- Home
- छत्तीसगढ़
-
भिलाई नगर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा पूजा विश्वकर्मा को उनके शोध प्रबंध ‘हिंदी उपन्यासों में तृतीय लिंगी के जीवन का चित्रण (महिला उपन्यासकारों की रचनाओं के विशेष संदर्भ में )’ विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई | जुनवानी में रहने वाली पूजा ने अपना शोध प्रबंध डॉक्टर शैलेन्द्र ठाकुर के निर्देशन और डॉक्टर सुधीर शर्मा के सह निर्देशन में शोध केंद्र हिन्दी विभाग कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई से पूर्ण किया। बाह्य परीक्षक के रूप में बनारस से आए प्रोफ़ेसर रमेशचंद्र पाठक ने इस नवीन विषय की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे विषयों का चुनाव करना हिम्मत की बात है वह भी एक लड़की के लिए | पीएचडी तो सभी कर लेते हैं परंतु सामाजिक अस्वीकार्यता की पीड़ा सहन करने वाले थर्ड जेंडर से जुड़े जटिल विषयों पर कार्य करना एक चुनौती है, जिसे पूजा ने बख़ूबी निभाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ राजमणि पटेल, सहायक संचालक डॉ सुमीत अग्रवाल, सहायक प्राध्यापक डॉ फिरोजा जाफर अली, डॉ अंजन कुमार, शोधार्थी आदि उपस्थित थे। पूजा विश्वकर्मा नवीन शर्मा की पत्नी हैं।
- -साइंस कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन-कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना-प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का किया जा रहा निर्माण-हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लेने जनता से आव्हानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला का अवलोकन करने पहुंचे। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच परिवार, बिलासपुर द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रऋषि श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने स्वदेशी स्टालों का अवलोकन किया और कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक धुरी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।स्वदेशी मेला में स्थानीय परंपराओं के संवर्धन, ग्रामीण-शहरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। हस्तशिल्प, कोसा वस्त्र, ढोकरा एवं बेलमेटल कला, गृह सज्जा सामग्री, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों से सजे स्टॉलों ने आगंतुकों का विशेष आकर्षण खींचा। मेले में प्रदर्शित हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “न्यायधानी बिलासपुर में स्वदेशी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव है।” उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी को नमन करते हुए कहा कि मंच द्वारा स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि मंच के पदाधिकारी वर्षों से प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्वदेशी मेलों का आयोजन करते आ रहे हैं। इस वर्ष पहली बार बस्तर में भी स्वदेशी मेला आयोजित हुआ, जिसमें गृहमंत्री श्री अमित शाह भी शामिल हुए।उन्होंने कहा कि स्वदेशी की शक्ति को सबसे पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पहचाना था। महात्मा गांधी जी ने चरखा चलाकर स्वराज और स्वदेशी को जनांदोलन बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी एक विचार है, जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और राष्ट्र की आत्मा को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। ‘लोकल फॉर वोकल’ के आह्वान ने देशभर में स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन को गति प्रदान की। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने स्वदेशी निर्माण और उद्यमिता को मजबूती दी। ‘मेक इन इंडिया’ और कौशल विकास अभियान ने लाखों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि “यदि हम विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो हमारा पैसा विदेश जाएगा, इसलिए स्वदेशी अपनाना राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता से प्रदर्शित एवं विक्रय करें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोसा, ढोकरा आर्ट और बस्तर का बेलमेटल आज वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। हमारे स्व-सहायता समूहों की बहनें उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का बड़ा मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक सोच नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। वैश्वीकरण की प्रतिस्पर्धा के दौर में भी स्वदेशी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और विदेशी बाजारों में भी छत्तीसगढ़ के उत्पाद अपनी छाप छोड़ रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा—“आइए, हम सब मिलकर हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लें। यही आत्मनिर्भर भारत, मजबूत छत्तीसगढ़ और समृद्ध समाज का पथ है।” मुख्यमंत्री ने स्वदेशी जागरण मंच, उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों, कुटीर उद्योगों और उपभोक्ताओं को स्वदेशी आंदोलन को मजबूत करने तथा मेले को सफल बनाने के लिए बधाई और धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेला में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 04 हितग्राहियों को प्रथम ऋण राशि वितरित की।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने स्वदेशी जागरण मंच को कार्यक्रम की दिव्यता और निरंतरता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस आयोजन ने वास्तविक रूप से एक विशाल मेले का स्वरूप ग्रहण कर लिया है, जो स्वदेशी विचारधारा की जनस्वीकृति को दर्शाता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को देश की नई दिशा बताया। उन्होंने कहा कि “अब हमें केवल आर्थिक आज़ादी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आज़ादी की ओर भी आगे बढ़ना है। आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र यही है कि हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाएं, स्थानीय उत्पादों को सम्मान दें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।”विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में स्वदेशी आंदोलन ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी के पहले स्वदेशी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि “गांधी जी जब दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, तब विदेशी कपड़ों की पहली बार सार्वजनिक होली जलाकर यह संदेश दिया कि देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वदेशी अपनाना आवश्यक है।”विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा वर्ष 1991 में प्रारंभ की गई पहल आज देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि उस समय स्वदेशी का संदेश एक आंदोलन था, आज यह राष्ट्र के आर्थिक स्वाभिमान का मूल मंत्र बन गया है। विधायक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य तभी संभव है जब देश के नागरिक भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।कार्यक्रम के समापन में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने स्वागत भाषण दिया। वहीं श्री सुब्रत चाकी ने स्वदेशी मेला का प्रस्तावना प्रस्तुत किया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर /छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओडिशा के सुंदरगढ़ में 11 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक आयोजित चौथी राष्ट्रीय कीड़ा प्रतियोगिता में पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के लगभग 7000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ राज्य के 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विद्यालय, जिला, संभाग एवं राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 466 प्रतिभागियों सहित कुल 516 सदस्यीय दल इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य में जनजातीय शिक्षा, खेल संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा युवा खिलाड़ियों के निरंतर प्रोत्साहन की दिशा में सरकार के प्रयासों का परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ओडिशा में आयोजित चौथे EMRS राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समग्र रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य के युवा खिलाड़ियों की अथक मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट कौशल का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की पूरी टीम को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार, उन्नत प्रशिक्षण, कोचिंग और आवासीय विद्यालयों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन तथा अभिभावकों के प्रति भी आभार जताया, जिन्होंने बच्चों को राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए 55 स्वर्ण, 43 रजत एवं 64 कांस्य पदक, कुल 162 पदक हासिल किए और राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का परचम ऊँचा किया। विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया—स्वीमिंग में 10 स्वर्ण, 09 रजत व 07 कांस्य, कुश्ती एवं एथलेटिक्स में 07-07 स्वर्ण, ताईक्वांडो एवं तीरंदाजी में 05-05 स्वर्ण, तथा जूडो एवं बैडमिंटन में 04-04 स्वर्ण पदक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।प्रतियोगिता के समापन अवसर पर ओड़िशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी एवं केन्द्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ की प्रतिभागी टीम को ट्रॉफी प्रदान की गई। यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता, लगन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 27,300 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में बेहतर शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि आज एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पटल पर शानदार सफलता प्राप्त करते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग सहित पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर ने भी सभी विजेता छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
