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कलेक्टर के निर्देशानुसार बालोद जिले में शत प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है मुस्तैदी से कार्य
राजस्व अधिकारियों ने सहकारी समितियों में पहुँचकर कार्यों का किया अवलोकनबालोद/बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने तथा सभी कृषकों का पात्रतानुसार शत प्रतिशत धान की खरीदी सुनिश्चित कराने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों का पंजीयन का कार्य निरंतर जारी है। जिससे कि जिले के सभी कृषकों को वास्तविक रकबे के आधार पर वास्तविक धान की खरीदी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही जिले का कोई भी पात्र कृषक धान खरीदी योजना का समुचित लाभ लेने से वंचित न रहे। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में राजस्व, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत कृषकों का पंजीयन सुनिश्चित कराने हेतु मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में 15 अक्टूबर से आयोजित शिविरों में राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से पहुँचकर शेष सभी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन सुनिश्चित करा रहे हैं। इसके अंतर्गत आज 17 अक्टूबर को विशेष शिविर के तीसरे दिन जिले के एसडीएम तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, आरआई, पटवारियों के साथ-साथ सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण सहकारी समितियों में पहुँचकर एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए कृषकों का कराए जा रहे पंजीयन के कार्य का अवलोकन किया।इस दौरान अधिकारियों के द्वारा मौके पर उपस्थित किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के ऐसे किसान जो एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत है किंतु एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए है। सहकारी समितियों में आयोजित शिविरों में ऐसे सभी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे कृषक जो एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत है किंतु उनका व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है शिविरों में ऐसे सभी कृषकों की जानकारी एग्रीस्टेक पोर्टल में अद्यतन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु किसान संबंधित सहकारी समितियों के अलावा ग्राहक सेवा केन्द्रों में पहुँचकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत ऐसे किसान जिनका व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है वे सहकारी समितियों में आयोजित शिविरों में उपस्थित होकर अपना व्यक्तिगत जानकारी अद्यतन करा सकते हैं। इन दोनों कार्यों के लिए किसानों को अपना किसान किताब, आधार कार्ड एवं मोबाईल के साथ निर्धारित स्थानों में उपस्थित होना अनिवार्य है। इसके अंतर्गत आज तहसीलदार गुरूर श्री हनमुंत श्याम ने गुरूर तहसील के अंतर्गत ग्राम धनेली एवं बासीन सहकारी समितियों में पहुँचकर एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन कार्य का अवलोकन किया। इसी तरह अधीक्षक भू-अभिलेख श्री देवव्रत साहू ने डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम देवरी बंगला एवं भंडेरा सहकारी समितियों में पहुँचकर कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होेंने पंजीयन कार्य में लगे एवं मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित कोटवारों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए प्रत्येक किसानों के घरों में पहुँचकर पंजीयन सुनिश्चित कराने के संबंध में अनिवार्य रूप से जानकारी देने के निर्देश दिए। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन 05 अंतर्गत सेक्टर 07 छठ तालाब, कल्याण कालेज ग्राउण्ड, सड़क 09 उद्यान, जयंती स्टेडियम के पीछे तालाब का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।
निगम आयुक्त एवं जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे द्वारा सेक्टर 07 छठ तालाब का निरीक्षण किया गया। छठ त्यौहार हेतु तालाब की साफ-सफाई व्यवस्था को देखे और कार्य की प्रशंसा किए। सेक्टर 07 कल्याण कालेज ग्राउण्ड का निरीक्षण किया गया । ग्राउण्ड के भीतर इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव तैयार करने सहायक अभियंता प्रिया करसे को निर्देशित किए हैं। समीपस्थ सड़क 09 स्थित उद्यान की साफ-सफाई का अवलोकन किया गया, उद्यान के भीतर का फव्वारा बंद पड़ा है, जिसका संधारण कर चालू करने निर्देशित किया गया है। छठ को दृष्टिगत करते हुए जयंती स्टेडियम के पीछे बने तालाब की सफाई जल्द से जल्द कराने जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे को निर्देशित किए है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, स्वच्छता निरीक्षक, सुपरवाइजर उपस्थित रहे। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन 05 अंतर्गत सेक्टर 07 छठ तालाब, कल्याण कालेज ग्राउण्ड, सड़क 09 उद्यान, जयंती स्टेडियम के पीछे तालाब का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।
निगम आयुक्त एवं जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे द्वारा सेक्टर 07 छठ तालाब का निरीक्षण किया गया। छठ त्यौहार हेतु तालाब की साफ-सफाई व्यवस्था को देखे और कार्य की प्रशंसा किए। सेक्टर 07 कल्याण कालेज ग्राउण्ड का निरीक्षण किया गया । ग्राउण्ड के भीतर इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव तैयार करने सहायक अभियंता प्रिया करसे को निर्देशित किए हैं। समीपस्थ सड़क 09 स्थित उद्यान की साफ-सफाई का अवलोकन किया गया, उद्यान के भीतर का फव्वारा बंद पड़ा है, जिसका संधारण कर चालू करने निर्देशित किया गया है। छठ को दृष्टिगत करते हुए जयंती स्टेडियम के पीछे बने तालाब की सफाई जल्द से जल्द कराने जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे को निर्देशित किए है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, स्वच्छता निरीक्षक, सुपरवाइजर उपस्थित रहे। - -90 करोड़ रुपये के 26 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यासरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में आयोजित सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के 13वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 90 करोड़ रुपये की लागत से 26 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के प्रत्येक विकासखंड में 50-50 लाख रुपये की लागत से एक-एक सामुदायिक भवन के निर्माण तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में ओबीसी विद्यार्थियों की सीटों में वृद्धि करने की घोषणा की। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव तथा वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के विकास और हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि शासन की नीतियों और रीति-नीति से प्रभावित होकर जगदलपुर में आज 210 भटके हुए लोग मुख्यधारा में लौटे हैं तथा उन्होंने 153 हथियार भी जमा किए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी को पूर्ण करने के लिए प्रदेश सरकार पिछले 22 महीनों से समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वायदे के अनुरूप तेंदूपत्ता खरीदी की कीमत में वृद्धि की, 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदा, रामलला दर्शन योजना लागू की तथा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया। इसके अतिरिक्त भी अनेक जनहितकारी और महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए समाजजनों से शासन की योजनाओं से जुड़कर विकास में सहभागी बनने की अपील की।इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समाजजनों को बधाई देते हुए समाज में अपनी भूमिका को और सशक्त करने का आह्वान किया। वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज मेहनतकश और कर्मठ है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को बेहतर ढंग से शिक्षित करने और अपने अधिकारों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जिले में संचालित ‘मावा मोदोल कोचिंग संस्थान’ की सराहना करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने सर्व पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के दौरान कुल 90 करोड़ 06 लाख 88 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56 करोड़ 51 लाख 40 हजार रुपये की लागत से 14 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 33 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपये की लागत से 12 निर्माण कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित है।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ओबीसी वर्ग के तीन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह की अध्यक्षता में आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्श समिति (DLCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक से श्री नवीन कुमार तिवारी, नाबार्ड से श्री पंकज. येवले, अग्रणी जिला प्रबंधक मोहम्मद मोफीज, जिले के सभी बैंकों के जिला समन्वयक एवं शासन विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, इंटरप्राईजेस फाइनेंस, पीएमईजीपी , प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, पीएम स्वनिधि, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड, पीएमएवाय, अटल पेंशन योजना आदि की प्रगति की समीक्षा की गई।कलेक्टर डॉ सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि वे लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाएं तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी बैंकों को उनके प्राथमिकता क्षेत्र के सभी ऋण, एवं कमजोर क्षेत्र के ऋण को न्यूनतम मानक स्तर पर लाने हेतु निर्देशित किया. बैठक में बैंकों द्वारा ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन, एनपीए की स्थिति तथा हाल ही में आयोजित विशेष क्रेडिट कैम्पों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने जिला प्रशासन एवं बैंक समन्वय के माध्यम से अधिकतम पात्र लाभार्थियों तक वित्तीय सेवाएं पहुँचाने के निर्देश दिए।
- रायपुर- नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारेलाल सिंह की पुण्यतिथि दिनांक 21 अक्टूबर 2025 को प्रातः 11 बजे जी ई मार्ग में छत्तीसगढ़ बुनकर सोसायटी आमापारा स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 5 के सहयोग से पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा गया है।
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- महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मांस मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी
रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में महावीर निर्वाण दिवस 21 अक्टूबर 2025 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पालिक निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही ने महावीर निर्वाण दिवस 21 अक्टूबर 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।महावीर निर्वाण दिवस 21 अक्टूबर 2025 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस -मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों में मांस मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवसों पर मांस-मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी। -
-इंदौर क़े महापौर सहित जापान के सांसद से भविष्य के शहरी विकास के अवसरों पर की चर्चा, जापान में बसे हिन्दू स्वयंसेवकों से मुलाकात
-- महापौर मीनल चौबे वैश्विक मंच पर रायपुर का प्रतिनिधित्व कर 18 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे राजधानी वापस लौटेंगीरायपुर- रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जापान में आयोजित “इंटरनेशनल मेयर्स फोरम” के अंतिम दिवस के समापन सत्र में सक्रिय भागीदारी की.वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर का प्रतिनिधित्व करने क़े पश्चात महापौर श्रीमती मीनल चौबे दिनांक 18 अक्टूबर 2025 शनिवार को दोपहर 1:30 बजे राजधानी शहर रायपुर वापस लौटेंगी, महापौर का स्वजन स्वामी विवेकानंद विमानतल माना पहुंचकर आत्मीय स्वागत करेंगे. महापौर ने तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मेयर्स फोरम में जापान में पी पी पी मॉडल के कार्यों, आर आर आर रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज, स्कूलों में कचरा पृथककरण, जन जागरूकता, शहरी वित्तीय प्रबंधन, सतत विकास कार्यों सहित अन्य विविध महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी की।कार्यक्रम के दौरान महापौर श्रीमती चौबे ने इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव के साथ जापान के सांसद श्री ओनिशी योहेई (LDP – Liberal Democratic Party) से मुलाकात कर भविष्य के शहरी विकास के अवसरों पर चर्चा की।फोरम के समापन के अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जापान में बसे हिन्दू स्वयंसेवकों से भी मुलाकात की और रायपुर नगर के विकास, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर सकारात्मक संवाद किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बताया कि जापान से प्राप्त अनुभवों को रायपुर में शहरी विकास, स्वच्छता और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। - -सभी नागरिकों से राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर शहर को देश में प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिकाधिक संख्या में स्वच्छता फीडबैक देने की विनम्र अपीलरायपुर - राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्यों, वार्ड पार्षदों ने समस्त नगरवासियों को धनतेरस, रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजा अन्नकूट, भाईदूज पर्व अवसरों पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए समृद्धि की प्रतीक आदि शक्ति देवी माँ महालक्ष्मी के दिव्य श्रीचरणों में समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी रायपुर शहर सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्धि और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा ऊर्जाशक्ति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है.वैदिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर्व स्वास्थ्य क़े प्रतीक देवता भगवान धन्वंतरि को समर्पित है. इस दिन उनकी विशेष पूजा कर उनसे जीवन में उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करने विनम्र प्रार्थना की जाती है. रूप चौदस पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर वध किये जाने पर मानव समाज द्वारा वैदिक युग से समय प्रबंधन और कर्म पर आधारित होने पर मनाया जाता है. यह श्रृंगार क़े नवीन प्रारम्भ का प्रतीक पर्व है. दीपावली पर्व समृद्धि की प्रतीक देवी माँ महालक्ष्मी क़े विशेष पूजन को समर्पित है. दीपावली पर्व की रात्रि माँ महालक्ष्मी का अपने भक्तों की कुशलक्षेम जानने और उन पर कृपा बरसाने सुआगमन होने की प्राचीन मान्यता है. दीपावली पर्व क़े अगले दिन गोवर्धन पूजा अन्नकूट पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को वैश्विक मान्यता दिलवाने और उनकी पूजा कर मानव समाज को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति क़े संवर्धन क़े संकल्प क़े साथ सुरक्षा देने का प्रतीक यह पर्व हजारों वर्षों से मनाया जाता रहा है. भाईदूज पर्व धरती पर भाईयों और बहनों क़े पवित्र स्नेह क़े बंधन का प्रतीक पर्व है. बहनें अपने भाईयों का तिलक करके उन्हें सुरक्षा प्रदान करने परमपिता परमेश्वर से विनम्र प्रार्थना करती हैँ. अतएव धनतेरस, रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन, अन्नकूट, भाईदूज पर्व प्रत्येक नागरिक को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर प्रदान करता है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्यों, पार्षदों ने सभी नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर शहर को प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिकाधिक संख्या में स्वच्छता फीडबैक देकर सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की है.
