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- -हर घर तिरंगा अभियान और माय भारत पोर्टल पर युवा पंजीयन बढ़ाने के दिए निर्देशमहासमुन्द / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अनुपमा आनंद ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।बैठक में सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए समारोह की तैयारियां समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने तथा समारोह को गरिमामय ढंग से आयोजित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में प्लास्टिक के तिरंगे के विक्रय पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी व्यवसायियों को प्लास्टिक के तिरंगे का विक्रय नहीं करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। 15 अगस्त को जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में नियमानुसार ध्वजारोहण करने तथा अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा गया।हर घर तिरंगा अभियान की समीक्षा करते हुए सीईओ ने कहा कि अभियान के तहत जिला मुख्यालय के साथ सभी विकासखंडों और ग्रामों में तिरंगा यात्रा एवं बाइक रैली का आयोजन किया जाए। आयोजित कार्यक्रमों के फोटो वीडियो संस्कृति विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने कहा। उन्होंने बाइक रैली के दौरान यातायात नियमों का पालन तथा हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। सीईओ ने बताया कि 13 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम का फुल ड्रेस रिहर्सल प्रातः 9 बजे किया जाएगा। वहीं 14 अगस्त को स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन होगा, जिसके सफत संचालन के लिए खेल विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग की आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए। इसी दिन विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर स्कूल-कॉलेजों में विभाजन के इतिहास से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों को देने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में माय भारत पोर्टल पर युवाओं के पंजीयन की भी समीक्षा की गई। जिले को 32 हजार पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध अब तक करीब 6 हजार युवाओं का पंजीयन हुआ है। एक दिन में ही 2069 युवाओं द्वारा पंजीयन किए जाने पर सीईओ ने पंजीयन की गति और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्कूल कॉलेजों में प्राथमिकता से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं का पंजीयन कराने को कहा। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के सीएमओ को भी अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने बीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा सीईओ ने विभिन्न प्राधिकरणों के लंबित निर्माण कार्यों को पूर्ण करने, राजस्व प्रकरणों, न्यायालय के प्रकरणों का जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करने तथा सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई।
- -गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले 1,800 करोड़ रुपए के ऑर्डर-प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को 130 करोड़ रुपए की बचतरायपुर / छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही। राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को 130 करोड़ रुपए की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है। GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल 235 करोड़ रुपए की बचत हुई है।खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,935 करोड़ रुपए पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर 1,800 करोड़ रुपए हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
- -बैगा-गुनिया और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संभाली जागरूकता की कमान, गांवों में बदलने लगा मलेरिया से बचाव का व्यवहाररायपुर ।बस्तर में मलेरिया से जंग अब सिर्फ दवा और जांच की नहीं रही। जंगलों के बीच बसे गांवों में मच्छरदानी की आदत, बुखार पर तुरंत जांच और समय पर इलाज का संदेश धीरे-धीरे लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। कभी मलेरिया के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से लड़ने के साथ-साथ लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव को भी अभियान का केंद्र बनाया है। इसी सामूहिक प्रयास का असर है कि पिछले 10 वर्षों में मलेरिया के मामलों में करीब 83 प्रतिशत की कमी आई है।बस्तर की इस तस्वीर को बदलने के पीछे वर्षों से चल रही वह मुहिम है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के साथ लोगों को बीमारी से बचाव का तरीका भी समझाया गया। खासकर संभाग की बड़ी जनजातीय आबादी तक पहुंचने के लिए स्थानीय भाषा, स्थानीय परंपराओं और समुदाय में प्रभाव रखने वाले लोगों को माध्यम बनाया गया। मकसद साफ रहा-मलेरिया से बचाव की बात ऐसी भाषा में कही जाए, जिसे गांव का हर परिवार आसानी से समझ सके और अपनी दिनचर्या में अपना सके।इसी सोच के साथ बैगा-गुनिया सिरहा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। गांवों में जिन लोगों की बात समुदाय सहजता से सुनता है, उन्हें मलेरिया से बचाव के उपायों से जोड़ा जा रहा है। इन सम्मेलनों में स्थानीय भाषा और संवाद शैली के जरिए मच्छरदानी के नियमित उपयोग, बुखार होने पर तत्काल जांच और डॉक्टर से उपचार लेने की जरूरत समझाई जाती है।यह संदेश खास तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि बुखार को मामूली समझकर घर पर इंतजार करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच होने से बीमारी की पहचान जल्दी होती है और उपचार शुरू किया जा सकता है। इसी तरह सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल मलेरिया से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी उपाय है।स्वास्थ्य अमला अब मछरदानी के नियमित इस्तेमाल पर भी जोर दे रहा है। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनें परिवारों से संपर्क कर यह देख रही हैं कि मच्छरदानी केवल घर में रखी न रहे, बल्कि रात में उसका इस्तेमाल भी हो।मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में बुखार की निगरानी और जांच की व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया गया है। गांवों में लोगों को यह समझाया जा रहा है कि बुखार आने पर घरेलू उपचार के भरोसे रहने के बजाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करें और जांच कराएं। इस तरह बचाव और उपचार दोनों को समुदाय के व्यवहार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
