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- *प्रोजेक्ट धड़कन के तहत आडवाणी आर्लिकन स्कूल, बीरगांव में 433 बच्चों की स्वास्थ्य जांच*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर की नवाचार पहल “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत, आज शासकीय आडवाणी आर्लिकन स्कूल, बीरगांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया।शिविर में जन्मजात हृदय रोग की प्रारंभिक पहचान हेतु जांच की गई। कुल 433 बच्चों (212 छात्र एवं 221 छात्राएं) की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 1 बच्चा संदिग्ध पाया गया। उक्त बच्चे को आगे की विशेष जांच हेतु श्री सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा जाएगा।जिले में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट धड़कन का उद्देश्य आंगनबाड़ी और शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों में हृदय रोग के लक्षणों की समय रहते पहचान कर, उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करना है। जांच के दौरान तेज धड़कन, वजन न बढ़ना, शरीर में नीलापन, बार-बार सर्दी-खांसी, सांस लेने में परेशानी और स्तनपान के समय पसीना आने जैसे संभावित लक्षणों पर विशेष ध्यान दिया गया।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, जिला प्रशासन रायपुर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल "ग्रीन पालना अभियान" की शुरुआत की है। इस अनूठी पहल के अंतर्गत, सरकारी अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को 5 फलदार पौधों :- आम, अमरूद, जामुन, पपीता और मुनगा की सौगात दी जा रही है। आज इस अभियान के तहत धरसींवा ब्लॉक 02, तिल्दा ब्लॉक 02, आरंग ब्लॉक 02, अभनपुर ब्लॉक 05, बिरगांव रायपुर 01 और शहरी रायपुर 02, कुल 14 प्रसूताओं को यह पौधे भेंट किए गए।यह पहल न केवल नवजात शिशु के जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी देती है।
- *प्रोजेक्ट दक्ष: कर्मचारियों को मिल रहा डिजिटल दक्षता का प्रशिक्षण*रायपुर। प्रोजेक्ट दक्ष: हम होंगे स्मार्ट" अब एक नई दिशा और पहचान बना रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा अनुरूप और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस परियोजना के माध्यम से जिले के शासकीय अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रोजेक्ट दक्ष के अंतर्गत आज जनपद के इंजीनियर एवं जिला सांख्यिकी के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया |इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता लाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को कंप्यूटर और मोबाइल के मूल उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट, ईमेल और MS Office जैसे उपयोगी टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।मास्टर ट्रेनर्स की मदद से यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से कलेक्टोरेट स्थित बीपीओ सेंटर मल्टीलेवल पार्किंग में संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन दो पाली में 25-25 बैच में प्रशिक्षण दिया रहा है। जिसमें ऑन-हैंड प्रैक्टिकल सेशन शामिल हैं। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा।
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*हाफ बिल से मुफ्त बिजली बिल की ओर कदम*
बिलासपुर के तिफरा स्थित कल्याण भवन में शिविर का आयोजन
बिलासपुर / छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता हाफ बिजली से मुफ्त बिजली बिल की योजना की ओर ले जाने तिफरा स्थित कल्याण भवन में ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन किया गया । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चला रही है, जिसके तहत रूफटॉफ सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन आरंभ किया गया। बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए. के. अम्बष्ट ने बिलासपुर रीजन में भी इस शिविर का आगाज किया। वहां 60 से अधिक आवेदकों ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने आवास में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। साथ ही कोरबा में आयोजित में 22 से अधिक आवेदकों ने इस योजना के अन्तर्गत अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री अम्बष्ट ने कहा कि हमें स्वच्छ और हरित ऊर्जा के मामले में कदम बढ़ाना है। इसके लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की गई है, जो हर उपभोक्ता को बिजली उत्पादक बना देगी। इस योजना की शुरुआत पॉवर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों से किया गया, ताकि आस-पड़ोस व मोहल्ले के लोग उसे देखकर प्रेरित हों और वे भी सोलर प्लांट लगवाने आवेदन करें, जिसमें स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियो ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया।
कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक श्री अम्बष्ट ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य सरकार ने भी भारी अनुदान की घोषणा की है, जिसके तहत अब एक किलोवाट क्षमता के प्लांट लगाने पर 45 हजार रुपए की छूट मिलेगी। दो किलोवाट पर 90 हजार और तीन किलोवाट पर एक लाख आठ हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी। रजिस्ट्रेशन के बाद सोलर पैनल लगाने वाले तकनीकी अधिकारी उनके आवास पर जाकर ड्राइंग-डिजाइन और प्राक्कलन तैयार करेंगे और उपभोक्ता के घर पर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना करेंगे। पहले चरण में बिजली कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारियों ने इस योजना के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री डी. के. भोजक ने कहा कि इस योजना में आप अपनी मासिक बिजली बिल जितना ईएमआई देकर अपना बिजली बिल शून्य कर सकते हैं। