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- बिलासपुर/ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में कल 8 अगस्त को अपरान्ह 3 बजे से लखीराम स्मृति ऑडोटोरियम में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में प्रधानमंत्री मुफ्त सूर्य घर बिजली योजना और इसका लाभ लेने के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत बिजली उपकरण अपने घर में ही स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकार की ओर से भारी अनुदान दिया जा रहा है। हर महीने अपने घर में ही बिजली संयत्र स्थापित कर 200 से 360 यूनिट तक बिजली उत्पादित कर सकते है। जरूरत से ज्यादा बिजली होने पर इसे पावर ग्रिड में डालकर अतिरिक्त आमदनी भी कमाई जा सकती है।
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बिलासपुर/ निपनिया स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में भोजन एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था संचालन के लिए पंजीकृत महिला स्व सहायता समूहों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये है। आवेदन के इच्छुक महिला समूह का पंजीयन एनआरएलएम अथवा एनयूएलएम में होना चाहिए। प्रस्ताव 28 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक पहंुच जाने चाहिए। इसे 1 सितम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे खोला जाएगा। उल्लेखनीय है कि लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम होते रहते है। उन्हें स्थानीय स्तर पर भोजन एवं स्वल्पाहार उपलब्ध कराया जाता है। विस्तृत जानकारी के लिए जिला प्रशासन की वेबसाईट www.bilaspur.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
- 0- स्वच्छता के संग’’ थीम पर 15 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह का आयोजन0- कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियों के संचालन करने हेतु क्षेत्रवार नोडल अधिकारी नियुक्तदुर्ग/ 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 02 अगस्त से 15 अगस्त, 2025 तक तीन चरणों में (प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025) किया जा रहा है, जो ’’हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता - स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग’’ थीम पर आधारित है। इसके अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि आमजन में देश भक्ति की भावना विकसित हो तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान में वृद्धि हो। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने उक्त कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियों के संचालन करने हेतु क्षेत्रवार नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग को, नगर पालिका निगम क्षेत्र में आयुक्त नगर पालिक निगम (सर्व) जिला दुर्ग को, नगर पालिका परिषद् क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद् (सर्व) जिला दुर्ग को तथा नगर पंचायत क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत (सर्व) जिला दुर्ग को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी कार्यालयों/विभागीय गतिविधियों के संचालन हेतु संबंधित कार्यालय प्रमुख (सर्व) जिला दुर्ग प्रभारी अधिकारी होंगे। सभी नियुक्त नोडल अधिकारियों को संस्कृति विभाग द्वारा दिये गये निर्देशानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करने कहा गया है।कार्यक्रम अंतर्गत जारी दिशा-निर्देश के अनुसार जिले के अन्तर्गत सार्वजनिक उपक्रमों स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों आदि के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्पाेरेट और निजी संगठनों को भी सीएसआर संसाधनों सहित भाग लेने और योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार की वेबसाइट्स और सोशल मीडिया का उपयोग कर जागरूकता का निर्माण करने तथा ’’हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता-स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग’’ आयोजित कार्यक्रम को वेबसाइट (www.harghartiranga.com) के माध्यम से लिंक किया जाएगा। शासन स्तर पर मॉनिटरिंग कर ग्राम सरपंचों एवं नगरीय निकाय के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित कर तिरंगा कोड को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त तिरंगा की मांग अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शासकीय स्तर पर प्रत्येक गाँव में तिरंगा वितरण और बिक्री केन्द्र स्थापित किया जाना है।इसके लिए स्थानीय स्व-सहायता समूहों को तिरंगा के निर्माण एवं ग्राम पंचायतों द्वारा बड़े पैमाने पर समूह में खरीदी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में तिरंगा के वितरण/बिक्री केन्द्र के रूप में पोस्ट ऑफिस/उचित मूल्य की दुकान का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। टोल नाका, चेक पोस्ट आदि में पैम्पलेट-स्टीकर वितरण किये जाएंगे। भारत सरकार द्वारा निर्धारित गतिविधियों जैसे समस्त शासकीय भवनों एवं सस्थानों आवासीय भवनों में तिरंगा लाईटिंग, रंगोली, सेल्फी जोन एवं तिरंगा फहराना एवं पैम्पलेट, बैनर, स्टैर्णडिज आदि के माध्यम से ’’हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता-स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग’’ कार्यक्रम को सफल बनाने स्थानीय भाषाओं में प्रमुखता से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कार्यक्रम अंतर्गत तिरंगा वितरण कार्यवाही की जानकारी https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeyrn6d9810NoQ7NquJjOQV XN-MjR9tkBjP7sFZPD-ylaXUPA/viewform लिंक पर अपलोड की जाएगी।--
