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- -20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से आर्चरी सेंटर होगी स्थापित-क्षेत्र के युवाओं को तीरंदाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिलेगा लाभजशपुर नगर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया जशपुर में बगीचा विकास खंड के तहसील सन्ना पंडरा पाठ में तीरंदाजी अकादमी बनाने के लिए एनटीपीसी के साथ एग्रीमेंट किया। सीएसआर फंड से 20 करोड़ 53 लाख की लागत से तीरंदाजी अकादमी बनाया जाएगा।इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन श्री बिलाश मोहंती उप महाप्रबंधक श्री निशांत बंसल, वरिष्ठ प्रबंधक विधी गैरिक गुरु डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज एनटीपीसी द्वारा आर्चरी सेंटर स्थापित किये जाने के लिए 20 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि सीएसआर के माध्यम से दी जा रही है मुझे इस बात की खुशी है।उन्होंने कहा की जशपुर क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए सेंटर आरंभ होने से युवाओं को काफी सुविधा होगी। वर्ष 2036 में भारत ने ओलंपिक खेलों के लिए दावेदारी प्रस्तुत की है। हमारी कोशिश होगी कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी अधिकतम संख्या में राष्ट्रीय टीम में हिस्सा लेकर पदक जीतें। यह तब संभव होगा जब हम आर्चरी सेंटर की तरह ही नये प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे, यहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चिन्हांकित कर उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने यह भी घोषणा की है कि जो खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करेंगे, उन्हें तीन करोड़ रुपए दिये जाएंगे। ऐसे ही रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 2 करोड़ रुपए एवं कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने लंबित राज्य खेल अलंकरण समारोह पुनः आयोजित कराए और इसके माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित करने की बात कही । उन्होंने कहा कि हमने खेलो इंडिया के नये सेंटर प्रदेश में आरंभ किये हैं। हमारी कोशिश है कि जनजातीय क्षेत्रों में खेलों की अधोसंरचना का विशेष रूप से विकास हो।हमारा देश हमेशा से तीरंदाजी में अग्रणी स्थिति में रहा है। महाभारत और रामायण जैसे हमारे पवित्र ग्रंथों के नायक भी इस विधा में कुशल रहे हैं इसी परंपरा में आगे बढ़ते हुए प्रशिक्षित खिलाड़ी तैयार करें।उल्लेखनीय है कि सन्ना पंडरापाठ में 10.27 एकड़ भूमि में अकादमी बनाया जाएगा जहां आउटडोर तीरंदाजी रेंज, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर खिलाड़ियों की सुविधा के लिए भवन, जैविक खेती के लिए छायादार नर्सरी, पुस्तकालय, चिकित्सा केंद्र,कौशल विकास केन्द्र, हर्बल वृक्षारोपण, मैदान आदि शामिल हैं। आर्चरी एक खेल और कला है जिसमें धनुष और बाण का उपयोग करके लक्ष्य पर निशाना लगाया जाता है। यह एक प्राचीन गतिविधि है। धनुष यह एक लचीली वस्तु होती है जिससे बाण को छोड़ा जाता है। बाण नुकीला तीर जिसे लक्ष्य पर छोड़ा जाता है।लक्ष्य जिस पर निशाना लगाया जाता है, आमतौर पर एक गोल आकृति होती है जिसमें अलग-अलग रंग और स्कोर क्षेत्र होते हैं। निशाना लगाने की तकनीक इसमें एकाग्रता, संतुलन और शरीर की स्थिरता बहुत ज़रूरी होती है। भारत में आरचेरी का गहरा इतिहास है। महाभारत और रामायण में भी धनुर्विद्या का उल्लेख है। आधुनिक खेलों में भारत के खिलाड़ी जैसे दीपिका कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
- -5350 मीटर की ऊंचाई पर ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग का अद्भुत अनुभव-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानितजशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के साहसी युवाओं ने अपने हौसले, अनुशासन और अटूट इच्छाशक्ति के बल पर हिमालय की ऊंचाइयों को छू लिया। हिमाचल प्रदेश में आयोजित ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में जिले के पर्वतारोहियों ने दुहांगन वैली की कठिन चोटियों को पार करते हुए 5350 मीटर की ऊंचाई तक सफल चढ़ाई की। इस अद्भुत उपलब्धि ने न केवल जशपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।इस अभियान के दौरान दल के सदस्यों ने ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग जैसी चुनौतीपूर्ण गतिविधियों में अपनी दक्षता और साहस का शानदार प्रदर्शन किया। यह दल जिला प्रशासन जशपुर के सहयोग से सितम्बर माह में पर्वतारोहण के लिए रवाना हुआ था। टीम का नेतृत्व स्वप्निल राचिलवाल ने किया, जबकि दल के अन्य सदस्य रवि कुमार सिंह, रूसनाथ भगत, तेजल भगत, सचिन कुजूर और प्रतीक नायक रहे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को सीएम कैंप कार्यालय बगिया में इन पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके साहस व संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि जशपुर के युवाओं ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और आत्मविश्वास से हर ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस उपलब्धि से जिले के आदिवासी युवा एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति जागरूक होंगे और भविष्य में साहसिक खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।पर्वतारोही दल के सदस्यों ने हिमालय अभियान से लौटने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शासन के सहयोग से जशपुर जैसे वनांचल क्षेत्र के युवाओं को हिमालय जैसी ऊंचाईयों तक पहुंचने और वहां ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, आइस क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों में भागीदारी करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह अनुभव जीवनभर प्रेरणा देता रहेगा और जिले के अन्य युवाओं को भी एडवेंचर स्पोर्ट्स की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाएगा।दल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन के सहयोग तथा प्रोत्साहन से ही वे इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्राप्त कर सके।जनजातीय हिमालय पर्वतारोहण अभियान 2025 की शुरुआत एक स्थानीय प्रशिक्षण पहल के रूप में हुई थी, जो सामूहिक सहयोग, विश्वास और जशपुर प्रशासन के समर्थन से एक सशक्त अभियान के रूप में विकसित हुई। इस पहल ने युवाओं में आत्मविश्वास, साहस और रोमांच की भावना को नई उड़ान दी है।यह पर्वतारोहण अभियान सिर्फ कुछ युवाओं की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे जशपुर जिले की सामूहिक उपलब्धि है—एक ऐसा गौरवपूर्ण अध्याय जिसने यह साबित कर दिया कि छोटे से जिले के युवा भी हिमालय की ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
