर सब्जी उत्पादन को स्थायी और लाभकारी आय का माध्यम बना चुके हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय उद्यानिकी विभाग एवं शासन की योजनाओं को देते हुए कहा कि इन प्रयासों से वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके हैं।
- -रायपुर साहित्य उत्सव की तैयारियों को लेकर संवाद ऑडिटोरियम में बैठक आयोजित-23 से 25 जनवरी तक होने वाले आयोजन की व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चारायपुर। नवा रायपुर अटल नगर में 23 से 25 जनवरी तक आयोजित होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ संवाद के सभागृह में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्सव के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और कार्यक्रम-संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में राज्यभर से चयनित लायजनिंग अधिकारी शामिल हुए। लायजनिंग अधिकारियों को रायपुर साहित्य उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों के सुचारु आयोजन हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्सव के विभिन्न सत्रों के संचालन को सुचारु बनाने के लिए एक विशेष सत्र-सहयोग टीम गठित की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक सत्र के लिए लायज़निंग अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो कार्यक्रम से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों का समन्वय करेंगे।बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन समयबद्ध, व्यवस्थित और उच्च स्तर का हो, ताकि देशभर से आने वाले साहित्यकारों, कलाकारों और दर्शकों को एक बेहतरीन अनुभव मिल सके। रायपुर साहित्य उत्सव को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति की सक्रिय तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच रही हैं।इस बैठक में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, अपर संचालक जनसंपर्क श्री उमेश मिश्रा तथा संयुक्त संचालक श्री जितेन्द्र नागेश उपस्थित थेे। सभी ने आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
- -23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में होगा तीन दिवसीय आयोजन-उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शनियां होंगी आयोजितरायपुर / छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा देने तथा देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों, कलाकारों और पाठकों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से 23, 24 और 25 जनवरी को ‘रायपुर साहित्य उत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इस त्रि-दिवसीय महोत्सव का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारत की साहित्यिक परंपरा की निरंतरता और विकास को रेखांकित करता है। इन तीन दिनों तक नवा रायपुर में साहित्य रंग और कला की त्रिवेणी की अविरल धारा बहती रहेगी।यह प्रतिष्ठित आयोजन अटल नगर नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित किया जाएगा, जहाँ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्तियों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रायपुर साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रीगण, प्रतिष्ठित साहित्यकार और सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहेंगी, जिससे आयोजन को गरिमामय शुरुआत मिलेगी। यह समारोह पूरे आयोजन की दिशा और स्वर निर्धारित करेगा।रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।इस साहित्य उत्सव की विशेष बात यह है कि इसमें नई पीढ़ी के लेखकों और कवियों को सशक्त मंच प्रदान किया जा रहा है, जहाँ वे अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर सकेंगे। युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के लिए विशेष युवा-केंद्रित सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है और इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है। अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और पंजीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है।साहित्य उत्सव में स्थानीय और राष्ट्रीय प्रकाशकों की पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए एक भव्य पुस्तक मेला लगाया जाएगा, जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त प्रकाशन समूह भाग लेंगे। यहाँ पाठक नई और लोकप्रिय पुस्तकों से सीधे जुड़ सकेंगे। उत्सव के दौरान नई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। यहां लेखकों तथा पाठकों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे साहित्यिक संवाद को नई दिशा मिलेगी।लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा। इन प्रस्तुतियों में रंग, संगीत और लोक परंपराओं के दर्शन होंगे।साहित्य उत्सव के दौरान पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन मुद्दों और साहित्यिक विषयों पर विचार-विमर्श होगा।विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें उनकी सशक्त और लोकप्रिय रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक आनंद से भर देंगी।साहित्य उत्सव में एक पुस्तक मेले का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें देश के प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान उनके द्वारा प्रकाशित विविध आयामों की किताबों से पाठकों के लिए सुरूचिपूर्ण साहित्य उपलब्ध कराएंगे।
- -परखंदा के साहिल साहू ने 11 एकड़ में उपजाकर बेचा 231 क्विंटल धानरायपुर । धमतरी जिले के ग्राम परखंदा के प्रगतिशील किसान साहिल साहू ने यह साबित कर दिया है कि यदि खेती को सही योजना, आधुनिक तकनीक और सरकारी व्यवस्थाओं के सहयोग से किया जाए, तो यह लाभ का सशक्त माध्यम बन सकती है। साहिल साहू ने इस खरीफ सीजन में अपने 11 एकड़ खेत में उत्पादित धान को गाड़ाडीह उपार्जन केंद्र में समर्थन मूल्य पर बेचते हुए कुल 231 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक उपार्जन किया।कई वर्षों से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर रहे साहिल साहू बताते हैं कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी रही। उपार्जन केंद्र में समयबद्ध तौल, व्यवस्थित लाइन प्रणाली, सहयोगी कर्मचारियों की मौजूदगी और त्वरित प्रक्रिया के चलते किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इससे किसानों का समय बचा और व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।अपनी सफलता के पीछे के अनुभव साझा करते हुए साहिल साहू कहते हैं कि उन्नत किस्म के बीजों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और कृषि कार्यों का समय पर निष्पादन उनकी खेती की प्रमुख विशेषता है। कृषि विभाग से प्राप्त मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है, जिससे बाजार में उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है।धान विक्रय से मिली आय का उपयोग साहिल साहू बेहतर खेती के विस्तार, पुराने कृषि ऋणों के भुगतान और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रहे हैं। उनका मानना है कि आर्थिक स्थिरता किसान को आत्मनिर्भर बनाती है और परिवार को सुरक्षित भविष्य देने में सहायक होती है।परखंदा के साहिल साहू की यह सफलता कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा है, जो यह संदेश देती है कि सही रणनीति, सतत परिश्रम और सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग से खेती को समृद्धि की राह पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
