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- -युक्तियुक्तकरण से मिले 2 शिक्षक, पढ़ाई में आया सुधाररायपुर, / रायपुर जिले के अभनपुर ब्लॉक के ग्राम गोरभट्टी स्थित शासकीय माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को शिक्षक युक्तियुक्तकरण से बड़ा लाभ मिला है। विद्यालय में कक्षा छठवीं से आठवीं तक में लगभग 40–50 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। लेकिन पहले यहाँ केवल प्राइमरी स्कूल के शिक्षक कार्यरत थे। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद विद्यालय में दो नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई। अब विद्यालय में कुल दो शिक्षक हो गए हैं, जिससे सभी कक्षाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार हुआ है। शिक्षकों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं का लाभ मिल रहा है।विद्यार्थियों की प्रगति से पालक भी उत्साहित हैं और इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल शिक्षण व्यवस्था को सशक्त बना रही है, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- रायपुर / रायपुर जिले में 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड हेतु कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में 30 सितंबर से 01 अक्टूबर 2025 तक दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान नागरिक अपना कार्ड नजदीकी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल पंडरी, कालीबाड़ी, शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोखोपारा, गुढ़ियारी, 50 बिस्तर अस्पताल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर, सिविल अस्पताल माना तथा सभी पंजीकृत निजी चिकित्सालयों में आधार कार्ड और पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से कार्यालयीन समय में बनवा सकते हैं।स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत यह विशेष पहल की जा रही है, जो 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक जिले के सभी ब्लॉक व शहरी क्षेत्रों में संचालित है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड में लाभार्थी बीमार होने की स्थिति में 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज प्राप्त कर सकेंगे। विभाग ने बताया कि यदि किसी के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, तो भी उन्हें वय वंदना कार्ड हेतु पुनः पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी एवं अन्य 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी रिश्तेदारों का इस विशेष शिविर में पंजीकरण अवश्य कराएं। अधिक जानकारी के लिए नागरिक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, टोल-फ्री नंबर 104 या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय (07714045849) में संपर्क कर सकते हैं।
- - प्रकृति संरक्षण और आर्थिक राहत का माध्यम बनी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनारायपुर, / जहाँ पहले हर महीने बिजली के बिल की चिंता सताती थी, आज उसी घर में बिजली निःशुल्क मिल रही है और यह संभव हुआ है पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की बदौलत। रायपुर ज़िले के तिल्दा ब्लॉक के ग्राम बेलटुकरी निवासी श्री नेत राम धीवर ने अक्टूबर 2024 में अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया। इस पर उन्हें केंद्र सरकार से ₹78,000 की अनुदान राशि प्राप्त हुई। उत्साहपूर्वक श्री धीवर बताते हैं कि पहले हर महीने 1 हजार रुपए से अधिक का बिजली बिल आता था। अब पिछले एक वर्ष से वह पूरी तरह शून्य हो गया है।उन्होंने आगे कहा कि यह योजना सिर्फ बचत का साधन ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का एक प्रभावी माध्यम भी है। अब वे अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि सोलर पैनल का उपयोग करने से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचता और स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार होता है।श्री धीवर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना सचमुच घर-घर उजाला पहुँचा रही है। आज मेरा घर बिना बिजली बिल के रोशन है और आने वाले वर्षों तक ऐसा ही रहेगा। मैं चाहता हूँ कि अन्य परिवार इस योजना का लाभ उठाए।प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा।
- -स्कूल के सहायक शिक्षकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत आज मल्टीलेवल पार्किंग कलेक्ट्रेट, चौथा फ्लोर रायपुर में 18 सहायक शिक्षकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।
