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- - किसान नारद और चंद्रकांत ने कहा कड़ी मेहनत का मिल रहा फल- सरकार की कृषक हितैषी नीतियों के कारण किसानों के जीवन में दिखाई दे रहा सकारात्मक परिवर्तनराजनांदगांव । जिले में धान खरीदी महाअभियान किसानों के लिए उल्लास से भरा पर्व है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी एवं कृषक उन्नति योजना से किसानों के चेहरे पर रंगत आई है। समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी किसानों के लिए सौगात लेकर आई है, जहां उनकी कड़ी मेहनत का फल उन्हें मिल रहा है। धान उपार्जन केन्द्र गठुला में ग्राम कांकेतरा के किसान श्री नारद लाल साहू धान की बिक्री के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 7.5 एकड़ में खेती कर रहे हैं तथा 12 एकड़ रेगहा में दिए हैं। इस वर्ष धान का अच्छा उत्पादन हुआ है। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्र गठुला में पेयजल, छांव, इलेक्ट्रॉनिक तौलाई मशीन एवं अन्य सुविधाओं की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन कटाकर वे यहाँ धान बिक्री के लिए आए हैं, जिससे उनके समय की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में बहुत अच्छा कार्य कर रही है, जिससे उनके जीवन में समृद्धि आ रही है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को शुक्रिया कहा। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने कृषि एवं घरेलू कार्य में किया है।ग्राम भाटागांव के किसान श्री चंद्रकांत साहू धान बिक्री के लिए पहुँचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास 6.5 एकड़ कृषि भूमि है और वे 124 क्विंटल धान बिक्री के लिए लेकर आये हैं। उन्होंने बताया कि टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से एक बार में ही पूरे धान के लिए ऑनलाइन टोकन मिल गया, जिससे आसानी हुई। उन्होंने कहा कि सरकार की कृषक हितैषी नीतियों के कारण धान की अच्छी कीमत मिलने से किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं और किसान तरक्की कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने अपने छोटे भाई की शादी कराई। उपज का अच्छा मूल्य मिलने से घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अच्छी सहायता मिल जा रही है। खेती किसानी कार्य के लिये अगली फसल की तैयारी के लिए भी मदद मिल जा रही है। उल्लेखनीय है कि धान उपार्जन केन्द्र गठुला अंतर्गत गठुला, बोरी, भेड़ीकला, भाटागांव, परेवाडीह, तुमड़ीलेवा, कांकेतरा, बोइरडीह कुल 8 ग्राम शामिल हैं। यहां कुल 24023 किसान पंजीकृत हैं।
- - अब तक कुल 83 प्रकरणों में 4 करोड़ 5 लाख 88 हजार 920 रूपए मूल्य के 13093.20 क्विंटल (32733 बोरा) अवैध धान एवं 7 वाहन जप्तराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा आज कुल 18 प्रकरणों में 75 लाख 86 हजार 320 रूपए मूल्य के 2447.20 क्विंटल (6118 बोरा) अवैध धान एवं 4 वाहन जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 83 प्रकरणों में 4 करोड़ 5 लाख 88 हजार 920 रूपए मूल्य के 13093.20 क्विंटल (32733 बोरा) अवैध धान एवं 7 वाहन जप्त किया गया है।प्राप्त जानकारी अनुसार आज राजनांदगांव अनुविभाग में 6 प्रकरण में 22 लाख 91 हजार 520 रूपए मूल्य के 739.20 क्विंटल (1848 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 5 प्रकरणों में 7 लाख 71 हजार 900 रूपए मूल्य के 249 क्विंटल (623 बोरा) एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 7 प्रकरणों में 45 लाख 22 हजार 900 रूपए मूल्य के 1459 क्विंटल (3648 बोरा) अवैध धान एवं 2 वाहन जप्त किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 32 प्रकरणों में 2 करोड़ 28 लाख 1 हजार 120 रूपए मूल्य के 7355.20 क्विंटल (18388 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन , डोंगरगढ़ अनुविभाग में 28 प्रकरण में 86 लाख 2 हजार 500 रूपए मूल्य के 2775 क्विंटल (6938 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन तथा डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 23 प्रकरणों में 91 लाख 85 हजार 300 रूपए मूल्य के 2963 क्विंटल (7408 बोरा) अवैध धान एवं 3 वाहन जप्त किया गया है।जिले में कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
- राजनांदगांव । राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत पंजीकृत निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण कर राज्य नोडल एजेंसी को जांच प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव से प्राप्त निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग की गठित जांच टीम द्वारा राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल महामाया चौक डोंगरगांव रोड बसंतपुर का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान व्याप्त कमियों के आधार पर अस्पताल संचालक राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसके पश्चात अस्पताल संचालक राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल राजनांदगांव को पत्र प्रेषित कर सभी कमियों को पूर्ण करा लेने एवं भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होने हेतु आश्वस्त कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग जांच टीम द्वारा पुन: राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजनांतर्गत प्राप्त कमियों के अतिरिक्त अन्य अनियमितता पायी गई।जिला स्तरीय गठित टीम द्वारा प्राप्त कमियों के आधार पर जांच प्रतिवेदन तैयार कर राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल राजनांदगांव का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत पंजीयन 3 माह हेतु निलंबित किए जाने के संबंध में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य नोडल एजेंसी की ओर आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुशंसा पत्र प्रेषित किया गया था। जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा प्रेषित जांच प्रतिवेदन के आधार पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य नोडल एजेंसी रायपुर से प्राप्त अनुमोदन पश्चात अस्पताल संचालक राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल राजनांदगांव को जारी पत्रानुसार योजना के दिशा-निर्देशानुसार अस्पताल द्वारा योजनांतर्गत किए गए प्रकरण को निरस्त करते हुए अस्पताल को पंजीयन आगामी 3 माह के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही अस्पताल संचालक राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल राजनांदगांव को निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में उपयोग की जाने वाली योजना संबंधी समस्त प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने एवं योजनांतर्गत नये क्लेम प्रकरण पंजीकृृत नहीं करने हेतु भी निर्देशित किया गया है।