- रायपुर । राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में सोमवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का शुभारंभ हुआ। “सतर्कता : हमारी साझा जिम्मेदारी” विषय पर आयोजित यह सप्ताह 27 से 31 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में पारदर्शिता, ईमानदारी तथा भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर एन. वी. रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर रहे। इस अवसर पर रजिस्ट्रार, सभी डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह कार्यक्रम डॉ. प्रभात दीवान, मुख्य सतर्कता अधिकारी, एनआईटी रायपुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के गायन से हुई। तत्पश्चात डॉ. प्रभात दीवान ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि सप्ताह के दौरान विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी जिनमें विशेषज्ञ व्याख्यान, निबंध लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं नुक्कड़ नाटक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह सप्ताह हमें भ्रष्टाचार से दूर रहने और एक नैतिक तथा प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।अपने उद्बोधन में प्रोफेसर रमना राव ने सभी सदस्यों से भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने और पारदर्शिता, नैतिक आचरण तथा सुशासन को संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार से लड़ना केवल कुछ लोगों की नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। हमें न केवल भ्रष्टाचार का विरोध करना चाहिए, बल्कि उसके प्रति मौन रहना भी उचित नहीं है।”कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने निदेशक के नेतृत्व में सत्यनिष्ठा की शपथ ली और भ्रष्टाचारमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। समारोह का समापन राष्ट्रगान “जन गण मन” के गायन के साथ हुआ।सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में जागरूकता का प्रसार किया जाएगा। सप्ताह के अंतिम दिन समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
- भिलाई । सार्वजनिक क्षेत्र के महारत्न उपक्रम, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025’ का औपचारिक शुभारंभ सोमवार को संयंत्र के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) केन्द्र में हुआ। केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा 27 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2025 तक आयोजित हो रहे इस वर्ष के सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम “सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी” निर्धारित की गई है। इस अवसर पर सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। श्री महापात्र ने भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संयंत्र के कार्यपालक निदेशकगण, मुख्य महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं अतिरिक्त मुख्य सतर्कता अधिकारी (एसीवीओ) श्री सुनील सिंघल ने अतिथियों का स्वागत किया तथा उपस्थित जनों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने संयंत्र में 18 अगस्त से 17 नवम्बर 2025 तक चल रहे तीन माह के सतर्कता जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में छात्रा कुमारी नलिनी डड़सेना (कक्षा 10वीं, एसएसएस-10) तथा छात्र श्री सी. एच. पवन कल्याण (कक्षा 12वीं, भिलाई विद्यालय, सेक्टर-2) ने इस वर्ष की थीम “सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी” पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित जनों ने सराहा।मुख्य अतिथि श्री महापात्र ने विद्यार्थियों के विचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में नैतिक उत्कृष्टता और सत्यनिष्ठा का पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह वर्षभर सतर्कता, सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति निरंतर संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने संयंत्र के सतर्कता विभाग द्वारा प्रिवेंटिव विजिलेंस (निवारक सतर्कता) की संस्कृति को सुदृढ़ करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर भारत के माननीय राष्ट्रपति, माननीय उपराष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री तथा केन्द्रीय सतर्कता आयोग के संदेश क्रमशः महाप्रबंधक (सतर्कता) सुश्री रेणु गुप्ता, महाप्रबंधक (सतर्कता) सुश्री दीप्ति राज, उप महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री नौशाद तथा वरिष्ठ प्रबंधक (सतर्कता) श्री अनुराग मित्तल द्वारा वाचन किए गए। कार्यक्रम का संचालन उप महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री अंशुमान सिंह ने किया तथा अंत में महाप्रबंधक (सतर्कता) सुश्री रेणु गुप्ता ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए. के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री पी. के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (लौह) श्री तापस दासगुप्ता तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। एम्स रायपुर में 25 अक्टूबर 2025 को “भारत में अंगदान और ज़ीनोट्रांसप्लांटेशन (Xenotransplantation) बढ़ाने के उपाय” विषय पर एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह व्याख्यान डॉ. दिपांकर भौमिक, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी विभाग, एम्स नई दिल्ली द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने भारत में अंगदान दर बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया और ज़ीनोट्रांसप्लांटेशन के उभरते क्षेत्र पर प्रकाश डाला।