- -सहायक श्रम आयुक्त देवेन्द्र देवांगन ने दी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण सीखरायपुर / रायपुर जिले में संचालित अभिनव पहल प्रोजेक्ट "अनुभव" के अंतर्गत योग भवन, फुंडहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक विशेष शैक्षणिक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में सहायक श्रम आयुक्त श्री देवेन्द्र देवांगन ने छात्रों को समाजशास्त्र विषय की बारीकियों से अवगत कराया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभव से जोड़कर उनकी परीक्षा-तैयारी को सशक्त बनाना है।सत्र के दौरान श्री देवांगन ने शोध के विभिन्न तरीकों जैसे अवलोकन, साक्षात्कार और प्रश्नावली पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने समाजशास्त्र के प्रसिद्ध चिंतक कार्ल मार्क्स की प्रमुख अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया। यह शैक्षणिक सत्र करीब ढाई घंटे तक चला, जिसमें छात्रों ने गहरी रुचि दिखाई। प्रोजेक्ट "अनुभव" का उद्देश्य युवाओं को प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों से जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मजबूत बनाना है। इस पहल के तहत जिले के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप “प्रोजेक्ट दक्ष“ जिले के शासकीय कार्यों को नई दिशा और गति प्रदान कर रहा है। इस पहल से अधिकारी-कर्मचारी डिजिटल सशक्तिकरण की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।आज कलेक्टोरेट स्थित बीपीओ मल्टीलेवल पार्किंग में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में धरसीवां ब्लॉक के शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कंप्यूटर और मोबाइल के मूल उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल डॉक्यूमेंट प्रबंधन, ईमेल तथा अन्य आवश्यक ऑनलाइन टूल्स की जानकारी दी गई। “प्रोजेक्ट दक्ष” का उद्देश्य कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता लाना है। इस प्रयास से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और अधिक सरल, पारदर्शी एवं स्मार्ट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
- -आबकारी अधिनियम के उल्लंघन पर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने की कार्रवाईरायपुर / राजधानी रायपुर में संचालित सात बार और क्लबों के लाइसेंस को तीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की है। यह निलंबन आदेश 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के लिए प्रभावी रहेगा।राजधानी के 07 बार/क्लब/पब- एफएल-2 (ए) रेस्टोरेट बार हाईपर क्लब, सिमंस बार, एफएल-4 (ए) व्यावसायिक क्लब जुनेजा वेंचर्स (मोका), एफएल-3 (ए) शॉपिंग मॉल एवं रेस्टोरेंट बार रॉयल रीट्रिट (आईपी क्लब), एफएल-3 होटल बार शीतल इंटरनेशनल (जूक क्लब), होटल बार मिलानो फुड कंपनी (ओटीआर) और होटल बार सेमरॉक ग्लोबल सेरीखेड़ी के लायसेंस तीन दिवस के लिए निलंबित किए गए हैं।कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में उल्लेखित है कि पुलिस विभाग के प्रतिवेदन के अनुसार, ये सभी प्रतिष्ठान निर्धारित समय रात 12 बजे के बाद भी खुले पाए गए, जो कि होटल बार अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन है। साथ ही अनुज्ञप्तिधारी द्वारा न केवल लायसेंस शर्तों का गंभीर उल्लंघन किया गया, बल्कि नियमों व शर्ताें के उल्लंघन के कानून व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हुई है। साथ ही उन्हें इस संबंध में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, परंतु संबंधित संचालकों का उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। इस परिप्रेक्ष्य में, छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए इन बारों की अनुज्ञप्ति तीन दिवसों के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही संबंधित बार/क्लब/पब के संचालकों को भविष्य के लिए चेतावनी भी जारी की गई है कि यदि आगे कोई भी नियम उल्लंघन पाया गया, तो लाइसेंस को पूर्ण रूप से निलंबित या निरस्त कर दिया जाएगा। निलंबन अवधि का संपूर्ण राजस्व लायसेंसी द्वारा देय होगा तथा लायसेंस निलंबन के लिए किसी प्रकार के प्रतिकर पाने या उसके संबंध में चुकाई गई किसी फीस या निक्षेप के प्रतिदाय का हकदार नही होगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन“ के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोखो पारा में 14 बच्चों की जांच की गई, जिसमें 07 छात्र एवं 07 छात्राएं शामिल रही, जिसमें कोई भी बच्चा सस्पेक्टेड नहीं मिला। शिविर के दौरान बच्चों की जांच तेज धड़कन, वजन न बढ़ना, शरीर में नीलापन, बार-बार सर्दी-खांसी, सांस लेने में तकलीफ, तथा स्तनपान के समय पसीना आने जैसे लक्षणों के आधार पर की गई।
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रायपुर। सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर संगीता , कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह के निर्देश एवं प्रभारी उपायुक्त आबकारी श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग जिला रायपुर द्वारा दिनांक 29/09/2025 को अवैध रूप से मदिरा विक्रय करते हुए पाए जाने पर कम्पोजिट गंजपारा देशी मदिरा दुकान के पास ट्रांसपोर्ट लाइन पूरानी गंज मंडी के सामने से 8.28 बल्क लीटर देशी मदिरा मसाला जब्त कर आबकारी अधिनियम की गैरजमानतीय धारा 34(2) के तहत विवेचक वैभव मित्तल द्वारा आरोपी उधप टांडी S/O अजीत टांडी को जेल दाखिल किया गया। उपरोक्त कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री डी डी पटेल,आबकारी उपनिरीक्षक श्री प्रकाश देशमुख एवम आबकारी आरक्षक श्री विवेक श्रीवास्तव का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया 19.60 करोड़ की पेयजल आपूर्ति कार्यों का भूमिपूजन-2 करोड़ 37 लाख से अधिक की लागत से उच्च स्तरीय पानी टंकी का होगा