- Home
- छत्तीसगढ़
- 0- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा कीबालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने आज जनपद पंचायत गुण्डरदेही के सभाकक्ष में ग्राम पंचायत सचिवों एवं नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक में उन्होंने गुण्डरदेही विकासखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्री चंद्रवंशी ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से पूरा कराने तथा निर्माणाधीन कार्यों की सतत माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ श्री सुनील चंद्रवशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जारी किश्त, आवास निर्माण की प्रगति एवं अपूर्ण आवास की जानकारी ली।उन्होंने हितग्राहियों के आवास निर्माण की स्थिति की जानकारी लेने के साथ राजमिस्त्री प्रशिक्षण बैच तैयार करने एवं सभी ग्रामों में प्रति सप्ताह आवास चैपाल लगाकर निर्धारित समयावधि में आवास निर्माण कार्य को पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत चिचबोड़, डुण्डेरा, जेवरतला, कांदुल, खुरसुल, सिकोसा, सिरी के सचिव के असंतोषजनक कार्यों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत सिरसिदा के सचिव श्री मोतीलाल साहू व ग्राम पंचायत सलौनी के सचिव श्री शैलेन्द्र कुमार साहू की आवास प्रगति के कार्य की सराहना की।बैठक में सीईओ चंद्रवंशी ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों की आवास निर्माण की प्रगति धीमी है वहाँ निर्वाचित सरपंच-पंच के सहयोग से एक सकारात्मक माहौल तैयार कर हितग्राहियों से समन्वय स्थापित करते हुए सितंबर माह के पूर्ण सभी द्वितीय किश्त प्राप्त आवासों को शत् प्रतिशत पूर्ण करने को कहा। इसके साथ ही सीईओ श्री चंद्रवंशी ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम एवं पाई इण्डेक्स की प्रगति, ग्राम स्वराज पोर्टल में एंट्री, मनरेगा, लेबर बजट तैयार कराने एवं अटल डिजिटल सेवा केन्द्र में ट्रांजेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती निखत सुल्ताना, जिला पंचायत आंवास समन्वयक श्री प्रभात कुमार साहू, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा ओमप्रकाश साहू, विकासखण्ड समन्वयक श्रीमती नीलम चंद्राकर, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा श्रीमती प्रतिज्ञा चंद्राकर, विकास विस्तार अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार जांगड़े सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- समिति सदस्य पार्षदो को विभिन्न मदो और योजनाओ की आवश्यक जानकारी देने दिये निर्देशरायपुर. सोमवार को नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे नगर निगम मुख्यालय में नगर निगम वित्त विभाग सलाहकार समिति की बैठक में पहुंची। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम वित्त विभाग के अधिकारियों को वित्त विभाग से संबंधित विभिन्न मदो और योजनाओ की आवश्यक जानकारी सलाहकार समिति के सदस्य पार्षदो सहित सभी जनप्रतिनिधि पार्षदो को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये।नगर निगम वित्त विभाग सलाहकार समिति की बैठक वित्त लेखा अंकेक्षण विभाग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार की अध्यक्षता एवं सदस्य जोन 1 अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, जोन 7 अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, जोन 10 अध्यक्ष श्री सचिन बी. मेघानी, पार्षद डॉ मनमोहन मनहरे, देवदत्त द्विवेदी, मोहन कुमार साहू श्रीमती पुष्पा रोहित साहू,श्री अजय साहू, श्रीमती जयश्री नायक, उपायुक्त वित्त श्री संजय सिंह सोनवानी सहित नगर निगम वित्त विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में हुई। बैठक में सदस्य पार्षदो ने वार्ड पार्षद निधि सहित अन्य मदो के सबंध मे वित्त विभाग के अधिकारियो से जानकारी मांगी। पार्षदो को जानकारी दी गई कि पार्षद निधि मद की जानकारी नगर निगम मुख्यालय वित्त विभाग से जोन कमिश्नर कार्यालयो को दी गई है। जोन कमिश्नर कार्यालयों को इस संबंध में वार्ड पार्षदो को पार्षद निधि मद की आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिये गये है।
- 0- कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण एवं संरक्षण पर हुआ सार्थक संवाददुर्ग. स्टारलाइट फाउंडेशन एवं श्री चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में विगत दिन तरंग 5.0 कार्यक्रम एसएनजीवीबी ऑडिटोरियम भिलाई दुर्ग में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण एवं संरक्षण को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीयन, सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। फाउंडेशन की ओर से स्वागत संबोधन एवं ‘‘तरंग 5.0’’ की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की गई। स्वागत नृत्य से वातावरण उत्साहपूर्ण बना। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की अध्यक्षता में विशिष्ट वक्ताओं ने अपने संबोधन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सुधार को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों से विशिष्ट अतिथि, समाजसेवी, शिक्षाविद एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।पहली पैनल चर्चा ‘‘जोखिम से लचीलेपन तक- स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सुधार के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा’’ विषय पर हुई, जिसमें राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेश्वर पटेल, पद्मश्री फूलबासन बाई यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग मिशन वात्सलय के संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी, जिला पंचयात सभापति श्रीमती श्रद्धा साहू एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मानसी गुलाटी ने विचार साझा किए। इसी क्रम में बच्चों को किट वितरण भी किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ‘‘विकसित छत्तीसगढ़’’ विषय पर नाट्य प्रस्तुति हुई, जिसने उपस्थित जनों को गहराई से प्रभावित किया। तत्पश्चात एनजीओ अवॉर्ड समारोह में विभिन्न श्रेणियों के तहत सक्रिय सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया।यूनिसेफ द्वारा ‘‘एनजीओ अधिक सामाजिक प्रभाव के लिए वित्तपोषण संसाधनों को कैसे सुव्यवस्थित कर सकते हैं?’’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। दूसरी पैनल चर्चा ‘‘सीएसआर फॉर सोशल गुड’’ पर केंद्रित रही, जिसमें आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट प्रो. सोमेश शर्मा, अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के प्रमुख श्री मनीष कश्यप और बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक श्री विपिन ठाकुर शामिल हुए। ‘‘स्टारलाइट्स विज़न 2030’’ की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई, जिसमें संस्था ने आने वाले वर्षों के लिए समाजहित में अपनी योजनाओं और लक्ष्य का उल्लेख किया। इस अवसर पर पद्मश्री फूलबसन बाई यादव और श्री नंदलाल चौधरी के विशेष संबोधन ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया।कार्यक्रम में लास्या डांस क्लब, बीआईटी दुर्ग द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम को सांस्कृतिक विविधता और रंगारंगता प्रदान की। इसके अलावा डॉ. अनुपम कुमार तिवारी ने ‘‘उपयुक्त ग्रामीण तकनीक’’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संगठित प्रयासों और सकारात्मक दृष्टिकोण से ही महिलाओं और बच्चों के जीवन में स्थायी बदलाव संभव है। ‘‘तरंग 5.0’’ के माध्यम से स्टारलाइट फाउंडेशन ने सामाजिक चेतना और सहभागिता की नई लहर पैदा की। कार्यक्रम को सफल बनाने मे संस्था के अध्य्क्ष प्रतीक ठाकरे, आदित्य साकार, खुशी वर्मा, नितिन यादव एवं प्रणव यादव का योगदान रहा।