- -लहराया गया 92 फीट का तिरंगा-तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में उत्साह और उमंग से शामिल हुए जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिकरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज कांकेर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अप्रतिम उत्साह के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विधायक श्री आशाराम नेताम और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने भी तिरंगा यात्रा में भागीदारी की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान से शुरू हुई तिरंगा यात्रा नगर घड़ी चौक, ऊपर-नीचे रोड, मस्जिद चौक, गांधी चौक होते हुए नवनिर्मित मिनी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने हाथ में राष्ट्र ध्वज लेकर उत्साह से भाग लिया। यात्रा की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से की गई। नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली में शामिल लोगों का स्वागत किया तथा देशभक्ति के नारे लगाए। नगरवासियों ने चॉकलेट व टॉफी बांटकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देश पर वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर इस जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था।92 फीट तिरंगा बना आकर्षण का केंद्रतिरंगा यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने 92 फीट लंबा तथा 5 फीट चौड़ा तिरंगा का प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न मार्गों और चौक-चौराहों पर इसे लहराते हुए यात्रा निकाली गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सेंट माइकल इंग्लिश स्कूल की बैंड टोली में शामिल छात्राओं ने राष्ट्रगीत की धुन पर वाद्य यंत्र बजाते हुए रैली में मार्चपास्ट किया। केंद्र शासन एवं राज्य शासन के निर्देश पर 9 अगस्त से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने एवं राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे लोगों में देश भक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो।कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी श्री निखिल राखेचा, श्री महेश जैन, श्री सतीश लाटिया, श्री राहुल टिकरिहा, श्री राजा देवनानी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष श्री उत्तम यादव, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी और जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री रमेश निषाद भी तिरंगा यात्रा में मौजूद थे।
- -सेवानिवृत्त होने से पहले ही प्रकरण कर निराकृत करें-महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण उनके सेवा निवृत्त होने से पहले ही तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार नियतकालिक अवधि में बनायी जाए। विभागों में रिक्त पदों की सूची एवं बैकलॉक के पदों पर सेटअप बनाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करें। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सेवा सेतु, लोक सेवा गारंटी, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 728 सेवाएं को नोटिफाइड हो चूकी है।मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। अधिकारी- कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के कार्ययोजना बनायें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि रिफार्म के तहत अपने-अपने विभागवार जानकारी तैयार करें। आगामी दिनों में रिफार्म उत्सव अभियान का आयोजन होगा।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
- -109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी शहीदों और घटनाओं की पूरी जानकारी-लंबित मामलों के निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान-नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास और शहीद परिवारों को सहायता में तेजी लाने के निर्देशरायपुर / नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में सोमवार को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं तथा माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों के सम्मान में स्मारकों के निर्माण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं पुनर्वासित युवाओं को मिल रही सहायता और सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा प्रदान किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है और उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को भी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों एवं दिवंगत नागरिकों की स्मृति में घटना स्थल अथवा संबंधित ग्रामों में बनाए जाने वाले 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे। इन स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को उपलब्ध हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण से अब तक नक्सल हिंसा में हताहत हुए लोगों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें अब तक प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष मुहिम चलाने, प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता एवं राहत का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यूएपीए, जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता से निराकृत किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का दल गठित कर सभी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मामलों में पृथक्करण की प्रक्रिया भी पूर्ण करने को कहा, ताकि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और पात्र पुनर्वासित युवाओं को अनावश्यक रूप से लंबित प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के उद्देश्य से स्कूलों, चौक-चौराहों एवं शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां नामकरण के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और जल्द से जल्द नामकरण पूर्ण कराया जाए।