- फाइल फोटोदुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए वैशाली नगर विधानसभा के 03 निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्याे के लिए 44 लाख 99 हजार 270 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र विधायक श्री रिकेश सेन द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा की जाएगी।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रं 14 सड़क नं. जीरो शांतिनगर डोम के सामने सार्वजनिक मंच निर्माण कार्य के लिए 15 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार वार्ड क्र. 24 के 32 एकड़ नाग मंदिर के पास सर्व सुविधायुक्त सार्वजनिक सामुदायिक भवने निर्माण हेतु 9 लाख 99 हजार 270 रूपए एवं वार्ड क्र. 04 नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब के सौंदर्यीकरण हेतु 20 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- 0- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बिजली बिल हुआ जीरोदुर्ग/ दुर्ग जिले के ग्राम मोहलई में रहने वाले देवांगन परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाकर ना केवल मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि बिजली के बिलों से भी राहत पा रहे हैं। जहां पहले हर महीने भारी भरकम बिजली बिल उन्हें चिंता में डाल देता था, वहीं अब उनके चेहरे पर राहत की मुस्कान है। श्रीमती अनिता देवांगन के पति आधुनिक तकनीकों में भी रुचि रखते हैं। श्रीमती देवांगन ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर 6 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया है, जिसकी कुल लागत करीब 3 लाख रुपये आई। इस योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 75 हजार रूपए की सब्सिडी भी मिली, जिससे लागत और भी कम हो गई।पहले गर्मियों में बिजली का बिल 4 से 5 हजार रुपए तक आता था। बाकी सीजन में 2500 रुपए तक बिल देना पड़ता था। लेकिन अब पिछले छह महीनों से बिजली बिल जीरो आ रहा है। उनके घर में 4 एसी, 3 टीवी और अन्य बिजली उपकरण चलते हैं, फिर भी सोलर एनर्जी के कारण उन्हें बिजली बिल की कोई फिक्र नहीं है। श्रीमती देवांगन के पति श्री हरिहर प्रसाद देवांगन नवापारा में ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाते हैं। इस पहल से देवांगन परिवार को बड़ी राहत मिली है। इनकी घर की आवश्यकता अभी केवल दो केवी है, शेष केवी को सरकार को बेच पैसा कमाने की योजना है। अब जो पैसे पहले बिजली बिल में जाते थे, उन्हें वे बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य जरूरी कामों में लगा पा रहे हैं।
- दुर्ग/ इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जो एक ISO 9001:2018 प्रमाणित संस्थान है और GNCT दिल्ली के तहत ट्रस्ट एक्ट 1961 के अंतर्गत पंजीकृत है, ने आज गुड़गांव के होटल हॉलिडे इन में आयोजित एक भव्य समारोह में डॉ. कमल किशोर शर्मा को मानद डॉक्टरेट (Honoris Causa) की उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके समाज के प्रति असाधारण योगदान और प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया। समारोह में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने डॉ. शर्मा की सामाजिक सेवा, नेतृत्व और समाज के उत्थान में उनके उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जो अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संस्था है और अमेरिकन लाइब्रेरी, यूएसए का संस्थागत सदस्य है, ने इस उपाधि को रजिस्ट्रेशन नंबर IN-DL73895817514395U के तहत प्रदान किया। इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कॉरपोरेट कार्यालय, जो चांदनी चौक, दिल्ली-110006 में स्थित है, ने इस अवसर पर एक बयान जारी कर कहा, "डॉ. कमल किशोर शर्मा ने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी उपलब्धियां और समर्पण न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल हैं।"इस समारोह में संस्था के डायरेक्टर तपन काकोटी सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। डॉ. शर्मा ने इस सम्मान के लिए यूनिवर्सिटी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा, "यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। मैं अपने कार्यों को और अधिक उत्साह के साथ समाज के कल्याण के लिए समर्पित करता रहूंगा।" इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने अपने मिशन के तहत उन व्यक्तियों को मानद उपाधियाँ प्रदान करने का कार्य जारी रखा है, जो समाज में उत्कृष्ट योगदान देते हैं। इस उपाधि के साथ डॉ. शर्मा का नाम उन विशिष्ट व्यक्तियों की सूची में शामिल हो गए है, जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।
- 0- पेट्रोल पंपों में दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने की दी जा रही है समझाईश0- एसडीएम एवं एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण0- सड़कों में विचरण करने वाले घुमंतू मवेशियों की धर-पकड़ हेतु की जा रही है कार्रवाईबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम सुनिश्चित कर सड़क सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिले के प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद होकर इस कार्य का स्वयं माॅनिटरिंग कर रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार आज एसडीएम एवं पुलिस अधिकारी अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा पेट्रोल पंपों में पहुँचकर दुपहिया वाहन चालकों को वाहन चलाते वक्त अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने की समझाईश दी जा रही है। इसके अलावा पेट्रोल पंप संचालकों को बिना हेलमेट पहने पेट्रोल पंप में पेट्रोल एवं डीजल खरीदी हेतु आने वाले दुपहिया वाहन चालकों को किसी भी हालत में पेट्रोल नही देने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।