- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर। एसईसीएल के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर श्री सुधीर कुमार मिश्रा (लिम्हा वाले) का 20 अगस्त को नई दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार 22 अगस्त को सुबह 11 बजे उनके गृह ग्राम लिम्हा (मुंगेली) में किया जाएगा। वे श्री धीरेन्द्र मिश्रा (रिटायर्ड न्यायाधीश हाईकोर्ट) एवं श्री आदित्य मिश्रा के बड़े भाई और सौरभ मिश्रा, श्रीमती रूपाली बेहार तथा श्रीमती आकांक्षा पांडे के पिता थे।
- दुर्ग। प्रदेश सरकार में शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधायी मंत्री बनाए जाने के बाद गजेन्द्र यादव शुक्रवार को पहली बार अपने गृह क्षेत्र दुर्ग पहुँचे। उनके आगमन पर पूरे दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक सड़कों पर उमड़ पड़े और भव्य स्वागत कर अपने चहेते नेता के प्रति अपार स्नेह व समर्थन प्रदर्शित किया।कुम्हारी से लेकर दुर्ग शहर तक ( कुम्हारी, चरोदा, भिलाई 3, खुर्सीपार, पावर हाउस, सुपेला, नेहरू नगर, सर्किट हाउस, मालवीय चौक, ग्रीन चौक, अग्रसेन चौक, शिक्षक नगर, मान होटल, चंडी मंदिर, गंजपारा, भाजपा कार्यालय, शनिचरी बाजार, तहसील चौक, केलाबाड़ी, कसारिडीह, महाराजा चौक) जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और नागरिकों ने मंत्री गजेन्द्र यादव का फूलों की बारिश कर स्वागत किया। बाजे-गाजे, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी के साथ पूरे मार्ग में जुलूस का माहौल उत्सवमय बना रहा। रैली में मंत्री यादव ने वाहन से हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह रैली आगे बढ़ी। शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर मंत्री जी का अभिनंदन किया। युवाओं और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर इस ऐतिहासिक स्वागत में अपनी भागीदारी दी।जनता को संबोधित करते हुए मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं बल्कि दुर्ग की जनता का है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में शिक्षा, ग्रामोद्योग और विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहेंगे।भाजपा जिला संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी मंत्री बनने पर गजेन्द्र यादव को शुभकामनाएं दीं और शहर के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।दुर्ग में गजेन्द्र यादव के स्वागत में उमड़ा यह जनसैलाब ऐतिहासिक साबित हुआ, जिसने यह संदेश दिया कि जनता का विश्वास और आशीर्वाद उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
- रायपुर - माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा - निर्देश के अनुरूप महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों की टीमों द्वारा अभियान चलाकर जोन क्षेत्र के विभिन्न मुख्य मार्गों में मानिटरिंग करके सड़कों पर आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में काउकेचर वाहन से भेजे जाने की कार्यवाही प्रतिदिन तेज गति निरंतर प्रगति पर है.आज दिनांक 21 अगस्त 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा 59 आवारा पशुओं की विभिन्न सड़क मार्गो से धरपकड़ कर उन्हें काऊकैचर वाहन की सहायता से गौतनों में भेजा गया।अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सभी 10 जोनों में दिन भर अभियान चलाकर राजधानी शहर रायपुर निगम क्षेत्र में विगत 18 दिनों में विभिन्न सड़क मार्गो से 1038 आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में भेजा गया है.यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन दिन भर चलाये जा रहे अभियान की सतत मॉनिटरिंग महापौर, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष, आयुक्त के निर्देश पर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय और निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रीति सिंह द्वारा की जा रही है और सभी जोन कमिश्नरों ने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर आवारा पशुओं को काऊकैचर वाहनों की सहायता से गौठानों में भिजवाने की व्यवस्था दी जा रही है. अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- रायपुर - आज रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम जोन 5 के महत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड क्रमांक 42 क्षेत्र अतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खोखो पारा में पहुंचकर वार्ड 42 पार्षद एवं नगर निगम जोन 5 अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल औऱ शासकीय स्कूल खोखोपारा स्कूल की प्राचार्य श्रीमती सी. वर्मा सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षक, शिक्षिकाओ, कर्मचारियों, स्कूल के छात्र-छात्राओ की उपस्थिति में शासन के स्कूल शिक्षा विभाग की सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत 33 छात्राओ को नई सायकल वितरीत की ।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने मच से खो खो पारा स्कूल में शेड और रंगमंच निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य करवाने रायपुर दक्षिण विधायक निधि के जनसम्पर्क स्वेच्छानुदान मद से 10 लाख रु का अनुदान देने की घोषणा की।दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने विद्या की प्रतीक देवी माता सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर सरस्वती सायकल योजना में सायकल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्कूल की छात्राओ द्वारा सरस्वती क्वदना की प्रस्तुति की गई। दक्षिण विधायक ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी एवं संकल्प लेने अपील की कि स्कूल निकलते समय घर में अपने से बडो और बुजुर्गो का प्रतिदिन आशीर्वाद लेकर स्कूल आए ताकि इससे सभी बच्चो को जीवन में सफल होने प्रेरणाशक्ति मिल सके।
- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से नगर पालिक निगम रायपुर के पूर्व महापौर बलवीर सिंह जुनेजा की पुण्यतिथि दिनांक 24 अगस्त 2025 को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में बूढ़ापारा में नगर पालिक निगम रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम परिसर में स्थित उनके मूर्ति स्थल पर उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग की ओर से रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 जोन कमिश्नर को बूढ़ापारा में बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम परिसर में स्थित नगर पालिक निगम रायपुर के पूर्व महापौर बलवीर सिंह जुनेजा की पुण्यतिथि दिनांक 24 अगस्त 2025 को उनके मूर्ति स्थल और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलों की पंखुडियां आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्था करवाने निर्देशित किया गया है।