- -राज्य शासन के निर्णय का पाॅवर कंपनी में परिपालनरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी प्रबंधन द्वारा सरकार के दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान जैसे कर्मचारी हितैषी निर्णय का परिपालन करते हुए अपने कर्मचारियों एवं ठेका कर्मियों को भी निर्धारित समय-सीमा में त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। दीपावली (20 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में तीनों छत्तीसगढ़ राज्य पाॅवर कंपनियों द्वारा अपने-अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को माह अक्टूबर, 2025 के वेतन का अग्रिम भुगतान तथा तीनों कंपनियों के संबंधित ठेकेदार द्वारा संबंधितों को मजदूरी/मानदेय/पारिश्रमिक आदि का भी अग्रिम भुगतान 17 एवं 18 अक्टूबर तक करने के आदेश जारी किये गये हैं। प्रबंधन ने दीवाली पर अपने कर्मियों को अग्रिम भुगतान की सौगात दी है, इससे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हर्ष व्याप्त है।
- -दिवाली पर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात — रजिस्ट्री प्रक्रिया अब होगी और अधिक सरल, पारदर्शी एवं त्वरितरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ पी चौधरी के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पंजीयन विभाग ने एक महत्वपूर्ण जनहितैषी निर्णय लेते हुए कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री (रजिस्ट्री) के लिए ऋण पुस्तिका (किसान किताब) प्रस्तुत करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।यह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होगी। यह निर्णय दिवाली पर प्रदेशवासियों के लिए शासन की ओर से एक बड़ी सौगात है।किसानों और नागरिकों को रजिस्ट्री से जुड़ी जटिलताओं से राहत दिलाने हेतु राज्य शासन ने ऑटो म्यूटेशन प्रणाली में सुधार करते हुए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जिससे पूरी प्रक्रिया अब और अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित हो गई है।तकनीकी समन्वय और समाधान : डिजिटल इंटीग्रेशन से पारदर्शिताराजस्व विभाग के ऑनलाइन रिकॉर्ड अब पंजीयन सॉफ्टवेयर से पूर्ण रूप से एकीकृत हो चुके हैं। अब रजिस्ट्री के लिए आवश्यक सभी डेटा, दस्तावेज और सत्यापन जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहती है।राज्य शासन ने पंजीयन प्रक्रिया को 100% डिजिटल सत्यापन प्रणाली में परिवर्तित कर दिया है, जिससे किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं रहेगी।राज्य सरकार की मंशा : सुशासन, सरलता और विश्वास की दिशा में बड़ा कदममुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार “सरल शासन – सुशासन” की दिशा में लगातार नवाचार कर रही है। पंजीयन विभाग की यह पहल उसी श्रंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा प्रदान करना है।ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना न केवल प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और जनविश्वास को भी सशक्त बनाता है।इस निर्णय से अब नागरिकों को अनावश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की बाध्यता से मुक्ति मिलेगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया में समय और धन दोनों की उल्लेखनीय बचत होगी तथा दफ्तरों, पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इससे न केवल भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर पूर्ण विराम लगेगा, बल्कि पंजीयन प्रणाली और अधिक पारदर्शी, त्वरित तथा जवाबदेह बनेगी, जो सुशासन और नागरिक सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम है।राज्य सरकार ने इस निर्णय के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन केवल एक नहीं, बल्कि अपने नागरिकों के जीवन और उत्सवों में सहभागी एक आत्मीय परिवार है। यह कदम पंजीयन व्यवस्था में सुधार का प्रतीक ही नहीं, बल्कि दिवाली पर सुशासन और पारदर्शिता की नई रोशनी भी है।दिवाली के अवसर पर यह निर्णय जनता के प्रति इसी आत्मीयता और सुशासन की भावना का प्रतीक है।" — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय"प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ प्रदान करना है। कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए राहतकारी सिद्ध होगा तथा पंजीयन प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल, भ्रष्टाचार-मुक्त और जवाबदेह बनाएगा। उन्होंने कहा कि शासन केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि अपने नागरिकों के जीवन और उत्सवों में सहभागी एक आत्मीय परिवार है। दिवाली के अवसर पर यह निर्णय जनता के प्रति इसी आत्मीयता और सुशासन की भावना का प्रतीक है।" — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साययह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए राहत देने वाला है -ओ.पी. चौधरी"मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की प्राथमिकता जनता के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाना है। कृषि भूमि की रजिस्ट्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक सुधार है।राज्य सरकार ने तकनीकी एकीकरण और डिजिटल सत्यापन के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बना दिया है, जिससे अब न केवल समय और धन की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाएँ भी समाप्त होंगी। यह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए राहत देने वाला है और यह दर्शाता है कि सरकार सुशासन को व्यवहार में उतारने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।" — वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
- -शिक्षा विभाग द्वारा खिलाड़ियों के लिए समुचित व्यवस्था-भोजन, पेयजल सहित मिल रही सभी जरूरी सुविधाएंबिलासपुर /25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 15 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक किया जा रहा है। प्रतियोगिता में 5 संभाग के विभिन्न जिलों से आए 1060 खिलाड़ियों एवं 100 कोचों ने भाग लिया है। बेसबाल, कबड्डी एवं कराते जैसे खेल विधाओं में 14 से 19 वर्ष के खिलाड़ी अपना दमखम दिखा रहे है। जिला प्रशासन, शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों के लिए रहने, खाने, आवागमन सहित अन्य सभी समुचित व्यवस्थाएं की गई है। उन्हें शहर के विभिन्न विद्यालयों में ठहराया गया है। जहां उनके लिए भोजन, पेयजल सहित सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। खिलाड़ियों को ठहराए गए विद्यालयों में बाथरूम, शौचालय भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। खिलाड़ियों के आवास स्थल में ट्यूबवेल के साथ, नगर निगम का नल कनेक्शन लगा हुआ है। साथ ही नगर निगम द्वारा पानी टेंकर भी आवास स्थलों में पहंुचाये गये है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार कोई समस्याएं नहीं है। उनके लिए विभाग द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। जिले के खिलाड़ियों ने जिस उत्साह और अनुशासन का परिचय दिया है, वह आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल को भी प्रोत्साहित करते हैं।
- राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के विद्यालयों में सिकल सेल शिविर का आयोजन कर बच्चों का सिकल सेल टेस्ट किया जा रहा है। साथ ही बच्चों को सिकल सेल बीमारी की जानकारी व बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। शासन द्वारा जिले के सभी शासकीय संस्थाओं में नि:शुल्क स्क्रीनिंग एवं उपचार व परामर्श की उपलब्ध सुविधा की जानकारी दी जा रही है। बच्चों को सिकल सेल की सामान्य जानकारी की बुकलेट का भी वितरण किया जा रहा है। साथ ही शिविर में राष्ट्रीय तंबाखू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत विद्यार्थियों को तंबाखू के दुष्प्रभाव, धुम्रपान छोडऩे के फायदे, तंबाखू सेवन से होने वाली बीमारी एवं जिला चिकित्सालय में संचालित तंबाखू मुक्ति केन्द्र के बारे में जानकारी दी जा रही है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत जिले के सभी विकासखंडों में कुल 2 हजार 493 स्क्रीनिंग की गई है। पूर्व में की गई जांच वाले व्यक्तियों को सिकल सेल जेनेटिक कार्ड वितरीत किया गया। पूर्व में संचालित मेगा स्क्रीनिंग एवं आयोजित कैम्पों में धनात्मक आए कुल 669 मरीजों को सिकल सेल पेसेंट बुकलेट वितरण किया गया। जिसके माध्यम से मरीजों का फॉलोअप, दवाई वितरण एवं अन्य जांच किया जाएगा। जिले में अब तक 6 लाख 32 हजार 598 सिकल सेल स्क्रीनिंग किया गया है। जिसमें 5 लाख 93 हजार 144 सिकल सेल निगेटीव, 669 सिकल सेल पॉजिटीव एवं 10 हजार 154 सिकल सेल वाहक है।
- राजनांदगांव । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा स्काउट हेतु राज्य प्रशिक्षण केन्द्र झांकी अभनपुर रायपुर एवं गाइड हेतु आडवानी शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बिरगांव रायपुर में राज्य स्तरीय पुरस्कार जांच परीक्षा 2025 स्काउट-गाइड शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिले से 23 स्काउट एवं 12 गाइड कुल 35 स्काउट-गाइड शामिल हुए। परीक्षा में शासकीय हाई स्कूल सेंदरी एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला ढारा, सोनेसरार, खुज्जी, डोंगरगांव, जंगलपुर, बिजेभाठा, हरडूवा, मुढ़ीपार, मासुल से प्रतिभागिता शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि स्काउट्स एवं गाइड्स कुल 30 माह के राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली के निर्धारित पाठ्यक्रम एवं दल प्रवेश से लेकर विभिन्न सोपान को चरणबद्घ तरीके से कड़ी मेहनत के बाद पूर्ण कर राज्य स्तरीय पुरस्कार जांच परीक्षा 2025 में शामिल होते है। परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को राज्यपाल द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा कक्षा 10वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 10 अंक बोनस की पात्रता होती है।
- राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरपुर में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 50 वर्ष से 70 वर्ष आयु के 174 वृद्धजनों का नेत्र जांच कर चश्मा वितरण किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठजनों का बीपी, मधुमेह सहित अन्य जांच की गई। शिविर में वार्ड पार्षद श्रीमती अपूर्वा श्रीवास्तव, श्री समीर श्रीवास्तव, जिला प्रबंधक शहरी डॉ. पूजा मेश्राम, शहरी सुपरवाईजर श्री कौशल किशोर शर्मा, डॉ. टिकेश केशरी, डॉ. असर अंसारी, नेत्र सहायक श्री सुनील वर्मा, श्री लोकेश सोनवानी, श्री जयंत देशमुख, श्री मिथलेश वर्मा एवं स्टॉफ व वार्डवासी उपस्थित थे।
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- मरीजों से बात कर हास्पिटल में ईलाज एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में ली जानकारी
- 100 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल के सुरक्षा वार्ड में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई में कमी होने पर नाराजगी जाहिर की
- ड्यूटी पर अनुपस्थित डॉक्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बसंतपुर स्थित शासकीय जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। जिला चिकित्सालय मेंओपीडी, दवाई वितरण शाखा, फार्मेसी, शिशु वार्ड, पेईंग वार्ड एवं अन्य शाखाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने मरीजों से बात कर हास्पिटल में ईलाज एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हास्पिटल में ईलाज के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला चिकित्सालय में साफ-सफाई निरंतर करने के लिए कहा। कलेक्टर ने ओपीडी में ड्यूटी पर अनुपस्थित डॉक्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बसंतपुर स्थित 100 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल के सुरक्षा वार्ड में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई में कमी होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने वहां समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोस्ट नेटल कक्ष का अवलोकन किया तथा वहां परिजनों से भेंट की एवं सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने वहां भोजन की गुणवत्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। उन्होंने हॉस्पिटल में चल रहे निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. चंद्रवंशी सहित जिला चिकित्सालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। -
जिले में 16 नये कृषि साख सहकारी समितियों का गठन*
बिलासपुर/सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना सहकार से समृद्धि के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा बिलासपुर जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की पुनर्गठन योजना 2025 के अंतर्गत 114 विद्यमान समितियों में से 15 समितियों का पुनर्गठन कर 16 नवीन सहकारी समितियों का गठन किया गया है। जिसमें बिल्हा विकासखण्ड के अंतर्गत 3 समितियॉ-अकलतरी, बेलतरा, चुमकवा, तखतपुर विकासखण्ड के अंतर्गत 3 समितियॉ-लमेर, कोडापुरी, पडरिया, मस्तुरी विकासखण्ड के अंतर्गत 5 समितियॉ-सरसेनी, शिव टिकारी, सुकुलकारी, जलसो, धनगवॉ तथा कोटा विकासखण्ड के अंतर्गत 5-समितियॉ अमाली, कोडापुर, पोडी, पचरा, दारसागर शामिल है। इन समितियों के गठन का उद्ेश्य किसानों को निवासरत ग्राम से कम से कम दूरी में केसीसी ऋण अंतर्गत नकद, खाद, बीज, उपभोक्ता सामाग्री वितरण, की सुविधा उपलब्ध कराना है। उक्त समितियों का पंजीयन कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता जिला बिलासपुर द्वारा किया गया है।सहकार से समृद्धि योजना अंतर्गत सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का कम्प्यूटराइजेशन किया गया है जिससे की समस्त समितियां तकनीकी रूप से सक्षम होकर अपने सदस्यो को त्वरित रूप से सुविधाएं उपलब्ध करा सकें जैसे-केसीसी ऋण, प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र अंतर्गत जैविक दवाओ का वितरण, कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से बिजली बिल, रेल टिकट बुकिंग, आधार पंजीयन, बीमा का भुगतान, जाति, निवास प्रमाण पत्र आदि एवं माइक्रो ए0टी0एम, उपभोक्ता सामाग्री वितरण, इत्यादि। सहकारिता मंत्री भारत सरकार, छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री छ0ग0 शासन के नेतृत्व में निर्धारित कार्य योजना अनुसार बिलासपुर जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत मे बहुउद्देशीय पैक्स, दुग्ध, मत्स्य, वनोपज सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है जिससे साधारण जनमानस तक सहकारिता का विस्तार हो एवं जीवन स्तर में प्रगति हो। -
बिलासपुर/शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस 10 दिसम्बर 2025 को जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। पूर्व में 21 अक्टूबर 2025 को गोवर्धन पूजा के अवसर पर घोषित स्थानीय अवकाश के दिन को राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसलिए गोवर्धन पूजा के दिन 21 अक्टूबर को घोषित स्थानीय अवकाश को जिला प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। इसके बदले में 10 दिसम्बर शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।