इसी कड़ी में आज एसडीएम गुरूर श्री आरके सोनकर एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तथा अन्य अधिकारियों के द्वारा विकासखण्ड मुख्यालय गुरूर स्थित अर्जुन फिलिंग प्वाईंट गुरूर, विनायक फ्यूल्स बोहारडीह, कुशाल फ्यूल्स बोहारडीह, नानकानी फ्यूल्स पुरूर एवं निर्मल फ्यूल्स चिटौद का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सड़क दुर्घटना के कारण पीड़ित व्यक्ति एवं उनके परिवार को होने वाली क्षति के संबंध में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मनुष्य का जीवन अनमोल एवं बेशकीमती है। इसलिए छोटी सी लापरवाही से अपने इस बेशकीमती जीवन का क्षति नही होने देना चाहिए। इस अवसर पर अधिकारियों ने दुपहिया वाहन चालकों को वाहन चलाते वक्त अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने एवं नियंत्रित गति में वाहन चलाने के अलावा यातायात नियमों का भी अनिवार्य रूप से पालन करने की समझाईश दी गई।इसके अलावा आज दल्लीराजहरा शहर में नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू, एसडीएम श्री सुरेश साहू एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने तथा यातायात व्यवस्था को सुगमता एवं सुचारू रूप से संचालित करने हेतु नगर के प्रमुख मार्गों एवं चैक-चैराहों का जायजा लिया गया। इस दौरान एसडीएम के निर्देश पर सड़क के किनारे अपने दुकाने के आगे बढ़ाकर दुकान लगाने वाले दुकानदारों के विरूद्ध अर्थदण्ड वसूली की कार्रवाई की गई। इसके अलावा इन दुकानदारों को केवल अपने दुकान के अंदर एवं निर्धारित स्थान पर ही समान रखने की समझाईश दी गई।इस दौरान अधिकारियों के द्वारा सड़क के किनारे अनाधिकृत रूप से खड़ी वाहनों पर जुर्माना की कार्रवाई कर उन्हें भविष्य में सड़क के किनारे वाहन खड़ी नही करने की समझाईश भी दी गई। इसके साथ ही आज सड़कों में विचरण करने वाले घुमंतू मवेशियों की धर-पकड़ की कार्रवाई भी की गई। पकड़े गए इन मवेशियों को गोठान में रखकर पशु मालिकों से अर्थदण्ड की वसूली की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञातव्य हो कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के द्वारा इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने तथा लापरवाही बरतने वालों की विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती चित्रा वर्मा, थाना प्रभारी श्री रवि पाण्डेय एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- बालोद/ अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने बताया कि जिले में अधिकंाश सड़क दुर्घटनाओं में बिना हेलमेट के यात्रा करने से जनहानि होती है। इन दुर्घटनों में हो रही जनहानि में कमी लाने के उद्देश्य से जिला कार्यालय बालोद के सर्व कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारियों को यात्रा के दौरान यातायात निर्देशों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कार्यालय में मोटर साईकिल व दोपहिया वाहन से आने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारियों को हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही कार्यालय में अनिवार्य रूप कार्यालयीन आईडी परिचय पत्र के साथ उपस्थित होना होगा। उन्होंने बताया कि उक्त निर्देशों का पालन नहीं करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद/ उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति जिला बालोद द्वारा संचालित, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शैक्षिक एवं गैर-शैक्षिक, 190 रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.सी. मरकले ने बताया कि सहायक शिक्षक पद हेतु ऑनलाईन गूगल फार्म के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की जाँच पश्चात दावा आपत्ति हेतु पात्र व अपात्र अभ्यर्थियों की प्राविधिक सूची जिले की वेबसाईट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन में अपलोड की गई है। उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता ई-मेल के माध्यम से 11 अगस्त 2025 रात्रि 11ः59 बजे तक ई-मेल आई.डी. सेजेसबालोद5 एटदरेट जीमेल डाॅट काॅम में मेल कर दस्तावेजी प्रमाण पत्र के साथ दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। अन्य किसी भी माध्यम से दावा आपत्ति स्वीकार नही किये जायेंगे तथा इसके उपरान्त प्राप्त दावा आपत्ति आवेदन पर विचार नही किया जावेगा।
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रायपुर/ रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम के जोन 4 अंतर्गत पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के क्षेत्र कटोरा तालाब में संत कंवर दास कन्या विद्यालय पहुंचे और शासन की अभिनव सरस्वती योजना अंतर्गत वार्ड 57 के पार्षद और निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक - शिक्षकाओं के साथ मिलकर स्कूल की छात्राओं को साइकिलें प्रदत्त कीं. साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे. रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने छात्राओं को भाई - बहन के स्नेह के पवित्र रक्षाबंधन पर्व की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें दीं और मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन के अंतर्गत सरस्वती योजना अंतर्गत मिली साइकिल का पूर्ण सदुपयोग जीवन में अच्छा समय प्रबंधन कर अच्छे परिणाम लाने करने संकल्प लेने की अपील की.