- -पूर्ण ग्राम सुराज और स्वावलम्बन की दिशा में नया संकल्परायपुर।, पूर्ण ग्राम सुराज और स्वावलम्बन की दिशा में नया संकल्प: उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में कार्यशाला सम्पन्नगाँवों के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की अवधारणा को साकार करने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आज नया रायपुर स्थित ग्रामीण संपर्क एवं प्रशिक्षण संस्थान, झांझ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा को और अधिक मजबूत बनाना तथा ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, उत्तरदायी और निर्णायक बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की असली शक्ति गाँव की चौपाल और ग्राम सभा में निहित है। ग्राम सभा के निर्णय ही गाँव के विकास का आधार बन सकते हैं और इसीलिए आवश्यक है कि पंचायतें न केवल योजनाओं को लागू करें बल्कि जनता की आकांक्षाओं को दिशा देने वाली संस्था के रूप में कार्य करें।कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को पाँच अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया। जहाँ ग्राम सभा के सशक्तीकरण, वित्तीय विकेन्द्रीकरण, पंचायतों पर नियंत्रण, सामाजिक सहभागिता तथा अधिकार एवं कर्तव्यों के विभाजन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। समूह चर्चा के दौरान पंचायतों की वर्तमान व्यवस्था का मूल्यांकन करते हुए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिनसे भविष्य में ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त तथा उत्तरदायी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला में श्री सुनील कुमार सिंह, सेवानिवृत्त सचिव भारत सरकार, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, नरेगा आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा, पंचायत संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, स्वच्छ भारत मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में टीआरआई फाउंडेशन, यूनिसेफ, पिरामल फाउंडेशन और समर्थन जैसी प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी अपनी सहभागिता दर्ज करायी। सभी विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास की नयी राह सुझाते हुए ग्राम स्वावलम्बन को साकार करने के लिए साझा प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अंत में कहा कि पूर्ण ग्राम सुराज केवल शासन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह हर ग्रामवासी का स्वप्न है। जब ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी और ग्राम सभा निर्णायक बनेगी, तभी वास्तविक अर्थों में सुराज की स्थापना होगी।
- -ग्लोबल आउटरीच मिशन की शुरुआतरायपुर। भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुआ। इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है। टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा। इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री श्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे। दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहाँ निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे।वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकसओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियाँ स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।विकास और निवेश को नई गतिविश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे। यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है।
- -कैंसर अस्पताल की बिल्डिंग बनेगी जी प्लस टू (G+2) से जी प्लस सिक्स (G+6)-विस्तार के लिए लगभग रु. 39.36 करोड़ की पुनरीक्षित राशि स्वीकृतरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ नई ऊंचाइयों की तरफ अग्रसर हैं। इसी क्रम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित कैंसर अस्पताल की जी प्लस टू (ग्राउंड फ्लोर प्लस दो मंजिल) बिल्डिंग का विस्तार होकर जी प्लस सिक्स (ग्राउंड फ्लोर प्लस छः मंजिल) में उन्नयन होने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि इन परियोजना के लिए लगभग 39.36 करोड़ रूपए की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य को जल्द गति दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह बिल्डिंग सिर्फ किसी भवन या निर्माण कार्य का विस्तार नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के लिए उम्मीद की नई किरण है। कैंसर अस्पताल के जी प्लस सिक्स के विस्तार के साथ राज्य की जनता को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए कहा है कि यह कदम छत्तीसगढ़ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में अग्रसर होगा।
- -उप मुख्यमंत्री ने 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ-उप मुख्यमंत्री श्री साव और अन्य अतिथियों ने लगाए सिंदूर के पौधे-अभियान के तहत प्रदेशभर में 444 परियोजनाएं स्वीकृत, 1.66 लाख पौधे लगाए जाएंगेरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के कौशल्या विहार (कमल विहार) में 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर हम सभी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधे लगाना चाहिए। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू, विधायक श्री मोतीलाल साहू और रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी अभियान के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुईं। सभी ने कार्यक्रम स्थल पर सिंदूर के पौधे लगाकर 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण के लिए 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान से स्वसहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ा गया है। वे इस अभियान में चयनित स्थलों पर वृक्षारोपण करेंगी और पौधों की देखभाल एवं सुरक्षा भी करेंगी। इस अभियान से 1701 समूहों की 2300 से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। भारत सरकार द्वारा अभियान के तहत राज्य के नगरीय निकायों में वृक्षारोपण के लिए 444 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।विधायक श्री मोतीलाल साहू ने 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान के शुभारम्भ के मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देशभर में लगातार वृक्षारोपण के काम हो रहे हैं। पर्यावरण के संरक्षण के साथ ही ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने में इससे मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान को महिलाओं के माध्यम से अमलीजामा पहनाया जाएगा। हम सभी को भी इसमें सहभागिता देनी है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कार्यक्रम में बताया कि 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर निगम में 60 स्थानों पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके लिए स्वसहायता समूहों की 232 महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया है। मातृशक्ति ही इस अभियान को आगे बढ़ाएंगी। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा। रायपुर नगर निगम के सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, आयुक्त श्री विश्वदीप, सुडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय और गजराज बांध संरक्षण समिति के अध्यक्ष श्री पी.के. साहू सहित जोन अध्यक्षगण, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण तथा स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।शहरों में हरियाली बढ़ाने "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियानशहरों में हरित स्थानों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए महिला स्वसहायता समूहों की सहभागिता बढ़ाने "वीमेन फॉर ट्रीज" (Women for Trees) अभियान शुरू किया गया है। यह भारत सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से प्रेरित है। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की अनूठी पहल "अमृत मित्र" (अमृत 2.0 और डे-एनयूएलएम का अभिसरण) के तहत स्वसहायता समूहों को प्रेरित करने इस वृक्षारोपण अभियान को प्रारंभ किया गया है।मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत नगरीय निकायों में सरकारी स्वामीत्व की भूमियों, वाटर बॉडीज, आंगनबाड़ियों, सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, उद्यानों, एसटीपी/डब्ल्यूटीपी, एसएलआरएम सेंटर्स, मुक्तिधामों, कृष्णकुंजों, गौठानों, धार्मिक स्थलों, एएचपी आवासों, रोड डिवाइडर्स इत्यादि में महिला समूहों के माध्यम से वृक्षारोपण किए जाएंगे। "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान के क्रियान्वयन के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों और नगरीय निकायों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के 133 नगरीय निकायों में 444 परियोजनाओं को दी है मंजूरीनगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को “वीमेन फॉर ट्रीज – अमृत मित्र योजना” के अंतर्गत प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में कुल दो लाख 21 हजार 145 पौधों के रोपण के लिए 37 करोड़ 79 लाख रुपए लागत की 684 परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से भारत सरकार द्वारा 27 करोड़ 48 लाख रुपए की 444 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके तहत एक लाख 65 हजार 997 पौधे लगाए जाएंगे। ये परियोजनाएँ 13 नगर निगमों, 39 नगर पालिकाओं तथा 81 नगर पंचायतों में क्रियान्वित की जाएंगी। शेष 201 परियोजनाएँ संशोधित कर स्वीकृति के लिए भारत सरकार को पुनः प्रेषित की गई हैं।"वीमेन फॉर ट्रीज" से महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा"वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान से महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। अभियान के अंतर्गत स्वसहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को वृक्षारोपण एवं रखरखाव की ज़िम्मेदारी दी गई है। साथ ही स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी इसमें सुनिश्चित की जा रही है।राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान के प्रथम चरण में बड़े राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक पौधरोपण की स्वीकृति मिली है। वहीं परियोजना राशि प्राप्त करने की दृष्टि से छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर है। इस अभियान से 1701 स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सीधा लाभ प्राप्त होगा। प्रत्येक महिला को पौधों के रखरखाव एवं देखरेख के लिए एक वर्ष तक प्रतिमाह आठ हजार रुपए तथा जियो-टैगिंग एवं निगरानी कार्य हेतु एक हजार रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। इससे महिलाएँ न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दे सकेंगी।
- -खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग: वर्ष 2024-25 में 15 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व, नए खनन प्रोजेक्ट से मिली विकास को नई गति-खनिज किसी भी राज्य और देश के सर्वांगीण विकास की रीढ़ होती है: श्री पी. दयानंदरायपुर / राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की रजत महोत्सव के रूप में 25वी बैठक आज सिविल लाईन स्थित न्यू सर्किट हाऊस में श्री पी. दयानंद, सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, खनिज साधन विभाग एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में श्री रजत बंसल, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म एवं केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागो, उपक्रमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग, नए खनन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करना और गत वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा करना रहा।बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान पूरे हुए खनन कार्यों और उनसे प्राप्त उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि ने न केवल प्रदेश के आर्थिक ढांचे को मजबूती दी है, बल्कि खनन क्षेत्र में नए निवेश और अवसरों के द्वार खोले हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों के द्वारा वर्ष 2024-25 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जहां वर्ष 2024-25 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई वही प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया।मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद ने अपने उद्बोधन में कहा कि खनिज किसी भी राज्य और देश के सर्वांगीण विकास की रीढ़ होती है। राज्य में स्ट्रेटजिक एवं क्रिटिकल मिनरल की खोज राज्य में विकास के एक नए युग की शुरूआत का संकेत देती है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए। बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से यह आग्रह किया गया कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों का अन्वेषण करे। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव श्री दयानंद ने छत्तीसगढ़ में खनिज के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों के साझा किये जाने एवं समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी।बैठक में संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ श्री रजत बंसल के द्वारा क्षेत्रीय सत्र 2024-25 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में लगभग 2500 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के लगभग 93 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये। आगामी क्षेत्रीय सत्र 2025-26 के अन्वेषण परियोजनाओं में विभाग द्वारा महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों को शामिल किया गया है। यह परियोजना देश के लिए आवश्यक खनिज संसाधनों की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। यह आत्मनिर्भर भारत मिशन को सशक्त करेगी और रणनीतिक क्षेत्रों में सतत् एवं आत्मनिर्भर विकास को प्रोत्साहित करेगी। उन्होने कहा कि "छत्तीसगढ़ शासन वैज्ञानिक एवं विस्तृत खनिज अन्वेषण तथा विकास को पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।"खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में एनएमइटी के तहत वर्ष 2024-25 में चूनापत्थर हेतु 01 एवं बाक्साइट हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को एनएमइटी के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें एक लिथियम, नियोबियम, टेण्टेलम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ एवं एक लौहअयस्क के प्रस्ताव सम्मिलित है। विभाग द्वारा निजी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देकर अन्वेषण एवं खनिज संसाधनों के परिशोधन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों प्रस्तुत की गई। सर्व प्रथम भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. अमित धारवारकर द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, ग्लूकोनाईट, लिथियम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ, फास्फोराइट, फ्लोराईट, लेड एवं जिंक खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न खनिजों के कुल 29 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है।संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2025-26 में कुल 11 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण / पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें स्ट्रेटजिक एवं किटिकल मिनरल पर 02, ग्लूकोनाईट पर 02, लेपिडोलाईट पर 01, चूनापत्थर पर 02, लौह अयस्क पर 02 एवं बॉक्साइट पर 02 परियोजना सम्मिलित है।इस अवसर पर आईबीएम रायपुर के रीजनल कंट्रोलर श्री प्रेम प्रकाश, रीजनल माइनिंग जियोलॉजिस्ट श्री डी. दास, जीएसआई रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्री अमित ए धारवाड़कर, एएमडी के सेंट्रल रीजन के क्षेत्रीय निदेशक श्री एस.आर. मंथनवार सहित एन.एम.डी. सी., सीआईएल, वेदांता, अल्ट्राटेक, डेक्कन गोल्ड के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
-
बिलासपुर, / राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत महोत्सव के तहत प्रार्थना हॉल में एक गरिमामय काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य की गौरवपूर्ण यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित 5 मिनट की लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। इस लघु फिल्म में छत्तीसगढ़ के निर्माण काल से लेकर अब तक की गौरवपूर्ण उपलब्धियों को संजोया गया है। फिल्म में वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य,कृषि,सड़क,उद्योग,ऊर्
जा,सूचना-प्रौद्योगिकी,जैसे क्षेत्रों में हुए चहुंमुखी विकास को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। फिल्म ने यह संदेश दिया कि कैसे दो दशक से अधिक की इस यात्रा में छत्तीसगढ़ ने एक पिछड़े राज्य से तेजी से प्रगतिशील राज्य बनने तक का सफर तय किया। काव्य गोष्ठी में शामिल कवि, साहित्यकारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने फिल्म की सराहना की, उन्होंने कहा कि यह फिल्म न केवल राज्य की प्रगति का आईना है,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी दस्तावेज भी है। साहित्यकारों ने इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और विकास का जीवंत चित्रण बताया। उपस्थित प्रबुद्धजनों ने कहा कि इस तरह की लघु फिल्में और आयोजन आम जनता तक राज्य की विकास यात्रा को पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं, जिससे छत्तीसगढ़ की नई पहचान और गौरवगाथा जन-जन तक पहुंच रही है। -
-नए पंचायत भवन से ग्राम पंचायत कार्यों में आएगी सुगमता
बिलासपुर /जनपद पंचायत तखतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लाखासार में नवीन पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मनरेगा योजना अंतर्गत स्वीकृत इस कार्य पर 16 लाख 37 हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई, जिसमें 15 लाख 51 हजार रुपए का व्यय किया गया। पहले पंचायत भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था, जिसके चलते बैठकों, पंचायत की सामग्री के भंडारण एवं अन्य कार्यक्रमों में असुविधा होती थी। ग्राम पंचायत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद कार्य एजेंसी एवं मनरेगा जॉब कार्डधारी पात्र श्रमिकों की मदद से भवन निर्माण कराया गया।
नया पंचायत भवन बनने से ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकों के लिए एक निश्चित स्थल उपलब्ध हुआ है। साथ ही पंचायत की सामग्री के भंडारण हेतु स्थल अभाव की भी चिंता दूर हुई है। अब ग्रामवासियों को बैठकों, भंडारण एवं आमजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुलभ हो गई हैं। निर्माण कार्य से ग्राम पंचायत में होने वाली बैठक एवं उन बैठक में उपस्थित होने वाले सदस्यों के लिए एक नियत स्थल प्राप्त हो सका। इस भवन के निर्माण से न केवल पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता आई है। बल्कि ग्रामवासियों के लिए भी एक स्थायी एवं सुविधाजनक स्थल उपलब्ध हो सका है। -
बिलासपुर /प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला बिलासपुर द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र नवम्बर 2025 से फरवरी 2026 तक के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन पत्र 01 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तक निर्धारित कार्यालयीन समय में शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग तृतीय तल बिलासपुर में जमा किए जा सकेंगे। बिलासपुर संभाग के अधीन सभी कार्यालय प्रमुखों से अपेक्षा की गई है कि उनके विभाग एवं कार्यालय में पदस्थ वे लिपिक वर्गीय कर्मचारी, जिन्होंने तीन वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली है, इच्छुक होने पर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करें। पूर्व में आवेदन कर चुके सभी कर्मचारियों को भी इस सूचना के प्रकाशन उपरांत प्रवेश के लिए पुनः आवेदन करना अनिवार्य होगा।
-
-ज्यादा मांगने पर टोल फ्री नम्बर पर करें शिकायत