- 0- खोरपा निवासी ने मुआवजा राशि प्रदान करने दिया आवेदन0- बुजुर्ग ने आवास सहायता की लगाई गुहार0- जनदर्शन में 102 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 102 आवेदन प्राप्त हुए।धमधा विकासखण्ड के वीर महिला ग्राम संगठन सण्डी (बिहान) की महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान को लेकर आर्थिक सहायता की मांग की। महिलाओं ने बताया कि समूह विगत 2022 से ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मुर्गी पालन का कार्य कर रही है। हाल ही में हुए बारिश व तूफान से उनका मुर्गी पालन केंद्र पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। समूह ने ऋण लेकर यह व्यवसाय शुरू किया था और समय पर भुगतान भी किया गया। केंद्र की मरम्मत और व्यवसाय को पुनः शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता हेतु आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने सीईओ धमधा को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम खोरपा वार्ड क्रमांक 13 पाटन निवासी ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि प्रदान करने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उतई-तरीघाट-पाटन मार्ग के निर्माण हेतु उनकी निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया था। सड़क निर्माण कार्य कुछ ही महीनों में पूरा हो गया, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिला है। इस संबंध में उनके द्वारा लोक निर्माण विभाग में भी आवेदन प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने जल्द से जल्द मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की ताकि वे अपने जर्जर हुए मकान का निर्माण कर सकें। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम पाटन को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।शासकीय पोस्ट मैट्रिकोत्तर आदिवासी बालक छात्रावास के छात्रों ने स्थायी अधीक्षक नियुक्ति करने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि एक स्थानीय छात्रावास में स्थायी अधीक्षक की नियुक्ति न होने के कारण छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने जल्द से जल्द स्थायी अधीक्षक की नियुक्ति करने की मांग की ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल सकें।आजाद पारा भिलाई वार्ड क्रमांक 14 के निवासी ने आवास सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे हैं, जो अब पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। बारिश में घर में पानी भर जाता है और दीवारें टूट चुकी हैं। वह मोची का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक हादसे में उनका दाहिना हाथ फेक्चर हो गया था, जिससे अब वे पूरी तरह से काम करने में असमर्थ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना या किसी अन्य माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराने आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम रिसाली को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- 0- प्लाटिंग स्थल पहुंचने बनाये गये मार्ग में गड्ढा खोदकर किया गया अवरूद्धदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार सोमवार को राजस्व और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों के द्वारा अवैध प्लाटिंग को रोकने बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की गई। अधिकारियों ने प्लाटिंग स्थल पहुुंचने बनाये गये मार्ग को जेसीबी से गड्ढा खोदकर अवरूद्ध किया गया है। कार्यवाही के संबंध में स्थल पर पंचनामा भी तैयार की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खेदामारा पटवारी हल्का नंबर 11 राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा-सिरसा तहसील व जिला दुर्ग अंतर्गत भूमि स्वामी रानी सती डेवलपर्स पार्टनर विशाल केजरीवाल आ. सुरेश द्वारा खसरा नंबर 61/1, 61/2, 61/3, 64/1, 67/1, 81/1, 86/1, 86/2, 66/1, 66/2 एवं 68/1 अंतर्गत 3.22 हेक्टेयर रकबा पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बने रोड रास्ता को अवरूद्ध कर हटाया गया। यहां पर नाली बनाकर प्लाटिंग स्थल पहुचंने का रास्ता को बाधित किया गया है। कार्यवाही के दौरान अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई नगर श्री डिलेश्वर साहू, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्री सूर्यभान सिंह ठाकुर और नगर निवेश के अधिकारी श्री अनुप कुमार गढ़े व श्री सजल शर्मा, हल्का पटवारी श्री राजेश देशमुख तथा श्री सूरज जांगडे़, श्री महेश देवांगन और अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।
- दुर्ग. जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में बीज निरीक्षक द्वारा जिले के एक प्रतिष्ठान से बीज का नमूना लिया गया था, जिसे बीज परीक्षण हेतु रायपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया। उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार संबंधित बीज सोयाबीन/दफ्तरी, लॉट नंबर डीडी-24-6090-टीएल अमानक स्तर का पाया गया है, जिसके कारण इस बीज के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं, विशेष कर वीरता, शौर्य, साहस तथा महिलाओं में आत्मबल को सशक्त करने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से “वीरांगना“ रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार वर्ष 2025 प्रदान किया जाना है। पुरस्कार के रूप में एक महिला को दो लाख रूपये की राशि तथा प्रशस्ति पट्टिका सम्मान के रूप में प्रदान किया जाएगा।उक्त पुरस्कार हेतु आवेदन पत्र कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को 26 सितम्बर 2025 तक सीलबंद लिफाफे एवं लिफाफे के ऊपर “वीरांगना“ रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार वर्ष 2025 अंकित कर निर्धारित प्रपत्र में जमा करना होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुरस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक महिलाओं के उत्थान हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाली एक महिला/अशासकीय संस्था को प्रतिवर्ष मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान) प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के रूप में एक महिला/संस्था को दो लाख रूपये की राशि तथा प्रशस्ति पट्टिका सम्मान के रूप में प्रदान किया जाएगा।