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- बलौदाबाजार, / जिले में धान खरीदी कार्य को बेहतर और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर एसडीएम एवं तहसीलदार द्वारा उपार्जन केंद्रों एवं संग्रहण केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान किसानों की शिकायतों का निराकरण, व्यवस्थाएं दुरुस्त एवं कमियों को दूर करने के निर्देश दिये जा रहे हैं।एसडीएम सिमगा अतुल शेट्टे एवं तहसीलदार ने समिति हथबंद एवं संग्रहण केन्द्र उड़ेला व रिंगनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि संग्रहण केंद्रों में साफ सफाई का कार्य जारी है, विद्युत कनेक्शन उपलब्ध है एवं फेंसिंग मरम्मत की आवश्यकता है।एसडीएम भाटापारा श्यामा पटेल ने संग्रहण केंद्र देवरी का निरीक्षण किया। संग्रहण केन्द्र में पानी टंकी रिपेयर, एंट्री गेट वाली सड़क में समतलीकरण,स्टैक ठीक करने तथा सीसीटीवी कैमरे को रिपेयर कराने की आवश्यकता है। इसीतरह एसडीएम कसडोल रामरतन दुबे ने संग्रहण केंद्र कसडोल का निरिक्षण मंडी और संग्रहण प्रभारी की उपस्थिति मे किया। केन्द्र धान संग्रहण क़े लिए तैयार है। सीसीटीवी कैमरा को ठीक किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा की जा रही इस सतत कार्रवाई से खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी हुई है और बिचौलियों पर लगाम कसने के साथ-साथ वास्तविक किसानों को सुगमता से लाभ मिल रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि पूरी खरीदी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक टीम मुस्तैद रहेगी। किसी भी केन्द्र में कोई गडबड़ी पाए जाने पर सम्बधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- रायपुर,। रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मतदाता सूची में गड़बड़ी की प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। यह मामला भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) 2025 के अंतर्गत सामने आया है।धरसीवां तहसील के बिरगांव क्षेत्र स्थित गाजी नगर की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त होने के पश्चात अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-48 रायपुर ग्रामीण द्वारा तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है।जांच दल में तहसीलदार रायपुर श्री राममूर्ति दीवान, नगर निगम बीरगांव के राजस्व उप निरीक्षक श्री शैलेन्द्र निर्मलकर तथा ग्राम बीरगांव के श्री महेश कुमार सोनवानी को शामिल किया गया है।जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जांच दल द्वारा भाग संख्या 63 एवं 64 में मतदाता सूची में त्रुटि होने संबंध में मौके पर मतदाताओं का फील्ड वेरिफिशिएशन किया गया जिसमें मतदाता इसी क्षेत्र में निवासरत पाएं गए जिनके मकान संख्या में परिवर्तन के लिए सभी से फार्म 8 भरवा कर मकान संख्या ठीक किया जा रहा है।
- -नृत्य, गायन, और अभिनय की मनमोहक प्रस्तुतिरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित सांस्कृतिक युवा महोत्सव मड़ई 2025 के दूसरे दिन शनिवार को यहां कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में एकल अभिनय, (25 टीम) मिमिक्री, (15 टीम) क्विज (31 टीम) तात्कालिक भाषण, (31 टीम) भाशण, (27 टीम) ऑन दी स्पॉट पेंटिंग, (28 टीम) कोलाज मेकिंग, (25 टीम) कार्टूनिंग (24 टीम) एकांकी नाटक, (12 टीम) समूह गायन, (27 टीम) लोक एवं आदिवासी नृत्य (14 टीम) आदि प्रतियोगिताओं में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा उत्साहपूर्वक भाग लिया गया। विद्यार्थियों ने मनमोहक, आकर्षक एवं विशिश्ट प्रस्तुतियां दी।युवा कलाकारों ने एकांकी नाटक के तहत विभिन्न समसामयिक मुद्दों यथा पर्यावरण संरक्षण, प्रौद्योगिकी विकास, नारी सशक्तिकरण, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक असमानता एवं पौराणिक विशयों पर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया और दर्शकों की वाहवाही बटोरीं। मड़ई 2025 के अंतर्गत आयोजित समूह नृत्यों की रंगा-रंग प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। विभिन्न प्रतिभागियों ने मिमिक्री, क्विज तात्कालिक भाषण, भाशण, पेंटिंग, कोलाज मेकिंग, कार्टूनिंग मेकिंग आदि के माध्यम से अपने भावों को प्रस्तुत किया।मड़ई 2025 में 28 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से मूक अभिनय, भाषण, लघु नाटिका, वाद-विवाद, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, एकांकी, देश भक्ति गीत गायन, पश्चिमी एकल गीत गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 03 बजे से लघु नाटिका, वाद-विवाद, मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 29 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से लघु नाटिका, तात्कालिक भाषण, लोक एवं आदिवासी नृत्य तथा पाश्चात्य समूह गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 29 दिसम्बर को अपरान्ह 04 बजे अंतर महाविद्यालयीन युवा महोत्सव ‘‘मड़ई-2025’’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, आयोजन सचिव डॉ. सुनिल नाग, प्रतियोगिताओं के प्रभारी, निर्णायकगण तथा टीम मैनेजर्स उपस्थित थे।
- बिलासपुर। खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने तथा कृषकों की आय में दीर्घकालीन वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल–ऑयल पाम योजना अंतर्गत ऑयल पाम रोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को केन्द्र सरकार द्वारा देय अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में अतिरिक्त (टॉप-अप) अनुदान प्रदान किया जा रहा है।ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम एवं अधिक उत्पादकता वाली फसल है, जिसमें रोग प्रकोप की संभावना न्यूनतम रहती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ होकर 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज प्राप्त होती है। यह फसल पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे कृषकों को स्थायी आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।उपसंचालक उद्यान डॉ. कमलेश दीवान ने जानकारी दी कि ऑयल पाम की अधिक प्रारंभिक लागत एवं 3 से 4 वर्ष की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार के न्यूनतम 1.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषकों को ऑयल पाम रोपण हेतु प्रोत्साहन मिल सके।