बिलासपुर / श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का फायदा उठाने के लिए श्रमिकों का विभागीय कर्मकार कल्याण अथवा असंगठित कर्मकार मण्डल में पंजीयन अनिवार्य होता है। पंजीयन का कार्य विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर जनपदों में स्थापित श्रम संसाधन केन्द्रों में निःशुल्क किया जाता हैं, वहीं निर्धारित शुल्क 30 रूपये देकर लोक सेवा केन्द्र अथवा च्वाईस सेन्टरों में भी पंजीयन कराया जा सकता है। कतिपय च्वाईस सेन्टरों द्वारा इससे ज्यादा वसूली किये जाने की शिकायत को श्रम विभाग ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नम्बर जारी कर दोषियों के विरूद्व कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। सहायक आयुक्त श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि बिलासपुर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के दूरभाष नम्बर 07752-455565 अथवा रायपुर श्रम विभाग के दूरभाष नम्बर 0771-3505050 पर कोई भी पीडित व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में च्वाईस सेन्टरों को कार्ड प्रिन्ट के नाम पर 10 रूपए लिये जाने का प्रावधान था। जिसे भी अब छूट देकर इस राशि का प्रदाय मण्डल द्वारा किया जायेगा। पंजीयन पूर्ण हो जाने के बाद श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने हेतु आवेदन के लिए मात्र 20 रूपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीयन कराने के लिए च्वाईस सेन्टरों में जाना जरूरी नहीं है। कोई भी व्यक्ति श्रमेव जयते एप्प को गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर इसके जरिए पंजीयन करा सकता है। -
-अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा करने दिए निर्देश
बिलासपुर, /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला पंचायत के सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा विस्तार से की। उन्होंने योजना अंतर्गत अपूर्ण आवासों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने, पीएम जनमन आवासों के निर्माण कार्यों में प्रगति लाने, चेकर वैरिफिकेशन से संबंधित समस्त कार्यों को पूरा करने करने कहा। कलेक्टर ने प्रत्येक पैरामीटर में प्रगति लाने एवं निर्धारित समय में लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, सहायक परियोजना अधिकारी, जिला समन्वयक, सहायक अभियंता के साथ जनपद स्तर से समस्त सीईओ जनपद पंचायत, ब्लॉक समन्वयक, पीओ मनरेगा, एडीइओ सहित समस्त तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत 58 हजार 483 आवास स्वीकृत हुए है जिसमें से 28 हजार 376 आवास पूर्ण हो चुके है एवं 30 हजार 107 आवास प्रगतिरत है। आवास योजना अन्तर्गत आवास 2.0 ऐप के माध्यम से 2 लाख 28 हजार 336 हितग्राहियों का सर्वे किया गया हैै। 94 हजार 852 हितग्राहियों का वैरिफिकेशन किया जाना था, जिसके विरुद्ध 78 हजार 300 हितग्राहियों का चेकर वेरिफिकेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है शेष वेरिफिकेशन का कार्य प्रगतिरत है। -
-निजी कंपनी करेगी 500 पदों पर भर्ती
बिलासपुर /जिले की महिला अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 22 अगस्त को सवेरे 10 बजे से शाम 4 बजे तक शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक में निःशुल्क प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।
इन कैम्पों में एटीसी टायर्स प्राईवेट लिमिटेड दहेज, जिला भरूच, गुजरात द्वारा केवल महिला अभ्यर्थियों के लिए 500 मशीन ऑपरेटर के पदों पर चयन की कार्यवाही की जाएगी। इच्छुक महिला अभ्यर्थी जो 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक (किसी भी विषय में) उत्तीर्ण हैं, वे कैम्प में उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकती हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी रोजगार कार्यालय की वेबसाईट www.erojgar.cg.nic.in, रोजगार एप एवं संबंधित महाविद्यालय से संपर्क किया जा सकता है। -
बिलासपुर /नगर निगम बिलासपुर अंतर्गत वार्ड क्र. 2 अब्दुल कलाम नगर, वार्ड क्र. 3 सांई नगर, वार्ड क्र. 14 मिनीमाता नगर, वार्ड क्र. 25 क्रांतिकुमार भारतीय नगर, वार्ड क्र. 45 शहीद हेमू कॉलोनी नगर, वार्ड क्र. 51 राजकिशोर नगर, वार्ड क्र. 52 रविन्द्रनाथ टैगोर नगर, वार्ड क्र. 57 अशोक नगर, वार्ड क्र. 58 रानी दुर्गावती नगर एवं वार्ड क्र. 68 रामकृष्ण परमहंस नगर में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए संबंधित वार्ड में पंजीकृत महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार एवं स्थानीय नगरीय निकाय से 4 सितम्बर 2025 तक आवेदन सीलबंद लिफाफे में मंगाए गए है।
शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार का पंजीयन उद्घोषणा की तारीख से तीन माह पूर्व पंजीकृत होना अनिवार्य है। निजी व्यक्तियों के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। पंजीयन प्रमाण पत्र में उल्लेखित कार्यक्षेत्रानुसार ही संबंधित वार्ड हेतु आवेदन स्वीकार किया जाएगा अन्य वार्ड का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन पत्र कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा बिलासपुर में सीलबंद बॉक्स में जमा करेंगे।
आवेदन करने हेतु महिला स्व. सहायता समूह एवं प्राथमिक उपभोक्ता भण्डार का जीवित पंजीयन प्रमाण की छायाप्रति, बैंक खाता संचालन एवं तीन माह का बैंक स्टेटमेंट एवं कार्य अनुभव, शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु समूह, समिति का सहमति सहित प्रस्ताव जिसमें समिति का कार्यक्षेत्र का भी उल्लेख, महिला स्व सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार का कार्यक्षेत्र संबंधी प्रमाणित प्रति जिसका उल्लेख पंजीयन प्रमाण-पत्र में पंजीयन प्रमाण-पत्र जारीकर्ता प्राधिकारी के प्रमाण-पत्र के साथ संलग्न करना होगा, जिसमें वार्ड हेतु पंजीयन है, कार्यक्षेत्र का उल्लेख अनिवार्य रूप से हो। आवेदन पत्र एवं लिफाफे के ऊपरी भाग में जिस वार्ड के लिए आवेदन किया गया है, उस वार्ड का नाम का स्पष्ट उल्लेख किया जावें। - -संस्कृति एवं विकास पर केन्द्रित गीतों की प्रस्तुति ने समा बांधा-कन्ज्यूमर से प्रोड्यूसर राज्य की ओर बढ़ाने होंगे कदम: कुलपति-नयी तकनीक एवं नवाचार से आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़ : कलेक्टर-कवियों की शानदार प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध हुए दर्शकबिलासपुर /छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा प्रार्थना सभा भवन में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। राज्य निर्माण के इन पच्चीस वर्षों में छत्तीसगढ़ में हुए विकास एवं समरस संस्कृति को कवियों ने गीतों में पिरोकर अपनी सुन्दर प्रस्तुतियों से खूब वाहवाही लूटी। राज्य के जन्म से लेकर युवा होने तक की गाथा सुनकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। रजत जयंती पर 25 से ज्यादा नामी गिरामी कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 एडीएन वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार सतीश जायसवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार, कवि एवं साहित्यकार श्री नन्द किशोर शुक्ल, श्री राजेश चौहान, डॉ. अजय पाठक एवं श्रीमती रश्मिलता मिश्रा उपस्थित थीं।