निर्माण-दीक्षा नगर सहित 13 बस्तियों के एक हजार घरों तक पहुंचेगा नल कनेक्शनरायपुर। रायपुर शहर के दीक्षा नगर एवं आसपास की 13 बस्तियों की वर्षो पुरानी पानी की समस्या जल्द ही ठीक हो जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के ठक्कर बापा वार्ड अंतर्गत दीक्षा नगर स्थित गीतांजलि सोसायटी (उद्यान) में 19 करोड़ 60 लाख 74 हजार रुपए की लागत से बनने वाली पेयजल आपूर्ति परियोजना का भूमिपूजन किया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है। आज हुए भूमिपूजन वाले विकास कार्य के पूर्ण होने से दीक्षा नगर और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी। दीक्षा ने कहा कि पिछले 20 महीने में 462 करोड़ रुपए विकास की राशि मिली है। यह केवल एक नगरीय निकाय से स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की एक-एक गारंटी को पूरा करते जा रहे हैं। नगरीय निकाय के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं आएगी। लोक निर्माण विभाग से कई सौ करोड़ के विकास कार्य हो रहे हैं। सभी विकास के कार्य जनता की मांग अनुसार कराए जा रहे है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि रायपुर नगर निगम के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव आयेगा, उसके लिए सभी वार्डों को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे।सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों की नई शुरुआत हो रही है। आज पानी टंकी का भूमि पूजन हुआ और दो साल में सबके घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है, चौड़े-चौड़े सड़क बन रहे हैं। आज बाहर के लोग कहते हैं रायपुर की पहचान और तस्वीर बदल गई है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के नए आयाम गढ़ रही है।श्री राजेश मूणत ने कहा कि स्वच्छ पेयजल बहुत बड़ी जरूरत है। सरकार तय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करेगी। रायपुर के लिए सौगात की श्रृंखला शुरू हो गई है। जनता की मंशा के अनुरूप विकास कार्य हो रहे हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि यह भूमिपूजन लंबे समय से हो रही पेयजल की समस्या से आमजनों को निजात दिलाएगी। स्वच्छ और नियमित पानी की सप्लाई हो सकेगी।पांच हजार से अधिक की आबादी होगी लाभान्वितगौरतलब है कि परियोजना के अंतर्गत 200 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी टंकी (25 मीटर स्टेजिंग) का निर्माण 2 करोड़ 37 लाख 14 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। 600 मीटर आर.एम.टी. डीआई के-09 पाइपलाइन से रॉ वाटर पम्पिंग एवं राइजिंग मेन कार्य 81 लाख 13 हजार रुपए में होगा। डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने का कार्य 40,000 मीटर लंबाई में किया जाएगा, जिस पर 14 करोड़ 61 लाख 05 हजार रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 1000 घरों तक घरेलू नल कनेक्शन और उतनी ही संख्या में वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिस पर 1 करोड़ 57 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए पी.एल.सी. स्काडा ऑटोमेशन तकनीक भी लगाई जाएगी, जिसकी लागत 23 लाख 60 हजार रुपए होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर करीब पांच हजार से अधिक की आबादी को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू,महापौर श्रीमती मीनल चौबे,पार्षद श्रीमती प्रमिला बल्ला साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- -उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नवनिर्मित शासकीय शशिबाला अंग्रेजी-हिंदी उत्कृष्ट विद्यालय भवन का किया लोकार्पणरायपुर । उपमुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित दानवीर भामाशाह वार्ड में 337.01 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित शासकीय शशिबाला अंग्रेजी-हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य की विष्णु देव सरकार अब सरकारी स्कूलों से 10वीं-12वीं पास करने वाली छात्राओं को आगे महाविद्यालयीन पढ़ाई करने के लिए 30 हजार रूपए की सहायता देगी। उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश में छात्राओं को अब आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में नही छोड़नी पड़ेगी। छात्राएं अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने सपने साकार कर सकेगीं।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोकापर्ण समारोह को संबोधित करते हुए नवीन विद्यालय के लिए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी। छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद के दौरान छात्रा अनुष्का शर्मा ने उपमुख्यमंत्री से पूछा आप बचपन में कैसे स्कूल में पढ़े ? जिस पर श्री साव ने बताया कि कक्षा तीसरी तक मैंने अपने गांव में पढ़ाई की। वह शासकीय भवन नहीं था, हमारे ही परिवार का एक कच्चा मकान था। हम अपने घर से चटाई ले जाते और बैठा करते। हर शनिवार को गोबर की पोताई भी हम करते थे। जबकि आज देखिए आपके लिए सरकार कितने भव्य और बड़े विद्यालय बना रही है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि सरकार आपको आधुनिक सुविधायुक्त विद्यालय बनाकर दे रही है ताकि आप अपना पूरा ध्यान लगाकर खूब पढ़े और आगे बढ़े। इसलिए आपकी भी यह जिम्मेदारी है कि आप पूरा मन लगाकर अच्छी तरह पढ़ें और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा के बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। अच्छे स्कूल बन रहे हैं, पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिल रहा है, छात्र-छात्राओं की जरूरतों का ध्यान रखकर विद्यालय का विकास किया जा रहा है। श्री साव ने बताया कि रायपुर शहर राजधानी के अनुरूप अवरुद्ध विकास को हमने तेज गति से विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। रायपुर गारब्रेज फ्री सिटी में देश में चौथे नम्बर पर आया है, यह आप सभी के योगदान से सम्भव हुआ है।सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर हाइटेक शहर बन रहा है। यहां बाईपास, अच्छी और चौड़ी सड़कें हैं। उन्होंने आगे कहा कि नवनिर्मित यह स्कूल बड़ा ही भव्य और सुंदर बना है। सभी छात्र-छात्राओं के लिए हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब आप सभी छात्र-छात्राओं को अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाना है। विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गरीब परिवारों की चिंता करने वाली सरकार है।आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से युक्त नवनिर्मित विद्यालयनवनिर्मित विद्यालय भवन में भूतल पर पाँच कक्षाओं के साथ दो स्टोर रूम, बालक एवं बालिका के लिए पृथक बाथरूम तथा पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रथम तल पर नौ कक्षाओं के साथ प्राचार्य कक्ष, स्टॉफ रूम, दो स्टोर रूम और पृथक बाथरूम का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार द्वितीय तल पर भी नौ कक्षाएँ, प्राचार्य कक्ष, स्टॉफ रूम, दो स्टोर रूम और पृथक बाथरूम बनाए गए हैं। साथ ही विद्यालय परिसर में 165 आर.एम.टी. शेड के साथ मुख्यद्वार, गार्डरूम, बाउंड्रीवाल, स्टेज, पेवर कार्य, पार्किंग टाइल्स, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सम्पवेल निर्माण, सेप्टिक टैंक, ब्लैकबोर्ड, स्मार्ट क्लास तथा सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।इस मौके पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौर वार्ड पार्षद श्रीमती रामहिन कुर्रे एवं श्री रमेश सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका आज रायपुर में बंगाली समाज द्वारा कालीबाड़ी में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल हुए। श्री डेका ने बंगाली समिति द्वारा कालीबाड़ी चौक में विराजित देवी की प्रतिमाओं का दर्शन किया और पूजा अर्चना की।
- -1 करोड़ 65 लाख की लागत से बनेगा विश्राम गृहरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी।गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी।मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमलयह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।
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-सफलता की कहानी
-20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प, सिंचाई और मछलीपालन से बदल रही है ग्रामीणों की जिंदगीरायपुर /कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम किशोरी में मिशन अमृत सरोवर के तहत नवीनीकृत हुआ तालाब आज ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे रहा है। कभी अनुपयोगी हो चुका यह तालाब अब ग्रामीणों के लिए दैनिक निस्तार, पशुओं के पेयजल, खेती-बाड़ी और आजीविका संवर्धन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।20 साल पुराने तालाब का कायाकल्पग्राम पंचायत किशोरी में लगभग 20 वर्ष पुराना तालाब लंबे समय तक उपेक्षा के कारण अनुपयोगी हो गया था। वित्तीय वर्ष 2022- 23 में पंचायत के प्रस्ताव पर इसे मिशन अमृत सरोवर के तहत पुनर्जीवित किया गया। करीब 10 लाख रुपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कर इसकी जलभराव क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 10 हजार घनमीटर कर दिया गया।18 एकड़ खेतों में पहुंचा पानीतालाब के पुनरुद्धार से आसपास के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। किसान मनोज रक्सेल और अरविन्द सिंह की तीन-तीन एकड़, जबकि सुरेन्द्र, लक्ष्मण, वीरेन्द्र और आनंद की दो-दो एकड़ से ज्यादा भूमि अब सिंचित हो रही है। इसके अलावा जगबली यादव की लगभग सवा एकड़ ज़मीन भी इस सरोवर से सींची जा रही है। किसानों ने बताया कि अब वे खरीफ के साथ रबी की फसलें भी लेने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में सुधार हुआ है।महिलाओं की कमाई 75 हजार रुपएग्राम पंचायत ने अमृत सरोवर को आजीविका संवर्धन के रूप में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को लीज पर उपलब्ध कराया है। जय मां महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने इस तालाब से बीते ग्रीष्म में 75 हजार रुपये की मछली बेचकर लाभ कमाया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सोनकुंवर और सचिव श्रीमती जीराबाई ने बताया कि इस साल लगभग तीन लाख रुपए के मछली उत्पादन की उम्मीद है। यह पहल महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का जरिया और पोषण संवर्धन का साधन बन रही है।