उक्त पुरस्कार हेतु आवेदन पत्र कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को 26 सितम्बर 2025 तक सीलबंद लिफाफे में एवं लिफाफे के ऊपर मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान) वर्ष 2025 अंकित कर निर्धारित प्रारूप में जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुरस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान हेतु अभूतपूर्व कार्य करने वाली महिला को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से माता बहादुर कलारिन सम्मान वर्ष 2025 प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के रूप में एक महिला को दो लाख रूपये की राशि तथा प्रशस्ति पट्टिका सम्मान के रूप में प्रदान किया जाता है। उक्त पुरस्कार हेतु आवेदन 26 सितम्बर 2025 तक आमंत्रित किया गया है।पुरस्कार हेतु आवेदन पत्र कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को सीलबंद लिफाफे एवं लिफाफे के ऊपर माता बहादुर कलारिन सम्मान वर्ष 2025 अंकित कर निर्धारित प्रपत्र में जमा करना होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुरस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है।
- राजनांदगांव। एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) अंतर्गत बसंतपुर वार्ड क्रमांक 46 के आंगनबाड़ी केन्द्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के एक पद पर भर्ती हेतु 17 सितम्बर 2025 तक आवेदन आमंत्रित की गई है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक निर्धारित तिथि तक कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ में सीधे अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
- महासमुंद/ राज्य शासन की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन महासमुंद ने सोमवार को एक संवेदनशील एवं सराहनीय पहल करते हुए शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के अगले ही दिन पेंशन अदायगी आदेश (PPO) प्रदान किया ।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, सहायक संचालक श्री सतीश नायर एवं जिला कोषालय अधिकारी महासमुंद श्री संजय कुमार चौधरी के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद श्री हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस) द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों को PPO प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर श्री मुरलीधर भोई, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला खैरमाल, जो 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हुए, को विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री प्रकाश चंद्र मांझी की पहल पर 1 सितंबर 2025 को ही अवकाश नगदीकरण की राशि, GPF फाइनल पेमेंट, GIS, FBF राशि तथा उपादान राशि के साथ PPO प्रदान किया गया। इसी प्रकार श्री चंद्रहास पात्र, प्रधान पाठक (मिडिल स्कूल) को भी PPO आदेश सौंपा गया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत रमेश नंदनवार ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि “शिक्षक समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन नई पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया। प्रशासन की ओर से यह हमारा दायित्व है कि उन्हें सेवा निवृत्ति के पश्चात त्वरित सुविधा और सम्मान मिले।” इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रशासन की ओर से शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया गया।उप कोषालय अधिकारी सरायपाली श्री अनिमेष सिंह द्वारा रिटायरमेंट के अगले ही दिन भुगतान सुनिश्चित किया गया। इस त्वरित कार्यवाही में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के शाखा प्रभारी श्री रुपेश महापात्र का विशेष योगदान रहा।
- महासमुंद/ संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के आदेशानुसार आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र के लिये 30 सितंबर 2025 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें। इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन-पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र के साथ नोटराइज्ड शपथ-पत्र संलग्न होना अनिवार्य है।प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते है। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, नगर घड़ी चौक रायपुर को 30 सितंबर 2025 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।लिपिक वर्गीय कर्मचारी से आशय ऐसे कर्मचारी से है जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है न कि किसी तकनीकी संवर्गीय पद पर इसी प्रकार केवल सचिवालय, वन विभाग के ऐसे स्टेनो जो केम्प कलर्क के रूप में कार्य करते हो तथा संचालनालय कोष,लेखा एवं पेंशन के स्टेनोग्राफर को छोड़कर अन्य विभागों के स्टेनोग्राफर्स प्रवेश के पात्र नही है।मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए। आवेदन का निर्धारित प्रारूप एवं निर्देश संभाग के समस्त जिला कोषालयों के सूचना पटल पर अवलोकन किये जा सकते हैं।
- महासमुंद/ जनपद पंचायत महासमुंद के अधीनस्थ तालाब एवं जलाशयों को मछली पालन कार्य के लिए 10 वर्षीय पट्टे पर दिए जाने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें नकटा तालाब लभराकला, पंडरीपानी जलाशय पचरी, कोडार डायवर्सन लोहारडीह/ कौवाझर एवं सोरमसिंघी जलाशय शामिल हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद ने बताया कि पट्टा आबंटन प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी, जिसमें पंजीकृत मत्स्य सहकारी समिति एवं मछुआ समूहों, अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग की पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियों एवं मछुआ समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी।इसी तरह सामान्य क्षेत्र में धीवर, ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह आदि के स्व सहायता समूहों को, अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्व सहायता समूहों एवं छत्तीसगढ़ राज्य सहायता समूहों को तथा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्व सहायता समूहों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसी प्रकार ऐसे मछुआ व्यक्ति जिन्हें डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर मछली पालन का प्रशिक्षण प्राप्त हो। बेरोजगार युवा जो मछली पालन में रुचि रखते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे क्षेत्र जहां वर्ष 1965 या उसके पश्चात् मकान, भूमि आदि डूब में आने के कारण कोई परिवार विस्थापित हो गए हों, उन व्यक्तियों, परिवारों या उनके समूह, समिति को संबंधित जलक्षेत्र में पट्टे पर प्राथमिकता दी जाएगी।आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, मत्स्य पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। आवेदक द्वारा आवेदन सहित आवश्यक दस्तावेज इश्तहार जारी होने (1 सितंबर से) के 7 दिवस के भीतर जनपद पंचायत महासमुंद में जमा किए जा सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य मछली पालन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। आवेदन करने के लिए विस्तृत जानकारी जनपद पंचायत महासमुंद के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है।