- -बच्चों के लिए बना सुरक्षित और शिक्षाप्रद वातावरण, ग्रामीणों को मिला रोजगाररायपुर ।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल रोजगार का साधन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन गई है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के जनपद पंचायत उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी में नया आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनकर तैयार हुआ है। इस भवन के निर्माण से न केवल नौनिहालों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिला है, बल्कि ग्रामवासियों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।आंगनबाड़ी भवन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्रआंगनबाड़ी केंद्र पूर्व में एक छोटे किराए के भवन में संचालित होता था, जहां सीमित स्थान के कारण बच्चों को पढ़ाई और खेल-कूद में कठिनाई होती थी। अब 11.69 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह नया आंगनबाड़ी भवन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। निर्माण कार्य के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में हुआ सुधारनव निर्मित आंगनबाड़ी भवन में हॉल, कार्यालय, रसोईघर और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। भवन की दीवारों पर अक्षर ज्ञान, शिक्षाप्रद चित्र और मनमोहक कार्टून उकेरे गए हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। सहायिका ने बताया कि वर्तमान में केंद्र में 22 बच्चे पंजीकृत हैं और अब बच्चों की उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आंगनबाड़ी में नियमित रूप से पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता और पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था हो रहा सशक्तजिला प्रशासन द्वारा मनरेगा के तहत जिले में कुल 393 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनका निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के पोषण व शिक्षा स्तर को ऊंचा उठा रही है, बल्कि रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही है।
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रायपुर। आसन्न दीपावली पर्व पर मंदिर हसौद व आरंग थाना क्षेत्र के ग्रामों में अमन-चैन बनाये रखने सघन पुलिसिया गश्त व असामाजिक गतिविधियों में लिप्त तत्वों के खिलाफ ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही की मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है और असामाजिक तत्वों की दीपावली जेल में मनने की सुनिश्चित व्यवस्था का आग्रह किया है ।
पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के नाम उनके कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंचल तिवारी को , पुलिस अधीक्षक डा लाल उमेद सिंह से मुलाकात न हो पाने की वजह से उनके कार्यालय में व नया रायपुर में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला को व्हाट्स ऐप के माध्यम से सौपा गया है। ज्ञापन की प्रति मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव व आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह को भी प्रदत्त की गयी है। ज्ञापन में लिखा गया है कि जारी पुलिसिया अभियान के चलते शराब , गांजा व नशीली गोलियों के कतिपय बड़े सप्लायरों के खिलाफ कार्यवाही से सकारात्मक संदेश तो गया है पर थाना क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय सप्लायरों के खिलाफ व बिक्री में लिप्त असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही न होने से ग्रामों में इस अभियान का कोई खास असर नहीं दिख रहा है । दीपावली पर्व पर इनके सहित होने वाले जुआ की वजह से लड़ाई - झगड़ा होने व अशांति फैलने की जानकारी देते हुये आग्रह किया गया है कि ग्रामों के सभ्य नागरिकों , महिलाओं व नौनिहालों को शांति से व आनंदपूर्वक त्यौहार मनाने देने इनमें लिप्त तत्वों के खिलाफ अविलंब ठोस कार्यवाही की सामयिक आवश्यकता है । आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज में हुये सफल शराब भट्ठी विरोधी आंदोलन के अगुवाई करने वाले व क्षेत्र में शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय श्री शर्मा ने जानकारी दी है कि भानसोज के ही ग्रामीण व्यवस्था लड़खड़ाने की वजह से यहां भी असामाजिक तत्व हावी हो चले हैं और हालत यह है कि भोर होते ही महानदी मुख्य नहर के पार में कतिपय असामाजिक तत्व शराब बेचना शुरू कर देते हैं जिसके चलते राहगीरों को पियक्कड़ों के हरकतों के चलते शर्मनाक स्थिति से गुजरना पड़ता है । भानसोज की स्थिति से ही अंदाज लगाया जा सकता है कि आंदोलन में सहभागी रहे ग्रामों की स्थिति क्या होगी । अधिकांश ग्रामों में शराब पीने जाने वाले पियक्कड़ों द्वारा 15- 20 पौव्वा शराब ला ग्रामों में बेच अपने पौव्वा व आने - जाने का खर्च निकालने के चलते ग्रामीण माहौल और खराब होने की जानकारी देते हुये उन्होंने इसके लिये शासन द्वारा प्रत्येक व्यक्ति को 24 पौव्वा शराब लेने की छूट को दोषी ठहराया है व ग्रामों में इसे अशांति का एक प्रमुख कारण ठहराया है । ज्ञापन में इन असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगा पाने में शासन - प्रशासन की असमर्थता के चलते परेशान व आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा अब स्वयं ग्रामीण व्यवस्था के तहत इस पर रोक लगाने आगे आने की जानकारी देते हुये इसे शासन - प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान कहा है । - -बिहान और पशुधन विकास विभाग की संयुक्त पहल से बकरी पालकों को मिलेगा लाभ-सकालो में शुरू हुई साप्ताहिक बकरी मंडीरायपुर ।ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) एवं पशुधन विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से अम्बिकापुर जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत सकालो में साप्ताहिक बकरी मंडी का शुभारंभ किया गया है। बकरी पालन से रोजगार के अवसर, आय में वृद्धि होती है और स्वास्थ्य लाभ मिलतरा है। यह आय का एक स्थायी स्रोत प्रदान करता है, क्योंकि बकरियों से दूध और मांस दोनों प्राप्त होते हैं। इसके अलावा, बकरी पालन पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि बकरियां कम जगह लेती हैं और उनकी खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाती है।सकालो बाजार के पास संचालित इस मंडी का संचालन मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया जा रहा है। इससे ग्रामीण पशुपालकों के लिए व्यापार के लिए नई मंडी मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बकरी पालन से जुड़ी महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनेगा। अब ग्रामीण महिलाएं अपनी बकरियां सीधे मंडी में बेच सकती हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा और बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त होगी।महिलाओं को मिलेगा लाभ, बढ़ेगी आत्मनिर्भरतासकालो की बकरी पालक श्रीमती मानमति मरावी ने बताया कि पहले व्यापारी बकरियाँ मनमाने दामों पर खरीद लेते थे, जिससे हमें सही लाभ नहीं मिल पाता था। अब मंडी खुलने से अपने ही पंचायत में बकरियों का अच्छा दाम मिल रहा है। इससे आमदनी बढ़ेगी और बकरी पालन में रुचि भी बढ़ी है। वहीं बकरी खरीदने आई कल्पना सिंह ने कहा कि अब हमें 15 किलोमीटर दूर बाजार नहीं जाना पड़ेगा। सकालो पंचायत में ही साप्ताहिक बकरी मंडी लगने से उचित दर पर बकरियां मिल जाती हैं। शासन और जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आजीविका के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रही है।स्वयं सहायता समूहों के लिए नया अवसरराष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत संचालित बकरी मंडी से स्वयं सहायता समूह की दीदियों को रोजगार का नया अवसर मिलेगा। समूह की सदस्य महिलाएं न केवल मंडी के संचालन और व्यवस्था का कार्य देख रही हैं, बल्कि बकरी पालन से संबंधित अन्य गतिविधियों जैसे पशु आहार वितरण, स्वास्थ्य जांच, और खरीद-बिक्री के आँकड़ों के संकलन में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी।स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशासकालो में साप्ताहिक बकरी मंडी खुलने से स्थानीय स्तर पर पशुधन व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और अब ग्रामीणों को शहरों या दूरस्थ बाजारों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह मंडी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।