खुशहाली का प्रतीक बना अमृत सरोवरकिशोरी ग्राम पंचायत का यह अमृत सरोवर आज केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके जीवन में स्थायी परिवर्तन दिखाई दे रहा है। - भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (भिलाई स्टील प्लांट) के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में 25 सितम्बर को विश्व फार्मेसी दिवस 2025 के अवसर पर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। फार्मेसी विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत विभाग प्रांगण में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।जन-जागरूकता पर केंद्रित लघु नाटिका ने लोगों को यह संदेश दिया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। नाटिका के माध्यम से जनता को केवल पंजीकृत डॉक्टरों से परामर्श लेने और पंजीकृत फार्मेसी से ही दवा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इसी कड़ी में मरीजों के लिए एक जानकारीपूर्ण पेम्फलेट का विमोचन भी किया गया।चिकित्सालय सभागार में फार्मासिस्ट श्री शुभांग और श्री प्रदीप द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जबकि वरिष्ठ फार्मासिस्ट श्री पुखराज ताम्रकार ने संगीतमय प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया। फार्मेसी विभाग के सदस्यों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं और विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही एकल एवं समूह नृत्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।यह आयोजन कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. एम. रविंद्रनाथ के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ. सौरव मुखर्जी और डॉ. उदय कुमार ने विशेष सहयोग प्रदान किया। फार्मेसी विभाग प्रभारी श्री बी.आर. ढोके, डॉ. रुचिर भटनागर, डॉ. मनीष देवांगन, डॉ. प्राची मेने, डॉ. मीता सचदेव, डॉ. रघुनंदन बिसोई, डॉ. पूजा सियाल सहित फार्मासिस्ट श्रीमती रचना आनंद, श्रीमती अर्चना मसीह, श्री देवेश कुमार नायक एवं चिकित्सालय स्टाफ की सक्रिय मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन श्री सतीश बंजारे ने किया।
- भिलाई । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के संयुक्त तत्वावधान में “लोको शेड कर्मचारियों के ज्ञान संवर्धन” प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का सफल समापन किया गया। दस दिवसीय इस प्रशिक्षण का उद्देश्य इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के संचालन और रखरखाव में संलग्न एसईसीआर तकनीशियनों की तकनीकी दक्षता को और परिष्कृत करना था।समापन समारोह की अध्यक्षता आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने मुख्य अतिथि के रूप में की। उनके साथ आईआईटी भिलाई के शोध एवं विकास के प्रभारी डीन डॉ. बालकृष्ण मेहता भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संयोजक डॉ. शशांक कुर्म ने बताया कि इस प्रशिक्षण में सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अभ्यास का संतुलित समावेश किया गया, जिससे प्रतिभागियों को लोकोमोटिव प्रणालियों की समग्र समझ प्राप्त हुई।अपने संबोधन में प्रो. प्रकाश ने प्रतिभागियों से तकनीकी ज्ञान को गहराई से समझने पर बल देते हुए कहा कि व्यावहारिक अनुभव और सैद्धांतिक ज्ञान के बीच संतुलन स्थापित करना आवश्यक है। डॉ. मेहता ने एसईसीआर तकनीशियनों की सीखने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि आईआईटी भिलाई के छात्र भी लोको शेड का भ्रमण कर वास्तविक परिस्थितियों को समझें और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में योगदान दें। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों से ईमानदार प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया ताकि भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और बेहतर बनाया जा सके।इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के विद्युत अभियंत्रण विभागाध्यक्ष डॉ. अविषेक अधिकारी ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान को अपने सहकर्मियों तक भी पहुंचाएं ताकि कार्यक्रम का व्यापक लाभ सुनिश्चित हो सके।कार्यक्रम का समापन डॉ. ललित कुमार साहू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस पहल ने आईआईटी भिलाई और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की उस प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया, जिसके अंतर्गत तकनीकी दक्षता में वृद्धि, उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहन तथा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव संचालन की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता को मजबूत किया जा रहा है।***