बैठक में राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को निर्धारित सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी पुनर्वास केंद्रों में आवश्यक एवं उपयुक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में रह रहे लोगों की सुविधाओं और आवश्यकताओं की लगातार निगरानी की जाए तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस माह के अंत तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ वापस आ रहे स्थानीय निवासियों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी चर्चा की, जो दूसरे राज्यों के निवासी हैं और अपने गृह राज्य वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने संबंधित राज्यों से समन्वय कर ऐसे युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में ससम्मान स्थान दिलाने, उन्हें सभी पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों के आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन ग्रामों के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चयनित सभी ग्रामों में विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर उन्हें प्रारंभ कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं एवं विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को शीघ्र मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।बैठक में प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी नक्सल श्री विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली-महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहणरायपुर / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा। इस यात्रा के प्रत्येक घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए हैं उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।
- -नगरवासियों को मिलेंगी खेल एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने की सुविधा-उप मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से हुए रू-ब-रू, कहा वीर शहीदों की शहादत व उनके सपनों को संजोकर रखने की जिम्मेदारी आप सब कीरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कांकेर में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मेलाभाठा के समीप नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का लोकार्पण किया। उन्होंने फुटबॉल को किक कर गोल दागकर खेल मैदान का शुभारंभ किया। श्री साव ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा देश की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और महान क्रांतिकारियों के अमर बलिदानों का पर्याय है। उनके सपनों को संजोकर व सहेजकर रखने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि जिन महान देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को वर्षों की गुलामी से आजादी दिलाई, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्रांतिवीरों के बलिदान से मिली आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर, विश्व गुरू और सोने की चिड़िया बनाने में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को व्यापक सुविधाएं मुहैया होंगी, साथ ही युवक-युवतियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म भी मिलेगा।श्री साव ने बताया कि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेट-लिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि कांकेर जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं के लिए यह मिनी स्टेडियम एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। विधायक श्री आशाराम नेताम ने कार्यक्रम में नगरवासियों को बधाई देते हुए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा नगर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी तथा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक ने भी नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं इनडोर हॉल के लोकार्पण की बधाई देते हुए इसे कांकेर शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर भी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।7 करोड़ की लागत से मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम, 2.40 करोड़ से बना है बहुउद्देशीय इनडोर हॉलकांकेर में लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम तथा 2.40 करोड़ रुपए से बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का निर्माण किया गया है। मिनी स्टेडियम में फुटबॉल ग्राउण्ड, क्रिकेट बॉक्स, बास्केटबॉल ग्राउण्ड, रनिंग ट्रैक सहित विभिन्न खेलों के नेट प्रैक्टिस की सुविधा है। इसी तरह मल्टीपरपज इनडोर हॉल में बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कुश्ती सहित अलग-अलग खेलों के इनडोर अभ्यास की सुविधा है। आउटडोर जिम की भी सुविधा यहां है। इसके निर्माण से नगरवासियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल मैदान एवं बेहतर तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मिनी स्टेडियम परिसर में रोपे नारियल के पौधेउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और विधायक श्री आशाराम नेताम ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नारियल के पौधे लगाए। अन्य अतिथियों ने भी परिसर में पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।
- -गलियों में पानी के बर्तनों का सफर थमा, अब हर सुबह नल की धार से शुरू होती है कहानीरायपुर। सुबह के वक्त अब सेवैयाकला की गलियों में पानी का बर्तन लिए महिलाओं की कतारें दिखाई नहीं देतीं। घरों के आंगन में लगे नल खुलते हैं और साफ पानी की धार बहने लगती है। बच्चों के हाथों में अब पानी से भरी बाल्टियां नहीं, स्कूल का बस्ता है। यह बदलाव अचानक नहीं आया। यह उस योजना का परिणाम है, जिसने पानी को सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और राहत से जोड़ दिया है।महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत टेका के आश्रित गांव सेवैयाकला ने इस साल जून में 'हर घर जल' का लक्ष्य हासिल कर लिया। जल जीवन मिशन के तहत अब गांव के सभी 185 घरों तक नियमित रूप से नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गांववालों के लिए यह केवल एक सरकारी उपलब्धि नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आया ऐसा बदलाव है, जिसे वे हर सुबह महसूस करते हैं।गांव की देविका साहू मुस्कराते हुए कहती हैं, "पहले पानी लाना ही सबसे बड़ा काम था। गर्मी में तो कई बार आधा दिन इसी में निकल जाता था। अब नल खोलते ही पानी मिल जाता है। समय भी बचता है और चिंता भी खत्म हो गई है।" उनकी बात सुनते हुए आसपास खड़ी महिलाएं भी सहमति में सिर हिलाती हैं। गांव में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जिसकी दिनचर्या इस बदलाव से अछूती रही हो।दरअसल, पानी केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं होता। गांवों में यह महिलाओं के श्रम, बच्चों के समय और पूरे परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। सेवैयाकला में नल से जल पहुंचने के बाद यही बदलाव सबसे स्पष्ट दिखाई देता है। सुबह के जिन घंटों में पहले पानी की जद्दोजहद होती थी, अब वही समय बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और घरेलू कामों में लग रहा है।