डॉ. भौमिक ने बताया कि भारत में हर वर्ष लगभग पाँच लाख लोगों को अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, किंतु मृतक अंगदाता दर विश्व में सबसे कम है—लगभग 0.5 प्रति मिलियन जनसंख्या, जबकि स्पेन में यह 48 प्रति मिलियन और अमेरिका में उससे भी अधिक है। भारत अंग प्रत्यारोपण में तीसरे स्थान पर है, परंतु अधिकांश दाता जीवित व्यक्ति हैं। उन्होंने जनजागरूकता, मीडिया के माध्यम से प्रचार, और स्कूल-कॉलेजों में शिक्षा के ज़रिए मृतक अंगदान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।उन्होंने अस्पताल के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, ब्रेन डेथ की घोषणा पर प्रशिक्षण, और शोक परामर्श (Grief Counselling) की व्यवस्था की जरूरत पर बल दिया। साथ ही उन्होंने अंगदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने और धार्मिक एवं सामुदायिक नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी अपील की।ज़ीनोट्रांसप्लांटेशन के बारे में चर्चा करते हुए, डॉ. भौमिक ने बताया कि CRISPR-Cas जीन संपादन तकनीक जैसी वैज्ञानिक प्रगतियों ने इस क्षेत्र में नई रुचि जगाई है। 2024 में मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल में किए गए पहले सफल सूअर-से-मनुष्य गुर्दा प्रत्यारोपण ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इस तकनीक को अपनाने से पहले नैतिकता, जैव-सुरक्षा और नियामक ढांचे से संबंधित चुनौतियों को संबोधित करना होगा।लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स रायपुर ने बताया कि संस्थान ने अब तक 68 गुर्दा प्रत्यारोपण और 91 नेत्र कॉर्नियल प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए हैं। हाल ही में एक विशेष किडनी ट्रांसप्लांट वार्ड का उद्घाटन किया गया है, और अब हृदय तथा अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण इकाइयों के उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने नेफ्रोलॉजी विभाग को इस महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक व्याख्यान के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
- रायपुर। सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर संगीता, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह के निर्देश एवं प्रभारी उपायुक्त आबकारी रायपुर श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में 25 अक्टूबर 2025, को अवैध रूप से मदिरा परिवहन की सूचना पर रिंग रोड नंबर 01 रायपुरा में एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी लेने पर वाहन में रखे बैग से 70 नग पाव विदेशी मदिरा जम्मू स्पेशल व्हिस्की बरामद किया गया।उक्त मदिरा को जप्त कर आरोपी वाहन चालक तौफिक शेख के विरुद्ध छ.ग.आब.अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत प्रकरण कायम कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया एवं मदिरा परिवहन में प्रयुक्त दुपहिया वाहन को जप्त किया गया। उक्त कार्यवाही जेबा खान सहायक जिला आबकारी अधिकारी द्वारा की गई ।कार्यवाही में श्री रविशंकर पैकरा सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं श्री रविन्द्र देवांगन आबकारी आरक्षक, का योगदान रहा।
- 0- विशेष लेख- महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर (श्रीपुर)रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर (श्रीपुर) केवल एक पुरातात्त्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रतीक है। यह नगर महान सम्राट महाशिवगुप्त बालार्जुन की राजधानी रहा है और अपनी स्थापत्य कला, बौद्ध धरोहरों तथा प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता हैसिरपुर का उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों और अभिलेखों में मिलता है। यहाँ भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध और जैन धर्म के उपासना स्थलों के अवशेष मिले हैं। 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी सिरपुर का उल्लेख अपनी यात्राओं में किया है, जिससे इसकी अंर्तराष्ट्रीय ख्याति सिद्ध होती है। यह नगर धार्मिक सहिष्णुता और कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 3 जैन विहार और एक विशाल बौद्ध विहार के अवशेष प्राप्त हुए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सिरपुर में लगातार संरक्षण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है जिससे इसकी ऐतिहासिक गरिमा बनी रहे। डिजिटल टूर, क्यूआर कोड आधारित जानकारी और थ्रीडी गाइडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग हो रहा है।संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता हैसिरपुर बौद्ध, जैन और हिन्दू स्थापत्य कला का त्रिवेणी संगम है। यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर भारत का पहला ईंटों से निर्मित मंदिर है जो वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। आनंदप्रभु कुटीर विहार बौद्ध भिक्षुओं का प्रमुख केंद्र है, जहाँ चीन से आए भिक्षु रह चुके हैं। गंधेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है, जिसमें अनेक मूर्तियाँ और सांस्कृतिक प्रतीक हैं। 1872 में अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा सिरपुर के अवशेषों की खोज की गई थी। इसके बाद यहाँ अनेक उत्खनन कार्य हुए, जिनमें बुद्ध, विष्णु, शिव और जैन परंपराओं के असंख्य साक्ष्य मिले। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के विद्वान भी सिरपुर को एशिया की बौद्ध धरोहरों में महत्वपूर्ण स्थान मानते हैं। हर वर्ष आयोजित होने वाला सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। इसमें देश-विदेश के कलाकार शास्त्रीय नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ देते हैं। यहाँ ईको-ट्रेल, हस्तशिल्प बिक्री केंद्र और स्थानीय भोजनालयों की योजनाएँ चलाई जा रही हैं, ताकि स्थानीय समुदाय को रोजगार मिले और पर्यटन को बढ़ावा मिले। विद्यार्थियों के लिए सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया गया है।साय सरकार ने सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विजन 2047 के तहत आधुनिक बुनियादी ढांचा, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अंर्तराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। सिरपुर की पुरातात्त्विक संरचनाओं को संरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं। सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। यहाँ के मंदिर, विहार, मूर्तियाँ और जीवंत परंपराएँ हमें यह सिखाती हैं कि भारत की संस्कृति, सहिष्णुता, कला और ज्ञान का संगम है। सिरपुर सचमुच वह स्थान है जहाँ इतिहास बोलता है, संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता है।