- 0- सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 17वां स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्नरायपुर। सैनिक स्कूल अम्बिकापुर का 17वां स्थापना दिवस समारोह सोमवार को गरिमामय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह अवसर न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गरिमा, सैन्य अनुशासन और शैक्षणिक उत्कृष्टता का जीवंत प्रतीक भी बना। समारोह के मुख्य अतिथि जनजातीय कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने विद्यालय से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल अनुशासन और शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की नींव भी है। उन्होंने कैडेट्स को देशभक्ति, समर्पण और नेतृत्व के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से सैनिक स्कूल के लिए तीन योजनाओं- विद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, आधुनिक इनडोर एरेना का निर्माण तथा हॉकी में कैडेट्स की प्रतिभा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निखारने हेतु एस्ट्रोटर्फ मैदान के निर्माण का आश्वासन दिया है।कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल तथा सासंद श्री चिंतामणि महाराज ने भी अपने संबोधन में विद्यालय की भूमिका को सराहा और इसके कैडेटों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री राम कुमार टोप्पो और अम्बिकापुर मेयर श्रीमती मंजूषा भगत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम कलेक्टर श्री विलास भोसकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। समारोह में प्राचार्या कर्नल रीमा सोबती ने स्कूल के उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ पी श्रीनिवास एवं प्रशासनिक अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर जेम्स नायर की उपस्थिति में अपने स्वागत भाषण में विद्यालय की वर्ष भर की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने शैक्षणिक, सहशैक्षणिक, खेलकूद और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कैडेट्स की भागीदारी और सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सैनिक स्कूल अम्बिकापुर के पूर्व कैडेट खिलानंद साहू और अनिमेष कुजूर, सैनिक स्कूल और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।इस ऐतिहासिक दिन पर, सैनिक स्कूल अंबिकापुर के 17वें स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती का संयुक्त उत्सव एक अद्वितीय सांस्कृतिक और भावनात्मक संगम बन गया। जहाँ राज्य की गौरवशाली यात्रा और सैनिक स्कूल की अनुशासित शैक्षणिक परंपरा एक साथ मंच पर आलोकित हुईं। यह अवसर न केवल अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने का था, बल्कि भावी पीढ़ियों को प्रेरणा देने वाला एक सशक्त संदेश भी था, कि शिक्षा, संस्कृति और सेवा भाव जब एकत्रित होते हैं, तो राष्ट्र निर्माण की नींव और भी मजबूत होती है।इस अवसर पर सैनिक स्कूल के कैडेटों ने एक शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने देशभक्ति गीत, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, मूक अभिनय और सबसे बढ़कर महाभारत की नाट्य गीत प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। किड्स अम्बिकन प्राइमरी स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत नृत्य इस कार्यक्रम का एक अन्य आकर्षण रहा। इस मौके पर विभिन्न सदनों को उनकी वार्षिक उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित किया गया।मानेकशा सदन को खेलों में सर्वश्रेष्ठ सदन का पुरस्कार प्राप्त हुआ, जबकि अरिहंत सदन को सर्वश्रेष्ठ कनिष्ठ सदन के रूप में सम्मानित किया गया। अर्जन सिंह सदन को शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ सदन घोषित किया गया। अर्जन सिंह सदन ने प्रतिष्ठित एनडीए ट्रॉफी भी अपने नाम की, जो राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में चयन हेतु सर्वाधिक कैडेट्स भेजने वाले सदन को प्रदान की जाती है। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्री नेताम के हाथों अर्जन सिंह सदन के हाउस मास्टर श्री शशिकांत ने सर्वश्रेष्ठ सदन की ट्रॉफी प्राप्त की।समारोह में विद्यालय के दो शिक्षकों सामाजिक विज्ञान के अध्यापक एवं एनसीसी ए. एन. ओ. श्री शिवेश राय एवं सैनिक स्कूल के संस्थापक सदस्यों में से एक हिंदी के अध्यापक श्री रवीन्द्र तिवारी को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही श्री महेश सिन्हा एवं श्री उदेश कुमार को भी उनके समर्पित कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
- 0- श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने विभागीय कामकाज की समीक्षा कीरायपुर। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के विभागीय कामकाज की समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने निजी उद्योगों द्वारा कराए जाने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच की गहन समीक्षा की। जोखिम वाले (खतरनाक) 913 कारखानों में मात्र 682 ने ही श्रमिकों की चिकित्सा रिपोर्ट अपलोड की गई, शेष की रिपोर्ट अपलोड नहीं करने और जिनके द्वारा किये गए है उनके द्वारा बरती जा रही खानापूर्ति को लेकर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए। उन्होने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ जांच में किसी तरह की मनमानी न हो इसके लिए फील्ड पर विभागीय अधिकारी स्वास्थ्य जांच पर नियमित निगरानी रखे। उन्होंने जोखिम कारखानों का विभागीय अधिकारियों द्वारा निरिक्षण के बाद पाई गई कमियों के निराकरण के सम्बन्ध में 929 कारखानो में 222 में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने को लेकर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बैठक में श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव फरिहा आलम, उप सचिव अंकिता गर्ग, श्रम विभाग अपर आयुक्त श्रीमती सविता मिश्रा, श्री एस.एल.जांगड़े, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।मंत्री श्री देवांगन ने बैठक में संगठित, असंगठित और श्रम कल्याण मण्डल की सभी श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग, ईएसआईसी विभाग की समीक्षा की। आवास योजना की राशि को एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख प्रति हितग्राही करने आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए । मंत्री श्री देवांगन ने श्रमिकों को मिलने वाली सभी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होने कई जिलों के कम परफॉरमेंस वाले श्रम अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही योजनाओं का अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि श्रम विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों को मिले इस दिशा में अधिकारी मुस्तैदी से कार्य करें। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों श्रमवीर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। प्रदेश में लगभग 30 लाख 69 हजार पंजीकृत श्रमिक है। इसमें से 11 लाख श्रमिकों द्वारा 5 साल बाद नवीनीकरण नहीं कराया गया है। केबिनेट मंत्री ने श्रमिकों का दोबारा पंजीयन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विभागीय अधिकारी श्रमिकों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने विभाग के अधीन संचालित मंडलों द्वारा किये जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।श्री देवांगन ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल - छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छ.ग. असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छ.ग. श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से अटल उत्कृष्ट योजना , मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है।
- 0- लैंगिक शोषण की घटना को छुपाना अपराध हैरायपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव द्वारा राज्य में 19 अगस्त से 15 सितम्बर तक बालिका सुरक्षा माह मनाने के निर्देश सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को दिए हैं। सचिव महिला एवं बाल विकास के निर्देशों के परपिालन में सूरजपुर जिले के शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा बालिका सुरक्षा माह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।बालिका सुरक्षा माह के अन्तर्गत विकासखण्ड सूरजपुर के ग्राम पंचायतों में बाल अपराध बाल अधिकार, बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल श्रम, भ्रुण हत्या, लैंगिक अपराध एवं बालिकाओं के लिंगानुपात, गुड टच बैड टच. मानव तस्करी, सोशल मीडिया मोबाइल से दूरी के के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। बालिका सुरक्षा माह का प्रारंभ में विकासखण्ड सूरजपुर के शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय केतका से की गई, जिसमें जिला बाल संरक्षण अधिकारी के द्वारा बालिकाओं को लैंगिक अपराधों से बालिका का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट) के बारे में जानकारी प्रदान की गई।बालिका सुरक्षा माह का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और अश्लील सामग्री के दुरुपयोग से बचाना है। यह अधिनियम बच्चे के यौन अपराधों को परिभाषित करता है ऐसे अपराधी के लिए दण्ड का प्रावधान है और मामले की त्वरित निपटान के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना करता है। लडका एवं लडकी दोनों बच्चों की सुरक्षा करना है, बालिका को घुरना, पीछा करना, रास्ता रोकना, गलत इरादे से बात करना एवं गुड टच बैड टच भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा बालिका को बहला कर प्रेम जाल में फंसा कर या डरा धमका कर उसका लैंगिक शोषण किया जाता है या शोषण करने के लिए उकसाया जाता है और बार-बार लैंगिक शोषण करता है तो बालिका को उसके खिलाफ जाकर विश्वास पात्र व्यक्ति को बताना चाहिए। जैसे कि स्कूल में अपने शिक्षक को या फिर अपने परिवार में जो उनके सबसे करीब होते हैं उनको इस अपराध के बारे में जानकारी देनी चाहिए, जिससे कि उस अपराधी व्यक्ति पर तत्काल कार्यवाही की जा सके। लैंगिक शोषण की घटना को बालिका जिसको बताती है, चाहे वह कोई भी व्यक्ति हो वह बालिका का सहयोग नहीं करता है और उस अपराधी व्यक्ति के खिलाफ अपराध कायम नहीं कराता है तो उस व्यक्ति पर भी इस एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है।किसी बालिका के साथ लैंगिक शोषण की हो रही ऐसी घटना को छुपाना अपराध की श्रेणी में आता है। कुछ बालिकाएं तो समाज व परिवार के डर से अपने साथ हो रही लैंगिक शोषण की घटना का जिक्र नहीं करती चुपचाप इस अपराध को सहती रहती है और गर्भवती हो जाती है। कुछ बालिकाएं समाज एवं परिवार के डर से गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन कर लेती हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो जाता है और उनकी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ जाता है जो कि काफी घातक हो जाता है एवं कुछ बिना विवाह के भी कम उम्र में मां बन जाती है। इनमें से कुछ तो नवजात शिशु को मार देते है या फेंक देते हैं नवाजात शिशु को मारना या फेकना भी अपराध की श्रेणी में आता है ऐसे शिशु को वह अस्पतालों के पालना केन्द्र में डाल सकती है या बच्चे को बाल कल्याण समिति सूरजपुर के समक्ष अभ्यर्पित कर सकती हैं इनमे से जो नाबालिक बालिका होती हैं उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। किसी भी बालिका को ऐसी परिस्थति का सामना न करना पड़े उसके लिए खुद उनको अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक होना पड़ेगा एवं शुरूआत में भी अपने खिलाफ हो रहे हैं अपराध को आगे आकर बताना होगा तब कही यह अपराध रूकेगा। ऐसे अपराधो की जानकारी टॉल फ्री चाईल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098 महिला हेल्पलाइन नंबर 181, एमरजेन्सी नंबर 118 में सूचना कर सकती है। इस एक्ट में दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।बालिका सुरक्षा माह के कार्यक्रम में विकसखण्ड प्रतापपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंछीड़ाड में संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक भैयाथान, परशुरामपुर, बतरा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतरा सहित अन्य विद्यालय, सखी सेंटर से केन्द्र समन्वयक, मिशन सशक्तिकरण से जेंडर विशेषज्ञ, चाईल्ड लाईन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी शाखा द्वारा जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने इस शिविर में पहुंचकर रक्तदान किया। रक्तदान उपरांत इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। कलेक्टर श्री सोनी ने रक्तदान को महादान बातते हुए लोगों को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया। रक्तदान एक महान और जीवनदायी कार्य है, जो जरूरतमंदों की जान बचाता है और उन्हें नया जीवन देता है।यह एक पुनीत कार्य है जो समाज में करुणा और सेवा की भावना पैदा करता है। रक्तदान सुरक्षित और सरल होता है।आपका रक्त किसी को जीवन दे सकता है। रक्त अमूल्य है इसका दान अवश्य करें। रक्तदान तब होता है जब एक स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से अपना रक्त देता है और उस रक्त का उपयोग दूसरे व्यक्ति के लिए होता है। रक्त को किसी कंपनी में नहीं बनाया जा सकता। मानव शरीर ही रक्त बनाने की कंपनी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि रक्तदान शिविर में कुल 16 यूनिट रक्त दान से प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि 18 से 65 वर्ष का व्यक्ति जिसका वजन 45 किलोग्राम तथा हीमोग्लोबिन 12.5 है, वह रक्तदान कर सकता है। एक बार मे 350 मिली रक्त ही निकाला जाता है। एक व्यक्ति साल में 4 बार रक्तदान कर सकता है, इससे किसी प्रकार की कोई कमज़ोरी नहीं आती है। इस दौरान सीएमएचओ, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारी -कर्मचारी मौजूद थे।