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता सर्वश्री सुरेश जांगड़े, श्री पी. आर. साहू श्री व्ही. बी. एस. कंवर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- *एक लीटर पानी में 5 मिली नैनो डीएपी- आसान और प्रभावी खेती का तरीका**नैनो डीएपी: किसानों के लिए लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल उर्वरकरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप "प्रोजेक्ट नैनो" के तहत ड्रोन और नैनो के प्रयोग के संबंध में श्री राजेश गोले इफको द्वारा जिले के अधिकारी एवं कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई एवं प्रचार प्रसार के लिए प्रेरित किया गया | उन्होंने कहा की नैनो डीएपी का उपयोग बेहद आसान है :- एक लीटर पानी में 5 मिली नैनो डीएपी मिलाकर इसका छिड़काव किया जाता है। एक सामान्य घरेलू ढक्कन (25 मिली) की मात्रा 5 लीटर पानी के लिए पर्याप्त होती है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में श्री गोले ने बताया की वैज्ञानिकों ने भी नैनो डीएपी को किसानों के लिए लाभकारी बताया है। यह उर्वरक पौधों को आवश्यक नाइट्रोजन और फास्फोरस प्रदान करता है, जिससे उनकी बेहतर वृद्धि, विकास और उत्पादन में मदद मिलती है। साथ ही, यह मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में पारंपरिक डीएपी का स्मार्ट विकल्प है।नैनो डीएपी का उपयोग बीज उपचार, मिट्टी में मिलाने और पत्तों पर छिड़काव — तीनों रूपों में किया जा सकता है। यह सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है और किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रहा है।
- दुर्ग/ तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में संचालित सत्र 2025-26 में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु तीन चरणों की काउंसिलिंग के पश्चात् रिक्त सीटों पर एक अतिरिक्त चतुर्थ चरण हेतु संचालनालय तकनीकी शिक्षा रायपुर द्वारा सूचना जारी की गई है। इसके अनुक्रम में छात्र-छात्राएं 09 अगस्त 2025 को रात्रि 11.59 बजे तक ऑनलाईन पंजीयन वेबसाईट https://cgdte.admissions.nic.in एवं www.cgdteraipur.cgstate.gov.in पर कर सकेंगे। जिसकी मेरिट सूची 11 अगस्त 2025 को दोपहर 04 बजे जारी होगी। तत्पश्चात् मेरिट के अनुसार संस्था स्तर पर आबंटन हेतु अवसर लेने के लिए विद्यार्थियों को संस्था में 12 अगस्त 2025 को प्रातः 10 बजे उपस्थित होना होगा। संस्था द्वारा आबंटित सीटों पर प्रवेश लेने का कार्य 12 अगस्त 2025 को अपरान्ह 01 बजे से 14 अगस्त 2025 को दोपहर 01 बजे तक रहेगा।उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक दुर्ग के प्राचार्य से मिली जानकारी अनुसार यदि संस्था में सीट रिक्त हुई तो मेरिट सूची के अनुसार जो विद्यार्थी अवसर लेने के लिए 12 अगस्त 2025 को उपस्थित नहीं हो पाए उन्हें 14 अगस्त 2025 को दोपहर 1.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मेरिट क्रम में प्रवेश की कार्यवाही की जाएगी।
- दुर्ग/ एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 में आंगनगाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत 02 आंगनबाड़ी सहायिका तथा नगर पालिक निगम रिसाली अंतर्गत 02 आंगनबाड़ी सहायिका कुल 04 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 कार्यालय (जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी) में कार्यलयीन समय में सीधे अथवा पंजीकृत डाक द्वारा जिस वार्ड में कार्यकर्ता व सहायिका के पद रिक्त है, उसी वार्ड अंतर्गत स्थानीय आवेदिकाओं से आवेदन आमंत्रित किया गया था।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना श्रीमती पदमजा सिन्हा से मिली जानकारी अनुसार नगर पालिक निगम भिलाई अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र वार्ड क्रमांक 06 पाण्डेपारा सुपेला, वार्ड क्रमांक 22 कुरूद 01, नगर पालिक निगम रिसाली अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र वार्ड क्रमांक 35 डुन्डेरा-अ और वार्ड क्रमांक 36 डुन्डेरा-स में रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी। उक्त केन्द्रों में प्राप्त आवेदनों के मूल्यांकन पश्चात् समिति द्वारा अनंतिम मूल्यांकन पत्रक का प्रकाशन किया गया है। उक्त मूल्यांकन पर दावा आपत्ति 10 अगस्त तक एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई 01 (चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई) में कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
- 12 अगस्त को प्रातः 09 बजे स्वतंत्रता दिवस समारोह की अंतिम रिहर्सल*दुर्ग/ प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन जिले में गरिमामयी एवं हर्षाेल्लास के साथ जिला मुख्यालय स्थित प्रथम बटालियन दुर्ग में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 9ः00 बजे से किया जाएगा। सभी शासकीय कार्यालयों में सुबह 8ः00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को विभागवार जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके अनुसार अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को संपूर्ण कार्यक्रम हेतु प्रभारी अधिकारी का दायित्व दिया गया है। ध्वजारोहण उपरांत जिला मुख्यालय में परेड की सलामी ली जायेगी। जिसके लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग, कमाण्डेंट होमगार्ड दुर्ग एवं कमाण्डेंट केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल भिलाई को दायित्व सौंपा गया है। 15 अगस्त के पूर्व नगर में सभी जगह, सभी महत्वपूर्ण स्मारकों की साफ सफाई सुनिश्चित कराने के लिए आयुक्त नगर निगम दुर्ग, आयुक्त नगर निगम भिलाई, महाप्रबंधक नगर प्रशासन बीएसपी भिलाई तथा समस्त नगरीय निकाय प्रमुख को दायित्व दिया गया है। पंचायत स्तर पर निर्मित जय स्तंभों की साफ-सफाई की व्यवस्था अपने-अपने क्षेत्रों में उप संचालक पंचायत दुर्ग एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सर्व द्वारा कराई जायेगी। सर्व कार्यालय प्रमुख, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सर्व जिला दुर्ग तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सर्व जिला दुर्ग को जिले के सभी तहसील, विकासखण्ड, ग्राम स्तर पर सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समारोह का आयोजन सुनिश्चित कराने का दायित्व दिया गया है। अतिथियों, अधिकारी/कर्मचारियों तथा दर्शकों के वाहनों की समुचित पार्किंग व्यवस्था उप पुलिस अधीक्षक यातायात तथा पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग करेंगे। कार्यक्रम स्थल में एम्बुलेंस एवं प्राथमिक उपचार हेतु मेडिकल टीम की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग द्वारा तथा अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था कमाण्डेंट होमगार्ड दुर्ग द्वारा की जाएगी।