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-मुख्यमंत्री का जताया आभार
बिलासपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है।जिले के धान खरीदी केंद्रों में बड़ी संख्या में किसान अपना धान बेचने पहुंच रहे हैं। संग्रहण केंद्र पहुंचे किसानों ने खरीदी व्यवस्था को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि धान खरीदी के लिए सरकार द्वारा सभी सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। ग्राम सेमरताल के किसान शिवकुमार धीवर ने बताया कि वे 4 एकड़ भूमि में धान की फसल लगाते है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि से खाद-बीज लेने में सहूलियत हो जाती है। केंद्र एवं राज्य शासन की किसान हितैषी अन्य योजनाओं से भी किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है। श्री धीवर ने कहा कि वह 146 कट्टी धान विक्रय करने केंद्र पहुंचे है। धान खरीदी केंद्र में सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं, तौल सही तरीके से हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में बारदाने की भी पर्याप्त व्यवस्था है। सही तौल, व्यवस्थित खरीदी, और पारदर्शी स्पष्ट प्रक्रिया के साथ प्रशासन की सघन निगरानी से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को भुगतान भी शीघ्रता से हो रहा है। श्री धीवर ने कहा कि उन जैसे छोटे किसानों के लिए सरकारी योजनाएं किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में बनाई गई योजनाओं से किसानों का जीवन समृद्ध और खुशहाल बन रहा है। -
- कई मामलों में आपसी समझौते से निराकरण
दुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रेरणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर (पांच बिल्डिंग), महिला एवं बाल विकास कार्यालय दुर्ग में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सह-प्रभारी श्रीमती लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहीं। यह जनसुनवाई प्रदेश स्तर पर आयोग की 358वीं तथा दुर्ग जिले की 13वीं जनसुनवाई थी, जिसमें कुल 35 प्रकरणों पर सुनवाई की गई।सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका द्वारा अपने पिता के विरुद्ध चल रहे प्रकरण से बचाव हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रकरण में न्यायालय द्वारा सजा दी जा चुकी है, जिससे प्रकरण न्यायालय में लंबित होने के कारण आयोग द्वारा नस्तीबद्ध किया गया। एक अन्य प्रकरण में उभय पक्षों द्वारा यह बताया गया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। भाई-बहन के बीच पुश्तैनी संपत्ति से संबंधित विवाद में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समाधान पर सहमति व्यक्त की। इंदिरा मार्केट स्थित लगभग 1000 वर्गफीट भूमि के तीनों हिस्सेदारों ने संपत्ति के विभाजन अथवा विक्रय के विकल्पों पर सहमति जताई, जिसके आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।दो शासकीय शिक्षकों के मध्य पारिवारिक विवाद में आपसी समझौता होने पर सुलहनामा प्रस्तुत किया गया। दोनों पिछले छह माह से साथ रह रहे हैं तथा आवेदिका द्वारा प्रकरण वापस लेने की इच्छा व्यक्त किए जाने पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। इसी प्रकार, एक अन्य प्रकरण में पति-पत्नी के बीच समझौता होने की सूचना प्राप्त होने पर भी प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।एक प्रकरण में अनावेदकों की अनुपस्थिति के कारण सामाजिक बहिष्कार से संबंधित मामले की जांच महिला थाना प्रभारी दुर्ग को सौंपी गई। महिला थाना प्रभारी को एक माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कुछ प्रकरणों में यह पाया गया कि धारा-9, भरण-पोषण एवं तलाक से संबंधित मामले न्यायालय में लंबित हैं, जिसके कारण आयोग द्वारा उन्हें नस्तीबद्ध किया गया। वहीं, कुछ मामलों में अनावेदकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु संबंधित थानों एवं जिला प्रशासन के माध्यम से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए तथा आगामी सुनवाई फरवरी एवं मार्च 2026 में निर्धारित की गई। एक प्रकरण में आवेदिका द्वारा ओयो होटल के समीप खरीदी गई भूमि पर निर्माण में अवरोध एवं होटल में अवैध गतिविधियों की शिकायत की गई। इस संबंध में महिला थाना प्रभारी को होटल का औचक निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही एवं आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर एक माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इस प्रकरण की आगामी सुनवाई रायपुर में होगी।कुम्हार समाज की महिलाओं को भूमि आबंटन से संबंधित प्रस्ताव पर आयोग ने स्पष्ट किया कि यह विषय आयोग के कार्यक्षेत्र से बाहर है। आवेदिकाओं को छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड एवं संबंधित विभागों से संपर्क करने की समझाइश दी गई। जनसुनवाई के दौरान आवेदिकाओं को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा कई प्रकरणों में आदेश-शीट एवं नोट-शीट की प्रतियां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। - -16 से 18 जनवरी तक चलने वाले सांस्कृतिक आयोजन में जुटेंगे प्रदेश के दिग्गज कलाकार-समापन महोत्सव में शामिल होंगे उप मुख्यमंत्री श्री अरूण सावबिलासपुर /छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के प्रयासों से पहली बार तीन दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नगपुरा मेला मैदान ग्राम पंचायत कड़री में 16 से 18 जनवरी तक आयोजित यह कार्यक्रम संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन व बेलतरा महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में होगा।