-
दुर्ग/ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे की सतत निगरानी और टीम भावना के चलते जिले ने आवास निर्माण में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक दुर्ग जिले को कुल 41,666 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें से 92.6 प्रतिशत आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। 95.9 प्रतिशत हितग्राहियों को द्वितीय किस्त जारी की जा चुकी है, वहीं 70.6 प्रतिशत आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों का रोजगार 86.2 प्रतिशत हितग्राहियों को प्रदान किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे की कार्ययोजना, फील्ड विजिट और तकनीकी निगरानी की अहम भूमिका रही। प्रशासन ने मिशन मोड में काम करते हुए सभी जनपद और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को प्रतिदिन निरीक्षण करने के निर्देश दिये गये। इन निरीक्षणों की रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले को 12,788 नए आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु ग्राम पंचायतों में सचिव, रोजगार सहायक एवं तकनीकी सहायकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। साथ ही ’आवास मित्रों’ की नियुक्ति कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे लाभार्थियों को आवास निर्माण के हर चरण में मदद मिल सके। राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया ताकि निर्माण कार्य में कोई विलंब न हो। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को समन्वयक बनाकर निर्माण कार्य में सहभागी बनाया गया। निर्माण सामग्री जैसे लेबर, सेंटरिंग प्लेट, जल आपूर्ति आदि की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया गया। बड़े निर्माण कार्य वाले गांवों में सामग्री का केंद्रीकृत भंडारण कर लाभार्थियों को आसानी से उपलब्ध कराया गया।
दुर्ग जिले की यह कार्यप्रणाली अब पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आ रही है। प्रशासन की तत्परता, फील्ड लेवल पर मजबूत निगरानी और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के चलते यह योजना जमीन पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही है। सीईओ श्री बजरंग दुबे ने कहा कि ’यह सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। प्रत्येक स्तर पर प्रगति के अनुसार किस्तों की राशि प्रतिदिन हस्तांतरित की गई। सभी जनपद पंचायतों में समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्य की निगरानी की गई, जिससे लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित हो सकी। - -दंतेवाड़ा सहित सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के उच्चाधिकारियों की बैठक:स्थिति सामान्य होने तक अधिकारियों को मुस्तैद रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में बाढ़, आपदा एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में दंतेवाड़ा के अलावा बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के कलेक्टर एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने विगत 26 एवं 27 अगस्त को हुई अतिवृष्टि से हुई हानि तथा प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत कार्यों की जानकारी बैठक के माध्यम से ली। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासनिक अमलों द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों से हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक तत्परता एवं त्वरित कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते माह आई इस प्राकृतिक आपदा और विभीषिका से जो जन-धन एवं अधोसंरचना की क्षति हुई है, वह अपूरणीय है। यह संतोष की बात है कि जिला प्रशासन द्वारा फौरी तौर पर बचाव एवं राहत कार्य के लिए कदम उठाए गए। साथ ही शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन दान स्वरूप दिया, जो अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ आपदा से चारों जिलों में 115 करोड़ रुपये की विभिन्न अधोसंरचनाओं को क्षति हुई है। इनकी मरम्मत के लिए राज्य शासन द्वारा हर संभव सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गैर-शासकीय एवं स्वैच्छिक संगठनों के कार्यों की भी सराहना की।मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारों जिलों में स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं स्वास्थ्य शिविर आवश्यकतानुसार जारी रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन निरंतर प्रभावितों के संपर्क में रहे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सतत जारी रखे। इसके लिए लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जाए तथा उन्हें समसामयिक सलाह देते हुए आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को राहत राशि अविलंब जारी करने के भी निर्देश दिए।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित न होने पाए। इसके लिए कार्यपालन अभियंता तत्काल प्रस्ताव केंद्रीय कार्यालय को प्रेषित करें। साथ ही केशकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधार कार्य हेतु तात्कालिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने पशु-हानि पर दी जाने वाली मुआवजे की राशि के लिए नए निर्देशों के अनुसार आवंटन देने हेतु कलेक्टरों को निर्देशित किया। स्वास्थ्य विभाग की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार डोर-टू-डोर सर्वे कराया जाए। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन क्षेत्रों में मलेरिया, टाइफाइड एवं जलजनित रोग पनपने न पाएं। उन्होंने पेयजल के सभी स्रोतों में क्लोरीनेशन कराने और उसका परीक्षण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।इससे पहले दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के कलेक्टरों ने निर्धारित एजेंडा अनुसार बाढ़ से हुई क्षति और जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत कार्यों की क्रमवार जानकारी दी। बैठक में अतिवृष्टि से प्रभावित ग्रामों, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों, बाधित विद्युत आपूर्ति एवं मोबाइल नेटवर्क की स्थिति प्रस्तुत की गई। साथ ही जन-धन हानि, बाढ़ में बह गए घरों एवं मवेशियों के बारे में संख्यात्मक एवं तथ्यात्मक आंकड़े पीपीटी के माध्यम से साझा किए गए।इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत एवं बचाव कार्य, प्रभावितों का रेस्क्यू कर उन्हें राहत कैंपों में ठहराना, तात्कालिक उपचार उपलब्ध कराना और खाद्य सामग्री वितरित करने की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि सर्वाधिक क्षति नदी-नालों के किनारे स्थित ग्रामों के निवासियों को हुई है, परंतु समय पर प्रशासनिक राहत उपलब्ध कराई गई।