- -48वां रावत नाचा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर / बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में 48वें रावत नाचा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नाचा महोत्सव में शामिल होने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय लाल बहादुर शास्त्री शाला प्रांगण पहुंचे। आगमन पर महोत्सव के संरक्षक श्री कालीचरण यादव एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पहार पहनाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने भगवान श्रीकृष्ण के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, चंद्रपुर विधायक श्री रामकुमार यादव, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया तथा महापौर सुश्री पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पारंपरिक रावत नाचा वेशभूषा में मंच पर पहुंचे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “यदुवंशी समाज वह समाज है, जहां प्रभु श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। छत्तीसगढ़ की नृत्य–गायन परंपरा हमारी सांस्कृतिक समृद्धि और एकता का सजीव प्रतीक है।” मुख्यमंत्री ने ‘तेल फूल में लइका बाढ़े…’ दोहा गाकर यदुवंशी समाज एवं नर्तन दलों को आशीर्वचन भी दिया।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने रावत नाचा को यदुवंशी समाज के शौर्य, संस्कृति और कला का अप्रतिम प्रदर्शन बताया तथा मंच से दोहे गाकर सभी को शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि “48 वर्षों से इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना समाज की एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक गर्व का प्रमाण है।” उन्होंने समस्त समाज एवं नर्तक दलों को शुभकामनाएँ दीं।बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “रावत नाचा बिलासपुर की 48 वर्षों की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण समिति द्वारा निरंतर किया जा रहा है। समाज के मंगल और सद्भाव के लिए यदि कोई समाज सतत प्रयासरत है, तो वह यादव समाज है।” उन्होंने सभी को महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि “बिलासा की पावन धरा पर रावत नाचा महोत्सव का आयोजन होना सौभाग्य की बात है। यदुवंशी समाज के लोग घर–घर जाकर सर्व समाज की मंगलकामना करते हैं।” उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री का आभार जताया।महोत्सव के संरक्षक डॉ. कालीचरण यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए रावत नाचा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला और कहा कि पिछले 47 वर्षों से रावत नाचा महोत्सव यदुवंशी समाज की संस्कृति, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत प्रतीक बना हुआ है।पारंपरिक वेशभूषा में नर्तक दलों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पारंपरिक वेशभूषा में राउत नाचा दलों के बीच पहुंचे और ढोल–नगाड़ों की गूंजती धुन पर उनके साथ झूमकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने नर्तक दलों की मनमोहक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि रावत नाचा जैसी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी और हमारी परंपराओं को सदैव जीवित रखेगी।
- -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के जनजातीय समाज को किया संबोधित-हितग्राही मूलक योजनाओं से हितग्राहियों को किया गया लाभांवित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित-जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम मिनी स्टेडियम मोहला में हुआ आयोजितमोहला । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन मिनी स्टेडियम मोहला में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए एवं वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के जनजातीय समुदाय को संबोधित किया। मोहला-मानपुर अंबागढ़ चौकी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक अहिवारा श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहें।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए जनजातीय गौरव दिवस की देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती के अवसर पर आज पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन, धरती आबा जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शासन प्राथमिकता के साथ जनजातीय क्षेत्र में विकास हेतु कार्य कर रही है। उन्होंने आज एकलव्य आवासीय विद्यालय, सड़क यातायात से जुड़े परियोजनाएं, बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी जैसे विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी और इसका लाभ जनजातीय समुदाय को मिलेगा।जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनजाति समुदाय की संस्कृति बहुमूल्य एवं समृद्ध है। उन्होंने कहा कि आज के बदलते परिवेश में इसे संवर्धन और संरक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय समाज पर जनजातीय समुदाय के योगदान, कृतित्व और अविस्मरणीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनजाति समुदाय ने भारत को गौरवान्वित करने का ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर विभिन्न क्षेत्र में जनजातीय समाज ने योगदान दिया है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर उनके कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समुदाय में देश की गुलामी के बंधन को तोड़कर आजादी का अलख जगाया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के संकल्प को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद वनांचल क्षेत्र में तेजी से विकास को गति मिली है। जल जंगल जमीन जनजाति समाज की विशिष्ट पहचान है। जनजाति समाज अपने विशिष्ट परंपरा संस्कृति रीति-रिवाज को सहेज कर आगे बढ़ रहा है। मौके पर विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने मुख्यमंत्री के पाती का पठन भी किया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मानपुर में एकलव्य विद्यालय, 50 सीटर प्री. मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रवास आतरगांव एवं 50 सीटर प्री. मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रवास मानपुर का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री लखन लाल कलामें, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता सोरी, पुनउराम फुलकंवरे, जिला पंचायत सदस्य श्री नरसिंग भंडारी, सरपंच श्री गजेन्द्र पुरामें, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह, डीएफओ श्री दिनेश पटेल, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, जनजातीय समाज प्रमुख, गणमान्य नागरिक एवं जनसामान्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहें।स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, समाज प्रमुख, प्रतिभावान छात्र-छात्राएं एवं उत्कृष्ठ कार्य करने वाले हुए सम्मानितजिला स्तरीय जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, समाज प्रमुख, प्रतिभावान छात्र-छात्राएं एवं उत्कृष्ठ कार्य करने वालो को सम्मानित किया गया। इसी तरह जनजातीय कंडरा, उरांव, सोनझरिया, गोंड, कंवर एवं हल्बा समाज के प्रमुखों का सम्मान किया गया। आदिवासी समाज के पारंपरिक बैगा एवं जनजातीय परंपरा के संरक्षकों को भी मंच से सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही आदि कर्मयोगी अभियान में सहयोग देने वाले व्यक्तियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जनजातीय समुदाय के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास पूर्णता प्रमाण-पत्र एवं आवास की चाबी देकर सम्मानित किया गया। समारोह में श्रीमती तीजन बाई ग्राम खड़खड़ी ने अपने समूह जय पाटेश्वर धाम के साथ मंच पर अपनी सफलता की प्रेरक कहानी साझा की।
-
बालोद/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बालोद जिले के धान उपार्जन केंद्र कुसुमकसा में विधिवत रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। सांसद श्री भोजराज नाग ने उपार्जन केंद्र कुसुमकसा पहुंचकर किसानों का फूलमाला व गमछा पहनाकर स्वागत किया। जिसके पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी की विधिवत पूजा कर धान खरीदी कार्य का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
-
- सांसद, विधायक, प्रभारी सचिव, कमिश्नर एवं कलेक्टर ने किया किसानों से धान खरीदी
दुर्ग/ प्रदेश के साथ आज से दुर्ग जिले में किसानों का महापर्व धान खरीदी तिहार प्रारम्भ हो गया है। सहकारी समिति मर्यादित चंदखुरी में सांसद श्री विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर के आतिथ्य एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा, कमिश्नर श्री एस.एन. राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया गया। सांसद, विधायक एवं अधिकारियों ने उपार्जन केंद्र में छत्तीसगढ़ महतारी और भगवान बलराम के छाया चित्र, तौल यंत्र का पूजा अर्चना दीप प्रज्ज्वलित व श्रीफल तोड़कर किसानों से धान खरीदी प्रारंभ किये।