इस बदलाव के पीछे जल जीवन मिशन के तहत 81 लाख 52 हजार रुपए की लागत से तैयार की गई जलापूर्ति व्यवस्था है। गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी टंकी बनाई गई है। 3825 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है। प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इसी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे बच्चों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।सरपंच श्रीमती कमली बसंत और सचिव श्रीमती हेमलता साहू के नेतृत्व में योजना को समय पर पूरा किया गया। लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि गांव ने इसे केवल सरकारी योजना मानकर नहीं छोड़ा। इसके संचालन और रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति बनाई गई है। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन-संधारण के लिए हर परिवार 60 रुपए प्रतिमाह दे रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में भी निर्बाध पानी मिलता रहे। गांव के मिथिलेश बसंत प्रतिदिन तय समय पर पंप संचालन कर पूरे गांव तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।सेवैयाकला की कहानी बताती है कि विकास केवल आंकड़ों में नहीं दिखता, वह लोगों की बदली हुई दिनचर्या में दिखाई देता है। जब किसी महिला को पानी के लिए कई किलोमीटर नहीं चलना पड़ता, जब बच्चे पानी ढोने की जगह समय पर स्कूल पहुंचते हैं और जब हर घर में बिना चिंता के स्वच्छ पानी उपलब्ध होता है, तभी किसी योजना की असली सफलता दिखाई देती है। आज सेवैयाकला में बहता पानी केवल नलों से नहीं आ रहा, बल्कि वह ग्रामीण जीवन में सुविधा, स्वास्थ्य और सम्मान का नया भरोसा भी लेकर आया है। जल जीवन मिशन की यह सफलता केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलाव की जीवंत मिसाल है।
- कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में करीब 700 प्रतिभागियों ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेशबिलासपुर/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को ‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘वंदे मातरम्’ अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से आज बिलासपुर में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। जिला पुलिस प्रशासन एवं एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह रैली पुलिस ग्राउंड से प्रारंभ होकर अग्रसेन चौक तक पहुंची। रैली में करीब 700 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। रैली में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा एनसीसी के अधिकारी शामिल हुए।जिला पुलिस बल के जवानों के साथ एनसीसी के छात्र-छात्रा कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक तथा स्काउट-गाइड के विभिन्न स्कूलों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। तिरंगा थामे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, पुलिस जवानों और स्वयंसेवकों की सहभागिता से शहर में देशभक्ति का माहौल बना रहा। रैली के माध्यम से नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने तथा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। रैली के आयोजन एवं समन्वय में एनसीसी के कैप्टन श्री आशीष शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री रामगोपाल करियारे तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस प्रशासन, एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट-गाइड के समन्वित प्रयासों से आयोजित इस रैली ने जिले में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
- रायपुर/ मिनीमाता को 54 वीं पुण्यतिथि पर सादर नमन करने राजधानी शहर रायपुर के न्यू बस स्टैण्ड पंडरी स्थित प्रतिमा स्थल के समक्ष रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्त्वावधान में नगर निगम जोन 2 के सहयोग से पुष्पांजलि आयोजन रखा गया।प्रमुख रूप से पुष्पांजलि आयोजन में प्रतिमा स्थल पहुंचकर मिनीमाता का नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड, प्रदेश के पूर्व मंत्री श्री अमितेष शुक्ल, नगर निगम सस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, राजस्व विभाग अध्यक्ष श्री अवतार बागल, शहीद हेमूकालाणी वार्ड पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, एल्डरमेन श्री राजू राघवानी, नगर निगम के पूर्व पार्षद श्री सुन्दर लाल जोगी, सामाजिक कार्यकर्ता श्री राजेन्द्र बंजारे, श्री बबलू त्रिवेन्द्र सहित नगर की महिलाओ, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओ, वरिष्ठ नागरिको, नवयुवको, आमजनो ने बडी संख्या में 54 वी पुण्यतिथि पर सादर नमन किया।पुष्पांजलि आयोजन में नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़, प्रदेश के पूर्वमंत्री श्री अमितेष शुक्ल, एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी, श्री अवतार बागल, पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, पूर्व पार्षद श्री सुन्दरलाल जोगी ने महान समाज सुधारक मिनी माता को वात्सल्यमयी माता बतलाया, उन्होने कहा कि मिनी माता ने अपने जीवन में कभी भी किसी से कोई भेदभाव नहीं किया। सम्पूर्ण समाज को लेकर उन्होने सदैव मानव कल्याण का कार्य किया। नारी सशक्तिकरण, नारी शिक्षा, समाज एवं राष्ट्र के निर्माण एव विकास में उन्होने समाज सुधारक एवं पूर्व सांसद के रूप में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया जो सदैव ससम्मान स्मरण किया जाता रहेगा। कार्यकक्रम का संचालन नगर निगम के पूर्व पार्षद श्री सुन्दरलाल जोगी ने किया एवं अत में आभार प्रर्दशन नगर निगम सस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने किया।
- *विधायक श्री सुनील सोनी ने छात्राओं को खिलाई कृमिनाशक दवा, कहा - हर छह माह में कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी*रायपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ आज शासकीय दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सुनील सोनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री सोनी ने छात्राओं को कृमिनाशक एल्बेन्डाजॉल की गोली खिलाकर अभियान की शुरुआत की।विधायक श्री सुनील सोनी ने बच्चों से स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हर छह माह में कृमिनाशक दवा का सेवन किया जाना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छात्राओं को एल्बेन्डाजॉल दवा के सेवन की सही विधि की जानकारी दी गई। साथ ही अभिभावकों को दवा सेवन के बाद होने वाले सामान्य दुष्प्रभावों एवं आवश्यक सावधानियों के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं को कृमिनाशक दवा खिलाई गई।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. भेनूज सिन्हा, दानी गर्ल्स स्कूल के प्राचार्य डॉ. हितेष दीवान, प्रधान पाठक श्रीमती कांति चंद्राकर, शिक्षिका श्रीमती ज्योति सक्सेना, शिक्षिका श्रीमती मीनू पाण्डेय एवं स्वास्थ्य विभाग से शहरी कार्यक्रम प्रबंधक श्री अशोक कुमार सिंह, श्री अनुराग गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी श्री गजेन्द्र डोंगरे, एएनएम एवं मितानिन स्टाफ उपस्थित रहे।
- हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्साबिलासपुर/ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। तिरंगा यात्रा में सेंटर के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। हाथों में तिरंगा लेकर निकले खिलाड़ियों ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के उत्साह से सराबोर नजर आया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ तिरंगा लहराते हुए राष्ट्र के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया।खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य खिलाड़ियों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करना तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना जागृत करना रहा। आयोजन के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करने का प्रयास किया गया।
- कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने जिला कार्यालय से किया हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभबिलासपुर/ वंदे मातरम् और हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और देशभक्ति की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से आज जिला कार्यालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अभियान के प्रति जनभागीदारी का संदेश देते हुए सेल्फी भी ली।इस अवसर पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने जिलेवासियों से हर घर तिरंगा अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागी बनने तथा अपने घरों में सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल हमारे देश की पहचान नहीं, बल्कि यह हमारे गौरव, एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। वंदे मातरम् की भावना के साथ हर नागरिक का जुड़ाव राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करता है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने भी हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता करते हुए अभियान को समर्थन दिया। जिला कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और जनदर्शन में पहुंचे नागरिकों ने भी हस्ताक्षर कर राष्ट्रप्रेम और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना के साथ अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जिले में वंदे मातरम् और हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जन भागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
- भूत-प्रेत, टोनही के खौफ और भ्रम को दूर करने हरेली पर रात्रि भ्रमण करेगी अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति“कोई नारी डायन/टोनही नहीं” अभियान रहेगा जारीरायपुर/अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कार्यरत अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि हरेली पर्व के अवसर पर समिति द्वारा विशेष जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जादू-टोना एवं टोनही प्रताड़ना के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा तथा टोनही प्रताड़ना के विरोध में शपथ दिलाई जाएगी।डॉ. मिश्र ने बताया कि हरेली अमावस्या की रात ग्रामीण क्षेत्रों में भूत-प्रेत, टोनही और जादू-टोने को लेकर व्याप्त भय एवं भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से समिति के सदस्य गांवों एवं निर्जन स्थानों में रात्रि भ्रमण करेंगे और ग्रामीणों से संपर्क कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान अंधविश्वास के खिलाफ पंपलेट एवं जागरूकता सामग्री वितरित की जाएगी। टोनही प्रताड़ना से संबंधित जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाने वाले पोस्टर ग्राम पंचायतों तथा सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएंगे।हरेली को जादू-टोने से जोड़ना केवल एक भ्रमडॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हरियाली अमावस्या अर्थात हरेली के संबंध में अलग-अलग लोकमान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ स्थानों पर इसे जादू-टोने से भी जोड़कर देखा जाता है। कहीं-कहीं यह मान्यता भी है कि हरेली की रात विशेष साधना करने से जादुई शक्तियां प्राप्त होती हैं। वास्तव में ऐसी मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जादू-टोने का कोई वैज्ञानिक अस्तित्व नहीं है और कोई महिला टोनही नहीं होती।उन्होंने कहा कि पहले जब बीमारियों, संक्रमणों और प्राकृतिक घटनाओं के वैज्ञानिक कारणों की जानकारी सीमित थी, तब अनेक बीमारियों और परेशानियों को जादू-टोने या बुरी नजर से जोड़ दिया जाता था। कई बार बीमारी के लिए किसी महिला को जिम्मेदार ठहराकर उसे टोनही घोषित कर दिया जाता था। ऐसी मान्यताएं न केवल अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं, बल्कि महिलाओं के साथ सामाजिक अन्याय और प्रताड़ना का कारण भी बनती हैं।सावन में संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता जरूरीडॉ. मिश्र ने कहा कि सावन के दौरान वर्षा, उमस और नमी के कारण कई प्रकार के रोगाणुओं के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। गंदगी, दूषित पेयजल, दूषित भोजन, मक्खियों और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे समय में गांवों में दस्त, आंत्र संक्रमण, पीलिया, वायरल बुखार, मलेरिया आदि के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीमारियों से बचाव के लिए घर और आसपास स्वच्छता रखना, साफ एवं सुरक्षित पानी पीना, भोजन को दूषित होने से बचाना, मक्खियों और मच्छरों की रोकथाम करना तथा बीमारी होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक महत्वपूर्ण है। इसके लिए किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र या कथित जादुई उपायों की आवश्यकता नहीं है।