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अन्यथा की स्थिति में विधि अनुरूप कठोर कार्यवाही करने की चेतावनी दी
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 कार्यालय में जोन 6 कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अदिव्य हाजरी की उपस्थिति में जोन 6 के सभी 7 वार्डों के समस्त पशुपालको की बैठक लेकर उन्हें आवारा पशुओं के कारण सड़को पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गभीरता से लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश के पालन में राज्य शासन और जिला प्रशासन द्वारा दिये गये निर्देश पर प्रतिदिन की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर ने सभी पशु पालको को अपने पशुओ को अपनी गौशालाओं में बांधकर रखने एवं सड़क पर खुले में किसी भी हालत में नहीं छोड़ने की कड़ी हिदायत दी। अन्यथा की स्थिति में विधि अनुरूप कठोर कार्यवाही करने की चेतावनी सभी पशुपालको को दी है। जोन 6 जोन कमिश्नर ने पशु पालको को नाली में गोबर नहीं बहाए जाने की सख्त हिदायत दी है। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कठोर कार्यवाही कर ई जुर्माना वसूलने की स्पष्ट चेतावनी दी है।
यहां उल्लेखनीय है कि माननीय उच्च न्यायलय द्वारा दिए गए आदेश के पालन हेतु राज्य शासन एवं रायपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुरूप रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में विभिन्न सडक मार्गों में काउकेचर वाहन और विशेष टीम की सहायता से सभी 10 जोनो के समस्त वार्डो के विभिन्न प्रमुख स्थानो पर लगातार अभियान चलाकर सडक से पशुओ को घरपकड़ कर गौठान कांजी हाउस भेजा जा रहा है एवं आयुक्त के निर्देश पर सभी जोन कमिश्नरो द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्य की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय एवं नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रीति सिंह प्रतिदिन निरंतर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैँ। -
रायपुर। रामराज फाउंडेशन की अध्यक्ष शोभा बावनकर द्वारा “विद्यादान महोत्सव” का आयोजन कराया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती मीनल चौबे थीं। विशेष रूप से पार्षद अमर गिदवानी, इस्कान रायपुर के तमाल कृष्णदास प्रभु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन संत कंवरराम कन्या विद्यालय, रायपुर में किया गया। इस अवसर पर 500+ छात्राओं को बैग, कॉपियां, पेन, स्पोर्ट्स किट वितरित किए गए।
विशेष व्यवस्थाएं:
▪️ निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर
▪️ प्रसादम् वितरण
▪️ श्रीमद्भगवद गीता उपहार अतिथियों को भेंट
शोभा बावनकर का संकल्प:
“इन बच्चियों में ही कल का कोई डॉक्टर, खिलाड़ी, प्रोफेसर और अध्यात्मिक क्षेत्र में रुचि लेंगी। – हमें सिर्फ सहारा बनना है।”
“यह जो बच्चे हमारे सामने बैठे हैं-
हमें बस इनका हाथ थामना है, थोड़ा सा सहारा देना है।”
“मैं आज के इस पावन अवसर पर हमारी पूरी टीम को, हमारे सभी दानदाताओं दिल से धन्यवाद देती हूं।
रामराज फाउंडेशन अब तक:
• 65,000+ भोजन वितरण
• 500+ स्कूल बैग
• 5,000+ कॉपियाँ
• 300+ गायों की सेवा month me 4 days
• 100 गीता पुस्तक वितरण
• अस्पतालों में नवजात व माताओं को पोषण सामग्री - रायपुर,। केन्द्रीय जेल रायपुर से शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर को सभी प्रकार के मुलाकात से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शोएब ढेबर द्वारा जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, इस आधार पर यह प्रतिबंध लगाया गया है।जेल अधीक्षक रायपुर द्वारा जारी आदेश अनुसार शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान द्वारा की गई, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि शोएब ढेबर द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना सत्य है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक द्वारा आदेश जारी करते हुए शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएंगे।
- -छत्तीसगढ़ संवाद व जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली ने महाराष्ट्र के अधिकारियों को किया प्रभावितरायपुर / महाराष्ट्र सरकार के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक अध्ययन दल 5 से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रवास पर रहा। इस दौरे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूचना, जनसंपर्क और शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं अध्ययन करना था।अध्ययन दल में महाराष्ट्र शासन की उप सचिव श्रीमती समृद्धि अंगोलकर, निदेशक श्री किशोर गंगरडे सहित कुल छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दल ने छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग एवं उसकी सहायक संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की संपूर्ण कार्यप्रणाली का अध्ययन किया।भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ई-न्यूज़ क्लिपिंग, ई-आरओ सिस्टम, ई-पब्लिकेशन, पत्रकार अधिमान्यता प्रणाली, तथा पत्रकारों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संवाद की संगठनात्मक संरचना, संचालन तंत्र तथा तकनीकी नवाचारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।इस अवसर पर अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल से सौजन्य मुलाकात की। जनसंपर्क आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग का यह सतत प्रयास रहा है कि शासकीय योजनाओं और जनहितकारी नीतियों की जानकारी आम जनता तक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावशाली ढंग से पहुँचे। सूचना के क्षेत्र में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलित समावेशन ने हमारी कार्यप्रणाली को विशिष्ट बनाया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि अन्य राज्य भी हमारे नवाचारों में रुचि ले रहे हैं। यह अनुभव-साझाकरण एक सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में उठाया गया कदम है।