- बलौदाबाजार / राज्य स्थापना दिवस क़े अवसर पर सम्पूर्ण प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना क़े हितग्राहियों का सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।राज्योत्सव स्थल, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सांकेतिक रूप से 3.51 लाख हितग्राहियो का गृह प्रवेश कराया जाएगा जिसमें 20115 हितग्राही बलौदाबाजार भाटापारा जिले क़े शामिल है।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत मार्च 2025 से अब तक राज्य में 3.51 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिसमे से जिला बलौदाबाजार में 20115 आवासो का निर्माण पूर्ण कराया गया है। 1 नवंबर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण राज्य में सामूहिक गृहप्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सभी नवनिर्मित घरों में रंगोली, साज सज्जा, दीप प्रज्ज्वलित कर पारंपरिक रीति रिवाजों से गृह प्रवेश कराया जाएगा। इस अवसर पर हितग्राहियों को यथासंभव आभार पत्र खुशियों की चाबी या स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल ने बताया कि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला में सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए रोजगार सहायक, आवासमित्र एवं समूह की दीदियों को जिम्मेदारी दी गई है।
- बलौदाबाजार, / व्यापारियों से पैसा वसूलने क़े मामले में त्वरित एवं बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रमायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर दीपक सोनी द्वारा गठित जांच समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि श्रम पदाधिकारी बलौदाबाजार में पदस्थ श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान कथित रूप से अवैध वसूली और अनियमितताएं की गई हैं। श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा रिपोर्ट क़े आधार पर श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि के दौरान श्री कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर निर्धारित किया गया है।
- - प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की छठी मईया से कामनारायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सोमवार को छठ पर्व के अवसर पर सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित शिव मंदिर और हनुमान मंदिर के पास बने छठ घाट पर पहुँचकर श्रद्धा और भक्ति के साथ सूर्य देव को संध्या अर्घ्य अर्पित किया। उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने घाट पर उपस्थित व्रतियों से आत्मीय भेंट की और उन्हें नारियल एवं फल भेंट कर छठी मईया से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने छठ पूजा को भारतीय संस्कृति का अद्भुत पर्व बताते हुए कहा कि यह पर्व आस्था, पर्यावरण और परिवार के सामूहिक बंधन का प्रतीक है।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती विविधता में एकता और लोक परंपराओं की समृद्धि के लिए जानी जाती है। यहाँ हर पर्व सामाजिक एकता और महिला शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। छठ पूजा में महिलाओं की आस्था और तप का जो स्वरूप देखने को मिलता है, वह समाज को अनुशासन, निष्ठा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, महिला समूहों की सदस्याएँ तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। वातावरण ‘छठी मईया के जयकारों’ से गूंज उठा।
- -राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी करेंगे संग्रहालय का लोकार्पणरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सोमवार को अटल नगर नवा रायपुर में आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय का जायजा लिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर देश के इस पहले डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। राज्यपाल श्री डेका ने लोकार्पण के तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया।राज्यपाल श्री डेका ने परिसर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय का भी अवलोकन किया जहां प्रदेश के विभिन्न जनजातियों की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन, आभूषण, उनकी आजीविका के साधन सहित उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया है। राज्यपाल ने संग्रहालय की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातियों की परंपरा, संस्कृति, असम राज्य के जनजातियों से मिलती जुलती है।राज्यपाल ने डिजिटल संग्रहालय के अवलोकन के दौरान एआई तकनीक से कियोस्क पर क्लिक कर अपनी जनजातीय फोटो भी निकलवाई साथ ही एआई तकनीक से प्रधानमंत्री के साथ फोटो भी खिंचवाए।अवलोकन के दौरान के अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दोनों संग्रहालयों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मारक सह-संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर गहराई से अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स तकनीक और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया जा रहा है। दर्शक संग्रहालय में आकर जनजातीय विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेंगे। राज्यपाल श्री डेका ने परिसर में एक पेड़ मां के नाम पर महुवा के पौधे लगाए। राज्यपाल को छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी जननायकों पर आधारित आदि विद्रोह पुस्तक की प्रति एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित पेंटिंग भेंट की गई।इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, जनजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेेष नेताम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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दंतेवाड़ा. जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक आरक्षक ने सोमवार को कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गीदम थाना क्षेत्र के जवांगा इलाके में सीआरपीएफ की 231 वीं बटालियन के मुख्यालय में आरक्षक जसवीर सिंह (46) ने अपनी जान दे दी। उन्होंने बताया कि सिंह का शव बटालियन मुख्यालय में धोबी की दुकान में फंदे से लटका मिला। सिंह उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का निवासी था। अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने यह कदम क्यों उठाया, इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के साथ ही पिछले लगभग तीन महीनों में राज्य में आठ सुरक्षाकर्मी आत्महत्या कर चुके हैं जिनमें से चार सीआरपीएफ के थे। इससे पहले आठ सितंबर को राज्य के सुकमा जिले में सीआरपीएफ के एक प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी बंदूक से कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जुलाई में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार ने बताया था कि राज्य में (2019 से 15 जून, 2025 के बीच) साढ़े छह वर्षों में 177 सुरक्षाकर्मियों ने पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं, शराब की लत तथा बीमारियों सहित विभिन्न कारणों से आत्महत्या की। इनमें से 26 जवान सीआरपीएफ के थे, जो नक्सल विरोधी अभियानों के लिए दक्षिण छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में तैनात हैं।
- रायपुर। संतोषी नगर रायपुर निवासी, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के पूर्व अध्यक्ष, शिक्षाविद श्री रमाकांत शुक्ला का सोमवार को निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे। वे राजकुमार, देवेश शुक्ला के पिता तथा अंकित, वेदांत, प्रज्वल, प्रद्युम देवांश के दादा थे। उनकी अंतिम यात्रा 28 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे उनके निवास स्थान से मारवाड़ी मुक्तिधाम के लिए निकलेगी।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 1 नवम्बर को करेंगे रजत राज्योत्सव का शुभारंभ-राज्योत्सव स्थल में मुख्य मंच तथा 7 डोम निर्माणाधीनरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रवास एवं राज्योत्सव-2025 की तैयारियां कार्यक्रम स्थल में जोरो से की जा रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सोमवार को शाम मौके पर पहुंचे और रात तक तैयारियों का जायजा लेते रहे। उन्होंने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, राज्योत्सव स्थल में निर्माणधीन मुख्य मंच एवं अन्य डोम का अधिकारियों के साथ पहुंचकर निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर तैयारियाँ पूर्ण करने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि राज्योत्सव स्थल में 24 एकड़ में भव्य राज्योत्सव मेला का निर्माण किया जा रहा है। यहां मुख्य मंच के साथ तीन बड़े एवं चार छोटे डोम बनाए जा रहे हैं, जिनमें 80 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। सभी डोम में सुरक्षा के मद्देनज़र बैरिकेडिंग की गई है और आगंतुकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 80 सेक्टर तैयार किए जा रहे हैं।मुख्य परिपथ मार्ग का निर्माण कार्य भी जारी है, जहां से प्रधानमंत्री श्री मोदी गुजरेंगे एवं जनता का अभिवादन स्वीकार करेंगे।एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण कर पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन (आईएएस), जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित पुलिस एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर -रायपुर नगर पालिक निगम के विद्युत विभाग को प्राप्त स्ट्रीट लाईट विज्ञान केन्द्र सड्डू मुख्य मार्ग में नहीं जलने की प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, विद्युत विभाग अध्यक्ष श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर पालिक निगम मुख्यालय विद्युत विभाग की टीम ने नगर निगम अधीक्षण अभियंता श्री संजय बागड़े और कार्यपालन अभियंता श्री सन्दीप शर्मा के मार्गनिर्देशन में नगर निगम जोन, 9 क्षेत्र अंतर्गत कुशभाऊ ठाकरे वार्ड क्षेत्र अंतर्गत बलौदा बाजार मार्ग से विज्ञानं केन्द्र सड्डू जाने वाले मुख्य मार्ग के रोड डिवाइडर की स्ट्रीट लाईट व्यवस्था को तत्काल आवश्यक सुधार करते हुए चालू करवाया और समुचित प्रकाश व्यवस्था कायम करते हुए नगर पालिक निगम विद्युत विभाग में सड्डू में विज्ञानं केन्द्र सड्डू मुख्य मार्ग में अंधकार से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का मुख्य मार्ग में प्रकाश व्यवस्था कायम करवाते हुए त्वरित निदान किया.
- -छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और महापौर मीनल चौबे का गजमाला पहनाकर किया गया आत्मीय स्वागत-राष्ट्रीय स्वच्छ रैंकिंग में रायपुर को देश का स्वच्छ शहर नम्बर 1 बनाने स्वच्छता अभियान में सहभागी बनने की विनम्र अपीलरायपुर - राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे राजधानी शहर के महादेवघाट में महान सांस्कृतिक पर्व छठ महापर्व पूजा के पावन अवसर पर पहुंचीं और व्रती महिलाओं सहित सभी भक्तजनों को छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनायें देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने और रायपुर को स्वच्छ, सुन्दर, सुव्यवस्थित राजधानी शहर के रूप में विकसित कर समृद्ध और खुशहाल बनाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा शक्ति प्रदान करने हेतु आदिशक्ति देवी छठी मईया और सकारात्मक ऊर्जा स्त्रोत के प्रदाता देव सूर्यनारायण से उनके दिव्य श्रीचरणों में विनम्र प्रार्थना की.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी नागरिकों से छठ महापर्व पूजा के पावन अवसर पर रायपुर शहर को राष्ट्रीय स्वच्छ रैंकिंग में देश का नम्बर 1 स्वच्छ शहर बनाने स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागी बनने की विनम्र अपील की है.इसके पूर्व छठ महापर्व पूजा आयोजन समिति महादेवघाट रायपुर के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार सिंह और सभी पदाधिकारियों ने महादेवघाट में छठ महापूजा पर्व में पहुंचने पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे का गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया.