- -153 हथियारों के साथ 210 नक्सलियों का आत्मसमर्पण-बस्तर में रचा गया इतिहास, वंदे मातरम की गूंज से शांति, विकास और विश्वास के नये युग की शुरूआत-पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन: दण्डकारण्य के 210 माओवादी कैडर लौटे समाज की मुख्यधारा में-एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता का आत्मसमर्पणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जो युवा कभी माओवाद के झूठे विचारधारा के जाल में फंसे थे, उन्होंने आज संविधान, लोकतंत्र और विकास की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है।बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागतमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। जिन युवाओं ने वर्षों तक अंधेरी राहों पर भटककर हिंसा का मार्ग चुना, उन्होंने आज अपने कंधों से बंदूक उतारकर संविधान को थामा है। यह न केवल आत्मसमर्पण का क्षण है, बल्कि विश्वास, परिवर्तन और नये जीवन की शुरुआत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में बंदूकें छोड़कर सुशासन पर विश्वास जताने वाले इन युवाओं से मेरी मुलाकात मेरे जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोष देने वाले पलों में से एक रही। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी योजनाएँ विश्वास और परिवर्तन का आह्वान हैं। इन्हीं नीतियों के प्रभाव से नक्सल प्रभावित इलाकों में बंदूक छोड़कर लोग शासन की विश्वास और विकास की प्रतिज्ञा को स्वीकार कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि आज का यह दृश्य केवल सरकार की सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण भविष्य का शिलान्यास है। हमारी सरकार आत्मसमर्पितों के पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में यह प्रतिज्ञा पूर्ण हो रही है। छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है।राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद एवं विकास पर केंद्रित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग में आज नक्सल विरोधी मुहिम को ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम दृ पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के अंतर्गत दण्डकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।यह आत्मसमर्पण विश्वास, सुरक्षा और विकास की दिशा में बस्तर की नई सुबह का संकेत है। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में यह ऐतिहासिक घटनाक्रम नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति ने क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत नींव रखी है। पुलिस, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और सजग नागरिकों के समन्वित प्रयासों से हिंसा की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में परिवर्तित किया जा सका है।यह पहली बार है जब नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियार जिनमें AK/47 SLR, INSA रायफल और LMG शामिल हैं, समर्पित किए हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है। एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहाँ आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया। मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर की परंपरा सदैव प्रेम, सहअस्तित्व और शांति का संदेश देती रही है। जो साथी अब लौटे हैं, वे इस परंपरा को नई शक्ति देंगे और समाज में विश्वास की नींव को और मजबूत करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी आत्मसमर्पित कैडरों ने संविधान की शपथ लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे अब हिंसा के बजाय विकास और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में योगदान देंगे। ‘वंदे मातरम’ की गूंज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह क्षण केवल 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण का नहीं, बल्कि बस्तर में विश्वास, विकास और शांति के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया।कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास सहायता राशि, आवास और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी गई। राज्य शासन इन युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।Dandakaranya Surrender: Total Cadre Profile1. CCM 01 cadre2. DKSZC 04 cadres3. Regional Committee Member 01 cadre4. DVCM 21 cadres5. ACM level 61 cadres6. Party Members 98 cadres7. PLGA member/ RPC members/ Others 22 nosTotal 208 cadresTotal 110 Female] 98 MaleDandakarnya Surrender: Total Weapon Details1. AK 47 Rifle 19 nos2. SLR rifle 17 nos3. INSAS rifle 23 nos4. INSAS LMG 01 nos5. 303 Rifle 36 nos6. Carbine 04 nos7. BGL Launcher 11 nos8. 12 Bore/ Single shot 41 nos9. Pistol 01 nosTotal 153 weapons
- -प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुँचा सक्ती जिला - 30 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का घररायपुर। छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन में एक नया इतिहास रच दिया है। नवगठित जिला होने के बावजूद, सक्ती ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ष 2024-25 में 30 हजार 512 आवास पूर्ण कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल संख्यात्मक सफलता का प्रतीक है, बल्कि उन हजारों परिवारों के जीवन में आई स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान की कहानी भी है, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे और असुरक्षित मकानों में जीवन व्यतीत किया था।कच्चे से पक्के घरों तक का सफर- सक्ती बना मिसालप्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सक्ती जिले में अब तक वर्ष 2016 से 2023 तक कुल 44 हजार 319 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो 95ः लक्ष्य प्राप्ति दर्शाता है। वहीं, वर्ष 2024-25 में 30 हजार से अधिक मकान पूर्ण कर जिले ने मिशन मोड में कार्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है। हर ग़रीब का पक्का घर राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता रही है । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ के सभी जिलों मेंयह योजना प्रभावी ढंग से संचालित हुई। नियमित फील्ड विजिट, समयबद्ध वित्तीय सहायता, और हितग्राहियों के साथ सतत संवाद के परिणामस्वरूप यह उल्लेखनीय प्रगति संभव हुई।टीमवर्क और जनसहभागिता से मिली सफलताजिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी कीर्तन चंद्रा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “हमारी प्राथमिकता रही है कि पात्र परिवारों तक योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। टीमवर्क और ग्रामीणों के सहयोग से ही यह संभव हुआ है।” कलेक्टर ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह हर ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास है। सक्ती जिला इसी दिशा में सतत प्रगति कर रहा है।”वित्तीय पारदर्शिता और तेज क्रियान्वयनवर्ष 2024-25 के लिए जिले को कुल 63 हजार 591 आवासों का लक्ष्य मिला, जिनमें से 52हजार 913 आवासों को स्वीकृति दी गई। निर्माण कार्य की गति बनाए रखने हेतु सरकार द्वारा तीन किश्तों में वित्तीय सहायता प्रदान की गई । पहली किश्त में 51हजार 427 हितग्राहियों को,दूसरी किश्त में 40 हजार 318 हितग्राहियों को और तीसरी किश्त में 25 हजार 65 हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी गई। समय पर किश्तें जारी होने से निर्माण कार्यों में तेजी आई और निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा किया जा सका।