अध्ययन दल ने इंद्रावती भवन स्थित जनसंपर्क संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं के संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभाग की प्रमुख गतिविधियों को निकट से जाना।अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी ने अध्ययन दल को विभाग की प्रमुख गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी विस्तार से प्रदान की।महाराष्ट्र से आए अध्ययन दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने राज्य में भी लागू करने की संभावनाओं में गहरी रुचि जताई।इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग और छत्तीसगढ़ संवाद के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -दूरस्थ नक्सल प्रभावित आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा की नई अलख, अब बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेश के सबसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगे हैं। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कमकासुर की प्राथमिक शाला, जो एक वर्ष से शिक्षक विहीन थी, अब वहां फिर से ‘क, ख, ग३’ की गूंज सुनाई दे रही है।मोहला जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित कमकासुर गांव एक घना वनाच्छादित आदिवासी क्षेत्र है, जहां नक्सली गतिविधियों की लगातार उपस्थिति के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती रही है। गांव की शासकीय प्राथमिक शाला में 14 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन विगत एक वर्ष से शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई थी। इससे पालकों की चिंता गहराने लगी थी और बच्चों का मनोबल भी टूटने लगा था। ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से शिक्षक नियुक्ति की मांग की जा रही थी। शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण की पहल के अंतर्गत इस विद्यालय को अंततः एक प्रधान पाठक प्रदान किया गया, जिससे गांव में फिर से शिक्षा की रौशनी लौट आई है। शिक्षक की नियुक्ति से न केवल विद्यालय की गतिविधियाँ पुनः आरंभ हुई हैं, बल्कि बच्चों में भी शिक्षा के प्रति उत्साह लौट आया है।विद्यालय में पढ़ाई शुरू होते ही बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और अब अभिभावकों का विश्वास भी दृढ़ हुआ है कि उनके बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बदलाव शासन की दूरदर्शी नीति का परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। इसका उद्देश्य प्रदेशभर में शिक्षकों का समान और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि हर बच्चे को समान अवसर मिल सके।इस दूरस्थ और नक्सल प्रभावित अंचल में शिक्षक की नियुक्ति केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि यह शिक्षा को सशक्त बनाने और सामाजिक समरसता की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है। कमकासुर जैसे क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जलने से स्पष्ट है कि अब प्रदेश का कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
- -दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में पूर्ण हुआ सोडी हुंगी और दशरी बाई का मकान-विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में शुरू हुआ था काम-छत्तीसगढ़ सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने विशेष परियोजना के तहत मंजूर किए हैं 15 हजार आवास-छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की नीति पर कर रही है कार्य: सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का घर देने के लिए संकल्पित - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर.। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के हर परिवार को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार लगातार पहल कर रही है। राज्य में नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष परियोजना के तहत करीब तीन हजार आवास बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए विशेष परियोजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है।विशेष परियोजना के तहत राज्य में अब तक पात्र पाए गए पांच हजार परिवारों में से तीन हजार परिवारों के लिए आवास स्वीकृत कर 2111 परिवारों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त और 128 परिवारों को दूसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है। सुदूर वनांचलों में रहने वाले इन परिवारों के आवास तेजी से बन रहे हैं। नक्सल हिंसा से प्रभावित सुकमा की सोडी हुंगी और कांकेर की दशरी बाई का विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत पीएम आवास दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में ही बनकर तैयार हो गया है। इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में इनके आवासों का निर्माण प्रारंभ हुआ था।बस्तर में नक्सल हिंसा से प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों में खुशियों ने फिर से दस्तक देना शुरू कर दिया है। विशेष परियोजना के तहत स्वीकृत उनके पक्के आवास तेजी से आकार ले रहे हैं। दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद इन परिवारों के हौसले और शासन-प्रशासन की मदद से उनके सपनों के आशियाने मूर्त रूप ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में यह विशेष परियोजना न केवल एक ठोस कदम है, बल्कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर भी है।