राज्य शासन द्वारा रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर के अनुदान में 1,500 रुपये की वृद्धि करते हुए कुल 6,750 रुपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार अंतरवर्तीय फसलों हेतु अतिरिक्त वृद्धि के साथ कुल 10,250 रुपये, ड्रिप सिंचाई अपनाने वाले कृषकों को 8,835 रुपये की अतिरिक्त राशि सहित कुल 22,765 रुपये तथा पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से सुरक्षा हेतु फेंसिंग के लिए प्रति हेक्टेयर 54,485 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप मद में कुल 69,620 रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को उपलब्ध कराया जा रहा है।योजना से संबंधित अधिक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए कृषक भाई-बहन उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं अधिकृत प्रतिनिधि कंपनी से संपर्क कर सकते हैं, जिनमें श्री राकेश सेन्ड्रे, प्रभारी उद्यान अधीक्षक बिल्हा (मोबाइल 7000181970), श्री जैनेन्द्र कुमार पैकरा, उद्यान विकास अधिकारी तखतपुर (मोबाइल 6265981957), श्री साधूराम नाग, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी कोटा (मोबाइल 9165490297), श्रीमती निशा चंदेल, प्रभारी उद्यान अधीक्षक मस्तूरी (मोबाइल 7000441324), श्री संजीव गाईन, प्रबंधक प्रीयूनिक एशिया प्रा. लि. (मोबाइल 9630053999) तथा श्री शिव भास्कर, क्षेत्रीय प्रतिनिधि प्रीयूनिक एशिया प्रा. लि. (मोबाइल9131004397) शामिल हैं।
- दुर्ग / परूशी एनर्जी, सेक्टर-07, भिलाई में अडानी टोटल गैस लिमिटेड द्वारा 27 दिसम्बर को सीएनजी मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य गैस आपूर्ति के दौरान उत्पन्न होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी का आकलन करना तथा कर्मचारियों को सुरक्षा एवं सतर्कता के प्रति जागरूक करना था। मॉकड्रिल में जिला प्रशासन, जिला फायर टीम एवं अडानी टोटल गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभ्यास के दौरान वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप आपात स्थिति का प्रदर्शन किया गया, जिसमें संबंधित टीमों द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई।अडानी टोटल गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉकड्रिल्स समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि शीघ्र ही जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में जिले के प्रमुख नगर क्षेत्रों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है तथा आगामी चरण में यह सुविधा पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर तक पहुँचाई जाएगी।
- -वार्षिक आमसभा में आय-व्यय का लेखजोखा पेशटी सहदेवभिलाई नगर। छत्तीसगढ़ के तिरुमला कहे जाने वाले सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति ने तिरुपति की तरह एक सुव्यवस्थित कल्याण कट्टा (केश कर्तन केंद्र) बनाया है। इसका निर्माण होने से आर्थिक रूप से कमजोर तबके के भक्तों के साथ-साथ आम लोगों को भी काफी सुविधा हो जाएगी, जो तिरुपति जाकर केश समर्पण करने नहीं जा पाते। इसके अलावा मुंडन कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए साफ-सुथरे स्नानगृह का भी निर्माण किया गया है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग- अलग बने इस केंद्र में फिलहाल हर दिन दो से पांच भक्तगण केश समर्पित करते हैं। स्मरणीय है कि तिरुपति मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों में प्रचीन समय से श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से मन्नतें पूर्ण होने पर अथवा मन्नतें मांगने अपने केश समर्पित करते हैं।मंदिर की सुरक्षा की कड़ी व्यवस्थाआंध्र भवन में रविवार को हुई वार्षिक आम-सभा में समिति के अध्यक्ष पीवी राव ने बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। हाल ही में मंदिर में चोरी के प्रयास को लेकर लोगों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और दो गार्ड तैनात किए गए हैं। इनकी सतर्कता के कारण ही चोरी की वारदात अंजाम नहीं पाई। चोरी की कोशिश के फुटेज भी पुलिस को सौप दिए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने तफ्तीश की। आजीवन सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग पर राव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में 10 किलोमीटर मीटर दायरे में रहने वाले ही समिति के सदस्य हैं, इसका दायरा बढ़ाने से बायलाॅज में परिवर्तन करना पड़ सकता है, जो कि आसान नहीं है।मंगलवार को वैकुंठ एकादशीसचिव पीएस राव ने समिति के कार्यों को साझा करते हुए बताया कि गत महीने पहली बार बालाजी मंदिर में भव्यता के साथ डोलोत्सव मनाया गया, जिसमें पीतल से बने पालने में भगवान बालाजी और श्रीदेवी-भूदेवी की उंजल सेवा की गई। उसी भव्यता के साथ इसी मंगलवार को वैकुंठ एकादशी मनाई जाएगी, जिसमें उन्होंने सभीसे शामिल होने की अपील भी की। समिति की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हर साल मंदिर में उगादि, संक्रांति तथा विजयादशमी पर बड़े-बड़े धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं, जिनके आप सभी प्रत्यक्षदर्शी हैं। धार्मिक आयोजनों के अलावा पिछली बार युवक-युवती परिचय सम्मेलन भी हुआ, जिसमें तीन सौ लोगों ने पंजीयन कराया। इससे पहले कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर ने पिछले वित्त वर्ष के आय- व्यय का लेखाजोखा भी पेश किया।
- रायपुर। प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक दक्षता और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवा-भाव के साथ कार्य करना ही एक सफल पुलिस अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास आधारित पुलिसिंग से ही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।प्रतिनिधि दल के साथ आईजी श्री अजय यादव, एसपी श्री अभिषेक पल्लव एवं एसएसपी श्री पंकज शुक्ला, प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी श्री आदित्य कुमार, सुश्री अंशिका जैन, श्री प्रतीक दादा साहेब एवं सुश्री मानसी शामिल थे। प्रशिक्षु अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ अपने प्रशिक्षण के अनुभव भी साझा किए।उप मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे फील्ड पोस्टिंग के दौरान जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, कानून के निष्पक्ष पालन और मानवाधिकारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक, सक्षम और जनोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