- 0- विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान SIR में जन सहयोग बढ़ाने कलेक्टर रायपुर ने NGO की बैठक लीरायपुर. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) में जन सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के साथ बैठक आयोजित की गई। अधिकारियों द्वारा NGO प्रतिनिधियों को अभियान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं और उन्हें प्रभावी ढंग से जन जागरूकता बढ़ाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया।बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने NGO प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, त्रुटि सुधार कराने एवं अपात्र नाम हटाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में पंजीकरण आवश्यक है।निगम आयुक्त श्री विश्वदीप एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने भी NGO प्रतिनिधियों से अपील की कि वे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दें और फॉर्म भरने की प्रक्रिया में सहयोग करें।बैठक में उपस्थित NGO प्रतिनिधियों ने अभियान में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया तथा जागरूकता से जुड़े सुझाव भी प्रस्तुत किए। जिला प्रशासन द्वारा अभियान को सफल बनाने हेतु निरंतर मॉनिटरिंग एवं समन्वय किया जा रहा है। बैठक में निगम आयुक्त श्री विश्वदीप एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने बढ़ाया किसानों का मनोबलरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। किसान ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टोकन प्राप्त कर बिना किसी परेशानी के अपना धान विक्रय कर रहे हैं। आरंग ब्लॉक के ग्राम मंदिर हसौद के किसान श्री सुरेश कुमार यादव ने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित, मंदिर हसौद केंद्र में 150 क्विंटल धान का विक्रय किया।श्री यादव ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन सुविधा का लाभ लेते हुए निर्धारित तिथि पर धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि ज़िले में चल रही धान खरीदी में हम किसानों को धान विक्रय करने के 48 घंटे के भीतर ही हमारे बैंक खाते में भुगतान मिल रहा है। मैं इन रुपयों का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई और कृषि कार्यों में करता हूँ। मुझे धान खरीदी केंद्र में हमाल, बारदाना सहित अन्य सभी सुविधाएं मिली। सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों का मनोबल बढ़ा है, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का सभी किसानों की ओर से आभार व्यक्त करता हूँ।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के बच्चों को किसी विशेष घटना में प्रदर्शित उनके अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता एवं वीरता के सम्मान में ‘राज्य वीरता पुरस्कार वर्ष 2025’ प्रदान किया जा रहा है। इस पुरस्कार के अंतर्गत 5 बालक/बालिकाओं को ₹25,000 (पच्चीस हजार रुपए) की नकद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, जी.ई. रोड, रायपुर स्थित कार्यालय के सूचना पटल पर कार्यालयीन समय में 20 दिसंबर 2025 तक देखी जा सकती है। इच्छुक आवेदक अपनी प्रविष्टियाँ 20 दिसंबर 2025 तक जिला कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रस्तुत कर सकते हैं।
- 0- छह बीएलओ, तीन पटवारी एवं एक सुपरवाइजर द्वारा समय पूर्व किया गया उत्कृष्ट कार्यरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ, पटवारी एवं सुपरवाइजर को सम्मानित किया। अभनपुर विधानसभा क्षेत्र-53 की बूथ लेवल अधिकारी श्रीमती त्रिवेणी साहू मतदान केन्द्र 89 जौंदी, श्रीमती संध्या कश्यप मतदान केन्द्र 139 दोंधरा, श्रीमती देव कुमारी मेश्राम केन्द्र 141 खट्टी, श्रीमती किरण साहू मतदान केन्द्र 142 खट्टी, श्रीमती गीता साहू मतदान केन्द्र 172 मोहंदी एवं श्रीमती वासना साहू मतदान केन्द्र 173 मोेहंदी बीएलओ, पटवारी सुश्री हर्षप्रभा देवांगन, श्री अरविंद गोस्वामी, श्री बसंत सरोते व महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सुश्री रेखा राजपूत द्वारा समय पूर्व उत्कृष्ट कार्य किया गया।सभी कर्मचारियों द्वारा मतदाताओं को फार्म वितरण करने के बाद, सूची के अपडेशन, त्रुटिसुधार और आवश्यक दस्तावेज़ों के संबंध में जागरूक किया गया एवं समय पूर्व ही उनसे विशेष गहन पुनरीक्षण का फॉर्म भरवा कर जमा करने का कार्य किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन ठाकुर एवं अभनपुर एसडीएम श्री रवि सिंह, सीडीपीओ सुश्री रचिता नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दिए महत्वपूर्ण निर्देशरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन) योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय संचालन एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक ली। बैठक में मध्यान्ह भोजन, न्योता भोजन और पोषण वाटिका की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर डॉ. सिंह ने लाभांवित बच्चों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शालाओं में किचन गार्डन/पोषण वाटिका के विस्तार हेतु लौकी, पालक, धुरही, करेला, पोदीना, मिर्ची, टमाटर, धनिया और मुनगा के पौधे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही एलपीजी गैस की उपलब्धता प्रति माह 25% बढ़ाकर, गैस सिलेंडर से मध्यान्ह भोजन तैयार करने के निर्देश दिए गए।डॉ. सिंह ने बताया कि नवंबर माह में जिले की 658 शालाओं में ‘न्योता भोजन’ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। उन्होंने इस कार्यक्रम में सामाजिक व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों की सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही विशेष अवसरों पर अधिकारियों व कर्मचारियों को भी शालाओं में ‘न्योता भोजन’ कराने का आह्वान किया।पालकों की जन्मतिथि या विशेष अवसरों को गूगल शीट में दर्ज कर उन्हें “आओ खुशियां बांटें” परियोजना से जोड़ने की पहल पर भी चर्चा की गई। वर्तमान में जिले की 97% शालाओं में स्व-सहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन संचालित हो रहा है, जिसे 100% तक ले जाने के निर्देश दिए गए।बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री कुमार बिश्वरंजन, पार्षद श्रीमती सरिता आकाश दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन-02 वैशाली नगर अंतर्गत निर्माणाधीन डामरीकरण रोड, डोम शेड एवं स्लाटर हाउस का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। वार्ड क्रमांक 14 शांति नगर हनुमान मंदिर के समीप 96 लाख की लागत से नवीन डामरीकरण रोड हेतु वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन एवं निगम महापौर नीरज पाल द्वारा भूमि पूजन किया गया था। निगम आयुक्त द्वारा उक्त निर्माणाधीन रोड का अवलोकन किया गया। निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं अविलम्ब कार्य पूर्ण करने निर्देशित किये है। वैशालीनगर थाना के पीछे पूर्व से डोम शेड निर्मित है जिसका आयुक्त ने जायजा लिया। कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता अर्पित बंजारे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा एवं स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह उपस्थित रहे ।नेहरू नगर स्थित स्लाटर हाउस का निगम आयुक्त ने निरीक्षण कर कमिश्निंग एवं टेस्टिंग कार्य का अवलोकन किये । स्लॉटर हाउस निर्माण एजेंसी के अनुभवी इंजीनियर नीरज चौधरी के द्वारा स्थापित सभी मशीनरी के बारे में बताते हुए संचालित कर दिखाया गया । स्थापित सभी मशीनरी में कोई दिक्कत नहीं है। आगामी कुछ दिवसों में पशु वध गृह पूर्णतः संचालित हो जाएगा । यहां चिकित्सक की उपस्थिति में प्रमाणित पश्चात ही पशु वध कर विक्रय हेतु दिया जाएगा। स्लॉटर हाउस में मानव स्वास्थ्य को देखते हुए स्वच्छता का पूर्णतः ध्यान दिया गया है । निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना एवं कमलेश द्विवेदी उपस्थित रहे।