डॉ. मिश्र ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ भोजन और आवश्यक सावधानियां अपनाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है तो उसे झाड़-फूंक कराने के बजाय समय पर चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। सांप के काटने अथवा जहरीले कीड़े के काटने की स्थिति में भी तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।नीम की टहनियां तोड़ने के बजाय पौधे लगाएंडॉ. मिश्र ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हरेली के अवसर पर दिन में भी कुछ बच्चे और लोग जादू-टोने तथा नजर लगने से बचने के नाम पर नीम की टहनियां लेकर साइकिल, रिक्शे और वाहनों के साथ घूमते दिखाई देते हैं। पालकों और शिक्षकों को बच्चों को ऐसे अंधविश्वासों से दूर रखने तथा उनके भीतर वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रयास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि नीम की टहनियां बार-बार तोड़कर पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के बजाय घरों और आसपास नीम सहित अन्य उपयोगी पौधे लगाए जाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।उन्होंने कहा कि यदि लोग स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ भोजन और मच्छर-मक्खियों की रोकथाम जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सावधानियों पर ध्यान दें तो बीमारी से बचाव के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। मक्खियां और मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से कहीं अधिक वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम हैं।“कोई नारी टोनही नहीं” अभियान रहेगा जारीडॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि हरेली अमावस्या के अवसर पर भी अंधविश्वास, जादू-टोने और टोनही की मान्यता के खिलाफ समिति का “कोई नारी टोनही नहीं अभियान” जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से टोनही और भूत-प्रेत के भय एवं भ्रम को दूर करने, महिलाओं को टोनही के आरोप से बचाने तथा ग्रामीण समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। समिति के सदस्य रात्रि भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से सीधे संपर्क कर उन्हें समझाएंगे कि बीमारी, प्राकृतिक घटनाओं और अन्य समस्याओं के पीछे वास्तविक कारणों को समझना आवश्यक है तथा उनका समाधान वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्यपरक तरीकों से किया जाना चाहिए।
- 0- समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की0- भव्य एवं गरिमामय ढंग से आयोजन सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने पूरी निष्ठा, लगन एवं तत्परता के साथ अपने कार्यों का संपादन करने वाले जिले के निष्ठावान अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित मुख्य समारोह में सम्मानित कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में आगामी 15 अगस्त को जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिले के विभिन्न विभागों के अनेक अधिकारी-कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी, निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए आम जनता के हित में शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिसे ध्यान में रखते हुए इन निष्ठावान अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनका सम्मान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को जिले में भव्य एवं गरिमामय ढंग से स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन से जुड़े सभी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को 15 अगस्त को सुबह अपने-अपने कार्यालयों में ध्वजारोहण के पश्चात् जिला मुख्यालय बालोद में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थित स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में निर्धारित समय पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में पहुँच मार्ग, मंचीय व्यवस्था के साथ-साथ वीआईपी, शहीद परिवार के सदस्यों तथा पत्रकार दीर्घा आदि का सुव्यवस्थित निर्माण के संबंध में कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देश भक्तिपूर्ण, संस्कृति प्रधान एवं गरिमा के अनुरूप सुनिश्चित हो। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम अभ्यास 13 अगस्त को सुबह 8.30 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने सभी अधिकारियों को अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपने अनुविभाग के शहीदों के परिजनों को जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ससम्मान लाने एवं आयोजन के पश्चात् उनके घर पहुँचाने की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व 14 अगस्त को सुबह स्वतंत्रता दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने जिला मुख्यालय में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 14 अगस्त को सुबह आयोजित इस स्वतंत्रता दौड़ में अनिवार्य रूप से शामिल होेने के भी निर्देश दिए हैं।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता से गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनोरा में नवनिर्मित समूह जल प्रदाय योजना के सुचारू संचालन के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी गुरूर एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को इस योजना में शामिल 27 गांवों का विजिट कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में प्राप्त आवेदनों का पूरी प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी से आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने की समीक्षा करते हुए शेष सभी लोगों का अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने नशा उन्मूलन के कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने समाज कल्याण, पुलिस एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों के प्रतिमाह जागरूकता रैली एवं अन्य गतिविधियां आयोजन करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्कूल परिसर के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों के बिक्री पर पूर्णतः रोकथाम सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