मुख्य अतिथि एवं कुलपति डॉ. एडीएन वाजपेई ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शुरू से ही अलग पहचान रही है। इसने अविभाजित मध्यप्रदेश और देश को काफी प्रभावित किया है। छत्तीसगढ़ किसी भी मामले में कमजोर कभी भी नहीं रहा है। समरसता यहां के समाजों का विशिष्ट खासियत रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर ने राज्य और देश को श्रेष्ठ राजनेता दिया है। सविंधान के निर्माण में भी यहां के लोगों ने योगदान दिया है। साहित्य जगत में भी बिलासपुर का गौरवपूर्ण स्थान है। डॉ0 वाजपेई ने कहा कि गत 25 बरस में छत्तीसगढ़ ने काफी प्रगति की है। लोगों की आमदनी में काफी इजाफा हुआ है। सड़क, शिक्षा और विज्ञान में काफी प्रगति हुई है। हाल ही में जारी छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेन्ट में ये सब देखने को मिल रहा है। अब हमें कन्ज्यूमर स्टेट से आगे जाकर प्रोड्यूसर स्टेट के रूप में पहचान बनानी है। इसके लिए उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना होगा। विकसित राज्यों की बराबरी में आने के लिए हम सबको और मेहनत करनी पड़ेगी।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उद्बोधन में कहा कि रजत महोत्सव हमें आत्मचिंतन का अवसर मिला है कि हम इन 25 सालों में कहां पहुंचे हैं। क्या कर रहे हैं। क्या सही दिशा में विकास के काम हो रहे हैं। क्या कुछ छूट गया। हम आज कितने खुशहाल हैं। उन्होंने कहा कि केवल पैसा ही समृद्धि का संपूर्ण परिचायक नहीं हैं। इससे भी आगे बड़े विषय हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण के इन पच्चीस बरसों मे राज्य के उत्तर से लेकर दक्षिण तक समान रूप से विकास के काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा संपन्न लोग बहुत हैं। उनमें निहित कौशल को और धार देना है। हर मामलों में हमें देश के औसत से ऊपर रहने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के बीचो-बीच स्थित है। इस भौगोलिक स्थिति का हमें फायदा उठाना चाहिए। राज्य को विकसित स्वरूप देने में लोगों को भी आगे आना होगा। उन्हें प्रोडक्टिव होना होगा। नई तकनीक एवं नवाचार अपनाएंगे तभी आगे बढ़ना आसान होगा। समाज के कमजोर लोगों को भी साथ लेकर चलना होगा अन्यथा विकास के तमाम दावे अधूरे साबित होंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार सतीश जायसवाल ने कहा कि रजत महोत्सव के अवसर पर संगोष्ठी के आयोजन से साहित्य जगत को खुशी हुई है। काफी दिनों बाद कवि एवं साहित्यकार एक साथ मिले हैं। पच्चीस सालों में भौतिक विकास के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य का भी विकास हुआ है। विश्वविद्यालयों में भी छत्तीसगढ़ की संवेदना का महसूस कर इस पर अनुशीलन किया जा रहा है। गोष्ठी आयोजन के लिए उन्होंने जिला प्रशासन को बधाई एवं धन्यवाद किया। वरिष्ठ साहित्यकार श्री नंद किशोर शुक्ल ने कहा कि राज्य निर्माण के पहले छत्तीसगढ़ अनजाना सा था। नये राज्य बनने से पहचान मिली। छत्तीसगढ़ राज्य पर हम सभी को गर्व है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बापजेई जी ने हमें पृथक छत्तीसगढ़ दिया। तब से छत्तीसगढ़ राज्य दिनों दिन प्रगति कर रहा है। उन्होंने राज्य निर्माण के इतिहास को काफी विस्तार से बताया। श्री शुक्ल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा हमारी अस्मिता और पहचान है। इसके और विकास और विस्तार की जरूरत है। साहित्यकार श्री राजेश चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने से हमारे पुरखों का सपना साकार हुआ है। इसे अव्वल राज्य में तब्दील करने की जिम्मेदारी अपने कंधो पर है। स्वागत भाषण नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने दिया। उन्हेांने आयोजन का उद्देश्य भी बताया। कार्यक्रम के शुभारंभ सत्र का संचालन एवं आभार ज्ञापन जनसम्पर्क विभाग की जिला समन्वयक सुश्री रेहाना तबस्सुम ने किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुनील शर्मा ‘‘प्रकाश’’ ने किया।प्रार्थना सभा भवन में करीब 5 घण्टे तक कविताओं का दौर चला। वरिष्ठ कवि, साहित्यकारों व नवोदित कवियों ने अपनी चुनिंदा कविताओं के माध्यम से राज्य निर्माण की सार्थकता का वर्णन किया। गोष्ठी सत्र में डॉ. सुप्रिया भारतीयन, डॉ. देवधर महंत, श्री महेश श्रीवास, श्रीमती तुलसी देवी तिवारी, श्री एमडी मानिकपुरी, डॉ. राघवेन्द्र दुबे, श्री रामनिहोरे राजपूत, श्री सुशील तिवारी,श्री भास्कर मिश्रा ,श्री जगदीश कुलदीप, श्री विजय तिवारी, श्रीमती अनु चक्रवर्ती, श्रीमती रश्मि गुप्ता, सुश्री अनपूर्णा पवार, सुश्री उज्मा अख्तर, श्रीमती धनेश्वरी सोनी, श्रीमती वीणा शुक्ला, युवा कवि श्रीकुमार, सुश्री आकांक्षा द्विवेदी, श्री बालमुकुंद श्रीवास, श्री अंशुल शुक्ला, श्री अशीष श्रीवास, श्री चैतन्य गोपाल ने कविता पाठ किया। सभी साहित्यकारों को उप संचालक जनसंपर्क श्री एमडी पटेल द्वारा जिला प्रशासन की ओर से शॉल, श्रीफल देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई।
- -कलेक्टर ने ग्राम जुंगेरा में किसान फिरूराम के खेत में पहुँचकर सर्वे कार्य का किया अवलोकनबालोद। राज्य शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बुधवार को आला अधिकारियों के साथ बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा में किसान श्री फिरूराम के खेत में पहुँचकर खसरा नंबर 676/6 में सर्वेयर एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा किए जा रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्य को निर्धारित समयावधि में त्रुटिरहित ढंग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा एवं अन्य अधिकारियों के अलावा राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सर्वेयर के द्वारा मोबाईल एप्प के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्य का गहनता के साथ अवलोकन कर इसके संबंध में आवश्यक जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित किसानों से बातचीत कर डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य के संबंध में जानकारियां भी दी। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण के माध्यम से अब किसानों द्वारा खेत में बोए जाने वाली फसलों एवं क्षेत्रफल की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत सर्वेयर द्वारा संबंधित खसरा नंबर में जाकर डिजिटल क्राॅप सर्वे एप्प के माध्यम से संबंधित खेत का तीन फोटो खीचकर इसकी प्रविष्टि की जाएगी। इससे फसल के रकबे को कम या अधिक लिखे जाने की संभावना समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से किसानों को बहुत जरूरी लाभ प्राप्त हो सकेगा। इनमें किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए अब अपने दस्तावेजों का बार-बार सत्यापन कराने से मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही फसल से जुड़ी सारी अहम जानकारी भी किसानों को एक जगह मिल जाएगी। इससे किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना आसान हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि सर्वेयर द्वारा डिजिटल सर्वेक्षण कार्य के उपरांत पटवारी द्वारा इसका सत्यापन भी किया जाएगा।