दुर्गम क्षेत्र और विपरीत हालातों के बीच भी तीन महीने में निर्माण पूराकांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के उलिया ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती दसरी बाई नुरूटी के पति श्री दोगे नुरूटी की विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादी घटना में मृत्यु हो गई थी। पीएम आवास योजना में नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में उसका आवास स्वीकृत किया गया था। मई में उसके आवास का निर्माण शुरू हुआ था। अब मात्र तीन महीनों की अल्प अवधि में ही उसके आवास का निर्माण पूर्ण हो गया है। दसरी बाई के हौसले के कारण कठिन परिस्थितियों के बावजूद बहुत कम समय में आवास तैयार हुआ और उसके परिवार को पक्का मकान मिला।श्रीमती दसरी बाई बताती हैं कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण आवास के निर्माण में कई व्यावहारिक दिक्कतें आईं। विकासखंड मुख्यालय से बहुत दूर होने के कारण चारपहिया वाहनों के लिए कोई मार्ग नहीं है। इस कारण से निर्माण सामग्री लाने में बहुत कठिनाइयां आईं। बारिश होने पर दोपहिया वाहन से भी पहुंचना अत्यंत मुश्किल होता था, जिसके चलते राजमिस्त्री और श्रमिक समय पर पहुंचने से मना कर देते थे। अंदरूनी क्षेत्र होने से निर्माण सामग्रियों को लाना सामान्य क्षेत्र के मुकाबले महंगा पड़ता था।श्रीमती दसरी बाई कहती हैं कि आवास का काम तेजी से पूरा करने में कांकेर जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना के अधिकारियों का बहुत सहयोग मिला। निर्माण सामग्रियां पहुंचाने तथा राजमिस्त्रियों और श्रमिकों की व्यवस्था में ग्राम पंचायत एवं आवास टोली ने बहुत सहायता की। वह कहती हैं कि नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सरकार ने संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है। शासन-प्रशासन के लगातार सहयोग से बहुत कम समय में उसका पक्का आवास बन गया है।बरसों टपकती छत वाले कच्चे मकान में रहने वाली सोडी हुंगी अब परिवार के साथ अपने नए पक्के घर मेंसुकमा जिले के गादीरास ग्राम पंचायत के आश्रित गांव ओईरास की श्रीमती सोडी हुंगी ने भी अपना पक्का आवास तीन महीने में बना लिया है। वर्ष 2005 में उसके पति श्री मासा सोडी की नक्सलियों ने मुखबिरी के संदेह में हत्या कर दी थी। उसका परिवार गरीबी में वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर था, जहां बरसात में टपकती छत और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से जान का खतरा बना रहता था।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में विशेष परियोजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर सोडी हुंगी को चरणबद्ध रूप से तीन किस्तों में कुल एक लाख 35 हजार रुपए मिले। ग्राम पंचायत के तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर निगरानी के चलते इस साल जुलाई में उसके आवास का निर्माण पूरा हुआ। अब वह परिवार के साथ अपने पक्के नए घर में रहती है।विशेष परियोजना में सुकमा में सर्वाधिक 984 परिवारों को आवास स्वीकृत, बीजापुर के 761 और नारायणपुर के 376 परिवार शामिलप्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत अब तक करीब तीन हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 984 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले में ऐसे 761 परिवारों, नारायणपुर में 376, दंतेवाड़ा में 251, बस्तर में 214, कोंडागांव में 166, कांकेर में 146, गरियाबंद में 27, बलरामपुर-रामानुजगंज में 25 और मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी में 23 परिवारों के आवास मंजूर किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की रणनीति पर कार्य कर रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने हेतु राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विशेष परियोजना के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध कर 15 हजार आवास स्वीकृत कराए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ ईंट और सीमेंट का निर्माण नहीं, बल्कि नए विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व की नींव है। दुर्गम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में आवास पूर्ण होना यह दर्शाता है कि शासन और जनता मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं। सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का घर देने के लिए कटिबद्ध है।उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मान की नीति पर कार्य किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जो पहल की गई है, वह सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सोडी हुंगी और दशरी बाई जैसे उदाहरण यह सिद्ध करते हैं कि यदि सरकार संवेदनशील हो और प्रशासन सक्रिय, तो दूरस्थ वनांचलों में भी विकास की रोशनी पहुँचाई जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पीड़ित परिवार को छत और सम्मान दोनों मिले। यह मिशन पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
- -सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री श्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा यादरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा।किसान श्री योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री श्री साय की दृष्टि मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया। मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई।सृष्टि के पिता श्री योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी।सुश्री सृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा - केंद्र सरकार की पहल पीवीटीजी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम, छत्तीसगढ़ सरकार करेगी कार्यों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयनरायपुर । प्रधानमंत्री जनमन योजना (PM-JANMAN) के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 375.71 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 6,569.56 मीटर लम्बाई के कुल 100 पुलों की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 2025–26 बैच–II के अंतर्गत दी गई है। इस ताज़ा स्वीकृति के साथ अब तक राज्य को कुल 715 सड़कें (2,449.108 किलोमीटर) और 100 पुल प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए जा चुके हैं।