आज उपार्जन केंद्र चंदखुरी में किसान श्री राजेन्द्र चंद्राकर, श्री अखिल कुमार, श्री भानु प्रताप, श्री भगोली राम, श्री ओमप्रकाश और श्री विश्वनाथ से 507.86 क्विंटल धान की खरीदी की गई। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मौके पर धान बोरे का तौल एवं धान की नमी का माप किया। तौल में बोरे में धान का वजन 40 किलो 700 ग्राम औऱ नमी 13 प्रतिशत होना पाया गया। 15 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी। धान का किस्म पतला 2389.00 प्रति क्विटल, मोटा 2369.00 प्रति क्विटल एवं धान सरना 2369.00 प्रति क्विटल की दर निर्धारित की गई है।
जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी होगी। प्रथम दिवस 34 उपार्जन केंद्र में 116 किसानों का टोकन धान बिक्री हेतु कटा है। इन केंद्रों में 6,678 क्विटल धान खरीदी की गई।
धान खरीदी शुभारंभ पश्चात आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि सरकार द्वारा भुइया के भगवान किसान के लिए बनाए गए योजना के तहत धान खरीदी का शुभारंभ किये है। उन्होंने सभी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कि योजनाएं किसान हित में है। किसान की प्रगति के साथ देश और प्रदेश की विकास जुड़ा है। सरकार जो कहती है उसे पूरा करती है। विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बेहतर व्यवस्था के साथ खरीदी होगी। भगवान बिरसा मुंडा के जन्म जयंती पर यह शुभ कार्य प्रारंभ हुआ है। उन्होंने सभी को शुभकामनाये दी। साथ ही सभी से सहयोग की अपेक्षा की। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश की किसान हितैषी सरकार ने किसानों के आर्थिक स्तर को ऊँचा उठाने के साथ समाज के हर वर्ग के हित मे कार्य कर रही है। उन्होंने धान खरीदी प्रारम्भ होने पर क्षेत्र के सभी किसानों को शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने धान खरीदी हेतु जिले में क़ी गई व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को शासन प्रशासन के तरफ से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
जिले के प्रभारी सचिव श्री बोरा ने भी सभी किसानों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को सी.सी.बी. के पूर्व अध्यक्ष श्री प्रितपाल बेलचंदन ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर ऐ डी एम श्री अभिषेक अग्रवाल , एस डी एम श्री हरवंश सिंह मिरी एवं अन्य अधिकारीगण, समिति प्रबंधक श्रीमती किरण साहू, सरपंच श्रीमती कविता ठाकुर सहित किसान भाई बड़ी संख्या में उपस्थित थे। -
कलेक्टर ने शिक्षा एवं संबंधित विभाग की अधिकारियों की बैठक लेकर शीघ्र कोचिंग प्रारंभ करने हेतु जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के विशेष पहल पर जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले के 11वीं एवं 12वीं कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए शीघ्र ही प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से नीट एवं जेईई की सुविधा प्रदान की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में शिक्षा एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर पाकुरभाट स्थित लाईवलीहुड काॅलेज में शीघ्र जेईई और नीट की कोचिंग की कक्षाएं प्रारंभ करने हेतु की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लाईवलीहुड काॅलेज में अध्ययन कक्ष, छात्रावास, मेस आदि संचालन की समुचित व्यवस्था के अलावा सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर शीघ्र ही कोचिंग कक्षाएं प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि जिले के जरूरतमंद विद्यार्थियों को कोचिंग की सुविधा मिलने के साथ-साथ जिले के अधिक से अधिक बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा में सफलता अर्जित कर सके। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी सहित विषय विशेषज्ञ, शिक्षक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कोचिंग संचालन हेतु अध्ययन कक्ष की व्यवस्था के अलावा बच्चों के लिए बालक-बालिका छात्रावास निर्माण तथा छात्रावासों में पर्याप्त मात्रा में गद्दे, पलंग आदि की उलपब्धता, शौचालय एवं स्नानागार की समुचित उपलब्धता तथा रसोई कक्ष एवं भोजन कक्ष आदि सभी व्यवस्थाओं को शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने बताया कि कोचिंग हेतु कुल 100 बच्चों के चयन हेतु प्रथम चरण में बच्चों का स्क्रीनिंग टेस्ट कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि 17 एवं 18 नवंबर को बच्चों एवं उनके पालकों से सहमति पत्र लेकर उनका काउंसलिंग भी किया जाएगा। इसके पश्चात् 19 नवंबर को कोचिंग के लिए चयनित बच्चों की सूची भी जारी कर दी जाएगी। इसके उपरांत नवंबर माह में ही बच्चों के लिए लाईवलीहुड काॅलेज में कोचिंग कक्षाएं प्रारंभ की जाएगी। - दुर्ग. प्रदेश भर में आज से धान खरीदी शुरू हो गई. छत्तीसगढ़ के आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव व जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा आज दुर्ग जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जिले के चंदखुरी सहित अन्य धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान धान खरीदी और रखरखाव को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने समिति प्रबंधक से कुल धान खरीदी की मात्रा, पंजीकृत किसानों और धान क्रय कर चुके किसानों की संख्या, धान की गुणवत्ता, बार दाना की उपलब्धता, परिवहन, शॉर्टेज और गेट पास आदि के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने धान खरीद केंद्रों में धान के उठाव की व्यवस्था देखी और अधिकारियों को राइस मिलर्स द्वारा जल्द से जल्द धान के उठाव कराने के निर्देश दिए।प्रभारी सचिव श्री बोरा ने बारदाने की स्थिति की जानकारी लेते हुए जूट मिल वाले बारदाना का उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही खरीदी के बाद धान से भरे बारदानों को मशीन से सिलाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान से नमी की मात्रा शासन के निर्धारित मात्रा से ज्यादा न हो। उन्होंने धान बेचने पहुंचे किसानों से बातचीत की और धान खरीदी व्यवस्था के साथ ही टोकन व्यवस्था की जानकारी ली।--
- दुर्ग. दुर्ग जिला जो अविभाजित मध्यप्रदेश में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाला जिला था, अपनी पहचान मुख्य रुप से भिलाई इस्पात संयंत्र के कारण बना चुका था। यह संयंत्र न केवल भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक चमकता सितारा था, बल्कि इसने दुर्ग-भिलाई के शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों को शुरुआती दौर में ही भरपूर बिजली और आधुनिकता दी। हालांकि इस औद्योगिक चमक के नीचे एक विरोधाभास छिपा था कि शहरों में जहॉं बिजली की बहुतायत थी, वहीं अविभाजित दुर्ग जिले जिसमें बालोद एवं बेमेतरा जिला भी शामिल था, के कई दूर-दराज गॉंव अभी भी बिजली की पहुंच से दूर थे और जिन क्षेत्रों में बिजली थी जैसे कि पाटन, बालोद, बेमेतरा, साजा एवं बेरला और आसपास के गांव भी लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग एवं विद्युत कटौती की अत्याधिक गंभीर समस्याओं से त्रस्त थे। इस बिजली संकट का सबसे गहरा असर कृषक वर्ग पर पड़ा। दुर्ग क्षेत्र जो कृषि प्रधान है, के किसानों को कृषि पंप चलाने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था।वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से 2025 तक का सफर दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिले) के लिए बिजली के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन का काल रहा। इन 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के तहत वितरण नेटवर्क के विस्तार, आधुनिकीकरण और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने की दिशा में तेजी से प्रगति हुई है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, जैसे कि राजीव गांधी ग्रामीण राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाय) और दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाय) ने दुर्ग रीजन के विद्युतीकरण को गति प्रदान की। राज्य गठन के बाद सिर्फ गांव तक बिजली पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सौभाग्य योजना के अंतर्गत हर घर को कनेक्शन मिलना भी सुनिश्चित किया गया, जिसके परिणामस्वरुप वर्तमान स्थिति में दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिला) में घरेलू बिजली कनेक्शन की दर लगभग 100 प्रतिशत है।वर्ष 2000 से सितंबर 2025 तक बिजली वितरण में हुई उल्लेखनीय वृद्धि - वर्ष 2000 से सितंबर 2025 तक के बिजली वितरण नेटवर्क के विस्तार और क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। निम्न आंकड़ा इस अवधि में हुए तीव्र बुनियादी ढांचे के विकास और विद्युतीकरण के सफल प्रयासों को उजागर करता है। वर्ष 2000 की तुलना में वर्ष 2025 तक जिले की विद्युत अवसंरचना में उल्लेखनीय और ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए पिछले 25 वर्षों में बड़े पैमाने पर कार्य किए गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2000 में जहां वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या 4,787 थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 34,367 हो गई, जो 7 गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाती है। इसी प्रकार, 33 केवी लाइनों की लंबाई वर्ष 2000 में 885.32 किमी से बढ़कर 2025 में 3,311.50 किमी हो गई, जो लगभग 4 गुना विस्तार है। 