महोत्सव का भव्य शुभारंभ 16 जनवरी संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल करेंगे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने लोक गायक श्री चंदन यादव एवं लोक यायिका श्रीमती अल्का चन्द्राकर शामिल होंगी। महोत्सव के दूसरे दिन 17 जनवरी 2026 को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निरंतरता बनी रहेगी। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अध्यक्षता बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, जिला सहकारी मर्यादित बैंक के अध्यक्ष सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। शाम 6 बजे से इस दिन मंच पर लोक गायक श्री अनुराग शर्मा एवं प्रसिद्ध गायिका शहनाज अख्तर अपनी प्रस्तुतियां देंगे।महोत्सव के समापन 18 जनवरी को अवसर पर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव शामिल होंगे। अध्यक्षता तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। समापन संध्या में लोकगायक श्री अनुज शर्मा तथा लोक गायक श्री हिलेन्द्र सिंह ठाकुर की प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी।तीनों दिनों तक महोत्सव परिसर में लोकनृत्य, लोकगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। बाँस व मिट्टी से बने शिल्प, पारंपरिक वस्त्र तथा पारंपरिक व्यंजन दर्शकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा से परिचित कराएंगे। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच देना, ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा आमजन को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन ने जिले वासियों व क्षेत्रीय निवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव को सफल बनाएं।
- -145 लोगों को मिला है संस्था में संरक्षण-संस्था द्वारा 795 लोगों का किया जा चुका है पुनर्वासबिलासपुर, / कमिश्नर श्री सुनील जैन एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कोनी में संचालित हॉफ वे होम संस्था का निरीक्षण किया। राज्य मानसिक चिकित्सालय में इलाज के बाद स्वस्थ हुए मरीजों को संक्रमणकालीन व्यवस्था के तहत उन्हें यहां संरक्षण दिया जाता है। महिला एवं पुरूष मिलाकर फिलहाल 145 लोगों को यहां संरक्षण दिया गया है। संरक्षित किये गये लोगों को इस दौरान संस्था द्वारा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है एवं उनका पुनर्वास किया जाता है। अब तक संस्था द्वारा 795 स्वस्थ हुए मरीजों का सफलता पूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है। संस्था का संचालन मां डिण्डेश्वरी शिक्षा समिति द्वारा किया जाता है। संभागायुक्त ने संस्था का निरीक्षण कर निवासरत लोगों की सुविधाओं का जायजा लिया और संस्थान के सेवा कार्य की प्रशंसा की। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की परीविक्षा अधिकारी श्रीमती सरस्वती रामेश्री एवं संस्था के सचिव श्री प्रमोद शर्मा एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर /संभागायुक्त सुनील जैन की अध्यक्षता में राज्य मानसिक चिकित्सालय सेन्दरी के जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मानसिक मरीजों की सुविधा के लिए कई निर्णय लिए गये। श्री जैन ने कहा कि पागलपन भी एक बीमारी है और इसका इलाज किया जा सकता है। इस संबंध में समाज में जनजागरूकता फैलाने के लिए एक कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से चर्चा कर अस्पताल मेें मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित जीवन दीप समिति के सदस्य जिला अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।बैठक में बताया गया कि पिछली मीटिंग में लिये गये निर्णय के अनुसार मानसिक अस्पताल में ओपीडी सुविधा निःशुल्क किया गया है। प्रति माह इस अस्पताल में 1300 मरीज इलाज कराने पहुंचते है। पिछले एक साल में साढ़े 15 हजार लोगों ने मानसिक रोगों का उपचार करवाया है। इसी प्रकार एक साल में 1344 मरीजों को भर्ती कराकर उनका इलाज किया गया। आय-व्यय की जानकारी में बताया गया कि पिछले अप्रैल 2025 से 6 जनवरी 2026 तक अस्पताल को 2 करोड़ 86 लाख रूपए की आवक हुई है। इसमें से 1.17 करोड़ अस्पताल के कार्यों में खर्च हुई है। लगभग 92 लाख की रकम शेष है। इस राशि को ज्यादा ब्याज देने वाले बैंकों में जमा करने का निर्णय लिया गया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा अनुमोदन की प्रत्याशा में किये गये मजदूरी भुगतान सहित अन्य जरूरी खर्चे लगभग 9 लाख रूपए की कार्येत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई। बैठक में एजेण्डा के अनुरूप अस्पताल के लिए वाहन सुविधा, पानी की आपूर्ति, मनोरोग डॉक्टरों के लिए बैठक कक्ष, परिजन कक्ष, क्लीनिकल प्रशिक्षण शुल्क, भण्डार कक्ष में कूलिंग, वाटर कूलर, शेड आदि की व्यवस्था बाबत् विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जेपी आर्या ने पिछली बैठक में लिये गये निर्णय का पालन प्रतिवेदन पढ़कर सुनाया।
- - बड़ी संख्या में आम जनता एवं विद्यार्थियों के लर्निंग लाइसेंस भी बनाए गएदुर्ग / परिवहन आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन 01 से 31 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा जिले के विभिन्न कॉलेजों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित वाहन संचालन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आम जनता एवं विद्यार्थियों के लर्निंग लाइसेंस भी बनाए जा रहे हैं। अब तक शासकीय महाविद्यालय, कुम्हारी, नवीन कॉलेज, खुर्सीपार, शासकीय आईटीआई पुलगांव, शासकीय महाविद्यालय पाटन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।इसके अतिरिक्त दुर्ग बस स्टैंड में जिले के ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों को भी यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान आम जनता एवं छात्र-छात्राओं से हेलमेट पहनने, कार में सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति से वाहन चलाने, आपातकालीन सेवा वाहनों को रास्ता देने, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने तथा वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने नागरिकों से जिम्मेदार एवं नेक नागरिक बनकर यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कार्यक्रम क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस. एल. लकड़ा के मार्गदर्शन में संपन्न किया जा रहा है। कार्यक्रम में परिवहन निरीक्षक श्री सनत कुमार जांगड़े, श्रीमती अरूणा साहू, श्री सुभाष बंजारे (सांख्यिकी अधिकारी), श्री सनत बंजारे (लेखा अधिकारी), श्री लोकेश पाटिल, श्री हितेश राव, श्री सत्येन्द्र सोनी एवं श्री कमलेश चंदेल की सक्रिय सहभागिता रही।