इस स्वीकृति पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जन-मन योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को सशक्त बनाने की जो दूरदर्शी पहल केंद्र सरकार द्वारा की गई है, वह छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। हम इस स्वीकृति को केवल पुलों और सड़कों की स्वीकृति नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और समावेश की नई राह के रूप में देखते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की भावना के अनुरूप इन सभी स्वीकृत कार्यों को फास्ट ट्रैक मोड पर, पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा करेगी, ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ पीवीटीजी आबादी को शीघ्र मिल सके। इन सड़कों और पुलों के निर्माण से न केवल इन दुर्गम क्षेत्रों में जीवन सुगम होगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और शासन से जुड़ाव भी सुनिश्चित हो सकेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी नागरिक, चाहे वह देश के कितने ही सुदूर या वंचित क्षेत्र में क्यों न हो, विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे स्वीकृत पुलों और सड़कों का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ करें और सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, स्थानीय जनसुनवाई, एवं समयबद्ध प्रगति रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पीवीटीजी समुदायों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का जताया आभार, कहा – यह राशि वंचित अंचलों के लिए विकास, विश्वास और शांति की सशक्त आधारशिला बनेगीरायपुर, /छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दुर्गम और वनवासी अंचलों में ग्रामीण संपर्क और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार ने सड़क संपर्क परियोजना "RCPLWEA (Road Connectivity Project for Left Wing Extremism Affected Areas)" के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए छत्तीसगढ़ को 195 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता राशि स्वीकृत की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ के उन सुदूर अंचलों में विकास का नया प्रकाश लेकर आएगी, जो दशकों से नक्सल हिंसा और भौगोलिक दुर्गमता से जूझते रहे हैं। यह राशि वहां के लोगों के लिए विकास, विश्वास और स्थायी शांति की सशक्त आधारशिला सिद्ध होगी। हमारी सरकार इस निधि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ करेगी।यह स्वीकृति वित्त मंत्रालय की “जस्ट-इन-टाइम” फंड रिलीज़ प्रणाली के अंतर्गत सिंगल नोडल एजेंसी स्पर्श मॉडल के माध्यम से दी गई है। मदर सैंक्शन सक्षम प्राधिकरण की अनुमति से तैयार किया गया है और यह PFMS (Public Financial Management System) पर अपलोड किया गया है।
- - बिजली के बिल से मिली राहत- प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना से अपने घर की छत पर ऊर्जा का उत्पादन करने से बिजली बिल से मिली मुक्ति, ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बन रहा कारगर- सोलर पैनल लगाने के लिए आसानी से बैंक से मिल रहा ऋणराजनांदगांव । शासन की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत किफायती एवं उपयोगी है। सौर ऊर्जा पर्यावरण मित्र है तथा भविष्य के लिए इसका उपयोग महत्वपूर्ण साबित होगा। राजनांदगांव शहर में इस योजना के प्रति जनसामान्य में रूझान बढ़ा है। सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए अपने बिजली के बिल में कमी लाने के लिए उपभोक्ता अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर विद्युत की बचत कर रहे हंै। राजनांदगांव शहर के कमला कॉलेज रोड निवासी श्री गगन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने घर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 5 लाख रूपए की लागत से 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाया है। शासन की ओर से 78 हजार रूपए की अनुदान राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पहले 10 से 15 हजार रूपए बिजली बिल आता था। जिससे वह परेशान थे। जब से इस योजना के तहत सोलर पैनल लगाए हैं, तब से बिजली के बिल से राहत मिली है और अब तो बिजली का बिल शून्य हो गया है। वहीं अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने के बाद जमा भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना बहुत उपयोगी है और इस योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के लिए आसानी से बैंक से ऋण भी मिल रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए सभी को अधिक से अधिक प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाना चाहिए। इस योजना का लाभ लेते हुए बिजली उपभोक्ता से ऊर्जादाता बन सकते है। सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा का स्रोत है, जिससे पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी यह बहुत अच्छा है। उन्होंने शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कारगर साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते हंै। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या PMSuryaGhar मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।