- रायपुर ।प्रदेश में सरकार की किसान हितैषी नीतियों से और कृषि विभाग के उचित मार्गदर्शन से किसानों को नई दिशा मिल रही है। ऐसे ही जिला बेमेतरा के ग्राम अकलवारा के प्रगतिशील कृषक श्री संतोष साहू ने इस वर्ष खेती के क्षेत्र में एक सराहनीय, दूरदर्शी और अनुकरणीय निर्णय लेकर यह सिद्ध कर दिया है कि सही फसल चयन और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर कम संसाधनों में भी अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। परंपरागत रूप से ग्रीष्मकाल में धान की खेती करने वाले श्री साहू ने इस बार ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर 5 एकड़ क्षेत्र में चने (दलहन) की फसल लेकर जल संरक्षण, लागत नियंत्रण और आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।ग्रीष्मकालीन धान की खेती में अत्यधिक मात्रा में पानी, बिजली, डीज़ल तथा श्रम की आवश्यकता होती है। लगातार गिरते भू-जल स्तर, बढ़ती उत्पादन लागत और सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए श्री संतोष साहू ने फसल परिवर्तन का निर्णय लिया। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों की सलाह, साथ ही शासन द्वारा संचालित फसल विविधीकरण एवं दलहन प्रोत्साहन योजनाओं से प्रेरित होकर उन्होंने कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली चना फसल को अपनाया।किसान श्री साहू बताते है कि चना फसल की खेती में आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का समुचित उपयोग किया, जिसमें प्रमुख रूप से लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में समय पर बुवाई, उन्नत एवं प्रमाणित चना बीज का चयन, संतुलित मात्रा में रासायनिक उर्वरक एवं जैविक खाद का प्रयोग, आवश्यकता अनुसार सीमित सिंचाई, जिससे जल की बचत हुई, कीट एवं रोगों की रोकथाम हेतु नियमित निगरानी एवं समय पर उपचार। इन वैज्ञानिक उपायों के परिणामस्वरूप खेत में चने की फसल की बढ़वार अत्यंत संतोषजनक है और वर्तमान स्थिति को देखते हुए उच्च गुणवत्ता की अच्छी उपज मिलने की पूरी संभावना है।चना फसल अपनाने से जहां एक ओर ग्रीष्मकालीन धान की तुलना में पानी की खपत में भारी कमी आई है, वहीं दूसरी ओर सिंचाई, बिजली और श्रम लागत भी काफी घट गई है। चना एक दलहनी फसल होने के कारण यह मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर भूमि की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक है। बाजार में चने की मांग और अच्छे भाव को देखते हुए श्री संतोष साहू को इस वर्ष अधिक शुद्ध लाभ प्राप्त होने की पूरी उम्मीद है।श्री संतोष साहू का यह प्रयास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन रहा है। यह पहल यह स्पष्ट संदेश देती है कि यदि किसान परंपरागत फसलों के स्थान पर परिस्थितियों के अनुरूप दलहन एवं कम पानी वाली फसलों को अपनाएं, तो वे न केवल जल संरक्षण में योगदान दे सकते हैं बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ कर सकते हैं।श्री संतोष साहू ने अपनी इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों, कृषि विभाग के मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समय-समय पर दी जा रही तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण, बीज उपलब्धता एवं योजनाओं की जानकारी से किसानों को नई दिशा मिल रही है और वे आधुनिक व टिकाऊ खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। ग्राम अकलवारा के कृषक श्री संतोष साहू की यह सफलता की कहानी यह सिद्ध करती है कि सही फसल चयन, वैज्ञानिक प्रबंधन और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से खेती को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर चना जैसी दलहनी फसल अपनाकर उन्होंने जल संरक्षण, लागत में कमी और बेहतर आय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह प्रयास न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक है और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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इंदल महोत्सव में गेड़ी लोक नृत्य दल की शानदार प्रस्तुति
बिलासपुर /मध्य प्रदेश शासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर में आयोजित इंदल महोत्सव में छत्तीसगढ़ की प्राचीन लोक संस्कृति ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। देश के 12 राज्यों से आए लोक कलाकारों की सहभागिता वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य को आमंत्रित किया गया,जो प्रदेश के लिए ग़ौरव की बात है।छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित संस्था लोक श्रृंगार भारती, तिफरा (बिलासपुर) के गेड़ी नृत्य दल ने महोत्सव में शानदार प्रस्तुति दी। मध्य प्रदेश के राज्यपाल महामहिम श्री मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण गेड़ी नृत्य दल की प्रस्तुति रही।कौड़ियों, चीनी मिट्टी की मालाओं, पटसन वस्त्र, सिकबंध, मयूर पंख, पैरों में घुंघरू और रंगीन गेड़ियों से सुसज्जित कलाकारों ने जब मंच पर नृत्य प्रारंभ किया, तो पूरा महोत्सव स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अनिल कुमार गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में दल ने अनुशासित एवं ऊर्जावान प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गढ़ेवाल द्वारा गाया गया पारंपरिक गेड़ी गीत “काट ले हरियर बांसे जो भला” इंदौरवासियों को झूमने पर मजबूर कर गया।मुख्य मांदल वादक संजय रात्रे एवं मोहन डोंगरे के सशक्त वादन ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, वहीं महेश नवरंग की बांसुरी की मधुर स्वर लहरियों पर दर्शक भावविभोर नजर आए। सौखी लाल कोसले ने हारमोनियम वादन किया, जबकि सहगायक के रूप में भरत वस्त्रकर एवं फागूलाल सूर्यवंशी ने सहभागिता निभाई।