- बालोद । रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत जिले के डौंडी ब्लॉक के विभिन्न बैंकर्स, बिहान समूह की एफएलसीआरपी, बैंक मित्र, पीआरपी की उपस्थिति में ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मंडले द्वारा बैंक शाखावार बैंक लिंकेज की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी एफएलसीआरपी को पर्याप्त प्रकरण बैंकों में जमा करने के निर्देश दिए। अग्रणी बैंक प्रबंधक ने सभी बैंकर्स को 01 अगस्त से अब तक प्राप्त प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उक्त बैठक ग्रामीण विकास और बैंकिंग सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
- बालोद ।जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्रकार की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत के सामान्य सभा की बैठक शांतिपूर्ण ढंग से एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित विभिन्न समितियों के सभापति, जिला पंचायत सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में पूर्व बैठक की पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। इसी तरह बैठक में खनिज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों सहित पुराने जिला पंचायत के किराए पर चर्चा की गई।
- -कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर अभियान के सफल आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की-17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चलाया जाएगा विशेष सेवा अभियान, कलेक्टर ने जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद। भारत सरकार के द्वारा शुरू किए गए आदि कर्म योगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले के आदिवासी बहुल 186 गांवों में जनजातीय वर्ग के लोगों के कल्याण एवं विकास के लिए आदि कर्म योगी अभियान संचालित किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर बालोद जिले में आदि कर्म योगी अभियान के सफल आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई को आदि कर्म योगी अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक विशेष सेवा अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को इस दौरान जनजातीय परिवार के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि जिले में इस अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने हेतु अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एव श्री नूतन कंवर सहित सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री विजय सिंह कंवर के अलावा राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने “आदि कर्मयोगी अभियान” के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत शामिल जिले के 186 गांव में से प्रत्येक गांवों में 20-20 वालंंिटयर तैयार किया जाएगा। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को वालंटियर के रूप में गांव क पढ़े-लिखे एवं जानकार लोगों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी वालंटियरों को समुचित प्रशिक्षण आदि प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने पात्रतानुसार जनजातीय परिवार के लोगों का राशन कार्ड एवं आधार कार्ड बनाने की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के चयनित सभी 186 गांवों में निवासरत जनजातीय परिवार के लोगों तक शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इन गांवों को गोद भी लिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिले में आदि कर्म योगी अभियान के सफल संचालन हेतु स्वयं संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवा एवं सेवाभावी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इनके द्वारा जिले के 186 गांवों में आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी। जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से ‘सेवा पर्व और ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान का संचालन किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
- -54 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस-15 विक्रेताओं के विक्रय पर प्रतिबंध एवं 01 विक्रेता का किया गया लायसेंस निलंबितबालोद। उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा सख्त निगरानी की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि निर्धारित दर पर उर्वरक का वितरण कराने के उद्देश्य से जिले के समस्त निजी उर्वकर वितरण केन्द्रों में मैदानी अमलों (उर्वरक निरीक्षक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) की ड्यूटी सुनिश्चित की गयी है। उन्होंने बताया कि मेसर्स ईफको ई-बाजार झलमला में उर्वरक निरीक्षक श्री ऐमन्त कोठारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सुनील ठाकुर की उपस्थिति में 500 कृषकों को 600 बैग, देवांगन कृषि केन्द्र, अलमला में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुनील ठाकुर की उपस्थिति में 126 कृषकों को 223 बैग यूरिया का वितरण कराया गया। इसी तरह जिले के अन्य निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों से 428 कृषकों को 815 बैग यूरिया तथा 92 कृषकों को 120 बैग डी.ए.पी का निर्धारित दर पर वितरण कराया गया है। जिले में कार्यरत उर्वरक निरीक्षकों द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में अबतक 183 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है। जहाँ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का उल्लघन पाये जाने पर 54 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, 15 को विक्रय प्रतिबंध, 01 लायसेंस निलंबन किया गया है तथा मेसर्स कोठारी कृषि केन्द्र, मलकुंवर एवं विनायक कृषि केन्द्र, देवरी के उर्वरक लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की गयी है। उन्होंने बताया कि जिले को प्राप्त 77307 मी.टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य के विरूद्ध 61028 मी.टन उर्वरक का भण्डारण किया गया है, जिसमें से 57653 मी.टन उर्वरकों का कृषकों द्वारा उठाव किया जा चुका है। कृषकों को आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक निर्धारित दर पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सहकारी समितियों में लगातार उर्वरकों का भण्डारण एवं वितरण कार्य किया जा रहा है।