11 केवी लाइनों की लंबाई भी 4,758.22 किमी से बढ़कर 15,842.45 किमी हो गई, जो 3 गुना से अधिक वृद्धि है। उच्च एवं निम्न स्तर के उपकेन्द्रों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। वर्ष 2000 में जहाँ 33/11 केवी उपकेन्द्र 39 थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 195 हो गई। अति उच्चदाब केन्द्रों की संख्या 3 से बढ़कर 19 हो गई, जो 6 गुना वृद्धि को प्रदर्शित करती है। कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए कृषि पंप कनेक्शन 19,615 से बढ़कर 1,21,355 हो गए।इसी तरह एलटी लाइनों की लंबाई वर्ष 2000 में 9,460 किमी से बढ़कर 2025 में 36,715.25 किमी तक पहुँच गई। विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। 1760 गांवों को शत-प्रतिशत विद्युतीकृत किया गया। कनेक्शन संख्या में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई। उच्चदाब कनेक्शन 83 से बढ़कर 660 हो गए, जबकि निम्नदाब कनेक्शन 3,55,312 से बढ़कर 9,87,708 हो गए, जो लगभग ढाई गुना वृद्धि है। समग्र रूप से देखें तो वर्ष 2000 से 2025 के बीच विद्युत अवसंरचना में हुए इस व्यापक विस्तार ने बिजली आपूर्ति को अधिक सक्षम, विश्वसनीय और सुदृढ़ बनाया है।नेटवर्क विस्तार से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिला बल्कि कृषि और औद्योगिक क्षेत्र भी मजबूत हुए। कृषि पंपों की संख्या 06 गुणा से अधिक (19615 से 1,21,355) बढ़ी है, जो कृषि क्षेत्र के विद्युतीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने का प्रमाण है। रीजन में उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ताओं की संख्या इन 25 वर्षों में 83 से बढ़कर 656 हो गई। औद्योगिक विकास और शहरीकरण की बढ़ती गति को बनाए रखने के लिए सीएसपीडीसीएल ने लाइनों के रखरखाव और निर्माण पर जोर दिया, जिससे उद्योगों को लगभग चौबीस घंटे सातों दिन बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। एलटी उपभोक्ताओं की संख्या 355312 से लगभग ढाई गुणा बढ़कर 981735 हो गई। आज की तारीख में एलटी उपभोक्ताओं को वार्षिक 2010.23 करोड़ एवं एचटी उपभोक्ताओं को 1539.12 करोड़ की बिजली बेची जा रही है। वितरण ट्रांसफार्मरों और 33/11 केवी उपकेन्द्रों की संख्या में क्रमशः 07 गुणा से अधिक और 05 गुणा की वृद्धि हुई है, जो नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता में बड़े सुधार को दर्शाती है। 33 केवी और एलटी लाईनों की लंबाई में लगभग 04 गुणा की वृद्धि हुई है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों तक बिजली पहुंचना संभव हुआ है। दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के सभी 1760 ग्रामों का विद्युतीकरण हो चुका है, जो इस अवधि की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संभाग, उपसंभाग और वितरण केंद्रों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, जो बढ़े हुए नेटवर्क के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक ढांचे के विस्तार को दर्शाता है। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से बिजली वितरण के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग को दर्शाता है, जिससे अधिक उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण बिजली की पहुंच संभव हुई है।पिछले एक दशक में, रीजन में बिजली के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव तकनीकी आधुनिकीकरण और उपभोक्ता-केंद्रित सेवाओं के रूप में आया है। हाल के वर्षों में स्मार्ट मीटर लगाने की परियोजना एक बड़ा कदम है। भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत, ये स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली की खपत की सटीक जानकारी ‘‘मोर बिजली’’ ऐप के माध्यम से हर आधे घंटे में उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बिलिंग में पारदर्शिता आई है और मानवीय त्रुटियां कम हुई हैं। यह उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में भी मदद करता है। डिजीटल सेवाएं प्रदान करने में भी विद्युत कंपनी ने तरक्की की है। बिजली बिल का भुगतान, नए कनेक्शन के लिए आवेदन और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं पूरी तरह से डिजिटल हो गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो गई है।वर्ष 2025 तक, दुर्ग की बिजली व्यवस्था अब केवल पारंपरिक स्रोतों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा की ओर भी बढ़ रही है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण घरों और व्यवसायों में ‘‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’’ के तहत सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का चलन बढ़ रहा है। दुर्ग जिले का यह सफर, भिलाई की औद्योगिक रोशनी से शुरु होकर हर गांव के घर को रोशन करने तक, भारत की विकास यात्रा का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह सफर स्पष्ट रुप से दर्शाता है कि राज्य निर्माण के शुरुआती वर्षों में जहाँ बिजली को हर घर तक पहुँचाने पर जोर था, वहीं बाद के वर्षों में आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। स्मार्ट मीटर, ऑनलाइन सेवाएं और सौर ऊर्जा की ओर रुझान, यह दर्शाता है कि दुर्ग की बिजली व्यवस्था एक आधुनिक, कुशल और भविष्य के लिए तैयार ग्रिड की दिशा में अग्रसर है।
- 0- सांसद श्री भोजराज नाग एवं कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने धान उपार्जन केंद्र कुसुमकसा में विधिवत पूजा-अर्चना कर खरीदी कार्य का किया शुभारंभ0- समारोह में किसान कुटीर भवन का किया गया लोकार्पणबालोद. राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत आज 15 नवंबर से बालोद जिले के धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य प्रारंभ हो गया है। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में छत्तीसगढ़ महतारी एवं ईष्ट देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना कर धान खरीदी के कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सांसद श्री नाग ने एवं अतिथियों के द्वारा धान खरीदी केन्द्र परिसर कुसुमकसा में नवनिर्मित किसान कुटीर भवन का फीता काटकर विधिवत लोकार्पण भी किया गया। आज धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में धान खरीदी केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्री मधुहर्ष, एसडीएम श्री सुरेश साहू सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री सौरभ लुनिया, प्राधिकृत अधिकारी श्री योगेन्द्र गांधी के अलावा उप पंजीयक संस्थाएं श्री आरके राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान मौजूद थे। धान खरीदी केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर सांसद एवं अतिथियों के द्वारा आज पहले दिन धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचे ग्राम गिधाली के किसान श्री सावत राम साहू एवं मौके पर उपस्थित अन्य किसानों का फूलमाला एवं गमछा पहनाकर तथा तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया गया। इस दौरान अतिथियों ने किसानों को पौधा भी भेंट किया। धान खरीदी के पहले दिन किसान श्री सावत राम साहू ने कुल 47 क्विंटल 60 किग्रा पतला धान की बिक्री की। धान खरीदी के पहले दिन अपने धान की बिक्री करने के अवसर मिलने पर किसान सावत राम बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के पावन जयंती के अवसर पर धान खरीदी के जनकल्याणकारी कार्य का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य के अन्नदाता किसान का सम्मान करते हुए 3100 रूपये प्रति क्ंिवटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने का योजना मेहनतकश अन्नदाता किसानों का सम्मान करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। श्री नाग ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के योजना के अंतर्गत हमारी सरकार के द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं एवं बहनों के खाते में प्रति माह 01 हजार रूपये अंतरित कर उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में भी जानकारी दी।कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कुसुमकसा के प्राधिकृत अधिकारी योगेन्द्र गांधी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पहले दिन आज धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे सभी किसानों एवं कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य शासन के महत्वाकांक्षी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के उद्देश्यों के संबंध में भी जानकारी दी। समारोह में अतिथियों के द्वारा मौके पर उपस्थित 05-05 किसानों को गेहूँ और चना बीज का भी वितरण किया गया। इस दौरान सांसद श्री भोजराज नाग ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत धान खरीदी केन्द्र परिसर कुसुमकसा में पौध रोपण भी किया।