- 0- उपार्जन केन्द्रों में कुल 3.45 लाख क्विटल से अधिक धान की आवकदुर्ग. जिले के 87 समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 नवंबर 2025 तक कुल 345822.80 क्वि. धान का उपार्जन किया जा चुका है। जिसमें 117042.40 क्वि. मोटा अनाज, 83571.60 क्वि. पतला अनाज तथा 145208.80 सरना अनाज शामिल है। उपार्जन केन्द्रवार धान की प्राप्ति के विवरण अनुसार उपार्जन केन्द्र अण्डा में 1166.90 क्वि. मोटा अनाज, 3662.40 क्वि. पतला अनाज और 2118.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 6947.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र अहेरी में 1619.20 मोटा अनाज, 101.20 क्वि. पतला अनाज और 903.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2624.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र अहिवारा में 2906.80 मोटा अनाज, 152.40 क्वि. पतला अनाज और 1539.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4598.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र नंदिनी खुंदिनी में 1142.40 मोटा अनाज, 46.80 क्वि. पतला अनाज और 749.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1938.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र आलबरस में 444.00 मोटा अनाज, 791.20 क्वि. पतला अनाज और 540.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1776.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र उतई में 960.80 मोटा अनाज, 685.20 क्वि. पतला अनाज और 698.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2344.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र खोपली में 529.20 मोटा अनाज, 274.80 क्वि. पतला अनाज और 1062.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1866.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र ओटेबंद में 1698.40 मोटा अनाज, 291.20 क्वि. पतला अनाज और 1233.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3223.20 क्वि. धान का उपार्जन हो चुका है।इसी प्रकार उपार्जन केन्द्र उरला में 592.40 मोटा अनाज, 0.00 क्वि. पतला अनाज और 546.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1139.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र औंधी में 2544.40 मोटा अनाज, 1943.20 क्वि. पतला अनाज और 1757.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 6245.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कुथरेल में 169.20 मोटा अनाज, 1022.00 क्वि. पतला अनाज और 2100.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3291.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कन्हारपुरी में 735.20 मोटा अनाज, 700.80 क्वि. पतला अनाज और 197.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1633.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कुम्हली में 1878.00 मोटा अनाज, 2563.20 क्वि. पतला अनाज और 452.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4894.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कुम्हारी में 966.80 मोटा अनाज, 0.00 क्वि. पतला अनाज और 1072.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2039.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र करंजा भिलाई में 442.00 मोटा अनाज, 563.60 क्वि. पतला अनाज और 2010.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3016.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुण्डरा में 1332.40 मोटा अनाज, 1542.00 क्वि. पतला अनाज और 1842.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4717.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र केसरा में 1002.00 मोटा अनाज, 1396.40 क्वि. पतला अनाज और 2645.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5044.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कोडिया में 3025.20 मोटा अनाज, 417.60 क्वि. पतला अनाज और 1580.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5022.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कोडिया (दुर्ग) में 1734.00 मोटा अनाज, 837.20 क्वि. पतला अनाज और 1240.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3812.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कोलिहापुरी में 463.60 मोटा अनाज, 96.40 क्वि. पतला अनाज और 640.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1200.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कोहका में 911.20 मोटा अनाज, 293.60 क्वि. पतला अनाज और 540.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1745.20 क्वि. धान का उपार्जन हो चुका है।इसी क्रम में उपार्जन केन्द्र खिलौराकला में 1103.20 मोटा अनाज, 358.00 क्वि. पतला अनाज और 443.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1904.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र तुमाकला में 885.20 मोटा अनाज, 122.00 क्वि. पतला अनाज और 364.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1371.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र गाड़ाडीह में 772.80 मोटा अनाज, 1326.40 क्वि. पतला अनाज और 243.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2342.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र गोढ़ी में 840.00 मोटा अनाज, 405.20 क्वि. पतला अनाज और 1336.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2582.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र घुघुवा में 958.80 मोटा अनाज, 385.20 क्वि. पतला अनाज और 1528.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2872.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र घोटवानी में 539.20 मोटा अनाज, 520.40 क्वि. पतला अनाज और 1741.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2801.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र भाठाकोकड़ी में 153.20 मोटा अनाज, 450.40 क्वि. पतला अनाज और 1995.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2599.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र घोठा में 540.80 मोटा अनाज, 320.40 क्वि. पतला अनाज और 1453.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2314.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र हिरेतरा में 598.00 मोटा अनाज, 1085.20 क्वि. पतला अनाज और 1262.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2946.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र चंदखुरी में 1568.80 मोटा अनाज, 1071.60 क्वि. पतला अनाज और 1744.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4384.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र जमराव में 721.60 मोटा अनाज, 146.00 क्वि. पतला अनाज और 1462.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2330.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र जामगांव (आर) में 1982.00 मोटा अनाज, 3341.20 क्वि. पतला अनाज और 1938.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 7261.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र जामगांव-एम में 1856.40 मोटा अनाज, 716.40 क्वि. पतला अनाज और 1031.