- रायपुर । महिलाओं में सिकल सेल रोग की गंभीर चुनौती से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के तहत जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया। इस पहल ने सिकल सेल रोग से प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर निदान और सक्रिय देखभाल की आवश्यकता पर बल दिया।कोटा कॉलोनी में आयोजित इस शिविर में लगभग 125 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें गर्भवती महिलाएं, माताएं और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल थे। कार्यक्रम का आयोजन एम्स रायपुर की सिकल सेल समिति और जैव रसायन विभाग द्वारा, एसोसिएशन ऑफ बायोकैमिस्ट्री क्लिनिकल वेलफेयर के सहयोग से किया गया।इस अवसर पर सिकल सेल समिति की अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) एली मोहापात्रा ने समिति सदस्यों डॉ. सुप्रवा पटेल, डॉ. तुषार जागज़पे, डॉ. नीलज बगड़े, डॉ. आशीष गुप्ता और डॉ. अमित मिश्रा के साथ मिलकर इस बात पर जोर दिया कि नियमित स्क्रीनिंग और समय पर उपचार से गर्भावस्था के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की प्रभावी सुरक्षा संभव है।शिविर के दौरान 47 रक्त नमूने एकत्र किए गए जिनकी जांच सिकल सेल स्क्रीनिंग, हीमोग्लोबिन और ग्लूकोज़ परीक्षण के लिए की गई। प्रतिभागियों को रोग प्रबंधन, निवारक उपायों और जीवनशैली में आवश्यक बदलावों पर व्यक्तिगत परामर्श भी प्रदान किया गया।इस पहल ने यह स्पष्ट किया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच और विवाह पूर्व स्क्रीनिंग सिकल सेल रोग के दीर्घकालिक प्रभाव को कम करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।इस सामुदायिक जागरूकता प्रयास के माध्यम से एम्स रायपुर ने एक बार फिर सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और आनुवंशिक एवं जीवनशैली संबंधी चुनौतियों से जूझ रहे परिवारों को समग्र देखभाल उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- रायपुर। आदिवासी अंचलों में ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 259 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी यह स्वीकृति आदेश राज्य के दूरस्थ और सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में अंतिम छोर तक संपर्क सुविधा को बेहतर बनाने और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।ग्रामीण संपर्क प्रभाग ने 25 सितंबर को यह स्वीकृति आदेश लेखा एवं भुगतान अधिकारी को जारी किया। इसे “मदर सैंक्शन” कहा गया है। निधि आवंटन वित्त मंत्रालय की जस्ट-इन-टाइम प्रोटोकॉल व्यवस्था के अनुरूप किया गया है और इसे सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) स्पर्श मॉडल के जरिए संचालित किया जाएगा। यह स्वीकृति आदेश पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) पर अपलोड किया गया है, ताकि राज्य सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में हुए वास्तविक व्यय के आधार पर इसका उपयोग कर सके।निर्देशों के अनुसार, कार्य की प्रगति और आवश्यकता के अनुसार एक से अधिक मदर सैंक्शन जारी किए जा सकते हैं, हालांकि किसी भी समय प्रणाली पर केवल एक सक्रिय सैंक्शन मान्य होगा और अप्रयुक्त शेष राशि आगे ले जाई जाएगी।यह 259 करोड़ रुपये की स्वीकृति पीएम-जनमन के अंतर्गत चल रहे परियोजना चरणों से जुड़ी है। इससे पहले मार्च 2024 में 126.70 करोड़ रुपये, मार्च 2025 में 180 करोड़ रुपये तथा मई 2025 में 1 करोड़ रुपये की प्रतीकात्मक राशि जारी की गई थी। नवीनतम मंजूरी के साथ छत्तीसगढ़ को ग्रामीण संपर्क योजनाओं के लिए पीएम-जनमन के तहत केंद्रीय सहायता 500 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया है कि निधियों का उपयोग योजना के मानकों के अनुरूप शीघ्र किया जाए और वित्त मंत्रालय के उन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिनमें सभी SNA खातों को बंद करने तथा अप्रयुक्त केंद्रीय शेष राशि को भारत की समेकित निधि में और अप्रयुक्त राज्य शेष राशि को राज्य की समेकित निधि में वापस जमा करने की अनिवार्यता है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वित्त प्रभाग की सहमति से जारी यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में संपर्क अवसंरचना को सशक्त करेगी और वहां की कमजोर वंचित समुदायों को महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ पहुंचाएगी।
- बलौदाबाजार /छत्तीसगढ़़ रजत जयंती वर्ष एवं सेवा पखवाड़ा के अवसर पर कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा नगर भवन बलौदाबाजार में वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा तथा सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण विकसित करने हेतु 1 अक्टूबर 2025 को अंतर्राष्ट्रीय वृध्दजन दिवस का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर विशेषज्ञों की टीम द्वारा वृध्दजनों की समस्याओं का समाधान तथा वृध्दजनों का सम्मान किया जायेगा। साथ ही चिकित्सकों द्वारा वृध्दजनों का बी.पी. शुगर जांच कर मुल्याकंन एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम 2007 के बारे में विस्तृत जानकारी समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जायेगी।
- बलौदाबाजार, / वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार सेवा पर्व के तहत सोमवार को सिद्धखोल पर्यटन स्थल में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में पर्यटन स्थल परिसर को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाए रखने हेतु विशेष पहल की गई।इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय की सहभागिता को बढ़ाकर पर्यटन स्थल को पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक टिकाऊ और व्यवस्थित बनाना था । साथ ही यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जिम्मेदारी ही नहीं है, बल्कि पर्यटन स्थलों की पहचान और आकर्षण बनाए रखने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।अभियान के दौरान समिति के सदस्यों के साथ सिद्धखोल पर्यटन स्थल के संचालन एवं प्रबंधन संबंधी विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल दीपक कौशिक, वन प्रबंधन समिति कुकरीकोना के कार्यकारिणी सदस्य एवं सुरक्षा श्रमिक उपस्थित थे।