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज बिरगांव में 05, आरंग में 03, सिलियारी में 01, एमसीएच कालीबाड़ी अस्पताल में 16 आज कुल 25 प्रसूता महिलाओं को 125 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- -रायपुर लोकसभा में गूंजा पूर्ण वंदे मातरम् गीतरायपुर। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित रहे।इस अवसर पर सुभाष स्टेडियम, रायपुर में दस हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जबकि शेष विद्यार्थियों ने अपने-अपने विद्यालय एवं महाविद्यालय परिसरों में एक साथ सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया। इस प्रकार एक ही समय पर कुल पांच लाख से अधिक विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन कर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।मुख्य अतिथि श्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को वंदे मातरम केवल कंठस्थ ही नहीं, बल्कि उसके भाव और अर्थ को भी समझना चाहिए। यह हमारा राष्ट्रीय गीत है, जो देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करता है। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में पांच लाख विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक गायन एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि वंदे मातरम गीत हमारे इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह गीत देश के लिए ऊर्जा और शक्ति का स्रोत है। यदि विद्यालयों में सप्ताह में एक दिन इसका नियमित गायन किया जाए, तो निश्चित रूप से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना विकसित होगी। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम को केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों का प्रेरक मंत्र बताया है। मातृभूमि की वंदना का यह गीत आज पूरे देश में गाया जा रहा है। इसी क्रम में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लगभग 3000 विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में एक साथ पांच लाख से अधिक विद्यार्थियों ने एक समय पर सामूहिक गायन कर इतिहास रच दिया।छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने वंदे मातरम् गीत के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा की वंदे मातरम् का रचना बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1876 में किया गया था। जब भारत परतंत्र था, इस राष्ट्रीय गीत ने युवाओं में एक ऊर्जा का संचार किया और वे भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी और हमें स्वतंत्रता दिलाई।कार्यक्रम के दौरान सेना दिवस के उपलक्ष्य में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों डॉ. हीरेंद्र त्रिपाठी, श्री किशोरी लाल, श्री संतोष कुमार, श्री देवेंद्र कुमार एवं श्री योगेश कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।साथ ही डिग्री गर्ल्स कॉलेज, दानी गर्ल्स स्कूल, संत गोविंदराम सदानी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, छत्तीसगढ़ कॉलेज ऑफ नर्सिंग सहित अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -31 कर्मचारी निलंबित, तीन पर एफआईआर, एक की सेवा समाप्तिरायपुर। राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी में अनियमितता बरतने के फलस्वरूप समिति प्रबंधकों तथा धान खरीदी से जुड़े 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 31 कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन तथा निलंबित, एक की सेवा समाप्ति, दो को सेवा से पृथक, एक को कार्य से पृथक और तीन कर्मचारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। ये कार्रवाईयां प्रदेश के 12 जिलों दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद तथा बलौदाबाजार-भाटापारा में की गई हैं।खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धान खरीदी कार्य के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में स्कंध में कमी के 5 मामले, स्कंध अधिक एवं अव्यवस्थित स्टेकिंग के 3 मामले, नीति विपरीत कार्य-निर्देशों का उल्लंघन के 4 मामले, अमानक धान खरीदी के 5 मामले, धान खरीदी में अनियमितता के 11 मामले, अवकाश के दिन धान खरीदी के 3 मामले सहित फर्जी खरीदी, अनियमितता, टोकन अनियमितता, बिना आवक पर्ची, अवैध वसूली, अव्यवस्था के एक-एक तथा बारदाना वितरण में अनियमितता के 2-2 मामलों पर कार्रवाई की गई है।दुर्ग जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के भौतिक सत्यापन में स्कंध गड़बड़ी पाए जाने के फलस्वरूप झीट धान उपार्जन केन्द्र के समिति प्रबंधक श्री सौरभ यादव तथा गोढ़ी के समिति प्रबंधक श्री शेखर सिंह कश्यप, खिलोराकला के समिति प्रभारी श्री देवदत पटेल, कन्हारपुर के समिति प्रभारी श्री सेवाराम पटेल, ठेंगाभाट के समिति प्रभारी श्री ईश्वर कुमार साहू, मुरमुंदा के समिति प्रभारी श्री टिकेन्द्र कुर्रे को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार सेलूद के सहायक समिति प्रबंधक श्री रोमनदास वैष्णव और भृत्य श्री हरिशंकर साहू को नीति के विपरित कार्य व उल्लंघन के मामले में निलंबित किया गया है।बेमेतरा जिले में अमानक धान खरीदी के मामले में धान उपार्जन केन्द्र बोरतरा के प्रभारी सहायक प्रबंधक श्री टिकेश्वर निषाद, फड प्रभारी (लिपिक) श्री किशन जंघेल, गाडाडी धान उपार्जन केन्द्र के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री भुनेश्वर वर्मा तथा फड प्रभारी श्री गेंदलाल वर्मा को निलंबित किया गया है। वहीं मऊ के सहायक समिति प्रबंधक श्री उमेश कुमार साहू के विरूद्ध फर्जी धान खरीदी के मामले में निलंबित तथा एफआईआर की कार्रवाई की गई है। कबीरधाम जिले में धान उपार्जन केन्द्र कुकदूर के समिति प्रबंधक श्री अनिल बाजपेयी के विरूद्ध भौतिक सत्यापन स्कंध में कमी पाए जाने के कारण निलंबन के साथ-साथ एफआईआर दर्ज किया गया है। बारदाना वितरण में अनियमितता के कारण चपोरा उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री नरेश यादव को निलंबित किया गया है।बिलासपुर जिले के धान उपार्जन केन्द्र पीपरतराई के प्रभारी श्री तेजुराम को खराब धान खरीदी के मामले में निलंबित किया गया है। वहीं धान खरीदी केन्द्र एरमसाही के प्रभारी श्री कामीराम खुंटे के विरूद्ध 920 बोरों की कमी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराया गया है। जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी केन्द्र बोड़सरा के भृत्य श्री हरिहर यादव, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री अमित कुमार तिवारी, चौकीदार श्री निरंजन साहू को छुट्टी के दिन आवक लेने के फलस्वरूप निलंबित कर दिया गया है। धान उपार्जन केन्द्र कोसमंदा के कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री छविलाल मन्नेवार को टोकन में अनियमितता के कारण निलंबित किया गया है।