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3604.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र झींट में 2777.20 मोटा अनाज, 152.80 क्वि. पतला अनाज और 1588.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4518.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र टेमरी में 707.60 मोटा अनाज, 558.40 क्वि. पतला अनाज और 990.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2256.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र ठेंगाभाट में 2585.60 मोटा अनाज, 0.00 क्वि. पतला अनाज और 688.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3274.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र दारगांव में 1200.40 मोटा अनाज, 48.00 क्वि. पतला अनाज और 661.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1910.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र डगनियाँ में 280.80 मोटा अनाज, 302.80 क्वि. पतला अनाज और 2173.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2756.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र डीडाभाठा में 1648.40 मोटा अनाज, 2725.60 क्वि. पतला अनाज और 3256.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 7630.40 क्वि. धान का उपार्जन हो चुका है। उपार्जन केन्द्र डोड़की में 262.40 मोटा अनाज, 2096.80 क्वि. पतला अनाज और 3456.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5816.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र तर्रा में 2304.40 मोटा अनाज, 1064.00 क्वि. पतला अनाज और 916.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4284.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र तेलीगुंडरा में 862.00 मोटा अनाज, 1066.00 क्वि. पतला अनाज और 1745.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3673.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र तिरगा में 277.60 मोटा अनाज, 556.80 क्वि. पतला अनाज और 870.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1704.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र थनौद में 336.40 मोटा अनाज, 1328.00 क्वि. पतला अनाज और 1012.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2677.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र देवरी में 1032.00 मोटा अनाज, 691.20 क्वि. पतला अनाज और 2900.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4623.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र करेली में 2122.80 मोटा अनाज, 64.80 क्वि. पतला अनाज और 298.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2486.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र धमधा में 2334.80 मोटा अनाज, 760.40 क्वि. पतला अनाज और 843.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3938.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र दमोदा में 1846.40 मोटा अनाज, 1521.20 क्वि. पतला अनाज और 1130.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4497.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र नगपुरा में 844.00 मोटा अनाज, 1968.80 क्वि. पतला अनाज और 3082.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5895.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र नंदौरी में 537.60 मोटा अनाज, 104.40 क्वि. पतला अनाज और 425.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1067.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र ननकट्ठी में 2138.00 मोटा अनाज, 603.20 क्वि. पतला अनाज और 498.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3239.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र नवागांव में 603.20 मोटा अनाज, 704.00 क्वि. पतला अनाज और 1111.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2418.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र पथरिया में 418.40 मोटा अनाज, 36.80 क्वि. पतला अनाज और 648.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1104.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र नारधा में 1166.40 मोटा अनाज, 622.00 क्वि. पतला अनाज और 984.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2772.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र निकुम में 1154.40 मोटा अनाज, 1773.20 क्वि. पतला अनाज और 2452.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5380.40 क्वि. धान का उपार्जन हो चुका है।इसी तरह उपार्जन केन्द्र निपानी में 2603.20 मोटा अनाज, 948.40 क्वि. पतला अनाज और 2104.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5655.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र पंदर में 594.40 मोटा अनाज, 1197.20 क्वि. पतला अनाज और 732.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2524.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र पेण्ड्रावन में 398.40 मोटा अनाज, 565.20 क्वि. पतला अनाज और 472.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1436.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र घुघवा में 712.00 मोटा अनाज, 740.80 क्वि. पतला अनाज और 574.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2026.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र पहडोर में 1046.40 मोटा अनाज, 1443.20 क्वि. पतला अनाज और 1034.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3523.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र पाटन में 819.60 मोटा अनाज, 1000.00 क्वि. पतला अनाज और 1392.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3211.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र पाहरा में 2347.20 मोटा अनाज, 177.20 क्वि. पतला अनाज और 404.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2928.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र फेकारी में 1969.60 मोटा अनाज, 1545.20 क्वि. पतला अनाज और 1374.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4889.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र फुन्डा में 1835.60 मोटा अनाज, 1970.80 क्वि. पतला अनाज और 2880.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 6686.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बटंग में 1587.60 मोटा अनाज, 289.20 क्वि. पतला अनाज और 1562.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3438.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बटरेल में 2542.40 मोटा अनाज, 3095.60 क्वि. पतला अनाज और 2570.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 8208.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बठेना में 1427.20 मोटा अनाज, 1029.20 क्वि. पतला अनाज और 2860.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5316.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बरहापुर में 2060.00 मोटा अनाज, 448.00 क्वि. पतला अनाज और 1110.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3618.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बेल्हारी में 701.60 मोटा अनाज, 2329.20 क्वि. पतला अनाज और 1396.