- बालोद।, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने राष्ट्रीय राज्य मार्ग व प्रमुख सड़को पर विचरण करने वाले आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु" कियान्वयन के संबंध में जिला स्तर पर "जिला स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष जिल कलेक्टर होंगे। समिति के सदस्य पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, सीएमओ नगर पालिका, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, उप संचालक पशु चिकित्सा, उप संचालक कृषि और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी होंगे। गठित समिति द्वारा प्रत्येक मास में जिले के आवारा घुमन्तु पशुओं के प्रबंधन और दुर्घटनाओं, समस्याओं के समाधान से संबंधित कार्यों की समीक्षा और सुधारात्मक उपाय हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाएगा। जिले में उक्त समिति के गठित होते हुए त्वरित कार्यवाही शुरू कर दी गई है, विगत रात्रि जिले के विभिन्न प्रमुख सड़कों में घूमने वाले पशुओं को सड़क से दूर ले जाने की कार्यवाही की गई है।
-
कृषि शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में मिलकर काम करने पर विचार मंथन होगा
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के बीच हुआ है समझौता
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के मध्य शिक्षा तथा अनुसंधान हेतु हुए समझौते के तहत डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान का एक आठ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल 21 अगस्त 2025 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रवास पर आएगा और यहां दोनो संस्थानों के मध्य शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में किये जाने वाले कार्यों का जायजा लेगा। डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के रेक्टर डॉ. रोजिव के नेतृत्व में आने वाला यह प्रतिनिधि मंडल कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध अधोसंरचनाओं एवं अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन करेगा। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं प्राध्यापकगण कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण तथा विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में शिक्षा एवं अनुसंधान की संभावनाओं पर विचार विमश करेंगे। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक डॉ. आर.के. अग्रवाल, डॉ. सीमा जग्गी तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। उज़्बेकिस्तान का प्रतिनिधि मंडल राजभवन में राज्यपाल श्री रामेन डेका से भेंट कर चर्चा भी करेगा.
उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के मध्य 17 अप्रैल 2025 को एक समझौता किया गया था जिसके तहत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर और डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के विद्यार्थी स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध (च्ीक्) पाठ्यक्रमों के लिए एक दूसरे के संस्थानों में जा सकेंगे। दोनो संस्थानों के प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक भी आपसी समन्वय के तहत एक दूसरे के संस्थान में अध्ययन एवं अनुसंधान कर सकेंगे। समझौते पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की ओर से कुलपति डॉ. चंदेल और डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान की तरफ से रेक्टर प्रो. आयेबेक रोजिव ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत दोनों संस्थान कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण तथा विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में शिक्षा एवं अनुसंधान का कार्य करेंगे। इसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के विद्यार्थियों को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के नये अवसर प्राप्त होंगे। समझौते पर आगे बढ़ने के लिए दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक एवं अधिकारी एक दूसरे के संस्थानों का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, परिवेश तथा अनुसंधान के क्षेत्रों का जायजा लेंगे। समझौते के प्रथम चरण में डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधि मंडल 21 अगस्त 2025 को कृषि विश्वविद्यालय परिसर का दौरा करेगा। प्रतिनिधि मंडल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर छत्तीसगढ़ के परिवेश, स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध सुविधाओं तथा अध्ययन एवं अनुसंधान के क्षेत्रों के बारे में जानकारी प्राप्त करेगा। इनके आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएंगी। किन क्षेत्रों में और किन पहलुओं पर मिलकर शोध/अनुसंधान करना है यह तय किया जाएगा।
21 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र भी रखा गया है जिसमें डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के रेक्टर डॉ. रोजिव वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. चंदेल, वरिष्ठ अधिकारी एवं वैज्ञानिकगण शामिल होंगे। इस दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (icar) के उपमहानिदेशक भी उपस्थित रहेंगे। परिचर्चा के दौरान कृषि शिक्षा में किए जा रहे सुधारों, शैक्षिक नवाचार एवं डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान में उपलब्ध अवसर, अनुसंधान सहयोग की संभावनाएं एवं इनके क्षेत्र जैसे विषयों पर सार्थक संवाद किया जाएगा। सत्र को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. चंदेल, तथा डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के रेक्टर डॉ. रोजिव भी संबोधित करेंगे। परिचर्चा में शिक्षा एवं छात्रों से जुड़े मुद्दो के साथ-साथ अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों सब्जियों, तिलहन फसलों, रेशेदार फसलों, मछली पालन, फॉरेस्ट्री, कृषि रसायन, पौध संरक्षण, कृषि व्यवसाय एवं उद्यमिता, खाद्य प्रसंसकरण आदि विषयों पर विचार-मंथन किया जाएगा। डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधि मंडल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के विभिन्न संस्थानों में संचालित गतिविधियों एवं सुविधाओं का जायजा भी लेगा जिसमें समझौते के तहत भविष्य की रणनीति तैयार की जा सके। समझौते के अगले चरण में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधिकारी एवं वैज्ञानिक डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान का दौरा करेंगे।



