अतिथिगण, प्रेस, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आम जनता, महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग सेक्टर का निर्माण कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग एवं आयुक्त नगर पालिक निगम, दुर्ग के द्वारा की जायेगी। बेरिकेटिंग के लिए आवश्यकता अनुसार बांस, बल्लियां वनमण्डलाधिकारी दुर्ग के द्वारा प्रथम बटालियन दुर्ग में उपलब्ध करायी जाएंगी। बेरिकेटिंग का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग एवं नगर पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के साथ समन्वय कर किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न गडढों की मरम्मत लोक निर्माण विभाग दुर्ग द्वारा की जायेगी। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा कार्यक्रम स्थल एवं प्रथम बटालियन दुर्ग की साफ-सफाई, पेयजल हेतु टेंकर, मोबाईल टायलेट इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वाटरप्रुफ शामियाना एवं कुर्सियों, सोफासेट, माईक, लाउडस्पीकर आदि की व्यवस्था आयुक्त, नगर नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत धमधा अहिवारा द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल में ध्वजदण्ड, चबुतरे का निर्माण, कार्यक्रम में उपस्थित वी.आई.पी. एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए पेयजल एवं जलपान की व्यवस्था कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, दुर्ग के द्वारा की जायेगी। कार्यक्रम स्थल पर प्लास्टिक गिलास का उपयोग नहीं करने कहा गया है। सूर्यास्त के पूर्व इसे उतारने की समुचित व्यवस्था, ध्वजारोहण की सम्पूर्ण व्यवस्था रक्षित निरीक्षक, पुलिस लाईन दुर्ग के द्वारा की जायेगी। समारोह स्थल, मुख्य मंच एवं प्रवेश द्वार में कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी तैनात होगें, कार्यपालिक दण्डाधिकारी की नियुक्ति अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग एवं पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियां पुलिस अधीक्षक दुर्ग के द्वारा की जायेगी। समारोह स्थल प्रथम बटालियन दुर्ग में आमंत्रित अतिथियों के प्रवेश एक निश्चित द्वार से ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग द्वारा करायी जावेगी तथा अतिथियों की बैठक व्यवस्था प्रभारी अधिकारी (प्रोटोकाल शाखा) दुर्ग द्वारा की जाएगी। मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण पश्चात् छोड़े जाने वाले गुब्बारे की व्यवस्था महाप्रबंधक, जिला उद्योग दुर्ग के द्वारा तथा मुख्य अतिथि हेतु टोपी की व्यवस्था नाजरात शाखा के प्रभारी अधिकारी द्वारा की जायेगी।इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए समिति बनाने तथा स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने तथा कार्यक्रम स्थल में रंगोली की व्यवस्था करने जिला शिक्षा अधिकारी को कहा गया है। मंच सजावट के लिए फूल माला, पेन्ट किए हुए एवं गुणवत्ता पूर्ण गमले की व्यवस्था, उद्यानिकी विभाग को, निर्बाध विद्युत कनेक्शन, जनरेटर आदि की व्यवस्था के लिए कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित दुर्ग को दायित्व दिया गया है। मुख्य अतिथि द्वारा संबोधन एवं मुख्यमंत्री का संदेश का वाचन किया जायेगा। संदेश पुस्तिका उप संचालक, जनसम्पर्क दुर्ग के द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। कार्यक्रम स्थल में उद्घोषक श्रीमती ममता ध्रुव, शिक्षा विभाग, अनिता सावंत पर्यावरण विभाग दुर्ग एवं श्रीमती उर्मिला ओझा ट्राईबल विभाग रहेगें। 15 अगस्त 2025 के अवसर पर विभागीय उत्कृष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा मंच से सम्मानित किया जावेगा। जिसकी कार्यवाही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग द्वारा की जाएगी। मंच से प्रशस्ति पत्र वितरण हेतु प्रभारी अधिकारी श्री हितेश पिस्दा डिप्टी कलेक्टर रहेंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह पर आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रम का रेडियो एवं टीव्ही में प्रसारण की व्यवस्था सहायक आयुक्त आबकारी दुर्ग के द्वारा तथा दैनिक समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मिडिया में प्रचार-प्रसार की व्यवस्था का दायित्व उप संचालक जनसम्पर्क दुर्ग एवं नगर पालिक निगम दुर्ग/भिलाई का होगा। शहर में प्रमुख स्थानो एवं चौक चौराहों पर राष्ट्रीय देशभक्ति गीत/संगीत के प्रसारण की व्यवस्था आयुक्त, नगर पालिक निगम, दुर्ग/भिलाई के द्वारा की जायेगी। कार्यक्रम की विडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी का कार्य सहायक संचालक, जनसम्पर्क एवं खनिज अधिकारी, दुर्ग के द्वारा कराया जायेगा। प्रथम बटालियन दुर्ग में जिला स्तर पर मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहण किया जाकर परेड की सलामी ली जायेगी। सलामी के लिए चूने की लाईन से मार्किंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) तथा कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग (भ./स.) दुर्ग द्वारा की जाएगी। स्थानीय निकायों के सर्व विभाग प्रमुख को 15 अगस्त की रात्रि को संबंधित शासकीय सार्वजनिक भवनों में एवं राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों में रोशनी किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम रिहर्सल 12 अगस्त 2025 को प्रातः 09 बजे किया जाएगा।