- दुर्ग. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा बाल दिवस के अवसर पर जिले के कई कॉलेज, विद्यालयों बी.एम. कॉलेज दुर्ग, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उच्च माध्यमिक विद्यालय दुर्ग, शासकीय माध्यमिक शाला पोटिया सहित अन्य स्थानों पर विधिक साक्षरता शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के कुल छह माननीय न्यायाधीशगण उपस्थित रहे।बी.एम. कॉलेज दुर्ग में आयोजित शिविर में माननीय न्यायाधीश ने बच्चों को बाल दिवस मनाने के उद्देश्य के साथ-साथ घरेलू हिंसा अधिनियम, संविधान में दिए गए अधिकार एवं कर्तव्य, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, मोटरयान अधिनियम तथा करियर दिशा-निर्देशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उच्च माध्यमिक विद्यालय दुर्ग में आयोजित शिविर में तीन माननीय न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को बाल दिवस के महत्व, साइबर अपराधों से बचाव और करियर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें सरल भाषा में समझाईं।शासकीय माध्यमिक शाला पोटिया में आयोजित शिविर में दो माननीय न्यायाधीश उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों को कानून और न्याय की बुनियादी अवधारणाओं को सरल शब्दों में बताया, न्यायालय द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा विद्यार्थियों के सभी प्रश्नों का समाधान भी किया। साथ ही उन्होंने बच्चों को न्यायालय भ्रमण के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे न्यायिक प्रक्रिया को नज़दीक से समझ सकें।इन सभी कार्यक्रमों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के पी.एल.वी. ने बाल अधिकार, बाल सुरक्षा और बच्चों की कानूनी जागरूकता को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रयास किए। इन शिविरों से छात्रों को व्यापक रूप से लाभ मिला और उन्होंने कानून तथा अपने अधिकारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
- दुर्ग. केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, आरटीसी उतई, भिलाई में आज 85वें बैच आरक्षक / जीडी के बुनियादी कोर्स का प्रशिक्षण पूर्ण होंने के उपलक्ष्य पर भव्य दीक्षान्त समारोह संपन्न हुआ। कई वर्षों के बाद इस वर्ष 2000 से अधिक आरक्षक / जीडी को प्रशिक्षण प्रदान कर आरटीसी भिलाई द्वारा अपनी क्षमता तथा दक्षता का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया गया। 43 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के दौरान, प्रशिक्षणार्थियों को सामान्य सुरक्षा प्रशिक्षण के अतिरिक्त परमाणु ऊर्जा केन्द्रो, अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्रो, हवाई अड्डो, मेट्रो रेल्वे आदि जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से संबंधित गहन प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस दीक्षान्त समारोह का मुख्य आकर्षण प्रशिक्षणार्थियों द्वारा शारीरिक दक्षता एवं सुरक्षा कौशल पर आधारित उनके द्वारा प्रस्तुत किये गये विभिन्न डेमोस्ट्रेशन रहे। जिनकी प्रस्तुति ने समारोह में उपस्थित दर्शक दिर्घा को हतप्रभ एवं मंत्रमुग्ध कर दिया। इन डेमो मे साईलेन्ट ड्रील, मलखम्भ, एवं वैपन टैक्टिक्स आदि पर आधारित डेमो शामिल हैं। दीक्षान्त परेड में कुल 2063 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया। परेड का नेतृत्व आरक्षक / जीडी आर्यन शर्मा द्वारा किया गया। इस समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमति नीलिमा रानी सिंह, महानिरीक्षक, मध्य क्षेत्र मुख्यालय, भिलाई ने परेड की सलामी ली। क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र आरटीसी भिलाई के उपमहानिरीक्षक / प्राचार्य श्री रोहित कटियार ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया ।उपमहानिरीक्षक / प्राचार्य श्री रोहित कटियार नें अपने स्वागत भाषण और कोर्स रिपोर्ट में बताया कि इस बैच मे विभिन्न राज्यों से आए 2063 प्रशिक्षणार्थियों को 43 सप्ताह का कठिन व समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान औद्योगिक एवं आंतरिक सुरक्षा के अलावा भारतीय न्याय संहिता, भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता, मानव अधिकार फील्ड क्राफ्ट, अनआर्ड कौम्बँट, ड्रोन प्रशिक्षण तथा विभिन्न आधुनिक हथियारों का सम्पूर्ण एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।दीक्षान्त समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती नीलिमा रानी सिंह,महानिरीक्षक, मध्य क्षेत्र मुख्यालय, भिलाई ने अपने संबोधन में प्रशिक्षणार्थियों को राष्ट्र की बदलती परिस्थितियों व आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं को सुरक्षा दायित्वों का निर्वहन करने कें लिये सदैव तैयार रखने का आह्वान किया, उन प्रशिक्षणार्थियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्पक्षता एवं पूर्ण समर्पण भाव से करने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि ने केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल जैसे अत्यंत विशिष्ट बल के माध्यम से राष्ट्र सेवा का अवसर प्राप्त करने पर सभी प्रशिक्षणार्थियो को बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं व्यक्त की।इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा ट्राफी व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों आरक्षक / जीडी - आर्यन शर्मा को आलराउंड बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई। आरक्षक / जीडी शाहिद रहमान कुमार को आंतरिक विषयों में बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई। आरक्षक / जीडी सूरज कुमार को आउटडोर विषयों में बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई। आरक्षक / जीडी तोपेश अम्बुले को चांदमारी (फायरिंग) में बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई।समारोह में उपस्थित अतिथियों, दर्शको, एवं प्रशिक्षणार्थियो के अभिभावकों द्वारा परेड के अनुशासित प्रदर्शन तथा प्रस्तुत किये गये सभी डेमो की शानदार प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है।
- 0- राजकुमार कालेज सेवा समिति के बच्चों ने महाराष्ट्र मंडल में आकर देखा- सीखा समाजसेवारायपुर। बिना किसी प्रतिफल की आशा से लोक कल्याण के कार्य करना ही धर्म है और इसे ही समाजसेवा कहते हैं। जब आप किसी की मदद करें, तो उनसे या ईश्वर से प्रतिफल की इच्छा न रखें। इसे हमारे शास्त्रों में धर्म कहा गया है। इसी धर्म का स्वरूप है समाजसेवा। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ आजीवन सभासद और भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री (मध्य क्षेत्र) सुनील किरवई ने कही।किरवई ने राजकुमार कालेज सेवा समिति के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें धरती में अपनी मां नजर आती है, गाय में, वृक्ष में भी अपनी मां नजर आती है और यही भारतीय संस्कृति है और यही भारतीयता है। हम जिम्मेदारी से अपनी मां की देखभाल करेंगे, तो कोई समस्या ही नहीं रहेगी। राजकुमार कॉलेज सेवा समिति के बच्चे शनिवार, 15 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल का भ्रमण करने और यहां के समाजसेवी कार्यों को समझने के लिए आए थे।मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि समाजसेवा हम घर से ही सीखना शुरू करते हैं। कभी मंदिर या देव स्थानों पर गए तो हम वहां मंदिरों के बाहर बैठे लोगों को दान हुए देते अपने परिजनों को देखते हैं। कभी किसी को खाना खिला दिया। कभी मंदिर में परिजनों ने भंडारा करा दिया गया। परिजनों को दूसरे की मदद करते देखते हैं, हम यहीं से समाजसेवा सीखते हैं।राजकुमार कालेज के वरिष्ठ शिक्षक आचार्य रंजन मोड़क और शिक्षिका आशा बघेल सेवा समिति के छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को यहां लेकर आई थीं। आशा बघेल ने बताया कि बच्चों में समाजसेवा की भावना जागृत करने के लिए कालेज स्थापना वर्ष से ही सेवा कार्य चल रहा है। इसकी शुरुआत सालों पहले डंगनिया तालाब की सफाई के साथ की गई थी। इस अवसर पर वरिष्ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले, संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्रभारी परितोष डोनगांवकर भी उपस्थित रहे।
- 0- मेहनत, अनुशासन, अटूट विश्वास और धैर्य से हासिल की कामयाबीरायपुर। समता कालोनी निवासी सिद्धार्थ शेष ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार सहित मराठी समाज का नाम रोशन किया है। सिद्धार्थ महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद शशांक और प्रीति शेष के पुत्र हैं। अपनी इस कामयाबी पर सिद्धार्थ ने कहा कि इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान मेहनत, अनुशासन, दृढ़निश्चय, अटूट विश्वास और धैर्य का है। इनके बिना सफलता संभव नहीं थी। सिद्धार्थ के मुताबिक सितंबर 2025 में वे सीए में सफलता प्राप्त करके, दोनों ग्रुप क्लियर करके चार्टर्ड अकाउंटेंट बने। देर रात तक पढ़ाई करके और लगातार प्रयास करके ही इस मुकाम तक पहुंच सके। सिद्धार्थ की इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते और कार्यकारिणी सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरते जाने पर जिले के दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री नवल किशोर साहू एवं श्री रवि वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री कमल किशोर साहू गुरूर विकासखंड के मुख्यालय कुलिया एवं श्री रवि वर्मा गुण्डरदेही विकासखंड के मुख्यालय ओडारसकरी में पदस्थ है। इन दोनों अधिकारियों को 14 नवंबर 2025 को पूर्वान्ह 11 बजे तथा शाम 06 बजे आयोजित प्रशिक्षण उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। किंतु उक्त दोनों अधिकारी धान खरीदी कार्य हेतु आयोजित प्रशिक्षण में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। इनका कृत्य छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा) की धारा 5(4) तथा धारा 5(5) के विपरित है तथा छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 (1) दो के विपरित है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इन दोनों अधिकारियों के कृत्य को अपने कार्य के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ज्ञातव्य हो कि राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को अतिआवश्यक सेवा में शामिल करते हुए एस्मा लागू किया गया है।