गरीब परिवारों के जीवन में आया बदलावप्रधानमंत्री आवास योजना ने ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई किरण जगाई है। पक्के घरों के निर्माण से बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिला, बुजुर्गों को मौसम से सुरक्षा मिली और महिलाओं को घर-परिवार के संचालन में सुविधा हुई। यह योजना अब केवल आवास निर्माण कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।मोर आवास, मोर अधिकार पोर्टल -पारदर्शिता की दिशा में पहलशासन द्वारा प्रारंभ किया गया “मोर आवास, मोर अधिकार” पोर्टल हितग्राहियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इसके माध्यम से कोई भी पात्र व्यक्ति अपने आवेदन की स्थिति और पात्रता की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है, जिससे योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।प्रधानमंत्री आवास योजना की समय पर किस्त जारीप्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत हितग्राहियों को कुल 1 लाख 20 हजार की सहायता राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाती है जिसके अन्तर्गत प्रथम किश्त में 40हजार, द्वितीय किश्त में 55 हजार और तृतीय किश्त में 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी ग्रामीण परिवार बेघर न रहे और प्रत्येक पात्र हितग्राही को सुरक्षित, टिकाऊ और सम्मानजनक आवास प्राप्त हो सके।सक्ति की सफलता - प्रदेश और देश के लिए प्रेरणासक्ति जिले की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह दर्शाती है कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो बड़े लक्ष्य भी समय पर प्राप्त किए जा सकते हैं।
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*संगिनी के दिवाली उपहारों की धूम *
- ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कदम, सक्ती प्रशासन का सतत सहयोग-रायपुर / दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कार्यरत जिला सक्ती की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। ग्राम पलाड़ीखुर्द की राधा कृष्ण स्व-सहायता समूह की सदस्याएं अपने “संगिनी” ब्रांड के अंतर्गत आकर्षक गिफ्ट हैम्पर तैयार कर रही हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के सुगंधित एवं डिज़ाइनर मोम उत्पाद शामिल हैं।महिलाओं की सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहलयह अभिनव पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिला प्रशासन सक्ती द्वारा दीदियों को उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन के लिए निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। समूह की सदस्य श्रीमती पुष्पा दीदी ने बताया कि समूह द्वारा त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राखी, रंगोली, आचार, गुलाल, तथा मोम उत्पाद जैसे विविध वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से हमें न केवल आर्थिक लाभ मिला है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।समूह को 2 लाख रुपये तक की आयपुष्पा दीदी ने आगे बताया कि समूह की दीदियों ने पूर्व में आर-सेटी (त्ैम्ज्प्) से डिज़ाइनर कैंडल बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद यूट्यूब वीडियो के माध्यम से गिफ्ट हैम्पर तैयार करने का विचार आया। इस समय जिले की विभिन्न इंडस्ट्रीज और संस्थानों से गिफ्ट हैम्पर के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिनकी आपूर्ति दीदियों द्वारा समय पर और आकर्षक पैकेजिंग में की जा रही है। इस पहल से समूह को लगभग 1 लाख 50 हजार से 2 लाख रुपये तक का व्यवसाय प्राप्त होने की संभावना है। इन्हें अभी तक लगभग 60 हज़ार रुपए के गिफ्ट हैंपर के ऑर्डर मिल चुके हैं । यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें स्थायी आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहा है। बिहान मिशन के तहत संचालित यह पहल महिलाओं की सृजनशीलता, परिश्रम और नवाचार की उत्कृष्ट मिसाल है, जो अन्य समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। - राजनांदगांव/मोहला/खैरागढ़/कवर्धा। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगाव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने दीपावली त्यौहार के दृष्टिगत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले के सभी मैदानी अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाये रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होने विद्युत व्यवस्था की शिकायत के मद्देनजर आकस्मिक निरीक्षण की भी बात कही है। चारों जिले के सभी उपसंभाग एवं वितरण केन्द्रों के सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंताओं को उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित निराकृत करने के निर्देश प्रसारित किये गये हैं तथा सतत् व्यवस्था बनाये रखने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूö कड़ी कार्यवाही के संकेत भी उनके द्वारा दिये गये हैं। कार्यपालक निदेशक श्री सेलट ने बताया कि त्यौहार के इस सीजन में विभिन्न प्रकार के सजावट के कारण विद्युत लाईनों एवं उपकरणों में अतिरिक्त लोड की संभावना को देखते हुए मेंटेंनेस टीम को अलर्ट पर रखा गया है। सभी विभागीय संभाग के अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण आरक्षित रखने तथा विद्युत व्यवधान की स्थिति में संबंधित क्षेत्र में तत्काल पहुँचकर विद्युत व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गये है। उन्होने उपभोक्ताओं को विद्युत संबंधित किसी भी प्रकार की समस्याओं के निराकरण के लिए निकटतम विद्युत कार्यालय एवं वितरण केन्द्रों के दूरभाष नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा दीपोत्सव के पर्व को दृष्टिगत रखते हुये मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों से सहित आमनागरिकों को विशेष जागरूकता एवं सतर्कता बरतने की अपील की गई है। पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की आकस्मिक विद्युत दुर्घटना को नियंत्रित करने समुचित अमले के साथ शिकायत केन्द्रों में सम्पूर्ण तैयारी रखने के निर्देश भी दिये गये हैं। विद्युत दुर्घटना से बचने हेतु विद्युत उपकेन्द्रों, खम्बों, लाईनों तथा ट्रांसफार्मरों के निकट फटाके, राकेट, अनारदाना इत्यादि नहीं जलने की समझाईश दी गई है। श्री सेलट ने कहा कि उपभोक्ताओं की जागरूकता एवं शालीनतापूर्वक दीपोत्सव विद्युत कंपनी सहित सभी के लिये हितकारी होगा। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए केन्द्रीकृत कॉल सेंटर का 1912 दिन-रात क्रियाशील रहता है। इस नंबर पर उपभोक्तागण किसी भी समय 1912 पर हिन्दी, अंग्रेजी एवं छत्तीसगढ़ी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दीपोत्सव पर्व पर किसी भी प्रकार की विद्युत व्यवधान, तथा विद्युत दुर्घटना संबंधी षिकायत आदि के लिये उपभोक्तागण राजनांदगांव शहर स्थित शिकायत केन्द्रों में सम्पर्क कर सकते हैं। प्रमुख शिकायत केन्द्रों के दूरभाष नंबर यथानुसार है- राजनांदगांव शहर के कैलाश नगर के 07744-220251, 07744-225115 लालबाग के 07744-222557, 62695-06619 विद्यमान शिकायत केन्द्र एवं जिले के वितरण केन्द्रों के उपलब्ध दूरभाष नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।निकटतम विद्युत कार्यालयों के दुरभाष नंबर जारी किये गये हैं:-जिला - राजनांदगांवराजनांदगांव वेस्ट जोन, सहायक अभियंता मो.नं. 79876-95332, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 99072-46174, राजनांदगांव ईस्ट जोन, सहायक अभियंता मो.नं. 91659-15291, कनिश्ठ अभियंता मो.नं. 82239-87044, राजनांदगांव ग्रामीण उपसंभाग, सहायक अभियंता मो.नं. 87703-40999, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 95019-06840, वितरण केन्द्र कार्यालय सिंघोला कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 81099-75442, वितरण केन्द्र कार्यालय अर्जुनी, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 70009-83969, बोरी उपसंभाग, सहायक अभियंता मो.