- 0- जिला प्रशासन ने किसानों को अनिवार्य रूप से अंतिम तिथि 14 अगस्त तक फसल बीमा कराने की अपीलबालोद. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ सीजन 2026 में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु फसल बीमा आवेदन के लिए 04 दिन शेष रह गए हैं। जिला प्रशासन ने फसल बीमा हेतु शेष रह गए किसानों को 14 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से बीमा कराने की अपील की है। ज्ञातव्य हो कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत किसानों के लिए फसल बीमा हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसानों को फसल खराब होने, ओलावृष्टि, सूखा, बाढ़, कीट-पतंगे व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के 1,21,625 किसानों द्वारा 1,35,200 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल बीमा कराया जा चुका है। बीमा हेतु शेष किसान नजदीकी बैंक, सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र या भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ऋण पुस्तिका, खसरा, बी-1 और पी-2 सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है। यदि किसी किसान की फसल को नुकसान पहुंचता है, तो वे 72 घण्टों के भीतर केंद्र सरकार के कृषक रक्षक पोर्टल या किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर इसकी जानकारी दर्ज कराना आवश्यक होगा।
- 0- स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथिबालोद. छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले ध्वजारोहण समारोह के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह के लिए स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। इसके साथ ही मुख्य अतिथि के द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संदेश का वाचन भी किया जाएगा।
- 0- 10 दिनों के गहन इलाज के बाद अस्पताल से हुई छुट्टीबालोद. जिला अस्पताल बालोद के चिकित्सकों ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और बेहतरीन टीमवर्क का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। वाइपर सांप के डसने के कारण अत्यंत गंभीर हालत में अस्पताल पहुँचे डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम तुमडीशुर के 14 वर्षीय बालक की जान बचाने में स्वास्थ्य विभाग की टीम को बड़ी सफलता मिली है। मरीज को लगभग 10 दिनों तक सघन निगरानी और गहन चिकित्सा में रखा गया, जिसके बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. श्रीमाली ने बताया कि ग्राम तुमडीशुर निवासी 14 वर्षीय बालक नेमीचंद को वाइपर सांप ने डस लिया था, जिसके बाद स्थिति बिगड़ने पर उसे 02 अगस्त 2026 को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांप के जहर के कारण नेमीचंद के निचले पैर में गंभीर सेलुलाइटिस फैल गया था। स्थिति इतनी जटिल हो गई थी कि मरीज को एक्यूट किडनी इंजरी और यूरेमिक एन्सेफैलोपैथी जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। किडनी की कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित होने के कारण डॉक्टरों को मरीज का तीन बार डायलिसिस करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस चुनौतीपूर्ण केस के प्रबंधन में अस्पताल के विभिन्न विभागों ने आपसी समन्वय से काम किया। मरीज के इलाज में डॉ. महेंद्र रावटे, डॉ. अविनाश मंडावी एवं डॉ. नुरेंद्र साहू के विशेष भूमिका रही। इन विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा, डायलिसिस यूनिट और मेडिसिन विभाग के नर्सिंग स्टाफ ने भी मरीज की लगातार निगरानी, सही समय पर दवाओं का प्रशासन और डायलिसिस के दौरान विशेष देखभाल सुनिश्चित कर इस सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।बड़े सेंटर में रेफर करने के बजाय जिले में ही मिला उच्च स्तरीय इलाजलगभग 10 दिनों के सघन उपचार के बाद नेमीचंद की स्थिति में संतोषजनक सुधार देखा गया, जिसके बाद 10 अगस्त 2026 को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह उपलब्धि जिला अस्पताल बालोद की मल्टी-स्पेशियलिटी टीमवर्क एवं गंभीर मरीजों के प्रबंधन की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। आमतौर पर एक्यूट किडनी इंजरी और यूरेमिक एन्सेफैलोपैथी जैसी गंभीर जटिलताओं वाले मामलों को उच्चतर चिकित्सा केंद्रों (हायर सेंटर) में रेफर कर दिया जाता है, लेकिन बालोद जिला अस्पताल में आवश्यक विशेषज्ञता, डायलिसिस सुविधा और समर्पित चिकित्सकीय टीम के होने से मरीज को सही समय पर इलाज मिल सका और उसकी जान बच गई।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में ‘दर्शन बालोद’ मासिक पत्रिका के तृतीय अंक ‘आजादी विशेषांक’ पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विशेषांक का अवलोकन करते हुए इसके प्रकाशन के लिए प्रधान संपादक श्री दीपक यादव एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी और इसे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक विशेष एवं सराहनीय पहल बताया। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों और जिले के इतिहास को सामने लाने वाले ऐसे प्रयास समाज और नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश कुमार ठाकुर, दर्शन बालोद के सलाहकार संपादक एवं इतिहासकार श्री अरमान अश्क, जिला संवाददाता श्री संतोष कुमार साहू, श्री यशस्वी कटझरे, श्री सूर्यकांत साहू, श्री कुलेश्वर आसनिक सहित अन्य लोग उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि ‘दर्शन बालोद’ के इस विशेषांक में बालोद जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष, योगदान और प्रेरणादायी कहानियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है।स्थानीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को संकलित कर नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। ‘दर्शन बालोद’ का यह तृतीय अंक ‘आजादी विशेषांक’ स्वतंत्रता संग्राम की स्थानीय विरासत को सहेजने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता देने वाला विशेष अंक बनकर सामने आया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को प्रधान संपादक श्री दीपक यादव ने पौधा भेंट किया। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा द्वारा जिले में चलाए जा रहे ‘एक पेड़ महतारी के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इसे प्रेरणादायी पहल बताया। प्रधान संपादक श्री दीपक यादव ने कहा कि पौधारोपण को जनअभियान बनाने के साथ लगाए गए पौधों की देखभाल करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने की अपील भी की।