- 0- जनजातीय समुदायों की परंपराओं में प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान निहित है- प्रभारी सचिव श्री बोरा0- भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर कला मंदिर ऑडिटोरियम में हुआ भव्य आयोजनदुर्ग. भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में आज भिलाई स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर ऑडिटोरियम में श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी व भगवान बिरसा मुण्डा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में छ.ग. शासन के आदिम जाति विकास विभाग के सचिव एवं दुर्ग जिला प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा, विधायक वैशाली नगर श्री रिकेश सेन, रिसाली महापौर श्रीमती शशि सिन्हा, योग आयोग अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा, श्री पुरूषोत्तम देवांगन, श्री एस.के. मरकाम, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वनमण्डाधिकारी श्री दीपेश कपिल सहित आदिवासी समाज के जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे, शिक्षक, विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।इस दौरान मुख्य अतिथि श्री बघेल एवं अन्य अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर गुजरात से राष्ट्र को संबोधित किया, जिसकों वर्चुअल माध्यम से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सांसद श्री विजय बघेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा भेजे गए जनजातीय गौरव दिवस के संदेश का वाचन किया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव आदिम जाति विकास विभाग एवं दुर्ग जिला प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलीहातू गांव में जन्मे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती आज पूरे प्रदेश में मनाया जा रहा है। भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के एक महान वीर, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और आदिवासियों को उनकी भूमि व अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में वे शहीद हो गए, लेकिन उनका संघर्ष आज भी देश के लिए प्रेरणा बना हुआ है। स्वतंत्रता संग्राम में अनेक नायकों ने अपना अमूल्य बलिदान दिया। छत्तीसगढ़ से वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे वीरों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ नेतृत्व किया। आदिवासी संस्कृति से सीख लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जनजातीय समुदायों की परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान और गहरी भावना दिखाई देती है। जैसे कि धान की कटाई के समय पहली फसल को कुल देवता को समर्पित करने की परंपरा। यह प्रकृति और आस्था के प्रति कृतज्ञता की मिसाल है। आने वाली पीढ़ियों को इन परंपराओं और आदिवासी नायकों के शौर्य व बलिदान को समझने और उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। भगवान बिरसा मुंडा ने न केवल सामाजिक और धार्मिक सुधारों पर कार्य किया बल्कि आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष का नेतृत्व किया। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से आज लाखों जनजातीय परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आवास और आजीविका से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजाद कराने के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया। उनके विद्रोहों और आंदोलनों के प्रभाव से ही छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट पारित हुआ, जिसने आदिवासियों की भूमि पर उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की।आदिवासी समाज प्रमुख श्री एस. के. मरकाम ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा कम उम्र में ही भगवान बन गए। उन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भी आदिवासी समाज उन्हें ‘धरती आबा’ (पृथ्वी के पिता) के रूप में पूजता है। योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने प्रदेश के युवाओं से आव्हान किया कि वे भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों और साहस से प्रेरणा लें और राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। समारोह को विधायक श्री रिकेश सेन ने भी सम्बोधित किया।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभावान आदिवासी बच्चों का सम्मान, प्रधानमंत्री आवास योजना में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 6 सरपंच का सम्मान, प्रधानमंत्री आवास योजना के 20 हितग्राहियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र, कृषि विभाग से 5 आदिवासी हितग्राहियों को स्वाईल हेल्थ कार्ड वितरण और श्रम विभाग से 5 आदिवासी हितग्राहियों को श्रम कार्ड वितरण किया गया।
- 0- जिला मुख्यालय बालोद में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर आज जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का किया गया आयोजन0- नगर पालिका परिषद बालोद के परिसर स्थित हाॅल का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा कीबालोद. कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास एवं विरासत अत्यंत वैभवशाली है। उन्होंने कहा कि देश की स्वाधीनता संग्राम के अलावा राष्ट्र के नवनिर्माण में जनजातीय समाज के लोगों तथा जनजातीय नायकों, महापुरूषों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री नाग आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद के जय स्तंभ चैक स्थित नगर पालिका परिसर के सी मार्ट में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में सांसद श्री नाग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद श्री नाग ने जनप्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की मांग पर नगर पालिका परिषद बालोद के परिसर स्थित हाॅल का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पूर्व विधायक श्री आरके राय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री राकेश यादव, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, श्री अमित चोपड़ा एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा समाज प्रमुखों के अलावा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री विजय कंवर सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा आदिवासी समाज के देवी-देवताओं एवं भगवान बिरसा मुंडा, छत्तीसगढ़ महतारी, शहीद वीर नारायण सिंह के पूजा अर्चना के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने जनजातीय समाज के इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत पर विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास जनजातीय नायकों, महान देशभक्तों के गाथाओं एवं संघर्षों से परिपूर्ण है। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के अलावा वीरांगना दुर्गावती, छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वाधीनता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक, शंकर शाह, रघुनाथ शाह एवं तिलका मांझी सहित अनेक आदिवासी जननायकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन अपने अस्तित्व एवं संस्कृति पर हमला कभी भी बर्दाश्त नही कर सकता। सांसद श्री नाग ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 से जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन कर जनजातीय समाज के नायकों के बलिदान एवं अमर गाथाओं को इतिहास में विशिष्ट स्थान दिलाने हेतु प्रयास करने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासी समाज के संस्कृति को अत्यंत गौरवपूर्ण बताते हुए समाज के लोगों को इसे अक्ष्क्षुण बनाए रखने की अपील की। श्री नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार के द्वारा जनजातीय समाज के लोगों को मान-सम्मान दिलाने तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन हेतु निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके फलस्वरूप देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी वर्ग की महिला विराजित होने के साथ-साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री जैसे पद पर आदिवासी समाज के लोग सेवा दे रहे हैं। सांसद श्री नाग ने जिला मुख्यालय बालोद में भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस समारोह के भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलेवासियों एवं जनजातीय समाज के लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। समारोह में सांसद श्री नाग ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत नशापान से दूर रहने तथा अपने आस-पास परिवार, समाज तथा जान-पहचान के लोगों को नशापान से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवालाल ठाकुर ने जनजातीय समाज के नायकों एवं महापुरूषों ने स्वाधीनता संग्राम के अलावा देश और समाज की रक्षा के लिए जब भी उनकी आवश्यकता पड़ी है अपना सर्वोच्च न्यौछावर करते हुए राष्ट्र एवं समाज के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मंुडा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक के अमर गाथाओं पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले वासियों एवं जनजातीय समाज के लोगों को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के अवसर पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। श्रीमती मिश्रा ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के उद्देश्यों तथा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले के 186 गांवों में सफलतापूर्वक आयोजित किए गए लाभ संतृप्ति शिविरों के आयोजनों के संबंध में प्रकाश डाला। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत किए गए उल्लेखनीय कार्यों के फलस्वरूप राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड प्रदान किया गया है। समारोह में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रेषित किए गए पत्र का भी वाचन किया गया। समारोह में जनजातीय समाज के स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि कार्य करने वाले समाज के प्रतिभाओं, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों तथा राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा वंदे मातरम गीत की सुमधुर प्रस्तुति भी दी गई।--