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4426.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बिरेझर में 378.80 मोटा अनाज, 385.60 क्वि. पतला अनाज और 1261.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2025.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बोरिद में 1130.80 मोटा अनाज, 740.40 क्वि. पतला अनाज और 2002.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3873.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र दनिया में 437.20 मोटा अनाज, 52.40 क्वि. पतला अनाज और 1418.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1908.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बोरी में 1424.40 मोटा अनाज, 819.60 क्वि. पतला अनाज और 2271.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4515.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र बोरीगारका में 3050.80 मोटा अनाज, 48.00 क्वि. पतला अनाज और 834.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3933.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र भेड़सर में 423.20 मोटा अनाज, 594.40 क्वि. पतला अनाज और 3498.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4516.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र भरर में 1216.00 मोटा अनाज, 2178.00 क्वि. पतला अनाज और 3156.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 6550.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र भिलाई 3 में 193.60 मोटा अनाज, 117.20 क्वि. पतला अनाज और 332.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 643.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र मचान्दूर में 2054.40 मोटा अनाज, 686.40 क्वि. पतला अनाज और 1988.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4729.60 क्वि. धान का उपार्जन हो चुका है।उपार्जन केन्द्र मुरमुंदा में 818.40 मोटा अनाज, 67.60 क्वि. पतला अनाज और 814.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1700.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र मर्रा में 636.00 मोटा अनाज, 2417.20 क्वि. पतला अनाज और 1751.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4804.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र मांटरा में 1920.40 मोटा अनाज, 85.60 क्वि. पतला अनाज और 2237.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4243.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र मोहरेंगा में 1913.60 मोटा अनाज, 134.40 क्वि. पतला अनाज और 1262.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3310.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र का उपार्जन हो चुका है। रसमड़ा में 476.80 मोटा अनाज, 563.60 क्वि. पतला अनाज और 861.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1902.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र रहटादाह में 844.40 मोटा अनाज, 30.00 क्वि. पतला अनाज और 4093.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 4967.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र पेण्ड्री (कुटहा) में 278.80 मोटा अनाज, 0.00 क्वि. पतला अनाज और 460.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 738.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र राजपुर में 744.80 मोटा अनाज, 181.20 क्वि. पतला अनाज और 139.20 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1065.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र रिसामा में 464.80 मोटा अनाज, 1028.80 क्वि. पतला अनाज और 1565.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3059.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र रौंदा में 284.40 मोटा अनाज, 723.60 क्वि. पतला अनाज और 2168.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3176.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र छोटेपुरदा में 344.00 मोटा अनाज, 1218.00 क्वि. पतला अनाज और 941.60 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2503.60 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र लिटिया में 294.40 मोटा अनाज, 787.20 क्वि. पतला अनाज और 366.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1448.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र लिमतरा में 576.80 मोटा अनाज, 0.00 क्वि. पतला अनाज और 676.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1252.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सुरपा में 1525.20 मोटा अनाज, 1261.20 क्वि. पतला अनाज और 3690.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 6476.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सेलूद में 1712.40 मोटा अनाज, 1887.20 क्वि. पतला अनाज और 2090.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5690.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सांकरा में 882.80 मोटा अनाज, 247.20 क्वि. पतला अनाज और 1236.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2366.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सांतरा में 1081.20 मोटा अनाज, 1438.80 क्वि. पतला अनाज और 2520.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5040.40 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सावनी में 504.00 मोटा अनाज, 346.80 क्वि. पतला अनाज और 422.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 1272.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र कचान्दुर में 305.20 मोटा अनाज, 291.60 क्वि. पतला अनाज और 296.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 893.20 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सिरसा में 600.80 मोटा अनाज, 602.00 क्वि. पतला अनाज और 970.00 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2172.80 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सोनपुर में 984.40 मोटा अनाज, 600.80 क्वि. पतला अनाज और 3532.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 5118.00 क्वि. धान, उपार्जन केन्द्र सोरम में 1429.20 मोटा अनाज, 243.20 क्वि. पतला अनाज और 978.80 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 2651.20 क्वि. धान तथा उपार्जन केन्द्र हिर्री में 1241.20 मोटा अनाज, 635.60 क्वि. पतला अनाज और 1146.40 क्वि. सरना अनाज सहित कुल 3023.20 क्वि. धान का उपार्जन हो चुका है। इस प्रकार दुर्ग जिले के सभी 102 उपार्जन केन्द्रों में 24 नवंबर 2025 तक कुल 345822.80 क्वि. धान का उपार्जन किया गया है।
- 0- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी तक होगा धान खरीदीदुर्ग. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है।टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्धराज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है।शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 परइसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है।किसानों से अपील की गयी है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।