बैठक में बस्तर संभाग के संभागायुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी, दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, सुकमा कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, बीजापुर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत बस्तर के सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित एसपी एवं जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बाढ़ से प्रभावित दंतेवाड़ा की पूनम पटेल की प्रशासनिक अधिकारी बनने की तैयारी आगे भी निर्बाध जारी रहेगी। पूनम पटेल, दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में रहकर पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में दंतेवाड़ा में आई बाढ़ से प्रभावित होने के कारण पूनम का पूरा परिवार राहत शिविर में है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूनम से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री की पहल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पूनम को आवश्यक पुस्तकें और एक नया टेबलेट उपलब्ध कराया गया है। अब पूनम की यूपीएससी तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरा पारा वार्ड की रहने वाली पूनम पटेल पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में आई बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और घर का सारा सामान बह गया। पूनम ने बताया कि बाढ़ के पानी में उनकी सभी पुस्तकें बह गईं और टेबलेट भी खराब हो गया। पूनम ने कहा कि उनके पिता श्री संतोष पटेल किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्हीं की आमदनी से बड़ी मुश्किल से एक-एक पैसा जोड़कर यूपीएससी की पढ़ाई के लिए टेबलेट खरीदा था। बाढ़ के पानी में पुस्तकें और टेबलेट खराब हो जाने से पूनम आगे की तैयारी को लेकर बेहद चिंतित थीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पूनम को नया टेबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस सहायता से पूनम को बड़ी राहत मिली है। अब पूनम के प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह में बाढ़ भी बाधा नहीं डाल पाएगी।
- -बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा भी उपलब्ध:मकान ढहने पर सहायता राशि भी प्रदान की गईरायपुर / दंतेवाड़ा में हाल ही में आई बाढ़ से निपटने और प्रभावितों को आवश्यक मदद पहुँचाने में प्रशासन तत्पर रहा। अपने विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।आज मुख्यमंत्री के दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा पहुँचने पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा समय पर बचाव एवं राहत पहुँचाने के लिए आभार व्यक्त किया। मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से सभी प्रभावित परिवार सुरक्षित और सकुशल हैं। राहत शिविर में रहने, भोजन और इलाज जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।बाढ़ पीड़ित गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे एवं लता सागर ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि राहत शिविर में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है और अब राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा भी दिया गया है। मकान ढहने पर सहायता राशि भी मिल चुकी है और अब घर बनने तक वे यहाँ राहत शिविर में रहेंगे। प्रभावितों ने बताया कि बाढ़ आने के साथ ही प्रशासन की अपील पर सभी लोग सुरक्षित ऊँचे स्थान पर चले गए थे। फिर बाढ़ का पानी उतरने के बाद उन्हें चूड़ी टिकरापारा के छात्रावास भवन में राहत शिविर में ठहराया गया।इसी तरह रीता कश्यप, द्रोपदी नाग, कुंदन गुप्ता, महेश नाग, बबीता नाग सहित अन्य प्रभावितों ने भी प्रशासन के राहत एवं पुनर्वास प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री के समक्ष भावुक हुईं सोमड़ी सोढ़ीमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बाढ़ प्रभावितों से मिलने के दौरान चूड़ी टिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी के घर पहुँचे तो श्रीमती सोमड़ी सोढ़ी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पूरा घर डूब गया था। बाढ़ आने के एक दिन पहले वह अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुई थीं और उनकी दोनों बेटियाँ भी साथ में थीं, इस कारण उनकी जान बच गई। अस्पताल से ठीक होकर शुक्रवार को वह घर लौटीं।सोमड़ी ने बताया कि बाढ़ के पानी में घर का पूरा सामान खराब हो गया है। इस बीच प्रशासन ने राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा उपलब्ध कराया है। साथ ही राहत शिविर में नाश्ता, भोजन और इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। इस आपदा की घड़ी में सरकार की सहायता के लिए श्रीमती सोमड़ी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।इसी तरह दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा के बाढ़ प्रभावित सुरेश बघेल ने बताया कि बाढ़ आने के दिन पूरा परिवार घर में ही था। प्रशासन की सूचना पर वे सभी सुरक्षित स्थान पर चले गए और एक दिन बाद राहत शिविर पहुँचे। पिछले शुक्रवार को वे शिविर से घर लौटे हैं।सुरेश ने बताया कि प्रशासन द्वारा राशन, बर्तन, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा, कंबल-चादर और कपड़े जैसे सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
-
रायपुर। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत एमएमयू-2 दाई दीदी क्लिनिक द्वारा शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बधितार्थ विद्यालय, मठपुरेना में एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यालय के बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें कुल 73 बच्चों की जाँच की गई।
शिविर में मुख्य भूमिका निभाते हुए डॉ. तिलेश्वरी वर्मा ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। फार्मासिस्ट नंदिनी साहू, लैब टेक्निशियन प्रियंका यादव, नर्स नेहा निर्मलकर तथा ने सहयोग प्रदान किया। स्वास्थ्य शिविर का आयोजन एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर काजल शर्मा की निगरानी में किया गया। टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आवश्यक परामर्श और दवाइयाँ भी उपलब्ध कराईं।परीक्षण के दौरान प्रीतम नामक छात्र का रक्त परीक्षण किया गया। उसमें रक्त की कमी पाई गई, जिसके लिए उसे आवश्यक औषधि दी गई और संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य सुधार से संबंधित विशेष सलाह प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त हॉस्टल में रहने वाले अधिकांश बच्चों में खुजली की समस्या देखी गई। चिकित्सकों ने सभी बच्चों को उचित दवाइयाँ दीं और स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि बीमारी का प्रसार रोका जा सके।विद्यालय की विशेषता यह है कि यहाँ अध्ययनरत बच्चे दृष्टिहीन, मूक-बधिर अथवा श्रवण बाधित हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उनकी सीखने की लगन, अनुशासन और जीवन जीने की ऊर्जा अत्यंत प्रेरणादायी है। ऐसे बच्चों के बीच स्वास्थ्य शिविर का आयोजन न केवल चिकित्सा सुविधा पहुँचाने का प्रयास है, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण भी है।इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने एमएमयू-2 दाई दीदी क्लिनिक की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों से बच्चों को नियमित स्वास्थ्य सुविधा एवं आवश्यक सहयोग मिलता रहेगा। - -ओवर ऑल चैंपियनशिप पर बस्तर जोन का कब्जा-फुटबॉल एवं मल्लखब में बस्तर जोन रहा प्रथम, तीरंदाजी में बिलासपुर-तीरंदाजी तीनों आयु वर्ग में बिलासपुर जोन ने मारी बाजी,रायपुर जोन दूसरा स्थान पर*कोंडागांव। 25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ स्टेडियम ग्राउंड कोंडागांव में समापन हुआ। समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनीता कोर्राम अध्यक्ष जनपद पंचायत कोंडागांव, यशोदा कश्यप सदस्य जिला पंचायत, जसकेतु उसेंडी उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद कोंडागांव, टोमेंद्र सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष जनपद पंचायत, कुंती कोर्राम सदस्य जनपद पंचायत एवं अन्य जन प्रतिनिधियों, डीआईजी आइटीबीपी सहित विभागीय अधिकारी तथा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में सरस्वती माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात मंचासिन अतिथियों का स्वागत बैच एवं पुष्पुच्छ भेंट कर एवं स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत पश्चात सेजेस जामकोट पारा एवं शासकीय हाई स्कूल पिपरा के छात्र छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत मांदरी नृत्य प्रस्तुत किया गया, जो काफी आकर्षक एवं रोचक रहा। तत्पश्चात चार दिवसीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता का प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के उद्बोधन पश्चात विभिन्न शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान आने वाले प्रतिभागी सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंचासिन अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए। उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाकर कोंडागांव छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन करें। तथा डीआईजी आइटीबीपी श्री सुरेश ने प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए सभी छात्र-छात्राओं को राष्ट्रहित के लिए समर्पित होकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में के फुटबॉल बालक वर्ग में बस्तर जोन प्रथम, सरगुजा जोन द्वितीय एवं रायपुर जोन तृतीय स्थान पर रहा।वहीं तीरंदाजी तीनों आयु वर्ग में बिलासपुर जोन प्रथम , रायपुर जोन द्वितीय और बस्तर जोन तृतीय स्थान पर रहा। जबकि मलखब में बस्तर जोन प्रथम ,बिलासपुर जोन द्वितीय एवं रायपुर जोन तृतीय स्थान पर रहा। इस प्रकार ओवरऑल चैंपियनशिप में बस्तर जोन ने जनरल चैम्पियनशीप पर कब्जा किया। 25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में में विशेष सहयोग प्रदान करने हेतु पुलिस विभाग के घोष दल श्याम लाल कोर्राम एवं साथी तथा एनसीसी पायलेट ,स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका सफाई कर्मचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बालक कोंडागांव विकास एवं साथी , सेजेस जामकोट पारा, केंद्रीय विद्यालय कोंडागांव, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कोपरा एवं समस्त विभागीय कार्य में विशेष सहयोग देने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में खेल ध्वज को मुख्य अतिथि द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान को सौंप कर कार्यक्रम समापन की घोषणा किया गया ।इस अवसर पर डीआईजी आइटीबीपी श्री संजीव, एसडीएम अजय उराव एवं तहसीलदार मनोज रावते, जिला खेल अधिकारी सुध राम मरकाम ,जिला सहायक खेल अधिकारी कृष्ण कुमार यदु, नरेंद्र नायक प्राचार्य, निर्मल शार्दुल उपस्थित थे।
- बलरामपुर। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देश पर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर देवेंद्र प्रधान के नेतृत्व में तहसीलदार सालिक राम गुप्ता और पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर जब्त किया।तहसीलदार सालिक राम गुप्ता ने बताया कि सोमवार की सुबह राजस्व एवं पुलिस की टीम ने सिंगचौरा महानदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर चंद्रगढ़ की ओर ले जाया जा रहा ट्रैक्टर-ट्रॉली (वाहन क्रमांक CG 14 MD 7521) को नवकी मोड़ के पास पकड़ा। वाहन को जब्त कर राजपुर थाना को सुपुर्द किया।
-
-महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं- टी सहदेवभिलाई नगर। भूमिहार समाज की महिलाओं ने रविवार को सेक्टर 02 स्थित परशुराम भवन में तीज महोत्सव का भव्य आयोजन किया। धूमधाम से मनाए गए तीजोत्सव में समाज की महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर इंद्रधनुषी छटा के बीच फैशन शो भी आयोजित किया गया, जिसमें डॉ ममता राय को तीज क्वीन का ताज पहनाया गया, जबकि आरती शर्मा ने फर्स्ट रनरअप तथा अमृता सिंह ने सेकंड रनरअप का खिताब जीता। वहीं पूजा शर्मा ने वेल ड्रेस एवं मिक्की सिन्हा ने बेस्ट स्माइल का टाइटल अपने नाम किया। सांस्कृतिक प्रस्तुति में समाज की महिलाओं ने अस्त्र शस्त्रों से लैस मां दुर्गा के आठ स्वरूपों को नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसमें माता के सौम्य और रौद्र रूप के दर्शन हुए।फिल्मी गानों पर हुआ जमकर नृत्यपांच जजों के पैनल में डॉ सोनाली चक्रवर्ती, दीप्ति कौर खुराना, अश्वनी नागले, सीमा अग्रवाल तथा सरोज साहू शामिल थीं। इस मौके पर महिला विंग की प्रमुख अनीता सिंह, समाजसेविका सीमा सिंह तथा अधिवक्ता रेखा सिंह खास तौर पर मौजूद थीं। फैशन शो में विजेताओं के अलावा नीतू शुक्ला, कोमल सिंह, श्वेता राय और आशा राय ने भी कैटवॉक कर जलवा दिखाया था। दूसरी ओर महोत्सव में महिलाओं ने भोजपुरी, छत्तीसगढ़ी, तेलुगु तथा नए और पुराने दौर के फिल्मी गानों पर पेशेवर नर्तकियों की भांति जमकर नृत्य किया। अतिथियों का स्वागत पूजा और कोमल के नृत्य से हुआ। गीत-संगीत की प्रस्तुति वीना सिंह, रानी राय, आशा तिवारी, आरती राय, आनंदी राय और प्रेमा सिंह ने दी। तीजोत्सव का संचालन मोनालिका शुक्ला ने किया।विभिन्न प्रतियोगिताओं के नतीजेअन्य प्रतियोगिताओं के नतीजों के मुताबिक सारी ड्रैपिंग में पूजा शर्मा प्रथम, ममता राय द्वितीय, आशा राय तृतीय, मेहंदी में सिम्मी प्रथम, अमृता सिंह द्वितीय, ज्योति सिंह तृतीय, मैकअप में साक्षी सिंह प्रथम, पूजा शर्मा द्वितीय, नीतू शुक्ला तृतीय, हेयरस्टाइल में सुषमा सिंह प्रथम, रुचि राय द्वितीय, आरती शर्मा तृतीय, रंगोली में रुचि राय प्रथम, ममता राय द्वितीय, फूड स्टाॅल में मंजू सिंह प्रथम, आशा तिवारी द्वितीय, अमलेश राय तृतीय रहीं, जबकि रीता सिन्हा को सांत्वना पुरस्कार से ही संतोष करना पड़ा। जहां नृत्य कला का प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में इंदू राय, कुंदन शर्मा, अनीता शर्मा, शिल्पी शर्मा, रेणू पांडेय, सुमन राय, मीनाक्षी शर्मा, साधना और परिधि शामिल थीं, तो वहीं नीतू और सुमन ने भगवान की स्तुति भजन गाकर की।



