- -विजेताओं को मिलेंगे नकद पुरस्कार,प्रतिभागी 6 अक्टूबर तक ले सकते हैं हिस्साबलौदाबाज़ार -भाटापारा । वाइल्डलाइफ वीक 02 अक्टूबर - 08 अक्टूबर, 2025 के अवसर पर, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में "कैप्चर टू कंजर्व" विषय पर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। वन मंडलाधिकारी श्री गणवीर धम्मशील ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है।प्रतियोगिता में विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए प्रथम पुरस्कार ₹10,000, द्वितीय पुरस्कार: ₹7,000 और तृतीय पुरस्कार: ₹5,000 है।प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके गूगल फॉर्म भरना होगा। फोटोग्राफी में छत्तीसगढ़ के वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रदर्शित करना होगा। परिणाम की घोषणा 7 अक्टूबर को की जाएगी। प्रतियोगिता के नियमानुसार केवल छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित वन्यजीव/प्रकृति फोटोग्राफ स्वीकार किए जाएँगे। इसके लिए प्रतिभागियों को सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरना होगा।यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता हुई तो प्रविष्टियों को अस्वीकार किया जा सकेगा। इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी फोटोग्राफी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के इच्छुक प्रतिभागी वन्यजीवों के संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। पंजीकरण कर हेतु गूगल फॉर्म लिंक https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeYNEIjjXZXro4mHuJNDZdc5m5iOEBqvq9lU7_5iy9hfTCF1w/viewformअधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक अथवा QR कोड स्कैन किया जा सकता है।
- महासमुंद / राज्य शासन के निर्देश एवं परिवहन मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में आयोजित सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत जिला परिवहन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज बस स्टैंड महासमुंद में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बस एवं ऑटो चालकों, परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें लगभग 120 लोगों की शुगर, बीपी एवं आंखों की जांच की गई।शिविर में जिला परिवहन अधिकारी श्री रामकुमार ध्रुव सहित पूरा स्टाफ उपस्थित थे। स्वास्थ्य विभाग की से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजुसा चंद्रसेन, चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज राय, नेत्र सहायक अधिकारी श्री उमेश गोतमारे, श्री टकेश्वर सिन्हा, श्रीमती मिलन भदौरिया एवं नर्सिंग अधिकारी श्री शेखर पटेल ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इस पहल का उद्देश्य चालकों एवं परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण करना तथा सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना रहा।
- -पीएचसी कटगी में पहली बार उपलब्ध कराई गई अत्याधुनिक जांच एवं विशेषज्ञ सेवाएंबलौदाबाजार/ स्वास्थ्य विभाग बलौदाबाजार द्वारा सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटगी में जिला स्तरीय मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिलेभर से आए 1098 मरीजों ने पंजीयन कर विशेषज्ञ परामर्श और उपचार का लाभ उठाया। शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सक,हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ एवं फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मरीजों ने अपने रोगों के लिए विशेषज्ञ परामर्श, उपचार एवं जांच की सुविधा प्राप्त की।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर पहली बार अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसमें सोनोग्राफी, फंडस कैमरा जांच, एक्स-रे एवं फिजियोथेरेपी सेवाएं शामिल रहीं। इन सेवाओं ने ग्रामीण अंचल के मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक ही सुलभ कराईं गई।मेगा हेल्थ शिविर में 27 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 712 मरीजों की बीपी जांच,632 मरीजों की शुगर जांच एवं 36 मरीजों ट्रूनॉट जाँच किया गया। इसके साथ ही स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा यादव द्वारा 64 सोनोग्राफी की गई।स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना भेले द्वारा 153 गर्भवती महिलाओं की जाँच की गई।हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्याण कुरुवंशी द्वारा 62 मरीजों की जाँच कर 2 मरीजों को तत्काल प्लास्टर लगाया गया।नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजली द्वारा 82 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया, जिनमें 14 मोतियाबिंद (कैटरैक्ट) मरीज पाए गए एवं 30 हितग्राहियों को चश्मा वितरित किया गया।ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र माहेश्वरी ने 34 मरीजों का परीक्षण किया। शल्य विशेषज्ञ डॉ. योगेश शर्मा द्वारा 23 मरीजों की जांच की गई, जिनमें एक बच्चे को हाइड्रोसील की समस्या पाई गई।शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के. के. टेभुरने ने 41 बच्चों का परीक्षण किया, जिनमें एक बच्चे में बाल लकवा का संदेह और 2 बच्चों में जन्मजात मस्तिष्क विकृति पाई गई। इन बच्चों का उपचार चिरायु योजना के अंतर्गत कराया जाएगा।फिजियोथेरेपिस्ट गणेश वर्मा ने 21 मरीजों को उपचार दिया।दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सुप्रीत शिरोलकर ने 19 मरीजों का उपचार किया। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एस. आर. बंजारे द्वारा 74 मरीजों की जाँच की गई, जिनमें 2 महिलाओं में लकवा पाया गया (एक को प्रसव पश्चात् लकवा हुआ)।इस दौरान एक कुष्ठ रोगी की भी पहचान की गई। शिविर में सीएमएचओ डॉ. राजेश अवस्थी, बीएमओ डॉ. रवि अजगल्ले,डीपीएम सृष्टि मिश्रा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
- महासमुंद / प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक पहल है, जिसके तहत प्रत्येक माह की निश्चित 9 एवं 24 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्ता युक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनकी गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भावस्था के 3 महीने के बाद) के दौरान व्यापक और गुणवत्ता पूर्व प्रसव पूर्व देखभाल सेवाएं प्रदान किया जाता है। इसके तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान और उपचार को प्राथमिकता दी जाती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत इस बार विशेष कर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं परामर्श दिया गया, जिस हेतु जिले में पूर्व से स्वास्थ्य संस्थाओं का चिन्हांकन, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नाम वार सूची तैयार कर पूर्व आवश्यक तैयारियां की गई थी। जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं चिन्हाकित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच किया गया। साथ ही सोनोग्राफी की सुविधा मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई गई। गर्भवती महिलाओं में प्रसूति चिकित्सा के इतिहास और मौजूदा नैदानिक स्थिति के आधार पर उच्च जोखिम गर्भधारण की पहचान एवं हर गर्भवती महिला को विशेष रूप से जिनकी पहचान किसी भी जोखिम कारक या सहरुग्णता स्थिति में की गयी हैं, उनके लिए उचित जन्म योजना बनाई गई।इस माह प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत 24 से 26 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय किया गया। जिसमें कुल पंजीकृत गर्भवती 9060 में से 1712 गर्भवती जांच हेतु चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंची। जिसमें से 528 गर्भवती को उच्च जोखिम गर्भावस्था चिन्हांकित किया गया। साथ ही सोनोग्राफी हेतु द्वितीय तिमाही एवं तृतीय तिमाही की गर्भवती को प्राथमिकता देते हुए सोनोग्राफी के लिए चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में 321 गर्भवतियों की सोनोग्राफी की गई। स्वास्थ्य संस्थाओं का जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा टीम बनाकर निरीक्षण किया गया। जिसके तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आई. नागेश्वर राव एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा और तुमगांव का निरीक्षण किया एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन की स्थिति को जांचा तथा आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश प्रदान किया। इसी प्रकार जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी एवं जिला सलाहकारों की टीम ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया।
- महासमुन्द / स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुमगांव एवं विकासखण्ड महासमुन्द के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वस्थ माँ दिवस जिरियाट्रिक केयर थीम पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।आयोजन में स्वस्थ माँ शिविर, मेगा हेल्थ कैंप, वयोवृद्ध स्वास्थ्य कार्यक्रम, वय वंदन कार्ड वितरण, आभा आईडी निर्माण तथा चिरायु दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण जैसी गतिविधियाँ संपन्न हुईं। साथ ही नवरात्रि शिविर स्थलों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर समाज को यह संदेश दिया गया कि नारी जब तक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त नहीं होगी तब तक परिवार, समाज और देश का विकास संभव नहीं है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव तथा खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुमगांव डॉ. विकास चंद्राकर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम संचालन में बी.पी.एम. श्री सुरेन्द्र चंद्राकर, बी.ई.टी.ओ. श्री गिरीश ध्रुव, सभी सेक्टर सुपरवाइजर, आर.एच.ओ., बी.सी. और मितानिन का विशेष सहयोग रहा। इस आयोजन से समस्त जनसमुदाय ने लाभ प्राप्त किया।



