रायगढ़ जिले में धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप मुकडेगा के सहायक समिति प्रबंधक श्री तेलूराम सिदार, कोडसिया के सहायक समिति प्रबंधक श्री प्रहलाद बेहरा, छाल के सहायक समिति प्रबंधक श्री ठंडाराम बेहरा और जमरगीडीह के सहायक समिति प्रबंधक श्री कृपाराम राठिया को निलंबित किया गया है। सक्ती जिले के धान उपार्जन केन्द्र कांसा के प्रभारी श्री एकलव्य चंद्राकर को बिना आवक पर्ची धान खरीदी के मामले में सेवा से पृथक कर दिया गया है। जगदलपुर जिले में कोलचूर प्रभारी समिति प्रबंधक श्री गौतम तिवारी और रेटावण्ड के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री दीनबंधु पाणीग्रही को धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप निलंबित किया गया है। रायपुर जिले में नरदहरा के लिपिक-ऑपरेटर श्री राकेश जांगड़े को किसानों से अवैध वसूली के मामले में सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।गरियाबंद जिले में धान खरीदी में लापरवाही एवं अनियमितता के लिए लोहरसी के कर्मचारी श्री संतोष कुमार साहू, मैनपुर के श्री गोपी राम मरकाम को निलंबित तथा शोभा के श्री भीखम मरकाम को कार्य से पृथक किया गया है। महासमुंद जिले में धान खरीदी में अनियमितता के मामले में पिरदा के उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री रोहित पटेल और सिंगबहाल के उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री बुध्दिवंत प्रधान के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। साथ ही धान खरीदी में अव्यवस्था के कारण तोषगांव के उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री नकुल साहू को निलंबित किया गया है।बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में धान खरीदी केन्द्र सकरी के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री सतीष कुमार महिलांग द्वारा नीति के विपरित कार्य करने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है तथा बारदाना प्रभारी कुमारी थानेश्वरी साहू को नीति के विपरीत कार्य करने के फलस्वरूप सेवा से पृथक किया गया है। करमदा के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री राजकमल साहू को धान स्कंध में कमी पाए जाने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है।
- -12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्तरायपुर। धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए मुंगेली जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में राज्य आईसीसीसी से प्राप्त अलर्ट तथा मुख्य सचिव श्री विकासशील द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित राजस्व, पुलिस एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले की विभिन्न राइस मिलों में छापामार कार्रवाई की गई। जांच में ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग सहित कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।जांच उपरांत मुंगेली के उपलेटा राइस मिल, नवागॉव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, पंडरिया रोड स्थित जैन राइस इंडस्ट्रीज एवं पंडरिया रोड स्थित नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पाए जाने पर 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया। वहीं नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई तथा लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी उजागर हुई। जिला खाद्य अधिकारी श्री हुलेश डड़सेना ने बताया कि अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है।आईसीसीसी के माध्यम से धान खरीदी व्यवस्था की सतत निगरानीराज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा समितियों से धान उठाव का कार्य किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए शासन द्वारा आईसीसीसी कमांड सेंटर का गठन किया गया है। इसके तहत धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है। समिति से धान उठाव के बाद यदि कोई वाहन अधिक समय तक एक ही स्थान पर रुकता है या मार्ग परिवर्तित करता है अथवा निर्धारित क्षमता से अधिक मात्रा में धान का परिवहन करता है, तो इसकी सूचना कमांड कंट्रोल पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित होती है, जिसकी जांच जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा की जाती है। अवैध धान भंडारण एवं परिवहन को रोकने जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्ट पर चौकसी को और मजबूत करते हुए सतत निगरानी रखी जा रही है। इसके तहत संदिग्ध वाहनों परिवहन गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी आंतरिक चेक पोस्ट पर भी टीमों को तैनात किया गया है। निगरानी दल द्वारा रात्रिकालीन गश्त के साथ ही संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से धान खपाने की घटनाओं पर रोक लगाने की शिकायत के लिए तथा धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया की निगरानी हेतु जिले में भी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, इससे खरीदी, भंडारण और परिवहन की रियल टाइम मानिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है और अनियमितता पाए जाने कार्रवाई भी की जा रही है।
- - अब तक जिले में 100032 पंजीकृत किसानों से 1205 करोड़ 41 लाख 87 हजार रूपए मूल्य का 5077504.80 क्विंटल धान की खरीदी- अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1665642.30 क्विंटल धान का उठावराजनांदगांव । जिले में धान खरीदी अभियान से किसानों में खुशी की लहर है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 100032 पंजीकृत किसानों से 1205 करोड़ 41 लाख 87 हजार रूपए मूल्य का 5077504.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। धान का उठाव भी लगातार जारी है। अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1665642.30 क्विंटल धान का उठाव किया गया है।