नं 94241-22634., वितरण केन्द्र कार्यालय बोरी कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 76469-56300, वितरण केन्द्र कार्यालय तुमड़ीबोड़ कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 89822-23854, वितरण केन्द्र कार्यालय सोमनी कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 91799-08100, वितरण केन्द्र कार्यालय ठेलकाडीह कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 75874-37477, वितरण केन्द्र कार्यालय घुमका कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 74709-18189, डोंगरगढ़ उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 94241-24192, वितरण केन्द्र कार्यालय डोंगरगढ़ शहर, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 88395-55692, वितरण केन्द्र कार्यालय बम्हनी चारभांठा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 79878-15335, वितरण केन्द्र कार्यालय ग्रामीण, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 87701-86211, वितरण केन्द्र कार्यालय ढारा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 87706-62945, वितरण केन्द्र कार्यालय मुसराकला, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 88398-63351, छुरिया उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 94241-18328, वितरण केन्द्र कार्यालय छुरिया, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 94252-28410, वितरण केन्द्र कार्यालय लाल बहादुर नगर, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62613-10556, वितरण केन्द्र कार्यालय मुरमुंदा कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 87701-86211, वितरण केन्द्र कार्यालय सड़क चिरचारी, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62613-10556, डोंगरगांव, उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 88391-57325, वितरण केन्द्र कार्यालय, डोंगरगांव शहर, कनिष्ठ अभियंता, मो.नं. 74768-03602, वितरण केन्द्र कार्यालय खुज्जी, कनिष्ठ अभियंता, मो.नं. 89598-41752, वितरण केन्द्र कार्यालय, डोंगरगांव ग्रामीण, कनिष्ठ अभियंता, मो.नं. 74768-03602, वितरण केन्द्र कार्यालय कुमरदा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62666-43800, वितरण केन्द्र कार्यालय गैंदाटोला, कनिष्ठ अभियंता, मो.नं. 62666-43800,जिला - मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकीचौकी उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 90987-83749, वितरण केन्द्र कार्यालय चौकी कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 94255-79624, वितरण केन्द्र कार्यालय कौड़ीकसा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 87703-95967, वितरण केन्द्र कार्यालय बांधा बाजार कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 88892-73463, मोहला उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 99931-02711, वितरण केन्द्र कार्यालय मोहला कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 92019-58392, वितरण केन्द्र कार्यालय गोटाटोला, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 74705-41724, वितरण केन्द्र कार्यालय मानपुर, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 91319-34688, वितरण केन्द्र कार्यालय खड़गांव, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 88392-41964, वितरण केन्द्र कार्यालय औधी, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 88394-50977,जिला - खैरागढ़-छुईखदान-गंडईखैरागढ़ उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 97551-18763, वितरण केन्द्र कार्यालय खैरागढ़ शहर, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 97551-18763, वितरण केन्द्र कार्यालय, अमलीपारा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41137, वितरण केन्द्र कार्यालय खैरागढ़ ग्रामीण, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 87709-66477, वितरण केन्द्र कार्यालय पांडादाह, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41141, वितरण केन्द्र कार्यालय जालबांधा, कनिश्ठ अभियंता मो.नं. 81038-98059, छुईखदान उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता, मो.नं. 62329-41142, वितरण केन्द्र कार्यालय छुईखदान, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 77460-60038, वितरण केन्द्र कार्यालय अतरिया, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41138, वितरण केन्द्र कार्यालय गंडई, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41139, वितरण केन्द्र कार्यालय साल्हेवारा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-42206, वितरण केन्द्र कार्यालय बुंदेली, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-42155, वितरण केन्द्र कार्यालय पैलीमेटा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 96179-28409, वितरण केन्द्र कार्यालय धोधा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं 96179-28409, ।जिला - कबीरधामकवर्धा जोन कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 99074-49750, वितरण केन्द्र कार्यालय कवर्धा शहर, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 89823-90912, कवर्धा उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 79742-66789, वितरण केन्द्र कार्यालय कवर्धा ग्रामीण, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 91313-68762, वितरण केन्द्र कार्यालय रवेली, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 96911-44007, वितरण केन्द्र कार्यालय राजानवागांव, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 91313-68762, पिपारिया उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 99817-41835, वितरण केन्द्र कार्यालय पिपरिया, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 73389-68037, वितरण केन्द्र कार्यालय इंदौरी, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 75873-7759, वितरण केन्द्र कार्यालय मरका, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 75871-18505, वितरण केन्द्र कार्यालय उडिया, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 83494-74618, सहसपुर लोहारा उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 93996-44416, वितरण केन्द्र कार्यालय सहसपुर लोहारा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 83494-74618, वितरण केन्द्र कार्यालय बिडोरा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 83494-74618, वितरण केन्द्र कार्यालय रामपुर, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 79742-66789, वितरण केन्द्र कार्यालय रेंगाखार, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 75874-69506, पंडरिया उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 93034-06435, वितरण केन्द्र कार्यालय पंडरिया, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 87703-82780, वितरण केन्द्र कार्यालय कुण्डा, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 87705-44584, वितरण केन्द्र कार्यालय कुकदूर, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41627, वितरण केन्द्र कार्यालय कापादाह, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 89828-92824, बोड़ला उपसंभाग कार्यालय, सहायक अभियंता मो.नं. 89592-98660, वितरण केन्द्र कार्यालय बोड़ला, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41124, वितरण केन्द्र कार्यालय पांडाताराई, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41125, वितरण केन्द्र कार्यालय चिल्फी, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 75871-81505, वितरण केन्द्र कार्यालय तरेगाँव, कनिष्ठ अभियंता मो.नं. 62329-41128।






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