- दुर्ग. जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 28 नवम्बर को जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 12 बजे आयोजित की गई है। बैठक में आदिवासी विकास विभाग, वन विभाग, पर्यावरण विभाग, खाद्य विभाग, धान खरीदी की तैयारी एवं अन्य विषयों पर समीक्षा की जाएगी।
- 0- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद सूडा द्वारा स्वीकृति आदेश जारीदुर्ग. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा दुर्ग जिले के पाटन नगर पंचायत में चार तालाबों के सौंदर्यीकरण तथा मुक्तिधाम निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद सूडा द्वारा इन कार्यों की स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।सूडा द्वारा पाटन नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-1 में दुबे डबरी सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य के लिए 51 लाख 42 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-7 में सरगबुंदिया तालाब सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य के लिए 43 लाख रुपए, वार्ड क्रमांक-8 में बुद्धु तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 84 लाख 61 हजार रुपए तथा वार्ड क्रमांक-12 में महामाया तालाब सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य के लिए 99 लाख 31 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वार्ड क्रमांक-5 में मुक्तिधाम के निर्माण के लिए भी सूडा द्वारा 23 लाख 14 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
- दुर्ग. विकासखण्ड धमधा के ग्राम पंचायत लिटिया की वर्षों से पड़ी बंजर भूमि अब हरी-भरी हरियाली में तब्दील हो चुकी है। यह परिवर्तन महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत अपनाई गई विशेष ट्रेंच वृक्षारोपण तकनीक के कारण संभव हुआ है, जिसने गांव की सूखी और अनुपयोगी जमीन को नया स्वरूप प्रदान किया है। ग्राम सभा के प्रस्ताव के अनुसार लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में 1400 पौधों का रोपण किया गया, जिनमें नीम, आँवला और बादाम के पौधे शामिल हैं। पहले यह भूमि असमान सतह, मिट्टी कटाव, वर्षा जल के तेज बहाव और अवैध कब्जे की संभावना के कारण अनुपयोगी बनी हुई थी और साधारण रोपण में पौधे जीवित नहीं रह पाते थे। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेंच विधि अपनाई गई, जिसमें प्रत्येक पौधे के पास गहरी और चौड़ी खाइयाँ बनाकर वर्षा जल को रोकने, मिट्टी की नमी बनाए रखने और जड़ों को मजबूती देने का प्रबंध किया गया। इस तकनीक से जमीन की गुणवत्ता में सुधार हुआ, पौधों की जड़ें गहराई तक विकसित हुईं और गर्मी के मौसम में भी वे सुरक्षित रह सके। साथ ही भूमि कटाव पर पूरी तरह रोक लगी और भू-जल स्तर में वृद्धि का सकारात्मक प्रभाव देखा गया।ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती पांचो बाई बंजारे और सचिव श्री मिथलेश यादव के नेतृत्व में पौधों की नियमित निगरानी, सिंचाई, खाद और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। 15वें वित्त आयोग से प्राप्त पचास हजार रुपये की राशि से पंपलाइन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों ने इस परियोजना को सामुदायिक स्वरूप दिया, जिससे न केवल खाली भूमि सुरक्षित हुई, बल्कि गांव की जैव विविधता में वृद्धि भी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि वृक्षारोपण से गांव में हरियाली बढ़ रही है और पशु-पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास भी विकसित हो रहा है।परियोजना के अंतर्गत 1400 पौधों का रोपण, 2304 मानव दिवसों का सृजन, दस लाख अठारह हजार एक सौ सत्तासी रुपये की मजदूरी व्यय, चार लाख सड़सठ हजार नौ सौ छियानबे रुपये की सामग्री लागत तथा कुल 426 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। ट्रेंच तकनीक से किया गया यह वृक्षारोपण कार्य पर्यावरण संरक्षण, भूमि सुधार, जल संचयन और रोजगार उपलब्ध कराने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। ग्राम पंचायत लिटिया ने बंजर भूमि को हरी-भरी हरियाली में बदलकर मनरेगा के सकारात्मक प्रभाव को सिद्ध किया है।--
- बालोद. भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर एवं जिला निवार्चन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में आज विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदाताओं को गणना पत्र प्रदान करने एवं गणना प्रपत्रों को डिजिटाईज करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 04 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि जिले के संजारी बालोद, गुण्डरदेही एवं डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। जिसके अंतर्गत बीएलओ द्वारा गणना पत्रक वितरण कर घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना पत्रक भरवाकर बीएलओ एप में ऑनलाइन किया जा रहा है।उक्त कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 60 डौण्डीलोहारा अंतर्गत ग्राम आलीवारा की बूथ लेवल अधिकारी सुशीला ठाकुर, ग्राम खेरथा की बीएलओ लता पाण्डेय एवं ग्राम आतरगांव की बीएलओ सरस्वती देवांगन तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 61 गुण्डरदेही के ग्राम धनगांव की बीएलओ सुंदरिया देशमुख ने बालोद जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत 100 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइजेशन पूर्ण किया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एव उप जिला निवार्चन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु की जा रही है ताबड़तोड़ कार्रवाईबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने तथा इस दौरान कोचियों एवं व्यापारियों के माध्यम से धान की अवैध खरीदी बिक्री की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभाग के जांच दलों के द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज सुबह से जिले के विभिन्न स्थानों में पहुँचकर थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के घरों और गोदामों का निरीक्षण किया।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों की टीम के साथ आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सांकरी में सुरेश किराना स्टोर्स के अलावा मोगरी रोड साकरी स्थित विकास जैन के गोदाम एवं ग्राम सांकरी में ही धर्मीचंद जैन के गोदाम और श्री सुरेश जैन के घर में बनाए गए गोदामों का निरीक्षण किया। इसके अलावा कलेक्टर एवं अधिकारियों ने विकासखण्ड मुख्यालय गुण्डरदेही में बस स्टैण्ड के समीप स्थित गुप्ता ट्रेडर्स के संचालन श्री शरद गुप्ता के गोदामों का भी अवलोकन किया गया। किंतु गुप्ता ट्रेडर्स के गोदामों में धान नही पाया गया। इसके साथ ही धान खरीदी केन्द्र गुण्डरदेही के निरीक्षण के दौरान अपने धान की बिक्री हेतु लाए गए ग्राम खुटेरीरंग के किसान ऋषि कुमार के 104 कट्टा, 41.60 क्विंटल धान को रखे गए बारदानों के संदिग्ध पाए जाने पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को कुल 104 बारदानों को जब्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एसडीएम डौण्डी श्री सुरेश साहू एवं जांच दल के अधिकारियों के द्वारा ग्राम मथेना में फुटकर व्यापारी श्री ईश्वर साहू के गोदाम से कुल 1119 बोरी में रखे गए 425.22 क्विंटल धान को मंडी अधिनियम के तहत जप्ती की कार्रवाई की गई है।