- दुर्ग/ कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के हड़ताल अवधि में तहसीलों में कार्यालयीन कार्यों के सुचारू संपादन तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के अंतर्गत भू-अभिलेख शाखा में पदस्थ सहायक अधीक्षक भू-अभिलेखों को तहसीलवार प्रशासनिक प्रभार सौंपा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख श्री अजय कुमार मेरावी को तहसील दुर्ग का, श्री आलोक शुक्ला को तहसील बोरी का तथा श्री श्याम लाल साहू को तहसील पाटन का प्रशासकीय प्रभार दिया गया है। इसी प्रकार सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख श्री शंकर प्रसाद तिवारी को तहसील अहिवारा का, श्रीमती प्रभा चन्द्राकर को तहसील भिलाई-3 का तथा श्री संतोेष कुमार नागरे को तहसील धमधा का प्रभार दिया गया है। आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की 16 से 30 वर्ष की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मिलेगा लाभ, आवेदन की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2025रायपुर/ जिन्दल स्टील की सामाजिक इकाई जिन्दल फाउंडेशन ने अपनी प्रमुख योजना "यशस्वी" के चौथे संस्करण की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की 5,000 से अधिक महिलाओं और युवतियों को उच्च शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।"यशस्वी" योजना के चौथे संस्करण की घोषणा करते हुए जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा: "हम मानते हैं कि सशक्त महिलाएं किसी भी प्रगतिशील समाज की रीढ़ की हड्डी होती हैं। ‘यशस्वी’ कार्यक्रम के माध्यम से हम उन महिलाओं और युवतियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं जो अपने एक बड़े सपने को साकार करने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।ये महिलाएं और युवतियां शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी बदलाव की अग्रदूत बन सकती हैं। हमें गर्व है कि यह पहल अब तक 11,000 से अधिक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुकी है। इस वर्ष हम और अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।”योजना की मुख्य विशेषताएं:लाभार्थी संख्या: 5,000 से अधिकराज्य: ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़आयु सीमा: 16 से 30 वर्षवार्षिक पारिवारिक आय: ₹2,00,000 से कमसहायता: दाखिला शुल्क, ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क एवं अन्य आवश्यक खर्चलाभार्थी चयन: शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक स्थिति, मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश का प्रमाण आदिआवेदन की अंतिम तिथि: 16 अगस्त 2025आवेदन वेबसाइट: https://jindalfoundation.com/Yashasviयशस्वी कार्यक्रम की पृष्ठभूमि:साल 2022 में शुरू हुए यशस्वी कार्यक्रम के माध्यम से जिन्दल फाउंडेशन अब तक 11,000 से अधिक महिलाओं और युवतियों को शिक्षा और कौशल विकास में सहायता प्रदान कर चुका है। इनमें से लगभग 8,000 महिलाएं आज रोजगार, स्वरोजगार या उद्यमिता के जरिए आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:डॉ. संजय कुमार साहूमहाप्रबंधक – कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, जिन्दल स्टील, भुबनेश्वर – 751009मेल आईडी [email protected]संपर्क +91 97774 45540
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रायपुर। पोला पर्व के अवसर पर महाराष्ट्र मंडल में 23 अगस्त को शाम पांच बजे मिट्टी अथवा लकड़ी के बैल सजाने की स्पर्धा का आयोजन किया गया है। मंडल की सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित यह प्रतियोगिता दो आयु वर्गों चार से नौ वर्ष और 10 से 14 वर्ष में होगी। समिति की प्रमुख प्रिया बक्षी के अनुसार बैल सजाओ स्पर्धा में हिस्सा लेने के लिए अभिभावकों को 15 अगस्त से पहले महाराष्ट्र मंडल में प्रतिभागी बच्चों का पंजीयन कराना आवश्यक होगा। बताते चले कि इस पारंपरिक स्पर्धा के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को तीज- त्योहार, संस्कृति और परंपरा से अवगत कराते हुए उन्हें जोड़कर रखना है।
- गौरेला पेण्ड्रा मरवाही/कलेक्टर श्रीमती लीना कलेश मंडावी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्षा में अयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में विभिन्न कार्यों एवं देयकों के भुगतान का अनुमोदन किया गया। कलेक्टर ने पूर्ण हो चुके नल जल योजनाओं में सुचारू रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को निर्देश दिए। बैठक में समिति द्वारा जल जीवन मिशन के कवरेज मद एवं सपोर्ट मद में लंबित देयकों के भुगतान, जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला में एयर कंडिशनर एवं कम्प्यूटर के लिए प्रिंटर क्रय करने, जल स्रोत निर्माण हेतु नलकूप खनन के लिए ग्रामों के परिवर्तन, निर्माणाधीन कार्यों को पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय वृद्धि एवं अतिरिक्त पाइप लाइन विस्तार के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे सहित समिति के सदस्य के रूप में वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- खुशबू जैसे बच्चों को मिला सीखने का सुनहरा अवसरधमधा के तुमाखुर्द गांव में बच्चों को अब खेल, कविता और कहानियों के माध्यम से मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षारायपुर/ राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई शैक्षणिक युक्तियुक्तकरण नीति का असर अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम तुमाखुर्द स्थित सरकारी प्राथमिक शाला में हाल ही तक एकमात्र शिक्षक के भरोसे स्कूल संचालित हो रहा था। विद्यालय में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित थी, लेकिन शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।एक ही शिक्षक के भरोसे पांचों कक्षाओं का संचालन असंभव था। बच्चों की पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती थी और धीरे-धीरे उपस्थिति भी घटने लगी थी। परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही थी, खासकर खुशबू जैसी छात्राओं के माता-पिता बेहद चिंतित थे, जो अपनी बच्ची को पढ़ाना चाहते थे लेकिन हालात साथ नहीं दे रहे थे।ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इस विद्यालय में एक योग्य शिक्षक की पदस्थापना की गई, जिसने विद्यालय की तस्वीर ही बदल दी। अब बच्चों को नियमित कक्षाएँ, खेल, कविताएं और कहानियों के माध्यम से पढ़ाई का आनंद मिल रहा है। खुशबू बताती है कि अब स्कूल आना अच्छा लगता है, नई-नई चीजें सीखने को मिलती हैं और शिक्षक ढेर सारे खेल-कविताएं सिखाते हैं।बदलते माहौल का असर बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ा है। अब यहां शत-प्रतिशत उपस्थिति देखी जा रही है। शिक्षक के समर्पण और बच्चों की जिज्ञासा ने मिलकर विद्यालय में एक नया उत्साह और उमंग भर दिया है। जो स्कूल कभी वीरान सा लगता था, वहां अब बच्चों की किलकारियां और सीखने की चहल-पहल साफ झलक रही है।अभिभावकों को भी अब भरोसा है कि उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और नियमित शिक्षा मिल रही है। राज्य शासन की यह नीति केवल शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की पुनर्रचना नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा प्रणाली को मजबूती देने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। खुशबू जैसी नन्हीं छात्राओं की मुस्कान इस बात की गवाही दे रही है कि शिक्षा अब हर गांव और हर बच्चे तक पहुँच रही है।