मुख्य गेड़ी नर्तक प्रभात बंजारे एवं सूरज खांडे के गेड़ी पर संतुलन साधे रहने के दौरान शुभम भार्गव द्वारा उनके कंधों पर खड़े होकर गेड़ी को हवा में लहराने का दृश्य दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया। वहीं लक्ष्मी नारायण माण्डले और फूलचंद ओगरे ने एक ही गेड़ी पर नृत्य कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। सह गेड़ी नर्तकों के रूप में मनोज माण्डले, सुनील गेंदले, शुभम भारद्वाज, उदय खांडे, गेंदलाल एवं चंद्रशेखर यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उल्लेखनीय है कि इसी माह संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं यूनेस्को के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली के लाल किला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भी गेड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति ने 180 देशों के प्रतिनिधियों का मन मोह लिया था। सफल प्रस्तुतियों के पश्चात यूनेस्को द्वारा गेड़ी लोक नृत्य को अत्यंत प्राचीन लोक नृत्यों की सूची में शामिल किए जाने के संकेत भी दिए गए हैं।रेहाना/ - रायपुर/भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री Narendra Modi जी के “मन की बात” कार्यक्रम का श्रवण बस्तर जिले के भानपुरी मंडल अंतर्गत करनदोला, बूथ क्र. 253 में क्षेत्र के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता साथियों के साथ किया। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विचार राष्ट्रनिर्माण, जनभागीदारी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देते हैं।
- रायपुर । असामाजिक गतिविधियों से क्षुब्ध व आक्रोशित मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमेरी के ग्रामीणों ने पंचायत व ग्रामीण सभा की संयुक्त बैठक कर ग्राम में चल रहे असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है । बैठक के पूर्व मनाही के बाद भी इन गतिविधियों में लिप्त कतिपय विध्नसंतोषी तत्वों को ग्रामीण व्यवस्था के तहत दंडित करने के साथ - साथ में ग्राम में शराब व जुआ सहित अन्य असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ - साथ दूकानों से डिस्पोजल गिलास व पानी पाऊच बिक्री पर भी रोक लगा दिया गया है व उल्लंघन करने वालों के लिये दंड का भी प्रावधान किया गया है जिसे ग्रामहित में ग्रामीणों ने स्वीकार भी कर लिया है । इसके बाद भी नजदीकी मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया व खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम खौली में बिक रहे अवैध शराब बिक्री की वजह से ग्राम में माहौल अशांत रहने से ग्रामीण परेशान हैं ।ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ समय से ग्राम के मुट्ठी भर विध्नसंतोषी तत्वों ने ग्राम का माहौल खराब कर रखा था । पंचायत प्रतिनिधियों व ग्राम प्रमुखों के लगातार समझाईश के बाद भी वे अपने हरकतों से बाज न आ ग्राम में अशांति का माहौल बना रखे थे । परेशान ग्रामीणों के आग्रह पर पंचायत व ग्रामीणों की एक संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया जाकर इस पर तत्काल प्रभाव से अमल भी शुरू कर दिया गया है । क्षेत्र में शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा के आज अमेरी पहुंचने पर ग्रामीणों ने यह जानकारी उन्हें दी जिसकी पुष्टि सरपंच सूरज शर्मा व ग्रामीण सभा अध्यक्ष तुलसी राम साहू ने भी की। ग्रामहित के इस निर्णय के लिये श्री शर्मा ने ग्रामीणों व ग्राम प्रमुखों को बधाई दी । इस दरम्यान ग्रामीणों ने नजदीकी ग्राम कठिया व खौली में अबाध अवैध शराब बिक्री से परेशानी होने की भी जानकारी दी । साथ ही कई ग्रामीणों ने श्री शर्मा के गृह ग्राम टेकारी से भी पियक्कड़ों को शराब उपलब्ध होने की जानकारी दी । श्री शर्मा ने टेकारी के कतिपय असामाजिक तत्वों के गतिविधियों पर ग्रामीणों की नजर होने की जानकारी देते हुये पुख्ता जानकारी मिलते ही चाहे ग्रामीण व्यवस्था के तहत अथवा थाना / आबकारी स्तर पर कार्यवाही का आश्वासन दिया व साथ ही शराब मुहैय्या कराने वाले का नाम व्यक्तिगत जानकारी में लाने का आग्रह किया । खौली व कठिया के पंचायत व ग्राम प्रमुखों से भी चर्चा का उन्होंने आश्वासन दिया ।
- ‘महतारी गौरव वर्ष’ तथा सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित है इस वर्ष का कैलेंडररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पाँच प्रमुख शक्तिपीठ — मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है।शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त जनसंपर्क श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तमनार में हुई घटना की जांच होगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनपर कार्यवाही की जाएगी।
- मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में बस्तर पंडुम की तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठकबस्तर पंडुम 2026: बस्तर की परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंचरायपुर/बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है।बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया।प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- - कलेक्टर की उपस्थिति में किया गया ग्राम ढढारी के थोक व्यापारी नोखेलाल के घर एवं गोदाम की जांचबालोद / कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु प्रशासनिक अमले द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा शुक्रवार 26 दिसम्बर को गुरूर विकासखण्ड के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की उपस्थिति में ग्राम ढढारी के थोक व्यापारी नोखेलाल घर में स्थित गोदाम का निरीक्षण कर उसके बाद उपलब्ध धान की जांच की गई। जांच के उपरांत थोक व्यापारी श्री नोखेलाल के गोदाम में 1250 कट्टा धान पाया गया। थोक व्यापारी नोखेलाल के पास अपने गोदाम में धान उपलब्ध धान के संबंध में निर्धारित मंडी शुल्क जमा करने के साथ-साथ सौदा पत्रक आदि सभी दस्तावेज समुचित पाया गया। जांच के दौरान एसडीएम श्री आर.के. सोनकर, उप पंजीयक सहकारी संस्थाए श्री आर.पी. राठिया, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम सहित मंडी सचिव एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जयंती स्टेडियम मैदान भिलाई में आयोजित 5 दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में आज सपत्निक सम्मिलित हुए। दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया गया है। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कथा से हजारों भक्तों को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा वाचक पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से शत-शत नमन और स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के लिए बहुत सौभाग्य है कि पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से पाँच दिनों तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का रसपान करने को मिला है। हम सभी के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि दिव्य श्री हनुमंत कथा आज तीसरा दिन है। उनका आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवासकाल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताए है। छत्तीसगढ़ माता शबरी का भी यह जगह है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता ने जूठे भोजन को खिलाई थी। मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला अयोध्या धाम योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करा चुके हैं और लगातार भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में प्रारम्भ बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। अभी तक 5000 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना शुरू कर एक हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सारंगढ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि का चंदा करके प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुझे लगता है कि इस देश की संस्कृति, धर्म और इस देश में सनातन होना बाकी है उसे पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने एक बड़ा संकल्प लिया है और वह संकल्प आप सबके मेहनत से पूरा होगा। उन्होंने कहा कि अखंड भारत की जो कल्पना किया है, वह एक दिन जरूर पूरा होगा। देश-दुनिया में जागृति का यह समय आ चुका है और आप सब जिस भाव के साथ शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने का समय आ चुका है। इस अवसर पर अन्य पिछड़ा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, श्री अरूण वोरा तथा श्री बसंत अग्रवाल एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
- - खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन कियादुर्ग / वॉलीबॉल एसोसिएशन, एस.सी. एवं सी.ए., भिलाई इस्पात संयंत्र के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय बीरा सिंह की स्मृति 20वीं सीनियर छत्तीसगढ़ राज्य अंतर-जिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन वॉलीबॉल कॉम्पलेक्स पंत स्टेडियम, सेक्टर-1 भिलाई में किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।इस चार दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ 25 दिसंबर को हुआ, जिसमें प्रदेशभर से पुरुष एवं महिला वर्ग की कुल 48 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में महिला वर्ग की 17 तथा पुरुष वर्ग की 31 टीमें शामिल हैं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि दुर्ग की पावन धरा पर आयोजित यह प्रतियोगिता खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी मेहनत और प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 8 खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिनमें महेन्द्र ध्रुव, अब्दुल्ला, पीहू यादव, दीपेश सिन्हा, कोमल मौर्या, संतोष कुमार, रेखा पदम और विनोद नायर शामिल हैं। वहीं वॉलीबॉल खेल में विशेष योगदान देने वाले 6 वरिष्ठजनों कौशल प्रसाद नायक, एस.एन. नेमा, टीकम दास अंडानी, शंकर लाल यादव, नईमुद्दीप हन्फी एवं राजेश्वर सिंहकृको भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेश गागड़ा, उपाध्यक्ष अकरम खान, सचिव श्री हेम प्रकाश नायक, एसोसिएट सचिव श्री विनोद नायर सहित अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
- -’व्हीबी- जी राम जी’ अधिनियम के प्रति ग्रामीणों को किया गया जागरूकबालोद ।जिले में ’व्हीबी- जी राम जी’ अधिनियम के प्रति जागरूकता हेतु 24 एवं 26 दिसंबर को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ’विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ ’व्हीबी- जी राम जी’ के प्रचार-प्रसार एवं योजना के संबंध में जन जागरूकता के लिए जनपद पंचायत डौण्डी के आदिवासी बहुल ग्रामों में 24 दिसम्बर 2025 एवं शेष क्षेत्रों में 26 दिसम्बर 2025 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया।विशेष ग्राम सभा के आयोजन के दौरान ’व्हीबी जी राम जी’ अधिनियम के प्रावधानों, बढ़ी हुई रोजगार गारंटी तथा विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा और मार्गदर्शन दिया गया। अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं की मुद्रित प्रतियां भी वितरित की जाएंगी एवं विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अधिकार को और मजबूत करता है। इसके अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यदि मांग के बावजूद समय पर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना राज्य सरकार की बाध्यता होगी। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी दिया जाएगा। कार्य योजनाएं ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होंगी, जिससे ग्राम स्तर पर निर्णय और पारदर्शिता बढ़ेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत की गई है, जिससे फील्ड स्तर के कर्मचारियों की सेवाएं सुदृढ़ होंगी। मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और नए अधिनियम के लागू होने से रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। राज्य शासन इस अधिनियम के द्वारा ग्रामीण रोजगार, आजीविका, पारदर्शिता और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है जिससे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेंगे।