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा धान के अवैध खरीदी बिक्री के रोकथाम हेतु निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत अवैध परिवहन एवं थोक एवं फुटकर व्यापारियों द्वारा पंजीकृत किसानों के रकबे में धान न खपायें इस दृष्टि से जिला एवं तहसील स्तरीय उडनदस्ता दल का गठन किया गया है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि विगत 21 नवंबर 2025 को डौण्डीलोहारा विकासखंड में धान खरीदी केन्द्रों की जांच के दौरान मालीघोरी (कलकसा) के पास वाहन क्रमांक सीजी 04 पीपी 4235 का जांच किये जाने पर मंडी अनुज्ञा में दर्ज अनुसार धान 200 क्विंटल (500 कट्टा) खदवन दर्ज था, किंतु मंडी बालोद में जाच किये जाने पर धान 316.80 क्विंटल (704 कट्टा) मोटा, पतला एवं सरना पृथक-पृथक बोरी में पाया गया।उक्त धान गायत्री ट्रेडर्स द्वारा जैन ट्रेडर्स प्रोप्रा गौतम जैन भीमकन्हार, को अनुज्ञा जारी किया गया था। धान के किस्म एवं मात्रा अधिक पाये जाने के कारण धान के अवैध परिवहन अंतर्गत उक्त धान 316.80 क्विंटल को मंडी अधिनियम के तहत जप्त कर मंडी बालोद अपने सुपुर्द में रखा है। कृषि उपज मंडी बालोद से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर धान की किस्म खदवन एवं मात्रा कम बताकर मंडी शुल्क की चोरी एवं अवैध परिवहन के कारण उक्त वाहन क्रमांक सीजी 04 पीपी 4235 को आगामी समय में अवैध धान परिवहन ना कर सके इस दृष्टि से थाना बालोद के अभिरक्षा में दिया गया है।उन्होंने बताया कि जिले में मंडी अधिनियम अंतर्गत कुल 43 प्रकरण बनाये गये हैं जिसमें कुल 3877.08 क्विंटल धान की जप्ति की गई है। जिसका वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर 81 लाख 41 हजार 865 रूपए की है। उन्होंने बताया कि आज 25 नवंबर को विकासखंड डौण्डी अंतर्गत उडन दस्ता दल द्वारा ग्राम मथेना के फुटकर व्यापारी ईश्वर साहू पिता आशा राम साहू, घर सह गोदाम से 1119 कट्टा (425.22 क्विंटल) धान मंडी अधिनियम के तहत जप्तती की कार्यवाही की गई है। जिसे धान उपार्जन केन्द्रों में पंजीकृत किसानों के रकबे में खपाने की दृष्टि से रखा गया था, जबकि फुटकर व्यापारी को एक समय में नियमानुसार 10 क्विंटल तक धान रखने का अधिकार है। उन्होंने जिले के सभी पंजीकृत किसानों से अपील की है कि वे किसी भी व्यापारी या कोचिये के बहकावे में न आएं, अपने स्वयं के रकबे पर उत्पादित धान को समर्थन मूल्य पर विक्रय करें ।
- 0- अब तक रायपुर में 19306 पथ विक्रेता पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत लाभान्वित हुए, 28310 ऋण प्रकरण वितरित किये गएरायपुर. स्ट्रीट वेंडर शहरी अर्थव्यवस्था के एक बेहद ही महत्वपूर्ण घटक का प्रतिनिधित्व करते हैं और सस्ती दरों पर वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजनाांतर्गत नगर निगम द्वारा शहरी पथ विक्रेताओं को प्रथम 15,000 रु., द्वितीय 25,000 तथा तृतीय 50,000 रुपए तक का लोन दिए जाने का प्रावधान है।केंद्र सरकार ने इस शहरी पथ विक्रेताओं की आजीविका को ध्यान में रखते हुए 1 जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की, जिसका उद्देश्य सड़क के किनारे एवं फुटपाथों पर छोटे विक्रेताओं को अपने व्यवसाय को पुनर्स्थापित करने में उनकी मदद करना था। आज दिनांक तक कुल 19306 पथ विक्रेताओ को योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जा चुका है एवं प्रथम , द्वितीय तथा तृतीय चरण के ऋण के कुल 28310 प्रकरण वितरित किए जा चुके हैँ !रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और एन यू एल एम प्रभारी अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वनिधि संकल्प अभियान का आयोजन रायपुर नगर पालिक निगम में दिनांक 2 नवम्बर से 2 दिसम्बर 2025 तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजना से जुड़कर जो पथ विक्रेता लोन हेतु आवेदन किए थे, जिनके प्रकरण बैंकों में लंबित हैं ऐसे लोन प्रकरणों का त्वरित निराकरण , बैंको द्वारा वापस भेजे गए प्रकरणों का निराकरण , 20 एवं 50 हज़ार के ऋण अदायगी पश्चात क्रेडिट कार्ड के आवेदन हेतु इस विशेष शिविर का आयोजन है।
- 0- रायपुरा, चंगोराभाठा, भाठगांव, भारत माता चौक, गुढ़ियारी आदि विभिन्न स्थानों पर महापौर मीनल ने किया प्रत्यक्ष निरीक्षण, तय समयावधि में गुणवत्तापूर्ण त्रुटिरहित डाटा एंट्री कार्य करवाने दिए निर्देश0- सभी नागरिकों से जागरूक मतदाता के रूप में गणना पत्रक भरकर बी एल ओ को देकर मजबूत लोकतंत्र कायम करने सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपीलरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार प्रगतिरत एसआईआर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण भाठागांव, रायपुरा, चंगोराभाठा, भारत माता चौक, गुढ़ियारी आदि विभिन्न स्थानों में किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोन कमिश्नरों, अधिकारियों, बीएलओ से एसआईआर कार्य की प्रगति की जानकारी ली और ड्यूटी पर लगाए गए जोन कार्यालय में मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों की कंप्यूटर पर डाटा एंट्री करवा रहे बीएलओ से चर्चा की और एसआईआर कार्य नियत समयावधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्रुटिरहित तरीके से पूर्ण करवाने कहा.इस दौरान नगर निगम जोन 5 अध्यक्ष श्री अंबर अग्रवाल की उपस्थिति रही.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी नागरिकों से जागरूक मतदाता का परिचय देते हुए गणना पत्रक को तत्काल भरकर बीएलओ को देकर लोकतंत्र मजबूत बनाने में सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की.
- 0- ऑनलाईन टोकन व्यवस्था से किसानों को धान बेचने में हो रही सुविधाबिलासपुर. जिले में धान खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है धान विक्रय होने के बाद त्वरित रूप से किसानों के खाते में भुगतान भी किया जा रहा है जिससे किसान काफी खुश हैं। जिले के तखतपुर विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र सेंदरी पहंुचे ग्राम अमतरा के किसान धनीराम देवांगन को धान बेचने के बाद त्वरित रूप से 1 लाख 91 हजार रूपए की राशि खाते में आ गई। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने से लेकर भुगतान प्राप्त करने में उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुई। इस त्वरित व्यवस्था से वे काफी खुश है,उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों का जीवन अब संवर रहा है।बिल्हा विकासखंड के सेंदरी धान उपार्जन केंद्र पहंुचे ग्राम अमतरा के किसान श्री धनीराम देवांगन ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती करते है और इस वर्ष उन्होंने 140 क्विंटल धान बेचा। धान बेचने की पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि धान बेचने के बाद 5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण कर दिया गया है। बोनस राशि का भुगतान भी कुछ समय बाद मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के हित में लाई गई अनेक योजनों से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है,खेती करना अब लाभदायक बन चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की यह मदद छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। खेती किसानी के बहुत से खर्च इस राशि से पूरे हो जाते है।