- -अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया-अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता-गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृतिरायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है।बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया।बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है।बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से श्री राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से श्री गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री बसव राजू, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, श्री रोहित यादव, श्री कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, श्री आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर/ रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 9 अंतर्गत लाल बहादुर शास्त्री वार्ड क्रमांक 51 के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना संकल्प सोसायटी फेस 2 में सुन्दरस्ता निखारने हेतु 7 लाख 76 हजार रू. की स्वीकृत लागत से पेवर लगाने का नवीन विकास कार्य वार्ड 51 की पार्षद श्रीमती रेणु जयंत साहू सहित जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री अशुल शर्मा सीनियर, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उप अभियंता श्री अतुल बंसल सहित प्रधानमंत्री आवास योजना सकल्प सोसायटी फेस 2 परिसर के रहवासियों के मध्य श्रीफल फोडकर और कुदाल चलाकर भूमिपूजन करते हुए प्रारंभ किया।रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कार्य का भूमिपूजन कर जोन 9 कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियता को स्वीकृति अनुरूप शीघ्र नया विकास कार्य वार्ड 51 के संकल्प सोसायटी फेस 2 क्षेत्र में प्रारंभ कर पेवर लगाने एवं समय सीमा में कार्य मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता सहित पूर्ण करने के निर्देश दिये। वार्ड पार्षद श्रीमती रेणु जयत साहू ने पेवर लगाने का नया विकास कार्य वार्ड क्षेत्र मे प्रारंभ करवाने पर संकल्प सोसायटी फेस 2 के सभी रहवासियों की ओर से रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू को धन्यवाद दिया।
- रायपुर - माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा - निर्देश के अनुरूप महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनो की टीमो द्वारा अभियान चलाकर जोन क्षेत्र के विभिन्न मुख्य मार्गों में गॉनिटरिंग करके सड़को पर आवारा पशुओ की धरपकड़ कर उन्हें गौठानो में काउकेचर वाहन से भेजे जाने की कार्यवाही प्रतिदिन निरंतर प्रगति पर है।अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सभी 10 जोनों में दिन भर अभियान चलाकर राजधानी शहर रायपुर निगम क्षेत्र में तीन दिन में विभिन्न सड़क मार्गो से 161 आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में भेजा गया है.विगत दिनांक 4 अगस्त को 65 आवारा पशुओं और विगत दिवस 5 अगस्त को 57 आवारा पशुओं और आज 6 अगस्त 2025 को 39 आवारा पशुओं की धरपकड़ की गयी है.दिन भर चले अभियान की सतत मॉनिटरिंग महापौर, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष, आयुक्त के निर्देश पर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय और निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रीति सिंह द्वारा की जा रही है और सभी जोन कमिश्नरों ने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर आवारा पशुओं को काऊकैचर वाहनों की सहायता से गौठानों में भिजवाने की व्यवस्था दी जा रही है. अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मांस - मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी0*रायपुर -रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस दिनांक 15 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी दिनांक 16 अगस्त, पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस दिनांक 19 अगस्त, श्रीगणेश चतुर्थी दिनांक 26 अगस्त,, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस दिनांक 27 अगस्त 2025 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पालिक निगम स्वास्थ्य अधिकारी श्री प्रीति सिंह ने स्वतंत्रता दिवस दिनांक 15 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी दिनांक 16 अगस्त, पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस दिनांक 19 अगस्त, श्रीगणेश चतुर्थी दिनांक 26 अगस्त, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस दिनांक 27 अगस्त 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।स्वतंत्रता दिवस दिनांक 15 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी दिनांक 16 अगस्त, पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस दिनांक 19 अगस्त, श्रीगणेश चतुर्थी दिनांक 26 अगस्त, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस दिनांक 27 अगस्त 2025 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस- मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने - अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों में मांस - मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवसों पर मांस- मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी।
- किचन में गन्दगी मिली, 10 हजार रूपये जुर्माना कियारायपुर / रायपुर नगर पालिक निगम में प्राप्त गन्दगी सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा द्वारा दिए गए निर्देशानुसार नगर निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू की उपस्थिति में प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 37 क्षेत्र अंतर्गत जीई मार्ग में वन्दना ऑटो के समीप सिटी प्लस बार की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान किचन में गन्दगी पायी गयी और प्राप्त जनशिकायत सही पायी गयी इस पर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए सिटी प्लस बार के संचालक पर तत्काल 10000 रूपये का जुर्माना किया और नगर निगम को गन्दगी सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.













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