- बालोद,। नीर चेतना अभियान के तहत जिला मुख्यालय बालोद सहित जिले की जीवनदायिनी ’’तांदुला नदी’’ को उसके पुराने वैभव और स्वच्छता के साथ पुनरूद्धार करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। वर्तमान में जलकुंभियों और गंदगी से प्रभावित हो चुकी इस पवित्र नदी को साफ करने और इसके मूल स्वरूप को निखारने के लिए 31 दिसंबर 2025 को प्रातः 08 बजे से एक वृहद श्रमदान अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है।बालोद जिले में जल के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए निरंतर ’’जल संचय जन भागीदारी’’ के लिए नीर चेतना अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने और उसे सुसज्जित करने, नदी को प्रदूषण मुक्त कर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने हेतु सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। इस महा-अभियान में जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ क्षेत्र के सम्मानीय जनप्रतिनिधिगण, बालोद के जागरूक नागरिकगण एवं समीपस्थ ग्रामवासी, समाजसेवी संस्थाएं, खेल संगठन, पेंशनर संगठन, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र, रेडक्रास, एनसीसी, स्काउट गाइड, व्यापारी संगठन, मिलर्स संघ, परिवहन संघ एवं माय भारत के अनेक वालिंटियर्स और युवा शक्ति अपना योगदान देंगे।जिला प्रशासन बालोद ने नागरिकों से विनम्र अपील करता है कि साल के अंतिम दिन, नए संकल्प के साथ तांदुला नदी को स्वच्छ बनाने के लिए इस श्रमदान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी एक छोटी सी कोशिश हमारी अपनी जीवनदायिनी तांदुला नदी को फिर से पुनर्जीवित कर देगी। जल है तो कल है, और तांदुला है तो बालोद है का संकल्प के साथ आइए, नीर चेतना अभियान अंतर्गत हाथ से हाथ मिलाएं और अपनी नदी को गंदगी मुक्त बनाकर एक मिसाल पेश करें। आइए इस नववर्ष के लिए संकल्प लें कि जल संरक्षण एवं जल को स्वच्छ रखने के साथ साथ जल का उचित उपयोग करेंगे, हम सभी मिलकर पानी बचाएंगे, व्यर्थ बहते जल को रोकेंगे, गंदे जल का सोख्ता गढ्ढा के माध्यम से उचित निपटान करेंगे, निस्तार के तालाब, जल स्त्रोतों, जलीय जीवों इत्यादि को गंदगी से बचाएंगे।‘‘जल है तो कल है- तांदुला है तो बालोद है‘‘
- -आयुक्त श्री विश्वदीप ने राजकुमार कॉलेज से सम्पूर्ण बकाया कर वसूली करने हेतु राजस्व विभाग के कर्मचारियों की सराहना कीरायपुर- आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 5 के राजस्व विभाग को जोन क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 39 क्षेत्र स्थित राजकुमार कॉलेज से वर्ष 2012-13 से लेकर वर्ष 2025-26 तक का कुल बकाया सम्पतिकर 1 करोड़ 64 लाख 77 हजार 568 रूपये का धनादेश प्राप्त हुआ. यह धनादेश नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के नेतृत्व और सहायक राजस्व अधिकारी श्री प्रमोद जाधव की उपस्थिति में प्राप्त किया. रायपुर नगर निगम के बड़े बकायादार राजकुमार कॉलेज से नगर निगम राजस्व विभाग का बकाया सम्पतिकर प्राप्त करने जोन 5 राजस्व विभाग के सभी कर्मचारियों राजस्व निरीक्षक श्री राजेश मुले, श्री मनीष भोई, सहायक राजस्व निरीक्षक श्री विपिन सोनी, श्री रत्नदीप करवाड़े, जी आई एस के श्री सूर्या यादव ने नगर पालिक निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के नेतृत्व में सहायक राजस्व अधिकारी श्री प्रमोद जाधव सहित लगातार सतत प्रयास किया है, जिसकी रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू ने सराहना की है.
- -देवपुरी में सार्वजनिक स्थल से 2 कंडम वाहन और निर्माण सामग्री हटायीरायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा सहायक अभियंता श्री योगेश यदु, श्री सुशील अहीर, उप अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव की उपस्थिति में जोन क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न 18 से अधिक स्थानों पर सीएंडडी वेस्ट मिलने पर सम्बंधित भवन स्वामियों पर कुल 13100 रूपये जुर्माना किया.नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग ने आज जोन क्षेत्र अंतर्गत देवपुरी में सार्वजनिक स्थल से दो कंडम वाहन सहित निर्माण सामग्री को हटाने की कार्यवाही की.
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-बिलासपुर ने बेमेतरा को हराकर जीती प्रतियोगिता
बिलासपुर, /दिव्यांगो हेतु बिलासपुर में पहली बार व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन समाज कल्याण विभाग एवं नगर निगम बिलासपुर के संयुक्त तत्वधान में आज मिनी स्टेडियम खेल परिसर दयालबंद में आयोजित की गई जिसमें बेमेतरा एवं बिलासपुर के बीच 8-8 ओवर का मैच खेला गया। पहले बैटिंग करते हुये जिला बेमेतरा ने 8 ओवर में 6 विकेट खोकर 51 रन बनाये, तत्पश्चात बिलासपुर ने बैटिंग करते हुये 6.1 आवेर में लक्ष्य प्राप्त कर लिया। इस क्रिकेट मैच का यू-ट्यूब में लाइव प्रसारण किया गया। जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साथ दिव्यांगजनों के लिये संचालित विभिन्न संस्थाओं एवं जनमानस द्वारा आनंद लिया गया। इस मैच में उपस्थिति दर्शकों ने बड़े उत्साह भरे वातावरण में दिव्यांजनों के शॉट, कैच, फिल्डिंग पर ताली बजा बजा कर उत्साह वर्धन किया। बिलासपुर से धनंजय यादव ने सर्वाधिक 33 रन बनाये। इस आयोजन का उद्देश्य "नशा मुक्त भारत अभियान" के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव रोकने हेतु जनजागरूकता के तहत ऐसे खेलों में उनके सहभागिता सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के समापन के समय मुख्य अतिथि एवं महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन दिव्यांगों हेतु होते रहना चाहिए। व्हील चेयर में दिव्यांगों को क्रिकेट खेलते देखना परिकल्पना से परे है। लेकिन उनके इस हौसले पर सभी दिव्यांगजनों एवं आयोजकों को बधाई दी। कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग से डॉ. अजीत मिश्रा, डॉ. योगेश कन्नौजे एवं श्रीमती कीर्ति मिश्रा ने दोनों टीम के दिव्यांगजनों को टी शर्ट एवं लोवर प्रदान किया। मैच के शुभारंभ में संयुक्त संचालक टी.पी. भावे ने आयोजन पर प्रकाश डाला। मैच में विजेता उपविजेता टीम को महापौर द्वारा ट्राफी प्रदान करते हुए दोनों टीमों के सभी दिव्यांग खिलाड़ी को मेडल प्रदान किया गया। पूरे आयोजन में संदीप बोले का सहयोग सराहनी था। कार्यक्रम को सहयोग देने में डॉ. रवि पटेल स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण से श्री प्रशांत मोकासे, श्रीमती सरस्वती रामेश्वरी, अशोक अग्रवाल, रमाशंकर शुक्ला, संतोष देवांगन, अजय सिंह, रंजीत सिंह, बसंत श्रीवास, धर्मेद्र, वामसी कृष्णा, राजेश सिसोदिया, संजय खुराना एवं निःशक्त अधिकारी कर्मचारी संघ से हीरामणी देवांगन, अश्वनी पाण्डेय, निरंकार तिवारी, लायंस क्लब बिलासपुर से श्री हर्ष पाण्डेय अध्यक्ष, रमेश अग्रवाल, मंजीत अरोरा एवं सामाजिक संस्था सक्षम से श्रीमती अंजली चावड़ा, अखिल भारती चेतना परिषद से मदन मोहन अग्रवाल, राजू अग्रवाल, संजय खुराना, उत्तमराव माथनकर का सहयोग सराहनीय था। कार्यक्रम कोसफल सफल बनाने के लिये जिला दिव्यांजन व्हीचेयर क्रिकेट एसोसिएशन बिलासपुर के साथ समाज कल्याण विभाग एवं नगर निगम बिलासपुर का सहयोग सराहनीय था। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रशांत मोकासे ने किया। - - शहीद गैंद सिंह नायक को बताया स्वाधीनता आंदोलन का प्रथम शहीद- गोकुल नगर पुलगांव में हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित सामाजिक मिलन एवं शक्ति दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री- नवनिर्मित कार्यालय भवन का किया लोकार्पण, कार्यक्रम स्थल में समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा कीदुर्ग, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरूषों का अनुपम एवं अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने हमारे देश में आजादी का आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। श्री साय ने कहा कि देश में स्वाधीनता आंदोलन की शुरूआत 1857 से मानी जाती है। लेकिन उससे पूर्व आदिवासी जननायकों को एवं वीर सपूतों ने देश में स्वाधीनता के आंदोलन का बिगुल फूंक दिया था। मुख्यमंत्री श्री साय आज जिला मुख्यालय दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वॉं मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। श्री साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री विजय बघेल, छत्तीसगढ़ प्रदेश राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष श्री ललित चन्द्राकर, दुर्ग नगर निगम के महापौर श्रीमती अलका बाघमार, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री मंथीर राम खलेन्द्र, महासभा अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र महला, केन्द्रीय अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री आर.एस. नायक, जिला अध्यक्ष श्री आई.आर. देहारी सहित अन्य अतिथि एवं समाज प्रमुखगण उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल में पहुंचने के पश्चात सर्वप्रथम मुख्यमंत्री ने समाज की अधिष्ठात्री देवी माता दन्तेश्वरी की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल में हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का फीता काट कर लोकार्पण भी किया। श्री साय ने शक्ति स्थल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने हेतु 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने हल्बा-हल्बी समाज के सामाजिक पत्रिका ’समाज’ का भी विमोचन किया।समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माता दन्तेश्वरी, शीतला माता एवं अमर शहीर गैंद सिंह नायक को नमन करते हुए अपने उद्बोधन की शुरूआत की। इस अवसर पर उन्होंने सभी स्वजातीयजनों को शक्ति दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए माता दन्तेश्वरी से हल्बा-हल्बी समाज चहुमुंखी विकास एवं प्रगति की मंगल कामना की। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात सर्वप्रथम जनजातीय समाज के महापुरूषों ने किया था। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजाति नायकों एवं देशभक्तों ने अंग्रेजों के खिलाफ कुल विभिन्न 14 क्रांतियों का शंखनाद किया था। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा जनजाति नायकों एवं अमर शहीदों के योगदानों को इतिहास को विशिष्ट स्थान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने जनजाति समाज के हितों की रक्षा एवं उनके संरक्षण व संवर्धन हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी द्वारा जनजाति बहुल में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास हेतु वर्ष 2000 में पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया गया था। इसके अलावा उनके कार्यकाल में सर्वप्रथम केन्द्रीय जनजाति कार्यालय मंत्रालय का गठन भी किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव द्वारा मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में वीरांगना दुर्गावती विशाल संग्रहालय का निर्माण किया गया था। इसके अलावा राजधानी रायपुर में जनजाति समाज के नायकों एवं वीर सपूतों के योगदान तथा अमर गाथाओं को नई पीढ़ी को परिचित कराने साथ-साथ उसके संरक्षण और संवर्धन हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है। जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया। श्री साय ने जनजाति के समाज के लोगों को राजधानी रायपुर में निर्मित इस विशाल जनजाति संग्रहालय का अनिवार्य रूप से अवलोकन करने को कहा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जनजाति समाज के हितों की रक्षा हेतु किये जा रहे कार्यों के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज देश के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर आदिवासी समाज की महिला श्रीमती द्रौपती मुर्मू विराजमान है। इसके अलावा मेरे जैसे गांव के एक साधारण आदिवासी कार्यकर्ता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। इस अवसर पर श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार के पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में राज्य में हुए उल्लेखनीय विकास कार्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी के गारंटी के तहत किये गये सभी वायदों को पूरा किया। उन्होंने कहा कि हमारे सरकार के द्वारा 13 दिसम्बर 2023 को शपथ लेने के एक दिन बाद 14 दिसम्बर को केबिनेट की बैठक आयोजित कर 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति देने के साथ-साथ प्रति क्विंटल 3100 रूपए की दर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का करने निर्णय लिया। इसके अलावा महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रति माह माता एवं बहनों के खाते में एक-एक हजार रूपए की राशि अंतरित कर उन्हें सशक्त आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा हैै। इसके साथ ही तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उनके मेहनत का वाजिब दाम दिलाने हेतु 5500 रूपए मानक बोरा के हिसाब से दर निर्धारित की गई है। इसके अलावा राज्य में रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं एवं बुर्जुगों को इन योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य सेवा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने हेतु पीएससी घोटाले जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसके फलस्वरूप आज राज्य के गरीब परिवार के अनेक मेहनतकश एवं प्रतिभाशाली नवयुवकों का चयन उच्च पदों पर सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक एवं वन संसाधनों से