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बीजापुर. नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में 24 लाख रुपये के छह इनामी नक्सलियों समेत कुल नौ नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में बक्सू ओयाम (27), बुधराम पोटाम (36), हिड़मा ऊर्फ हिरिया (26), मंगू उईका ऊर्फ टोग्गी (38), रोशन कारम ऊर्फ सोनू (24), मंगलों पोड़ियाम (23), कमलू हेमला ऊर्फ कुम्मा (28), बुधराम हेमला (47) और पण्डरू पूनेम (38) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नक्सली बक्सू ओयाम माड़ डिवीजन के अंतर्गत कंपनी नंबर एक में पार्टी सदस्य है और उस पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित है। एरिया कमेटी सदस्य बुधराम पोटाम और हिड़मा ऊर्फ हिरिया पर पांच—पांच लाख रुपये का इनाम है।
अधिकारियों ने बताया कि मंगू उईका, चिन्नापल्ली एरिया कमेटी पार्टी सदस्य रोशन कारम और भैरमगढ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य मंगलों पोड़ियाम पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ हो रहा सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से नक्सलियों का माओवादी संगठन से मोहभंग हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर पारिवारिक जीवन जीने की चाह के कारण नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की संबंधित नीति के तहत 50-50 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस साल एक जनवरी से अब तक 310 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 277 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 131 माओवादी मारे गए हैं। - बिलासपुर। सीपत स्टेशन के यूनिट 5 के ओवरहाउलिंग के दौरान मेसर्स गोरखपुर कन्स्ट्रकशन प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत संविदा श्रमिकों के द्वारा प्लेटफॉर्म पर कार्य करने के दौरान प्लेटफॉर्म के गिरने से 5 संविदा श्रमिक घायल हो गए| जिनमें से 3 घायलों को सीपत स्टेशन के अस्पताल में भर्ती किया गया , जहां उन्हें इलाज के उपरांत अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया| घायल श्री प्रताप सिंह का इलाज अपोलो अस्पताल में चल रहा है| इस ईलाज में होने वाले संपूर्ण व्यय का वहन सीपत स्टेशन द्वारा किया जाएगा| जबकि घायल श्री श्याम कुमार को सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां उसे सिम्स प्राधिकारी द्वारा मृत घोषित किया गया।जिला प्रशासन व जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिवंगत के आश्रितों को सीपत तथा ठेकेदार के द्वारा 5-5 लाख रुपये मुवाजा के तौर पर दिये जायेंगे तथा ईएसआई के तहत मिलने वाली सारी सुविधाए प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त संविदा पर अकुशल या अर्धकुशल श्रेणी में उनकी पत्नी को रोजगार दिया जाएगा| मृतक के अंतिम संस्कार हेतु उनके परिजनों को ठेकेदार द्वारा तत्काल रुपये 50,000/- नकद दिया गया।सीपत प्रबंधन दिवंगत आत्मा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है तथा उनके आश्रितों को हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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-करियर मार्गदर्शिका के बैनर तले जे आर दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय में हुआ आयोजन- कार्यक्रम में सुरेश अवस्थी ,डॉ उर्मिला पांडे,,डॉ रामलाल पेडरिया, अनुरिमा शर्मा, माधवी नदेशवर, निवेदिता वर्मा, अंजू तिर्की तथा अन्य शिक्षक रहे उपस्थितरायपुर। जिला प्रशासन की अभिनव पहल के अंतर्गत करियर मार्गदर्शिका के बैनर तले 6 अगस्त को सी एस नेहा अग्रवाल ने जे आर दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय में स्वयं के कंपनी सेक्रेटरी बनने का सफर छात्राओं के साथ साझा किया | उन्होंने बताया कि सी एस की पढ़ाई करने से हमें अपने नाम के आगे सी एस लगाने का लाइसेंस मिल जाता है| यह संसद के अधिनियम में पारित कोर्स है जिसका रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होता है |इस कोर्स में इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड भी मिलता है | सी एस बनने के लिए बेसिक कंप्यूटर की जानकारी विशेष रूप से टैली सीखना लाभदायक होता है| उन्होंने छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनी से पहले रायपुर जिले में ही प्रमुख स्थापित कंपनियों को जानने के लिए कहा| प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी भी उन्होंने छात्राओं को दी और कहा की किस तरह छोटे-छोटे कोर्से करके कौशल उन्नयन किया जा सकता है | पैसा कमाना और खर्च करने के बीच की स्थिति बचत का जिक्र करते हुए उन्होंने इसका महत्व छात्राओं से ही पूछा| साथ ही जीएसटी, इनकम टैक्स इन सब का व्यावहारिक अर्थ भी बताया| इस अवसर पर प्राचार्य डॉ हितेष दीवान ने छात्राओं को विषय अनुसार कैरियर चयन के लिए अवसर की पहचान और महत्व जानने हमेशा प्रयत्नशील रहने कहा| कार्यक्रम के अंत में संस्था की वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती मंजू शर्मा ने क सीएस नेहा अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा की आज इस महत्वपूर्ण जानकारी से छात्राओं को सी एस बनने का सपना पूरा करने में सहायता मिलेगी| उन्होंने छात्राओं से अपना लक्ष्य निर्धारित कर इसे पाने के लिए कड़ी मेहनत और लगन को हमेशा जीवन शैली में अपनाने कहा | इस दौरान श्री सुरेश अवस्थी ,डॉ उर्मिला पांडे,,डॉ रामलाल पेडरिया,श्रीमती अनुरिमा शर्मा, श्रीमती माधवी नदेशवर, श्रीमती निवेदिता वर्मा, श्रीमती अंजू तिर्की तथा अन्य शिक्षक गण उपस्थित थे | - - हाफ बिल से मुफ्त बिजली बिल की ओर कदम- प्रदेशभर के विद्युत क्षेत्रीय कार्यालयों में शिविर का आयोजनरायपुर, । छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता हाफ बिजली से मुफ्त बिजली बिल की योजना ओर ले जाने क्षेत्रीय कार्यालयों में ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चला रही है, जिसके तहत आज प्रदेश के सात क्षेत्रीय मुख्यालयों में रूफटॉफ सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन आरंभ किया गया। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में इस शिविर का आगाज किया। वहां 70 से अधिक आवेदकों ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने आवास में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने कहा कि हमें स्वच्छ और हरित ऊर्जा के मामले में कदम बढ़ाना है, इसके लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की गई है, जो हर उपभोक्ता को बिजली उत्पादक बना देगी। भारत सरकार से 1 लाख 30 हजार प्लांट लगाने का लक्ष्य मिला है, इसे पूरा करने में सबसे पहले पॉवर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी आगे आएं, ताकि आपके आस-पड़ोस व मोहल्ले के लोग उसे देखकर प्रेरित हों और वे भी सोलर प्लांट लगवाने आवेदन करें। हमें जितना लक्ष्य मिला है, उससे अधिक प्लांट लगाना है। इसके लिए विभिन्न स्थान पर शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। पहले दिन रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर क्षेत्रीय कार्यालयों में शिविर की शुरूआत की गई है। जिसमें स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा आम लोगों ने भी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया।गुढ़ियारी में आयोजित कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (आरएपीएम) श्री एसके गजपाल ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य सरकार ने भी भारी अनुदान की घोषणा की है, जिसके तहत अब एक किलोवाट क्षमता के प्लांट लगाने पर 45 हजार रुपए की छूट मिलेगी। दो किलोवाट पर 90 हजार और तीन किलोवाट पर एक लाख आठ हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी।मुख्य अभियंता श्री संजीव सिंह ने कहा कि इस योजना में बैंक से छह प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण की सुविधा मिल रही है। आप अपनी मासिक बिजली बिल जितना ईएमआई देकर अपना बिजली बिल शून्य कर सकते हैं।अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री केएस भारती ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर पर्यावरण मिले इसके लिए हरित ऊर्जा का इस्तेमाल करना होगा। इस दिशा में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना कारगर है। अधीक्षण अभियंता श्री एन बिंबीसार योजना की उपलब्धियों की जानकारी दी। रजिस्ट्रेशन के बाद सोलर पैनल लगाने वाले तकनीकी अधिकारी उनके आवास पर जाकर ड्राइंग-डिजाइन और प्राक्कलन तैयार करेंगे और उपभोक्ता के घर पर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना करेंगे। पहले चरण में बिजली कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारियों ने इस योजना के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता सर्वश्री महेश ठाकुर, बीपी जायसवाल, तरूण ठाकुर, कार्यपालन अभियंता श्री एसके गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल एवं आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता श्री महावीर विश्वकर्मा ने किया।
- रायपुर,। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय कमल नारायण शर्मा जी की स्मृति में उनके परिजनों द्वारा जिंदगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था के चिकित्सा उपकरण बैंक को नए उपकरण प्रदान किए गए हैं। ये उपकरण संस्था के कार्यालय मधुमणि सेवा सदन, तात्यापारा में स्थापित किए गए हैं, जहाँ से जरूरतमंद रोगियों को महीने भर तक उपयोग हेतु निःशुल्क सहायता प्रदान की जाती है।शर्मा परिवार की ओर से संस्था को 4 मेडिकल बेड, 4 व्हीलचेयर, 3 वॉकर और जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर दान में प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर संस्था की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा तिवारी ने स्वर्गीय शर्मा की सुपुत्री श्रीमती सविता पाठक एवं पूरे परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा, यह उपकरण गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होंगे। हम उनकी इस सामाजिक पहल के लिए सदैव ऋणी रहेंगे।चिकित्सा उपकरण बैंक की भूमिकाजिंदगी ना मिलेगी दोबारा संस्था पिछले 2 वर्षों से चिकित्सा उपकरण बैंक के माध्यम से रोगियों को मेडिकल बेड, व्हीलचेयर, वॉकर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि उपकरण निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को चिकित्सा सुविधाएँ सुलभ बनाना है।
- -छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड सरकार और पीड़ितों के साथ है - मुख्यमंत्रीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने की दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक है। मैं भगवान बदरी विशाल जी से इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और कुशलता की प्रार्थना करता हूँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी में राज्य और केंद्र सरकार के राहत एवं बचाव दल युद्ध स्तर पर तत्परता से कार्य कर रहे हैं। फलस्वरूप, अब तक सैकड़ों ज़िंदगियां बचा ली गई हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड सरकार और पीड़ितों के साथ खड़ी है।
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-प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए की प्रार्थना