- -छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन केवल खूबसूरत इमारत नहीं, हमारी संस्कृति और परंपरा का वाहक भी है - अरुण सावबिलासपुर. । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने सोमवार को नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण की तैयारियों का निरीक्षण किया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप भी इस दौरान उनके साथ थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 1 नवम्बर को राज्योत्सव के मौके पर विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण करेंगे। वे विधायकों और आमंत्रित अतिथियों को संबोधित भी करेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवीन विधानसभा परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की मूर्ति के अनावरण स्थल, विधानसभा के सदन और मंचीय कार्यक्रम के स्थल का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नवा रायपुर के सेक्टर-19 में मंत्रालय (महानदी भवन) और विभागाध्यक्ष कार्यालय (इंद्रावती भवन) के पीछे 51 एकड़ परिसर में विधानसभा का नया भवन बनाया गया है।श्री साव ने लोकार्पण की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए कहा कि 1 नवम्बर का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विधानसभा के नए भवन को छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित करेंगे। नया राज्य बनने के बाद वर्ष 2000 में रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में खुद का भव्य और आधुनिक भवन मिलने जा रहा है। हमारा यह नया विधानसभा भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपरा का वाहक भी है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरत के हिसाब से बनाया गया है। आधुनिक, सर्वसुविधायुक्त, सुसज्जित इसके सदन को 200 सदस्यों के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। भविष्य में पेपरलेस विधानसभा संचालित हो सके, इसके लिए जरुरी व्यवस्थाओं और तकनीकों का समावेश किया गया है।
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ दिनांक 29 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे नगर निगम रायपुर की सामान्य सभा की आहुत की गयी बैठक के सम्बन्ध में आवश्यक चर्चा करने दिनांक 28 अक्टूबर 2025 मंगलवार को नगर निगम सभापति कक्ष में दोपहर 12 बजे नगर निगम कांग्रेस पार्षद दल के पार्षदों, दोपहर 12:30 बजे नगर निगम के निर्दलीय पार्षदों, संध्या 4 बजे नगर निगम भाजपा पार्षद दल के पार्षदों की बैठक लेंगे.
- बलरामपुर। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवम्बर 2025 से शुरू होनी है। किसानों को समितियों में धान बेचने के लिए किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसके लिए प्रशासन के द्वारा जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।खरीदी शुरू होने पर धान की बिचौलिए सक्रिय हो जाते है और अपना अवैध धान किसी भी तरह से खरीदी केन्द्रों में खपाने की कोशिश करते है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के द्वारा धान के अवैध परिवहन एवं भण्डारण रोकने के लिए भी पूर्ण व्यवस्था की गई है। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में राजस्व एवं खाद्य व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा सतर्कता के साथ अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन पर पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही लगातार अवैध धान पकड़कर मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही भी की जा रही है। इसी कड़ी में राजस्व विभाग की टीम ने विकासखण्ड रामचंद्रपुर के ग्राम दोलंगी में अवैध धान जब्त कर कार्यवाही की है। रामानुजगंज अनुविभागीय अधिकारी आनन्द नेताम ने बताया कि दोलंगी निवासी नूरानी अंसारी ने बाहर से लाकर अपने घर में 350 बोरी अवैध धान छुपा के रखा गया था जिस पर राजस्व विभाग के द्वारा कार्यवाही करते अवैध धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। इस दौरान तहसीलदार आई. सी. यादव, राजस्व निरीक्षक, मंडी उपनिरीक्षक, पटवारी मौजूद रहे।
- - दावा-आपत्ति 28 अक्टूबर को ली जाएगीरायपुर, / लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा स्पेशल एजुकेटर के 100 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। संचालनालय के सूचना पत्र दिनांक 18 अक्टूबर 2025 द्वारा स्पेशल एजुकेटर पद के लिए प्राप्त आवेदनों में से मान्य एवं अमान्य आवेदनों की सूची जारी की गई थी। उक्त सूची के संबंध में 22 एवं 23 अक्टूबर 2025 को अभ्यर्थियों से दावा-आपत्तियाँ आमंत्रित की गई थीं।लोक शिक्षण संचनालय के अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त दावा-आपत्तियों का परीक्षण एवं निराकरण संचालनालय की दावा-आपत्ति समिति द्वारा कर लिया गया है। इसके उपरांत स्पेशल एजुकेटर (प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक) के लिए पात्र अभ्यर्थियों की अंतरिम सूची तैयार की गई है, जिसे संचालनालय की वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in पर प्रकाशित किया जा रहा है।पात्र अभ्यर्थियों से उक्त अंतरिम सूची के संबंध में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए दिनांक 28.10.2025 को दोपहर 12ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को स्वयं उपस्थित होकर लोक शिक्षण संचालनालय, प्रथम तल, खण्ड-C, इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर में अपने दावा-आपत्ति आवेदन प्रस्तुत करने होंगे। अपने दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि पूर्व में अमान्य किए गए अभ्यर्थियों से दावा-आपत्ति पहले ही स्वीकार की जा चुकी है, अतः वर्तमान अंतरिम सूची पर केवल पात्र अभ्यर्थियों से ही दावा-आपत्तियाँ स्वीकार की जाएँगी। साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि सूची में अभ्यर्थी को पात्र दर्शाया जाना उसके चयन की गारंटी नहीं माना जाएगा।अभ्यर्थी पात्रता सूची देखने एवं दावा-आपत्ति से संबंधित सभी जानकारी संचालनालय की आधिकारिक वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in पर प्राप्त कर सकते हैं।