- - 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस का औपचारिक आयोजन- 17 जनवरी को उद्यमिता यात्रा कार्यक्रम का शुभारंभदुर्ग, / डिस्ट्रिक्ट इनक्यूबेशन हब दुर्ग द्वारा आयोजित दसवें राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस समारोह का शुभारंभ गवर्नमेंट वी.वाई.टी. पीजी ऑटोनॉमस कॉलेज दुर्ग में किया गया। डिस्ट्रिक्ट इनक्यूबेशन हब दुर्ग, प्रशासन की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका संचालन टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस इन्क्यूब फाउंडेशन मुंबई द्वारा किया जा रहा है।कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस इन्क्यूब फाउंडेशन के निदेशक प्रोफेसर सत्यजीत मजूमदार तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रोफेसर सुजय दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने स्टार्टअप्स को नवाचार, रोजगार सृजन और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बताया। उद्घाटन दिवस पर आयोजित उद्योग संपर्क एवं खुला संवाद सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने स्टार्टअप्स और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस सत्र में वर्ल्ड वाइड फंड के तपस दास, हिमांशु (ज्वापा फूड्स), हर्ष जैन (एक्सो सोलर), शुभंगी घोष (सस्टेनेबल इंडिया), सुषांतो सान्त्रा (अंजलि फिश फार्म) तथा स्विच ऑन फाउंडेशन से विनय जाजू शामिल रहे।पहले दिन आयोजित स्टार्टअप प्रदर्शनी में शहद उत्पाद, जूट से बने पर्यावरण अनुकूल बैग, प्राकृतिक हेयर ऑयल, हस्तनिर्मित मोमबत्तियां, कृषि एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स के नवाचार प्रदर्शित किए गए, जिसे नागरिकों और विद्यार्थियों की अच्छी सहभागिता मिली। 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस का औपचारिक आयोजन किया जाएगा तथा 17 जनवरी को उद्यमिता यात्रा कार्यक्रम का शुभारंभ होगा, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। डिस्ट्रिक्ट इनक्यूबेशन हब, दुर्ग ने जिले के नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं से आग्रह किया है कि वे आगामी कार्यक्रमों में सहभागिता करें, स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन करें तथा जिले के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम का सक्रिय हिस्सा बनें।
- रायपुर ।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से रायपुर जिले के अंतर्गत सिलतरा संचारण एवं संधारण संभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता एवं पंजीयन शिविर का आयोजन 16 जनवरी से किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर मुफ्त बिजली प्राप्त करने तथा शासन द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाने की पूरी जानकारी दी जा रही है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता श्री संजीव सिंह ने बताया कि अधिकृत सोलर एजेंसियां शिविरों में उपस्थित रहकर योजना की प्रक्रिया समझाएंगी रतथा मौके पर ही ऑनलाइन पंजीयन भी किया जाएगा।सिलतरा संचारण एवं संधारण संभाग के अंतर्गत 16 जनवरी को सिलतरा में, 20 को अकोली में, 22 को कन्हेरा में , 23 को बहेसर, 27 को गिरौद, 29 को धनेली, 30 जनवरी को गिधौरी तथा 03 फरवरी को निमोरा ग्राम पंचायत में पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत जागरूकता एवं पंजीयन शिविर आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत केन्द्र सरकार 70 हजार रूपए के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अतिरिक्त सब्सिडी 30 हजार रूपए प्रदान की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को सोलर सिस्टम लगाने में बहुत कम खर्च आता है और उनका बिजली बिल शून्य तक हो सकता है।उन्होने ग्रामीण उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने गांव में निर्धारित तिथि को आयोजित शिविर में पहुँचकर योजना की जानकारी प्राप्त करें और स्वच्छ एवं सस्ती सौर ऊर्जा का लाभ उठाएं।
- - कर्मियों की दक्षता में होगी वृद्धि, अतिउच्च दाब टावर निर्माण में आएगी तेज़ीरायपुर, । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों ने अपने अनुभव, कौशल और नवाचार का उपयोग करते हुए लगभग 60 साल पुरानी जर्मन निर्मित रेडियल ड्रिल मशीन को सफलतापूर्वक पुनः कार्यशील बना दिया है। यह मशीन 1965 में जर्मनी से आयातित की गई थी और राज्य गठन के कुछ वर्षों बाद तकनीकी खराबी के कारण अनुपयोगी हो गई थी।इस मशीन को सुधारने के लिए पहले विशेषज्ञों की तलाश की गई थी, परंतु इसकी अत्यधिक पुरानी तकनीक के कारण मरम्मत संभव नहीं हो सकी। इसके पश्चात पॉवर कंपनी के अनुभवी तकनीकी कर्मचारियों ने अपने स्तर पर इसके यांत्रिक एवं विद्युत घटकों का परीक्षण कर चरणबद्ध तरीके से इसे पुनः दुरुस्त करने का कार्य प्रारंभ किया और अंततः इसे पूर्ण रूप से कार्यशील बना दिया गया।इस उल्लेखनीय तकनीकी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह एवं प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बिजलीकर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उदाहरण विभागीय दक्षता, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग का परिचायक है। श्री शुक्ला ने कहा कि आऊटसोर्सिंग के बढ़ावा देने के युग में इनहाउस टैलेंट पर विश्वास करना एक अच्छी पहल है।कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री वीके दीक्षित ने बताया कि रेडियल ड्रिल मशीन के पुनः चालू होने से अब अति उच्च दाब ट्रांसमिशन टावरों के निर्माण में प्रयुक्त मोटे स्टील एंगल, प्लेट एवं भारी संरचनात्मक सामग्री में सटीक और तीव्र ड्रिलिंग संभव हो सकेगी। इससे जहां काम की गति बढ़ेगी, वहीं अब यह कार्य कम कर्मचारियों में ही पूरा किया जा सकेगा, जिससे मानव संसाधन की दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि होगी।अधीक्षण अभियंता श्री केके यादव ने बताया कि यह मशीन जर्मनी की प्रसिद्ध हेवी इंडस्ट्रियल कंपनी बाटलीबाई ट्रांसमिशन टावर के हैवी एंगल व प्लेट की ड्रिलिंग के लिए डिजाइन की गई थी। यह साधारण ड्रिलिंग मशीन नहीं, ब्लकि एक यूरोपियन ग्रेड हेवी इंडस्ट्रियल सिस्टम है, जिसमें 60 एमएम तक की स्टील की कटिंग, पंचिंग और नाचिंग तीनों काम एक साथ होता है। यह मशीन भिलाई-03 के वर्कशॉप में रखी थी, जो लगभग 20 वर्षों से बंद थी। इसे बनाने के लिए निर्माता कंपनी बाटलीबाई कंपनी जर्मनी से संपर्क किया गया, लेकिन 60 वर्ष पुरानी तकनीक होने के कारण इसके स्पेयर पार्ट की उपलब्धता नहीं होने के कारण रूचि नहीं ली।श्री यादव ने बताया कि कार्यपालन अभियंता श्रीमती बरखा दुबे, सहायक अभियंता श्री आकाश सिन्हा, तकनीकी कर्मचारी श्री शाहजहां शाह, टी. सिम्हाचलम् सहित कर्मियों की टीम ने इसे खोलकर, समझकर और सुधारकर फिर से जीवन दे दिया है। इस काम में लगभग दो साल का समय लगा। इस रेडियल ड्रिल मशीन का फायदा यह है कि यह 16 एमएम मोटाई के लोहे के एंगल को दो दिशा (2-डी) में एक साथ छेद कर सकता है। यह 180 डिग्री में घूमकर काम करता है, जिससे काम जल्दी पूरा हो सकेगा। इसके पहले यह काम बाहरी एजेंसियों से कराना पड़ता था, जिससे इस कार्य में अधिक समय लगता और अधिक राशि भी लगती थी।