परिपूर्ण एक शांति प्रिय राज्य है। लेकिन विगत कुछ वर्षों से नक्सलवाद राज्य के विकास में सबसे बड़ा बाधक साबित हो रहा था। राज्य के आदिवासियों तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में निवासरत् लोगों के पीड़ा को समझते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। जिससे फलस्वरूप पूरे देश के साथ-साथ राज्य में भी नक्सलवाद अपने अंतिम सांस गिर रहा है। केन्द्र सरकार के सक्रिय सहयोग के फलस्वरूप अब तक राज्य के कुल 400 गांव नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। इन गांव में निवासरत् लोगांे को मुख्य धारा से जोड़ने हेतु इन क्षेत्रों की विकास की गंगा बाहाई जा रही है। श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के सभी सात जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी आदि बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने हेतु सवा लाख करोड़ रूपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है। निश्चित रूप से इसके माध्यम से बस्तर संभाग के पूरे सात जिलों में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। इस अवसर पर श्री साय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा देश के चहुंमुखी विकास हेतु किये जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्हांेने कहा कि आज भारत पूरे दुनिया का चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी द्वारा देश को 2047 तक विश्व विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया गया है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। श्री साय ने राष्ट्र व समाज के विकास के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अस्त्र बताते हुए सभी समाज प्रमुखों को आगामी पीढ़ी को शिक्षित एवं ज्ञानवान बनाने की दिशा में ठोस निर्णय लेकर इसे अमलीजामा पहनाने की आवश्यकता बताई।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए दुर्ग लोकसभा क्षेत्र सांसद श्री विजय बघेल ने हल्बा-हल्बी समाज के लोगों को शक्ति दिवस के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्हांेने माता दन्तेश्वरी से हल्बा-हल्बी समाज के उत्तरोत्तर प्रगति कामना भी की। श्री बघेल ने गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल पर आवश्यक निर्माण कार्य हेतु हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा ने कार्यक्रम में अपनी बहुमूल्य उपस्थिति के लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं अतिथियों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने गोकुल नगर स्थित इस हल्बा शक्ति स्थल को व्यापारिक एवं शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु मुख्यमंत्री श्री साय एवं अतिथियों से सहयोग की भी मांग की। कार्यक्रम को सम्बोधित करतेेे हुए हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री मंथीर राम खलेन्द्र एवं बालोद महासभा के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र महला ने समाज की प्रमुख मांगांे की ओर समाज का ध्यान आकृष्ट कराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं अतिथियों के द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों समाज सेवकों एवं उनके परिजनों का सम्मान भी किया गया। समारोह में संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आई.जी. श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित समाज प्रमुखों के अलावा बड़ी संख्या में हल्बा-हल्बी समाज के लोग उपस्थित थे।
- -गौवंश के बेहतर उपचार और सुविधाओं के लिए शेड विस्तार के दिए निर्देशभिलाई: नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज निगम क्षेत्र के अंतर्गत कोसा नगर गौठान का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने गौवंश के लिए उपलब्ध सुविधाओं, चारे-पानी की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।गौवंश की बढ़ती संख्या और सुविधा को देखते हुए आयुक्त ने जोन आयुक्त अजय राजपूत और कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल को गौठान में शेड विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।आयुक्त ने गौवंश के स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद डॉ. जी एल बंजारे और गौसेवकों से चर्चा कर व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने हेतु सुझाव लिए।चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि इस गौठान के संचालन में स्थानीय गौसेवकों और समाजसेवियों का विशेष सहयोग प्राप्त होता है। आयुक्त ने इस सामाजिक सहभागिता की सराहना की।भ्रमण के दौरान जोन आयुक्त अजय राजपूत, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू, सहायक राजस्व अधिकारी जोशी, पशुचिकित्सा विभाग से डॉ. जी एल बंजारे, गौसेवक संजय तिवारी एवं निगम के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौठान में सफाई और गौवंश के रखरखाव में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
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रायपुर - आज रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह और नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय और रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 ने मिलकर रायपुर नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत गोलबाजार की 4 पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के मार्गनिर्देशन और उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में किया.
औचक निरीक्षण के दौरान सिटी पतंग भंडार बूढ़ातालाब से 2 किलो,मोती पतंग भंडार बूढ़ातालाब से 1 किलो और संजय पतंग भंडार सदर बाजार से डेढ़ किलो प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिलने पर उसे तत्काल जप्त करने की कार्यवाही की.संगम काइट सेंटर गोलबाजार का भी औचक निरीक्षण फायरमैन ग्रेड -2 श्री जीतेन्द्र यादव, श्री अनिल मांडगे, सुपरवाइजर श्री सुनील क्षत्री की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय की टीम और रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 की टीम द्वारा किया गया. सम्बंधित सभी पतंग दुकान संचालकों को भविष्य के लिए चाइनीज मांझा मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी स्थल पर दी गयी है.



















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