- 0- साढ़े 7 लाख रुपए मूल्य के 600 बोरी धान जब्तबिलासपुर. अवैध धान संग्रहण और परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई आज भी जारी रही। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर आज 8 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई। उनसे लगभग साढ़े 7 लाख रुपए मूल्य के 600 बोरी (239 क्विंटल) धान जब्त किया गया। मंडी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषियों पर मामला दर्ज किया गया । कार्रवाई में राजस्व, फूड और मंडी के कर्मचारी शामिल थे। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि उड़नदस्ता टीम ने आज मस्तूरी ब्लॉक के जयराम नगर में किरारी के धर्मेंद्र सूर्यवंशी से 60 बोरी, मस्तूरी के गोविंद अग्रवाल से 55 बोरी, सीपत के इंद्र वर्मा से 60 बोरी तथा सीपत के विकास अग्रवाल के गोडाउन से 63 बोरी अवैध रूप से संग्रहित धान बरामद किया गया। इसी प्रकार तखतपुर के निगारबंद में व्यापारी नवीन अग्रवाल के संस्थान से 50 बोरी (20 क्विंटल) सिलतरा के रामू साहू के संस्थान से 75 बोरी (30 क्विंटल) और सुखदेव साहस 50 बोरी (20 क्विंटल) तथा समडील के सुनील यादव की संस्थान से 187 बोरी (74 क्विंटल) धान जब्त किया गया । अवैध भंडारण और परिवहन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- 0- लैप्रोस्कोपी से बनी बड़ी सर्जरी भी सुरक्षित, मरीज हुई जल्द स्वस्थबिलासपुर. छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर ने जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी दर्ज की है। सर्जरी विभाग की टीम ने दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) तकनीक का उपयोग करते हुए लिवर में मौजूद 10 सेंटीमीटर के हाइडेटिड सिस्ट को सुरक्षित रूप से निकाल दिया। यह सिम्स में इस तरह की पाँचवीं सफल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी है।मुंगेली की 20 वर्षीय तीजन नेताम पेट में भारीपन, भूख कम लगना और असहजता की शिकायत के साथ सिम्स पहुंची। सोनोग्राफी और सीटी स्कैन में लिवर के दाहिने हिस्से में बड़ा हाइडेटिड सिस्ट पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिम्स प्रशासन के मार्गदर्शन में इसे दूरबीन पद्धति से ऑपरेट करने का फैसला लिया गया।विशेषज्ञ टीम ने बिना जटिलता के पूरा किया ऑपरेशनसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ओ.पी. राज के नेतृत्व में डॉ. रघुराज सिंह, डॉ. बी.डी. तिवारी और डॉ. प्रियंका माहेश्वर की टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. भावना रायजादा, डॉ. मिल्टन, डॉ. मयंक आगरे व पीजी रेजिडेंट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने सटीक रिपोर्टिंग कर सर्जरी में अहम सहयोग दिया। ओटी स्टाफ सिस्टर योगेश्वरी, संतोष पांडे और अश्वनी मिश्रा का काम भी सराहनीय रहा। लैप्रोस्कोपिक तकनीक की वजह सेबहुत कम चीरा लगा,रक्तस्राव लगभग नगण्य रहामरीज जल्द ही सामान्य दिनचर्या में लौट सकती हैक्या होता है हाइडेटिड सिस्ट?यह एक परजीवी संक्रमण है, जो इकाईनोकोकस ग्रेन्यूलोसस (कुत्ता फीता कृमि) के कारण होता है। यह आमतौर पर लिवर और फेफड़ों को प्रभावित करता है। संक्रमण अक्सर दूषित पानी, संक्रमित भोजन, और कुत्तों-भेड़ों के संपर्क से फैलता है। मुख्य लक्षण - पेट दर्द, भारीपन, भूख कम लगना, जल्दी पेट भरने का एहसास इसके मुख्य लक्षण है। गहरे और बड़े सिस्ट लीवर की कार्यप्रणाली पर असर डालते हैं और फटने पर ऐनाफाइलैक्सिस जैसी जानलेवा स्थिति भी बन सकती है। स्वच्छ पानी, साफ भोजन और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत क्रीमनाशक दवाओं का सेवन कर इस रोग से बचाव किया जा सकता है।
- बिलासपुर. मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य में शत प्रतिशत डिजिटाईजेशन व उत्कृष्ट कार्य करने पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कलेक्टर कार्यालय में आज 9 बीएलओ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गहन पुनरीक्षण कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने पर बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के बोहरडीह मतदान केंद्र से रेखा शर्मा, कोटा विधानसभा क्षेत्र के अमने गांव से त्रिवेणी जायसवाल, बिल्हा विधानसभा क्षेत्र की गंगा महिलांगे, मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र के पत्थरताल से सरोजनी सिंह, बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के तारबहार से आशीष निर्मलकर, बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के गोढ़ी से संध्या गेंदले, तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के बघेलकापा से रेणु खाण्डे, मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र के लिमतरा से धरम श्रीवास एवं तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के बेलपान से दशमत ध्रुव को सम्मानित किया।इन सभी बीएलओ ने मतदाता पुनरीक्षण के अंतर्गत गणना पत्रक वितरण, पत्रक भरवाने, प्राप्त फॉर्म की पूर्ण संग्रहण और उनके ऑनलाईन एंट्री जैसे महत्वपूर्ण चरणों को दक्षता और समयबद्धता के साथ शत प्रतिशत पूरा किया। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में मतदाता सूची का सटीक पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए आवश्यक है। बीएलओ के मेहनत और समर्पण से मतदाता सूची में सुधार संभव हो रहा है। इन सभी बीएलओ द्वारा किया गया योगदान विशिष्ट और सराहनीय है।
- बिलासपुर. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा 28 नवम्बर 2025 को प्रार्थना भवन में प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य पीड़ित महिलाओं के प्रकरणों की सुनवाई करेंगे। सुनवाई सवेरे 11 बजे से शुरू होगी। इसमें बिलासपुर जिले से प्राप्त पीड़ित महिलाओं के आवेदनों एवं शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
- 0- प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 एवं रबी वर्ष 2026-27 उपार्जन के लिए अवधि निर्धारित0- कृषि मंत्री श्री नेताम ने एकीकृत किसान पोर्टल में अपने फसल रकबे का पंजीयन कराने किसानों से की अपीलबिलासपुर. कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अधिसूचित फसलें अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन एवं रबी विपणन वर्ष 2026-27 हेतु अधिसूचित फसलें चना, मसूर एवं सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राथमिक सहकारी समिति (पैक्स) के माध्यम से उपार्जन किया जा रहा है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने प्रदेश के किसानों से एकीकृत किसान पोर्टल में अपने फसल रकबे का पंजीयन कराने की अपील की है।खरीफ फसलें मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की उपार्जन अवधि 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 एवं अरहर फसल हेतु 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 है तथा रवी फसलें सरसों हेतु उपार्जन अवधि 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 एवं चना, मसूर फसल हेतु उपार्जन अवधि 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 है।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि खरीफ फसलें अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन के उत्पाद के विक्रय हेतु अपने नजदीकी सहकारी समितियों में जाकर एकीकृत किसान पोर्टल में अपने फसल रकबे का अनिवार्य रूप से पंजीयन करावें। अधिक जानकारी हेतु कृषि विभाग के मैदानी अमले एवं उप संचालक कृषि से संपर्क करें।


























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