- -रिसाली भिलाई के दंपति हुए ऑनलाइन ठगी का शिकारभिलाई । नेवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुजुर्ग दंपति से करीब 6 लाख रुपए ऑनलाइन ठगी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। रिपोर्ट पर से नेवई पुलिस के द्वारा मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। नेवई पुलिस ने बताया कि प्रार्थी मोनोसीजा चटर्जी उम्र 61 निवासी प्लाट नं 85 फेस 6 मैत्री नगर रिसाली में रहते हैं 22 अक्टूबर को मोबाईल फोन से स्ट्रीट लाईट बंद होने की शिकायत करने के लिए इंटरनेट पर सर्च किया था तो मोनोसीजा चटर्जी ने नंबर प्राप्त किया और उसे पर काल किया गया। मोनोसीजा चटर्जी को 5 रू जमा करने के लिये उनके द्वारा कहा गया। मोनोसीजा द्वारा पेमेंट करने पर पेमेंट नहीं हुआ और उसके द्वारा कोड न. 94252 पेटीएम यू.पी.आई के मध्यम से डलवाया गया। बैंक एकाउट से एमाउंट कट का मैसेज आ गया। इस नंबर पर मोनोसीजा ने संपर्क एकाउंट से रुपए कट जाने की जानकारी दी गई तो रिसीवर द्वारा रिफड हो जाएगा ऐसा कहा गया। दूसरा दिन जानकारी देकर 94252 का रिफंड दिया गया । 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक दोनों बुजुर्ग दंपति के अकाउंट से कई बार ट्रांजैक्शन कर कुल 591496 रुपए बिना जानकारी के निकल लिए। कल देर शाम प्रार्थी मोनोसीजा चटर्जी की शिकायत पर से नेवई पुलिस के द्वारा अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया धारा 318(4) BNS का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
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रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त कटोरा तालाब कैनाल लींकिंग रोड पाथ वे में कचरा पड़े होने से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के निर्देशानुसार वस्तुस्थिति की जानकारी लेने जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर ने कटोरा तालाब कैनाल लींकिंग रोड का निरीक्षण किया, तो जनशिकायत सही मिली, जोन 4 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने तत्काल जेसीबी मशीन बुलवाकर कटोरा तालाब कैनाल लींकिंग रोड पाथ वे में जेसीबी लगवाकर सफाई करवाई और कचरा उठवाकर स्वच्छता कायम करते हुए नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त जनशिकायत का स्थल पर त्वरित निदान किया.
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*डाक टिकटों के इतिहास की दिखेगी झलक
बिलासपुर /बिलासपुर डाक संभाग द्वारा 31 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2025 तक दो दिवसीय जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘‘बिलासापेक्स-2025’’ का आयोजन राघवेन्द्र राव सभा भवन, कंपनी गार्डन के पास सवेरे 10 बजे से किया जाएगा। प्रदर्शनी में डाक संभाग के सभी डाक टिकट संग्रहकर्ता भाग लेंगे। उक्त प्रदर्शनी के माध्यम से डाक टिकट के क्रमशः विकास एवं समग्र इतिहास की झलक, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ऐतिहासिक घटनाक्रम इत्यादि की जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही साथ शालेय छात्र-छात्राओं को प्रदर्शनी में महापुरूषों, खेल, ज्ञान-विज्ञान, प्रकृति, पर्यावरण, वन्य जीव-जन्तु, विभिन्न देश-विदेशों की कला संस्कृति आदि की रोचक जानकारी प्राप्त होगी। उक्त रोचक व ज्ञानवर्धक डाक टिकट प्रदर्शनी का अवलोकन विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत लाभदायक होगा।विभाग द्वारा प्रदर्शनी स्थल पर ही माई स्टेम्प योजना की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस येाजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी फोटो डाक टिकट के साथ छपवा सकता है। माई स्टेम्प योजना के डाक टिकट विभिन्न प्रकार के शीटों में उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति अपना स्वयं का फोटो एवं परिचय पत्र के साथ आवेदन पत्र भर कर निर्धारित शुल्क 300 रूपए अदा कर उक्त डाक टिकट की सुविधा प्राप्त कर सकते है। आवेदक को 5 रूपये मूल्यवर्ग के कुल 12 टिकटों का एक सेट प्रदान किया जाता है। डाकघर अधीक्षक ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी का अवलोकन कर रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त करें। - -बिलासपुर जिले की 152 पंचायतों में पहुंची सरकारी सेवाएं-कोटा ब्लॉक के सीमावर्ती केंदा सहित कई गांवों में दिखा बदलाव का प्रभावबिलासपुर /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंचायती राज दिवस 2025 के अवसर पर प्रारंभ की गई योजना ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ ने गांवों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सुविधा, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय जोड़ा है। यह पहल राज्य में डिजिटल शासन के विज़न को गांव-गांव तक ले जाने का एक सफल उदाहरण बन चुकी है। इस योजना के तहत जिले की 152 ग्राम पंचायतों में एक साथ ये केंद्र स्थापित किए गए, जिनका उद्देश्य था ’’सरकारी सेवाओं को गांव में ही सुलभ बनाना’’। आज भी ऐसे लोग है जो डिजिटल सुविधाओं से वंचित है। प्रदेश में अंतिम नागरिक तक सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की शुरूआत की गई। यह एक ऐसा केंद्र है जो गांव और छोटे कस्बों में लोगों को डिजिटल सुविधाएं देने का काम कर रहा है।गांव की चौपाल से डिजिटल खिड़की तकपहले जहां जाति प्रमाण पत्र, पेंशन, आय प्रमाण पत्र, बिजली बिल या बैंकिंग जैसे कार्यों के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी, वहीं अब ये सभी सेवाएं गांव के अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पर ही उपलब्ध हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि लोगों की रोज़ाना की कमाई और श्रम पर भी असर नहीं पड़ता।सुविधाएंइन केंद्रों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति, आय, निवास के लिए आवेदन, पैसे निकालना एवं जमा करना, पेंशन और योजनाओं की राशि भी आसानी से मिल जाती है। बैंकिंग, बिजली और पानी का बिल जमा करना, सरकारी योजनाओं सहित बहुत सारी सुविधाएं मिल रही है।