- 0- विभिन्न जोनों में भिन्न स्थानों पर पेडों के चारों ओर लगाये गये लगभग स्थानों पर 1731 ट्री गार्ड एवं लगभग 375 स्थानों पर कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य करवाया गया0- इससे इन सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पर्यावरण हितैषी वातावरण सहजता से प्राप्त हुआरायपुर. प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन के जनप्रिय पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की अभिनव योजना के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिता के तत्काल पश्चात से रायपुर जिला क्षेत्र अतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन नियमित अपने- अपने जोन क्षेत्र के सभी वार्डो में ऐसे सभी पौधों को चिन्हित करने का कार्य किया गया , जो पूर्व में चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरों पेवर में घिरे हुए होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे ।ऐसे समस्त पौधों को चिन्हित करके प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित होने एवं स्वयं मिट्टी, पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने इन सभी पौधों को चारों ओर से घेरकर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी 10 जोनों में निरन्तरता के साथ तेज गति से समाजहित में पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से करवाया गया।विभिन्न जोनों के भिन्न क्षेत्रों के स्थानों में इन सभी चिन्हित पौधों को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चारों ओर कॉंक्रीट के घेरे पेवर लगाकर लगाए गए लगभग 1731 ट्री गार्ड और लगभग 375 कांकीट के घेरों पेवर को समस्त जोन कमिश्नरों द्वारा वहां पहुंचकर हटवाये जाने का कार्य तेजी के साथ करवाया एवं सभी जोन कमिश्नर अपने जोन क्षेत्र में ऐसे सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पानी प्राप्त कर सकने आवश्यक पर्यावरण हितैषी वातावरण कायम करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया गया ।नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने उक्त कार्य को पहली प्राथमिकता में रखकर करवाने सभी जोन कमिश्नरो समाजहित में पर्यावरण संरक्षण कार्य हेतु स्पष्ट निर्देशित किया।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र के समस्त रहवासी नागरिको से रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विनम्र अपील की कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बनकर अपनी सक्रिय सहभागिता को दर्ज करवाने का कष्ट करें।ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन के तत्त्ववधान में पर्यावरण हितैषी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत समाज में उनके द्वारा पर्यावरण हितकारी योगदान देने हेतु सम्मानित किया जायेगा।रायपुर नगर पालिक निगम केसभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा करवाये जा रहे उक्त पर्यावरणहितैषी कार्यों की रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा स्वतः नियमित मॉनिटरिंग और कार्य की प्रगति की सतत समीक्षा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की गयी।
- 0- आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद. संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे आम नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम माहुद बी के श्री नेतराम एवं धनगांव के श्रीमती बोहिया बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ दिलाने, कोचवाही के ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षक नियुक्त करने, ग्राम बड़गांव के श्री पन्नालाल ने स्प्रिंकलर दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह धोतिमटोला के श्री रूपसिंह ने आर्थिक सहायता राशि दिलाने, ग्राम बघमरा के श्री अनिल कुमार ने जाति प्रमाण पत्र बनाने एवं ग्राम पद्देटोला के श्रीमती सियाबती ने राजस्व पट्टा दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या मंे लोग कलेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर पूरी आत्मीयता से उनके मांगों एवं समस्याओं को सुना। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जनदर्शन में पहुँचे लोगों के मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- 0- समयसीमा में प्रकरणों क़ो करें निराकृत- अपर आयुक्त के नगर निवेश अभियंताओं क़ो सख्त निर्देशरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा ने नगर निगम मुख्यालय डेटा सेंटर में नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता श्री नीतीश झा सहित सभी जोनों के नगर निवेश विभाग के सहायक अभियंताओं एवं उपअभियंताओं की उपस्थिति में नगर निगम नगर निवेश विभाग के कामकाज पर गहन समीक्षा करते हुये अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए.अपर आयुक्त श्री पंकज के. शर्मा ने सभी जोनों के नगर निवेश विभाग के सहायक अभियंताओं एवं उपअभियंताओं को राजधानी शहर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में अतिक्रमणों, अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैँ. अपर आयुक्त ने समयसीमा के भीतर प्रकरणों को निराकृत किये जाने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश जोनों के नगर निवेश विभाग अभियंताओं को दिए हैँ.
- 0- नगर निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग ने सूखा सूखा एवं गीला कचरा पृथक-पृथक नहीं रखने, गन्दगी फैलाने पर कार्रवाईरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सूखा एवं गीला कचरा पृथक - पृथक नहीं रखने, गन्दगी फैलाने और बायो मेडिकल वेस्ट बाहर फेंकने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लवनिया की उपस्थिति में नगर निगम जोन 2 क्षेत्र के अंतर्गत बाजार क्षेत्र में सूखा एवं गीला कचरा पृथक - पृथक नहीं रखने, गन्दगी फैलाने और बायो मेडिकल वेस्ट बाहर फेंकने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतें औचक निरीक्षण में स्थल पर पूरी तरह सही मिलने पर सम्बंधित 8 दुकानों एवं होटलों के संचालकों पर कुल 27800 रूपये का ई जुर्माना सम्बंधितों को भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए वसूला गया और सूखा एवं गीला कचरा पृथक - पृथक नहीं रखने, गन्दगी फैलाने, बायो मेडिकल वेस्ट बाहर फेंकने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- 0- राज्य शासन ने जारी की अधिसूचनाबिलासपुर. राज्य शासन ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक लगा दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरपालिक (लोकसभा सदस्य या राज्य विधानसभा के सदस्य या राज्य सभा के सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएँ) नियम, 2022 में संशोधन कर अधिसूचना प्रकाशित की है।छत्तीसगढ़ राजपत्र में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ नगरपालिक नियम, 2022 में नवीन संशोधन के अनुसार किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नाम-निर्दिष्ट अथवा नियुक्त नहीं किया जाएगा। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह प्रतिबंध सभी नगरीय निकायों में लागू हो गया है।



