- 0- दिसंबर तक 70% ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारितसुकमा. जिले में महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने कई सख्त और समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित एवं पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया है।नवोदय योजना: 15 दिनों में नक्सल पीड़ित परिवार समूहों से जुड़ेंगेसीईओ ने 'नवोदय योजना' के अंतर्गत नक्सल प्रभावित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का निर्देश दिया। लक्ष्य यह है कि सभी पात्र परिवारों को 100% समूह से जोड़कर 'सैचुरेशन' सुनिश्चित किया जाए।दिसंबर अंत तक 70% ऋण वितरण का लक्ष्यबैंक लिंकेज और वोमेन लेड एंटरप्राइज़ेस को बढ़ावा देने के लिए सीईओ ने दिसंबर माह के अंत तक 70% ऋण स्वीकृति एवं वितरण सुनिश्चित करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर बैंकों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।'सेल्ट-रंगलेट' इकाइयाँ होंगी प्रधानमंत्री आवास योजना की रीढ़प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकानों में छत ढलाई के लिए आवश्यक 'लेट' की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एक अभिनव पहल की गई है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा 'सेल्ट-रंगलेट' इकाइयाँ शुरू की जाएंगी।सुकमा: 6–8 इकाइयाँछिंदगढ़: 4 इकाइयाँकोंटा: 2 इकाइयाँइन इकाइयों से न केवल निर्माण सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि समूह की दीदियों को अतिरिक्त आजीविका के अवसर भी मिलेंगे।'लखपति महिला पहल' के तहत दो गांव बनेंगे 'लखपति ग्राम'महिला सदस्यों की आय बढ़ाने की दिशा में 'लखपति महिला पहल' के तहत एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम चरण में दो गांवों को 'लखपति ग्राम' बनाने का लक्ष्य रखा गया है। निर्देशों में पात्र परिवारों का 100% समूहों से जुड़ाव और दीदीयों का पुनः भौतिक सर्वे कर वास्तविक और प्रमाणित आंकड़े प्रस्तुत करने पर विशेष बल दिया गया।सामुदायिक संस्थाओं का पंजीयन 5 दिसंबर तकबैठक में सामुदायिक संस्थाओं के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठन और संकुल स्तरीय संगठन का लोकोस में पंजीयन 5 दिसंबर 2025 से पूर्व पूरा करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, सभी गठित संकुल स्तरीय संगठनों का फर्म एवं सोसाइटी पंजीकरण भी आगामी 10 दिनों में पूरा करने को कहा गया है।बैठक में राज्य कार्यालय से प्रतिनिधि श्रीनिधि दीपेश धावलिया, जिला मिशन प्रबंधक तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन निर्णयों से जिले में महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक संस्थाओं को नई गति मिलने की प्रबल उम्मीद है।
- 0- नगरीय निकाय बालोद और डौण्डीलोहारा को देंगे विकास कार्यों की सौगातबालोद. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव कल 16 नवंबर 2025 को बालोद जिले के दौरे पर रहेंगे। दौरे के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्री साव कल 16 नवंबर को प्रातः 10.30 बजे रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे बालोद पहुँचेंगे। वे यहाँ दोपहर 01 बजे तक नालंदा परिसर का भूमिपूजन, अटल परिसर का लोकार्पण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत ग्रामों में जल प्रदाय योजना का शुभारंभ करेंगे। दोपहर 01 बजे से 02 बजे तक विश्राम गृह में आरक्षित। मंत्री श्री साव दोपहर 02 बजे डौण्डीलोहारा के लिए प्रस्थान करेंगे। वहाँ वे अमृत मिशन के अंतर्गत डब्ल्यूटीपी का भूमिपूजन, अटल परिसर का लोकार्पण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत ग्रामों में जल प्रदाय योजना का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम पश्चात् 03.45 बजे दुर्ग जिले के लिए रवाना होंगे।
- 0- खरीदी केन्द्र की व्यवस्थाओं की सराहना की, धान खरीदी योजना को बताया किसानों के लिए अत्यंत हितकारीबालोद. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को लेकर समूचे छत्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद जिले के किसानों में भी सर्वस्व हर्ष व्याप्त है। इसी कड़ी में धान खरीदी के पहले दिन आज 14 नवंबर को धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गिधाली (बकलीटोला) के कृषक श्री सावंत राम साहू पहले दिन ही अपने धान की बिक्री करने का अवसर प्राप्त होने पर बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। उन्होंने कहा कि धान की बिक्री हेतु उसका आज ही टोकन कटने के कारण उन्हें धान खरीदी केन्द्र गिधाली में सबसे पहले धान की बिक्री करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। जो कि इनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। किसान श्री सावंत राम ने बताया कि उनके पास कुल ढाई एकड़ जमीन है। जिस पर वे खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होेंने बताया कि आज उन्होंने धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में पहुँचकर कुल 47 क्विंटल 60 पतला धान की बिक्री की है।किसान श्री सावंत राम साहू ने राज्य सरकार की धान खरीदी योजना को किसानों के लिए अत्यंत कल्याणकारी एवं मददगार बताते हुए इस योजना की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि धान खरीदी योजना के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर उनकी धान की खरीदी के फलस्वरूप मिलने वाली राशि उनके एवं उनके परिवार के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बनता है। किसान सावंत राम ने कहा कि पिछले खरीफ विपणन वर्ष में धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग बैंक के छोटे-मोटे कर्ज को पटाने के अलावा अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, इलाज तथा अन्य जरूरी कार्य के लिए किया है। इस योजना के फलस्वरूप समय पर राशि प्राप्त हो जाने से जरूर समय में राशि की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही होती। किसान श्री सावंत राम ने बताया कि इस वर्ष से वे धान खरीदी से मिले राशि का उपयोग सहकारी समिति से खाद बीज के लिए ऋण को चुकाने के अलावा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं अन्य जरूरी कार्यों में करेंगे। किसान सावंत राम ने राज्य शासन के धान खरीदी योजना को किसानों के लिए अत्यंत कल्याणकारी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी करने के निर्णय की भूरी-भूरी सराहना की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र (आईसीसीएस) भारत–रायपुर चैप्टर तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ व्याख्यान, शैक्षणिक संवाद तथा इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वर्ल्ड्स एंसिएंट ट्रेडिशनल ऐंड कल्चरल हेरिटेज (IJWATCH) का औपचारिक लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आईसीसीएस रायपुर चैप्टर के सचिव श्री अशिष पटेल के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने संगठन की गतिविधियों तथा सांस्कृतिक अध्ययनों में उसके योगदान का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया।स्वतंत्र शोधकर्ता डॉ. निर्मला तिवारी ने प्रथम विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए वियतनाम के बहुसांस्कृतिक और स्वागतपूर्ण सामाजिक वातावरण पर अपने अध्ययन एवं अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने शोध यात्रा के आधार पर वियतनाम की सांस्कृतिक विविधता और भारत के लिए उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।इसके पश्चात् नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की शोधार्थी सुश्री कीर्ति नाहक ने गोंड प्रतिरोध तथा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने स्वदेशी समुदायों में पर्यावरणीय संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान के परस्पर संबंधों को रेखांकित किया।पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के फ़ार्मेसी संस्थान की प्रोफ़ेसर तथा आईसीसीएस रायपुर चैप्टर की उपाध्यक्ष प्रो. प्रीति के. सुरेश ने अपने उद्बोधन में पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर अधिक गहन शोध और वैश्विक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।मुख्य अतिथि प्रो. समीर बाजपई, निदेशक (प्रभारी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान विस्तार और भावी नेतृत्व निर्माण को प्रोत्साहित करती है।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संगठन की अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वर्ल्ड्स एंसिएंट ट्रेडिशनल ऐंड कल्चरल हेरिटेज (IJWATCH) का लोकार्पण रहा, जो पारंपरिक एवं स्वदेशी सांस्कृतिक अध्ययनों में शोध, विमर्श और सहयोग को नया आयाम प्रदान करेगा।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुप कुमार तिवारी, डॉ. विकास कुमार विद्यर्थी तथा डॉ. क्षिरोदा कुमार साहू (एनआईटी रायपुर) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान तथा अन्य विभागों के शोधार्थियों, तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर एवं अन्य विश्वविद्यालयों के स्नातक विद्यार्थियों ने सहभागिता कीl