केंदा बदलाव की एक झलककोटा ब्लॉक के दूरस्थ गांव केंदा में यह परिवर्तन प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है। ग्रामीणों ने इस केंद्र को सहजता से अपनाया है, और मात्र 5 महीनों में यहां 2 करोड़ रुपये से अधिक का डिजिटल ट्रांजेक्शन दर्ज हुआ है।रामचरण सारथी, केंदापहले एक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 20 किलोमीटर बेलगहना जाना पड़ता था। अब ये काम गांव में ही हो जाता है।पूर्णिमा मानिकपुरीसिलपहरी से आई दीदी श्रीमती पूर्णिमा मानिकपुरी ने बताया कि सरकार द्वारा शुरू की गयी यह सुविधा हम ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पहले हम अपने छोटे से काम के लिए भी 20 किमी दूर बेलगहना जाते थे। हमारे समय और पैसे भी बहुत खर्च होते थे। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि कभी ऐसी सुविधा भी मिलेगी कि इतनी आसानी से सारे जरूरी काम हो जाएंगे। पहले एक छोटे से काम के लिए पूरा दिन निकल जाता था। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार की इस पहल से हमें दिक्कतों से निजात मिल गई है।रूद्र प्रताप सिंह, बड़गंवाबड़गंवा से रूद्र प्रताप सिंह आधार कार्ड अपडेट करवाने आए थे। उन्होंने बताया कि आधार अपडेट, जन्म प्रमाण पत्र, बैंकिंग जैसे सारे काम आसानी से हो जाते है।दुर्गा कैवर्त, केंदाश्रीमती दुर्गा कैवर्त महतारी वंदन योजना की राशि निकालने आई थी। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, ई श्रम कार्ड, राशन कार्ड अपडेट जैसे सारे काम अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में हो जाते है। सरकार की इस पहल से हमारे समय और पैसे दोनों की बचत हुई है।चैती बाई, केंदालगभग 70 वर्षीय श्रीमती चैती बाई के चेहरे पर संतोष के भाव दिखे। उन्होंने बताया कि इस उम्र में भाग दौड़ करना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया। श्रीमती चैती बाई ने बताया कि यहां से 20 किलोमीटर दूर बेलगहना के जाने के लिए वे दूसरों पर निर्भर रहती थी। अक्सर पैसों की भी दिक्कत बनी रहती थी। ऐसे में यह सुविधा केंद्र किसी वरदान से कम नहीं है। इसी प्रकार श्रीमती सुशीला बाई, श्रीमती उर्वशी भानू, बुधवार सिंह सहित अन्य लोगों ने भी सुविधा केंद्र पहंुचकर यहां उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लिया। उन्होंने बताया कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र हम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब हमारे सारे जरूरी काम मिनटों में निपट जाते है। इस केंद्र की यह बड़ी खासियत है कि रविवार को छोड़कर अवकाश के दिनों में भी यह केंद्र खुला रहता है, जब बैंकों से अवकाश के दिनों में पैसा नहीं निकल पाता तब यह हमें फौरी राहत देता है।विरेंद्र कुमार कैवर्त, ऑपरेटरअटल डिजिटल सुविधा केंद्र के ऑपरेटर श्री विरेंद्र कुमार कैवर्त ने बताया कि यहां रोज 60 से 70 लोग अपना काम करवाने आते है। कोटा ब्लॉक के इस दूरस्थ गांव में जहां संसाधनों का अभाव है वहां ग्रामीणों की मदद करने से आत्मीय खुशी मिलती है।जिले में सेवा और सशक्तिकरण की तस्वीर152 पंचायतों में एमओयू पूर्ण। 60,730 से अधिक ट्रांजेक्शन। 17.72 करोड़ रूपए से अधिक की राशि।यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की ग्रामीण सशक्तिकरण और सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। तकनीक को गांवों तक पहुंचाकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास की धारा गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यह पहल गांवों को तकनीक से जोड़कर उन्हें सक्षम और आत्मनिर्भर बना रही है।
- -कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में शत प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने समिति स्तर पर शिविर का हो रहा आयोजनबालोद। बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कराने एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों का पंजीयन का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शिविर का आयोजन कर शेष सभी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन सुनिश्चित कराया जा रहा है। शिविर में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के ऐसे किसान जो एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत है किंतु एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए है, समिति स्तरीय शिविरो में ऐसे सभी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन किया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे कृषक जो एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत है किंतु उनका व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है शिविरों में ऐसे सभी कृषकों की जानकारी एग्रीस्टेक पोर्टल में अद्यतन भी किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में राजस्व, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत कृषकों का पंजीयन सुनिश्चित कराने हेतु मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है। जिससे कि जिले के सभी कृषकों को वास्तविक रकबे के आधार पर वास्तविक धान की खरीदी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही जिले का कोई भी पात्र कृषक धान खरीदी योजना का समुचित लाभ लेने से वंचित न रहे। इसके अंतर्गत आज 27 अक्टूबर को जिले के सहकारी समिति पाररास, तरौद और मालीघोरी सहित अन्य सहकारी समितियों में राजस्व एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए कृषकों का कराए जा रहे पंजीयन के कार्य का निरीक्षण कर मौके पर उपस्थित किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी गई। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु किसान संबंधित सहकारी समितियों के अलावा ग्राहक सेवा केन्द्रों में पहुँचकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत ऐसे किसान जिनका व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है वे सहकारी समितियों में आयोजित शिविरों में उपस्थित होकर अपना व्यक्तिगत जानकारी अद्यतन करा सकते हैं।


















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