- बालोद । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में 16 जनवरी को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही के प्राचार्य ने बताया कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में मीटर इंस्टालर एव सुपरवाइजर के पद हेतु 16 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दसवीं, बारहवीं एवं किसी भी ट्रेड में आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्लेसमेंट कैंप में शामिल हो सकते है। इसके साथ ही प्लेसमेंट सहायक अधिकारी श्री सुशील कुमार दुबे के मोबाईल नंबर 8103206225 से संपर्क कर उक्त संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त किया जा सकता है।
- -अनुशासन, त्याग एवं कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की दी सीखबालोद। जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर ने अपने जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर आज जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम सिवनी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को न्योता भोज देकर विद्यार्थियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। अपने जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस न्योता भोज के दौरान श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को स्वयं भोजन भी परोसा। इस दौरान उन्होंने अपने जन्मदिवस के समारोह में शामिल होकर आयोजन को गरिमामय बनाने के लिए विद्यार्थियों तथा न्योता भोज में शामिल जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों से चर्चा कर उनके अध्ययन-अध्यापन के संबंध में भी जानकारी ली। श्री ठाकुर ने जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अस्त्र बताते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, त्याग एवं कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की सीख भी दी। उन्होेंने कहा कि दुनिया में कोई भी कार्य असंभव नही है बस आवश्यकता है दृढ़ ईच्छा शक्ति, सकारात्मक सोंच एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण की। श्री ठाकुर ने बच्चों को समझाईश देते हुए कहा कि मुफ्त में कोई चीज नही मिलती। जीवन में उपलब्धि हासिल करने के लिए अनुशासन एवं त्याग भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव अनुशासित रहने एवं नशापान तथा गलत चीजों का परित्याग करने को कहा। श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों के साथ आज बिताए पल को अपने जीवन के महत्वपूर्ण पल में से एक बताते हुए विद्यार्थियों के सफल, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय, जनपद पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जेएस राजपूत, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू सहित जिला जनसंपर्क कार्यालय के सोशल मीडिया समन्वयक श्री तनवीर खान, सहायक ग्रेड 03 श्री मनीष यादव, श्री कृष्णशरण साहू, श्री घनश्याम चन्द्राकर, श्री हुलेश रजक एवं श्री सुरेन्द्र साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -15 नेशनल सर्टिफिकेट व फ्लैग के साथ राष्ट्रीय मंच पर श्रेष्ठता साबित किया-रोवर्स रेंजर्स के अनुशासन, समर्पण और सांस्कृतिक कौशल ने दिलाई बड़ी सफलताबालोद । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का आयोजन 09 से 13 जनवरी तक बालोद जिले के ग्राम दुधली में किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से आए रोवर्स एवं रेंजर्स के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हर गतिविधि में अनुशासित, संगठित और प्रभावी प्रदर्शन दर्ज कराया। प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी दुधली में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ को 09 ए ग्रेड एवं 06 बी ग्रेड सहित कुल 15 नेशनल सर्टिफिकेट एवं फ्लैग प्राप्त हुए। कुल ग्रेडिंग के अनुसार रोवर्स को 5, रेंजर्स को 4 तथा संयुक्त वर्ग को 6 ग्रेडिंग प्राप्त हुई। ए ग्रेड में रोवर्स, रेंजर्स और संयुक्तकृतीनों वर्गों को 3-3 सफलताएं, जबकि बी ग्रेड में रोवर्स को 2, रेंजर्स को 1 और संयुक्त वर्ग को 3 सफलताएं मिलीं। यह उपलब्धि रोवर्स रेंजर्स के कठिन परिश्रम, निश्छल समर्पण, त्याग की भावना और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम है। जंबूरी के दौरान आयोजित स्टेट गेट, कैम्प क्राफ्ट एवं कैम्प फायर प्रतियोगिता में रोवर्स एवं रेंजर्स दोनों वर्गों ने ए ग्रेड अर्जित कर छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन किया। पायोनियरिंग एवं मार्च पास्ट में दोनों वर्गों को बी ग्रेड प्राप्त हुआ। संयुक्त वर्ग में बैंक वुडमेन एवं एक्जीबिशन एवं एथनिक फैशन शो में ए ग्रेड तथा फोक डांस एवं कलर पार्टी में बी ग्रेड मिला। इस राष्ट्रीय मंच पर रोवर्स, रेंजर्स एवं संयुक्त वर्ग में संतुलित सफलता के साथ छत्तीसगढ़ ने यह प्रमाणित किया कि राज्य स्काउटिंग गतिविधियों में नेतृत्व, कौशल और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है।
- दुर्ग / जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा ने जिले के दुर्ग एवं पाटन विकासखण्ड के 50 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणामफल वाले विभिन्न शालाओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान सेजेस देवादा पाटन में पदस्थ व्याख्याता एल.बी. गण एस. विश्वास, खुशबु सिंह, स्मृति कुशवाहा, तनुजा चन्द्राकर विलम्ब से शाला पहुंचे 10.30 बजे तक एक कक्ष मे ताला लगा पाया गया। उक्त अनियमितता के लिए संबंधित संस्था प्राचार्य को कार्य प्रति लापरवाही माना जाकर नोटिस जारी किया गया हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोंडपेन्ड्री के निरीक्षण दौरान ममता चन्द्रवंशी शिक्षक कक्षा में मोबाईल से बात करते पाई गई। उक्त कार्य लिए नोटिस जारी किया गया हैं। शासकीय उच्चर माध्यमिक विद्यालय तर्रा के निरीक्षण दौरान जयश्री ठाकुर व्याख्याता का आनलाईन अवकाश नहीं पाया गया। सेजेस घुघवा पाटन, सेक्टर-07 का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान सभी प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक शाला के संस्था प्रमुखों को मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू अनुसार प्रदाय करने, बारहखड़ी, पहाड़ा पुस्तक वाचन के नियमित अभ्यास कराने, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने तथा नियत समय पर अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिये। इसी प्रकार हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्राचार्यों को नियमित प्रायोगिक कार्य करने, ब्लू प्रिंट के अनुरूप 05 वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल कराने, तिमाही, छमाही परीक्षा के आधार पर चिन्हांकित विद्यार्थियों को सीमित पाठ्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराने एवं प्रायोगिक परीक्षा के बाद भी बोर्ड परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व तक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के निर्देश भी दिये गये।