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा पवित्र श्रावण मास के अवसर पर आयोजित रूद्र महाभिषेक हवन पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने रुद्र पाठ के मंत्रोच्चार और ॐ नमः शिवाय, हर-हर महादेव के जयकारों के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया। उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए मंगलकामना की। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – नक्सलवाद अब अंतिम साँसें गिन रहा है, 31 मार्च 2026 तक पूर्ण समाप्ति के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकाररायपुर, / छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। बीजापुर जिले में ₹24 लाख के इनामी समेत कुल 9 माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण किया है, वहीं एक अन्य घटनाक्रम में एक माओवादी मुठभेड़ के दौरान न्यूट्रलाइज़ किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह बदलते बस्तर की तस्वीर है जहाँ बंदूकें झुक रही हैं और विकास की आवाज़ बुलंद हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर सेवा देने वाले श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह का कार्यकाल भारत की आंतरिक सुरक्षा का वह युग है जिसने असंभव को संभव बना दिया है। अनुच्छेद 370 की ऐतिहासिक समाप्ति हो या नक्सलवाद एवं आतंकवाद पर कठोर प्रहार का निर्णय – उन्होंने सदैव भारत को एक सुरक्षित, सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया है।छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 से अब तक लगभग 450 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए जा चुके हैं, 1579 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और लगभग 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आँकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज़ी से लागू करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अमले को बधाई दी है और कहा है कि बस्तर अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ चुका है। विकास ही अब उसकी पहचान बनेगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बड़े लक्ष्यों को भी हासिल करेगी। साथ ही जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित होगा।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।हर नागरिक की होगी भागीदारीप्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि योजना के अंतर्गत एक बार सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उपभोक्ता को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है।मिलेगी डबल सब्सिडीप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट तक के सौर संयंत्र लगाने पर प्रति वॉट 45 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दी जा रही है। इसमें राज्य सरकार ने भी अपनी हिस्सेदारी जोड़ दी है, जिससे उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा।स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षणछत्तीसगढ़ सरकार जीरो कार्बन एमिशन नीति को साकार रूप देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर सरकार ने वर्ष 2047 तक 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह नीति न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरित और सतत भविष्य सुनिश्चित करेगी।बढ़ेंगे रोजगार के अवसरछत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगें। इससे सोलर पैनल के निर्माण, स्थापना, रखरखाव आदि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ेगें। वहीं राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।योजना के फायदे-केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगा। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। लोगों को निरंतर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली बेचने से अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की विभिन्न लंबित परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में प्रगति लाने हेतु ठोस रणनीति अपनाई जाए और निर्माण की गति में तेजी लाई जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन जल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2015 से पूर्व की अपूर्ण जल परियोजनाओं सहित सभी लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है, और जल परियोजनाओं के अधूरे रहने से सिंचाई क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कृषकों को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, तो प्रदेश का सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी संभव होगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करना अनिवार्य है ताकि किसान लाभान्वित हो सकें।बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश में संचालित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने लंबित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से भी सभी अधिकारियों को अवगत कराया।बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -नवा रायपुर में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को मिली मंजूरी-इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा राज्य, युवाओं को मिलेगा नवाचार और रोजगार का नया मंचरायपुर /छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। अब राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग या प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस परियोजना से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए नया युग प्रारंभ होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के अनुरूप निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी।कॉमन फैसिलिटी सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75.00 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भारत सरकार के MeitY मंत्रालय द्वारा EMC 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे तथा भूमि की उपलब्धता नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा सुनिश्चित की जा रही है।यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने हेतु एक साझा एवं अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा, जहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC परीक्षण और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र अर्धचालक (सेमीकंडक्टर), माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) समाधान, ऑटोमेशन समाधान और SCADA पैनल जैसी इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित उत्पादन इकाइयों को विशेष लैब और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा।यह सेंटर क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उदाहरण के तौर पर, एक छोटी एलईडी लाइट निर्माण इकाई अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए CFC की परीक्षण लैब का उपयोग कर सकेगी। इसी प्रकार, एक स्टार्टअप जो सोलर चार्ज कंट्रोलर डिज़ाइन कर रहा है, वह बड़े पैमाने पर उत्पादन से पूर्व अपने डिज़ाइन को इस केंद्र की प्रोटोटाइपिंग सुविधा में परख सकेगा। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) घटक निर्माता अपने उत्पादों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता (EMC) का परीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रणालियाँ सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। साथ ही, 3D प्रिंटिंग सुविधा कंपनियों को विशेष जिग्स या कस्टम एन्क्लोज़र बनाने में सहायता करेगी, जबकि PCB प्रोटोटाइपिंग सेवा सर्किट बोर्डों के त्वरित विकास और परीक्षण में मदद करेगी, जिससे उत्पाद निर्माण की गति तेज होगी।इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले से ही कई आकर्षक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को राज्य की उद्योग नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों से और भी बल मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बाहरी और स्थानीय निवेश को गति मिलेगी।नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसके माध्यम से राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को टेक्नोलॉजी क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उद्योगों को विश्वस्तरीय परीक्षण और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं भी सुलभ होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक पावरहाउस बनकर उभरेगा।आवास और पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स, युवाओं और उद्यमियों को अत्याधुनिक संसाधन मिलेंगे, जो पहले बड़े शहरों तक ही सीमित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाएगी।
- - आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा नया जीवन-कौशल विकास प्रशिक्षण से बदल रही है बस्तर के युवाओं और महिलाओं की जिंदगी-राज्य सरकार की माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 ला रही रंगरायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 और बस्तर संभाग के अंदरूनी गांवों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और विश्वास का नया मार्ग प्रशस्त किया है। इस योजना के कन्वर्जेंस के माध्यम से जिला प्रशासन सुकमा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण, पुनर्वास एवं स्वरोजगार से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक जोड़ा जा रहा है।कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में चल रहे इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विभिन्न ट्रेड में नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि आत्मसमर्पित युवा और महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी होकर समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।पुनर्वास केंद्र बना नई राह की शुरुआतकोंटा विकासखंड की अनीता सोड़ी जैसी आत्मसमर्पित महिलाओं के जीवन में यह योजना नई दिशा लेकर आई है। अनीता बताती हैं कि पुनर्वास केंद्र ने हमें यह एहसास कराया कि शांति और सम्मान से भी जीवन जीया जा सकता है। सिलाई, कृषि समेत अन्य आजीविका प्रशिक्षणों ने हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब मैं स्वयं का सिलाई कार्य प्रारंभ कर परिवार को बेहतर भविष्य देना चाहती हूं।अनीता के साथ सुश्री वेट्टी कन्नी, हड़मे माड़वी, कड़ती विज्जे समेत 6 आत्मसमर्पित महिलाएं लाइवलीहुड कॉलेज सुकमा में चल रहे एक माह के सिलाई प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही हैं। ‘सक्षम योजना’ के अंतर्गत उन्हें 40 हजार से 2 लाख रुपये तक का ऋण 3% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा तथा निःशुल्क सिलाई मशीन एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।लाइवलीहुड कॉलेज में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 किशोरी बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इन्हें ब्लाउज, ड्रेस, स्कूल यूनिफॉर्म एवं शर्ट-पैंट की सिलाई की ट्रेंनिग दी जा रही है। साथ ही नोनी सुरक्षा योजना, महतारी वंदन योजना, सक्षम योजना, एवं महिला ऋण योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल भी की जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है।नियद नेल्ला नार योजना से बस्तर में विकास और विश्वास की बहार बह रही है। अब तक 79 आत्मसमर्पित माओवादियों को सिलाई, कृषि-नर्सरी, वाहन-चालन, राजमिस्त्री एवं उद्यमिता जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगामी सप्ताह से 30 युवा राजमिस्त्री प्रशिक्षण के लिए आरसेटी में प्रशिक्षण लेंगे। पुनर्वास केंद्र सुकमा में वर्तमान में 42 प्रशिक्षणार्थी (21 महिलाएं) निवासरत हैं जिन्हें क्रमशः कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।योजना के कन्वर्जेंस से युवाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास, सक्षम, पीएम स्वनिधि, स्टार्टअप, कृषि उद्यमिता और महिला ऋण योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार की राह दिखाई जा रही है जो बस्तर के अंदरूनी गांवों में रोजगार, सम्मान तथा विकास के नए युग का सूत्रपात कर रही है।छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब सरकार संवेदना, अवसर और कौशल के साथ लोगों तक पहुँचती है तो बदलाव सिर्फ संभव ही नहीं बल्कि सुनिश्चित होता है। बस्तर की यह परिवर्तन यात्रा आने वाले समय में शांति, विकास और समृद्धि की स्थायी नींव तैयार करेगी।



















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