- 0- उपमुख्यमंत्री ने रेंगाखार, कवर्धा एवं अन्य स्थानों पर भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाएँ स्थापित करने की घोषणा0- जनजातीय गौरव दिवस पर जिले के हितग्राहियों को पीएम जनमन योजना के तहत किया गया लाभान्वित0- धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जयंती पर जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का हुआ भव्य आयोजनरायपुर। धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर आज पीजी कॉलेज कवर्धा में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर देशभर के जनजातीय समुदाय को संबोधित किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा शामिल हुए और भगवान बिरसा मुण्डा के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से अपने उद्बोधन में जनजातीय समाज के समृद्ध इतिहास, शौर्य, संस्कृति, लोक कला और राष्ट्र निर्माण में उनकी अद्वितीय एवं अभूतपूर्व भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में जनजातीय समाज का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती को भारत सरकार द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि देश उनकी वीरता, बलिदान और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को याद रखे और जनजातीय समाज की विकास यात्रा को सशक्त दिशा मिले। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉलों में प्रदर्शित योजनाओं, उत्पादों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली और विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रदर्शनी में जनजातीय समाज की परंपराओं, कलात्मकता, आजीविका से जुड़े उत्पादों और शासकीय योजनाओं की उपलब्धियों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया।उपमुख्यमंत्री ने रेंगाखर, कवर्धा एवं विभिन्न स्थानों में भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमा स्थापना की घोषणा की। इस अवसर पर जनजातीय समाज द्वारा उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्ति, नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं का सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। कृषकों को मसूर मिनी किट प्रदान किया गया। जनजातीय गौरव दिवस पर बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग शामिल हुए और उन्होंने अपनी सांस्कृतिक धरोहर को गर्व के साथ प्रस्तुत किया। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और उनके संघर्षों को याद किया गया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा सिंह, जनपद पंचायत कवर्धा के अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, जनपद पंचायत बोड़ला के अध्यक्ष श्रीमती बालका वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चद्रवंशी, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अजय कुमार त्रिपाठी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री एलपी पटेल सहित समाज के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर की तरह ही हमारे देश की धरती पर भगवान बिरसा मुंडा जैसे महान पुरुष अवतरित हुए, जिन्होंने जनजातीय समाज के कल्याण के लिए असाधारण कार्य किए। आज 15 नवंबर के दिन पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन जनजातीय समाज की वीरता, त्याग, संस्कृति और योगदान को समर्पित है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के महापुरुषों के अवतार दिवस मनाना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें उनके आदर्शों और त्याग को याद दिलाते हैं और अच्छे कर्मों के लिए प्रेरित करते हैं।जनजातीय गौरव दिवस, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध खड़े होकर अपने समाज और देश के लिए भगवान समान कार्य किए। इसी कारण जनजातीय समाज उन्हें भगवान मानकर सम्मान देता है। आज का दिन जनजातीय समुदाय के लिए अत्यंत गर्व का दिन है। यह दिन पूरे देश को याद दिलाता है कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास में जनजाति समाज का योगदान अतुलनीय है। आने वाले समय में यह दिवस पूरे भारत वर्ष में और भी व्यापक रूप से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज, हमारे प्रेरणास्रोत भगवान बिरसा मुंडा भारत के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक हैं।पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने जनजातीय गौरव दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के खिलाफ आदिवासी समाज को एकजुट कर एक ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत की। कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए जंगल, जमीन और अपनी पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष किया। अंग्रेजों की गोलियों और दमन के बीच भी वे निर्भीक होकर आगे बढ़े और समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। आज राज्य के मुख्यमंत्री आदिवासी समाज सहित छत्तीसगढ़ के हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। जनजातीय समाज के साथ-साथ महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
- 0- किसान नंदकिशोर ने धान उपज की बहुत अच्छी कीमत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद0- राज्य शासन की ऑनलाईन टोकन एवं खाते में सीधे भुगतान जैसी व्यवस्था की सराहना कीराजनांदगांव। राज्य शासन द्वारा किसानों से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी प्रारंभ की गई है। शासन द्वारा किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी की शुरूआत की गई है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम भोडिय़ा के किसान श्री नंदकिशोर धान उपार्जन केन्द्र सिंघोला धान बिक्री करने पहुंचे थे। किसान श्री नंदकिशोर ने राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत की जा रही धान खरीदी की सराहना की। किसान श्री नंदकिशोर ने बताया कि वे धान विक्रय करने धान खरीदी केन्द्र सिंघोला आए हैं। उनके पास 85 डिसमिल खेती जमीन है। उन्होंने बताया कि 13 नवम्बर को ऑनलाईन के माध्यम से 17 क्विंटल से अधिक धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया था। किसान श्री नंदकिशोर ने पहले दिन ही धान विक्रय पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि शासन की अच्छी व्यवस्था ऑनलाईन टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप्प और धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रानिक तौल मशीन उपलब्ध होने से शीघ्रता एवं आसानी से धान विक्रय हो पाया, इसके साथ-साथ धान खरीदी केन्द्र में धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से हुई है। यहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं छांव, पेयजल जैसी सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। धान खरीदी केन्द्र में धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई है।किसान श्री नंदकिशोर ने राज्य शासन की ऑनलाईन टोकन एवं खाते में सीधे भुगतान जैसी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक है। इससे किसानों के श्रम और समय की बचत हो रही है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के वास्तविक उपज को खरीदने के लिए धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने किसानों के वास्तविक जरूरतों और उनके मेहनत का सम्मान करते हुए प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान 3100 रूपए में प्रति क्ंिवटल के हिसाब से खरीदी सराहनीय है। किसान श्री नंदकिशोर ने धान उपज की बहुत अच्छी कीमत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।
- 0- 626.8 क्विंटल धान जप्तराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के परिवहन करने वाले कोचियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कृषि उपज मंडी समिति द्वारा मंडी अधिनियम 1972 के तहत 5 प्रकरणों में 626.8 क्विंटल धान जप्त किया गया है। राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र महराजपुर में भुनेश्वर साहू द्वारा 50 बोरा में लाए 20 क्विंटल धान, धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में सुखरित दास साहू द्वारा 80 बोरा में लाए 32 क्विंटल धान एवं धान उपार्जन केन्द्र पटेवा में ढालसिंग साहू द्वारा 58 बोरा में लाए 23.20 क्विंटल धान जप्त किया गया है। डोंगरगढ़ विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र बोरतलाव में माया राईस मिल खमारी महाराष्ट्र के 660 बोरा में लाए 303 क्विंटल धान एवं वाहन तथा आयुष एग्रो गोंदिया महाराष्ट्र के 542 बोरा में लाए 248.6 क्विंटल धान एवं वाहन को जप्त किया गया है।



























.jpg)