- दुर्ग/ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि संस्थान के शोधकर्ताओं ने एसपीएसआई मैक्रो 2025– अठारहवें अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विगत 15 से 18 दिसंबर 2025 के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर द्वारा आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन स्थल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर अनुसंधान उद्यान, न्यू टाउन, कोलकाता रहा। इस सम्मेलन में पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों और तकनीकी विकासों पर विचार-विमर्श हेतु विश्वभर से प्रमुख वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा औद्योगिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। आईआईटी भिलाई के रसायन विज्ञान विभाग के तीन शोधार्थियों को, जो डॉ. संजीब बैनर्जी के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रहे हैं, उनकी उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। शोधार्थी स्वरूप माईती को उनके शोध कार्य “समायोज्य कंपन अवशोषण और प्रभाव सहनशीलता वाले स्व-उपचारक इलास्टोमरों के लिए गतिशील गैर-सहसंयोजक नेटवर्क का विकास” विषय पर सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्रदान किया गया। यह शोध प्रभाव सुरक्षा एवं कंपन अवशोषण के लिए उन्नत इलास्टोमेरिक सामग्रियों पर केंद्रित है। निशिकांत को उनके पोस्टर “अत्यंत सूक्ष्म सल्फर-बिंदुओं द्वारा मध्यस्थित सरल प्रकाश-प्रेरित बहुलकीकरण के माध्यम से त्रि-आयामी मुद्रण हेतु स्मार्ट इंजेक्टेबल स्याही का निर्माण” विषय पर सम्मानित किया गया, जिसमें अगली पीढ़ी की योगात्मक विनिर्माण तकनीकों के लिए नवीन बहुलकीकरण रणनीतियाँ प्रस्तुत की गई हैं। वहीं सुदीप्त पॉल को उनके शोध कार्य “स्मार्ट खिड़की और सुरक्षा अनुप्रयोगों हेतु पराबैंगनी किरण अवरोधक ताप-संवेदी बहुक्रियात्मक पॉलिमरिक संरचना” के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह शोध स्मार्ट एवं ऊर्जा-कुशल तकनीकों के लिए पॉलिमर आधारित समाधान प्रस्तुत करता है। यह उपलब्धि उन्नत पॉलिमरिक सामग्रियों एवं सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में आईआईटी भिलाई की बढ़ती अनुसंधान पहचान को दर्शाती है तथा संस्थान में हो रहे उच्च-गुणवत्ता वाले शोध एवं नवाचार को रेखांकित करती है। इन शोध कार्यों में मौलिक रसायन विज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोगोंजैसे स्मार्ट सामग्री, विनिर्माण प्रौद्योगिकी एवं ऊर्जा-कुशल प्रणालियों का सशक्त अंतर्विषयक समन्वय देखने को मिलता है। संस्थान के संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ आईआईटी भिलाई को उच्च प्रभाव वाले वैज्ञानिक अनुसंधान के एक उभरते केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करती हैं।
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सिद्धार्थ चौक टिकरापारा से लेकर संतोषी नगर चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य स्थगित करते हुए उसके स्थान पर संतोषी नगर चौक से भाठागांव चौक के बीच अंडर ब्रिज बनाये जाने आवेदन वहाँ के स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने आज रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के महापौर कक्ष पहुंचकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मिलकर उन्हें दिया है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे से वहाँ के 15-20 स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने रायपुर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी और पूर्व पार्षद श्री समीर अख्तर, अखिल भारतीय मजदूर अधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरविंदर सिंह चड्डा, रहवासी सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री दीपक गुप्ता सहित मिलकर उन्हें बुके प्रदत्त कर नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा सिद्धार्थ चौक टिकरापारा से संतोषी नगर चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण स्थगित करते हुए उसके स्थान पर संतोषी नगर चौक से भाठागांव चौक के बीच अंडरब्रिज बनाये जाने का आवेदन दिया है.
- बिलासपुर/ महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण अभियान को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग संबंधी संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में संभाग के सभी जिलों के पर्यवेक्षक मौजूद रहे।प्रार्थना सभा भवन में आयोजित कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर सुश्री रूपल जायसवाल एवं श्री पलाश जायसवाल द्वारा प्रतिभागियों को तकनीकी तथा व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, मुंगेली, बिलाईगढ़-सारंगढ़, सक्ती गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही,एवं जांजगीर-चांपा जिलों से आए सेक्टर पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।दो सत्रों में हुए प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर श्री पलाश जायसवाल द्वारा पोषण ट्रैकर ऐप में हितग्राहियों का वर्गवार पंजीयन, शत-प्रतिशत फेस कैप्चर सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तथा रेडी-टू-ईट (आरटीई) / टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण की सटीक गणना के लिए साप्ताहिक प्रविष्टि की अनिवार्यता पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी भी कारणवश जो हितग्राही लाभ से वंचित रह जाते हैं, उन्हें केंद्र पर आमंत्रित कर फेस कैप्चर कराया जाए, साथ ही, विशेष अथवा विषम परिस्थितियों में केंद्र पर उपस्थित न हो पाने वाले हितग्राहियों के लिए नामिनी विकल्प के माध्यम से वितरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पोषण ट्रैकर ऐप में शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित प्रविष्टि सुनिश्चित हो सके। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित पर्यवेक्षकों द्वारा उठाई गई ऐप से संबंधित तकनीकी समस्याओं एवं प्रश्नों के उतार मास्टर ट्रेनरों द्वारा दिए गए।कार्यशाला का समापन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री सूर्यकान्त गुप्ता द्वारा व आभार प्रदर्शन परियोजना अधिकारी श्री मिलिन्द द्विवेदी द्वारा किया गया।


























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